करनाल में फर्जी कागजात से करवाई जमानत:दो आरोपी गिरफ्तार, फेक आधार कार्ड और मोबाइल बरामद; जेल भेजे
करनाल में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सिविल लाइन थाना क्षेत्र की सेक्टर-13 पुलिस चौकी टीम ने की। आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस चौकी सेक्टर-13 की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस पर चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक जसविंदर कोर के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें मुख्य सिपाही बलजीत सिंह भी शामिल रहे। दोनों आरोपियों को मौके से किया काबू पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महेंद्र पुत्र बलवंत सिंह निवासी टिकडा कॉलोनी फूशगढ़, करनाल और रविंद्र पुत्र फूल सिंह निवासी मिमलाना, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल जमानत प्रक्रिया में किया जा रहा था। आर्थिक लाभ के लिए रचा फर्जीवाड़ा प्राथमिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार करवा कर अदालत में पेश करते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस की आमजन से अपील जिला पुलिस करनाल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के दस्तावेजी कार्य में फर्जीवाड़ा न करें। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज नगर पालिका परिषद के सरोजनी नगर वार्ड स्थित सूचना कार्यालय के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवतियां एक मोबाइल टावर पर चढ़ गईं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी युवतियों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि टावर पर चढ़ी युवतियों में से एक पंजाब की निवासी है। वह स्थानीय आर्केस्ट्रा में डांसर के तौर पर काम करती है। दूसरी युवती की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास पुलिस द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी युवती ने आर्केस्ट्रा संचालक के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। आशंका जताई जा रही है कि युवतियां इसी मामले या किसी अन्य विवाद के कारण टावर पर चढ़ी हैं। हालांकि, उनके टावर पर चढ़ने की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार युवतियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है। सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे दो युवतियों के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
ग्वालियर के हजीरा थाना पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मजिस्ट्रेट के घर से चोरी किए गए चांदी के गहने, चांदी के सिक्के, होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक रेडमी मोबाइल फोन बरामद किया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। जानकारी के मुताबिक, 15 मई की रात हजीरा थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी नंबर-1, बिरला नगर स्थित मजिस्ट्रेट प्रकाश चंद्र आर्य के सूने मकान में चोरी हुई थी। भोपाल में रहते है आर्य प्रकाश चंद्र आर्य वर्तमान में परिवार सहित भोपाल में रहते हैं, जबकि बिरला नगर स्थित मकान लंबे समय से बंद पड़ा था। इसी का फायदा उठाकर चोर मकान में घुसे और वहां से चांदी के गहने व सिक्के चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी पड़ोसी महेंद्र आर्य को लगी, जिन्होंने तुरंत प्रकाश चंद्र आर्य को सूचना दी। इसके बाद उनके दामाद डॉ. आशीष सोमेश, निवासी जयारोग्य परिसर, हजीरा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी का सामान बेचने की फिराक में थे चोर जांच के दौरान गुरुवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक चार शहर का नाका क्षेत्र में ग्रे रंग की स्कूटी पर खड़े होकर चोरी का सामान बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम तुषार गिरी (20) निवासी आनंद नगर, आरामील बिरला नगर हजीरा और राजकुमार जाटव (30) निवासी मातादीन का पुरा, तरसोखर थाना अटेर बताए। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी किए गए चांदी के गहने, सिक्के, घटना में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी और रेडमी मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपियों से पूछताछ जारी हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। आशंका है कि उनसे शहर की अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
कंप्यूटर और मोबाइल युग की शुरुआत राजीव गांधी की देन: कांग्रेस नेता
लुधियाना| दक्षिणी हलके में बुधवार को स्वर्गीय प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा कार्यक्रम आयोजित किया। भारत को राजीव गांधी की देन विषय पर हुए आयोजन की सरपरस्ती वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कृष्ण कुमार बावा, कोऑर्डिनेटर अखिल भारतीय कांग्रेस (ओबीसी) एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एवं ओबीसी जनरल सचिव गुरनाम सिंह क्लेर, जिला कांग्रेस (ओबीसी) अध्यक्ष वरिंदर भल्ला, जिला कांग्रेस के जनरल सचिव मास्टर हरिदेव बावा, उपाध्यक्ष रतनेश सिंह और कैप्टन मलकीत सिंह ने राजीव गांधी के योगदान पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शिता के कारण देश में तकनीकी बदलाव की गति तेज हुई। उन्होंने आईओसी के अध्यक्ष सैम पटरौदा के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में कंप्यूटर युग की शुरुआत हुई, जिससे कंप्यूटर और मोबाइल फोन आम लोगों तक पहुंचे। वक्ताओं ने पंचायत राज व्यवस्था को निचले स्तर से मजबूत करने और कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री को पंजाब को मिलने का भी उल्लेख किया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित मेट्रो स्पोर्ट्स शोरूम में हुई 35 लाख रुपए की चोरी के मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का मास्टरमाइंड शोरूम का पूर्व कर्मचारी निकला, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीरकपुर के ढकोली निवासी गुरसेवक उर्फ हैप्पी (29), सोनू उर्फ आर्यन (23) और विशाल (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 12 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के करीब दो लाख रुपए हेरोइन, महंगे मोबाइल फोन और कपड़े खरीदने में खर्च कर चुके हैं। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है। चोरी की बाइक से पहुंचे, कटर से तोड़े ताले पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले सेक्टर-47 से एक बाइक चोरी की थी। 13 और 14 मई की दरमियानी रात सोनू और विशाल उसी बाइक पर सेक्टर-7 स्थित शोरूम पहुंचे। विशाल बाहर बाइक पर बैठकर निगरानी करता रहा, जबकि सोनू ने कटर से शटर के ताले काटे और बैग में लाखों रुपए की नकदी भर ली। इसके बाद दोनों आरोपी सीधे ढकोली स्थित किराये के मकान में पहुंचे, जहां गुरसेवक पहले से मौजूद था। वारदात के बाद आरोपियों ने रकम आपस में बांट ली और अगले ही दिन करीब 30 हजार रुपए की हेरोइन खरीद ली। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी लगातार नशा कर रहे थे और चोरी के पैसों से महंगे मोबाइल फोन व कपड़े खरीद रहे थे। नौकरी से निकाले जाने का था बदला पुलिस जांच में सामने आया कि गुरसेवक वर्ष 2023 में इसी शोरूम में काम कर चुका था। कैश में गड़बड़ी के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी बात को लेकर वह शोरूम मालिकों से रंजिश रखता था। गुरसेवक नशे का आदी है और उसकी दोस्ती सोनू उर्फ आर्यन और विशाल से थी। तीनों साथ में नशा करते थे। इसी दौरान गुरसेवक ने अपने साथियों को बताया कि शोरूम में अक्सर भारी नकदी रखी जाती है। इसके बाद तीनों ने मिलकर चोरी की साजिश तैयार की। काला जठेड़ी गैंग से संपर्क की जांच पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विशाल का नाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी काला जठेड़ी के संपर्क में आने को लेकर सामने आया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। विशाल पहले पटियाला जेल में आर्म्स एक्ट के मामले में चार साल की सजा काट चुका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपियों का संबंध किसी संगठित गैंग से तो नहीं है। सेक्टर-26 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राम रतन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरसेवक उर्फ हैप्पी को ढकोली से गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
दरभंगा में चाय दुकानदार श्रवण राम की गोली मारकर हत्या मामले में एक शातिर बदमाश गिरफ्तार हुआ है। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के दरभंगा राज के चाहरदिवारी के पास रामबाग की है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश के पास से तीन अवैध पिस्टल, 79 जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, घटना में प्रयुक्त 220 सीसी पल्सर बाइक, फर्जी नंबर प्लेट, 15 मोबाइल फोन समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। छीनतई में चली गोली चाय दुकानदार को लगी सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बहादुरपुर थाना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 13 मई की सुबह करीब 8:05 बजे विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में दो बदमाश मोटरसाइकिल से पहुंचे। इन्होंने अमित कुमार सिंह से चेन छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसी दौरान पास में मौजूद स्थानीय चाय दुकानदार श्रवण राम को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल श्रवण राम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक अशोक चौधरी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम में सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विश्वविद्यालय थाना, बहादुरपुर थाना, सदर थाना और तकनीकी शाखा के अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और सूचना के आधार पर बदमाशों की पहचान की। जांच के दौरान बदमाशों के भागने के रास्ते का विश्लेषण करते हुए पुलिस बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक किराये के मकान तक पहुंची। मकान मालिक से पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने हीरा लाल उर्फ रोहित उर्फ पन्नू सिंह उर्फ चुन्नू सिंह उर्फ केशव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर के कटरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त गिरफ्तार बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित किराये के कमरे में छापेमारी की। वहां से घटना में प्रयुक्त काले-नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल, कई फर्जी नंबर प्लेट, अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है। कई जिलों में फैला था अपराध का नेटवर्क पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार बदमाश ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर दरभंगा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में चेन स्नैचिंग, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मुजफ्फरपुर और दरभंगा के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और फर्जीवाड़ा समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य थानों से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
धार में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जुआ:पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, तीन अन्य फरार
धार जिले की अमझेरा थाना पुलिस ने बुधवार देर रात कार्रवाई करते हुए तीन जुआरियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। इस दौरान तीन अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी और ताश के पत्ते जब्त किए हैं। अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि ग्राम अमझेरा में कुछ लोग मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही अमझेरा पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान संजय भाबर, गोपाल कुशवाह और भावसिंह सिंगार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इदरिश उर्फ मरद, फारुख और बबलु अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 52 ताश के पत्ते और कुल 4,640 रुपये नकद जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पिता लक्ष्मण भाबर (निवासी नरसिंह दरवाजा, अमझेरा), गोपाल पिता ओमप्रकाश कुशवाह (निवासी अमझेरा) और भावसिंह पिता धुलजी सिंगार (निवासी नालापुरा, अमझेरा) के रूप में हुई है। फरार आरोपियों में इदरिश उर्फ मरद, फारुख पिता अमीन और बबलु पिता दितीया (सभी निवासी अमझेरा) शामिल हैं। अमझेरा पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्व प्रसिद्ध राजकीय राजगीर मलमास मेले का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है, जो आगामी 15 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस एक महीने लंबे मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से चौबीस घंटे एक्टिव रहने वाले महत्वपूर्ण हेल्पलाइन और मोबाइल नंबरों की सूची जारी की गई है। इसके साथ ही, डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए इस बार मेले को आधुनिक रंग दिया गया है। एक समर्पित मोबाइल ऐप 'malmas mela' भी लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए तीर्थयात्री एक क्लिक पर मेले से जुड़ी तमाम जानकारियां और सुविधाएं हासिल कर सकेंगे। मेला क्षेत्र में किसी भी इमरजेंसी या सहायता के लिए प्रशासन ने मुख्य हेल्पलाइन नंबर 061 1225 5061 और व्हाट्सएप चैट सपोर्ट नंबर 70 3326 1112 जारी किया है, जो चौबीस घंटे काम करेंगे। