छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से चोरी 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार आरोपित फरार हैं।
Shahjahanpur News: टिकट पर लिखे मोबाइल नंबर से हुई ट्रेन से गिरे युवक के शव की पहचान
शाहजहांपुर। दो दिन पहले गोविंदगंज रेलवे फाटक के पास ट्रेन से गिरकर जान गंवाने वाले युवक की पहचान टिकट पर लिखे मोबाइल नंबर के जरिये हो गई।
Udhampur News: मोबाइल टावर पर चढ़ा व्यक्ति आठ घंटे बाद उतारा
मोबाइल टावर पर चढ़ा व्यक्ति आठ घंटे बाद उतारा
Kanpur News: मोबाइल गुम होने से नाराज व्यापारी ने टॉवर पर चढ़कर किया हंगामा
थाना क्षेत्र के मुंगीसापुर में मोबाइल गुम होने से नाराज कपड़ा व्यापारी शुक्रवार शाम को मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया।
जशपुर जिले में कुनकुरी के तपकरा रोड स्थित मोबाइल दुकान से चोरी हुए 132 मोबाइल हैंडसेट के बांग्लादेश पहुंचने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, चोरी के मोबाइल पहले अलग-अलग आरोपियों के हाथों में पहुंचे और बाद में उन्हें बांग्लादेश में बेच दिया गया। दूसरे देश में पहुंच चुके मोबाइलों की बरामदगी अब पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने इन्हें वापस लाने के लिए विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि 4 आरोपी फरार हैं। पुलिस ने 1 लाख 80 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से झारखंड-बंगाल तक पहुंची पुलिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि मोबाइल दुकान चोरी की जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज, टावर डंप लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस की कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चोरी के 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। मोबाइल दूसरे देश में पहुंच जाने के कारण उनकी बरामदगी की प्रक्रिया कठिन है। पुलिस मोबाइल बरामद करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। रात में दुकान बंद कर गया था संचालक, सुबह खुला चोरी का राज कुनकुरी वार्ड क्रमांक 09, तपकरा रोड निवासी मोबाइल दुकान संचालक पंकज कुमार पारिक (44) ने 12 अगस्त 2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह करीब 7:45 बजे सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश ने फोन कर दुकान का शटर खुला होने की जानकारी दी। दुकान पहुंचने पर शटर के दोनों ताले कटे मिले। आसपास ताला काटने और तोड़ने के सामान पड़े थे। दुकान के अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त थे और बिक्री के लिए रखे 132 मोबाइल हैंडसेट गायब थे। पुलिस के मुताबिक, चोर शटर का ताला काटकर अंदर घुसे और मोबाइल चोरी कर ले गए। अन्नपूर्णा होटल से मिला अहम सुराग रिपोर्ट के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रार्थी व गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके साथ CCTV फुटेज, टावर डंप लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में घटनास्थल के समीप स्थित अन्नपूर्णा होटल से भी अहम सुराग मिला। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी वहां खाना खाने पहुंचे थे और होटल संचालक को अपना मोबाइल नंबर दिया था। इस जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। तौसिफ से पूछताछ में सामने आई मोबाइलों की पूरी कड़ी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के ग्राम मुर्गीटोली मध्य नारायणपुर पहुंची और तौसिफ राजा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तौसिफ ने अपने साथी कबीर शेख के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, तौसिफ ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल बिक्री के लिए सेंटू शेख को दिए गए थे। उसके मेमोरेण्डम कथन के अनुसार, 132 मोबाइलों में से 50 सत्यजीत मंडल, 50 अब्दुल बारी उर्फ रूबेल और 34 इकबाल हुसैन उर्फ राणा को बेचे गए थे। इन मोबाइलों की बिक्री से करीब 17 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। सभी 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचने की बात पुलिस जांच के अनुसार, चोरी किए गए सभी 132 मोबाइल हैंडसेट बाद में बांग्लादेश में बेच दिए गए। पुलिस का कहना है कि तौसिफ राजा और उसके साथियों ने मोबाइल इकबाल हुसैन, सत्यजीत मंडल और अब्दुल बारी को बेचे थे। इसके बाद इन आरोपियों ने सभी मोबाइल बांग्लादेश में बेच दिए। मोबाइल दूसरे देश में पहुंच जाने के कारण उन्हें ट्रेस और बरामद करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस ने बांग्लादेश से मोबाइलों की बरामदगी के लिए विधि के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। 5 गिरफ्तार, कमीशन की 1.80 लाख रुपए रकम बरामद मामले में तौसिफ राजा (35), सेंटू शेख (27), इकबाल हुसैन उर्फ राणा (27), अब्दुल बारी उर्फ रूबेल खुराना (28) और अब्दुल अजीज (32) को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी 25 अगस्त, 14 सितंबर, 27 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग चरणों में की गई। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने सेंटू शेख से कमीशन के रूप में प्राप्त बची हुई 1 लाख 80 हजार रुपए की रकम बरामद कर जब्त की है। आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी साक्ष्य के तौर पर जब्त किए गए हैं। मामले में 4 अन्य आरोपियों को चिन्हित किया गया है, जो फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। प्रकरण में BNS की धारा 331(4), 305(ए), 111(6), 313 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। SSP बोले- फरार आरोपियों और मोबाइल बरामदगी पर फोकस एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में चोरी के 132 मोबाइल हैंडसेट बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी के साथ मामले में फरार 4 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।
अमृतसर में शुक्रवार सुबह दवा निकले युवक का एक नहर से शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की मौत कैसे हुई पुलिस इसकी जांच कर रही है। शुक्रवार दोपहर बाद नहर में शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। पुलिस को मृतक की जेब से पहचान पत्र मिला। जिससे उसकी पहचान रईया खुर्द निवासी प्रभसिमरन सिंह के रूप में हुई है। घटनास्थल के पास से ही पुलिस को उसकी मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। पुलिस ने घटना के बारे में मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है। दवा लेने निकला था युवक मृतक के साथ काम करने वाले एक साथी ने बताया कि वे दोनों पराली की गांठें बनाने वाली मशीन पर काम करते थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रभसिमरन ने पैर में दर्द की शिकायत की थी और दवा लेने की बात कहकर वहां से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार प्रारंभिक जांच में पुलिस को शव पर किसी तरह के चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिवार के बयान दर्ज होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
ग्वालियर में साइबर ठगों ने लोगों के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड में सेंधमारी की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग थानों में साइबर फ्रॉड के 9 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें बहोड़ापुर का मामला प्रमुख है। यहां एक प्रॉपर्टी कारोबारी को HDFC सिक्योरिटी में निवेश के नाम पर 31 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। शुरुआत में निवेश पर रिटर्न मिलने से कारोबारी को ठगों पर भरोसा हो गया। बाद में रकम निकालने की कोशिश की तो पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके अलावा होटल बुकिंग के नाम पर 16 हजार रुपए ठगने और मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख रुपए निकालने के मामले भी सामने आए हैं। साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों की पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। HDFC सिक्योरिटी में निवेश के नाम पर 31 लाख की ठगी बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के विनय नगर सेक्टर-4 निवासी 44 वर्षीय अभिषेक पुत्र शिव कुमार श्रीवास्तव के पास अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को HDFC सिक्योरिटी का प्रतिनिधि बताया। उसने कंपनी के शेयरों के बारे में जानकारी दी और निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अभिषेक को कुछ वेबसाइट के जरिए निवेश कराया जाने लगा। शुरुआत में अभिषेक ने एक्सिस बैंक से 1 लाख रुपए निवेश किए, जिस पर उन्हें अच्छा रिटर्न मिला। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और वह ठगों के जाल में फंस गए। उन्होंने पिछले तीन महीनों में 30.82 लाख रुपए निवेश कर दिए। 28 सितंबर को अभिषेक को शक हुआ। उन्होंने अपनी निवेश की रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की, लेकिन रकम विथड्रॉ नहीं हुई। कंपनी के अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो नंबर ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला और उन्होंने मामले की शिकायत की। होटल बुकिंग का फर्जी नंबर देकर 16 हजार ठगे बहोड़ापुर के साक्षी हाइट्स निवासी कौस्तुभ शर्मा ऑनलाइन होटल बुकिंग के लिए नंबर तलाश रहे थे। उन्होंने इंटरनेट पर होटल का नाम सर्च किया और वहां मिले रिसेप्शन नंबर पर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को होटल मैनेजर बताया और बुकिंग के नाम पर 16 हजार रुपए ले लिए। होटल पहुंचने पर कौस्तुभ को पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं हुई है। इसके बाद उन्हें होटल में कमरा लेने के लिए दोबारा रुपए देने पड़े। घटना 20 सितंबर की है। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, जिसके आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया। मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख निकाले थाटीपुर के मयूर नगर हाउस नंबर-111 निवासी 52 वर्षीय संदीप मिठास पुत्र सुशील कुमार ने पुलिस को बताया कि 30 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे वह मोबाइल पर इंटरनेट चला रहे थे। इसी दौरान मोबाइल अचानक हैंग हो गया और एक ही स्क्रीन पर अटक गया। काफी देर तक कोई गतिविधि नहीं हुई और मोबाइल अपने आप बंद हो गया। कुछ देर बाद मोबाइल दोबारा ऑन करने पर सब सामान्य था। शाम करीब 4 बजे उनके पास मैसेज आया कि क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुआ है। मैसेज देखते ही उन्होंने बैंक पहुंचकर कार्ड ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शहर में इन लोगों से भी हुई साइबर ठगी हजीरा: मां वैष्णोपुरम कॉलोनी निवासी कृष्णा राठौर के बैंक ऑफ इंडिया खाते से 95 हजार रुपए निकाले गए। पुरानी छावनी: जिगसोली निवासी फिरोज खान का बैंक खाता ऑनलाइन हैक कर 98 हजार रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। कोतवाली: कांटे साहब का बाड़ा निवासी विनायक जोशी के खाते से 32 हजार रुपए निकाले गए। जनकगंज: नारायण कॉलोनी, जीवाजीगंज निवासी राहुल श्रीवास्तव के क्रेडिट कार्ड से करीब 70 हजार रुपए की धोखाधड़ी हुई। गिरवाई: सिकंदर कंपू निवासी सुरेश शिवहरे से 99 हजार रुपए और सरदार की मल्टी निवासी किशोर लालवानी से 51 हजार रुपए ठगे गए। मुरार: त्यागी नगर निवासी नरेश शर्मा के खाते से 26 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों को संबंधित थानों में दर्ज कर जांच की जाती है। थाना स्तर पर टीआई मामले की पड़ताल करते हैं। बैंक खातों की डिटेल निकाली जाती है और साइबर एक्सपर्ट की मदद से ट्रांजेक्शन व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जाती है।
चतरा में बिहार का 50 हजार रुपए का इनामी अपराधी गिरफ्तार, चोरी की बोलेरो और मोबाइल बरामद
झारखंड के चतरा जिले में हंटरगंज थाना पुलिस ने बिहार के गया जिले के 50 हजार रुपए के इनामी अपराधी रामभज्जू यादव को गिरफ्तार किया है...
नगर के चापड़ा रोड स्थित बीएसएनएल के 150 फीट से अधिक ऊंचे मोबाइल टॉवर पर शुक्रवार सुबह एक युवक चढ़ गया। इसका पता चलते ही मौके पर भीड़ लगने लगी। सूचना मिली तो पुलिस भी मौके पर पहुंची और युवक को समझाइश देकर नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए।
Post Office में स्पीड पोस्ट-रजिस्ट्री का नियम बदला, मोबाइल नंबर को लेकर सख्त Rule लागू
Post Office New Rules: डाकघरों में स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री पोस्ट सेवाओं को लेकर नियम बदला गया है. अब बिना वैध मोबाइल नंबर के कोई भी स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री बुक नहीं की जा सकेगी.
पुलिस ने मोबाइल और चेन स्नैचिंग गिरोह के तीन आरोपी दबोचे, चार आईफोन समेत पांच मोबाइल बरामद
ग्रेटर नोएडा, 2 अक्टूबर . ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना Police ने मोबाइल फोन और चेन स्नैचिंग तथा लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police ने आरोपियों के कब्जे से छीने गए पांच मोबाइल फोन, इनमें एक आईफोन-18 प्रो, दो अवैध .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, ... Read more
चीन से आने वाले मोबाइल कवर हो सकते हैं महंगे, एंटी-डंपिंग ड्यूटी की सिफारिश
नई दिल्ली। चीन से भारत में आने वाले सस्ते मोबाइल कवर आने वाले दिनों में महंगे हो सकते हैं। घरेलू मोबाइल कवर उद्योग की शिकायत पर की गई जांच के बाद वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने चीन से आयातित मोबाइल कवर पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की […] The post चीन से आने वाले मोबाइल कवर हो सकते हैं महंगे, एंटी-डंपिंग ड्यूटी की सिफारिश appeared first on Sabguru News .
त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोर सक्रिय हो गए हैं। अगस्त में ग्वालियर जीआरपी में चोरी के 69 मामले दर्ज हुए, जिनमें 37 मोबाइल चोरी के थे। पुलिस ने पिछले एक महीने में 35 चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 50 हजार यात्री आते-जाते हैं। भीड़ का फायदा उठाकर बदमाश ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय या सफर के दौरान सोते यात्रियों का सामान चुरा लेते हैं। यात्रियों की लापरवाही भी चोरी का कारण है। कई लोग मोबाइल हाथ में लेकर सो जाते हैं या पर्स-बैग सुरक्षित नहीं रखते। एक यात्री की जेब से 31 हजार रुपए और गहने चोरी हुए। स्टेशन पर निर्माण कार्य से चोरों को भागने के कई रास्ते मिलते हैं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी प्रभावी नहीं है। त्योहारों में यात्रियों को और सतर्क रहने की जरूरत है। जीआरपी की गश्त, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर ने बताया कि यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस समय-समय पर गश्त करती है। चोरी गए कीमती सामान की बरामदगी के प्रयास भी किए जाते हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि सफर के दौरान अपने मोबाइल, पर्स, बैग और अन्य कीमती सामान पर नजर रखें। सोते समय सामान को सुरक्षित रखें और भीड़ में विशेष सतर्कता बरतें, ताकि चोरी की घटनाओं से बचा जा सके।
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच में जुटी पुलिस, खून लगे ग्राइंडर की फोरेंसिक जांच; मोबाइल और CCTV खंगाले
OTT Comedy Series: प्राइम वीडियो पर दुपहिया सीजन 2 के सारे एपिसोड्स आ गए हैं। सीजन 2 में पेपर लीक जैसे मुद्दे पर मजेदार तरीके से बात की गई है। इसी के साथ इस बार धड़कपुर गांव में मोबाइल टावर लगाने को लेकर घमासान देखने को मिलेगा।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और छोटी बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने एक युवक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर महिला और बच्ची की तलाश शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता कौशल कुमार (36) श्रीगंगानगर के पठानवाली का रहने वाला है और अभी संगरिया के एसके ईंट भट्टे पर मजदूरी करता है। उसने बताया कि सुशांत पुत्र अमित खटीक, इटावा, उत्तर प्रदेश पहले इसी ईंट भट्टे पर काम करता था। यहीं उसकी पहचान कौशल की पत्नी सीमा से हुई थी। कौशल के अनुसार 26 सितंबर को सुबह करीब 10.30 बजे सुशांत उसकी पत्नी सीमा और छोटी बच्ची कविता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सीमा और सुशांत के मोबाइल नंबर अभी बंद आ रहे हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल कालूराम को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को बैतूल में जनविश्वास शिविर के दौरान फोन पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के मोबाइल से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द बैतूल आएंगे और जिले के विकास के लिए कई काम किए जाएंगे। उन्होंने बैतूलवासियों की सहभागिता के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा को अध्यक्ष जी के नेतृत्व में चल रहे कार्यों को वे देखना चाहेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बैतूल से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कुकरू को भी याद किया और कहा कि पिछले दिनों की यात्रा में बहुत मजा आ था। डॉ. यादव ने बताया कि गृहमंत्री भी भोपाल आ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में पशुधन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। शिविर में नागरिकों ने योजनाओं की जानकारी ली और मुख्यमंत्री के संबोधन पर उत्साह दिखाया।
तीन दिन तक मोबाइल रिपेयर नहीं हुआ तो तलवार लेकर पहुंच गया ग्राहक
महाराष्ट्र के नागपुर में सनसनीखेज कहानी सामने आई है. यहां एक युवक ने अपना मोबाइल रिपेयरिंग के लिए दिया था, लेकिन तीन दिन बाद भी फोन ठीक नहीं हुआ. गुस्से में युवक तलवार लेकर पहुंच गया और दुकानदार को धमकाने लगा. घटना का Video वायरल हुआ तो पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं.
TRAI ने देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स की एक बार फिर से चांदी करा दी है। नियामक ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि उन्हें स्पष्ट तौर पर सस्ते रिचार्ज दिखाने होंगे।
विपणन वर्ष 2026-27 के तहत भावांतर योजना में सोयाबीन की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। किसानों की सुविधा के लिए जिले में 73 सहकारी समितियों को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर प्रभारी और ऑपरेटर ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों का पंजीयन करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को सभी पंजीयन केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में पंजीयन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जाए, ताकि किसानों को सोयाबीन उपज की खरीदी के लिए परेशानी न हो। इन सहकारी समितियों में करा सकेंगे पंजीयन जिले के प्रमुख पंजीयन केंद्रों में सिहाड़ा, केहलारी, कालमुखी, सिंगोट, गुड़ीखेड़ा, छैगांवमाखन, धनगांव, बरुड, चिचगोहन, गांधवा, बड़गांवमाली, पिपलोद, पोखरकलां, जावर, खंडवा, खालवा, रोशनी, बोरगांव बुजुर्ग, मुंदी, बीड़, सुलगांव, रिछफल, मोहना, किल्लौद, छनेरा और न्यू हरसूद सहित अन्य सहकारी समितियां शामिल हैं। किसान अपने क्षेत्र के निर्धारित केंद्र पर जाकर सोयाबीन फसल का पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन की अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक निर्धारित है। मोबाइल और एमपी किसान एप से भी फ्री पंजीयन किसान स्वयं मोबाइल या कंप्यूटर से भी नि:शुल्क पंजीयन कर सकेंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों पर भी पंजीयन की सुविधा रहेगी। एमपी किसान एप से भी किसान फ्री में पंजीयन कर सकते हैं। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), लोकसेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से पंजीयन कराने पर निर्धारित शुल्क देना होगा। 17 अक्टूबर के बाद नहीं होगा पंजीयन कलेक्टर ने पंजीयन केंद्र प्रभारियों और ऑपरेटरों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंजीयन के दौरान किसानों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा है। 17 अक्टूबर के बाद निर्धारित अवधि का पंजीयन नहीं किया जाएगा।
'साथी पकड़ा गया, मोबाइल तोड़ दो'... PhD स्टूडेंट के साइबर गैंग की कहानी
उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस ने इंश्योरेंस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गैंग के आठ सदस्यों को पकड़ा है. इस गैंग में PhD स्टूडेंट के अलावा ग्रेजुएट, 12वीं पास और पूर्व बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं. आरोपी पॉलिसी रिन्यूअल, बोनस, टैक्स और लैप्स पॉलिसी के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर कराते थे. गैंग WhatsApp ग्रुप के जरिए जुड़ा था. पुलिस के अनुसार, एक सदस्य की गिरफ्तारी के बाद ग्रुप में मैसेज आया कि साथी पकड़ा गया है, मोबाइल तोड़ दो. NCRP पर इस गिरोह से जुड़ी 51 शिकायतों में करीब 1.20 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है.
