अलवर शहर के यशवंत सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि बोधन कॉलोनी निवासी एक आर्मी अफसर के पिता ने उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट की और जबरन उनका मोबाइल व लैपटॉप छीन लिया। अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला को समझाइश कर टंकी से नीचे उतारा। पीड़ित पक्ष का आरोप: 2 घंटे बंधक बनाया टंकी से नीचे उतरने के बाद रोते हुए मिथलेश ने अपनी आपबीती सुनाई। महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया। आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया। शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया। वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि 'CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा'। उन्होंने मेरा आईफोन, लैपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया। इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया। जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं। पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया। डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा। आरोपी पक्ष का दावा: डेढ़ लाख के हिसाब का वीडियो हमारे पास दूसरी ओर, आरोपी पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट। फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे। इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की और फिर फोन बंद कर दिया।”दीपक के फोन बंद करने के कारण हमें गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ। प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है। तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह 'डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा।' ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है।
दिल्ली से नवादा आ रहे एक युवक को महाबोधि एक्सप्रेस में नशाखुरानी का शिकार बनाया गया। युवक को ट्रेन में अचेत और बिना कपड़ों के पाया गया, जिसके बाद उसे नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक की पहचान निवास कुमार के रूप में हुई है। निवास कुमार अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से नवादा आ रहे थे। उनकी पत्नी ने बताया कि मुगलसराय पहुंचने से लगभग 15 मिनट पहले उनकी आखिरी बार पति से फोन पर बात हुई थी। पति ने कहा था कि वह मुगलसराय पहुंचने वाले हैं और फिर फोन करेंगे। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की इसके बाद निवास कुमार का फोन बंद हो गया। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब ट्रेन गया से आगे निकल गई और पत्नी ने ऑनलाइन ट्रेन की स्थिति देखी, तो उनकी चिंता और बढ़ गई। ट्रेन जब लखीसराय पहुंची, तो पत्नी को एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि उनके पति ट्रेन में बिना कपड़ों के अचेत अवस्था में मिले हैं। इसके बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से निवास कुमार को नवादा लाया गया। सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं पत्नी के अनुसार, नशाखुरानी का शिकार होने के कारण निवास कुमार के पास मौजूद सारा सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं। अज्ञात लुटेरे घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। फिलहाल, निवास कुमार खतरे से बाहर हैं और सदर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। रेलवे पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। रेलवे में इस तरह की नशाखुरानी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस को मोबाइल चैट से अहम सुराग मिले हैं। जेल में तीन आरोपियों से पांच घंटे पूछताछ हुई। टिन्नू यादव की भूमिका की जांच तेज, डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी।
यूपी सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनीक आईडी तैयार कर रही है। जिसे ‘फार्मर आईडी’ या ‘किसान रजिस्ट्री’ का नाम दिया गया है। आईडी में किसानों की जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड रहेगी। ये आईडी खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और कर्ज माफी जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद किसानों तक योजनाओं का फायदा पहुंचेगा। फर्जीवाड़ा थमेगा। रिपोर्ट पढ़िए… फार्मर आईडी में खेत का पूरा डेटा फार्मर आईडी एक डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान का नाम, खतौनी का डेटा और खेत में बोई गई फसल की जानकारी डिजिटली दर्ज होगी। फार्मर आईडी बनने के बाद जब किसान खाद लेने जाएगा, तो फार्मर आईडी स्कैन की जाएगी। इससे सिस्टम को पता चल जाएगा कि किसान के पास कितनी जमीन है। इसे असल में कितने बोरे खाद की जरूरत है। इससे हकदार किसान को सही मात्रा में खाद मिल सकेगी। अक्सर देखा जाता है कि खाद की किल्लत होने पर कालाबाजारी शुरू हो जाती है। कुछ लोग यूरिया या डीएपी का स्टॉक जमा कर लेते हैं। ऐसे में फार्मर आईडी से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश के करीब 75% किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। यानी 2.4 करोड़ किसानों में से 1.8 करोड़ से ज्यादा की डिजिटल रजिस्ट्री का काम पूरा हो गया है। बाकी किसानों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद कृषि विभाग खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री से जुड़ी योजनाओं में किसान आईडी को अनिवार्य करेगा। योजनाओं के लाभार्थियों का सिलेक्शन भी किसान आईडी डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा। भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त भी सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी फार्मर आईडी बनी होगी। बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और गन्ना विकास विभाग की योजनाओं में भी किसान आईडी को जरूरी बनाने का फैसला किया गया है। केंद्रों पर बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा अभी किसानों को धान-गेहूं जैसी फसलें सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए हर सीजन नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। फार्मर आईडी बनने के बाद ये झंझट खत्म हो जाएगी। आईडी डालते ही किसान और उसकी जमीन की जानकारी सामने आ जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के लिए जमीन के कागज और वेरिफिकेशन में काफी समय लगता है। फार्मर आईडी से ये प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी, जिससे जल्दी लोन मिलने में मदद मिलेगी। मदद या शिकायत के लिए यहां संपर्क करें अगर खतौनी में नाम, खसरा नंबर या भूमि रिकॉर्ड में गलती है तो फार्मर आईडी बनने में परेशानी आ सकती है। इसलिए पहले राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराना होगा। पीएम किसान समेत किसी कृषि योजना से जुड़ी शिकायत दर्ज करानी है, तो किसान सरकारी हेल्पलाइन 0522-2317003 या टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। शिकायत के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी संपर्क किया जा सकता है। फार्मर आईडी से जुड़े 5 जरूरी सवाल सवाल 1. क्या इस आईडी के लिए कोई फीस लगेगी?जवाब. नहीं। जनसेवा केंद्र पर फॉर्म को भरने, कंप्यूटर पर अपलोड करने और e-KYC के लिए ₹20 से ₹50 तक चार्ज कर सकते हैं। सवाल 2. बटाईदारों (पट्टेदारों) के लिए क्या नियम हैं? जवाब. बटाईदार किसानों की फार्मर आईडी जमीन मालिक की सहमति के बाद बन सकती है। दोनों का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद बटाईदार किसान भी MSP पर फसल बेच सकेंगे। खाद-बीज की सब्सिडी, फसल बीमा और मुआवजे का लाभ भी सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा। सवाल 3. क्या बटाईदार इसका गलत फायदा उठा सकता है? जवाब. किसान रजिस्ट्री से जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलता। बटाईदार को केवल एक फसल सीजन के लिए ही सहमति मिलती है। जमीन मालिक चाहे तो कभी भी अपनी मंजूरी वापस ले सकता है। सवाल 4. जॉइंट अकाउंट के मामले में आईडी कैसे बनेगी? जवाब. संयुक्त खतौनी होने पर भी परिवार के हर खातेदार की अलग फार्मर आईडी बनेगी। आईडी आधार और ई-केवाईसी से जुड़ेगी। अगर खतौनी में हिस्सेदारी दर्ज है तो उसी अनुपात में खाद, बीज और अन्य लाभ मिलेंगे। हिस्सा दर्ज न होने पर डिजिटल फसल सर्वे और वास्तविक खेती के आधार पर लाभ तय होगा। सवाल 5. क्या फार्मर आईडी का डेटा साइबर ठगी में इस्तेमाल हो सकता है? जवाब. सरकार ने डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन, सहमति आधारित व्यवस्था और सुरक्षित सरकारी सर्वर की व्यवस्था की है। किसानों को सलाह दी गई है कि सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या ऐप का उपयोग करें। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें - योगी के 'जनता दर्शन' में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए 'जनता दर्शन' लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर
साइकिल सवार गिड़गिड़ाता रहा, पैदल जा रहे युवक से कैश और मोबाइल फोन छीन बाइक सवार फरार
वार्ड नंबर 1 स्थित अमन नगर इलाके में बाइक सवार दो बेखौफ बदमाशों ने सरेआम आतंक मचाया। बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर दो अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बना डाला और हथियार के बल पर लूट की वारदातों को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज वारदात का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की यह करतूत साफ नजर आ रही है। सरेआम ढाई मिनट में हुई दो लूट की वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में बदमाशों के चेहरे और बाइक का हुलिया नजर आ रहा है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना|ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि जब युवती ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने बीच सड़क पर खंजर निकालकर उसे जान से मारने की धमकी दी। हथियार देखकर युवती सहम गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार, मिड्ढा चौक के नजदीक की रहने वाली उर्मिला ईएसआई अस्पताल में बतौर स्टाफ कार्यरत हैं। शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड पर उतरीं और वहां से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। अस्पताल के रास्ते में वह अपने मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो शातिर युवकों ने उर्मिला के हाथ पर झपट्टा मारा और मोबाइल फोन छीनकर तेज रफ्तार में भागने लगे। अचानक हुई इस वारदात के बाद उर्मिला घबराई नहीं, बल्कि उन्होंने हौसला दिखाते हुए शोर मचाया और बदमाशों के पीछे दौड़ लगा दी। खुद को घिरता देख बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने जेब से एक तेजधार खंजर निकाल लिया और युवती की तरफ लहराते हुए उसे रुकने की धमकी दी। दिनदहाड़े सड़क पर घातक हथियार देखकर युवती पीछे हट गई, जिसके बाद आरोपी कोचर मार्केट की तरफ भागने में कामयाब रहे। वारदात के तुरंत बाद पीडि़ता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया। बलविंदर सिंह चौकी इंचार्ज, कोचर मार्केट ने बताया की प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की मूवमेंट कैमरों में साफ नजर आ रही है। फुटेज के आधार पर बाइक के नंबर और आरोपियों के हुलिए की पहचान की जा रही है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं, जल्द ही दोनों स्नैचर्स को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। साइकिल सवार को लूटने के बाद बदमाश वहां से रफूचक्कर होने ही वाले थे कि तभी सड़क पर पैदल आ रहे एक अन्य युवक पर उनकी नजर पड़ गई। बदमाशों ने तुरंत बाइक घुमाई और उसे बीच रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर कहा जो कुछ भी है, चुपचाप निकाल दे। बदमाशों ने डरा-धमका कर उस युवक से 5,000 रुपए की नकदी, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज/कार्ड्स लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पैदल आ रहे इस दूसरे पीड़ित की पहचान बंटू के रूप में हुई है। बंटू पेशे से एक होजरी सुपरवाइजर है, जो हाल ही में कामकाज के सिलसिले में गुरुग्राम शिफ्ट हुआ था। वह लुधियाना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरा था और पैदल ही अपने घर की तरफ जा रहा था। वह लुधियाना अपने परिवार से मिलने और उन्हें अपने साथ गुड़गांव ले जाने के लिए आया था, लेकिन घर पहुंचने से ठीक पहले अमन नगर की गली में लुटेरों का शिकार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार दो लुटेरे अचानक आते हैं और सड़क से गुजर रहे एक साइकिल सवार के आगे अपनी बाइक अड़ाकर उसे रोक लेते हैं। बाइक से उतरते ही एक बदमाश पीड़ित पर घातक हथियार तान देता है। डरा-धमका कर बदमाश उसके पैसे छीनने लगते हैं। पीड़ित साइकिल सवार बदमाशों के आगे हाथ जोड़कर खुद को छोड़ने और रहम करने की मिन्नतें करता नजर आ रहा है, लेकिन लुटेरों का दिल नहीं पसीजा। लूटपाट करने के बाद जब बदमाश भागने लगे, तो पीड़ित ने हिम्मत दिखाकर उनके पीछे जाकर अपना मोबाइल वापस करने की गुहार भी लगाई, लेकिन आरोपी उसे धक्का देकर आगे बढ़ गए। फुटेज में दिखे बाइक सवार। फुटेज में दिखे बाइक सवार।
राजस्थान: अलवर में दिनदहाड़े मोबाइल शोरूम संचालक पर जानलेवा हमला, रंगदारी मांगने का आरोप
राजस्थान के अलवर शहर के अखेपुरा थाना क्षेत्र स्थित ज्योतिराव फुले सर्किल के पास प्लेटिनम टावर में रविवार दोपहर करीब 2 बजे एक मोबाइल शोरूम संचालक पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया
मंडला में शातिर चोर गिरफ्तार:पूछताछ के बाद 9 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद
मंडला जिले की मनेरी चौकी पुलिस ने रविवार को मोबाइल और बाइक चोरी की कई वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2.70 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले लगभग 15 दिनों से मनेरी क्षेत्र में लगातार मोबाइल चोरी की घटनाएं हो रही थीं। इसी बीच 3 जुलाई को ग्राम मेडी निवासी संजय उर्फ भूरा बर्मन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात में अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुसकर उसकी बाइक (क्रमांक MP20NQ7928) चोरी कर ले गया। जबलपुर का रहना वाला है आरोपी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर शिवम मरावी (19 वर्ष), पिता प्रताप मरावी, निवासी ग्राम खुख्न, थाना कुंडम, जिला जबलपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। उसने यह भी कबूल किया कि पिछले 15 दिनों में मनेरी क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं को भी उसी ने अंजाम दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें कुछ मोबाइल थाना बरेला, जिला जबलपुर क्षेत्र से चोरी हुए भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से थाना बरेला में तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुई संपत्ति संबंधी चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनेरी उप निरीक्षक शशांक शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक साधु सिंह, प्रधान आरक्षक बलिराम, अरविंद, आरक्षक आनंद कोरी एवं मुकेश शांडिल्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 790 ग्राम गांजा, 550 रुपए कैश और एक मोबाइल जब्त किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक रविवार 5 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुर्सीपार के केनाल रोड स्थित जीरो पॉइंट गार्डन सेट के नीचे एक युवक अवैध रूप से गांजा बेच रहा है। सूचना मिलते ही थाना खुर्सीपार की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद संदिग्ध युवक भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नीरज सिंह (26) निवासी दुर्गा मंदिर के पास, वार्ड क्रमांक 46, जोन-03, खुर्सीपार, भिलाई बताया। तलाशी के दौरान मिला गांजा इसके बाद पुलिस ने नियमों के अनुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से बिक्री के लिए रखा गया 1 किलो 790 ग्राम गांजा बरामद हुआ। साथ ही गांजा बिक्री से मिले 550 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 89 हजार 500 रुपए है। वहीं मोबाइल की कीमत करीब 20 हजार रुपए आंकी गई है। कैश और मोबाइल सहित कुल जब्ती की कीमत 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। लंबे समय से गांजा के व्यापार में लिप्त था आरोपी इस मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड मिलने पर जेल भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध तरीके से गांजा बेचकर मुनाफा कमाने का काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके पास गांजा कहां से आया और वह इसे किन लोगों तक पहुंचा रहा था। मामले की आगे जांच जारी है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ से है। यहां सेना के ट्रक और प्राइवेट एम्बुलेंस की भिड़ंत में मां और बेटे-बेटी की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. कोटा-उदयपुर समेत कई जिलों में बारिशराजस्थान में सक्रिय मानसून से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। रविवार को उदयपुर, अलवर, कोटा, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और बारां में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 5 दिन मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ें 2. सेना की गाड़ी-एम्बुलेंस की भिड़ंत, मां और बेटा-बेटी की मौतश्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में सेना के ट्रक से भिड़ंत में प्राइवेट एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कैंसर पीड़ित महिला, उसके बेटे और बेटी की मौत हो गई, जबकि एक बेटा और एम्बुलेंस ड्राइवर घायल हो गए। परिवार जयपुर से घर लौट रहा था। पूरी खबर पढ़ें 3. किसान के खेत में निकलने लगा क्रूड ऑयलबाड़मेर जिले के बोथिया गांव के एक खेत में रविवार सुबह 6 बजे क्रूड ऑयल का रिसाव होने लगा। क्रूड ऑयल 2 खेतों में 500 मीटर के दायरे में फैल गया। एहतियात के तौर पर इलाके से गुजर रही पाइपलाइन में सप्लाई बंद कर दी गई। केयर्न वेदांता कंपनी के इंजीनियर लीकेज पॉइंट ढूंढने में लगे हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर टूटा, करंट से महिला की मौतकोटा के अनंतपुरा इलाके में 33 KV की हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर धमाके के साथ टूट गया। इससे आसपास के घरों और जमीन पर करंट फैल गया। करंट से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 3 बच्चों समेत 9 लोग झुलस गए और तड़पने लगे। 2 गायों की भी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 5. मोबाइल शोरूम के मालिक के चाकू घोंपा अलवर के अखेपुरा थाना क्षेत्र में पुराने विवाद में मोबाइल शोरूम के मालिक के चाकू घोंप दिया। शोरूम पर आए 3 युवकों ने पुराने मामले में समझौते के लिए 15 लाख रुपए मांगे। शोरूम मालिक ने मना किया तो एक युवक ने पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार को 100 मीटर घसीटाझुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी इलाके में तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार बिजली विभाग के कर्मचारी को पीछे से टक्कर मार दी और करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए गया। बिजली कर्मचारी ड्यूटी पर जा रहे थे। हादसे में उनके सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पूरी खबर पढ़ें 7. दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी छात्रा ने सुसाइड कियाजयपुर में दोस्त की मौत से दुखी छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसके दोस्त की 3 जुलाई को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। शनिवार शाम को वह दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी थी। उसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें 8. नाबालिग का किडनैप कर 1 लाख फिरौती मांगी टोंक जिले में एक नाबालिग का किडनैप कर परिजनों से 1 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। फिरौती नहीं देने पर बच्चे की हत्या करने की धमकी दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर 3 नामजद सहित 7-8 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. करंट से दोनों हाथ गंवाए, मुंह से लिखी LDC परीक्षाLDC ग्रेड सेकंड भर्ती परीक्षा के दौरान बांसवाड़ा में दोनों हाथों से दिव्यांग कैंडिडेट चिराग जैन परीक्षा देने पहुंचे। एक हादसे में उनके दोनों हाथ काटने पड़े थे। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और मुंह में पेन पकड़कर पूरा पेपर लिखा। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाएंगेराजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए सोमवार से फॉर्म भरना शुरू हो जाएंगे। बिना लेटफीस एक महीने का समय दिया गया है।
दरभंगा में 10 दिन से लापता नाबालिग:हैदराबाद में भाई ने ट्रेन में बैठाया था, फिर मोबाइल हुआ स्विच ऑफ
