लुधियाना में महिला से मोबाइल की झपटमारी,VIDEO:दवाई लेने जा रही थी,बाइक सवार 2 बदमाशों ने की वारदात
लुधियाना में लूट और छीनाझपटी की मामले लगातार सामने आ रहे है। ताजा मामला थाना सलेम टाबरी क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर से सामने आया है, जहां बेटी के साथ दवाई लेने जा रही एक महिला को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बना लिया। पीड़ित महिला अनीता, निवासी अशोक नगर ने बताया कि वह घर से दवाई लेने के लिए मोहल्ले की एक दुकान पर जा रही थी। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उसके पास आए और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला के कुछ समझ पाती, उससे पहले ही दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की पूरी तस्वीर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में दो युवक मोटरसाइकिल पर आते और महिला का मोबाइल छीनकर फरार होते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना तुरंत थाना सलेम टाबरी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और आस-पास के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बढ़ती वारदातों से लोगों में दहशत इलाके के लोगों का कहना है कि शहर में मोबाइल स्नैचिंग और लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातों से महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर बना हुआ है।
अजयगढ़ में मोबाइल गैलरी चोरी का खुलासा:CCTV सुराग पर 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, 5 मोबाइल बरामद
अजयगढ़ थाना पुलिस ने रेस्ट हाउस के सामने स्थित रवि मोबाइल गैलरी में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को छतरपुर से गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी किए गए सभी पांच मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 4-5 जून की दरमियानी रात अज्ञात चोर ने रवि मोबाइल गैलरी को निशाना बनाया था। चोर ने दुकान के सामने लगे कदम के पेड़ का सहारा लिया। वह पेड़ पर चढ़कर छत तक पहुंचा और लिफ्ट के लोहे के एंगल के सहारे दुकान के अंदर दाखिल हो गया। आरोपी ने दुकान से पांच कीमती मोबाइल फोन चुराए और फरार हो गया। चोरी की घटना का पता चलने पर अजयगढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दुकान के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी की करतूत और उसका हुलिया साफ दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा किया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी छतरपुर में छिपा है। अजयगढ़ पुलिस ने छतरपुर में घेराबंदी कर शनिवार, 6 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किए गए सभी पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर के निर्देशन में यह त्वरित कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक जयेंद्र पाल, अशोक अहिरवार और आरक्षक मनोज पटेल, नरेंद्र अहिरवार, अश्वनी अनुरागी व रामनरेश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कानपुर सेंट्रल पर दो मोबाइल चोर गिरफ्तार:डेढ़ लाख के फोन बरामद, आउटर पर यात्रियों को बनाते थे निशाना
कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी और छिनैती करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। ये अपराधी रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रेनों के धीमा होने का इंतजार करते थे और यात्रियों को निशाना बनाते थे। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन के हैरिसगंज पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान दादा नगर निवासी रोहित और कानपुर देहात के मंगलपुर निवासी राजकुमार के रूप में हुई। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये बताई गई है। बरामद मोबाइल फोन विभिन्न दर्ज मुकदमों से संबंधित पाए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रेलवे स्टेशन के आउटर पर झाड़ियों और सुनसान स्थानों में छिपकर ट्रेनों के धीमा होने का इंतजार करते थे। जैसे ही ट्रेन की गति कम होती थी, वे खिड़की या दरवाजे के पास बैठे यात्रियों के मोबाइल फोन और बैग छीनकर फरार हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित के खिलाफ जीआरपी कानपुर सेंट्रल, गाजियाबाद और अलीगढ़ में चोरी, छिनैती, गैंगस्टर व आर्म्स एक्ट सहित 26 मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे आरोपी राजकुमार के खिलाफ भी जीआरपी कानपुर सेंट्रल में आपराधिक मामला दर्ज है। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि, आउटर पर गश्त बढ़ाकर अपराध पर लगाम लगाने के प्रयास किए जायेंगे।
दतिया शहर में एक शातिर युवक झांसी से एक टैक्सी ड्राइवर को दतिया लेकर आता है और ठगी का शिकार बना दिया। युवक ने राशन खरीदने के बहाने टैक्सी किराए पर ली, फिर सरसों तेल के डिब्बे खरीदने का झांसा देकर चालक से नकद रुपए ले लिए और उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। जानकारी के अनुसार, झांसी के करारी निवासी लाड़ले बंशकार टैक्सी चालक हैं। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे झांसी के इलाइट चौराहे पर उन्हें एक युवक मिला। युवक ने खुद को राशन खरीदने वाला बताते हुए दतिया चलने की बात कही। उसने बताया कि उसे करीब ढाई क्विंटल सामान खरीदना है। दोनों के बीच दतिया आने-जाने का किराया 650 रुपए तय हुआ। टैक्सी ड्राइवर का फोन और नकद ले गयादतिया पहुंचने के बाद युवक टैक्सी चालक को टाउनहॉल क्षेत्र स्थित गंज बाजार ले गया। यहां वह एक किराना दुकान पर पहुंचा और सरसों तेल के डिब्बे खरीदने की बात करने लगा। आरोप है कि युवक ने टैक्सी चालक से कहा कि वह 400 रुपए नकद दे दे और सामान वाहन में रखवा ले, तब तक वह दूसरा सामान खरीदकर आता है। चालक ने युवक को 400 रुपए दिए और इंतजार करता रहा, लेकिन 30 से 40 मिनट बीत जाने के बाद भी युवक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद पता चला कि वह ठगी कर फरार हो चुका है। इतना ही नहीं, जाते समय वह टैक्सी चालक का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया। पीड़ित चालक के अनुसार, आरोपी युवक की गतिविधियां दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई हैं। घटना के बाद उसने संबंधित लोगों को जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की है। भरोसा जीतकर दिया वारदात को अंजामप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले टैक्सी बुक कर ड्राइवर का भरोसा जीता। दतिया पहुंचने के बाद उसने खुद को बड़ा खरीददार बताकर नकद रकम ली और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल सहित फरार हो गया।
फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के प्रीतम नगला गांव में एक महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने महिला की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक महिला की पहचान 25 वर्षीय ललिता के रूप में हुई है। उसके भाई संजीव ने आरोप लगाया है कि ललिता की हत्या गला दबाकर की गई है। संजीव के अनुसार, ललिता की शादी 22 अप्रैल 2024 को राहुल से हुई थी और उसका 11 महीने का एक बेटा भी है। उन्होंने यह भी बताया कि ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर ललिता को अक्सर परेशान करते थे। शुक्रवार शाम को जब ललिता की मौत की सूचना मिली, तो संजीव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ललिता का शव नीचे रखा हुआ था और उसके ससुराल वाले वहां से फरार थे। घटनास्थल पर चूड़ियां टूटी हुई मिलीं, जिससे संजीव ने अनुमान लगाया कि उनकी बहन की गला दबाकर हत्या की गई है। वहीं, ससुराल पक्ष से चचिया ससुर दुर्वेश ने घटना का दूसरा पक्ष बताया। उनके मुताबिक, ललिता अपनी बहन से मोबाइल पर हंसकर बात कर रही थी। इस पर ललिता की सास ने उसे बहन से ठीक से बात करने को कहा। इसके बाद ललिता कमरे के अंदर चली गई और फंदा लगाकर जान दे दी। दुर्वेश ने बताया कि बाद में बेटियों ने नाती को नहलाया और कपड़े बदलने के लिए ललिता को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर पता चला कि ललिता ने फंदा लगा लिया था।कम्पिल थानाध्यक्ष नितिन चौधरी ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिल गई है और मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फाजिल्का के बॉर्डर रोड पर एक निजी एंबुलेंस चालक से लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार तीन युवकों ने चालक को घेरकर धारदार हथियार के बल पर उससे नकदी और बाइक की चाबी छीन ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। गांव सुरेशवाला निवासी राजिंदरपाल, जो एक निजी एंबुलेंस चालक हैं, ने बताया कि वह काम खत्म करने के बाद बाइक पर अपने घर लौट रहे थे। जब वह फाजिल्का के बॉर्डर रोड स्थित फ्लाईओवर के पास पहुंचे, तभी बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने धारदार हथियार दिखाकर उनसे करीब 10 हजार रुपये की नकदी और बाइक की चाबी छीन ली। पीड़ित बोला- आरोपियों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की राजिंदरपाल के अनुसार, आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि वह एंबुलेंस चालक हैं और उन्हें आपातकालीन कॉल प्राप्त होती रहती हैं। यह सुनकर आरोपियों ने मोबाइल वापस कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं और लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने बताया कि जब आरोपी उन्हें हथियार से धमका रहे थे, तब उन्होंने कहा कि वह उन्हें पहचानते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उन पर हमला नहीं किया और लूट की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई सूरज प्रकाश ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पार्सल देने गया था डिलीवरी बॉय राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि गुरुवार को दीन नगर क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय पार्सल देने गया था। इसी दौरान वह मोबाइल पर बात कर रहा था। तभी दो बदमाश उसके पास पहुंचे और हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए आरोपी शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने मोबाइल लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया। मोबाइल बरामद, पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने आरोपियों गणेश और निखिल गौतम को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटा गया मोबाइल जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों अन्य किसी अपराध में शामिल तो नहीं रहे हैं। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि मोबाइल लूट की वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से मोबाइल बरामद हुआ है। दोनों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
अलवर में एक चोर घर में घुसकर रिटायर्ड फौजी और पूर्व टीसी अमरीक सिंह के दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) और मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। इसके बाद डॉक्यूमेंट और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर खाते से साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए। घटना शहर के शिवाजी पार्क थाना इलाके में गणपति विहार की है। यहां 29 मई की रात करीब 3 बजे चोर घर में घुसा था। पीड़ित अमरीक सिंह के अनुसार, घटना की रात घर में सो रहा था। इसी दौरान चोर घर के अंदर घुस आया। आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सैनिक कैंटीन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद बिस्तर के सिरहाने रखा मोबाइल फोन उठाकर ले जाने लगा तो मेरी नींद खुल गई। चोर का हाथ पकड़ लिया, लेकिन आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग निकला। मोहल्ले तक दौड़ा, लेकिन चोर भाग निकला अमरीक सिंह ने बताया- चोर के पीछे मोहल्ले तक दौड़ा और चिल्लाया भी, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया- घटना के बाद 3 जून को मैंने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखकर पता चला कि 31 मई से 3 जून के बीच अलवर, किशनगढ़बास और तिजारा में अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए गए थे। पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी इसके बाद 5 जून को शिवाजी पार्क थाने में मामला दर्ज किया। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित के घर में चोरी की पूरी घटना बताने के बावजूद पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी। रिपोर्ट में केवल इतना उल्लेख किया गया कि पीड़ित के दस्तावेज और मोबाइल गुम हो गए थे। पीड़ित अमरीक सिंह का आरोप है कि पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि चोर घर में घुसा था, उसे पकड़ने की कोशिश भी की थी। वह चोरी कर भाग गया था। इसके बावजूद मेरी शिकायत को दस्तावेज गुम होने के रूप में दर्ज कर लिया गया। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी।
शौक पूरा करने राहगीरों से लूटते थे मोबाइल और कैश, सीसी कैमरे से पकड़ाए
भास्कर न्यूज | जांजगीर महंगे शौक और शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाहत ने हंसते-खेलते युवाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जांजगीर-चांपा जिले की बलौदा पुलिस और सायबर सेल ने एक ऐसे ही शातिर झपटमार गिरोह को दबोचा है, जिसमें शामिल 2 नाबालिगों समेत 5 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। यह गैंग सूनी सड़कों पर राहगीरों को निशाना बनाकर मोबाइल और नकदी झपटकर फरार हो जाता था। मामला 28 मई की रात का है, जब हरदीबाजार निवासी विरेंद्र कुमार अपने साथी के साथ नैला से फसल कटाई का काम निपटाकर देर रात करीब 11.30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। पहरिया तालाब के पास बिना नंबर की पल्सर और स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर आए आरोपियों ने उनका रास्ता रोका और बैग में रखे 3 मोबाइल समेत 40 हजार रुपए कैश लेकर चंपत हो गए। पकड़े गए आरोपियों में बलवेदव सूर्या, पंकज यादव. लखन कंवर, राकेश यादव और दुर्गेश शामिल हैं। पुलिस ने 2 बाइक, 5 मोबाइल भी जब्त किए।
लाइब्रेरी जा रही छात्रा से मोबाइल लूटा, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
श्याम नगर क्षेत्र में गुरुवार शाम एक छात्रा से मोबाइल लूट की वारदात हो गई। छात्रा पीजी से लाइब्रेरी जा रही थी, तभी बदमाश मोबाइल छीनकर फरार हो गया। घटना के बाद छात्रा ने श्याम नगर थाने में मामला दर्ज कराया। थानाधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि वारदात गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने संतोष नगर इलाके में हुई। पुलिस ने मामला दर्ज िकया है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
