दिल्ली पुलिस ने बवाना स्थित एक निजी स्कूल की तीन वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में स्कूल कैब चालक विकास को गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्ची को टॉफी-चॉकलेट का लालच देकर कई बार गलत हरकतें करता था।
जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र की छोटी बजरिया में रविवार रात मोबाइल पर बात कर रही महिला से बदमाशों ने झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लिया। घर के बाहर टहल रही महिला से बदमाशों ने पहले पता पूछने के बहाने बातचीत की। इसके बाद धक्का देकर हाथ से मोबाइल छीना और मोपेड से फरार हो गए। घटना के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक छोटी बजरिया में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली 35 वर्षीय शिवांगी वर्मा रविवार रात करीब साढ़े 9 बजे घर के सामने गली में टहलते हुए मोबाइल पर बात कर रही थीं। इसी दौरान मोपेड सवार तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने शिवांगी से पता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया और हाथ से मोबाइल झपट लिया। जमीन पर गिर गई महिला अचानक हुई वारदात से शिवांगी जमीन पर गिर गईं। उन्होंने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में मोपेड से फरार हो गए। घटना से आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। महिला ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद गढ़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बदमाश महिला से बातचीत करने और मोबाइल झपटने के बाद भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों के हुलिए और मोपेड की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन काम के लिए मोबाइल और सिम दे पशुपालन विभाग: महासंघ
पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ ने फील्ड में बढ़ रहे ऑनलाइन कामकाज के लिए कर्मचारियों को मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनंतिम वेंडिंग प्रमाणपत्र रखने वाले फुटपाथ विक्रेता स्थायी वेंडिंग स्थल का दावा नहीं कर सकते।
डीएसपी ऑफिस की रसोई से कर्मचारी का मोबाइल चोरी
अम्बाला| कैंट एसडीएम कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर डीएसपी कार्यालय की रसोई से कर्मचारी का मोबाइल चोरी हो गया। जंडली निवासी महेश कुमार एचएसईएन ब्यूरो के डीएसपी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय में डीएसपी और स्टाफ के लिए चाय-पानी तैयार करने के लिए कमरा नंबर 215 में रसोई बनी हुई है। 27 अगस्त को वह रसोई में चाय-पानी तैयार कर रहा था। उसने अपना मोबाइल तख्त पर रखा था। चाय देने के लिए कुछ समय के लिए कमरे से बाहर गया। वापस लौटने पर मोबाइल गायब मिला। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर एक युवक कमरे में आता-जाता दिखाई दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर किया है।
देर रात धमतरी जा रहे राहगीर को रोककर पीटा, बाइक तोड़ मोबाइल लूटा, चाकू मारा
गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्रा के पास राहगीर का रास्ता रोककर मारपीट, जान से मारने की धमकी, वाहन में तोड़फोड़, मोबाइल लूट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में शामिल चार विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक ग्राम चिल्हाती, थाना पचपेड़ी, जिला बिलासपुर निवासी रोहित कुमार यादव ने रविवार को गोबरा नवापारा थाने में शिकायत दी। उसने बताया कि शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे वह अपने वाहन से धमतरी की ओर जा रहा था। ग्राम कुर्रा के पास करीब 9 लोगों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि गाली-गलौज हुई। चाकू, डंडे, हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने वाहन में तोड़फोड़ की। करीब 16 हजार रुपए का नुकसान हुआ। मोबाइल फोन भी लूट लिया गया। पुलिस ने अपराध दर्ज कर सागर साहू 22, गोबरा बस्ती, चंदन यादव 19, शीतलापारा नवापारा, टीकम साहू 19, तर्री, मुकेश नगराची 19, शीतलापारा नवापारा, घनश्याम निषाद 19, खेलीपारा नवापारा को गिरफ्तार किया है। विवेचना में पुलिस ने आरोपियों से घटना में इस्तेमाल चाकू, डंडे, लूटे मोबाइल को लेकर पूछताछ की। जरूरी वैधानिक कार्रवाई की गई। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
केयू स्कूल के विद्यार्थियों को बताए सड़क सुरक्षा के नियम, मोबाइल इस्तेमाल न करने की दी सलाह
Ghaziabad News: मोबाइल फोन हैक कर तीन लोगों से 28.50 लाख ठगे
मोबाइल फोन हैक कर तीन लोगों से 28.50 लाख ठगे
Banda News: खोए 111 मोबाइल लौटाए
पुलिस के मुस्कान अभियान के तहत साइबर टीमों ने 111 मोबाइल फोन को बरामद कर उनके स्वामियों को सुपुर्द किया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों की पहचान को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, सेकेंड कैंपस और सभी संकायों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आधिकारिक पहचान पत्र डिजीलॉकर पर जारी किए जाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय खुद ‘इशूइंग अथॉरिटी’ के रूप में काम करेगा। विश्वविद्यालय के मुताबिक, डिजीलॉकर पर छात्रों के डिजिटल आईडी कार्ड जारी करने वाला यह देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है। इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों के पास पंजीकृत APAAR ID होना अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क जमा होने के बाद विश्वविद्यालय के डेटाबेस से छात्र का रिकॉर्ड डिजीलॉकर से लिंक होगा और अधिकृत डिजिटल पहचान पत्र उसके डिजीलॉकर खाते में उपलब्ध हो जाएगा। मोबाइल में हमेशा रहेगा पहचान पत्र डिजिटल आईडी कार्ड छात्र के स्मार्टफोन में 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। इससे कार्ड के खोने, फटने या चोरी होने की समस्या नहीं रहेगी। डुप्लीकेट कार्ड बनवाने की जरूरत भी कम होगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्र का डिजिटल पहचान पत्र स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा। डिजिटल आईडी में क्यूआर कोड भी होगा, जिसके जरिए छात्र की पहचान और कार्ड की प्रामाणिकता की जांच की जा सकेगी। विश्वविद्यालय का दावा है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं, यात्रा रियायतों, बैंकिंग और अन्य जरूरतों में पहचान सत्यापन आसान होगा। फर्जी आईडी पर लगेगी रोक विश्वविद्यालय के मुताबिक APAAR ID से डिजिटल आईडी को जोड़ने से छात्र की पहचान और शैक्षणिक रिकॉर्ड एक सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था से जुड़े रहेंगे। इससे फर्जी या जाली पहचान पत्र बनाए जाने की संभावना भी कम होगी। डिजिटल कार्ड से विश्वविद्यालय में PVC कार्ड और लेमिनेशन के इस्तेमाल में कमी आएगी। इससे कागज और प्लास्टिक की खपत घटेगी और विश्वविद्यालय के ग्रीन कैंपस अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय की आईटी टीम ने इस व्यवस्था के लिए जरूरी तकनीकी एकीकरण पूरा कर लिया है। जल्द ही छात्रों के लिए डिजिटल आईडी कार्ड से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
बंगाल: जेल में बंद आतंकी आफताब के पास मिली नकदी और मोबाइल ने बढ़ाई चिंता, रडार पर जेलकर्मी
कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में बंद आतंकी आफताब अहमद अंसारी की बैरक से 31 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन मिलने से जांच अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
रामपुर में रविवार रात करीब 8:30 बजे 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन में फॉल्ट आने से शहर के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे करीब 17 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छा गया। रात करीब 10:30 बजे तक भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। दो बिजलीघरों से जुड़े 17 हजार उपभोक्ता प्रभावित जानकारी के मुताबिक पहाड़ी गेट बिजलीघर से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। फॉल्ट के बाद इन सभी उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। वहीं, सिविल लाइंस स्थित बिजलीघर संख्या-270 से जुड़े करीब 7 हजार उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के बाद उपभोक्ता परेशान हो गए। आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेने के लिए बिजलीघरों के CUG नंबरों पर लगातार फोन आने लगे। बिजलीघर संख्या-270 पर एक घंटे में 200 से ज्यादा कॉल पहुंचीं, जबकि पहाड़ी गेट बिजलीघर के विभिन्न CUG नंबरों पर इसी दौरान करीब 200 से 300 कॉल दर्ज की गईं। बारिश में मोबाइल की टॉर्च से काम करते रहे कर्मचारी रविवार रात बारिश और खराब मौसम के बीच बिजलीघर भी अंधेरे में डूबे रहे। रोशनी की व्यवस्था नहीं होने पर बिजलीकर्मी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनते और रजिस्टर में दर्ज करते नजर आए। घरों में बिजली न होने के कारण लोगों को इनवर्टर और मोबाइल की रोशनी के सहारे रात गुजारनी पड़ी। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती गई। 12 कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे फॉल्ट की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। कर्मचारियों ने संबंधित लाइन की जांच शुरू कर दी। हालांकि बारिश और खराब मौसम के कारण फॉल्ट तलाशने और मरम्मत कार्य में परेशानी आई। पहाड़ी गेट और सिविल लाइंस बिजलीघर के जेई के मुताबिक, 33 हजार वोल्ट की लाइन में फॉल्ट आया है। इसे ठीक करने के लिए करीब 12 विद्युत कर्मचारी लगातार काम में जुटे हैं। विभाग की टीम जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में लगी रही।
Bharat Coking Coal Limited के सीएमडी मनोज अग्रवाल को जान से मारने की धमकी मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। पुलिस ने बरोरा के जीएम से पूछताछ की और सीनियर फाइनेंस ऑफिसर पंकज कुमार से पूछताछ की है।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के उरदौली गांव में रविवार शाम करीब 7 बजे 15 वर्षीय हाईस्कूल छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी होते ही गांव में सनसनी फैल गई। छात्र की मौत को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, खमरिया गांव निवासी रामसनेही का 15 वर्षीय बेटा ऋषभ करीब 14 वर्षों से अपने नाना तौलेराम वर्मा के घर उरदौली में रह रहा था। ऋषभ वहीं रहकर पढ़ाई करता था और महोली कस्बे के एक निजी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता था। नाना तौलेराम के पास करीब तीन बीघा जमीन है। वह मवेशी पालने के साथ दूध बेचने का काम करते हैं। उनका बेटा शीलवान भी परिवार के साथ वहीं रहता है। नाना-नानी बाहर थे, कमरे में मिला शव बताया गया कि रविवार शाम ऋषभ घर में अकेला था। उसके नाना-नानी घर के बाहर मवेशियों को चारा-पानी दे रहे थे। इसी दौरान कमरे में ऋषभ का शव छत में लगे कुंढ़े से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को नीचे उतार दिया। इसके बाद घटना की जानकारी ऋषभ के माता-पिता को दी गई। पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों ने किया विरोध बाद में पुलिस को घटना की जानकारी मिली तो टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, जिसका मृतक के ननिहाल और पैतृक गांव खमरिया के लोगों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। मोबाइल जब्त, यूट्यूब सर्च की भी जांच सूत्रों के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोर ने घटना से पहले यूट्यूब पर फांसी लगाने के तरीकों से संबंधित जानकारी सर्च की थी। पुलिस ने किशोर का मोबाइल भी कब्जे में लिया है। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा मौत का कारण महोली कोतवाली के इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
जींद जिले के नरवाना सदर थाना क्षेत्र में बेलरखा गांव के पास एक पिकअप गाड़ी से दो मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। अज्ञात चोरों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव लोन (तहसील नरवाना) निवासी जितेंद्र पुत्र रमेश ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त 2026 की तड़के करीब 1:15 बजे वह अपनी मारुति सुपर कैरी लोडिंग गाड़ी में दिल्ली से प्लास्टिक दाना लेकर उझाना पन्ना स्थित एक फैक्ट्री में जा रहा था। बेलरखा गांव से कुछ आगे उसकी गाड़ी का एक्सल टूट गया। इसके बाद उसने गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और वहीं सो गया। जितेंद्र के अनुसार, जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवक तेजी से भाग रहे थे। उसने अपनी गाड़ी की जांच की तो पाया कि चोरों ने गाड़ी के शीशे तोड़ दिए थे। गाड़ी के अंदर रखे दो मोबाइल फोन, जिनमें एक टच स्क्रीन और दूसरा वीवो कंपनी का फोन था (जिसमें दो नंबर सक्रिय थे), गायब थे। शिकायत के आधार पर नरवाना सदर थाना पुलिस ने अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
कोलकाता: आफताब अंसारी की जेल बैरक से मिले मोबाइल और इंटरनेट उपकरण, फोरेंसिक जांच शुरू
कोलकाता, 30 अगस्त . कोलकाता के अमेरिकी केंद्र (अमेरिकन सेंटर) पर जनवरी 2002 में हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम (जेल) की बैरक से बरामद मोबाइल फोन और अन्य इंटरनेट उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ... Read more
मुसाबनी से घाटशिला 13 ग्राम ब्राउन शुगर बेचने आए दो युवक गिरफ्तार, बाइक व 2 मोबाइल भी जब्त
पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में पुलिस ने 13.12 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ मुसाबनी के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
लगातार मोबाइल देखने की आदत पड़ सकती है भारी! आंखों की थकान दूर करने के आसान तरीके जानें
Digital Eye Strain: आज के दौर में मोबाइल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, काम, सोशल मीडिया, वीडियो और मनोरंजन—कई कामों के लिए लोग घंटों स्क्रीन देखते हैं। लेकिन लगातार और लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन, […] The post लगातार मोबाइल देखने की आदत पड़ सकती है भारी! आंखों की थकान दूर करने के आसान तरीके जानें first appeared on Sanjeevni Today .
गूगल पर अस्पताल और डॉक्टर का अपॉइंटमेंट नंबर खोजना इंदौर की एक महिला को भारी पड़ गया। सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबर को अस्पताल का आधिकारिक नंबर समझकर महिला ने संपर्क किया। दूसरी तरफ मौजूद साइबर ठग ने खुद को अस्पताल का अपाॉइंटमेंट असिस्टेंट बताया और बुकिंग के नाम पर एक लिंक भेज दी।
जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध और मोबाइल छिनतई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार साइबर अपराधी और मोबाइल छिनतई के दो आरोपी शामिल हैं। एसडीपीओ वसीम रज़ा ने प्रेस वार्ता कर दोनों मामलों की विस्तृत जानकारी दी। पहले मामले में करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सकलपुर से गोपालपुर जाने वाली सड़क के किनारे पलास जंगल में पुलिस ने छापेमारी की। यहां से चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फारूक अंसारी (25), समसुद्दीन अंसारी (30), जानी बाबू (22) और कलीम अंसारी (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से आठ मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को YONO ऐप चालू कराने के नाम पर फोन करते थे और इसी बहाने उन्हें साइबर ठगी के जाल में फंसाते थे। व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए हासिल करते थे बैंकिंग जानकारी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों से बातचीत के दौरान व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे। वे लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल की स्क्रीन साझा करवाते थे। इसके बाद YONO का यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार कर ओटीपी हासिल करते थे। ओटीपी मिलने के बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से बैंक खातों से रकम की ठगी की जाती थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच की जा रही है। इससे साइबर ठगी के नेटवर्क और इनके द्वारा अब तक की गयी वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गयी है। मिशन चौक पर वाहन जांच में पकड़े गये मोबाइल छिनतई के आरोपी दूसरे मामले में 27 अगस्त को शांतिनगर निवासी मोनिका कुमारी से मोबाइल छिनतई की घटना हुई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मिशन चौक के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पल्सर बाइक पर सवार राहुल सिंह और दिनेश दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पियरसोल, थाना चितरा, जिला देवघर के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद किये गये। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गयी पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। बरामद बाइक का नंबर JH21M3828 है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने मोबाइल छिनतई की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा साइबर अपराध और मोबाइल छिनतई के दोनों मामलों में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मोटरसाइकिल के आधार पर आगे की जांच कर रही है। साइबर ठगी के मामले में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। इनके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। वहीं मोबाइल छिनतई के मामले में बरामद दोनों स्मार्टफोन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध और छिनतई की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कान में इयरफोन, मोबाइल में रील और... ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत
कौशांबी में मोबाइल पर रील देखने के दौरान 17 वर्षीय युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई. युवक कान में इयरफोन लगाकर DFC रेलवे लाइन पर बैठा था और ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका. हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
How do Japanese keep mosquitoes away? तुरंत मच्छर भगाने के लिए क्या करें? अगर आप ये ही सोच रहे हैं तो मच्छर भगाने के लिए बिना दवा के भी आप सारे मच्छर भगा सकते हैं, बस आपको उसके लिए एक मोबाइल फोन की आवश्यकता है.
