28 दिनों का सबसे सस्ता प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज किसके पास? कौन दे रहा अधिक वैल्यू?
28 दिनों का सबसे सस्ता प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज किसके पास? कौन दे रहा अधिक वैल्यू?
Udham Singh Nagar News: पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
सोफे पर लेट मोबाइल देख रहा था शख्स, तभी पास आई बिल्ली, घूरकर दे डाली खतरनाक चेतावनी
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कोंडागांव में केशकाल पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बावनीमारी जंगल में जुआ खेल रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 2 लाख 54 हजार 180 रुपए की सामग्री जब्त की है। इसमें 79,180 रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन और 4 मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस को 25 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बावनीमारी जंगल के पास कुछ लोग ताश से जुआ खेल रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर पुलिस और साइबर टीम ने मिलकर कार्रवाई की। टीम ने जंगल में घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। जंगल में जुआ खेलते 7 गिरफ्तार पुलिस को देखकर कुछ जुआरी भाग गए, लेकिन सात लोगों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष नाग (29), आशीष रामटेके (36), मनीष रूपानी (29), सोहन मंडावी (27), अविनाश पांडे (32), गणेश जायसवाल (50) और प्रदीप गुप्ता (28) के रूप में हुई है। 2.54 लाख का सामान जब्त पुलिस ने जुआ स्थल से 79,180 रुपए नकद, करीब 80 हजार रुपए कीमत के 6 मोबाइल और करीब 95 हजार रुपए कीमत की 4 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इसके अलावा ताश के 52 पत्ते भी बरामद किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत 2,54,180 रुपए बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, हाथ में था चाकू; मचा हड़कंप
प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, हाथ में था चाकू; मचा हड़कंप
जगराओं में बुधवार देर शाम गुरुद्वारा नानकसर के बरसी समारोह से लौट रही दो लड़कियों से मोबाइल छीनने की घटना सामने आई। आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने रास्ते में लड़कियों को थप्पड़ मारकर उनके मोबाइल छीन लिए। घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों और स्थानीय लोगों ने बदमाशों का पीछा किया और बस स्टैंड चौक के पास दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा नानकसर में बाबा नंद सिंह जी का बरसी समारोह चल रहा है। बुधवार शाम दो लड़कियां गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट कर मोबाइल छीन लिए। सेवादारों ने घटना देख युवकों का पीछा किया। बस स्टैंड चौक के पास लोगों ने बाइक को घेर लिया। इस दौरान एक युवक बाइक से उतरकर फरार हो गया, जबकि दो युवकों को पकड़ लिया गया। लोगों के अनुसार, पकड़े गए एक युवक की तलाशी में कथित तौर पर सिरिंज मिली। युवक ने नशा करने की बात कही। दूसरे युवक ने वारदात की जानकारी होने से इनकार किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
जींद पुलिस ने गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायतों को आसान बनाने के लिए एक नई पहल की है। अब आम नागरिक अपने संबंधित थाने में ही मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस संबंध में, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में, साइबर सेल जींद के इंचार्ज अनमोल ने जिले के सभी थाना ऑपरेटरों को सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के उपयोग का प्रशिक्षण दिया। CEIR पोर्टल से मोबाइल फोन ट्रैस करने की प्रक्रिया अनमोल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि अब मोबाइल गुम या चोरी होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। वे सीधे अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद, CEIR पोर्टल के नियमों के अनुसार गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैस करने और बरामद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CEIR पोर्टल मोबाइल फोन की पहचान और उसकी लोकेशन का पता लगाने में सहायक है। यह प्रणाली गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन के संभावित दुरुपयोग को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों को गंभीरता से लें : साइबर सेल इंचार्ज साइबर सेल इंचार्ज ने सभी थाना ऑपरेटरों को निर्देश दिए कि वे मोबाइल गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्हें यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि आवश्यक जानकारी सही ढंग से दर्ज की जाए और CEIR पोर्टल पर नियमानुसार कार्रवाई हो, ताकि गुम हुए मोबाइल फोन को जल्द से जल्द ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाया जा सके। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत अपने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत दर्ज कराते समय मोबाइल फोन का IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य सभी उपलब्ध जानकारी पुलिस को प्रदान करना आवश्यक है। सही और पूरी जानकारी देने से मोबाइल फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया में काफी मदद मिलती है।
सहरसा में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 3.070 किलोग्राम (तीन किलो 70 ग्राम) अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुपौल के रास्ते पुरीख होते हुए रकिया की ओर एक व्यक्ति बाइक से गांजे की खेप लेकर जा रहा है। इस सूचना पर वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बिहरा थाना की गश्ती टीम ने ग्राम पुरीख हटिया रोड स्थित बजरंगबली मंदिर के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान सुपौल की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके झोले से 3.070 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान सदर थाना क्षेत्र के रकिया गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह, पिता वलबीर सिंह, के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच जारी थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ बिहरा थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 290 दर्ज कर लिया गया है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई में बिहरा थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार सत्यार्थी, पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल और थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
साकेत नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सराधना (पाली बॉर्डर) में करीब छह महीने से लापता लीला देवी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी राजेंद्र गिरी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बिलाड़ा क्षेत्र के बीनावास स्थित एक खेत से लीला देवी का नरकंकाल बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार लीला देवी पत्नी चिमनसिंह गत फरवरी से लापता थीं। परिजनों ने बताया कि 13 फरवरी को उनकी लीला से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला और 15 फरवरी के बाद उनका मोबाइल लगातार बंद आने लगा। लापता होने से पहले लीला देवी ने अपनी मां से दशा माता मंदिर में पूजा करने जाने की बात कही थी। इस संबंध में परिजनों ने 11 अप्रैल को साकेत नगर थाने में लीला के घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बाद में लीला के पुत्र राकेश सिंह ने 11 अगस्त को एक अन्य रिपोर्ट दर्ज करवाकर आरोप लगाया कि किराए के मकान का ताला तोड़कर करीब आठ लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान चोरी कर लिया गया है। परिजनों ने लीला के अपहरण व हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच की मांग की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि लीला के मोबाइल में राजेंद्र गिरी की सिम और राजेंद्र गिरी के मोबाइल में लीला की सिम लगी हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए राजेंद्र गिरी को ट्रेस किया। पुलिस टीम ने 23 अगस्त को आरोपी को उसके गांव पिच्याक से गिरफ्तार कर ब्यावर ले आई। पूछताछ के दौरान आरोपी राजेंद्र गिरी ने पुलिस के समक्ष लीला की हत्या करने तथा शव को दफनाने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार राजेन्द्र गिरी 13 मार्च को लीला को अपने साथ बीनावास (बिलाड़ा) स्थित खेत पर ले गया था। खेत में बनी झोंपड़ी में उसकी हत्या करने के बाद शव को खेत में ही दफना दिया गया।थानाधिकारी की टीम ने किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासासाकेत नगर थानाधिकारी सुरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया। आरोपी की निशानदेही पर को खेत में दफनाए गए शव के अवशेष निकालकर नरकंकाल बरामद किया गया, जिसे ब्यावर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार नरकंकाल का बुधवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद नरकंकाल परिजनों को सौंपा गया।
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र में एक गांव से 19 वर्षीय लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंगलवार रात (25 अगस्त) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। पिता की शिकायत पर धमतान साहिब पुलिस चौकी और थाना गढ़ी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। गांव रसीदा निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी मंगलवार, 25 अगस्त की रात लगभग 10 से साढ़े 10 बजे के बीच घर से अचानक गायब हो गई। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिजनों ने अपने स्तर पर लड़की की तलाश रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अज्ञात व्यक्ति पर अगवा करने का आरोप लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को झांसा देकर या बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। परिजनों के अनुसार, लड़की बालिग है और उसने 7वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। लापता होने के समय उसने सफेद रंग का सूट-सलवार और चप्पल पहन रखी थी। लड़की का रंग सांवला है और उसके पास एक मोबाइल फोन भी है। लड़की की तलाश कर रही पुलिस शिकायत मिलने के बाद धमतान साहिब पुलिस चौकी के एएसआई संजय ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने 26 अगस्त को तड़के ही थाना गढ़ी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137/96 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम लड़की के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखकर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी करके उसकी तलाश कर रही है।
पलवल में एक मस्जिद के कमरे में नाबालिग बच्ची के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। हसनपुर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मस्जिद में नाबालिग बच्ची के पिता इमाम हैं। उनका एक रिश्तेदार मस्जिद में बने एक कमरे में ठहरा हुआ था। बताया गया है कि 11 वर्षीय नाबालिग सुबह अपने घर से मस्जिद में अपने पिता के कमरे से मोबाइल फोन का चार्जर लेने गई थी। इसी दौरान साजिद नामक आरोपी ने उसे पकड़ लिया और कमरे को अंदर से बंद कर उसके साथ रेप किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके परिजन वहां पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बच्ची छठी कक्षा में पढ़ती है और सुबह स्कूल जाने से पहले मां का फोन चार्ज करने के लिए चार्जर लेने गई थी। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस बच्ची के पिता ने हसनपुर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। हसनपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई रंजना को सौंपी गई है। जांच अधिकारी ने नाबालिग को मेडिकल चेकअप के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल पहुंचाया है। पुलिस का कहना है कि उनकी टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जींद जिले के सफीदों में आपसी रंजिश के चलते मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। हमलावरों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा, उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे जबरन अगवा कर कुछ दूरी पर सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 7 नामजद और 8 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह घटना 20 अगस्त को सफीदों में गुलजारी होटल के सामने हुई। निम्नाबाद निवासी शिकायतकर्ता करणपाल और आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बड़ौद गांव के रहने वाले आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करणपाल को घेर लिया और उस पर हमला किया। हमलावरों ने करणपाल की गाड़ी में तोड़फोड़ की और लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद, आरोपी करणपाल को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर थोड़ी दूर ले गए और फिर उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उनके पास से लगभग 11 तोला सोना और तीन कीमती मोबाइल फोन भी छीन लिए। मामले में संलिप्त आरोपी पुलिस को दी गई शिकायत और जांच के अनुसार, इस हमले में गांव बड़ौद निवासी गुलाब, जगतार सिंह, गुरदेव सिंह, गुरविन्द्र सिंह, सिमरनजीत, अमनदीप और गुरजेन्ट सिंह नामजद आरोपी हैं, जबकि इनके साथ लगभग 8 अन्य अज्ञात व्यक्ति भी इस वारदात में शामिल थे। CCTV फुटेज और MLR ने खोली वारदात की परतें घटना के बाद करणपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और अस्पताल से एमएलआर कटवाई, जिसमें डॉक्टर ने उसके शरीर पर 5 गंभीर चोटों की पुष्टि की। मामला रिश्तेदारों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने सूक्ष्मता से जांच शुरू की। पीएसआई मंजीत की अगुवाई में पुलिस टीम ने 23 अगस्त को घटनास्थल का दौरा किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज और थाना प्रबंधक अफसर की तस्दीक में मारपीट, किडनैपिंग और गाड़ी में ले जाकर फेंकने की जानकारी सामने आई। समझौते से इनकार, पुलिस ने दर्ज किया केस दोनों पक्षों में रिश्तेदारी होने के कारण पुलिस ने प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की, लेकिन 25 अगस्त को पीड़ित करणपाल ने थाने पहुंचकर साफ कर दिया कि वह किसी भी प्रकार का समझौता नहीं चाहता और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके बाद 25 अगस्त की रात थाना शहर सफीदों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कानपुर के पनकी में शातिर चोरों ने पुलिस गश्त की पोल खोलते हुए मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान को निशाना बनाया। चोर दुकान की छत पर पड़ी टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हुए और ग्राहकों के रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल पार कर दिया। बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे मालिक को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पनकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश कर रही है। रात दस बजे दुकान बंद कर घर गया था दुकानदार रतनपुर निवासी सौरभ द्विवेदी की पनकी ई-ब्लॉक में सौरभ टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। सौरभ के मुताबिक, मंगलवार रात वह रोज की तरह करीब दस बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात चोर दुकान की छत पर पहुंचे और टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हो गए। चोरों ने दुकान में रखे सामान को खंगाला और रिपेयरिंग के लिए ग्राहकों द्वारा दिए गए करीब 25 से 30 मोबाइल फोन, दस से अधिक कीपैड फोन और महंगे चार्जर समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल समेट लिया। सुबह दुकान खोली तो बिखरा मिला सामान बुधवार सुबह सौरभ दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। चोरी का पता चलने पर उन्होंने छत की ओर देखा तो टीन शेड कटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पनकी थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के आसपास कुछ संदिग्ध लोगों की आवाजाही दिखाई दी है। पुलिस उनकी पहचान करने के साथ ही आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि घटना का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राहकों के मोबाइल चोरी होने के कारण दुकानदार के सामने उन्हें वापस करने की चुनौती भी है। पुलिस आसपास के कबाड़ियों, मोबाइल दुकानों और चोरी के मोबाइल की बिक्री के संभावित ठिकानों पर भी नजर रख रही है।
Aadhaar update: ऐप पर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कैसे बदलें? यहाँ देखें स्टेप्स
pc: news24online आधार हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है। इसका इस्तेमाल कई कामों के लिए किया जाता है, जैसे बैंक अकाउंट खोलना या अपने बच्चे का स्कूल एडमिशन करवाना। हालाँकि, कई बार आपको अपनी आधार डिटेल्स अपडेट करनी होती हैं और आधार सेंटर जाना मुश्किल हो सकता है। अब, कुछ अपडेट्स के लिए प्रोसेस आसान हो गया है, क्योंकि आधार ऐप यूज़र्स को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डिजिटली अपडेट करने की सुविधा देता है। यहाँ इस प्रोसेस के बारे में वह सब कुछ बताया गया है जो आपको जानना चाहिए और शुरू करने से पहले आपको कौन सी ज़रूरी बात ध्यान में रखनी चाहिए। नंबर अपडेट करने से पहले आपको क्या पता होना चाहिए? प्रोसेस शुरू करने से पहले, पक्का कर लें कि आपके पास अभी आपके आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का एक्सेस है। अपडेट प्रोसेस के दौरान ऑथेंटिकेशन के लिए मौजूदा नंबर ज़रूरी है। अगर आपके पास अब अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का एक्सेस नहीं है, तो हो सकता है कि आप इसे बदलने के लिए ऐप बेस्ड सुविधा का इस्तेमाल न कर पाएँ। आधार ऐप का इस्तेमाल कैसे शुरू करें? सबसे पहले, अपने स्मार्टफोन पर ऑफिशियल आधार ऐप डाउनलोड करें। पक्का करें कि आप ऐप को एक्सेस करने के लिए ऑफिशियल UIDAI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। अनजान वेबसाइट्स या अनवेरिफाइड सोर्स से आधार से जुड़े एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचें। ऐप इंस्टॉल हो जाने के बाद, इसे खोलें और मोबाइल नंबर अपडेट प्रोसेस शुरू करने के लिए स्क्रीन पर दिए गए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करें। आप मोबाइल नंबर कैसे अपडेट कर सकते हैं? आधार ऐप में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करने का ऑप्शन देखें। ज़रूरी जानकारी डालें और बताए गए तरीके से ऑथेंटिकेशन प्रोसेस पूरा करें। रिक्वेस्ट सबमिट करने से पहले डिटेल्स ध्यान से चेक करें। प्रोसेस पूरा करने के लिए ऐप में दिखाए गए सभी वेरिफिकेशन स्टेप्स को फॉलो करें। रजिस्टर्ड नंबर क्यों ज़रूरी है? आपका आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर ऑथेंटिकेशन में अहम रोल निभाता है। इसका इस्तेमाल OTP और आधार सर्विस से जुड़े दूसरे ज़रूरी कम्युनिकेशन पाने के लिए किया जा सकता है। इसलिए, अपना रजिस्टर्ड नंबर अपडेट रखने से ज़रूरत पड़ने पर आधार से जुड़ी अलग-अलग सर्विस को एक्सेस करना आसान हो सकता है। आधार की जानकारी सेंसिटिव होती है, इसलिए यूज़र्स को ऑनलाइन सर्विस का इस्तेमाल करते समय सावधान रहना चाहिए। आधार ऐप सिर्फ़ ऑफिशियल UIDAI चैनल से डाउनलोड करें और किसी के साथ OTP या पर्सनल डिटेल्स शेयर करने से बचें। अगर आपके पास अभी भी आपका मौजूदा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर है, तो ऐप बेस्ड सुविधा आपके आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर को अपडेट करना ज़्यादा आसान बना सकती है, इसके लिए आपको आधार सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
पटना जंक्शन पर यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रेल पुलिस ने इस मामले में आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के सात मोबाइल फोन और चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई मंगलवार को स्टेशन परिसर में निगरानी के दौरान की गई। बरामद मोबाइल फोन रियलमी, वीवो और रेडमी कंपनियों के हैं। चांदी के जेवरों में बाजूबंद, पायल, चूड़ी और लॉकेट शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बरामद सामानों को किन यात्रियों से चुराया गया था। पुलिस को देखकर भागने लगे, घेराबंदी कर दबोचा रेल पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 4-5 के पश्चिमी छोर पर आठ युवक एक साथ बातचीत करते दिखे। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख सभी संदिग्ध भागने लगे, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के मोबाइल फोन और चांदी के जेवर मिले। चोर गरोह के 8 लोगों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना निवासी सुमित कुमार, मो. ताजू, सिट्टू कुमार, मो. इरशाद आलम और सुनील कुमार के रूप में हुई है। इनके अतिरिक्त, नालंदा के राहुल कुमार, सीतामढ़ी के रूपेश कुमार और अरवल के रोहित कुमार भी पकड़े गए हैं। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर में सक्रिय चोर गिरोहों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस सभी आरोपियों के आपसी संबंध और गिरोह में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये लोग कब से स्टेशन और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। फोन और जेवर के मालिकों का पता लगा रही पुलिस पुलिस अब मोबाइल फोन और जेवर के मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बरामद मोबाइल के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। भीड़ में यात्रियों को बनाते थे निशाना पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के मोबाइल और जेवर चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही अधिक होने के कारण आरोपी भीड़ में घुसकर वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद सामान लेकर चंपत हो जाते थे। रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े हैं। साथ ही पटना जंक्शन के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी इनके सक्रिय होने की जानकारी जुटाई जा रही है। कई थानों में पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से सभी या कुछ आरोपियों के खिलाफ रेल थाना समेत विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि पूर्व में दर्ज मामलों में इनकी क्या भूमिका रही है और किन-किन घटनाओं में इनके नाम सामने आए हैं। रेल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ और जांच पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन विश्वास से 57 लोगों का खोया मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | गढ़वा समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम एवं चोरी हुए 57 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। पुलिस की इस पहल से मोबाइल वापस पाने वाले लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मौके पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि आम-आवाम में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया गया था। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थाना एवं ओपी में दर्ज सनहा और सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गढ़वा के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि पिछले माह की बरामदगी को शामिल करते हुए पुलिस अब तक कुल 116 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मोबाइल की बरामदगी नहीं, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना और तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने डायल-112 के महत्व की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करने की अपील की। साथ ही यौन उत्पीड़न एवं समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया। पुलिस की इस पहल से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने के साथ यह संदेश भी गया कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने पर तकनीकी माध्यमों से उनकी बरामदगी संभव है। पुलिस ने आम लोगों से ऐसे मामलों में तत्काल संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराने तथा सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करने की अपील की।
33 गुम मोबाइल बरामद कर पुलिस ने लौटाया
चाईबासा| पश्चिमी सिंहभूूम जिले में गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चल रहा है। अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। सीईआईआर सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल से तकनीकी अनुसंधान किया गया। सभी थाना क्षेत्रों से कुल 33 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। कार्रवाई सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में हुई। बरामद मोबाइल फोन मंगलवार को उनके वास्तविक धारकों को विधिवत लौटाए गए। मौके पर एसडीपीओ चक्रधरपुर सैय्यद मुस्तफा हाशमी, एसडीओ सदर बहामन टूटी, डीएसपी मुख्यालय पूजा कुमारी मौजूद रहीं।
Gorakhpur News: फर्नीचर कर्मियों के कमरे से मोबाइल चोरी, दो गिरफ्तार
Mobile phone stolen from furniture workers' room; two arrested.
