अगर आप भी रेलवे स्टेशन की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल से जनरल टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे प्रशासन ने ऑनलाइन अनरिजर्व्ड (जनरल) टिकट बुकिंग की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू होने जा रहा है। अब यदि आप रेलवे के नए आधिकारिक 'रेलवन ऐप' (RailOne App) का उपयोग करके जनरल टिकट बुक करते हैं, तो टिकट बुक करते समय आपको अपने फोटोयुक्त पहचान पत्र (ID Proof) की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।क्या है नया नियम और किस पर होगा लागू?केवल ऑनलाइन बुकिंग के लिए: रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिर्फ उन्हीं यात्रियों पर लागू होगा जो मोबाइल में 'रेलवन ऐप' के माध्यम से डिजिटल जनरल टिकट बुक करेंगे।काउंटर टिकट पर छूट: यदि आप हमेशा की तरह रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर (खिड़की) पर जाकर नकद भुगतान करके सामान्य टिकट खरीदते हैं, तो वहां आपको किसी भी प्रकार का आईडी प्रूफ देने की आवश्यकता नहीं होगी। वह प्रक्रिया पहले की तरह ही सामान्य रहेगी।ओरिजिनल ID साथ रखना जरूरी: ऑनलाइन टिकट बुक करने के बाद, सफर के दौरान आपको वही मूल पहचान पत्र (जैसे- वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) अपने साथ भौतिक रूप से रखना होगा, जिसकी जानकारी आपने ऐप में टिकट बुक करते समय दर्ज की थी।स्क्रीनशॉट और वॉट्सऐप टिकट का खेल खत्म, लगेगा जुर्मानाअक्सर यात्री अपने मोबाइल से जनरल टिकट बुक करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट ले लेते थे या फिर वॉट्सऐप के जरिए उसकी फोटो दूसरे सह-यात्री के मोबाइल पर भेज देते थे। रेलवे ने नए नियम के तहत इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब डिजिटल टिकट केवल उसी मोबाइल नंबर और डिवाइस पर वैध (Valid) माना जाएगा, जिससे लॉगिन करके उसे बुक किया गया है। ट्रेन में चेकिंग के दौरान टीटीई (TTE) को 'रेलवन ऐप' के अंदर ही एक्टिव टिकट दिखाना होगा। स्क्रीनशॉट या वॉट्सऐप इमेज दिखाने पर आपको बिना टिकट (Without Ticket) माना जाएगा और नियमानुसार भारी जुर्माना वसूला जाएगा।'रेलवन ऐप' से जनरल टिकट बुक करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइडनए नियमों के अंतर्गत टिकट बुक करने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से अपनी टिकट सुरक्षित कर सकते हैं:स्टेप 1 (ऐप डाउनलोड और लॉगिन): सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से नया 'रेलवन ऐप' डाउनलोड करें। इसके बाद अपने एक्टिव मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें और लॉगिन करें।स्टेप 2 (यात्रा का विवरण भरें): ऐप के होम पेज पर दिए गए 'बुक टिकट' या 'जनरल टिकट' के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपने प्रस्थान स्टेशन (Source) और गंतव्य स्टेशन (Destination) का नाम दर्ज करें।स्टेप 3 (यात्रियों की संख्या): आपको जितने यात्रियों के लिए टिकट चाहिए, उनकी सही संख्या चुनें।स्टेप 4 (पहचान पत्र की जानकारी): अब स्क्रीन पर पहचान पत्र का ड्रॉपडाउन विकल्प दिखाई देगा। यहां आपको अपने फोटोयुक्त पहचान पत्र (जैसे- ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि) का प्रकार चुनना होगा और उसका सही नंबर बॉक्स में फिल करना होगा।स्टेप 5 (ऑनलाइन भुगतान): सभी जानकारियों को री-चेक करने के बाद स्क्रीन पर कुल किराया आ जाएगा। आप यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान करें।स्टेप 6 (टिकट सुरक्षित करें): पेमेंट सक्सेसफुल होते ही आपका डिजिटल जनरल टिकट ऐप के 'माई बुकिंग्स' सेक्शन में जेनरेट हो जाएगा, जिस पर आपका आईडी नंबर भी अंकित होगा।रेलवे ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?इस नए नियम को लागू करने के पीछे रेलवे का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी (Black Marketing) पर लगाम लगाना और अनाधिकृत वेंडर्स पर रोक लगाना है। कई बार लोग अपने मोबाइल से थोक में टिकट बुक करके दूसरे यात्रियों को अनैतिक रूप से बेच देते थे, जिससे सुरक्षा तंत्र में सेंध लगने का खतरा रहता था। अब ऐप आधारित बुकिंग में यात्री की वास्तविक पहचान सीधे रेलवे के डेटाबेस से जुड़ी रहेगी, जिससे ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पुख्ता होगी।क्या कह रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी?प्रयागराज रेल मंडल के पीआरओ (PRO) अमित कुमार सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई से जब भी यात्री घर से सफर के लिए निकलें, तो अपने साथ वही असली पहचान पत्र रखना न भूलें जिसका नंबर उन्होंने ऐप में डाला है। यदि यात्रा के दौरान रेलवन ऐप पर दर्ज आईडी और आपके पास मौजूद ओरिजिनल आईडी मैच नहीं होती है, तो उसे टिकट की हेराफेरी माना जाएगा और रेलवे नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बीते 24 घंटे में शहर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। पहले मामले में महाराजपुरा के एक रिटायर्ड अधिकारी को पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया और खाते से 1.73 लाख रुपए निकाल लिए गए। वहीं, दूसरे मामले में माधौगंज के एक व्यापारी के खाते से बिना किसी कॉल, ओटीपी या लिंक क्लिक किए 1.37 लाख रुपए उड़ा लिए गए। दोनों मामलों की जांच साइबर सेल की मदद से शुरू कर दी गई है। केस-1: पेंशन कार्ड के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ाए ₹1.73 लाख महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर निवासी 66 वर्षीय अनूप कुमार चौबे उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। 10 जुलाई को फेसबुक देखते समय उन्हें पेंशन कार्ड बनाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। उन्होंने उसमें अपनी जानकारी भर दी। कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर व्हाट्सएप पर एक APK (Android Package Kit) फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसी दौरान ठगों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर तीन ट्रांजेक्शन में उनके खाते से 1 लाख 73 हजार रुपए निकाल लिए। बैंक पहुंचने पर उन्हें ठगी का पता चला। पहले उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की, जिसके बाद महाराजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। केस-2: न कॉल आया, न OTP; फिर भी खाते से कट गए ₹1.37 लाख माधौगंज थाना क्षेत्र की सिंधु आदर्श कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय व्यापारी बृजेश तलरेजा का बैंक ऑफ इंडिया की नया बाजार शाखा में खाता है। 24 मई को अचानक उनके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। उन्होंने बताया कि न तो किसी का फोन आया था, न किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को ओटीपी बताया। इसके बावजूद ठगों ने UPI सिस्टम की तकनीकी खामी (लूपहोल) का फायदा उठाकर 10 ट्रांजेक्शन में 1 लाख 37 हजार 951 रुपए निकाल लिए। माधौगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रांजेक्शन वाले बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की सलाह पुलिस का पक्ष पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें ट्रेस कर फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
बक्सर के डुमरांव में पुलिस ने एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर छापेमारी कर शराब पार्टी कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक आरोपी के पास से अवैध देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरांव के प्रकाश कुमार मिश्रा, बक्सर के उपाध्यायपुर निवासी वशिष्ठ जी तिवारी और डुमरांव के राजगढ़ निवासी राहुल कुमार उर्फ दशरथ कुमार के रूप में हुई है। यह कार्रवाई एएसपी पोलस्त कुमार के नेतृत्व में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा और पुलिस टीम ने की। पुलिस को सूचना मिली थी कि डुमरांव स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में कुछ लोग शराब का सेवन कर रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार भी मौजूद हैं। राहुल मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर में हुई छापेमारी सूचना के आधार पर पुलिस ने टीम गठित कर राहुल मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दुकान के अंदर तीनों आरोपी शराब पीते हुए मिले। पुलिस को देखते ही एक आरोपी ने अपने पास मौजूद हथियार को छिपाने का प्रयास किया और भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह सफल नहीं हो सका। मौके पर ही तीनों को पकड़ लिया गया। दुकान से मिला देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस इसके बाद पुलिस ने दुकान की तलाशी ली, जिसमें छिपाकर रखा गया एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। दुकान से करीब 75 मिलीलीटर शराब की बोतल भी मिली। जांच के दौरान तीनों आरोपियों के शराब सेवन की पुष्टि हुई। पूछताछ में वशिष्ठ जी तिवारी ने स्वीकार किया कि बरामद हथियार और कारतूस वही अपने साथ लेकर आया था। डुमरांव थाना में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डुमरांव थाना कांड संख्या 181/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि पुराने मामलों का पता लगाया जा सके। कार्रवाई में पुलिस टीम रही शामिल इस कार्रवाई में डुमरांव थाना की पूरी टीम सक्रिय रही। टीम में एएसपी पोलस्त कुमार, थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, सीआई अरविंद कुमार, प्रशिक्षु दारोगा शैलेश कुमार शर्मा, एएसआई बबीता कुमारी, डीआईयू टीम के सदस्य और सशस्त्र बल शामिल थे। एक हफ्ते में पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब और हथियार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बता दें कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ यह एक हफ्ते के भीतर पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले संतोषी सिनेमा के अंदर चल रही जुए की अवैध गतिविधियों के मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एएसपी पोलस्त कुमार ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हांसी में चोरी और मारपीट के 3 आरोपी काबू:3 मोबाइल बरामद, पुरानी रंजिश में घर में घुसकर हमला
हांसी पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की है। बस अड्डा पुलिस चौकी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया और तीन मोबाइल फोन बरामद किए। वहीं, नारनौंद थाना पुलिस ने मारपीट के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लाठी-डंडे बरामद किए हैं। न्यू सुभाष नगर निवासी एक महिला ने बस अड्डा पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार, दिल्ली से लौटने पर उसने पाया कि देर रात अज्ञात चोर उसके घर से 3 मोबाइल फोन, लगभग 25 हजार रुपए नकद, सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पाजेब और अन्य सामान चुरा ले गए थे। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए जांच शुरू की। महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने काली देवी रोड, न्यू सुभाष नगर, हांसी निवासी रोहित पुत्र बलराम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए तीनों मोबाइल बरामद कर लिए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। घर में घुसकर किया था हमला दूसरी घटना में, नारनौंद थाना पुलिस ने 24 जून को गांव कौथ खुर्द में हुई गंभीर मारपीट के मामले में कार्रवाई की। शिकायतकर्ता गुरमीत ने आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते सोनू पुत्र साधुराम और कुलदीप पुत्र साधुराम, दोनों निवासी कौथ खुर्द, ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल गुरमीत को पहले सीएचसी नारनौंद ले जाया गया और बाद में हिसार के नागरिक अस्पताल रेफर किया गया था। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, एक्स-रे रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों सोनू और कुलदीप को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दो लाठी-डंडे भी बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
पूर्णिया पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में गैरेज मालिक सहित दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की कई मोटरसाइकिलें और भारी मात्रा में गाड़ी के पुर्जे बरामद किए गए हैं। सदर एसडीपीओ 2 गौरव कुमार ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन के निर्देशानुसार चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी और अपराधियों की धर-पकड़ के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 13 जुलाई 2026 को कसबा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को दबोचा। बरामदगी में कई चोरी की बाइकें और खुले हुए इंजन शामिल हैं, जो गिरोह के काम करने के तरीके को दर्शाता है। आगे की जांच जारी है। रंगे हाथों दबोचे गए दो शातिरसूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-02, पूर्णिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और दो व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा।कसबा का रहने वाला है चोर और गैरेज मालिकपकड़े गए आरोपियों की पहचान कसबा थाना क्षेत्र के तारानगर निवासी 20 वर्षीय आनंद कुमार और कसबा थाना क्षेत्र के ही मजगामा निवासी 26 वर्षीय मो. तसब्बर के रूप में हुई है। मो तसब्बर पूर्णिया के कॉलेज चौक पर मोटरसाइकिल गैरेज का मालिक है।पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले तारानगर निवासी आनंद कुमार को गिरफ्तार किया। आनंद से पूछताछ के बाद उसके निशानदेही पर पुलिस टीम ने कॉलेज चौक स्थित 'सुपर बाइक रिपेयरिंग सेंटर' पर छापेमारी की। वहां से गिरोह के दूसरे सदस्य, गैराज संचालक मो. तसब्बर को दबोच लिया गया। गैरेज से मोटरसाइकिल और खुले हुए इंजन बरामदथाना चौक स्थित मो तसब्बर के गैराज से पुलिस ने चोरी की 3 मोटरसाइकिल, दो मोटरसाइकिल का खुला इंजन, चार पुराना टायर और दो मोबाइल बरामद किया गया है।गिरोह के बाकी सदस्य के लिए छापेमारीसदर एसडीपीओ 2 गौरव कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह एक सक्रिय अंतरजिला चोर गिरोह है। पकड़े गए अपराधियों की निशानदेही पर गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
महासमुंद में जुए के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बागबाहरा पुलिस ने ग्राम घुचापाली स्थित चंडी मंदिर के पीछे पहाड़ी जंगल में संचालित जुए के अड्डे पर छापा मारकर 12 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान चार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से 20 लाख 35 हजार 100 रुपये का नगद और अन्य सामान जब्त किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि घुचापाली के पहाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखकर जुआरियों में भगदड़ मच गई। चार आरोपी जंगल की ओर भाग निकले, जबकि 12 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। 20.35 लाख का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 60 हजार 100 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश, 9 बंडल ताश, एक दरी, एक सीएफएल बल्ब, 14 मोबाइल फोन, दो कार, चार मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 20 लाख 35 हजार 100 रुपये बताई गई है। जेल भेजे गए आरोपी, फरारों की तलाश जारी सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस फरार चार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। एक सप्ताह में चौथी बड़ी कार्रवाई पुलिस के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में जुआ एक्ट के तहत यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। अब तक 26 जुआरियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने कहा कि जिले में अवैध जुआ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपी फरार आरोपी