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं के लिए सरकारी आपात नंबर 112, एंबुलेंस के लिए 102 और फायर ब्रिगेड के लिए 101 और 9431429486 पर संपर्क किया जा सकता है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन प्रबंधक का नंबर 7766917743 और रेलवे पूछताछ नंबर 139 तथा 06112-222306 भी जारी किया गया है। टोल फ्री नंबर से संपर्क कर सकते हैं प्रशासन ने मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राजगीर के कोड संख्या 06112 के साथ कई विशिष्ट लैंडलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्य नियंत्रण कक्ष यानी मेला थाना का नंबर 06112-255066 है। स्वच्छता एवं साफ-सफाई संबंधी शिकायतों के लिए 06112-255061, पीने का पानी एवं अन्य जल शिकायतों के लिए 06112-255062, आवास एवं यात्री शेड संबंधित शिकायतों के लिए 06112-255063, धार्मिक स्थल से संबंधित शिकायतों के लिए 06112-255064 और अन्य किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए 06112-255065 पर कॉल की जा सकती है। लोगों की सुविधा के लिए फोन नंबर जारी त्वरित कार्रवाई के लिए मेला क्षेत्र में तैनात प्रशासनिक, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। थाना प्रभारी मेला थाना 7002401675, थाना प्रभारी ब्रह्मकुंड को 9110056807 और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजगीर को 7061897351 पर सीधे फोन किया जा सकता है। यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस उपाध्यक्ष को 9097812363 और विधि व्यवस्था के लिए 9431822168 पर संपर्क किया जा सकता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राजगीर अस्पताल का नंबर 9470003131, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का 9470003525, विम्स मेडिकल कॉलेज पावापुरी के अधीक्षक का 9431822176 और नालंदा के सिविल सर्जन का नंबर 9470003507 जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन स्तर पर कार्यपालक पदाधिकारी राजगीर को 9031668690, अंचल अधिकारी को 9031671858 और प्रखंड विकास पदाधिकारी को 9031071684 पर प्रशासनिक सहयोग के लिए याद किया जा सकता है। आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी ले सकते हैं जिला प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु गूगल प्ले स्टोर से 'malmas mela' ऐप डाउनलोड करके या फिर आधिकारिक वेबसाइट www.malmasmela.in पर जाकर मेले से संबंधित हर अपडेट पा सकते हैं। अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत इन नंबरों पर देकर प्रशासन का सहयोग करें।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत संपूर्ण राष्ट्र में चल रहे जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों की श्रृंखला में जिला गुना में भी दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग 22-23 मई को आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ,संगठन महामंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ,संभागीय प्रभारी डॉ निशांत खरे और जिला प्रभारी राजेंद्र सिंह राजपूत भी शामिल होंगे। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मध्यप्रदेश से आए प्रमुख विषय वक्ताओं द्वारा कुल 12 सत्रों में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित उद्बोधन प्रदान किए जाएँगे, जिनका अपेक्षित श्रेणी के कार्यकर्ता अनुशासित वातावरण में सहभागिता कर संगठनात्मक, वैचारिक एवं सामाजिक विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण वर्ग पूर्णत: अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादाओं के साथ आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय शिविर के दौरान मोबाइल उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रखा गया है, जिससे सभी प्रशिक्षार्थियों ने एकाग्रता एवं समर्पण भाव से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। कार्यशाला परिसर में प्रशिक्षार्थियों और वक्ताओं के मोबाइल ले जाने पर रोक रखी गई है , जिसने प्रशिक्षण की गंभीरता और उद्देश्य को और अधिक प्रभावी बन सके। जिलाध्यक्ष धमेंद्र सिंह सिकरवार बताया कि कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण वर्ग संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं वैचारिक रूप से समृद्ध बनाता है। प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व निर्माण, संगठन सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्रसेवा के भाव को और अधिक प्रखर करने वाला सिद्ध होगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों को आत्मसात करते हुए सभी प्रशिक्षणार्थी समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेंगे।
कानपुर में एक युवती सुबह होते ही मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वहां से उसने रोते हुए वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर साझा किया। उसमें राेते हुए बताया कि परिवार के लोगों ने उसके हिस्से की जमीन बेच दी है। उसकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए। उसके मोबाइल टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों का हुजूम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उससे उतरने की अपील की, लेकिन उसने नहीं सुनी। यह मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर की है। 23 वर्षीय युवती सुबह 06:30 बजे से टावर पर चढ़ी हुई है। 4 तस्वीर देखिए… फतेहपुर की रहने वाली है, वहीं कानपुर में टावर पर चढ़ी मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती की पहचान फतेहपुर जनपद के मिराई गांव की रहने वाली नन्हकी के रूप में हुई है। उसने टावर पर चढ़कर जो वीडियो शेयर किया उसमें वह जमीनी विवाद की बात कह रही है। उसका आरोप है कि परिवार के चाचा अवधेश सिंह के लड़के और राकेश सिंह ने उनकी पारिवारिक जमीन बेच दी है। उनका कहना है कि इस जमीन का कोई सरकारी बंटवारा नहीं हुआ था, फिर भी उन्होंने एक हिस्से की जमीन बेच दी। एसीपी चकेरी पूर्वी अभिषेक कुमार पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती को टावर से उतरने को कहा। आश्वासन दिया कि पुलिस उसकी मदद करेगी। लेकिन युवती बिना कार्रवाई के उतरने को तैयार नहीं है। वह टावर पर बैठकर रो रही है। उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रही है। नन्हकी की बहन भी मौके पर पहुंची। उसने बताया कि नन्हकी रात करीब 12:30 बजे ही घर से निकली थी। उसे तलाश किया जा रहा था। न मिलने से परेशान थी। सुबह जानकारी मिली की वह यहां पुरवामीन गांव में बने मोबाइल टावर पर चढ़ी हुई। इसके बाद वह यहां पहुंची है। उसने भी बताया कि परिवार के लोगों ने उसके हिस्से की जमीन को बेच दिया है। कहीं से मदद नहीं मिल रही है।
सिंगरौली जिले के देवसर-जियावन नेशनल हाईवे पर बुधवार देर शाम शराब से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा जियावन डाड़ इलाके के पास हुआ, जिसके बाद सड़क पर शराब की पेटियां बिखर गईं। ट्रक पलटते ही वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रक पलटने के कुछ ही देर बाद आसपास के लोग सड़क पर बिखरी शराब की पेटियां और बोतलें उठाने लगे। वहां शराब लूटने जैसी स्थिति बन गई और लोग पेटियां कंधे पर रखकर भागते नजर आए। इस वजह से रास्ते पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। रीवा से कचनी जा रहा था ट्रक यह ट्रक रीवा के वेयरहाउस से शराब भरकर कचनी की दुकान पर ले जा रहा था। बताया जा रहा है कि ड्राइवर का संतुलन बिगड़ने की वजह से ट्रक सड़क किनारे पलट गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में ड्राइवर को गंभीर चोट नहीं आई और वह सुरक्षित बच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर इस पूरी घटना का वीडियो वहां से गुजर रहे लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे सड़क पर शराब बिखरी पड़ी है और लोग उसे बटोरने में लगे हैं। पुलिस ने शुरू की जांच देवसर एसडीओपी ने बताया कि उन्हें सड़क हादसे की जानकारी मिली है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा आखिर किन कारणों से हुआ।
प्रतापगढ़ में मोबाइल टावर से बैटरी चोरी:तीन युवक गिरफ्तार, बोले- पैसों की तंगी के चलते चोर बने
प्रतापगढ़ जनपद के कोहडौर थाना क्षेत्र में मोबाइल टावर से बैटरी चोरी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई तीन बैटरियां भी बरामद की हैं। यह घटना ग्राम वाजिदपुर रामापुर स्थित इंडस टावर साइट पर हुई थी। चोरों ने डीजी कैनोपी का ताला तोड़कर तीन बैटरियां चुरा ली थीं। घटना के दौरान टेक्नीशियन की आवाज सुनकर आरोपी बैटरियां लेकर मौके से फरार हो गए थे। इस संबंध में कर्मचारी की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मकूनपुर अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान गौरव (26), रघुबीर सरोज (27) और अजय सरोज (21) नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पैसों की तंगी के कारण उन्होंने चोरी की योजना बनाई थी। उनमें से एक आरोपी पहले मोबाइल टावर पर काम कर चुका था, इसलिए उसे बैटरी निकालने की पूरी जानकारी थी। 18 मई 2026 की रात को तीनों मोटरसाइकिल से टावर पर पहुंचे, तार काटकर अंदर घुसे और ताला तोड़कर बैटरियां निकाल लीं। गार्ड के आने पर आरोपी अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर बैटरियां लेकर फरार हो गए। उन्होंने चोरी की गई बैटरियों को मकूनपुर अंडरपास के पास छिपा दिया था। उनकी योजना बैटरियां बेचकर दूसरे प्रदेश भागने की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
सीकर से 20 साल की महिला गायब:बेटे को भी ले गई साथ,दवा लाने के लिए मार्केट गई थी; मोबाइल भी स्विच ऑफ
सीकर में दवाई लाने की बात कहकर निकली 20 साल की महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। महिला अपने साथ बेटे को भी ले गई। महिला का मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। महिला के मामा ससुर ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि उनकी बड़ी बहन के बेटे की पत्नी 18 मई को अपने 2 साल के बेटे के साथ घर से निकली थी। जाते वक्त उसने कहा था कि वह मार्केट से दवाई लेकर आ रही है। लेकिन कई घंटे तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद जब उसके मोबाइल पर कॉल किया गया तो उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। तो शक हुआ। हमने आसपास सभी जगह ढूंढा लेकिन वह कहीं नहीं मिली। फिलहाल पुलिस महिला और उसके बच्चे की तलाश कर रही है। 2 युवती भी गायब वहीं जिले में 2 अन्य युवतियों के लापता होने का मामला भी सामने आया है। 26 साल की युवती घर से सिलाई सीखने की बात कहकर चली गई। वहीं 19 साल की युवती घर पर कपड़े खरीदने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। फिलहाल अब पुलिस इन दोनों मामलों की तलाश कर रही है।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने 111 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसे उनके मालिकों को सौंप दिए। इन बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई गई है। जिन लोगों को उनका खोया हुआ माेबाइल मिला, उन्होंने खुशी जताते हुए पुलिस का आभार जताया। पुलिस ने नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अंतरराज्यीय और विभिन्न जनपदों में ट्रेसिंग की गई। सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, लोकेशन ट्रैकिंग और गहन विश्लेषण का उपयोग कर इन फोनों का पता लगाया। पूर्वी जोन सर्विलांस सेल ने पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में इस अभियान को सफल बनाया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि खोए हुए मोबाइलों की शिकायतें UPCOP और CEIR पोर्टल पर प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर, साइबर हेल्प डेस्क और सर्विलांस सेल की मदद से कुल 111 मोबाइल फोन बरामद किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर मालिकों ने ने बताया कि उन्हें अपने खो चुके फोन वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने उनकी उम्मीदों को साकार किया। दो पुलिसकर्मी के भी फोन मिले नौबस्ता के रहने वाले प्रतीक मिश्रा का मोबाइल फोन सफर के दौरान गिर गया। ऐसी घटना उनके साथ 3 बार हुई। तीनों बार पुलिस की सक्रियता से मोबाइल बरामद हुआ और उन्हें सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि आखिरी बार, वह सागर मार्केट से मोबाइल रिपेयर करवाकर लौट रहे थे। तभी टेंपो में फोन चोरी हो गया था। उन्होंने पुलिस की सराहना की है।
प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल में बुधवार सुबह डॉक्टरों और वकीलों के बीच जमकर हंगामा हो गया। एक घायल महिला अधिवक्ता को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान इलाज को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। महिला अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में उनके साथ अभद्रता की गई। उनका कहना है कि उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से देर शाम तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हंगाम के बाद सुबह 6 बजे से अस्पताल की सुविधाएं बंद हैं। दवा वितरण केंद्र बंद कर दिया गया है। मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे हैं। थाना शाहगंज, कोतवाली, सिविल लाइन्स, खुलदाबाद, जॉर्ज टाउन की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। घटना की 4 तस्वीरें देखिए… टूर्नामेंट प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा हाई कोर्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विशाल पांडे ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं का एक टूर्नामेंट आयोजित किया गया है, जिसकी प्रैक्टिस पिछले सप्ताह से चल रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों से महिला अधिवक्ता और छात्राएं सुबह प्रैक्टिस के लिए आती हैं। उन्होंने बताया कि झूंसी निवासी जागृति शुक्ला सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रैक्टिस के लिए आ रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। हादसे के बाद उन्होंने अपने साथियों को फोन किया। कुछ लड़कियां और साथी अधिवक्ता उन्हें इलाज के लिए स्वरूपरानी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर को जगाने पर विवाद हुआ विशाल पांडे का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर सो रहे थे और केवल एक-दो स्टाफ मौजूद थे। घायल की हालत गंभीर होने और फ्रैक्चर की आशंका के चलते साथी लगातार डॉक्टर को बुलाने की बात कह रहे थे। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ गाली-गलौज पर उतर आए और फिर मारपीट शुरू कर दी। उनके मुताबिक घायल युवती के साथ आई लड़कियों, परिजनों और बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी पीटा गया। यहां तक कि चौकी इंचार्ज के साथ भी हाथापाई हुई। ‘मोबाइल छीना, दीवार पर पटका’ घायल युवती के भाई अभिषेक शुक्ला ने बताया कि उनकी बहन जागृति शुक्ला का सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक्सीडेंट हुआ था। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उनके साथ मारपीट की। अभिषेक के मुताबिक जब वह बहन को लेकर अंदर गए तो एक डॉक्टर चिल्लाने लगा। आरोप है कि डॉक्टर ने उनका मोबाइल छीनकर दीवार पर पटक दिया और थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। उनका कहना है कि काफी देर तक घायल का इलाज नहीं किया गया, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। DCP बोले- पुलिस तैनात है, स्थिति सामान्य घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। DCP सिटी मनीष शांडिल्य ने बताया सुबह 6:30 बजे एसआरएन (SRN) में एक महिला लगातार पेशेंट के तौर पर अपना इलाज कराने के लिए आई थी। वहां पर इलाज कराने को लेकर कुछ डॉक्टरों और पेशेंट के बीच आपस में वाद-विवाद हुआ। इसके चलते दोनों पक्षों में आपस में वाद-विवाद और मारपीट भी हुई है। मौके पर सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस बल और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जहां पर दोनों पक्षों को शांत कराया गया है। अभी दोनों पक्षों से वार्ता चल रही है। दोनों पक्षों की तरफ से कंप्लेंट्स हैं उसको लिया जा रहा है। मौके पर स्थिति अभी सामान्य है।
गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के सरिसिया सिहोडीह पुराने पुल के नीचे बुधवार सुबह 11वीं की एक छात्रा का शव पानी में तैरता मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी। 18 मई से लापता थी पायल, परिजन कर रहे थे तलाश मृतका की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिरिसिया निवासी जागेश्वर दास की 17 वर्षीय पुत्री पायल कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि पायल 18 मई से लापता थी। परिजनों के अनुसार वह सोमवार की सुबह ट्यूशन पढ़ने और बच्चों को पढ़ाने के लिए घर से निकली थी। रोजाना दोपहर तक घर लौट आने वाली पायल उस दिन देर शाम तक वापस नहीं आई, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। उसकी मां ने फोन किया तो उसने बताया कि वह सिलाई का काम खत्म कर घर लौट रही है, लेकिन इसके बाद जब दोबारा संपर्क किया गया तो मोबाइल बंद मिला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस कर रही थी तलाश पायल के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। देर रात तक जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजन थाना पहुंचे और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस भी छात्रा की तलाश में जुट गई थी। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों ने पुल के नीचे पानी में शव देखा और इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान पायल के रूप में की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। हत्या या सुसाइड, गुत्थी सुलझा रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। पुलिस हत्या या सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
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राजधानी में चोरी और लूट के मोबाइल से साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा मामले गोलबाजार और शास्त्री मार्केट में सामने आ रहे हैं, जहां भीड़भाड़ में मोबाइल पार कर खातों से पैसे निकाले जा रहे हैं। ऐसे 10 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद टिकरापारा और गंज इलाके में भी घटनाएं बढ़ी हैं। गंज में रेलवे स्टेशन और टिकरापारा से लगा बस स्टैंड व पचपेड़ी नाका होने के कारण यहां ऐसे गिरोह सक्रिय हैं। पुलिस का दावा है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे झारखंड, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के गिरोह सक्रिय हैं, जो अलग-अलग शहरों में घूमकर वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे कर रहे फोन से फ्रॉडगिरोह मोबाइल चोरी करने के बाद सिम को दूसरे फोन में डालकर यूपीआई का पिन जनरेट कर लेते हैं, क्योंकि अधिकतर लोग सिम लॉक नहीं रखते। इसके बाद यूपीआई के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग या सीधे पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। कई मामलों में नेट बैंकिंग और मोबाइल में सेव डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। 95 फीसदी लोग नहीं रखते सिम लॉक, यही बन रही ऑनलाइन ठगी की वजहमोबाइल उपयोग करने वाले 90 से 95 फीसदी लोग सिम लॉक का इस्तेमाल नहीं करते, जबकि हर फोन में यह सुविधा होती है। सिम लॉक चालू होने पर दूसरे हैंडसेट में सिम लगाने पर पिन की जरूरत होती है, जिससे दुरुपयोग रुक सकता है। साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के मुताबिक मोबाइल चोरी होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराना, डेबिट-क्रेडिट कार्ड बंद करना और नेट बैंकिंग की सेटिंग में इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन डिसएबल करना जरूरी है। बचाव के तरीके : मोबाइल में हमेशा स्क्रीन लॉक (पिन/पैटर्न/फेस लॉक) जरूर रखें। { सिम कार्ड पर भी पिन लॉक चालू करें, ताकि दूसरे फोन में डालते ही काम न करे। यूपीआई एप (फोनपे, गूगल पे, पेटीएम) में स्वत: लॉगिन बंद रखें। { बैंकिंग एप में अतिरिक्त पासकोड या बायोमेट्रिक लॉक लगाएं। { मोबाइल में डेबिट-क्रेडिट कार्ड की फोटो या जानकारी सुरक्षित न रखें। { फोन चोरी होते ही तुरंत 1930 या 112 पर सूचना दें। { तुरंत सिम बंद कराएं और बैंक को भी अलर्ट करें। गूगल फाइंड माई डिवाइस एक्टिवेट रखे। { नेट बैंकिंग में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और यूपीआई अस्थायी रूप से बंद कर दें । भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल जेब के बजाय सुरक्षित या आगे की जेब में रखें
डिजिटल युग में जहां बच्चे गर्मियों की छुट्टियों में मोबाइल और गेम्स में व्यस्त रहते हैं, वहीं विभिन्न समाजों व धार्मिक संस्थाओं ने संस्कारों की पाठशालाएं शुरू की हैं। इन पाठशालाओं में बच्चों को नैतिक व धार्मिक शिक्षा दी जा रही है। खास बात यह है कि बच्चों को मोबाइल व टीवी से दूरी बनाकर किताबों से जुड़ने का संकल्प दिलवाया जा रहा है। अमरापुर; चरित्र निर्माण का प्रशिक्षण अमरापुर स्थान में 15 दिवसीय बाल संस्कार शिविर का शुभारंभ संत स्वामी मनोहर लाल महाराज, संत मोहन प्रकाश महाराज व संत मंडल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अध्यापक जितेन्द्र दाधीच वेदाचार्य ने बताया कि पहले दिन 85 बच्चों ने भाग लिया। शिविर रोजाना सुबह 9 बजे से शुरू हो रहा है। स्वामी मोहन प्रकाश महाराज ने बताया कि नई पीढ़ी को मोबाइल व टीवी से दूर कर संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया है। शिविर में भक्ति, सेवा, योग, सूर्य मंत्र, हनुमान चालीसा, गुरु प्रार्थना व सनातन धर्म से जुड़े विषयों की शिक्षा दी जा रही है। गुप्त वृन्दावन धाम; ‘कल्चर कैंप’ में वैदिक शिक्षा गुप्त वृन्दावन धाम में हर साल की तरह इस बार भी संस्कारों की पाठशाला के तहत ‘कल्चर कैंप’ शुरू हुआ है। पहले बैच में बच्चे 15 दिन तक वैदिक कलाओं की बारीकियां सीखेंगे। कैंप में धार्मिक थिएटर, कीर्तन, भगवद गीता के श्लोक, आर्ट-क्राफ्ट, ड्राइंग, पेंटिंग और कुकिंग सिखाई जा रही है। बच्चों को हरे कृष्ण महामंत्र का जाप भी सिखाया जा रहा है। बच्चों को जयपुर के धार्मिक स्थलों की यात्रा भी करवाई जाएगी। यह कैंप कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों के लिए है, समय सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। कक्षा 6 से 12 के लिए निशुल्क पुरुषोत्तम कैंप भी आयोजित किया गया है। राजापार्क; गुरमत समर क्लास में संस्कृति से जुड़ाव राजस्थान सिक्ख समाज व जयपुर स्त्री सत्संग के संयुक्त तत्वावधान में राजापार्क स्थित गुरु नानक देव विद्यालय में 8 से 20 वर्ष के बच्चों के लिए गुरमत समर क्लास शुरू हुई। टीचर सुरजीत सिंह व मनजीत कौर ने बताया कि बच्चों को गुर इतिहास, गुरमुखी, दस्तार बांधना सिखाया जा रहा है। साथ ही हारमोनियम, तबला व ढोलक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों को मोबाइल व टीवी से दूर रहकर किताबों से जुड़ने की सीख दी जा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत मूल मंत्र साहिब के पाठ व माता इंदरजीत कौर की अरदास से हुई। इस दौरान अजयपाल सिंह, जसबीर सिंह, देवेन्द्र सिंह शंटी, जसबीर सिंह, डॉ. विंकी कोर, दविंदर कौर, रणजीत कौर, दलजीत कौर, मीना बग्गा, वीरेंद्र नरूला और हरविंदर सिंह मौजूद रहे। बापू नगर; 10 दिवसीय जैन संस्कार पाठशाला शुरू दिगंबर जैन समाज बापू नगर संभाग द्वारा गणेश मार्ग स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय में 10 दिवसीय धार्मिक संस्कार पाठशाला का शुभारंभ हुआ। यह पाठशाला श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर की बालिका छात्रावास की छात्राओं द्वारा संचालित की जा रही है। पहले दिन बच्चों को जीवन में संस्कारों के महत्व के बारे में बताया गया। बच्चों को 10 दिनों तक मोबाइल का उपयोग पूरी तरह बंद करने की बात कही गई और सामूहिक शपथ दिलवाई गई। संभाग अध्यक्ष उमरावमल संघी ने विदेश से ऑनलाइन जुड़कर उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि संगीता पदम रारा, संयोजिका शकुल बाकलीवाल, अलका बाकलीवाल, रेणु नृपत्या सीमा जैन, बबीता पाटनी व रचना बैद और राजीव जैन मौजूद रहे। पाठशाला प्रतिदिन सुबह 9 बजे से संचालित हो रही है।
भोपाल में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने गोविंदपुरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 21 किलो 20 ग्राम मादक पदार्थ और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन के जरिए पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय रायसिख (24) निवासी सिंधी कैम्प, बाड़ी जिला रायसेन के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी दो बैगों में अवैध मादक पदार्थ लेकर गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित आरआरएल ब्रिज के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। बैगों में मिला भूरे रंग का मादक पदार्थ तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के दोनों बैगों से चार पारदर्शी पैकेट और अन्य फैला हुआ भूरे रंग का पदार्थ मिला। जांच में यह डोडा चूरा निकला। जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 21 किलो 20 ग्राम पाया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी से बरामद दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह डोडा चूरा कहां से लाया था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी। क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचने की संभावना है।
महोबा में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं ने पुराने मोबाइल फोन से ऑनलाइन काम करने में आ रही दिक्कतों और आयुष्मान टीम के कथित अभद्र व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने 8 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। जैतपुर, कबरई, पनवाड़ी और चरखारी ब्लॉक से आईं आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी आवाज उठाई। उनका आरोप है कि पिछले तीन महीनों से मासिक मानदेय न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष क्रांति यादव ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने आभा कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के बाद भी काम से निकालने की धमकियों का आरोप लगाया। आशा कार्यकर्ताओं की एक प्रमुख समस्या तकनीकी है। उनका कहना है कि शासन द्वारा चार साल पहले दिए गए मोबाइल फोन अब पुराने हो चुके हैं और नए ऑनलाइन ऐप का समर्थन नहीं करते। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव और टीकाकरण के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन अब बिना उचित प्रशिक्षण और अतिरिक्त भुगतान के उनसे आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी और ऑनलाइन सर्वे जैसे जटिल कार्य कराए जा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान आठ दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सुखवीर सिंह ने जानकारी दी कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबंधित फाइलों के साथ तलब किया गया है। इसका उद्देश्य बजट और तकनीकी दिक्कतों को दूर कर जल्द से जल्द मानदेय जारी करना है।
