Flipkart Netflix Offer:अगर आपसे कहा जाए कि आप Netflix पर टीवीशो, मूवी या वेब सीरीज फ्री में देख सकते हैं,इसके लिए आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ेगा, तो शायद आपको यह बात अजीब लगे सकती है। लेकिन यह सच है। दरअसल, Flipkart ने Netflix के साथ मिलकर एक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसके तहत Flipkart Plus मेंबर अब प्लेटफॉर्म पर सामान्य खरीदारी करके हर महीने Netflix Mobile Plan पा सकेंगे। यह सुविधा 1 अगस्त से शुरू होगी और इसके लिए अलग से Netflix का सब्सक्रिप्शन खरीदने या रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी।इस प्रोग्राम के तहत, Flipkart Plus मेंबर्स को एक कैलेंडर महीने में कम से कम ₹299 की कीमत वाले चार क्वालिफाइंग ऑर्डर पूरे करने होंगे। ये खरीदारी Flipkart, Flipkart Grocery और Flipkart Minutes पर की जा सकती है। जैसे ही ग्राहक अपनी चौथी योग्य खरीदारी पूरी कर लेंगे, उन्हें अगले 30 दिनों के लिए Netflix Mobile Plan मिल जाएगा।Flipkart ऐप में एक्टिवेट होगा प्लानइस प्लान को Flipkart ऐप में ही एक्टिवेट किया जा सकेगा और इसके लिए कोई अतिरिक्त पेमेंट भी नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, 30 दिन की अवधि खत्म होने के बाद, ग्राहकों को अगले महीने फिर से यह फायदा पाने के लिए चार योग्य खरीदारी करनी होंगी।ध्यान दें कि, जो ग्राहक अभी Flipkart Plus का हिस्सा नहीं हैं, वे 12 महीनों में 15 ऑर्डर पूरे करके इसके सदस्य बन सकते हैं। मेंबरशिप के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता है।शॉपिंग और एंटरटेनमेंटका मजा आएगा एक साथकंपनियों ने कहा कि इस पार्टनरशिप का मकसद शॉपिंग रिवॉर्ड और डिजिटल एंटरटेनमेंट को एक साथ जोड़ना है। Flipkart के अनुसार, कई ग्राहक पहले से ही हर महीने ग्रोसरी, रोजाना की जरूरी चीजों और क्विक कॉमर्स के तहत कई ऑर्डर देते हैं, जिससे रोजाना की खरीदारी के जरिए रिवॉर्ड पाना आसान हो जाता है।जान ले कि यह ऑफर Flipkart के पूरे इकोसिस्टम में उपलब्ध है, जिसमें इसकी ग्रोसरी और क्विक कॉमर्स सर्विस भी शामिल हैं। जो यूजर इसके लिए योग्य होंगे, वे मोबाइल प्लान के जरिए Netflix की भारतीय और इंटरनेशनल फिल्मों और सीरीज का मजा ले सकेंगे।Flipkart और Netflix के अधिकारियों ने क्या कहा?इस पार्टनरशिप पर बात करते हुए, Flipkart में CFO और SVP (स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) रवि अय्यर ने कहा कि यह पहल ग्राहकों की मौजूदा शॉपिंग आदतों पर आधारित है और इसमें इनाम के तौर पर एंटरटेनमेंट को भी जोड़ा गया है।वहीं, Netflix में APAC पार्टनरशिप - बिजनेस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट लॉरेंट उगुएन ने कहा कि यह सहयोग भारत में कंपनी की पहली ई-कॉमर्स पार्टनरशिप है और इसे रोजमर्रा की उपभोक्ता आदतों के जरिए Netflix को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।बता दें कि यह पार्टनरशिप Flipkart Plus सदस्यों के लिए एक नया लॉयल्टी फायदा है, जो बार-बार की जाने वाली शॉपिंग एक्टिविटी को महीने के स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन से जोड़ती है।यह भी पढ़ें:Samsung Galaxy F70 Pro 5G की एंट्री जल्द! 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और Snapdragon चिप से होगा लैस
कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम पाकिस्तान मैच, टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकेंगे LIVE मुकाबला
एशियन लीजेंड्स लीग 2026 के मैच शुरू हो चुके हैं। इंडियन रॉयल्स और पाकिस्तान पैंथर्स की टीमें दो अगस्त को टकराएंगी। इसमें भारत और पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी नजर आने वाले हैं।
Netflix का मजा एकदम FREE में! Flipkart शॉपिंग करने पर मिलेगा मोबाइल प्लान
Flipkart ने Netflix के साथ पार्टनरशिप की है, जिसके साथ Flipkart Plus मेंबर हर महीने 299 रुपये या उससे ज्यादा के चार क्वॉलिफाइंग ऑर्डर पूरे करके Netflix Mobile Plan हासिल कर सकेंगे। यह ऑफर 1 अगस्त, 2026 से शुरू होगा।
चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक युवक को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। श्री अमरनाथ यात्रा को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी चौकी भरोली की टीम को यह सफलता मिली। पुलिस ने युवक को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी किए गए दो महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दोनों मोबाइल ट्रेनों से चोरी किए थे। आरोपी की पहचान पुनीत कुमार उर्फ बगड़ (23), निवासी गांव भरोली कलां, जिला पठानकोट के रूप में हुई है। जीआरपी ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध हरकतों से पकड़ा गया आरोपी जीआरपी चौकी भरोली जंक्शन के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस टीम स्टेशन पर संदिग्ध लोगों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान पठानकोट की ओर से एक युवक स्टेशन परिसर में पहुंचा। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और संदिग्ध गतिविधियां करने लगा। ओप्पो कंपनी के दो महंगे मोबाइल फोन बरामद पुलिस ने तुरंत युवक को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से वीवो और ओप्पो कंपनी के दो महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। जब पुलिस ने उससे मोबाइल के बिल या स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। केस दर्ज, असली मालिकों का पता लगा रही पुलिस सख्त पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दोनों मोबाइल ट्रेनों से चोरी किए थे। चोरी के मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एएसआई अनिल ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि जीआरपी अब बरामद मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य चोरी की वारदातों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
कनाडा इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने गैंगस्टर लॉरेंस गैंग के सहयोगी को डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया है। 11 जुलाई को जारी आदेश को कनाडा पुलिस ने 29 जुलाई को सार्वजनिक किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जशनदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने 19 मई, 2025 को सरे में कपिल शर्मा के कैप्स कैफे फायरिंग मामले में हथियार छिपाए थे। पंजाब मूल का जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। पुलिस के सामने पूछताछ में जशनदीप ने कथित तौर पर माना कि उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे कनाडा भेजा था और उससे गलती हो गई। जशनदीप को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने लॉरेंस गैंग से संबंधों के कारण अयोग्य ठहराते हुए डिपोर्ट करने का आदेश सुनाया। कनाडाई पुलिस ने जशनदीप सिंह को एडमंटन में सक्रिय लॉरेंस गैंग का निचले स्तर का गुर्गा बताया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि जशनदीप सिंह, अर्शदीप सिंह नाम के एक मिडिल लेवल गैंग ऑपरेटिव के तहत काम करता था, जिसे इस साल की शुरुआत में कनाडा से डिपोर्ट किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अर्शदीप गोल्डी बराड़ को रिपोर्ट करता था, जिसे उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई सिंडिकेट का कथित मुख्य हैंडलर बताया जाता है। मोबाइल के वीडियो से हैंडगन पकड़े मिला सुनवाई के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस के एक अधिकारी ने गवाही दी कि जब्त मोबाइल फोन में मिले वीडियो के आधार पर जशनदीप सिंह की पहचान की गई थी। वीडियो में जशनदीप को एक हैंडगन पकड़े हुए देखा गया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर 19 मई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में रंगदारी से जुड़ी फायरिंग की घटना में हुआ था। वीडियो में जशनदीप एक व्यक्ति के सिर पर पिस्तौल तानता हुआ दिखाई दे रहा था। कुछ घंटों बाद यही हथियार एडमंटन में हुई फायरिंग की घटना में इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद जशनदीप ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से हथियार छिपा दिया था। बाद में उसके रहने वाले स्थान से एक अन्य हथियार बरामद किया गया। जशनदीप ने माना-वीडियो दोस्त की बर्थडे पार्टी का ट्रिब्यूनल के सामने जशनदीप सिंह ने लॉरेंस गैंग का सदस्य होने से इनकार किया और हथियार छिपाने के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने दावा किया कि यह वीडियो उसके दोस्त अर्शदीप सिंह की बर्थडे पार्टी का है, जहां उसने भांग की गोलियां खा रखी थीं और वह नशे में था। जशनदीप का कहना था कि उसने केवल मजाक-मजाक में बंदूक उठाई और