चालक से लूट करने वाला अपराधी दबोचा, लूटे गए 2 मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूटपाट और चोरी की वारदात में शामिल एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। थाना लाडोवाल पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा, जॉइंट सीपी रुपिंदर सिंह और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त देव सिंह के दिशा-निर्देशों पर थाना लाडोवाल के प्रभारी सुखविंदर सिंह की देखरेख में सांझा थाना इंचार्ज बिक्रमजीत सिंह और उनकी टीम ने की। पुलिस के अनुसार एक गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी की गई और गांव कुतबेवाल गुजरां निवासी जज सिंह उर्फ बब्लू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी गुरविंदर सिंह उर्फ रूबी के साथ मिलकर 28 मई को एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने दिल्ली से श्रीनगर जा रहे ‘छोटा हाथी’ वाहन के चालक ललन कुमार और उसके साथी को रास्ते में रोक लिया था। दोनों के साथ मारपीट कर उनसे 2 हजार रुपए नकद और दो मोबाइल फोन लूट लिए गए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले में थाना लाडोवाल पुलिस ने 1 जून को बीएनएस की धारा 309(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान 2 जून को दोनों आरोपियों को नामजद किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से ओप्पो कंपनी के दोनों लूटे गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जज सिंह उर्फ बब्लू एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी चोरी, लूटपाट तथा अन्य संगीन मामलों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल दूसरे आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ रूबी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पटना में फायरिंग मामले में खान सर पर FIR के 24 घंटे बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। रातभर पुलिस की 5 गाड़ियां अलग-अलग वक्त पर खान सर की कोचिंग में पहुंची, छात्रों की भीड़ देखकर सभी को लौटना पड़ा। पुलिस गाड़ी से बार-बार अनाउंस करती रही कि हट जाइए, लौट जाइए, लेकिन स्टूडेंट्स रातभर डटे रहे। खान सर को जानने वालों का कहना है कि वो कोचिंग के अंदर ही मौजूद हैं। इधर कुछ लोग ये भी बता रहे हैं कि वो यहां नहीं हैं। खान सर की कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों को मैसेज आया है। इसमें लिखा है- आज भी सर की क्लास होगी। खान सर पर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। खान सर के गार्ड्स ने पुलिस को बयान दिया कि उन्होंने हमें कहा तुम गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे। इसी आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की है। BNS की धारा 109 के तहत ये केस दर्ज किया गया है। इसमें 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें अग्रिम जमानत भी नहीं मिल सकती है। शुक्रवार को लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर IG ऑफिस में पुलिस की हाई लेवल मीटिंग हुई। पुलिस ने छात्रों से अपील की थी कि वो किसी कोचिंग सेंटर के बहकावे में ना आएं।। दरअसल, 2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ था। घटना के दौरान उनके बॉडीगार्ड्स के फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है। पहले पुलिस की तारीफ की, अब बोले- पुलिस लेट आई हमले वाले दिन खान सर ने पुलिस की जमकर तारीफ की थी। अब उन्होंने कहा कि पुलिस लेट पहुंची। गार्ड्स के फायरिंग वाले वीडियो पर खान सर ने कहा, मारपीट हो रही थी। मुझे पता था पुलिस को पहुंचने में समय लगेगा। पुलिस वहां उड़कर तो नहीं पहुंचती, इसलिए गार्ड्स ने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की। गार्ड क्यों रखते हैं ताकि समय पड़े तो लोगों को बचा सकें। जब तक पुलिस नहीं आई थी तब तक एक बॉडीगार्ड को क्या करना चाहिए था। क्या गार्ड्स ने किसी पर फायरिंग की। बच्चों से खान सर बोले- कोचिंग बंद हुई तो फीस बढ़ जाएगी इससे पहले खान सर का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो क्लासरूम में बच्चों को अपने कोचिंग पर हुए हमले के बारे में बता रहे हैं। वो सीसीटीवी फुटेज दिखाकर बच्चों को बता रहे हैं कि जो कोचिंग के गार्ड को लेकर जा रहा है उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। मुद्दे से भटकाया जा रहा है। खान सर ने ये भी कहा कि अगर खान ग्लोबल स्टडीज बंद हो गया तो अगले 6 महीनों में कई कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच जाएगी। मेरा मकसद पैसा कमाना नहीं है। खान सर क्लासरूम में बच्चों को बता रहे हैं कि कोचिंग के गार्ड को बेरहमी से पीटा गया। 20-25 लोगों ने उसे सड़कों पर पीटा। वो क्लासरूम में फीस घटाने की भी बात कर रहे हैं। खान सर एक किताब लेकर आते हैं और कहते हैं विद्या की कमस खाकर कहता हूं उस दिन फायरिंग हुई थी।
समस्तीपुर के दलसिंहसराय में उजियारपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने धमुआ चौक के पास छापेमारी कर एक शातिर बदमाश को लोडेड देसी पिस्टल और 10 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के धमुआ चौक निवासी विक्की कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 4 जून की शाम गाड़ी चेकिंग, अवैध हथियारों की बरामदगी और फरार बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस को देख कर भागने की थी कोशिश इसी दौरान पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार रजक को सूचना मिली कि धमुआ चौक पर एक युवक अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस वाहन को देखते ही संदिग्ध युवक घबरा गया और पीठ पर टंगा बैग लेकर तेजी से भागने लगा। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी की कमर से एक लोडेड देसी पिस्टल बरामद हुई, जिसकी मैगजीन में चार जिंदा कारतूस भरे हुए थे। उसके पास से एक और लोडेड मैगजीन मिली, जिसमें तीन जिंदा कारतूस थे। पीठ पर टंगे बैग की जांच करने पर काले पॉलीथिन में तीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस तरह पुलिस ने कुल 10 जिंदा कारतूस जब्त किए। बरामद कारतूसों के पेंदे पर 32.25 एच पी एम अंकित पाया गया। पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की इसके अलावा, आरोपी के पास से एक ओपो मोबाइल फोन और बिना वैध कागजात की पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि विक्की कुमार के खिलाफ उजियारपुर थाने में पहले से चोरी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और आरोप पत्र भी समर्पित किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, उसका आपराधिक इतिहास पुराना और गंभीर है। मामले में उजियारपुर थाना कांड संख्या 218/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26, 27 और 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार रजक ने किया। टीम में गृह रक्षक प्रिंस कुमार, महिला गृह रक्षक कांति कुमारी, चौकीदार राज कुमार, राम प्रवेश और नन्दकिशोर पासवान शामिल थे।
30 लाख के 100 गुमशुदा मोबाइल बरामद:चूरू साइबर सेल ने की रिकवरी, मालिकों को सौंपे जाएंगे
चूरू पुलिस की साइबर सेल ने एक विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा और चोरी हुए 100 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपए बताई जा रही है। एएसपी सुनील कुमार ने इस सफलता की जानकारी दी। यह विशेष अभियान एसपी निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में 15 मई से 31 मई तक चलाया गया था। इस दौरान सीईआईआर पोर्टल की मदद से ट्रेस किए गए मोबाइलों को जिले के विभिन्न थानों के सहयोग से बरामद किया गया। बरामद किए गए हैंडसेट में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस, शाओमी, वीवो, रियलमी, ओप्पो, आईक्यू और नथिंग जैसी विभिन्न कंपनियों के महंगे फोन शामिल हैं। जिले के अलग-अलग थानों से ये मोबाइल जुटाए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 14 मोबाइल सरदारशहर थाने से, 12 राजगढ़ से और 10-10 मोबाइल कोतवाली चूरू तथा एसपी कार्यालय की साइबर सेल की सहायता से बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सुजानगढ़ और सिद्धमुख से 7-7, दूधवाखारा से 6, तारानगर से 5, राजलदेसर से 4, हमीरवास व साइबर थाने से 3-3, तथा रतननगर, भालेरी, भानीपुरा व रतनगढ़ थानों से 2-2 मोबाइल रिकवर किए गए हैं। एएसपी सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में अन्य राज्यों में चल रहे मोबाइल हैंडसेट को बरामद करने के लिए वहां की साइबर सेल से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। ये सभी बरामद मोबाइल जल्द ही उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि सरकार के आधिकारिक सीईआईआर पोर्टल पर इसका ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके। इस अभियान की सफलता में साइबर सेल प्रभारी एएसआई भागीरथ, कांस्टेबल सुरेंद्र, धर्मवीर, रमाकांत, सत्यवान, सुनील कुमार, अनिल कुमार और महिला कांस्टेबल मनीता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ठनका गिरने से छह मजदूर घायल:भोजपुर में पेड़ के नीचे रील देख रहे थे, मोबाइल चलाते समय हादसा
भोजपुर के संदेश थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव स्थित बालू घाट नंबर 15 (ए) पर आज तेज बारिश के दौरान अचानक ठनका गिरा। इससे बालू घाट पर काम कर रहे छह मजदूर घायल हो गए। जिनमें चार को इलाज के लिए संदेश रेफरल अस्पताल से आरा सदर अस्पताल लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद एक की हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया है। जबकि, तीन का इलाज आरा सदर और दो का संदेश रेफर अस्पताल में चल रहा है। 40 मजदूर बैठे थे पेड़ के नीचे घायलों में संदेश थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव निवासी रामदेव चौधरी के 40 साल के बेटे हरेंद्र चौधरी, उसी गांव के निवासी वीरेंद्र चौधरी के 44 साल के बेटे अमित चौधरी, देव नंदन चौधरी के 45 साल के बेटे अमलेश चौधरी, बीजू चौधरी के 42 साल के बेटे कंचन चौधरी और दो अन्य लोग शामिल हैं। घायलों के परिजन मनोज चौधरी ने बताया कि वे लोग रेपुरा गांव स्थित बालू घाट नंबर 15 (ए) पर ट्रक को कतार में खड़ा करवाने का काम करते हैं। शुक्रवार की दोपहर बालू घाट के समीप आम के पेड़ के नीचे करीब 40 मजदूर बैठे हुए थे। सात लोग नेट ऑन कर मोबाइल चला कर रील देख रहे थे। बारिश के दौरान पहले बिजली कड़की, तो कुछ नहीं हुआ। जब दोबारा कड़की तो सात लोगों पर ठनका गिर पड़ा। जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें इलाज के लिए संदेश रेफरल अस्पताल लाया। जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद चार को बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। अमलेश चौधरी की हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। जबकि कंचन चौधरी, अमित चौधरी और हरेंद्र चौधरी का आरा सदर और दो अन्य लोगों का इलाज संदेश रेफर अस्पताल में चल रहा है।
डीग जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत पहाड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और एक विधि से संघर्षरत बालक को भी डिटेन किया है। यह कार्रवाई एसपी शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशन में हुई। पुलिस ने इन आरोपियों को खण्डेवला रोड से गांव बुरानी जाने वाले बांध की पाल पर साइबर ठगी करते हुए पकड़ा। उनके कब्जे से 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मोबाइल फोनों का उपयोग कर करीब 4 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई थी। पुलिस के मुताबिक ये ठग लोगों को ऑनलाइन हथियार, ई-सिगरेट, बच्चों की छोटी कार और खिलौनों की होम डिलीवरी का झांसा देकर ठगी करते थे। वे पुराने नोट और सिक्के ऊंचे दामों पर खरीदने, पेन-पेंसिल पैकिंग की नौकरी दिलाने का लालच भी देते थे। इसके अतिरिक्त आरोपी सेक्सटॉर्शन के नाम पर भी लोगों को अपने जाल में फंसाकर साइबर अपराध करते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल (20) पुत्र शरीफ निवासी सोमका, अनीश (33) पुत्र ईदरीश निवासी मोठूका, साबिर (19) पुत्र ईशाक निवासी मल्हाका, साहिल (22) पुत्र फकरू निवासी खण्डेवला, आदिल (19) पुत्र जुनैद निवासी खण्डेवला, अरबाज (19) पुत्र मुस्ताक निवासी आरदूका और मुबारिक (25) पुत्र समशेर निवासी घाटमीका के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी डीग जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
पन्ना में मोबाइल दुकान से लाखों की चोरी:पेड़ के सहारे घुसा चोर, डेढ़ लाख से अधिक के फोन गायब
अजयगढ़ नगर में एक मोबाइल दुकान से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के फोन चोरी हो गए। रेस्ट हाउस के सामने स्थित रवि मोबाइल शॉप में अज्ञात चोर ने रात के समय वारदात को अंजाम दिया। घटना का पता शुक्रवार, 5 जून को दोपहर में दुकान संचालक के दुकान खोलने पर चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दुकान संचालक रवि ने बताया कि जब वे दुकान पहुंचे तो उन्हें कुछ मोबाइल फोन गायब मिले। संदेह होने पर उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें एक व्यक्ति दुकान में घुसकर मोबाइल चोरी करता हुआ दिखाई दिया। फुटेज से पता चला कि चोर दुकान के बगल में लगे पेड़ के सहारे छज्जे तक पहुंचा और फिर लिफ्ट के लिए लगे गाटर की मदद से दुकान के अंदर प्रवेश किया। दुकानदार के अनुसार, चोरी हुए मोबाइलों में वीवो वी-70 (लगभग 55 हजार रुपये), नथिंग 4ए (लगभग 38 हजार रुपये), ओप्पो एफ-31 (लगभग 32 हजार रुपये), वनप्लस सीजी-4 (लगभग 20 हजार रुपये) और वीवो वाई-11 (लगभग 17 हजार रुपये) शामिल हैं। चोरी गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1,62,000 रुपये बताई गई है। सूचना मिलते ही अजयगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर अज्ञात चोर की तलाश तेज कर दी है। नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जामताड़ा में मोबाइल दुकान में चोरी का खुलासा:पुलिस ने नाबालिग आरोपी को पकड़ा, 10 मोबाइल फोन बरामद
जामताड़ा पुलिस ने 18 मई की रात सरखिलडीह मोहल्ले में स्थित 'मोबाइल सेवा' दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा कर दिया है। जामताड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) वसीम रज़ा ने शुक्रवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। एसडीपीओ वसीम रज़ा ने बताया कि 18 मई की रात अज्ञात चोरों ने दुकान में सेंध लगाकर लगभग 36 मोबाइल फोन, जिनमें ओप्पो और विवो जैसे महंगे ब्रांड शामिल थे, और कुछ नकदी चुरा ली थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने लगातार छापेमारी अभियान चलाया और देवघर जिले के ताराजोरी थाना क्षेत्र के मार्गमुंडा इलाके से एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग की निशानदेही पर घटना में शामिल अन्य अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इन छापों के दौरान चोरी के आठ और मोबाइल फोन बरामद हुए। इस तरह, पुलिस ने अब तक कुल 10 चोरी के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार, चोरी की घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी और शेष मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