HMD ने बच्चों के लिए HMD 105 4G School Edition फीचर फोन लॉन्च किया है, जिसमें इंटरनेट और गेम्स नहीं हैं। यह फोन पैरेंट्स को बच्चों से जुड़े रहने की सुविधा देता है, साथ ही इसमें पैरेंटल कंट्रोल और लंबी बैटरी लाइफ मिलती है।
बीते दिनों हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या का CCTV फुटेज सामने आया था. पुलिस के अनुसार चार हमलावरों ने 18 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली उनके सिर में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
चौरासी में युवक को लाठी-डंडों से पीटा:बदमाश 15 हजार और मोबाइल लूटकर फरार, घायल का इलाज जारी
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में एक युवक को लाठी-डंडों से पीटकर लूट लिया गया। बदमाश युवक से 15 हजार रुपए नकद और उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, अन्नपुरा निवासी रामलाल अहरी अपनी मासी के घर से पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते में 4 से 5 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। बदमाशों ने रामलाल को लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीटा।घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रामलाल को गेजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रामलाल के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायल रामलाल के चचेरे भाई मोहनलाल ने घटना की जानकारी दी।
टीईटी के विरोध में रविवार को दिल्ली में प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन में शामिल होने जा रहे छिंदवाड़ा और सिवनी के शिक्षकों को शनिवार को छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया।
भिवानी के बवानीखेड़ा में दुकानदार के घर चोरी होने का मामला सामने आया है। जहां मोटरसाइकिल सवार 2 युवकों ने घर में रखे मोबाइल फोन व 30 हजार रुपए चोरी कर लिए और फरार हो गए। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के बवानीखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने बवानीखेड़ा पुलिस थाना में शिकायत दी। जिसमें बताया कि 28 अगस्त की शाम को करीब साढ़े 4 बजे वह अपनी दुकान को खुली छोड़कर अपनी बहन को छोड़ने के लिए चला गया। उसकी पत्नी घर पर काम कर रही थी। उसी दौरान दो युवक मोटरसाइकिल पर घर के सामने आए। एक लड़का उसकी दुकान के अंदर घुसा और उस युवक उसकी दुकान पर आकर आवाज लगाई। लेकिन वहां कोई नहीं दिखा तो वह दुकान के पीछे बने कमरे में चला गया। जहां पर चारपाई पर खा मोबाइल फोन व पैसे चोरी करके ले गया। उसने चेक किया तो 30 हजार रुपए चोरी हुए मिले। जिसका पता लगने के बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। वहीं शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी।
Kanpur News: मोबाइल हैककर खाते से उड़ाई रकम
मोबाइल हैककर खाते से उड़ाई रकम
मोबाइल चोरी के बाद साइबर ठगी, सड़क हादसे में घायल होने की झूठी सूचना देकर मांगे दो हजार
Rohtak News: मोबाइल फोन के नाम पर कांच का पत्थर, लकड़ी का टुकड़ा बेचने वाला युवक पकड़ा
Young man caught selling a glass 'stone' and a piece of wood disguised as a mobile phone.
Chandauli News: नेपाल त्रासदी... रास्ते बंद, मोबाइल फोन भी ठप, लगा कि सिर पर मंडरा रही है मौत
Nepal tragedy... Roads closed, mobile phones down, death looming over our heads.
गणपति बाप्पा मोरया: अब घर के दरवाजे पर आएगा BMC का मोबाइल विसर्जन टैंक
मुंबई में गणेश विसर्जन के लिए BMC मोबाइल विसर्जन टैंक सोसायटियों तक पहुंचाएगी। जानिए बुकिंग और कृत्रिम तालाबों की पूरी व्यवस्था।
सस्से होंगे मोबाइल फोन? 12 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में हो सकता है फैसला
12 सितंबर को नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक होगी, जिसमें मोबाइल हैंडसेट पर 18% जीएसटी घटाने पर विचार हो सकता है।
झज्जर शहर की धर्म मार्केट में असली मोबाइल दिखाकर पत्थर-कांच देने वाले को काबू किया गया है। शनिवार को पता चलने पर लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी आसीम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आसीम असली मोबाइल दिखाकर ग्राहकों का भरोसा जीतता था और वह असली मोबाइल दिखाकर पैसे लेने के बाद डिलीवरी के समय बॉक्स में मोबाइल की जगह कांच-पत्थर रखकर दे देता था। आरोपी भोले-भाले लोगों और प्रवासी मजदूरों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाकर यह खेल कर रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब आरोपी दोबारा धर्म मार्केट पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। असली मोबाइल दिखाकर बनाता था भरोसा जानकारी के अनुसार आसीम पहले ग्राहक को असली मोबाइल दिखाता था। मोबाइल पसंद आने के बाद वह ग्राहक से पैसे लेता और इसके बाद काले रंग के चैन वाले बॉक्स में मोबाइल की डिलीवरी करता था। ग्राहक जब बॉक्स खोलता तो उसमें मोबाइल की मोबाइल शेप में कांच या पत्थर मिलता था। आरोपी ने प्रवासी मजदूर को भी शिकार इसी तरीके से आरोपी ने धर्म मार्केट में एक प्रवासी मजदूर को भी चूना लगाया गया। आरोपी भोले-भाले लोगों और प्रवासी मजदूरों को आसान शिकार समझकर उनसे मोबाइल का सौदा करता था। असली मोबाइल दिखाने के कारण ग्राहक को उस पर शक नहीं होता था। दूसरी बार झज्जर पहुंचा तो लोगों को हुआ शक स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी सप्ताह में दूसरी बार झज्जर पहुंचा था। पहले कई बार लोग इस ठगी का शिकार हो चुके थे। आसीम को दोबारा धर्म मार्केट में दिखाई देने पर कुछ लोगों को उस पर शक हो गया। लोगों ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और संदिग्ध लगने पर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आरोपी को थाने ले गई, जांच कर रही सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसीम को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से ठग चुका है और इस काम में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। काले रंग के बॉक्स में दिया जाता सामान पता चला है कि आरोपी का पूरा तरीका ऐसा था कि ग्राहक के सामने पहले असली मोबाइल दिखाकर भरोसा कायम किया जाता था। भुगतान लेने के बाद काले रंग के चैन वाले बॉक्स में सामान दिया जाता था। बॉक्स खोलने पर मोबाइल की जगह कांच का पत्थर मिलने से ग्राहक को ठगी का पता चलता था। लोगों के पकड़ने के बाद अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
एम्स भोपाल आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब अस्पताल की कई जरूरी सेवाओं के लिए बार-बार एम्स आने या अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टल तलाशने की जरूरत नहीं होगी। एम्स भोपाल ने ‘एम्स भोपाल व्हाट्सएप स्वास्थ्य सेवाएं’ शुरू की हैं। इसके जरिए मरीज अपने मोबाइल केव्हाट्सएप से ही अस्पताल की कई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल सार्वजनिक परीक्षण के तौर पर की गई है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इसका उद्देश्य उन मरीजों तक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंचाना है, जो वेबसाइट या स्वास्थ्य ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाते। चूंकि अधिकांश मरीजों या उनके परिवार के किसी सदस्य के पास स्मार्टफोन और व्हाट्सएप उपलब्ध है, इसलिए व्हाट्सएप को सेवाओं से जोड़ने का निर्णय लिया गया। QR कोड स्कैन कर सीधे जुड़ सकेंगे मरीज एम्स की ओर से एक विशेष व्हाट्सएप नंबर और QR कोड सार्वजनिक किया जाएगा। अस्पताल के OPD और मरीजों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर भी QR कोड लगाए जाएंगे। मरीज मोबाइल कैमरे से QR कोड स्कैन कर व्हाट्सएप सेवा से जुड़ सकेंगे। पहली बार सेवा का इस्तेमाल करते समय मरीज को अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद OTP के जरिए लॉगिन होगा। OTP सत्यापन के बाद ही मरीज को सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को शुरुआत से ही प्राथमिकता दी गई है, ताकि किसी दूसरे व्यक्ति को मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तक अनधिकृत पहुंच न मिले। हिंदी और अंग्रेजी दोनों में मिलेगी सुविधा व्हाट्सएप सेवा शुरू करने के बाद मरीज को हिंदी या अंग्रेजी भाषा चुनने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद व्हाट्सएप चैट के जरिए अलग-अलग सेवाएं स्क्रीन पर दिखाई देंगी। मरीज जिस सेवा का उपयोग करना चाहता है, उसे चुनकर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। रिपोर्ट डॉक्टर को भी व्हाट्सएप से शेयर कर सकेंगे लैब रिपोर्ट PDF के रूप में व्हाट्सएप पर मिलने के बाद मरीज उसे खोलने के साथ अपने परिवार के सदस्य या डॉक्टर के साथ शेयर भी कर सकेगा। इससे रिपोर्ट की हार्ड कॉपी निकलवाने की जरूरत कम होगी। मरीजों को क्या फायदा होगा? एम्स प्रबंधन का कहना है कि कई मरीज केवल अपॉइंटमेंट लेने, रिपोर्ट लेने, प्रमाण पत्र प्राप्त करने या पुरानी डिस्चार्ज समरी के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। व्हाट्सएप सेवा शुरू होने से ऐसे अनावश्यक चक्कर कम होंगे। इससे अस्पताल में कतार और प्रतीक्षा समय घटाने के साथ OPD में मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। आगे और सेवाएं जोड़ने की तैयारी अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अभी यह सेवा शुरुआती चरण में है। मरीजों से मिलने वाले फीडबैक और सेवा की क्षमता के आधार पर आने वाले समय में व्हाट्सएप पर और सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। एम्स का लक्ष्य एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को विकसित करना है, जहां मरीज अस्पताल की अधिक से अधिक नियमित सेवाओं तक एक ही माध्यम से पहुंच सके।
करनाल जिले में घरौंडा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला है। पुलिस ने व्यक्ति के ट्रेन से गिरने की संभावना जाहिर की है। घटना की सूचना मिलने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए करनाल की मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। मृतक के पास से एक मोबाइल फोन मिला है उसके आधार पर उसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पिलर नंबर के पास मिला शव जीआरपी को सूचना मिली थी कि घरौंडा रेलवे स्टेशन के नजदीक पिलर नंबर 106-13-15 के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि व्यक्ति के ट्रेन से गिरने की आशंका है। इसके बाद पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली। उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला, लेकिन फोन लॉक है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल पर किसी परिचित का फोन आने के बाद मृतक की पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी मिल सकती है। कपड़ों से पहचान की कोशिश जीआरपी करनाल की जांच अधिकारी एएसआई सीमा ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष है और रंग सांवला है। उसने स्काई ब्लू रंग की कमीज और ग्रे रंग की पैंट पहन रखी है। पैरों में जूते हैं। मृतक के पास से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। पहचान होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव एएसआई सीमा के मुताबिक फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन के जरिए मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। शव को करनाल के मोर्च्युरी हाउस में रखवाया गया है। पहचान होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। यदि पहचान नहीं हो पाती है तो पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा शव का अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।
आगरा में डॉक्टर रोहित गुप्ता साइबर ठगी से बचे, मोबाइल और वाट्सएप हैक कर फंसाने का प्रयास
आगरा में साइबर अपराधियों ने ब्लू डार्ट कर्मचारी बनकर डॉक्टर रोहित गुप्ता को फंसाने की कोशिश की, उनका मोबाइल और व्हाट्सएप हैक कर लिया। डॉक्टर की सतर्कता और साइबर सेल की मदद से वे ठगी का शिकार होने से बच गए और हैक किए गए अकाउंट्स को सुरक्षित कर लिया गया।
राजनीतिक गलियारों और चुनावी बैठकों के अंदर की बंद कमरे की तस्वीरें कई बार ऐसे अनोखे और दिलचस्प किस्से बाहर ले आती हैं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन जाते हैं। इन दिनों राजस्थान के राजनीतिक पटल पर कुछ ऐसा ही वाकया तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जहां आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रही एक बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय मंथन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का एक अनूठा अंदाज देखने को मिला। राज्य के पार्टी मुख्यालय में चल रही इस अहम बैठक में जब पार्टी के तमाम दिग्गज नेता और पदाधिकारी टिकट वितरण की गुत्थी सुलझाने में जुटे थे, तभी मुख्यमंत्री ने अनुशासन और गोपनीयता का कड़ा संदेश देते हुए न केवल आम नेताओं बल्कि खुद प्रदेश अध्यक्ष के भी मोबाइल फोन को बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट निर्देश और मजाकिया लहजे में कहे गए शब्दों—'अध्यक्ष जी का मोबाइल भी बाहर ले जाओ'—ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह पूरा घटनाक्रम अब राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।निकाय चुनावों की सरगर्मी और टिकट वितरण का कड़ा मंथनसूबे में नगर निकाय चुनावों की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, राजनीतिक दलों की धड़कनें और चुनावी तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। सत्ताधारी पार्टी हो या विपक्ष, हर कोई अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों की तलाश में जुटा है। टिकट वितरण को लेकर चल रहे इस महामंथन के दौरान पार्टी कार्यालयों में बैठकों का दौर सुबह से लेकर देर रात तक अनवरत चल रहा है। हजारों वार्डों और दर्जनों निकायों के लिए सही और जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना किसी भी पार्टी के लिए लोहे के चने चबाने जैसा साबित हो रहा है, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी पार्टी के भीतर बगावत के सुर तेज कर सकती है। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान ने इस बार बैठकों की पवित्रता, गोपनीयता और आंतरिक चर्चाओं को महफूज रखने के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, ताकि किसी भी तरह की अंदरूनी चर्चा या असहमति बाहर लीक न हो सके।बैठक में मोबाइल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदीचुनावी बैठकों के दौरान अक्सर यह देखने को मिलता है कि नेता या कार्यकर्ता गोपनीय चर्चाओं के बीच भी अपने फोन पर व्यस्त रहते हैं या कई बार अंदर की बातें अनजाने में या जानबूझकर रिकॉर्ड या लीक हो जाती हैं। इसी खामी को दूर करने और पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पहले से ही यह कड़ा नियम बनाया गया था कि कमरे के अंदर कोई भी व्यक्ति अपना मोबाइल फोन साथ नहीं रखेगा। जैसे ही मुख्यमंत्री इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करने के लिए पहुंचे और अपनी निर्धारित कुर्सी पर बैठने लगे, उनकी नजर टेबल पर रखे एक मोबाइल फोन पर पड़ी, जो उस समय चार्जिंग पर लगा हुआ था। वह फोन किसी आम कार्यकर्ता का नहीं बल्कि खुद प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का था। इस दृश्य को देखते ही मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत अपने सुरक्षा अधिकारियों और पर्सनल स्टाफ को निर्देश दिया कि नियम सभी के लिए एक समान हैं, इसलिए अध्यक्ष जी का यह मोबाइल भी तुरंत कक्ष से बाहर ले जाया जाए।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सियासी गलियारों में चर्चाएंमुख्यमंत्री के मुंह से जैसे ही यह वाक्य निकला कि अध्यक्ष जी का मोबाइल भी बाहर कर दिया जाए, वहां मौजूद तमाम नेता मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। हालांकि यह एक सहज और अनुशासित प्रशासनिक निर्देश था, लेकिन इसका वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर आया, इसने राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं को हवा दे दी। विपक्षी दलों के नेता और सोशल मीडिया यूजर्स इस वाकये पर चुटकी लेते नजर आ रहे हैं कि किस प्रकार पार्टी के भीतर कड़े अनुशासन का पालन कराया जा रहा है, जहां पार्टी के सर्वोच्च प्रदेश अध्यक्ष का फोन भी नियमों के दायरे से बाहर नहीं माना गया। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस प्रकार की सख्ती यह दर्शाती है कि पार्टी नेतृत्व आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर किसी भी स्तर पर कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है और हर हाल में पारदर्शी तथा सटीक टिकट वितरण प्रक्रिया को जमीन पर उतारना चाहती है।आंतरिक कलह और बगावत के डर से फूंक-फूंक कर कदम रख रहा नेतृत्वनगर निकाय चुनावों का रण हमेशा से ही विधानसभा या लोकसभा चुनावों से ज्यादा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यहां हर वार्ड और मोहल्ले स्तर पर कार्यकर्ताओं की अपनी दावेदारी और मजबूत पकड़ होती है। टिकट कटने की स्थिति में कई बार निष्ठावान कार्यकर्ता भी बागी तेवर अपना लेते हैं, जिससे पार्टी को भीतरघात का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि बैठकों के दौरान होने वाली हर एक चर्चा, हर एक नाम के नफे-नुकसान पर बेहद गोपनीय तरीके से विचार किया जा रहा है। मोबाइल फोन की पाबंदी और मुख्यमंत्री द्वारा खुद पार्टी अध्यक्ष के फोन को बाहर भिजवाने का यह वाकया इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि इस बार का चुनाव प्रबंधन बेहद सख्त और केंद्रित रूप से चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में जब इन बैठकों के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूचियां सामने आएंगी, तब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि यह कड़ा अनुशासन और गोपनीय मंथन चुनावी मैदान में पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
कोलकाता पुलिस ने अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड की जेल कोठरी से 3 मोबाइल और नकद बरामद किए
पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जनवरी 2002 में कोलकाता में अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की सेल से एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन और कैश बरामद किए हैं।
150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस के समझाने पर उतरा; VIDEO
150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस के समझाने पर उतरा; VIDEO