लाखों के लेनदेन से तनाव में आकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, देवास जिले के बागली की घटना
बागली में युवक के परिवार के कुछ सदस्य, मित्र व अन्य परिचित लोग मौक़े पर पहुंचे और समझाइश देकर उतारने का प्रयास कर रहे हैं।
लुधियाना में लोकल अड्डा, घंटा घर, बस स्टेंड आदि इलाकों में ऑटो गैंग पूरी तरह से एक्टिव है। बाहर से आने वाले यात्रियों के साथ ये नौसरबाज ऑटो गैंग वाले लूटपाट की वारदातें कर रहे है। जानकारी मुताबिक मोगा से अपनी ननद की शादी में शामिल होने लुधियाना आई महिला के साथ ऑटो में बैठाकर ध्यान भटकाने और गहने व मोबाइल चोरी करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता किरण रानी निवासी मोगा की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-1 पुलिस ने आरोपी जाहुल, राजू, इजरायल और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में BNS की धारा 303(2), 3(5) के तहत कार्रवाई की है। ऑटो में पहले से दो व्यक्ति बैठे थे जिन्होंने ध्यान भटकाया जानकारी देते हुए किरण रानी ने बताया कि 20 सितंबर 2026 को वह अपनी ननद की शादी में शामिल होने के लिए पति, बेटी और बेटे के साथ मोगा से लुधियाना आई थी। बस स्टैंड से परिवार ने हरे रंग के ऑटो नंबर PB10JE-8034 में बैठकर घर के लिए रवाना हुए। ऑटो में पहले से दो व्यक्ति बैठे हुए थे। किरण के अनुसार, रास्ते में आरोपियों ने बातचीत में उलझाकर परिवार का ध्यान भटकाया। घर पहुंचने के बाद जब परिवार ने अपना सामान चेक किया तो गहने और मोबाइल फोन गायब मिले। महिला को शक हुआ कि ऑटो चालक और उसके साथियों ने रास्ते में ध्यान भटकाकर सामान चोरी किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद जाहुल और राजू सिंह को काबू किया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी इजरायल समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी किए गए अन्य सामान की बरामदगी का प्रयास कर रही है। की जांच ASI मनप्रीत सिंह कर रहे है।
Kangra News: बड़ा भंगाल में मोबाइल टावर लगने की कवायद तेज
बड़ा भंगाल को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है।
Gorakhpur News: मोबाइल चोरी के बाद चार दिन में खाते से 1.90 लाख उड़ाए
1.90 lakh siphoned off from account within four days of mobile theft.
Ghaziabad News: मोबाइल लूटकर भागे बदमाशों की बाइक पकड़ी, साइकिल सवार को घसीटा
मोबाइल लूटकर भागे बदमाशों की बाइक पकड़ी, साइकिल सवार को घसीटा
Shamli News: चोरी के मोबाइल फोन की जांच के लिए पहुंची गुरुग्राम की साइबर पुलिस
शहर की वर्मा मार्केट स्थित मोबाइल फोन की दुकान पर हरियाणा के गुरुग्राम की साइबर पुलिस पहुंची।
Palwal News: मामा-भांजे को पीटा, नकदी और मोबाइल छीनने का आरोप
मामा-भांजे को पीटा, नकदी और मोबाइल छीनने का आरोप
Youth will get training in 14 new trades ranging from mobile to solar installation for self-employment.
Nainital News: तराई के जोन में सफारी के दौरान मोबाइल पर लगा प्रतिबंध
तराई के जोन में सफारी के दौरान मोबाइल पर लगा प्रतिबंध
भारतीय स्मार्टफोन एक्सेसरीज बाजार में स्थानीय उद्योग को गंभीर संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाने की पूरी तैयारी कर ली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने चीन से आयात होने वाले मोबाइल कवर और फोन केस पर 5 साल की अवधि के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty) लगाने की औपचारिक सिफारिश की है। इस सिफारिश के तहत भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक चीनी मोबाइल कवर पर ₹6.15 का निश्चित शुल्क (Cess/Duty) लगाया जाएगा, जिससे सस्ती और घटिया सामग्री के जरिए घरेलू बाजार को पाटने की अनुचित व्यापार प्रथाओं पर सीधा ब्रेक लग सके।भारतीय स्मार्टफोन बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है, जहां सालाना करोड़ों हैंडसेट बेचे जाते हैं। इसके समानांतर मोबाइल बैक कवर, सिलिकॉन केस और प्रोटेक्टिव एक्सेसरीज का भी एक विशाल बाजार तैयार हुआ है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से चीनी निर्यातक बेहद कम उत्पादन लागत और सरकारी सब्सिडी के दम पर भारत में इन कवर्स को उनकी सामान्य उत्पादन लागत से भी काफी नीचे बेच रहे थे, जिसे व्यापार नियमों में 'डंपिंग' कहा जाता है।डीजीटीआर की विस्तृत जांच और स्थानीय उद्योग की गुहारव्यापार उपचार महानिदेशालय ने यह कदम यूं ही नहीं उठाया है, बल्कि इसके पीछे महीनों तक चली गहन और साक्ष्य-आधारित जांच प्रक्रिया शामिल है। देश के घरेलू प्लास्टिक मोल्डिंग, सिलिकॉन प्रोसेसिंग और स्मार्टफोन एक्सेसरीज निर्माताओं ने डीजीटीआर के समक्ष एक विस्तृत याचिका दायर की थी। इस याचिका में स्पष्ट रूप से साबित किया गया था कि चीन से आने वाले बेहद सस्ते कवर्स के कारण भारत में उत्पादन करने वाली सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयां (MSME) भारी वित्तीय घाटे का सामना कर रही हैं और कई छोटी फैक्ट्रियों पर ताले लटकने की नौबत आ चुकी है।डीजीटीआर ने आयातित कवर्स की लैंडेड लागत (Landed Cost), स्थानीय निर्माण लागत और दोनों के बीच मूल्य अंतर का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि चीनी कंपनियों द्वारा भारतीय बाजार में मोबाइल कवर्स की डंपिंग जानबूझकर की जा रही थी ताकि स्थानीय प्रतिस्पर्धियों को बाजार से बाहर किया जा सके। इस विसंगति को दूर करने और घरेलू निर्माताओं को समान अवसर (Level Playing Field) प्रदान करने के लिए प्रति कवर ₹6.15 का शुल्क लगाना अनिवार्य माना गया।आम उपभोक्ताओं और बाजार पर क्या पड़ेगा इसका असर?अधिकांश उपभोक्ताओं के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस नए टैक्स से उनके लिए मोबाइल कवर खरीदना बहुत महंगा हो जाएगा। विशेषज्ञों का आकलन है कि खुदरा स्तर पर इसका प्रभाव बहुत सीमित और नगण्य रहेगा:सड़कों और पटरियों पर मिलने वाले कवर्स: फुटपाथ और लोकल बाजारों में ₹50 से ₹100 में बिकने वाले गैर-ब्रांडेड कवर्स की लागत में ₹6 से ₹10 तक का मामूली अंतर आ सकता है।प्रीमियम और ऑनलाइन ब्रांड्स: ₹300 से ₹1,500 के बीच बिकने वाले प्रीमियम और ब्रांडेड कवर्स के मार्जिन पहले से अधिक होते हैं, इसलिए कंपनियां इस मामूली शुल्क का बोझ खुद वहन कर लेंगी और अंतिम ग्राहक पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।क्वालिटी में सुधार: सस्ते रिसाइकिल प्लास्टिक और हानिकारक रसायनों से बने चीनी कवर्स के स्थान पर अब बेहतर गुणवत्ता वाले गैर-विषाक्त (Non-Toxic) स्थानीय कवर्स को बढ़ावा मिलेगा।घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और 'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बड़ा बूस्टइस एंटी-डंपिंग ड्यूटी का सबसे बड़ा लाभ देश के स्थानीय विनिर्माताओं और 'मेक इन इंडिया' पहल को मिलेगा। भारत पहले से ही मोबाइल हैंडसेट निर्माण में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, लेकिन कंपोनेंट और एक्सेसरीज इकोसिस्टम में अब भी आत्मनिर्भरता की कमी थी।जब चीनी कवर्स पर ₹6.15 का सुरक्षात्मक शुल्क लगेगा, तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत स्थानीय प्लास्टिक व पॉलिमर इंजेक्शन मोल्डिंग इकाइयों को ऑर्डर्स मिलने बढ़ जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर हजारों नए रोजगार सृजित होंगे, बल्कि घरेलू कंपनियां नए डिजाइन, मजबूत सामग्री और नवाचार में पूंजी लगाने के लिए भी प्रोत्साहित होंगी।वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बाद लागू होगा नियमडीजीटीआर केवल एक अर्ध-न्यायिक जांच एजेंसी है जो डंपिंग की पुष्टि होने पर उपायों की सिफारिश करती है। अब यह रिपोर्ट वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग (Department of Revenue) को भेजी गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा आधिकारिक राजपत्र (Official Gazette) में अधिसूचना जारी होते ही यह 5-वर्षीय एंटी-डंपिंग ड्यूटी देश भर के सभी बंदरगाहों और आईसीडी (Inland Container Depots) पर तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि भारत विदेशी डंपिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा और घरेलू उद्योग के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी उपाय अपनाएगा।
दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे 'मोबाइल नेटवर्क हॉटस्पॉट' की पहचान कर रही है, जहाँ नेटवर्क की समस्या है। यह पहल हाल ही में दक्षिणी दिल्ली में हुई एक घटना के बाद की गई।
जबलपुर से छूटी रीवा शटल में दोस्ती, सिहोरा में आई नींद, मोबाइल चुराकर यूपीआई से 20 हजार रुपये निकाले
जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। उसके आपराधिक रिकाॅर्ड की जांच शुरू की है।
चित्तौड़गढ़: पीएम मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर, मोबाइल वैन रवाना
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने जिला अस्पताल से ब्लड डोनेशन मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई, सुदूर ग्रामीण इलाकों से जुटाया जाएगा रक्त।
अंबेडकरनगर में बिजली चोरी पकड़ने गए जेई को कमरे में बंद कर पीटा, मोबाइल भी तोड़ा; पुलिस ने पहुंचकर बचाया
आरा रेलवे स्टेशन पर चोरी के मोबाइल के साथ दो गिरफ्तार, RPF-GRP की कार्रवाई
1 अक्टूबर, गुरुवार: भोजपुर के आरा रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के मोबाइल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
IND vs PAK एशियन गेम्स फाइनल मैच टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें LIVE, ये है आसान तरीका
एशियन गेम्स 2026 मेंस क्रिकेट के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मैच होने जा रहा है। ये मैच आप अपने टीवी और मोबाइल पर लाइव कैसे देख सकते हैं, ये जान लीजिए।
शहर में गुरुवार को क्रिकेटर दीपक चाहर और बुधवार को पॉडकास्टर एवं डिजिटल क्रिएटर रणवीर अलाहबादिया ने एक मोबाइल कंपनी के कैंपेन के लिए शूट किया। दोनों ने जयपुर की ऐतिहासिक और खूबसूरत लोकेशन को शूट का हिस्सा बनाया। दीपक चाहर ने गुरुवार को सिटी पैलेस, हवामहल और जवाहर सर्किल पर शूटिंग की। शूट के दौरान वे हाथ में क्रिकेट बॉल लेकर मोबाइल पर वीडियो देखते हुए नजर आए। जवाहर सर्किल पर शूटिंग के दौरान वहां बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। जैसे ही पर्यटकों को पता चला कि दीपक चाहर वहां शूटिंग कर रहे हैं, कई लोग रुककर शूट देखने लगे। हाथ में गेंद, मोबाइल पर वीडियो देखते नजर आए दीपक जवाहर सर्किल पर हुए शूट में दीपक चाहर का क्रिकेटर वाला अंदाज भी देखने को मिला। वे हाथ में गेंद लेकर मोबाइल पर वीडियो देखते हुए कैमरे के लिए शॉट देते नजर आए। शूटिंग के दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ गई और पर्यटक मोबाइल से दीपक की तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। दीपक ने भी अपने फैंस को निराश नहीं किया। शूटिंग के बीच उन्होंने वहां मौजूद प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। क्रिकेटर को अपने बीच देखकर पर्यटकों में भी खासा उत्साह नजर आया। जयपुर के पर्यटन स्थलों पर होने वाली शूटिंग के दौरान अक्सर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भी दिलचस्पी देखने को मिलती है और इस बार भी ऐसा ही नजारा रहा। सिटी पैलेस और हवामहल की लोकेशन भी शूट में शामिल मोबाइल कंपनी के इस कैंपेन के लिए जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों को भी शूट का हिस्सा बनाया गया। सिटी पैलेस और हवामहल की पहचान देश-विदेश के पर्यटकों के बीच है। इन लोकेशन पर दीपक के शॉट लिए गए। इसके बाद शूटिंग जवाहर सर्किल तक पहुंची, जहां खुले माहौल में पर्यटकों की मौजूदगी के बीच कैमरा रोल किया गया। जयपुर की ऐतिहासिक इमारतों, महलों और आधुनिक शहरी लोकेशन का एक साथ इस्तेमाल विज्ञापन फिल्म को राजस्थान की खास विजुअल पहचान देता है। एक दिन पहले रणवीर अलाहबादिया ने आमेर में किया शूट दीपक चाहर से एक दिन पहले यानी बुधवार को लोकप्रिय पॉडकास्टर और डिजिटल क्रिएटर रणवीर अलाहबादिया भी जयपुर में शूटिंग करते नजर आए। रणवीर ने भी इसी मोबाइल कंपनी के कैंपेन के लिए शहर में शूट किया। उनकी शूटिंग आमेर के मीना पन्ना कुंड और कूकस रोड की लोकेशन पर हुई। आमेर की पहाड़ियों और ऐतिहासिक परिवेश के बीच रणवीर के कैंपेन के लिए अलग-अलग शॉट लिए गए। जयपुर की यह लोकेशन अपने प्राकृतिक और ऐतिहासिक बैकग्राउंड के लिए जानी जाती है और विज्ञापन शूट के लिहाज से भी आकर्षक मानी जाती है। शूट पूरा करने के बाद जब रणवीर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए तो वहां मौजूद उनके फैंस ने उन्हें पहचान लिया। रणवीर ने भी फैंस के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं। इस दौरान उनके साथ फोटो लेने के लिए लोगों में उत्साह नजर आया।
नोएडा में चोरी और मोबाइल स्नेचिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
नोएडा, 1 अक्टूबर . नोएडा के सेक्टर-58 थाने की Police ने चोरी और मोबाइल स्नेचिंग की वारदातों में शामिल एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है. Police ने आरोपी के कब्जे से चोरी और स्नेचिंग के तीन मोबाइल फोन, मोबाइल बेचकर हासिल किए गए 2,000 रुपये नकद, चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक अवैध चाकू ... Read more
हापुड़ बाबूगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दो नामजद आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल बरामद
हापुड़ के बाबूगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को कनिया रेलवे फाटक के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों से घटना में इस्तेमाल दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
दुपहिया सीजन 2 हुआ रिलीज: धड़कपुर में मोबाइल टावर से मचा बवाल
सोनम नायर के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'दुपहिया' का दूसरा सीजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो गया है, जिसमें दिनेश लाल यादव निरहुआ की भी एंट्री हुई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की असिस्टेंट प्रोफेसरडॉ. रितु मोदी का मोबाइल नंबर हैक कर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने का मामला सामने आया है।
बालोद पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.436 किलो गांजा, मोबाइल फोन समेत कुल 85,300 रुपए का सामान जब्त किया है। मुखबिर की सूचना पर बालोद थाना पुलिस ने 29 सितंबर को सिवनी के अटल विहार कॉलोनी स्थित EWS/92 क्वार्टर में छापा मारकर तलाशी ली। मौके से नीचे पारा सिवनी निवासी टेकचंद साहू (24) और स्कूल पारा सिवनी निवासी गौतेश कुमार साहू (26) को गिरफ्तार किया गया। जब्त गांजे की कीमत करीब 69,300 रुपए बताई गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बालोद थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। झलमला में बाइक से ले जा रहे थे 32 पौवा शराब, दो गिरफ्तार बालोद पुलिस ने 28 सितंबर को ग्राम झलमला के पास अवैध शराब परिवहन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि बाइक से शराब ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर CG 24 M 1736 नंबर की बाइक को पकड़ा। बोरी से 5.760 बल्क लीटर शराब बरामद तलाशी के दौरान बाइक पर रखी प्लास्टिक की बोरी से 32 पौवा यूनिक देशी मदिरा प्लेन बरामद हुई। प्रत्येक पौवा 180 एमएल का था। कुल 5.760 बल्क लीटर शराब की कीमत 2,560 रुपए बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल हीरो पैशन प्रो बाइक भी जब्त की गई है। इसकी कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई गई है। आबकारी एक्ट में केस दर्ज, दोनों आरोपी जेल भेजे पुलिस ने मामले में लाटाबोड़ निवासी विनोद कुमार साहू (28) और प्रमोद कुमार टांडिया (43) को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
इंदौर में रियल एस्टेट कारोबारी बंटी नागर की खुदकुशी के केस में बेटे और भाई थाने पहुंचे थे, मोबाइल के लॉक को लेकर वे कुछ नहीं बोल पाए।
अजमेर के अजयनगर में मॉर्निंग वॉक पर निकली बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए दो नकाबपोश बदमाशों को रामगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने चेन, चोरी की दो बाइक और अलग-अलग क्षेत्र से चुराए गए चार एंड्रॉयड मोबाइल की फोन भी बरामद किए। अजमेर एसपी हर्ष वर्धन अग्रवाला ने बताया-गिरफ्तार आरोपितों में 29 मील गुलाबपुरा, भीलवाड़ा निवासी सिराज उर्फ सूरज (24) पुत्र किशोर बंजारा व गंज खेड़ली बड़ी पोखरा जिला अलवर निवासी अरूण (22) पुत्र कैलाश है। दोनों को चेन स्नेचिंग के दर्ज हुए मुकदमे में गिरफ्तार किया गया है। दोनों से अन्य वारदात के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। मंदिर जाते समय वृद्धा को बनाया निशाना दोनों आरोपियों ने जीवतराम कॉलोनी, अजयनगर निवासी ज्योति (68) को 29 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे वारदात का शिकार बनाया। उस दौरान वह टहलते हुए शिव मंदिर जाने के दौरान चबूतरे पर बैठी थीं। इस दौरान बाइक पर दो युवक आए। दोनों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। बदमाशों ने झपट्टा मारकर वृद्धा के गले से करीब डेढ़ तोला सोने की चेन तोड़ी और मौके से चंपत हो गए। पीड़िता के बेटे अनिल रोहरा की रिपोर्ट पर रामगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया। । पुलिस देख भगाई बाइक, रास्ते में फिसले डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत व कांस्टेबल रामनिवास को मुखबिर से सूचना मिली कि चेन स्नैचिंग की वारदात में में प्रयुक्त बाइक पर दो युवक गुलाबपुरा से अजमेर की तरफ आ रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने रास्ते में घेराबन्दी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देख दोनों बदमाश बाइक को गलियों में भगाते हुए पुरानी सड़क से दरगाह की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंच गए। इसी दौरान बाइक फिसलने से दोनों गिर गए और चोटिल हो गए। पुलिस ने दोनों को डिटेन किया और पहले जेएलएन अस्पताल में ले जाकर उपचार कराया। उनसे जब पूछताछ की गई तो दोनों ने अजयनगर में वृद्धा से चेन स्नैचिंग करना स्वीकार कर लिया। चोरी की बाइक से करते थे वारदात पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चेन स्नैचिंग की वारदात में प्रयुक्त बाइक को भी केसरगंज सब्जी मंडी से चोरी करना बताया। साथ ही उन्होंने एक और बाइक को एक माह पूर्व सेंट फ्रांसिस अस्पताल के पास से चोरी करने की बात कबूली। आरोपियों ने अजमेर शहर के अलग-अलग स्थानों से चार एंड्रॉयड मोबाइल भी चोरी करने की वारदातें भी स्वीकार की हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। जिन्हें भी पुलिस ने जब्त कर लिया।
लुधियाना की केंद्रीय जेल में बंद बंदियों द्वारा हवाला के जरिए 2 लाख रुपए अपने जानकार के खाते में डलवाने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस को दी शिकायत में केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट रिश्वपाल गोयल ने बताया कि जेल में बंद हरीसिमरन सिंह मंड, जगवीर सिंह, जतिंदर सिंह, अभय, कैदी गुरजीत सिंह उर्फ हरमन और हवलाती सुखमन ने कथित तौर पर जेल के अंदर से हवाला के जरिए रुपए ट्रांसफर करवाए। आरोप है कि आरोपियों ने करीब 2 लाख रुपए अपने किसी जानकार के बैंक खाते में डलवाए। जेल प्रशासन को जांच के दौरान आरोपियों के पास एक कीपैड मोबाइल फोन भी मिला। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सभी छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 308(4) BNS और धारा 42(2) पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2026 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले में हवाला के जरिए रकम ट्रांसफर करने और जेल के अंदर मोबाइल फोन पहुंचने के संबंध में जांच कर रही है।