दतिया जिले के सेवढ़ा-मौ रोड पर राहगीरों से लूट करने वाले 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश को डीपार थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध कट्टा और लूट की रकम में से एक हजार रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी अप्रैल में हुई हाईवे लूट की वारदात के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल की रात सेवढ़ा-मौ रोड स्थित पांचाली खदान के पास मनजीत रजक और उसके साथी छोटू कुशवाह को चार बदमाशों ने रोक लिया था। आरोपियों ने दोनों से बाइक, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पर्स और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद डीपार थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। मुखबिर की सूचना पर दबोचा जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बृजेश उर्फ बग्गे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी अंकित चौधरी यादव, अनिल मांझी और एक नाबालिग के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर लूट की रकम में से एक हजार रुपए बरामद किए गए। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक अवैध कट्टा भी मिला, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कपूरथला के गोपाल पार्क क्षेत्र में स्कूटी सवार दो महिलाओं से मोबाइल फोन छीनकर भाग रहे दो बाइक सवार लुटेरों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। लूटपाट के दौरान स्कूटी से गिरने के कारण घायल हुई दोनों महिलाओं को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पकड़े गए लुटेरों को सिटी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन रेनू, जो शालीमार एवेन्यू निवासी हरविंदर की पत्नी हैं, ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदार गुरदेव कौर के साथ सब्जी मंडी जा रही थीं। गुरदेव कौर सतपुरा निवासी हरजिंदर सिंह की पत्नी हैं। गोपाल पार्क पहुंचते ही पीछे से आए दो बाइक सवारों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। स्कूटी से गिरने से दोनों महिला घायल इस दौरान उनका स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गया, जिससे दोनों महिलाएं घायल हो गईं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों लुटेरों को मौके पर ही काबू कर लिया। लोगों ने आरोपियों को पुलिस को सौंपने से पहले उनकी पिटाई भी की। घायल महिलाओं को इलाज के लिए कपूरथला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉ. करणप्रीत सिंह उनका उपचार कर रहे हैं। सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
झारखंड के दुमका जिले में प्रेम संबंध टूटने से आहत एक विवाहित व्यक्ति सोमवार देर शाम मोबाइल टावर पर चढ़ गया। कई घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के समझाने पर वह सुरक्षित नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने ले गई। घटना मसलिया थाना क्षेत्र के सागबाड़ी गांव की है।
कोरबा जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे सजग कोरबा सतर्क कोरबा अभियान के तहत करतला पुलिस ने ग्राम बडमार के जंगल में जुआ खेल रहे छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से नकदी, ताश, मोबाइल फोन और 10 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर करतला पुलिस को सूचना मिली थी कि बडमार के जंगल में जुए का फड़ संचालित हो रहा है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके पर छापा मारा। नकदी, मोबाइल और बाइक जब्त छापेमारी के दौरान जुआरियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से 5,350 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश, 6 मोबाइल फोन, 10 मोटरसाइकिलें और जुआ खेलने में इस्तेमाल किया गया तिरपाल बरामद किया गया। जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णाराय (35), सर्वजीत राय (43), विजय शर्मा (48), संतोष गबेल(48), बसंत खूंटे (32) और कृष्णा दास (50) शामिल हैं। सभी करतला क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। अवैध गतिविधियों पर अभियान जारी पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि सजग कोरबा सतर्क कोरबा अभियान के तहत जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से भी ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की है।
कोटा में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश ने दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश हेलमेट पहनकर बाइक से आया और मकान के बाहर मोटरसाइकिल को खड़ा कर घर के अंदर घुस गया। मामला जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित महावीर नगर प्रथम का है। चोर घर में घुसा उसके कुछ ही मिनट बाद घर की महिला बाहर से अंदर आई तो उसकी नजर आरोपी पर पड़ गई। महिला ने शोर मचाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बदमाश ने उसे धक्का देकर खुद को छुड़ा लिया। बाइक को पकड़ने के प्रयास में सड़क पर गिरी महिला महिला बाहर तक आरोपी के पीछे दौड़ी और उसकी बाइक पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपी बाइक स्टार्ट कर फरार हो गया। इस दौरान महिला सड़क पर गिर गई। साढ़े पांच हजार रुपए और मोबाइल ले गया पीड़ित मनोराज सिंह ने बताया कि आरोपी घर से करीब 5,500 रुपए कैश और एक मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। घटना का पूरा घटनाक्रम पड़ोस के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें आरोपी की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। गश्त बढ़ाने की मांग वारदात की सूचना तुरंत जवाहर नगर थाना पुलिस को दी गई और रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश में जुटी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में फैक्ट्री से ड्यूटी खत्म कर देर रात घर लौट रहे एक युवक पर आधा दर्जन के करीब युवकों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने दो मोटरसाइकिलों से रास्ता रोककर पहले युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, फिर डंडे से वार कर उसका हाथ तोड़ दिया और मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल युवक का पहले खरखौदा के नागरिक अस्पताल और बाद में पीजीआईएमएस रोहतक में उपचार कराया गया। पीड़ित की शिकायत पर खरखौदा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री से घर लौटते वक्त किया हमला खरखौदा के गांव खांडा के रहने वाले मोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी प्लांट में नौकरी करता है। रात फैक्ट्री से छुट्टी के बाद वह अपनी स्प्लेंडर बाइक (HR79B-3389) पर सवार होकर घर लौट रहा था। रात करीब 12:15 बजे जब वह ज्योदीपुर रोड पर ड्रेन नंबर-8 के पास पहुंचा तो सामने से दो मोटरसाइकिलों पर आए 4-5 युवकों ने उसकी बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर रास्ता रोक लिया। डंडे से हमला, हाथ और मोबाइल भी तोड़ा पीड़ित के अनुसार रास्ता रोकने के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान एक युवक ने डंडे (बीटा) से उसके बाएं हाथ पर जोरदार वार किया, जिससे उसका हाथ टूट गया। आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। मारपीट के दौरान सभी युवकों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और वारदात के बाद अपनी मोटरसाइकिलों पर बैठकर मौके से फरार हो गए। पीजीआईएमएस रोहतक किया रेफर हमले में घायल मोहित ने सबसे पहले नागरिक अस्पताल खरखौदा में उपचार कराया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया, जहां उसका आगे का इलाज किया गया। उपचार के बाद पीड़ित ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एमएलआर में पांच चोटों की पुष्टि पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को सीसीटीएनएस पोर्टल पर झगड़े में घायल होने की सूचना प्राप्त हुई थी। ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल संजय कुमार अस्पताल पहुंचे, जहां घायल का एमएलआर प्राप्त किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टर ने शरीर पर कुल पांच चोटें दर्ज की हैं। रिपोर्ट में चोटें कुंद हथियार (Blunt Weapon) से लगना दर्शाया गया है तथा घायल को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया था। घटनास्थल का निरीक्षण कर दर्ज किया केस 13 जुलाई को पुलिस टीम ने ज्योदीपुर रोड स्थित ड्रेन नंबर-8 के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर घायल मोहित ने अपनी लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस खरखौदा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 115(2), 117(2), 126(2), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अब आपको आधार कार्ड में पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदलने के लिए सेंटर जाने की जरूरत नहीं है। यह सब स्मार्टफोन की मदद से घर बैठे हो जाएगा। यह सब नए आधार एप से होगा। सिर्फ आधार कार्ड से मोबाइल लिंक होना चाहिए। पता बदलने के लिए क्या करें अपने मोबाइल में नया आधार एप डाउनलोड करें। एप खोलने के बाद आधार नंबर से लॉगिन करें। अपनी पहचान की पुष्टि करें। लॉगिन होने के बाद होम पेज पर सर्विस में जाकर एड्रेस अपडेट का ऑप्शन चुनें। अब यहां आपको 2 और ऑप्शन दिखाई देंगे। 1. सरकारी डॉक्यूमेंट के जरिए बदलें आधार का पता- इस ऑप्शन में आप किसी भी वैध एड्रेस प्रूफ की मदद से आधार में अपना पता बदल सकते हैं। इसके लिए पहले अपने नए पते का कोई एक लीगल डॉक्यूमेंट अपलोड करें। फेस ऑथेंटिकेशन करना होगा और ₹75 की फीस जमा करनी होगी। सारी जानकारी सही मिलने पर आपका आवेदन UIDAI के पास चला जाएगा। आवेदन जमा होने के बाद आपको SRN (सर्विस रिक्वेस्ट नंबर) मिलेगा। इससे आप कभी भी अपने एड्रेस अपडेट का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नया एड्रेस अपडेट होने में करीब 15 दिन का समय लगेगा। 2. फैमिली मेंबर के आधार से बदलें अपना पता- अगर आपके नाम पर कोई एड्रेस प्रूफ नहीं है, तो आप हेड ऑफ फैमिली (HoF) ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें परिवार के किसी सदस्य, जैसे- पति, पत्नी, पिता या मां के आधार में दर्ज पता अपने आधार में अपडेट कराया जा सकता है। इसके लिए परिवार के उस सदस्य का आधार नंबर, उससे अपना रिश्ता बताना होगा। साथ ही जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन करना होगा। अगर सारी जानकारी सही होती है, तो आपके परिवार के सदस्य के पास अप्रूवल रिक्वेस्ट जाएगा। जैसे ही वे इसे मंजूर करेंगे, UIDAI आपका आवेदन प्रोसेस करेगा। इसके बाद आपको SRN नंबर मिलेगा, जिससे आप आवेदन का स्टेटस देख सकते हैं। गलती से बचें, नहीं तो आपका ही पता बदल जाएगा मान लीजिए आपकी पत्नी के आधार में अभी उसके मायके का पता दर्ज है। आप उसे बदलकर अपने घर का पता करना चाहते हैं। ऐसे में लॉगिन आपकी पत्नी के आधार से ही करना होगा। अगर आपने गलती से अपने आधार से लॉगिन कर दिया और हेड ऑफ फैमिली ऑप्शन में पत्नी के आधार से वेरिफाई कर दिया। तो उनके फोन पर आने वाला अप्रूवल रिक्वेस्ट बिल्कुल एक्सेप्ट न करें। ऐसा करने पर आपका पता बदलकर आपकी पत्नी के आधार वाला पता हो जाएगा। अगर गलती हो गई है, तो अप्रूवल रिक्वेस्ट को 30 दिन तक एक्सेप्ट न करें। आवेदन अपने आप रिजेक्ट हो जाएगा और ₹75 की फीस आपके खाते में वापस (रिफंड) हो जाएगी। मोबाइल नंबर कैसे बदलें UIDAI के नए आधार एप से अब मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा भी मिल गई है। लेकिन, प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि आपके आधार से जुड़ा पुराना मोबाइल नंबर चालू है या नहीं। ई-मेल आईडी अपडेट करने के लिए क्या करें अब आप घर बैठे मोबाइल से ही अपने आधार में ई-मेल आईडी जोड़ या अपडेट कर सकते हैं। UIDAI ने नए आधार एप में 1 जुलाई, 2026 से यह सुविधा शुरू की है। अच्छी बात यह है कि 31 दिसंबर, 2026 तक इसके लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। पहले ई-मेल आईडी अपडेट कराने के लिए ₹75 देने पड़ते थे। UIDAI के मुताबिक, एप लॉन्च होने के 2 दिन के भीतर ही 2.5 लाख से ज्यादा लोग अपनी ई-मेल आईडी अपडेट कर चुके हैं। आधार से ई-मेल आईडी लिंक होने पर जब भी आपके आधार का इस्तेमाल होगा, उसकी जानकारी ई-मेल पर मिल जाएगी। इससे आधार के गलत इस्तेमाल और धोखाधड़ी का खतरा काफी कम हो जाएगा। आधार से जुड़े अन्य जरूरी अपडेट, जिन्हें नजरअंदाज न करें बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट बच्चे का आधार बनवाने के बाद 5 साल की उम्र में पहला और 15 साल की उम्र में दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी है। दोनों अपडेट पूरी तरह मुफ्त हैं। समय पर अपडेट नहीं कराने पर बच्चे का आधार प्रोफाइल सस्पेंड हो सकता है। 10 साल पुराना आधार है तो करें अपडेट अगर आपका आधार 10 साल पुराना है। कभी कोई जानकारी अपडेट नहीं कराई है, तो पहचान और पते से जुड़े डॉक्यूमेंट दोबारा अपलोड कर दें। इससे सरकारी रिकॉर्ड अपडेट रहेगा। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी नहीं होगी। ------------------------------------------ आपके काम की ये खबरें भी पढें- ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज, ₹1.60 करोड़ का एक्सीडेंट बीमा, UP के टीचर और नॉन टीचिंग स्टाफ करें अप्लाई यूपी में सरकारी टीचर्स को ₹1 करोड़ 60 लाख का एक्सीडेंटल बीमा और ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। बीमा किसी बड़े एक्सीडेंट में आर्थिक सुरक्षा देगा। कैशलेस इलाज गंभीर बीमारी के समय हॉस्पिटल के खर्चों को कवर करेगा। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया भी इस योजना के दायरे में रहेंगे। पूरी खबर पढ़िए… ------------------------ UP में पशुओं का भी होगा जीवन बीमा:85% प्रीमियम सरकार देगी, पशु के मौत-विकलांग होने पर मिलेगी मदद यूपी में 2 लाख 28 हजार से ज्यादा पशुओं का बीमा कराया जाएगा। यूपी सरकार ने 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी दी है। इसके लिए 60 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। बीमा प्रीमियम का 85% हिस्सा सरकार देगी, जबकि 15% रकम पशुपालक को जमा करनी होगी। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। पूरी रिपोर्ट पढ़िए…
सुबह 6:30 बजे। बेलडांगा के देवकुंडा हाई मदरसा में स्पीकर पर वंदे मातरम् बजता है। पहली लाइन खत्म होते-होते बच्चों की आवाज धीमी पड़ जाती है। ज्यादातर बच्चे सिर्फ होंठ हिला रहे होते हैं। पश्चिम बंगाल में 614 सरकारी मदरसे हैं। ज्यादातर में बीते एक महीने से यही हो रहा है। इन मदरसों में 5 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। दरअसल, 19 मई को पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों में आदेश आया कि बच्चों के प्रार्थना के दौरान सबसे पहले वंदे मातरम् गाना होगा। इसके बाद से टीचर स्कूलों में हर दिन बच्चों को गाने की तैयारी करवा रहे हैं। दूरदराज के एरिया में ज्यादातर मुस्लिम बच्चे सिर्फ बांग्ला जानते हैं। वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद संस्कृत में हैं, इसलिए टीचर बच्चों को स्पीकर या मोबाइल पर गीत सुना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की सरकार आई है। पहले लेफ्ट और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने कभी मदरसों की प्रार्थना में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। अभी जिस वक्त वंदे मातरम् गाने का आदेश आया, तब गर्मी की छुटि्टयां चल रही थीं। अब स्कूल खुलने के बाद क्या स्थिति है, ये जानने दैनिक भास्कर की टीम अलग-अलग जिलों के 5 मदरसों और स्कूलों में पहुंची। देखिए और पढ़िए यहां क्या मिला… जगह: देवकुंडा हाई मदरसा, बेलडांगा देवकुंडा हाई मदरसे में 200 से ज्यादा बच्चे प्रार्थना के कतार में खड़े हैं। प्रिंसिपल मोहम्मद खसरु अहमद हाथ में माइक लेकर बांग्ला में कहते हैं, ‘शोबाई मोन दिये शोनो। आज आबार बोन्दे मातोरोम शिक्बो’ यानी ‘ध्यान से सुनो, आज फिर वंदे मातरम् सीखेंगे।’ अगले ही पल स्पीकर पर वंदे मातरम् बजने लगता है। गीत के दो अंतरे आए जाते हैं। देवकुंडा हाई मदरसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में है। मदरसों में वंदे मातरम् गाने के आदेश पर मोहम्मद खसरू कहते हैं, ‘हम पहले से ये गीत गाते आए हैं। सरकार के फैसले से परेशानी नहीं है।’ सरकारी आदेश है कि वंदे मातरम् गीत के सभी 6 अंतरे गाना है। प्रार्थना के दौरान सिर्फ दो अंतरे गाए, ऐसा क्यों? मोहम्मद खसरु जवाब देते हैं, ‘अभी बच्चे गीत सीख रहे हैं। पूरा गाना मुमकिन नहीं है, इसलिए नहीं गा रहे हैं।’ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे मुस्लिम संगठन वंदे मातरम् गाने का विरोध करते हैं, लेकिन 12वीं में पढ़ने वाली सोनू यासीम को इससे गुरेज नहीं है। वे कहती हैं ‘मैंने कई बार ये गीत सुना है, लेकिन मदरसे में इसे गाते नहीं थे। इसमें परेशानी जैसा कुछ नहीं है। पहले जन-गण-मन गा रहे थे, अब वंदे मातरम् भी गाएंगे। बस इसे सीखने में टाइम लगेगा।’ जगह: रहमानिया हायर सेकेंडरी स्कूल, आसनसोल पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के उर्दू मीडियम स्कूल भी है। ज्यादातर मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में हैं। इनमें से एक रहमानिया हाई स्कूल आसनसोल के रेलपार एरिया में है। यहां नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। हम स्कूल पहुंचे, तब सुबह की प्रार्थना हो रही थी। पहले अल्लामा इकबाल का उर्दू में लिखा ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ गीत गाया गया और फिर जन-गण-मन। आखिर में स्कूल के एक टीचर ने बच्चों से कहा कि अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बजाया जाएगा, आप सभी को सावधान की मुद्रा में इसे सुनना है। टीचर जेब से मोबाइल निकालते हैं। यू-ट्यूब पर वंदे मातरम् सर्च करते हैं। गीत बजते ही फोन स्पीकर के सामने रख देते हैं। बच्चे उसे ध्यान से सुनने लगे। हमने स्कूल के सीनियर असिस्टेंट बख्तियार आलम से पूछा, आदेश तो वंदे मातरम् गाने का है, फिर फोन से क्यों सुना रहे हैं? वे कहते हैं, ‘बच्चों के लिए नया तराना फौरन गा पाना थोड़ा मुश्किल है। हमारे यहां उर्दू में पढ़ाई होती है। बच्चे हिंदी और बांग्ला बिल्कुल नहीं जानते। वंदे मातरम् संस्कृत में हैं। इसलिए छोटे बच्चों को परेशानी हो रही है। इसके शब्द भी मुश्किल हैं। हाई स्कूल के स्टूडेंट्स ने उर्दू में तराना लिखकर दिया है, लेकिन बच्चों को बोलने में दिक्कत आ रही है।’ आपने इस परेशानी से लिए कहीं शिकायत की? बख्तियार जवाब देते हैं, ‘सरकार का आदेश है, तो मानना पड़ेगा। हम बच्चों को पहाड़े की तरह एक-दो लाइन याद करवा रहे हैं। फिलहाल स्पीकर पर गाना सुनाया जा रहा है। उम्मीद है एक-दो महीने में बच्चे गाना सीख जाएंगे।’ जगह: सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा, आसनसोल सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा की हालत बहुत अच्छी नहीं है। बच्चों के लिहाज से क्लास रूम कम है। एक हॉल को दो हिस्सों में बांटकर क्लास लगाई जाती है। सुबह की प्रार्थना के लिए भी जगह नहीं है। बच्चे क्लास से ही प्रार्थना में शामिल होते हैं। यहां माइक और स्पीकर खराब हैं, इसलिए मोबाइल पर ही वंदे मातरम् सुनाया जाता है। मोबाइल की आवाज जहां तक जाती है, वहीं तक के बच्चे इसे सुन पाते हैं। टीचर सैयद कबीरुद्दीन अहमद स्कूल में सुविधाओं की कमी से नाराज हैं। वे कहते हैं, ‘2011 में यहां 200 स्टूडेंट, 6 टीचर, एक हेडमास्टर और एक प्यून थे। अब करीब एक हजार स्टूडेंट हो गए, लेकिन टीचर्स उतने ही हैं।’ क्लास की हालत देखकर लगा कबीरुद्दीन की शिकायत सही है। स्कूल में लाइट नहीं थी। तेज गर्मी में लड़कियां कॉपी से हवा कर रही थीं। स्कूल में स्टॉफ रूम के नाम पर एक झोपड़ीनुमा कमरा है। इसमें एक पुराना पंखा, अलमारी और कुर्सी टेबल है। छत भी टूटी हुई है। इसे प्लास्टिक से बंद किया गया है। टीचर्स यहां सिर्फ रजिस्टर में हाजिरी लगाने आते हैं, इसके बाद क्लास में ही रहते हैं। जगह: सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल, आसनसोल आखिर में हम हिंदी-बांग्ला मीडियम स्कूलों में गए। दो जगह चुनीं। पश्चिम बर्धवान जिले का आसनसोल और दुर्गापुर। आसनसोल के सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल में हिंदी और बांग्ला दोनों में पढ़ाई होती है। यह स्कूल 5वीं से 12वीं तक है। यहां भी स्पीकर पर वंदे मातरम् बजाया गया, लेकिन बच्चे भी इस गीत को गा रहे थे। कुछ बच्चे जरूर राष्ट्रगीत गाने में असहज थे। स्कूल की टीचर इन चार्ज श्रावणी गोस्वामी कहती हैं, ‘ज्यादातर बच्चों को राष्ट्रीय गीत के दो पैराग्राफ याद हैं। गीत के शब्द बहुत कठिन है। हमने इसे क्लास के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजा है ताकि शब्द पढ़कर आसानी से याद कर सकें। ये गीत पश्चिम बंगाल में लिखा गया। यहां के लोग इस गीत को भूले नहीं थे। सरकारी आदेश के बाद से ये प्रैक्टिस में आ गया है।’ हमने कहा कि किसी बच्चे से वंदे मातरम् गवाकर सुना सकते हैं। स्टाफ ने जवाब दिया- बच्चे असेंबली में गाते हैं, अलग से गवाकर क्या दिखाना। जगह: प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल, झांझरा, दुर्गापुर आखिर में हम झांझरा के प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल पहुंचे। यहां हिंदी और बांग्ला मीडियम में पढ़ाई होती है। स्कूल में एक तरफ फ्री प्राइमरी और दूसरी तरफ एक कमरे में जूनियर हाई सेक्शन है। इसमें एक ही क्लास में छठवी से आठवीं की क्लास चलती है। हम यहां पहुंचे तब, एक कमरे में तीनों क्लास के बच्चे थे। हमने इस बारे में जूनियर हाई स्कूल के हेड मास्टर मनोज कुमार मंडल से बात की। वे कहते हैं, ‘स्कूल 2019 में शुरू हुआ था। अभी एक कमरे में दो टीचर बच्चों को एडजस्ट करके पढ़ा रहे हैं। कई बार कम टीचर होने की शिकायत की है, लेकिन फायदा नहीं हुआ। एक टीचर को बच्चों को वंदे मातरम् सिखाने की जिम्मेदारी दी है। वे कहती हैं, अभी तो टीचर्स को ही इसे गाने में दिक्कत होती है। इसलिए हमने बच्चों को गीत लिखकर दिया है और कठिन शब्द याद करवा रहे हैं।’ धर्मगुरु बोले- वंदे मातरम् ही क्यों, ‘सारे जहां से अच्छा’ भी तो गा सकते हैंऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद शाकिफ कासमी सरकार के फैसले से खुश नहीं हैं। वे कहते हैं, ‘वंदे मातरम् गाने से मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का मसला होता है। इसकी जगह पर कोई और गाना भी हो सकता है। जन-गण-मन और सारे जहां से अच्छा, में से कोई भी एक गाना रख सकते हैं।’ उर्दू स्कूलों और मदरसों में स्पीकर पर वंदे मातरम सुनाए जाने और याद कराने के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘स्पीकर पर बजाने से धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होती है। जिन्हें अच्छा लग रहा है, वे कर रहे हैं, इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है।’ वंदे मातरम् पर क्यों है विवाद मुस्लिम धर्मगुरुओं को वंदे मातरम् के तीसरे, चौथे, पांचवें और छठवें छंद पर आपत्ति है, क्योंकि इसमें मातृभूमि को देवी, दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती कहा गया है। आजादी की लड़ाई के वक्त मुस्लिम लीग ने भी इसे गैर-इस्लामिक बताया था। संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। 2006 में वंदे मातरम् के 100 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने इसे स्कूलों में गाने का आदेश दिया। तब इस्लामिक संगठन जमात उलमा ए हिंद ने कहा कि कोई सच्चा मुसलमान वंदे मातरम् नहीं गा सकता। यूपी के देवबंद में वंदे मातरम् गाने के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया था।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को दो ऑनलाइन सट्टे के एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के सुराग और तीन अहम मोबाइल नंबर मिले हैं। डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि इन तथ्यों के आधार पर नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की जाएगी। राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। एप से भेजी जाती थी लिंक डीसीपी के मुताबिक, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टे की लिंक भेजी जाती थी। वहीं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिससे उसके सट्टे के कारोबार से जुड़े होने की आशंका की जांच की जा रही है। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है। दो युवतियों से पूछताछ में मिले अहम इनपुटरविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए। इनमें से एक युवती ने बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद था। दूसरी युवती ने पुलिस को बताया कि नाना पटवारी उसके पति का मित्र है और इसी वजह से उसकी पहचान उससे हुई थी। अब दोबारा नाना पटवारी से होगी पूछताछपुलिस का कहना है कि मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उससे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर विस्तार से सवाल किए जाएंगे। जांच टीम पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। नाना पटवारी के खिलाफ 10 केस दर्ज नाना के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्हें 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान भी गिरफ्तार किया गया था। उन पर करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने का आरोप था। साल 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ FIR कराई गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। नवंबर 2018 में नाना पटवारी पर धारा 354 (क) के तहत केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाए हैं कि नाना के साथ क्रुणाल पटवारी, चेतन पटवारी, सुदील चौधरी, गब्बू पटवारी और अन्य 40-50 लोग कार-बाइक से मेरे घर पहुंचे। फिर जबरदस्ती अंदर घुस आए। नाना के हाथ में पिस्टल जबकि बाकी के हाथ में चाकू और तलवार थी। नाना पटवारी ने मेरा हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर में 37 वर्षीय खुशी कूलवाल ने सुसाइड किया था। हाई प्रोफाइल पार्टियों में अक्सर दिखने वाली खुशी ने महालक्ष्मी नगर स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगा ली थी। जांच के दौरान पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की थी। कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम भी जांच में सामने आया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। 2025 में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं पर जांच शुरू की। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि मामले का हाई प्रोफाइल पार्टियों से क्या कनेक्शन है? खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थी? आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही? ये खबर भी पढ़ें… जीतू पटवारी का भाई बोला-3 साल पहले ड्रग्स लेता था कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पार्टी इसे सियासी एंगल देने के मूड में है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इस दौरान नाना पटवारी ने स्वीकार किया कि वे 3 साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है।पूरी खबर पढ़ें
सिंगरौली जिले के बरगवां स्थित शासकीय सांदीपनि स्कूल में एक छात्र और शिक्षक के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। शनिवार को हुई इस घटना के बाद स्कूल में तनाव का माहौल है। वहीं सोमवार को भी स्कूल में दाे पक्षों में मारपीट हुई। घटना के बाद एबीवीपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने थाने पहुंचकर स्कूल परिसर में पुलिस तैनात करने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। बाथरूम में मोबाइल चलाने पर विवाद अंग्रेजी के शिक्षक आकाश तिवारी ने बताया कि यह पूरा विवाद मोबाइल चलाने को लेकर शुरू हुआ। वे 11वीं कक्षा में पढ़ाने गए थे, जहां तीन छात्र क्लास में बैग रखकर बाहर बाथरूम में मोबाइल चला रहे थे। शिक्षक का कहना है कि जब उन्होंने छात्रों को क्लास में जाने के लिए टोका, तो गलती से उनका हाथ छात्र प्रवीण कुमार वैश्य को लग गया। इसके बाद छात्रों ने माफी मांग ली और पढ़ाई शुरू हो गई। शिक्षक का आरोप- अतिथि शिक्षक ने भड़काया शिक्षक आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि मामला शांत होने के बाद स्कूल के ही एक अतिथि शिक्षक ने छात्रों को भड़का दिया। इसके बाद 6 से ज्यादा छात्रों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। छात्र के पिता बोले- पहले से लगी चोट पर मारा दूसरी तरफ, छात्र प्रवीण कुमार वैश्य के पिता उमाशंकर वैश्य का आरोप है कि शिक्षक ने उनके बेटे को उसी जगह पर दोबारा मार दिया, जहां उसे पहले से चोट लगी हुई थी। इस वजह से छात्र की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छात्र के परिवार ने भी शिक्षक के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बरगवां थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया- दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत पत्र मिले हैं। घायल शिक्षक का मेडिकल कराया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई और निष्पक्षता से जांच कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में NH-53 पर स्कूटी सवार एक व्यक्ति से लूटपाट करने वाले नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले स्कूटी को पीछे से टक्कर मारकर गिराया, फिर मारपीट कर कैश, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। टक्कर मारकर गिराया, फिर की लूट पुलिस के मुताबिक, ग्राम तेतला निवासी कमल प्रसाद जांगड़े (40) किसी काम से रायगढ़ आए थे। काम खत्म होने के बाद रात करीब 10:30 बजे वह स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान मंगला नर्सिंग कॉलेज के पास NH-53 पर बिना नंबर की बाइक में सवार तीन युवकों ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। कमल प्रसाद के सड़क पर गिरते ही आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए 2,500 रुपए कैश, रियलमी P2 प्रो मोबाइल, चार एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी लूटकर कोड़ातराई की ओर फरार हो गए। CCTV और मुखबिर से मिली सफलता घटना के बाद पीड़ित ने अपने स्तर पर आरोपियों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर पुसौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। दो आरोपी जेल, नाबालिग पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई पुलिस ने चाणक्य शर्मा उर्फ दिलीप शर्मा (33) निवासी बजरंगडीपा, चंद्रभानू साव (26) निवासी कोड़ातराई और एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। पूछताछ में तीनों ने वारदात स्वीकार कर ली। तहसीलदार पुसौर की मौजूदगी में कराई गई शिनाख्त परेड में पीड़ित ने तीनों आरोपियों की पहचान की। इसके बाद दोनों वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। लूट का सामान और वाहन जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन और लूटा गया सामान बरामद कर जब्त कर लिया है। SSP बोले- लूट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में लूटपाट और सड़क अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में नाबालिग समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
शामली के बाबरी थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दुकानदार से 1.65 लाख रुपये नकद और स्मार्टफोन चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित इंतेजार पुत्र यूसुफ ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 7 जुलाई 2026 की रात करीब एक बजे गांव निवासी साजिद पुत्र राशिद और फैज पुत्र इरफान, जो आपस में मौसेरे भाई हैं, उनकी दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने पहले उनका गला दबाया और फिर दुकान में रखे संदूक से 1.65 लाख रुपये नकद तथा स्मार्टफोन चोरी कर लिया। सीसीटीवी फुटेज होने का दावा इंतेजार का दावा है कि पूरी घटना गांव निवासी दानिश पुत्र राशिद के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। इसके बावजूद बाबरी पुलिस ने अब तक न तो आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की और न ही चोरी गई नकदी व मोबाइल फोन बरामद किया। एसपी से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, चोरी हुई 1.65 लाख रुपये की नकदी और मोबाइल फोन बरामद कराने तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में बाबरी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपए के मोबाइल गायब करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अररिया पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में एसआईटी ने हरियाणा के नूंह जिले से गिरोह के एक और मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 620 महंगे मोबाइल, 6 लाख 97 हजार रुपये नकद और दो वाहन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है। रविवार को सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी नईम, अख्तर हुसैन का पुत्र है और नूंह थाना क्षेत्र का निवासी है। वह फरीदाबाद पुलिस का पांच हजार रुपये का इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ आंध्र प्रदेश के कनोल थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला दर्ज है, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। स्कॉर्पियो से मिले कंपनी के अहम दस्तावेज एसडीपीओ ने बताया कि नईम के घर से बरामद स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान मोबाइल कंपनियों से जुड़े कई मूल दस्तावेज भी मिले हैं। इससे आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था और पूरे नेटवर्क के साथ काम कर रहा था। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अररिया लाया गया है। उससे पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। क्या था पूरा मामला यह मामला 7-8 जून की रात का है। नोएडा से रियलमी, ओप्पो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल और उनके पार्ट्स लेकर गुवाहाटी जा रहा कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में मिला था। जांच में पता चला कि कंटेनर में लोड 1143 बॉक्स में से 612 बॉक्स गायब थे। ट्रक हरियाणा के पलवल के चालक और खलासी चला रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह ने गोरखपुर और लखनऊ के बीच दो टोल प्लाजा के पास कंटेनर रोककर मोबाइल के बॉक्स निकाल लिए और बाद में ट्रक को अररिया लाकर छोड़ दिया, ताकि पुलिस की जांच भटकाई जा सके। पहले चार आरोपी गिरफ्तार, अब मास्टरमाइंड भी दबोचा गया मामले के खुलासे के लिए गठित एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी की थी। पहले चरण में नूंह के अनवर उर्फ अनावरूल, दिल्ली के दीपक गुप्ता तथा मथुरा के शाहिल और कामिल उर्फ किम्मी को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 817 मोबाइल, एक थार, एक सियाज कार, लैपटॉप और डीवीआर बरामद किए गए थे। बरामद मोबाइलों में 489 रियलमी और 317 ओप्पो कंपनी के थे। इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या 314/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नई गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 1437 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइलों की कुल बाजार कीमत करीब 6 से 7 करोड़ रुपये है। मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है। मेवात में बेचे जा रहे थे चोरी के मोबाइल एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी नईम ने चोरी के मोबाइल मेवात क्षेत्र में दूसरे कंटेनर में शिफ्ट करवाए थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग लोगों को बेचने की तैयारी थी। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता था। मेवात पहले से ही साइबर ठगी के बड़े केंद्र के रूप में कुख्यात है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा के नूंह-पलवल और राजस्थान के अलवर-जयपुर तक फैला हुआ है। ग्राहक बनकर पहुंची थी एसआईटी एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह तक पहुंचने के लिए एसआईटी ने विशेष रणनीति अपनाई। पुलिस टीम पहले ग्राहक बनकर नूंह और पलवल पहुंची और सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदने का सौदा तय किया। इसी दौरान गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई और एक-एक कर पूरे नेटवर्क का खुलासा होता चला गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है।