दरभंगा में 16 साल का नाबालिग सुभाष चौपाल 10 दिन से लापता है। परिजन का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। मामले को रेलवे क्षेत्र का बताते हुए उन्हें जीआरपी के पास भेजा दिया। परिजन का कहना है कि दरभंगा जीआरपी के आधार कार्ड, फोटो और लिखित आवेदन देने के बाद भी अब तक सुराग नहीं मिला। सुभाष के पिता राम प्रसाद हैं। परिजन के अनुसार सुभाष पहले भी रिश्तेदार के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाता रहा है। इस बार उसका बड़ा भाई सरोज चौपाल उसे 25 जून को हैदराबाद से दरभंगा आने वाली ट्रेन में बैठाकर अपने कार्यस्थल लौट गया था। सरोज चौपाल ने बताया कि 26 जून की रात करीब 10 बजे तक उसकी सुभाष से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उस दौरान उसने किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं दी। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आने लगा। रिश्तेदारों-परिचितों के यहां काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। मामला सकतपुर थाना क्षेत्र के नदियामी टोला गांव का है। मां बोलीं- बेटे के बिना घर में चूल्हा तक नहीं जल रहासुभाष की मां पूनिया देवी ने बताया कि बेटा घर लौटने के लिए निकला था, लेकिन 26 जून की रात के बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सकतपुर थाना जाने पर पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और दरभंगा जीआरपी भेज दिया। जीआरपी में आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई सूचना या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बेटे के लापता होने के बाद से घर में खाना तक नहीं बन रहा है। चाची ने जनप्रतिनिधियों से भी लगाई गुहारसुभाष की चाची गीता देवी ने बताया कि शुरुआती 2 दिनों तक बातचीत हुई, लेकिन तीसरे दिन से मोबाइल बंद हो गया। उन्होंने कहा कि सकतपुर थाना और बाद में जीआरपी में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर किशोर को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र स्थित चिरायु हॉस्पिटल में एक 24 वर्षीय युवती का मोबाइल फोन चोरी हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना अस्पताल के ICU वार्ड के बाहर हुई, जहां युवती अपने रिश्तेदार की देखभाल के लिए अटेंडर के तौर पर रुकी हुई थी। चोरी की पूरी वारदात अस्पताल के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति युवती की जेब से मोबाइल निकालते हुए दिखाई दे रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस मदद नहीं की, जबकि पुलिस ने भी शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद उन्हें कंप्लेन नंबर उपलब्ध कराया। फिलहाल मोबाइल बंद है और युवती अपने फोन की तलाश में परेशान है। चिरायु हॉस्पिटल में ICU के बाहर हुई वारदात जानकारी के अनुसार, वैशाली ठाकुर नाम की युवती अपने एक रिश्तेदार के साथ चिरायु हॉस्पिटल में रुकी हुई थी। उनके रिश्तेदार अस्पताल के ICU में भर्ती हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। घटना 3 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। वैशाली ICU के तीसरे फ्लोर के बाहर अटेंडर के रूप में मौजूद थीं। देर रात तक जागने के कारण वही पास के बिस्तर पर सो गई थीं। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति वहां पहुंचा और मौका देखकर उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। इसके बाद आरोपी धीरे-धीरे वहां से निकल गया। मोबाइल लौटाने के बदले आरोपी ने मांगे 5 हजार रुपए पीड़िता वैशाली ठाकुर ने बताया कि मोबाइल चोरी होने के बाद उन्होंने अपने नंबर पर कई बार कॉल किया। शुरुआत में फोन बजता रहा, लेकिन बाद में आरोपी ने फोन उठाया और मोबाइल वापस करने के बदले 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की मांग की। वैशाली के अनुसार, आरोपी ने कहा कि यदि वह ऑनलाइन पैसे भेज देंगी, तो उनका मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। इस दौरान आरोपी ने युवती से कई बार फोन का पासवर्ड भी पूछा। हालांकि, कुछ समय बाद मोबाइल फोन बंद हो गया। पीड़िता का कहना है कि उनका मोबाइल लगभग 20 हजार रुपए का था और उसमें कई जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी भी मौजूद थी। वैशाली ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 3 जुलाई को खजूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें 5 जुलाई को शिकायत का नंबर उपलब्ध कराया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पीड़िता अपने मोबाइल की बरामदगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
ग्वालियर में बेखौफ घूम रहे एक एक्टिवा सवार बदमाश ने पिछले 24 घंटों में मोबाइल लूट की तीन वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। उसने कोतवाली, जनकगंज और बहोड़ापुर थाना क्षेत्रों को निशाना बनाया। बदमाश इतना बेखौफ था कि पुलिस लाइन के सामने ऑनलाइन पेमेंट कर रहे एक ऑटो चालक का भी मोबाइल छीनकर फरार हो गया। हालांकि, आखिरी वारदात के कुछ घंटे बाद ही जनकगंज थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। यह रहीं तीन वारदात केस-1: पुलिस लाइन के सामने सीएनजी पंप पर मोबाइल लूटा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित डीआरपी लाइन (पुलिस लाइन) के सामने सीएनजी पंप पर 3 जुलाई की सुबह 17 वर्षीय मयंक वर्मा अपने पिता के साथ ऑटो में सीएनजी भरवाने के बाद ऑनलाइन भुगतान कर रहा था। तभी एक्टिवा सवार बदमाश ने उसके पिता के हाथ से मोबाइल झपट लिया और तेज रफ्तार से फरार हो गया। मयंक और उसके पिता ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाने में दर्ज कराई गई। केस-2: कॉलेज छात्रा से झपटा मोबाइल जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित शिवहरे धर्मशाला (नई सड़क) के पास 4 जुलाई की सुबह करीब 8:15 बजे कृतिका राठौर नामक छात्रा कॉलेज जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी नीले रंग की एक्टिवा पर आए बदमाश ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। छात्रा के कुछ समझने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। शोर मचाने के बावजूद उसे पकड़ा नहीं जा सका। घटना की शिकायत जनकगंज थाने में दर्ज कराई गई। केस-3: स्वीट्स शॉप के बाहर युवक से मोबाइल छीना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एलएमबी स्वीट्स शॉप के सामने 4 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे मोहना निवासी फैजल खान दुकान से बाहर निकले ही थे कि एक्टिवा सवार बदमाश ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। फैजल ने उसका पीछा किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। ऐसे बिछाया जाल, फिर पकड़ा गया आरोपी जनकगंज में छात्रा से मोबाइल लूट की घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई थी और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसने कोतवाली क्षेत्र में तीसरी वारदात कर दी। इसके बाद जनकगंज और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से लूटे गए मोबाइल बरामद हुए। आरोपी की पहचान रोहित माहौर, निवासी निंबाजी की खो, के रूप में हुई है। जनकगंज टीआई अतुल सोलंकी ने बताया- मोबाइल छीनकर भाग रहे बदमाश को पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया है। शुरुआती पूछताछ में उससे तीन वारदातों का खुलासा हुआ है। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जिससे कुछ और मामलों के खुलने की उम्मीद है।
बिलासपुर के तोरवा थाना पुलिस ने देर रात सट्टे के एक बड़े अड्डे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,690 रुपए नकद, 10 मोबाइल, तीन टैबलेट, सैकड़ों सट्टा रिकॉर्ड, कैलकुलेटर, प्रिंटर, पेन, दो बाइक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। पुलिस को 3 जुलाई को सूचना मिली थी कि तोरवा थाना क्षेत्र के सांईधाम कॉलोनी स्थित किशनचंद बजाज के मकान में मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अंकों का सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के भीतर चार लोग मोबाइल फोन, प्रिंटर और सट्टा पट्टियों के जरिए हार-जीत का दांव लगवाते हुए मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में सामान जब्त मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन टैबलेट, एक अतिरिक्त मोबाइल, 50,690 रुपये नकद, 40 सट्टा पट्टियां, एक कैलकुलेटर और तीन पेन बरामद किए गए। वहीं, दिनेश कुमार वाधवानी से दो मोबाइल फोन, एक कैलकुलेटर, दो पेन और 10 सट्टा पट्टियां मिलीं। भैयालाल सोनकर के पास से एक मोबाइल, एक कैलकुलेटर और दो सट्टा पट्टियां, जबकि मनोहर लाल खत्री के कब्जे से एक मोबाइल और एक सट्टा पट्टी बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक प्रिंटर, सट्टा संचालन से जुड़े दस्तावेज, स्कॉर्पियो (CG 04 PW 3311), बाइक (CG 10 KH 7430) और पैशन मोटरसाइकिल (CG 11 CD 0570) भी जब्त की। मोबाइल के जरिए चल रहा था सट्टा कारोबार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से अंकों पर हार-जीत का दांव लगवाकर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के खिलाफ पहले भी कई बार सट्टा संचालन के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह अवैध कारोबार से बाज नहीं आ रहा था। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 और 7, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फाजिल्का जिला प्रशासनिक परिसर (डीसी कॉम्प्लेक्स) के मुख्य गेट पर बनी पुलिस चेक पोस्ट से एक शातिर चोर द्वारा पुलिसकर्मी का ही मोबाइल उड़ाने का मामला सामने आया है। हालांकि, पुलिसकर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने साथियों की मदद से कुछ ही दूरी पर आरोपी युवक को दबोच लिया और उससे चोरी का मोबाइल बरामद कर लिया। इस घटना से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई-सिक्योरिटी वाले डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर, जहां खुद पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, ऐसी चोरी का प्रयास करना चोरों के हौसलों को दर्शाता है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी तुरंत सलाखों के पीछे पहुंच गया। मेन गेट पर ड्यूटी कर रहा था, चार्जिंग में लगे फोन को उड़ाया मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर बनी पोस्ट पर पुलिसकर्मी सुखदेव सिंह की ड्यूटी लगी हुई है। सुखदेव सिंह रोजाना की तरह डीसी और एसएसपी दफ्तर आने-जाने वाले वाहनों की पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैनात थे। इसी दौरान वह लघुशंका (शौचालय) के लिए गए और अपना मोबाइल चेक पोस्ट के अंदर ही चार्जिंग पर लगा गए। शक के आधार पर किया पीछा सुखदेव सिंह के जाते ही वहां मौजूद एक शातिर युवक ने मौका पाकर चेक पोस्ट के अंदर से मोबाइल चोरी कर लिया और उसे अपनी जेब में डालकर खिसक गया। जब सुखदेव सिंह वापस लौटे तो उन्हें मोबाइल गायब मिला। वहां मौजूद अन्य लोगों ने एक युवक पर शक जाहिर करते हुए बताया कि वह अभी-अभी पोस्ट के पास से निकला है। एसडीएम दफ्तर के पास धरा गया आरोपी सजगता दिखाते हुए सुखदेव सिंह ने तुरंत अपने साथी कर्मचारियों की मदद से उक्त संदिग्ध युवक का पीछा किया। आरोपी अभी कुछ ही दूरी पर एसडीएम दफ्तर के गेट के पास पहुंचा ही था कि पुलिस टीम ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर युवक के पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद हो गया। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शहर की 13 वर्षीय एक नाबालिग हिंदू किशोरी को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत कुल 11 संगीन धाराओं में शनिवार रात मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। यह मामला सबसे पहले 3 जुलाई की शाम कोतवाली थाने पहुंचा था। उस समय पुलिस ने इसे धर्मांतरण का मामला मानने से इनकार किया था। इसके बाद लगातार पुलिस ने शिकायत, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की जांच की। इस बीच विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिस के बाद शनिवार रात पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पीड़िता की मां की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उनकी 13 वर्षीय बेटी डांस सीखने जाती थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक मुस्लिम युवती से हुई। आरोप है कि उसी के माध्यम से कुछ अन्य लोगों ने किशोरी से संपर्क किया और उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। तहरीर के अनुसार, किशोरी के मोबाइल पर प्रदेश से बाहर ले जाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े संदेश भी भेजे गए। परिवार का आरोप है कि नाबालिग को मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने तहरीर और प्रारंभिक जांच के आधार पर छह लोगों के खिलाफ 11 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के साथ अन्य संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि शेष आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चूरू जिले की बीदासर थाना पुलिस ने 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार की तलाशी ली, जिसमें सवार युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार, अवैध हथियार और मादक पदार्थ जब्त कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक बीकानेर रेंज आईजी के आदेश पर क्षेत्र में कड़ी नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान बीदासर से डूंगरगढ़ की ओर जा रही एक कार को रोका गया। कार में 2 युवक सवार थे, जो पुलिस की पूछताछ में घबरा गए और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदेह होने पर पुलिस ने कार और युवकों की गहनता से तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल मिली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सांडवा उंटालड़ निवासी 26 वर्षीय रामनारायण नाथ और बाना डूंगरगढ़ निवासी 35 वर्षीय हुकमनाथ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 1.1 ग्राम एमडी, 34 ग्राम डोडा पोस्त और एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।पुलिस को युवकों के पास से 8 मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि भी मिली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चोरी के मोबाइल का बंटवारा करते 4 युवक पकडे़:17 फोन जब्त; भीड़-भाड़ के बीच वारदात करना कबूल की
अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने चोरी के मोबाइल का बंटवारा करते चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल भी जब्त किए हैं। आरोपियों ने दरगाह व आस पास के क्षेत्र में भीड़ भाड़ के बीच मोबाइल चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। दरगाह थाना पुलिस के अनुसार-एएसआई कालूराम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी के मोबाइल को आपस में बांट रहे हैं। इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे। इस पर पुलिस ने चारों को पकड़ लिया। 17 मोबाइल जब्त पुलिस ने वसीम पुत्र यासीन, मोहम्मद अहसान पुत्र सलीम, अमीन पुत्र सलीम, मोहम्मद रियाजुद्दीन को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 17 मोबाइल जब्त किए हैं। पूछताछ में मोबाइल चोरी करना कबूल किया है। पुलिस आरोपियों से और भी पूछताछ कर रही है। …….. पढें ये खबर भी… आरएएस (मेंस)-2024 की आंसर-बुक देखने के लिए आवेदन कल से:27 जुलाई तक कर सकेंगे अप्लाई, कैंडिडेट्स 12 सितंबर तक कर सकेंगे डाउनलोड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक देखने के लिए कल (6 जुलाई) से आवेदन कर सकेंगे। (पूरी खबर पढें)
लुधियाना में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात उस समय हुई जब युवती फोन पर बात करते हुए अस्पताल जा रही थी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़िता द्वारा पीछा करने पर आरोपियों ने खंजर दिखाकर धमकाया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बस स्टेंड से जा रही थी अस्पताल जानकारी के अनुसार मिड्डा नजदीक की रहने वाले उर्मिला ईएसआई अस्पताल में स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं। वह शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थीं। इसी बीच पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तेज रफ्तार में मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने दिखाया खंजर पीड़िता उर्मिला ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने खंजर निकालकर उन्हें धमकाया। हथियार देखकर युवती रुक गई और आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ और रिकवर किए गए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है। सूत्रों के मुताबिक अब कई सफेदपोश लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही हैं। मोबाइल से मिले VIP पास के सुराग सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव के मोबाइल की जांच में पता चला है कि कुछ लोगों और होटलों के लिए कई बार विशेष दर्शन पास बनवाए गए थे। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन पासों के जरिए किन लोगों को विशेष सुविधाएं दी गईं। इसके साथ ही बैंक खातों के लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि चोरी की रकम का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। हॉस्टल में छिपाकर रखी जाती थी नकदी जांच में यह भी सामने आया है कि टिन्नू यादव अपने हॉस्टल की पहली मंजिल पर बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण छिपाकर रखता था। इस हिस्से में बाहरी लोगों का आना पूरी तरह प्रतिबंधित था। पुलिस को शक है कि चोरी का पैसा लंबे समय तक यहीं रखा जाता था। डिलीट CCTV फुटेज भी हुए रिकवर एसआईटी ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज भी रिकवर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ फुटेज में लोग जेब और जुराब में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखाई दे रहे हैं। अब हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच जांच एजेंसियां चोरी की रकम के निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ और नोएडा में खरीदी गई संपत्तियों, संभावित बेनामी निवेश और जमीन के सौदों की जांच तेज कर दी गई है। इसके अलावा एसआईटी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं। निर्माण एजेंसी और निगरानी से जुड़े इंजीनियरों से पूछताछ कर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जेल में बंद आरोपियों से होगी दोबारा पूछताछ पुलिस को अविनाश शुक्ला की रिमांड के दौरान कई नए नाम और अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर अब जेल में बंद अन्य आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो नए आरोपियों के नाम भी केस में जोड़े जा सकते हैं। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रही है।
सबूतों के अभाव में मोबाइल स्नैचिंग का आरोपी बरी
जालंधर | अदालत ने शनिवार को मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में दोष साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया है। राजेश कुमार उर्फ रवि निवासी पत्ती गिल की, जमशेर के खिलाफ 7 दिसंबर 2022 को आदमपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। होशियारपुर के नसराला निवासी रप्पा खड़िया की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोपी पर उनका मोबाइल छीनने का आरोप लगाया गया था। अदालत में पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत पेश न कर पाने और दोष साबित न होने के चलते अदालत ने उसे बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
भरतपुर रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब अनारक्षित टिकट लेना पहले से अधिक आसान हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसके बाद यात्री बिना स्मार्ट कार्ड के केवल मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान कर स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और कुछ ही मिनटों में टिकट मिल जाएगा। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना और टिकटिंग व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना है। एटीवीएम मशीन पर यात्री \अन्य स्टेशन’ विकल्प का चयन कर गंतव्य स्टेशन का नाम दर्ज करेंगे, यात्रा का विवरण भरने के बाद भुगतान विकल्प चुनेंगे। इसके बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई से भुगतान करते ही टिकट मशीन से तुरंत निकल जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा की खास बात यह है कि मशीन पर किसी कर्मचारी या फैसिलिटेटर की मौजूदगी नहीं होने पर भी यात्री स्वयं पूरी प्रक्रिया पूरी कर टिकट निकाल सकेंगे। इससे नकद भुगतान की आवश्यकता भी कम होगी और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे ने भरतपुर सहित कोटा मंडल के सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एटीवीएम मशीनों का अधिकाधिक उपयोग करें और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं। नई सुविधा से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। एटीवीएम से टिकट प्राप्त करने की ये है प्रक्रिया “यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एटीवीएम पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इससे बिना स्मार्ट कार्ड के भी यात्री स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी, समय की बचत होगी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। हमारी अपील है कि यात्री एटीवीएम का अधिकाधिक उपयोग कर सुरक्षित व सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं।” - सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी, कोटा मंडल
धक्का लगाने के बहाने कार में बैठाया होश आया तो गहने और मोबाइल गायब