जब बेटी से मेरी बात हुई थी, तब वह बस में बैठी थी। बस से उतरने से पहले उसने कहा था- आज मुझे जॉइनिंग लेटर मिलने वाला है। इसके बाद प्राइवेट कंपनी में जॉब मिल जाएगी। उसके फोन रखते ही 10 सेकेंड में एक अनजान नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने कहा-नेहा का एक्सीडेंट हो गया है। यह कहना है कि जोधपुर की रहने वाली नेहा उपाध्याय (26) की मां सुनैना का। नेहा को दो दिन पहले जयपुर में बस से उतरते समय एक गाड़ी ने कुचल दिया। था। हादसा मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में बंबाला पुलिया के पास हुआ था। नेहा जोधपुर के गायत्री नगर, पाल रोड की रहने वाली थी। उसके पिता किशन गोपाल उपाध्याय (52) जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में एमआरआई और सिटी स्कैन डिपार्टमेंट में काम करते हैं। जबकि मां फाइनेंस कंसल्टेंसी का काम देखती हैं, जिसे नेहा आगे बढ़ाना चाहती थी। नेहा तीन महीने से जयपुर से डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रही थी। वह मानसरोवर में रजत पथ पर एक पीजी में रहती थी। नेहा की मां सुनेना उपाध्याय (50) ने बताया कि हादसे से 10 सेकेंड पहले ही उनकी बेटी से बात हुई थी। नेहा के पिता किशन गोपाल ने बताया- यह हिट एंड रन का मामला है। हादसे में बेटी के सिर में चोट लगी थी, काफी खून बह गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। नेहा का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। मां के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती थी नेहा के पिता किशन गोपाल ने बताया- नेहा फाइनेंस मैनेजमेंट (म्यूचल फंड और अकाउंटिंग) का काम भी करती थी। इस काम की शुरुआत उसकी मां सुनैना ने की थी। नेहा चाहती थी कि वह मां के साथ मिलकर इस बिजनेस को आगे बढ़ाए। जोधपुर के लाचू कॉलेज से बीबीए करने के साथ ही वह फाइनेंस मैनेजमेंट का पूरा काम संभालती थी। इस बिजनेस को स्टेब्लिश करने के लिए नेहा ने डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स करने के लिए तीन महीने पहले करीब 15 अप्रैल को जयपुर में एडमिशन लिया था। हादसे वाले दिन जॉइनिंग लेटर मिलने वाला था नेहा की मां सुनैना उपाध्याय ने बताया- हादसे से पहले मेरी नेहा से बात हुई थी। वह बस में बैठी थी। जिस दिन ये हादसा हुआ, उसी दिन उसे जॉइनिंग लेटर मिलने वाला था। बस से उतरने से पहले उसने कहा था- आज जॉइनिंग लेटर मिलने वाला है और फिर वो प्राइवेट कंपनी में जॉब पर लग जाएगी। उसने फोन रखा ही था कि 10 सेकेंड में एक अनजान नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने कहा-नेहा का एक्सीडेंट हो गया है। वहां मौजूद लोग बार-बार मुझे कॉल कर कह रहे थे कि जल्दी यहां पहुंचे। लोगों ने कहा- नेहा 10 मिनट तक वहां पर तड़पती रही। सिर में चोट लगने से काफी खून बह चुका था। इस दौरान उसे सीपीआर दिया गया। इसके बाद वहां मौजूद लोग उसे आरयूएचएस हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से उसे एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। दोपहर करीब 2:30 बजे उसकी मौत हो गई। परिजन नेहा की शादी की प्लानिंग कर रहे थे नेहा के पिता ने बताया कि वह चाहती थी कि खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर बिजनेस को स्टेब्लिश करे। इसलिए वह जयपुर गई थी। इस साल उसकी शादी की प्लानिंग भी कर रहे थे। रिश्ते देखना शुरू कर दिया था। हादसे के बाद से बेटी का न तो फोन मिला और न ही बैग। किसने टक्कर मारी, कौन सी गाड़ी थी, कौन लोग थे, ये हमें भी नहीं पता। ये जरूर पता है कि टक्कर मारने वाले मौके से फरार हो गए थे। ------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में हिट एंड रन में युवती की मौत:कंपनी जाने के लिए बस से उतरी; रोड क्रॉस करते समय गाड़ी ने मारी टक्कर जयपुर में हिट एंड रन में एक युवती की मौत हो गई। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे टोंक रोड पर बम्बाला पुलिया के पास हुआ। हादसे में जोधपुर के गायत्री नगर निवासी नेहा (26) पुत्री किशन गोपाल उपाध्याय की मौत हो गई। (पढ़िए पूरी खबर)
मालवीय रोड स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर का पांचवां दिन उत्साह और धार्मिक गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस शिविर में बच्चे और बड़े दोनों जैन धर्म तथा भारतीय संस्कृति की सीख ले रहे हैं।शिविर के सुबह के सत्र में बच्चों को अभिषेक और शांतिधारा जैसी धार्मिक क्रियाओं की जानकारी दी गई। जयपुर से आए विद्वानों ने उन्हें विधि-विधान से पूजा करने का तरीका सिखाया। इस दौरान नन्हे अक्षत पाटोदी को विश्व-शांतिधारा करने का सौभाग्य मिला, जिसे सभी ने खुशी के साथ देखा। बच्चों को सिखाए अच्छे संस्कार, मोबाइल से दूरी की सीखशिविर में बच्चों को अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई। उन्हें बड़ों का सम्मान करने, माता-पिता की बात मानने, मोबाइल का कम उपयोग करने और घर आने वाले मेहमानों का आदर करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही ‘जैन धर्म शिक्षा भाग-2’ के पाठ के माध्यम से कर्म के सिद्धांत को सरल भाषा में समझाया गया। ‘मिथ्यात्व’ विषय पर हुआ स्वाध्याय, विद्वान दे रहे मार्गदर्शनवहीं युवाओं और बड़ों के लिए आयोजित स्वाध्याय सत्र में ‘छहढाला’ ग्रंथ का अध्ययन कराया गया। इस दौरान “मिथ्यात्व” विषय पर चर्चा करते हुए विद्वानों ने बताया कि अज्ञानता के कारण मनुष्य जीवन में भटकता रहता है और सही मार्ग अपनाकर इससे बाहर निकल सकता है। शिविर का मार्गदर्शन जयपुर के अभिषेक जैन शास्त्री “आयांश”, शरद जैन शास्त्री और रायपुर के सौरभ जैन शास्त्री कर रहे हैं। शिविरार्थियों के लिए प्रतिदिन स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की जा रही है।
संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित होगी। इस परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार बहजोई में एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने की। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अपर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जनपद में इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 4656 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन परीक्षा केंद्रों में आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कॉलेज संभल, बृजरत्न सुंदर आर्य कन्या इंटर कॉलेज संभल, हिंद इंटर कॉलेज संभल, जवाहर लाल मेमो. न. पं. इंटर कॉलेज सिरसी, महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सिरसी, राजकीय महाविद्यालय हयातनगर संभल, शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज संभल, जेड.यू. इंटर कॉलेज सरायतरीन संभल, इंटरमीडिएट कॉलेज स्टेशन रोड बहजोई, चंद्रपाल आर्य आदर्श इंटर कॉलेज बहजोई और हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज बहजोई शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम अलग-अलग स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मोबाइल फोन के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी कर्मचारी को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लिफाफे की कलर कोडिंग, बॉक्स, एडमिट कार्ड और ओएमआर शीट जैसी परीक्षा सामग्री के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि कक्ष निरीक्षक रैंडमाइजेशन के बाद ही अपने परीक्षा कक्ष में प्रवेश करेंगे। हस्ताक्षर मिलान और मेडिकल ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
महाकाल मंदिर में मोबाइल चोरी का प्रयास:सुरक्षा गार्डों ने एक आरोपी को पकड़ा, अन्य साथी फरार
उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में दर्शन करने आए एक श्रद्धालु परिवार के साथ मोबाइल चोरी का प्रयास विफल कर दिया गया। मंदिर के सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए चोरी कर भाग रहे एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी फरार होने में सफल रहे। जानकारी के अनुसार, भोपाल के बैरागढ़ से आया एक परिवार महाकाल मंदिर में दर्शन कर रहा था। परिवार में तीन-चार बच्चे भी थे, जिनके पास नए मोबाइल फोन थे। दर्शन के बाद, जब परिवार कार्तिक मंडप से जनदर्शन लाइन के माध्यम से बाहर निकल रहा था, तभी यह घटना हुई। तीन से चार युवकों ने एक बच्ची के बैग से दो मोबाइल फोन चुरा लिए और भागने लगे। चोरी का पता चलते ही परिवार की महिला सदस्य ने शोर मचाया और मदद के लिए आवाज लगाई। महिला की आवाज सुनते ही मौके पर तैनात सुरक्षा गार्ड तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने वायरलेस सेट के माध्यम से घटना की सूचना प्रसारित की। सूचना मिलते ही आगे तैनात सुपरवाइजर मुकेश गोड़ाना और सुरक्षा गार्ड अर्जुन सिंह ने भाग रहे संदिग्ध युवकों का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करने के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी को महाकाल मंदिर चौकी के माध्यम से महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके फरार साथियों की तलाश कर रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में रात करीब 9 बजे कुछ युवक तेजी से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे एक लड़की और एक महिला भी दौड़ती नजर आ रही हैं, जो लोगों को मोबाइल चोरी होने की जानकारी दे रही हैं। महाकाल चौकी के दिलीप बामनिया ने बताया, महाकाल मंदिर में श्रद्धालु परिवार के बैग से मोबाइल चोरी कर भाग रहे युवकों में से एक को सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
पलवल सीआईए टीम ने केएमपी एक्सप्रेस-वे पर कैंटर चालक से लूटपाट करने वाले दो बाइक सवार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नूंह जिले के छरोरा गांव निवासी जावेद और शहजाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। सीआईए पलवल प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी हरिकांत ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। हरिकांत पेशे से कैंटर ड्राइवर है। उसने बताया कि 2 जून की दोपहर वे अपने क्लीनर सिबा के साथ आगरा से सोहना जा रहा था। पेशाब करने के लिए नीचे उतरा था कैंटर ड्राइवर केएमपी पर सोहना की तरफ मुड़ते ही उसने कैंटर को साइड में रोका और पेशाब करने के लिए नीचे उतरा। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक उसके पास आए और उसके हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। फोन के कवर में 3 हजार रुपए भी रखे थे। हरिकांत की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीआईए टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। आरोपी जावेद को केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास से एक देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। दूसरे आरोपी शहजाद को हथीन रोड से बिना नंबर की बाइक और एक अन्य देसी कट्टे के साथ पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राजस्थान और नूंह जिले में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीआईए टीम दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके।
नूंह जिले में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन और 20 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन, क्यूआर कोड और फर्जी सिम कार्डों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। जांच में सामने आया है कि कुछ ठग कुत्तों के पिल्लों और साड़ियों की बिक्री के नाम पर फर्जी विज्ञापन डालते थे। वे ग्राहकों को अपने झांसे में लेकर क्यूआर कोड भेजते और फिर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पहचान छिपाने के लिए करते थे नकली सिम कार्ड का यूज कुछ अन्य आरोपी ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों से धन उगाही कर रहे थे। वे अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। जांच एजेंसियों को ऐसे नेटवर्क के भी सुराग मिले हैं जो इन साइबर ठगों को सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क, उनके बैंक खातों और इस गिरोह में शामिल अन्य साथियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम देते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वादिल निवासी पचगांव, राहुल निवासी जालिका, जिलसाद निवासी डिगचोली राजस्थान, साकिर निवासी बिछौर, अजरुद्दीन निवासी बिछौर, मोमिन निवासी आमका, मोहिन निवासी सिरोली, मुशर्रफ निवासी गामड़ी जिला भरतपुर राजस्थान, आबिद तथा जाबिद निवासी लुहिंगा खुर्द झुड़ा थाना सदर पुन्हाना के रूप में हुई है।
उमरिया के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान मोबाइल के उपयोग, मनमानी और जंगल में वाहन रोकने की शिकायतों के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। गुरुवार को ताला पर्यटन गेट पर पर्यटक वाहनों, चालकों और पर्यटन गाइडों का सघन निरीक्षण किया गया। यह अभियान पर्यटन गतिविधियों में अनुशासन, पारदर्शिता और वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पर्यटक वाहनों के संचालन, सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध, पर्यटकों के प्रति व्यवहार, निर्धारित पर्यटन मार्गों के पालन और आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पर्यटन गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं। पर्यटन नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई जांच में कुछ वाहन चालक और गाइड पर्यटन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निर्धारित पर्यटन नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। वन्यजीव सुरक्षा के लिए नियमों के पालन की अपील प्रबंधन ने सभी वाहन चालकों, गाइडों और पर्यटन से जुड़े हितधारकों से वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने और टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अनुशासित पर्यटन व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों एवं निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया है। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में पर्यटन अधिकारी, खितौली, धमोखर और ताला परिक्षेत्र के वन अधिकारियों सहित वन अमले की सक्रिय भागीदारी रही।
गयाजी रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF), सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत गुरुवार को 3 महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35,000 रुपए है। यह कार्रवाई रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। यह कार्रवाई गुरुवार को प्लेटफॉर्म संख्या 1C पर सिग्नल नंबर DS-72 के पास नियमित गश्ती और निगरानी अभियान के दौरान हुई। संयुक्त टीम में RPF गया से उप निरीक्षक विकास कुमार, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, महिला प्रधान आरक्षी इंदु सिन्हा, आरक्षी शशि शेखर, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना शामिल थे। सीआईबी गया से उप निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी, प्रधान आरक्षी महेश ठाकुर, सीपीडीएस से उप निरीक्षक मुकेश कुमार तथा जीआरपी गया के प्र.अ.नि मनोज कुमार एवं महिला सिपाही रूबी कुमारी भी इस टीम का हिस्सा थीं। गश्ती के दौरान टीम को महिलाओं की हरकत संदिग्ध दिखी गश्ती के दौरान, टीम ने प्लेटफॉर्म पर तीन महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा। उनके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिसके बाद गहन पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सुंदरी देवी (19 वर्ष), पति मुलायम सिंह, निवासी अजगौर बिगहा, बारुन थाना, औरंगाबाद (बिहार) के रूप में हुई है। अन्य दो महिलाएं सोनाली देवी (22 वर्ष), पति झारखंड खरवार, निवासी पटेल नगर वार्ड संख्या-05, बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार) और शकीला देवी (22 वर्ष), पति संजोग गोस्वामी, निवासी छोटकी लारी, नायक टोला, राजरप्पा प्रोजेक्ट, रामगढ़ (झारखंड) हैं। तलाशी के दौरान, तीनों महिलाओं के पास से वीवो, वनप्लस और सैमसंग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी मोबाइल चालू और लॉक अवस्था में थे। पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये मोबाइल गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ट्रेनों से चुराए थे। तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर जीआरपी थाना को सौंपा स्वीकृति के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्त महिलाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में महिला सिपाही की सहायता से उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना गया को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि ऑपरेशन यात्री सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। गया रेलवे स्टेशन, जो एक व्यस्त और संवेदनशील स्टेशन माना जाता है, वहां इस तरह की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। इस मामले में कांड संख्या 151/26 दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच शुरू कर दी गई है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन महिलाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