महेंद्रगढ़ जिले के अटेली थाना क्षेत्र में हरियाणा पुलिस के एक जवान के साथ अपहरण कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित जवान ने गांव के कुछ युवकों पर जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने, बेरहमी से पिटाई करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। मामले में थाना अटेली में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। गांव मोहम्मदपुर निवासी निलेश हरियाणा पुलिस में नूंह के नगीना में एसएचओ के ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मई की रात करीब 10:30 बजे वह अपने दोस्तों कृष्ण, राजपाल और संजीत के साथ खेत के पास सड़क किनारे बैठा था। इसी दौरान सिलारपुर की तरफ से आई एक काले रंग की थार गाड़ी उनके पास रुकी। गाड़ी में सवार युवकों ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी और बाद में अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। रात को बुलाया, गाड़ी से टक्कर मारने की कोशिश पीड़ित के अनुसार, दोनों पक्षों में कहासुनी और हाथापाई हुई। मामला शांत होने पर वे अपने घर लौट गए। आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे प्रदीप उर्फ जुर्राट ने उसके दोस्त कृष्ण को फोन कर निलेश को बुलाने के लिए कहा। जब निलेश और कृष्ण पानी की टंकी के पास पहुंचा तो आरोपियों ने स्विफ्ट गाड़ी से उसे टक्कर मारने की कोशिश की। मारपीट और अपहरण करने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि प्रदीप उर्फ जुर्राट, अंकित उर्फ जाट, अमित बजाड़ और अन्य युवकों ने दोनों के साथ मारपीट की तथा निलेश को जबरन गाड़ी में डालकर सुनसान जगह पर ले गए। वहां डंडों और पाइप से उसकी पिटाई की गई। श्मशान घाट के पास फेंका, मोबाइल छीना आरोप है कि आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में उसे गांव के श्मशान घाट के पास फेंक दिया गया। घायल जवान का उपचार अटेली के सरकारी अस्पताल में कराया गया। जिसके बाद उसको नारनौल के नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर वह उपचाराधीन है। केस दर्ज, गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस इस बारे में पुलिस पीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि अटेली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर में हुई मारपीट और अपहरण की घटना में नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत हरकत में आईं और पीड़ित को सुरक्षित ट्रेस कर उसका सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीकर शहर में 44 साल का व्यक्ति पेड़ पर रस्सी से फंदा बनाकर लटक गया। क्रिकेट खेलने के लिए आज सुबह बच्चे पहुंचे, तब शव लटकता देखा। मृतक के पास मिले मोबाइल से उसकी पहचान हो पाई, तब बेटा पहुंचा। पुलिस ने परिवार को हादसे की जानकारी देकर मौके पर बुलाया। इसके बाद एसके हॉस्पिटल की मॉच्यूरी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा गया। हादसा कोतवाली थाना इलाके में स्थित नानी बीहड़ का है। सुसाइड का कारण नहीं आया सामने कोतवाली पुलिस थाने के ड्यूटी ऑफिसर ASI तूफान सिंह ने बताया कि मृतक का नाम नौरंगलाल (44) निवासी दुगोली है। आज सुबह करीब 8 बजे सूचना मिली कि नानी बीहड़ में पेड़ से एक शव लटका हुआ है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और FSL टीम को भी बुलाया गया। मृतक के पास मिले मोबाइल के आधार पर पहचान के बाद उनके परिवार को सूचना दी गई। मृतक खल चूरी बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। फिलहाल सुसाइड का कारण सामने नहीं आया है।
मुजफ्फरनगर के बुढाना कोतवाली पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। तभी एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी देहात अक्षय महादिक के निर्देशन में की गई। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें…. बुढाना कोतवाली पुलिस मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे बुढाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोबाइल टावरों से आरआरयू उपकरण चोरी करने वाला शातिर बदमाश इरफान विज्ञाना के जंगल में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें बदमाश इरफान घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से खोखा कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आरआरयू उपकरण, एक तमंचा एवं एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इरफान निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ बताया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह बुढाना थाने से भी वांछित चल रहा था। बुढाना क्षेत्राधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आरोपी इरफान बुढाना थाने से वांछित चल रहा था। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वह विज्ञाना के जंगल में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया।
गेटमैन को पीटा, मोबाइल फेंका:बाराबंकी में ट्रेन के लिए फाटक बंद करने पर केस दर्ज
बाराबंकी के लोनीकटरा थाना क्षेत्र में रेलवे फाटक बंद करने पर दो युवकों ने गेटमैन के साथ मारपीट की। युवकों पर गेटमैन का मोबाइल छीनकर फेंकने और उसे जमीन पर गिराकर पीटने का आरोप है। यह घटना ट्रेन गुजरने से पहले फाटक बंद किए जाने के बाद हुई। यह घटना गुरुदयाल पुरवा स्थित रेलवे समपार संख्या 167 A/C TEG-HGH पर हुई। शाम लगभग 6:47 बजे गेटमैन दिव्यांश कौशिक ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 14021 के गुजरने के लिए रेलवे फाटक बंद किया गया था। तभी बाइक सवार दो युवक जबरन गेट बूम उठाकर निकलने का प्रयास करने लगे। जब गेटमैन ने उन्हें रोका और बताया कि ट्रेन आने वाली है, तो दोनों युवक आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने पहले गाली-गलौज और धमकी दी। गेटमैन द्वारा वीडियो बनाने की कोशिश करने पर युवकों ने उसका मोबाइल छीनकर दूर फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने दिव्यांश कौशिक को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में गेटमैन के सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं। घटना की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों को दी गई। इसके बाद आरपीएफ हैदरगढ़ और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ टीम के पहुंचने के बाद एक आरोपी मोनू वर्मा को पकड़ लिया गया। आरोपी मोनू वर्मा तेजवापुर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है, जबकि दूसरा आरोपी विनोद वर्मा अलमापुर गांव का रहने वाला है। दोनों युवक बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे थे। मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद एक राहगीर ने घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें आरोपी युवक गेटमैन को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोनीकटरा थानाध्यक्ष अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि गेटमैन की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
GRP जवान और थाना प्रभारी में वसूली पर विवाद:बस्ती में जवान ने मोबाइल हाथ में लेकर एसओ से की तीखी बहस
बस्ती रेलवे स्टेशन परिसर में वेंडरों से कथित वसूली को लेकर जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह और एक जवान के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है। वीडियो में जवान अपने ही थाना प्रभारी से तीखी बहस करता दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में जवान हाथ में मोबाइल लिए थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह से यह कहते हुए सुना जा रहा है, आप सिखाएंगे कि अवैध पैसा मांग रहे हैं। दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वीडियो में हिरासत में लिए गए कई वेंडर भी दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद स्टेशन परिसर में वेंडरों से वसूली को लेकर शुरू हुआ था। संबंधित जवान ने सफाई देते हुए कहा कि एक युवक संदिग्ध लग रहा था, इसलिए उससे केवल पूछताछ की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद जीआरपी विभाग में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की चर्चा है, हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। थाना प्रभारी भी अपने मोबाइल से जवान का वीडियो बनाते दिखे।
उदयपुर के चित्रकूट नगर स्थित भविष्य निधि (पीएफ) कार्यालय के बाहर लगे एक मोबाइल टावर में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने के वीडियो आए जिसमें तेजी से आग आगे बढ़ रही थी। आग से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। टावर से तेज लपटें और धुआं उठता देख कार्यालय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले बाहर निकले और कार्यालय के केयर टेकर कुलदीप सिंह राठौड़ एवं चन्द्र प्रकाश ने तुरंत अग्निशमन दल को सूचना दी। आग तेजी से फैलती देख दोनों कर्मचारियों ने घबराने के बजाय कार्यालय में उपलब्ध फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते आग को बढ़ने से रोका जा सका। इस बीच अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचा तथा आग पर पूर्णतया काबू पाया। पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त-प्रथम प्रशान्त कुमार सिन्हा ने बताया कि यदि समय रहते स्थितियां संभाली नहीं जाती तो टावर के गिरने या आग के आसपास फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखे….
वारंटी में मोबाइल न सुधारना पड़ा भारी, कोर्ट ने दिया ब्याज सहित पैसे चुकाने का आदेश
गारंटी-वारंटी पिरियड में मोबाइल खराब होने पर ठीक नहीं करना और नया मोबाइल नहीं देना कंपनी, मोबाइल शॉप संचालक और सर्विस सेंटर को भारी पड़ गया। अब कोर्ट के आदेश पर मोबाइल कीमत के साथ ब्याज और व्यय भी देना होगा। प्रकरण के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर के धाउजी की बावड़ी निवासी सुमित्रा राव ने नोएड स्थित स्पाइस रिटेल लिमिटेड जरिए मेनेजर, पुराना आरटीओ स्थित महेश मोबाइल एंड जनरल स्टोर और आयड़ स्थित पनेसर टेलीकॉम सर्विस सेंटर के खिलाफ साल 2018 में कोर्ट में परिवाद पेश किया। इसमें बताया कि मार्च 2017 में उन्होंने महेश मोबाइल एंड जनरल स्टोर से स्पाइस कंपनी का मोबाइल खरीदा था। इसकी कीमत 3700 रुपए थी। मोबाइल की एक साल की वारंटी, बैटरी और अन्य ऐसेसरीज की 6 माह की गारंटी थी। कुछ समय बाद ही मोबाइल चलते-चलते बंद हो जाता और गर्म होने की समस्या आई। इस पर दुकान संचालक ने सर्विस सेंटर में संपर्क करने को कहा। वहां शिकायत दर्ज कर मोबाइल जमा किया गया। फरवरी 2028 में सर्विस सेंटर ने मोबाइल ठीक नहीं होना बताया। फिर नया मोबाइल भी नहीं दिया। उन्होंने सभी को नोटिस भेजा। जवाब में तीनों ने मोबाइल की राशि देने से इनकार कर दिया। इसी मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष सुमन गौड़ पांडेय और सदस्य मनीष परमार ने मामले को आंशिक रूप से स्वीकार किया। कोर्ट ने कंपनी, दुकान संचालक और सर्विस सेंटर को मोबाइल राशि के 3700 रुपए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ और आर्थिक-मानसिक संताप व वाद व्यय के 1500 रुपए ग्राहक को 45 दिन में अदा करने के आदेश दिए। इस अवधि में राशि नहीं चुकाने पर विभाग को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि देनी होगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मेडिसन में पोस्ट ग्रेजुएट(पीजी) कर रहे डॉ. अमन शर्मा ने रविवार रात हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। साथी छात्रों ने बताया कि घटना के कुछ देर पहले वह किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह के मुताबिक अमन पटेल (30) मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक-5 में रहता था। वह मूल रूप से जबलपुर का रहने वाला था। रविवार रात करीब 2 बजे धमाके की तेज आवाज सुनकर हॉस्टल के अन्य छात्रों ने देखा तो अमन नीचे लहूलुहान पड़ा था। छात्र उसे अस्पताल ले जाते, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग लग रहा है। मोबाइल जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अमन मेडिसिन विभाग में 2023 बैच के पीजी फाइनल ईयर का छात्र था। कुछ महीनों में उसका पीजी कोर्स पूरा होने वाला था। अमन ने एमबीबीएस की पढ़ाई जबलपुर से की थी।
अलवर पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में “ऑपरेशन साइबर संग्राम 2.0” के तहत 20 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी जाहुल को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर करीब 20 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी में शामिल था। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जाहुल पुत्र हनीफ खान निवासी बंजीरका को गिरफ्तार किया। मामले में पहले ही पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम खातों से निकलवाकर ठगों तक पहुंचाता था। पुलिस ने आरोपी से चार एंड्रॉयड मोबाइल, तीन सिम कार्ड, एक क्रेटा कार और इंटरनेट का राउटर बरामद किया है।
खंडवा जिले की पंधाना पुलिस ने मोबाइल झपटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 23 हजार रुपए कीमत के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारनेकर व एसडीओपी अनिल सिंह चौहान के मार्गदर्शन में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉलेज जाते समय हुई थी झपटमारीपुलिस के अनुसार फरियादी शुभम असलकर (19) निवासी ग्राम बिहार (कोहदड़) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह आईटीआई कॉलेज पंधाना में पढ़ाई करता है। 30 मार्च की सुबह करीब 11 बजे वह अपने मित्र आकाश भास्कले के साथ पंधाना बस स्टैंड से कॉलेज की ओर पैदल जा रहा था। इसी दौरान न्यू सीएम राइज स्कूल के सामने बाइक सवार तीन युवक पहुंचे। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उतरकर दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और आरोपी पंधाना कस्बे की ओर फरार हो गए। झपटमारी में शुभम और उसके मित्र आकाश का मोबाइल लूट लिया गया था। मामले में थाना पंधाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सवाई माधोपुर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मकान में दबिश देकर साइबर ठगी के मास्टरमाइंड बुद्धिप्रकाश मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को विज्ञान नगर पावर हाउस के पास स्थित किराए के कमरे से पकड़ा। पुलिस ने मौके से साइबर फ्रॉड में उपयोग किए जा रहे 22 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एचपी कंपनी का एक लैपटॉप, एयरटेल कंपनी का वाई-फाई सिस्टम, 13 एटीएम कार्ड, 8 सिम कार्ड, 2 चेक बुक, 2 बैंक पासबुक सहित अन्य सामान जब्त किया है। बचने के लिए वाईफाई यूज करता था SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि ASP विजय सिंह मीणा व सीओ सिटी उदय सिंह मीणा के सुपरविजन में कोतवाली थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। थानाधिकारी मदनलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर शाखा से प्राप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि आरोपी एवीएटर गेम में नुकसान झेल चुके लोगों को लॉस रिकवर कराने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी ऑटो क्लिकर की मदद से 22 मोबाइल फोन से एक साथ हजारों मैसेज भेजकर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी ने मोबाइल में सिम कार्ड का उपयोग नहीं किया, बल्कि वाईफाई के जरिए सभी डिवाइस संचालित करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। रुपए डबल करने का लालच देता था पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम और अन्य एप्लीकेशन पर बिटकॉइन, शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और सट्टा संबंधी चैनल बनाकर लोगों को रुपये डबल करने का लालच देता था। इसके बाद वह ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन के जरिए एडवांस राशि प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल में बिजली गुल:सुबह से बाधित आपूर्ति, मोबाइल की रोशनी में हो रहा काम
फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सोमवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह से ही बिजली की आवाजाही के कारण भीषण गर्मी में भर्ती मरीज परेशान रहे। अस्पताल में कई कार्य मोबाइल की रोशनी में किए गए। अस्पताल में सुबह से ही बिजली बार-बार ट्रिप हो रही थी, जिससे कभी 10 मिनट तो कभी आधे घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद वह भी सोमवार को बार-बार खराब होता रहा। कर्मचारियों ने बताया कि जनरेटर गर्म होने के कारण उसे बार-बार बंद करना पड़ रहा था। बिजली बाधित होने से अस्पताल के पर्चा काउंटर, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे रूम, सीटी स्कैन और ब्लड बैंक सहित सभी विभागों का कार्य प्रभावित हुआ। कर्मचारियों को मोबाइल की रोशनी में काम करना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों की ड्रिप जांचने के लिए भी मोबाइल टॉर्च का सहारा लिया गया। सोमवार को फर्रुखाबाद का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे भीषण गर्मी पड़ रही थी। लोहिया अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार गर्मी और अंधेरे से बेहाल दिखे। बच्चा वार्ड में तीमारदार बच्चों को हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए, जबकि अन्य वार्डों में भी अंधेरा छाया रहा। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में फर्रुखाबाद जनपद के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलने पर यहां मरीजों की भारी भीड़ थी। हालांकि शाम 3:00 बजे करीब बिजली सुचारू हो पाई। सीएमएस बोले- 33 हजार की लाइन में दिक्कत मामले में लोहिया अस्पताल पुरुष की सीएमएस डॉक्टर जगमोहन शर्मा ने बताया 33000 की लाइन में दिक्कत आने से बिजली की आपूर्ति में समस्या आ रही है। जनरेटर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा अस्पताल में बड़ी संख्या में ऐसी लगी है। ऐसे में जनरेटर लोड नहीं उठा पा रहा है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी ऐसी को जनरेटर से हटा दिया जाए।
समस्तीपुर में सोमवार को शादीशुदा महिला ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया है। पति रमेश पासवान ने बताया, पत्नी अमृता देवी (30) फेसबुक-इंस्टाग्राम पर देर रात तक लड़कों से बात करती थी। मैं जब घर से बाहर रहता था तो फोन करने पर उसका नंबर बिजी आता था। इसी बात को लेकर हम दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आज सुबह मैंने उसे खाना बनाने के लिए बोला था। मैं उजियारपुर चला गया था, उसने कब जहर खा लिया मुझे पता नहीं। घटना उजियारपुर थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… 2015 में हुई थी शादी रमेश और अमृता की शादी 2015 में हुई थी। रमेश बंगाल के दुर्गापुर में नौकरी करते हैं। हर दशहरे वो बंगाल जाते थे और मार्च तक वहीं रहते थे। होली में घर आने के बाद दशहरे तक वे अपने घर में ही रहते थे। इस साल भी होली में ही घर आए थे। पत्नी की हरकतों को देखकर अक्सर दोनों में विवाद हुआ करता था। रमेश रविवार को भी अमृता को सोशल मीडिया पर किसी से बात करते देखा, जिसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया। बेटे ने पिता को फोन किया, मां को उल्टी हो रही अमृता ने जब जहर खाया तब घर में उसके 3 बेटे थे। तीनों की उम्र 2 से 7 साल के बीच है। जब महिला को उल्टी होने लगी तो बच्चे काफी परेशान हो गए थे। उन्होंने अपने स्तर से मां को संभालने की कोशिश की, लेकिन तबीयत बिगड़ती जा रही थी। अंत में बड़े बेटे ने पिता को फोन किया और मां के बारे में बताया। जिसके पाद रमेश पासवान घर पहुंचे। रमेश अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर गया, पर अमृता की जान नहीं बची। लाश को फॉसेंसिक जांच क लिए भेजा जाएगा घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग और उजियारपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर विनायक कुमार ने बताया कि महिला के शव को सुरक्षित रखा जा रहा है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी उजियारपुर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि चांदचौर गांव में एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या की है। मृतका के परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में लूटेरे ने मां-बेटे को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूटेरे ने 2 साल के मासूम बेटे की गर्दन पर चाकू रखकर मां को गमछे से बांध दिया। इस दौरान एक डिलीवरी बॉय महिला के घर पहुंचा। बदमाश ने डिलीवरी बॉय को घर के बाहर ही रोककर 145 रुपए दिए और पार्सल लेकर वापस भेज दिया। भिवाड़ी एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया- मामला फूलबाग थाना क्षेत्र स्थित आशियाना तंरग सोसायटी के फ्लैट नंबर 403 का है। सुबह 10 बजे मिली सूचना पर टीम घर पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। दोस्त के साथ ऑफिस के लिए निकला था इंजीनियर फ्लैट मालिक शुभम सक्सेना ने बताया- वह गेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर है। गाड़ी पंचर होने के कारण वे सुबह 9:04 बजे अपने दोस्त अजय शर्मा के साथ ड्यूटी पर निकले थे। सोमवार को घर पर एक पार्सल आने वाला था। सुबह 9:15 पर एक युवक घर पर पहुंचा। इस दौरान घर में शुभम की पत्नी अपूर्वा और उसका दो साल का बेटा था। अपूर्वा के पूछने पर युवक ने बताया कि वह पार्सल वाला है। इस पर महिला ने गेट खोल दिया। गेट खोलते ही युवक धक्का देकर अंदर घुसा और 2 साल के बेटे की गर्दन पर चाकू रख दिया। 2 साल के बेटे की गर्दन पर रखा चाकू बेटे की गर्दन पर चाकू देखकर मां काफी डर गई। इस दौरान युवक ने कहा कि घर में जितने भी गहने और कैश हैं, सब ले आओ, वरना बच्चे को मार दूंगा। इसके बाद युवक महिला को कमरे के अंदर ले गया और अपने साथ लाए एक कपड़े से उसके हाथ बांध दिए। महिला को बंधकर बनाकर सभी कमरों की तलाशी ली बदमाश महिला को बारी-बारी से घर के सभी कमरों में लेकर गया और अलमारियां खुलवाईं। इसके बाद लॉकर में रखे करीब 70 हजार कैश, ज्वेलरी के बॉक्स से सोने के कंगन और महिला का मोबाइल ले लिया। आरोपी ने करीब 2.5 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया। आरोपी ने महिला को धमकाकर उसके फोन का पासवर्ड भी खुलवा लिया। 9:30 बजे कोरियर लेकर आने वाला युवक भी आ गया। जब उसने घर की घंटी बजाई तो बदमाश ने ही दरवाजा खोला और पार्सल रिसीव कर 145 रुपए कैश दे दिए। 20 मिनट तक घर में बदमाश ने की लूट बदमाश ने करीब 20 मिनट तक पूरे घर की तलाशी ली। इसके बाद महिला को बांधकर बाहर से गेट लगा दिया। इस दौरान बदमाश ने शुभम की गाड़ी की चाबी भी ले ली थी। मगर गाड़ी पंक्चर होने की वजह से वह उसे नहीं ले जा सका। 10 मिनट तक की कोशिश के बाद महिला ने अपने हाथ पैर खोले और बालकनी में जाकर लोगों को आवाज दी। पड़ोसियों ने आकर बाहर की कुंडी खोली और पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया-घटना को लेकर पुलिस की टीमों का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें रिटायर्ड बैंकर को बम से उड़ाने की धमकी,48 लाख वसूले:बदमाश बोले- चिथड़े और DNA भी नहीं मिलेगा; पत्नी समेत 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा जयपुर में बदमाशों ने एक विला में 5 दिन तक बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बनाकर रखा। बम से उड़ाने की धमकी देकर बोले- तुम्हारे चिथड़े और डीएनए भी नहीं मिलेगा। बुजुर्ग पति-पत्नी से 48 लाख रुपए फिरौती के वसूल लिए। मामले में पीड़ित पति-पत्नी ने भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
मेरठ में सपा के प्रदर्शन में चोरों की सेंधमारी:प्रदर्शन छोड़कर मोबाइल तलाशने में लगे प्रदर्शनकारी
मेरठ में महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान चोरों ने पांच मोबाइल फोन चुरा लिए। कमिश्नरी चौराहे पर चल रहे इस प्रदर्शन में हुई चोरी से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना सोमवार को हुई, जब समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता बढ़ती गैस और पेट्रोल की कीमतों का विरोध कर रहे थे। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर जमा थे। मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी मिलते ही प्रदर्शनकारियों में हड़कंप मच गया। कई कार्यकर्ता नारेबाजी छोड़कर अपने फोन तलाशने लगे। उन्होंने आसपास पूछताछ की और फोन मिलाकर लोकेशन जानने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि जेबकतरों की पहचान की जा सके। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रायपुर में बीजेपी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सोमवार सुबह जब कौशिक पैदल चल रहे थे, तभी झपटमार उनके हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि वे संभल भी नहीं सके, रायपुर पुलिस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष से लूट की इस वारदात की पुष्टि की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के तुरंत बाद कौशिक ने पुलिस को सूचना दी। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। रेकी के बाद लूट पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बदमाश बाइक पर सवार थे और वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से मौके से भाग निकले। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने पहले रेकी की होगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कांग्रेस ने कमिश्नरेट सिस्टम पर उठाए सवाल घटना की जानकारी होने के बाद कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने रायपुर कमिश्नरेट सिस्टम की वर्किंग पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, कि बीजेपी नेताओं के साथ वारदात हो रही है। हाई अलर्ट के बीच शहर में वारदात हुई है। कमिश्नरी लागू होने के बाद लगातार अपराध बढ़ रहा है। कमिश्नरेट पुलिस केवल गाड़ी मालिकों को चालान भेजने का काम कर रही है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चाकू अड़ाकर BJYM नेता से मोबाइल-कैश की लूट...VIDEO: रायपुर में पीछा करने पर दो दोस्तों पर जानलेवा हमला; एक के हाथ से चाकू हुआ आर-पार रायपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) नेता के साथ लूट हुई है। आरोपियों ने BJYM नेता के दो दोस्तों पर चाकू से हमला भी किया है। हमले में एक दोस्त के पैर और दूसरे के हाथ में गंभीर चोट आई है। चाकू हाथ से आर-पार हो गया है। दोनों का इलाज रायपुर एम्स में चल रहा है। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की सिलाई सेंटर पर जाने का नाम लेकर निकली थी। परिवार ने एक युवक पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी14 मई की सुबह करीब 9:30 से 10 के बीच घर से सिलाई सेंटर जाने की बात कहकर निकली थी। कई देर बाद भी वह वापस नहीं लौटी। परिवार को शक था कि एक युवक उसे अपने साथ ले जा सकता है। जब परिवार ने उस युवक के व्हाट्सएप पर कॉल किया तो उसने नाबालिग लड़की से बात करवाई। तब बेटी ने कहा कि वह शाम तक वापस लौटकर आ जाएगी। इसके बाद भी वह वापस नहीं आई। अब उस युवक ने लड़की के घरवालों का नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया हैं। वहीं सीकर जिले में 20 साल की युवती के लापता होने का भी मामला सामने आया है। जो 17 मई को घर से कोचिंग के लिए निकली थी। वह कोचिंग तो गई लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिवार ने अपने स्तर पर काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। अब युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
अजमेर में 2 नाबालिग लड़कियां लापता:बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका; घर पर मिला संदिग्ध मोबाइल फोन
अजमेर में 2 नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में परिजनों ने बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला: गेगल थाना क्षेत्र का है। महिला ने रिपोर्ट देकर बताया- मेरी नाबालिग बेटी 11 मई की शाम करीब 7 बजे से लापता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि घूघरा निवासी युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिवार ने कई दिनों तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस को बच्ची की उम्र संबंधी दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) और जेजे एक्ट की धारा 84 में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच गोविंदराम एसआई को सौंपी गई है। दूसरा मामला: आदर्शनगर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले पीड़ित भाई ने रिपोर्ट देकर बताया- मेरी बहन (17) 12 मई की सुबह घर से कपड़े धोने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों को घर पर मोबाइल फोन मिला, जिसमें 2 नंबर मिले हैं। जिस युवक के नाम पर सिम है, वह लड़की को बहला-फुसलाकर ले जा सकता है। आदर्शनगर थाना पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 127(2) और 137(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच शिवराज एसआई को सौंपी गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल बरामद
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए अलग-अलग जगहों पर अभियान चलाकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसडीएम ने फर्जी सीएससी सेंटर पर की बड़ी कार्रवाई संदिग्ध साक्ष्य, मोबाइल व लैपटॉट जब्त, कमरा सील