Rewari News: मोबाइल टावर से 50 हजार रुपये की रेडियो रिमोट यूनिट चोरी
Radio remote unit worth 50,000 stolen from mobile tower
Amroha News: 86 हजार का मोबाइल तीन माह में खराब, कंपनी-विक्रेता को नोटिस
86 हजार रुपये का मोबाइल खरीदने के महज तीन महीने बाद खराब होने और गारंटी के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर कारोबारी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया।
Ghaziabad News: इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
Prayagraj News: मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
Maharajganj News: मोबाइल रिकवरी में महराजगंज पुलिस प्रदेश में तीसरे स्थान पर
Maharajganj police ranks third in the state in mobile recovery
Agra News: मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
Bhiwani News: ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
Jhansi News: घर में घुसकर चोरों ने नकदी व मोबाइल उड़ाए
रानीपुर। मोहल्ला झंडापुर निवासी कमलेश कुमार तथा घनश्याम दास लिधौरया भाई हैं। उनके यहां चोर छत के रास्ते से अंदर घुसे और नकदी, मोबाइल, बर्तन आदि चोरी कर ले गए।
Panchkula News: चाकू की नोक पर बैंककर्मी से मोबाइल छीनने वाला गिरफ्तार
Man arrested for snatching mobile from bank employee at knifepoint.
जयपुर के वैशाली नगर थाना इलाके में मेलोडी होटल के एक कमरे में ऑनलाइन जुआ-सट्टा चल रहा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों और एक युवती को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लैपटॉप, एक टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी नेपाल और महाराष्ट्र से यहां पहुंचे थे और क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर ऑनलाइन पैसे लगवाकर जुआ-सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अशोक पौडेल निवासी गांव कुर्गा, जिला पर्वत, नेपाल, परीना गिरी (23) निवासी गांव पड़रिया, जिला बाड़गंगा, नेपाल और पवन वैष्णव (38) निवासी बी-801, इटरनल एग्जोटिया, पुणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम ने को मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश दी। मौके पर दो युवक और एक युवती मौजूद मिले। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के दौरान सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से क्रिकेट एवं अन्य खेलों पर लोगों से पैसे लगवाकर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी जगह बदल-बदल कर सट्टा लगाने का काम करते है। मौके पर आज का करीब 6 लाख रुपए का हिसाब मिला, जबकि महीने का अनुमानित कारोबार करीब 18 लाख रुपए बताया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी आरोपियों और बरामद सामान को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस थाना वैशाली नगर के सुपुर्द किया गया, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की जांच के जरिए ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि मामले में आर्थिक अंवेक्षण भी किया जाएगा। ताकि आने वाले शहर में दूसरे शहर के लोग यहां आकर ऑनलाइन सट्टे की कार्रवाई ना करें।
शिवपुरी साइबर सेल ने 150 खोए और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 32 लाख रुपए है। इनमें 5 आईफोन भी शामिल हैं। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में सभी मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए गए। एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि जिले के लोगों ने मोबाइल खोने या चोरी होने की शिकायतें दी थीं। साइबर सेल की टीम इन मोबाइलों को तकनीकी मदद से ट्रेस कर रही थी। टीम ने राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मोबाइल बरामद किए। एसपी भूटिया ने कहा कि मोबाइल खोने के बाद कई लोग उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं। साइबर सेल लगातार ऐसे मोबाइल ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाने का काम कर रही है। अब तक 450 मोबाइल बरामद साइबर सेल के अनुसार, ‘ऑपरेशन आपकी अमानत’ के तहत अब तक 90 लाख रुपए कीमत के 450 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। इन्हें उनके मालिकों को लौटाया गया है। इसके अलावा साल 2025 में भी साइबर सेल ने करीब 700 मोबाइल बरामद कर लोगों को वापस किए थे।
महंगे मोबाइल के शौक ने बनाया चोर: जमशेदपुर और आसपास से चुराई गई 17 मोटरसाइकिलें बरामद, तीन दबोचे गए
पूर्वी सिंहभूम की गुड़ाबांधा पुलिस ने एक सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिलें और कई महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
संगरूर पुलिस ने मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किए गए 16 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और दो वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 23 और 24 अगस्त 2026 को की गई। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डिटेक्टिव) संगरूर, श्री सुखदेव सिंह पीपीएस के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर संदीप सिंह और सीआईए बहादुर सिंह वाला की टीम को 23 अगस्त 2026 को चीमा रोड, शाहपुर बहाद गांव, पुलिस स्टेशन चीमा के इलाके में गश्त के दौरान सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू को एक सफेद स्विफ्ट कार नंबर PB13BA1532 में चोरी का सामान बेचने जाते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से 10 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और स्विफ्ट कार बरामद की गई। उनके खिलाफ पुलिस स्टेशन चीमा में मुकदमा नंबर 111, दिनांक 23 अगस्त 2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) और टेलीग्राफ एक्ट 1885 की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, 24 अगस्त 2026 को लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू से पूछताछ के आधार पर चार और आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। इनमें सलीम (मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश), शाजिद (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), फरमान (मोहान, उत्तर प्रदेश) और रियाजुद्दीन (मुजफ्फराबाद, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। इन आरोपियों के पास से चोरी का माल ले जाने में इस्तेमाल किया गया एक टैंपो नंबर PB10-GY-4801 और 6 बीटीएस कार्ड बरामद किए गए।
नेटफ्लिक्स पर मौजूद इस कोरियन हॉरर-थ्रिलर की कहानी पांच दोस्तों से शुरू होती है, फिर उन्हें मिलता है एक ऐसा मोबाइल ऐप, जो उनकी हर इच्छा पूरी कर सकता है. लेकिन हर इच्छा की एक कीमत है और उसे चुकाने का मतलब हो सकता है मौत.
दतिया के उनाव थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर युवक ने कार में बैठकर कनपटी पर कट्टे से गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे दतिया-उनाव रोड पर खेरी और राजापुर गांव के पास हुई। फायर की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खड़ी कार में युवक को देखकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और कार का कांच तोड़कर युवक के शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को जिला अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल से पुलिस ने कट्टा बरामद किया है। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा (20), पिता स्व. देवकीनंदन शर्मा, निवासी झांसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। कार में मिला मोबाइल और अन्य सामान पुलिस के अनुसार कार की तलाशी लेने पर सिगरेट की डिब्बी, पानी की बोतलें, पावर बैंक और मोबाइल फोन मिला है। पुलिस ने मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। परिजनों के मुताबिक अर्जुन घर से बिना बताए निकला था। वह दतिया स्थित पीतांबरा माता मंदिर और खेरी माता मंदिर के दर्शन के लिए अक्सर आता रहता था। अर्जुन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। खुद को गोली मारने की वजह स्पष्ट नहीं उनाव थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बताया कि युवक ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन की जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर घटना की वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कोडरमा पुलिस ने मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामू स्थित एक मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है और चोरी किए गए सभी मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। यह घटना 23 अगस्त को हुई थी, जब अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये के मोबाइल फोन और नकदी चुरा ली थी। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि चोरी की घटना सामने आते ही मरकच्चो थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोमचांच अंचल के पुलिस निरीक्षक विकास पासवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिले की तकनीकी शाखा को भी शामिल किया गया था। घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। गठित टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। इन संदिग्धों की निशानदेही पर महज 24 घंटे के अंदर ही घटना में शामिल सभी चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन के साथ-साथ चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए हैं। इस सफल उद्भेदन से दुकान संचालक को बड़ी राहत मिली है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ये थे घटना में संलिप्त चोरी की घटना को अंजाम देने वालों में शाहिल खान उर्फ सोनू खान उर्फ सोमुवा खान, पिता आकुब खान, आदर्श कुमार, पिता विनोद साव, रवि कुमार, पिता महेन्द्र साव तथा सोनु कुमार, पिता टुनटुन कसेरा के नाम शामिल हैं। ये सभी गिरीडीह जिले के राजधनवार के रहने वाले हैं।
आगर-मालवा पुलिस ने गुम और चोरी हुए 125 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। मंगलवार को एसपी दिलीप कुमार सोनी ने ये सभी फोन उनके असली मालिकों के हाथों में सौंप दिए। महीनों बाद अपना गुम हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 24 लाख 10 हजार रुपए है। फोन में लोगों के जरूरी दस्तावेज, फोटो और यादें होती हैं, जिन्हें सुरक्षित वापस दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता थी। ऑनलाइन ठगी से बचने की दी सलाह इस मौके पर एसपी दिलीप कुमार सोनी ने लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने के तरीके भी बताए। उन्होंने अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी या बैंक का पिन किसी के साथ शेयर करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई ठगी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए तुरंत पुलिस को जानकारी दे। तकनीकी मदद से मिली सफलता एसपी के निर्देश पर साइबर टीम ने अलग-अलग राज्यों और जिलों की पुलिस से तालमेल बिठाकर और तकनीकी जांच की मदद से इन फोनों को खोज निकाला। कार्यक्रम में एएसपी रविन्द्र बोयट, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव और सूबेदार जितेन्द्र शुक्ला समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सेंट्रल जेल लुधियाना में तलाशी के दौरान 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद हुए। जेल अधिकारियों के अनुसार 2 कैदियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान रखकर जेल नियमों का उल्लंघन किया था। मामले में थाना डिविजन नंबर-7 की पुलिस ने दोनों कैदियों और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट विजय कुमार ने बताया कि मुकदमा नंबर 3609, 3645, 3657 और 3653 के तहत जेल में तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान कैदी विकास कुमार और हवालाती जसकरण सिंह की बैरकों की तलाशी ली गई। 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस मिलेतलाशी के दौरान जेल परिसर से 7 कीपैड मोबाइल फोन मार्का केचौडा लावारिस हालत में बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल के नियमों का उल्लंघन किया था। दो अज्ञात लोगों की भी भूमिका सामने आईजेल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने कैदी विकास कुमार, हवालाती जसकरण सिंह और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचाए गए और इसमें अज्ञात आरोपियों की क्या भूमिका रही। थाना डिविजन नंबर-7 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 52-A(1) Prison Act के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन के संबंध में भी जांच कर रही है। “कीपैड मोबाइल फोन” की खासियत क्या है यह फोन छोटे और साधारण होते हैं। स्मार्टफोन की तुलना में छिपाना आसान होता है। चोरी-छिपे पहुंचाए जाने वाले फोन के लिए सस्ते मॉडल पसंद किए जा सकते हैं। इसलिए जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल के लिए किया जा सकता है। बैटरी लंबे समय तक चलती है-बार-बार चार्ज करने की जरूरत कम पड़ती है। कुछ मामलों में आरोपी स्मार्टफोन की जगह बेसिक फोन का इस्तेमाल करना पसंद कर सकते हैं।
श्रावस्ती पुलिस की सर्विलांस सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की मदद से 60 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये है। मंगलवार को 12:00 बजे के बाद पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने किया, जबकि क्षेत्राधिकारी क्राइम भरत पासवान ने इसका पर्यवेक्षण किया। सर्विलांस सेल की टीम ने विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों पर कार्रवाई की। टीम ने मोबाइलों के IMEI नंबर, लोकेशन और नेटवर्क डाटा का तकनीकी विश्लेषण करते हुए उन्हें अलग-अलग स्थानों से ट्रेस किया। अथक प्रयासों के बाद कुल 60 मोबाइल बरामद किए गए। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी संजय सिंह की उपस्थिति में बरामद मोबाइल उनके संबंधित स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने श्रावस्ती पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने सर्विलांस सेल और CEIR पोर्टल पर कार्यरत सभी टीमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दे रही है। तकनीक के इस्तेमाल से गुम मोबाइल की बरामदगी के साथ-साथ साइबर अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करने में भी लगातार सफलता मिल रही है।
सोनभद्र पुलिस ने 207 गुम मोबाइल बरामद किए:30 लाख रुपये कीमत के फोन मालिकों को सौंपे गए
सोनभद्र पुलिस ने गुम हुए 207 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने यह कार्रवाई CEIR पोर्टल की मदद से जुलाई 2026 से अब तक की है। बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ये मोबाइल फोन बरामद किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। सोनभद्र पुलिस आमजन के गुम हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसमे सर्विलांस सेल, एसओजी और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ऋषभ अग्रवाल ने पुलिस लाइन मे पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले मोबाइल स्वामियों को ये फोन एक उपहार के रूप में वापस मिले हैं। पुलिस टीमों ने CEIR पोर्टल के जरिए तकनीकी विश्लेषण और लगातार मॉनिटरिंग के माध्यम से इन मोबाइलों को ट्रेस किया। इसी तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, जुलाई 2026 से अब तक कुल 207 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा सके। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने सोनभद्र पुलिस का आभार व्यक्त किया। एक मोबाइल स्वामी ने कहा, मेरा मोबाइल खो गया था। पुलिस की मदद से मोबाइल वापस मिला है। इसके लिए सोनभद्र पुलिस का धन्यवाद।
गुना में महिला की सूझबूझ से मोबाइल चोर तक पहुंचने की कोशिश: पुलिस जांच से पहले खुद जुटाए सुराग, आरोपी तक पहुंची जानकारी
UPI के 10 साल पूरे: नकद की टेंशन खत्म, मोबाइल में बैंक; QR ने बदली पेमेंट की तस्वीर, पीएम मोदी ने पूछा अनुभव- UPI Completes 10 Years QR Transformed the Payment Landscape PM Modi Asks About Experiences
क्या आपके मोबाइल में भी हैं ये 3 Loan Apps, सरकार ने दिए हटाने के निर्देश; जानिए क्यों?