खन्ना के बीजा में हरियाणा नंबर की कार सवार एक युवक को कार को धक्का लगाने के बहाने में कार में बैठाकर नशीला पदार्थ सुंघाकर चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर फरार हो गए। लूट के बाद युवक को कार से धक्का देकर बाहर फेंक दिया गया। युवक के परिजनों ने थाना कोट चोकी में इसकी शिकायत दी है। पीडित लोपो गांव के युवक हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि आज सुबह वह अपने बाइक पर श्री गुरुद्वारा मंजी साहिब में माथा टेकने आया था। वह माथा टेकने के बाद जब अपनी बाइक से वापस अपने घर जाने लगा तो वहां खड़ी हरियाणा नंबर की कार में बैठे एक युवक ने उसे रोककर कहा कि कार बंद हो गई है। वह उसकी कार को धक्का देकर मदद कर। उसने कार को धक्का दिया, जब कार स्टार्ट हुई तो कार चालक ने उसे कार में बैठने को कहा। जैसे ही वह कार में बैठा तो उसे कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद चालक कार को भगा ले गया। कार चालक ने बीजा में दो और युवकों को कार में बैठा लिया और जब वे वापस आकर मंडियाला कलां की तरफ आ रहे थे तो रास्ते में उसका चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर उसे कार से धक्का देकर बाहर फेंककर फरार हो गए। हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि होश में आने के बाद रिश्तेदारों को फोन किया। उसने अपने माता-पिता और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर को वारदात की जानकारी दी। रिश्तेदारों के साथ गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब कोटा में कैमरों की फुटेज देखी तो पता चला कि कार हरियाणा नंबर की थी। युवक की मां लोपो गांव की पूर्व पंच जसवीर कौर और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर ने बताया कि उन्होंने पुलिस चौकी कोट में शिकायत दी है। पुलिस ने भरोसा दिया है कि वे जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के बीसरू गांव में तड़के एक घर में चार नकाबपोश बदमाश घुस गए। इको कार में सवार होकर आए बदमाशों ने घर से 1.72 लाख रुपए नकद, सोने के गहने और मोबाइल फोन चोरी कर लिए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित निसार ने बताया कि, शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे चार बदमाश इको कार होकर आए और उनके घर पहुंचे। सभी बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके पास बंदूक व देसी कट्टे जैसे हथियार थे। चोरी कर कार में बैठकर फरार हुए बदमाश चोरों ने अलमारी से 1 लाख 72 हजार नकद, लगभग दो तोले सोने की हंसली, दो तोले की गुलीबंद और एक मोबाइल फोन चुरा लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश उसी कार में बैठकर फरार हो गए। सुबह परिवार के जागने पर घर का सामान बिखरा मिला और नकदी व जेवर गायब थे। सीसीटीवी फुटेज देखने पर नकाबपोश बदमाश घर में घुसते और चोरी के बाद निकलते साफ दिखाई दिए। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वारदात के समय घर पर मौजूद नहीं थी परिवार की महिलाएं पीड़ित ने बताया कि घटना के समय घर में महिलाएं मौजूद नहीं थीं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि महिलाएं घर पर होतीं तो बदमाश किसी बड़ी वारदात को भी अंजाम दे सकते थे। पीड़ित ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी हुए सामान की बरामदगी की मांग की है। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी का सामान बरामद करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
कबीरधाम पुलिस ने ग्राम खैरबनाकला स्थित एक फार्महाउस पर छापेमारी कर ताश के माध्यम से जुआ खेल रहे 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 2 मोटरसाइकिल और ताश की गड्डियां जब्त की हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार 700 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उप पुलिस अधीक्षक आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में थाना कवर्धा, एएनटीएफ और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर दी दबिश पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरबनाकला स्थित राघव यादव के फार्महाउस में कुछ लोग 52 पत्ती ताश से अंदर-बाहर का जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से फार्महाउस की घेराबंदी की गई। दबिश के दौरान मौके पर 11 लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नकदी, मोबाइल और बाइक जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के कब्जे से 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल हैंडसेट (अनुमानित कीमत 65 हजार रुपये), 2 मोटरसाइकिलें (अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये) तथा ताश की गड्डियां बरामद कीं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 1,50,700 रुपये आंका गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 4 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी अभियान रहेगा जारी कबीरधाम पुलिस ने कहा कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पलवल के चांदहट थाना क्षेत्र में रोड रेज का मामला सामने आया है। डकोरा मोड़ पर कार की टक्कर के बाद एक कार चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। पीड़ित ने मारपीट के दौरान 50 हजार रुपए और मोबाइल फोन लूटने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने लूट की पुष्टि नहीं की है। फरीदाबाद के लक्कड़पुर गांव निवासी रगवीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी खटका गांव में जमीन है। वह अपनी जमीन देखकर कार से वापस लौट रहे थे। डकोरा गांव के मोड़ के पास पीछे से आ रही एक अन्य कार ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी। युवकों ने कार से बाहर उतरे ही की मारपीट रगवीर सिंह के अनुसार, टक्कर मारने वाली कार में छह युवक सवार थे। वे सभी बाहर निकले और उन्होंने रगवीर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उसकी जेब से 50 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन लूट लिया। घटना के बाद पीड़ित ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंचारी गांव निवासी मनजीत तथा मुंडकटी गांव निवासी दक्ष को हिरासत में ले लिया। पुलिस कर रही मामले की जांच चांदहट थाना प्रभारी श्री भगवान ने बताया कि पुलिस जांच में पीड़ित के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है, लेकिन नकदी और मोबाइल फोन लूटने संबंधी कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। पुलिस ने फिलहाल मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लूट की पुष्टि होने पर संबंधित धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फरीदाबाद में ऑटो चालक से ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूटने के मामले में फरीदाबाद पुलिस अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में 30 जून को हुई लूट की वारदात के मामले में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमरन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, नितिन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, मदन (24) निवासी बल्लभगढ़ और सुभाष (23) निवासी खेड़ीपुल के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें लूटा गया सामान बरामद करने के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। एसीपी अमन यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 30 जून की रात चारों आरोपी ओल्ड फरीदाबाद से ऑटो में सवारी बनकर बैठे थे। इनमें मदन, नितिन और सुमरन पीछे बैठे थे, जबकि सुभाष आगे की सीट पर बैठा था। गर्दन पर चाकू रखकर की थी लूटपाट जब ऑटो एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचा तो पीछे बैठे सुमरन ने ऑटो चालक की गर्दन पर चाकू रख दिया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर चालक का मोबाइल फोन, जेब में रखी नकदी और पूरा ऑटो लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड सुभाष है। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी नितिन का भी आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने लूटा गया ऑटो और अन्य सामान कहां छिपाया है तथा क्या वे पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, अनखीर निवासी संदीप ने 1 जुलाई को थाना सराय ख्वाजा में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ के बीच ऑटो चलाता है। 30 जून की रात करीब 9:30 बजे चार युवक उसके ऑटो में बदरपुर बॉर्डर जाने के बहाने बैठे थे। एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचते ही आरोपियों ने चाकू दिखाकर उसका ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली और फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद थाना सराय ख्वाजा में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।
अंबाला के साहा क्षेत्र में मोबाइल की किस्तों के विवाद को लेकर थार गाड़ी सवार दोस्तों पर हमला किया गया। हमलावरों ने क्रेटा और फॉर्च्यूनर गाड़ियों से पीछा कर थार को दो अलग-अलग जगहों पर घेरा। इस हमले में थार के शीशे टूट गए और गाड़ी में बैठी एक युवती घायल हो गई। आरोपियों ने ईंटों और तलवारों से थार पर हमला किया, जिससे गाड़ी के सभी शीशे टूट गए। साहा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव लदाना निवासी साहिल ने बताया कि वह मोहाली (पंजाब) में बाइक राइडर का काम करता है। लगभग एक साल पहले उसके दोस्त गगनदीप ने साहा की एक मोबाइल दुकान से बजाज कार्ड पर फोन खरीदा था। गगनदीप द्वारा समय पर किस्तें न भरने के कारण दुकान संचालक लाली निवासी छप्परा ने साहिल को फोन कर किस्तों की जिम्मेदारी लेने को कहा। इस बात पर साहिल और लाली के बीच कहासुनी हो गई थी। हालांकि, बाद में गगनदीप ने सभी किस्तें चुका दी थीं, लेकिन लाली इस विवाद को लेकर साहिल से रंजिश रखने लगा था। मंसूरी से घूमकर लौट रहे थे दोस्त, मार्केट में घेरा 1 जुलाई को साहिल अपनी दोस्त महक और मामा के लड़के दीप के साथ थार गाड़ी में घूमने के लिए मंसूरी (उत्तराखंड) गया था। अगले दिन 2 जुलाई की रात करीब 8 बजे जब वे वापस लौटकर दीप को छोड़ने गाँव केसरी पहुंचे, तो वहां उनका दोस्त सुमित भी मिल गया। चारों दोस्त केसरी मार्केट के मोड़ पर एक रेहड़ी के पास जूस पीने के लिए रुके। इसी दौरान लाली अपनी काले रंग की क्रेटा कार से अपने दोस्त रोहित के साथ वहां पहुंचा। उसने थार के आगे अपनी कार अड़ा दी और सड़क से ईंट उठाकर थार पर दे मारी, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए और महक के घुटने व कमर पर कांच लगने से वह घायल हो गई। फॉर्च्यूनर से पीछा कर फैक्ट्री के पास दोबारा रोका, चलाई तलवारें जब साहिल अपनी जान बचाकर थार को साहा रोड की तरफ भगाने लगा, तो आरोपियों ने अपनी क्रेटा और एक वीआईपी नंबर (0020) की फॉर्च्यूनर गाड़ी से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने शाहबाद-साहा रोड पर प्रताप फैक्ट्री के पास थार को दोबारा जबरन रोक लिया। इस बार लाली, रोहित और सेवक ने अपने 2-3 अन्य साथियों के साथ मिलकर थार पर तलवारों से हमला कर दिया और गाड़ी के बचे हुए सारे शीशे भी तोड़ दिए। पीड़ित किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे। भागते समय आरोपियों ने दोबारा मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा साहा थाना पुलिस ने पीड़ित साहिल की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी लाली, रोहित, सेवक और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(3), 115, 126(6), 351(2) और 324(4) के तहत मुकदमा नंबर 151 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि थार गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला। घटना बेला गांव स्थित टिलुआ आहार के पास हुई। सूचना मिलते ही लक्ष्मीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान झारखंड के देवघर जिले के मुरली पहाड़ी निवासी विजय कुमार मुर्मू (30) पुत्र गिरीश मुर्मू के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक की जेब से 2 जून का विद्यासागर से जमुई का रेल टिकट और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। मोबाइल ऑन करते ही उसके एक दोस्त का फोन आया, जिससे बातचीत के आधार पर पहचान संभव हो पाई। पुलिस के अनुसार, युवक का शव नीम के पेड़ से लगभग छह फीट की ऊंचाई पर फंदे से लटका हुआ था। घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक चप्पल और विदेशी शराब की एक बोतल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। लक्ष्मीपुर थाना अध्यक्ष आलोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटे रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिलने की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मृतक के पास से बरामद मोबाइल फोन की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक देवघर जिले का रहने वाला था और जमुई में किसी व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद यहां पहुंचा था। प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
कोरबा जिले के कोहड़िया क्षेत्र में मोबाइल और पैसों के पुराने लेनदेन का विवाद हिंसक हो गया। मोबाइल दुकान संचालक विकास दुबे को कथित तौर पर एक नाबालिग और उसके परिजनों ने बंधक बनाकर पूरी रात बेरहमी से पीटा। हमले में उसके सिर, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक हाथ की हड्डी भी टूट गई। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुराने विवाद के बाद फिर हुआ हमला पुलिस के अनुसार, विकास दुबे और एक नाबालिग के बीच मोबाइल और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिछले महीने भी इसी विवाद में नाबालिग ने विकास पर चाकू से हमला किया था, जिसकी रिपोर्ट सीएसईबी चौकी में दर्ज है। कमरे में बंद कर रातभर की पिटाई बताया जा रहा है कि बीती रात विकास दुबे किसी काम से पीपरपारा गया था। वहां नाबालिग और उसके परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंधक बनाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से रातभर पीटा गया। दोस्त ने पहुंचाया अस्पताल सुबह विकास के दोस्त आकर्षण तिवारी ने उसे गंभीर हालत में देखा और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस की मदद से विकास को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सिर और पैर में गहरी चोटें हैं तथा एक हाथ की हड्डी टूट गई है। महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप इसी बीच एक महिला ने सीएसईबी पुलिस चौकी में विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि रात करीब 10 बजे विकास जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अभद्रता की। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि गुस्से में उसने लोहे के डंडे से विकास की पिटाई की थी। मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि महिला की शिकायत पर विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, विकास की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट करने वाले नाबालिग और उसके परिजनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
जयपुर में बदमाश ने राइड बुक कर युवक को लूटा:15 KM दूर ले गया, मारपीट कर बाइक और मोबाइल छीना
जयपुर में बदमाशों ने राइड बुक कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। राइडर को ऑफलाइन बुक कर बदमाश 15 KM दूर अपने साथ ले गया। सुनसान जगह पहले से मौजूद अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर बाइक-मोबाइल छीनकर फरार हो गए। मामले में खोह नागोरियान थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर लुटेरों की तलाश कर रही है। हेड कॉन्स्टेबल हरि सिंह ने बताया- दौसा के महवा निवासी सचिन मीना (20) के साथ लूट की वारदात हुई है। शिकायत में बताया- रात करीब 12 बजे गांधी नगर रेलवे स्टेशन से एक लड़के ने ऑफलाइन बाइक राइड बुक की। राइडर को गांधी नगर रेलवे स्टेशन से 15 KM दूर जेएनयू हॉस्पिटल ले आया। हॉस्पिटल से कुछ दूरी पर सुनसान जगह युवक के साथी पहले से खड़े मिले। कस्टमर बने बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर राइडर के साथ मारपीट की। फिर उसकी जेब में रखे 5 हजार रुपए, मोबाइल व बाइक छीनकर तीनों बदमाश फरार हो गए। खोह नागोरियान थाने पहुंचकर पीड़ित बाइक राइडर ने शिकायत दर्ज करवाई।
छिंदवाड़ा शहर के मॉडल रोड पर शुक्रवार रात जैन मोबाइल शॉप की प्रचार वैन को निशाना बनाकर लूट का प्रयास किया गया। बदमाशों ने वाहन में तोड़फोड़ कर बैग में रखी नकदी लूटने की कोशिश की, लेकिन दुकान संचालक की सतर्कता से रकम सुरक्षित बचा ली गई। मामले में एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि दो अन्य युवकों के भी घटना में शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर निवासी और जैन मोबाइल शॉप के संचालक नरेंद्र जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात उनकी मोबाइल प्रचार वैन वसूली कर लौट रही थी। इसी दौरान मॉडल रोड पर कुछ युवकों ने वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी और बैग में रखे करीब 91 हजार 800 रुपए लूटने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक मौके पर पहुंचे और एक आरोपी युवक को पकड़ लिया। साथ ही नकदी से भरा बैग भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया
करनाल जिले के घरौंडा में रेलवे रोड के मोड़ पर भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के स्वागत कार्यक्रम के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने कई लोगों की जेब काट दी। लोगों की जेब से मोबाइल फोन, पर्स और नकदी चोरी कर ली। घटना 2 जुलाई को शाम करीब 4:30 बजे की है। लोगों ने जैसे ही कार्यक्रम के बाद अपनी जेबें चेक कीं तो चोरी का पता चला। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई, जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम जानकारी के अनुसार, घरौंडा रेलवे रोड मोड़ पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अध्यक्ष के स्वागत के लिए लोग एकत्रित हुए थे। स्वागत के तुरंत बाद कई लोगों को अपनी जेब से सामान गायब मिला। चोर भीड़ में ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पीड़ितों ने मौके पर ही इसकी सूचना पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की। इन लोगों का सामान हुआ चोरी दीपचंद मंडी घरौंडा के रोहित पुत्र मगल राम का मोबाइल, बसताड़ा के सुरेंद्र पुत्र लखपत का मोबाइल, डॉ. सतपाल के करीब 5 हजार रुपए, धर्मबीर कॉलोनी के भावुक चुघ का पर्स जिसमें लगभग 3 हजार रुपए थे, पृथ्वीसिंह के पुत्र जयपाल सिंह का पर्स जिसमें करीब 5 हजार रुपए थे और डिंगर माजरा के दिलबाग आर्य के करीब 5 हजार रुपए चोरी हुए हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा 3 जुलाई को दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 के तहत पाया गया है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर देवेंद्र मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगाली जा रही पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मथुरा में धार्मिक मंच पर आने के बाद कथावाचक देवकीनंदन महाराज के बेटे की लगातार चर्चा और आलोचना हो रही है। इस पर देवकीनंदन महाराज ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। कहा- उसका सबसे बड़ा 'दोष' सिर्फ यह है कि वह मेरा बेटा है। बच्चों को धर्म, सेवा और संस्कार देना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है। 3 जुलाई (शुक्रवार) को दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में देवकीनंदन ने कहा कि कुछ लोग कथा-भजन करने वालों को निशाना बनाते हैं। लेकिन, गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते। वहीं, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने बड़े मंदिरों के दान के बेहतर उपयोग के लिए धर्माचार्यों की भागीदारी वाला सनातन बोर्ड गठित करने की भी मांग दोहराई। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: राम मंदिर विवाद के बीच सनातन बोर्ड की मांग हो रही, इसकी जरूरत क्या है?जवाब: वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी जैसे बड़े मंदिरों का संचालन सरकारों के पास है। वहां आने वाले दान का उपयोग किस तरह हो रहा है, यह हमारी समझ में नहीं आता। इसलिए सनातन बोर्ड बनना चाहिए, जिसमें 4 शंकराचार्य, 5 वैष्णवाचार्य जैसे धर्माचार्य शामिल हों। सवाल: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अब तक की कार्रवाई से धर्माचार्य संतुष्ट हैं?जवाब: अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच चल रही है। जब जांच पूरी हो जाएगी, तभी पता चलेगा कि जांच सही दिशा में हुई या नहीं। सवाल: इसमें सिर्फ नामजद आरोपी ही शामिल हैं या और लोगों की भी भूमिका हो सकती है?जवाब: जैसा बताया जा रहा है, करीब 50-60 लोगों से पूछताछ होनी है। जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सवाल: आप अपने बेटे को धार्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग भी हो रही है..क्या कहेंगे?जवाब: ट्रोल किस बात पर किया जा रहा है? क्या धर्म कोई धंधा है, जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। क्या उन्हें धर्म की समझ है? हर माता-पिता अपने बच्चों को अपने संस्कार देते हैं। हम भी वही कर रहे हैं। क्या सिर्फ कुछ व्यूज पाने के लिए किसी को भी कुछ भी कह देना सही है? सवाल: बेटे को बचपन से धार्मिक माहौल देने के पीछे क्या सोच रही?जवाब: मेरा बेटा अभी 14 साल का है। आज तक उसके पास मोबाइल नहीं है। हमने उसे वही संस्कार दिए हैं, जो हर माता-पिता को अपने बच्चों को देने चाहिए। अगर बचपन से बच्चे का हाथ पकड़कर मंदिर ले जाएंगे, सत्संग में बैठाएंगे तो वह दूसरों का सम्मान करना सीखेगा। अच्छे संस्कार ही बच्चे को हर तरह से समृद्ध बनाते हैं। सवाल: आज के समाज और धर्म को लेकर पर क्या कहेंगे?