भास्कर न्यूज | गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मेराल प्रखंड के पचफेड़ी स्थित विशाल ऑनलाइन सेंटर में औचक जांच की। जांच के दौरान ऐसे कई प्राथमिक साक्ष्य मिले। जिनसे बिना वैध प्रक्रिया और बिना समुचित जांच के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की आशंका प्रबल हुई। मौके पर ही एसडीएम ने मेराल अंचल अधिकारी को निर्देश देते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। टीम में अंचल अधिकारी मेराल यशवंत नायक, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार तथा थाना प्रभारी विष्णुकांत शामिल हैं। गठित टीम ने केंद्र पर पहुंचकर गहन पड़ताल की। लैपटॉप, मोबाइल जब्त, दस्तावेजों की जांच जारी : जांच के दौरान इस केंद्र से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, बैंक खाते संबंधी विवरण तथा अन्य दस्तावेज जब्त हुए हैं। इनकी तकनीकी और दस्तावेजी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर उक्त केंद्र को सील कर दिया गया है। मौके पर एसडीएम ने कहा कि उनके साप्ताहिक जनसंवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम में भी कई बार ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं कि कुछ तथाकथित प्रज्ञा केंद्र संचालक एवं फर्जी सीएससी केंद्रों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में इस प्रकार के अवैध कार्यों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पलामू कनेक्शन की भी जांच : एसडीएम ने कहा कि अब तक की जांच में गोंदा, मेराल के एक युवक का नाम सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह कई संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहकर अलग-अलग क्षेत्रों से प्रमाण पत्र बनवाने का कार्य करता था। जांच में पलामू जिले के पंजरी गांव के एक व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आ रही है। जिस पर डालटनगंज सदर अस्पताल से बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में प्रमुख भूमिका की पुष्टि हुई है।
पेड़ पर चढ़ने, पहाड़ मापने के दिन गए, लगा मोबाइल टावर
भास्कर न्यूज | नारायणपुर अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में विकास की नई किरण पहुंची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जारी मिशन मोड विकास कार्यों के तहत ओरछा ब्लॉक के अत्यंत सुदूर ग्राम रायनार में नया मोबाइल टावर स्थापित कर दिया गया है। लंबे समय से संचार क्रांति से कटे इस इलाके में अब मोबाइल की घंटियां गूंजने लगी हैं। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस टावर के शुरू होने से ग्राम रायनार, नुलवट्टी, झोरीगांव और डीडरभट्टी में अब पूर्ण रूप से मोबाइल नेटवर्क मिलने लगा है। इसके अलावा रेंगाबेड़ा और मडाली के आंशिक क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी पहुंच गई है। इस पहल से क्षेत्र की 940 से अधिक ग्रामीण आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। रायनार की 590, नुलभट्टी की 130 और झोरीगांव की 220 की आबादी अब सीधे डिजिटल दुनिया से जुड़ गई है। अब तक इस क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी से फोन पर बात करने या इंटरनेट चलाने के लिए ऊंचे पेड़ों, पहाड़ों या कई किमी दूर दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता था।
अस्पताल जाने पर न फाइल की टेंशन, न फर्जी डॉक्टर का डर, अब मोबाइल में रहेगा सेहत का लेखा-जोखा
अस्पताल जाते समय भारी-भरकम मेडिकल फाइलें, पुरानी जांच रिपोर्ट और डॉक्टरों की पर्चियां साथ ले जाने का झंझट अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब आम जनता का इलाज पूरी तरह हाईटेक और पेपरलेस होगा। इस डिजिटल क्रांति को जमीन पर उतारने में उदयपुर जिले ने बाजी मारते हुए प्रदेश में 100 फीसदी सफलता हासिल की है। जिले के सभी 6,800 स्वास्थ्यकर्मियों की हेल्थ प्रोफेशनल आईडी (एचपीआर) तैयार कर ली गई है, जिससे अब उदयपुर का पूरा मेडिकल स्टाफ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेरिफाइड हो चुका है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन और सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने पुष्टि की है कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े 3,000 और स्वास्थ्य विभाग के 3,800 कर्मचारियों का शत-प्रतिशत डेटा अपडेट कर लिया गया है। अस्पतालों को भी फायदा, मिलेगा इंसेंटिव : डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (डीएचआईएस) चलाई जा रही है। इसके तहत जो अस्पताल और डॉक्टर मरीजों की आभा आईडी बनाकर उनके रिकॉर्ड डिजिटल रखेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहन यानी इंसेंटिव भी दिया जाएगा। राज्य सरकार का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस पूरे इकोसिस्टम को अपने चिप पोर्टल के जरिए संचालित कर रहा है। मरीजों और तीमारदारों को सीधे होंगे ये बड़े फायदे {फाइलों से आजादी, मोबाइल में रहेगा रिकॉर्ड : डॉक्टरों की यह डिजिटल आईडी सीधे मरीजों के आभा हेल्थ अकाउंट से जुड़ जाएगी। इससे मरीज की बीमारी का इतिहास, पुरानी दवाइयां और लैब रिपोर्ट ऑनलाइन सुरक्षित रहेंगी। देश के किसी भी अस्पताल में जाने पर डॉक्टर आपकी अनुमति से एक क्लिक में पुरानी हिस्ट्री देख सकेंगे। {फर्जी (झोलाछाप) डॉक्टरों से सुरक्षा : ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से अब कोई भी फर्जी डॉक्टर आमजन को धोखा नहीं दे सकेगा। आम नागरिक अपने मोबाइल से ही तुरंत चेक कर सकेंगे कि इलाज करने वाला डॉक्टर असली और प्रमाणित है या नहीं। {इमरजेंसी में तुरंत इलाज, बचेगी जान : सड़क दुर्घटना या गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने पर अगर मरीज कुछ बताने की स्थिति में नहीं है, तब भी डॉक्टर उसकी डिजिटल आईडी से उसकी पुरानी बीमारियों या दवाओं की एलर्जी को तुरंत जान सकेंगे। इससे बिना वक्त गंवाए सही इलाज शुरू हो सकेगा। {पैसों और समय की बचत : अगर मरीज को उदयपुर से जयपुर या दिल्ली के किसी अस्पताल में रेफर किया जाता है तो वहां नए सिरे से जांच कराने की जरूरत नहीं होगी। पुराने डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही डॉक्टर आगे का इलाज शुरू कर देंगे। यानी नाहक खर्च नहीं होगा। { घर बैठे बड़े डॉक्टरों से परामर्श : प्रमाणित डॉक्टरों से ऑनलाइन (वीडियो कॉल) परामर्श लेना और डिजिटल पर्चा पाना बेहद सुरक्षित हो जाएगा। इससे बड़े शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
जिला स्पेशल टीम टोंक ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 25 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कई पास बुक, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किए है। यह कार्रवाई एसपी राजेश कुमार मीना के आदेश पर डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कोतवाली थाना क्षेत्र में गठित टीम ने की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि इस मामले में टीम ने आरोपी दिलखुश (25) पुत्र स्वराज मीणा निवासी नयागांव बोरदा पुलिस थाना मेहंदवास और दौलत (24)पुत्र शिवजी राम मीणा निवासी मोलाईपूरा पुलिस थाना सदर टोंक को साइबर ठगी के मामले में पकड़ा है। इनके खिलाफ साईबर ठगी की 7 शिकायते दर्ज है। दोनों आरोपी साइबर ठगी में करीब अब तक 30 से अधिक फर्जी मोबाइल सिमों का उपयोग के चुके है । आरोपी के कब्जे से कई पास बुके, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध साइबर ठगी की वारदात के संबंध में पुलिस थाना कोतवाली टोंक पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। आरोपी द्वारा प्रारंभिक जांच में अब तक 30 फर्जी सिम कार्ड उपयोग करना सामने आया है, और आरोपियों द्वारा अब तक कुल 25 से 30 लाख रुपए की साइबर ठगी अंजाम दिया जाना सामने आया है। अनुसंधान से आरोपी के साथ साइबर ठगी में संलिप्त उसके साथी व मददगार सिम उपलब्ध कराने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
कानपुर में 6 मोबाइल चोर पकड़े गए:इनमें तीन बाल अपचारी, कानपुर-लखनऊ में दर्ज हैं मुकदमे
कानपुर की चकेरी पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने तीन युवकों और तीन बाल अपचारियों सहित कुल छह मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान छह संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो वे भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। शुरुआत में पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। संदिग्ध लगने पर उन्हें थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई। इस दौरान उनके पास से छह चोरी के मोबाइल फोन और 400 रुपये नकद बरामद हुए। आरोपियों की पहचान झारखंड के साहिबगंज निवासी राजकुमार महतो, जितेंद्र कुमार महतो और बिहार के भागलपुर निवासी गणेश कुमार के रूप में हुई। इनके अलावा तीन बाल अपचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर कानपुर, लखनऊ और मथुरा में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जिन शहरों में काम करने जाते थे, वहां रात में रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वारदात के बाद वे तुरंत उस जिले को छोड़कर दूसरे जिले भाग जाते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई की है।
विदिशा जिले के शमशाबाद स्थित महानीम चौराहे पर रविवार को यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए मोबाइल कोर्ट लगाया गया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने पुलिस के साथ मिलकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान ओवरलोड डंपरों, बिना दस्तावेज वाले वाहनों और नियम विरुद्ध हूटर लगे वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। अभियान में करीब 30 वाहनों के चालान बनाए गए और लगभग 70 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने महानीम चौराहे पर बेरिकेड्स लगाकर जांच शुरू की। छोटे वाहनों से लेकर भारी डंपरों तक को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई। कई ओवरलोड डंपरों पर जुर्माना लगाया गया। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम पट्टियां और रिफ्लेक्टर भी लगाए गए, ताकि रात के समय वाहन दूर से दिखाई दे सकें और हादसों से बचाव हो सके। SDM की गाड़ी भी रुकवाई मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता का उदाहरण भी देखने को मिला। मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने एसडीएम अजयप्रताप पटेल की गाड़ी को भी रुकवाकर उसके दस्तावेज जांचे। मौके पर मौजूद लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की। अभियान के दौरान किन्नर छाया की गाड़ी में नियम विरुद्ध हूटर लगा मिला। हूटर हटाने और चालान की कार्रवाई के दौरान उसकी पुलिस और अधिकारियों से बहस भी हुई। हालांकि बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और कार्रवाई पूरी की गई। जागरूकता बढ़ाना भी अभियान का उद्देश्य मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने बताया कि जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके के निर्देशन में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना भी है।
बैतूल के सदर बाजार में रविवार दोपहर मोबाइल चोरी की घटना सामने आई। सदर काफी हाउस के पास सब्जी खरीदने आए लोगों के बीच घूम रहे एक नाबालिग युवक को संदिग्ध गतिविधियों के दौरान रंगे हाथों पकड़ लिया गया। बाद में उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार में कुछ नाबालिग लड़के बिना खरीदारी किए इधर-उधर घूमते नजर आए। बाजार में मौजूद राजेश प्रजापति और अन्य लोगों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान एक युवक को मोबाइल चोरी करते हुए पकड़ लिया गया। पूछताछ में सामने आए अन्य साथी मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय के मुताबिक युवक ने पूछताछ में खुद को बाहरी क्षेत्र का निवासी बताया। उसने यह भी कहा कि उसके अन्य साथी भी बाजार में घूम रहे हैं। कोतवाली टीआई देवकरण डहरिया ने बताया कि नाबालिग ने चोरी करने के बाद मोबाइल एक बड़े व्यक्ति को सौंप दिया था। नाबालिग की निशानदेही पर उस व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है, जो खुद को झारखंड का निवासी बता रहा है। पुलिस फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी हुई है। बाजारों में फिर सक्रिय हुए मोबाइल चोर स्थानीय लोगों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के चलते युवक को समय रहते पकड़ लिया गया। सदर और कोठीबाजार के साप्ताहिक बाजारों में पहले भी मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कुछ समय तक इन वारदातों पर रोक लगी थी, लेकिन अब फिर चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस की ओर से निगरानी का कोई स्थायी तंत्र नजर नहीं आता। बाजार के दिनों में जेबकतरे और मोबाइल चोर सक्रिय रहते हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इटारसी-नागपुर से आने की आशंका बाजार से जुड़े लोगों के मुताबिक इटारसी और नागपुर की ओर से मोबाइल चोर गिरोह बाजार वाले दिन बैतूल पहुंचते हैं। इन गिरोहों में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल रहते हैं, जो भीड़ का फायदा उठाकर मौका मिलते ही मोबाइल चोरी कर लेते हैं। जानकारों का कहना है कि अब मोबाइल ट्रैक होने के डर से गिरोह मोबाइल सीधे बेचने के बजाय उसके पुर्जे अलग-अलग कर बेच देते हैं। इससे पुलिस के लिए मोबाइल तक पहुंचना और आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
रामपुर में आतंकी फैजान के घर NIA का छापा:परिवार और दोस्तों से पूछताछ, मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू
रामपुर में रविवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवादी गतिविधियों में गिरफ्तार फैजान के घर छापा मारा। NIA की टीम ने स्थानीय स्वार कोतवाली पुलिस और एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कई घंटों तक जांच-पड़ताल की। NIA टीम स्वार कस्बे के नरपत नगर स्थित फैजान के आवास पर पहुंची। एजेंसी ने घर की गहन तलाशी ली और वीडियोग्राफी भी कराई। इस दौरान फैजान के परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई। NIA ने फैजान के परिजनों और उसके कुछ करीबी मित्रों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। जांच एजेंसी फैजान के संपर्कों, उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों ने परिवार से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य जानकारियां भी प्राप्त कीं। फैजान वर्तमान में अहमदाबाद की जिला जेल में बंद है। उसे मार्च 2026 में गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। रविवार की कार्रवाई के दौरान, NIA अधिकारियों ने उसके परिचितों और मित्रों के बारे में भी जानकारी जुटाई। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि NIA की टीम क्षेत्र में जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ और जांच प्रक्रिया जारी है, और आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। NIA और स्थानीय पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हैं।