आवासीय फ्लैट में 15 दिन पहले शुरू किया था सेंटर; 14 गिरफ्तार, 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल जब्त
पुलिस मुख्यालय की साइबर क्राइम यूनिट और बिंदायका पुलिस ने मंगलम ग्रांड रेजिडेंसी स्थित आवासीय फ्लैट में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एपल सपोर्ट सेंटर के नाम से अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल, राउटर्स, सिम कार्ड, चार्जर, एक्सटेंशन बोर्ड सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि इनपुट के आधार पर फ्लैट में दबिश दी। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को उनके एपल अकाउंट में विभिन्न सर्विस जुड़ी होने की झूठी जानकारी देते और उसे रुकवाने के नाम पर फर्जी नंबर पर कॉल करवाकर 399 से 699 अमेरिकी डॉलर तक वसूलते थे। कुछ ग्राहकों को अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने या अकाउंट से पोर्न वीडियो डाउनलोड होने की बात कहकर एफबीआई का फर्जी वारंट भेजकर ब्लैकमेल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बिन्दायका थाने में बीएनएस की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4), 112(2), 319(2), 61(2), आईटी एक्ट 66/45, 66-बी, 66-सी, 66-डी व टेलीकॉम एक्ट की धारा 42(3)(6) के तहत केस दर्ज किया। जब्त लैपटॉप व मोबाइल के डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी गोहिल निकुंज सुरेंद्रनगर गुजरात, वाहिद सिविल लाइन सीकर, रहीस, इरशाद पालघर मुंबई, मोहम्मद ईनाम हुसैन चौधरी दीमापुर नागालैंड, सौरभ शर्मा कानोता जयपुर, निशिथ, अक्षय नारायण भाई पटेल, शिवम प्रजापति, देव दलाल गांधीनगर गुजरात, मानस खटनियार कामरूप असम, श्रेय भारद्वाज चंडीगढ़, गगन पाल कंचनपुर नेपाल व दर्पण अहमदाबाद गुजरात के रहने वाले है। गुजरात में बैठा मास्टरमाइंड पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर का फाइनेंसर और मास्टरमाइंड गुजरात निवासी हिरेन भाई है, जो फरार है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं। डिप्टी एसपी आदित्य पूनियां ने बताया कि सेंटर करीब 15 दिन पहले जयपुर में शुरू हुआ था, जिसके संचालन की जिम्मेदारी गिरफ्तार दर्पण और निकुंज संभाल रहे थे। इससे पहले मुंबई और गुजरात में भी संaचालन की बात सामने आई है, जिसकी तस्दीक की जा रही है। गिरोह के पुराने सदस्य नए युवकों को 15 दिन तक अमेरिकी इंग्लिश बोलने और ठगी के तरीके की ट्रेनिंग देते थे। कॉल टेकर और क्लोजर को ठगी की रकम में से 15 से 30 प्रतिशत कमीशन मिलता था। ज्यादातर आरोपी अलग-अलग विषयों में पीजी किए हुए हैं।
बच्चों की मोबाइल आदत पर ध्यान दें परिजन : डॉ. बलबिंदर
अमृतसर | किरपाल नगर, मजीठा रोड स्थित अमृतसर चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (हेल्प ए चाइल्ड ऑफ इंडिया) द्वारा बच्चों में मोबाइल की बढ़ती लत पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बलबिंदर सिंह ने कहा कि माता-पिता बच्चों के सबसे बड़े रोल मॉडल हैं। केवल पाबंदी लगाने के बजाय बच्चों के साथ समय बिताना, खेलना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चा, बंदर और पीपल का पत्ता कभी शांत नहीं रहते; समय न मिलने पर ही बच्चे मोबाइल की ओर आकर्षित होते हैं। आज तकनीक पढ़ाई-लिखाई के लिए जरूरी है।
Chandigarh News: अब मोबाइल से मिलेंगी एस्टेट ऑफिस की सेवाएं
अब मोबाइल से मिलेंगी एस्टेट ऑफिस की सेवाएं
Lucknow News: छात्रा और शिक्षक पर हमला कर मोबाइल लूटा
छात्रा और शिक्षक पर हमला कर मोबाइल लूटा
Ghaziabad News: युवती से पता पूछा और मोबाइल छीनकर भागे बदमाश
युवती से पता पूछा और मोबाइल छीनकर भागे बदमाश
Jaunpur News: मोबाइल के डिब्बों में निकला कपड़े धोने का साबुन, डिलीवरी बॉय पर प्राथमिकी
Laundry soap found in mobile boxes, FIR filed against delivery boy
Mohali News: 53 घंटे बाद खत्म हुई टीडीआई में ईडी की रेड, कागजों से मोबाइल डेटा तक खंगाला
53 घंटे बाद खत्म हुई टीडीआई में ईडी की रेड, कागजों से मोबाइल डेटा तक खंगाला
Kaithal News: 7.35 लाख कीमत के 46 गुमशुदा मोबाइल फोन तलाशे, डीएपी ने मालिकों को सौंपे
46 missing mobile phones worth 7.35 lakh recovered; DAP handed them over to the owners.
Kanpur News: पंजिका में मरीजों के मोबाइल नंबर न दर्ज होने पर विधायिका नाराज
सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को विधायक पूनम संखवार ने झींझक का जायजा लिया।
Faridabad News: वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें न करने दें
Do not use a mobile phone while driving, and do not allow others to do so.
Faridabad News: मोबाइल की स्क्रीन पर आया स्क्रैच, मां ने बच्चों को पीटा
Two groups clashed over removing garbage from a drain; six injured.
Jalaun News: मोबाइल हैक कर खाते से डेढ़ लाख उड़ाए
मोबाइल हैक कर खाते से डेढ़ लाखउड़ाए
सिविल लाइन थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने चोरी की स्कूटी से झपटमारी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 21 वर्षीय तौसीफ खान निवासी कदम तलैया, बेलबाग और उसके 16 वर्षीय नाबालिग साथी को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, सोने का पैंडिल, 22,650 रुपए नकद और चोरी की नीले रंग की सुजुकी एक्सेस स्कूटी बरामद की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। पहले स्कूटी चुराई, फिर उसी से वारदातें कीं जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सबसे पहले मदनमहल थाना क्षेत्र से नई सुजुकी एक्सेस स्कूटी चोरी की थी। पीड़ित हनी पटेल ने 29 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे वह दोस्त के साथ स्मार्ट नाला घूमने गया था। एमएम कॉलेज के पास खड़ी उसकी करीब 95 हजार रुपए कीमत की स्कूटी गायब हो गई थी। पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसी स्कूटी का इस्तेमाल कर आरोपियों ने इसके बाद कैंट और सिविल लाइन क्षेत्र में पर्स और मोबाइल झपटने की वारदातें कीं। तीन दिन में तीन झपटमारी, महिला-बच्चा भी घायल CCTV से मिला सुर, पूछताछ में वारदातें कबूलीं लगातार झपटमारी की घटनाओं के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने तौसीफ खान को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने नाबालिग साथी के साथ मिलकर वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की स्कूटी समेत झपटमारी का सामान बरामद कर लिया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।
भभुआ के सेमरिया गांव में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट की चपेट में आया अधेड़, अस्पताल में भर्ती
30 सितंबर, बुधवार: भभुआ के सेमरिया गांव में 55 वर्षीय राजकिशोर सिंह मोबाइल चार्जर को बोर्ड में लगाते समय कटे बिजली तार के संपर्क में आकर झुलस गए। परिजन उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज जारी है।
बेमेतरा जिले में अवैध जुआ-सट्टा और नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में साइबर सेल और चौकी देवरबीजा पुलिस की संयुक्त टीम ने सट्टा खिलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1,120 रुपए नकद, दो टच स्क्रीन मोबाइल, सट्टा-पट्टी और पेन जब्त किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 11,120 रुपए बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर रेड पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को चौकी देवरबीजा पुलिस को सूचना मिली थी कि देवरबीजा निवासी केशव चौहान और ग्राम कोदवा निवासी अनवर खान दुकान के सामने लोगों से रुपए-पैसों का दांव लगवाकर सट्टा खिला रहे हैं। सूचना पर साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा और चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक दीनानाथ सिन्हा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। अलग-अलग नंबरों पर लगवा रहे थे दांव पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी अलग-अलग नंबरों पर रुपए-पैसों का दांव लगवाकर सट्टा-पट्टी के जरिए जुआ खिला रहे थे। मौके से 1,120 रुपए नकद, दो मोबाइल फोन, सट्टा-पट्टी और पेन बरामद किए गए। जुआ अधिनियम के तहत केस, दोनों जेल भेजे मामले में चौकी देवरबीजा, थाना बेमेतरा में छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में केशव चौहान (42), निवासी देवरबीजा और अनवर खान (53), निवासी कोदवा, थाना साजा शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
सिनेमा बनाने के लिए न बड़ा बजट, न महंगा कैमरा और न ही मुंबई जैसा सेट। जरूरत है तो बस कहानी कहने के जुनून और उसे पर्दे पर उतारने के जज्बे की। खंडवा के ग्रामीण अंचल के युवाओं ने इसी सोच को हकीकत में बदल दिया है।
अबोहर के रामपुरा गांव के 31 वर्षीय आरएमपी डॉक्टर अजयपाल छींपा की संदिग्ध हालात में नहर में डूबने से मौत हो गई। उनका शव राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में संगरिया के पास सरदूल ब्रांच नहर से मिला। परिवार ने अनहोनी की आशंका जताई है। अजय कुमार रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) डॉक्टर थे और स्थानीय स्तर पर मरीजों को इलाज और दवा देते थे। नहर किनारे उनकी मोटरसाइकिल मिली, पर मोबाइल फोन गायब था। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।परिवार के अनुसार, सोमवार रात अजयपाल को फोन आया। इसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकले, पर वापस नहीं लौटे। देर रात उनका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया संगरिया पुलिस ने राहगीर की सूचना पर जांच शुरू की। करीब 2 किलोमीटर दूर नहर से शव मिला। मृतक के भाई मनुपाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया है। अजय घर से एक घंटे में आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन आज उनकी लाश बरामद होने से परिजनों में मातम का माहौल है। आखिरी बातचीत का ब्योरा खंगाल रही पुलिस पुलिस अजयपाल के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन खंगाल रही है, ताकि आखिरी बातचीत का पता चले। अजयपाल शादीशुदा थे और उनका एक बच्चा है। परिजन उसकी कई दिनों से तलाश कर रहे थे।
एशियन गेम्स 2026 में भारत और श्रीलंका के बीच सेमीफाइनल मुकाबला एक अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके लिए टीमें तैयार हैं। इससे पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें भी आमने सामने होंगी। इस मैच का समय और लाइव देखने का तरीका अभी से जान लीजिए।
प्रतापगढ़ मानधाता पुलिस ने थाना क्षेत्र के हैंसी बाजार में हुई चोरी की घटना का बुधवार शाम करीब चार बजे खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में चोरी किया गया इलेक्ट्रॉनिक सामान और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आज बुधवार दोपहर चार बजे पुलिस ने खुलासा किया बरामद सामान की पहचान पीड़ित दुकानदार विपुल पटेल ने की है। जानकारी के अनुसार करीब तीन दिन पहले रात में हैंसी बाजार स्थित विपुल पटेल की दुकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया था। चोर दुकान से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर ले गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने मानधाता थाने में तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया था। घर से चोरी का सामान बरामद किया बुधवार को मानधाता पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मिश्रपुर जाने वाले रास्ते पर संत निरंकारी आश्रम के आगे से तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनुपम (20 वर्ष), आदित्य यादव (18 वर्ष) और सौरभ पटेल (19 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर उनके एक साथी के खपरैल के घर से चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामद सामान को वादी मुकदमा विपुल पटेल ने अपनी दुकान से चोरी हुआ सामान होने की पहचान की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर तीन एम्पलीफायर, छह 15 इंच के स्पीकर, दो मिक्सर, 57 पीस ट्वीटर, एक डिस्ट्रीब्यूटर और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल फोन में रियलमी, वीवो और रेडमी कंपनी के फोन शामिल हैं।
चोरी के फोन खरीदकर बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार:दो मोबाइल बरामद, अब तक कुल 39 मोबाइल जब्त किए
सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर थाना पुलिस ने चोरी के मोबाइल खरीदने-बेचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के कब्जे से अब तक कुल 39 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। जयपुर से किया गिरफ्तार थानाधिकारी मंगेलाल यादव ने बताया- पूर्व में गिरफ्तार साजिद खान उर्फ साजिद टूटा निवासी फलसावटा से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर चोरी के मोबाइल खरीदकर बेचने के मामले में सद्दाम हुसैन पुत्र अलादीन पठान (35) निवासी मोहल्ला गोरेयान दरगाह कदम रसूल, थाना गलता गेट, जयपुर उत्तर की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सद्दाम हुसैन को सूरजपोल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपी से गिरोह और चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। अब तक 39 मोबाइल बरामद पुलिस के अनुसार, इससे पहले इसी प्रकरण में गिरफ्तार साजिद खान उर्फ साजिद टूटा से 37 मोबाइल बरामद किए गए थे। अब सद्दाम से दो मोबाइल बरामद होने के बाद चोरी के मोबाइल चैन के तहत कार्रवाई में कुल 39 मोबाइल बरामद हो चुके हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सीआई मंगेलाल यादव, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार, केदार गुर्जर और मनकेश की भूमिका रही।
जैसलमेर शहर में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बुधवार को मोबाइल सिम आधारित हाईटेक सायरन प्रणाली की सफल टेस्टिंग की गई। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमावर्ती जिले में आपातकालीन हालातों से निपटने के लिए यह आधुनिक तकनीक बेहद कारगर साबित होगी। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद शहर के 11 प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए गए इन इलेक्ट्रिक सायरनों की तकनीकी क्षमता, आवाज की गूंज और नेटवर्क कनेक्टिविटी की बारीकी से जांच की गई। प्रशासन और केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम की देखरेख में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच यह ट्रायल चलाया गया। मोबाइल से जुड़ते ही एक्टिव होता है सिस्टमइस सिस्टम की खासियत यह है कि यह मोबाइल सिम तकनीक पर काम करता है। आपात स्थिति या किसी भी खतरे के समय मोबाइल से तुरंत कमांड या सिग्नल मिलते ही यह ऑटोमेटिक तरीके से तेज आवाज में सायरन बजाना शुरू कर देता है। साथ ही, इस हाईटेक सुरक्षा कवच के जरिए शहरवासियों को उनके मोबाइल फोन पर तुरंत आपदा अलर्ट और चेतावनी भरे मैसेज भी मिल जाएंगे, जिससे कम से कम समय में लोगों तक सूचना पहुंचाई जा सकेगी। इन प्रमुख जगहों पर हुई टेस्टिंगशहर में सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाने के लिए गोपा चौक सब्जी मंडी, जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय, सीपीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, जवाहर हॉस्पिटल का ट्रॉमा सेंटर, सोनार दुर्ग स्थित रानी महल, नगर परिषद कार्यालय, सूली डूंगर सनसेट पॉइंट, माहेश्वरी हॉस्पिटल के पास, रेंवतसिंह की ढाणी, पुलिस लाइन कच्ची बस्ती और इंदिरा कॉलोनी स्थित सभा भवन में इन सायरनों की टेस्टिंग पूरी की गई। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह सिर्फ एक तकनीकी और नियमित जांच है, ताकि किसी भी आपदा के समय शहर पूरी तरह सुरक्षित और सतर्क रहे।
पलवल में मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार:ड्यूटी पर जा रहा, कर रहा था ऑटो का इंतजार, बदमाशों का पीछा किया
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर छपरौला मोड़ के पास एक युवक से मोबाइल फोन लूट लिया गया। युवक अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहा था। तभी बाइक पर आए दो बदमाश उसका फोन छीनकर भाग गए। गदपुरी थाना पुलिस ने पीड़ित कुणाल की शिकायत पर अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कुणाल किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी के पास रहते हैं। उन्होंने बताया कि शाम करीब 8 बजे यह घटना हुई। किया बदमाशों का पीछा, हाथ नहीं आए कुणाल ने एक अन्य बाइक सवार की मदद से बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी और गदपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। रात होने के कारण वह बाइक का नंबर नहीं देख पाए। पुलिस ने बताया कि मामले में रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
इंदौर के बिल्डर बंटी नागर की मौत का राज मोबाइल में बंद, तीन कर्मचारियों से पूछताछ
इंदौर पुलिस बंटी के बेटे और पत्नी के बयान ले सकती है। वहीं, चार से पांच कारोबारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
मऊआइमा थाना क्षेत्र के कल्यानपुर गांव से एक अत्यंत सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक 19 वर्षीय इंटर पास युवती ने चार युवकों पर मोबाइल फोन दिलाने का झांसा देकर कार से ले जाने, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने मऊआइमा थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, उसकी जान-पहचान फोन पर एक युवक से थी। आरोपी युवक ने 23 अगस्त को उसे नया मोबाइल फोन दिलाने का लालच देकर मऊआइमा चौराहे पर बुलाया था। सुबह करीब 10 बजे जब युवती चौराहे पर पहुंची, तो वहां पहले से ही चार पहिया वाहन में चार युवक मौजूद थे। आरोप है कि चारों युवकों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और मऊआइमा-कलंदरपुर मार्ग की ओर ले गए। कमरे में बंधक बनाकर हैवानियत, परिजनों को मारने की धमकी युवती का आरोप है कि आरोपी उसे एक सुनसान कमरे में ले गए, जहां चारों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने इस हैवानियत का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे, उसके पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों के इस खौफ और धमकियों के कारण डरी-सहमी पीड़िता ने लंबे समय तक इस घटना का जिक्र अपने परिवार वालों से भी नहीं किया। सहेली से वीडियो वायरल होने की मिली जानकारी घटना के कुछ समय बाद पीड़िता की सहेली ने उसे बताया कि उसका एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जब पीड़िता को पता चला कि आरोपियों ने दुष्कर्म के दौरान उसका वीडियो भी बना लिया था और उसका कुछ हिस्सा इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया है, तो वह हिम्मत जुटाकर अकेले ही थाने पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए तथा इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो पर तत्काल रोक लगाकर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में मऊआइमा थाना के प्रभारी निरीक्षक जगदीश कुशवाहा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पूरी गहराई से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दो करोड़ की घूस का मामला : एसओजी के एएसपी का करीबी रीडर जसवंत राव हुआ गायब, मोबाइल भी बंद
एसीबी ने इस मामले में पहले एएसपी मुकेश सोनी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते हुए 26 सितंबर को गिरफ्तार किया था, जिसके अगले ही दिन 27 सितंबर को एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
कोखराज थाना क्षेत्र के रसूलपुर गिरसा स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) लाइन पर मंगलवार/बुधवार की रात करीब एक बजे युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
फरीदाबाद में सेना में तैनात जवान सतबीर ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ने मोबाइल स्क्रीन पर स्क्रैच आने से नाराज होकर 6 साल की बेटी और 4 साल के बेटे की पिटाई की. घटना CCTV में कैद हुई है और पुलिस को शिकायत दी गई है.