अब मोबाइल चार्जिंग के लिए नहीं भटकना होगा
भास्कर न्यूज | नारायणपुर नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल और अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में रहने वाले आदिवासियों के लिए यह हफ्ता नई सुबह लेकर आया। छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम मोहन्दी और मसपुर के सुदूर आश्रित पाराओं तक दशकों बाद पहली बार बिजली पहुंची। पीढ़ियों से ढिबरी और लालटेन की रोशनी में रातें काटने वाले ग्रामीणों के घर जब बल्ब की दूधिया रोशनी से जगमगाए, तो गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। घने जंगल और कठिन भूगोल के बीच जिला प्रशासन और बिजली विभाग ने यह काम पूरा किया। ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा, बीचपारा और ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक खंभे खड़े किए गए। तार खींचे गए। इलाका घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियों, नदी-नालों से घिरा था। बिजली पहुंचने के बाद अब इन आदिवासी गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने लगी हैं। सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की पढ़ाई में दिखेगा। वे अब रात के समय भी बिना किसी परेशानी के पढ़ सकेंगे। इसके अलावा, ग्रामीणों को अब मोबाइल चार्ज करने, पंखा चलाने, टीवी जैसे बुनियादी उपकरणों का उपयोग करने की सुविधा मिल गई है। ग्रामीणों ने आभार जताते हुए कहा, हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे जीते-जी घरों में बिजली आएगी। यह हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। बिजली आने से स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे कुटीर उद्योग, स्वरोजगार, आजीविका के नए रास्ते भी खुल गए हैं। इलाके के उप-स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा उपकरणों का संचालन आसान हो जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार आएगा। प्रशासन का कहना है कि नियद नेल्लानार योजना के तहत जिले के अन्य बचे हुए सुदूर गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से बिजली पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
ऑटो चालक ने चाकू की नोक पर नकदी, मोबाइल लूटा
उदयपुर| सवीना थाना क्षेत्र में एक युवक ने ऑटो चालक समेत दो बदमाशों के खिलाफ चाकू दिखाकर नकदी व मोबाइल लूटने और मारपीट करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार सलूंबर निवासी नीतेश कुमार मीणा ने रिपोर्ट दी। बताया कि गत 11 जुलाई की रात करीब 12:15 बजे वह रेती स्टैंड पर खड़े थे। उनकी बस छूट चुकी थी। उन्होंने डाकन कोटड़ा टोल नाके तक जाने के लिए एक ऑटो में बैठे। ऑटो में चालक के साथ एक अन्य युवक भी था। फिर ऑटो चालक उन्हें रोहिशा बाग होटल से 200 फीट रोड पर ले गया। वहां सुनसान जगह पर चाकू दिखाकर 5 हजार 500 रुपए और मोबाइल लूट लिया। रोकने का प्रयास करने पर चाकू से उनके शरीर पर खरोंचें आई है। फिर दोनों बदमाश उन्हें वहीं छोड़कर भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शामली के एक मैरिज होम में शनिवार रात करीब 1 बजे जयमाला की रस्म के बाद दुल्हन के मोबाइल पर आए एक मैसेज से शादी टूट गई। मैसेज को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। वहीं हंगामे के दौरान दूल्हे के मामा और शादी के बिचौलिए को हार्ट अटैक आ गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया गया। दूल्हा पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। दुल्हन ने शादी से किया इनकार घटना आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित द एवेन्यू मैरिज होम की है। यहां मुजफ्फरनगर की युवती और शामली के युवक का विवाह समारोह चल रहा था। दोनों पक्षों की मौजूदगी में जयमाला की रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो चुकी थी। इसी दौरान मंच पर बैठे दुल्हन के मोबाइल फोन पर किसी युवक का मैसेज आया। दूल्हे ने मैसेज के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन दुल्हन संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर बाद दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के फैसले के बाद दोनों परिवारों के बड़े-बुजुर्गों ने काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने निर्णय पर अड़ी रही। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। बारातघर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दूल्हे के मामा को आया हार्ट अटैक विवाद को शांत कराने की कोशिश कर रहे दूल्हे के सगे मामा, जो इस रिश्ते के मुख्य बिचौलिए भी थे, अचानक सदमे में आ गए और उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया। हंगामे के दौरान शादी के बिचौलिए की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को तत्काल शहर के गंगा अमृत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया गया। विवाद के बाद शादी पूरी तरह टूट गई। फेरों की रस्म नहीं हो सकी और दोनों पक्ष अपने-अपने रिश्तेदारों के साथ वापस लौट गए। दूल्हा पक्ष का कहना है कि शादी की तैयारियों में लाखों रुपये खर्च हुए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ है। दूल्हा पक्ष ने आदर्श मंडी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को सोमवार को थाने बुलाया गया है। सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में एक बदमाश स्कूल के बाहर खड़ी स्कूटी से मोबाइल चुराकर फरार हो गया। बदमाश ने महज 20 सेकंड में इस वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में बदमाश इधर-उधर देखते हुए स्कूटी के पास आता है और फिर मोबाइल उठाकर तुरंत फरार हो जाता है। रातानाडा थाना पुलिस शिकायत मिलने के बाद आरोपी की तलाश में जुट गई है। पीड़ित भारत जैन ने रातानाडा थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 11वीं कक्षा में सेंट पैट्रिक विद्या भवन स्कूल में पढ़ती है। हमेशा की तरह शनिवार को भी वह स्कूटी से स्कूल गई थी। संभवतः वह स्कूटी की डिक्की लॉक करना भूल गई थी और डिक्की के अंदर ही उसका मोबाइल रखा हुआ था। जब वह दोपहर 11:30 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद वापस लौटी, तो उसे डिक्की से मोबाइल गायब मिला। इसके बाद जब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, तब पता चला कि सुबह करीब 10:30 बजे एक चोर डिक्की खोलकर मोबाइल चुरा ले गया था। मैंने रातानाडा थाना पहुंचकर रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस फुटेज के आधार पर चोर का पता करने में जुटी हुई है। पहले देखिए, चोरी से जुड़ी 2 PHOTOS…
इंदौर के चार थाना क्षेत्रों में सिलसिलेवार लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने एक के बाद एक चार से अधिक लोगों को निशाना बनाया था। वारदातें सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। डीसीपी जोन-2 अमन राठौर की टीम ने कनाड़िया, लसूडिया, आजाद नगर सहित एक अन्य थाना क्षेत्र में हुई सीरियल लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए अजय और सन्नी टूटेजा को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने करीब पांच दिन पहले अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं से मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। घटनाओं के बाद दोनों फरार हो गए थे। कनाड़िया और लसूडिया थाना पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने अपने शौक पूरे करने और नशे की लत के चलते लगातार वारदातें की थीं। लूटे गए मोबाइल बेचने के लिए वे ग्राहक की तलाश कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय के खिलाफ खुडैल थाना क्षेत्र में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। वहीं, सन्नी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त कर ली है।
इंदौर के चार थाना क्षेत्रों में सिलसिलेवार लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने एक के बाद एक चार से अधिक लोगों को निशाना बनाया था। वारदातें सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। डीसीपी जोन-2 अमन राठौर की टीम ने कनाड़िया, लसूडिया, आजाद नगर सहित एक अन्य थाना क्षेत्र में हुई सीरियल लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए अजय और सन्नी टूटेजा को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने करीब पांच दिन पहले अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं से मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। घटनाओं के बाद दोनों फरार हो गए थे। कनाड़िया और लसूडिया थाना पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने अपने शौक पूरे करने और नशे की लत के चलते लगातार वारदातें की थीं। लूटे गए मोबाइल बेचने के लिए वे ग्राहक की तलाश कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय के खिलाफ खुडैल थाना क्षेत्र में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। वहीं, सन्नी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त कर ली है।
बांका में मोबाइल की थोक दुकान जलकर राख:70 लाख का नुकसान, दमकल डेढ़ घंटे देर से पहुंचने का आरोप
बांका के गांधीनगर गर्निया में शनिवार देर रात एक मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज की थोक दुकान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई, जिससे करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। दुकान संचालक शत्रुघ्न कुमार ने बताया कि घटना के समय उनका पूरा परिवार बगल में चाचा के यहां एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। इसी दौरान आसपास के लोगों ने दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं और उन्हें इसकी सूचना दी। तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को जानकारी दी गई। डेढ़ घंटे बाद आई दमकल की गाड़ियां शत्रुघ्न कुमार का आरोप है कि जिला मुख्यालय से घटनास्थल की दूरी मात्र एक किलोमीटर होने के बावजूद, दमकल की गाड़ियां करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक आग पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी और दुकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में मोबाइल फोन, चार्जर, ईयरफोन, कवर, बैटरी सहित बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक सामान का थोक स्टॉक था। आग की चपेट में आने से दुकान सहित यह पूरा स्टॉक जलकर राख हो गया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 70 लाख रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। घटनास्थल की तस्वीरें…. स्थानीय निवासियों ने आग बुझाने का किया प्रयास घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तेज लपटों के कारण वे सफल नहीं हो सके। बाद में दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। इस अग्निकांड में अपनी पूरी पूंजी नष्ट हो जाने से दुकान संचालक और उनके परिजनों का बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि आग लगने की घटना की जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बलरामपुर में भारत-नेपाल दोहरी नागरिकता प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ गया है। अब यह केवल नामजद आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है। पुलिस ने मामले की हर कड़ी जोड़ने के लिए छह विशेष टीमें गठित की हैं, जो तकनीकी, डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों पर काम कर रही हैं। शुरुआती जांच में 27 लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है और एक अन्य का पता नहीं चल सका है। इस आधार पर 3 जुलाई को जरवा कोतवाली में 25 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। अब पुलिस उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने भारतीय पहचान पत्र बनवाने, सत्यापन कराने या अन्य किसी भी स्तर पर सहयोग किया है। जांच की अहम जिम्मेदारी सर्विलांस और साइबर सेल को सौंपी गई है। सर्विलांस टीम मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल, लोकेशन और आपसी संपर्कों का विश्लेषण कर रही है। वहीं, साइबर सेल ऑनलाइन आवेदन, ई-मेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहनता से जांच में जुटी है। फोरेंसिक टीम दस्तावेजों की वैज्ञानिक पड़ताल करेगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं रिकॉर्ड में छेड़छाड़, फर्जी प्रविष्टियां या तकनीकी स्तर पर कोई हेरफेर तो नहीं किया गया है। क्राइम ब्रांच और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगे हैं। उनका मुख्य ध्यान उन व्यक्तियों तक पहुंचना है, जिन्होंने पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराने या सत्यापित कराने में भूमिका निभाई है। जरवा पुलिस गवाहों के बयान दर्ज करने और दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू रिजवान गली के पते के इस्तेमाल, दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया और नेपाल के दांग जिले के कोयलाबास क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका है। इन सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पूरी विवेचना की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर से की जा रही है। संबंधित क्षेत्राधिकारी भी नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं।