जवाब: रामायण हमें बताती है कि समाज में हमेशा दो तरह के लोग रहे हैं। एक वे, जो धर्म का विकास चाहते हैं और दूसरे वे, जो धर्म का विनाश चाहते हैं। रावण यज्ञ और तपस्या को नष्ट करना चाहता था, जबकि भगवान राम धर्म और मर्यादा की रक्षा करते थे। त्रेता युग में भी ऐसे लोग थे और आज भी हैं। फर्क इतना है कि आज भी समाज भगवान राम की पूजा करता है और रावण का पुतला जलाता है। सवाल: बेटे के जन्मदिन को लेकर भी आपने अलग परंपरा अपनाई है?जवाब: मेरा बेटा अपना जन्मदिन किसी होटल या पार्टी में नहीं मनाता। वह जरूरतमंद लोगों को भोजन और जरूरी सामान देकर जन्मदिन मनाता है। मेरा मानना है कि बच्चों में सेवा और संवेदना के संस्कार बचपन से ही आने चाहिए। सवाल: आपके बेटे को लेकर लगातार टिप्पणियां हो रहीं। क्या इससे आपको फर्क पड़ता है?जवाब: कुछ लोग कथा करने और भजन गाने पर ट्रोल करते हैं। लेकिन, शराब पीने, जुआ खेलने या गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते। किसी ने कहा कि उसने NEET की परीक्षा नहीं दी। मैं पूछना चाहता हूं कि 14 साल की उम्र में कौन-सा NEET होता है? उसका सबसे बड़ा 'दोष' सिर्फ इतना है कि वह देवकीनंदन महाराज का बेटा है। जानिए देवकीनंदन ठाकुर के बेटे को लेकर सोशल मीडिया पर क्या चल रहा… सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के तीन बेटियां और एक बेटा है। बेटे का नाम देवांश है। देवांश अभी कक्षा- 10 में पढ़ रहे हैं। देवांश ठाकुर ने बहुत कम उम्र में ही वैदिक ग्रंथों, भागवत कथा और संस्कृत श्लोकों का अध्ययन शुरू कर दिया था। देवांश ने कुछ समय पहले गुजरात के सोमनाथ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मंच में देवकीनंदन ठाकुर ऊंचे मंच पर बैठे दिख रहे हैं। वहीं, थोड़ी दूर पर मौजूद एक सफेद रंग के सोफे पर देवांश ठाकुर भजन करते नजर आए। इस बीच पिता देवकीनंदन बहुत ध्यान से अपने बेटे की तरफ देखते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सनातन परंपरा और पारिवारिक संस्कारों की विरासत बताने लगे, तो कुछ इसे धार्मिक क्षेत्र में बढ़ते परिवारवाद से जोड़ने लगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- यूपी की PCS अफसर बोलीं- मम्मी ने मुझे बदनाम किया:चोरी छिपे 17 बीघा जमीन 68 लाख में बेची, भूमाफिया से मेरा कोई कनेक्शन नहीं मुझे पता भी नहीं था कि सहारनपुर में FIR हो गई। गुरुवार सुबह न्यूज से जानकारी हुई। देखा तो पता चला कि मेरी मम्मी ने ही मेरे और परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने न तो जांच की, न ही सच्चाई जानने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अब श्रद्धालु पूरे साल अर्घा के माध्यम से भी जलार्पण कर सकेंगे। मंदिर परिसर के बाहर स्थायी अर्घा स्थापित किया जाएगा, जहां चढ़ाया गया जल सीधे बाबा तक पहुंचेगा। इससे बुजुर्ग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। शुक्रवार को समाहरणालय में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों और प्रबुद्धजनों ने प्रस्ताव पर सहमति जताई। साथ ही सुरक्षा कारणों से बाबा मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का भी फैसला लिया गया। बैठक में एसपी प्रवीण पुष्कर, डीडीसी पीयूष सिन्हा, एसडीएम रवि कुमार और सरदार पंडा मौजूद थे। बैठक: श्रावणी मेले की तैयारियों की हुई समीक्षा बैठक में श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। भीड़ नियंत्रण, शीघ्र दर्शन व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण और क्लॉक रूम की स्थापना सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव लिए गए। डीसी ने अधिकारियों को सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
6 माह में 1400 मोबाइल टावरों से 150 करोड़ के महंगे पार्ट्स चोरी, कबाड़ी खरीदकर विदेश भेज रहे
भास्कर न्यूज | झुंझुनूं प्रदेश में मोबाइल टावरों से हाईटेक उपकरणों की चोरी का एक ऐसा संगठित खेल सामने आया है, जिसने पुलिस और मोबाइल कंपनियों के होश उड़ा दिए हैं। पिछले जनवरी से जून तक प्रदेश के 1400 से अधिक मोबाइल टावरों से शातिर चोर 3 हजार से अधिक आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) चोरी कर ले गए। इन चोरी हुए उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। देश भर में राजस्थान इस हाईटेक उपकरण चोरी में टॉप पर आ गया है, जिसमें एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया के टावर शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि इस सिंडिकेट के निशाने पर सबसे ज्यादा शेखावाटी का झुंझुनूं और सीकर जिला है। एयरटेल कंपनी के प्रतिनिधियों कर दावा है कि ये उपकरण कबाड़ियों के जरिए मेरठ व दिल्ली से सीधे विदेशों में भेजे जा रहे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि पिछले 6 माह में अकेले एयरटेल के टावरों से ही चोर 800 बार वारदात कर 2 हजार से अधिक आरआर यूनिट चोरी कर चुके। करीब एक हजार आरआर यूनिट जीयो व वोडा के टावरों से चोरी किए गए। यह घटनाएं यूक्रेन युद्ध के बाद से बढ़ी हैं। सप्लाई सिस्टम बिगड़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ी है। यह उपकरण विदेशों की कंपनियों, विशेष रूप से एरिक्सन जैसी कंपनियों से आयात किए जाते हैं। इनकी कीमत अधिक होने और सैकंड हैंड बाजार में मांग रहने के कारण चोर इन्हें निशाना बना रहे हैं। इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो सुनसान स्थानों पर लगे टावरों से रात के समय उपकरण चोरी कर कबाड़ियों को बेच देते हैं। फिर कबाड़ी इन्हें विदेशों में भेज देते हैं। इससे दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित होती हैं और लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूरे राजस्थान के करीब 20% मामले अकेले शेखावाटी में हैं। आंकड़े बताते हैं कि शेखावाटी के सीकर-झुंझुनूं व चूरू में छह माह में 161 मामले सामने आ चुके। इनमें सीकर में 74, झुंझुनूं में 70 और चूरू में 17 वारदातें हो चुकी हैं। आरआयू चोरी के मामले में झुंझुनूं प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। यहां आरआयू चोरी की 70 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें से एफआईआर सिर्फ 10 ही दर्ज हुईं। पुलिस में शिकायत 54 पेंडिंग है। सीकर में 74 वारदातों में से सिर्फ 4 में एफआईआर हुई है। झुंझुनूं में 10 दिन में 23 चोरी, ककराय में एक ही टावर पर 7वीं बार वारदात : झुंझुनूं जिले में पिछले 10 दिनों में ही 1 करोड़ से अधिक मूल्य के आरआरयू चोरी हो चुके हैं। खेतड़ी के ककराय गांव के एक मोबाइल टावर में तो पिछले 6 महीने के भीतर 7वीं बार चोरी हुई है, जिससे तंग आकर कंपनी ने वहां सीसीटीवी कैमरे तक इंस्टॉल करवाए हैं। लेकिन चोरियां रुकने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। चोरों के बेखौफ होने की एक बड़ी वजह पुलिस का सुस्त रवैया भी है। अकेले एयरटेल कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में करीब 800 टावरों पर चोरियां हुईं, लेकिन थानों के चक्कर काटने के बाद पुलिस ने महज 64 मामलों में ही एफआईआर दर्ज की। इनमें से 596 शिकायतें पुलिस के पास पेंडिंग हैं और 135 जांच में पड़ी हैं। यानी 92 फीसदी मामलों को पुलिस जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाले बैठी है। प्रदेश में इस साल जनवरी से जून तक अकेले एयरटेल कंपनी के टावरों से 2 हजार से अधिक आरआरयू चोरी कर ले गए। इसमें झुंझुनूं जिले में 70, अजमेर में 77, सीकर जिले में 74 मोबाइल टावरों पर चोरी हुए। जयपुर ग्रामीण में 68, जयपुर शहर में 66 टावरों में चोरी हुए। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद बढ़ी वारदातें : मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट चोरी की वारदातें वैसे तो लंबे समय से हो रही हैं। लेकिन ईरान अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से तेजी आई है। इसकी वजह सप्लाई बिगड़ना माना जा रहा है। अजमेर 77 सीकर 74 झुंझुनूं 70 जयपुर ग्रामीण 68 जयपुर शहर 66 कोटपूतली 29 धौलपुर 27 यह क्या है: रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर लगा एक छोटा कंप्यूटर बॉक्स जैसा होता है, जो विदेशी कंपनियों (जैसे एरिक्सन) से आयात होता है। इसका काम: यह 4G और 5G नेटवर्क के सिग्नल को आपके मोबाइल तक भेजने और रिसीव करने का मुख्य काम करता है। आपका नुकसान: जैसे ही चोर गैस कटर से इसे काटते हैं, उस पूरे इलाके का मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और कॉलिंग तुरंत ठप हो जाती है। कई बार कंपनियों को इसे दोबारा विदेश से मंगाकर इंस्टॉल करने में 3 से 7 दिन लग जाते हैं, तब तक उपभोक्ता परेशान रहते हैं।
ऐशबाग दोहरा हत्याकांड:सबूत मिटाने की नीयत से मोबाइल फोन फेंके जाने की आशंका
ऐशबाग में हुए बुजुर्ग दंपती डबल मर्डर केस की जांच में दो अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। पहला बड़ा सुराग कजलीखेड़ा स्थित एक नाले से मिला। यहां पुलिस ने मृत दंपती के दो मोबाइल फोन बरामद किए। आशंका है कि वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से मोबाइल नाले में फेंक दिए थे। वे पानी में बहने के बजाय जमीन पर ही अटक गए। जानकारी के मुताबिक नाले के पास एक सफाईकर्मी को पहले एक कीपैड मोबाइल मिला। कुछ दूरी पर एक एंड्रॉयड मोबाइल भी मिला। उसने कीपैड फोन अपने एक परिचित को एक हजार रुपए में बेच दिया। उस व्यक्ति ने 300 रुपए खर्च कर मोबाइल का लॉक खुलवाया। उसने उसमें नई सिम डालकर इस्तेमाल शुरू कर दिया। मोबाइल सक्रिय होने के बाद पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंची। पूछताछ के दौरान पूरा घटनाक्रम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने दोनों मोबाइल जब्त कर लिए।एसआईटी अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। प्रोफेशनल शूटर की तरफ शक की सुई पुलिस सूत्रों का मानना है कि वारदात को किसी प्रोफेशनल शूटर ने अंजाम दिया हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने महज 5 से 7 फीट की दूरी से बुजुर्ग दंपती की कनपटी और छाती पर बेहद सटीक निशाना लगाकर गोलियां चलाई थीं। हालांकि पुलिस पारिवारिक विवाद समेत सभी संभावित एंगल पर समानांतर जांच जारी रखे हुए है। शुक्रवार दोपहर ग्राउंड पर दिखी पुलिस की मुस्तैदी जांच के दौरान शुक्रवार दोपहर पुलिस की एक टीम सुभाष फाटक से एमपी नगर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल करती दिखाई दी। टीम ने मैदा मिल रोड स्थित एसबीआई कॉलोनी और मारुति शोरूम के बाहर लगे कैमरों के फुटेज भी खंगाले। पड़ताल में पुलिस को हत्या करने वाले दो संदिग्धों के सुराग मिले हैं। उसी आधार पर पुलिस दोनों संदिग्धों के आने-जाने के रूट का मिलान कर रही है।
पनकी में मोबाइल हैक, खाते से 4.71 लाख उड़ाए:साइबर सेल की जांच के बाद मुकदमा दर्ज
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 4.71 लाख रुपये उड़ा दिए। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने लगातार पांच दिनों तक यूपीआई के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते को खाली कर दिया। पीड़ित ने बैंक को तत्काल सूचना देने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की जांच रिपोर्ट मिलने के करीब एक माह बाद शुक्रवार को तीन बजे पनकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 21 दिन बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मुकदमा पनकी गंगागंज निवासी उमाशंकर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक ऑफ बड़ौदा की कल्याणपुर शाखा स्थित खाते तक पहुंच गए। इसके बाद 23 मई से 27 मई के बीच यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। 23 मई को 95,450 रुपये, 24 मई को 98,455 रुपये, 25 मई को 98,550 रुपये, 26 मई को 99,001 रुपये तथा 27 मई को 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 4,71,456 रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। पीड़ित के अनुसार, खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल बैंक अधिकारियों को सूचना दी। ताकि आगे के लेनदेन पर रोक लगाई जा सके। इसके बाद 1 जून को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच की और अपनी रिपोर्ट संबंधित थाना पुलिस को भेजी। साइबर सेल की रिपोर्ट मिलने के बाद पनकी पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संबंधित बैंक खातों, यूपीआई आईडी और ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है।
महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 62.160 किलोग्राम गांजा के साथ मध्यप्रदेश के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कोमाखान थाना पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही गांजा की खेप बरामद की। जब्त गांजा की कीमत करीब 31.08 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल कार और मोबाइल समेत कुल 36.13 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। मुखबिर की सूचना पर कार रोकी, गुप्त चैंबर से मिला गांजा पुलिस के मुताबिक सीमावर्ती चेक पोस्टों पर वाहन जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से आ रही सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर (MP-13-ZW-9964) में बड़ी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर ग्राम गोयनाबाहरा के पास घेराबंदी कर कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार में बनाए गए दो गुप्त चैंबरों से 62.160 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह खेप ओडिशा के भवानीपटना से मध्यप्रदेश के इंदौर ले जा रहे थे। पुलिस जांच से बचने के लिए कार में विशेष रूप से गुप्त चैंबर बनवाए गए थे। मध्यप्रदेश के दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सुरेश मालवीय (30) निवासी देवली पीपलोन, जिला आगर और एल्कार सेन (30) निवासी मारूबल्डिया, जिला आगर शामिल हैं। 36.13 लाख की संपत्ति जब्त आरोपियों के कब्जे से 62.160 किलो गांजा (कीमत 31.08 लाख रुपए), तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (करीब 5 लाख रुपए) और एक मोबाइल फोन (करीब 5 हजार रुपए) जब्त किया गया। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 36 लाख 13 हजार रुपए है। नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच शुरू पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोमाखान थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही हैं, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर राजधानी भोजपुर से है। यहां पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी की फोटो पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। वहीं भागलपुर में बिल्डर बजरंगी नीलकंठ (48) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिल्डर की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. चिराग ने घुटनों पर बैठकर भरत को श्रद्धांजलि दी भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी की फोटो पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। पूरी खबर पढ़ें 2. पुलिस ने अपराधी को दौड़ाकर मारी गोली 16 दिन बाद बिहार में फिर एनकाउंटर हुआ है। सीतामढ़ी में पुलिस ने CSP संचालक से डेढ़ लाख रुपए लूटने वाले आरोपी को दौड़ाकर गोली मारी है। फैकन कुमार के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके साथ 5 और अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें 3. गर्लफ्रेंड ने किया बिल्डर का मर्डर, प्राइवेट पार्ट काटा भागलपुर में बिल्डर बजरंगी नीलकंठ (48) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिल्डर की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी। पुलिस ने पीरपैंती से उसे गिरफ्तार किया है। वारदात वाली रात बजरंगी ने नशे की हालत में फिजिकल रिलेशन बनाया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। पूरी खबर पढ़ें 4. घरों पर पलटा हाइवा, 3 मौतें, बच्ची के 20 टुकड़े भागलपुर में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार हाइवा 3 घरों पर पलट गया। इसमें 3 लोगों की मौत हुई है। लोगों ने बताया कि हाइवा की स्पीड करीब 60-70 के करीब थी। एकदम से उसका टायर फटा। गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा और बालू लदा ट्रक सड़क किनारे बने 3 घरों पर पलट गया। गाड़ी के नीचे दबने से 2 बच्चों और एक महिला की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 5. खान की एंटीसिपेटरी बेल पर 7 जुलाई को होगी सुनवाई फैजल खान उर्फ खान सर की एंटिसिपेटरी बेल मामले में आज ADJ 2 के यहां सुनवाई हुई। इस दौरान जज ने कहा कि जिला जज इसकी सुनवाई कर रहे हैं। इसमें इंटरफेयर करना उचित नहीं होगा। इसीलिए इसकी अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। अब अगली सुनवाई के दौरान खान सर और उनके अन्य सहयोगियों को अग्रिम जमानत मिलने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें 6. होटल में सेक्स रैकेट-ऑन कॉल बुलाते थे कस्टमर पटना के गांधी मैदान के पास स्थित होटल डोरमेट्री में सेक्स रैकेट चल रहा था। पुलिस ने देर रात गुप्त सूचना पर यहां रेड की है। छापेमारी के दौरान होटल के कमरे से आपत्तिजनक स्थिति में 5 महिलाओं, 5 लड़कियों और एक युवक को हिरासत में लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें 7. स्वास्थ्य विभाग की कार ने स्कूटी को मारी टक्कर पटना के एग्जीबिशन रोड फ्लाईओवर पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार ड्राइवर छोड़ गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और वह कई मीटर तक घिसटती चली गई। कार का अगला हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पूरी खबर पढ़ें 8. सांसद ने ट्रैक्टर से विवादित जमीन पर की जुताई मोतिहारी के पिपरा कोठी प्रखंड स्थित वाट गंज में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए अधिग्रहित जमीन को मुक्त कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसान महासभा का आयोजन किया गया। सांसद सुधाकर सिंह के नेतृत्व में हुई इस सभा में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। पूरी खबर पढ़ें 9. क्वार्टरली एग्जाम में मोबाइल से नकल करते दिखे छात्र नालंदा जिले के हरनौत बाजार स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रही त्रैमासिक परीक्षा के दौरान छात्रों को मोबाइल से नकल करते देखा गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परीक्षा संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के सभी जिलों में कल सामान्य रहेगा मौसम बिहार के सभी जिलों में कल यानी शनिवार को मौसम सामान्य बना रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दिन में उमस बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 37C और न्यूनतम तापमान 29C के आसपास रहने का अनुमान है।
उज्जैन जिले के राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम घोसला में जमीन विवाद को लेकर हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। एक निजी जमीन पर कथित रूप से भैरू महाराज का चबूतरा बनाने का विरोध करने पर एक परिवार पर आठ लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में दो महिलाओं सहित पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित संजय चौधरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर पर खाना खा रहे थे। इसी दौरान गांव के दीपक गोस्वामी, राहुल गोस्वामी और नारायण गोस्वामी वहां पहुंचे और उनकी निजी जमीन पर भैरू महाराज का चबूतरा बनाने की बात कही। संजय ने जब इसे अपनी निजी जमीन बताते हुए निर्माण का विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर दीपक गोस्वामी ने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे संजय के माथे और बाईं आंख के पास गंभीर चोट लगी। इसके बाद राधेश्याम गोस्वामी, रोहित गोस्वामी और महेश गोस्वामी सहित अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्य भी हमले का शिकार हो गए। आरोप है कि राधेश्याम गोस्वामी ने संजय की मां प्रेमबाई पर डंडे से हमला किया, जिससे उनके सिर और हाथ में चोट आई। रोहित गोस्वामी ने संजय की पत्नी सुनीता पर पत्थर फेंका, जिससे उनके सीने में चोट लगी। वहीं महेश गोस्वामी ने पिता नानूराम चौधरी पर डंडे से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इस घटना में अजय चौधरी सहित कुल पांच लोग घायल हुए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आने पर चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। संजय चौधरी का आरोप है कि हमलावरों ने वीडियो बनाने से रोकते हुए जान से मारने की धमकी दी और एक मोबाइल छीनकर ले गए।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुभाग में शुक्रवार को सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ऑपरेशन विश्वास के तहत बरामद किए गए 42 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए है। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने के तरीके बताए गए। एसडीओपी नवीन दुबे ने क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सलाह दी कि वे किसी भी स्थिति में ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहने तथा किसी भी साइबर ठगी की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में ऑपरेशन विश्वास चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लवकुशनगर अनुभाग क्षेत्र से विभिन्न कंपनियों के कुल 42 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। अनुभाग कार्यालय लवकुशनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी नवीन दुबे ने सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस की इस पहल की सराहना की।