हरियाणा 590 करोड़ के आईडीएफसी-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में सरकार का एक्शन जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने सरकार से 17-A की अफसरों से पूछताछ की मंजूरी मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को इस मामले से जुड़े सीनियर आईएएस ऑफिसर पंकज अग्रवाल और मोहम्मइ साइन से सीबीआई की जांच टीम ने पूछताछ की। इस दौरान कई सवालों के जवाब में संदेह होने पर दोनों के मोबाइल को जब्त कर लिया। इसकी पुष्टि करने के लिए जब दैनिक भास्कर ऐप की टीम ने दोनों आईएएस अफसरों के मोबाइल नंबरों पर कॉल की तो स्वीच्छ ऑफ बताया गया। 17-A की मंजूरी से ब्यूरोक्रेसी में बढ़ी हलचलसीएम नायब सिंह सैनी के निर्देश पर पहले एसीबी और बाद में CBI जांच शुरू कराई गई थी। अब 17-A की मंजूरी देकर सरकार ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद हरियाणा की नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है।माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में CBI संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर सकती है और जांच में कई नए खुलासे हो सकते हैं।3 लेखा अधिकारियों को किया जा चुका बर्खास्त जिन अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं, वे पहले, पंचायत एवं विकास विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम और पंचकूला नगर निगम जैसे विभागों में तैनात रह चुके हैं। इन विभागों में फर्जी खातों और संदिग्ध भुगतान के जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन की जांच चल रही है। मामले में 3 लेखा अधिकारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।ऑडियो/डिजिटल रिकॉर्डिंग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नामजांच एजेंसियों को गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, दस्तावेजों, फाइल मूवमेंट और कथित ऑडियो/डिजिटल रिकॉर्डिंग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम मिलने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्डिंग में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों का संचालन और कार्रवाई से बचने के तरीके जैसे विषयों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। CBI इन रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करा रही है।यहां पढ़ते हैं केस से जुड़े तीन खुलासे... 1. IAS अनीश यादव ने खोला घोटाला 2014 बैच के आईएएस अनीश यादव ने इस बहुचर्चित घोटाले का खुलासा किया। दरअसल, 2024 में तत्कालीन एग्रीकल्चर डायरेक्टर अनीश यादव ने इस मामले की जांच के लिए एक तीन मेंबर कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की जांच में इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आईडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपए जमा किए गए। सबसे अहम बात यह है कि इस केस के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब इस मामले में इस रिपोर्ट को सीबीआई भी डाक्यमेंट बना चुकी है। 2. अफसर ने बैंक खाता बदलने का प्रेशर बनाया सामने आए डाक्यूमेंट में ये भी खुलासा हुआ है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े अफसर की ओर से दूसरे अफसरों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का प्रेशर बनाया गया। ज्यादा प्रेशर होने पर आईएएस डीके बेहरा की ओर से एक लेटर जारी किया गया, जिसमें लिखा गया कि विभाग के सीनियर ऑफिसर से टेलीफोन पर डिस्कशन के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए। सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे मामले के डाक्यूमेंट सीबीआई ने अपनी जांच में शामिल किए हैं। 3. मंत्री ने की बर्खास्त सुपरिटेंडेंट बहाली की सिफारिश इस पूरे केस में अहम आरोपी पंचायत विभाग के सुपरिटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश सरकार के एक मंत्री के द्वारा की गई। हालांकि ये सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई। विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपए आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस पैसे से एक फॉच्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। हालांकि अब नरेश कुमार से सीबीआई पूछताछ कर रही है, वह अभी जेल में है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में अधिवक्ता की बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना उस समय सामने आई जब माता-पिता शाम को घर लौटे। कमरे में बेटी का शव फंदे से लटकता देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने एक युवक पर छात्रा को परेशान और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुराना शिवली रोड निवासी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी 24 वर्षीय बेटी एकता सिंह एम.लिब का कोर्स कर रही थी। शनिवार को वह रोज की तरह कचहरी गए थे, जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी सिंह दवा लेने के लिए दोपहर में कचहरी पहुंच गई थीं। उस समय एकता घर पर अकेली थी। 3 तस्वीरें देखिए- सहेली ने कई बार किया फोन, शाम को खुला घटना का पता परिजनों के मुताबिक दोपहर में एकता की सहेली का फोन आया था और दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। करीब तीन बजे सहेली ने पिता को फोन कर पूछा कि वह घर कब पहुंचेंगे, क्योंकि एकता का फोन बंद जा रहा था। इसके बाद सहेली ने माता-पिता को कई बार कॉल किया। शाम करीब छह बजे जब परिवार घर पहुंचा तो मुख्य गेट अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोस के एक युवक को दीवार फांदकर अंदर भेजा गया। गेट खुलने पर परिजन घर में दाखिल हुए और कमरे में पहुंचते ही एकता का शव पंखे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू, युवक से जुड़े पहलुओं की पड़ताल मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में सामने आया कि एक युवक कथित तौर पर छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में रहती थी। संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने एक युवक पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में शनिवार शाम को एक युवक को रंगे हाथ मोबाइल चोरी करते हुए पकड़ा गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की मदद से उसे पहचाना। शक है कि अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से हो रही मोबाइल चोरी की वारदातों के पीछे इसी का हाथ है। उमरसिंगी के रहने वाले राकेश गुर्जर अपने किसी रिश्तेदार के इलाज के लिए अस्पताल आए थे। शुक्रवार की देर रात जब वे ट्रामा सेंटर के कमरा नंबर 21 के बाहर सो रहे थे, तभी उनका मोबाइल चोरी हो गया। शनिवार सुबह जब राकेश ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया, तो उसमें एक चोर साफ तौर पर मोबाइल ले जाते हुए दिखाई दिया। पहचानते ही पकड़ लिया शनिवार शाम को जब वही चोर दोबारा अस्पताल परिसर में घूमता दिखा, तो राकेश के घरवालों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत अस्पताल स्टाफ को बताया और फुटेज से मिलान करने के बाद उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान लक्ष्मी नगर निवासी हेमंत जाटव के रूप में हुई। उसके पास से शुक्रवार रात चोरी हुआ मोबाइल भी मिल गया है। पहले भी कर चुका है चोरी बताया जा रहा है कि पिछले बुधवार को शुजालपुर के रानूगंज निवासी अंकित केवट का मोबाइल भी चोरी हुआ था। उस समय भी सीसीटीवी में यही युवक चोरी करता नजर आया था। अस्पताल में लगातार हो रहे इन वाकयों से मरीज और उनके परिजन काफी परेशान और नाराज हैं। पुलिस कर रही है पूछताछ अस्पताल पुलिस चौकी ने युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने भेज दिया है। थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी ने लिखित में शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
झालावाड़ के इंजीनियर अचिन अग्रवाल और उनकी टीम ने भारतीय सेना के लिए एक अत्याधुनिक 'मोबाइल कमांड सेंटर' विकसित किया है। यह स्वदेशी तकनीक युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में सैनिकों को संचालन, निगरानी, संचार और मेडिकल सहायता जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं तुरंत शुरू करने में मदद करेगी। पारंपरिक पोर्टा केबिन को स्थापित करने में अधिक समय और भारी मशीनरी की आवश्यकता होती है, लेकिन यह नई प्रणाली इस समस्या का समाधान करती है। अचिन अग्रवाल और उनके सहयोगी अंकित पटेल ने आईआईटी बीएचयू, वाराणसी से स्नातक करने के बाद अपनी कंपनी की शुरुआत की थी। उनकी एआईपीएल टीम देश में स्वदेशी तकनीकी नवाचारों के लिए लगातार पहचान बना रही है। यह अत्याधुनिक प्रणाली मात्र 5 मिनट में स्वयं खुलकर पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसे स्थापित करने के लिए किसी बाहरी क्रेन या भारी मशीनरी की आवश्यकता नहीं होती। पूरी प्रणाली हाइड्रोलिक तकनीक से संचालित होती है और केवल एक व्यक्ति एक बटन दबाकर इसे आसानी से संचालित कर सकता है। यह पारंपरिक पोर्टा केबिन की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक उपयोगी स्थान उपलब्ध कराती है। इस मोबाइल कमांड सेंटर का उपयोग सेना द्वारा युद्ध क्षेत्र, सीमावर्ती इलाकों और आपातकालीन परिस्थितियों में कंट्रोल रूम, निगरानी कक्ष, संचार केंद्र, फील्ड ऑपरेशन यूनिट और मोबाइल मेडिकल एवं सर्जिकल यूनिट के रूप में किया जा सकेगा। इसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस तकनीक का प्रथम प्रदर्शन प्रयागराज में आयोजित प्रतिष्ठित 'नॉर्थ टेक डिफेंस एग्जीबिशन' में किया गया। इस दौरान भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने उत्पाद का निरीक्षण किया और भविष्य के युद्धक्षेत्र में ऐसी तेजी से तैनात होने वाली प्रणालियों की आवश्यकता पर जोर दिया। अचिन अग्रवाल और उनकी एआईपीएल टीम इससे पूर्व भी कई तकनीकी नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर चुकी है। अचिन अग्रवाल ने बताया कि यह उपलब्धि न केवल झालावाड़ और राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। अग्रवाल एवं उनकी एआईपीएल टीम इससे पूर्व भी कई तकनीकी नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर चुकी है।वर्ष 2018 में उनकी “सेल्फ एडजस्टिंग फिक्स्ड टाइप जेट्टी (SAFTJ)” तकनीक को एनआरडीसी इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया था।पूर्व में भी कर चुके है सफल प्रयोगवर्ष 2021 में उनकी टीम की ओर से विकसित फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पेट्रोलियम मंत्री की ओर से प्रसंशा की गई थी। वहीं वर्ष 2020 में आई घाट एवं ऑक्सीजन प्लांट नवाचारों के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा भी टीम की प्रशंसा की गई थी। कंपनी के इस नवीनतम “मोबाइल कमांड सेंटर” नवाचार को भी पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है। अचिन अग्रवाल एवं उनकी टीम को पूर्व में भी विभिन्न तकनीकी नवाचारों एवं स्टार्टअप उपलब्धियों के लिए देश के विभिन्न सरकारी एवं औद्योगिक संस्थानों द्वारा सम्मान एवं प्रशंसा प्राप्त हो चुकी है। प्रयागराज में आयोजित एक कार्यशाला में 4 से 6 मई को आयोजित कंपनी की ओर से नई तकनीक का प्रदर्शन किया गया था।
हिसार रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने के मामले में कोर्ट ने एक दोषी को पांच साल कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सेशन जज अलका मलिक की कोर्ट ने पंजाब के संगरूर जिले के धुरी निवासी विक्रम को यह सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 16 अगस्त 2023 का है। जीआरपी थाना पुलिस ने जयपुर निवासी मनीष कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया था। मनीष ने पुलिस को बताया था कि वह चरखी दादरी जाने के लिए हिसार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर खड़ा होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। शोर मचाने पर आरोपी को जीआरपी ने पकड़ा इसी दौरान एक युवक अचानक उसके हाथ से मोबाइल छीनकर ओवरब्रिज की पश्चिम दिशा की ओर भाग निकला। मोबाइल छिनते ही मनीष कुमार ने शोर मचाते हुए आरोपी का पीछा किया। उसी समय स्टेशन पर चेकिंग कर रहे जीआरपी पुलिसकर्मियों ने भाग रहे युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान संगरूर जिले के धुरी स्थित आजाद नगर निवासी विक्रम के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल शिकायतकर्ता मनीष कुमार का निकला। आरोपी मोबाइल के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया था। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में पेट्रोल चोरी करते हुए बुड़ैल जेल से फरार एक भगोड़े कैदी को पकड़ लिया गया। आरोपी को अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड ने बहादुरी दिखाते हुए करीब आधा किलोमीटर पीछा कर दबोचा। उसके पास से दो चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार सिक्योरिटी गार्ड अवतार सिंह की ड्यूटी सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में थी। इसी दौरान ब्लड बैंक का एक कर्मचारी अपनी मोटरसाइकिल पार्क कर कंट्रोल रूम पहुंचा और उसने बताया कि पार्किंग में घूम रहे दो युवक संदिग्ध लग रहे हैं। धक्का देकर भागा आरोपी सूचना मिलते ही अवतार सिंह तुरंत पार्किंग की तरफ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक युवक मोटरसाइकिल की पाइप काटकर पेट्रोल निकाल रहा था। जब अवतार सिंह ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें धक्का देकर भागने का प्रयास किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मी ने शोर मचाते हुए आरोपी का पीछा शुरू किया। करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करने के बाद नर्सिंग कॉलेज के सामने आरोपी को पकड़ लिया गया। बाद में उसे सेक्टर-32 पुलिस चौकी ले जाया गया। तलाशी लो तो मिले मोबाइल फोन तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने जब एक मोबाइल ऑन किया तो उस पर कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि मोबाइल उसका है और कुछ दिन पहले चोरी हो गया था। बाद में मोबाइल मालिक चौकी पहुंचा और फोन की पहचान कर उसे वापस ले लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वह बुड़ैल जेल से फरार चल रहा भगोड़ा कैदी है। सूचना मिलने के बाद बुड़ैल जेल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई।