जयपुर में ई-चालान के नाम पर 1.40 लाख रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया है। ई-चालान पेमेंट का लिंक भेजकर साइबर ठगों ने बैंक डिटेल का पता किया। इसके बाद मोबाइल हैक कर अकाउंट से रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने झोटवाड़ा थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज करवाया है। ठगों ने पेमेंट के लिए मोबाइल पर भेजा लिंक पुलिस ने बताया कि विजय नगर के रहने वाले दीपक कुमार ने आईटी एक्ट के तहत FIR दर्ज करवाई है। पीड़ित का कहना है कि पिछले दिनों उसके मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज आया था। टैक्स्ट मैसेज के जरिए भेजे ई-चालान का पेमेंट करने के लिए लिंक भी भेजा गया। चालान और उसके पेमेंट को लेकर जानने के लिए लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद पेमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड ऑपशन आया। कुछ ही देर में मोबाइल हैक हो गया। साइबर ठगों ने क्रेडिट कार्ड संबंधित बैंक डिटेल लेकर अकाउंट से करीब 1.40 लाख रुपए निकाल लिए। कुछ ही सेकेंड में अकाउंट से रुपए निकलने का मैसेज आया, तब ठगी का पता चला। इससे पहले भी साइबर क्रिमिनर्ल्स शिप्रापथ इलाके में ई-चालान के नाम पर 4.67 लाख रुपए की ठगी कर चुके है। फेक लिंक या APK फाइल से मोबाइल हैक करते ठग - राजस्थान में ई-चालान के नाम पर साइबर फ्रॉड लगातार बढ़ रहे है। फेक लिंक व APK फाइल से मोबाइल हैक कर साइबर क्रिमिनल्स बैंक डिटेल चुरा रहे है। हाल में सामने आया है कि साइबर क्रिमिनल ऑनलाइन ई-चालान, पेंडिंग चालान, वाहन सूचना अपडेट और RC/DL वेरिफिकेशन के नाम पर फेक एसएमएस, लिंक और ई-मेल भेजकर लोगों से फ्रॉड कर रहे हैं। - साइबर क्रिमिनल वाहन चालकों को नकली ई-चालान का मैसेज भेजते हैं, जैसे- ‘AX-VAAHAN / JK-VAAHAN E-Challan RJ41646241225123020 has been issued against your vehicle number RJ14CC#### on 2026-02-28 10:11:23. For more details please visit https://echallan.parivehan.gov.im/index/accused-challan’ इस प्रकार के मैसेज में दिया गया लिंक फेक वेबसाइट पर ले जाता है। - उस लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो सकती है, जिससे कॉल फॉरवर्डिंग, मालवेयर या फिशिंग के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या मोबाइल डेटा चोरी किया जा सकता है।
Dating apps से मिल रहे आसान मैच, लेकिन रिजेक्शन बढ़ा रहे परेशानी
रिलेशनशिप कोच के अनुसार, डेटिंग ऐप पर मैच मिलना दिमाग को तुरंत एक तरह की खुशी देता है। जब कोई व्यक्ति हमें लाइक करता है तो हमें लगता है कि सामने वाले को वे पसंद आए हैं।
मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र स्थित इश्वरा महादेव मंदिर के आसपास जंगल में दो चीते दिखाई देने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे लोगों ने जंगल में वन्यजीवों को देखा और उनके वीडियो बना लिए। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम के साथ वन्यजीवों की लोकेशन ट्रेस करने वाली टीम भी पहाड़गढ़ पहुंच गई है। टीमें जंगल और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग कर वन्यजीवों की मौजूदगी और उनकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं। देखिए तीन तस्वीरें… वीडियो बनाकर वन विभाग को दी सूचना श्रद्धालुओं के मुताबिक मंदिर की ओर जाने के दौरान उन्हें जंगल में दो वन्यजीव दिखाई दिए। उन्होंने मोबाइल से उनका वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो स्थानीय स्तर पर सामने आया और वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। वन विभाग फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जांच कर रहा है। टीम मौके पर पहुंचकर यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो में दिखाई दे रहे वन्यजीव वास्तव में चीते हैं या कोई अन्य वन्यजीव। मंदिर जाने वालों से जंगल में सतर्क रहने की अपील दो वन्यजीव दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग ने क्षेत्रवासियों और इश्वरा महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क और चौकन्ना रहने की अपील की है। लोगों को जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और किसी भी वन्यजीव के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम आसपास के जंगल में लगातार सर्चिंग कर रही है। वन्यजीवों की वास्तविक पहचान और उनकी मौजूदगी की पुष्टि टीम की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। डीएफओ बोले- टीम भेजकर सर्चिंग कर रहे डीएफओ हरीश चंद्र बघेल ने बताया कि वन विभाग को क्षेत्र में दो चीते दिखाई देने की सूचना मिली है। इसके बाद टीम को पहाड़गढ़ भेजकर सर्चिंग कराई जा रही है। वीडियो भी सामने आया है और टीम मौके पर पहुंचकर वन्यजीवों की लोकेशन और उनकी पहचान की पुष्टि करने में जुटी है।
कानपुर: रात में सो रहे ट्रक चालकों का मोबाइल चोरी करने वाले चार गिरफ्तार
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MP News: इस सरकारी स्कूल में हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना जरूरी, बच्चों के लिए बनाया गया अनोखा नियम
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कोलकाता में अवैध कॉल सेंटर के जरिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के नागरिकों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर रैकेट का तार अब मुजफ्फरपुर से जुड़ गया है। कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मीनापुर थाना क्षेत्र के परसाद गांव निवासी अजय साव उर्फ जहनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अजय इस रैकेट का मास्टरमाइंड था और यूके के नागरिकों का डेटा कोलकाता के अवैध कॉल सेंटर को उपलब्ध कराता था। कोलकाता साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मानस गोस्वामी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर गुरुवार देर रात सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित रूपकला नगर से उसे गिरफ्तार किया। वह वहां किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को उसे मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोलकाता पुलिस उसे 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई। लैपटॉप में मिला यूके नागरिकों का डेटा और कार्ड डिटेल्स पुलिस ने अजय के पास से दो लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में लैपटॉप में AnyDesk रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन, IBM VOIP कॉलिंग एप्लीकेशन, यूके नागरिकों का डेटा, कार्ड डिटेल्स और पेमेंट गेटवे से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई फर्जी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को उसके पास से एक नोटबुक भी मिली है, जिसमें यूके के नागरिकों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। तीन मोबाइल फोन से गिरोह के सदस्यों के साथ बातचीत और अन्य संदिग्ध डेटा के स्क्रीनशॉट मिले हैं। पुलिस ने चार वाई-फाई राउटर, एक डेस्कटॉप और मल्टीमीडिया हेडफोन भी जब्त किए हैं। 18 अगस्त की रेड से खुला था पूरा नेटवर्क कोलकाता पुलिस की संगठित साइबर अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि पुराने बालीगंज फर्स्ट लेन इलाके में एक कॉल सेंटर के जरिए यूके के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके बाद 18 अगस्त को वहां छापेमारी की गई। रेड के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि शब्बीर नामक व्यक्ति कॉल सेंटर को तकनीकी मदद देता था और राउटर भी उसी ने उपलब्ध कराए थे। इसके बाद 19 अगस्त को शब्बीर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मुजफ्फरपुर का अजय साव उन्हें यूके के नागरिकों का डेटा उपलब्ध कराता था। इसी जानकारी के आधार पर कोलकाता पुलिस ने अजय की तलाश शुरू की और अंततः उसे भगवानपुर से गिरफ्तार कर लिया। यूके की टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बनकर करते थे ठगी पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य वीओआईपी यानी इंटरनेट कॉलिंग के जरिए यूके के नागरिकों को फोन करते थे। कॉल करने वाले खुद को वहां की नामी टेलीकॉम कंपनियों का अधिकारी बताते थे। तकनीकी सहायता, यूटिलिटी और अन्य सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसा दिया जाता था। इसके बाद AnyDesk जैसे रिमोट एक्सेस माध्यम से पीड़ितों के कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, सिस्टम तक पहुंच मिलने के बाद खातों से रकम निकालने और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का काम किया जाता था। बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला नेटवर्क पूछताछ में अजय ने अपने कई सहयोगियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार बिहार और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों तक फैले हैं। कोलकाता पुलिस अब जब्त लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर पूरे नेटवर्क, डेटा के स्रोत और ठगी से जुड़े लेन-देन का पता लगाने में जुटी है। पुलिस की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि यूके नागरिकों का डेटा अजय तक कैसे पहुंचता था और वह कितने समय से इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क को डेटा उपलब्ध करा रहा था।
फिरोजाबाद गुरुग्राम में नौकरी करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नितिन उर्फ राहुल की युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और उसकी मौत में संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई है। मृतका के पिता ने 27 अगस्त को शिकोहाबाद थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी गुरुग्राम में नौकरी करती थी। 26 अगस्त की रात उसने फोन पर परिवार को राहुल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके अगले ही दिन परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अचानक हुई मौत की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए राहुल समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान शिकोहाबाद पुलिस को मुखबिर से नितिन उर्फ राहुल के बारे में सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात टीम ने छीछामई नहर पुल के पास घेराबंदी कर नितिन उर्फ राहुल पुत्र गंगा सिंह उर्फ सीताराम, निवासी खटवामई, थाना नगला खंगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने के तथ्य मिले। इसके बाद दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) की बढ़ोतरी की गई। आरोपी का फोन और यौन उत्तेजक दवा की गोलियां बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपी का काले रंग का सैमसंग मोबाइल फोन और यौन उत्तेजक दवा की दो गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि युवती की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और आरोपी की भूमिका किस तरह की रही। पूछताछ में पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक अभिषेक पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी सलेमपुर कर्खा, थाना नगला खंगर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। युवती की सहेली की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस का कहना है कि मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में अभिषेक की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही मृतका की सहेली की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती किन परिस्थितियों में राहुल के संपर्क में थी और उसकी मौत से पहले तथा बाद में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। गिरफ्तार नितिन उर्फ राहुल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, ऋषभदेव भारद्वाज, फैशल खान और कांस्टेबल राजीव भाटी की टीम शामिल रही। अब पुलिस की जांच का फोकस युवती की मौत की पूरी कड़ी जोड़ने, दूसरे युवक की भूमिका स्पष्ट करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।
आमतौर पर स्कूल में बच्चों को मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन मध्यप्रदेश के सीधी जिले में ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना कंपलसरी है। स्कूल में पेड़–पौधे और महापुरुषों की तस्वीरें के नीचे QR कोड लगाए गए हैं। यानी यहां क्यूआर कोड बेस्ड शिक्षा दी जा रही है। बच्चे इन्हें स्कैन डिटेल जानकारी हासिल करते हैं। ये जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कंजवार मिडिल स्कूल है। यहां पदस्थ टीचर शैलेंद्र प्रताप सिंह बालेंदु ने स्कूल की तस्वीर बदल दी। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शैलेंद्र प्रताप को दिल्ली में सम्मानित करेंगी। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। इसके बाद अभिभावक उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम कंजवार मिडिल स्कूल पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… गेट पर ‘ज्ञानार्थ आइए’, ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है स्कूल के गेट पर लगे पत्थर पर बायीं ओर ‘ज्ञानार्थ आइए’, तो दाहिनी तरफ ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है। वैसे, है तो ये बहुत छोटी सी बात, लेकिन वास्तव में यह सटीक और बड़ी भी है। ये स्कूल प्रदेश के बाकी सरकारी स्कूलों से अलग है। यहां बच्चे सप्ताह में एक दिन यानी शनिवार को बैग नहीं सिर्फ कॉपी-पेन और मोबाइल लेकर ही स्कूल आते हैं। महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड गेट से अंदर आते ही हर पेड़-पौधे और दीवार पर लगी महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड नजर आ रहा है। ग्राउंड में एक पौधे के पास दो बच्चे मोबाइल लिए खड़े हैं। सबसे पहले हम उन्हीं के पास पहुंचे। पूछा- मोबाइल से स्कूल में क्या कर रहे हैं? बच्चे कहने लगे- ये तो हम पढ़ने के लिए लाते हैं। फिर पूछा क्या पढ़ने, उसने तुरंत पौधे के नीचे लगा क्यूआर कोड स्कैन किया। उसके बारे में जानकारी बता दी। इतने में टीचर शैलेंद्र भी ग्राउंड में आ गए। वह कहते हैं कि गांव तक में हर घर में दो-दो, तीन-तीन मोबाइल हैं। बच्चे भी मोबाइल यूज करते हैं। उन्हें रोकना मुश्किल है। इसी को ध्यान में रखकर नवाचार किया। अब स्कूल के बच्चे मोबाइल उपयोग तो करते हैं, लेकिन पढ़ाई लिखाई के लिए। शनिवार को दिनभर बच्चे मोबाइल लेकर स्कूल में घूमते रहते हैं। एक-एक फोटो, पेड़–पौधों के नीचे लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते रहते हैं। आधे समय के बाद टेस्ट लिया जाता है। एक-एक बच्चे से ये पूछा जाता है कि उसने आज मोबाइल में क्या देखा और समझा। अगर कोई बच्चा ठीक से जवाब नहीं दे पाता, तो उसे फिर से ठीक से समझने के लिए कहते हैं। शैलेंद्र प्रताप कहते हैं कि यहां जो क्यूआर कोड देख रहे हैं, ये सब खुद ही तैयार किए हैं। स्कूल के ग्राउंड में तख्तियों पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक, कलेक्टर, एसपी के नाम भी लिखे हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य महापुरुषों के नाम भी लिखे हैं। बोले– हमेशा कुछ नया करने का सोचते थे शैलेंद्र कहते हैं- हमेशा से कुछ नया करने का सोचता था, जब टीचर बना, तो अपनी सोच को साकार करने का मौका मिला। इसके बाद नई शिक्षा नीति से काम करने का मौका मिला। शैलेंद्र कहते हैं- ऐसा नहीं कि ये सब अकेले ही कर लिया हो। मेरे साथ के शिक्षकों और गांव वालों ने भी सहयोग किया। शैलेंद्र कहते हैं कि साल 2011 में पहली पोस्टिंग अगरियान टोला के प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। उस समय स्कूल में केवल 11 बच्चों का नामांकन था, उनमें से सिर्फ तीन बच्चे ही आते थे। गांव में घर–घर जाकर लोगों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा। नतीजा, 121 बच्चे स्कूल आने लगे। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी सम्मानित कर चुके हैं। दो साल में बदल दी स्कूल की तस्वीर 13 अगस्त 2024 को शैलेंद्र ने इस स्कूल में बतौर प्रभारी प्राचार्य जॉइन किया। वह कहते हैं- स्कूल की हालत इतनी खराब थी कि इसे यहां से शिफ्ट कर आंगनवाड़ी में चलाया जा रहा था। मैंने गांव वालों से बात की। चंदा जुटाकर 5 लाख रुपए जमा किए। इससे स्कूल की मरम्मत और बाउंड्रीवॉल बनवाई। रंग-रोगन के बाद फर्नीचर और पेयजल का इंतजाम किया। जब ये सब हो रहा था, उस समय स्कूल में 69 बच्चे दर्ज थे। मैंने प्राइवेट स्कूल में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों से बात की। उन्होंने सरकारी स्कूल में बच्चों का फिर से एडमिशन करा दिया। इसके चलते दाखिता 69 से बढ़कर 202 हो गया। छात्राओं की संख्या 36 से बढ़कर 107 पहुंच गई। उपस्थिति भी 44 % से बढ़कर 96 % हो गई। साथ ही 26 ड्रॉपआउट बच्चे भी फिर से पढ़ने आने लगे। अब दूसरे स्कूलों के टीचर भी यहां देखने आते हैं। बगीचे की सब्जी से बच्चों का भोजन मिड-डे मील के लिए स्कूल परिसर में जैविक तरीके से सब्जियां उगाई जाती हैं। इन्हीं से बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। खास बात है कि इस बगीचे में भी सब्जियों के पौधों और बैलों पर क्यूआर कोड लगे हैं। इस बगीचे की देखभाल बच्चे और शिक्षक मिलकर करते हैं।
नेपाल त्रासदी में पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड क्षेत्र की जगीरहां पंचायत के वार्ड संख्या-9 निवासी तीन युवक लापता हैं। अचानक संपर्क टूट जाने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
फोन की घंटी बजने से पहले ही लीक हो सकता है IMEI? नई रिपोर्ट ने मोबाइल नेटवर्क की सुरक्षा पर उठाए सवाल
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चुराते 2 युवक पकड़े
कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में सो रहे यात्रियों की जेब से मोबाइल चुराने वाले दो युवकों को आरपीएफ ने 5 टच स्क्रीन मोबाइल के साथ पकड़ लिया। आरपीएफ के उपनिरीक्षक विजय के अनुसार टीम स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग कर रही थी, तभी प्लेटफार्म नंबर 1ए पर सीमेंट की बेंच पर बैठे दो युवक आरपीएफ कर्मियों को देखकर अचानक उठे और लुधियाना की ओर तेज कदमों से बढ़ने लगे। संदेह होने पर टीम ने उन्हें लुधियाना साइड पर रोककर तलाशी ली, जहां से 5 मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछली 2-3 रातों से खड़ी ट्रेनों में चढ़कर सोए यात्रियों की जेब से फोन निकाल रहे थे। उन्होंने बताया कि चोरी के मोबाइल मजदूरों या राहगीरों को बेचने की कोशिश की, लेकिन बिल न होने के कारण सौदा नहीं हो पाया।
Hathras News: बीरमती ने बलिदानी की प्रतिमा पर बांधी राखी, वर्षा ने मोबाइल पर उतारी आरती
रक्षाबंधन पर जहां हर घर में बहनों के चेहरों पर भाइयों को तिलक कर रक्षासूत्र बांधने की खुशी थी वहीं सरहदों पर तैनात जवानों को अवकाश न मिल पाने से उनकी बहनों के चेहरों पर उदासी छाई रही।
Shahjahanpur News: किसान से मोबाइल छीनकर भागे दो युवक, एक पकड़ा
तिलहर। नगरिया चौकी के पास शुक्रवार रात करीब नौ बजे किसान से मोबाइल छीनकर भाग रहे बाइक सवार दो युवकों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया, जबकि उसका साथी भाग गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
Udham Singh Nagar News: मोबाइल के इशारे पर चलेगा 3डी प्रिंटिंग से तैयार स्मार्ट रोबोट
मोबाइल के इशारे पर चलेगा3डीप्रिंटिंग से तैयार स्मार्ट रोबोट
Mau News: मोबाइल चार्जर लगाने गई महिला को सांप ने डसा, मौत
A woman who went to charge her mobile phone was bitten by a snake and died.