समस्तीपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी व छीनी गई करीब 23 लाख रुपए का 91 मोबाइल धारकों को ऑन द स्पॉट वापस किया गया। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अपने ऑफिस में एक-एक कर सभी मोबाइल धारकों को उनका मोबाइल वापस किया। एसपी ने बताया कि जिले में ये अभियान लंबे समय से चल रहा है। इसके लिए अलग-अलग मोबाइल रिकवरी टीम का भी गठन किया गया है। अब तक करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपए के 1820 मोबाइल बरामद कर धारकों को वापस किया जा चुका है। इसी कड़ी में मई महीने में 91 मोबाइलों को रिकवर कर धारकों को दिया गया है। एसपी बोले- अब मोबाइल धारकों को थाना या कोर्ट का चक्कर नहीं काटना पड़ता एसपी ने बताया कि इस अभियान में पटोरी की टीम की ओर से 24, दलसिंहसराय और रोसरा टीम ने 22-22, सदर और साइबर की टीम ने 10-10 मोबाइल रिकवर किया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न टीमों की ओर से भी मोबाइल बरामद की गई है, जिसे आज वापस किया गया। एसपी ने बताया कि इस अभियान के तहत मोबाइल धारकों को थाना अथवा कोर्ट का चक्कर लगाना नहीं पड़ता है। सारी प्रक्रिया पुलिस की ओर से पूरी कर धारकों को बुलाकर उन्हें सीधा मोबाइल वापस किया जाता है। एसपी ने कहा कि जिले में यह अभियान अभी लगातार जारी रहेगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना करना ना पड़े। पटोरी टीम को किया जाएगा सम्मानित एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि अब मई महीने में सबसे अधिक मोबाइल रिकवर करने वाली पटोरी की टीम को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने मोबाइल रिकवरी में जुटी अन्य टीमों से भी बेहतर काम करने की अपील की।
इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले 18 वर्षीय युवक ने बुधवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सेंट्रल कोतवाली पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान गौरव पुत्र मनोज कुरिल निवासी नार्थ तोड़ा के रूप में हुई है। गौरव अपने मामा के साथ जूते-चप्पल की दुकान पर काम करता था। परिजनों ने बताया कि बुधवार को वह काफी परेशान और गुमसुम था तथा किसी से ठीक से बात नहीं कर रहा था। मोबाइल तोड़कर कमरे में चला गया बताया जा रहा है कि घटना से पहले गौरव ने अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया था। इसके बाद वह अपनी मां का मोबाइल लेकर कमरे में चला गया। काफी देर तक जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो उसकी मां को शक हुआ। पड़ोसियों की मदद से कमरे का लॉक तोड़ा गया, जहां गौरव फंदे पर लटका मिला। कमरे में टूटा हुआ मोबाइल भी पड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता मनोज वाहन पॉलिश का काम करते हैं। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने टूटे हुए मोबाइल को जांच के लिए जब्त कर लिया है। पैंट में कलर लगने से था नाराज प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि सुबह गौरव अपनी पैंट पर दूसरी पैंट का रंग लग जाने की बात को लेकर नाराज हो गया था। गुस्से में उसने अपनी पैंट कैंची से काट दी थी। इस बात को लेकर घर में विवाद भी हुआ था, जिसके बाद उसकी मां नाराज होकर बाहर चली गई थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गौरव ने मां के मोबाइल से अपने एक दोस्त को कॉल कर आईफोन ठीक कराने की बात कही थी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने ट्रक ड्राइवरों से लूट करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरोह ट्रकों पर पत्थरबाजी कर उन्हें रोकता था और फिर ड्राइवरों से मोबाइल और कैदी लूटकर फरार हो जाता था। मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। दरअसल, पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ युवक वाहनों पर पत्थरबाजी कर उन्हें रोकते हैं और ड्राइवरों के साथ मारपीट कर लूटपाट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस बीच उर्दना के रहने वाले ड्राइवर ने रोहित कुमार पासवान (18) रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह मंगलवार रात करीब 1 से 2 बजे के बीच आमाघाट क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी सड़क पर मौजूद कुछ युवकों ने उसके ट्रक पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थर लगने से ट्रक का शीशा टूट गया और चालक के सिर में चोट आ गई। रोहित ने जैसे ही वाहन रोका, एक युवक ट्रक के केबिन में चढ़ गया और उसकी जेब में रखा रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों की जानकारी मिली घटना की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया। पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि ग्राम देलारी का रहने वाला रघुनाथ चौहान (25) अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देता है। घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ग्राम देलारी में घेराबंदी कर रघुनाथ चौहान और उसके साथी शिव कुमार अघरिया (24) को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों प्रवीण राठिया (21), जय किशन सोनार (19) और किशन कंवर (27) के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। लूट के 6 मोबाइल जब्त किए गए पुलिस ने शिव कुमार के पास से ट्रक चालकों से लूटे गए 6 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें ट्रक चालक रोहित का मोबाइल भी शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की। पूछताछ में सभी आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। डकैती की धारा जोड़ी गई मामले में आरोपियों की पहचान परेड अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा के समक्ष कराई गई, जिसमें पीड़ित रोहित कुमार ने सभी आरोपियों की पहचान की। जांच में यह तथ्य सामने आने पर कि पांच आरोपियों ने मिलकर मारपीट और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। मामले में धारा 309(6) BNS को विलोपित कर धारा 310(2) BNS (डकैती) जोड़ी गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। कार्रवाई जारी रहेगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि लूटपाट और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
इंदौर की साइबर सेल यूनिट में चंद्रलोक कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई है। युवती के मुताबिक, उसे रिवॉर्ड प्वाइंट का एक मैसेज मिला। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने और ओटीपी दर्ज करने के बाद उसका मोबाइल काम करना बंद कर गया। बाद में उसके अकाउंट से लाखों रुपए निकल गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमआईजी थाना पुलिस के पास खजराना मेन रोड निवासी प्रियंका सोनी ने शिकायत की है कि 24 मई को उसे एक्सिस बैंक के नाम से एक मैसेज मिला था। इसमें रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करने के लिए कहा गया था। साथ ही एक्सिस बैंक की वेबसाइट बताकर axisccardsupport.varcal.app लिंक खोलने को कहा गया। वेबसाइट खुलने के बाद उसने अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया। इसके बाद एक ओटीपी आया। ओटीपी सबमिट करते ही उसका मोबाइल काम करना बंद कर गया। इसके बाद 30 मई को उसके मोबाइल पर तीन टेक्स्ट मैसेज आए। इनमें बताया गया कि 24 मई को उसके अकाउंट से करीब 49 हजार रुपए, 26 मई को 99 हजार रुपए और 28 मई को करीब 28 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। जब उसने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी देखी तो पता चला कि अलग-अलग यूपीआई आईडी के जरिए उसके अकाउंट से रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद उसने परिवार के लोगों को मामले की जानकारी दी और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने युवती को थाने बुलाकर एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, संबंधित अकाउंट होल्डरों की जानकारी जुटाई जा रही है।
आरटीओ दफ्तर में अब कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर होंगे डिस्प्ले
आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) कार्यालय में अपने काम के लिए आने वाली जनता को अब कर्मचारियों की सीट खाली मिलने पर परेशान नहीं होना पड़ेगा और न ही दफ्तर के बार-बार चक्कर काटने पड़ेंगे। लोगों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए आरटीओ मनकवल चहल ने एक सराहनीय और सख्त आदेश जारी किया है। नए आदेशों के अनुसार आरटीओ कार्यालय के सभी कर्मचारियों को अपने-अपने कमरों के बाहर नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने होंगे। आरटीओ मनकवल चहल ने बताया कि पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वाहन संबंधी दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आने वाले लोगों को संबंधित कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं मिलता था। कई बार लोगों को यह भी जानकारी नहीं होती थी कि उनकी फाइल किस कर्मचारी के पास है और उनका काम किस स्तर पर लंबित है। इसलिए आरटीओं द्वारा यह निर्देश जारी किए हुए हैं।
रेलवे स्टेशन पर जेबकतरा रंगे हाथ काबू, लोगों ने बरामद किए 3 मोबाइल और पर्स
लुधियाना| रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक जेबकतरा यात्रियों को निशाना बनाते हुए लोगों के हत्थे चढ़ गया। टिकट काउंटर के पास भीड़ का फायदा उठाकर वह यात्रियों के मोबाइल और कीमती सामान पर हाथ साफ करने की फिराक में था। लेकिन उसकी हरकत पर नजर पड़ते ही लोगों ने उसे मौके पर पकड़ लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 3 मोबाइल फोन और एक पर्स बरामद हुआ, जिन्हें पहचान के बाद उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया। बाद में लोगों ने आरोपी को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी काफी देर से टिकट काउंटर के आसपास घूम रहा था और यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। इसी दौरान उसने भीड़ में खड़े एक यात्री की जेब से मोबाइल निकालने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करते देख लिया और शोर मचा दिया। भागने का प्रयास करने से पहले ही लोगों ने उसे दबोच लिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
बिल्डर और शराब कारोबारी चिंटू उर्फ हितेंद्र ठाकुर को ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार सागर निवासी रेशू चौधरी और हनी ट्रैप-1 की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि दोनों महिलाओं से जुड़ा गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का काम करता था। जांच एजेंसी के अनुसार रेशू चौधरी और श्वेता जैन से कुल 9 मोबाइल फोन, एक स्पाई कैमरा, पावर बैंक, 32 जीबी का मेमोरी कार्ड और दो पेन ड्राइव जब्त किए गए हैं। वहीं अन्य आरोपियों के पास से भी मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। इस पूरे मामले में गिरफ्तार लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके सहयोगी लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा और जयदीप ने जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को लाखन चौधरी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इसका विरोध किया। संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे मामले का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं अलका दीक्षित से पूछताछ के लिए पुलिस ने अतिरिक्त रिमांड भी मांगा है। मोबाइल डेटा में कई लोगों के नाम आने की आशंका सूत्रों के मुताबिक जांच अब केवल फरियादी चिंटू ठाकुर तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई प्रभावशाली लोगों को भी अपने जाल में फंसाया हो सकता है। जब्त मोबाइल फोन की जांच में रेशू, श्वेता, अलका और गिरफ्तार हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के बीच कुछ संवेदनशील फोटो साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा अन्य लोगों से जुड़ी सामग्री भी मिलने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, मेमोरी कार्ड में सुरक्षित रखता था डेटा जांच में सामने आया है कि रेशू चौधरी के पास से मिला स्पाई कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संभावित रूप से गोपनीय रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस को 32 जीबी का मेमोरी कार्ड भी मिला है, जिसमें बड़ी मात्रा में डेटा होने की संभावना जताई जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड की गई सामग्री को और किन डिवाइस या स्टोरेज माध्यमों में सुरक्षित रखा गया था अथवा कहीं हटाया तो नहीं गया। पुलिस को आशंका है कि जब्त मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड में कई लोगों से जुड़े फोटो और वीडियो मौजूद हो सकते हैं। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में तीन शातिर चोर गिरफ्तार, 16 आईफोन बरामद:बारादरी पुलिस ने मोबाइल चोरी का खुलासा किया
बरेली में बारादरी पुलिस ने मोबाइल चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किया गया एक आईफोन-16 और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। यह मामला 30 मई को इज्जतनगर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास से आईफोन-16 चोरी होने की सूचना के बाद दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिवम उर्फ अर्जुन, गौरव और नितिन के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने मोबाइल छीनकर भागने की बात कबूल की। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का आईफोन-16 और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बारादरी पुलिस टीम की इस सफलता की सराहना की और कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में बुधवार को एक युवक प्रेम-प्रसंग में विवाद के चलते मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक को टॉवर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला असंद्रा थाना क्षेत्र के सरवन टिकठा गांव का है। जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान बेलपुर निवासी स्वर्गीय बलकरन के पुत्र सरवन कश्यप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक और प्रेम संबंधी विवाद से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। युवक कई घंटों तक टॉवर पर बैठा रहा, जिससे परिजन और स्थानीय लोग चिंतित रहे। घटना की सूचना मिलते ही दिलावलपुर चौकी इंचार्ज विनय यादव, हेड कांस्टेबल विजय और हेड कांस्टेबल तेज बहादुर वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। चौकी इंचार्ज विनय यादव ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए मोबाइल फोन के माध्यम से युवक से लगातार बातचीत की। काफी देर तक समझाने-बुझाने और भरोसा दिलाने के बाद युवक नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस टीम युवक को सकुशल नीचे उतारने में सफल रही। युवक के सुरक्षित नीचे आने पर पुलिसकर्मियों, परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पुलिस के अनुसार, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। युवक से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और संयम की सराहना की है, जिसकी बदौलत एक संभावित हादला टल गया।
अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र में पुलिस ने मोबाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कुल 27 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें 6 आईफोन और 21 एंड्रॉयड फोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई रौनाही पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों के आधार पर की गई। गिरफ्तार महिलाएं लंबे समय से क्षेत्र के बाजारों, सार्वजनिक वाहनों और आवासीय इलाकों में मोबाइल चोरी कर रही थीं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने और चोरी किए गए फोन को अलग-अलग जगहों पर बेचने की बात स्वीकार की है। इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक लालचंद सरोज ने किया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक आकाश शुक्ला, बालेन्द्र प्रताप सिंह, महिला उपनिरीक्षक सुरभि लता और कांस्टेबल धीरज यादव भी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद मोबाइलों के मालिकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द उनके फोन वापस मिल सकें। पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार सोनकर ने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लगातार गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से अपराधियों को कड़ा संदेश मिला है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा मजबूत करने के लिए ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 किलो 770 ग्राम गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। तिल्दा नेवरा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को सासाहोली ओवरब्रिज के नीचे से पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से गांजा, बाइक और मोबाइल समेत करीब 3.46 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक होंडा साइन बाइक क्रमांक CG-22-AF-6686 में गांजा लेकर ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही तिल्दा नेवरा पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। थैले में छिपाकर रखा था गांजा तलाशी के दौरान आरोपियों के पास मौजूद लाल-पीले रंग के बैग से तीन सफेद पॉलीथीन पैकेट मिले। जांच में इनमें कुल 5 किलो 770 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की कीमत करीब 2.75 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल होंडा साइन बाइक और कार्बन कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया है। कुल जब्ती 3.46 लाख रुपए की बताई गई है। दोनों आरोपी बलौदाबाजार के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमालय वर्मा उर्फ प्रिंस (30) निवासी इंदिरा कॉलोनी बलौदाबाजार और शिव वर्मा (20) निवासी दशरभा रोड बलौदाबाजार के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ तिल्दा नेवरा थाने में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत लगातार कार्रवाई यह कार्रवाई ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम में उप निरीक्षक विकास देशमुख, आरक्षक महेंद्र वर्मा, संदीप सिंह और किशोर शर्मा की अहम भूमिका रही। रायपुर ग्रामीण पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
रिलायंस जियो ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) टेलीकॉम सर्किल में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सर्किल में कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गई है, वहीं ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का आंकड़ा 20.3 लाख से अधिक हो गया है।
लुधियाना में ऑटो में सवारियां बैठाकर लूटपाट करने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज 3 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी का ऑटो और विभिन्न कंपनियों के 10 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस को दी शिकायत में इसराफिल (पुत्र विपत अंसारी, मूल निवासी उत्तर प्रदेश, हाल निवासी ठाकरवाल, लुधियाना) ने बताया कि 30 मई 2026 की शाम करीब पांच बजे वह घंटा घर (चौड़ा बाजार) से सामान खरीदकर वापस लौट रहा था। जब वह रोशिन चौक के पास पहुंचा, तो एक ऑटो आकर रुका। इसमें पहले से ही ड्राइवर समेत दो व्यक्ति बैठे हुए थे। लोकल बस अड्डा के पास पहुंचते ही ऑटो में बैठे इन तीनों बदमाशों ने इसराफिल को दबोच लिया और उसका VIVO-21 मोबाइल फोन जबरन छीन लिया। इसके बाद बदमाशों ने उसे रेलवे स्टेशन की तरफ ले जाकर रास्ते में धक्का देकर उतार दिया और ऑटो सहित फरार हो गए। पुलिस जोन-1 समीर वर्मा (PPS) थाना डिवीजन नंबर 1 के मुख्य अफसर इंस्पेक्टर परमवीर सिंह ने पुलिस टीम के साथ खुफिया सूत्रों और तकनीकी जांच की मदद से घेराबंदी की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजय कुमार (पुत्र बाल कृष्ण, निवासी गली नं. 31, प्रीत नगर, शिमलापुरी, लुधियाना)जसप्रीत सिंह (पुत्र सतपाल सिंह, निवासी गली नं. 07, मोहल्ला सूरज नगर, शिमलापुरी, लुधियाना)अमनदीप सिंह उर्फ अमन (पुत्र सतनाम सिंह, निवासी मकान नं. 1839/7, सूरज नगर, गली नं. 07, शिमलापुरी, लुधियाना) आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंग का मुख्य आरोपी विजय कुमार बेहद शातिर और पुराना अपराधी है। उस पर पहले से ही आर्म्स एक्ट, चोरी और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं कई और खुलासे होने की उम्मीद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 1, लुधियाना में मुकदमा नंबर 83, धारा 304 BNS और 317(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तफ्तीश अधिकारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस अब इनसे सख्ती से पूछताछ कर रही है कि इन्होंने ये 10 मोबाइल फोन कहां-कहां से छीने थे और ये इन्हें किसे बेचने वाले थे। आने वाले दिनों में इस गैंग से कई और बड़ी वारदातों के खुलासे होने की उम्मीद है।
जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अचानक मोबाइल के ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला को टावर पर चढ़ा देख स्थानीय लोगों ने तुरंत सिहोरा थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस करीब एक घंटे तक महिला को समझाने में जुटी रही, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। आखिरकार सिहोरा थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को ने महिला को उसकी शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह टावर से नीचे उतरी और अपनी परेशानी पुलिस को बताई। आरोप-किसी ने नहीं सुनी फरियाद महिला की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह पति किशन मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि उसके साथ जमीन को लेकर धोखाधड़ी की गई है। उसने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार पुलिस थाने, तहसील कार्यालय और जबलपुर के वन विभाग अधिकारियों से भी की गई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए बुलाया महिला ने आरोप लगाया कि संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह, जो उसके बड़े पिता के पुत्र हैं, ने स्थानीय व्यवसायी किशन जनवानी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। महिला का कहना है कि उसने दस्तावेज और शिकायतें कई अधिकारियों को दीं, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लगातार महिला से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद महिला सुरक्षित नीचे उतर आई। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जमीन संबंधी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में संबंधित पक्ष को बयान के लिए बुलाया है। वहीं महिला की शिकायत एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजी गई है।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसका मोबाइल फोन बंद है। जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय नाबालिग ने हजीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका भाई डीजे का काम करता है और हजीरा थाना क्षेत्र के यादव धर्मकांटा निवासी राहुल राठौर भी उसके भाई के साथ काम करता था। इसी दौरान राहुल का उनके घर आना-जाना शुरू हुआ और दोनों के बीच पहचान हो गई। पत्नी बताकर मकान मालिक से परिचय कराया पीड़िता के अनुसार करीब दो साल की जान-पहचान के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि राहुल ने उससे शादी करने का वादा किया और धर्मकांटा इलाके के पास किराए का कमरा लेकर 2 अक्टूबर 2025 से उसे अपने साथ रखने लगा। आरोपी ने मकान मालिक को भी नाबालिग को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया था। नाबालिग का आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर राहुल ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी वह विरोध करती थी, आरोपी जल्द शादी करने की बात कहकर उसे समझाता था। इस दौरान दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। बाद में राहुल ने डीजे का काम छोड़कर टमटम चलाना शुरू कर दिया। छोड़कर भाग गया आरोपी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब आरोपी अचानक लापता हो गया है और उसने मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राहुल राठौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
हाईवे पर कैंटर रुकवाया, चालक से नकदी और मोबाइल लूटा
लुधियाना| थाना लाडोवाल क्षेत्र में हाईवे पर लूट की एक वारदात सामने आई है। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे एक कैंटर चालक और उसके साथी को बाइक सवार दो युवकों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर दोनों से नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी वाहन की चाबी भी साथ ले गए और फरार हो गए। शिकायतकर्ता लल्लन कुमार निवासी गोबिंदपुर, जिला सुपौल (बिहार) ने बताया कि वह 28 मई को अपने टाटा छोटा हाथी वाहन में दिल्ली से श्रीनगर की ओर जा रहा था। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। लल्लन कुमार के अनुसार जब वह साउथ सिटी हाईवे पर मेगा फूड शॉप के पास भारत पेट्रोल पंप के नजदीक पहुंचा तो पीछे से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने उसका वाहन रुकवा लिया। आरोप है कि वाहन रुकते ही दोनों युवकों ने उन्हें घेर लिया और जान से मारने की धमकियां देने लगे। इसके बाद उन्होंने कैंटर की चाबी निकाल ली और दोनों के पास मौजूद करीब 2 हजार रुपए नकद तथा दो मोबाइल फोन छीन लिए। पीड़ित के अनुसार छीने गए मोबाइल फोन में एक ओप्पो रेनो-13 और दूसरा ओप्पो ए-77एस था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना लाडोवाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह काहलों ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्रेमी को बुलाने की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग
सिकिदिरी थाना क्षेत्र के हेसातु स्थित एक मोबाइल टावर पर मंगलवार सुबह एक नाबालिग लड़की के चढ़ जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों के प्रयास से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। स्थानीय लोगों ने लड़की को मोबाइल टॉवर पर देखा। सूचना सिकिदिरी थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। लड़की समीप के एक गांव के रहने वाले एक लड़के को बुलाने की जिद पर अड़ी रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस उक्त लड़के को लेकर घटनास्थल पहुंची। लड़के को देखने के बाद लड़की करीब 11 बजे टावर से नीचे उतर आई। इसके बाद पुलिस दोनों को सिकिदिरी थाना ले गई। पुलिस जांच में पता चला कि लड़का भी नाबालिग है। सिकिदिरी थाना पुलिस ने परिजनों को बुलाकर समझाया कि नाबालिग होने के कारण अभी शादी नहीं हो सकती। इसके बाद दोनों के परिजन बच्चों को लेकर अपने-अपने घर लौट गए।
रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में तीन किशोरों की कथित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच की चर्चा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियों से संभावित ऑनलाइन संपर्क के संदेह में जांच एजेंसियों ने कुछ किशोरों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की है। हालांकि, मामले में अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि शाहबाद नगर के एक मोहल्ले से जुड़े तीन किशोर जांच एजेंसियों के रडार पर आए। इनमें से दो किशोरों को पूछताछ के लिए मुरादाबाद ले जाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया। तीसरे नाबालिग किशोर को कथित तौर पर उसकी कम उम्र के कारण साथ नहीं ले जाया गया। मोबाइल फोन जब्त कर जांच जारी सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों किशोरों के मोबाइल फोन जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए गए। तीसरे किशोर का मोबाइल भी जब्त कर उसकी ऑनलाइन गतिविधियों, सोशल मीडिया संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर यह बात सामने आने की चर्चा है कि कुछ किशोर कथित रूप से पाकिस्तान से जुड़े एक विवादित सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो कर रहे थे और उसकी पोस्ट पर सक्रियता दिखा रहे थे। इसी आधार पर उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरे मामले में अभी तक न तो किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी दी गई है और न ही किसी आतंकवादी गतिविधि से प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं, एटीएस या अन्य जांच एजेंसियों की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रामपुर के स्वार क्षेत्र से जुड़े एक युवक का नाम भी आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में सामने आया था।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे एक संयुक्त अभियान के तहत की गई। संयुक्त जांच अभियान के दौरान, तीनों चोरों को कटिहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से कुल पांच चोरी के मोबाइल फोन मिलेतलाशी के दौरान, आरोपियों के पास से कुल पांच चोरी के मोबाइल फोन मिले। गिरफ्तार किए गए चोरों की पहचान मोहम्मद मुबारक (24 वर्ष), मोहम्मद तबरेज (22 वर्ष) और अमित कुमार चौधरी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली। गिरफ्तार तीनों आरोपियों और बरामद मोबाइल फोन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी कटिहार को सौंप दिया गया है। रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ और रेल पुलिस द्वारा लगातार ऐसे संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।
बिलासपुर में हार्वेस्टर ड्राइवर के साथ मारपीट और लूटपाट करने वाले 4 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लुटेरों को पुलिस ने सबक सिखाते जमकर खातिरदारी भी की। जिससे जेल से छूटने के बाद भी पुलिस की सख्ती उन्हें याद रहे। लूटरों से मोबाइल और कैश भी बरामद किया गया है। इसी तरह सकरी क्षेत्र में मोबाइल लूटने वाले बदमाश को भी गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, कवर्धा निवासी हरमेन्द्र साहू खेती-किसानी के साथ हार्वेस्टर चलाने का काम करता है। इन दिनों धान कटाई के लिए वह बिलासपुर आया है। 27 मई की रात उनका हार्वेस्टर रमतला के एक खेत में खराब हो गया था। देर रात तक मरम्मत का काम करने के बाद वे बाइक से खाना लेने पास के ढाबे की ओर निकले थे। इसी दौरान रात 12:30 बजे पल्सर सवार आरोपियों ने उसे लात मारकर बाइक सहित गिरा दिया और बेल्ट-मुक्कों से पीटकर 10 हजार कैश और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। ACCU की टीम को मिला लुटेरों का सुराग एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर कोनी पुलिस और एसीसीयू की टीम लुटेरों की तलाश में थी। जिस पर टीम संदेहियों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान के बाद की गई। जिसके बाद ACCU की टीम ने कोनी क्षेत्र के ग्राम मुढ़ी में दबिश दी, जहां से अनिकेत पटेल (19), जयप्रकाश पटेल (19) और जयप्रकाश यादव (19) और नाबालिग को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने शौक पूरा करने के लिए लूट करना कबूल किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल और 1800 कैश बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया है। मोबाइल लूटने वाले दो बदमाश गिरफ्तार इसी तरह सकरी क्षेत्र में मोबाइल लूटने वाले शुभम यादव उर्फ रामबाबू और नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, घटना में इस्तेमाल स्कूटी और एक चाकू बरामद किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को सबक सिखाने के लिए पुलिस ने जमकर खातिरदारी भी की। इस दौरान एक बदमाश लंगड़ाते भी नजर आया।
सुल्तानपुर में 6 दिन से बिजली गुल:फत्तेपुर गांव के ग्रामीण परेशान, मोबाइल चार्ज करना भी हुआ मुश्किल
सुल्तानपुर के हलियापुर विद्युत उपकेंद्र से संचालित फत्तेपुर गांव में पिछले छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए भी भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा, जो बिजली लाइनें चालू हैं, वे बिना इंसुलेटर के चल रही हैं, जिससे बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, फत्तेपुर गांव को जुगराजगढ़ में स्थापित ट्रांसफार्मर से बिजली मिलती है, जो गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। गांव में 15 वर्षों से अधिक समय से फेस-टू-फेस लाइन के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। जर्जर विद्युत तार अक्सर टूटकर गिर जाते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को अवर अभियंता ने गांव का दौरा कर समस्या का निरीक्षण किया था। हालांकि, इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल करने या स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार बिजली न मिलने से लोगों के दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों में विजय शंकर, जय शंकर मिश्र, हिमांशु मिश्रा, बृजेश मिश्रा और मनोज मिश्रा सहित अन्य लोगों ने विभागीय अधिकारियों से गांव में नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने, जर्जर तारों को बदलने और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिहटा में दया दुबे गैंग का पर्दाफाश:सरगना समेत 4 अपराधी गिरफ्तार, हथियार और मोबाइल बरामद