गयाजी के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिमरौर गांव में छापेमारी कर 2 हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। मौके से आठ देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और चार मोबाइल बरामद हुए। 2 नाबालिगों को भी पकड़ा है। डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त टीम बनाई। इस टीम ने सनोवर खान के घर की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान घर के अंदर से हथियार मिले। सनोवर खान और अल्तमस खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जांच के मुताबिक यह मामला अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों के बीच बेचा जाना था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। इन सुरागों के आधार पर आगे की छापेमारी की जा रही है। आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड कुछ साल पहले आरोपी सनोवर खान के पिता ममुताज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि सनोवर अवैध हथियारों के इस धंधे में कब और कैसे शामिल हुआ। पूछताछ में बताया कि वह ईद के मौके पर गांव आया था। पुलिस उसके इसकी भी जांच कर रही है। डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। पकड़े गए दोनों नाबालिगों के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गोरखपुर के रामगढताल रिंग रोड किनारे गुरुवार की देर रात प्रेमी जोड़े से 3 बाइक से आए मनबढ़ों ने मारपीट कर मोबाइल लूट लिया। नोएडा के युवक और झारखंड की युवती कार से रामगढ़ताल किनारे घूम रहे थे। इस दौरान बाइक से आए मनबढ़ युवकों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उनकी कार में भी तौड़फोड़ कर दी। युवक और युवती शहर के एक होटल में काम करते हैं। घटना के समय राहगीरों ने उनकी मदद की और पुलिस के पास ले गए। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई पुलिस और सर्विलांस की मदद से शनिवार को एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद अधिकारियों ने भी इसे संज्ञान लिया है। वहीं नोएडा के युवक और झारखंड की युवती की शादी होने वाली है, दोनों इस घटना से काफी डर गए हैं। जानिए पूरा मामलानोएडा का युवक और झारखंड की युवती शहर के एक होटल में नौकरी करते हैं। गुरुवार की रात करीब 11:20 बजे दोनों खाना खाने के बाद कार से नौका विहार और ताल रिंग रोड की तरफ घूमने निकले थे। आरोप है कि मोहद्दीपुर की तरफ आरकेबीके के पीछे ताल रिंग रोड पर बाइक सवार युवक की कार से टक्कर होने से बच गई। इसके बाद बाइक सवार युवक ने अपने साथियों को बुला लिया। आरोप है कि तीन बाइकों पर सवार होकर पहुंचे करीब 6 युवकों ने कार को रोक लिया और युवती से अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर साथ मौजूद युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। आरोपियों ने युवक का मोबाइल छीन लिया और कार का शीशा भी तोड़ दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद राहगीर मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले। इस दौरान कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सीमा विवाद में ढाई घंटे भटकते रहे पीड़ितघटना के बाद राहगीर पीड़ित युवक-युवती को लेकर कैंट थाने की एक चोकी पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल अपने क्षेत्र में नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें दूसरी पर चौकी भेज दिया। इसके बाद पीड़ित कैंट थाने पहुंचे, जहां से उन्हें दोबारा मोहद्दीपुर चौकी भेजा गया। पीड़ित करीब रात साढ़े 11 बजे से दो बजे तक कार्रवाई के लिए चौकी और थाने के चक्कर लगाते रहे। बाद में एक पुलिस अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस सक्रिय हुई। टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और लूटे गए मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया। पुलिस ने जांच के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। राहगीर नहीं पहुंचते तो बढ़ सकती थी घटना घटना के दौरान मौके पर मौजूद संजय पासवान ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। उनका कहना है कि राहगीरों ने बीच-बचाव कर युवक-युवती को बचाया, नहीं तो मामला और गंभीर हो सकता था। उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। आरोपी बाइक सवारों ने दंपति से भी की थी अभद्रतानौका विहार क्षेत्र में उत्पात मचाने वाले बाइक सवार युवकों ने कपल से पहले एक अन्य दंपति के साथ भी अभद्रता की थी। दंपति ने घटना का वीडियो बना लिया था। आसपास के लोगों के जुटने पर आरोपी वहां से भाग निकले थे। बाद में दंपति को नोएडा के युवक के साथ मारपीट और मोबाइल लूट की जानकारी हुई तो वे भी पीड़ितों के साथ चौकी और थाने पहुंचे थे। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इस संबंध में सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि गुरुवार रात बृहस्पतिवार रात में घटना की सूचना मिली थी, पता चला था कि कार से ठोकर लगने के बाद बाइक सवार युवकों ने कार सवार से मारपीट की थी। मामले में तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
साइबर फ्रॉड:पीडीएफ खोलते ही मोबाइल हैंग, खाते से निकल गए 96 हजार रुपए
राजधानी में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कहीं क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, कहीं कूरियर अपडेट, कहीं रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने तो कहीं इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बंद कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर ली गई। पुलिस ने सभी मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार मामले दर्ज... बैंक कर्मचारी व कूरियर एजेंट बनकर वारदात कार्ड ब्लॉक कराया, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत ऐशबाग पुलिस के मुताबिक ओल्ड सुभाष नगर निवासी 60 वर्षीय अरविंद अग्रवाल को 30 जून को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। उसने वॉट्सएप पर कार्ड की डिटेल भेजकर सत्यापन कराया और बातचीत में उलझाए रखा। इसी दौरान कार्ड से 50 हजार रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो गया। संदेह होने पर अग्रवाल ने चैट बंद की। बैंक से ट्रांजेक्शन की पुष्टि के बाद कार्ड ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पार्सल का पता अपडेट करने के बहाने दो बार निकाले पैसे बाग सेवनिया पुलिस के अनुसार अंजू अरविंद पीटी को 27 जून की दोपहर एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताकर पार्सल का पता अपडेट करने के बहाने वॉट्सएप पर पीडीएफ फाइल भेजी। फाइल खोलते ही मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल होने का संदेश आया और फोन हैंग हो गया। कुछ देर बाद मोबाइल चालू हुआ तो खाते से 78 हजार और 18 हजार रुपए के दो ट्रांजेक्शन हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने बैंक और यूपीआई सेवाएं ब्लॉक कराकर साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने के नाम पर 41 हजार रुपए उड़ाए बाग सेवनिया पुलिस के मुताबिक पूजा शर्मा के पास 4 जुलाई को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को इंडसइंड बैंक का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने का झांसा दिया। इसके बाद वॉट्सएप पर लिंक भेजा गया। लिंक खोलकर उन्होंने कार्ड की जानकारी दर्ज की। इसी दौरान मोबाइल पर आया ओटीपी स्वत: फॉरवर्ड हो गया और खाते से तीन ट्रांजेक्शन में 35,690 रुपए, 4,000 रुपए और 1,500 रुपए निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन बंद कराने के बहाने 65,549 रुपए की ठगी : कटारा हिल्स पुलिस के अनुसार दुष्यंत कटियार के पास 3 जुलाई को कॉल आया। कॉलर ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन सुविधा चालू है, जिसके लिए 995 रुपए का शुल्क देना होगा। सुविधा बंद कराने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे और खाते से 60,499 रुपए तथा 5,050 रुपए के दो ट्रांजेक्शन हो गए। कुछ समय के लिए मोबाइल भी हैंग हो गया। इसके बाद पीड़ित ने साइबर सेल पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जहां जीरो एफआईआर कायम की गई।
गाजियाबाद में 9 जुलाई की रात एमआर दामाद ने अपने 65 साल के ससुर अनार सिंह की हत्या कर दी थी। शनिवार को भी गाजियाबाद पुलिस ने आरेापी दामाद संदीप चौधरी की तलाश में गाजियाबाद, मोदीनगर, हापुड़ और बुलंदशहर में दबिश दी। पुलिस की जांच में आया है कि घटना के बाद आरोपी ने मोदीनगर में ही मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया था। जिसकी तलाश में बुलंदशहर में भी दबिश दी गई है। अब पुलिस 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी कर ही है। हत्या करने के लिए पैदल ही गया मोदीनगर के फफराना रोड के रहने वाले अनार सिंह (65) मोदी रबर फैक्ट्री के रिटायर्ड कर्मचारी थे। उनकी 3 बेटियां और एक बेटा है। संदीप चौधरी मूल रूप से बुलंदशहर के शिकारपुर का रहने वाला है। अभी वह मोदीनगर के ब्रह्मपुरी इलाके में रह रहा है। संदीप ने मोनिका उर्फ मोनू ने संदीप से लव मैरिज की थी। आद दिन संदीप चौधरी अपनी पत्नी को बंधक बनाकर पीटता था। जिसके चलते पत्नी मोनिका अपने मायके चली गई। पत्नी की हत्या के इरादे से ही संदीप ससुराल पहुंचा था, जहां उसने अपने ससुर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मोनिका के भाई दीपांशु चौधरी ने अपने बहनोई संदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी का कहना है कि आरोपी की गिरफतारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संतकबीरनगर पुलिस ने 161 गुमशुदा एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। पुलिस की तकनीकी जांच और CEIR पोर्टल के प्रभावी उपयोग से यह सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व वाली सर्विलांस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की। टीम ने CCTNS, IMEI ट्रैकिंग और CEIR पोर्टल का उपयोग कर मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइल फोन केवल संतकबीरनगर से ही नहीं, बल्कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, तमिलनाडु, गुजरात, बिहार, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लखनऊ सहित कई अन्य राज्यों से भी ट्रेस किए गए। संबंधित राज्यों की पुलिस के सहयोग से इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जाएगा। मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे IMEI नंबर के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस करना संभव हो सकेगा।
कटिहार नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 385.25 ग्राम स्मैक के साथ दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से मादक पदार्थ के अलावा दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कटिहार एसडीपीओ विशाल कुमार ने बताया कि नगर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी। यह सूचना गाछी टोला स्थित बट-पीपल वृक्ष के समीप दो व्यक्तियों के अवैध मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री में संलिप्त होने के संबंध में थी। सूचना के सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लियापुलिस को देखते ही दोनों संदिग्ध भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान पटेल चौक निवासी 27 वर्षीय गोलू कुमार (पिता स्व. दिलीप कुमार) और 28 वर्षीय नितेश झा उर्फ बिट्टू झा (पिता अशोक झा) के रूप में हुई। इसके बाद, दोनों की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 385.25 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। साथ ही, दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद स्मैक की आपूर्ति कहां से की गई थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार देश में संचालित सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम (कॉमन स्टैंडर्ड) लागू करने पर विचार कर रही है।
भागलपुर के शाहकुंड थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है। यहां एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमारी में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मौके से अवैध हथियार, अर्द्ध-निर्मित हथियारों के पार्ट्स और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहकुंड थाना क्षेत्र के हरनाथ गांव निवासी मोहम्मद शौकत हुसैन के बेटे मोहम्मद रिजवान अपने घर में अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालित कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद बंगाल एसटीएफ के इनपुट, बिहार एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) और शाहकुंड थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने थानाध्यक्ष पवन कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की। मुंगेर के कासिमबाजार के रहने वाले बदमाश अरेस्ट कार्रवाई के दौरान मौके से मुंगेर के कासिमबाजार के रहने वाले मोहम्मद कासिम, मोहम्मद समीम और शाहकुंड के रहने मोहम्मद मिराज और जब्बार मंसूरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक नाली बंदूक, आठ मोबाइल फोन, दो ड्रिल मशीन, एक छेनी, हथौड़ी, आठ बर्मा ड्रिल, सात अर्द्ध-निर्मित हथियारों की लोहे की बॉडी, लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, रेती, सरसी समेत हथियार निर्माण में प्रयुक्त कई उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पूछताछ के दौरान कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बड़ी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण जब्त शनिवार को सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस वार्ता में बताया कि SSP के निर्देश पर जिले में अवैध हथियार, शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शाहकुंड में संचालित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का सफल खुलासा किया गया। बंगाल एसटीएफ के इनपुट और बिहार एसटीएफ, डीआईयू और शाहकुंड थाना पुलिस के समन्वित प्रयास से यह कार्रवाई संभव हो सकी। सिटी एसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है और बड़ी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण और अर्द्ध-निर्मित हथियार बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और अवैध हथियार निर्माण व तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।
बिहार के बरौनी-कटिहार रेलखंड पर स्थित मानसी स्टेशन पर मोबाइल झपटमारी की कोशिश में एक युवक ट्रेन से लटक रह गया। जनहित एक्सप्रेस के खुलते ही उसने ट्रेन की खिड़की के बाहर से यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन यात्रियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद युवक चलती ट्रेन की खिड़की से करीब 20 मिनट तक लटका रह गया। यात्रियों ने उसे खगड़िया स्टेशन तक नहीं छोड़ा। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है। वहीं, खगड़िया पहुंचते ही रेल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। मानसी स्टेशन से ट्रेन खुलते ही की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जनहित एक्सप्रेस जैसे ही मानसी स्टेशन से रवाना हुई, उसी दौरान आरोपी ने खिड़की से हाथ डालकर एक यात्री का मोबाइल झपटने का प्रयास किया। हालांकि, यात्री ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया। आसपास बैठे अन्य यात्रियों ने भी मदद की और युवक को छोड़ने नहीं दिया। ट्रेन की रफ्तार बढ़ने के बावजूद आरोपी खुद को छुड़ा नहीं सका। यात्रियों ने उसे मजबूती से पकड़े रखा, जिससे वह करीब 10 किलोमीटर तक खिड़की से लटका रहा। यात्रियों के नाम पूछने पर झूठ बोला आरोपी इस दौरान यात्रियों ने उसका नाम और पता भी पूछा। वायरल वीडियो में युवक पहले अपना नाम 'छोटू' बताता है। बाद में वह कहता है कि उसके पिता का नाम छोटू यादव है और उसका अपना नाम पंकज यादव है। वह खुद को लखमीनिया गांव का निवासी बताते हुए दावा करता है कि वह अपने एक रिश्तेदार को खोजने आया था। हालांकि, बाद में रेल पुलिस की जांच में उसकी पहचान बरकत मंसूरी, निवासी मुमताज मोहल्ला, नवगछिया के रूप में हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में युवक द्वारा बताई गई पहचान और पता गलत था। वह अपनी वास्तविक पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था। रेलवे प्रशासन भी हुआ सतर्क घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मानसी रेल थाना प्रभारी सौरव कुमार ने बताया कि शुरुआती सूचना में ऐसा लगा था कि कोई व्यक्ति चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन की गति कम कराने की सूचना भी दी गई थी। बाद में स्पष्ट हुआ कि युवक मोबाइल झपटने की कोशिश के दौरान यात्रियों के हत्थे चढ़ गया था और खिड़की से लटका हुआ खगड़िया स्टेशन तक पहुंच गया। खगड़िया स्टेशन पर दबोचा गया खगड़िया स्टेशन पहुंचते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेल थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बरकत मंसूरी, निवासी मुमताज मोहल्ला, नवगछिया के रूप में हुई। रेलवे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खगड़िया रेल थाना कांड संख्या 45/26 दर्ज किया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(5) और 304(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित झपटमार गिरोह से जुड़ा है या नहीं। यात्रियों की हो रही सराहना घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यात्रियों की सतर्कता की व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि यात्रियों ने तुरंत साहस नहीं दिखाया होता, तो आरोपी आसानी से मोबाइल लेकर फरार हो सकता था। वहीं इस घटना ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बढ़ रही मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