गृह मंत्रालय के I4C ने Google को Play Store से तीन खतरनाक लोन ऐप्स - होराइज़न कैश सर्विस, मनी स्कोर मॉनिटर और ज़ेलिक्रेडिट - हटाने का निर्देश दिया है।
दमोह के नरसिंहगढ़ में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक ड्राइवर अपनी मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की है। उसने टावर पर चढ़ने के बाद अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी मिली। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ा युवक युवक की पहचान बाजार मोहल्ला निवासी हेमंत प्रजापति(40) के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नीचे उतरने के लिए समझाइश दी, लेकिन हेमंत नीचे आने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर उससे मुलाकात नहीं करते, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हेमंत ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि ट्रांसपोर्टर उसे जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया है। हेमंत ने यह भी बताया कि उसका ब्रेन का ऑपरेशन हो चुका है और कंपनी की वजह से उसके सामने यह स्थिति बनी है। पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी से मुलाकात की। पत्नी के अनुसार, परिवार पिछले करीब पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। हेमंत पहले ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन पांच साल पहले एक दुर्घटना में घायल होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई। इसके बाद उन्हें न तो काम मिल सका और न ही मुआवजा मिला, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। चौकी प्रभारी बोले- लिखित शिकायत दें चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी को बताया कि पन्ना जिले के सिमरिया थाने में एक सड़क हादसे का मामला दर्ज है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को किसी तरह की समस्या है तो उसे लिखित में दिया जाए, ताकि उनकी बात प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि टावर पर चढ़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा। हेमंत जिस मोबाइल फोन को लेकर टावर पर चढ़ा था, कुछ देर बाद उसने उसे बंद कर दिया। इसके चलते अब उससे फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन भी पुलिस के साथ मिलकर उसे नीचे उतरने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार समझाइश दी जा रही है और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के 1565 पीएमश्री विद्यालयों में छात्रों की भाषा-शैली में सुधार, उन्हें व्यावहारिक ज्ञान देने, व्यक्तित्व विकास व आलोचनात्मक प्रवृत्ति को बढ़ाने के लिए अखबार व मैगजीन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मोबाइल चोरी होने के बाद पुलिस जांच का इंतजार करने के बजाय गुना में एक महिला ने अपनी सूझबूझ से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। 29 जुलाई को बाजार गई महिला का एंड्राइड मोबाइल इसी दौरान गायब हो गया था। बाद में मोबाइल एक व्यक्ति के पास होने की जानकारी मिली। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी पहचान और लोकेशन पता करने की कोशिश शुरू की। मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उसने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। चैटिंग के दौरान महिला को उसके आने-जाने की जानकारी मिलती रही। इसी बातचीत से उसे पता चला कि वह इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। इसके बाद महिला अपने परिजनों के साथ गुना रेलवे स्टेशन पहुंची। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे संदिग्ध युवक स्टेशन पहुंचा तो महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास वही मोबाइल दिखाई देने पर महिला ने उसे पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। 29 जुलाई को बाजार में गायब हुआ था मोबाइल जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को महिला बाजार गई थी। इसी दौरान उसका एंड्राइड मोबाइल गिर गया और बाद में वह नहीं मिला। काफी तलाश के बावजूद मोबाइल का पता नहीं चल पाया।परिवार को आशंका थी कि मोबाइल किसी अन्य व्यक्ति के हाथ लग गया है। इसके बाद मोबाइल के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश शुरू की गई। फोन से फोटो और नंबर हटाए, सिम नहीं बदली मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लगने के बाद उसमें मौजूद तस्वीरें डिलीट कर दी गईं और कई नंबर ब्लॉक कर दिए गए। हालांकि, मोबाइल में लगी सिम को नहीं बदला गया। यही बात परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। मोबाइल से जुड़ी जानकारी के आधार पर परिवार ने संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। बहन ने सोशल मीडिया पर भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। सामने वाले ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। महिला ने बातचीत के दौरान सीधे मोबाइल के बारे में पूछने के बजाय सामान्य तरीके से बातचीत जारी रखी। इसी दौरान उसे आरोपी के आने-जाने और उसके गांव जाने से जुड़ी जानकारी मिली। इंदौर से गिन्दौरा जाने की मिली जानकारी चैटिंग के दौरान महिला को पता चला कि युवक इंदौर से अपने गांव गिन्दौरा, तहसील बदरवास लौटने वाला है। इसके बाद परिवार ने उसके गुना पहुंचने का इंतजार करने का फैसला किया। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे युवक गुना रेलवे स्टेशन पहुंचा। महिला अपने परिजनों के साथ पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। स्टेशन पर मोबाइल देखते ही पकड़ लिया युवक के स्टेशन पहुंचते ही महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास मोबाइल दिखाई दिया, जिसे परिवार चोरी हुआ अपना मोबाइल बता रहा है। इसके बाद महिला ने युवक को पकड़ लिया। अचानक हुई इस घटना से रेलवे स्टेशन पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रक्षाबंधन के चलते महिला ने छोड़ने की बात कही रक्षाबंधन के चलते एक महिला ने मोबाइल चोरी करते पकड़े गए युवक को छोड़ने की सिफारिश की। हालांकि, मामला चोरी का होने के कारण पुलिस ने जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि 29 जुलाई को बाजार में गायब हुआ मोबाइल युवक तक कैसे पहुंचा और उसने मोबाइल अपने पास क्यों रखा। इस मामले में सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और स्टेशन पर सामने आए घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही मोबाइल के गायब होने और युवक की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। इस पूरे मामले में 29 जुलाई को बाजार में मोबाइल गायब होना, सिम का मोबाइल में ही रह जाना और सोशल मीडिया चैटिंग के जरिए युवक के गुना पहुंचने की जानकारी मिलना अहम कड़ियां रही हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू, मोबाइल एप में दर्ज होगी हर खेत की फसल
खरीफ वर्ष 2026 में खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत तमता में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का शुभारंभ किया गया। पत्थलगांव तहसील कार्यालय के निर्देश पर तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में यह सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य खेत में वास्तव में कौन सी फसल बोई गई है, उसका क्षेत्रफल कितना है और खेत सिंचित है या असिंचित, जैसी जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करना है। शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 का डिजिटल क्रॉप सर्वे 17 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। यानी करीब 45 दिनों की अवधि में तहसील क्षेत्र के गांवों में खेत-खेत पहुंचकर फसल संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद प्रत्येक खेत की फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वेयर केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी दर्ज नहीं करेंगे, बल्कि संबंधित खेत में मौके पर पहुंचकर फसल का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद मोबाइल ऐप में आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें खसरा नंबर, बोई गई फसल का नाम, फसल की किस्म, सिंचित या असिंचित स्थिति और बोया गया क्षेत्रफल जैसी जानकारी शामिल रहेगी। सर्वेयर खेत में फसल की तस्वीर भी मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करेंगे। पत्थलगांव तहसीलदार भीष्म पटेल ने किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों का व्यवस्थित और वास्तविक रिकॉर्ड तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने किसानों से सर्वेयर को सही जानकारी उपलब्ध कराने और सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील की। किसान अपनी फसल गिरदावरी की स्थिति संबंधित भू-लेख पोर्टल अथवा उपलब्ध फसल गिरदावरी व्यवस्था में खसरा नंबर के माध्यम से जांच सकेंगे। इससे किसान यह देख सकेंगे कि उनके खेत से संबंधित फसल की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुई है या नहीं। डिजिटल क्रॉप सर्वे में जियो-फेंसिंग को महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में शामिल किया गया है। सर्वेयर को संबंधित खसरा नंबर की सीमा के भीतर मौजूद रहकर ही फसल की फोटो अपलोड करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस खेत की जानकारी दर्ज की जा रही है, सर्वेयर वास्तव में उसी स्थान पर मौजूद है। जियो-फेंसिंग के कारण खेत की लोकेशन और दर्ज की गई फसल का सत्यापन डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा। जियो-फेंसिंग से फर्जीवाड़े की गुंजाइश होगी कम तमता में पटवारी की मौजूदगी में शुरू हुआ काम ग्राम पंचायत तमता में पटवारी हल्का नंबर 15 के पटवारी शिव शंकर धीवर की मौजूदगी में डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत की गई। इस दौरान सर्वेयर प्रयाग राज प्रधान और दीपेश भोय के साथ उपसरपंच गोवर्धन यादव, पंचायत सचिव दिनेश कलिहारी, बीडीसी रमेश यादव और ग्रामीण छविंद दास मौजूद रहे। डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल फसल की जानकारी दर्ज करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए तैयार होने वाला डिजिटल डाटा भविष्य में कृषि से जुड़ी योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों के लिए उपयोगी हो सकता है।
आज से बदलेगा खाद वितरण का सिस्टम; होगी मोबाइल से बुकिंग, कालाबाजारी व लंबी कतारों से मिलेगी राहत
बारां| जिले में अब मंगलवार से खाद लेने का तरीका पूरा बदल जाएगा। जिससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों, घंटो खडे रहने से निजात मिलेगी। अब फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स डिजिटल व्यवस्था लागू हो जाएगी। जिसके तहत किसानों को अब दुकान पर जाने से पहले एफएफएस एप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। किसान अपने स्मार्टफोन में प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड कर किसान आईडी से लॉगिन कर सकते हैं। किसान की भूमि का विवरण पोर्टल पर अपने आप आ जाएगा। जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कृषि विभाग की ओर से एफएफएस के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। यह व्यवस्था लागू होने से किसानों को बड़ी सुविधा होगी। कृषि विभाग ने प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एप के उपयोग के प्रशिक्षण शुरू कर दिए हैं। ^कालाबाजारी रोकने के साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी। एप के माध्यम से बुकिंग होने से कोई भी उन्हे जबरन अटैचमेंट नही ं दे सकेगा। जिनके पास मोबाइल नहीं है, वह किसान भी ई-मित्र से बुकिंग कर सकेंगे। - राजेश विजय, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग बारां बुकिंग के दौरान किसान को अपने क्षेत्र के नजदीकी खाद विक्रेताओं की सूची एप पर दिखाई देगी। खास बात यह है कि किस विक्रेता के पास खाद उपलब्ध है, इसकी लाइव जानकारी भी मिलेगी। जिस दुकान के नाम के आगे हरे रंग में स्टॉक उपलब्ध दिखाई देगा, किसान वहीं बुकिंग कर सकेगा। बुकिंग के बाद मिलेगा क्यूआर कोड, 48 घंटे में उठानी होगी खाद : ऑनलाइन बुकिंग सबमिट होते ही किसान के लिए एक डिजिटल टोकन यानी क्यूआर कोड जनरेट होगा। इसमें बुकिंग और खाद की मात्रा की जानकारी रहेगी। यह टोकन 48 घंटे तक ही मान्य रहेगा। किसान को इस अवधि के भीतर अपने चयनित बिक्री केंद्र पर पहुंचना होगा। दुकानदार पीओएस मशीन से क्यूआर कोड स्कैन कर बुकिंग का सत्यापन करेगा। 48 घंटे के भीतर खाद लेने नहीं लेने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी।
Aligarh News: अल्ट्रासाउंड के लिए 14 दिन इंतजार, एक्स-रे रिपोर्ट मोबाइल पर
मलखान सिंह जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को लगभग पांच से 14 दिन तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, इसके बाद ही उनका नंबर लग पाता है।
Panchkula News: लड़की को थप्पड़ मारकर मोबाइल और साढ़े चार हजार रुपये लूटे
Slapped a girl and robbed her of her mobile phone and 4,500 rupees.
Amroha News: ई-रिक्शा चालक से मोबाइल लूटकर भागे दो युवक, भीड़ ने एक को दबोचा
कस्बा जोया में इकौंदा रोड पर सोमवार दोपहर ई-रिक्शा चालक से मोबाइल लूटकर भाग रहे दो युवकों में से एक को लोगों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया।
Shahjahanpur News: मोबाइल टावरों से अजना कार्ड चोरी करने के छह आरोपी दबोचे
मोबाइल टावरों से अजना कार्ड चोरी करने के छह आरोपी दबोचे
Jind News: दो भाइयों की जेब से 70 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन चोरी
न्यू जवाहर नगर निवासी सुनील कुमार ने एफआईआर में बताया कि वह अपने भाई राजेश के साथ जवाहर सैनी के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
Ghazipur News: अलीपुर मदरा में लगा मोबाइल कोर्ट, चार मामलों में हुई सनवाई
Mobile court held in Alipur Madra; four cases heard.
रक्षा मंत्रालय की अधिकारी नाजिया खानम की मौत, पुलिस खंगाल रही मोबाइल फोन
रक्षा मंत्रालय की एएसओ नाजिया खानम की संदिग्ध मौत मामले में द्वारका पुलिस जांच कर रही है। पुलिस मृतका और ससुराल वालों के मोबाइल फोन खंगाल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
डुअल-चिपसेट तकनीक कैसे भारत में मोबाइल गेमिंग और कंटेंट देखने के अनुभव को दे रही नया रूप
New Delhi, 24 अगस्त . मोबाइल गेमिंग अब केवल समय बिताने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह एक बड़े डिजिटल मनोरंजन उद्योग का हिस्सा बन चुकी है. आज के स्मार्टफोन उपयोगकर्ता ऐसे अनुभव की अपेक्षा करते हैं जो पहले केवल विशेष गेमिंग उपकरणों में देखने को मिलता था. बेहतर ग्राफिक्स, उच्च रिफ्रेश रेट, ... Read more
इंदौर के तेजाजी नगर पुलिस ने मोबाइल लूट की वारदात करने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल, ऑटो रिक्शा और बाइक जब्त की गई है। नशे के लिए सभी आरोपी वारदात करते थे। हालांकि, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। टीआई देवेंद्र मरकाम की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ऑटो रिक्शा में घूमने वाले कुछ युवक मोबाइल लूट की वारदातें करते हैं। टीआई ने टीम तैयार करते हुए उनकी जानकारी निकाली। इसके बाद कैलोद फाटा सर्विस रोड से उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने 16 मोबाइल लूटना कबूल किया है। हालांकि, लूटे गए मोबाइल के मामले में किन थानों में एफआईआर दर्ज है, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। सभी आरोपी नशा करने के आदी हैं। एक्टिवा की डिक्की से डेढ़ लाख निकाले बाणगंगा पुलिस ने एक चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, कैलाश नाम के एक व्यक्ति की लोटस पार्क कॉलोनी के पास खड़ी एक्टिवा की डिक्की उचकाकर एक बैग निकाला गया था। बैग में करीब 1 लाख 60 हजार रुपए और अन्य द
हरदा जिले की खिरकिया तहसील के ग्राम धनवाड़ा के ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने गांव के बीच लगाए जा रहे मोबाइल टावर का विरोध करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर असवनराम चिरामन को सौंपा। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि गांव के बीच लगाए जा रहे मोबाइल टावर को आबादी से करीब 500 मीटर दूर स्थापित किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि टावर लगाने के लिए ग्राम पंचायत से अनुमति नहीं ली गई है। निजी जमीन पर लगाया जा रहा टावर ग्रामीण दीपक पटेल ने बताया कि इलेवर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम धनवाड़ा निवासी राधेश्याम बुंदेला के घर के पास निजी भूमि पर मोबाइल टावर लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच टावर लगने से उन्हें रेडिएशन को लेकर आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कंपनी को टावर का स्थान बदलने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि टावर गांव की आबादी से करीब 500 मीटर दूर लगाया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों की आपत्ति और आशंकाओं का समाधान हो सके। ग्रामीणों की प्रमुख मांग
घर से निकला 17 साल का लड़का लापता:परिजनों को शक- कोई बहला-फुसलाकर साथ लेकर गया, मोबाइल भी आ रहा बंद
जयपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र से 17 साल का लड़का लापता हो गया। लड़का नमाज पढ़ने निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों ने आशंका जताई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। लड़के के भाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 अगस्त की दोपहर उनका छोटा भाई तोपखाने का रास्ता में नमाज पढ़ने के लिए गया था। उसके बाद से लापता है। आस-पास तलाश करने पर भी नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। परिजन की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। परिजनों ने बेटे को जल्द तलाश कर सुरक्षित घर पहुंचाने की मांग की है।
सीवान में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शुरू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए अब पटना जाने की जरूरत नहीं
24 अगस्त, सोमवार: सीवान में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन की शुरुआत हुई है। डीएम विजय प्रकाश मीणा ने तीन दिवसीय शिविर का शुभारंभ किया। अब पासपोर्ट के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए लोगों को पटना या दूसरे शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