जिला अस्पताल में मोबाइल चोरी करते युवक पकड़ाया:रीवा में लोगों ने पकड़कर पीटा फिर पुलिस के हवाले किया
रीवा के कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में मोबाइल चोरी करते एक युवक को लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि युवक अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन का मोबाइल चोरी कर रहा था। पकड़े जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में लोग युवक को पकड़कर उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर बिछिया पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उसे थाने ले गई, जहां मोबाइल चोरी को लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल युवक की पहचान सामने नहीं आई है। अस्पताल की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में दिन-रात मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रहती है। परिजनों का कहना है कि रात के समय संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने बताया कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले चोरी करने आया था या उसके साथ कोई और भी शामिल था।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच आज गुवाहाटी के मैदान पर दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा। इस मैच को आप टीवी पर फ्री में लाइव कैसे देखें, ये अभी से जान लीजिए। मोबाइल पर देखने का तरीक भी जान लीजिए।
अंबाला में पति-पत्नी के रिश्तों में आई खटास सोशल मीडिया के 'डिजिटल वॉर' में बदल गई है। एक महिला ने अपने पति पर रंजिश के तहत मोबाइल नंबर बंद करवाकर उसके ईमेल, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने का आरोप लगाया है। साइबर क्राइम पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-9 पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीन महीने से अकाउंट्स पर पति का 'कब्जा' जानकारी अनुसार, जंडली निवासी ण्क महिला का अपने पति शिवम के साथ वैवाहिक विवाद चल रहा है। इसकी शिकायत पहले से ही सेक्टर-9 थाने में लंबित है। महिला शादी के बाद से जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही थी, वह उसके पति के नाम पर पंजीकृत था। उसी से महिला के सभी मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जुड़े थे। महिला का आरोप है कि 10 जून को पति ने धोखे से वह नंबर बंद करवा दिया। इसके तुरंत बाद उसकी ईमेल आईडी, फेसबुक और इंस्टाग्राम के पासवर्ड बदल दिए गए। इसके बाद तीन महीनों से महिला अपनी ही डिजिटल पहचान से बेदखल है। साइबर सेल ने जांच में खोली पोल महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले को साइबर क्राइम सेल के पास तकनीकी जांच के लिए भेजा गया था। साइबर सेल की जांच रिपोर्ट में अकाउंट्स के पासवर्ड बदलकर उनका एक्सेस छीनने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट मिलते ही थाना सेक्टर-9 पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि यह हैकिंग पति ने खुद की है या किसी तीसरे व्यक्ति की मदद ली है।
निर्दयी मां का अत्याचार वीडियो में कैद: फरीदाबाद में मोबाइल स्क्रीन पर खरोंच आने पर बच्चों को बेरहमी से पीटा
उदयपुर के 272 प्लॉट घोटाले में राहत देने के बदले 2 करोड़ की घूस लेने के मामले में एसओजी का रीडर भी एसीबी के रडार पर है। 26 सितंबर के बाद से रीडर जसवंत राव ऑफिस से गायब है। उसका फोन भी बंद है। एसीबी की टीम अब उदयपुर पुलिस के सहयोग से उसकी तलाश में जुटी हुई है। रीडर जसवंत राव के घर सहित अन्य संभावित ठिकानों पर एसीबी दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि रीडर जसवंत राव एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी का सबसे खास था। विशेष रूप से 272 प्लॉट घोटाले सहित अन्य बड़े प्रकरणों में कागजी कार्रवाई सहित अन्य जिम्मा उसी के पास होता था। एसीबी का मानना है कि रीडर के पकड़े जाने के बाद अहम खुलासे हो सकते हैं। एसीबी ने एएसपी मुकेश सोनी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते हुए 26 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन 27 सितंबर को मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोप- रीडर के पास हैं सोने के बैंगल-घड़ी शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा ने बताया- मेरी गिरफ्तारी के दौरान घर से एसओजी ने सोने के 2 बैंगल, सोने की घड़ी, प्लॉट से जुड़े दस्तावेज और डीवीआर जब्त किए थे। लेकिन इन्हें रिकॉर्ड में नहीं बताया। निरंजन मोगरा ने बताया- जमानत मिलने पर जेल से बाहर आने के बाद जब रीडर जसवंत राव से जब्त सामग्री मांगी तो वह बोला- 'साहब से बात करो। वे ही देंगे।' शिकायतकर्ता को अंदेशा है कि रिकॉर्ड में नहीं दिखाए गए ये आइटम जसवंत राव के पास ही हैं। जांच अधिकारी ने बंद कमरे में की पूछताछ जयपुर से इस केस का जांच अधिकारी ASP महावीर सिंह को नियुक्त किया गया है। उन्होंने मंगलवार को उदयपुर एसीबी ऑफिस पहुंचकर सारे रिकॉर्ड देखे। आरोपी एएसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह से बंद कमरे में सख्ती से पूछताछ की गई। जांच अधिकारी ने निरंजन मोगरा से भी केस की जानकारी ली। खास बात ये है कि मंगलवार को दिनभर एसीबी ऑफिस में दोनों आरोपियों को एक अलग कमरे में बैठाए रखा। इस बात का भी ध्यान रखा गया कि रिमांड के दौरान आरोपियों को कहीं वीआईपी सुविधा तो नहीं दी जा रही है। … यह खबर भी पढ़ें... 2-करोड़ रिश्वत केस: ASP ने सोने की घड़ी-बैंगल गायब की:आरोप- रिकॉर्ड में नहीं दिखाया, 30 सितंबर से पहले रुपए देने को कहा था उदयपुर- 2 करोड़ रिश्वत मामले में ASP गिरफ्तार:ACB ने दलाल को घूस लेते पकड़ा था; 272 प्लॉट घोटाला केस में FR के लिए हुई थी डील
बठिंडा शहर में राशन कार्डों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत करीब 20 हजार राशन कार्डों की जांच की जाएगी। राशन कार्ड धारकों को अपने कार्ड में दर्ज नाम, पता, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी जांचने और गलती होने पर उसे ठीक करवाने का अवसर दिया जा रहा है। विभाग की ओर से रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया इसलिए की जा रही है, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो। पीसीए प्रधान अमरजीत मेहता ने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने राशन कार्ड की जानकारी की जांच जरूर करें और किसी भी तरह की त्रुटि मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे ठीक करवाएं। पोर्टल पर जांच सकेंगे राशन कार्ड की जानकारी राशन कार्ड धारक संबंधित पोर्टल पर जाकर अपने कार्ड में दर्ज जानकारी की जांच कर सकते हैं। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर बदल चुका है या कार्ड में दर्ज पता पुराना है तो उसे अपडेट करवाया जा सकता है। इसी तरह नाम में किसी तरह की गलती होने पर भी उसे दुरुस्त करवाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।राशन कार्ड में दर्ज जानकारी सही और अपडेट रहना जरूरी है। रिकॉर्ड में छोटी सी गलती भी भविष्य में सरकारी सुविधा का लाभ लेने के दौरान परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में कार्ड धारकों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान अपने दस्तावेज और दर्ज जानकारी को ध्यान से जांचना चाहिए। रिकॉर्ड सही होने से पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ वेरिफिकेशन का उद्देश्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड को सही और व्यवस्थित करना है। जब राशन कार्ड में नाम, पता और संपर्क संबंधी जानकारी सही होगी तो संबंधित विभाग के लिए रिकॉर्ड का सत्यापन करना भी आसान होगा। इससे पात्र परिवारों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। वे राशन कार्ड की जानकारी को नजरअंदाज न करें। यदि कार्ड में दर्ज कोई जानकारी बदल चुकी है या गलत है तो समय रहते उसे ठीक करवाना चाहिए। खासकर जिन परिवारों ने हाल के समय में अपना मोबाइल नंबर या निवास स्थान बदला है, उन्हें अपने रिकॉर्ड की जांच करने की जरूरत है। वेरिफिकेशन में सहयोग की अपील सरकार और संबंधित विभाग की ओर से की जा रही वेरिफिकेशन प्रक्रिया में लोग सहयोग करें। सही दस्तावेज और सही जानकारी के आधार पर रिकॉर्ड अपडेट होने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही पात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया भी बेहतर तरीके से पूरी की जा सकेगी। राशन कार्ड सिर्फ खाद्य सामग्री प्राप्त करने का दस्तावेज नहीं है, बल्कि कई परिवारों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी है। इसलिए इसमें दर्ज प्रत्येक जानकारी का सही होना जरूरी है। वे वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को औपचारिकता न समझें। अपने राशन कार्ड में दर्ज विवरण की जांच कर लें और यदि कोई त्रुटि सामने आती है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ठीक करवाएं। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।
अब मोबाइल में मुफ्त देख सकेंगे TV! ना Data लगेगा, ना रिचार्ज
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फरीदाबाद में मोबाइल की स्क्रीन पर स्क्रैच आने पर मां ने अपने दो बच्चों की पिटाई कर दी। 6 साल की बेटी को 12 सेकेंड में 8 और 4 साल के बेटे को 19 सेकेंड में 12 थप्पड़ मारे। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी युवक पहुंचा। बच्चों के साथ मारपीट की पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। बच्चों के पिता सेना में हैं और राजस्थान में तैनात हैं। उनका आरोप है कि पत्नी पहले भी बच्चों के साथ मारपीट कर चुकी है। पत्नी के मायके वाले पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। मामले को लेकर बच्चों के दादा ने पवर्तिया कॉलोनी चौकी में शिकायत दी है। पहले तस्वीरों में देखिए कैसे बच्चों को पीटा… अब जानिए क्या है पूरा मामला… बच्चों के पिता आर्मी में तैनात नगला पार्ट-2 के रहने वाले सतबीर (31) ने बताया कि वह आर्मी में हैं और इस समय राजस्थान में तैनात हैं। साल 2016 में 12वीं करने के बाद वह सेना में भर्ती हुए थे। इसके बाद साल 2019 में उनकी शादी सागरपुर निवासी सोनिया (28) से हुई थी। सोनिया ने बीए तक पढ़ाई की है। उनकी बेटी 6 साल और बेटा 4 साल का है। पहले भी बच्चों को पीटने का आरोप सतबीर ने बताया कि सेना में भर्ती होने के बाद वह घर से दूर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी बच्चों और उनके माता-पिता के साथ रहती है। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी पहले भी छोटी-छोटी बातों पर बच्चों को पीटती रही है। जब भी उन्होंने इसकी शिकायत पत्नी के मायके वालों से की, तो उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जाती रही। 3 महीने पहले घर में लगवाए थे कैमरे सतबीर ने बताया कि बार-बार बच्चों के साथ मारपीट से परेशान होकर उन्होंने करीब तीन महीने पहले घर में कैमरे लगवाए थे। इन्हीं कैमरों में बच्चों के साथ मारपीट की यह घटना रिकॉर्ड हो गई। 27 सितंबर को घटना के दिन उनके मम्मी-पापा नूंह में अपने घर गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी और बच्चे ही थे। पड़ोसी युवक ने आकर न मारने को कहा सतबीर ने बताया कि घटना शाम करीब 7 बजे की है। बेटी मोबाइल चला रही थी। इसी दौरान उसकी मां सोनिया वहां आती है और मोबाइल को देखती है। मोबाइल की स्क्रीन पर स्क्रैच देखकर वह चिल्लाने लगती है और बच्ची को थप्पड़ मारना शुरू कर देती है। वह 12 सेकेंड में बेटी को 8 थप्पड़ मारती है। इसके बाद पत्नी बेटा को 7 सेकेंड में 4 थप्पड़ मारती दिखाई दे रही है। बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी युवक घर में आता है और बच्चों को न मारने की कहता है। पत्नी के मायके वालों पर धमकाने का आरोप सतबीर ने पत्नी के मायके वालों पर भी धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पत्नी के मायके वाले उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हैं। उन्होंने पहले भी इस मामले को लेकर पत्नी के परिवार से बात की थी, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। अब बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। बच्चों के दादा ने पुलिस में दी शिकायत मामले को लेकर बच्चों के दादा बिशन सिंह ने पवर्तिया कॉलोनी चौकी में शिकायत दी है। चौकी इंचार्ज महेश ने बताया कि वह अभी बाहर हैं। चौकी पहुंचने के बाद मामले की जानकारी लेकर जांच करेंगे। वहीं, बच्चों के पिता सतबीर ने अपनी पत्नी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
Hisar News: खरक पूनिया के पास नहर से मिली जतिन की स्कूटी, मोबाइल नहीं मिला
मिल गेट निवासी जतिन की हत्या कर शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को खरक पूनिया के पास नहर से उसकी स्कूटी बरामद कर ली है
Bahraich News: नहीं लौटी बिजली, पैसे देकर मोबाइल चार्ज करा रहे ग्रामीण
नहीं लौटी बिजली, पैसे देकर मोबाइल चार्ज करा रहे ग्रामीण
Chandauli News: ट्रेन की गेट पर खड़ा होकर मोबाइल चला रहा था युवक, नीचे गिरने से मौत
Youth dies after falling while using mobile phone at train doorway.