धार्मिक नगरी उज्जैन के सबसे व्यस्त और पॉश व्यावसायिक क्षेत्र फ्रीगंज में शुक्रवार देर रात बेखौफ चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने यहां स्थित 'हाई चॉइस' और 'एसएस मोबाइल' शोरूम के ताले और शटर तोड़कर करीब 60 लाख रुपए कीमत के 95 से अधिक प्रीमियम स्मार्टफोन चोरी कर लिए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। देखिए तस्वीरों में चोर… कार से पहुंचे तीन नकाबपोश बदमाश प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात करीब 2:45 बजे तीन नकाबपोश बदमाश एक सफेद रंग की कार से मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने पहले दोनों दुकानों के शटर और ताले तोड़े, फिर अंदर घुसकर शो-केस के कांच तोड़ दिए। इसके बाद उन्होंने केवल महंगे और प्रीमियम ब्रांड के मोबाइल फोन समेटे और कुछ ही मिनटों में फरार हो गए। दो दुकानों से 95 से अधिक मोबाइल चोरी पुलिस और व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हाई चॉइस मोबाइल शॉप से करीब 45 प्रीमियम स्मार्टफोन, जबकि एसएस मोबाइल से लगभग 50 महंगे मोबाइल फोन चोरी हुए हैं। चोरी गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी जा रही है। जिस तरीके से बदमाशों ने केवल महंगे हैंडसेट्स को निशाना बनाया, उससे आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले से दुकान की रेकी की थी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिनमें सफेद कार से आए तीन संदिग्ध बदमाश साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब कार की पहचान कर उसके आने-जाने के रूट की जांच कर रही है। फॉरेंसिक और साइबर टीम भी जांच में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को मौके पर बुलाया। दुकानों से वैज्ञानिक साक्ष्य और उंगलियों के निशान जुटाए गए हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा- जल्द होंगे आरोपी गिरफ्तार माधव नगर थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, टोल नाकों और आसपास के जिलों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी गया माल बरामद किया जाएगा।
जालंधर में लड़की से मोबाइल छीनकर भाग रहे तीन स्नेचरों में से एक को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गुस्साए मोहल्ला निवासियों ने आरोपी को पकड़कर फटकार लगाई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ मामले की जांच कर रही है। घटना राय नगर इलाके की है, जहां शुक्रवार रात 3 आरोपी छोटी बच्चियों से मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम दे रहे थे। पीड़ितों के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग और राहगीर मौके पर एकत्र हो गए। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने घेराबंदी कर एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। हालांकि, उसके दो साथी फरार होने में कामयाब रहे। कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और बहाने बनाने लगा पकड़े गए युवक को लेकर मौके पर काफी हंगामा हुआ। कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी पहले उनके साथ काम करता था, लेकिन कथित तौर पर जल्दी पैसे कमाने की चाह में वह चोरी की वारदातों में शामिल हो गया। लोगों ने जब उससे चोरी किए गए मोबाइल और उसके साथियों के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और बहाने बनाने लगा। पुलिस कस्टडी में आरोपी, जांच जारी सूचना मिलते ही बस्ती बावा खेल थाना क्षेत्र की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए मौके पर पकड़े गए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके फरार साथियों की तलाश जारी है। आरोपी के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
स्नैचिंग करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 15 मोबाइल और बाइक बरामद
भास्कर न्यूज | लुधियाना सीआईए स्टाफ ने भोले-भाले लोगों को डरा-धमकाकर मोबाइल छीनने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 15 चोरी के मोबाइल फोन, एक लोहे की दातर (तेजधार हथियार) और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक प्लैटिना मोटरसाइकिल बरामद की गई है। सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर अवतार सिंह की देखरेख में की गई है। पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को सीआईए स्टाफ की पुलिस टीम थाना डिवीज़न नंबर 8 के इलाके में नाकाबंदी कर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि दो शातिर अपराधी राहगीरों को दातर दिखाकर मोबाइल छीनने की वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपियों को मोटरसाइकिल समेत गिरफ्तार कर लिया। पूरा नेटवर्क था सक्रिय: चोरी के मोबाइल खरीदकर प्रवासियों को महंगे दामों में बेचता था तीसरा आरोपी पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के मुख्य आरोपी सौरव शर्मा और सरबजीत सिंह उर्फ साबी राहगीरों से मोबाइल छीनते थे। इसके बाद वे इन मोबाइलों को सस्ते दामों पर मोहम्मद कादिर नाम के व्यक्ति को बेच देते थे। मोहम्मद कादिर इन चोरी के मोबाइलों को आगे गरीब लोगों और प्रवासी मजदूरों को बिना बिल के महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाता था। गिरफ्तारी के समय आरोपियों से 6 मोबाइल फोन, 1 लोहे की दातर और मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने थाना डिवीज़न नंबर 8 में मामला दर्ज किया। अदालत से एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद, आरोपी सौरव शर्मा के बयान पर 7 और मोबाइल फोन बरामद किए गए। तीसरे आरोपी मोहम्मद कादिर से गहन पूछताछ के बाद 2 और मोबाइल फोन बरामद हुए। इस तरह कुल बरामद मोबाइलों की संख्या 15 हो गई है।
भिंड जिले के गोरमी थाना क्षेत्र के डिडौना गांव में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठग ने एक किसान के बैंक खाते से कुछ ही मिनटों में दो ट्रांजेक्शन कर 99 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि उसने किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते की कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, डिडौना गांव निवासी रामप्रकाश पुत्र बाबूराम शर्मा का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। 11 मई 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे उनके मोबाइल पर 39 हजार रुपये खाते से कटने का संदेश आया। वह इसे समझ पाते, इससे पहले ही 60 हजार रुपये का दूसरा ट्रांजेक्शन भी हो गया। कुछ ही मिनटों में खाते से कुल 99 हजार रुपये निकल गए। बिना ओटीपी दिए ही खाते से राशि कटीराशि कटने की जानकारी मिलते ही रामप्रकाश ने बैंक से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने गोरमी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं दी थी, फिर भी उनके खाते से रकम निकाल ली गई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे साइबर धोखाधड़ी मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रेल के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
मोगा जिले के कस्बा बाघापुराना से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल की शिक्षिका पिछले चार दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। 7 जुलाई (मंगलवार) को लापता हुई शिक्षिका का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे उनका परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। स्थानीय पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है। थाना बाघापुराना के प्रभारी (SHO) जनक राज ने बताया कि लापता शिक्षिका के पति चरणजीत सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर पिछले 16 वर्षों से नजदीकी गांव रजियाना के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में अध्यापिका (टीचर) के रूप में कार्यरत हैं। रोज की तरह वे 7 जुलाई को भी स्कूल गई थीं, लेकिन दोपहर के समय उन्होंने अपने पति चरणजीत सिंह को फोन कर बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वे स्कूल से हाफ-डे (छुट्टी) लेकर एक ऑटो-रिक्शा से वापस घर आ रही हैं। परिजनों ने हर जगह ढूंढा, पर नहीं मिला कोई सुराग पति चरणजीत सिंह ने बताया कि फोन पर बात होने के काफी समय बाद भी जब गुरप्रीत कौर घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने गुरप्रीत के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, सहेलियों और अस्पताल आदि में उनकी काफी तलाश की, लेकिन जब चार दिनों तक उनका कहीं कोई पता नहीं चला, तो थक-हारकर मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी गई। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगालने में जुटी पुलिस थाना प्रभारी जनक राज ने बताया कि मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें शिक्षिका की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस द्वारा स्कूल से लेकर बाघापुराना के रास्ते में आने वाले सभी मुख्य चौकों और बाजारों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस ऑटो में बैठी थीं। इसके साथ ही, साइबर सेल की मदद से लापता शिक्षिका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आखिरी मोबाइल टावर लोकेशन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
पानीपत जिले में इसराना की विश्वकर्मा कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान से स्कूटी, की-पैड फोन और 800 रुपए नकद चोरी हो गए। यह घटना तब हुई जब मकान में काम करने के लिए आया एक व्यक्ति रात को वहीं रुका और अगली सुबह सामान लेकर फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव बवाना लाखु निवासी अजय, विश्वकर्मा मंदिर के पास अपना नया मकान बनवा रहे थे। उन्होंने अपने गांव के सतीश को मजदूरी पर रखा था। 8 जुलाई को मजदूरों की कमी होने पर सतीश को पानीपत भेजा गया, जहां से वह संजय चौक से एक मिस्त्री को काम पर लाया। सुबह स्कूटी लेकर मिस्त्री हुआ फरार दिनभर काम करने के बाद, मिस्त्री और सतीश रात को निर्माणाधीन मकान में ही सो गए। अगली सुबह जब सतीश उठा, तो उसने देखा कि कमरे में खड़ी स्कूटी, एक छोटा की-पैड फोन और 800 रुपए नकद गायब थे। सतीश ने तुरंत फोन कर मकान मालिक अजय को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर अजय तुरंत विश्वकर्मा कॉलोनी पहुंचे और आसपास चोर की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद अजय ने इसराना थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
शाजापुर कोतवाली क्षेत्र में एक मोबाइल टॉवर से दो बार नई केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना हॉट मैदान स्थित रोड पर नोबल हॉस्पिटल के सामने की है। टॉवर संचालक कंपनी के प्रतिनिधि ने कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। तीन दिन के भीतर बदमाशों ने दो बार काटी केबल फरियादी आशीष राठौर (निवासी आदित्य नगर, शाजापुर) ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि टंकी चौराहा स्थित भगत सिंह मार्ग पर एलटस कंपनी का मोबाइल टॉवर लगा हुआ है। इस टॉवर से बदमाशों ने पहले 6 जुलाई की रात और फिर उसके बाद 9 जुलाई की रात को नई केबल चोरी कर ली। सेवाएं प्रभावित होने की आशंका कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार लगातार हुई इन चोरियों से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, साथ ही टॉवर की मोबाइल सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कोतवाली पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात चोरों का सुराग लगाया जा सके।
जयपुर वेस्ट पुलिस ने ‘म्यूल हंटर’ ऑपरेशन के तहत साइबर सेल की मदद से बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड में 5 क्रिमिनर्ल्स को अरेस्ट किया। वहीं 1 करोड़ रुपए कीमत के मोबाइल को ब्लॉक करवाए गए। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- म्यूल हंटर ऑपरेशन के तहत बिंदायका, खोरा बिसल, करधनी में 4 केस में 5 साइबर क्रिमिनर्ल्स को गिरफ्तार किया। मई और जून के दौरान साइबर क्रिमिनर्ल्स की ओर से की ठगी करीब 2.85 करोड़ रुपए होल्ड कराए गए। इसके अलावा साइबर क्राइम के मामलों में दर्ज शिकायतों में से करीब 97 लाख रुपए की रकम वापस पीड़ितों के बैंक अकाउंट में दिलवाई गई। 40 लाख के मोबाइल मिले, 1 करोड़ के कराए ब्लॉक सीईआईआर पोर्टल और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से 215 खोए हुए मोबाइल बरामद किए गए। इनकी मार्केट कीमत करीब 40 लाख रुपए है। पुलिस ने इन मोबाइलों को उनके ऑनर को बुलाकर सौंपा। इसके अलावा साइबर क्राइम में यूज किए गए 300 से ज्यादा मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक करवाए गए हैं। ये थे साइबर फ्रॉड के मामले फोन-पे क्लोन ऐप से फ्रॉड करधनी थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से एक साइबर क्रिमिनल को अरेस्ट किया। फोन-पे एप का फेक क्लोन बनाकर दुकानदारों को पेमेंट का झांसा देकर फ्रॉड करता था। फेक क्लोन से अब तक 50 से अधिक लोगों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल बरामद किए। फेक बैंक अकाउंट से 1.25 करोड़ का लेन-देन करधनी थाना पुलिस ने अन्य मामले में साइबर फ्रॉड के लिए बैंक अकाउंट उपलब्ध करने वाले क्रिमिनल को अरेस्ट किया। ठग के बैंक अकाउंट में करीब 1.25 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन मिला। पुलिस मामले में गैंग से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। सस्ते ट्रैवल पैकेज से फ्रॉड साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर फेक ट्रैवल पैकेज का विज्ञापन देकर लोगों से ठगी करने वाले क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। वह एडवांस रकम लेने के बाद पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था। पुलिस की ओर से फ्रॉड में यूज दो मोबाइल जब्त कर ठगे गए पीड़ितों की पहचान कर रही है। OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी खोरा बिसल थाना पुलिस ने OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से एडवांस रकम वसूलने वाले आरोपी को अरेस्ट किया। वह रुपए लेने के बाद मोबाइल भेजने के बजाय पीड़ितों से कॉन्टैक्ट खत्म कर देता था। पुलिस ने उससे 25 क्रेडिट कार्ड, 2 मोबाइल और 7 सिमकार्ड बरामद किए।
फतेहाबाद की साइबर थाना पुलिस ने 5 लाख 80 हजार रुपए की ठगी के मामले में दो आरोपियों को काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई पूरी राशि भी बरामद करके पीड़ित को वापस दिलवा दी है। दोनों आरोपी हांसी जिले के रहने वाले है। दोनों आरोपियों को पुलिस जमानत पर रिहा किया गया है। साइबर थाना प्रभारी राहुल देव ने बताया कि रतिया के वार्ड नंबर 17 निवासी गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके एचडीएफसी बैंक खाते से लिंक्ड पुराना मोबाइल नंबर बंद हो जाने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस नंबर को अपने नाम पर पुनः एक्टिव करवा लिया। इसके बाद आरोपी ने बैंक से एटीएम कार्ड दोबारा जारी (री-इश्यू) करवा लिया। जून महीने में अकाउंट से निकाली राशि शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इसके बाद 4 जून से 9 जून के बीच उसके बैंक खाते से पांच लाख 80 हजार रुपए निकाल लिए। उसे जब इस धोखाधड़ी के बारे में पता चला तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच शुरू की और 6 जुलाई को बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत केस दर्ज कर लिया। हांसी जिले के निवासी निकले आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान हिसार जिले के गांव खेड़ी गगन निवासी सचिन और पुठी मंगल खां निवासी विनोद के रूप में की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर उनके कब्जे से ठगी की गई पूरी राशि बरामद कर ली। इसके बाद शिकायतकर्ता को राशि लौटाई गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ गुरुग्राम की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में उन्हें कथित फर्जी मोबाइल एक्सपोर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मास्टरमाइंड बताया है। ED का दावा है कि इस मामले में 103 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई है। जांच के अनुसार, संजीव अरोड़ा ने आईफोन का निर्यात दुबई भेजने का दावा किया, लेकिन जांच में पता चला कि मोबाइल भेजे ही नहीं गए और पूरा एक्सपोर्ट केवल कागजों में दिखाया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी खरीद बिल और निर्यात से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए। ED इस मामले में अरोड़ा की 55 करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है। ED का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए निर्यात से मिलने वाले वित्तीय लाभ हासिल करने और अवैध धन के स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी ने करीब 44 हजार मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात का दावा किया है। संजीव अरोड़ा को ईडी ने इसी साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर दिनभर चली छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके सभी मंत्रालय अन्य मंत्रियों को सौंप दिए थे। गुरुग्राम की अदालत से रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था, जब से वह जेल में ही हैं। चार्जशीट में ED के ये बड़े दावे किए **************** ये खबर भी पढ़ें: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा फिलहाल जेल में ही रहेंगे: जमानत पर फैसला टला, हाईकोर्ट ने ED से मांगी स्टेटस रिपोर्ट; अगली डेट पर होगी चर्चा पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई फिलहाल टाल दी है। अदालत ने जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को सुनवाई होगी। (पढ़ें पूरी खबर)