श्रावणी मेला क्षेत्र में कांवरियों के लिए मोबाइल नंबर वाले साइनेज लगाए जाएंगे। ये साइनेजेज पूरे कांवरिया पथ पर लगेंगे। सुल्तानगंज में उद्घाटन के दिन बाबा अजगैबीनाथ मंदिर के निकट ड्रोन शो और लेजर शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का खास केंद्र होगा। श्रावणी मेला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति होगी। ये सभी बातें पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को श्रावणी मेला की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समीक्षा बैठक में कही। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले श्रावणी मेला का आयोजन होगा। लोकेश कुमार सिंह ने गंगा घाट के पास कांवरियों की सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग करने के भी निर्देश दिए। पथ पर समय से बालू बिछाने का कार्य, सुरक्षा हेतु पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाना है, जहां स्नानघर, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित की जाए। शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज रहेगी उन्होंने जीविका के सीइओ को निर्देशित करते हुए कहा कि दीदी की रसोई के लिए स्थान विभाग द्वारा दिया जाएगा, वहां स्वच्छ और सुरुचिपूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें, भोजन का रेट चार्ट भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक मेला पथ में जगह-जगह भव्य गेट, विशेष लाइटिंग, साज-सज्जा और शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज हो, इसे ध्यान में रखते हुए अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज सहित सभी टेंट सिटी में व्यवस्थाएं की जा रही है।
गुरदासपुर शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य बाजार क्षेत्र हनुमान चौक पर दिनदहाड़े चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस की गश्त और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजार में खरीदारी करने आई एक महिला की स्कूटी के डैशबोर्ड से दो शातिर बाइक सवार युवक उसका महंगा मोबाइल फोन उड़ाकर रफूचक्कर हो गए। शातिर चोरों की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पहचान छुपाने के लिए एक आरोपी ने बीच सड़क पर ही अपनी शर्ट बदल डाली। भरे बाजार में हुई इस वारदात से दुकानदार और लोगों में रोष है। उन लोगों ने पुलिस की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। पर्स निकालने लगी महिला, चोरों ने उड़ाया फोन पीड़ित महिला नेहा ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। नेहा ने बताया कि वह हनुमान चौक स्थित मुख्य बाजार में घरेलू सामान की खरीदारी करने आई थी। उसने बाजार में अपनी स्कूटी खड़ी की और अपना कीमती मोबाइल फोन आगे बने डैशबोर्ड में रख दिया। इसके बाद जैसे ही वह स्कूटी की डिक्की खोलकर उसमें से अपना पर्स निकालने लगी, तभी पीछे से घात लगाकर आए बाइक सवार दो युवकों ने मौका ताड़ा। उन्होंने पलक झपकते ही डैशबोर्ड में हाथ डाला, मोबाइल निकाला और बाइक की रफ्तार तेज कर बाजार की भीड़भाड़ में गायब हो गए। यह पूरी वारदात महज कुछ ही सेकेंडों में हुई, जिससे पीड़ित महिला को शोर मचाने या संभलने का मौका तक नहीं मिला। काफी देर से कर रहे थे पीछा, बीच सड़क बदली शर्टइस पूरी वारदात के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय दुकानदार रवि और अजय कुमार ने बताया कि दोनों बाइक सवार युवक काफी देर से बाजार में महिला का पीछा कर रहे थे और लगातार उस पर नजर रखे हुए थे। जैसे ही महिला का ध्यान भटका, उन्होंने तुरंत हाथ साफ कर दिया।दुकानदारों के अनुसार, वारदात को अंजाम देकर भागते समय आरोपियों में से एक युवक ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों को चकमा देने के लिए चलती सड़क पर ही अपनी शर्ट उतारकर दूसरी शर्ट पहन ली, ताकि कोई हुलिये से उन्हें पहचान न सके। 112 नंबर पर दी सूचना; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस शहर का हनुमान चौक सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है, जहां हर समय सैकड़ों लोगों की मौजूदगी और पुलिस की तैनाती का दावा किया जाता है। ऐसे वीआईपी जोन में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की पोल खोल दी है। वारदात के तुरंत बाद पीड़ित महिला नेहा ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की पीसीआर टीम और संबंधित थाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित महिला और दुकानदारों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाजार और आसपास के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि चोरों के रूट का पता लगा लिया गया है और जल्द ही दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा।
पलामू के रामगढ़ थाना क्षेत्र में 10 दिन पहले खिलौना पिस्टल दिखाकर बाइक और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक और खिलौना पिस्टल बरामद की है। बेनीडीह निवासी सूरजदेव भुईयां ने 22 जून की शाम को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि तिनकोनिया मोड़ के पास बाइक सवार तीन युवकों ने उनका पीछा किया और रास्ता रोककर मारपीट की। आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उन्हें डराया और उनकी स्प्लेंडर प्लस बाइक तथा वीवो मोबाइल लूटकर फरार हो गए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। सबसे पहले चंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से लूटा गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक मिली। चंदन की निशानदेही पर अक्षय कुमार रजक और अंकुर कुमार को भी पकड़ा गया। पुलिस ने चैनपुर थाना क्षेत्र के भड़गांव स्थित एक रिश्तेदार के घर से लूटी गई स्प्लेंडर बाइक भी बरामद कर ली। छापेमारी के दौरान पुलिस ने खिलौना पिस्टल, चार अन्य मोबाइल फोन, लूटी गई बाइक का नंबर प्लेट, दोनों लुकिंग ग्लास, प्लास, स्क्रू ड्राइवर और दो रिंच भी जब्त किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी लूटी गई बाइक की पहचान मिटाने की तैयारी में थे। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी रामगढ़ थाना क्षेत्र के बाघी (धोबी टोला) के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश साह के नेतृत्व में की गई।
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन बच्चों की मां प्रेमी के साथ रहने की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि 13 दिन पहले थाने में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के देवीपुर सरेचा गांव निवासी मीनू देवी, पत्नी मनोज कुमार, ने करीब 13 दिन पहले कमोलिया गांव निवासी अजय के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। महिला का कहना है कि वह अजय के साथ रहना चाहती है और उससे शादी कराने की मांग को लेकर लगातार पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगा रही थी। उसका आरोप है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच कार्रवाई न होने से नाराज महिला गांव के पास लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और प्रेमी के साथ रहने की मांग पर अड़ गई। महिला के टावर पर चढ़ते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और घटना को देखने वालों की भीड़ लग गई। सूचना मिलते ही कमलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक महिला से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। करीब 1 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी का कहना है कि महिला की शिकायत और पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से बातचीत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला सुरक्षित है और उससे पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
फरीदकोट जेल से फिर 5 मोबाइल बरामद:जेल अफसरों ने बैरकों में रात को की सर्च; लावारिस हालत में पड़े मिले
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में सुरक्षा व्यवस्था के तहत चलाए गए विशेष तलाशी अभियान के दौरान जेल प्रशासन को 5 मोबाइल लावारिस हालत में बरामद हुए हैं। इस मामले में जेल प्रशासन ने थाना सिटी फरीदकोट में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार जेल में नियमित सुरक्षा जांच के दौरान वीरवार रात बैरकों की तलाशी ली गई। इस दौरान पांच मोबाइल मिले। मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह की शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था। मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा:जांच अधिकारी जांच कर रहे जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के प्रभारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा। टेक्निकल सेल की मदद से कॉल डिटेल, सिम कार्ड, आईएमईआई नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच में जिन कैदियों ,हवालातियों या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आएगी, उन्हें मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास, गंभीर घायल:शामली में कॉलेज से लौटते समय हुई घटना, आरोपी फरार
शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में कॉलेज से लौट रही एक छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। इस दौरान छीना-झपटी में छात्रा की स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, झिंझाना क्षेत्र के मोहल्ला सक्कान निवासी ने पुलिस को बताया कि उनकी भांजी (पुत्री , निवासी सहारनपुर) बचपन से उनके पास रहकर पढ़ाई कर रही है। बुधवार दोपहर करीब 1:10 बजे कशिश अपनी सहेली निशा के साथ आर.के. डिग्री कॉलेज से स्कूटी पर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में झिंझाना क्षेत्र के बानीपुर निवासी अशोक ने चलती स्कूटी के पास आकर कशिश का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। अचानक हुई इस छीना-झपटी से स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और कशिश सड़क पर गिर गई। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता की मौसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अशोक काफी समय से कशिश का पीछा कर रहा था। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी आरोपी ने कशिश को जान से मारने और उसके साथ गलत करने की धमकी दी थी। पीड़ित पक्ष ने मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद में सीसीटीवी फुटेज से मोबाइल चोर की पहचान,VIDEO:लोगों ने खुद पीछा कर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
फिरोजाबाद में कोटला रोड स्थित किशन नगर गली के सामने शुक्रवार को एक मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर से चोरी कर फरार हुए युवक को सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान कर लोगों ने पकड़ लिया। आरोपी को मंडी परिषद क्षेत्र से दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। दुकानदार मोनू कुशवाहा ने बताया कि उनकी दुकान से एक युवक ने मोबाइल चोरी किया था। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज देखने के बाद आरोपी की पहचान हुई, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बताया जाता है कि मोबाइल के मालिक और स्थानीय लोगों ने आरोपी को मंडी परिषद क्षेत्र में देख लिया। उन्होंने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई, और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बिहार शिक्षा विभाग की ओर से पारदर्शी परीक्षा के लाख दावों के बावजूद नालंदा जिले से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। हरनौत बाजार स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रही त्रैमासिक परीक्षा के दौरान छात्रों को मोबाइल से नकल करते देखा गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परीक्षा संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना शिक्षक की निगरानी, खुलेआम नकल का दौर वायरल वीडियो स्कूल परिसर के नवनिर्मित भवन का बताया जा रहा है। वीडियो में कक्षा 10वीं के छात्र परीक्षा हॉल में बैठे नजर आ रहे हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों पर नजर रखने वाला वहां कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं है। छात्र न केवल बिना किसी डर के मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर एक-दूसरे के पास सटकर बैठकर पेपर लिख रहे हैं। परीक्षा की गरिमा को तार-तार करती यह स्थिति वहां मौजूद प्रशासनिक उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग के गलियारे में हड़कंप मच गया है। लोग इस वायरल वीडियो को साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रभारी प्रिंसिपल ने दी सफाई इस पूरे मामले पर जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील कुमार गावस्कर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुझे इस वीडियो के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कृत्य हमारे स्कूल परिसर में हुआ है, तो मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
सीकर में 4 अलग-अलग युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। एक युवती कॉलेज तो दूसरी लाइब्रेरी गई थी। लेकिन दोनों ही वापस नहीं लौटी। जिनका अब मोबाइल भी स्विच ऑफ है। वहीं 2 युवतियां घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। उनका भी कुछ पता नहीं चल पाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है और संभावित स्थानों के साथ CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। कॉलेज गई युवती वापस नहीं लौटी पहले केस में 18 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी 30 जून की सुबह 9 बजे के करीब घर पर बोलकर गई कि वह कॉलेज जा रही है। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी काफी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। लाइब्रेरी गई थी, अब तक घर नहीं आई दूसरे केस में 22 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी 22 साल की बेटी 2 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे लाइब्रेरी जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी। इसके अतिरिक्त सीकर जिले में 21 साल की युवती 2 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। 20 साल की युवती 30 जून की सुबह 11 बजे के करीब घर से बिना बताए कहीं चली गई। फिलहाल सभी मामलों में पुलिस युवतियों की तलाश कर रही है।
गिरिडीह में मतदाता सूची सत्यापन के दौरान एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ कथित मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के हुट्टी बाजार स्थित वार्ड संख्या-25 में हुई। घटना के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में BLO नगर थाना पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा। जानकारी के अनुसार, महिला BLO रूबी प्रवीण गुरुवार को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वार्ड संख्या-25 में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन, मतदाताओं की मैपिंग और आवश्यक दस्तावेजों का मिलान कर रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके कार्य का विरोध किया। रूबी प्रवीण ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद फैयाज, मोहम्मद अज़ाज़ और मोहम्मद इजाज़ ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपितों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग इस घटना के बाद जिले के कई BLO एकजुट होकर शुक्रवार को नगर थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। BLO कर्मियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वे घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर उन्हें विरोध और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया है। पीड़ित महिला BLO रूबी प्रवीण ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि इस कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। रूबी प्रवीण ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो कर्मचारियों के लिए बिना भय के अपना दायित्व निभाना मुश्किल हो जाएगा। BLO संघ ने प्रशासन से मांग की है कि SIR अभियान में लगे सभी कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, महिला कर्मचारी के साथ मारपीट, मोबाइल छीनने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इधर, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर पश्चिम के सरदारपुरा थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी सदर बाजार थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के माल समेत कुल 36 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किया है। मामले का खुलासा करते हुए थाना अधिकारी जयकिशन सोनी ने बताया नागौर जिले के बरणगांव निवासी सुनील (30) वर्तमान में प्रथम बी रोड स्थित श्रीकृष्णा भवन में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई करता है। बीती 27 जून को दोपहर के समय कोई अज्ञात चोर उसके कमरे से 2 मोबाइल फोन ओर 5300 नगद चुराकर ले गया था। घर में चोरी की शिकायत के बाद शुरू की थी जांच पीड़ित ने जब मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो दोपहर करीब 3 बजे चोला-पाजामा पहने एक संदिग्ध व्यक्ति घर में घुसता और चोरी कर बाहर निकलता दिखाई दिया। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 33 मोबाइल चोरी की बात कबूली पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली आसूचना और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गहन पूछताछ में आरोपियों ने सरदारपुरा और आसपास के इलाकों से अलग-अलग समय पर करीब 33 मोबाइल चोरी करने की बात कबूल की है। इसके बाद सैयद यासीन अली उम्र 25 वर्ष, निवासी सोजती गेट के अंदर, थाना सदर बाजार जोधपुर पूर्व ओर मोहम्मद तोसीफ खिलजी 25 वर्ष: निवासी बाबानाडी, थाना प्रतापनगर जोधपुर को गिरफ्तार किया गया। अलग-अलग थानों में 26 केस हैं दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सैयद यासीन अली एक आदतन और शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ साल 2013 से लेकर 2026 तक अलग-अलग थानों सदर बाजार, रातानाडा, शास्त्रीनगर, महामंदिर, देव नगर, खाण्डाफलसा में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के कुल 26 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, वह प्रतापनगर थाने में भी चोरी के एक मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रहलाद, कांस्टेबल मोतीलाल (विशेष भूमिका), कैलाश (विशेष भूमिका), महेन्द्र, संतराम, राजाराम और विष्णुदत्त शामिल रहे।
ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने ग्वालियर के एक कारोबारी से करीब 8.91 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने पहले फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराए, फिर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंच बनाई। इसके बाद तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील फोटो तैयार किए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लगातार रकम वसूलते रहे। पीड़ित की शिकायत पर जनकगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल जनकगंज थाना क्षेत्र के जीवाजीगंज स्थित गेंडे वाली सड़क निवासी 38 वर्षीय शफीक खान पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं। 22 फरवरी को उनके व्हाट्सएप पर दो अज्ञात नंबरों से कॉल आई। कॉल करने वालों ने तत्काल ऑनलाइन लोन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आर्थिक जरूरत होने पर शफीक ने 20 हजार रुपए के लोन के लिए हामी भर दी। 20 हजार की जगह मिले सिर्फ 9 हजार रुपए ठगों ने एक लिंक भेजकर मोबाइल में फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शफीक के खाते में 20 हजार रुपए की बजाय केवल 9 हजार रुपए ही जमा हुए। उन्होंने यह राशि समय पर लौटा भी दी, लेकिन इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार रिकवरी कॉल आने लगी और अतिरिक्त पैसे की मांग की जाने लगी। मोबाइल डेटा चुराकर शुरू की ब्लैकमेलिंग जब शफीक ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो साइबर ठगों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके मोबाइल का पूरा डेटा, फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट उनके पास है। उन्होंने तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील फोटो तैयार किए और उन्हें रिश्तेदारों व परिचितों को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 130 ट्रांजेक्शन में वसूले 8.91 लाख रुपए आरोपियों ने शफीक से कई और फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराए। इन ऐप्स के जरिए कुल 30 से 35 हजार रुपए ही उनके खाते में आए, लेकिन बदले में लाखों रुपए की मांग की जाने लगी। बदनामी के डर से शफीक ने रिश्तेदारों से उधार लिया और अन्य संस्थानों से भी लोन लेकर 1 मार्च से 6 जून के बीच करीब 130 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 8.91 लाख रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए। साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से की शिकायत लगातार ब्लैकमेलिंग और आर्थिक नुकसान से परेशान होकर शफीक ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जनकगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