आज से बदल गए सिम कार्ड के नियम!अगर आपके नाम पर हैं 9 मोबाइल नंबर तो हो जाएं सावधान, अब नहीं मिलेगा 10वां SIM
देश में बदला मोबाइल SIM खरीदने का नियम! नंबर होगा बंद या नहीं, ऐसे करें चेक
आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं शायद जान कर हैरानी हो. काफी समय से भारत में फर्जी आईडी से नंबर खरीदे जा रहे हैं. समय समय पर इस तरह के रैकेट का भांडाफोड़ भी होता है. इसलिए आपको ये चेक करना चाहिए कि आपके नाम से कितने सिम कार्ड चल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम और चोरी होने की शिकायतें CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। साइबर टीम ने इन शिकायतों की जांच करते हुए 37.50 लाख रुपए से ज्यादा कीमत के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल में वीवो, वनप्लस, सैमसंग समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के बाद एसएसपी के माध्यम से बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर डीएसपी शिखर मरावी की निगरानी और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम CEIR पोर्टल पर मिली शिकायतों की लगातार जांच कर रही थी। पिछले तीन महीनों में टीम ने 150 मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। ये मोबाइल रायगढ़ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे लोगों से संपर्क किया और उनसे मोबाइल वापस लिए। इसके बाद जरूरी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। 37.50 लाख से ज्यादा के मोबाइल वापस पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 150 मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत 37 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा है। मोबाइल वापस मिलने वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने काफी समय पहले अपना फोन खो दिया था और उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। मोबाइल गुम होते ही थाने में शिकायत करें SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से मोबाइल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक और ट्रेस करने के लिए रिपोर्ट करें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल खोजने में आसानी होती है। पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर किसी को कोई मोबाइल फोन मिला है तो उसका इस्तेमाल न करें। उसे तुरंत पुलिस के हवाले करें। मोबाइल गुम होने पर ये काम जरूर करें मोबाइल गुम या चोरी होने पर बिना देरी किए थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करें। अगर मोबाइल में बैंकिंग, UPI, ई-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट जुड़े हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए तुरंत पासवर्ड बदलें और जरूरी सुरक्षा उपाय करें।
पलवल में एक मंदिर के पुजारी को नशीला पदार्थ देकर लूटने का मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने पुजारी से मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान लूट लिया। होडल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी बलजीत के अनुसार, मध्य प्रदेश के ढोडिया गांव निवासी रघुनंदन दास महाराज पिछले 2013 से टहरकी गांव स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी का कार्य करते हैं। त्योहारों के चलते महाराज रघुनंदन दास भगवान की पोशाक लेने के लिए अपनी बाइक से उत्तर प्रदेश के कामर गांव गए थे। पोशाक लेकर लौटते समय उन्होंने होडल स्थित हसनपुर चौक पर गुलाब जी स्वीट्स पर खाना खाने के लिए बाइक रोकी। फ्रूटी पीने के बाद आने लगी नींद इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और उन्हें खाना खाने के लिए कहा। उस व्यक्ति ने महाराज को एक फ्रूटी पीने के लिए दी। फ्रूटी पीने के बाद महाराज को नींद आने लगी। नींद आने पर उन्होंने अपनी बाइक स्टार्ट की और टहरकी गांव स्थित मंदिर के लिए चल दिए। नेशनल हाईवे पर जब उनकी बाइक बंचारी गांव के पास पहुंची, तो उसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया। बाइक रुकने के कुछ देर बाद महाराज बेहोश हो गए। बेहोशी की हालत में उनका बैग चोरी हो गया। बेहोश होने पर बैग चोरी कर ले गए बदमाश बैग में एक मोबाइल फोन, दस हजार रुपए, ढाई हजार रुपए का बिजली का सामान, बाइक के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। होडल थाना पुलिस ने महाराज रघुनंदन दास की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जहां महाराज खाना खाने रुके थे वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि फ्रूटी पिलाने वाले की पहचान हो सके। इसके बाद हाईवे पर अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी जांचा जा रहा है, ताकि महाराज के साथ हुई वारदात के आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके।
सट्टा-मटका केस में फिर पुलिस के रडार पर जीतू पटवारी के भाई नाना, मोबाइल से मिले सुरागों की जांच
सट्टा-मटका केस में फिर पुलिस के रडार पर जीतू पटवारी के भाई नाना, मोबाइल से मिले सुरागों की जांच
नए सिम कार्ड नियम आज से लागू, अब एक व्यक्ति नहीं ले पाएगा नौ से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग की ओर से जारी किए गए नए सिम कार्ड नियम सोमवार से लागू हो गए हैं। इसके तहत कोई यूजर अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शंस रख सकता है। वहीं, कुछ इलाकों जैसे जम्मू एंड कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के लिए यह सीमा छह निर्धारित की गई है।
ग्वालियर में CRPF ने चलाया ऑपरेशन 'अमानत', 40 हजार रुपए का मोबाइल बरामद कर यात्री को सुरक्षित लौटाया
रविवार को 'रेल मदद' के माध्यम से आरपीएफ को सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 12192 के एम-वन कोच की सीट नंबर 66 पर यात्री का मोबाइल छूट गया है। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक कृष्ण देव यादव ने ट्रेन को अटैंड कर सीट के आसपास तलाश की।
बठिंडा के गांव घुद्दा के बस स्टैंड पर रविवार शाम दो अज्ञात युवक केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब की छात्रा से मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए।
जबलपुर में साइबर जालसाजों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों से कुल 5 लाख 42 हजार 857 रुपए ठग लिए। ठगों ने एक पीड़ित का मोबाइल हैक कर लिया, जबकि दूसरे को ऑनलाइन शॉपिंग का डर दिखाकर जाल में फंसाया। पीड़ितों की शिकायत पर गोरखपुर और गोहलपुर थाना पुलिस ने 22 अगस्त को FIR दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। मीशो से 164 रुपए का हार मंगाया, 3.97 लाख ठगे पहला मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। हाथीताल निवासी सेवानिवृत्त हेड क्लर्क मिथिलेश पटेल (64) ने मीशो ऐप से 164 रुपए का एक हार ऑर्डर किया था। 3 मई को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने ऑर्डर में 'अवैध सामान' होने का झांसा देकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने डर दिखाकर मिथिलेश को वीडियो कॉल पर लिया और PhonePe के जरिए 1 रुपए भेजने को कहा। 3 से 9 मई के बीच आरोपी ने 12 अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से 3 लाख 97 हजार 857 रुपए निकाल लिए। मिथिलेश को 16 मई को बिजली का बिल भरते समय खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिली। पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। ट्रू कॉलर पर आरोपी का नाम विक्रम गोस्वामी शो हो रहा है। मोबाइल हैक कर पति-पत्नी के खातों से 1.45 लाख उड़ाए दूसरा मामला गोहलपुर थाना क्षेत्र के न्यू आनंद नगर का है। यहां रहने वाले तनसीर अहमद खान (50) का मोबाइल 18 अगस्त की सुबह हैक हो गया। तनसीर के मोबाइल नंबर से उनकी पत्नी अरशिया खान का यूनियन बैंक अकाउंट और उनका खुद का ICICI बैंक अकाउंट लिंक था। हैकर ने पत्नी अरशिया के खाते से तीन बार में 50 हजार रुपए और तनसीर के खाते से 95 हजार रुपए UPI के जरिए ट्रांसफर कर लिए। दोनों खातों से कुल 1 लाख 45 हजार रुपए निकाल लिए गए। मैसेज देखने के बाद पीड़ित ने गोहलपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस इन जानकारियों को खंगाल रही है।लिए पुलिस इन जानकारियों को खंगाल रही है।
यमुनानगर शहर के योगेश नगर से 39 वर्षीय महिला के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। महिला रविवार की सुबह करीब 4 बजे घर से निकली। जाने से पहले उसने मोबाइल में अपनी रिकॉर्डिंग भी की, जिसमें खुद को परेशान बताते हुए अपनी मर्जी से घर से जाने की बात कही। महिला अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई। सुबह भाई ने देखा तो वह घर पर नहीं मिला और आसपास तलाश करने पर भी उसका कुछ पता न चला, जिसके बाद पुलिस को उसके लापता होने की शिकायत सौंपी। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। सुबह 4 बजे घर से निकली थी दो बच्चों की मां पुलिस को दी शिकायत में योगेश नगर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह यहां करीब 10 साल से किराए पर रह रहा है। उसकी 39 वर्षीय छोटी बहन की करीब 12 साल शादी हुई थी, लेकिन बाद में तलाक हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार बहन पिछले करीब 8 साल से उसके साथ ही रह रही थी। उसके दो बच्चे भी हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बहन मानसिक रूप से परेशान थी। शनिवार-रविवार की रात को सभी सोए हुए थे, जिसके बाद सुबह करीब चार बजे वह उठा तो देखा कि उसकी बहन घर पर नहीं थी। घर में उसका मोबाइल रखा हुआ था, जिसे जांचा तो उसमें एक रिकॉर्डिंग थी, जिसमें उसने कहा कि वह परेशान है और अपनी मर्जी से घर से जा रही है। पुलिस महिला की कर रही तलाश इसके बाद उसने आस पास के क्षेत्र और रिश्तेदारी में बहन की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसक बहन ने घर से निकलने समय हरे रंग की सलवार-कमीज पहन रखी थी। शिकायत मिलने के बाद रामपुरा चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस महिला की तलाश के साथ उसके घर से निकलने के कारणों और रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है।
Gorakhpur News: मोबाइल घर पर छोड़ बच्चों संग निकला युवक, रातभर पुलिस को छकाया
Young man left his mobile phone at home and went out with the children, giving the police the runaround all night.
Rohtak News: मोबाइल चोरी के आरोपी को कोर्ट ने दी राहत
Court grants relief to accused in mobile theft case.
Hamirpur (Himachal) News: भरेड़ी में दिनदहाड़े दुकान से मोबाइल और नकदी चोरी
Mobile phone and cash stolen from a shop in Bharedi in broad daylight.
Amethi News: पिस्तौल दिखाकर मोबाइल छीनने का प्रयास, दो गिरफ्तार
crime in amethi
सोनभद्र पुलिस ने अपहरण युवक को किया बरामद:2 आरोपी गिरफ्तार, स्विफ्ट कार और चार मोबाइल बरामद
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने अपहरण के एक मामले में कार्रवाई करते हुए 23 अगस्त को अपहृत मनोज कुमार पांडे को बरामद कर लिया। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। रॉबर्ट्सगंज थाने में वादिनी की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने पुलिस टीम को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कार की लोकेशन से देवरिया पहुंची पुलिस विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट मारुति कार संख्या UP32KM1916 से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई। वाहन से जुड़े मोबाइल नंबर की लोकेशन देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र में मिली। इसके बाद रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने तरकुलवा पुलिस से संपर्क कर मामले की जानकारी साझा की। तरकुलवा पुलिस ने संदिग्ध लोगों और अपहृत व्यक्ति को पथरदेवा चौकी के पास रोक लिया। सूचना मिलते ही रॉबर्ट्सगंज से पुलिस टीम देवरिया रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर पूछताछ की गई, जहां रायपुर निवासी मनोज कुमार पांडे पुत्र धीरेन्द्र बहादुर पांडे को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसी दौरान पुलिस ने मौके से जितेन्द्र यादव और शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए। बेटी को रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप पुलिस पूछताछ में आरोपी शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव ने बताया कि उसकी मुलाकात मनोज कुमार पांडे से वर्ष 2024 में पटना में हुई थी। आरोप है कि मनोज ने उसकी बेटी को रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। आरोपी के मुताबिक, वह अपने दामाद जितेन्द्र यादव और अन्य साथियों के साथ मनोज से पैसे मांगने आया था। पैसे वापस नहीं करने पर विवाद हुआ। इसके बाद मनोज को स्विफ्ट कार में बैठाकर अपने साथ ले जाया जा रहा था। इसी दौरान तरकुलवा पुलिस ने वाहन को रोक लिया। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच पूछताछ में पुलिस को घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। इनमें बृजेश यादव निवासी महासून, जिला कुशीनगर, सिपाही यादव निवासी बत्तर डेरा, जिला कुशीनगर और संगम गौड़ निवासी मंगलपुर, जिला कुशीनगर के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों की भूमिका से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ जिले के खुजनेर में पत्नी वंदना की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति प्रखर उपाध्याय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की वजह कोई बड़ा विवाद नहीं, बल्कि रात में मोबाइल चलाने को लेकर हुआ झगड़ा सामने आया। गुस्से में प्रखर ने पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से तीन वार किए। पत्नी के गिरने के बाद भी वह नहीं रुका और एयर पिस्टल से फायर कर दिया। मामले में रॉड पर मिले आरोपी के अंगुलियों के निशान अभियोजन के लिए अहम सबूत बने। पत्नी की मौत के बाद सामने आया घटनाक्रमअभियोजन के अनुसार 3 मार्च 2024 की रात प्रखर और वंदना घर के कमरे में अकेले थे। प्रखर मोबाइल चला रहा था। वंदना ने उसे मोबाइल चलाने पर टोका तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रखर ने लोहे की रॉड उठाई और वंदना के सिर पर तीन बार हमला किया। गंभीर चोट लगने से वह पलंग पर गिर गई। इसके बाद आरोपी ने एयर पिस्टल से भी फायर किया। सुबह परिजन पहुंचे तो पलंग पर पड़ा था शव4 मार्च की सुबह वंदना की मौत की जानकारी उसके मायके पक्ष को मिली। मामा गौतम दुबे समेत परिजन खुजनेर पहुंचे। घर के अंदर पलंग पर वंदना मृत अवस्था में मिली। उसके सिर से खून निकल रहा था। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने और मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। रॉड ने खोल दिया राज, अंगूठे का निशान आरोपी से मिलाजांच में पुलिस ने प्रखर की निशानदेही पर लोहे की रॉड और एयर पिस्टल समेत अन्य सामान जब्त किया। रॉड के मध्य हिस्से पर मिले चांस प्रिंट को अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ ने विकसित किया। जांच में यह निशान प्रखर के दाहिने हाथ के अंगूठे से मैच हुआ। अभियोजन ने इस विशेषज्ञ साक्ष्य को कोर्ट में महत्वपूर्ण आधार बनाया। विशेष लोक अभियोजक आलोक श्रीवास्तव ने कोर्ट में तर्क दिया कि हत्या ससुराल के कमरे में हुई, जहां घटना के समय पति-पत्नी मौजूद थे। अंदर की घटना के बारे में आरोपी ही स्पष्ट जानकारी दे सकता था। बचाव पक्ष की ओर से ऐसा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, जिससे हत्या में उसकी भूमिका पर संदेह पैदा हो। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को माना पर्याप्त मामला प्रत्यक्षदर्शी के बजाय परिस्थितिजन्य और विशेषज्ञ साक्ष्यों पर आधारित था। अभियोजन ने आरोपी की मौजूदगी, उसकी निशानदेही पर बरामद रॉड और उस पर मिले अंगुलियों के निशान समेत अन्य साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। राजगढ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लखनलाल गोस्वामी ने प्रखर उपाध्याय को धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹5 हजार अर्थदंड से दंडित किया।
कटिहार नगर थाना पुलिस ने 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फोन कर मांगी गई थी 5 लाख रुपये की रंगदारी सदर डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि नया टोला रामकंडू स्कूल चौक निवासी 54 वर्षीय राजीव कुमार ने 17 अगस्त को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि 16 अगस्त की सुबह 11:16 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उनसे 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। शिकायत के आधार पर नगर थाना में कांड संख्या 941/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बसुंधरा बिहार के पास छापेमारी कर गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर बसुंधरा बिहार के पास छापेमारी की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पांच आरोपियों की हुई पहचान गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशु राज (19), विवेक गामी (21), श्याम कुमार मांझी (25), सोनी पासवान (30) और रंजीत कुमार राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी कटिहार नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। हथियार और मोबाइल फोन बरामद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस अब रंगदारी मांगने के पीछे की वजह और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी मिला पुलिस जांच में सोनी पासवान का पहले से आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ नगर थाना में वर्ष 2023 में मारपीट, रंगदारी, धमकी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