शाहजहांपुर में एक युवक पिछले 12 घंटे से अधिक समय से मोबाइल टावर पर चढ़ा हुआ है। यह घटना तिलहर थाना क्षेत्र के कछियानी खेड़ा के पास की है। पुलिस और प्रशासन उसे नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। युवक गुरूवार की रात करीब 10 बजे चढ़ा था। पुलिस के अनुसार, युवक का मोबाइल हरियाणा में किसी ने छीन लिया था, जो बाद में वापस मिल गया। हालांकि, इस मामले में हरियाणा में एक शिकायत दर्ज की गई थी। युवक इसी बात से नाराज होकर टावर पर चढ़ा है। युवक की पहचान कटरा थाना क्षेत्र के बंशसान मोहल्ले निवासी आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी पहचान कर उसके पिता गुड्डू यादव को मौके पर बुलाया है। पिता गुड्डू यादव ने बताया कि उन्हें टावर पर चढ़ने का पूरा कारण नहीं पता, लेकिन इतनी जानकारी है कि आकाश का हरियाणा में कुछ रुपये को लेकर विवाद हुआ था। वह 7 जुलाई को ही हरियाणा से वापस घर आया था। सीओ तिलहर इशिता सिंह ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, हरियाणा में उसके मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद एक शिकायत भी दर्ज हुई थी। युवक इसी से नाराज है। उन्होंने यह भी बताया कि युवक से ठीक से संपर्क नहीं हो पा रहा है, इसलिए सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
फतेहपुर में मोबाइल लोन विवाद:ग्राहक और दुकानदार में मारपीट, दुकान में तोड़फोड़, CCTV फुटेज सामने आया
फतेहपुर जिले में एक मोबाइल फोन के भुगतान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। थरियांव थाना क्षेत्र के कस्बे में गुरुवार के दिन शाम ग्राहक और दुकानदार के बीच हुई मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कस्बे में स्थित अंकित टेलीकॉम से सुशील कुमार नामक युवक ने लोन पर एक मोबाइल फोन खरीदा था। सुशील का आरोप है कि उसे 16,000 रुपये कीमत का फोन दिया गया, लेकिन उसके नाम पर 22,000 रुपये का लोन कर दिया गया। सुशील गुरुवार को फोन बदलने और लोन की राशि को लेकर बात करने दुकान पहुंचा। आरोप है कि वहां दुकानदार और दुकान में मौजूद करीब सात कर्मचारियों ने उसे और उसके दो साथियों को बंधक बनाकर मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को छुड़ाकर स्थिति को शांत कराया। दूसरी ओर, दुकानदार रामबाबू ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मोबाइल लोन के भुगतान को लेकर कुछ गलतफहमी थी, जिसे समझाया जा रहा था। इसी बीच, सुशील अपने दो साथियों के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचा और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। दुकानदार के अनुसार, हमलावरों ने दुकान में जमकर तोड़फोड़ की, सामान क्षतिग्रस्त कर दिया और उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन के लोन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी थी। प्रारंभिक विवाद के बाद दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया गया था,लेकिन बाद में युवक द्वारा साथियों के साथ दुकान पर हमला कर तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने की शिकायत मिली है। शुक्रवार को दुकानदार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मारपीट का पूरा वाक्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय लगी, जब सुबह परिजनों ने उसे कमरे में फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान आयुषी ठक्कर के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद की एक निजी कंपनी के इंदौर कार्यालय में कार्यरत थी। मौके की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि जांच के लिए मृतका का लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल डिवाइस की जांच के आधार पर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने किसी भी तरह के प्रेम प्रसंग या अन्य विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि आयुषी स्वभाव से शांत थी और घर के सभी सदस्यों का काफी ध्यान रखती थी। आयुषी के पिता संतोष ठक्कर एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार में एक छोटी बहन और एक भाई भी हैं। फिलहाल बाणगंगा पुलिस मर्ग कायम कर सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल-लैपटॉप की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। पैर टूटने के बाद तनाव में था मैकेनिक, जहर खाकर दी जान राऊ थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 50 वर्षीय लेथ मशीन मैकेनिक ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बैजनाथ पुत्र गुरुचरण चौहान के रूप में हुई है। गुरुवार रात जहर खाने के बाद परिजन उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बैजनाथ का करीब 10 वर्ष पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। इसके बाद वह अपने भाई, भाभी और भतीजों के साथ रह रहा था। पुलिस ने शुरू की जांच परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले बैजनाथ का पैर टूट गया था, जिसके कारण वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा था। चोट की वजह से वह काम पर भी नहीं जा पा रहा था। इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। आशंका है कि इसी तनाव के चलते उसने जहर खा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
ग्वालियर अपील समिति सदस्य का चुनाव आज:पार्षदों के लिए आईडी अनिवार्य, मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध
ग्वालियर नगर निगम की अपील समिति के एक अनारक्षित सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया आज (10 जुलाई) दोपहर 2:30 बजे से नगर निगम परिषद सम्मेलन स्थल पर आयोजित की जाएगी। इस निर्वाचन में भाग लेने वाले सभी पार्षदों के लिए वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा, जबकि परिषद हॉल के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने मतदान स्थल, बैठक व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने भी निरीक्षण किया है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए चुनाव के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। प्रशासन ने निर्वाचन में शामिल होने वाले सभी पार्षदों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मतदान स्थल पर पहुंचें, अपना पहचान पत्र साथ रखें और निर्वाचन हॉल में मोबाइल फोन न लाएं। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
मरीजों के बीच वार्ड में घुसी युवती, मोबाइल और पर्स की चोरी के आरोप में गिरफ्तार
गुमला|सदर अस्पताल गुमला के वार्ड संख्या-125 में गुरुवार तड़के चोरी की कोशिश से हड़कंप मच गया। मरीजों और उनके परिजनों की सतर्कता से मोबाइल और पर्स चोरी के आरोप में एक युवती को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे युवती ने पहले वार्ड में मौजूद एक युवक का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसने एक महिला का पर्स उठाकर अस्पताल के बाथरूम में छिपाने का प्रयास किया। महिला को शक होने पर उसने शोर मचाया, जिससे वार्ड में मौजूद लोग सक्रिय हो गए और युवती को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान युवती के पास से महिला का पर्स बरामद कर लिया गया। लोगों की पूछताछ के बाद उसने युवक का मोबाइल भी वापस कर दिया। घटना से नाराज कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में लेकर थाना ले गई। बताया जा रहा है कि युवती का उपनाम सेनोरिटा है और वह गुमला के शास्त्री नगर की रहने वाली है। गुमला|जिले में बारिश के साथ सर्पदंश की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन छह से दस लोग सांप के काटने का शिकार होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार देर रात अलग-अलग क्षेत्रों से छह नए मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए। सर्पदंश के शिकार होने वालों में अंबोआ निवासी 35 वर्षीय सादिक अंसारी, रायडीह प्रखंड के पिबो निवासी 39 वर्षीय बिरसु खड़िया, गुमला के कुटमा निवासी 41 वर्षीय एतवारी असूर, सिलम पानदम टोली निवासी 15 वर्षीय निकिता मिंज, रायडीह के तियन टोंगरी निवासी 51 वर्षीय नूनी देवी तथा सिसई प्रखंड के मगलो निवासी 32 वर्षीय करमी उरांव शामिल हैं। परिजन ने सभी घायलों को तत्काल गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने एंटी वेनम का डोज देकर उनका इलाज शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई और उनका उपचार जारी था। लगातार बढ़ रहे सर्पदंश के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही, सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।
मामोनी में मोबाइल नेटवर्क ठप, 10 डायल पर लगती है एक कॉल
कस्बे सहित आसपास के खांडा सहरोल, बिची, मोहनपुर गांवों के ग्रामीण कई महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या झेल रहे हैं। कॉल ड्रॉप हो रहे हैं। इंटरनेट बंद रहता है। इमरजेंसी में भी संपर्क नहीं हो पा रहा। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि 5जी, 4जी के नाम पर 2जी भी नहीं चल रहा। ग्रामीणों के मुताबिक 10 बार डायल करने पर 1 बार कॉल कनेक्ट होती है। कॉल बीच में कट जाती है। इंटरनेट ठप होने से ऑनलाइन क्लास रुक गई है। यूपीआई पेमेंट नहीं हो रहे। आधार अपडेट का काम भी अटका है। गांव से 1 किमी दूर टॉवर है, जिसके चलते घर के अंदर नेटवर्क नहीं आता। हल्की बारिश में सभी कंपनियों के सिग्नल गायब हो जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों को हो रही है। ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे। क्लास मिस हो रही है। किसानों को मंडी भाव देखने में परेशानी है। पीएम किसान, ई-केवाईसी नहीं कर पा रहे। महिलाएं 108, 100 जैसी इमरजेंसी सेवाओं पर कॉल नहीं कर पा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट ठप होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
कल्याणपुर के हॉस्पिटल से मरीज का मोबाइल चोरी:सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ आरोपी, पुलिस ढूंढ रही
कानपुर के कल्याणपुर में गुरुवार शाम करीब चार बजे कल्याणपुर थाना क्षेत्र पुराना शिवली रोड टूटी पुलिया स्थित न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए एक मरीज का मोबाइल फोन शातिर चोर ने पार कर दिया। पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में मरीज इलाज के लिए भर्ती था। इसी दौरान मौका पाकर एक युवक अस्पताल के अंदर पहुंचा और मरीज का मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया। कुछ देर बाद जब मरीज ने अपना मोबाइल तलाशा तो वह गायब मिला। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध युवक मोबाइल चोरी कर ले जाता दिखाई दिया। पीड़ित ने तत्काल 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने का फ़ोर्स पहुचा और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया सीसीटीवी फुटेज़ में घटना कैद हुई है शातिर की तलाश की जा रही जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
भिंड की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्ट्रीट फास्ट फूड दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। मोबाइल फूड लैब के साथ पहुंची टीम ने दुकानों में उपयोग किए जा रहे मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूने लेकर मौके पर ही उनकी प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान कई दुकानों पर खाद्य सामग्री खुले में रखी मिली और आसपास गंदगी भी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। दुकानदारों को दिए स्वच्छता के निर्देशखाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण सेंगर ने दुकानदारों को भोजन बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट वाले किसी भी खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाए और सभी प्रतिष्ठानों का फूड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने के लिए अखबार का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फूड कलर के उपयोग को लेकर भी चेतायाअधिकारियों ने बताया कि फूड कलर का उपयोग केवल आवश्यकता होने पर और निर्धारित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। मोबाइल फूड लैब में मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूनों की प्राथमिक जांच की गई, जबकि संदिग्ध नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। लोगों को मिलावट पहचानने की दी जानकारीअभियान के दौरान मानसापूर्ण हनुमान मंदिर के सामने आम लोगों को खाद्य मिलावट की पहचान के प्रति भी जागरूक किया गया। विभाग की टीम ने पंपलेट वितरित कर बताया कि घर पर भी सरल तरीकों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा सकती है। कार्रवाई में फूड केमिस्ट आरती शिवहरे सहित खाद्य सुरक्षा विभाग का अमला मौजूद रहा।
महासमुंद में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सिंघोड़ा पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 10.380 किलोग्राम गांजा और तीन मोबाइल फोन सहित कुल 5.49 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस के अनुसार, जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान एएनटीएफ को सूचना मिली कि ग्राम रेहटीखोल स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-53 किनारे तीन व्यक्ति दो पिट्ठू बैग में गांजा लेकर बस का इंतजार कर रहे हैं। ओडिशा से यूपी ले जा रहे थे गांजा सूचना पर एएनटीएफ और सिंघोड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान राकेश उर्फ राजू सिंह (50), निवासी फतेहपुर (उत्तरप्रदेश), विकास कुमार तिवारी (26), वर्तमान निवासी रायपुर तथा मूल निवासी मनेन्द्रगढ़, और सतेन्द्र कुमार निर्मल (24), निवासी फतेहपुर (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि बैग में गांजा रखा है। आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के बलांगीर से गांजा लाकर उत्तरप्रदेश के फतेहपुर में बिक्री के लिए ले जा रहे थे। 5.49 लाख की संपत्ति जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10.380 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 5.19 लाख रुपये, तथा तीन मोबाइल फोन (करीब 30 हजार रुपये) जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 5.49 लाख रुपये आंकी गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ सिंघोड़ा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब गांजा तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
महागामा सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा:मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार, टोटो और 4 मोबाइल बरामद
गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद अकरम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र की एक महिला से जुड़ा है। महिला का मोबाइल खो गया था, जिसके बाद वह ओझा-गुणी के चक्कर में अपने रिश्तेदार के यहां महागामा थाना क्षेत्र के एक गांव आ रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात टोटो चालक मोहम्मद अकरम से हुई। अकरम ने महिला को मोबाइल ढूंढने के लिए दूसरे ओझा-गुणी से मिलवाने का प्रलोभन दिया। वह महिला को घुमाते हुए लौगांय ले गया, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने 8 जुलाई को महागामा थाने में मामला दर्ज कराया था। गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद अकरम (19), नूर नबी (35), मोहम्मद युसूफ (22), मोहम्मद आसिफ (21) और खुर्शीद आलम (23) को गिरफ्तार किया है। ये सभी ग्राम लौगांय, थाना महागामा, जिला गोड्डा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक टोटो और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