बिहटा पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले दया दुबे गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान महुआर निवासी दया दुबे, लाई गांव निवासी ओम सिंह, रामतरी निवासी अभिषेक कुमार तथा रानीतालाब थाना क्षेत्र निवासी शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दया दुबे गैंग क्षेत्र में रंगदारी मांगने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय था। शिकायतों के बाद चला विशेष अभियानपटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान गैंग के सरगना दया दुबे सहित उसके सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। हथियार और कारतूस जब्तपुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और कारतूसों को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य अपराधियों की तलाश जारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में रंगदारी और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग रेल हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। एक घटना में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में चलती ट्रेन से गिरकर एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में पुलिस और जीआरपी जांच में जुटी है। पहली घटना गौरेला थाना क्षेत्र की है। यहां उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी अरुण कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। अरुण गौरेला क्षेत्र में मजदूरी का काम करता था। मोबाइल पर बात करते समय ट्रेन की चपेट में आया मजदूर जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम वह मोबाइल फोन पर बात करते हुए रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। मामले की जांच जारी है। कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस से गिरा यात्री दूसरी घटना पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास हुई। कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस से सफर कर रहा एक यात्री चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान राजकुमार साहू (35) निवासी चित्रकूट, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह चित्रकूट से रायपुर जा रहा था। मालगाड़ी के गार्ड ने बचाई जान राजकुमार साहू ट्रेन से गिरने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में पड़ा था। उसी दौरान वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी के गार्ड की नजर उस पर पड़ी। गार्ड ने तत्काल सूचना देकर युवक को पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल गौरेला भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे बिलासपुर रेफर किया जा रहा है। जीआरपी कर रही जांच घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजकुमार किन परिस्थितियों में चलती ट्रेन से नीचे गिरा।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में खेलते समय खराब मोबाइल की बैटरी ब्लास्ट हो गई। हादसे में एक साल का मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे का चेहरा, सीना, पेट और हाथ बुरी तरह झुलस गए थे। डॉक्टर्स ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मपुर गांव के रहने वाले महेंद्र सिंह नेताम का बेटा आदित्य सिंह 31 मई को मां और भाई-बहन के साथ घर पर था। महेंद्र सिंह सुबह से ट्रैक्टर लेकर काम करने निकल गया था। आदित्य के बड़े भाई-बहन और बाकी बच्चों के साथ खेल रहे थे। बच्चों में कोई मोबाइल की पुरानी बैटरी ले आया था। शाम करीब 5 बजे मां नल पर पानी भरने गई थी। इस दौरान बच्चे घर के बाहर ही खेल रहे थे। इस बीच खराब मोबाइल की बैटरी में धमाका हो गया। धमाके से मोबाइल बैटरी की चपेट में आकर मासूम आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। उसके चेहरे, सीने, पेट और हाथों में गंभीर चोटें आई थी। सूरजपुर से अंबिकापुर रेफर किया धमाके के दौरान 2 बच्चे भाग निकले। धमाके की आवाज सुनकर उनकी मां दौड़कर घर पहुंची। मौके पर आदित्य गंभीर रूप से झुलसा मिला। महेंद्र सिंह काम करने के बाद रात 9 बजे घर लौटा तो उसे आदित्य के झुलस जाने की जानकारी मिली। पिता ने बच्चे को प्रेमनगर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शुरुआती इलाज के बाद उसे डॉक्टरों ने सूरजपुर रेफर कर दिया। सूरजपुर जिला अस्पताल से बच्चे को गंभीर अवस्था में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बच्चे की मौत इसके बाद परिजन एक जून को बच्चे को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब 4 बजे बच्चे की मौत हो गई। पिता महेंद्र सिंह नेताम ने बताया कि, उन्हें नहीं पता यह बैटरी कहां से आई। उन्होंने कहा कि, बच्चे कहीं से बैटरी लेकर आए होंगे। आशंका है कि बच्चों ने मोबाइल बैटरी के टर्मिनलों को शॉर्ट किया होगा। जिससे बैटरी में धमाका हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन बच्चे का शव लेकर गांव लौट गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… पैंट की जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट, छात्र झुलसा:पैंट में लगी आग, दोस्तों ने समय रहते बुझाई, हाथ-पैर में आई चोटें, पुलिस जांच में जुटी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टूडेंट की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया और आग लग गई। इस घटना में छात्र मामूली झुलस गया। यह हादसा सरकंडा थाना क्षेत्र के सेंट्रल लाइब्रेरी के पास हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
सीधी में जनसुनवाई में साइकिल से आए कलेक्टर:जमीन पर जानी लोगों की समस्याएं, मोबाइल चलाते रहे कर्मचारी
सीधी जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में एक विरोधाभासी दृश्य सामने आया। जहां जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा आम लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते दिखे, वहीं अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर आराम फरमाते और मोबाइल फोन चलाते नजर आए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों के बीच बैठकर सीधे संवाद स्थापित किया। उनका यह व्यवहार एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी की छवि को दर्शाता है, जो आमजन से सीधा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। इसके विपरीत, सभागार में मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे रहे। कुछ तो जनसुनवाई के दौरान अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्हें आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। हैरानी की बात यह भी रही कि कलेक्टर विकास मिश्रा स्वयं साइकिल चलाकर कलेक्ट्रेट से जिला पंचायत सभागार पहुंचे। वहीं, अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महज कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने के लिए भी चारपहिया वाहनों का उपयोग करते नजर आए। उल्लेखनीय है कि रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद पहले ही अधिकारियों को अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहनों का उपयोग कम करने की सलाह दे चुके हैं। जनसुनवाई के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों के गले में परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) भी नहीं दिखाई दिए। जबकि कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय एवं संस्थान में प्रवेश के दौरान परिचय-पत्र अनिवार्य रूप से धारण करें। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे आयोजित इस जनसुनवाई में इन निर्देशों की खुली अनदेखी देखने को मिली, जिसने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
लुधियाना के साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड शॉप के सामने भारत पेट्रोल पंप के पास एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे टाटा छोटा हाथी (कैंटर) के ड्राइवर और उसके साथी को धमकी देकर अज्ञात लुटेरों ने लूट लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता लल्लन कुमार निवासी गोबिंदपुर जिला सुपौल बिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 28 मई 2026 को अपने छोटा हाथी में दिल्ली से श्रीनगर जा रहा था। जब वह साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड से आगे भारत पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लड़के आए। उन्होंने उसकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। जान से मारने की धमकी देकर छीना मोबाइल और कैश गाड़ी रुकवाते ही दोनों युवकों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। लुटेरों ने कहा कि अगर शोर मचाया तो जान से मार देंगे। इसके बाद उन्होंने गाड़ी की चाबी निकाल ली। इस दौरान डरा-धमकाकर पीड़ित व उसके साथी से करीब 2000 रुपए नकद, एक Oppo Reno 13 और एक A77S Oppo फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी लाडोवाल पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर आज धारा U/S 309(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई (ASI) बिक्रमजीत सिंह ने कहा इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि स्प्लेंडर सवार अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
पहलगाम हमले की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक पहलगाम अटैक के आतंकियों के मोबाइल में बायसरन इलाके की लोकेशन पहले से थी। फोन की फोरेंसिक जांच में सामने आया है कि बायसरन इलाके की जियोग्राफिकल लोकेशन नेविगेशन एप में रिकॉर्ड थी। लोकेशन के स्क्रीनशॉट फोन में सेव किए गए थे। NIA सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अटैक की तैयारी पहले से कर रखी थी। हमले से करीब एक हफ्ते पहले बायसरन की रेकी की थी। आतंकियों के इस्तेमाल किए 2 चीनी मोबाइल पाकिस्तान के पते पर भेजे गए थे। सप्लाई चेन रिकॉर्ड से पता चला कि ये फोन कराची और लाहौर के एड्रेस पर डिलीवर किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक बायसरन इलाके के स्क्रीनशॉट 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिए गए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बायसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। 24 मई: NIA ने बताया- चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा GoPro NIA ने बताया था कि पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी आतंकियों के पास से अमेरिकी कंपनी GoPro का कैमरा बरामद हुआ था, जो चीन के रास्ते लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों तक पहुंचा था। जांच एजेंसी का मानना है कि इस कैमरे का रास्ता समझने से उन नेटवर्कों का खुलासा हो सकता है, जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों तक फंड, उपकरण और दूसरे संसाधन पहुंचाते हैं। यह हाई-टेक कैमरा पिछले साल जुलाई में पहलगाम हमले के बाद दाचीगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद हुआ था। आतंकियों में बॉडी कैमरे का इस्तेमाल बढ़ रहा NIA अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन हमलों की रिकॉर्डिंग और बाद में प्रचार के लिए बॉडी कैमरा और एक्शन कैमरा जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। आतंकियों के पास कैमरा कैसे पहुंचा, इसके लिए NIA ने अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया। कंपनी ने बताया कि यह कैमरा चीन में हमारे ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर को भेजा गया था। अब जांच की जा रही है कि चीन से यह कैमरा आतंकियों तक कैसे पहुंचा। अधिकारी गुप्त खरीद नेटवर्क, बिचौलियों और इसमें शामिल लोकल सपोर्ट की जांच कर रहे हैं। 'पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ था' NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहलगाम अटैक केस में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके डिटेल हाल ही में सामने आई। इसमें खुलासा हुआ है कि कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा है। जो पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था। हमले के दौरान उसने तीनों आतंकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बायसरन वैली की लोकेशन भेजी थी।हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था। टूरिस्ट गाइड ने आतंकियों को देखा था, बता देते तो हमला नहीं होता जेड मोड़ टनल पर हमले में भी शामिल साजिद, 2005 में वह बॉर्डर क्रॉस करके दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घुसा था। पैर में गोली लगने के कारण साजिद नकली पैर लगाता है। इसलिए उसे लंगड़ा कहा जाता है। उस पर भर्ती, फंडिंग, घुसपैठ और आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप हैं। 2019 में साजिद जट्ट लंगड़ा ने ही लश्कर के प्रॉक्सी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को खड़ा किया था। उसे जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का हैंडलर और ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है। NIA ने उसे कई हमलों की साजिश से जोड़ा है, जिनमें पहलगाम हमला, डांगरी हमला, पुंछ एयरफोर्स काफिले पर हमला और रियासी बस हमला शामिल हैं। आतंकी लंगड़ा और उसके तीनों गुर्गे 20 अक्टूबर 2024 को श्रीनगर की जेड मोड़ टनल फायरिंग में भी शामिल थे। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। तब सुरक्षा बलों ने एक आतंकी जुनैद को मार गिराया था। उसके पास से बरामद ग्रो प्रो कैमरा और एम4 कार्बाइन तीनों आतंकियों के समान ही थे। दोनों वारदातों का टेरर मॉड्यूल एक ही था। 28 जुलाई: पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में ISI-दाऊद नेटवर्क से जुड़े 8 लोग गिरफ्तार: धार्मिक स्थलों और सरकारी इमारतों पर हमले की साजिश नाकाम, पाकिस्तानी हथियार बरामद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 31 मई को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, दाऊद इब्राहिम और शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से पाकिस्तान में बने हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि ये लोग दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल, सरकारी इमारतें, मंत्रालय और सुरक्षाबल पर हमले की साजिश रच रहे थे। ये आतंकी मॉड्यूल लंबे समय से तैयार किया जा रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
टाइगर मोबाइल जवान को सेवानिवृत्त होने पर विदाई
सरायकेला| सरायकेला थाना में टाइगर मोबाइल जवान के रूप में करीब 10 वर्षों तक अपनी सेवा देने वाले राकेश मिश्रा के सेवानिवृत्त होने पर रविवार की शाम थाना परिसर में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना परिवार की ओर से उन्हें पुष्पगुच्छ, माला और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मौके पर थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि राकेश मिश्रा ने अपने 28 वर्षों के पुलिस सेवा काल में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों तक सरायकेला में रहकर आम लोगों की सेवा करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके कार्यकाल पर कभी कोई दाग नहीं लगा और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया। ऐसे कर्मठ और अनुशासित पुलिसकर्मी विभाग के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।