दूसरे व्यक्ति पर तानी थी। हालांकि, IRB ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि उसके बयानों में कई विरोधाभास हैं, इसलिए वह एक विश्वसनीय गवाह नहीं है। आपरेशन हार्ड बॉल के बाद पुलिस ने बढ़ाई सख्ती जशनदीप सिंह की डिपोर्टेशन की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियों की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और अन्य गैंग लीडरों के खिलाफ गंभीर रैकेटियरिंग आरोप लगाए गए हैं। इन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगदारी, सुपारी देकर हत्याएं और राजनीतिक हत्याओं की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में वर्ष 2023 में कनाडाई सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निज्जर हत्याकांड एक अलग जांच का विषय बना हुआ है। फिलहाल गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप है कि वे व्हाट्सएप के जरिए कनाडा में कारोबारियों को धमकाने और छात्रों व वर्कर्स का इस्तेमाल कर गोलीबारी व आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क चलाते हैं। जशनदीप सिंह ने पछतावा जताया सुनवाई के दौरान जशनदीप सिंह ने अपनी गलती पर पछतावा जताया। उसने ट्रिब्यूनल को बताया कि उसके माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजा था। जशनदीप ने कहा कि जब उसने खुद वे वीडियो देखे तो वह सोचने पर मजबूर हो गया कि वह क्या कर रहा था। उसने कहा कि उसके माता-पिता ने उससे कई उम्मीदें लगाई थीं और वह उनके सपनों को तोड़ना नहीं चाहता था। जशनदीप ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए ट्रिब्यूनल से एक और मौका देने की अपील की। हालांकि, उसकी भावुक अपील के बावजूद इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने डिपोर्टेशन के आदेश को बरकरार रखा। इसके साथ ही उसके भारत वापस भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया है।
सिरसा जिले के डबवाली में बस अड्डे के पास एक गली में 17 वर्षीय छात्र से मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। तीन बाइक सवार युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित छात्र ने इस संबंध में थाना शहर डबवाली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, फरीदकोट निवासी 17 वर्षीय संदीप पुत्र मलकीत सिंह 12वीं कक्षा का छात्र है। वह शाम को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से डबवाली पहुंचा था। घटना के समय वह बस अड्डे के पास वाली गली में अपने पिता और मौसा का इंतजार कर रहा था। अपने परिजनों से बात कर रहा था छात्र रात 8:20 से 9 बजे के बीच संदीप अपने परिजनों से फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक आए और झपट्टा मारकर उसका करीब 35 हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित छात्र ने बताया कि वारदात के समय वह अपने पिता से फोन पर बात कर रहा था। घटना के तुरंत बाद उसने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पंजाब से काम के लिए आए थे छात्र के पिता संदीप के पिता मलकीत सिंह ने बताया कि वे पंजाब से डबवाली क्षेत्र में किसी काम के सिलसिले में आए थे। उनका बेटा संदीप उनसे मिलने के लिए फरीदकोट से डबवाली आया था। जब वे अपने साथियों के साथ बेटे को लेने जा रहे थे, तभी उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। पीड़ित पक्ष ने थाना शहर डबवाली में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन तक पहुंचा जा सके। इस बीच, पीड़ित छात्र का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है, जिसमें वह अपनी आपबीती सुना रहा है।
Jio का बड़ा धमाका, 33.3 लाख नए एक्टिव मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े, 5G और वायरलाइन में भी नंबर-1
जून में सक्रिय मोबाइल ग्राहकों की दौड़ में रिलायंस जियो सबसे आगे रहा। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी ने महीने के दौरान 33.3 लाख सक्रिय यानी VLR ग्राहक जोड़े। इससे जियो का सक्रिय मोबाइल ग्राहक आधार बढ़कर 49.89 करोड़ हो गया। देश के कुल 120.11 करोड़ ...
भीलवाड़ा के बावलास गांव में सात दिन से लापता फाइनेंसर शोभालाल जैन का शव कुएं में मिलने के मामले में जांच अब हत्या की साजिश की ओर बढ़ गई है। पुलिस की जांच में सबसे बड़ा शक उनके मुनीम रोशन गुर्जर और उसके दोस्त नारायण पर है, क्योंकि दोनों आखिरी बार फाइनेंसर के साथ देखे गए थे और वारदात के बाद से फरार हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश में भीलवाड़ा समेत आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 19 जुलाई: मुनीम के साथ सिरियारी गए, रात के बाद मोबाइल बंदभीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र के बावलास गांव निवासी 78 वर्षीय फाइनेंसर शोभालाल जैन 19 जुलाई को अपने मुनीम रोशन गुर्जर के साथ कार से पाली के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिरियारी गए थे।सिरियारी गए थे। इससे पहले 16 जुलाई को भी रोशन उन्हें सांवरियाजी लेकर गया था। 19 जुलाई की रात करीब 8 बजे तक दोनों की लोकेशन बेमाली चौराहे के आसपास मिली, इसके बाद शोभालाल का मोबाइल बंद हो गया। रात करीब 9 बजे उनके भाई मदनलाल खाना लेकर घर पहुंचे तो रोशन ने कहा कि शोभालाल थोड़ी देर में आ जाएंगे, लेकिन इसके बाद दोनों नहीं लौटे। 22 जुलाई: घर नहीं लौटे तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराईअगले दिन भी शोभालाल घर नहीं पहुंचे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान मुनीम रोशन भी गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद 22 जुलाई को परिजनों ने बागोर थाने में शोभालाल जैन की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। 26 जुलाई: सात दिन बाद कुएं में मिला शव, हाथ-पैर बंधे थेगुमशुदगी के सात दिन बाद रविवार सुबह बावलास गांव के एक कुएं में शोभालाल जैन का शव मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम और क्रेन की मदद से शव बाहर निकलवाया। शव के हाथ-पैर तारबंदी वाले पोल से बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। बाद में पोस्टमॉर्टम कराया गया। जांच में मुनीम और उसके दोस्त पर शक, दोनों फरारपुलिस जांच में सामने आया कि पिछले एक साल से शोभालाल के यहां काम कर रहा मुनीम रोशन गुर्जर और उसका दोस्त नारायण इस मामले में संदिग्ध हैं। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या की वारदात में दोनों की भूमिका हो सकती है। आरोपियों की तलाश में कई जिलों में दबिश, जल्द खुलासे का दावाएसपी सागर राणा के निर्देशन में एएसपी राहुल जोशी और बागोर थाना प्रभारी बच्छराज के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने भीलवाड़ा समेत आसपास के कई जिलों में संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन दोनों पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया जाएगा। --- हत्या की ये खबर भी पढ़ें… फाइनेंसर के हाथ-पैर खंभे से बांधकर कुएं में फेंका:7 दिन बाद मिला शव, पुलिस और SDRF की टीम ने क्रेन से निकाला शव भीलवाड़ा जिले में सात दिन से लापता फाइनेंसर का शव कुएं में मिला। तारबंदी वाले पोल से हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका गया था। मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। पूरी खबर पढ़िए
मौसम विभाग के इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट से मचा हड़कंप, लोग घबरा गए
भास्कर न्यूज | पोलमी सोमवार शाम करीब 6 बजे पोलमी-भेड़ागढ़ समेत आसपास के वनांचल इलाके में मौसम विभाग का आपातकालीन मोबाइल अलर्ट आया। इलाके के लगभग सभी एंड्रॉयड मोबाइल पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज गूंजी। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पहले ऐसा अलर्ट नहीं सुना था। अचानक तेज आवाज आने पर कई लोग घबरा गए। कुछ को मोबाइल में तकनीकी खराबी का डर लगा। कुछ को विस्फोट जैसी घटना की आशंका हुई। कई लोग घबराकर मोबाइल हाथ से दूर रखने लगे। कुछ ने मोबाइल बंद करने की कोशिश की। दरअसल, यह अलर्ट मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्रणाली की ओर से जारी आपात चेतावनी संदेश था। इसका मकसद संभावित खराब मौसम, भारी बारिश, आंधी-तूफान या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से पहले लोगों को सतर्क करना होता है। यह सरकारी इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम से अपने आप मोबाइल पर प्रसारित होता है। वनांचल के कई लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसे असामान्य घटना समझ लिया। कई ग्रामीण एक-दूसरे से पूछते दिखे कि मोबाइल में इतनी तेज आवाज क्यों आई। कुछ लोगों ने चिंता भी जताई। अत्यंत गंभीर मौसम चेतावनी में कहा गया है कि अगले 3 घंटे के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई , कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा जिलों के कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।