बीकानेर के नापासर में बदमाशों ने लाठी और सरियों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले गए। घटना का वीडियो बना रहे कॉन्स्टेबल का मोबाइल फोन छीन लिया। घटना नापासर थाना क्षेत्र के शेरेरा गांव में 27 अगस्त की सुबह हुई। पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज कर एक आरोपी को डिटेन किया है। थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया- मामले में मुख्य आरोपी मोडाराम के अलावा राकेश, भैराराम, चैनाराम, दुर्गाराम और जीतराम सहित कई अन्य लोगों को नामजद किया है। पुलिसकर्मियों को घेरकर किया हमला पुलिस के अनुसार- गुरुवार सुबह शेरेरा पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल रामदयाल और हीरालाल एक मामले में आरोपी मोडाराम को पकड़कर चौकी ले जा रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर के कैंपर, थार गाड़ी और बाइक पर सवार होकर आए 15 से 20 बदमाशों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया। बदमाशों ने राजकार्य में बाधा डालते हुए लाठी और सरियों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में कॉन्स्टेबल रामदयाल की पीठ पर गंभीर चोट आई, वहीं कॉन्स्टेबल हीरालाल के सिर पर लाठी से वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए। मोबाइल छीना और आरोपी को लेकर हुए फरार घटना के दौरान जब कॉन्स्टेबल हीरालाल ने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। हमलावर पुलिस कस्टडी से आरोपी मोडाराम को जबरन छुड़ाकर अपनी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों के कच्चे रास्तों का फायदा उठाकर भाग निकले। नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जनापासर थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया कि नापासर थाने में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले में एक आरोपी को डिटेन किया है।
सजेती में मोबाइल चोरों का गिरोह पकड़ा:तीन आरोपी, एक बाल अपचारी गिरफ्तार; 3 लाख के 7 मोबाइल बरामद
सजेती में मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे चार आरोपियों को सजेती पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सात महंगे मोबाइल फोन और 250 रुपये बरामद हुए हैं। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तीन आरोपियों के साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा है। शुक्रवार शाम सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, सजेती क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी किए गए मोबाइल बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से सात मोबाइल फोन और 250 रुपये बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान हरभजन उर्फ छोटू पुत्र राजू निषाद निवासी मेरापुर, कोतवाली क्षेत्र हमीरपुर, सोहेल पुत्र हाशिम (22) निवासी मुस्करा थाना मुस्करा, हमीरपुर और नितिन कुमार पुत्र जयराम निषाद (26) निवासी लहुरीमऊ, थाना सजेती, कानपुर नगर के रूप में हुई। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ट्रकों में बैठे चालकों से करते थे मोबाइल चोरी सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि आरोपी हमीरपुर से लेकर अलियापुर टोल प्लाजा तक खड़े ट्रकों को निशाना बनाते थे। ट्रकों में बैठे लोगों और चालकों के मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। इसके बाद चोरी के मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाशते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। पुलिस अब चोरी की अन्य घटनाओं और बरामद मोबाइलों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
खैरथल-तिजारा जिले की किशनगढ़बास पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कथित साइबर ठगी में संलिप्त पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक आईफोन सहित कुल आठ मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इस संबंध में दो प्रकरण दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच जारी है। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि 27 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि कुछ व्यक्ति एकांत स्थान पर बैठकर साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल हैं। इस सूचना पर किशनगढ़बास थाना पुलिस की टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पांच व्यक्तियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुर्शीद पुत्र बुद्वन (32), निवासी खरकबास, रघुनाथगढ़ (कोलाणी), थाना नौगांव; तोफिक पुत्र अलीमोहम्मद (26), निवासी खरकबास, रघुनाथगढ़ (कोलाणी), थाना नौगांव; यूनूस खान पुत्र बसीर खान (27), निवासी पाटनभान, थाना नौगांव के रूप में हुई है। इसके अतिरिक्त, दिलशाद खान पुत्र मामुदीन (21) और सोहिल खान पुत्र मामुदीन (19), दोनों निवासी रजनी का बास, ओदरा, थाना किशनगढ़बास भी गिरफ्तार किए गए हैं। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच शुरूपुलिस ने आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य ये पता लगाना है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया है और इस नेटवर्क में उनके साथ अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। ये कार्रवाई एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में तथा एडिशनल एसपी जयसिंह और किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के पर्यवेक्षण में की गई। प्रशिक्षु आरपीएस एवं थानाधिकारी नेहा मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में एएसआई ज्ञानचंद, एएसआई कृष्णचंद, कॉन्स्टेबल विनोद, नागर मीणा, जयसिंह, विनोद और अकबर शामिल थे।
संचार साथी पोर्टल की बड़ी सफलता, जुलाई में 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद: सरकार
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल 'संचार साथी' ने जुलाई 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में मदद की है। संचार मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह पहली बार है जब इस मंच के जरिए एक ही महीने में बरामद किए गए मोबाइल फोनों की संख्या 75,000 के आंकड़े को पार कर गई है।
Youtube बना गुरु, मोबाइल बना सहारा, ड्रैगन फ्रूट से लाखों कमा रहा किसान
जालना में कम बारिश और पानी की कमी के बीच दो किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है. पिठोरी सिरसगांव के संभाजी काकडे और नारायण गोरे ने मोबाइल से जानकारी लेकर दूसरे किसानों के खेत देखे और खुद स्ट्रक्चर तैयार किया. कम पानी, लागत में बचत और बाजार की मांग को देखते हुए दोनों को लाखों रुपये की आमदनी की उम्मीद है.
सिद्धार्थनगर में एक महिला से मोबाइल झपटने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। इस घटना के बाद महिला के पति ने बदमाशों का करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया था, जिसमें वे घायल हो गए थे। यह घटना 19 अगस्त की सुबह करीब 4:15 बजे पटनी जंगल टोला बघिहवा क्षेत्र में हुई। मनीषा देवी सड़क पर मोबाइल लेकर टहल रही थीं, तभी पीछे से बाइक पर सवार दो युवक आए। आरोप है कि उन्होंने मनीषा देवी के हाथ से मोबाइल छीन लिया और तेजी से भाग गए। मनीषा के शोर मचाने पर उनके पति श्रवण कुमार गुप्ता अपनी बाइक से बदमाशों का पीछा करने लगे। श्रवण कुमार ने बदमाशों का लगभग दो किलोमीटर तक पीछा किया। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। उपचार के बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के उपरांत पुलिस ने विजय सोनकर उर्फ गोलू पुत्र श्याम प्रकाश, निवासी गोपीजोत, थाना मोहाना को गिरफ्तार किया। उसके पास से मनीषा देवी से छीना गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल (UP55 AY 9691) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, घटना में दो युवक शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर दूसरे युवक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विजय सोनकर को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक सुरेश राम, हेड कांस्टेबल विवेक गुप्ता, कांस्टेबल अर्जुन यादव और कांस्टेबल अंकित कुमार शामिल थे।
मोतिहारी में बाइक मैकेनिक सहयोग संघ ने जिले के बाइक मैकेनिकों, ऑटो पार्ट्स और लेथ दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक एक स्थानीय होटल में हुई, जिसमें संघ के पंजीकरण, नियम-कानून और मैकेनिकों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मैकेनिक और व्यवसायी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष भूलन कुशवाहा ने की, जबकि सचिव मो. शरीफ आलम ने संघ के उद्देश्यों और कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ का मुख्य लक्ष्य सभी बाइक मैकेनिकों को एक मंच पर लाना, उनके हितों की रक्षा करना और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना है। संघ आपदा, बीमारी, दुर्घटना और विवाह जैसी स्थितियों में सदस्यों को सहायता देने की योजना बना रहा है। इसके अतिरिक्त, सभी मैकेनिकों के लिए एक समान और उचित लेबर चार्ज निर्धारित करने पर भी काम किया जाएगा। सदस्यों को नियमों का पालन करना अनिवार्य बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि संघ के सभी सदस्यों को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई सदस्य इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। आपातकालीन स्थितियों में ग्राहकों को सुविधा सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को मैकेनिकों की दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि, आपातकालीन स्थितियों में ग्राहकों की सुविधा के लिए मोबाइल मैकेनिक सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। इस बैठक में उपाध्यक्ष फरमान अली, कोषाध्यक्ष प्रेमनारायण प्रसाद, संगठन प्रभारी अफरोज अंसारी उर्फ गुड्डू सहित सुरेंद्र, अरुण शर्मा, संतोष कुमार, चितरंजन, विजय सिंह, मनोज जी, रमेश जी, अजंता ऑटो, महिंद जी, नवल जी जैसे कई मैकेनिक, ऑटो पार्ट्स और लेथ दुकानदार उपस्थित रहे। सभी ने संघ को मजबूत बनाने और मैकेनिकों के हित में मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
भीलवाड़ा की साइबर थाना पुलिस ने 23 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी साइबर टीम की मदद से जोधपुर से की गई। मामला साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरे लावारिस ट्रक मिलने से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी तलाश पूरी की। यह था मामला प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा ने बताया कि साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरा एक ट्रक लावारिस हालत में मिला था। ट्रक मिलने के बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जोधपुर जिले के सांवर में रहने वाले देवाराम विश्नोई पुत्र मानाराम विश्नोई की भूमिका सामने आई थी। 23 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था पुलिस के अनुसार आरोपी देवाराम गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 23 साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा से पकड़ा आरोपी की तलाश में साइबर थाना पुलिस की टीम की मदद ली गई। साइबर पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने देवाराम को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। ये पुलिसकर्मी टीम में शामिल रहे आरोपी को पकड़ने गई टीम में प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा, एएसआई आशीष कुमार, हेड कॉन्स्टेबल दीपक, चंद्रपाल, किशोर और कॉन्स्टेबल पिंटू शामिल रहे।
35 रुपये किलो मिलेगा प्याज, दिल्ली में 40 लोकेशन पर मोबाइल वैन
दिल्ली में लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों से लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नासिक से 456 मीट्रिक टन प्याज लेकर विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली पहुंची है. प्याज को 9 केंद्रीय भंडारों में भेजा जाएगा. इसके बाद 40 जगहों पर मोबाइल वैन के जरिए इसे 35 रुपये किलो में बेचा जाएगा.