अलवर जिले में पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चला रखा है। ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ और ‘साइबर संग्राम अभियान 2.0’ के तहत 1 अप्रैल से 30 मई तक कार्रवाई की गई। इस दौरान म्यूल अकाउंट, प्रतिबिंब पोर्टल, चेक विड्रॉल और एटीएम विड्रॉल से जुड़े मामलों में 107 मामले दर्ज कर 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 10 बाल अपचारियों को डिटेन किया गया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स पर फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ जिलेभर में अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान 80 मोबाइल फोन, 91 सिम कार्ड, 3 पासबुक, 1 चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और 10 हजार रुपए बरामद किए गए। म्यूल अकाउंट मामलों में सबसे बड़ी कार्रवाई अभियान के दौरान 1530 संदिग्ध खाताधारकों की जांच की गई। साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामलों में 81 मामले दर्ज कर 65 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 1 बाल अपचारी को डिटेन किया गया। इन मामलों में 31 मोबाइल, 34 सिम, 3 पासबुक, 1 चेकबुक और 4 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। प्रतिबिंब पोर्टल और हॉटस्पॉट से जुड़े मामलों में 22 गिरफ्तार प्रतिबिंब पोर्टल और हॉटस्पॉट पर चिन्हित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान 21 मामले दर्ज किए गए। इनमें 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 9 बाल अपचारियों को डिटेन किया गया। पुलिस ने 46 मोबाइल, 54 सिम, 1 मोटरसाइकिल, 1 एटीएम कार्ड और 10 हजार रुपए बरामद किए। चेक और एटीएम विड्रॉल हॉटस्पॉट पर भी कार्रवाई संदिग्ध चेक विड्रॉल लोकेशन से जुड़े 2 मामलों में 1 आरोपी को गिरफ्तार कर 1 मोबाइल और 2 सिम बरामद किए गए। वहीं एटीएम विड्रॉल हॉटस्पॉट से जुड़े 3 प्रकरणों में 2 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनसे 2 मोबाइल और 1 सिम कार्ड बरामद हुआ। अन्य राज्यों की पुलिस को सौंपे 7 साइबर अपराधी अलवर पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 7 साइबर अपराधियों को दस्तयाब कर दिल्ली, मध्यप्रदेश, मेघालय और गुजरात पुलिस को सुपुर्द किया।
राजस्थान पुलिस ने सस्ते दामों पर पुराना मोबाइल खरीदने वालों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए KYM (Know Your Mobile) से जांच करने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि बिना सत्यापन के पुराना मोबाइल खरीदने पर लोग साइबर ठगी, चोरी के फोन या ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में फंस सकते हैं। एडवाइजरी में मोबाइल की डिटेल और वैधता जांचने के बाद ही खरीदारी करने की अपील की गई है, ताकि साइबर अपराधों से बचा जा सके। दरअसल, सस्ते दाम में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदना कई बार महंगा साबित हो सकता है। बिना जांच-पड़ताल के खरीदा गया मोबाइल चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन होने पर न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि खरीदार को कानूनी परेशानियों में भी डाल सकता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों को नया या पुराना (सेकेंड हैंड) मोबाइल खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि मोबाइल खरीदने से पहले उसकी वैधता, चोरी अथवा ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इसके लिए केंद्रीय दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की KYM (Know Your Mobile) सेवा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। मोबाइल खरीदने से पहले जांच अवश्य करें अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह के निर्देशानुसार जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि कई लोग बिना सत्यापन के सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद लेते हैं, जो बाद में चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन पाया जाता है। ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। पुलिस के अनुसार, KYM सेवा के माध्यम से मोबाइल का ब्रांड और मॉडल, उसकी वैधता और ब्लैकलिस्ट स्टेटस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल असली है या क्लोन और कहीं वह चोरी, गुमशुदा या ब्लॉक तो नहीं है। IMEI नंबर जानने के लिए फोन से *#06# डायल करें मोबाइल का IMEI नंबर जानने के लिए फोन से *#06# डायल किया जा सकता है। इसके बाद 14422 पर KYM IMEI नंबर भेजकर, KYM मोबाइल ऐप के जरिए अथवा CEIR पोर्टल पर IMEI Verification सुविधा का उपयोग कर मोबाइल का सत्यापन किया जा सकता है। मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि किसी मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें, क्योंकि वह चोरी, गुमशुदा या किसी अवैध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। इसके अलावा साइबर हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
अयोध्या के बाबा बाजार थाना क्षेत्र की सैदपुर चौकी में मोबाइल विवाद और एक युवक की हिरासत को लेकर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी कार्रवाई को वैध बताया है। परिजनों का आरोप है कि युवक को कुछ दिन पहले एक खोया हुआ मोबाइल मिला था। इसके बाद पुलिस टीम उसके घर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर चौकी ले गई। परिवार का दावा है कि युवक को पिछले चार दिनों से चौकी में रखा गया है और उस पर 17 मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर 80,000 रुपये की मांग की जा रही है। पीड़ित परिवार की एक महिला ने आरोप लगाया है कि सैदपुर चौकी के कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके घर पहुंचकर बच्चों के साथ मारपीट की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। महिला ने कांस्टेबल और चौकी प्रभारी पर दबाव बनाने और पैसे की मांग करने का आरोप लगाया है। परिवार का यह भी कहना है कि बच्चों को थाने बुलाकर कथित तौर पर बेल्ट और डंडों से पीटा गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि बिना ठोस सबूत के उनके बेटे को फंसाया जा रहा है और लगातार दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि युवक के पास से चोरी का मोबाइल बरामद हुआ है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
सीतापुर में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि मोबाइल फोन देखने से मना किए जाने और डांट पड़ने के बाद बच्ची ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना रामकोट थाना क्षेत्र के मैनासी सरैया गांव की है। मैनासी सरैया गांव निवासी अमित मिश्रा की पुत्री पूर्वी मिश्रा मोबाइल फोन का काफी उपयोग करती थी। परिजनों के मुताबिक, इसी बात को लेकर सोमवार सुबह उसकी मां ने उसे मोबाइल देखने से मना किया और डांट दिया था। बताया जाता है कि मां की बात से नाराज होकर पूर्वी अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ समय बाद जब परिवार के लोगों ने उसे आवाज लगाई और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्हें चिंता हुई। परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो पूर्वी दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई मिली। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग घबरा गए। आनन-फानन में बच्ची को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। परिवार के अनुसार, अमित मिश्रा के दो बच्चे थे, जिनमें पूर्वी बड़ी थी। अब परिवार में उसका 11 वर्षीय भाई आकाश मिश्रा है। पूर्वी की अचानक हुई मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैतूल की सारणी पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से 36 हजार रुपये निकालने के मामले में 10 माह से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोपाल का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल चोरी के बाद खाते से निकाले थे रुपये पुलिस के अनुसार, पाथाखेड़ा निवासी राकेश बावरिया ने जुलाई 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात में सोते समय उनका मोबाइल चोरी हो गया था। अगले दिन बैंक से जानकारी मिली कि उनके खाते से मोबाइल के माध्यम से 36 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर सारणी थाने में चोरी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल जांच के दौरान पुलिस ने खेड़ीरामोसी निवासी अंकित बेले और विशाल बेले को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने भोपाल निवासी निक्की यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों से ट्रांसफर की गई 36 हजार रुपये की राशि बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया आरोपी मामले का तीसरा आरोपी निक्की यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। थाना प्रभारी जयपाल इनवाती ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने पाथाखेड़ा के पुराना बाजार क्षेत्र से निक्की यादव को गिरफ्तार किया। आरोपी भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी पुलिस का कहना है कि साइबर और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी को सारणी पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
होशियारपुर में पुलिस की मौजूदगी में ही लोगों ने 3 यूट्यूबरों की पिटाई कर दी। उनके मोबाइल भी तोड़ दिए। तीनों यूट्यूबर ट्रांसफार्मर लगाने के विरोध की वीडियो बना रहे थे। इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद उनकी आपस में बहस हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। यूट्यूबरों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में उन पर हमला किया गया। उन्होंने चौकी के इंचार्ज को आरोपियों को रोकने के लिए कहा तो वह उलटा उनके साथ ही झगड़ने लगे। चौकी इंचार्ज ने धक्के मारे। फिर पहचान बताने पर यहां तक कह दिया कि तू चाहे कोई भी हो, मैं तुझे टिच नहीं जानता। इसके बाद उन्होंने टांडा पुलिस को पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। तीनों यूट्यूबरों ने अपनी कंप्लेंट में क्या कहा:- कवरेज के करने के लिए गए थे, पुलिस ने पीटने वालों को नहीं रोकाथाना टांडा में दी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार को वह एक खबर की कवरेज के लिए अपने साथी साहिब सिंह व तजिंदर सिंह के साथ गांव लितड़ां में गए थे। वहां एक घर के बाहर ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध हो रहा था। विवाद की वजह से वहां पुलिस भी मौजूद थी। इसके अलावा इलाके के लोग भी जमा थे। अनिल कुमार ने आगे बताया किजब पीड़ित पक्ष कैमरे के सामने आया तो गांव के कुछ लोग वहां जमा हो गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान गांव की पंचायत ने हमें कवरेज करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि यहां वीडियोग्राफी नहीं करनी। उनको अपशब्द भी कहे गए। जब उन्होंने विरोध किया तो पंचायत के लोगों ने उसके एक साथी साहिब सिंह पर हमला कर दिया। उसका मोबाइल छीन लिया। अनिल ने कहा कि यह देखकर मैं उनसे मोबाइल लेने के लिए आगे बढ़ा। यह देख गुस्साई पंचायत ने मेरे हाथ से भी मोबाइल छीन लिया और मारपीट की। मारपीट के दौरान मोबाइल और सोने की चैन छीन ली। इसकी वीडियो भी हमारे पास है। उसने कहा कि ये सब वहां पुलिस के सामने हुआ। चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मी सब कुछ देखते रहे लेकिन किसी ने मारपीट करने वालों को नहीं रोका। जिस वजह से पंचायत के लोग उन्हें पीटते रहे। पीड़ितों ने शाम तक आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है। दूसरे यूट्यूबर ने कहा- चौकी इंचार्ज ने मुझे ही धक्के मारेयूट्यूबर तजिंदर सिंह ने कहा कि मुझे साथियों ने फोन करके बुलाया था। जब मैं वहां पहुंचा तो घर वालों और गांव की पंचायत के बीच झगड़ा हो रहा था। पुलिस ट्रांसफार्मर लगाने के लिए घरवालों को उठाकर ले जा रही थी। जिसका मेरे साथी वीडियो बना रहे थे। अचानक पंचायत के लोगों ने हमला कर दिया। मारपीट कर उनके फोन छीन लिए। यह सब देखकर मैंने चौकी इंचार्ज संजीव कुमार को पंचायत को रोकने के लिए कहा। संजीव कुमार ने उन्हें रोकना तो क्या था, बल्कि इसके उलट मुझे धक्के मारने शुरू कर दिए और कहने लगे कि 'तू कौन है'। जब मैंने उन्हें अपनी पहचान बताई तो वह फिर भी मुझे धक्के मारने से नहीं हटे और मुझे कहने लगे 'चाहे तू जिला इंचार्ज है, चाहे तू पंजाब इंचार्ज है, मैं तुझे टिच (परवाह) नहीं जानता'। तीसरे यूट्यूबर ने कहा- हमारा मोबाइल नहीं दियायूट्यूबर साहिब सिंह ने कहा कि गांव में जबरदस्ती ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा था। उसकी हम कवरेज कर रहे थे। इस दौरान गांव के लोगों और चौकी इंचार्ज व पुलिस मुलाजिमों ने हमारे साथ हाथापाई की। जबरन हमारे मोबाइल छीन लिए गए और हमें धक्के मारे गए। इसके बाद हमने पुलिस प्रशासन से मदद मांगी लेकिन किसी ने मदद नहीं की। उलटा हमारे साथ बदसलूकी की। मेरा मोबाइल सीनियर सिपाही बलविंदर सिंह ने गांव वालों से वापस दिलाया। मेरे एक साथी का फोन अभी भी गांव वालों के पास है। मेरे फोन से सारा डेटा डिलीट हो गया। हमारे साथ धक्केशाही की गई है। मेरे साथी का मोबाइल वापस नहीं दिया जा रहा है।
देर रात जारी हुए JEE एडवांस रिजल्ट में सीकर के स्टूडेंट जतिन चाहर ने ऑल इंडिया लेवल पर थर्ड रैंक हासिल की है। जतिन के पिता बीएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर नौकरी कर रहे हैं। जनित पढ़ाई को लेकर इतने फोकस रहे कि उन्होंने कभी मोबाइल यूज नहीं किया। इतना ही नहीं उनका किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट भी नहीं है। जतिन मूल रूप से झुंझुनूं जिले के गोठ गांव के रहने वाले हैं। जो सीकर में अपनी मां मोनिका के साथ रहकर तैयारी करते थे। पिता दिनेश बीएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर नौकरी कर रहे हैं। जतिन ने बताया- मां ने यहां पर रहकर केवल पढ़ाई का ही ध्यान नहीं रखा, बल्कि मुझे कभी भी डिमोटिवेट नहीं होने दिया। जतिन का कहना है कि वह रोजाना कोचिंग के अलावा भी करीब 6 से 7 घंटे पढ़ाई करते थे। ऐसे में रोजाना करीब 12 घंटे पढ़ाई हो जाती थी। जतिन ने बताया- उनकी सक्सेस में सबसे बड़ा योगदान मोबाइल से दूरी रही। जनित ने आज तक कभी मोबाइल यूज नहीं किया। इतना ही नहीं किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनका अकाउंट नहीं है। जतिन ने कहा- जो कोई भी टॉपिक उन्हें टफ लगता उसके डाउट्स से डे ही वह क्लियर कर लेते। इसके बाद ही दूसरा टॉपिक पढ़ना शुरू करते। जतिन की मां मोनिका ने कहा- मैं रेगुलर बेटे को मोटिवेट करने के लिए उसे पूछती रहती कि पढ़ाई में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही। पिता दिनेश ने कहा कि बीएसएफ में नौकरी होने के चलते वह बेटे जतिन की पढ़ाई के लिए ज्यादा टाइम नहीं दे पाए। लेकिन जब भी सीकर आते तो पढ़ाई को लेकर बेटे से लगातार डिस्कशन करते। जेईई एडवांसड-2026 रिजल्ट में सीकर के टॉपर्स जेईई एडवांसड-2026 रिजल्ट में सीकर स्थित आईआईटी-जेईई एवं नीट कोचिंग संस्था पीसीपी, प्रिंस के विद्यार्थी टॉप रैंकर्स में शामिल हुए हैं। विवेक गुप्ता ने कक्षा 12वीं के साथ ही ओवरऑल 225वीं ऑल इण्डिया रैंक हासिल कर सीकर कोचिंग्स के टॉपर्स में शामिल हुआ है। इसी प्रकार नवदीप मान ने कक्षा 12वीं के साथ 469वीं ओवरऑल ऑल इण्डिया रैंक,बृजकिशोर ने कक्षा 12वीं के साथ 677वीं ओवरऑल ऑल इण्डिया रैंक, विकास धाकरवाल ने कक्षा 12वीं के साथ 779वीं ओवरऑल ऑल इण्डिया रैंक हासिल की है।
ड्यूटी से घर लौट रहे गार्ड पर जानलेवा हमला:स्कूल के पास 6 बदमाशों ने फोड़ा सिर, बाइक और मोबाइल लूटा