जयपुर सेंट्रल जेल में टॉयलेट के पास लावारिसपार्सल मिला; 3 मोबाइल और डेटा केबल बरामद
जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बार फिर जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने का मामला सामने आया है। गुरुवार को जेल प्रशासन की सजगता से परिसर में शौचालय के पास से एक लावारिस पार्सल बरामद किया गया। पार्सल को खोलने पर 3 चालू हालत के मोबाइल फोन, डेटा केबल और बीड़ी के बंडल बरामद हुए हैं। घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से लालकोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। बाहरी दीवार के ऊपर से फेंका गया पार्सल शुरुआती जांच और जेल प्रशासन के मुताबिक, इस पार्सल को जेल की मुख्य बाहरी दीवार के ऊपर से अंदर की तरफ फेंका गया था। फेंकने वाले ने इतनी सटीक जगह निशाना लगाया कि पार्सल सीधे शौचालय के पास जाकर गिरा। हालांकि, किसी बंदी के हाथ लगने से पहले ही जेल प्रहरियों की नजर इस पर पड़ गई और इसे तुरंत जब्त कर लिया गया। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर जयपुर के लालकोठी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कारागृह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले; पुलिस अब जेल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि पार्सल फेंकने वाले का सुराग लगाया जा सके। इसके साथ ही, जेल के भीतर यह पार्सल किस कुख्यात अपराधी या बंदी तक पहुंचाया जाना था, इसे लेकर भी खुफिया इनपुट जुटाए जा रहे हैं।
गुरदासपुर के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में मोबाइल टावर से चोरी करने आए चोरों ने हवाई फायरिंग कर दी। चोर 2 दिन बाद दूसरी बार चोरी करने उसी टॉवर पर पहुंचे थे। लेकिन, लोगों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने गोलियां चला दीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दो दिन पहले 24 बैटरियां चुराने वाले चोरों ने उसी टावर से चार और बैटरियां चोरी कर लीं। जानकारी के अनुसार, पहली चोरी की घटना रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे हुई थी। कार सवार चोरों ने एयरटेल कंपनी के मोबाइल टावर का ताला तोड़कर 24 लिथियम बैटरियां चुराई थीं। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। दोबारा उसी टॉवर पर चोरी करने पहुंचे चोर स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली घटना के ठीक दो दिन बाद, वही चोर दोबारा उसी टावर पर पहुंचे। उन्होंने चार और बैटरियां चोरी कीं और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, तड़के करीब साढ़े तीन बजे कुछ किसान खेतों की ओर जा रहे थे, जब उन्होंने संभवतः चोरों की गतिविधि देखी या उन पर टॉर्च की रोशनी डाली। इसके बाद आरोपी मौके से भागते समय तीन हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस से की थी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांगगांव निवासी सतिंदर शील और डॉ. गुरजीत सिंह ने बताया कि पहली चोरी के बाद भी पुलिस से इलाके में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद चोर दोबारा वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। ग्रामीणों ने अब पंचायत के साथ मिलकर रात में पहरा लगाने का निर्णय लिया है और पुलिस से गश्त बढ़ाने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी खुलेआम फायरिंग कर सकते हैं, तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अबोहर में शहर में लगातार बढ़ती जा रही चोरी की वारदातों के बीच बुधवार देर रात पुरानी फाजिल्का रोड पर स्थित एक नामी मोबाइल शॉप को चोरों ने अपना निशाना बनाया। शातिर चोर दुकान का मुख्य शटर और अंदर का सुरक्षा गेट तोड़कर करीब 100 मोबाइल फोन और गल्ले में पड़ी नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। वारदात को छुपाने के मकसद से चोरों ने दुकान के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वरियाम नगर के निवासी और 'दिल्ली मोबाइल शॉप' के संचालक बबलू ने बताया कि वे बुधवार रात करीब 9 बजे अपनी दुकान रोजाना की तरह बंद करके घर गए थे। गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे बाजार के चौकीदार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनकी दुकान का शटर टूटा हुआ है। जब वे तुरंत मौके पर पहुंचे, तो देखा कि चोरों ने लोहे के सब्बल (कटर) से शटर को ऊपर की तरफ मोड़ा हुआ था और अंदर का गेट भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। रिपेयरिंग वाले और कीपैड समेत 100 मोबाइल गायब जब सामान की जांच की गई तो संचालक के होश उड़ गए। चोरों ने ग्राहकों द्वारा रिपेयरिंग (मरम्मत) के लिए छोड़ गए करीब 70 से 80 पुराने स्मार्टफोन। बिक्री और स्टॉक में रखे हुए 10 से 15 नए कीपैड मोबाइल फोन। गल्ले (कैश बॉक्स) को खंगालकर उसमें रखी लगभग 7 हजार रुपये की नकदी। दुकानदार के मुताबिक चोरी हुए मोबाइल फोनों की कुल संख्या लगभग 100 के करीब है। कैमरों को तोड़ा, लेकिन फुटेज में कैद हुए 2 नकाबपोश चोरों ने पकड़े जाने के डर से दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ डाला था, लेकिन डिजिटल रिकॉर्डर (DVR) की शुरुआती जांच में दो नकाबपोश युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर दुकान के अंदर दाखिल होते और चोरी करते हुए दिखाई दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही '112 पुलिस हेल्पलाइन' की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्होंने घटना स्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। व्यापारियों में भारी डर और रोष, गश्त बढ़ाने की मांग अबोहर शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही चोरी की वारदातों के कारण व्यापारी वर्ग में भारी डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। पुलिस प्रशासन को रात के समय बाजारों में पुलिस गश्त (Night Patrolling) को तुरंत बढ़ाना चाहिए और इन चोरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के हुलिये और भागने के रूट का पता लगाने के लिए दुकान के अंदर की आंशिक फुटेज सहित पुरानी फाजिल्का रोड और आस-पास के अन्य प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा।
बलरामपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल से जन्म से दृष्टिबाधित युवक वीरेंद्र चीक को तत्काल सहायता प्रदान की गई। कलेक्टर ने उन्हें स्मार्ट केन स्टिक और दृष्टिबाधितों के लिए विशेष मोबाइल उपलब्ध कराया, जिससे उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो सकेंगी। शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम चांगरो निवासी वीरेंद्र चीक जन्म से दृष्टिबाधित हैं। दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों को लेकर वे जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और आवश्यक सहायता की मांग की। कलेक्टर ने तुरंत उपलब्ध कराए उपकरण कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने वीरेंद्र की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल स्मार्ट केन स्टिक और दृष्टिबाधितों के लिए उपयोगी विशेष मोबाइल उपलब्ध कराया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से दोनों उपकरण वीरेंद्र को सौंपे और भविष्य में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अब मोबाइल ही मेरा साथी है आवश्यक उपकरण मिलने के बाद वीरेंद्र भावुक हो गए। उन्होंने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, अब यह मोबाइल ही मेरा भाई और साथी है। पहले हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मैं खुद फोन कर सकूंगा, डिजिटल भुगतान कर सकूंगा और कई जरूरी काम बिना किसी की मदद के कर पाऊंगा। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहल कलेक्टर ने इस दौरान वीरेंद्र का हालचाल भी जाना और उन्हें आगे भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस पहल को दृष्टिबाधित व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पोर्टल (ehrms.mp.gov.in) या eHRMS मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन अवकाश आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस में eHRMS ऑनलाइन अवकाश प्रणाली शुरू की गई है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब पुलिसकर्मियों के अवकाश ऑनलाइन मंजूर हों सकेंगे। eHRMS के ई-लीव मॉड्यूल का उपयोग वर्तमान में प्रदेश सरकार के केवल कुछ विभागों द्वारा किया जा रहा है, जिनमें पुलिस विभाग सर्वाधिक उपयोग करने वालों के साथ अग्रणी है। इसके अंतर्गत लगभग 1,01,928 अधिकारी एवं कर्मचारी इस सुविधा से जुड़े हैं। पुलिस कर्मियों के सर्विस मैनेजमेंट सिस्टम को पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस बल और सभी पुलिस इकाइयों में 1 जुलाई 2026 से eHRMS (Electronic Human Resource Management System) का ई-लीव मॉड्यूल लागू कर दिया गया है। इसके माध्यम से अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन अवकाश आवेदन, स्वीकृति तथा उसकी अपडेट स्थिति की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे अवकाश की पूरी प्रक्रिया आसान, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो जाएगी। अफसर ऑनलाइन अवकाश की सिफारिश करेंगे, कर्मचारी देख सकेंगे यह मोबाइल एप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। पोर्टल पर हर कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता एवं उपलब्धता का विवरण पहले से दर्ज किया जा चुका है। कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात संबंधित लीव क्लर्क उसे सक्षम स्वीकृतकर्ता अधिकारी को अग्रेषित करेगा। अधिकारी ऑनलाइन ही अनुशंसा एवं स्वीकृति प्रदान करेंगे। कर्मचारी अपनी लॉगिन आईडी पर अपने अवकाश आवेदन की अपडेट स्थिति देख सकेगा। एससीआरबी, कार्मिक शाखा में ट्रायल के बाद प्रदेश भर में लागू ई-लीव मॉड्यूल को विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए इसे शुरुआत में एससीआरबी, कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल तथा 25वीं वाहिनी भोपाल में प्रायोगिक रूप से लागू किया गया था। इन इकाइयों से मिले सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर मॉड्यूल में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद इसे प्रदेश की लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू किया गया है। जुलाई 2025 से ऑनबोर्डिंग कार्य शुरू मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों की पारंपरिक मैनुअल सेवा अभिलेख व्यवस्था को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जुलाई 2025 से eHRMS ऑनबोर्डिंग का कार्य प्रारंभ किया गया था। इस दौरान सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग एवं अनिवार्य सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटलीकरण किया गया। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के माध्यम से एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग कार्य संपन्न किया गया। वर्तमान में लगभग एक लाख पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पर ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। सेवा संबंधी आदेश के लिए ऑर्डर बुक है लागू पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा संबंधी आदेशों को सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 मार्च 2026 से eHRMS का ऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूल भी प्रारंभ किया जा चुका है। इसके माध्यम से सेवा पुस्तिका से संबंधित सभी महत्वपूर्ण आदेश अब eHRMS पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेंगे, जिससे अभिलेखों का संरक्षण एवं उपलब्धता और अधिक मजबूत होगी।
उदयपुर के खेरवाड़ा में दो सगे भाइयों के घर 37 लाख के जेवरात चोरी के मामले में गुरुवार को मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट टीम पहुंची। टीम ने तकनीकी औजारों का प्रयोग करते हुए बारीकी से सबूत जुटाने की कोशिश की। इस दौरान खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट और एएसआई दिग्विजय सिंह जाब्ते के साथ मौजूद थे। वहीं आक्रोशित ग्रामीण जुलूस के रूप में एसडीएम ऑफिस पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। नारेबाजी और प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पड़ोसियों को फोन कर गेट खुलवाया वारदात मंगलवार रात खेरवाड़ा थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में हुई। पुलिस ने बताया था कि तीसरा भाई दीतालाल पटेल सुबह करीब 4 बजे उठे। उन्होंने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो बाहर से कुंडी लगी थी। इससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पड़ोस में फोन करके गेट खुलवाया। दोनों घरों में कमरे के ताले टूटे थे और अंदर सामान बिखरा था। छोटे भाई हीरालाल पटेल के घर से करीब 36 लाख रुपए के जेवरात और एक लाख रुपए चोरी हो गए। वहीं बड़े भाई बंशीलाल पटेल के घर से करीब 600 ग्राम चांदी (कीमत करीब 1 लाख 10 हजार) के जेवरात चोरी हो गए। दोनों पीड़ितों ने इस संबंध में खेरवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है। इनपुट –हितेश जोशी, खेरवाड़ा
पंजाब की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली कपूरथला मॉडर्न जेल से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जेल के अंदर चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान एक हवालाती से दो नामी कंपनियों के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ही एक हेड कांस्टेबल पर हवालाती को मोबाइल फोन मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगा है। जेल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मॉडर्न जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट किरपाल सिंह ने थाना कोतवाली में इस बाबत एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि जेल में आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत बंद हवालाती सिपाहिया उर्फ शाही उर्फ अली (पुत्र मोहम्मद बशीर) की अचानक संदिग्ध गतिविधियों के चलते तलाशी ली गई। इस औचक चेकिंग के दौरान हवालाती के कब्जे से रेडमी (Redmi) और रियलमी (Realme) कंपनी के दो चालू स्मार्टफोन बरामद किए गए। पूछताछ में खुला CRPF हेड कांस्टेबल का नाम जब जेल अधिकारियों ने बैरक में मोबाइल मिलने को लेकर हवालाती सिपाहिया से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। हवालाती ने कबूल किया कि जेल के भीतर ये दोनों एंड्रॉयड स्मार्टफोन उसे किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात CRPF के हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ ने लाकर दिए थे। आरोपी हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के कठुआ का रहने वाला है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच तेज थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार जेल प्रशासन की शिकायत और सहायक सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी हवालाती सिपाहिया और सुरक्षा में तैनात CRPF हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ के खिलाफ जेल मैनुअल के उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और जेल इंटेलिजेंस विंग अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल की तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र को पार करके अंदर कैसे पहुंचे? पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी हेड कांस्टेबल ने इसके बदले कोई मोटी रकम ली थी और क्या जेल के भीतर इस अवैध काम में कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी संलिप्त हैं।
श्योपुर विधायक बाबू जंडेल का आज बुधवार को मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया है। हैकर्स ने उनके नंबर का दुरुपयोग करते हुए परिचितों और समर्थकों को 60 हजार रुपए की आर्थिक मदद मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजे। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई लोगों ने मैसेज की पुष्टि के लिए विधायक से संपर्क किया। विधायक बाबू जंडेल ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। उनके नंबर से भेजे गए सभी मैसेज फर्जी हैं। उन्होंने आम लोगों, समर्थकों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके नंबर से पैसे मांगने वाली कोई कॉल या मैसेज आता है, तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जा रहे नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई विधायक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मोबाइल हैक होने और फर्जी मैसेज भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। साइबर तकनीकी टीम की मदद से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल नंबर कैसे हैक हुआ और इन फर्जी संदेशों को भेजने में कौन लोग शामिल हैं। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में पैसे जमा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। हालांकि, श्योपुर पुलिस की ओर से इन दिनों सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाबजूद विधायक का मोबाइल हैक होना मामले कि गंभीरता को दर्शाता है।
जिले में मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में अब मौके पर होगी खून और गोबर की जांच
जिले के पशुपालकों को अब मवेशियों के खून और गोबर की जांच के लिए पशु चिकित्सालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पशुपालन विभाग ने जिले में संचालित सभी 10 मोबाइल वेटरिनरी यूनिटों को माइक्रोस्कोप उपलब्ध करा दिए हैं। इसके माध्यम से अब पशुपालकों के घर पहुंचने वाली टीम मौके पर ही खून में पैरासाइट और गोबर के नमूनों की जांच कर सकेगी। इससे बीमारियों की जल्द पहचान होने के साथ उपचार भी तुरंत शुरू किया जा सकेगा। अब तक मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में उपचार की सुविधा तो उपलब्ध थी, लेकिन जांच की व्यवस्था नहीं होने से पशुपालकों को नमूने लेकर अस्पताल या लैब जाना पड़ता था। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि सभी यूनिटों को माइक्रोस्कोप उपलब्ध करा दिए गए हैं। आवश्यक प्रशिक्षण और व्यवस्थाएं पूरी होते ही जांच कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की सेवा का लाभ ले सकते हैं। कॉल मिलने के बाद टीम निर्धारित समय में पशुपालकों के घर पहुंचती है। वर्तमान में यह सेवा सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही है। ऑपरेशन और प्लास्टर की भी सुविधा: डॉ. शर्मा ने बताया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में सामान्य उपचार के साथ अधिकांश छोटे-बड़े ऑपरेशन, हड्डी टूटने पर प्लास्टर तथा अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि सीजेरियन, पेट के बड़े ऑपरेशन और सींग से जुड़े कुछ जटिल ऑपरेशन इसमें शामिल नहीं हैं। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, कंपाउंडर और पायलट तैनात हैं तथा 137 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहती हैं।
भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर स्थित आंबेडकर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी किलिंग के एंगल पर है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी है। रिश्तेदारों से 12 घंटे पूछताछ, मोबाइल डेटा की जांच जांच के दौरान पुलिस ने शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कराया गया। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की जांच अभी जारी है। वारदात से पहले किराएदार हुआ लापता पुलिस जांच में एक और अहम तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से करीब चार दिन पहले अचानक लापता हो गया था। उसका सामान अभी भी मकान में रखा हुआ है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मान रही है कि उससे पूछताछ मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सीसीटीवी और ऑनलाइन पेमेंट से मिला अहम सुराग घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में ग्लव्स लगाए दिखाई दिए हैं। पुलिस ने आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसी दौरान एक शराब दुकान की फुटेज मिली, जिसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक शराब खरीदते हुए दिखाई दिया। उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसआईटी कर रही बहुस्तरीय जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में दो एसीपी के अलावा क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों व अन्य संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने बताया जल्द होगा खुलासा एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी देकर हत्या कराए जाने सहित विभिन्न संभावित एंगल पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। एसआईटी कर रही है मामले की जांच पुलिस ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी गठित की है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। यह खबर भी पढ़ें… 5-7 फीट की दूरी से मारी बुजुर्ग दंपती को गोली पति-पत्नी के शव शुक्रवार को मिले थे। भोपाल की सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक की जिंदगी जितनी शांत दिखती थी, उतनी ही रहस्यों से भरी हुई भी थी। 26 जून को जब दोनों के शव घर के भीतर सड़ी-गली हालत में मिले तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पूरी खबर यहां पढ़ें...
नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने राह चलते लोगों को कार में बैठाकर लूटपाट करने और मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है
रायपुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी मामले में उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 10.710 किलोग्राम गांजा और फोन जब्त किया गया है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 5.45 लाख रुपए आंकी गई है। क्राइम ब्रांच, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और गंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गंज थाना क्षेत्र स्थित राजपूताना होटल के सामने हनुमान मंदिर के पास से पकड़ा गया। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि, एक युवक बैग में गांजा लेकर कहीं जाने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच, ANTF और गंज थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान अभिषेक कुमार (19) निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश के रूप में बताई। बैग से मिला 10.71 किलो गांजा पुलिस ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 10.710 किलोग्राम गांजा मिला। साथ ही एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। गांजे और मोबाइल की कुल कीमत करीब 5.45 लाख रुपए बताई गई है। ओडिशा से मेरठ ले जा रहा था गांजा प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से लेकर आया था और उसे उत्तर प्रदेश के मेरठ ले जाने की तैयारी में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपी से फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर पूछताछ की जा रही है। NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज गंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य तस्करों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सरायढेला थाना क्षेत्र के होटल न्यू हरि-इन के कमरा नंबर 103 और 108 में छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 50 हजार रुपये नगद सहित साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के आशीष कुमार, मिथिलेश ठाकुर, मो. आबिद आलम, आशुतोष कुमार आनंद और मनंजर शेर आलम शामिल हैं। धनबाद से रोहित दॉ और महफुज आलम को पकड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा के चन्द्रकांत परिदा और झारखंड के गोड्डा के मो. गुफरान आलम भी गिरफ्तार हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड, दो चेकबुक, एक पासबुक और 50 हजार रुपए नगद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े व्यक्तियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी विभिन्न लोगों के नाम पर खुले बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से संबंधित वित्तीय लेनदेन के लिए करते थे। इस मामले में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अन्य व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए सबूत जुटा रही है।
अमृतसर की केंद्रीय जेल फतेहपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। जेल प्रशासन द्वारा की गई तलाशी के दौरान एक जेल वार्डर के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस मामले में थाना इस्लामाबाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वार्डर से नशा और मोबाइल बरामद पुलिस के अनुसार, केंद्रीय जेल में ड्यूटी के दौरान जेल वार्डर रोबिनप्रीत सिंह की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 79.40 ग्राम अफीम, 41.18 ग्राम काले रंग का नशीला पदार्थ, 93.32 ग्राम सफेद नशीला पाउडर, 215 ग्राम तंबाकू, 205 नशीले पेपर और एक एप्पल कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किया गया। मामले की प्रारंभिक जांच और पूछताछ के दौरान हवालाती राहुल कुमार का नाम भी सामने आया है। पुलिस को शक है कि जेल के अंदर नशा और प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशीला सामान जेल के भीतर किस उद्देश्य से लाया जा रहा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने जांच तेज की थाना इस्लामाबाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जेल के भीतर से नशीले पदार्थों की बरामदगी ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद पूरे मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
ई-रिक्शा चालक को नशीला पदार्थ पिलाकर लूटा:बदमाश ई-रिक्शा, मोबाइल ,नकदी लेकर फरार, अस्पताल में भर्ती
एटा जनपद के पिलुआ कस्बे में एक ई-रिक्शा चालक को अज्ञात व्यक्ति ने नशीला पदार्थ पिलाकर लूट लिया। बदमाश उसका ई-रिक्शा, मोबाइल फोन और ₹5000 नकद लेकर फरार हो गए। पीड़ित को बेहोशी की हालत में मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के सिराँव गांव निवासी राजकुमार उर्फ करुआ (22) पुत्र कमल सिंह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे वह चौथ मिल के पास था। तभी एक अज्ञात व्यक्ति उसके ई-रिक्शा में बैठा और पिलुआ कस्बा छोड़ने की बात कही। आरोपी राजकुमार को पिलुआ कस्बे में अंडरपास के पास ले गया। ग्राम प्रधान प्रदीप शर्मा सिराव के अनुसार, रास्ते में उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे वह बेहोश हो गया। राजकुमार के बेहोश होते ही लुटेरा उसका ई-रिक्शा, मोबाइल फोन और जेब में रखे ₹5000 लेकर फरार हो गया। बुधवार सुबह जब राजकुमार को होश आया, तो वह पैदल ही घर की ओर आ रहा था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। परिवार के सदस्यों ने बुधवार दोपहर 1 बजे राजकुमार को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। थाना पिलुआ प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि राजकुमार उर्फ करुआ बेहोशी की हालत में अंडरपास के पास पड़ा मिला था। परिजनों की सूचना पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्राम प्रधान प्रदीप शर्मा सिराव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़के को पिलुआ से पहले पुल के नीचे अचेत अवस्था में पाया गया था। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और पुलिस को सूचना दे दी गई है।
किशनगंज पुलिस और एसएसबी ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र के मोहमारी खरवार टोला निवासी शाहनवाज हुसैन को 80 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया है। उसके पास से 23 लाख 47 हजार 900 नेपाली रुपये और 30 हजार 550 भारतीय रुपये भी बरामद हुए हैं।पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की। सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती रही तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से छह मोबाइल फोन और एक वजन मशीन भी मिली। बरामद नेपाली मुद्रा की बड़ी मात्रा को देखते हुए जांच एजेंसियां इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जता रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के संपर्क सीमा पार सक्रिय तस्करों से हो सकते हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गईइस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी शाहनवाज हुसैन के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद सामान को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
गोरखपुर रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में बुधवार को एम्स गोरखपुर के संविदा कर्मी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मौके पर सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल का कॉल डिटेल भी निकलवाया जा रहा है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के अनुसार, इंदिरा नगर निवासी 28 वर्षीय शुभम शुक्ला एम्स गोरखपुर में संविदा पर कार्यरत थे। पहले उनकी तैनाती डायरेक्टर कार्यालय में थी, जबकि वर्तमान में वह एम्स परिसर स्थित रैन बसेरा में कार्य कर रहे थे। पिता जनार्दन शुक्ला ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 4 बजे शुभम अपने कमरे से निकलकर मकान की छत पर बने दूसरे रूम में चले गए। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों को संदेह हुआ। नायलॉन की रस्सी के सहारे लटक गया संविदा कर्मी सुबह करीब 5:30 बजे जब परिजन छत वाले रूम में पहुंचे तो शुभम नायलॉन की रस्सी के सहारे फंदे से लटके मिले। आनन-फानन में उन्हें नीचे उतारा गया और घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई। सूचना पर रामगढ़ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक सुनील राय का कहना है कि मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पंचकूला जिले के पिंजौर शहर में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। देर रात पिंजौर की नवांनगर मार्केट में एक दुकान में चोरी की वारदात हुई। दुकान मालिक निशार अहमद ने बताया कि दो चोरों ने उनकी दुकान को निशाना बनाया। वर्मा कॉलोनी मढ़ांवाला निवासी निवार अहमद ने बताया कि उनकी नवांनगर मार्केट में 'अयान कम्युनिकेशन एंड कन्फेक्शनरी' नाम से दुकान है। बीते दिन वह दुकान पर ताला लगाकर अपने कमरे पर चले गए थे। सुबह करीब 6 बजे उनके पड़ोसी दुकानदार ने फोन कर सूचना दी कि दुकान का ताला टूटा हुआ है। ग्रोसरी का सामान और दो मोबाइल फोन चोरी सूचना मिलते ही निशार अहमद तुरंत अपनी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दुकान ताला टूटा हुआ था। उन्होंने तत्काल 112 पर कॉल कर स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। दुकान के अंदर जाकर देखने पर निशार अहमद ने पाया कि दुकान का गल्ला (दराज) टूटा हुआ था और बाहर पड़ा था। चोरों ने दुकान से मोबाइल एसेसरी, ग्रोसरी का सामान और दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दो चोर साफ दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने काफी देर तक चोरी की वारदात को अंजाम दिया। निशार अहमद की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के पिठोरी गांव में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान विजय चौधरी की लगभग 30 वर्षीय पत्नी करीना देवी के रूप में हुई है। पति विजय चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी शादी के बाद किसी दूसरे लड़के से फोन पर बात किया करती थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया और पत्नी को डांटा, तो उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। विजय चौधरी के अनुसार, उनका विवाह 2018 में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। उनके दो बच्चे भी हैं, जिनमें एक लड़का और एक लड़की शामिल हैं। पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया उन्होंने बताया कि पत्नी अक्सर किसी से बात करती थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने मायके वालों को भी इस बारे में बताया था और लोगों ने समझाने की कोशिश भी की थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेजा गया, जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी से पहले लड़की किसी से बातचीत करती थी पति ने यह भी बताया कि एक साल पहले भी पत्नी के खिलाफ थाने में शिकायत की थी, तब दोनों के बीच समझौता हो गया था। पत्नी ने वादा किया था कि वह ऐसा दोबारा नहीं करेगी। अकबरपुर थाना प्रभारी रुपेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मोबाइल के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतका के मायके वालों ने पति पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया है। मृतका की मां ने बताया कि शादी से पहले लड़की किसी से बातचीत करती थी, लेकिन शादी के बाद उसने ऐसी बातचीत न करने की बात कही थी।
WhatsApp पर बिना मोबाइल नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है नया Username फीचर, जानिए कैसे करेगा काम
अगर आप किसी नए व्यक्ति से WhatsApp पर बात करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते तो जल्द ही यह संभव होगा। WhatsApp एक नया Username फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना फोन नंबर बताए भी बातचीत शुरू कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी ...
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दिव्यांग फेरीवाले से 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया गया। यह घटना नावाबांध और बमकाली के बीच एक सुनसान सड़क पर शाम करीब छह बजे हुई। बाइक सवार दो बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और कर्मटांड की ओर फरार हो गए। पीड़ित की पहचान बांका जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव निवासी विवेक कुमार मंडल के रूप में हुई है। विवेक एक तीन पहिया वाहन से गांव-गांव घूमकर सामान बेचते हैं। मंगलवार को भी वह फेरी करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बदमाशों ने रास्ता रोककर छीना पैसा नावाबांध-बमकाली के बीच दो बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। बदमाशों ने उनसे 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने विवेक को धमकाया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इलाका सुनसान होने से क्राइम बढ़ा स्थानीय लोगों के अनुसार, नावाबांध-बमकाली का इलाका सुनसान है, जिसके कारण यहां पहले भी कई बार छीनतई और लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर पुलिस गश्ती पर्याप्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में कुक से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के बाद पहली बार IPL क्रिकेटर शशांक सिंह सामने आए हैं। उन्होंने अपने और परिवार पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक को न तो बंधक बनाया गया न उसका मोबाइल छीना गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई। शशांक का दावा है कि युवक कुक बनकर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना ही नहीं आता था। वह घर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फोटो और वीडियो बना रहा था, जिससे परिवार को चोरी की आशंका हुई। भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज FIR के बाद मीडिया से बातचीत में शशांक ने कहा कि यह पूरा मामला उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को बुला लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। 'दो दिन के लिए आया था, किसी को बंधक क्यों बनाएंगे' शशांक ने कहा, वह सिर्फ दो दिन के लिए आया था। ऐसे में किसी को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। वह यहां आराम से रह रहा था, खाना खा रहा था, वीडियो और फोटो बना रहा था। उनके मुताबिक युवक ने खुद को कुक बताया था, लेकिन वह खाना बनाने में सक्षम नहीं था। अगर कोई बावर्ची बनकर आया है तो उसे घर के मालिक के कमरे में जाकर निजी सामान की फोटो और वीडियो लेने की क्या जरूरत है? 'घर की प्राइवेट तस्वीरें थीं, इसलिए डिलीट कराईं' मोबाइल छीनने के आरोप पर शशांक ने कहा कि युवक का फोन नहीं छीना गया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल में घर के निजी हिस्सों और सामान की तस्वीरें एवं वीडियो थे, जिन्हें उनकी मां ने डिलीट करवाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने युवक का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह अपने मोबाइल से किसी को कॉल करने की कोशिश कर रहा है। शशांक ने कहा, अगर मोबाइल हमारे पास होता तो वह कॉल कैसे करता? 'चोरी का शक था, एक चांदी के गणपति भी नहीं मिल रहे' शशांक ने कहा कि परिवार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। उनके मुताबिक, अब तक की जांच में घर से कोई बड़ी चोरी सामने नहीं आई है, लेकिन चांदी के गणपति की एक प्रतिमा नहीं मिल रही है। परिवार अभी भी घर का सामान जांच रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है युवक चोरी के इरादे से आया था, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। 'बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने को कहा, मैंने जाने दिया' क्रिकेटर ने बताया कि जब युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उनकी बहन ने पुलिस बुलाने की सलाह दी थी। हालांकि युवक ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए खुद को गरीब बताया और जाने देने की गुहार लगाई। शशांक ने कहा, मैं भावुक हो गया और मैंने ही कहा कि उसे जाने दो। अब महसूस होता है कि वहीं पुलिस कार्रवाई कर लेनी चाहिए थी। यह हमारी सबसे बड़ी गलती थी। 'बाद में बैकग्राउंड चेक कराया, नशे की जानकारी मिली' शशांक के अनुसार युवक उनके पिता के परिचित के जरिए रीवा से आया था। परिवार ने भरोसे के आधार पर उसे काम पर रख लिया था। उन्होंने कहा कि बाद में बैकग्राउंड की जांच कराई गई, जिसमें उसके नशा करने संबंधी जानकारी मिली। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इसकी जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं। 'मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही' मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को नकारते हुए शशांक ने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके स्वभाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा, हाथापाई तो बहुत दूर की बात है, मैं किसी से गाली-गलौज भी नहीं करता। हो सकता है काम नहीं मिलने या किसी अन्य वजह से मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही हो। मामला क्या है? रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें कुक के रूप में भोपाल बुलाया गया था। खाना पसंद नहीं आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में मारपीट की गई। उनकी शिकायत पर रातीबड़ थाना पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। फिलहाल शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़ें IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में शैलेष सिंह का कहना है कि वह बदतमीजी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में एक मोबाइल टावर से 24 बैटरी चोरी हो गईं। चोर कार में आए थे और उन्होंने इस वारदात को महज आधे घंटे में अंजाम दिया। चोरी हुई बैटरियों की कीमत करीब साढ़े 3 लाख रुपए बताई जा रही है। यह घटना देर रात करीब 1:28 बजे हुई, जब चोरों ने मोबाइल टावर के गेट की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पास की एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरों की कार कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार, चोर रात 1:28 बजे टावर के सामने अपनी कार रोकते हैं और 1:59 बजे उसी रास्ते से वापस लौट जाते हैं। चोरों ने बैटरी खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ औजार भी टावर में छोड़ दिए। तेल भरवाने आए कर्मचारी को पता चला मोबाइल टावर के कर्मचारी सतीश कुमार शर्मा को सुबह टावर में तेल भरवाने आने पर चोरी का पता चला। उन्होंने बताया कि चोरों ने 24 बैटरी चुराई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग साढ़े 3 लाख रुपए है। घटना की जानकारी टावर के अधिकारियों को दे दी गई है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। टावर के पास के दुकानदार सतिंदर शील शर्मा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह इलाका स्कूल और रिहायशी क्षेत्र के पास है। अगर चोर ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में चोरी कर सकते हैं, तो रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पर सवाल उठता है। उन्होंने पुलिस से इलाके में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कटिहार नगर निगम ने मंगलवार को शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान चलाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में चलाए गए इस अभियान के तहत, गठित मोबाइल कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलाने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कुल 37,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगर आयुक्त संतोष कुमार और उनकी टीम ने डॉ. राजेंद्र पथ स्थित बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, दुकानदारों, व्यवसायियों और मॉल संचालकों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें नियमों का पालन करने के लिए जागरूक और प्रेरित किया गया। 4 प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई नगर निगम टीम ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चार प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई। अधिकारियों ने बताया कि गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और ई-वेस्ट का पृथक्करण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई। 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला नगर आयुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मोबाइल कोर्ट का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर कचरा फेंकने, खुले में कचरा जलाने और कचरा पृथक्करण न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने पुष्टि की कि मंगलवार के अभियान में 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे घर के कचरे को अलग-अलग कर निगम की गाड़ी में ही दें। शहर को साफ और स्वस्थ बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया। इस अभियान में नगर प्रबंधक, स्वच्छता निरीक्षक और प्रवर्तन दल के सदस्य भी मौजूद थे।
करौली जिले की कुड़गांव थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न मामलों में पांच प्रकरण दर्ज हैं। एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देश पर कुड़गांव थाना पुलिस गश्त कर रही थी। गांव खिरखिड़ा के हार क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति पुलिस वाहन को देखकर भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बरामद हुई स्मैकपूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी लेने पर उसके पास से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। मादक पदार्थ रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं मिलने पर पुलिस ने स्मैक और मोबाइल जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खिरखिड़ा निवासी रघुवीर उर्फ भगत (60) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए है। आरोपी के विरुद्ध पहले से भी विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े सहित 5 मामले दर्ज हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी के आसपास अकेले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद लूटा गया सामान बेचकर नशे की लत पूरी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुनिया (23) पुत्र प्रभु निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 और रोहित उर्फ अंड्डा (21) पुत्र यशबीर सिंह निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि वारदात के दौरान मुनिया मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और उसी ने मोबाइल छीना था, जबकि रोहित बाइक चला रहा था। हिमाचल जाने के दौरान बनाया निशाना डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि इस संबंध में 29 जून 2026 को सेक्टर-36 थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) ने बताया कि वह 28 जून को महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां से उसे हिमाचल प्रदेश जाने के लिए सेक्टर-43 बस स्टैंड जाना था। रात करीब 9 बजे वह पैदल सेक्टर-42 स्थित शराब के ठेके के पास से सेक्टर-42/43 के छोटे चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार 2 युवक उसके पास आए। पीछे बैठे युवक ने उसके हाथ से ओप्पो A15 मोबाइल झपट लिया। मोबाइल के कवर में उसका आधार कार्ड भी रखा हुआ था। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सेक्टर-42 झील के पास गिरफ्तार मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी सेक्टर-42 झील के पास लूटा गया मोबाइल बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे स्नैचिंग पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का ओप्पो A15 मोबाइल, आधार कार्ड तथा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (सीएच-01-सीवाई-4087) बरामद कर ली है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और सेक्टर-43 बस स्टैंड के आसपास अकेले यात्रियों की रेकी करते थे। सुनसान स्थान मिलने पर वे मोबाइल या अन्य कीमती सामान झपट लेते थे। बाद में चोरी का सामान बेचकर उससे मिले पैसों से नशा करते थे। मुनिया करता है मजदूरी मुनिया 9वीं तक पढ़ा है और दिहाड़ी मजदूरी करता है। वह अपने माता-पिता, भाई और बहन के साथ रहता है। वहीं, रोहित उर्फ अंड्डा 8वीं तक पढ़ा है और सेक्टर-22 स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम करता है। वह अपने माता-पिता और भाई के साथ रहता है।