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के पगारा गांव में एक युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौरासी थाने के एएसआई ईश्वरलाल ने बताया कि पगारा निवासी बद्रीलाल डेंडोर ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बद्रीलाल ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं, जबकि उनके दो भाई और तीन बहनें घर पर रहते थे। 15 मई की रात उनके बच्चे घर पर थे। रात करीब 11 बजे उनकी पुत्री आशा ने फोन कर सूचना दी कि उनकी दूसरी पुत्री सुरता (18) ने घर के अंदर चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर बद्रीलाल और उनकी पत्नी गांव पहुंचे। उन्होंने देखा कि परिजनों ने सुरता को फंदे से नीचे उतारकर घर के अंदर लिटा रखा था। परिजनों ने घटना पर किसी प्रकार का शक जाहिर नहीं किया है, लेकिन उन्होंने मृतका के मोबाइल नंबर की जांच कराने की मांग की है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। चौरासी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरिया चौराहा स्थित फ्लाईओवर से शनिवार दोपहर एक युवती ने छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल युवती को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय फ्लाईओवर पर युवती के साथ एक युवक भी मौजूद था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था और इसी दौरान युवती ने फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगा दी। विवाद के बाद साथी युवक हुआ फरारघटना के तुरंत बाद युवक मौके से भाग निकला। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और युवती को ऑटो रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती जांच में इसे प्रेम प्रसंग में अनबन का मामला माना जा रहा है। हाथ पर मिले नंबर से युवक की तलाशसूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस को युवती के हाथ पर एक मोबाइल नंबर और 'बाबू' नाम लिखा मिला है। पुलिस को आशंका है कि यह नंबर उसी युवक का हो सकता है जो घटना के समय युवती के साथ था। फिलहाल पुलिस इसी नंबर के आधार पर फरार युवक की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवती के होश में आने और उसके बयान दर्ज होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सकेगी।
आरा में रील्स देखने से मना करने पर एक गर्भवती महिला ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नगर थाना क्षेत्र के उजियार टोला स्थित बिंद टोली मोहल्ले की है। मृतका की पहचान पटना जिले के महीनावां गांव निवासी गोविंद महतो की पत्नी पार्वती देवी(22) के तौर पर हुई है। उसके दो छोटे बच्चों हैं। पति ने बताया कि पार्वती वीडियो देखने के लिए मोबाइल मांग रही थी, मैंने मना कर दिया। इसी बात से नाराज होकर उसने जहर खा लिया। इधर, मृतका के भाई का कहना है कि पति-पत्नी में मोबाइल फोन को लेकर झगड़ा हुआ था। मेरे जीजा ने दीदी को पीटा भी था। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… मोबाइल को पति-पत्नी में बहस हुई पति गोविंद महतो ने बताया कि वह गुजरात के राजकोट में एक लोहा कंपनी में मजदूरी करता है। 30 अप्रैल को अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए पूरे परिवार के साथ गांव आया था। शादी के बाद पत्नी की इच्छा पर वह बच्चों के साथ ससुराल चला आया था। शुक्रवार की सुबह पार्वती ने उससे मोबाइल मांगा, ताकि वह रिल्स देख सके, लेकिन उसने मोबाइल देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर मैं घर से बाहर निकल गया था। कुछ देर बाद ससुराल वालों ने फोन कर सूचना दी कि पार्वती ने जहर खा लिया है। इसके बाद वह तुरंत घर पहुंचा और आनन-फानन में इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर आया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मौत से पहले का वीडियो जहर खाने से पहले पति-पत्नी के बीच हुई लड़ाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच मोबाइल को लेकर तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि महिला मोबाइल को अपने पास दबा रखा है। भाई धन्नु ने बताया कि झगड़े के दौरान पार्वती काफी आक्रोश में थी। पति जब वीडियो बना रहा था तो उसने मोबाइल छीनने की भी कोशिश की थी। बहन के साथ मारपीट हुई है मृतका के छोटे भाई धन्नु ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया है। उसने बताया कि सुबह से ही मोबाइल को लेकर दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था और जीजा ने उसकी बहन के साथ मारपीट भी की थी। परिवार के लोगों ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया। बहन ने पहले राजकोट में अपने पति को साइकिल खरीदने के लिए एक हजार रुपए दिए थे। जब पति ने मोबाइल देने से इनकार किया तो उसने अपने पैसे वापस मांगे, ताकि खुद मोबाइल खरीद सके। इसी बात को लेकर पार्वती और अधिक नाराज हो गई थी। झगड़े के दौरान पति वीडियो बना रहा था भाई धन्नु ने आगे बताया कि झगड़े के दौरान पार्वती काफी आक्रोश में थी। पति जब वीडियो बना रहा था तो उसने मोबाइल छीनने की भी कोशिश की थी। कुछ देर बाद घर के लोग बाहर चले गए। इसी बीच उसने घर में रखे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ------------ इसे भी पढ़ेंः मुजफ्फरपुर में शादी के 16वें दिन कैश-ज्वेलरी लेकर दुल्हन फरार:दूल्हा बोला- साथ सोई थी, सुबह नींद खुली तो गायब मिली; कीमती सामान गायब थे मुजफ्फरपुर में शादी के 16 दिन बाद दुल्हन कैश और गहने लेकर फरार हो गई। घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के लोमा गांव (वार्ड संख्या 1) की है। लोमा गांव के रामबाबू मांझी के बेटे धर्मेंद्र कुमार की शादी 25 अप्रैल को पियर थाना क्षेत्र की एक लड़की से हुई थी। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। पूरी खबर पढ़ें।
नर्मदापुरम में भारतीय जनता पार्टी का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आज शनिवार से शुरू होगा। परमशी गार्डन में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण में पदाधिकारियों को पारंपरिक राजनीति के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद सभी नेताओं को एक ऑनलाइन परीक्षा से गुजरना होगा। भाजपा संगठन को हाईटेक बनाने के लिए भाजपा की रीति नीति, बूथ मैनेजमेंट के साथ एक अनूठा प्रयोग भी कर रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने बताया ट्रेनिंग के लिए 12 अध्यायों की विशेष बुकलेट तैयार की गई है। इसमें पार्टी के इतिहास, वैचारिक अधिष्ठान और बूथ मैनेजमेंट के साथ-साथ सोशल मीडिया, एआई, नमो एपऔर संगठन एप का उपयोग सिखाया जाएगा। 48 घंटे तक प्रशिक्षण स्थल पर ही रात्रि विश्राम करना अनिवार्य है। हाईकमान जाएगी परफॉर्मेंस रिपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, अंतिम दिन संगठन एप के जरिए होने वाले ऑनलाइन क्विज की परफॉर्मेंस रिपोर्ट सीधे प्रदेश संगठन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि यही रिपोर्ट भविष्य में टिकट वितरण और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का अहम आधार बनेगी। नीट-यूपीएससी जैसी रहेगी सख्ती ट्रेनिंग हॉल 'नो-मोबाइल जोन' रहेगा। एंट्री से पहले ही सभी नेताओं के फोन काउंटर पर जमा करा लिए जाएंगे। परीक्षा भी सख्त होगी। एप के जरिए ही रजिस्ट्रेशन और हर सत्र की अटेंडेंस दर्ज हो रही है। ऑफलाइन रजिस्टर का सिस्टम खत्म कर दिया गया है। टेस्ट पास करने पर इसी एप से ई-सर्टिफिकेट जारी होगा।
मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी मामले में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस कांड में शामिल चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी के 22 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 मोबाइल बरामद कर चुकी है। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दुकान की छत काटकर की थी चोरी पूरे मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंक प्रभाकर ने बताया कि 8 मई 2026 की रात औराई थाना क्षेत्र के अमनौर चौक स्थित उज्जवल मोबाइल दुकान में अज्ञात चोरों ने कर्कट की छत तोड़कर और सीलिंग काटकर करीब 50 से 55 मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। घटना के बाद दुकान संचालक बबलू पंडित के आवेदन पर औराई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-1 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर थाना क्षेत्र निवासी आकाश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकारी पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर उसके घर के पीछे आम के बगीचे में छिपाकर रखे गए 22 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अब चोरी में शामिल अन्य आरोपियों और बाकी मोबाइल फोन की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
मुजफ्फरपुर की ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने रेलवे कॉलोनी पूर्वी गेट के पास हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है और चोरी का शत-प्रतिशत सामान भी बरामद कर लिया है। यह घटना 13 मई 2026 की देर रात ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के रेलवे कॉलोनी पूर्वी गेट निवासी अमन कुमार के घर में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर से कीमती जेवरात, मोबाइल फोन और एक लेडीज पर्स चुरा लिया था। पीड़ित अमन कुमार के बयान पर ब्रह्मपुरा थाना में कांड संख्या 153/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) विनीता सिन्हा ने किया, जिसमें ब्रह्मपुरा थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है अल्ताफ विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच की। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य अभियुक्त मो० अल्ताफ को गिरफ्तार कर लिया। अल्ताफ ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र का ही निवासी है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से चोरी किए गए सभी सामान बरामद कर लिए गए हैं। इनमें एक मोबाइल फोन, एक जोड़ी चांदी की पायल, एक अंगूठी, एक सोने की नोज पिन और एक लेडीज पर्स शामिल है। अपराध स्वीकार, अब खंगाला जा रहा इतिहास कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान अभियुक्त मो० अल्ताफ ने अमन कुमार के घर में चोरी की बात स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि वह चोरी की नीयत से ही घर में दाखिल हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड क्या है। पूरे मामले का खुलासा सीटी एसपी मोहिबुलाह अंसारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर की।
हरिके में मोबाइल हैक कर खाते से
साइबर ठगों ने कस्बा हरिके के मलकीत सिंह का मोबाइल हैक कर खाते से 2.21 लाख रुपए निकलवा लिए। पीड़ित ने बताया कि 14 अप्रैल रात 10 बजे मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हो गए। खाते से 2.21 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम तरनतारन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब एयरपोर्ट रोड के रहने वाले मोनू सेठ के साथ 1.06 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। वहीं साइबर थाना में शिकायत के 17 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ है। मोनू ने बताया कि 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर नया क्रेडिट कार्ड बनाने का ऑफर देखने के बाद आवेदन किया। आवेदन के लिए अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भर दिया। अगले दिन 29 अप्रैल को व्हाट्सऐप पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। इसके बाद आरोपी ने एक एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर खोलने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने फाइल पर क्लिक किया, कुछ खुला नहीं, लेकिन थोड़ी देर बाद उनके ई-मेल पर लगातार ऑनलाइन शॉपिंग के मैसेज आने शुरू हो गए। मोनू ने बताया कि बैंक की ओर से हर ट्रांजेक्शन की ई-मेल आ रही थी, मगर मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा था। बाद में पता चला कि ठगों ने मोबाइल में कॉल डायवर्ट एक्टिव कर रखा था। ठग 29 अप्रैल सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक लगातार ऑनलाइन शॉपिंग करते रहे। ठगों ने करीब 6 लाख के ऑनलाइन ऑर्डर किए। तुरंत क्रेडिट कार्ड की लिमिट जीरो कर दी, लेकिन इसके बाद भी एक और ट्रांजेक्शन का ई-मेल आ गया और 1.06 लाख की ठगी हो गई। वहीं साइबर थाना में शिकायत देने के 17 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ है। इस बारे में साइबर थाना के मुंशी अमनदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है। जिन नंबरों से कॉल आई थी, उन्हें ट्रेसिंग पर लगाया गया है। मामले की जांच जारी है। ठग सबसे पहले व्यक्ति से किसी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक करवाते हैं। एपीके फाइल एंड्रॉइड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। जैसे ही व्यक्ति इसे डाउनलोड या ओपन करता है, मोबाइल का पूरा एक्सेस साइबर ठगों तक पहुंच जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल में रिमोट एक्सेस या स्क्रीन कंट्रोल ले लेते हैं, एसएमएस और ओटीपी पढ़ लेते हैं, कॉल डायवर्ट एक्टिव कर देते हैं, बैंकिंग ऐप और क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा लेते हैं, बिना जानकारी ऑनलाइन शॉपिंग या ट्रांजैक्शन कर देते हैं। बचाव के लिए किसी अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। मोबाइल में इंस्टॉल फ्रॉम अननाउन सोर्सेज बंद रखें। अनजान स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें। ठगी होते ही तुरंत बैंक कार्ड ब्लॉक करें और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं। मुकेश चौधरी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ
देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में ChatGPT से नकल टॉयलेट में छिपाया मोबाइल और लिख डाले जवाब
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