राखी पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने लौटाईं खुशियां, 75 लाख रुपये के 238 मोबाइल सौंपे
इंदौर क्राइम ब्रांच ने रक्षाबंधन पर गुम-चोरी हुए 75 लाख के 238 मोबाइल मालिकों को सौंपे, इनमें 11 आईफोन भी शामिल, पीड़ितों ने सिटीजन कॉप एप पर शिकायत की थी।
जोधपुर में 13 साल के बच्चे ने सुसाइड कर लिया। बच्चा सिर दर्द के बहाने स्कूल से छुट्टी लेकर घर आया था। घर आकर फांसी का फंदा लगा लिया। परिजन बच्चे को हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र का है। थानाधिकारी रविंद्रपाल सिंह ने बताया कि अग्निहोत्री कॉलोनी चौपासनी में रहने वाले बच्चे ने सुसाइड किया है। परिजनों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 27 अगस्त की दोपहर 12 बजे के करीब बच्चा स्कूल से सिर दर्द का कहकर छुट्टी लेकर घर आया था। इसके बाद कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। परिजनों का कहना है कि बच्चा मोबाइल ज्यादा चलाता था। मोबाइल पर गेम खेलने की लत थी। संभवतः इसके चलते डिप्रेशन में आकर उसने सुसाइड कर लिया। हालांकि मृतक कौनसा गेम खेलता था और असल वजह क्या थी इसको लेकर पुलिस की जांच में स्पष्ट हो सकेगा।
बलौदाबाजार जिले के पलारी पुलिस ने उपसरपंच प्रतिनिधि से मारपीट और मोबाइल लूटने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात पुरानी रंजिश और बेदखली को लेकर हुई थी। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। सेमरिया निवासी उपसरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन यादव ने पलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे व्यायाम करने गए थे। इसी दौरान रुपेश कुमार भारद्वाज और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों और बेल्ट से मारपीट की। मोबाइल लूटकर भागे आरोपी मारपीट के दौरान आरोपियों ने गोवर्धन यादव का मोबाइल भी लूट लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पलारी थाने में अपराध क्रमांक 265/2025 दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 117(2) और 309(6) बीएनएस भी जोड़ी। पूछताछ में वारदात कबूली पुलिस ने जांच के दौरान रुपेश कुमार भारद्वाज और सचिन कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल एचएफ डीलक्स बाइक (CG04 NH 1160) और चमड़े का बेल्ट जब्त किया है। कोर्ट ने भेजा जेल थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को 27 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। दो गिरफ्तार, एक आरोपी फरार गिरफ्तार आरोपियों में रुपेश कुमार भारद्वाज (27), निवासी सेमरिया और सचिन कुमार जोशी (20), निवासी तेलासी शामिल हैं। मामले का एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।
अंबाला में जाली पते और कागजातों के सहारे हासिल की गई महज एक मोबाइल सिम कार्ड की मदद से ठग ने 26 राज्यों के लोगों की जेब पर डाका डाल दिया। गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जब एक ही मोबाइल नंबर के खिलाफ शिकायतों का अंबार मिला, तो अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस के भी होश उड़ गए। छापेमारी में खुला राज: 2018 में ही घर छोड़ चुका था आरोपी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर हरियाणा) के निर्देश पर जब अंबाला साइबर पुलिस की टीम अंबाला शहर के हीरा नगर (घेल रोड) स्थित मकान नंबर 77/17/2 पर 'सरप्राइज विजिट' के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। जांच में पता चला कि जिस मनोज कुमार के नाम पर यह सिम दर्ज है, वह तो 2018 में ही यह मकान छोड़कर रफूचक्कर हो चुका है। चालबाजियां: फर्जी e-KYC से सिम एक्टिवेट और री-वेरीफाई पुलिस के जांच अधिकारी ASI जयदेव ने बताया कि शातिर आरोपी ने 20 फरवरी 2026 को वोडाफोन (Vi) कंपनी से पुराने पते के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके e-KYC के जरिए नया सिम कार्ड जारी करवा लिया। हद तो तब हो गई जब 3 अप्रैल 2026 को आरोपी ने बेखौफ होकर अंबाला रेलवे रोड स्थित स्टोर से इसे दोबारा री-वेरीफाई (Re-verify) भी करा लिया। नौकरी का ‘जाल’ और दक्षिण भारत तक फैला ‘जालसाजी का नेटवर्क’ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों ने इस पूरे खेल की पोल खोल दी। आरोपी इस सिम नंबर से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था और उन्हें मनचाही नौकरी का झांसा देकर लाखों की साइबर चपत लगाता था। इस एक नंबर के तार दक्षिण से लेकर पूर्व तक फैले थे। शिकायतों की लंबी लिस्टआरोपी ने फर्जी कागजातों से ली गई सिम से 26 राज्यों में ठगी की अनेक वारदातें की है। पुलिस के अनुसार तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से कुल 26 गंभीर शिकायतें दर्ज पाई गईं। अंबाला में केस दर्ज, जांच शुरूसाइबर फ्रॉड के इस बड़े खेल को लेकर अंबाला साइबर क्राइम थाने ने 27 अगस्त 2026 को आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत FIR संख्या 84 दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस तलाश में जुटी है कि आखिर फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी करने वाला अंदरूनी मददगार कौन था और ठग का असली ठिकाना कहां है।
सीकर जिले में 23 साल की विवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। ससुर ने किडनैपिंग का शक जताते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। घर से हजारों रुपए और मंगलसूत्र भी गायब है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। घर से गहने लेकर गायब 23 साल की विवाहिता के ससुर ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 25 अगस्त की दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनकी पत्नी घर के पीछे मैदान में घरेलू काम कर रही थी। इसी दौरान उनके बेटे की बहू घर में रखा एक सोने का मंगलसूत्र और 5 हजार रुपए लेकर कहीं पर चली गई। तीन-चार नंबरों पर बात करती थी जब कई घंटे तक विवाहिता घर पर नहीं दिखी तो उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में काफी तलाश की गई। लेकिन वहां भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया। विवाहिता के ससुराल पक्ष के अनुसार विवाहिता अपने मोबाइल और ससुर के मोबाइल से तीन-चार नंबरों पर बातचीत करती थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की ऐसे में अब अंदेशा है कि इन नंबरों से जो लोग बातचीत करते थे वह आपराधिक किस्म के लोग हैं। जिन्होंने उनके बेटे की बहू को किडनैप किया हुआ है और पैसों के लालच में वह उसे बेच भी सकते हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप है कि पत्नी सोशल मीडिया पर काफी समय बिताती है और इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पत्नी ससुराल लौटने के बजाय पति से अलग शहर में रहने की मांग कर रही है, जबकि पति बुजुर्ग माता-पिता से अलग होने को तैयार नहीं है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन ठगों पर लिया बड़ा एक्शन, 80 मोबाइल नंबर और 15 IMEI कराए ब्लॉक
इंदौर क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने NCRP पोर्टल पर मिली शिकायतों और तकनीकी डेटा के विश्लेषण से 80 संदिग्ध मोबाइल नंबर और 15 IMEI नंबर ब्लॉक करवाए।
मुरैना शहर के प्रसिद्ध बूढ़े बालाजी स्थित मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। यहां बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण परिजनों को अंधेरे में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के बाद नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शाम होते ही छा जाता है अंधेरा जानकारी के अनुसार, बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम में शाम ढलने के बाद पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। बीते दिन जब एक शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया, तो वहां लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद परिजनों और वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। दुख की इस घड़ी में परिजनों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले कैंट मुक्तिधाम से भी सामने आ चुकी है तस्वीर मुक्तिधामों की बदहाल व्यवस्था का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कैंट स्थित मुक्तिधाम में भी मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। उस समय मामले को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे और सुधार के दावे किए गए थे। लेकिन बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम की ताजा घटना ने एक बार फिर इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रकाश और पानी जैसी सुविधाओं की मांग स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मुक्तिधाम में व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में परिजनों को कम से कम प्रकाश और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। नागरिकों ने कलेक्टर और नगर पालिका प्रशासन से शहर के सभी मुक्तिधामों का निरीक्षण कराकर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट और जनरेटर की व्यवस्था तत्काल कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने दिवंगत परिजन का अंतिम संस्कार मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
मेरी पत्नी का 5 साल से उसके गांव के युवक से अफेयर था। वह शादी से पहले भी उसके घर आता जाता था। ये बात उसके घरवालों को पता थी। लेकिन शादी के समय उसके घरवालों ने ये बातें मुझसे छिपाये रखी। 23 अगस्त को मैंने पत्नी को जब अपने कमरे में बॉयफ्रेंड के साथ बेड पर पकड़ा तो उसकी करतूत का पता चला। बॉयफ्रेंड के मोबाइल चेक करने पर उसमें पत्नी के साथ उसकी कई सेल्फी मिली। दोनों ने मेरे घर के अंदर बेडरूम में ये तस्वीरें ली हुई थी। बॉयफ्रेंड के मोबाइल से कश्मीरी चूड़ी लाने की बातचीत की रिकार्डिंग भी मिली। पता चला है कि मेरे न रहने पर वह मेरे घर पर पत्नी के लिए चूड़ी लेकर आता था। जिसके बाद मैंने उसी दिन दोनों की शादी करा दी लेकिन अब ससुर मुझे धमकी दे रहा है। वह नहीं चाहता कि मामला सामने आए। उसकी बेटी मेरे घर से जेवर और रुपए भी ले गई है। इसलिए मैंने 27 अगस्त को चिरगांव थाने में जाकर पत्नी, उसके बॉयफ्रेंड और ससुर के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने देने के मामले में केस दर्ज करा दिया है। मेरी जान को खतरा है मेरी रक्षा की जाए। ये कहना है झांसी के उस युवक का जिसने पत्नी को बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ने के बाद दोनों की शादी कराई है। सबसे पहले पूरा मामला पढ़िए एक युवक ने बताया- मेरे घर में पत्नी के आलावा मां -बाप और भाई रहते हैं। मां - मिटटी के बर्तन बनाती है। भाई मजदूरी करता है। पिता कोई काम नहीं करते। मेरी शादी 24 जून को दतिया की एक युवती से हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद पत्नी के विहेवियर पर शक होने लगा। पत्नी मुझे नींद की गोलियां देती थी। सोने के बाद बॉयफ्रेंड से मोबाइल पर बात करती थी। इसी बीच 19 अगस्त को घर के जेवर भी गायब हो गए। पत्नी से पूछताछ की, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे सकी। इससे मेरा शक और गहरा हो गया। 23 अगस्त को मेरे मामा का एक्सीडेंट हो गया था। पत्नी को घर पर छोड़कर झांसी मेडिकल कॉलेज गया। जब मैं घर लौट रहा था। तभी मोहल्ले के रहने वाले एक लड़के ने फोन पर मुझे बताया कि घर के अंदर कोई अनजान युवक घुसा है। वह काफी देर से बाहर नहीं आया है। पत्नी भी घर के अंदर है। मां - बाप और भाई किसी काम से बाहर गए हुए हैं। जिसके बाद दोपहर करीब 2 बजे मैं घर पहुंचा। मुझे दरवाजा अंदर से बंद मिला। शक होने पर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी। उसने दोनों के फोटो-वीडियो बना लिए। इसी दौरान दोनों ने उसे देख लिया। पकड़कर धक्का दे दिया। वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर बाहर आया और शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने फूल और सिंदूर मंगवाया। दोनों की शादी करा दी। पुलिस दोनों को थाने ले गई। बॉयफ्रेंड के खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की। जबकि उसकी पत्नी को छोड़ दिया। ससुर ने जान से मारने की धमकी दी युवक के अनुसार- घटना के बाद उसने पत्नी के पिता और भाई को फोन कर पूरी जानकारी दी। उसके मुताबिक, ससुर ने बताया कि उन्हें शादी से पहले ही बेटी के प्रेम-प्रसंग की जानकारी थी। उन्होंने बेटी से एक मोबाइल फोन भी छीन लिया था। बेटी के दोबारा प्रेमी से बात न करने की बात कहने पर उन्होंने मामला खत्म कर दिया। बाद में उसकी शादी राजेश से करा दी। राजेश का आरोप है कि जब उसने ससुर से पूछा कि प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने के बावजूद उसकी शादी उससे क्यों कराई, तो वह नाराज हो गए। जान से मारने की धमकी दी। राजेश का दावा है कि उसके पास बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। पति राजेश खेती करता है। जबकि प्रेमी मोनू भी खेती करता है। वह लड़की के मायके के पास रहता है। स्कूल में साथ पढ़ने के दौरान बॉयफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ी थी पति के मुताबिक के मुताबिक, उसकी पत्नी और बॉयफ्रेंड मोनू मध्य प्रदेश के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों पड़ोसी हैं। करीब पांच साल पहले दोनों समथर के स्कूल में साथ पढ़ते थे। दसवीं तक साथ रहे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पत्नी पर शक होने के बाद उसने उसके गांव में जानकारी जुटाई। वहां ग्रामीणों ने उसे बताया कि करीब दो साल पहले उसकी पत्नी और बॉयफ्रेंड को समथर में साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पत्नी के पिता को भी दोनों के रिश्ते की जानकारी हो गई थी। पत्नी ने अफेयर से किया इनकार वहीं, पत्नी ने पकड़े गए युवक को बॉयफ्रेंड मानने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि उसने इंस्टाग्राम आईडी से उसका नंबर लिया था। वह उस युवक को सिर्फ जानती है। लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध नहीं है। वह जबरन उसके घर में घुस आया था। उसने उसके साथ रेप भी किया था।
गुम मोबाइल की छोड़ दी थी उम्मीद, मिलते ही हुए नि:शब्द
भास्कर संवाददाता| विदिशा हमने पुलिस से मोबाइल गुमने की शिकायत तो की थी, लेकिन मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। चार महीने बाद जब मोबाइल मिला, तो नि:शब्द हो गए। ये कहना है भुजबल सिंह का जिनके गुम मोबाइल उन्हें वापस मिल गए। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विदिशा पुलिस ने एक अनमोल तोहफा दिया है। विदिशा पुलिस के बहुचर्चित मिशन मोबाइल रिकवरी अभियान के तहत तकनीकी संसाधनों का कमाल दिखाते हुए पुलिस ने हाल ही में 537 से अधिक गुम और चोरी हुए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाए हैं। पुलिस द्वारा गुम और चोरी हुए मोबाइलों की तलाश के लिए मिशन मोबाइल रिकवरी लगातार बड़े परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में माह जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान विदिशा पुलिस ने थाना क्षेत्रों से कुल 537 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए। इन सभी मोबाइलों को अत्याधुनिक सीईआईआर पोर्टल और डिजिटल तकनीक के जरिए ट्रैक किया गया, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 10 लाख 8 हजार 500 रुपए हैं। अब तक 4.82 करोड़ के मोबाइल रिकवर वर्ष 2025 से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर नजर डालें तो पुलिस ने आम जनता की गाढ़ी कमाई को वापस दिलाने में मिसाल कायम की है। फरवरी 2025 में 310 मोबाइल ,कीमत 62 लाख, जून 2025 527 मोबाइल कीमत 1 करोड़ 5 लाख,अक्टूबर 2025 275 मोबाइल कीमत 55 लाख 16 हजार, फरवरी 2026, 603 मोबाइल कीमत 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार,जुल ाई-अगस्त 2026 537 मोबाइल कीमत 1 करोड़ 10 लाख 8 हजार, इस प्रकार, वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक कुल 2,252 मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत 4 करोड़ 82 लाख 99 हजार 500 है।
प्रचार का नया ट्रेंड:गली-मोहल्लों के साथ मोबाइल पर मैसेज भेजकर जनता से सीधा संवाद
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की हलचल के साथ प्रचार का तरीका भी बदल गया है। कभी लाउडस्पीकर, ऑटो-रिक्शा पर बैनर, दीवारों पर नारे और गली-मोहल्लों में जनसंपर्क प्रचार की पहचान थे। अब चुनावी प्रचार का बड़ा मैदान मतदाताओं की मोबाइल स्क्रीन बन गई है। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी जनसंपर्क के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। जनसभाओं के लाइव प्रसारण, नुक्कड़ सभा के वीडियो और रील के जरिए हजारों मतदाताओं तक पहुंच बना रहे हैं। वार्ड, कॉलोनी और आवासीय सोसायटियों के अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप बना वोटर्स से सीधा संवाद कर रहे हैं। वर्चुअल बैठकें भी प्रचार का नया माध्यम बन रही हैं। डेटा एनालिसिस और नई तकनीकी का उपयोग: चुनावी रणनीति में डेटा एनालिसिस और नई तकनीक का उपयोग भी बढ़ा है। स्थानीय चुनाव में व्यक्तिगत छवि और जमीनी पकड़ अब भी निर्णायक है। इसलिए जीत का नया मंत्र यही है.... गलियों में मजबूत जनसंपर्क और मोबाइल स्क्रीन पर प्रभावी मौजूदगी।
Amroha News: स्कूटी और मोबाइल लूट का खुलासा, तीन बदमाश गिरफ्तार
बीती 18 अगस्त को हुई स्कूटी व मोबाइल फोन लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
Rohtak News: घर में घुसे चोर, नकदी और मोबाइल लेकर फरार
Thieves broke into the house and fled with cash and mobile phones.
Yamuna Nagar News: चोरों ने घर से क्रेटा कार और दो मोबाइल फोन किए चोरी
शहर की भरत कॉलोनी लाल द्वारा क्षेत्र में मंगलवार रात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाकर दो मोबाइल फोन चोरी करने के बाद बाहर खड़ी लाल रंग की क्रेटा कार भी ले गए।
Baghpat News: मोबाइल देखते हुए चल रहे युवक के पैर में सांप ने डसा
A snake bit the leg of a young man who was walking while looking at his mobile phone.