कोरबा के सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र से गुपचुप व्यवसायी धर्मेंद्र जायसवाल (30) पिछले चार दिनों से लापता हैं। 26 जून की सुबह घर से निकलने के बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। धर्मेंद्र के भाई उमेश कुमार जायसवाल ने पुलिस को बताया कि धर्मेंद्र रोज की तरह 26 जून की सुबह करीब 5:30 बजे लालघाट जाने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। हर जगह तलाश, नहीं मिला कोई सुराग परिजनों ने रिश्तेदारों, परिचितों, आसपास के इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में भी उनकी तलाश की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद सिविल लाइन रामपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दो बच्चों के पिता, गुपचुप का करते हैं व्यवसाय धर्मेंद्र जायसवाल की उम्र 30 वर्ष है। उनका कद लगभग 5 फीट 3 इंच, रंग सांवला है। लापता होने के समय उन्होंने नीले रंग की शर्ट और काला लोवर पहन रखा था। पहले वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वाहन स्टैंड में काम करते थे। बाद में रामपुर मुख्य मार्ग पर गुपचुप का व्यवसाय शुरू किया। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। पुलिस कर रही जांच सिविल लाइन रामपुर थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अन्य थानों को भी सूचना भेजी गई है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को धर्मेंद्र जायसवाल के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल सिविल लाइन रामपुर थाना या डायल 112 पर सूचना दें।
बिलासपुर में लोगों की निजी जानकारियों और मोबाइल नंबरों का सौदा कर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और घर-घर संपर्क कर करीब एक लाख लोगों का पर्सनल डेटा जुटाकर उसे महज 5 हजार रुपए में बेच दिया गया। जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए करने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में संचालित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेज सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस लाइन निवासी रविकांत दुबे ने थाना सिविल लाइन में एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में संचालित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस के कर्मचारी विभिन्न लोगों को फोन कर लोन दिलाने का झांसा दे रहे हैं और उनके मोबाइल नंबर अवैध तरीके से हासिल किए गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते मामले की जांच शुरू की गई। जानकारी यह भी मिल रही कि, लोन ऑफर का कॉल बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग तक भी पहुंचा था। जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। साथ ही खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग की, तब जाकर इस डेटा चोरी का खुलासा हो सका। जांच में खुलासा: 5 हजार में खरीदा डेटा, चैनल में चलता है नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका उषा कश्यप, निवासी कोनारगढ़ थाना मुलमुला, पिछले करीब एक साल से अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में कार्यालय संचालित कर रही थी। यहां से लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन और वाहन लोन दिलाने के नाम पर लगातार कॉल किए जा रहे थे। पूछताछ में उषा कश्यप ने पुलिस को बताया कि उसने करीब एक लाख मोबाइल नंबरों का डेटा अमन राठौर नामक युवक से पांच हजार रुपए में खरीदा था। इसके बाद जब पुलिस ने अमन राठौर से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। अमन ने बताया कि उसे यह डेटा शेख जुनैद खान उपलब्ध कराता था। घर-घर जाकर जुटाए जाते थे मोबाइल नंबर पुलिस जांच के दौरान शेख जुनैद खान ने बताया कि वह घर-घर जाकर लोगों से रियल एस्टेट में काम करने के नाम पर संपर्क करता था और उनसे मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी हासिल करता था। इसके अलावा सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और अन्य स्रोतों से भी लोगों के मोबाइल नंबर एकत्र किए जाते थे। इसके बाद इन नंबरों का डेटाबेस तैयार कर उसे आगे बेचा जाता था। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित डेटा कलेक्शन और बिक्री का मामला हो सकता है, जिसकी जांच अभी जारी है। निजी जानकारी का किया जा रहा था व्यावसायिक उपयोग जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा लोगों की निजी जानकारी, जैसे मोबाइल नंबर, नाम और पते का उपयोग उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन नंबरों का उपयोग केवल लोन कॉल के लिए किया गया या फिर किसी अन्य प्रकार की साइबर ठगी में भी इनका इस्तेमाल हुआ। ऐसे काम करता था पूरा नेटवर्क पुलिस के अनुसार शहर में पर्सनल, होम, बिजनेस और वाहन लोन दिलाने के नाम पर कार्यालय चल रहा था। शेख जुनैद खान (30) निवासी सीपत घर-घर जाकर रियल एस्टेट संबंधी जानकारी के बहाने लोगों से संपर्क करता था और उनके मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके अलावा उसने सरकारी विभागों और ऑनलाइन डायरेक्टरी से भी बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां एकत्र की थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि अमन राठौर (23) ने करीब एक लाख लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों का यह गोपनीय डेटा उषा कश्यप को महज 5 हजार रुपए में बेच दिया था। इसके बाद इस डेटा का उपयोग कर लोगों को कॉल किए जाते थे और विभिन्न प्रकार के लोन दिलाने का प्रलोभन देकर अवैध लाभ कमाया जा रहा था। 5 हजार रुपए में खरीदा गया था 1 लाख लोगों का डेटा जांच में खुलासा हुआ है कि करीब एक लाख लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर का डेटा महज 5 हजार रुपए में बेचा गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि डेटा किन-किन स्रोतों से जुटाया गया और इसका इस्तेमाल कितने लोगों से संपर्क करने में किया गया। और भी बड़े नेटवर्क की आशंका पुलिस को आशंका है कि मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। यह भी जांच की जा रही है कि प्रदेश के अन्य जिलों या राज्यों में भी इस प्रकार का डेटा बेचा गया है या नहीं। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। लोगों के लिए जागरूकता संदेश पुलिस अफसरों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति, संस्था या कंपनी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता या ओटीपी साझा न करें। यदि कोई संस्था लोन, इनाम या अन्य प्रलोभन देकर निजी जानकारी मांगती है, तो उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। संदिग्ध कॉल या साइबर धोखाधड़ी की शिकायत तत्काल नजदीकी थाने अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें।
शाजापुर पुलिस की साइबर टीम और जिला पुलिस थानों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर 179 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। बरामद किए गए इन सभी फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपए है। सीईआईआर पोर्टल की मदद से मिले फोन पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने बताया कि इस अभियान के तहत 117 मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से ट्रेस किए गए। इसके अलावा 62 मोबाइल जिले के विभिन्न थानों के प्रयासों से बरामद हुए। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए इन मोबाइलों को अलग-अलग जिलों और राज्यों से ढूंढ निकाला। 24 घंटे में ढूंढ निकाला 45 हजार का आईफोन इस अभियान के दौरान शुजालपुर थाना क्षेत्र में 21 जून को गुम हुआ एक आईफोन 13 (iPhone 13) भी बरामद किया गया। करीब 45 हजार रुपए कीमत के इस फोन को साइबर टीम और थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ट्रेस कर आवेदक को वापस लौटा दिया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया। साइबर ठगी से बचने के लिए 'सेफ क्लिक 2.0' की शुरूआत एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराएं। उन्होंने किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में देने को कहा। साथ ही सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत संदिग्ध लिंक, कॉल, ओटीपी और मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी।
रोहतक जिले के गांव बोहर के रहने वाले भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल का मोबाइल फोन हैक हो गया है। सतीश नांदल ने एक पोस्ट डालते हुए कहा कि उनके नंबर से संदिग्ध संदेश मिले, तो उनकी तरफ ध्यान ना दें। किसी ने उनके फोन को हैक कर लिया है, जिसकी शिकायत भी पुलिस को दी गई है। सतीश नांदल का फोन नंबर 9416053181 हैक हुआ है, जिसका हैक करने वाले आरोपियों की तरफ से गलत प्रयोग किया जा सकता है। सतीश नांदल के इस नंबर से आने वाले किसी भी कॉल, वॉट्सएप संदेश, लिंक, OTP या पैसे से संबंधित किसी भी अनुरोध पर बिल्कुल भी भरोसा न करें और न ही कोई जानकारी साझा करें। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल सतीश नांदल भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष है, जिन्होंने 2019 में चुनाव के दौरान इनेलो पार्टी को छोड़कर भाजपा में आस्था जगाई थी। भाजपा में शामिल होने के साथ ही 2019 में भाजपा की टिकट पर गढ़ी सांपला किलोई से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा के सामने चुनाव हार गए थे। 2024 में चुनाव लड़ने से किया इनकार सतीश नांदल को भाजपा 2024 में भी विधानसभा टिकट दे रही थी, लेकिन सतीश नांदल ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिला परिषद की चेयरमैन मंजू हुड्डा को टिकट दी गई। सतीश नांदल ने मार्च 2026 में राज्यसभा की सीट पर चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार भी हार का सामना करना पड़ा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि अब उनका ज्यादा समय बच्चों को पढ़ाने में नहीं, बल्कि मोबाइल ऐप और ऑनलाइन काम करने में निकल रहा है। पढ़ाई के अलावा उन्हें मिड-डे मील, किताब और साइकिल वितरण, सर्वे, चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य और साक्षरता अभियान जैसे कई काम भी करने पड़ते हैं। इसके साथ ही 27 अलग-अलग मोबाइल ऐप और पोर्टल पर रोज जानकारी भी भरनी होती है। हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी कर्मचारियों के लिए आई-जीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक संघ बोला- हमें डेटा एंट्री का काम कराया जा रहा छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षक का काम बच्चों को पढ़ाना है, लेकिन उन्हें अलग-अलग विभागों के ऑनलाइन कामों में लगा दिया गया है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का समय कम हो रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर नया ऐप डाउनलोड करने का आदेश दे देता है। कई बार तय समय में काम पूरा नहीं करने पर वेतन रोकने जैसी चेतावनी भी दी जाती है। इससे शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल पर जानकारी भरने में ज्यादा समय दे रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर शिक्षकों का कहना है कि हर दिन अलग-अलग ऐप और पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी पड़ती है। इसमें काफी समय लग जाता है। उनका कहना है कि अगर गैर-शैक्षणिक काम कम किए जाएं तो वे बच्चों को ज्यादा समय दे पाएंगे। 27 ऐप और पोर्टल पर करना पड़ता है काम शिक्षकों के अनुसार उन्हें ई जादुई पिटारा, वोटर हेल्पलाइन, बीएलओ ऐप, आयुष्मान ऐप, दीक्षा, सीजी एमडीएम, सीजी वीएसके, आई-जीओटी कर्मयोगी, उल्लास, टीबीसी बुक स्कैन, समग्र शिक्षा, एसएचवीआर, जीपी ऐप, पढ़ई तुंहर द्वार, टेलीप्रैक्टिस, शाला कोष, सुगम संदेश, चॉकलिट, जेडआईआईईआई, निष्ठा, रीड अलॉन्ग, विनोबा, सीजी स्कूल डॉट इन और एचएलओ समेत कुल 27 ऐप और पोर्टल पर काम करना पड़ता है।
पलवल जिले के भिडूकी गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर घर से बुलाकर लाठी-डंडों, चाकू और अवैध हथियारों से हमला किया गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। होडल थाना पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी सुंदरपाल के अनुसार, भिडूकी गांव निवासी लेखराज ने शिकायत में बताया कि वह देर शाम अपने परिवार के साथ घर पर खाना खा रहा था। इसी दौरान उसके बेटे विपिन के मोबाइल पर सुशील और मोहित का फोन आया। आरोपियों ने विपिन को जरूरी काम का हवाला देकर घर से बुलाया। इसके बाद विपिन चौराहे की तरफ चला गया। हमलावरों ने पहले से बनाई योजना आरोपियों ने पहले से ही विपिन पर हमले की योजना बना रखी थी। चौराहे पर भिडूकी गांव निवासी सुशील, मोहित, अजय, छांयसा गांव निवासी धर्मेन्द्र, होडल निवासी प्रशांत और उनके साथ कुछ अन्य लोग हाथों में लाठी-डंडे, चाकू और अवैध देशी कट्टा लेकर बैठे हुए थे। विपिन के पहुंचते ही सभी आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों व लात-घूसों से मारपीट शुरू कर दी। झगड़े में विपिन लहूलुहान हो गया और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपियों ने विपिन पर कट्टा तानकर उसे जान से मारने की कोशिश की। हालांकि, भीड़ बढ़ती देख वे सभी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग खड़े हुए। इलाज कराकर थाने पहुंचा युवक घायल विपिन का अस्पताल में इलाज कराने के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा। होडल थाना पुलिस ने इस संबंध में पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोटा में देर रात 2-3 बाइक पर सवार होकर आए 5-6 बदमाशों ने नशे की हालत में जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने कई मकानों और घरों के बाहर खड़ी कारों और बाइकों में लाठी-डंडों, सरियों और पत्थरों से जमकर तोड़फोड़ की। वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पूरी घटना का वीडियो कॉलोनी के एक युवक ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। वारदात बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के आदर्श विहार कॉलोनी में सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे की है। सूचना के बाद मौके पर बोरखेड़ा थाना पुलिस के पहुंचने से पहले ही बदमाश वहां से भाग गए। फिलहाल कॉलोनीवासियों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। हालांकि, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पहले देखिए, वारदात से जुड़ी 2 PHOTO'S बदमाशों ने कॉलोनी में जमकर मचाया उत्पात एसआई ज्योति मौर्य ने बताया कि देर रात बाइक और अन्य वाहनों से आए बदमाशों ने कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मौके से मिले वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। कार्तिक सिंह नाम के युवक से था पुराना विवाद मौके पर पहुंचे एएसआई लतीफ मोहम्मद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाश नशे की हालत में थे। उनका किसी कार्तिक सिंह नाम के युवक से पुराना विवाद था और उसी के साथ मारपीट करने के इरादे से इलाके में पहुंचे थे। जब पुलिस को सूचना मिली और टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी वहां से भाग निकले। भागते समय उन्होंने दूसरी कॉलोनी में भी जमकर तोड़फोड़ की और पत्थरों-सरियों से मकानों के कांच, कारों और बाइकों को नुकसान पहुंचाया। पीड़ितों की ओर से पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है।
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक महिला और युवक के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हो गया। घटना सरई रेलवे गेट के पास की बताई जा रही है। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, विवाद की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। मोबाइल को लेकर हुई बहस वायरल वीडियो में एक युवक मोटरसाइकिल पर बैठा दिखाई दे रहा है। इसी दौरान एक महिला वहां पहुंचती है और कथित तौर पर उसका मोबाइल अपने पास रख लेती है। वीडियो में युवक महिला से लगातार मोबाइल वापस करने की बात कहता नजर आता है। जब महिला मोबाइल नहीं लौटाती, तो युवक उसे वापस लेने की कोशिश करता है। इसी दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हो जाती है। मौके पर लगी लोगों की भीड़ घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। हालांकि, महिला के शामिल होने के कारण कई लोग सीधे हस्तक्षेप करने से बचते रहे। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायत का इंतजार कर रही पुलिस फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और मोबाइल को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या स्थिति थी। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने सरई थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सरई थाना प्रभारी राकेश साहू ने बताया कि घटना का वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। अभी तक किसी भी पक्ष से आवेदन नहीं मिला है। शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
ZIP फाइल खोलते ही मोबाइल हो रहा हैक:CEO बनकर भेज रहे मैसेज, 30 महीनों में 791 करोड़ की साइबर ठगी
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अब नया तरीका अपना रहे हैं, जिसे ‘बॉस ZIP फ्रॉड’ या CEO इम्पर्सनेशन स्कैम कहा जा रहा है। इसमें ठग किसी कंपनी के बड़े अधिकारी जैसे सीईओ या डायरेक्टर बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या ई-मेल पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज के साथ एक ZIP फाइल भेजी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और साइबर ठग फोन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं। गृह मंत्रालय ने लोगों को इस तरह की ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि ठग पिछले 30 महीने में छत्तीसगढ़ में 791 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। ZIP फाइल के जरिए भेजते हैं वायरस केंद्र सरकार के अलर्ट और साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, इस तरह की ठगी में अपराधी कर्मचारियों पर तुरंत काम करने का दबाव बनाते हैं। वे कभी “सिक्योरिटी अपडेट”, कभी जरूरी दस्तावेज या फिर तुरंत पैसे भेजने का बहाना बनाकर ZIP फाइल खोलने को कहते हैं। इस फाइल के अंदर मौजूद EXE या DLL फाइल जैसे ही डाउनलोड होती है, मोबाइल संक्रमित हो जाता है और हैक हो सकता है। इसके बाद ठग बैंकिंग ऐप, ओटीपी और दूसरी जरूरी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में अपराधी मोबाइल हैक करने के बाद असली बॉस या अधिकारी का नंबर हटाकर अपना नंबर सेव कर लेते हैं। ऐसे में कर्मचारी को पता ही नहीं चलता कि वह ठग से बात कर रहा है। फिर फर्जी आदेश देकर कंपनी या कर्मचारी से पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते हैं। एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है कि अगर किसी अधिकारी के नाम से कोई संदिग्ध मैसेज या ZIP फाइल आए, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी भुगतान या जरूरी निर्देश को मानने से पहले फोन, वीडियो कॉल या सीधे संपर्क करके उसकी पुष्टि करें। व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन और अन्य सुरक्षा फीचर जरूर एक्टिव रखें ताकि अकाउंट सुरक्षित रहे। किसी भी अनजान ZIP, EXE या DLL फाइल को डाउनलोड या ओपन करने से बचें। अगर कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। साइबर ठगी के पैटर्न और बचाव के तरीके पुलिस की कार्रवाई, लेकिन चुनौती बड़ी रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इन खातों के जरिए देशभर में करीब 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने ऐसे गिरोह का भी खुलासा किया, जो अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगता था। इस गिरोह ने दो साल में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की। साइबर अपराधियों के बैंक खातों को लगातार फ्रीज किया जा रहा है। साथ ह, समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों के पैसे रोकने की कोशिश भी की जा रही है। हालांकि मामलों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों की जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। साइबर ठगी होने पर तुरंत ये करें
साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए अब नया तरीका अपनाया है। इसे 'बॉस ZIP फ्रॉड' या CEO इम्पर्सनेशन स्कैम कहा जा रहा है। इस फ्रॉड में ठग किसी कंपनी के सीईओ, डायरेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या ई-मेल पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज के साथ एक ZIP फाइल भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता है और साइबर ठग डिवाइस का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इस ठगी को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला केंद्र से जारी अलर्ट और साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठग कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाते हैं। कभी सिक्योरिटी अपडेट, कभी जरूरी दस्तावेज तो कभी तत्काल भुगतान का बहाना बनाकर ZIP फाइल खोलने के लिए कहा जाता है। इस फाइल के अंदर मौजूद EXE या DLL फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल संक्रमित हो जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल में मौजूद बैंकिंग एप, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बना लेते हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में साइबर अपराधी मोबाइल हैक करने के बाद असली बॉस या अधिकारी का नंबर हटाकर उसकी जगह अपना नंबर सेव कर देते हैं। कर्मचारी को यह पता ही नहीं चलता कि वह ठग से बातचीत कर रहा है। इसके बाद फर्जी निर्देश देकर कंपनी या कर्मचारी से रकम ट्रांसफर करा ली जाती है। अब पढ़े एक्सपर्ट ने क्या सलाह दी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अधिकारी के नाम से आए संदिग्ध मैसेज या ZIP फाइल पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी भुगतान या जरूरी निर्देश का पालन करने से पहले संबंधित अधिकारी से फोन, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि अवश्य करें। व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन और अन्य सुरक्षा फीचर सक्रिय रखें। किसी अनजान ZIP, EXE या DLL फाइल को डाउनलोड करने से बचें। यदि ऐसी ठगी का शिकार हों तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पढ़े साइबर ठगी के पैटर्न और बचाव के तरीके पुलिस की कार्रवाई, लेकिन चुनौती बड़ी रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इनके खातों के जरिए देशभर में 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया, जिसने दो साल में 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की थी। साइबर अपराधियों के खातों को लगातार फ्रीज कराया जा रहा है और समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों की राशि भी रोकी जा रही है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। साइबर ठगी होने पर तुरंत ये करें
अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्वेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके इलाके में उपलब्ध होगा, तब वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। वॉट्सएप सीआओ कुणाल शाह ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने फीचर सार्वजनिक होने से पहले ही अपना यूजरनेम रिजर्व कर लिया है। उन्होंने लोगों से भी जल्द अपना पसंदीदा यूजरनेम लेने की अपील की। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवालों के जवाब ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