खेल मंत्री राज्यवर्धन की पहल:प्रोत्साहन राशि के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट
प्रदेश के नेशनल, इंटरनेशनल और राज्य स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ियों को अब प्रोत्साहन राशि के लिए राज्य खेल परिषद के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह की पहल पर पुरस्कार राशि और खेल कोटे से आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है। नई व्यवस्था में खिलाड़ियों को हर 15 दिन में मोबाइल पर मैसेज के जरिए उनकी फाइल की स्थिति की जानकारी मिलेगी। यदि किसी दस्तावेज की कमी होगी तो उसकी सूचना भी ऑनलाइन भेजी जाएगी। नई व्यवस्था में ए से डी श्रेणी के सभी खेलों के पदक विजेताओं को पुरस्कार राशि संबंधी अपडेट नियमित रूप से मिलती रहेगी। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद प्रोत्साहन राशि के लिए भटकना नहीं पड़े, इसलिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। डीओआईटी की टीम इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने में जुटी है, जिससे प्रदेश के सभी मेडलिस्ट खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके, 300 की फाइल और भेजी है : राज्यवर्धन युवा मामले, खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के लिए नई नीतियों पर तेजी से काम कर रही है। खेल कोटे में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों से लेकर पुरस्कार वितरण, कोच भर्ती, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्कूली खिलाड़ियों की पहचान और खेल सुविधाओं के विस्तार तक कई बड़े फैसले प्रक्रिया में हैं। वे दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत कर रहे थे। खेल मंत्री राठौड़ ने कहा कि पिछली सरकार ने पांच साल में 248 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां दी थीं, जबकि हमारी सरकार ढाई साल में ही 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुकी है। अब 300 और राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों की नियुक्ति के लिए फाइल मुख्यमंत्री को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही नियुक्तियां दी जाएंगी। खेल पुरस्कारों को लेकर क्या तैयारी है?29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर पिछले छह वर्षों से लंबित राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान महाराणा प्रताप अवार्ड सहित सभी श्रेणियों के खेल पुरस्कार खिलाड़ियों को दिए जाएंगे। कोच भर्ती की व्यवस्था में क्या बदलाव किए हैं?पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ठेका एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर कोच रखा जाता था। अब यह प्रक्रिया सीधे स्पोर्ट्स काउंसिल के माध्यम से होगी। नई भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। स्कूली स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना?फिजिकल फाइबर कार्यक्रम के तहत 10 से 12 वर्ष के बच्चों की लोअर बॉडी, अपर बॉडी, कद, गति और फुर्ती जैसे मापदंडों के आधार पर प्रतिभा पहचान की जाएगी। विशेष रूप से बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
14 महंगे मोबाइल के साथ चोर गिरफ्तार:अनूपपुर स्टेशन पर RPF-GRP का एक्शन, 2.75 लाख का माल बरामद
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से कई कंपनियों के 14 चोरी के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई। जीआरपी प्रभारी अनूपपुर पीएस कुलस्ते ने बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ टास्क टीम-2 के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह अपने स्टाफ और जीआरपी चौकी प्रभारी के साथ स्टेशन परिसर में सघन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद सिद्दीक खान (24 वर्ष) बताया, जो ग्राम मडसा, तहसील व थाना जैतपुर, जिला शहडोल का निवासी है। बैग में लेकर घूम रहा था मोबाइल आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 14 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइलों का मिलान करने पर एक आईफोन-13, जिसकी कीमत 58,000 रुपए है, जीआरपी अनूपपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 110/26 धारा 305(सी) BNS से संबंधित पाया गया। इसे मामले में संलग्न कर लिया गया है। शेष 13 मोबाइलों (विवो, वनप्लस, ओप्पो, मोटो, रियलमी, इंफिनिक्स आदि) के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2,17,000 रुपए आंकी गई है। जीआरपी अनूपपुर ने आरोपी के विरुद्ध धारा 317(2) BNS के तहत नया मामला दर्ज कर सभी मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कोरबा के मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित डीपरापारा में लवकुश (40) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले इसे करंट लगने या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान मिले अहम सुरागों के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, लवकुश साहू हमाली का काम करता था और पत्नी बिंदा साहू व बच्चों के साथ रहता था। शनिवार (25 जुलाई) शाम वह घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद घर के पास 11 केवी विद्युत पोल के नीचे उसका शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी भिजवाया। अंडरगारमेंट से मिला मोबाइल और संदिग्ध पर्ची रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले पंचनामा कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के अंडरगारमेंट्स के नीचे से एक की-पैड मोबाइल और एक कागज का टुकड़ा मिला। पर्ची में टूटी-फूटी भाषा में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। इसमें जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी बातें दर्ज थीं। पर्ची में लुकवा नाम के साथ कुछ अन्य लोगों का भी उल्लेख मिला है। सिर पर गंभीर चोट के निशान पुलिस के मुताबिक, लवकुश के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। यही वजह है कि अब मौत को केवल करंट लगने या आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा रहा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद भी जांच के दायरे में पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लवकुश की दूसरी शादी बिंदा साहू से हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। लवकुश मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और करीब आठ साल पहले रोजगार की तलाश में कोरबा आया था। हैंडराइटिंग और मोबाइल की होगी जांच कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बरामद मोबाइल और पर्ची को जब्त कर लिया गया है। पर्ची किसने लिखी, इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लवकुश की मौत आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश के तहत हत्या की गई।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 10 हजार के चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। दरअसल, ग्राम सलका निवासी कृष्ण कुमार साहू ने 18 जुलाई को प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 17-18 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उनकी मोनू मोबाइल दुकान की पिछली दीवार तोड़कर प्रवेश किया। चोर 16 मोबाइल, दो सीसीटीवी कैमरे, एक एलईडी टीवी और 2 हजार नकद चुरा ले गए थे। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज चोरी हुए सामान की कुल कीमत 2.86 लाख से अधिक आंकी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। कबीर चबूतरा के पास फोन छोड़कर भागे चोर जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुलिस की सक्रियता से घबराकर चोरी किए गए 9 मोबाइल फोन कबीर चबूतरा के पास छोड़कर भाग गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। पूछताछ में मुनेश्वर सिंह उईके (21), दिलीप कुमार उर्फ मंगलू (20) और एक नाबालिग ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। टीवी, सीसीटीवी और बाकी मोबाइल नदी में फेंके आरोपियों की निशानदेही पर मुल्ले प्रताप सिंह (19) को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपियों ने यह भी बताया कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने चोरी के चार मोबाइल, सीसीटीवी कैमरे और एलईडी टीवी को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में की गई। गोपालगढ़ थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान पथराली, थाना गोपालगढ़ निवासी शकील (24) और सैकुल (23) के रूप में हुई है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। एक अन्य कार्रवाई में, गोपालगढ़ थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करते हुए फेजान (19) निवासी आरदूका और बिट्टू (19) निवासी नकटपुर को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन आरोपियों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरसा जिले में डबवाली की भाटी कॉलोनी में रविवार को एक घरेलू विवाद के दौरान बेटे ने अपने माता-पिता पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। इस हमले में दंपती घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। घायल छिंदर सिंह (45) ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता हैं। उनका बेटा गगनदीप, जो स्वयं भी ई-रिक्शा चलाता है, रविवार को अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। छिंदर सिंह और उनकी पत्नी परमजीत कौर (40) ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया और अपनी पुत्रवधू को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। एलईडी टीवी और मोबाइल भी तोड़ा आरोप है कि इससे गुस्साए गगनदीप ने बेसबॉल बैट से अपने माता-पिता पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी ने घर में रखी 43 इंच की एलईडी टीवी और एक मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल दंपती को जन सेवा एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
औद्योगिक नगरी पानीपत के असंध रोड स्थित रिलायंस स्टोर के पास देर रात बेखौफ बदमाशों ने वारदात को अंजाम देते हुए एक सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड का रास्ता रोककर तार लिपटे डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाश पीड़ित को अधमरा कर उससे करीब 6500 रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। यही नहीं, साक्ष्य मिटाने और मदद न बुला पाने की नीयत से बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल गार्ड करीब एक घंटे तक बदहवास हालत में सड़क पर पड़ा रहा। घर लौट रहा था गार्ड, बदमाशों ने घेरा जानकारी के अनुसार, पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड मनदीप देर रात अपनी ड्यूटी और काम खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह असंध रोड पर रिलायंस स्टोर के पास पहुँचा, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन (6) नकाबपोश/अज्ञात बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। जब तक मनदीप कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया। बदमाशों के हाथों में तार लिपटे हुए खतरनाक डंडे थे, जिनसे उन्होंने सीधे मनदीप के सिर पर जोरदार वार कर दिया। एक घंटे तक लहूलुहान पड़ा रहा पीड़ित सिर पर डंडा लगते ही मनदीप बाइक समेत सड़क पर नीचे गिर गया। इसके बाद सभी बदमाश उस पर टूट पड़े और उसकी टांगों तथा सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बर्बरता से की गई मारपीट के कारण मनदीप मौके पर ही बेहोश हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मनदीप की जेब से करीब 6,500 रुपए की नकदी निकालकर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने मनदीप के मोबाइल फोन को भी पत्थर या हथियार से बुरी तरह तोड़ दिया ताकि वह किसी को फोन न कर सके। गंभीर रूप से घायल मनदीप करीब एक घंटे तक सड़क किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पहुंचाया अस्पताल घटना के करीब एक घंटे बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े लहूलुहान मनदीप पर पड़ी। राहगीर ने बिना देर किए इंसानियत दिखाते हुए मनदीप को तुरंत पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि असंध रोड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
योगक्षेम रैली में जुटे श्रद्धालु, संत बोले- मोबाइल पर भी रखें नियंत्रण
जयपुर | मालवीय नगर स्थित अणुविभा केंद्र में रविवार को मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ और मुनि संभव कुमार का चातुर्मासिक प्रवेश समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने धर्म साधना के साथ-साथ मोबाइल के संयमित उपयोग का संकल्प लिया। तेरापंथी सभा के तत्वावधान में एसएल मार्ग से योगक्षेम रैली निकाली गई। धर्मसभा में मुनि तत्त्व रुचि ने कहा कि चातुर्मास ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप-संयम साधना का स्वर्णिम अवसर है। कार्यक्रम में ‘ॐ भिक्षु’ जप कराया गया और आचार्य भिक्षु स्वामी की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के समापन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुनि संभव कुमार ने बताया कि योगक्षेम वर्ष की शुरुआत 1989 में आचार्य तुलसी ने की थी, जिसे वर्तमान में आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में योगक्षेम वर्ष-2026 के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ. नरेश मेहता, शांतिलाल गोलछा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय डाक विभाग अपनी बैंकिंग सेवाओं को तेजी से डिजिटल बना रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने अपनी सेवाओं को पेटीएम, फोनपे, गूगल पे और भारतपे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे ग्राहकों को किसी भी बैंक खाते में आसानी से डिजिटल लेनदेन करने की सुविधा मिलेगी। बैलेंस चेक से लेकर फंड ट्रांसफर तक की सुविधा डाक विभाग के अनुसार, अब पोस्ट ऑफिस के बचत खाताधारक कई जरूरी बैंकिंग सेवाओं का लाभ घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग के जरिए उठा सकेंगे। इसमें खाते का बैलेंस चेक करना, फंड ट्रांसफर करना, पोस्ट ऑफिस की विभिन्न बचत योजनाओं में निवेश करना और उनका प्रबंधन करना शामिल है। खुद कर सकेंगे अकाउंट मैनेजमेंट नई डिजिटल सुविधा के तहत ग्राहक अपने खाते से जुड़ी जानकारी को अपडेट करने, विभिन्न सेवाओं का प्रबंधन करने और अन्य जरूरी बदलाव भी स्वयं कर सकेंगे। इससे पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और समय की भी बचत होगी। वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी डाक विभाग ने बताया कि इन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राहक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवश्यक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
24 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार:84 हजार रुपए कीमत का मादक पदार्थ, बाइक और मोबाइल भी जब्त
आगर मालवा की सुसनेर पुलिस ने रविवार को उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे 552-जी पर लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 24 ग्राम अवैध स्मैक जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 84 हजार रुपए है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है। टीआई अक्षय सिंह बेस ने रविवार शाम 6 बजे बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस टीम को सूचना मिली थी, जिसके बाद लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी स्मैक को बाजार में बेचने की नीयत से ले जा रहे थे। घेराबंदी के दौरान उन्हें पकड़ा गया और तलाशी में उनके पास से 24 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से स्मैक की सप्लाई के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।
टोंक में पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है । इन्होंने करीब 50 लोगों से 1 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की है। इनके पास से स्कॉर्पियो कार, आठ मोबाइल, बैंक पासबुक, लैपटॉप, 15 हजार 150 रुपए जब्त किए हैं। ये लोग ये साइबर ठग फर्जी टेलिग्राम चेनल GTMOFX ID, Forex Team, Gold Trader, Vicky Trade बनाकर इस ट्रेड एप और गेम एप द्वारा न्यू जॉइनिंग के नाम से अलग अलग लोगों को ज्यादा प्रॉफिट दिलाने का लालच देकर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। । ये अंतर राज्य साइबर ठग है। इनके खिलाफ 12 मामले दर्ज है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई एसपी रोशन मीना के निर्देशानुसार और एएसपी रतनलाल भार्गव, टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के सुपरविजन में टोंक सदर सदर थानाधिकारी अंकेश कुमार एवं जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टोंक सदर थाना क्षेत्र में की है। आरोपियों द्वारा साइबर फ्रॉड कर जिन बैंक खातों में उस राशि को डलवाया गया है, उन बैंक खातों पर NCRP पोर्टल पर अब तक कुल 12 शिकायतें दर्ज है। उन बैंक खातों में लाखों रुपयों की राशि का लेनदेन हुआ है। आरोपियों द्वारा देश भर के राज्यों में अलग-अलग व्यक्तियों के साथ साइबर फ्रॉड की कई वारदातें करने की आशंका है।