बवानीखेड़ा (भिवानी)। नेपाल में बुधवार को आए विनाशकारी सैलाब के बाद बड़सी निवासी डॉ. प्रियंका चौधरी से संपर्क टूट गया है। वह चिकित्सकों की टीम के साथ करीब एक सप्ताह पहले घूमने के लिए नेपाल गई थीं। जल प्रलय के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।
दिल्ली में 10-15 मिनट की डिलीवरी ऐप्स के लिए नई 'माइक्रो-लॉजिस्टिक्स नीति' लागू की गई है। इसके तहत कॉलोनियों के अंदर के डार्क-स्टोर बंद होंगे और डिलीवरी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों से होगी, जिससे जाम की समस्या खत्म होगी।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
4 जगहों से रेप के इनामी आरोपी समेत 7 गिरफ्तार:15 लाख के जेवरात समेत थार, मोबाइल और नकदी बरामद
अलवर जिले में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। वहीं कोतवाली थाना पुलिस ने कम्पनी बाग के सामने स्थित रिवाज रिसॉर्ट में जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान जेवरात से भरा बैग चोरी करने वाले आरोपी रवि सिंह, उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से सोने का हार, सोने की चेन, तीन सोने की गिन्नियां, चांदी की पायजेब के चार सेट, अंगूठी और चांदी के बर्तन समेत करीब 15 लाख रुपए कीमत के जेवरात बरामद किए हैं। मोबाइल व नकदी लूटने वाले 3 अरेस्ट अखैपुरा थाना पुलिस ने युवक को थार गाड़ी में डालकर ले जाने और मोबाइल व नकदी लूटने के मामले में तीन आरोपियों अमित वर्मा (18), अरुण कुमार (22), दिनेश कुमार (21) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से थार गाड़ी, दो मोबाइल फोन और 7 हजार रुपए बरामद किए गए। स्क्रैप कारोबार का झांसा देकर की थी लूट इसके अलावा वैशाली नगर थाना पुलिस ने गुजरात के व्यापारी को सोशल मीडिया चैट के जरिए स्क्रैप कारोबार का झांसा देकर अलवर बुलाने, फिर मारपीट और हथियार के बल पर लूट करने के मामले में दो वांछित आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी मामलों में जांच जारी है।
सीतामढ़ी पुलिस को चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने कुल 68 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें से 34 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए हैं। सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रंजन ने गुरुवार को अपने कार्यालय में मोबाइल उपभोक्ताओं को उनके बरामद फोन सौंपे। सीतामढ़ी पुलिस के प्रति किया आभार व्यक्त लंबे समय बाद अपनी संपत्ति वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की। पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को तकनीकी जांच और पुलिस कार्रवाई के माध्यम से बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है। मोबाइल वापस मिलने पर उपभोक्ताओं ने सीतामढ़ी पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मार्टफोन वापस मिलने से ओनर्स में खुशी एसपी अमित रंजन ने बताया कि पुलिस का निरंतर प्रयास है कि बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके सही मालिकों तक पहुंचाए जाएं। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का लक्ष्य लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाना है। उपभोक्ताओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि मोबाइल में महत्वपूर्ण निजी जानकारी और संपर्क नंबर होते हैं, इसलिए इसे वापस पाना उनके लिए बड़ी राहत है।
गुरुवार को अशोकनगर जिले में गुम हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने करीब 130 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है। एसपी का रक्षाबंधन पर तोहफा एसपी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की ओर से यह रक्षाबंधन के पूर्व तोहफा है। उन्होंने लोगों से कहा कि मोबाइल मिलने के बाद सबसे पहला फोन अपनी बहन को कर के खुशी जाहिर करें। साइबर सेल की बड़ी कामयाबी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बीते कुछ समय में बड़ी संख्या में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइलों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद करीब 130 मोबाइल बरामद किए गए। पब्लिक को किया जागरुक इस दौरान एसपी ने लोगों को मोबाइल की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियां होती हैं। इसलिए मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अनजान कॉल, लिंक और संदिग्ध संदेशों से सतर्क रहें।
सावधान! APK डाउनलोड करने से पहले रुको, भारी पड़ जाएगा ये ऐप्स इंस्टॉल करना; बड़ा अलर्ट
Mod WhatsApp, Pro Instagram और अन्य अनऑफिशियल APK फाइलें डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि फर्जी डाउनलोड में मैलवेयर छिपा हो सकता है। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
इटावा में छात्रा से मोबाइल लूटने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
इटावा में 11वीं की छात्रा से मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने आठ दिन बाद एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। आरोपी के पैर में गोली लगी। लूटा मोबाइल, तमंचा और बाइक बरामद हुई।
टूटा या खराब फोन भी नहीं है 'बेकार'! जानें पुराने मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका
घर में पड़ा पुराना स्मार्टफोन अब बेकार नहीं रहेगा, क्योंकि उसे रीसेल या रीसाइकल करके अच्छी कीमत मिल सकती है। जानें पुराने फोन को बेचने से पहले क्या करें और कैसे उसकी वैल्यू बढ़ाएं।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर में जमीन कब्जाने और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस मामले में बेलसंड से लोजपा(रा.) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में अहियापुर थाना क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस टीम को देखते ही आनंद ने अपना मोबाइल फोन और सिम तोड़ दिया था, ताकि उसमें मौजूद सबूत नष्ट किए जा सके। पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद कर उसे फॉरेंसिक और साइबर टीम को जांच के लिए भेजा है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आनंद ने 19 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं, जो 20 अगस्त को झपहां डीह में चहारदीवारी तोड़े जाने के समय मौके पर मौजूद थे। पुलिस अब इन नामों और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व अन्य तकनीकी सबूतों से जांच करेगी। 8 मामलों में विधायक नामजद पुलिस का दावा है कि तोड़फोड़ के दौरान कई लोग विधायक के भाई सोनू सिंह और कुछ अन्य लोग सीधे विधायक के संपर्क में थे। इस मामले में अब तक कुल 25 प्राथमिकी (केस) दर्ज की गई है, जिनमें से 8 मामलों में विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया गया है। विधायक और उनके भाई के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना 20 अगस्त को झपहां डीह में हुई थी। उस दिन स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने पहले से बनी चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा गया था कि अगर जमीन पर रहना है तो 'बॉस' को पैसा देना होगा। इसी मामले में पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में सामने आया विधायक और भाई से संपर्क का दावा सिटी एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आनंद ने पूछताछ में बताया कि मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार सोनू सिंह के संपर्क में थे। इनमें गोलू उर्फ सौरभ, सनी सिंह और पिंटू शांडिल्य के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद ने यह भी बताया कि गोलू उर्फ सौरभ उस दौरान विधायक अमित कुमार रानू के सीधे संपर्क में था और फोन पर बात कर रहा था। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि सीडीआर, मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में विधायक और उनके भाई का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और संपर्क के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस के पहुंचते ही मोबाइल तोड़ा, अब फॉरेंसिक से खुलेगा राज आनंद की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसका मोबाइल मिला, लेकिन पुलिस के अनुसार उसने कार्रवाई से पहले मोबाइल और सिम तोड़ दिया था। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में इस मामले से जुड़े अहम साक्ष्य हो सकते हैं। क्षतिग्रस्त मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साइबर टीम भी डाटा और संपर्क से जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी। अब तक पांच गिरफ्तारियां इससे पहले सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव की गिरफ्तारी हुई थी। नन्हे सिंह और छोटू यादव को 23 अगस्त को सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। छोटू के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत सात मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आनंद ने जिन 19 लोगों के नाम बताए हैं, उनके संबंध में भी पुलिस सत्यापन कर रही है। रिमांड के लिए होगी सुनवाई, आगे और गिरफ्तारी की तैयारी सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को अदालत में आवेदन दिया जाएगा। पुलिस उनसे जमीन विवाद, तोड़फोड़ की पूरी योजना और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस इस पूरे मामले में उनके संपर्क, भूमिका और कथित जमीन विवाद से जुड़े कनेक्शन की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसके बाद ही उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कस्टमर केयर नंबर की तलाश बैतूल के एक व्यक्ति को महंगी पड़ गई। मीशो से खरीदी गई सामग्री वापस करने के लिए इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करने के बाद बैतूल निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1 लाख 1 हजार 990 रुपए की ठगी हुई। इस साइबर ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। यह घटना 17 फरवरी 2026 की है। चुनालोमा निवासी अतिथि शिक्षक रहे 42 वर्षीय दिव्यांग बाकेबिहारी गोहे ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मीशो ऐप से खरीदी गई वस्तु वापस करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा था। उस नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी ने उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके (APK) फाइल भेजी। मोबाइल का एक्सेस ले लिया थाबताया गया है कि मोबाइल में एपीके फाइल खोलते ही आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर लिया। इसके बाद यूपीआई (UPI) के जरिए खाते से 1,01,990 रुपए का लेनदेन कर लिया गया। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की सहायता से पुलिस ने लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपी की पहचान मोहम्मद आशिफ के तौर पर की। पुलिस टीम बुधवार को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम हसनपुर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी की वारदात को स्वीकार किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक आईफोन 11 प्रो (iPhone 11 Pro) मोबाइल और 25 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की कि कस्टमर केयर नंबर केवल संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही प्राप्त करें, न कि इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी नंबर से। व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भेजी गई किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। ऐसे हुई थी ठगीअतिथि शिक्षक रहे दिव्यांग बांके बिहारी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए करीब 156 रुपए की सामग्री मीशो ऐप के जरिए बुलवाई थी। यह सामान जब घर पहुंचा तो बुलवाया सामान उनके ऑर्डर के मुताबिक नहीं था। उन्होंने कंपनी से इसकी शिकायत की थी। इस बीच सामान वापस लेने आए डिलीवरी बॉय ने सामान वापस नहीं लिया तब उन्होंने गूगल से मीशो का कस्टमर केयर नंबर सर्च कर काल की। कुछ देर बाद एक नंबर से काल आया, बताया गया कि वे कस्टमर केयर से बोल रहे हैं उनकी रकम वापस कर दी जाएगी। फोन काल पर व्यक्ति ने उन्हें भेजी गई एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा। जिसे उन्होंने डाउनलोड भी कर लिया। कॉलर ने उनसे जब उनका ATM कार्ड के फोटो खींचकर मांगा तब उन्हें शक हुआ कि वे ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने खाता चैक किया तो रकम खाते से निकाली जा चुकी थी। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 और कोतवाली में की थी।
इटावा में कोचिंग से पैदल घर लौट रही एक छात्रा से मोबाइल छीनकर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने नौ दिन बाद मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। बुधवार रात करीब 9 बजे ठंडी पुलिया और लायन सफारी के पास एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। उसके पास से छात्रा से छीना गया मोबाइल, 315 बोर का तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय शुभी राजपूत के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ इटावा समेत मैनपुरी और फिरोजाबाद के कई थानों में पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। जीआईसी स्कूल के गेट के पास हुआ था वारदात मामला 18 अगस्त की शाम का है। फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के गांधी नगर निवासी चन्द्रवीर सिंह ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी बेटी शाम करीब 7 बजे बलराम सिंह चौराहे से कोचिंग पढ़कर पैदल घर लौट रही थी। छात्रा जब जीआईसी स्कूल ग्राउंड के गेट के पास पहुंची, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर आए युवकों ने उसका मोबाइल झपट लिया। छात्रा कुछ समझ पाती, इससे पहले बाइक सवार युवक तेजी से मौके से फरार हो गए। घटना के बाद छात्रा के परिजन मौके पर पहुंचे। उनके साथ अधिवक्ता अश्वनी सिंह भी वहां पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। अधिवक्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के उच्च पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस पर भी घटना के खुलासे का दबाव बढ़ा। सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई। लायन सफारी की ओर आने की मिली थी सूचना पुलिस टीमों ने वारदात के बाद घटनास्थल और उसके आसपास के सुरागों को खंगालना शुरू किया। सर्विलांस टीम भी आरोपी तक पहुंचने में जुटी रही। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली और उसकी तलाश तेज कर दी गई। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह के अनुसार बुधवार रात एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन पुलिस क्षेत्र में सक्रिय थी। इसी दौरान सूचना मिली कि जीआईसी स्कूल के पास छात्रा से मोबाइल छीनने वाला आरोपी मोटरसाइकिल से लायन सफारी की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने ठंडी पुलिया और लायन सफारी के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद एक बाइक सवार आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस के अनुसार आरोपी ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार पहले आरोपी ने चलाई गोली पुलिस का आरोप है कि घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान शुभी राजपूत के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस मिला। पुलिस ने छात्रा से छीना गया एंड्रॉयड मोबाइल भी बरामद कर लिया। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर जीआईसी गेट के पास छात्रा का मोबाइल छीना था। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी शुभी राजपूत पुत्र राम प्रकाश राजपूत, ग्राम किल्ली सुल्तानपुर, थाना बसरेहर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ इटावा के अलावा मैनपुरी और फिरोजाबाद में चोरी, छिनैती और अवैध हथियार रखने से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। सैफई, इकदिल, किशनी और शिकोहाबाद थानों में भी उसके खिलाफ मामले होने की जानकारी पुलिस ने दी है। यह कार्रवाई एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन और सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन में एसओजी, सर्विलांस टीम और सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक कण्व कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक हासिक समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
Ballia News: एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर साइबर ठगी, पुलिसकर्मी का नंबर भी एक घंटे रहा हैक
The policeman's number was also blocked for an hour.
नींद आने पर सड़क किनारे रोकी गाड़ी, बदमाशों ने शीशा तोड़कर चालक को बंधक बना 80 हजार व मोबाइल ले गए
Jammu News: युवक की आंखों में स्प्रे कर मोबाइल और चेन चोरी
Jammu and kashmir
Chandauli News: बेटी का आधार बनवाने के लिए तीसरी बार मोबाइल टावर पर चढ़ा
Climbed mobile tower for the third time to get daughter's Aadhaar made.