सुकमा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू हो गया है। इससे 4 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। अब लोगों को फोन करने या जरूरी कॉल के लिए गांव से मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा। गोंडिगुड़ा में मोबाइल टॉवर शुरू होने के बाद आसपास के सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांव भी नेटवर्क से जुड़ गए हैं। लंबे समय से भौगोलिक दिक्कतों और संचार सुविधा की कमी से जूझ रहे इन गांवों के लिए यह बड़ी राहत है। अब ग्रामीण घर बैठे परिवार और रिश्तेदारों से बात कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी फोन पर संपर्क किया जा सकेगा। बच्चों की पढ़ाई में भी मिलेगी मदद मोबाइल नेटवर्क शुरू होने से गांव के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई के रास्ते भी खुले हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र ऑनलाइन क्लास और डिजिटल स्टडी मटेरियल का इस्तेमाल कर सकेंगे। ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, डीबीटी और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने में भी आसानी होगी। वनोपज और हस्तशिल्प को मिल सकता है बड़ा बाजार गांव के लोग वनोपज, हस्तशिल्प और लोककला से जुड़े उत्पादों को डिजिटल माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आमदनी के नए अवसर भी बन सकते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस, अस्पताल और प्रशासन से तुरंत संपर्क हो पाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा होगी। बस्तर में 195 जगहों पर शुरू हुए मोबाइल टॉवर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की 4जी सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इन क्षेत्रों में कॉलिंग और तेज इंटरनेट की सुविधा मिलने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव आ रहा है।
बरनाला के थाना ठुलीवाल में पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गांव टिब्बा निवासी प्रदीप उर्फ मंगा के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल बरनाला में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन और हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत के दौरान प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। 10 मिनट पहले अंदर गया, बेसुध होकर बाहर आया मृतक के भाई अमृतपाल सिंह ने बताया कि प्रदीप ने हाल ही में किसी राहगीर से एक मोबाइल फोन खरीदा था, जो बाद में चोरी का निकला। इसी सिलसिले में जांच और पूछताछ के लिए ठुलीवाल पुलिस ने रविवार दोपहर प्रदीप को परिजनों के साथ थाने बुलाया था।अमृतपाल के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने प्रदीप के पिता और भाई को थाने के बाहर ही बिठा दिया और प्रदीप को अकेले अंदर ले गए। आरोप है कि अंदर जाने के महज 10 मिनट के भीतर ही पुलिसकर्मी घबराए हुए बाहर आए और कहा कि प्रदीप की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसके बाद दो जवान उसे बेसुध हालत में सरकारी गाड़ी में डालकर अस्पताल की तरफ भागे। परिजनों का दावा है कि प्रदीप की मौत थाने के अंदर ही हो चुकी थी। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम — पुलिस की सफाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बरनाला के एसपी (डी) संजीव गोयल ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि युवक को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति: एसपी एसपी संजीव गोयल ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदीप के शव को सिविल अस्पताल बरनाला के मर्चुरी हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और परिजनों के आधिकारिक बयानों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के बाद से गांव टिब्बा और अस्पताल परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि जब तक जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाता, वे न्याय के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
1.83 लाख रुपए के 8 गुम मोबाइल बरामद:मऊ में CEIR पोर्टल से साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मऊ में साइबर पुलिस टीम और थाना मुहम्मदाबाद गोहना पुलिस ने अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 1 लाख 83 हजार रुपये कीमत के 8 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए। रविवार को सत्यापन के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। तकनीकी माध्यम से पुलिस ने खोजे मोबाइल यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देश पर की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश की। पुलिस को सफलता मिलने के बाद सभी मोबाइल बरामद कर लिए गए। रेडमी से लेकर ओप्पो तक के फोन बरामद बरामद मोबाइल में अलग-अलग कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं। इनमें एक रेडमी, एक सैमसंग, एक लावा, दो वीवो, दो रियलमी और एक ओप्पो का मोबाइल शामिल है। पुलिस के मुताबिक, बरामद सभी 8 मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.83 लाख रुपये है। सत्यापन के बाद मालिकों को सौंपे मोबाइल मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस टीम ने दावेदारों से आवश्यक पहचान और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराया। पहचान और स्वामित्व की पुष्टि होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दिए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। मोबाइल गुम होने पर CEIR पर करें शिकायत मऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत दर्ज कराने से तकनीकी माध्यमों के जरिए मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
गिरिडीह पुलिस ने बगोदर-सरिया रोड स्थित मोबाइल टावर से चार AZNA मशीनें चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की मशीन, वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। वहीं गिरोह के दो अन्य सदस्य पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर खेत की ओर भाग निकले। घटना 19 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे सरिया रोड स्थित नहर के पास मोबाइल टावर पर हुई थी। चोर टावर से चार AZNA मशीनों के अलावा कनेक्टर, माउंटिंग एंगल, वेदरप्रूफिंग हाउसिंग, सिलिकॉन बूट और एओएमई ऑप्टिकल 10जी एसएफपी समेत अन्य उपकरण ले गए थे। टावर तकनीशियन धीरेंद्र कुमार की जांच के बाद 21 अगस्त को बगोदर थाना में कांड संख्या 164/26 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 305/324(4)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी के निर्देश पर SIT बनी, टावरों पर बढ़ाई गई निगरानी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। टीम ने जिले के अलग-अलग मोबाइल टावरों पर निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहनों तथा लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान 23 अगस्त की रात करीब 12:10 बजे बगोदरडीह ओवरब्रिज के पास पुलिस टीम ने काले रंग की स्कॉर्पियो संख्या JH 10 CY-8957 को रोक लिया। वाहन में दो युवक सवार थे। पुलिस ने तलाशी ली तो एक AZNA मशीन, चार एलन-की औजार, ग्लव्स, एक सिम कार्ड और मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद सामान देखकर पुलिस को टावर चोरी गिरोह से जुड़े होने का संदेह और मजबूत हुआ। पूछताछ में खुलासा- चार लोग मिलकर करते हैं टावरों में चोरी पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि वे चार लोगों के साथ मिलकर मोबाइल टावरों से मशीन और तकनीकी उपकरण चोरी करते हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने बगोदर-सरिया रोड स्थित टावर से चार AZNA मशीनें चोरी करने की बात भी स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, वाहन में उनके साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे। पुलिस को देखते ही दोनों वाहन से उतरकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेत की ओर भाग गए। पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में काफी देर तक दोनों की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह में शामिल अन्य लोगों और पूर्व की चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। धनबाद के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय छोटू यादव, पिता स्व. गुड्डन यादव, निवासी खानोडीह, बाघमारा, धनबाद और 31 वर्षीय आनंद रवानी, पिता मंशा रवानी, निवासी फुलाईटांड़ बस्ती, थाना मधुबन, धनबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से स्कॉर्पियो, दो मोबाइल फोन, चार एलन-की औजार, एक ग्लव्स, एक सिम कार्ड समेत अन्य सामान जब्त किया है। छापेमारी दल में एसडीपीओ धनंजय राम, बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार के साथ पुलिस एवं अनुसंधान विंग के अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस का कहना है कि फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों और मोबाइल टावरों से जुड़ी चोरी की घटनाओं का भी पता लगाने में पुलिस जुटी है।
पलवल की कृष्णा कॉलोनी में गैस बिल अपडेट करने के नाम पर 3 लाख 43 हजार 500 रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल स्क्रीन शेयर करवाई और बिना किसी ओटीपी की जानकारी मांगे ही उनके बैंक खाते से सात बार में पूरी रकम निकाल ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पलवल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृष्णा कॉलोनी निवासी पीड़ित रविशंकर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। मैसेज में लिखा था कि उनका गैस कनेक्शन जल्द ही काट दिया जाएगा और कनेक्शन जारी रखने के लिए दिए गए नंबर पर तुरंत संपर्क करने को कहा गया। बांतों में फंसा मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवाई जब रविशंकर ने उस नंबर पर कॉल किया, तो आरोपी ने खुद को एक गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें बातों में फंसा लिया और वीडियो कॉल की। आरोपी ने मीटर की रीडिंग नोट करने के बहाने पीड़ित से मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवा ली। खाते से निकाले 3.43 लाख रुपए इसके कुछ ही देर बाद शाम को पीड़ित के पास बैंक से लगातार पैसे कटने के संदेश आने लगे। ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से कुल 3 लाख 43 हजार 500 रुपए की अवैध निकासी की। साइबर हेल्पलाइन नंबर पर दी शिकायत घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम थाना जिला पलवल ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने खाते से जो पैसे निकाले हैं, वे किन-किन बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं, इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
‘प्लीज’ ने खोला लाखों की साइबर ठगी का राज, मोबाइल हैक कर ऐसे किया कांड
आगरा में मैनेजर का मोबाइल हैक कर सलोनी ऑयल के मालिक के नाम से रुपये डलवाए। दूसरे दिन मैसेज में प्लीज लिखने पर मैनेजर को शक हुआ तो खुला राज। प्लीज के कारण लाखों की ठगी की जानकारी हो पाई।
फतेहाबाद जिले के रतिया में सीआईए की टीम ने 2 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हेरोइन बरामद की है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हेरोइन सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर को भी काबू कर लिया। इस मामले में कुल तीन आरोपियों को माननीय न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीआईए रतिया प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम बड़ी नहर, लाली रोड क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस की गाड़ी देखकर बाइक सवार ने वापस मुड़ने की कोशिश की। जिस पर शक होने पर पुलिस टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की। उनकी पहचान गुरप्रीत उर्फ गाड़ी निवासी गांव बाड़ा और अमरदीप उर्फ अमर निवासी गांव हुक्मावाली के रूप में हुई। पूछताछ के बाद सप्लायर को भी पकड़ा नियमानुसार तलाशी के दौरान अमरदीप उर्फ अमर के कब्जे से एक मोमी पाउच में 7.53 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह हेरोइन रमेश निवासी सुखमनपुर से खरीदी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। बाइक और मोबाइल किए जब्त इस संबंध में थाना शहर रतिया में धारा 21B, 27A/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद हेरोइन के साथ-साथ आरोपियों के मोबाइल फोन और बाइक को भी पुलिस ने नियमानुसार जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को माननीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोडरमा के मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामु गांव में चोरों ने मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए करीब 11 लाख रुपए का सामान पार कर दिया। शनिवार देर रात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर शटर खोला और करीब 10 लाख रुपए के मोबाइल फोन समेत 1 लाख रुपए की मोबाइल एसेसरीज लेकर फरार हो गए। दुकान संचालक उमेश कुमार ने शनिवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद की थी। रविवार सुबह पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि दुकान का ताला टूटा हुआ है। शटर खुला है। सूचना मिलते ही उमेश दुकान पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा पड़ा था और मोबाइल व एसेसरीज गायब थे। 12 बजे तक सब ठीक था, इसके बाद चोरी की आशंका उमेश कुमार ने बताया कि चोर दुकान से करीब 10 लाख रुपए के मोबाइल फोन और 1 लाख रुपए की एसेसरीज ले गए हैं। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि शनिवार रात करीब 12 बजे तक दुकान में ताला लगा हुआ था और सब कुछ सामान्य था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने रात 12 बजे के बाद वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मरकच्चो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दुकान के आसपास के इलाके में भी छानबीन की। दुकान से कुछ दूरी पर 7-8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आशंका है कि भागने के दौरान ये मोबाइल चोरों के हाथ से गिर गए होंगे। एक सप्ताह में आधा दर्जन चोरी पीड़ित दुकानदार ने मरकच्चो थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और चोरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर, जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में करीब आधा दर्जन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मरकच्चो में भी पहले चोरी की कई वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका पूरी तरह उद्भेदन नहीं हो सका है। ऐसे में मोबाइल दुकान से 11 लाख की चोरी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात GRP और RPF की संयुक्त टीम ने एक युवक को पकड़ा। वह यात्रियों को कम दाम में मोबाइल बेचने के लिए स्टेशन पर घूम रहा था। तलाशी में उसके बैग से चोरी किए 10 एंड्रॉइड मोबाइल मिले। इनकी अनुमानित कीमत 1 लाख 14 हजार रुपए बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम GRP अनूपपुर चौकी प्रभारी पी एस कुलस्ते के मुताबिक, 22 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक यात्रियों से मोबाइल बेचने के लिए सौदेबाजी कर रहा है। सूचना मिलने पर GRP और RPF की संयुक्त टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने संदिग्ध युवक की तलाश शुरू की। कुछ देर बाद पिठ्ठू बैग लेकर घूम रहे युवक को पकड़ लिया गया। बैग की तलाशी में मिले 10 मोबाइल युवक को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया। उसने अपना नाम सनी कोल (26) बताया। युवक पड़रीपानी वार्ड नंबर 8, बिजुरी थाना क्षेत्र, अनूपपुर का रहने वाला है। बैग की तलाशी लेने पर उसमें अलग-अलग कंपनियों के 10 एंड्रॉइड मोबाइल मिले। आरोपी मोबाइल से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या बिल नहीं दिखा सका। पुलिस ने सभी 10 मोबाइल जब्त कर लिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। RPF टास्क टीम प्रभारी अमरेन्द्र सिंह के मुताबिक, आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। पहले भी 7 मोबाइल के साथ पकड़ा था युवक इससे पहले यात्री ट्रेन में मोबाइल चोरी के मामले में भारत लाल यादव (20) को गिरफ्तार किया गया था। वह वार्ड नंबर 13 सकारिया, थाना अनूपपुर कोतवाली का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से 7 मोबाइल फोन जब्त किए थे।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के नया परिसर में एक युवक पर लोहे की रॉड से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में पीड़ित युवक की नाक की हड्डी टूट गई और चेहरे पर गंभीर चोट भी आई है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में भगत की कोठी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना देर रात करीब 2 बजे की है। मामले में बाड़मेर के धोरीमन्ना हाल पावटा, जोधपुर निवासी राजूराम (28) पुत्र हरजीराम विश्नोई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार, राजूराम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है। रात करीब 2 बजे वह अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के नया परिसर में बैठा था। इसी दौरान प्रकाश गोदारा नाम का व्यक्ति वहां आया और जान से मारने की नियत से लोहे की धारदार रॉड से उस पर हमला कर दिया। आरोपी ने राजूराम के सिर, गर्दन और नाक पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले में पीड़ित राजूराम की नाक और अंदर की हड्डी टूट गई। लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाक पर 7 टांके आए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रकाश गोदारा ने मारपीट के साथ ही उसका मोबाइल तोड़ दिया और बाइक में भी तोड़फोड़ की, जिससे उसका करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। हेड कॉन्स्टेबल करनाराम ने बताया कि युवक की ओर से रिपोर्ट दी गई है। मामला दर्ज कर शुरू की गई है। वहीं पीड़ित ने बताया कि वह पहले से आरोपी को जानता है। उसने बताया कि आरोपी यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ता हैं। उसके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हो चुके हैं। आरोपी आए दिन दादागिरी करता है। घटना के दिन भी उसने झगड़ा किया था।
बिहार में जल्द ही नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) लागू होगा, जिससे बस, मेट्रो और ट्रेन में एक ही कार्ड से यात्रा की जा सकेगी। परिवहन विभाग 'व्हेयर इज माय बस' ऐप भी विकसित कर रहा है।
बिहार : आपके गांव में एयरटेल-जियो का मोबाइल नेटवर्क कैसा है, डाक सेवक सर्वें करेंगे
बिहार के गांवों में मोबाइल नेटवर्क का सर्वे अब डाक सेवक करेंगे। सर्वे से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क को बेहतर करने की सबसे अधिक जरूरत है। इसके लिए दूरसंचार विभाग और डाक विभाग के बीच समझौता हुआ है।
Fatehpur News: लिफ्ट के बहाने बाइक रुकवाकर दो मोबाइल लूटे
लिफ्ट मांगने के बहाने बाइक सवार को रोककर तीन लुटेरे उसकी जेब से दो मोबाइल छीनकर खेतों की ओर भाग निकले।
Gurugram News: मोबाइल हैक करने के शक में की थी हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
Murder committed on suspicion of mobile hacking; two accused arrested.