Yamuna Nagar News: साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 5.60 लाख रुपये
साइबर ठगों ने सुभाष नगर निवासी बुजुर्ग के मोबाइल पर जीवन प्रमाण के नाम से एपीके फाइल भेजकर उसके खाते से 5.60 लाख रुपये निकाल लिए।
निर्धारित अवधि में मोबाइल फोन वापस लेने से इनकार करने पर अमेजन को महंगा पड़ा, जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 47,990 रुपये भुगतान का आदेश दिया है। आयोग ने अमेजन को अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटर्न और इजी रिटर्न पॉलिसी की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।
पलवल में सीआईए स्टाफ होडल की टीम ने अपहरण, मारपीट और लूटपाट के मुख्य आरोपी विष्णु को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 28 सितंबर को होडल के गोडोता चौक स्थित शिव कॉलोनी से पकड़ा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि उसने यह वारदात किन साथियों के साथ मिलकर की थी। करमन गांव के देवीराम ने 22 सितंबर को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वे अपने भतीजे चिंटू के साथ होडल थाने से पैदल लौट रहे थे। अग्रवाल धर्मशाला के पास दो बाइक और एक गाड़ी में आए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए थे आरोपी बदमाशों ने चिंटू का अपहरण कर उसके साथ मारपीट की। उन्होंने चिंटू से 1500 रुपए नकद और मोबाइल भी लूट लिया। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए थे। शिकायत के बाद होडल थाने में मामला दर्ज किया गया था। एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देश पर सीआईए टीम ने कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपी विष्णु को रिमांड पर लेकर अन्य फरार आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ मंगलवार 29 सितंबर दोपहर बाद बैठक कर विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मौके पर कुलपति शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुदृकरण को लेकर सख्त नजर आए। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं में मोबाइल फोन के प्रयोग पर रोक रहेगी। अब कोई भी छात्र-छात्राएं क्लासरूम में मोबाइल फोन लेकर नहीं बैठ सकेंगे। कुलपति ने विश्वविद्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली को शीघ्र लागू करने की दिशा में आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। कहा कि ई-ऑफिस से कार्यालयी कार्यों में तेजी आएगी और कार्य प्रभावित नहीं होगा। कुलपति ने कहा कि विवि परिसर में आंधी-तूफान में गिरे पेड़ों का शीघ्र ऑडिट कर निस्तारण करें। बैठक में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित करने तथा विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से बेहतर ढंग से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा हाल में सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रखने और छह महीने तक का रिकॉर्डिंग डाटा रखने के निर्देश दिए, जिससे कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे। कुलपति ने कहा कि नव आगंतुक छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया जाएगा और उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं तथा विश्वविद्यालय से जुड़ी जिज्ञासाओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।
बरेली जनपद के नवाबगंज–बरखन मार्ग पर अप्सरा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल, नवाबगंज के तहसील अध्यक्ष एवं व्यापारी नेता राजीव गुप्ता ने नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. एम.पी. आर्य को प्रार्थना पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्र में हृदय रोग संबंधी आपातकालीन सुविधाओं से युक्त मोबाइल चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। राजीव गुप्ता ने विधायक से मांग की है कि जब तक क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर वैकल्पिक पुल अथवा सुचारु आवागमन की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग संबंधी प्राथमिक उपचार, ईसीजी, ऑक्सीजन एवं अन्य आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित मोबाइल चिकित्सालय और एम्बुलेंस की तत्काल व्यवस्था कराई जाए। राजीव गुप्ता ने अपने पत्र में बताया कि नवाबगंज–बरखन मार्ग पर अप्सरा नदी पर बना पुल जर्जर एवं क्षतिग्रस्त होने से बंद कर दिया है। क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के नागरिकों को चिकित्सा, प्रशासनिक एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीणों को पहले नवाबगंज पहुंचने में मात्र 15 से 20 मिनट लगते थे, उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों से आने-जाने में लगभग एक से डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है। वैकल्पिक मार्गों की खराब स्थिति और वाहनों की धीमी गति ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। व्यापारी नेता राजीव गुप्ता ने पत्र में विशेष रूप से हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना, प्रसव एवं अन्य आपातकालीन चिकित्सा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में एक-एक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी किसी भी मरीज के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
जोधपुर पुलिस ने चोरी और गुम हुए 150 मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 25 लाख रुपए हैं। बरामद किए गए मोबाइल को उनके मालिकों को वापस लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। डीसीपी ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया- शहर में लगातार सामने आ रही मोबाइल चोरी और गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अभियान चलाया था। इसके तहत ईस्ट जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रिपोर्ट और शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर मोबाइलों की लोकेशन ट्रैक की गई। 150 फोन बरामद करने में सफलता मिली। पूरे नेटवर्क की जांच होगी जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद किए गए कई मोबाइल सेकंड-हैंड फोन बेचने वालों के पास मिले हैं। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। इस पूरे मामले में किसी भी दुकानदार या बिचौलिए की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, लंबे समय से खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की सूचना पर पहुंचे मालिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का आभार व्यक्त किया।
उदयपुर नगर निगम के क्वार्टर की छत से गिरकर एक अकाउंटेंट की मौत हो गई। भूपालपुरा इलाके में सोमवार रात 1 बजे छत पर टहलते समय मोबाइल देखते रहे थे। इस दौरान अकाउंटेंट दिलीप सिंह चौहान का अचानक बैलेंस बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मृतक दिलीप सिंह चौहान(39) मूल रूप से डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में उदयपुर नगर निगम में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। वे नगर निगम के क्वार्टर में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। जब हादसा हुआ तब पत्नी और दोनों बच्चे नीचे सो रहे थे। छत पर टहलते समय मोबाइल देखने के दौरान हादसा भूपालपुरा थाने के जांच अधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि मृतक दिलीप सिंह चौहान बीती रात नगर निगम परिसर में स्थित क्वार्टर की छत पर गए थे। वे छत पर टहल रहे थे और उस दौरान अपने मोबाइल फोन में व्यस्त थे। मोबाइल देखने के दौरान अचानक उनका ध्यान भटका और वे संतुलन बिगड़ने से छत से नीचे गिर गए। अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम भंवर सिंह ने बताया कि छत से गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और पत्नी तुरंत घर के बाहर पहुंची। आनन-फानन में उन्हें गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटें आने के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही भूपालपुरा थाना पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटना के संबंध में परिजनों और पड़ोसियों से जानकारी ली।
पंचकूला जिले के रायपुर रानी में कॉलेज छात्रा से मोबाइल छीनने के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने महज दो घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम विवेक उर्फ गोलू है। रायपुर रानी की मन्नत सैनी एमएमवी मुलाना में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने पुलिस को शिकायत की कि शाम करीब 5:18 बजे वह कॉलेज कैब से उतरकर विकास विहार कॉलोनी में अपने घर जा रही थी। नितेश मोबाइल के मालिक नितेश अग्रवाल के घर के सामने वह फोन करने के लिए मोबाइल निकाल रही थी। तभी एक अज्ञात बाइक सवार युवक उसके हाथ से आईफोन 11 झपटकर भाग गया। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस शिकायत मिलने के बाद रायपुर रानी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह की देखरेख में पुलिसकर्मी राजीव कुमार और धनी राम की टीम ने कार्रवाई की। उन्होंने करीब दो घंटे में आरोपी को गढ़ी कोटाहा से पकड़ लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
पलवल के अलावलपुर गांव में एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को हैक कर साइबर ठगों ने उसके बैंक खातों से 1 लाख 93 हजार 600 रुपए निकाल लिए। पीड़ित को न तो कोई मैसेज मिला और न ही उसने कोई ओटीपी शेयर किया था। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि अलावलपुर निवासी राजपाल ने शिकायत दी है। 25 सितंबर को उनका मोबाइल हैक हुआ और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व भारतीय स्टेट बैंक के खातों से पैसे निकाले गए। 26 सितंबर को बैलेंस चेक करने पर उन्हें ठगी का पता चला। पुलिस ने शुरू की जांच इसके बाद राजपाल ने तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। 27 सितंबर को हैकर्स ने फिर यूनियन बैंक के उसी खाते से 70 हजार रुपए निकाल लिए। इस बार भी कोई मैसेज नहीं आया। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि की मौत की जांच तेज, मोबाइल चैट और CDR खंगाल रही पुलिस
29 सितंबर, मंगलवार: सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को अनलॉक कराने रीवा भेजा है। चैट और रिकॉर्डिंग के साथ सोनू, विजय और अजित की CDR भी खंगाली जा रही है।
डीग में आगामी पंचायती राज चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने संचार व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दूरसंचार समिति की बैठक हुई। इसमें मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क की स्थिति जांचने के निर्देश दिए। जहां नेटवर्क नहीं या कमजोर है, उन क्षेत्रों की 'शैडो एरिया' के रूप में सूची बनाई जाए। इन इलाकों में संचार व्यवस्था बेहतर करने के लिए कार्रवाई की जाए। नेटवर्क की कमियों को दूर करने के निर्देशकलेक्टर ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदान दलों और अन्य कर्मचारियों के लिए मोबाइल नेटवर्क जरूरी होगा। इसलिए चुनाव से पहले ही नेटवर्क की कमियों को दूर किया जाए।बैठक में दूरसंचार समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बीएसएनएल को पत्र लिखकर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतें लंबित न रहें और विभाग आपसी तालमेल से काम करें। संपर्क पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण पर जोरजिकलेक्टर ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को संपर्क पोर्टल पर दर्ज समस्याओं और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक समन्वय करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्धारित समय सीमा में उनका समाधान कराया जाए। बैठक में एडीएम देवेंद्र सिंह परमार, एएसपी अखिलेश शर्मा, संयुक्त निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग जगदीश प्रसाद, बीएसएनएल के कनिष्ठ दूरसंचार अधिकारी दीनदयाल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
छतरपुर के नौगांव जेल रोड निवासी प्रमोद तिवारी और उनकी पत्नी सुषमा तिवारी ने पुलिस पर मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। दंपती 227 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी की बरामदगी की मांग कर रहे हैं। प्रमोद के मुताबिक, वे सोमवार देर शाम सागर रेंज के आईजी इरशाद वली से मिलने छतरपुर पहुंचे थे। शिकायत लेकर वे पहले पुलिस कंट्रोल रूम, फिर सिविल लाइन थाना गए। वहां पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार में बंद कर पीटा। मारपीट के बाद प्रमोद तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट का वीडियो उनके मोबाइल में था, जिसे पुलिस ने ले लिया। प्रमोद का कहना है कि पुलिस और टीआई सतीश सिंह धुर्वे मेरा एनकाउंटर कर सकते हैं। मोबाइल में सब कुछ रिकॉर्ड है। मोबाइल पुलिस वालों ने ले लिया है। मेरे पैर काम नहीं कर रहे, हाथ-पैर सुन्न हो गए। सिपाही ने और बाकी सबने बहुत मारा। मेरा एनकाउंटर हो सकता है। हो सकता है कि लाश भी न मिले। दंपती का दावा है कि चोरी की पूरी बरामदगी और जांच के लिए 150 से ज्यादा आवेदन अधिकारियों को दिए हैं। पत्नी बोली- मारपीट के बाद उल्टा कार्रवाई कीप्रमोद की पत्नी सुषमा तिवारी ने भी पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चोरी हुए सोने-चांदी की पूरी बरामदगी की मांग को लेकर वे लगातार अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके साथ ही मारपीट की और बाद में उल्टा कार्रवाई कर दी। दंपती का यह भी आरोप है कि प्रमोद की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें तत्काल इलाज कराने में परेशानी हुई। चोरी के मामले में संदिग्ध से पैसे लेकर छोड़ने का भी आरोपप्रमोद तिवारी ने चोरी के मामले में पुलिस पर एक संदिग्ध से दो लाख रुपए लेकर उसे छोड़ने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। दंपती इसी मामले की वरिष्ठ अधिकारियों से जांच और चोरी हुए पूरे सामान की बरामदगी की मांग कर रहे हैं। धारा 151 में गिरफ्तार कर जेल भेजने की बातदंपती के आरोपों के बीच प्रमोद तिवारी के खिलाफ पुलिस द्वारा धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजे जाने की बात सामने आई है। थाना प्रभारी से इस मामले में बात करना चाही लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
लखीसराय में विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरकर भाग रहा युवक चोरी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार
29 सितंबर, मंगलवार: लखीसराय में विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरकर भाग रहे एक युवक को चोरी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
बांसवाड़ा के वार्ड 24 स्थित अगरपुरा (सूर्यनंदन नगर) के घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में एक और नया मोबाइल टावर लगाने का स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। वार्ड पार्षद मयंक जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की है।पहले से चल रहा एक टावर ज्ञापन में बताया गया है कि क्षेत्र में एक निजी मकान पर पहले से ही एक मोबाइल टावर संचालित हो रहा है, और अब उसी के पास दूसरा टावर जो कि इंडस टावर लिमिटेड का है उसे लगाने की तैयारी की जा रही है। रहवासियों ने इसके स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई है।बोले- बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा प्रभाव स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बीच मोबाइल टावर के रेडिएशन से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा इस तरह के भारी-भरकम ढांचे से आसपास के मकानों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने नियमों की अनदेखी किए जाने और जनरेटर के शोर से होने वाली निरंतर परेशानी का हवाला देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और टावर का निर्माण तुरंत बंद करवाने की मांग की है।
जल संस्थान के नाम पर साइबर ठगी; मोबाइल पर इन संदेशों से रहें सावधान
Jal Sansthan Cyber Fraud: उत्तराखंड जल संस्थान के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को व्हाट्सएप पर फर्जी संदेश भेजे जा रहे हैं। इस तरह से मैसेजों से सावधान रहें।
मंडी: दुष्कर्म मामले में आरोपी की तलाश जारी, पीड़िता ने पुलिस पर उठाए सवाल; मोबाइल और सोशल मीडिया एक्टिव होने का दावा
मंडी में शादी का भरोसा देकर दुष्कर्म और ठगी के आरोपों से जुड़े मामले में आरोपी की तलाश जारी है। पीड़िता ने आरोपी के मोबाइल और सोशल मीडिया पर सक्रिय होने का दावा करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या 129 करोड़ के पार: 55 लाख नए ग्राहक जुड़े, जियो और एयरटेल का बजा डंका
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में 55 लाख नए मोबाइल यूजर्स जुड़े हैं, जिससे कुल आंकड़ा 1.29 अरब पहुंच गया है। जियो और एयरटेल ने सबसे ज्यादा ग्राहक जोड़े हैं।
नोएडा में पांच अलग-अलग लोगों से पिछले साल शेयर मार्केट में निवेश और बैंक खाते से 94 लाख रुपये की ठगी हुई थी। सभी पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी। अब मामले में साइबर थाना पुलिस ने रविवार को केस दर्ज किया है। ये घटनाएं अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच की हैं। पुलिस डीजिटल सबूत और अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। निवेश के बहाने की ठगीपुलिस ने बताया कि सेक्टर-113 निवासी एक व्यक्ति को पिछले साल सात मार्च को साइबर ठगों ने निवेश के जाल में फंसाकर बातचीत शुरू की। ठगों की बात में आने के बाद पीड़ित ने तीन बार में कुल 24 लाख 43 हजार 974 हजार रुपये निवेश कर दिए। मुनाफे की रकम निकाने के दौरान एक जुलाई 2025 में ठगी की जानकारी हुई। मोबाइल हैक कर ठगी सेक्टर-39 की रिंकू सिंह से नाम के व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि दो जून 2025 को उनका मोबाइल हैक हो गया। अचानक से उनके बैंक खाते से कुल 13 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। मैसेज आने पर उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इसी तरह, सेक्टर-24 निवास दिलीप कुमार के साथ 23 अप्रैल 2025 को साइबर ठग वेबसाइट पर खरीदाने करने के दौरान 16 लाख 59 हजार 998 रुपये ठग लिए। ट्रेडिंग के जरिए ठगीफेज-दो थाना क्षेत्र के सुभाष चंद से 15 अप्रैल 2025 को 30 लाख 10 हजार तीन रुपये ठगी हुई थी। वहीं ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के राजबीर सिंह यादव के साथ 6 और 9 अप्रैल 2025 को हुई दो घटनाओं में नौ लाख 76 हजार 520 रुपये ठगी की गई। पांचों मामलों में पीड़ितों को कुल 93 लाख 90 हजार 495 रुपये का नुकसान हुआ है। मामलों साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीहोर के आनंद डेरी चौराहे पर सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मोबाइल शोरूम में घुस गई। यह हादसा इतना तेज था कि दुकान का मुख्य कांच का दरवाजा टूटकर बिखर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सफेद रंग की यह कार चौराहे के पास अचानक बेकाबू हो गई और सीधे दुकान के अंदर जा घुसी। घटना के बाद दुकान के सामने और अंदर कांच के टुकड़े चारों तरफ फैल गए। मौके पर भीड़ जमा हो गईहादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। अच्छी बात यह रही कि इस दौरान कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, दुकान के सामने वाले कांच और डिस्प्ले काउंटर को काफी नुकसान हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दुकान के बाहर फैले कांच के टुकड़े हटाए गए। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
सिंगरौली में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह का मोबाइल नंबर सोमवार शाम हैक हो गया। हैकर्स उनके नंबर से लोगों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग कर रहे हैं। मंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी और लोगों से किसी भी तरह का लेन-देन नहीं करने की अपील की। मध्यप्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सूची में राधा सिंह का यही मोबाइल नंबर दर्ज है। फेसबुक पोस्ट कर दी जानकारी मंत्री राधा सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट कर बताया कि उनका व्हाट्सएप हैक हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें और पैसों का कोई लेन-देन न करें। मामले की शिकायत पुलिस में भी की गई है। पत्रकार से मांगे 35 हजार रुपए स्थानीय पत्रकार अवनीश तिवारी को भी मंत्री के नंबर से मैसेज आया। मैसेज में यूपीआई काम नहीं करने की बात कहते हुए 35 हजार रुपए मांगे गए थे। पत्रकार को मैसेज पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी साझा की। पुलिस कर रही मामले की जांच मंत्री ने अपने व्हाट्सएप नंबर 9993323738 के हैक होने की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का भुगतान या लेन-देन नहीं करने की अपील की है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हैकर्स ने कितने लोगों को मैसेज भेजे हैं।
फर्जी रजिस्ट्रेशन से मोबाइल वेटनरी यूनिट में नौकरी पाई, मामला दर्ज
जिले में मोबाइल वेटनरी यूनिट में फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति पाने का मामला सामने आया है। पशुपालन विभाग के निर्देश पर बागावास मोबाइल वेटनरी यूनिट में कार्यरत विशाल पुत्र थानाराम विश्नोई के खिलाफ जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। आरोप है कि उसने राजस्थान वेटरनरी परिषद के फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर मोबाइल वेटनरी यूनिट में नियुक्ति हासिल की थी। मामले में पशुपालन विभाग ने संबंधित कार्यकारी एजेंसी मैसर्स कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशन प्रोग्राम को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग की ओर से मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई। अब पुलिस मामले की जांच करेगी।
सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट डाला या शेयर किया तो जेल होगी, प्रदेश में 15 हजार मोबाइल नंबर ब्लॉक
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट और चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नकेल कसने के लिए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग और साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर ने बड़ा कदम उठाया है। चूरू जिले में भी ऐसे मामले सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। एसपी निश्चय प्रसाद एम के अनुसार मुख्यालय के निर्देश पर जिले में बार-बार ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए रिपीट ऑफेंडर्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साइबर सेल तकनीकी विश्लेषण के जरिए डिजिटल ट्रेल को खंगाल रही है। राज्य स्तर पर की गई इस कार्रवाई में इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, वॉट्सएप और टेलीग्राम से जुड़े करीब 7,800 यूआरएल और प्रोफाइल ब्लॉक करवाए हैं। चाइल्ड पोर्नोग्राफी में इस्तेमाल हो रहे 15326 मोबाइल नंबर और 100+ डिजिटल डिवाइस को ब्लॉक कर दिया है। सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट डालने या शेयर करने पर सीधे जेल होगी। एसपी निश्चय ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी अश्लील सामग्री फैलाने के लिए टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर गुप्त या पेड ग्रुप बनाते हैं। कोडेड शब्दों, हैशटैग और फेक आईडी का इस्तेमाल करते है। अश्लील सामग्री सीधे भेजने के बजाय गूगल ड्राइव या अन्य क्लाउड स्टोरेज पर अपलोड कर सिर्फ लिंक शेयर करते हैं। एसपी ने कहा कि बच्चा इंटरनेट पर क्या देख रहा है और किन ग्रुप्स से जुड़ा है, उस पर अभिभावकों को नजर रखनी चाहिए। बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री देखना या शेयर करना पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट व बीएनएस के तहत गैर जमानती अपराध है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे सकते हैं। एसपी ने बताया कि एनसीएमईसी की टिपलाइन रिपोर्ट्स और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के आधार पर करीब 25 हजार इनपुट जुटाए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत चूरू सहित नागौर, अलवर, खैरथल-तिजारा, सीकर, हनुमानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। एक सप्ताह पहले ही बीदासर क्षेत्र के एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। कुछ मामले और सामने आए हैं, जिस पर कार्रवाई की जा रही है।
Rampur News: मोबाइल की स्क्रीन की चमक में भी बरकरार श्राद्ध की आस्था
आधुनिक दौर में भले ही जिंदगी की रफ्तार मोबाइल की स्क्रीन पर सिमट आई है, तब भी पिंडदान, तर्पण और पूर्वजों के प्रति सम्मान की महक फीकी नहीं पड़ी है।
Lalitpur News: नेटवर्कविहीन 22 गांवों में अब बजेगी मोबाइल की घंटी
नेटवर्कविहीन 22 गांवों में अब बजेगी मोबाइल की घंटी
भागलपुर के सुल्तानगंज के गंगटी इलाके में पुलिस ने एक झोपड़ी पर छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां गांजा और देशी शराब बेची जा रही है। पुलिस को देखते ही घर में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान पति राजेश दास अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, लेकिन उसकी पत्नी कदमा देवी को पुलिस ने पकड़ लिया। झोपड़ी की तलाशी में 495 ग्राम से ज्यादा गांजा और एक लीटर से ज्यादा देशी शराब मिली। पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि इस फोन से नशे के नेटवर्क के कई राज खुल सकते हैं। पुलिस अब फरार राजेश दास की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। मोबाइल फोन अब खोलेगा नशे के नेटवर्क का ‘कनेक्शन’ इस कार्रवाई में बरामद मोबाइल फोन पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल की जांच कर रही है। कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध जानकारी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से आता था और आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि गिरफ्तार महिला और फरार आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। अगर मोबाइल से सप्लायर और खरीदारों से जुड़े ठोस सुराग मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के अनुसार, जिले में ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत मिली सूचना पर सुल्तानगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब बरामद गांजा और शराब के स्रोत से लेकर इसके संभावित खरीदारों तक की कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि गंगटी की इस झोपड़ी से नशे का कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कितने लोगों का नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस टीम की होगी हौसला-अफजाई एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए उसे पुरस्कृत करने की घोषणा की है। कार्रवाई में सुल्तानगंज थाना अध्यक्ष के साथ रोशन कुमार, विष्णु, अक्षय और सशस्त्र बल के जवानों की भूमिका रही।फिलहाल कदमा देवी पुलिस गिरफ्त में है, पति राजेश दास फरार है और जब्त मोबाइल पुलिस की जांच के दायरे में है।
धनबाद के भूली ओपी क्षेत्र के पांडरपाला दास बस्ती में पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल कुमार दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करता था और झांसा देकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा लेता था। उसके मोबाइल की जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी साइबर ठगी की 53 शिकायतें मिली हैं। प्रभारी साइबर डीएसपी प्रकाश कुमार साव ने बताया कि 27 सितंबर की शाम राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से साइबर फ्रॉड किए जाने का अलर्ट मिला था। विशेष टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई तकनीकी शाखा ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन पांडरपाला दास बस्ती में मिली। इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा। टीम ने पीछा कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए गए। इनमें एक सैमसंग और दूसरा रियलमी का मोबाइल है। साइबर अपराध से जुड़ी कुल 53 शिकायतें सामने आईं दोनों मोबाइल के नंबर और IMEI की NCRP पोर्टल पर जांच की गई। जांच में अलग-अलग राज्यों से दर्ज साइबर अपराध से जुड़ी कुल 53 शिकायतें सामने आईं। पुलिस अब इन शिकायतों के आधार पर आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उसके बैक-लिंकेज की जांच की जा रही है।
भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह सोमवार को गांव कैरू स्थित सामुदायिक भवन और गांव बागनवाला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जनसंवाद एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों के साथ सामाजिक समरसता और स्वच्छता को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कैरू और तोशाम खंड के विभिन्न गांवों से पंचायत प्रतिनिधि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे। सांसद ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि स्वच्छता के लिए उपलब्ध कराई गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल गांवों में सफाई कार्य के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आसपास के परिवेश की सफाई ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और आंतरिक स्वच्छता भी जरूरी है। बच्चों को संस्कार और नशे से दूर रखने पर जोर धर्मबीर सिंह ने कहा कि किसी भी देश और समाज की तरक्की के लिए विकास कार्यों के साथ बच्चों में अच्छे संस्कार होना भी जरूरी है। माता-पिता और ग्रामीणों को युवाओं को नशे से दूर रखने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गांव में कोई गैर-सामाजिक गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना पुलिस या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए। बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर रखें नजर सांसद ने कहा कि बच्चों में मोबाइल की आदत बढ़ रही है। माता-पिता को यह पता होना चाहिए कि बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं और उसका किस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी परेशानियों को समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन देकर शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के प्रति प्रेरित करना जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें।
चिता आंदोलन के 16वें दिन रविवार-सोमवार की रात प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि आधी रात को सत्याग्रहियों के साथ बर्बरता की गई। महिलाओं से अभद्रता हुई और प्रदर्शनकारियों से मारपीट की गई। इसके विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। महिला आदिवासी बोलीं- बच्चों में दहशत फैली कुंवरपुर निवासी रजुलिया और राजाबाई आदिवासी ने बताया कि रात 10 से 11 बजे के बीच पुलिस प्रशासन अचानक आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने घरों में घुसने की कोशिश की, महिलाओं से खींचतान की, गाली-गलौज की और तोड़फोड़ कर बच्चों व महिलाओं में डर फैलाया। युवक ने लाठी से मारपीट का लगाया आरोप पीड़ित भारत आदिवासी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर आते समय पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर लाठियों से पीटा और उनका मोबाइल छीन लिया। आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहिरवार ने भी बताया कि रात में गांव में घुसकर लोगों से मारपीट की गई और मोबाइल तोड़े गए। तस्वीरे देखिए… अमित भटनागर बोले-जब तक न्याय नहीं मिलता अनशन जारी रहेगी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि जब तक एक-एक प्रभावित व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आमरण अनशन और यह शांतिपूर्ण सत्याग्रह अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय, अत्याचार और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ है। सत्य, अहिंसा और संविधान के रास्ते पर चलते हुए सत्याग्रह तब तक चलेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। वहीं इस पूरे मामले पर जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान से संपर्क किया गया तो दो बार फोन करने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो सका।
डीग पुलिस ने ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत 14 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग सेक्सटॉर्शन, होटल बुकिंग और सस्ती भैंसों के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। पुलिस ने इनके पास से 14 मोबाइल फोन, दो फर्जी सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी सोशल मीडिया और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेते थे। वे लग्जरी होटलों में सस्ते कमरे, अच्छी नस्ल की भैंसें कम दाम पर दिलाने का लालच देते थे। साथ ही, परिचित बनकर या पुलिस अधिकारी बनकर भी लोगों को डराकर पैसे ऐंठते थे। कामां पुलिस और डीएसटी डीग की टीम ने मिलकर 12 आरोपियों को पकड़ा। इनमें सबलाना के जहीर, मोईन, रोहिन, रिजवान, जाहिद खान, वसीम अकरम और ढाणा के तामिर हुसैन, असपाक, सोहिल, रोबिन, कादिल, परवेज शामिल हैं। डीग थाना, साइबर सेल और डीएसटी की दूसरी कार्रवाईइसी अभियान के तहत पुलिस थाना डीग, साइबर सेल एवं डीएसटी डीग की संयुक्त टीम ने दूसरी कार्रवाई करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिदावली निवासी रामअवतार (20) और दीपक (19) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ साइबर ठगी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है।साइबर ठगी के नेटवर्क पर पुलिस की नजरपुलिस का कहना है कि ऑपरेशन काउंटडाउन के तहत जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य साइबर ठगी में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी धरपकड़ करना और ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन, सिम कार्ड, वाहनों सहित अन्य संसाधनों को जब्त करना है।पुलिस टीम अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के नेटवर्क, उनके संपर्कों, ठगी के तरीकों और अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
राजस्थान पुलिस ने बच्चों के यौन शोषण सामग्री (CSEAM) के ऑनलाइन प्रसार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15,326 मोबाइल नंबर, लगभग 7,800 URL और 100 डिवाइस ब्लॉक किए गए हैं।
ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित बस स्टैंड से जुलाई में चोरी हुए 70 हजार रुपए कीमत के मोबाइल को पुलिस ने बरामद कर लिया है। मजिस्ट्रेट के कॉल के बाद हरकत में आई पुलिस ने ग्वालियर से शिवपुरी तक करीब 120 किलोमीटर के रास्ते में सैकड़ों CCTV कैमरे खंगाले। फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस सतनवाड़ा पहुंची, जहां से 25 वर्षीय आरोपी सूरज वाल्मीकि को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, फरियादी के एक रिश्तेदार मजिस्ट्रेट हैं। उनके कॉल के बाद ग्वालियर और शिवपुरी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा और चोरी हुआ 70 हजार रुपए का मोबाइल बरामद कर लिया। सफर के दौरान झपकी का फायदा उठाकर चोरी पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि शिवपुरी निवासी केशव यादव का जुलाई में पड़ाव बस स्टैंड से मोबाइल चोरी हो गया था। 70 हजार रुपए कीमत का मोबाइल चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालना शुरू किए। एक स्थान पर लगे CCTV कैमरे के फुटेज में एक संदिग्ध युवक मोबाइल लेकर जाता दिखाई दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बस में सफर के दौरान केशव यादव के झपकी लेने का फायदा उठाया और मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए सतनवाड़ा पहुंची पुलिस पुलिस ने ग्वालियर के साथ शिवपुरी बस स्टैंड के CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले। फुटेज का मिलान और रूट ट्रेस करने पर पता चला कि मोबाइल चोरी करने वाला युवक शिवपुरी से ही बस में सवार हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के आने-जाने का पूरा रूट खंगाला, जो सतनवाड़ा तक पहुंचा। सुराग मिलने पर पुलिस टीम ने सतनवाड़ा में दबिश दी और डाक बंगला के सामने रहने वाले 25 वर्षीय सूरज वाल्मीकि को हिरासत में लिया। आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल बरामद पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सूरज वाल्मीकि ने मोबाइल चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी किया गया 70 हजार रुपए कीमत का मोबाइल बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने पहले भी इस तरह की कितनी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस बोली- आरोपी का रिकॉर्ड खंगाल रहे पड़ाव थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि बस स्टैंड से मोबाइल चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लिया। ग्वालियर से शिवपुरी तक CCTV फुटेज खंगाले गए और शिवपुरी पुलिस का भी सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है और चोरी किया गया मोबाइल भी बरामद हो गया है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
इंदौर के पलासिया स्थित अपने ऑफिस में फांसी लगाकर जान देने वाले बिल्डर बंटी उर्फ संदीप नागर के मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अब ऑफिस के कर्मचारियों और बंटी के मोबाइल में आखिरी समय में हुई बातचीत के आधार पर उनके परिचितों से पूछताछ करेगी। ऑफिस में लगे दो DVR में से एक में हार्डडिस्क नहीं मिली, जबकि दूसरे DVR को पुलिस ने जब्त कर लिया है। बेटे को नहीं पता DVR का पासवर्ड टीआई सुरेंद्र सिंह रघुवंशी के अनुसार, साकेत में बंटी नागर निवासी गुलमोहर कॉलोनी का शव रविवार शाम उनके बेटे ने चौथे माले स्थित ऑफिस में देखा था। देर शाम परिजनों ने अस्पताल से पुलिस को घटना की जानकारी दी। बंटी के चौथे माले पर दो ऑफिस हैं और दोनों में कैमरे लगे हैं। जिस केबिन में बंटी ने फांसी लगाई, वहां लगे DVR में हार्डडिस्क नहीं मिली। वहीं दूसरे ऑफिस के कैमरे के DVR में हार्डडिस्क लगी है। पुलिस ने DVR जब्त कर लिया है, लेकिन उसमें पासवर्ड लगा है। बंटी के बेटे ने पुलिस को पासवर्ड की जानकारी नहीं होने की बात कही है। मोबाइल का पैटर्न लॉक खोलने की कोशिश टीआई सुरेंद्र सिंह के मुताबिक, बंटी के मोबाइल में पैटर्न लॉक लगा है। पुलिस इसे 30 से ज्यादा बार खोलने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन लॉक नहीं खुला। परिवार ने भी मोबाइल का पैटर्न पता होने से जानकारी नहीं थी। टेक्निकल डाटा गायब होने के चलते पुलिस फिलहाल किसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मदद नहीं ले रही है। पुलिस मोबाइल की जांच के जरिए आखिरी समय में बंटी की किन लोगों से बातचीत हुई थी, इसकी जानकारी जुटा रही है। पत्नी ने साड़ी पहचानने से किया इनकार बिल्डर बंटी ने साड़ी से फांसी लगाई थी। टीआई सुरेंद्र सिंह ने उनके बेटे से पत्नी को साड़ी पहचानने के लिए कहा। इस पर उनकी पत्नी ने साड़ी पहचानने से इनकार कर दिया। बंटी साड़ी लेकर ऑफिस कैसे पहुंचे, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। ऑफिस में पुलिस को किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं, फाइलों को लेकर भी जांच की जा रही है। प्रॉपर्टी विवाद और पार्टनर से अनबन की बात बंटी को लेकर प्रॉपर्टी विवाद और महिला पार्टनर से अनबन की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
राजस्थान साइबर क्राइम विंग और राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर अश्लील फिल्में भेजने पर कार्रवाई की। टीमों ने तकनीकी जांच के बाद कई सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, वॉट्सएप और टेलीग्राम से जुड़े करीब 7,800 यूआरएल और प्रोफाइल ब्लॉक करवाए गए। इसके अलावा चाइल्ड पोर्नोग्राफी गतिविधि में यूज किए जा रहे 15 हजार 326 मोबाइल और 100 से अधिक डिजिटल डिवाइस को ब्लॉक करवाया गया है। नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (NCMEC) की टिपलाइन रिपोर्ट्स और डिजिटल ट्रेल के विश्लेषण के आधार पर करीब 25 हजार इनपुट जुटाए गए। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस क्रॉन्फ्रेंस में एडीजी (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने मॉड्यूस ऑपरेंडी (अपराध करने के तरीके) का सोमवार दोपहर यह खुलासा किया। ग्रुप में फर्जी नाम से जुड़ते हैं लोग एडीजी वीके सिंह ने बताया- साइबर अपराधी बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के लिए टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर गुप्त या पेड ग्रुप और चैनल बनाते हैं। इनमें मेंबर फर्जी या गुमनाम पहचान के साथ जुड़ते हैं। आपस में आपत्तिजनक सामग्री का आदान-प्रदान करते हैं। कई मामलों में सामग्री सीधे निजी मैसेज के जरिए भेजी जाती है, जबकि गूगल ड्राइव या अन्य क्लाउड स्टोरेज पर सामग्री अपलोड कर केवल उसका लिंक शेयर किया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी आरोपी पकड़ से बचने के लिए कोडेड शब्दों और हैशटैग का यूज करते हैं। कई बार इंस्टाग्राम या फेसबुक जैसे सामान्य प्लेटफॉर्म से कॉन्टैक्ट करने के बाद बातचीत को कम निगरानी वाले प्लेटफॉर्म पर ले जाया जाता है। राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार इन माध्यमों से जुड़कर ऐसी सामग्री भेजना और लेना गंभीर दंडनीय अपराध है। 7800 से अधिक यूआरएल और 15,326 मोबाइल नंबर चिन्हित राजस्थान पुलिस ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट और वॉट्सएप से जुड़े लगभग 7 हजार 800 यूआरएल-प्रोफाइल और 15 हजार 326 मोबाइल नंबर व 100 डिवाइस चिन्हित कर ब्लॉक करवाए गए। तकनीकी विश्लेषण और एनसीएमईसी की रिपोर्ट्स के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर, अकाउंट और डिजिटल ट्रेल की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सूचना देकर आपत्तिजनक लिंक और मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाए गए। एनसीएमईसी रिपोर्ट के आधार पर रिपीटेड ऑफेंडर पर कार्रवाई एनसीएमईसी की टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर बार-बार ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। चूरू, नागौर, अलवर, खैरथल-तिजारा, सीकर, हनुमानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के संबंधित थानों में ऐसे मामलों में मामले दर्ज हुए हैं। राजस्थान पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर ऐसे ग्रुप और नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही है। सीएसईएएम की खरीद-फरोख्त और आदान-प्रदान में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर संबंधित राज्य की पुलिस को सूचना दी जा रही है, ताकि वहां भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस की सख्त चेतावनी राजस्थान पुलिस ने कहा- इंटरनेट पर गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर बाल यौन शोषण सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना या शेयर करना सुरक्षित नहीं है। पुलिस तकनीकी माध्यमों से ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। डिजिटल ट्रेल के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। परिजन रखें नजर, यहां दें सूचना राजस्थान पुलिस ने अभिभावकों और परिजनों से बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट यूज पर ध्यान देने और उन्हें असुरक्षित ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध लिंक, समूह, चैनल और ऐसी सामग्री की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है। बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना या शेयर करना पॉक्सो अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत अपराध है।