Udham Singh Nagar News: पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
कोंडागांव में केशकाल पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बावनीमारी जंगल में जुआ खेल रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 2 लाख 54 हजार 180 रुपए की सामग्री जब्त की है। इसमें 79,180 रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन और 4 मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस को 25 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बावनीमारी जंगल के पास कुछ लोग ताश से जुआ खेल रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर पुलिस और साइबर टीम ने मिलकर कार्रवाई की। टीम ने जंगल में घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। जंगल में जुआ खेलते 7 गिरफ्तार पुलिस को देखकर कुछ जुआरी भाग गए, लेकिन सात लोगों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष नाग (29), आशीष रामटेके (36), मनीष रूपानी (29), सोहन मंडावी (27), अविनाश पांडे (32), गणेश जायसवाल (50) और प्रदीप गुप्ता (28) के रूप में हुई है। 2.54 लाख का सामान जब्त पुलिस ने जुआ स्थल से 79,180 रुपए नकद, करीब 80 हजार रुपए कीमत के 6 मोबाइल और करीब 95 हजार रुपए कीमत की 4 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इसके अलावा ताश के 52 पत्ते भी बरामद किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत 2,54,180 रुपए बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
जगराओं में बुधवार देर शाम गुरुद्वारा नानकसर के बरसी समारोह से लौट रही दो लड़कियों से मोबाइल छीनने की घटना सामने आई। आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने रास्ते में लड़कियों को थप्पड़ मारकर उनके मोबाइल छीन लिए। घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों और स्थानीय लोगों ने बदमाशों का पीछा किया और बस स्टैंड चौक के पास दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा नानकसर में बाबा नंद सिंह जी का बरसी समारोह चल रहा है। बुधवार शाम दो लड़कियां गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट कर मोबाइल छीन लिए। सेवादारों ने घटना देख युवकों का पीछा किया। बस स्टैंड चौक के पास लोगों ने बाइक को घेर लिया। इस दौरान एक युवक बाइक से उतरकर फरार हो गया, जबकि दो युवकों को पकड़ लिया गया। लोगों के अनुसार, पकड़े गए एक युवक की तलाशी में कथित तौर पर सिरिंज मिली। युवक ने नशा करने की बात कही। दूसरे युवक ने वारदात की जानकारी होने से इनकार किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
जशपुर पुलिस ने कुनकुरी में मोबाइल दुकान से करीब 150 मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में झारखंड से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया है। चोरी किए गए मोबाइल दूसरे आरोपी के पास होने की जानकारी मिली है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। शटर के दोनों ताले काटकर दुकान में घुसे कुनकुरी निवासी पंकज कुमार पारिक कठौतिया मोबाइल शॉप चलाते हैं। उन्होंने 12 अगस्त को थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पंकज के मुताबिक 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे दुकान बंद की थी। अगले दिन सुबह सूर्योदय बैंक के कर्मचारी ने दुकान का शटर खुला होने की सूचना दी। दुकान पहुंचने पर शटर के दोनों ताले कटे मिले। अंदर मोबाइल के डिब्बे बिखरे हुए थे। जांच करने पर बिक्री के लिए रखे करीब 150 मोबाइल हैंडसेट गायब मिले। पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत BNS की धारा 331(4), 305(ए) और 3(5) में केस दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV और होटल से मिला अहम सुराग पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते नजर आए। जांच के दौरान घटनास्थल के पास एक होटल से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। यहां दोनों संदिग्धों ने खाना खाया था और होटल संचालक को अपना मोबाइल नंबर दिया था। CCTV फुटेज, होटल से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर पुलिस ने एक आरोपी की पहचान तौसीफ रजा (35), निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखंड के रूप में की। झारखंड पहुंची पुलिस टीम, आरोपी गिरफ्तार डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम झारखंड रवाना हुई। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने तौसीफ रजा को हिरासत में लेकर कुनकुरी लाया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ काफी समय से मोबाइल दुकानों में चोरी की योजना बना रहा था। दोनों ने झारखंड से ओडिशा, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल दुकानों की रेकी की थी। इसी दौरान कुनकुरी की दुकान को निशाना बनाया। बैग में भरे मोबाइल, डिब्बे और कवर झाड़ियों में फेंके आरोपी के अनुसार, घटना की रात दोनों दुकान के पीछे पहुंचे और औजार से शटर के दोनों ताले काट दिए। अंदर घुसने के बाद मोबाइल फोन पिट्ठू बैग में भरकर वहां से निकल गए। कुछ दूरी पर दोनों ने मोबाइल के कवर और डिब्बे अलग कर झाड़ियों में फेंक दिए, जबकि मोबाइल हैंडसेट अपने साथ रखे। इसके बाद दोनों बस से फरार हो गए। साथी फरार, उसी के पास करीब 150 मोबाइल पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल उसके दूसरे साथी के पास हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान कर ली है, लेकिन वह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी और करीब 150 मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने तौसीफ के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिट्ठू बैग और मोबाइल हैंडसेट जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी के मोबाइल बरामद करने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
जींद पुलिस ने गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायतों को आसान बनाने के लिए एक नई पहल की है। अब आम नागरिक अपने संबंधित थाने में ही मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस संबंध में, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में, साइबर सेल जींद के इंचार्ज अनमोल ने जिले के सभी थाना ऑपरेटरों को सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के उपयोग का प्रशिक्षण दिया। CEIR पोर्टल से मोबाइल फोन ट्रैस करने की प्रक्रिया अनमोल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि अब मोबाइल गुम या चोरी होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। वे सीधे अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद, CEIR पोर्टल के नियमों के अनुसार गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैस करने और बरामद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CEIR पोर्टल मोबाइल फोन की पहचान और उसकी लोकेशन का पता लगाने में सहायक है। यह प्रणाली गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन के संभावित दुरुपयोग को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों को गंभीरता से लें : साइबर सेल इंचार्ज साइबर सेल इंचार्ज ने सभी थाना ऑपरेटरों को निर्देश दिए कि वे मोबाइल गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्हें यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि आवश्यक जानकारी सही ढंग से दर्ज की जाए और CEIR पोर्टल पर नियमानुसार कार्रवाई हो, ताकि गुम हुए मोबाइल फोन को जल्द से जल्द ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाया जा सके। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत अपने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत दर्ज कराते समय मोबाइल फोन का IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य सभी उपलब्ध जानकारी पुलिस को प्रदान करना आवश्यक है। सही और पूरी जानकारी देने से मोबाइल फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया में काफी मदद मिलती है।
सहरसा में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 3.070 किलोग्राम (तीन किलो 70 ग्राम) अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुपौल के रास्ते पुरीख होते हुए रकिया की ओर एक व्यक्ति बाइक से गांजे की खेप लेकर जा रहा है। इस सूचना पर वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बिहरा थाना की गश्ती टीम ने ग्राम पुरीख हटिया रोड स्थित बजरंगबली मंदिर के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान सुपौल की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके झोले से 3.070 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान सदर थाना क्षेत्र के रकिया गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह, पिता वलबीर सिंह, के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच जारी थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ बिहरा थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 290 दर्ज कर लिया गया है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई में बिहरा थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार सत्यार्थी, पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल और थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
साकेत नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सराधना (पाली बॉर्डर) में करीब छह महीने से लापता लीला देवी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी राजेंद्र गिरी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बिलाड़ा क्षेत्र के बीनावास स्थित एक खेत से लीला देवी का नरकंकाल बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार लीला देवी पत्नी चिमनसिंह गत फरवरी से लापता थीं। परिजनों ने बताया कि 13 फरवरी को उनकी लीला से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला और 15 फरवरी के बाद उनका मोबाइल लगातार बंद आने लगा। लापता होने से पहले लीला देवी ने अपनी मां से दशा माता मंदिर में पूजा करने जाने की बात कही थी। इस संबंध में परिजनों ने 11 अप्रैल को साकेत नगर थाने में लीला के घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बाद में लीला के पुत्र राकेश सिंह ने 11 अगस्त को एक अन्य रिपोर्ट दर्ज करवाकर आरोप लगाया कि किराए के मकान का ताला तोड़कर करीब आठ लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान चोरी कर लिया गया है। परिजनों ने लीला के अपहरण व हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच की मांग की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि लीला के मोबाइल में राजेंद्र गिरी की सिम और राजेंद्र गिरी के मोबाइल में लीला की सिम लगी हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए राजेंद्र गिरी को ट्रेस किया। पुलिस टीम ने 23 अगस्त को आरोपी को उसके गांव पिच्याक से गिरफ्तार कर ब्यावर ले आई। पूछताछ के दौरान आरोपी राजेंद्र गिरी ने पुलिस के समक्ष लीला की हत्या करने तथा शव को दफनाने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार राजेन्द्र गिरी 13 मार्च को लीला को अपने साथ बीनावास (बिलाड़ा) स्थित खेत पर ले गया था। खेत में बनी झोंपड़ी में उसकी हत्या करने के बाद शव को खेत में ही दफना दिया गया।थानाधिकारी की टीम ने किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासासाकेत नगर थानाधिकारी सुरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया। आरोपी की निशानदेही पर को खेत में दफनाए गए शव के अवशेष निकालकर नरकंकाल बरामद किया गया, जिसे ब्यावर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार नरकंकाल का बुधवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद नरकंकाल परिजनों को सौंपा गया।
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र में एक गांव से 19 वर्षीय लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंगलवार रात (25 अगस्त) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। पिता की शिकायत पर धमतान साहिब पुलिस चौकी और थाना गढ़ी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। गांव रसीदा निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी मंगलवार, 25 अगस्त की रात लगभग 10 से साढ़े 10 बजे के बीच घर से अचानक गायब हो गई। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिजनों ने अपने स्तर पर लड़की की तलाश रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अज्ञात व्यक्ति पर अगवा करने का आरोप लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को झांसा देकर या बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। परिजनों के अनुसार, लड़की बालिग है और उसने 7वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। लापता होने के समय उसने सफेद रंग का सूट-सलवार और चप्पल पहन रखी थी। लड़की का रंग सांवला है और उसके पास एक मोबाइल फोन भी है। लड़की की तलाश कर रही पुलिस शिकायत मिलने के बाद धमतान साहिब पुलिस चौकी के एएसआई संजय ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने 26 अगस्त को तड़के ही थाना गढ़ी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137/96 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम लड़की के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखकर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी करके उसकी तलाश कर रही है।
पलवल में एक मस्जिद के कमरे में नाबालिग बच्ची के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। हसनपुर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मस्जिद में नाबालिग बच्ची के पिता इमाम हैं। उनका एक रिश्तेदार मस्जिद में बने एक कमरे में ठहरा हुआ था। बताया गया है कि 11 वर्षीय नाबालिग सुबह अपने घर से मस्जिद में अपने पिता के कमरे से मोबाइल फोन का चार्जर लेने गई थी। इसी दौरान साजिद नामक आरोपी ने उसे पकड़ लिया और कमरे को अंदर से बंद कर उसके साथ रेप किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके परिजन वहां पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बच्ची छठी कक्षा में पढ़ती है और सुबह स्कूल जाने से पहले मां का फोन चार्ज करने के लिए चार्जर लेने गई थी। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस बच्ची के पिता ने हसनपुर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। हसनपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई रंजना को सौंपी गई है। जांच अधिकारी ने नाबालिग को मेडिकल चेकअप के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल पहुंचाया है। पुलिस का कहना है कि उनकी टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जींद जिले के सफीदों में आपसी रंजिश के चलते मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। हमलावरों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा, उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे जबरन अगवा कर कुछ दूरी पर सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 7 नामजद और 8 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह घटना 20 अगस्त को सफीदों में गुलजारी होटल के सामने हुई। निम्नाबाद निवासी शिकायतकर्ता करणपाल और आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बड़ौद गांव के रहने वाले आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करणपाल को घेर लिया और उस पर हमला किया। हमलावरों ने करणपाल की गाड़ी में तोड़फोड़ की और लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद, आरोपी करणपाल को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर थोड़ी दूर ले गए और फिर उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उनके पास से लगभग 11 तोला सोना और तीन कीमती मोबाइल फोन भी छीन लिए। मामले में संलिप्त आरोपी पुलिस को दी गई शिकायत और जांच के अनुसार, इस हमले में गांव बड़ौद निवासी गुलाब, जगतार सिंह, गुरदेव सिंह, गुरविन्द्र सिंह, सिमरनजीत, अमनदीप और गुरजेन्ट सिंह नामजद आरोपी हैं, जबकि इनके साथ लगभग 8 अन्य अज्ञात व्यक्ति भी इस वारदात में शामिल थे। CCTV फुटेज और MLR ने खोली वारदात की परतें घटना के बाद करणपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और अस्पताल से एमएलआर कटवाई, जिसमें डॉक्टर ने उसके शरीर पर 5 गंभीर चोटों की पुष्टि की। मामला रिश्तेदारों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने सूक्ष्मता से जांच शुरू की। पीएसआई मंजीत की अगुवाई में पुलिस टीम ने 23 अगस्त को घटनास्थल का दौरा किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज और थाना प्रबंधक अफसर की तस्दीक में मारपीट, किडनैपिंग और गाड़ी में ले जाकर फेंकने की जानकारी सामने आई। समझौते से इनकार, पुलिस ने दर्ज किया केस दोनों पक्षों में रिश्तेदारी होने के कारण पुलिस ने प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की, लेकिन 25 अगस्त को पीड़ित करणपाल ने थाने पहुंचकर साफ कर दिया कि वह किसी भी प्रकार का समझौता नहीं चाहता और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके बाद 25 अगस्त की रात थाना शहर सफीदों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कानपुर के पनकी में शातिर चोरों ने पुलिस गश्त की पोल खोलते हुए मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान को निशाना बनाया। चोर दुकान की छत पर पड़ी टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हुए और ग्राहकों के रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल पार कर दिया। बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे मालिक को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पनकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश कर रही है। रात दस बजे दुकान बंद कर घर गया था दुकानदार रतनपुर निवासी सौरभ द्विवेदी की पनकी ई-ब्लॉक में सौरभ टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। सौरभ के मुताबिक, मंगलवार रात वह रोज की तरह करीब दस बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात चोर दुकान की छत पर पहुंचे और टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हो गए। चोरों ने दुकान में रखे सामान को खंगाला और रिपेयरिंग के लिए ग्राहकों द्वारा दिए गए करीब 25 से 30 मोबाइल फोन, दस से अधिक कीपैड फोन और महंगे चार्जर समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल समेट लिया। सुबह दुकान खोली तो बिखरा मिला सामान बुधवार सुबह सौरभ दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। चोरी का पता चलने पर उन्होंने छत की ओर देखा तो टीन शेड कटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पनकी थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के आसपास कुछ संदिग्ध लोगों की आवाजाही दिखाई दी है। पुलिस उनकी पहचान करने के साथ ही आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि घटना का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राहकों के मोबाइल चोरी होने के कारण दुकानदार के सामने उन्हें वापस करने की चुनौती भी है। पुलिस आसपास के कबाड़ियों, मोबाइल दुकानों और चोरी के मोबाइल की बिक्री के संभावित ठिकानों पर भी नजर रख रही है।
पटना जंक्शन पर यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रेल पुलिस ने इस मामले में आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के सात मोबाइल फोन और चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई मंगलवार को स्टेशन परिसर में निगरानी के दौरान की गई। बरामद मोबाइल फोन रियलमी, वीवो और रेडमी कंपनियों के हैं। चांदी के जेवरों में बाजूबंद, पायल, चूड़ी और लॉकेट शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बरामद सामानों को किन यात्रियों से चुराया गया था। पुलिस को देखकर भागने लगे, घेराबंदी कर दबोचा रेल पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 4-5 के पश्चिमी छोर पर आठ युवक एक साथ बातचीत करते दिखे। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख सभी संदिग्ध भागने लगे, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के मोबाइल फोन और चांदी के जेवर मिले। चोर गरोह के 8 लोगों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना निवासी सुमित कुमार, मो. ताजू, सिट्टू कुमार, मो. इरशाद आलम और सुनील कुमार के रूप में हुई है। इनके अतिरिक्त, नालंदा के राहुल कुमार, सीतामढ़ी के रूपेश कुमार और अरवल के रोहित कुमार भी पकड़े गए हैं। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर में सक्रिय चोर गिरोहों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस सभी आरोपियों के आपसी संबंध और गिरोह में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये लोग कब से स्टेशन और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। फोन और जेवर के मालिकों का पता लगा रही पुलिस पुलिस अब मोबाइल फोन और जेवर के मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बरामद मोबाइल के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। भीड़ में यात्रियों को बनाते थे निशाना पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के मोबाइल और जेवर चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही अधिक होने के कारण आरोपी भीड़ में घुसकर वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद सामान लेकर चंपत हो जाते थे। रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े हैं। साथ ही पटना जंक्शन के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी इनके सक्रिय होने की जानकारी जुटाई जा रही है। कई थानों में पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से सभी या कुछ आरोपियों के खिलाफ रेल थाना समेत विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि पूर्व में दर्ज मामलों में इनकी क्या भूमिका रही है और किन-किन घटनाओं में इनके नाम सामने आए हैं। रेल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ और जांच पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन विश्वास से 57 लोगों का खोया मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | गढ़वा समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम एवं चोरी हुए 57 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। पुलिस की इस पहल से मोबाइल वापस पाने वाले लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मौके पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि आम-आवाम में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया गया था। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थाना एवं ओपी में दर्ज सनहा और सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गढ़वा के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि पिछले माह की बरामदगी को शामिल करते हुए पुलिस अब तक कुल 116 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मोबाइल की बरामदगी नहीं, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना और तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने डायल-112 के महत्व की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करने की अपील की। साथ ही यौन उत्पीड़न एवं समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया। पुलिस की इस पहल से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने के साथ यह संदेश भी गया कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने पर तकनीकी माध्यमों से उनकी बरामदगी संभव है। पुलिस ने आम लोगों से ऐसे मामलों में तत्काल संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराने तथा सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करने की अपील की।
33 गुम मोबाइल बरामद कर पुलिस ने लौटाया
चाईबासा| पश्चिमी सिंहभूूम जिले में गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चल रहा है। अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। सीईआईआर सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल से तकनीकी अनुसंधान किया गया। सभी थाना क्षेत्रों से कुल 33 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। कार्रवाई सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में हुई। बरामद मोबाइल फोन मंगलवार को उनके वास्तविक धारकों को विधिवत लौटाए गए। मौके पर एसडीपीओ चक्रधरपुर सैय्यद मुस्तफा हाशमी, एसडीओ सदर बहामन टूटी, डीएसपी मुख्यालय पूजा कुमारी मौजूद रहीं।
Gorakhpur News: फर्नीचर कर्मियों के कमरे से मोबाइल चोरी, दो गिरफ्तार
Mobile phone stolen from furniture workers' room; two arrested.
Rewari News: मोबाइल टावर से 50 हजार रुपये की रेडियो रिमोट यूनिट चोरी
Radio remote unit worth 50,000 stolen from mobile tower
Amroha News: 86 हजार का मोबाइल तीन माह में खराब, कंपनी-विक्रेता को नोटिस
86 हजार रुपये का मोबाइल खरीदने के महज तीन महीने बाद खराब होने और गारंटी के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर कारोबारी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया।
Ghaziabad News: इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
Prayagraj News: मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
Budaun News: चोरी के नौ मोबाइल फोन समेत स्कूटी सवार युवक गिरफ्तार
उझानी। कोतवाली पुलिस ने चोरी के नौ मोबाइल फोन के साथ स्कूटी सवार बदायूं निवासी फईम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि ये मोबाइल फोन उसने कछला कांवड़ मेला और भंडारों में पहुंचे लोगों से चुराए थे।
Maharajganj News: मोबाइल रिकवरी में महराजगंज पुलिस प्रदेश में तीसरे स्थान पर
Maharajganj police ranks third in the state in mobile recovery
Agra News: मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
Bhiwani News: ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
Jhansi News: घर में घुसकर चोरों ने नकदी व मोबाइल उड़ाए
रानीपुर। मोहल्ला झंडापुर निवासी कमलेश कुमार तथा घनश्याम दास लिधौरया भाई हैं। उनके यहां चोर छत के रास्ते से अंदर घुसे और नकदी, मोबाइल, बर्तन आदि चोरी कर ले गए।
Panchkula News: चाकू की नोक पर बैंककर्मी से मोबाइल छीनने वाला गिरफ्तार
Man arrested for snatching mobile from bank employee at knifepoint.