ड्यूटी पर मोबाइल चलाते मिले तीन पुलिसकर्मी:एसपी ने एक दिन का वेतन काटा, लापरवाही पर जताई नाराजगी
जमुई में डायल 112 के तीन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने तीनों कर्मियों का एक दिन का वेतन-भत्ता जब्त करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में की गई है। निरीक्षण के दौरान कार्रवाई यह घटना 22 अगस्त को दोपहर करीब 1:39 बजे की है। एसपी विश्वजीत दयाल पुलिस केंद्र, जमुई की ओर जा रहे थे, तभी कटीना मोड़ के पास उनकी नजर डायल 112 वाहन पर पड़ी। निरीक्षण के दौरान, वाहन में तैनात महिला सिपाही रेशमी कुमारी मोबाइल चलाती मिलीं। पास ही एक होटल के सामने सिपाही सुमित कुमार और चालक अशोक कुमार भी कुर्सी पर बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का मोबाइल में व्यस्त रहना एसपी को गंभीर लापरवाही लगी। उन्होंने इसे कर्तव्य के प्रति उदासीनता और पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला आचरण बताया। इसके तुरंत बाद तीनों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, महिला सिपाही रेशमी कुमारी, सिपाही सुमित कुमार और चालक अशोक कुमार का एक दिन का वेतन-भत्ता जब्त किया जाएगा। एसपी ने सभी संबंधित कर्मियों को भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने और ड्यूटी के दौरान पूरी तरह सजग रहने की सख्त चेतावनी दी है। लेखापाल को भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। एसपी की इस कार्रवाई से डायल 112 के साथ-साथ अन्य पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखने का स्पष्ट संदेश मिला है।
व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार:शामली पुलिस ने एप्पल मोबाइल और सिम बरामद किया
शामली पुलिस ने व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी भी शामिल है, जिसकी तलाश जारी है। यह मामला कैराना-पानीपत रोड स्थित कंडेला के इंडस्ट्रियल स्टेट निवासी विभोर गर्ग से जुड़ा है। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से दो दिन के भीतर जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर कोतवाली शामली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने घटना का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त की रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान टीम ने आरोपी आकाश वर्मा को गिरफ्तार किया। आकाश वर्मा स्वर्गीय चंद्र प्रकाश का पुत्र है और माधवपुरम, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ का निवासी है। उसके पास से घटना में प्रयुक्त एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया।
चंडीगढ़ में क्रेडिट कार्ड की चाह में मोबाइल हैक, APK फाइल अपलोड करते ही खाते से 2.63 लाख गायब
चंडीगढ़ में एक व्यक्ति को एचएसबीसी क्रेडिट कार्ड के विज्ञापन पर प्रतिक्रिया देना महंगा पड़ा। साइबर ठगों ने एपीके फाइल इंस्टॉल करवाकर खाते से 2.63 लाख रुपये उड़ा लिए।
जमशेदपुर में जमीन के नीचे दफन मिले दो युवकों के शव, मोबाइल चोरी विवाद में हत्या की आशंका
सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया में वन विभाग की जमीन से 13 अगस्त से लापता दो युवकों के शव बरामद हुए हैं। पुलिस पूछताछ में हिरासत में लिए गए दो युवकों से मिली जानकारी के बाद शवों का पता चला।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने युवक का अपहरण कर मारपीट करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कैंपर वाहन और तीन लाठियां भी बरामद की हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि 18 अगस्त को मिली शिकायत के आधार पर सिटी नारनौल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता गौरव, निवासी गांव नांगतिहाड़ी, ने बताया कि 14 अगस्त को वह अपने खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान सुल्तान एकेडमी के पास एक कैंपर वाहन ने उसका रास्ता रोक लिया। दो हजार रुपए छीनने का आरोप शिकायत के अनुसार, कैंपर में सवार मोनू और गौरा नीचे उतरे और डंडों व लाठियों से उसकी पिटाई कर जबरन वाहन में बैठा लिया। इस दौरान दिलबाग कैंपर चला रहा था। आरोप है कि आरोपी उसे मारपीट करते हुए नसीबपुर बस अड्डे की ओर ले गए, जहां अन्य लोगों ने भी उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसकी जेब से दो हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिया। जयपुर किया रेफर मारपीट के बाद आरोपी गौरव को नसीबपुर बस स्टैंड के पास छोड़कर फरार हो गए। राहगीरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटों के चलते चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 19 अगस्त को तीन आरोपियों दिलबाग निवासी नांगतिहाड़ी, मोनू निवासी नसीबपुर तथा गौरा निवासी जैलाफ को गिरफ्तार कर लिया। दो दिन का लिया रिमांड गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कैंपर वाहन और तीन लाठियां बरामद की गईं। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। अन्य की तलाश पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। महेंद्रगढ़ पुलिस ने कहा है कि लड़ाई-झगड़े, अपहरण और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खजूरी सड़क थाना क्षेत्र में दुकान के पास बेंच पर सो रहे बुजुर्ग से हथियार के दम पर लूट का मामला सामने आया है। दो बदमाशों ने बुजुर्ग को घेरकर मारपीट की और चाकू दिखाकर उनके पास रखे पैसे और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हुई है। घटना 16 अगस्त की है। इसका वीडियो शनिवार को सामने आया है। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बुजुर्ग दुकान के पास बेंच पर सो रहे थे। इसी दौरान दो बदमाश वहां पहुंचे। एक आरोपी के हाथ में चाकू था, जबकि दूसरे ने बुजुर्ग को धमकाते हुए उनके पास मौजूद सामान निकालने को कहा। बुजुर्ग दोनों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे और कहते रहे कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसके बावजूद बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और जेब से पैसे निकाल लिए। इसके बाद मोबाइल फोन भी छीन लिया और दोनों मौके से फरार हो गए। वारदात के दौरान बुजुर्ग लगातार बदमाशों से रहम की अपील करते नजर आए। पुलिस फुटेज से कर रही पहचान पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद अभी तक बुजुर्ग ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर बुजुर्ग की पहचान करने और उन्हें थाने बुलाकर बयान दर्ज कराने का प्रयास कर रही है। बयान के बाद मामले में FIR और आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान और तलाश भी की जा रही है
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम में देर रात मोबाइल चलाने से मना करने पर एक युवती ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मां द्वारा डांटकर मोबाइल छीनने से नाराज बेटी ने कमरे में जाकर साड़ी का फंदा लगा लिया। सुबह जब मां मोबाइल लौटाने कमरे में पहुंची तो बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल को लेकर मां ने डांटा था राज एन्क्लेव (वैष्णोधाम, आदित्यपुरम) निवासी भुवनेश यादव की 28 वर्षीय पुत्री महिमा यादव पढ़ाई करती थी। शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 10:45 बजे महिमा मोबाइल चला रही थी। देर रात तक स्क्रीन पर व्यस्त देख मां प्रेमलता ने उसे फोन बंद करने को कहा। कुछ देर बाद मां दोबारा आई तो महिमा को फिर मोबाइल चलाते पाया। इस पर मां ने उसे फटकार लगाई और मोबाइल छीन लिया। नाराजगी जताते हुए महिमा सोने की बात कहकर अपने कमरे में चली गई। सुबह कमरे में फंदे पर मिली बेटी तड़के करीब 3:45 बजे मां की नींद खुली। वह महिमा का मोबाइल लौटाने उसके कमरे में गईं तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गईं। महिमा साड़ी के फंदे से लटकी हुई थी। मां के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे और तुरंत फंदा काटकर उसे नीचे उतारा। उस वक्त महिमा की सांसें चल रही थीं, जिस पर परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों के भरपूर प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया गया। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
आईआईटी दिल्ली के एक छात्र ने शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिससे कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अमृतसर के तरनतारन रोड पर शुक्रवार की शाम को मोबाइल स्नैचिंग की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पीछा कर पकड़ लिया। हालांकि, उसके दो साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पकड़े गए आरोपी की कथित तौर पर पिटाई भी की गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर उसके फरार साथियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या ये युवक पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं। काफी दूर तक पीछा कर पकड़ा बताया गया कि तरनतारन रोड एक व्यक्ति जा रहा था। तभी तीन युवकों ने उसके मोबाइल पर छपट्टा मारा। उसने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। आरोपी के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोपी को घेर लिया और उससे पूछताछ की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों युवक वारदात के बाद तेजी से भाग रहे थे। लोगों ने काफी दूर तक उनका पीछा किया, जिसके बाद एक युवक को पकड़ा जा सका। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा पकड़े गए युवक की कथित तौर पर पिटाई किए जाने की भी जानकारी मिली है। फरार आरोपियों की की जा रही परेशान फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। फरार दोनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में तलाश की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर स्नैचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में टीचर ने छात्रा को अश्लील वीडियो भेजे और उसे भी अपना न्यूड वीडियो भेजने का दबाव बनाया। आरोपी आशीष मंडल (30) हायर सेकेंडरी स्कूल मरोड़ा में मैथ्स पढ़ाता था। एक्स्ट्रा क्लास लेने के बहाने उसने नंबर लिया और मैसेज भेजने लगा। मामला बांदे थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि आशीष मंडल ने छात्रा को एग्जाम में फेल करने का भी डर दिखाया। मानसिक रूप से परेशान लड़की ने अपनी मां को सारी बात बताई, जिसके बाद थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपी टीचर को अरेस्ट कर लिया है। उस पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। एक्स्ट्रा क्लास के बहाने मोबाइल नंबर मांगा पुलिस के मुताबिक, आरोपी आशीष मंडल (30) मैथ्स का टीचर है। वह मरोड़ा के हायर सेकेंडरी स्कूल में पिछले 10 साल से पदस्थ है। 16 अगस्त को उसने एक्स्ट्रा मैथ्स की क्लास ली थी। इस दौरान उसने 10वीं की छात्रा का मोबाइल नंबर लिया। फेल करने का डर दिखाने का आरोप आरोप है कि इसके बाद वह उसे अश्लील मैसेज भेजने और उससे न्यूड फोटो-वीडियो भेजने के लिए दबाव बनाने लगा। ऐसा नहीं करने पर छात्रा पर मानसिक दबाव बनाने लगा और उसे एग्जाम में फेल करने का डर भी दिखा रहा था। दबाव बनाए जाने की बात सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। मां की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच छात्रा की मां ने 20 अगस्त को बांदे थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी टीचर को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान आशीष मंडल, निवासी पी.व्ही.-40 पुरुषोत्तम नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। BNS, POCSO और IT एक्ट में मामला दर्ज बांदे पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ BNS की धारा 75, POCSO एक्ट की धारा 12 और IT एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और जब्त मोबाइल फोन को भी कार्रवाई का हिस्सा बनाया है। न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को जिला जेल कांकेर भेज दिया गया है। मामले में पुलिस की आगे की विवेचना जारी है। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… टीचर ने स्टूडेंट से 200 बार लिखवाई मां की गाली: स्कूल में गाली देने पर सजा दी, कॉपी पर पेरेंट्स के साइन भी मांगे, बर्खास्त अंबिकापुर के बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल की टीचर ने कक्षा 8वीं के छात्र को 200 बार मां की गाली लिखने की सजा दी। छात्र से हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गाली लिखवाकर कॉपी पर पेरेंट्स के साइन कराने को भी कहा गया। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने पहले टीचर को सस्पेंड किया, फिर गलती पाए जाने पर उसे बर्खास्त कर दिया। वहीं, सरगुजा DEO ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के पलवल जिले के खाईका गांव में एक मकान से चोरों ने 53 हजार रुपए नकद और दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। चोरों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर फोन-पे के जरिए 3,395 रुपए भी निकाल लिए। बहीन थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि खाईका गांव निवासी जगदीश अपने परिवार के साथ घर पर सोए हुए थे। देर रात चोर उनके घर में घुस गए और नकदी व मोबाइल फोन चुरा लिए। सुबह नींद खुलने पर उन्हें चोरी का पता चला। बैंक खातों से की कई ट्रांजेक्शन जगदीश ने बताया कि चोरों ने उनके बैंक खातों से फोन-पे के माध्यम से 3,395 रुपए की कई ट्रांजेक्शन की। चोरी हुए दो मोबाइल फोन की कीमत क्रमशः 8,500 रुपए और 9 हजार रुपए है। पुलिस के अनुसार, चोर कुल मिलाकर करीब 70 हजार रुपए की नकदी और सामान चुरा ले गए। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस बहीन थाना पुलिस ने शुक्रवार देर शाम चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि पहचान होने पर चोरों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लुधियाना के हैबोवाल थाना के अंतर्गत आते हरगोबिंद नगर में कपड़ों पर प्रिंटिंग का काम करने वाले एक 40 वर्षीय फैक्ट्री मालिक की तेजधार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जतिंदर राजपूत के रूप में हुई है। हत्या का आरोप उसी के एक दोस्त पर लगा है जो वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार है। मर्डर की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचीं और जांच में जुट गईं। पुलिस ने बताया है कि मृतक के गले पर चोट के निशान मिले हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है। जतिंदर राजपूत अपनी ही फैक्ट्री में अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका अपने एक दोस्त के साथ विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी दोस्त ने तैश में आकर जतिंदर पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया और उसे मौत के घाट उतारकर मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही आरोपी का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। भाई ने देखा खून से लथपथ शव मामले की जानकारी देते हुए हैबोवाल थाने के SHO जसवीर सिंह ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब साढ़े 9 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। सुबह जब मृतक का भाई फैक्ट्री पहुंचा तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। जतिंदर की गर्दन से काफी खून बह रहा था और वह मृत अवस्था में पड़ा था। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य भाई ने तुरंत पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारी और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। SHO ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है। हालांकि, दोनों के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ, जिसने हत्या का रूप ले लिया, इसके असली कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
कोण्डागांव जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने केंवटी जंगल में जुआ खेलते 7 लोगों को रंगे हाथ पकड़ा है। पुलिस ने मौके से कैश, ताश के पत्ते, मोबाइल और दोपहिया वाहन समेत करीब 2 लाख 1 हजार 100 रुपए का सामान जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, एसपी पंकज चंद्रा के निर्देश पर जुआ खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम बनाई गई थी। 21 अगस्त 2026 को टीम को सूचना मिली कि ग्राम केंवटी के जंगल में कुछ लोग ताश के पत्तों पर पैसे लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही जुआ खेल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बावजूद पुलिस ने मौके से 7 आरोपियों को पकड़ लिया। 7,100 रुपए कैश समेत ये सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 7,100 रुपए कैश, 52 ताश के पत्ते, 5 मोबाइल फोन और 6 दोपहिया वाहन बरामद किए। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 2,01,100 रुपए बताई गई है। इन 7 आरोपियों पर केस दर्ज पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तम पटेल, विष्णु दास सोनी, महेश मरकाम, मंगतराम कोर्राम, अर्जुन बघेल, विकास ठाकुर और कमलेश सोनी के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3 के तहत कोण्डागांव थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में जुआ-सट्टा और दूसरी अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के छोटा बांगड़दा स्थित सुविधा नगर में 12वीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान यशपाल (17), पिता बलीराम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विदिशा जिले का रहने वाला था और इंदौर में अपनी बहन व जीजा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यशपाल इंदौर के एक कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई है। यशपाल की बड़ी बहन के साथ उसका जीजा रहता था, जो फाइनेंस का काम करता है। घटना के समय अकेले था नाबालिग घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। परिजनों ने जब यशपाल को फंदे पर लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल जब्त, चैटिंग की भी जांच पुलिस ने मौके से छात्र का मोबाइल जब्त किया है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यशपाल किसी से मोबाइल पर चैटिंग करता था। पुलिस कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि खुदकुशी की वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल देखने से मना किए जाने से नाराज आठवीं कक्षा की छात्रा ने वंदे भारत ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। लोको पायलट की तत्परता से ट्रेन समय रहते रोक दी गई और छात्रा की जान बच गई।
कटिहार में 28 ग्राम स्मैक जब्त, भाई-बहन गिरफ्तार:58 हजार कैश और 11 मोबाइल किए गए बरामद
कटिहार के मुफ्फसिल थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रामपुर गांव में छापेमारी कर एक महिला और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 28 ग्राम स्मैक, 11 मोबाइल फोन और 58,020 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। सदर एसडीपीओ विशाल आनंद ने बताया कि मुफ्फसिल थानाध्यक्ष को रामपुर गांव में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी की योजना बनाई। पुलिस ने भाई-बहन को किया गिरफ्तार छापेमारी के दौरान पुलिस को देखकर एक युवक और महिला भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान रामपुर निवासी विवेकानंद यादव उर्फ विक्रम कुमार(28) और डॉली कुमारी(26) के रूप में हुई। दोनों के पिता का नाम चन्देव यादव बताया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से 28 ग्राम स्मैक, 11 मोबाइल फोन और 58,020 रुपए नगद बरामद हुए। इसके बाद दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। मुफ्फसिल थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस बरामद मादक पदार्थ, मोबाइल फोन और नगदी के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच कर रही है।
मैहर कोतवाली पुलिस ने सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से 90 हजार रुपए उड़ाने वाले शातिर चोर को बिहार के गया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार शाम कोर्ट में पेश करने के बाद मैहर उपजेल भेज दिया गया है। सब्जी मंडी से चोरी हुआ था मोबाइल घटना फरवरी 2026 की है, जब मैहर निवासी पवन कुमार चतुर्वेदी की जेब से सब्जी मंडी में मोबाइल चोरी हो गया था। चोर ने फोन में मौजूद ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए उनके बैंक खाते से 90 हजार रुपए निकाल लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच में जुटी थी। गया जीआरपी से मिला सुराग जून के दूसरे हफ्ते में बिहार के गया जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी के शक में पश्चिम बंगाल निवासी रमजान उर्फ रहीम शेख को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से मैहर से चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने ऐप के जरिए 90 हजार रुपए की ठगी की बात कबूल कर ली। वारंट पर मैहर लाई पुलिस सूचना मिलते ही मैहर पुलिस की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर गया पहुंची। पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गया जेल से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड लेकर 20 अगस्त को मैहर आई। कई राज्यों में करता था चोरी पूछताछ में आरोपी रमजान शेख ने बताया कि वह अलग-अलग राज्यों के बाजारों, स्टेशनों और ट्रेनों में घूम-घूमकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