करौली कोतवाली थाना पुलिस ने मजदूर से लूट और किडनैप के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक ट्रैक्टर ड्राइवर के साथ मिलकर मजदूर का किडनैप किया, जंगल में ले जाकर मारपीट की और उससे 51,200 रुपए और मोबाइल लूट लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश माली निवासी ससेड़ी (हाल काली पाटौर, करौली) और सियाराम माली निवासी शिकारगंज, करौली के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि महू निवासी शिवशंकर ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवशंकर 28 मई 2026 को बड़ौदा से मजदूरी कर करौली लौटे थे। देर रात गांव जाने के लिए वे शिकारगंज से एक मैसी ट्रैक्टर में बैठे थे। कुछ दूर चलने के बाद ड्राइवर ने ट्रैक्टर रोककर दो अन्य युवकों को बुलाया। इन युवकों ने शिवशंकर को जबरन बाइक पर बैठाया और ससेड़ी के पास जंगल में ले गए। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और पैंट की जेब में रखे मजदूरी के 50 हजार रुपए और शर्ट की जेब में रखे 1,200 रुपए लूट लिए। मारपीट कर गड्ऐ में फेंक दिया थालूटपाट के बाद आरोपियों ने शिवशंकर को मृत समझकर एक गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए। होश आने पर पीड़ित किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचा और अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उनका उपचार कराया गया। मामला दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
रोहतक के शीला बाइपास के पास जसबीर कॉलोनी स्थित एक पीजी एक होटल से दो आरोपियों ने 10 मोबाइल फोन पर चोरी कर लिए। पूरा मामला वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। सूचना पाकर होटल मालिक मौके पर पहुंचा और अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। होटल मालिक प्रवेश सांगवान ने बताया कि, सुबह करीब 5 बजे दो चोर जसबीर कॉलोनी स्थित पीजी में घुसे। पीजी के नीचे खड़ी बाइकों के पास पहले बात करते रहे, उसके बाद पीजी में अंदर गए, जहां कमरों में सो रहे बच्चों के मोबाइल फोन चोरी किए और पीजी से बाहर निकल गए। होटल में रिसेप्शनिस्ट का चुराया फोन प्रवेश सांगवान ने बताया कि पीजी में चोरी करने के बाद आरोपी उसके होटल में घुसे। होटल का रिसेप्शनिस्ट कमरे में सो रहा था, जिसके कमरे में घुसकर आरोपी ने मोबाइल फोन चोरी किया। इसके बाद रिसेप्शन पर भी देखभाल की और होटल से निकल गया। पीजी और होटल से कुल 10 फोन चोरी प्रवेश सांगवान ने बताया कि आरोपियों ने पीजी से स्टूडेंटों के 8 मोबाइल फोन चोरी किए, जबकि होटल से दो फोन चोरी किए हैं। मोबाइल फोन के अलावा आरोपी अन्य सामान लेकर नहीं गए। दोनों आरोपी पीजी व होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए, जिसमें वह आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। अर्बन एस्टेट थाने में दी शिकायत प्रवेश सांगवान ने बताया कि चोरी करने वाले दो आरोपी दिखाई दे रहे है, जिनके खिलाफ अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी है। चोरी की वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दिए गए है, ताकि आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस मामले में कर रही जांच अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज एसएचओ कमलजीत ने बताया कि उन्हें पीजी व होटल में मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी भी कब्जे में लिए है। पुलिस जल्द आरोपियों को काबू कर लेगी।
दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार 25 जुलाई रात एक 20 वर्षीय बीए द्वितीय वर्ष के छात्र ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई जब छात्र के पिता रात में उसके लिए खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने अंदर झांककर देखा तो बेटा फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पिता खाना लेकर पहुंचे, नहीं खुला दरवाजा पुलिस के अनुसार, पचोखरा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र वीरेंद्र सिंह जाट इंदरगढ़ में किराए के कमरे में रहकर पीजी कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात करीब 8 बजे उसके पिता वीरेंद्र सिंह रोज की तरह खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने शटर उठाकर अंदर देखा। कमरे के भीतर पुष्पेंद्र फंदे पर लटका हुआ था। यह देखकर उन्होंने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल फोन जब्त, हर पहलू से जांच पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की जांच के साथ-साथ छात्र के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं फिलहाल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। यदि कोई सुसाइड नोट या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलते हैं, तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच इंदरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।
देवरिया। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 2.55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर खुखुंदू थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरवा उपाध्याय गांव निवासी राकेश साहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो महीने पहले एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि उसने मर्चेंट नेवी के जहाज पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 2.55 लाख रुपये की मांग की। राकेश के अनुसार, नौकरी मिलने की उम्मीद में उसने आरोपित के बताए बैंक खाते में कई किश्तों में कुल 2.55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये मिलने के बाद आरोपित ने न तो नौकरी दिलाई और न ही नियुक्ति से जुड़ा कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया। जब पीड़ित ने कई बार फोन कर जानकारी लेनी चाही तो आरोपित पहले टालमटोल करता रहा, बाद में उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद राकेश को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने बताया कि जिस व्यक्ति के माध्यम से उसकी पहचान आरोपित से हुई थी, अब उससे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह यादव ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में कानपुर-सागर हाईवे पर बरबई गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बांदा निवासी 24 वर्षीय सुभाष यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बुलेट सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह दुर्घटना शनिवार रात हुई जब दो तेज रफ्तार बाइकें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर कबरई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। 5 तस्वीरें देखिए- अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 24 वर्षीय युवक सुभाष यादव को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बांदा जिले के सुहाना गांव निवासी चंद्रभान यादव के पुत्र सुभाष यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और पहचान दस्तावेजों के जरिए शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। दूसरी बुलेट बाइक पर सवार कबरई कस्बे के किदवई नगर निवासी सत्येंद्र और उसका साथी अवध भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि सत्येंद्र अपने साथी के साथ एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने जा रहा था, तभी सामने से आ रही बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। एक युवक ने 12 लाख रुपये के बैंक लोन और इंश्योरेंस क्लेम से बचने के लिए अपनी फर्जी आत्महत्या की साजिश रची। उसने गंगा पुल पर अपनी स्कूटी, चप्पल और मोबाइल छोड़कर खुद के लापता होने का नाटक किया था। पुलिस ने उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। एएसपी संजय राय ने शनिवार रात 9 बजे करीब प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए खुलासा किया यह मामला 20 जुलाई की रात मानिकपुर थाना क्षेत्र के करेंटी गंगा पुल पर शुरू हुआ। यहां एक लावारिस स्कूटी मिली। स्कूटी के पास एक जोड़ी चप्पल और बिना सिम व बैटरी का मोबाइल भी बरामद हुआ। इससे गंगा में कूदकर आत्महत्या करने की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों, नाविकों और एनडीआरएफ की टीमों की मदद से तलाश अभियान चलाया। जांच में पता चला कि स्कूटी कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के चकवान चौराहा निवासी मोहम्मद नदीम की थी। वह इलेक्ट्रॉनिक कारोबार करता है। शुरुआत में उसकी पत्नी नाजिया ने भी पति के गंगा में कूदने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस की गहन पूछताछ में नाजिया ने पूरी सच्चाई बताई। उसने खुलासा किया कि नदीम ने अपने कारोबार के लिए बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे वह चुकाने में असमर्थ था। इसी कर्ज से बचने और इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के लिए उसने यह फर्जी आत्महत्या की साजिश रची थी। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि घटना वाले दिन नदीम के साथ विजय पटेल नामक व्यक्ति भी मौजूद था। विजय पटेल ने पूछताछ में बताया कि उसने नदीम को प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली बस में बैठाया था। इसके बाद, पुलिस ने सर्विलांस की मदद से नदीम की लोकेशन फरीदाबाद में ट्रेस की और मानिकपुर पुलिस टीम ने उसे वहां से बरामद कर लिया।