जयपुर के वैशाली नगर थाना इलाके में मेलोडी होटल के एक कमरे में ऑनलाइन जुआ-सट्टा चल रहा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों और एक युवती को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लैपटॉप, एक टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी नेपाल और महाराष्ट्र से यहां पहुंचे थे और क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर ऑनलाइन पैसे लगवाकर जुआ-सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अशोक पौडेल निवासी गांव कुर्गा, जिला पर्वत, नेपाल, परीना गिरी (23) निवासी गांव पड़रिया, जिला बाड़गंगा, नेपाल और पवन वैष्णव (38) निवासी बी-801, इटरनल एग्जोटिया, पुणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम ने को मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश दी। मौके पर दो युवक और एक युवती मौजूद मिले। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के दौरान सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से क्रिकेट एवं अन्य खेलों पर लोगों से पैसे लगवाकर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी जगह बदल-बदल कर सट्टा लगाने का काम करते है। मौके पर आज का करीब 6 लाख रुपए का हिसाब मिला, जबकि महीने का अनुमानित कारोबार करीब 18 लाख रुपए बताया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी आरोपियों और बरामद सामान को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस थाना वैशाली नगर के सुपुर्द किया गया, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की जांच के जरिए ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि मामले में आर्थिक अंवेक्षण भी किया जाएगा। ताकि आने वाले शहर में दूसरे शहर के लोग यहां आकर ऑनलाइन सट्टे की कार्रवाई ना करें।
शिवपुरी साइबर सेल ने 150 खोए और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 32 लाख रुपए है। इनमें 5 आईफोन भी शामिल हैं। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में सभी मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए गए। एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि जिले के लोगों ने मोबाइल खोने या चोरी होने की शिकायतें दी थीं। साइबर सेल की टीम इन मोबाइलों को तकनीकी मदद से ट्रेस कर रही थी। टीम ने राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मोबाइल बरामद किए। एसपी भूटिया ने कहा कि मोबाइल खोने के बाद कई लोग उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं। साइबर सेल लगातार ऐसे मोबाइल ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाने का काम कर रही है। अब तक 450 मोबाइल बरामद साइबर सेल के अनुसार, ‘ऑपरेशन आपकी अमानत’ के तहत अब तक 90 लाख रुपए कीमत के 450 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। इन्हें उनके मालिकों को लौटाया गया है। इसके अलावा साल 2025 में भी साइबर सेल ने करीब 700 मोबाइल बरामद कर लोगों को वापस किए थे।
महंगे मोबाइल के शौक ने बनाया चोर: जमशेदपुर और आसपास से चुराई गई 17 मोटरसाइकिलें बरामद, तीन दबोचे गए
पूर्वी सिंहभूम की गुड़ाबांधा पुलिस ने एक सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिलें और कई महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
नवादा में साइबर फ्रॉड का खुलासा, 7 गिरफ्तार:ऑनलाइन लोन के नाम पर ठगी, 15 मोबाइल बरामद
नवादा के वारिसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 15 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर डीएसपी सुजय विद्यार्थी के द्वारा तीन गठन किया गया जहां थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के द्वारा कार्रवाई की गई है। एसपी नवादा के निर्देश पर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूलते थे पैसे इस टीम ने चकवाय-गौसपुर सड़क किनारे बगीचा, चैनपुरा बजरंगबली मंदिर के पास और मीर बिगहा ईंट-भट्ठा के समीप छापेमारी की। तीनों स्थानों से क्रमशः तीन, दो और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खुद को बैंक मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस लोन स्वीकृति के नाम पर आधार, पैन, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल जैसी निजी जानकारियां लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार, शुभम कुमार, कन्हैया कुमार, सन्टू कुमार, सौरभ कुमार, साहिल कुमार और सचिन कुमार के रूप में हुई है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 613/26 दर्ज कर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
संगरूर पुलिस ने मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किए गए 16 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और दो वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 23 और 24 अगस्त 2026 को की गई। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डिटेक्टिव) संगरूर, श्री सुखदेव सिंह पीपीएस के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर संदीप सिंह और सीआईए बहादुर सिंह वाला की टीम को 23 अगस्त 2026 को चीमा रोड, शाहपुर बहाद गांव, पुलिस स्टेशन चीमा के इलाके में गश्त के दौरान सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू को एक सफेद स्विफ्ट कार नंबर PB13BA1532 में चोरी का सामान बेचने जाते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से 10 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और स्विफ्ट कार बरामद की गई। उनके खिलाफ पुलिस स्टेशन चीमा में मुकदमा नंबर 111, दिनांक 23 अगस्त 2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) और टेलीग्राफ एक्ट 1885 की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, 24 अगस्त 2026 को लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू से पूछताछ के आधार पर चार और आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। इनमें सलीम (मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश), शाजिद (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), फरमान (मोहान, उत्तर प्रदेश) और रियाजुद्दीन (मुजफ्फराबाद, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। इन आरोपियों के पास से चोरी का माल ले जाने में इस्तेमाल किया गया एक टैंपो नंबर PB10-GY-4801 और 6 बीटीएस कार्ड बरामद किए गए।
दतिया के उनाव थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर युवक ने कार में बैठकर कनपटी पर कट्टे से गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे दतिया-उनाव रोड पर खेरी और राजापुर गांव के पास हुई। फायर की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खड़ी कार में युवक को देखकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और कार का कांच तोड़कर युवक के शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को जिला अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल से पुलिस ने कट्टा बरामद किया है। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा (20), पिता स्व. देवकीनंदन शर्मा, निवासी झांसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। कार में मिला मोबाइल और अन्य सामान पुलिस के अनुसार कार की तलाशी लेने पर सिगरेट की डिब्बी, पानी की बोतलें, पावर बैंक और मोबाइल फोन मिला है। पुलिस ने मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। परिजनों के मुताबिक अर्जुन घर से बिना बताए निकला था। वह दतिया स्थित पीतांबरा माता मंदिर और खेरी माता मंदिर के दर्शन के लिए अक्सर आता रहता था। अर्जुन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। खुद को गोली मारने की वजह स्पष्ट नहीं उनाव थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बताया कि युवक ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन की जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर घटना की वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कोडरमा पुलिस ने मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामू स्थित एक मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है और चोरी किए गए सभी मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। यह घटना 23 अगस्त को हुई थी, जब अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये के मोबाइल फोन और नकदी चुरा ली थी। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि चोरी की घटना सामने आते ही मरकच्चो थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोमचांच अंचल के पुलिस निरीक्षक विकास पासवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिले की तकनीकी शाखा को भी शामिल किया गया था। घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। गठित टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। इन संदिग्धों की निशानदेही पर महज 24 घंटे के अंदर ही घटना में शामिल सभी चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन के साथ-साथ चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए हैं। इस सफल उद्भेदन से दुकान संचालक को बड़ी राहत मिली है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ये थे घटना में संलिप्त चोरी की घटना को अंजाम देने वालों में शाहिल खान उर्फ सोनू खान उर्फ सोमुवा खान, पिता आकुब खान, आदर्श कुमार, पिता विनोद साव, रवि कुमार, पिता महेन्द्र साव तथा सोनु कुमार, पिता टुनटुन कसेरा के नाम शामिल हैं। ये सभी गिरीडीह जिले के राजधनवार के रहने वाले हैं।
आगर-मालवा पुलिस ने गुम और चोरी हुए 125 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। मंगलवार को एसपी दिलीप कुमार सोनी ने ये सभी फोन उनके असली मालिकों के हाथों में सौंप दिए। महीनों बाद अपना गुम हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 24 लाख 10 हजार रुपए है। फोन में लोगों के जरूरी दस्तावेज, फोटो और यादें होती हैं, जिन्हें सुरक्षित वापस दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता थी। ऑनलाइन ठगी से बचने की दी सलाह इस मौके पर एसपी दिलीप कुमार सोनी ने लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने के तरीके भी बताए। उन्होंने अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी या बैंक का पिन किसी के साथ शेयर करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई ठगी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए तुरंत पुलिस को जानकारी दे। तकनीकी मदद से मिली सफलता एसपी के निर्देश पर साइबर टीम ने अलग-अलग राज्यों और जिलों की पुलिस से तालमेल बिठाकर और तकनीकी जांच की मदद से इन फोनों को खोज निकाला। कार्यक्रम में एएसपी रविन्द्र बोयट, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव और सूबेदार जितेन्द्र शुक्ला समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सेंट्रल जेल लुधियाना में तलाशी के दौरान 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद हुए। जेल अधिकारियों के अनुसार 2 कैदियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान रखकर जेल नियमों का उल्लंघन किया था। मामले में थाना डिविजन नंबर-7 की पुलिस ने दोनों कैदियों और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट विजय कुमार ने बताया कि मुकदमा नंबर 3609, 3645, 3657 और 3653 के तहत जेल में तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान कैदी विकास कुमार और हवालाती जसकरण सिंह की बैरकों की तलाशी ली गई। 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस मिलेतलाशी के दौरान जेल परिसर से 7 कीपैड मोबाइल फोन मार्का केचौडा लावारिस हालत में बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल के नियमों का उल्लंघन किया था। दो अज्ञात लोगों की भी भूमिका सामने आईजेल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने कैदी विकास कुमार, हवालाती जसकरण सिंह और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचाए गए और इसमें अज्ञात आरोपियों की क्या भूमिका रही। थाना डिविजन नंबर-7 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 52-A(1) Prison Act के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन के संबंध में भी जांच कर रही है। “कीपैड मोबाइल फोन” की खासियत क्या है यह फोन छोटे और साधारण होते हैं। स्मार्टफोन की तुलना में छिपाना आसान होता है। चोरी-छिपे पहुंचाए जाने वाले फोन के लिए सस्ते मॉडल पसंद किए जा सकते हैं। इसलिए जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल के लिए किया जा सकता है। बैटरी लंबे समय तक चलती है-बार-बार चार्ज करने की जरूरत कम पड़ती है। कुछ मामलों में आरोपी स्मार्टफोन की जगह बेसिक फोन का इस्तेमाल करना पसंद कर सकते हैं।
श्रावस्ती पुलिस की सर्विलांस सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की मदद से 60 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये है। मंगलवार को 12:00 बजे के बाद पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने किया, जबकि क्षेत्राधिकारी क्राइम भरत पासवान ने इसका पर्यवेक्षण किया। सर्विलांस सेल की टीम ने विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों पर कार्रवाई की। टीम ने मोबाइलों के IMEI नंबर, लोकेशन और नेटवर्क डाटा का तकनीकी विश्लेषण करते हुए उन्हें अलग-अलग स्थानों से ट्रेस किया। अथक प्रयासों के बाद कुल 60 मोबाइल बरामद किए गए। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी संजय सिंह की उपस्थिति में बरामद मोबाइल उनके संबंधित स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने श्रावस्ती पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने सर्विलांस सेल और CEIR पोर्टल पर कार्यरत सभी टीमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दे रही है। तकनीक के इस्तेमाल से गुम मोबाइल की बरामदगी के साथ-साथ साइबर अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करने में भी लगातार सफलता मिल रही है।
सोनभद्र पुलिस ने 207 गुम मोबाइल बरामद किए:30 लाख रुपये कीमत के फोन मालिकों को सौंपे गए
सोनभद्र पुलिस ने गुम हुए 207 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने यह कार्रवाई CEIR पोर्टल की मदद से जुलाई 2026 से अब तक की है। बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ये मोबाइल फोन बरामद किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। सोनभद्र पुलिस आमजन के गुम हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसमे सर्विलांस सेल, एसओजी और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ऋषभ अग्रवाल ने पुलिस लाइन मे पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले मोबाइल स्वामियों को ये फोन एक उपहार के रूप में वापस मिले हैं। पुलिस टीमों ने CEIR पोर्टल के जरिए तकनीकी विश्लेषण और लगातार मॉनिटरिंग के माध्यम से इन मोबाइलों को ट्रेस किया। इसी तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, जुलाई 2026 से अब तक कुल 207 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा सके। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने सोनभद्र पुलिस का आभार व्यक्त किया। एक मोबाइल स्वामी ने कहा, मेरा मोबाइल खो गया था। पुलिस की मदद से मोबाइल वापस मिला है। इसके लिए सोनभद्र पुलिस का धन्यवाद।
जींद जिले के बिरोली गांव से एक 20 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। युवती दोपहर के समय घर से 50 हजार रुपये नकद और कुछ कपड़े लेकर निकली थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की आशंका से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 अगस्त की दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी बेटी अचानक घर से चली गई। वह अपने साथ नीले रंग के पॉलिथीन में दो जोड़ी कपड़े और 50 हजार रुपये नकद ले गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर गांव, रिश्तेदारियों और जान-पहचान वालों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। युवती का मोबाइल नंबर भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, युवती का रंग गोरा, कद 5 फुट 6 इंच है और घर से निकलते वक्त उसने क्रीम रंग का गाउन पहना हुआ था। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। CRSU पुलिस चौकी के एएसआई सुधीर ने शिकायत मिलने के बाद मामले का संज्ञान लिया और सदर थाना जींद में BNS)की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम युवती की सुरक्षित बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और सर्विलांस की मदद ले रही है।
दमोह के नरसिंहगढ़ में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक ड्राइवर अपनी मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की है। उसने टावर पर चढ़ने के बाद अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी मिली। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ा युवक युवक की पहचान बाजार मोहल्ला निवासी हेमंत प्रजापति(40) के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नीचे उतरने के लिए समझाइश दी, लेकिन हेमंत नीचे आने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर उससे मुलाकात नहीं करते, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हेमंत ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि ट्रांसपोर्टर उसे जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया है। हेमंत ने यह भी बताया कि उसका ब्रेन का ऑपरेशन हो चुका है और कंपनी की वजह से उसके सामने यह स्थिति बनी है। पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी से मुलाकात की। पत्नी के अनुसार, परिवार पिछले करीब पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। हेमंत पहले ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन पांच साल पहले एक दुर्घटना में घायल होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई। इसके बाद उन्हें न तो काम मिल सका और न ही मुआवजा मिला, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। चौकी प्रभारी बोले- लिखित शिकायत दें चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी को बताया कि पन्ना जिले के सिमरिया थाने में एक सड़क हादसे का मामला दर्ज है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को किसी तरह की समस्या है तो उसे लिखित में दिया जाए, ताकि उनकी बात प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि टावर पर चढ़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा। हेमंत जिस मोबाइल फोन को लेकर टावर पर चढ़ा था, कुछ देर बाद उसने उसे बंद कर दिया। इसके चलते अब उससे फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन भी पुलिस के साथ मिलकर उसे नीचे उतरने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार समझाइश दी जा रही है और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Lava की Virat सीरीज का नया 5G फोन, Lava V1 Pro 5G भारत में 24 अगस्त 2026 को लॉन्च होगा। फोन में 6.75 इंच डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी और Clean Android जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
अगर आप ट्रेन सफर कर रहे हैं और आपको ट्रेन में AC खराब, कोच गंदा या स्टाफ से परेशानी है तो Rail Madad से तुरंत शिकायत कर सकते हैं। यहां हम आपको Online Complaint करने का सबसे आसान तरीका बता रहे हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
स्वाइप नहीं, सच्ची मुलाकात चाहिए! Gen-Z ने डेटिंग ऐप्स से क्यों बनाई दूरी, जानिए क्या कहता है सर्वे
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया से Gen-Z अब ऊब चुका है और रियल लाइफ को अपना रहा है। फोर्ब्स के सर्वे के मुताबिक, युवा अब ऑनलाइन चैट की बजाय लोगों से आमने-सामने मिलकर उन पर भरोसा करना पसंद कर रहे हैं। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Parenting Tips: बच्चा मोबाइल छोड़कर किताबों से दोस्ती करने लगेगा, अपनाएं ये 5 आसान तरीके
सही माहौल, रोचक गतिविधियां और थोड़ी समझदारी से बच्चों में विकसित करें पढ़ने की आदत
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