एलोरा कॉन्वेंट स्कूल में मोबाइल के लाभ-हानि पर चर्चा
अम्बाला | संस्कृति पखवाड़े के अंतर्गत भाविप विवेक शाखा ने एलोरा कॉन्वेंट स्कूल में मोबाइल के लाभ व दुष्परिणाम विषय पर चर्चा कार्यक्रम करवाया। परिषद की महिला सहभागिता प्रमुख सुनीता वर्मा और सविता सूद सहित अन्य सदस्यों ने विद्यार्थियों से संवाद किया। सुदेश करकरे ने मोबाइल का उपयोग आवश्यकता तक सीमित रखने की सलाह दी और इसके लाभ के साथ संभावित नुकसान, पढ़ाई पर असर और आदत बनने जैसी चुनौतियों पर बात की।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा-2023 में हुई कथित धांधली व पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब सीधे अभ्यर्थियों और आम जनता से साक्ष्य जुटाने की पहल की है। सीआईडी ने अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ी कोई ठोस जानकारी, ऑडियो-वीडियो, दस्तावेज या चैट उपलब्ध हैं, तो वे सीधे एसआईटी को उपलब्ध कराएं। जांच एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सीआईडी इस मामले में इसलिए रेस हो गई है क्योंकि हाल ही में सीआईडी ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुए अनियमितता मामले की जांच शुरू की तो एक आरोपी अभय तिवारी गिरफ्तार हुआ। अभय तिवारी को जब सीआईडी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए। अभय तिवारी भी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल हुआ था और नौकरी कर रहा था। उसकी पत्नी को भी इस परीक्षा में सफलता मिली थी। अब सीआईडी यह जांच कर रही है कि आखिर अभय तिवारी ने कैसे सफलता हासिल की। क्योंकि अभय तिवारी ने न सिर्फ एक प्रतियोगिता परीक्षा बल्कि दर्जन भर प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। इस वजह से अब सीआईडी यह जानना चाह रही है कि उसने सीजीएल में सफलता पाने के लिए क्या किया। 37 संदिग्धों से की जा चुकी है पूछताछ सीआईडी ने इस मामले में 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ की है। मामले में सीआईडी ने जनवरी 2025 में कांड संख्या 1/2025 दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इस दौरान सीआईडी को जांच में जानकारी मिली कि मामला पूरी तरह से फर्जीवाड़े व ठगी का था। प्रश्न पत्र देने के नाम पर कुछ आरोपियों ने अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठे और उन्हें गेस पेपर देकर उनके साथ ठगी की। कोर्ट में भी सीआईडी ने यही जानकारी दी। जिसके आधार पर कोर्ट में भी प्रश्न पत्र लीक का यह मामला नहीं टिक सका। अब एक बार फिर जब इस मामले में छात्रों ने जांच की मांग उठाई और सरकार ने इस मामले में सीआईडी को फिर से जांच का निर्देश दिया तो अनुसंधान तेज हो गया है। यहां दें सूचना... मोबाइल नंबर : 9771432118, वाट्सएप नंबर: 9771432118 और ईमेल आईडी: cglinfo@jhpolice.gov.in - गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ी कोई ठोस जानकारी सीआईडी ने मांगी, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी का मामला, सीबीआई जांच की मांग, 24 को सुनवाई जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाला बागची और जस्टिस वी मोहना की अदालत में 24 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता ने परीक्षा को अविलंब रद करते हुए नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई जांच के विकल्प के रूप में झारखंड के बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई से जांच कराने के पीछे तर्क दिया है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ओएमआर शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरती गई। परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद एक सफल अभ्यर्थी की ओएमआर कार्बन कॉपी वायरल हुई। अभ्यर्थी ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, फिर भी उसे सफल घोषित किया गया।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा-2023 में हुई कथित धांधली व पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब सीधे अभ्यर्थियों और आम जनता से साक्ष्य जुटाने की पहल की है। सीआईडी ने अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ी कोई ठोस जानकारी, ऑडियो-वीडियो, दस्तावेज या चैट उपलब्ध हैं, तो वे सीधे एसआईटी को उपलब्ध कराएं। जांच एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सीआईडी इस मामले में इसलिए रेस हो गई है क्योंकि हाल ही में सीआईडी ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुए अनियमितता मामले की जांच शुरू की तो एक आरोपी अभय तिवारी गिरफ्तार हुआ। अभय तिवारी को जब सीआईडी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए। अभय तिवारी भी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल हुआ था और नौकरी कर रहा था। उसकी पत्नी को भी इस परीक्षा में सफलता मिली थी। अब सीआईडी यह जांच कर रही है कि आखिर अभय तिवारी ने कैसे सफलता हासिल की। क्योंकि अभय तिवारी ने न सिर्फ एक प्रतियोगिता परीक्षा बल्कि दर्जन भर प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। इस वजह से अब सीआईडी यह जानना चाह रही है कि उसने सीजीएल में सफलता पाने के लिए क्या किया। 37 संदिग्धों से की जा चुकी है पूछताछ सीआईडी ने इस मामले में 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ की है। मामले में सीआईडी ने जनवरी 2025 में कांड संख्या 1/2025 दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इस दौरान सीआईडी को जांच में जानकारी मिली कि मामला पूरी तरह से फर्जीवाड़े व ठगी का था। प्रश्न पत्र देने के नाम पर कुछ आरोपियों ने अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठे और उन्हें गेस पेपर देकर उनके साथ ठगी की। कोर्ट में भी सीआईडी ने यही जानकारी दी। जिसके आधार पर कोर्ट में भी प्रश्न पत्र लीक का यह मामला नहीं टिक सका। अब एक बार फिर जब इस मामले में छात्रों ने जांच की मांग उठाई और सरकार ने इस मामले में सीआईडी को फिर से जांच का निर्देश दिया तो अनुसंधान तेज हो गया है। यहां दें सूचना... मोबाइल नंबर : 9771432118, वाट्सएप नंबर: 9771432118 और ईमेल आईडी: cglinfo@jhpolice.gov.in - गड़बड़ी या अनियमितता से जुड़ी कोई ठोस जानकारी सीआईडी ने मांगी, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी का मामला, सीबीआई जांच की मांग, 24 को सुनवाई जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाला बागची और जस्टिस वी मोहना की अदालत में 24 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता ने परीक्षा को अविलंब रद करते हुए नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई जांच के विकल्प के रूप में झारखंड के बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई से जांच कराने के पीछे तर्क दिया है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ओएमआर शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरती गई। परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद एक सफल अभ्यर्थी की ओएमआर कार्बन कॉपी वायरल हुई। अभ्यर्थी ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, फिर भी उसे सफल घोषित किया गया।
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, बिहार में मिला मोबाइल का लोकेशन
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद प्रभारी सचिव रंजीत कुमार की शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है।
झांसा देकर 10 हजार कैश और मोबाइल झपटा, केस
लुधियाना| शहर में झपटमारों और चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में ब्लिंकइट कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करने वाले एक युवक को बातों में उलझाकर दो अज्ञात बाइक सवारों ने उसका मोबाइल और नकदी से भरा पर्स चोरी कर लिया। घटना थाना सदर क्षेत्र के प्रभु चौक, बसंत एवेन्यू के पास की है। पुलिस को दी शिकायत में जुझार नगर निवासी सुरेंद्र कुमार (31) ने बताया कि वह ब्लिंकइट कंपनी में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता है। वह अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक ऑर्डर की डिलीवरी देने के लिए जा रहा था। जैसे ही वह प्रभु चौक बसंत एवेन्यू के पास पहुंचा, पीछे से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात युवक आए। उन्होंने सुरेंद्र को बातचीत में उलझा लिया और मौका पाकर उसके मोटरसाइकिल के बॉक्स में रखा मोबाइल और पर्स निकालकर फरार हो गए। पीड़िता के मुताबिक पर्स में करीब 10,000 रुपए की नकदी थी। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात बाइक सवार लुटेरों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
दंत सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने की पहल, मोबाइल डेंटल क्लिनिक शुरू
लुधियाना| लुधियाना के क्रिश्चियन डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीडीसी) और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसी) ने समुदायों तक दंत सेवाएं पहुंचाने के लिए नया मोबाइल डेंटल क्लिनिक शुरू किया है। संस्थान के अनुसार, इसका उद्देश्य पंजाब और आसपास के इलाकों में सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण दंत देखभाल उपलब्ध कराना है। मोबाइल डेंटल क्लिनिक का उद्घाटन सीएमसी के निदेशक डॉ. विलियम भट्टी ने सीएमसी और सीडीसी प्रशासन के सदस्यों के साथ किया। इसे उन बस्तियों तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया, जहां अब तक आवश्यक सुविधाएं सीमित रही हैं। नया क्लिनिक दंत जांच, उपचार और मुख-स्वास्थ्य सेवाएं सीधे समुदायों में देगा तथा जरूरत पड़ने पर मरीजों को सीडीसी में विस्तृत इलाज से जोड़ेगा।
Kanpur News: शिकायत मोबाइल नंबर की और बुलाया गया था आशीष
शिकायत मोबाइल नंबर की और बुलाया गया था आशीष
Chandigarh News: मोबाइल स्नैचिंग करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
मोबाइल स्नैचिंग करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
Gorakhpur News: पुरानी रंजिश में युवक पर रॉड से हमला, मोबाइल और नकदी छीनने की कोशिश
Youth attacked with a rod over an old enmity; attempt made to snatch mobile and cash.
Siddharthnagar News: जानलेवा हमला और मोबाइल छीनने का आरोप
Accused of murderous assault and snatching of mobile phone
Ghazipur News: कासिमाबाद की महिला लखनऊ में मोबाइल टावर पर चढ़ी
Woman from Kasimabad climbs mobile tower in Lucknow.
Deoria News: तमंचा दिखाकर मोबाइल और नकदी छीनने का आरोप
तमंचा दिखाकर मोबाइल और नकदी छीनने का आरोप
ग्वालियर जीआरपी थाना पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों के कीमती मोबाइल चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार शाम तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 27 एंड्रॉयड और आईफोन मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक भी जब्त की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत 10 लाख 32 हजार 99 रुपए आंकी गई है। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक निवेदिता सिंह तोमर ने बताया कि ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष टीम गठित कर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाके में चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में चोरी की वारदातों का खुलासा 23 वर्षीय संजय श्रीवास्तव ने पूछताछ में 16 अगस्त 2026 को बुंदेलखंड एक्सप्रेस (11107) के M-3 कोच से ग्वालियर निवासी अभिषेक शर्मा का आईफोन चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से 80,600 रुपए कीमत का आईफोन और वारदात में इस्तेमाल करीब 1.50 लाख रुपए कीमत की अपाचे बाइक बरामद की। वहीं, 27 वर्षीय अक्षय उर्फ प्रवेश राठौर और एक विधि-विरुद्ध बालक के कब्जे से 26 मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने जीआरपी थाने में दर्ज चोरी के चार मामलों का खुलासा किया। इनमें महाकौशल एक्सप्रेस (12190) समेत अन्य ट्रेनों से मोबाइल चोरी करने की वारदातें शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान संजय श्रीवास्तव (23), निवासी चिड़ियाघर के सामने, जल विहार फुटपाथ; अक्षय उर्फ प्रवेश राठौर (27), निवासी नई बस्ती, चंदनपुरा, बिरला नगर, हजीरा और एक विधि-विरुद्ध बालक के रूप में हुई है।
रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल स्नेचिंग करने वाले एक युवक और विधि के साथ संघर्षरत बालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने सरस्वती नगर इलाके में मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदातों के साथ मोबाइल चोरी की 3 अन्य घटनाओं को भी अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। मॉर्निंग वॉक और कॉलेज जाते समय झपटा मोबाइल पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की सुबह कोटा निवासी उन्नति ठाकुर मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। दिशा कॉलेज रोड पर रेयांश किचन के सामने ग्रे रंग की एक्टिवा पर सवार दो युवकों ने उनका मोबाइल झपट लिया। इसी दिन सुबह चौबे कॉलोनी निवासी युवराज मेहर कॉलेज जा रहे थे। उसी इलाके में दो युवकों ने उनका मोबाइल भी इसी तरीके से छीन लिया। दोनों मामलों में सरस्वती नगर थाने में केस दर्ज किया गया था। मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चुराई थी एक्टिवा स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई एक्टिवा CG 04 KS 6757 भी चोरी की निकली। पुलिस के अनुसार, यह एक्टिवा 21 जुलाई को मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी। मामले में मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज थी। पुलिस ने जब दोनों स्नेचिंग की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगाले तो उसमें इसी चोरी की एक्टिवा का इस्तेमाल दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। एमजी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की एक्टिवा पर दो युवक एमजी रोड इलाके में घूम रहे हैं। टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक ने अपना नाम वरुण साहू (23) निवासी राम नगर, गुढ़ियारी बताया। दूसरा विधि के साथ संघर्षरत बालक है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने एक्टिवा चोरी करने और इसी वाहन से मोबाइल स्नेचिंग की दो घटनाओं समेत 3 अन्य मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की। 5 मोबाइल और एक्टिवा बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं के संबंध में पुलिस जांच कर रही है। यह कार्रवाई डीसीपी वेस्ट जोन रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन, एडीसीपी राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन और एसीपी आजाद चौक ईशू अग्रवाल के नेतृत्व में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सरस्वती नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
रायपुर में बैंक खाते से 14.97 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान योगेश येड़े (27) निवासी बालाघाट, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। आरोप है कि ठगी की रकम उसके खाते में आई थी, जिसे बाद में उसने बैंक से कैश में निकाल लिया। इस मामले में एक्सिस बैंक के तत्कालीन डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे हुई ठगी पुलिस के मुताबिक, सुषमा कुमार के बैंक खाते से उनकी जानकारी के बिना 14,97,451 रुपए निकाल लिए गए। आरोपियों ने पहले एक ऐसे बैंक खाते की पहचान की, जिसका इस्तेमाल कम हो रहा था। इसके बाद फर्जी कस्टमर फॉर्म के जरिए खाते में लिंक मोबाइल नंबर बदलवा दिया गया। मोबाइल बैंकिंग से ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ाई गई और खाते में जमा एफडी को तोड़ दिया गया। एफडी से मिली रकम को योगेश येड़े के ‘इंडियन सेल्स’ नाम के खाते में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद पंडरी स्थित एक्सिस बैंक शाखा से सेल्फ चेक के जरिए रकम कैश में निकाल ली गई। बैंक रिकॉर्ड से आरोपी तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन की जानकारी खंगाली। इसमें सामने आया कि ठगी की रकम योगेश के खाते में पहुंची थी और वहां से कैश निकाली गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आप भी ऐसे बच सकते हैं बैंक खाते में मोबाइल नंबर बदलने का कोई मैसेज आए और आपने ऐसा नहीं कराया है तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। मोबाइल नंबर, OTP, ATM PIN, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी से शेयर न करें। बैंक खाते में लंबे समय से लेन-देन नहीं हो रहा है तो समय-समय पर स्टेटमेंट जरूर चेक करें। मोबाइल पर बैंक से जुड़ा कोई संदिग्ध लिंक आए तो उस पर क्लिक न करें। खाते से अनजान ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में IPL 2026 के दौरान पुलिस ने सट्टा खिलाने वाले कई सटोरियों और खाईवालों को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने करीब चार महीने से फरार चल रहे मुख्य खाईवाल को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, IPL 2026 के दौरान 9 अप्रैल को पुलिस ने बोईरदादर के शालिनी स्कूल रोड स्थित गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर में दबिश दी थी। यहां पुलिस ने पंकज जयसिंह और जयदेव मित्रा को मोबाइल से IPL मैच में हार-जीत पर पैसे का दांव लगवाते पकड़ा था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल (32), निवासी पंचवटी कॉलोनी, चक्रधरनगर के लिए क्रिकेट सट्टा चलाते थे। सट्टे की रकम का लेन-देन UPI के जरिए किया जाता था। इसके बाद 10 अप्रैल को साइबर और चक्रधरनगर पुलिस की टीम ने पंचवटी नगर बोईरदादर में कशिश बलानी को उसके घर के बाहर मोबाइल से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते पकड़ा। पूछताछ में कशिश ने बताया कि वह करीब एक साल से सानू बेरीवाल के लिए क्रिकेट सट्टा चला रहा था। वह सट्टे की रकम का लेन-देन भी UPI के जरिए करता था। 4 महीने से फरार थे आरोपी मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में पहले गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि वे मुख्य आरोपी सानू बेरीवाल, मोहित संथालिया (19) और विजय कुमार देवांगन (43) के साथ मिलकर क्रिकेट सट्टे का काम करते थे। इसके बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों आरोपी शहर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने सट्टा चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके पास से 4 मोबाइल फोन जब्त किए। इसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। सट्टे के खिलाफ कार्रवाई जारी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि सट्टा, जुआ और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सीकर में मंदिर छोड़ने के बहाने युवक को जंगल ले गए, न्यूड वीडियो बनाकर 15 हजार और मोबाइल लूटा
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर वृत्त ने शहर के समस्त जल उपभोक्ताओं के लिए पानी के बिल का ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके तहत उपभोक्ता अब फोन-पे (Phone-Pe) ऐप के माध्यम से घर बैठे किसी भी समय अपने पानी के बिल की बकाया राशि का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। फोन-पे से शुरू जमा करवा सकेंगे बिल अधीक्षण अभियंता जे.के. चारण ने बताया कि जानकारी के अभाव में अनेक उपभोक्ता इस सुविधा का पर्याप्त लाभ नहीं ले पा रहे हैं और उन्हें अभी भी जलदाय विभाग के कार्यालय और ई-मित्र केंद्र पर जाकर बिल की राशि जमा करवानी पड़ती है। विभाग ने सभी जल उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे डिजिटल सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करें। बिल प्राप्त नहीं होने पर भी ऑनलाइन देख सकेंगे अधीक्षण अभियंता चारण ने बताया- प्रत्येक जल उपभोक्ता का पानी का बिल सामान्यतः द्विमासिक (दो माह में एक बार) जारी किया जाता है। कई बार किसी कारणवश उपभोक्ता को बिल समय पर प्राप्त नहीं हो पाता और बिल की रसीद नहीं मिलती है। ऐसी स्थिति में भी संबंधित उपभोक्ता के खाते में दर्ज बकाया राशि ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। उपभोक्ता अपनी उपभोक्ता आईडी के माध्यम से फोनपे पर बकाया राशि देख सकता है तथा निर्धारित राशि का ऑनलाइन भुगतान कर सकता है। अब ई-मित्र पर जाने की जरूरत नहीं इस सुविधा से उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालय अथवा ई-मित्र केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय, श्रम और अनावश्यक आवागमन से बचाव होगा। साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने से जल शुल्क संग्रहण व्यवस्था भी अधिक सुगम, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।