कैमूर के कुदरा थाना इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर हुई हाल की छिनैती की घटनाओं को पुलिस ने सुलझा लिया है। मोहनिया के डीएसपी दयानंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। डीएसपी ने बताया कि 18 सितंबर को एनएच-19 पर पछाहगंज के पास बाइक सवार बदमाशों ने सासाराम से भभुआ जा रही रंजू देवी का बैग छीन लिया था। 22 सितंबर को सेंट मैरी स्कूल के पास ऑटो से जा रही छात्रा शशि प्रियदर्शनी से भी पर्स छीना गया। बाइक और छीने गए मोबाइल फोन बरामद मामले की गंभीरता देख कुदरा पुलिस और कैमूर की तकनीकी टीम ने जांच की और तीन आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान शफक अब्बास (पखनारी), हरेराम (समहोता) और अरुण कुमार उर्फ करण (रझूई) के रूप में हुई है। ये तीनों रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से छिनैती में इस्तेमाल बाइक और छीने गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है, उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच हो रही है।
अमरोहा दरिंदगी केस: मोबाइल लोकेशन से खुलेगा राज, सोनीपत से फार्म हाउस तक सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
अमरोहा जिले के हसनपुर के झूलपुरी स्थित उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म में जांच अब मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच गई है।
पाकिस्तानी आतंकी अली गुज्जर से संपर्क, मोबाइल में देश विरोधी रील्स; बिहार से पकड़ाया सेयाज आलम
बिहार से पकड़े गए सेयाज के पास से बरामद मोबाइल में आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई फुटेज, फोटो और देश विरोधी रील्स मिले हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों व प्रतिबंधित भाड़े के बदमाशों के साथ डिजिटल संपर्क के पुख्ता सबूत है।
इंदौर के बिल्डर बंटी नागर आत्महत्या मामले में पुलिस ब्लैकमेलिंग, पार्टनरशिप विवाद और आर्थिक दबाव के एंगल से जांच कर रही है।पुलिस अब जब्त किए गए दोनों मोबाइलों के डिजिटल सबूतों और पार्टनरों से पूछताछ के जरिए मौत की वजह तलाशने में जुटी है।
मोबाइल हैक होते ही खाते से 5.55 लाख पार, 95 हजार पुलिस ने वापस कराए, अनजान नंबर से आई कॉल के बाद हुई साइबर ठगी।
छिंदवाड़ा में MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार:8.05 ग्राम नशीला पदार्थ, 2 मोबाइल और ₹700 बरामद
छिंदवाड़ा कोतवाली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सागरपेशा प्राथमिक शाला के ग्राउंड से दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 8.05 ग्राम MD ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और 700 रुपए नकद बरामद हुए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 2 लाख 24 हजार 700 रुपए बताई गई है। पुलिस को 26 सितंबर को सूचना मिली थी कि फैजान खान (27), निवासी पुराना बैल बाजार और जैद फराज (25), निवासी हुसैन नगर, सागरपेशा प्राथमिक शाला के ग्राउंड में MD ड्रग्स बेचने के लिए मौजूद हैं। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने बताए गए हुलिए के आधार पर दोनों युवकों की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में 8.05 ग्राम MD ड्रग्स पाउडर, दो मोबाइल फोन और 700 रुपए मिले। पुलिस ने सभी सामग्री जब्त कर ली। पूछताछ में नागपुर के सप्लायर का नाम सामने आया पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने MD ड्रग्स नागपुर के बाबू उर्फ मारुक खान से खरीदने की बात बताई है। पुलिस अब ड्रग्स की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
मेरी बेटी शिवानी यश ठाकुर से सच्ची मोहब्बत करती थी। एक दिन उसने मुझे इस रिश्ते के बारे में बताया और शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों परिवार राजी हो गए। करीब डेढ़ साल पहले दोनों ने लव मैरिज कर ली। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही दामाद यश बेटी पर शक करने लगा। उसे पीटने लगा। उसने शादी के महज 24 दिन बाद ही बेटी का मोबाइल तोड़ दिया। हम यही सोचते रहे कि बेटी का घर बस जाए, लेकिन यश की हरकतें नहीं सुधरी। आए दिन झगड़ा और मारपीट से परेशान होकर बेटी 3 महीने पहले झांसी आकर रहने लगी। यश भी यहां आता था। 30 अगस्त की रात उसने मेरी बेटी की गला घोटकर हत्या कर दी। हमें अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए। जैसे मेरी बेटी को मारा गया, उसी तरह यश ठाकुर भी लटकाया जाए। उसे फांसी की सजा होनी चाहिए। इसके लिए हम लड़ाई लड़ेंगे। यह कहना है रेखा वंशकार का, जिनकी बेटी सुधा उर्फ शिवानी (27) की झांसी में हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार (25 सितंबर) देर रात पुलिस ने पैर में गोली मारकर यश ठाकुर को गिरफ्तार किया। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम था। मामला शहर के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। ग्वालियर में पढ़ाई के समय यश से शिवानी की दोस्ती हुई थी शिवानी मध्यप्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ की रहने वाली थी। उसके पिता संतराम वंशकार फलों की फेरी लगाते हैं। मां रेखा दिल्ली में घरों में काम करती हैं। शिवानी 6 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पढ़ाई के बाद वह घर पर ही रहती थी। उससे छोटी बहनें प्रीति और नेहा की शादी हो चुकी है। घर में एक बहन मुस्कान (18), दो भाई अनिकेत (17) और कपिल (14) हैं। मां रेखा ने बताया- मेरी बेटी मुस्कान ग्वालियर में रहकर पढ़ती थी। उसी के साथ शिवानी रहती थी। इस दौरान शिवानी की यश ठाकुर से जान पहचान हो गई। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। डेढ़ साल पहले दोनों ने लव मैरिज कर ली। शादी के बाद बेटी अपने ससुराल ग्वालियर में रहने लगी। यश कपड़ों की दुकान पर काम करता था। मां बोली- दलित होने के ताने मारते थे मां ने बताया- एक साल पहले यश ने बेटी को हॉकी से पीटा था। मैं बेटी को घर लाने लगी, तो यश ने बंदूक तान दी। कहने लगा कि अगर शिवानी घर से बाहर निकली तो उसे मार दूंगा और खुद भी मर जाऊंगा। हमने सोचा कि बेटी का घर बर्बाद न हो, इसलिए हम लोग वापस आ गए। शादी के पहले यश और उसके परिवार को पता था कि हम लोग दलित समाज से आते हैं। लेकिन, शादी के बाद यश और उसकी मां ताने मारने लगी। अपने बेटे से कहती थी कि इसे छोड़ दो। छोटी जाति की लड़की से शादी कर ली। बेटी को दहेज के लिए भी ताने मारे जाते थे। शादी में हमने अपनी हैसियत के अनुसार सामान दिया था। लेकिन, कई बार दहेज भी मांगा गया। लेकिन, हम गरीब हैं, इसलिए उसकी मांगे पूरी नहीं पाए पाए। जिनता हमसे बना, उतना दिया है। अभी दो महीने पहले ही हमने बेटी को 60 हजार रुपए का पुराना मोबाइल किस्त पर दिलाया था। मैं उसकी किस्त भर रही थी। हत्या के बाद यश मोबाइल भी उठाकर ले गया। बहन बोली- हत्या से पहले दीदी-जीजा का झगड़ा हुआ था शिवानी की बहन मुस्कान ने बताया- शक और मारपीट से परेशान होकर दीदी शिवानी ने झांसी में आवास विकास फौजी तिराहे के पास किराए पर कमरा ले लिया। मैं और भाई अनिकेत भी उनके साथ रहने लगे। जबकि, पिता और छोटा भाई कपिल गांव में रहते थे। यश कभी-कभी झांसी आता था। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शिवानी भाई कपिल को लेकर ग्वालियर गई थी। 2 दिन बाद वह यश के साथ झांसी लौट आई, जबकि कपिल गांव चला गया। मुस्कान ने बताया- 30 अगस्त की रात दीदी और जीजा यश के बीच झगड़ा हुआ था। यश परिवार को लेकर आपत्तिजनक बातें कर रहा था। उसने दीदी शिवानी से कहा कि वह मेरे साथ सोकर आया है। हमारे पिता को चप्पल से पीटेगा। झगड़ा बढ़ने लगा तो पड़ोस में रहने वाले हमारे मामा संतोष पहुंचे। उन्होंने सभी को शांत कराया। इसके बाद मामा अनिकेत को लेकर अपने घर चले गए। रात अधिक हो चुकी थी, इसलिए सभी लोग सोने चले गए। मैं अपने कमरे में सो गई, जबकि दूसरे कमरे में दीदी और जीजा सो गए। रात लगभग 12:30 बजे पानी पीने उठी तो सबकुछ नॉर्मल था। मैंने दीदी से भी बात की तो वो अच्छे से बात कर रही थी। बाद में मैं दीदी को गुड नाइट बोलकर सो गई। रात में बैग मांगा, फिर बाहर से कुंडी लगा दी मुस्कान ने बताया- रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच यश ने मेरा दरवाजा खटखटाया और अपना बैग मांगा। इसके बाद यश ने मेरे कमरे की चुपके से बाहर से कुंडी लगा दी। सुबह करीब 5 बजे मैंने बाथरूम जाने के लिए कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। करीब आधे घंटे तक मैंने दीदी और जीजा को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कूलर चल रहा था। मैंने दीदी को कॉल लगाया तो नंबर बंद जा रहा था। सोचा वो लोग सो रहे होंगे, इसलिए मैं फिर से सो गई। सुबह करीब 9 बजे हमारा भाई अनिकेत घर पहुंचा। दोनों कमरों में बाहर से कुंडी लगी थी। यश ठाकुर दीदी से प्यार नहीं करता था मुस्कान ने कहा- मेरी दीदी यश से सच्चा प्यार करती थी, लेकिन उसे मेरी दीदी से प्यार नहीं था। ये पता नहीं था कि वो मेरी दीदी के साथ कभी ऐसा कुछ कर देगा। दीदी ने मुझे बहुत बार बताया कि ये बहुत शक करता है। मैं अब उसके पास नहीं जाऊंगी। अब तुम्हीं लोगों के पास रहूंगी। ये बहुत मारपीट करता है। ये लोग कहीं जाते थे तो घर के बाहर से ताला लगा जाते थे। जिससे, दीदी घर से बाहर न निकल पाए। ये लोग कहीं घुमाने भी नहीं ले जाते थे। ये कुछ भी खर्चा नहीं देता था। इसलिए माता-पिता पैसा डालते थे। हम लोग इंसाफ चाहते हैं। फांसी की सजा हो जाए तो बहुत अच्छा है। नहीं तो उम्रकैद की सजा तो होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि वो जिंदगी भर जेल में रहे। भाई ने कहा- कमरे में मिली शिवानी की लाश अनिकेत ने बताया- घर पहुंचने पर मैंने देखा कि शिवानी दीदी के कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर अंदर गया, तो जमीन पर दीदी की लाश पड़ी थी। उसके कान से खून निकल रहा था और गले पर निशान थे। दूसरे कमरे की कुंडी भी बाहर से बंद थी। मैंने उसे खोला, तो मुस्कान सो रही थी। उसे जगाया। इसके बाद आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। शिवानी को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम में गला घोटने से मौत की पुष्टि हुई। 25 हजार का इनाम, पैर में गोली मारकर पकड़ा SP सिटी प्रीति सिंह ने बताया- हत्या के बाद पुलिस यश ठाकुर की तलाश कर रही थी। SSP ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे पुलिस को सूचना मिली कि यश स्कूटी से झांसी आया है। इसके बाद SWAT टीम और सीपरी बाजार पुलिस ने सिमरधा गांव के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर यश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- 30 साल की 'मिस प्रिटी इंडिया' फंदे पर लटकी मिली, फेसबुक पर 9 लाख फॉलोअर्स वाराणसी की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। 30 साल की निधि मध्यप्रदेश के सिंगरौली में 'मिस प्रिटी इंडिया' विनर रह चुकी हैं। रविवार सुबह सिंगरौली के भूसा मोड़ स्थित घर के कमरे में उनका शव मिला। पढ़ें पूरी खबर...
Ghaziabad News: मोबाइल फोन चार्ज करते समय करंट की चपेट में आई महिला, मौत
लोनी । मेवला भट्ठी गांव स्थित ईंट भट्ठे पर 25 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई।
Saharanpur News: मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का सरगना पकड़ा
Gang leader involved in stealing batteries from mobile towers arrested
Lalitpur News: ट्रेन में ओवरचार्जिंग की शिकायत पर यात्री से मारपीट, मोबाइल छीना
ट्रेन में ओवरचार्जिंग की शिकायत पर यात्री से मारपीट, मोबाइल छीना
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात दक्षिण एक्सप्रेस ट्रेन में तीन यात्रियों के मोबाइल चोरी हो गए। यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब दिल्ली जाने वाली ट्रेन में यात्री जनरल बोगी में चढ़ रहे थे। उस समय स्टेशन पर काफी भीड़ थी। आजादपुरा मोहल्ले के निहाल भी बनारस जाने के लिए झांसी तक इसी ट्रेन में चढ़ रहे थे। भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात चोर ने उनका मोबाइल चुरा लिया। दो अन्य यात्रियों ने भी अपने मोबाइल चोरी होने की बात कही। आरोप है कि यात्रियों ने शिकायत के लिए 139 रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन जनरल टिकट में पीएनआर नंबर नहीं होने से शिकायत दर्ज नहीं हो सकी। उन्होंने जीआरपी क्षेत्राधिकारी को भी फोन लगाया, पर उनका नंबर नहीं लगा। इस पूरी घटना का यात्री धनीराम वर्मा ने रविवार रात 9:45 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने तीन यात्रियों के मोबाइल चुराए।
दिल्ली दहलाने की साजिश नाकाम; पाकिस्तानी शहजाद भट्टी का गुर्गा धराया, मोबाइल में सनसनीखेज डाटा
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क में शामिल सेयाज को मोतिहारी से गिरफ्तार किया गया है। वह आगामी 15 अगस्त को दिल्ली को दहलाने की साजिश वाली टीम में शामिल था। उसका 10 अगस्त का दिल्ली का टिकट भी बन गया था।
झाबुआ के खरडू बड़ी गांव में सापन नदी के पास रविवार दोपहर लूट हुई। दो बाइकों पर चार नकाबपोश बदमाशों ने कार सवार पति-पत्नी को ओवरटेक कर रोका। उन्होंने पीथमपुर हॉस्टल के अधीक्षक-शिक्षक की पत्नी विमला वास्केल के गले से सोने की चेन खींची। वे बच्चों के साथ गांव कालीदेवी गोला जा रहे थे (कार नंबर GJ 05 JA 8154)। बदमाशों ने विमला वास्केल से झूमाझटकी कर सोने की चेन छीनी। वे एक बैग ले गए, जिसमें हॉस्टल के सरकारी कागजात, बैंक की चेकबुक और नकदी थी। पति के दो मोबाइल समेत तीन मोबाइल फोन लूटे गए। घटना के बाद बदमाश भाग गए। खरडू बड़ी इलाके के सीसीटीवी कैमरों में उनकी हरकतें रिकॉर्ड हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज से तलाश सूचना पर झाबुआ थाना प्रभारी आरसी भास्करे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से जानकारी ली, घटनास्थल की जांच की। सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सबूतों पर आरोपियों की तलाश जारी है, पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
बिलासपुर। चकरभाठा में मदद करने के बहाने एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी कर उसके और उसकी मां के बैंक खातों से 2.84 लाख रुपए निकालने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के बाद 48 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, नए कपड़े और 15 हजार रुपए नकद समेत करीब 75 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। चारों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बारिश में बेहोश हुए थे सूरज, मदद के बहाने मोबाइल ले गए पुलिस के अनुसार, घटना 8 सितंबर की है। चकरभाठा के इंडियन कॉफी हाउस के पास बारिश के दौरान सूरज सतनामी बेहोश हो गए थे। आरोप है कि चार लड़कों ने मदद करने के बहाने सूरज और उनके दोस्त का मोबाइल चोरी कर लिया। इसके बाद सूरज को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। नए मोबाइल पर मिला बैंक से रकम निकलने का मैसेज पुलिस के मुताबिक, 25 सितंबर को नया मोबाइल लेने के बाद सूरज को बैंक खातों से रुपए निकलने के मैसेज मिले। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से चोरी किए गए मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलकर उसमें मौजूद गैलरी से आधार नंबर की फोटो की जानकारी हासिल की। इसके बाद फोन पे और पेटीएम समेत ऑनलाइन भुगतान माध्यमों को आधार से लिंक कर रीसेट किया और सूरज तथा उनकी मां के खातों से 2.84 लाख रुपए निकाल लिए। निकाली रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस का कहना है कि गौरीशंकर ने सूरज और उनकी मां के खातों से निकाली गई रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग आईडी क्रीकबेट में भी रुपए डाले गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रकम का इस्तेमाल खाने-पीने, कार से घूमने और शॉपिंग में किया। CCTV और बैंक जानकारी से चारों तक पहुंची पुलिस मामले में अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ गवाहों के बयान और बैंक से मिली जानकारी का भी विश्लेषण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मदद के बहाने मोबाइल चोरी करने और बाद में ऑनलाइन रुपए निकालने की पूरी घटना सामने आई। 4 मोबाइल, 15 हजार नकद समेत 75 हजार का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, खरीदे गए नए कपड़े और चोरी की रकम में से 15 हजार रुपए नकद बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विवेक वर्मा, करन नायक, गौरीशंकर उर्फ लालू साहू और गगन उर्फ शिबू साहू को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद चारों को जेल भेज दिया गया। पुलिस की अपील- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना चकरभाठा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिलने पर डायल-112 या नजदीकी थाने में तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पंचकूला में एक महिला के मोबाइल को हैक कर उसके दो बैंक खातों से बिना ओटीपी और लिंक क्लिक किए 4.86 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। शिकायत पर सेक्टर-20 साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत पुलिस ने मिठाई की दुकान में हुई चोरी का जल्द खुलासा करते हुए आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिक्का कॉलोनी, सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का मोबाइल फोन और ₹2100 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि बतरा कॉलोनी निवासी सुनील, जो गीता भवन चौक पर 'सुनील स्वीट्स एवं नमकीन' नाम से दुकान चलाते हैं, उन्होंने 25 सितंबर 2026 को शिकायत दी थी। सुनील ने बताया कि 24 सितंबर की रात करीब 10 बजे वे दुकान बंद कर घर गए थे। अगले दिन सुबह दुकान पहुंचने पर शटर का ताला टूटा मिला। दुकान के अंदर गल्ला खुला था, जिसमें रखे करीब ₹10,000 की नकदी और बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। थाना सिविल लाइन की टीम ने ASI विरेन्द्र के साथ मिलकर आरोपी रोहित को पकड़ा। आरोपी की बताई जगह से चोरी का मोबाइल फोन और ₹2100 नकद बरामद हुए। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।
मोतिहारी में एक युवक को पाकिस्तानी संगठन के संपर्क में होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से जो मोबाइल बरामद हुई है, उसमें एंटी इंडिया रील्स भी मिली हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान ढाका थाना क्षेत्र के बिसरहिया गांव निवासी मो. सेयाज आलम के रूप में हुई है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दिल्ली से सूचना मिलने के बाद सिकरहना डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा, जिसे टीम ने पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल की जांच में आतंकी गतिविधियों से जुड़े वीडियो, फोटो और देशविरोधी रील्स मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर के संपर्क में था। मुंबई में बैग फैक्ट्री में काम करता था ढाका के बिसरहिया गांव का 22 वर्षीय युवक सेराज आलम छह भाइयों में से एक है। वह अपने तीन भाइयों के साथ मुंबई में रहकर बैग फैक्ट्री में काम करता था। वहीं, उसके पिता और दो भाई कोलकाता में रहकर काम करते हैं। सेराज दो महीने पहले अपने घर आया था। सोशल मीडिया के जरिए उसका संपर्क पाकिस्तानी आतंकी संगठन के लोगों से हुआ था। इसके बाद वह लगातार सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लोगों के संपर्क में रहने लगा। इसी मामले में 2 यूपी से गिरफ्तार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए पांच युवकों को तैयार किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस मामले में शामिल दो युवकों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। इस दौरान सेराज का नाम भी सामने आया था। इसके बाद से वह मुंबई छोड़कर अपने घर पर ही रह रहा था। ऑनलाइन मीटिंग में लेता था ट्रेनिंग जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल की जांच में सेराज के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े होने के कई साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल में इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा, उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो को देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े होने का साक्ष्य बताया जा रहा है।