लखनऊ के बीबीडी थानाक्षेत्र स्थित शक्ति अपार्टमेंट में रहने वाले युवक ने नौ लोगों पर फ्लैट में घुसकर पिस्टल के बल पर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने, बेल्ट से मारपीट करने और मोबाइल फोन और सोने की चेन लूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर बीबीडी पुलिस ने नामजद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शक्ति अपार्टमेंट निवासी प्रिंस यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि 20 जुलाई की रात करीब 2:15 बजे वह अपने फ्लैट में थे। तभी मृदुल राय, राकेश गुप्ता, आदित्य पांडेय, विवेक, गुलशन और चार अन्य लोग जबरन फ्लैट में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने उनके सिर पर पिस्टल सटा दी और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे। विरोध करने पर बेल्ट से जमकर पीटा। घसीटते हुए अपार्टमेंट के बाहर ले गए प्रिंस का आरोप है कि शोर मचाने पर आरोपी उनका मोबाइल फोन और सोने की चेन लूट ले गए। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए अपार्टमेंट के बाहर ले गए और पिस्टल दिखाकर सड़क पर दौड़ने के लिए मजबूर किया। रुकने पर गोली मारने की धमकी भी दी। किसी तरह आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत में आए प्रिंस ने बीबीडी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
कोरबा जिले के एसईसीएल के बलगी विद्युत सब स्टेशन में देर रात बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। 15 से 20 की संख्या में पहुंचे बदमाशों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद सब स्टेशन में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घायल गार्ड को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल सुरक्षा गार्ड संजय कुमार ने बताया कि वह शनिवार रात ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 11:10 बजे 15 से 20 बदमाश सब स्टेशन परिसर में घुस आए। उनके हाथों में डंडे, चाकू और लोहे की रॉड थीं। परिसर में घुसते ही उन्होंने बिना कुछ बोले संजय कुमार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और हाथ में आई गंभीर चोट हमले में संजय कुमार के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बचाव करने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उनकी पिटाई कर दी। वारदात के बाद उन्होंने अपने सहकर्मियों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। अकेले ड्यूटी करने से सुरक्षा पर सवाल घायल गार्ड ने बताया कि सब स्टेशन में वह अक्सर अकेले ड्यूटी करते हैं और पहले भी यहां चोरी की कोशिशें हो चुकी हैं। उनका कहना है कि कुछ समय पहले सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें हटा लिया गया। ऐसे में ड्यूटी के दौरान उनकी जान को खतरा बना रहता है। हाल ही में सुराकछार खदान क्षेत्र में भी चोरी की घटना सामने आई थी। पुलिस जांच में जुटी बांकी मोंगरा थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
अररिया पुलिस ने मोबाइल फोन बरामदगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 2050 मोबाइल फोन और 6.97 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के साथ, अब तक कुल 3487 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं और गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि यह मामला 9 जून को सामने आया था। उस दिन अररिया शहर के जीरो माइल के पास एक लावारिस ट्रक से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन गायब होने की सूचना मिली थी। इस संबंध में नगर थाना में कांड संख्या-314/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शुरुआती जांच में ट्रक चालक और खलासी को आरोपी बनाया गया था। एसपी ने बताया कि पहले ही देश के विभिन्न राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था और उनके कब्जे से 1437 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। आगे की कार्रवाई में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी अनीश (पिता- इसराईल) और ट्रक के सह-चालक तमिल (पिता- हबीब) को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों के पास से 2050 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। 10 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बरामद पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान पांच चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिसमें घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया वाहन भी शामिल है। एसपी जितेंद्र कुमार ने नगर थाना पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
हरदोई में ई-रिक्शा सवार से लूट का खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार, लूटा मोबाइल और बाइक बरामद
हरदोई की कोतवाली देहात पुलिस ने ई-रिक्शा सवार से हुई लूट का खुलासा 25 जुलाई शनिवार शाम 5 बजे कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, बवन चुंगी निवासी वीरेंद्र सिंह ने 24 जुलाई को कोतवाली देहात में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 22 जुलाई को ई-रिक्शा से जाते समय चौपाल सागर के पास मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। शिकायत के आधार पर कोतवाली देहात थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने इसमें धारा 3(5) और 317(2) बीएनएस की बढ़ाई थी। मामले के खुलासे के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अटवा असिगांव, थाना कोतवाली देहात निवासी राजा (पुत्र स्व. राघवेंद्र सिंह), आकाश (पुत्र धर्मपाल) और कृष्णा शंकर (पुत्र राजाराम) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पवन प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक पंकज कुमार, कांस्टेबल मनोज सिंह, गोविंद कुमार, सुरजीत सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल सत्यम यादव, उमेश कुमार और ब्रजेंद्र सिंह शामिल थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को मोबाइल लूट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
हॉस्पिटल से 45 हजार का मोबाइल चुराया:समस्तीपुर में बदमाश के लोगों ने बांधे हाथ, शहर में घुमाया
समस्तीपुर शहर के मोहनपुर रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल से एक बदमाश ने 45 हजार रुपए मूल्य के मोबाइल की चोरी कर ली। इसके बाद उस मोबाइल को शहर के मालगोदाम चौर स्थित एक दारू भठ्ठी वालों से 300 रुपए में बेच डाला। मोबाइल हॉस्पिटल के कर्मी अनिल कुमार दरभंगा दोनार का रहने वाला है। समस्तीपुर में लंबे समय से काम कर रहा है। बाद में अनिल ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रेलवे स्टेशन से चोर को पकड़ लिया। चोर की पहचान मधुबनी के मधेपुर के मुकेश मंडल के रूप में की गई है। चोर को पकड़ने के बाद लोगों ने उसका हाथ बांध डाला। मोबाइल बरामदगी के लिए शहर में घुमाया। हालांकि, इस दौरान मालगोदाम चौक के पास छात्रों के आंदोलन को लेकर तैनात पुलिस के जवानों ने युवक को मुक्त कराकर पुलिस को सूचना दी। मोबाइल चोरी कर दारू पीने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दरभंगा दोनार के रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि वह शहर के मोहनपुर रोड में एक निजी विद्यालय में काम करता है। सुबह वह सो रहा था। इसी दौरान एक युवक उनके मोबाइल के करीब अपनी भी मोबाइल चार्ज में लगा दिया। उन्हें जब नींद लगी तो युवक उनका मोबाइल लेकर फरार हो गया। दारू भठ्ठी में महज 300 रुपए में बेचने की कबूली बात घटना सुबह करीब 7 बजे के आसपास की है। आरोपी युवक की माने तो वह हॉस्पिटल में लगी सीसीटीवी कैमरे के आधार पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर तलाशी के दौरान युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल उसने मालगोदाम चौक स्थित एक दारू भठ्ठी में महज 300 रुपए में बेच कर दारू पी गया है। जिसके बाद युवकों ने उसके हाथ पीछे कर बांध दिया। हालांकि इसी दौरान नगर पुलिस ने युवकों को देख कर रोका। बंधक बने युवक को मुक्त कराया। डायल 112 को सूचना दी । डायल 112 की टीम उसे रेल थाना ले गई। जिसके बाद उसे दारू भठ्ठी भी ले गई। नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने कहा कि गश्ति दल ने युवक को मुक्त कराया है। युवक ने बताया है कि है मोबाइल