जोधपुर में दो युवकों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया। यह मामला जोधपुर के सरदारपुरा थाना क्षेत्र के जालोरी गेट सर्किल पर गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे का है। पीड़ित सौरभ ने कहा- मैं और मेरा दोस्त मंदिर से दर्शन करके आ रहे थे। हेलमेट नहीं होने पर पुलिस ने हमें रोका। इसके बाद मैंने माफी मांगी और आगे ध्यान रखने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने सरदारपुरा थाने ले जाकर मुझे सात-आठ थप्पड़ मारे। सौरभ ने आरोप लगाया- पुलिस ने थाने में पड़े एक बेल्ट को दिखाकर कहा- या तो तू मोबाइल दे दे नहीं तो तुझे इससे मारेंगे। वहीं इस मामले में पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया के निर्देश पर ASI हरफूल मीणा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी है। पीड़ित बोला- दर्शन कर लौट रहा था, हेलमेट नहीं पहनने पर माफी भी मांगी पीड़ित सौरभ ने बताया- मैं रात को मंदिर के दर्शन कर दोस्त गौरव पुरोहित के साथ आ रहा था। इस दौरान जालोरी गेट पर गश्त टीम ने हमें रोका और कहा कि हेलमेट नहीं पहना है, जो सही नहीं है। इस पर मैंने अपनी गलती मानी और माफी मांगते हुए ये भी कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा। इस पर वहां ASI हरफूल मीणा आए और गाड़ी साइड में करने की बात कहकर चालान करने को कहा। गाड़ी की चाबी निकालने लगे, मोबाइल छीनने की कोशिश की सौरभ ने आरोप लगाया- ASI हरफूल मीणा ने गाड़ी की फोटो लेने के लिए हमें स्टैंड पर लगाने के लिए कहा। जैसे ही मैं गाड़ी पीछे करने लगा तो उसकी चाबी निकालने की उन्होंने कोशिश की। बैटरी ऑन होने की वजह से चाबी नहीं निकल पाई। इसके बाद मैंने उन्हें गाड़ी की चाबी निकालने से मना किया। कहा- मैं आप जैसा कहेंगे, वैसा मैं कर दूंगा, चालान भी कर दीजिए, मुझे दिक्कत नहीं। इसके बावजूद उन्होंने मुझसे अभद्रता की। इसके बाद मैंने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिस ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। सौरभ ने बताया- मेरा दोस्त गौरव ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे भी पीटा। इसके बाद पुलिस जीप में बैठाकर सरदारपुरा थाने ले गए और वहां करीब 10 मिनट तक मुझे सात से आठ थप्पड़ मारे। इस दौरान मेरा मोबाइल लेने की कोशिश की तो मैंने मना कर दिया। कमिश्नर ऑफिस पहुंचे पीड़ित और संगठन के लोग घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग शुक्रवार को कमिश्नर ऑफिस पहुंचे और मामले को लेकर शिकायत दी। पीड़ित मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) है। एमआर के साथ हुई मारपीट के विरोध में जोधपुर मेडिकल रिप्रजेंटेटिव यूनियन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वहीं मामले को लेकर एडीसीपी अमृत जीनगर ने बताया- घटना को लेकर पीड़ित और परिवार के लोग पुलिस कमिश्नर से मिले थे। इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने ASI को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। उन्होंने घटना को लेकर कहा- ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस को भी अपना व्यवहार सुधारना चाहिए। जो भी आरोप लगे हैं, उसकी जांच होगी। उन्होंने बताया- इस मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम प्रवीण सैन करेंगे।
पानीपत के तहसील कैंप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भावना चौक के पास स्थित एक मोबाइल शॉप को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया। चोर दुकान का ताला तोड़कर अंदर गल्ले में रखे 1 लाख 20 हजार रुपए कैश और 5 मोबाइल फोन चुराकर मौके से फरार हो गए। जिस समय चोरी उस समय पीड़ित व्यापारी अपनी मां के देहांत के कारण दुकान बंद करके अपने परिवार के पास गया हुआ था। रमेश नगर निवासी पीड़ित दुकान संचालक यश चावला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भावना चौक के पास उनकी मोबाइल की दुकान है। 15 अगस्त की रात को उनकी मां का देहांत हो गया था। वह दुकान तो अच्छी तरह बंद करके गए थे और तब से वह कैंप चौक स्थित अपने घर पर परिवार के साथ थे। 1.20 लाख कैश और 5 मोबाइल ले गए चोर उन्होंने बताया कि 15 अगस्त की तड़के लगभग 4 बजे अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़ दिया और अंदर दाखिल होकर गल्ले में रखे 1,20,000 रुपए कैश व गोली कंपनी के 5 चाइनीज मोबाइल फोन ले गए। आज सुबह जब दुकान खोलने आए तो चोरी का पता चला। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश पीड़ित ने वारदात की रात ही तुरंत 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को मामले की जानकारी दे दी थी। मां के अंतिम संस्कार के बाद अब पीड़ित ने तहसील कैंप थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है। व्यापारी ने पुलिस से अज्ञात चोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ माल जल्द से जल्द बरामद करने की मांग की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और आसपास के CCTV की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग लगाने में जुट गई है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडु कुमार के बड़े भाई संतोष पासवान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। गुरुवार देर रात वे हरनौत स्थित अपने घर से एक ऑटो के जरिए बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। परिजन अनहोनी की आशंका से परेशान होकर स्टेशन और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन संतोष का शुक्रवार दोपहर बाद तक कुछ पता नहीं चल पाया। संतोष के भाई कुंदन कुमार ने बताया कि परिवार का आलू-प्याज और सब्जी का कारोबार है। संतोष पिछले चार-पांच दिनों से दुकान नहीं खोल रहे थे और दिनभर घर पर रहते थे। इसी बात को लेकर गुरुवार को घर में उनका पत्नी के साथ विवाद और कहासुनी हो गई थी। पारिवारिक तनातनी और गुस्से के माहौल में संतोष रात करीब 9 बजे घर से निकल गए। जल्दबाजी और गुस्से में वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गए, जिसके चलते उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। मां-पिता हरनौत बाजार में सड़क किनारे आलू-प्याज बेचकर घर चलाते हैं। पूरा परिवार एक किराए के कमरे में रहता है। झंडु की सब्जी के दुकान की 2 तस्वीरें देर रात तक नहीं लौटे तो परिवार ने खोजबीन शुरू की भाई कुंदन कुमार ने बताया कि संतोष जब काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान हरनौत के ही एक स्थानीय ऑटो ड्राइवर ने बताया कि संतोष उसी के ऑटो में बैठकर बख्तियारपुर गए थे। ड्राइवर ने उन्हें रात में बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के ठीक नीचे सड़क किनारे छोड़ा था। इसके बाद वे स्टेशन के भीतर गए या कहीं और निकल गए। शुक्रवार सुबह परिजन स्टेशन परिसर के सीसीटीवी कैमरों को खंगलवाना शुरू किया, लेकिन दोपहर बाद तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया। परिवार के कुछ लोग संतोष की तस्वीर लेकर मार्केट और अन्य इलाकों में उन्हें ढूंढने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हम लोग बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर उन्हें तलाश करने पहुंचे तो आरपीएफ ने हमारी मदद नहीं की। आरपीएफ की ओर से कहा गया कि पहले आप लोग केस कीजिए, फिर हम सीसीटीवी फुटेज देखेंगे। संतोष के छोटे भाई झंडु ने कॉमनवेल्थ में जीता था ब्रॉन्ज मेडल लापता संतोष पासवान के छोटे भाई झंडु कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम वजन उठाकर देश के लिए कांस्य पदक जीता था। झंडु का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से रहा है और वे खुद भी सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने का काम कर चुके हैं। झंडु हरनौत के सबनौह डीह गांव के रहने वाले हैं। परिवार में 65 साल की मां कमला देवी, 77 साल के पिता रामानंद पासवान के अलावा 28 साल के झंडु, 44 साल के संतोष और 29 साल के कुंदन हैं। झंडु की तीन बहनें भी हैं। झंंडु सबसे छोटे हैं और दिव्यांग हैं। 4 साल की उम्र में झंडु को पोलियो हो गया था। कमर के नीचे का एक साइड का अंग काम करना बंद कर दिया था। झंडु कुमार की 3 खास बातें- 1. सब्जियां बेचने और ई-रिक्शा चलाने से कॉमनवेल्थ मेडल तक का सफर बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में झंडू कुमार बचपन से पोलियो से प्रभावित थे। परिवार की मदद के लिए उन्होंने सड़क किनारे पिता के साथ आलू-प्याज बेचे और कोविड के दौरान ई-रिक्शा चलाकर रोजी-रोटी कमाई। अब वही खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीत चुका है। 2. ई-रिक्शा बेचकर नेशनल चैंपियनशिप खेलने गए, वहीं से बदली किस्मत 2023 में नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने अपना ई-रिक्शा तक बेच दिया। पहली बार में कोई सफल लिफ्ट नहीं लगा सके, लेकिन उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी। इसके बाद SAI सेंटर में ट्रेनिंग मिली और करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। 3. निराशा को ताकत बनाया, अब लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक पर नजर 2017 में पैरा एथलेटिक्स से शुरुआत करने वाले झंडु ने बाद में पावरलिफ्टिंग को चुना। नेशनल रिकॉर्ड बनाया, वर्ल्ड कप और एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता। झंडु की सफलता पर पीएम मोदी ने दी थी बधाई झंडु की सफलता पर पीएम मोदी ने X पर लिखा था- झंडु कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल का खाता खोला है। उन्हें बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन करके, उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है। केंद्रीय खेल मंत्री ने झंडु को दी थी 10 लाख की सम्मान राशि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडु कुमार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 10 लाख की सम्मान राशि दी थी। ये सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित केंद्रीय मंत्री के कार्यालय में आयोजित किया गया था। सम्मान समारोह के दौरान डॉ. मांडविया ने कहा था कि झंडु कुमार की यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच का परिणाम बताया, जिसके तहत पैरा खेलों को मुख्यधारा में लाकर पैरा खिलाड़ियों को अन्य खिलाड़ियों के समान प्राथमिकता, सहयोग और अवसर दिए जा रहे हैं। केंद्रीय खेल मंत्री ने झंडू कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनसे आगामी एशियाई पैरा खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव और बढ़ाने का आग्रह किया था। इस पर झंडु कुमार ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी मेहनत और समर्पण के साथ एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का पूरा प्रयास करेंगे।
भोपाल नगर निगम की म्युनिसिपल कोर्ट ने शुक्रवार को बंसल वन स्थित रेस्टोरेंट और बार में बड़ी कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने रेस्टोरेंट-बार के किचन में जाकर लोगों को दिए जाने वाले फूड को देखा। जब जांच की गई तो कई जगहों पर कोल्ड्रिंक्स एक्सपायर मिले। वेज और नॉनवेज खाना फ्रीज में एकसाथ रखा था। टीम ने ऑन स्पॉट जुर्माना किया। चलित न्यायालय ने दोपहर 1.30 बजे से कार्रवाई शुरू की, जो करीब दो घंटे तक चलती रही। इस दौरान फर्जी कैफे, रोमियो लेन, फ्लाइंग सोसर, रास्ता, माय बार, आयबरी, कव्वाली, संकल्प रेस्टोरेंट और बार में टीम पहुंची। इन प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों में शुद्धता सहित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुसार व्यवस्थाओं की जांच की गई। विशेष म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट सिंह ने हर बार और रेस्टोरेंट में जाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। कार्रवाई की देखिए तस्वीरें… कार्रवाई से हड़कंप मचा निगम की विशेष टीम के 30 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचने और अचानक हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। निगम के जोन, वार्ड प्रभारियों के साथ ही विभागीय अधिकारी भी यहां पहुंचे। सैंपल लिए, फटकार भी लगाई मौके से ही भोजन और कोल्ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए। इस दौरान किचन में गंदगी मिलने पर स्टॉफ को जमकर फटकार लगाई गई।
बेतिया में शुक्रवार सुबह घर से लगभग 200 मीटर दूर 24 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। घटना चनपटिया प्रखंड के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित घोघा तिवारी टोला की है। मृतक की पहचान राधेश्याम तिवारी के बेटे बंटी तिवारी के रूप में हुई है। बंटी तिवारी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह दूध बेचकर और खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। आर्थिक तंगी के कारण वह इसी सप्ताह पेंटर का काम करने के लिए बाहर जाने की तैयारी में था। दुकान से मोबाइल लेने के लिए निकला था घर से परिजनों के अनुसार, बंटी ने अपना मोबाइल घोघा चौक स्थित एक दुकान पर बनाने के लिए दिया था। गुरुवार देर शाम वह मोबाइल लेने की बात कहकर पैदल घोघा चौक के लिए निकला। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात भर परिवार के सदस्य आसपास के इलाकों में उसे खोजते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह एक ग्रामीण ने पेड़ से लटकते बंटी के शव को देखा। उसने तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जहां चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप मृतक की मां ने जमीन विवाद को लेकर अपने मायके के पड़ोसियों पर बेटे की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। बंटी अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इधर गोपालपुर थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया कि युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।एफएसएल टीम से घटनास्थल की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में गुरुवार शाम तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ तालाब गए थे। बताया जा रहा है कि पिता बच्चों को तालाब के पास छोड़कर कुछ दूर मोबाइल पर बात करने लगे। इसी दौरान चार साल का बच्चा पानी में फिसलकर गहरे हिस्से में चला गया। छोटे भाई को डूबता देख सात साल का बड़ा भाई उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूब गए। घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र की है। तालाब में खेलते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार चिल्हाटी निवासी भक्त प्रहलाद पैकरा किसान हैं। गुरुवार शाम वह अपने दो बेटों दीपू पैकरा (7) और चींटू पैकरा (4) को लेकर तालाब के पास गए थे। बच्चों को तालाब किनारे छोड़कर वह कुछ दूर चले गए और मोबाइल पर बात करने लगे। इसी दौरान तालाब किनारे खेल रहा 4 वर्षीय चींटू अचानक पानी में फिसल गया। वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। छोटे भाई को डूबता देखकर सात वर्षीय दीपू उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण वह भी पानी में डूब गया। युवक ने बच्चों को डूबते देखा घटना के दौरान एक युवक की नजर तालाब में डूब रहे दोनों बच्चों पर पड़ी। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया ग्रामीण और परिजन दोनों बच्चों को तत्काल पचपेड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मस्तूरी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार में मातम घटना की सूचना मिलने पर पचपेड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायसेन शहर के महामाया चौक पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक युवती ने नशे की हालत में हंगामा किया। देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई इस घटना का वीडियो सामने आया है। युवती सड़क पर लेटकर लोगों और पुलिस से अभद्रता करती दिखी। सामने आए वीडियो में युवती कभी सड़क पर बैठी तो कभी लेटी हुई नजर आ रही है। वह नशे की हालत में इतनी बेसुध थी कि सड़क पर गिरने के बाद खुद उठ भी नहीं पा रही थी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे उठाकर सड़क किनारे किया। पुलिस के पहुंचने पर भी युवती का हंगामा जारी रहा। परेशान होकर हंगामा कर रही थीकोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि युवती का मोबाइल कहीं गिर गया था, जिसके कारण वह परेशान होकर हंगामा कर रही थी। पुलिस ने युवती का गुम हुआ मोबाइल ढूंढकर उसे वापस कर दिया। इसके बाद युवती भोपाल के लिए रवाना हो गई। पुलिस ने युवती को समझाइश भी दी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पंचकूला के सेक्टर 7 और 8 की ट्रैफिक लाइट के पास एक सड़क हादसा हुआ है। यहां एक थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी के बीच टक्कर हो गई, जिससे थार पलट गई। इस घटना में थार में सवार एक महिला को चोट आई है। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में थार के ऊपर एक महिला बैठी हुई दिखाई दे रही है, जिसे चोट लगने की बात कही जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि फॉर्च्यूनर गाड़ी के अंदर पुलिस की वर्दी, मोबाइल फोन, पासबुक और बड़ी मात्रा में नकदी मिली है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी बताया जा रहा है कि फॉर्च्यूनर का ड्राइवर टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों और वायरल वीडियो में दिखाए जा रहे सामानों की सत्यता की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस संबंध में सेक्टर 7 थाना प्रभारी महेंद्र डांढ़ा ने बताया कि मामले को लेकर अभी उनके पास कोई भी शिकायत नहीं आई है। दोनों पक्षों में आपसी समझौते की बातचीत हो रही है । शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा नियम अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीकर में युवक का न्यूड वीडियो बनाकर रुपए और मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। आरोपी ने मंदिर छोड़ने के बहाने युवक को अपनी बाइक पर बैठाया और फिर जंगल में ले जाकर अपने साथियों के साथ मारपीट की। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। युवक ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 19 अगस्त की रात करीब 8 बजे वह जाट बाजार चौराहे से धोद रोड की तरफ जा रहा था। इस दौरान पोस्ट ऑफिस के पास एक अनजान आदमी ने उसे अपनी बाइक पर लिफ्ट दी। उसने मंदिर की तरफ छोड़ने को कहा। रास्ते में बाइक चला रहे व्यक्ति ने कहा कि उसे अपने घर रानीसती पर 2 मिनट का काम है। वह काम करने के बाद मंदिर की तरफ छोड़ देगा। मारपीट कर युवक का मुंह मिट्टी में दबाया पीड़ित युवक ने विरोध किया तो जबरदस्ती बाइक को आगे चलाता रहा और एक सुनसान जगह पर ले जाकर रोका। वहां पहले से 3 से 4 लोग थे। सभी ने मिलकर युवक को तारबंदी के नीचे से खींचकर जंगल की तरफ ले गए। जहां उन्होंने मारपीट करना शुरू किया और युवक का मुंह मिट्टी में दबा दिया। आरोपियों ने युवक से उसका मोबाइल और 15 हजार रुपए छीन लिए। साथ ही न्यूड वीडियो रिकॉर्ड करके उसे वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने और भी ज्यादा रुपए की डिमांड की। 20 अगस्त को आरोपियों ने 8 बजे वापस मिलने को कहा। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। अब कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
Lava की Virat सीरीज का नया 5G फोन, Lava V1 Pro 5G भारत में 24 अगस्त 2026 को लॉन्च होगा। फोन में 6.75 इंच डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी और Clean Android जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद सियासत गरमा गई है। सीजेपी कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
अगर आप ट्रेन सफर कर रहे हैं और आपको ट्रेन में AC खराब, कोच गंदा या स्टाफ से परेशानी है तो Rail Madad से तुरंत शिकायत कर सकते हैं। यहां हम आपको Online Complaint करने का सबसे आसान तरीका बता रहे हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
RailOne App ने 4.76 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐप पर रोज करीब 10 लाख टिकट बुक हो रहे हैं। RailOne में टिकट, PNR, ट्रेन स्टेटस समेत कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
स्वाइप नहीं, सच्ची मुलाकात चाहिए! Gen-Z ने डेटिंग ऐप्स से क्यों बनाई दूरी, जानिए क्या कहता है सर्वे
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया से Gen-Z अब ऊब चुका है और रियल लाइफ को अपना रहा है। फोर्ब्स के सर्वे के मुताबिक, युवा अब ऑनलाइन चैट की बजाय लोगों से आमने-सामने मिलकर उन पर भरोसा करना पसंद कर रहे हैं। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Parenting Tips: बच्चा मोबाइल छोड़कर किताबों से दोस्ती करने लगेगा, अपनाएं ये 5 आसान तरीके
सही माहौल, रोचक गतिविधियां और थोड़ी समझदारी से बच्चों में विकसित करें पढ़ने की आदत
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