गिरिडीह पुलिस ने देवरी लूटकांड का खुलासा करते हुए जमुई जिले के संतोष पासवान उर्फ चरकू (27) को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लूटे गए चांदी के गहने, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि 16 अगस्त 2026 की शाम चतरो स्थित न्यू स्वर्ण शांति ज्वेलर्स के संचालक श्याम सुंदर सोनार दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने हथियार के बल पर उन्हें रोक लिया और लूटपाट की थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर देवघर से पकड़ा गया आरोपीएसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर लूटकांड के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संतोष पासवान की पहचान की और उसे देवघर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से एक चांदी की चेन, दो बिछिया, एक जोड़ी पायल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 और बजाज पल्सर 150 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। पुलिस बरामद सामान के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। अन्य अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारीएसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि लूट की घटना में शामिल अन्य अपराधियों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई जारी है। पुलिस टीम बरामद सामान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी समेत तकनीकी शाखा के कर्मी शामिलकार्रवाई में देवरी थाना प्रभारी श्वेता कुमारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल थे। विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे देवघर से गिरफ्तार किया। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लूट की घटना में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
लखनऊ में छात्राओं का नेत्र परीक्षण:भाषा विश्वविद्यालय में लगा शिविर, मोबाइल से बचाव के उपाय बताए
लखनऊ में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास में रविवार को सेवा संकल्प अभियान 2026 और नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत छात्राओं के लिए नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन ट्यूलिप आई वियर संस्थान, कैसरबाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं की आंखों का नि:शुल्क परीक्षण किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने आंखों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्हें आंखों की नियमित सफाई रखने और मोबाइल फोन का सीमित इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया गया। छात्राओं को आंखों पर पड़ने वाले मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजय तनेजा, कुलसचिव श्री विकास, महिला छात्रावास की वार्डन डॉ. ममता शुक्ला, डॉ. शान-ए-फातिमा, पुरुष छात्रावास के वार्डन डॉ. उधम सिंह, विधि अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी, डॉ. राज कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी आंखों का परीक्षण कराया। विश्वविद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए ट्यूलिप आई वियर के संस्थापक श्री मुकेश महाराज के योगदान की सराहना की।
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 41 हजार रुपए कीमत के दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। प्लेटफॉर्म पर भीड़ के बीच चोरी हुआ मोबाइल 27 जुलाई को रतलाम निवासी कन्हैयालाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर खड़े थे। इसी दौरान भीड़ में उनकी जेब से वीवो मोबाइल चोरी हो गया। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से पकड़ा जीआरपी थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता और आरपीएफ मक्सी प्रभारी नरेंद्र यादव ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीम बनाई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर लखन सिंह सिसोदिया (30) को नागदा साइड आउटर से पकड़ा। पूछताछ में चोरी कबूल की पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में लखन सिंह ने मोबाइल चोरी करना कबूल किया। उसके पास से 25 हजार रुपए कीमत का वनप्लस और 16 हजार रुपए कीमत का वीवो मोबाइल बरामद हुआ। दोनों मोबाइल जीआरपी के अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़े हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में पुलिस ने तार चोरी के मामले में महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी निकिता खट्टर के निर्देशों पर 8 महिला आरोपियों को पकड़ा गया, जिनसे 300 फीट कॉपर तार बरामद हुई। थाना शहर टोहाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि 26 सितंबर को धमतान साहिब निवासी हरदीप सिंह ने शिकायत दी। गांव कन्हेड़ी स्थित मोबाइल टावर के भवन से करीब 300 फीट कॉपर तार चोरी हो गई थी। चोरी की 300 फीट कॉपर तार बरामद शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूत जुटाकर पुलिस ने महिला गिरोह की पहचान की। पुलिस ने राजनगर, टोहाना की बंजारा, जीना, रानी, किरण, गीता, सीमा, ममता और एक अन्य ममता को पकड़ा। पूछताछ में उनसे 300 फीट कॉपर तार बरामद हुई। आरोपियों पर थाना शहर टोहाना में केस दर्ज है। पुलिस जांच रही है कि गिरोह पहले किसी अन्य तार चोरी या संपत्ति संबंधी अपराध में शामिल था या नहीं। सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दरोगा की पत्नी की मौत में मां-बाप के बयान:FIR में लगाए आरोप ही दोहराए, अब CDR-CCTV और मोबाइल की जांच
प्रयागराज में दरोगा की अधिवक्ता पत्नी कंचन शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज कराने वाले उनके पिता बैजनाथ शर्मा और उनकी पत्नी के बयान दर्ज कर लिए हैं। दोनों ने पुलिस के सामने भी वही आरोप दोहराए हैं, जो एफआईआर में लगाए गए हैं। अब पुलिस मृतका और आरोपी की सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की जांच में जुटी है। कंचन की 19 सितंबर की रात मुंडेरा स्थित पारस ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी बताया गया है। पति जितेंद्र सिंह 2023 बैच के दरोगा हैं। उनके खिलाफ कंचन के मायके पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, फिलहाल पांच अहम बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनमें जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। आखिरी बातचीत की टाइमिंग होगी अहम मायके पक्ष ने शिकायत में बताया है कि कंचन की मौत से पहले उनकी पत्नी की कंचन से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 11:48 बजे जितेंद्र की ओर से कंचन की मौत की सूचना दिए जाने का दावा किया गया है।अब पुलिस कॉल डिटेल से यह मिलान कर सकती है कि इन दोनों घटनाओं के बीच कितना अंतर था। किस नंबर से कॉल हुई, कितनी देर बातचीत हुई और उसके बाद किन नंबरों पर संपर्क किया गया। ये तथ्य घटना की टाइमलाइन तैयार करने में मदद कर सकते हैं।आठ बजे के बाद फ्लैट में क्या हुआ? माता-पिता के मुताबिक वे रात करीब आठ बजे कंचन से मिलने के बाद वहां से चले गए थे। इसके बाद कंचन और जितेंद्र फ्लैट में थे। यही करीब चार घंटे का समय जांच में सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवधि में हुई फोन कॉल, मैसेज, इंटरनेट कॉल और अपार्टमेंट में आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड को घटनाक्रम से जोड़ना होगा। सीसीटीवी से खुलेगा आने-जाने का राज परिजनों ने शिकायत में अपार्टमेंट के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग की है। अब जांच में यह अहम होगा कि उस रात फ्लैट की ओर जाने वाले रास्ते, लिफ्ट और अपार्टमेंट के इंट्री और एग्जिट की रिकॉर्डिंग में क्या सामने आता है। यह भी देखना होगा कि रिकॉर्डिंग लगातार उपलब्ध है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। कंचन जिस कमरे में फंदे पर मिलीं, वहां से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए थे। अब इन साक्ष्यों को माता-पिता और पति के बयानों से मिलाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। दरवाजे की स्थिति, फंदे की स्थिति, कमरे में मौजूद सामान और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य से यह समझने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां थीं। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इन साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी होगा। दहेज उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई मायके पक्ष ने शादी के बाद से दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। अब माता-पिता ने भी पुलिस के सामने इन्हीं आरोपों को दोहराया है। विवेचना में अगला महत्वपूर्ण सवाल यही होगा कि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पहले से मौजूद कोई संदेश, कॉल, शिकायत, गवाह या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। पुलिस को यह भी देखना होगा कि कथित घटनाओं की तारीख और परिस्थितियां क्या थीं और उनके समर्थन में कोई साक्ष्य मिलता है या नहीं। अफसर बोले, निष्पक्ष विवेचना होगी धूमनगंज एसीपी रवि कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह सामने आ चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों से होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना में राहगीरों से मोबाइल लूटने वाले तीन दबोचे
लुधियाना में राहगीरों से मोबाइल लूटने वाले तीन दबोचे
जापान में हुए एशियाई खेलों में हिमाचल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जिसमें चार हिमाचली बेटियां शामिल थीं।
साइबर ठगों ने अब बिना OTP और बिना किसी लिंक पर क्लिक किए सीधे बैंक खाते खाली करने का नया और खतरनाक तरीका निकाल लिया है। पंचकूला में रहने वाली एक छात्रा की मां के दो अलग-अलग बैंक खातों से शातिर ठगों ने बिना कोई जानकारी मांगे ₹4.86 लाख उड़ा दिए। पंचकूला सेक्टर-20 की जीएच-93 सोसाइटी निवासी शिकायतकर्ता अरचिका ने पुलिस को बताया कि वह MA की पढ़ाई कर रही है। वह शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच जब वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थी। तभी उसकी मां कीर्ति गर्ग के मोबाइल नंबर और उनके पिता की ईमेल आईडी पर खाते से पैसे डेबिट (कटने) होने के मैसेज आने लगे। फोन हैक होने का अंदेशा पीड़िता अरचिका ने बताया कि उसकी मां न तो गूगल-पे या फोन-पे जैसे कोई डिजिटल वॉलेट चलाती हैं, और न ही उन्होंने किसी अनजान लिंक का इस्तेमाल किया था। वारदात के वक्त न तो किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया और न ही कोई OTP शेयर किया गया। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने बैकएंड से मोबाइल/सिम या बैंकिंग एक्सेस को हैक कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। चल रही है जांच : SI प्रदीप कुमार साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पंचकूला के उप-निरीक्षक (SI) प्रदीप कुमार ने पीड़िता के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है। ट्रांजैक्शन आईडी और संबंधित बैंकों के जरिए अज्ञात आरोपी की लोकेशन व खातों को ट्रेस करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
नवादा में 234 साइबर अपराधी गिरफ्तार:एक साल में 64 लाख नगद, 398 मोबाइल और सोना-चांदी जब्त
नवादा पुलिस ने पिछले एक साल (सितंबर 2025-सितंबर 2026) में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। इस दौरान 171 एफआईआर दर्ज कर 234 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने अपराधियों से 398 मोबाइल, 150 सिम, 64 लाख रुपये नकद, नौ दोपहिया और चार चारपहिया वाहन जब्त किए। 406 ग्राम सोना और 1646 ग्राम चांदी भी बरामद हुई। अवैध सिम से 1.20 करोड़ की ठगी का खुलासा अवैध सिम की खरीद-बिक्री में तीन एफआईआर दर्ज कर पांच सिम एजेंट पकड़े गए। इन सिम से करीब 1.20 करोड़ रुपए की साइबर ठगी सामने आई। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य लोगों की जांच कर रही है। 'साइबर स्मार्ट मंगलवार' अभियान जारी साइबर ठगी रोकने के लिए नवादा पुलिस 'साइबर स्मार्ट मंगलवार' अभियान चला रही है। स्कूल, कॉलेज और पंचायत भवनों में लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव की जानकारी दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंक जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सोशल मीडिया पर पुराने भारतीय सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगी करने के मामले में किशनगढ़बास पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइल की जांच में फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के नाम से कई फर्जी प्रोफाइल और प्रचार सामग्री मिली है। डीएसटी टीम इंचार्ज गौरव ने बताया- एएसआई रविन्द्र सिंह टीम के साथ 25 सितंबर की रात गश्त और साइबर अपराधियों की निगरानी के दौरान बंबोरा घाटा पहुंचे थे। यहां सूचना मिली कि न्याणा गांव से आगे पहाड़ की तलहटी में पांच युवक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पुराने सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पांचों को घेरकर पूछताछ की। मोबाइल में मिले सबूतपुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल में वॉट्सएप के जरिए लोगों को पुराने सिक्के-नोट खरीदने के मैसेज भेजना और रजिस्ट्रेशन के नाम पर भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजना पाया गया। कई मोबाइल में भुगतान प्राप्ति के स्क्रीनशॉट भी मिले। फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर ओल्ड कॉइन कम्पनी, ओल्ड कॉइन, कॉइन शॉप सहित अलग-अलग नामों से प्रोफाइल बनाकर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के वीडियो और संपर्क नंबर प्रसारित किए जा रहे थे। पुलिस ने प्रोफाइल और चैट के स्क्रीनशॉट लेकर पेन ड्राइव में सुरक्षित किए। कई राज्यों की शिकायतों से जुड़े मोबाइल नंबरपुलिस के मुताबिक गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल नंबर और आईएमईआई से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। इनमें राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से दर्ज साइबर शिकायतें शामिल हैं। एक मोबाइल नंबर के संबंध में राजस्थान के मांधन चारण और गुजरात के लक्ष्मणभाई भोलफा की शिकायत दर्ज मिली, जबकि दूसरे मोबाइल के आईएमईआई पर उत्तर प्रदेश के हितेश कुमार मौर्या और राजस्थान के कालूलाल भोई की शिकायत दर्ज पाई गई। पांचों की अलग-अलग भूमिका की जांचपुलिस ने मौके से हकीम (29) निवासी खातीबास, राहुल खान (26) और सोहिल (19) निवासी पहाटन का बास-पड़ासला तथा मुशर्रफ जैद (21) निवासी पहाड़पुर, थाना हथीन, पलवल हरियाणा को पकड़ा। इनमें एक 16 वर्षीय बाल अपचारी होने के कारण उसे विधि से संघर्षरत किशोर के रूप में निरुद्ध किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा तथा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर मालखाने में जमा कराया गया है। पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, क्यूआर कोड और संभावित बैंक खातों के जरिए ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
यूपी की बड़ी खबरें:चित्रकूट में मोबाइल खोने पर युवक ने किया सुसाइड, कमरे में फंदे से लटका मिला शव
चित्रकूट के सदर कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल खोने से परेशान युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दिल्ली से कर्वी लौटते समय उसका मोबाइल खो गया था। मोबाइल नहीं मिलने से वह काफी परेशान चल रहा था। शुक्रवार शाम चाचा घर पहुंचे तो युवक कमरे में फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान अभय रैकवार (22) के रूप में हुई है। उसके भाई अवधेश कुमार ने बताया कि अभय दिल्ली में अपनी मां मनोजिया देवी के साथ प्राइवेट कंपनी में काम करता था। दो दिन पहले वह अकेले कर्वी आया था। इसी दौरान रास्ते में उसका मोबाइल चोरी हो गया था। मोबाइल खोने के बाद से वह परेशान था। पढ़िए पूरी खबर… विधानसभा चुनाव तक अयोध्या में ही रहेंगे चंपत राय, चढ़ावा चोरी की जांच पूरी होने के बाद ऐसा क्यों हो रहा, जानिए 5 कारण अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पूरी हो चुकी है। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया है। उनका नाम गवाहों की सूची में शामिल है। अब चर्चा है कि चंपत राय फिलहाल अयोध्या से बाहर नहीं जाएंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव तक यहीं रह सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय को पहले अयोध्या से बाहर भेजे जाने की चर्चा थी। हालांकि अब इस योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पढ़िए पूरी खबर… लखनऊ में ईडी अधिकारी बन 8 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा: रिटायर्ड बैंक अफसर से 96.65 लाख ठगे, फिरौती के केस में फंसाने की धमकी दी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित दीपक नगर निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी आदेश कुमार सिंह को साइबर ठगों ने ED अधिकारी बनकर आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने उनके आधार कार्ड से मुंबई में सिम जारी होने और उसी नंबर से फिरौती मांगने की बात कही। इसके बाद गिरफ्तारी की धमकी देकर जांच के नाम पर उनकी एफडी तुड़वा दी। ठगों ने 19 से 24 सितंबर के बीच आदेश कुमार सिंह से अलग-अलग खातों में करीब 96.65 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद जब उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पढ़िए पूरी खबर…
ललितपुर में डॉ. अंबेडकरनगर वीकली एक्सप्रेस (19305) के जनरल कोच में ओवरचार्जिंग के विरोध पर यात्रियों से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेंट्री मैनेजर और उसके साथियों ने विरोध करने वाले यात्रियों के मोबाइल छीनकर मारपीट की। मामले में जीआरपी ललितपुर ने पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 26 सितंबर को कानपुर में दर्ज हुई एफआईआर को ललितपुर जीआरपी स्थानांतरित किया गया था। पूर्णिया, बिहार निवासी गगन कुमार (19) ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार 24 सितंबर 2026 को वह इंदौर से कटिहार जा रहा था। यात्रा के दौरान पेंट्री कर्मचारियों ने तय कीमत से अधिक पैसे लिए। गगन ने इसका वीडियो बनाकर रेल मदद पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत वापस लेने को कहा, माफी के बाद दोबारा वसूली का आरोप गगन के अनुसार पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार ने उससे रेल मदद पर की गई शिकायत वापस लेने को कहा। माफी मांगने के बाद गगन ने शिकायत वापस ले ली। आरोप है कि इसके बाद पेंट्री कर्मचारियों ने फिर से तय कीमत से अधिक पैसे वसूलने शुरू कर दिए। गगन ने सहयात्री सत्यम कुमार के साथ दोबारा शिकायत करने की कोशिश की। 1460 रुपये का बिल भरने का दबाव बनाने का आरोप शिकायत के मुताबिक रात करीब 10:45 बजे पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार वहां पहुंचा और यात्रियों पर 1,460 रुपये का बिल भरने का दबाव बनाया। यात्रियों ने इसका विरोध किया और घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोप है कि गगन और सत्यम के मोबाइल छीन लिए गए और सत्यम के साथ मारपीट की गई। दो आरपीएफ कर्मियों पर भी धमकाने का आरोप गगन ने आरोप लगाया कि इस दौरान दो आरपीएफ कर्मियों ने पेंट्री कर्मचारियों का साथ दिया और यात्रियों को धमकाया। मामले की शिकायत के बाद कानपुर में दर्ज एफआईआर को 26 सितंबर को ललितपुर जीआरपी भेजा गया। इसके बाद जीआरपी ने केस की जांच शुरू कर दी। ललितपुर जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि 26 सितंबर को मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
Android और iPhone में Battery Drain रोकें, Settings से बदलें Background Apps परमिशन
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि, मोबाइल फोन रातभर बिना यूज किए ही 15 से 20 परसेंट तक बैटरी ड्राप कर रहा है? अगर आपके साथ हो रहा है, तो यह खबर आपके लिए है। इसका मुख्य कारण केवल पुरानी बैटरी नहीं है बल्कि कई बार कुछ ऐसे एप्स भी बैकग्राउंड में लगातार रन करते रहते हैं, जो कि इंटरनेट, लोकेशन, प्रोसेसर या दूसरे सिस्टम रिसॉर्स का यूज करते हैं। अगर आप इन एप्स को ट्रैक करेंगी, तो फोन की बैटरी बचा सकती हैं। वैसे यह सब मोबाइल में पता लगाने का ऑप्शन मिलता है कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में किस एप ने कितनी बैटरी खर्च की है। Android फोन में कैसे पता करें? - Android फोन यूजर्स सबसे पहले फोन की Settings में जाएं। - अब बैटरी या Battery & Device care सेक्शन में जाएं। - वैसे अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस ऑप्शन का नाम थोड़ा अलग हो सकता है। - इसके बाद आपको Battery Usage या Battery Usage by Apps जैसा ऑप्शन दिखाई दे रहा होगा। - अब आप इस पर टैप करें, फिर आपको उन एप्स की लिस्ट देखने को मिलेगी, जो सबसे ज्यादा बैटरी का यूज कर रहे हैं। - इस लिस्ट में देखें कि रात के समय कौन-सा एप सबसे ज्यादा बैटरी यूज कर रहा है। - यदि कोई ऐसा ऐप जो ज्यादा बैटरी ले रहा है, जिसे आपने यूज नहीं किया, तो वो बैकग्राउंड में एक्टिव हो सकता है। - जरुरत न होने पर एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिटेड कर दें। iPhone में कैसे चेक करें? अगर आप iPhone यूजर्स हैं, तो इसमें बैटरी चेक करना आसान है। सबसे पहले आप आईफोन की Settings > Battery में जाएं और बैटरी यूज की डिटेल्स को चेक करें। यहां पर एप्स के हिसाब से बैटरी खपत दिखाई देगा। अब आप Last 24 Hours या उपलब्ध दूसरे टाइम पीरियड को देखकर ये पता लगाएं कि सबसे ज्यादा कौन-सा एप ज्यादा बैटरी खा रहा है। फिर जरुरत के अनुसार Background App Refresh, Location Service या अन्य परमिशन लिमिटड आसानी से कर सकते हैं।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