चोरी के बाद उसे महज 300 रुपए में बेच कर दारू पी गया है। मोबाइल बरामदगी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल में चल रहे नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर के दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भोपाल में ग्राहक को गांजा सप्लाई करने पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 382 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। क्राइम ब्रांच को 23 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरिफ नगर स्थित निर्माणाधीन बैरसिया बस स्टैंड के पास दो युवक बैग में गांजा लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। मजदूरी का काम करते हैं दोनों आरोपी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान आनंद सिलोरिया (26) निवासी ग्राम सिराली श्यामपुर, थाना दौराहा, जिला सीहोर और राकेश जांगड़े (28) निवासी ग्राम बरखेड़ी, थाना कोतवाली, जिला सीहोर के रूप में बताई। दोनों मजदूरी का काम करते हैं। तलाशी के दौरान दोनों के बैग से सफेद पन्नियों में रखा 2.382 किलो गांजा बरामद किया गया। राकेश के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच के जरिए गांजा सप्लाई नेटवर्क और अन्य तस्करों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को गांजे की खरीद, परिवहन और सप्लाई से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी गांजा कहां से लाए थे और भोपाल में किसे सप्लाई करने वाले थे। क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले से पलवल के खिल्लुका गांव रिश्तेदारी में आ रहे तीन युवकों को रास्ते में रोककर मारपीट की गई और उनके मोबाइल फोन व बाइक लूट ली गई। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर फिरौती की मांग की। फिरौती की रकम न मिलने पर तीनों युवकों को जंगल में छोड़कर बदमाश फरार हो गए। बहीन थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार के अनुसार, नूंह जिले के नवाबगढ़ गांव निवासी अरबाज ने पुलिस को शिकायत दी है। अरबाज ने बताया कि वह अपने साथी रोहित और समीर के साथ बाइक पर खिल्लुका गांव में अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। रास्ते में सामान खरीदने के लिए रुके थे युवक रास्ते में कोट गांव के पास एक होटल पर कुछ सामान खरीदने के लिए वे रुके। वहां पहले से मौजूद पांच युवकों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। अरबाज ने गौर किया कि वे युवक आपस में एक-दूसरे को अब्बास नाम से बुला रहे थे। होटल से रवाना होने के बाद जब तीनों युवक मीठाका गांव के पास पहुंचे, तो वही पांचों आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर पीछे से आए। उन्होंने पीड़ितों की बाइक के आगे अपनी बाइक अड़ा दीं और उन्हें रोक लिया। रुकते ही बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए तीनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी और अरबाज का आईफोन सहित तीन मोबाइल फोन और उनकी बाइक लूट ली। बंधक बनाकर जंगल में ले गए, दुबारा की मारपीट लूटपाट के बाद भी बदमाशों का मन नहीं भरा। वे तीनों युवकों को बंधक बनाकर कोट-मीठाका गांव के जंगलों में ले गए। वहां उन्होंने दोबारा मारपीट की और युवकों पर अपने परिजनों से पैसे मंगवाने का दबाव बनाया। जब पीड़ितों ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं हैं, तो बदमाश उन्हें जंगल में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद तीनों पीड़ित किसी तरह पैदल चलते हुए पास के उटावड़ गांव पहुंचे। सुबह उन्होंने एक राहगीर से फोन मांगकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान से लाखों रुपये के मोबाइल फोन चोरी होने के मामले का पुलिस ने कुछ ही समय में खुलासा कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक बालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नाबालिग बालक शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत के 47 मोबाइल फोन, चोरी की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। ताला तोड़कर 93 मोबाइल फोन किए थे चोरी पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई की रात 9 बजे से 22 जुलाई की सुबह 7 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने बगीचा बस स्टैंड प्रतीक्षालय के पीछे स्थित कैपिटल मोबाइल शॉप का ताला तोड़ दिया। दुकान से 93 नए और पुराने मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 18 लाख 75 हजार रुपये बताई गई। शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला दुकान संचालक जैद अली (28) की शिकायत पर थाना बगीचा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 305(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद अभिषेक प्रजापति (19) और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया गया। 47 मोबाइल और बाइक बरामद पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर करीब 10 लाख रुपये कीमत के 47 मोबाइल फोन, 600 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की यामाहा एमटी मोटरसाइकिल (करीब 60 हजार रुपये कीमत) बरामद कर जब्त की गई। एक आरोपी फरार, बाकी को भेजा गया जेल पुलिस ने बालिग आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया, जबकि तीनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही चोरी के बाकी मोबाइल फोन बरामद करने के प्रयास भी जारी हैं। एसएसपी बोले- जल्द गिरफ्तार होगा फरार आरोपी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि बगीचा थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने बेहद पेशेवर तरीके से खुलासा करते हुए कुछ ही घंटों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही चोरी के शेष मोबाइल फोन बरामद करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
SDM पर डिलीवरीबॉय को जेल में बंद करान का आरोप:120 रुपए के मोबाइल कवर को लेकर हुआ विवाद- VIDEO
पन्ना जिले के शाहनगर में पदस्थ एसडीएम रामनिवास चौधरी पर एक डिलीवरी बॉय पर केस दर्ज करा जेल में बंद कराने का आरोप लगा है। मामला फ्लिपकार्ट से मंगाए गए 120 रुपए के मोबाइल कवर की डिलीवरी का है। पूरी घटनाक्रम को लेकर डिलीबरी बॉय का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम रामनिवास चौधरी ने फ्लिपकार्ट से 120 रुपए के दो मोबाइल कवर ऑर्डर किए थे। 22 जुलाई को जब डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा डिलीवरी देने पहुंचा, तो पार्सल में केवल एक ही कवर निकला। डिलीवरी बॉय ने इसे लॉजिस्टिक या तकनीकी त्रुटि बताते हुए नियमानुसार ऑर्डर वापस करने की बात कही। पीड़ित ने लगाए आरोप पीड़ित विजय कुशवाहा का आरोप है कि इस बात पर एसडीएम भड़क गए और उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने तत्काल शाहनगर पुलिस को बुला लिया। पुलिस मौके पर पहुंची और विजय कुशवाहा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर उसे पवई उपजेल भेज दिया। सोशल मीडिया पर किया वीडियो पोस्ट घटना के बाद 24 जुलाई को जेल से बाहर आने पर डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग अधिकारी द्वारा पद के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप इस मामले पर शाहनगर थाना प्रभारी परशुराम डावर ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि एसडीएम की ओर से डिलीवरी बॉय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं, 25 जुलाई, शनिवार को पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जाएगी।