बक्सर के डुमरांव थाना क्षेत्र स्थित वर्षों से बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल में संचालित अवैध जुआ के अड्डे पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ₹1.43 लाख से अधिक नकदी, 15 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल, ताश की गड्डियां और अन्य सामान बरामद किया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। डुमरांव थाना पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। गुप्त सूचना पर बनाई गई थी विशेष टीम डुमरांव थानाध्यक्ष संजय सिन्हा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल परिसर में अवैध रूप से जुआ का खेल संचालित किया जा रहा है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस की टीम जैसे ही सिनेमा हॉल परिसर में पहुंची, वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कई लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर 16 लोगों को मौके से ही दबोच लिया। नकदी, मोबाइल और बाइक बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से 1 लाख 43 हजार 810 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और ताश की कई गड्डियां बरामद कीं। पुलिस के अनुसार, बरामद ताश की गड्डियों का इस्तेमाल जुआ खेलने में किया जा रहा था। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है और उसे केस के साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। जुआ संचालकों की तलाश में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध जुआ के अड्डे का मुख्य संचालक कौन है, इसमें और किन लोगों की भूमिका रही है और यह धंधा कब से संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर मामले में अन्य आरोपितों की भी पहचान की जाएगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगा अभियान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में जुआ, शराब तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास कहीं जुआ, शराब तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने गिरफ्तार सभी 16 आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और इस मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से कमजोर 16 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वारदात का वीडियो भी बनाया और करीब पांच दिन बाद उसे पीड़िता के भाई के मोबाइल पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो अन्य लोगों के साथ भी साझा किया गया। वीडियो देखने के बाद परिजन बुधवार रात पीड़िता को लेकर कटारा हिल्स थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, जबकि उसका साथी फरार है। पुलिस हिरासत में लिए गए नाबालिग से पूछताछ कर रही है कि उसने और उसके साथी ने पहले भी पीड़िता के साथ ऐसी कोई वारदात की थी या नहीं। दोस्ती का दबाव बनाते थे आरोपी पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। मोहल्ले के दो लड़के कई दिनों से उससे दोस्ती करने और अपने साथ घूमने चलने का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह उनसे बातचीत नहीं करती थी। बात करने के बहाने सुनसान जगह ले गए पुलिस के अनुसार, 1 जुलाई को पीड़िता घर के पास अकेली थी। इसी दौरान दोनों आरोपी उसे बात करने के बहाने बस्ती के पास स्थित एक स्कूल के पीछे सुनसान स्थान पर ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना लिया। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण वह घर लौटने के बाद भी परिजनों को घटना की जानकारी नहीं दे सकी। एक नाबालिग हिरासत में, पूछताछ जारी कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(2), 351(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 5(जी) और 6 तथा आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया है। उसके फरार साथी की तलाश की जा रही है और जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और विदेश में नौकरी के नाम पर लोगों को भेजने वाले कथित नेटवर्क की जांच अब बिहार के मोतिहारी तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पूर्वी चंपारण के फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकड़ गांव में एक संदिग्ध के घर करीब चार घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने उससे लंबी पूछताछ की, उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। आगे की पूछताछ के लिए 13 जुलाई को पटना स्थित NIA कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। छापेमारी के दौरान पूरे गांव में हलचल का माहौल रहा। एनआईए अधिकारियों ने संदिग्ध कलामुद्दीन और उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की। हालांकि, एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच में मोतिहारी तक पहुंची NIA सूत्रों के अनुसार, एनआईए को इनपुट मिला था कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क देश के कई राज्यों में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर एजेंसी ने एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की, जिसमें बिहार के तीन जिले भी शामिल रहे। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित कालूपकड़ गांव भी जांच के दायरे में आया है। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को संदेह है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसके तार देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं। 'टिकट की व्यवस्था और लोगों को भेजने में थी भूमिका' जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कलामुद्दीन इस नेटवर्क की निचली कड़ी के रूप में काम करता था। उस पर लोगों के लिए हवाई टिकट की व्यवस्था कराने और उन्हें निर्देशानुसार गंतव्य तक पहुंचाने में सहयोग करने का संदेह है। हालांकि, एनआईए ने अभी तक उसकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। कंबोडिया भेजने के नाम पर रचा गया था जाल सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए लोगों को विदेश में बेहतर नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा जाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें कथित तौर पर साइबर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की ट्रेनिंग दी जाती थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक NIA की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एजेंसी इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। RC-10/2024 केस में सामने आया नाम जानकारी के अनुसार, कलामुद्दीन का नाम एनआईए के RC-10/2024/NIA/DLI मामले की जांच के दौरान सामने आया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ा केस है। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। मोबाइल से मिले डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। मुख्य आरोपी से संपर्क की भी जांच सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि कलामुद्दीन का संपर्क छपरा-गोपालगंज क्षेत्र के एक ऐसे व्यक्ति से था, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों मिलकर लोगों को विदेश भेजने की प्रक्रिया में भूमिका निभाते थे। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि लोगों को रोजगार और बेहतर आय का लालच देकर विदेश भेजा जाता था। 13 जुलाई को पटना बुलाया गया एनआईए ने कलामुद्दीन को नोटिस जारी कर 13 जुलाई को पटना स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल एनआईए इस पूरे मामले में मानव तस्करी, विदेश भेजने की प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्यों और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। वहीं, इस मामले में आधिकारिक निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
दुर्ग की मोहन नगर थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 4 हजार कैश, 10 मोबाइल और ताश की गड्डियां जब्त की गई हैं। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बुधवार 8 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर नाका इलाके में कुछ लोग ताश के पत्तों पर रुपए लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही मोहन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों ओर से घेराबंदी कर छापेमार कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से 9 लाख 4 हजार रुपए नकद, 10 मोबाइल और जुआ खेलने में इस्तेमाल हो रही ताश की गड्डियां बरामद हुईं। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में मयंक गावड़े (सेक्टर-5, भिलाई), प्रह्लाद शर्मा (लीलापुर वार्ड-8, चिल्फी), राजीव तिवारी (सदर बाजार, रायपुर), हेमलाल ढीमर (रुआबंधा, भिलाई), मनीष रात्रे (खमरिया, बेमेतरा), पंकज कुमार काठले (सगौनडीह, कबीरधाम), दुर्गेश कुमार बर्मन (पंडातराई, कबीरधाम), नागेश्वर साहू (कांदुल, रायपुर), पंकज वर्मा (उतई, दुर्ग), हेमनंदन डहरे (मोतीपुर, पंडरिया), संजय चोपड़ा (सिविल लाइन, रायपुर) और अमित सिंह (हनुमान नगर, दुर्ग) शामिल हैं। अवैध कमाई के लिए खेल रहे थे जुआ प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी आरोपी अवैध तरीके से पैसे कमाने के लिए ताश पर दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को मौके से गिरफ्तार कर बड़ी रकम बरामद की।
सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह आदेश भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर सवाई माधोपुर के अनुरोध पर जारी किया है। प्रशासन के अनुसार करौली जिले के पांचना बांध के पानी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही पोस्टों के कारण सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई थी। पांचना बांध के पानी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फैसला आदेश के अनुसार करौली जिले के पांचना बांध के पानी के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ टिप्पणियां प्रसारित की जा रही थीं। प्रशासन का कहना है कि इन पोस्टों के कारण गुर्जर और मीणा समाज के बीच तनाव बढ़ने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका थी। प्रशासन ने माना कि फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया। 2G से 5G तक सभी मोबाइल डेटा सेवाएं बंद आदेश के तहत गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास क्षेत्र की पूरी परिधि में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल डेटा इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह प्रतिबंध 8 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट 59 सेकंड से लागू हुआ है और 9 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट 59 सेकंड तक प्रभावी रहेगा। ब्रॉडबैंड और लीज लाइन सेवाएं रहेंगी चालू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्रॉडबैंड इंटरनेट और लीज लाइन सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। यानी इन सेवाओं का उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। आईटी एक्ट और टेलीकॉम नियमों के तहत जारी हुआ आदेश प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई लोक सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। आदेश Temporary Suspension of Telecom Services Rules, 2017 और आईटी एक्ट, 2000 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीकर से 3 दिन में 3 युवतियां लापता:तीनों ही बिना बताए घर से निकली, 2 का मोबाइल स्विच ऑफ
सीकर जिले में 3 दिन में तीन युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। तीनों ही युवतियां सुबह के समय घर से बिना बताए चली गई। इनमें से दो के पास मोबाइल था, जो कि अब स्विच ऑफ आ रहा है। तीनों के परिजनों ने अलग-अलग पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। पुलिस अब तीनों युवतियों की तलाश कर रही है। 3 युवतिययां घर से बिन बताए निकली पहले केस में 22 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे तक उनकी बेटी घर पर ही थी। इसके बाद वह घर पर नहीं दिखाई तो आस-पड़ोस में भी उसकी तलाश की गई लेकिन युवती का कुछ भी पता नहीं चल पाया। जब उसके मोबाइल पर कांटेक्ट किया तो वह भी स्विच ऑफ मिला। दूसरे केस में 19 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 जुलाई की रात परिवार के सभी लोग घर में सोए हुए थे। सुबह जब जागे तो देखा कि 19 साल की बेटी घर पर नहीं है। पहले तो परिवार ने सोचा कि बेटी वॉशरूम गई होगी। लेकिन काफी देर तक वह नहीं लौटी तो उसके मोबाइल पर कॉल किया गया। मोबाइल स्विच ऑफ मिला तो आसपास तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। तीसरी केस में 21 साल की युवती के चाचा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी भतीजी 8 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। युवती के पास मोबाइल भी नहीं था। ऐसे में अब उससे कांटेक्ट करना भी मुश्किल है।
किशनगंज में मोबाइल छिनतई के 2 आरोपी गिरफ्तार:छीना गया फोन, एटीएम कार्ड और बाइक बरामद
किशनगंज पुलिस ने मोबाइल छिनतई की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। यह घटना 7 जुलाई 2026 को हुई थी। ढेकसारा निवासी रामू पासवान ने थाना में लिखित आवेदन देकर बताया था कि उनकी बेटी शाम करीब 4 बजे मोबाइल पर बात करते हुए कोचिंग जा रही थी। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 747/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन किया बरामद पुलिस ने चुड़ीपट्टी कागजिया बस्ती निवासी 20 वर्षीय मोहम्मद समीर उर्फ मोहम्मद सनीर और 19 वर्षीय सगीर अंसारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी का पहले से है आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद समीर उर्फ मोहम्मद सनीर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध किशनगंज थाना में सास 2025 में एक आपराधिक मामला दर्ज है। किशनगंज पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने गुम हुए 15 मोबाइल फोन तलाश कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 2 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। लंबे समय बाद अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जताई और पुलिस का आभार व्यक्त किया। CEIR पोर्टल की मदद से मिली सफलता पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जिले में गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। तकनीकी जांच से अलग-अलग स्थानों से मिले मोबाइल थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न स्थानों से सभी मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को बुधवार शाम थाने बुलाकर सौंप दिए गए। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उनकी तलाश में मदद करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक किया जा सकता है। यदि गुम मोबाइल में कोई दूसरा सिम इस्तेमाल किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी ट्रैकिंग में पुलिस को मदद मिलती है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से 15 लोगों को अपने गुम मोबाइल वापस मिल सके। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल का उपयोग करें, ताकि मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ सके।
WhatsApp पर बिना मोबाइल नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है नया Username फीचर, जानिए कैसे करेगा काम
अगर आप किसी नए व्यक्ति से WhatsApp पर बात करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते तो जल्द ही यह संभव होगा। WhatsApp एक नया Username फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना फोन नंबर बताए भी बातचीत शुरू कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी ...
अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्वेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके इलाके में उपलब्ध होगा, तब वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। वॉट्सएप सीआओ कुणाल शाह ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने फीचर सार्वजनिक होने से पहले ही अपना यूजरनेम रिजर्व कर लिया है। उन्होंने लोगों से भी जल्द अपना पसंदीदा यूजरनेम लेने की अपील की। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवालों के जवाब ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?