जालंधर में मोबाइल चोरी के आरोप में एक युवक को लोगों ने खंभे से बांधकर पीटा और उसके बाल काट दिए। पिटाई से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके मुंह से खून निकल रहा था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया और इलाज के बाद पूछताछ के लिए थाने ले गई। जानकारी के अनुसार, राम नगर के टाली वाले चौक के पास युवक पर घर की छत के रास्ते कमरे में घुसकर दो मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप है। स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और फिर खंभे से बांधकर डंडों से पिटाई की। नशे का आदी है युवक पुलिस ने आरोपी की पहचान किशनपुरा निवासी वंश के रूप में की है। पूछताछ में वंश ने बताया कि वह नशे का आदी है। वह एक अन्य युवक के साथ मिलकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसने दावा किया कि उसका साथी दो मोबाइल चोरी करने के बाद मौके से फरार हो गया। तीन से चार मोबाइल फोन चोरी किए स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अन्य स्थानों से भी तीन से चार मोबाइल फोन चोरी किए हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी के शरीर पर गंभीर चोटें आई जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा समझ में आता है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेकर इस तरह से किसी को पीटने का अधिकार नहीं है। कानून हाथ में न लेने की अपील ऐसी पिटाई से आरोपी की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी और उसके साथी से पूछताछ के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक कॉलेज छात्रा के साथ नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म (रेप) करने और फिर ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोपी ने छात्रा को होटल में ले जाकर हैवानियत की और उसके अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। इसके बाद बदनामी का डर दिखाकर छात्रा और उसकी बहन से नकद, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 1.31 लाख रुपए और मंगलसूत्र तक छीन लिया। घटना 4 जून को अल्कापुरी में होटल हैवन इन की है। तभी से लेकर अभी तक आरोपी छात्रा को ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। ओएलएक्स पर हुई थी पहचान, नौकरी का दिया झांसा मूल रूप से भिंड की रहने वाली 21 वर्षीय पीड़िता ग्वालियर में रहकर बीएससी (B.Sc.) की पढ़ाई कर रही है। मई माह में ओएलएक्स (OLX) एप के जरिए उसकी पहचान दतिया जिले के कोटरा (गोराघाट) निवासी विवेक उर्फ सोनू रावत से हुई थी। बातचीत के दौरान विवेक ने छात्रा को ग्वालियर में एक अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा दिया, जिस पर छात्रा भरोसा कर बैठी। 4 जून को विवेक ने जॉब के संबंध में बात करने के बहाने छात्रा को चंद्रवदनी नाका बुलाया। वहां से वह छात्रा को अलकापुरी स्थित 'होटल हेवन इन' ले गया। होटल के कमरे में आरोपी ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और इस दौरान मोबाइल से अश्लील तस्वीरें व वीडियो बना लिए। धमकी देकर अगले दिन फिर बुलाया, अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी विरोध करने पर आरोपी विवेक ने अश्लील फोटो परिजनों को भेजने और जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे छात्रा चुप रही, तो आरोपी का दुस्साहस और बढ़ गया। 5 जून को उसने फिर वही फोटो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को दोबारा उसी होटल में बुलाया और फिर गलत काम किया। इसके बाद आरोपी ब्लैकमेलिंग पर उतर आया। घबराई पीड़िता ने पूरी आपबीती अपनी बहन को बताई। बहन ने आरोपी विवेक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उन्हें भी धमकाने लगा। आखिरकार बदनामी के खौफ में आकर दोनों बहनों ने 6 जून से 18 जून के बीच आरोपी के खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 31 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कॉलेज फीस के ₹50 हजार और बहन का मंगलसूत्र भी छीना आरोपी की दरिंदगी और लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। जब छात्रा को परिवार से कॉलेज की फीस भरने के लिए ₹50,000 मिले, तो आरोपी ने धमकाकर वे पैसे भी छीन लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की बहन को बुलाया और उसका सोने का मंगलसूत्र तथा मोबाइल फोन भी छीन लिया। इसके बावजूद वह लगातार और पैसों की मांग करते हुए दोनों बहनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। परेशान होकर पहुंचीं थाने, आरोपी गिरफ्तार आरोपी की धमकियों और आर्थिक शोषण से तंग आकर पीड़िता अपनी बहन के साथ विश्वविद्यालय थाने पहुंची और आपबीती सुनाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, लूट और धमकी देने की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया। विश्वविद्यालय थाना टीआई रवीन्द्र कुमार का कहना कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी विवेक रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफतार कर लिया गया है। छीना गया सामान व रकम बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल के PTI और सीनियर टीचर को छात्राओं से बैड टच और अश्लील चैट करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जानकारी दी तो छात्राओं ने अपने घर जाकर टीचर की हरकत के बारे में बताया। परिजनों की शिकायत पर दोनों टीचर को पहले स्कूल से हटाया गया। इसके बाद सस्पेंड कर दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त किए हैं। प्रिंसिपल ने देखा आरोपी शिक्षक का मोबाइल, मिली अश्लील चैट छात्राओं ने घर जाकर पीटीआई और सीनियर टीचर की हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने स्कूल आकर प्रधानाचार्य से कहा- शिक्षक बच्चियों को अश्लील संदेश भेज रहे हैं। इसके अलावा बैड टच करते हैं। धमकी देते है कि घर पर बताया तो फेल कर देंगे। शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक का मोबाइल फोन चेक किया तो अश्लील चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले। इस दौरान परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच कुछ कहासुनी भी हुई। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया सस्पेंड शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर अजमेर स्थित संयुक्त निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए विभागीय कमेटी का गठन किया गया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। (इनपुट सहयोग: प्रदीप चौधरी, कालेसरा)
सोनीपत जिले के कुंडली थाना क्षेत्र के गांव में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक ही परिवार के बीच चल रहे जमीन के विवाद में दुकान में घुसकर मारपीट, जान से मारने की कोशिश, रास्ता रोकने, मोबाइल फोन तोड़ने और सोने की चेन छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता नोराज ने अपने भाई के परिवार के चार लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। मामले की जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाया है। नई डिस्पेंसरी के सामने बनी दुकानों से शुरू हुआ विवाद गांव पबसरा के रहने वाले नोराज ने बताया कि नई डिस्पेंसरी के सामने बनी दुकानों में उसका भतीजा प्रवीन मेडिकल स्टोर चलाता है। नोराज का आरोप है कि प्रवीन उसकी दुकान की ओर दीवार बढ़ाकर अवैध निर्माण कर रहा था। कई बार समझाने के बावजूद उसने निर्माण नहीं रोका। इस संपत्ति विवाद का मामला उपायुक्त सोनीपत की कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को निर्धारित है। दुकान में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप शिकायत के अनुसार रात करीब 9:15 बजे नोराज अपनी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान प्रवीन जबरन दुकान में घुस आया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने अपने पिता देशराज और भाई रोहित को भी मौके पर बुला लिया। शोर सुनकर नोराज की पत्नी और पुत्र रवि भी वहां पहुंच गए। ईंट और लाठी से हमला, पिता-पुत्र गंभीर घायल शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रवीन ने ईंट उठाकर रवि के सिर पर वार किया, जिससे उसके सिर और कान से खून बहने लगा। वहीं रोहित ने दुकान में रखी लाठी उठाकर रवि के सिर पर हमला किया। नोराज का आरोप है कि परवीन, रोहित और देशराज ने मिलकर उसके और रवि के साथ गंभीर मारपीट की तथा जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रवीन की पत्नी ने भी अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नोराज के माता-पिता पर डंडों से हमला किया। मोबाइल तोड़ा और चेन छीनने का आरोप कुछ देर बाद नोराज का दूसरा बेटा अनिल कुमार भी मौके पर पहुंचा। शिकायत के अनुसार प्रवीन ने लाठी से हमला किया, जिसका पहला वार अनिल की जेब में रखे मोबाइल फोन पर लगा और मोबाइल टूट गया। दूसरा वार उसके दाहिने पैर पर किया गया। आरोप है कि इसके बाद प्रवीन ने अनिल के गले से करीब 20.07 ग्राम वजन की सोने की चेन जबरन छीन ली। रवि को पीजीआई रोहतक किया रेफर घटना के बाद अनिल कुमार ने रात करीब 9:23 बजे डायल-112 पर सूचना दी। कुछ समय बाद पीसीआर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। इसके बाद घायल नोराज और रवि को नागरिक अस्पताल सोनीपत ले जाया गया, जहां दोनों का मेडिकल कराया गया। रवि के सिर पर गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सीसीटीवी फुटेज और गुप्त जांच के बाद केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्राप्त शिकायत की एएसआई रवि ने मौके पर जाकर जांच की। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी गई तथा गुप्त रूप से तथ्यों की तस्दीक की गई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दी गई। जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को दर्ज की। पुलिस ने प्रवीन, देशराज, रोहित और प्रवीन की पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 333, 324(4), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