डूंगरपुर में रविवार देर रात ड्यूटी से लौट रहे एक सुरक्षाकर्मी पर 6 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने गार्ड को बुरी तरह पीटा और उसकी बाइक व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल गार्ड को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंटेक्स मिल के सामने डीपीएस स्कूल के पास हुई। देवभूमि कॉलोनी निवासी बृजराज सिंह बियोला सिंटेक्स मिल में सुरक्षाकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। घेरकर अचानक किया हमलाबृजराज सिंह देर रात अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए 6 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। हमले से बृजराज का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। बोतलों, पत्थरों, लाठियों से किए वारइसके बाद बदमाशों ने बियर की बोतलों, पत्थरों और लाठियों से बृजराज पर ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें लहूलुहान करने के बाद बदमाश उनका मोबाइल फोन और बाइक छीनकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल बृजराज किसी तरह हिम्मत जुटाकर रेंगते हुए सिंटेक्स मिल के मुख्य गेट तक पहुंचे। वहां मौजूद दूसरे सुरक्षाकर्मी को उन्होंने पूरी घटना बताई, जिसके बाद तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बृजराज को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दमोह में कपड़ा व्यापारी पर चाकू से हमला:बदमाशों ने ₹5000 और मोबाइल लूटा, बाइक लेकर हुए फरार
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सौजना गांव में रविवार रात एक कपड़ा व्यापारी पर चाकू से हमला कर लूट की घटना को अंजाम दिया गया। अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी से ₹5000 नकद, मोबाइल और उसकी बाइक छीन ली। घायल व्यापारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना रविवार रात उस समय हुई जब 25 वर्षीय प्रिंस साहू, निवासी नवोदय वार्ड ककराई हटा, सौजना गांव से कपड़े बेचकर लौट रहे थे। प्रिंस साहू ने पुलिस को बताया कि रास्ते में चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनकी बाइक रोकी। बदमाशों ने प्रिंस साहू के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। इसके बाद वे उनसे ₹5000 नकद, मोबाइल फोन और उनकी बाइक छीनकर फरार हो गए। प्रिंस साहू के अनुसार, आरोपी लाल रंग की बाइक पर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही हटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल व्यापारी को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। हटा थाना टीआई सुधीर बेगी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी हिंडोरिया की ओर भागे हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
'नौतपा' का आज (सोमवार) आठवां दिन है। अधंड़ के बाद राहत की बारिश भी बरसी, लेकिन पाली के लोगों को फिर से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने का डर सता रहा हैं। पाली समेत मारवाड़ के कई हिस्सों में तापमान में शनिवार को गिरावट आई थी, अब फिर से पारा चढ़ने लगा है। विदेशों तक जाने वाला पाली का हलवा बनाने के लिए कारीगर कोयला भट्ठी के पास 50-55 डिग्री के बीच कड़ाई में खुरपा चला रहे हैं। गर्मी में जिले की फैक्ट्रियों के बने कॉटन के दुपट्टों की डिमांड बढ़ जाती हैं, लेकिन इस बार इन्हीं फैक्ट्रियों के मजदूरों की हालत खराब है। उनका कहना है कि गर्मी और उमस के कारण हालत खराब है। यहीं हाल फुटपाथ पर सीमेंट ब्लॉक लगा रहे मजदूरों के भी हैं। तल्ख धूप के बीच खेतों में फसल काट रहे किसानों का कहना हैं- चाहे कितनी तेज धूप हो, अगर फसल नहीं काटेंगे तो खराब हो जाएगी, फिर दूसरों को अन्न कैसे मिलेगा? रोहट क्षेत्र की रिहायशी कॉलोनियों में पानी की किल्लत का संकट भी बढ़ता जा रहा है। टैंकर के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों को पानी की भयंकर कमी से जुझना पड़ रहा है। हालांकि अफसरों का दावा है कि पानी की सप्लाई नियमित की जा रही है, लेकिन शहर के आसपास की कई कॉलोनियां अभी भी टैंकर के पानी पर निर्भर है। पढ़िए- नौतपा की रिपोर्ट… गर्मी से मोबाइल फोन बंद हुआ, पर खुरपा चल रहा नौतपा की भीषण गर्मी के बीच पाली का प्रसिद्ध हलवा बनाने वाले कारीगरों की मेहनत किसी चुनौती से कम नहीं है। कोयले की भट्ठी के सामने लगातार दूध में हलवा पकाने के कारण आसपास का तापमान 55 डिग्री तक पहुंच जाता है। कारीगर सुमेर पुरी बताते हैं- भट्ठी के पास इतनी गर्मी होती है कि मोबाइल फोन तक बंद हो जाता है। ऐसे में फोन को दूसरे कमरे में रखना पड़ता है। गर्मी के बावजूद हलवे की मांग में कोई कमी नहीं आई है। हलवा विक्रेता चैनसिंह राजपुरोहित के अनुसार गर्म मौसम में भी ग्राहकों की संख्या बनी हुई है। फैक्ट्री में कारीगर पसीने से तर हुए, तैयार हो रहा दुपट्टा पाली की टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी मजदूरों की मेहनत पर टिकी हुई है। मंडिया रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर सुमेरसिंह का कहना है- तेज गर्मी के बावजूद परिवार के पालन-पोषण के लिए काम करना मजबूरी है। फैक्ट्री संचालक ललित मालू का कहना है- गर्मियों में कॉटन के दुपट्टों की मांग बढ़ जाती है और पाली से देशभर में इसकी सप्लाई की जाती है। गर्मियों में दूसरों को राहत मिल सके, इसलिए हम पसीने से भीगने के बाद भी दूसरों के लिए दुपट्टे तैयार कर रहे हैं। तेज धूप में काम कर रहे मजदूर अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में भीषण धूप के बीच मजदूर सड़क किनारे सीमेंट ब्लॉक लगाने का काम कर रहे हैं। मजदूर बाबू खान ने बताया- वह पिछले 15-20 सालों से इस काम से जुड़े हैं। तेज गर्मी से बचने के लिए सिर पर कपड़ा बांधकर काम करते हैं और बार-बार पानी पीते रहते हैं। उनका कहना है कि रोजी-रोटी के लिए मौसम की परवाह किए बिना काम करना पड़ता है। काम करेंगे, तब ही घर चल पाएगा, ऐसे में तल्ख दोपहरी में भी काम तो करना ही पड़ता है। दोपहर में भी बच्चे-महिलाएं कर रहे फसल कटाई पाली के हाईवे क्षेत्र में एक खेत में किसान परिवार तेज धूप के बीच फसल कटाई करता नजर आया। महिला किसान शायरी देवी ने बताया कि किसान के लिए गर्मी और सर्दी का कोई महत्व नहीं होता, क्योंकि खेती का काम समय पर करना जरूरी है। गर्मी अधिक होने पर कुछ देर पेड़ की छांव में आराम कर लेते हैं और छाछ या ठंडा पानी पीकर फिर काम में जुट जाते हैं। अगर खेती नहीं करेंगे तो अनाज नहीं होगा, और अगर ऐसा हुआ तो जीव- जंतुओं को अन्न मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से हमें तो काम करना ही पड़ेगा। किसान किरण ने कहा कि समय पर फसल नहीं काटने पर नुकसान का खतरा रहता है, इसलिए इतनी गर्मी भी काम कर रहे हैं। सड़कें सूनी हुईं, चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकल रहे जिले में भले ही धूलभरी आंधियों के बाद तापमान में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन लोगों को मानसून आने का इंतजार है। फिलहाल तेज धूप और उमस भरी गर्मी का दौर जारी है। इससे निजात पाने के लिए लोग ठंडा पानी, गन्ना रस, लस्सी और जूस पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में तापमान बीते दिनों 43 डिग्री तक पहुंच गया था। जो रविवार को घटकर 37 डिग्री तक आ पहुंचा। हालांकि मौसम विभाग ने 2 दिन बाद फिर से गर्मी तल्ख होने की आशंका जताई है। … राजस्थान नौतपा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सबसे गर्म शहर से रिपोर्ट:लोग घरों में कैद, सड़कों पर सन्नाटा पसरा 2. सोने जैसा चमकने वाला किला भी तपा, दीवार छूना मुश्किल 3. आसमान से आग बरस रही, पैरों में लकड़ी की चप्पल 4. जोधपुर से विदेश जाने वाली मिठाइयों की बिक्री में आई कमी 5. लू से बचाव के लिए प्याज लेकर चलते हैं लोग 6. शेर-लेपर्ड के लिए फव्वारे,45 डिग्री में भी हींग-कचौरी डिमांड में 7. 46C में जिंदगी थमी, बाजार सूने, पानी के लिए लाइन
नईआबादी पुलिस ने 20 किलो ब्राउन शुगर जब्त करने के साथ इंदौर निवासी महिला समेत 2 लोगों व राजस्थान के 3 सप्लायरों को दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में प्रतापगढ़ के अजीज उर्फ एजाज का नाम भी आया है, जो अभी फरार है। तस्करी में इस्तेमाल 2 कारें व 7 मोबाइल भी जब्त किए हैं। कुल 6 आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हुआ है। एसपी विनोदकुमार मीना ने रविवार दोपहर को पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया नईआबादी थाना प्रभारी कुलदीपसिंह राठौर व टीम को मुखबिर से सूचना मिली, इस आधार पर टीम ने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों को रोका व तलाशी ली तो उसमें 20 किलो ब्राउन शुगर मिली। गिरफ्तार आरोपियों में इंदौर के सृष्टि नगर भानगढ़ रोड निवासी हेमंत (50) पिता पूनमचंद वर्मा, इंदौर के नंदा नगर पाटनीपुरा निवासी मोना (48) पति रमेश सेन एक कार में सवार थे जबकि दूसरी कार में सप्लायर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के मालीखेड़ा निवासी राहुल (36) पिता लक्ष्मणलाल मीणा, प्रतापगढ़ के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सुभाष उर्फ पिंटू (46) पिता भंवरलाल नाहर गुर्जर व प्रतापगढ़ के माली का खेड़ा निवासी जितेंद्र उर्फ कारू (35) पिता मांगीलाल मीणा थे। इन पांचों को पुलिस ने गिरफ्तार किया व थाने लाए। इधर प्रारंभिक पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क में प्रतापगढ़ निवासी अजीज उर्फ एजाज का नाम सामने आया है। पुलिस टीमें इसकी तलाश में हैं। एसपी के मुताबिक जब्त 20 किलो ब्राउन शुगर की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए है। एसपी मीना ने बताया कि अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्कर गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम भी पता किए जा रहे हैं। मौके से जो 7 मोबाइल मिले हैं, उनसे अहम सुराग मिलने की उम्मीदें हैं। आरोपी कितने समय से तस्करी कर रहे थे, इसे लेकर भी पूछताछ की जा रही है। इंदौर की पार्टी को एक लाख और राजस्थान वालों को 25 हजार कमीशन देता था एजाज थाना प्रभारी कुलदीपसिंह राठौर का कहना है 20 किलो ब्राउन शुगर मामले में प्रतापगढ़ का एजाज मुख्य आरोपी है। वो आरोपियों की गाड़ी ले जाकर माल भरता था और इन्हें सुपुर्द करके मुकाम बताता था कि कहां-किसे देना है। इंदौर व राजस्थान की दोनों पार्टियां इसी के नेटवर्क का हिस्सा हैं। दूरी के हिसाब से सबके अलग टारगेट रहते थे। इंदौर वाले आरोपियों को 1 लाख कमीशन मिलता था जबकि राजस्थान के आरोपियों को 25 हजार कमीशन माल डिलीवरी के लिए देता था। सभी का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड भी खंगाल रहे हैं। हमने इंदौर व राजस्थान के संबंधित थानों को भी सूचना कर दी है।
रिम्स में एक्सरे फिल्म खत्म, मोबाइल पर एक्सरे की फोटो दिखाकर इलाज
राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और गंभीर खामी सामने आई है। पिछले कई दिनों से अस्पताल में एक्सरे फिल्म का स्टॉक खत्म हो गया है। हालत यह है कि रोजाना सैकड़ों मरीजों का एक्सरे तो किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट के नाम पर उन्हें फिल्म देने के बजाय मोबाइल फोन से एक्सरे स्क्रीन की तस्वीर खींच कर भेजी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक्सरे जांच के लिए लिए जाने वाले शुल्क में फिल्म की लागत भी शामिल है, बावजूद इसके मरीजों को फिल्म उपलब्ध नहीं कराई जा रही। रिम्स में प्रतिदिन औसतन 400 से 500 मरीज एक्सरे जांच कराते हैं। इनमें ट्रॉमा, ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी और इमरजेंसी के मरीज शामिल होते हैं। लेकिन फिल्म खत्म होने के कारण अब मरीजों के हाथ में एक्सरे रिपोर्ट की जगह सिर्फ मोबाइल में मौजूद एक तस्वीर रह गई है। रिम्स के ही कर्मियों ने बताया कि पिछली बार एक्सरे फिल्म करीब 6 माह पहले सप्लाई में आई थी, छह माह तक वही स्टॉक चला। अब यह खत्म हो गई और नया स्टॉक अबतक नहीं आया है। प्रक्रिया कहां अटकी हुई है, इसकी जानकारी कर्मियों को नहीं है। 7 दिन में आ जाएगी एक्स-रे फिल्म मरीजों के परिजन उठा रहे सवाल... जब शुल्क में फिल्म का पैसा शामिल है तो फिल्म क्यों नहीं दी जा रही? स्टॉक खत्म होने की स्थिति क्यों बनी? {मोबाइल में एक्स-रे के फोटो से इलाज की जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीण और गरीब मरीजों की परेशानी का समाधान क्या है? विशेषज्ञ बोले-मोबाइल में एक्सरे साफ नहीं दिखता रिम्स के ही क्लिनिकल विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सरे फिल्म या उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल प्रिंट रिपोर्ट पर पूरी इमेज स्पष्ट दिखाई देती है। हड्डियों में सूक्ष्म फ्रैक्चर, फेफड़ों में संक्रमण पहचानने में यह मददगार होती है। मोबाइल से ली गई तस्वीरों से सटीक निदान में कठिनाई आने की आशंका रहती है। डेढ़ माह से भर्ती मरीज को भी नहीं मिली फिल्म धनबाद निवासी 23 वर्षीय इनायतुल्लाह सिद्दीकी पिछले डेढ़ माह से रिम्स के क्रिटिकल केयर आईसीयू में भर्ती है। वह विल्सन रोग से पीड़ित है। रविवार को डॉक्टरों ने उसका एक्सरे कराने को कहा। रेडियोलॉजी विभाग में एक्सरे तो कर दिया गया, लेकिन फिल्म देने के बजाय मोबाइल पर एक्सरे की तस्वीर खिंचवा दी। फोटो क्वालिटी खराब, मरीजों को फटकार लगा रहे डॉक्टर इधर, अस्पताल आने वाले कई मरीजों और परिजनों ने बताया कि एक्सरे कराने के बाद कर्मचारियों द्वारा कहा जाता है कि मोबाइल निकालिए और स्क्रीन पर दिख रही इमेज की फोटो खींच लीजिए। बाद में इसी फोटो को डॉक्टर को दिखाना पड़ता है। समस्या तब बढ़ जाती है, जब तस्वीर स्पष्ट नहीं आती। डॉक्टर मोबाइल पर धुंधली तस्वीर देखकर संतुष्ट नहीं होते। मरीजों का कहना है कि कई बार दोबारा जांच कराने को कहा जाता है। ग्रामीण मरीजों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत रिम्स में इलाज कराने आने वाले बड़ी संख्या में मरीज दूर-दराज के गांवों से आते हैं। इनमें कई ऐसे भी होते हैं, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता। ऐसे मरीजों को दूसरों के मोबाइल का सहारा लेना पड़ता है। बड़ा सवाल : बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी कितनी प्रभावी है?
राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना पुलिस ने 'सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर' (CEIR) पोर्टल का उपयोग कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत विभिन्न कंपनियों के कुल 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को रविवार, 31 मई को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने CEIR पोर्टल का सटीक उपयोग कर इन गुम हुए मोबाइलों का पता लगाया। अभियान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में चलाया गया। रविवार को बसंतपुर थाना परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में निरीक्षक एमन साहू और अन्य थाना स्टाफ की उपस्थिति में सभी 18 मोबाइल उनके कानूनी स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने राजनांदगांव पुलिस और बसंतपुर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, दस्तावेज और संपर्क नंबर सुरक्षित थे, जिन्हें वापस पाने की उम्मीद उन्होंने छोड़ दी थी। थाना प्रभारी एमन साहू ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका अवैध उपयोग न करें और उसे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुम मोबाइलों की खोज का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
नूंह जिले की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग जगहों से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और एक कार बरामद की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क को संसाधन मुहैया करा रहे थे और लोगों को ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में थे। पुरानी करेंसी की खरीद का दोता था झांसा पहले मामले में, राजस्थान के डीग जिले के गांव सामदीका निवासी वसीम अकरम को फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में तिजारा रोड स्थित ईदगाह के पास से पकड़ा है। तलाशी के दौरान 2 मोबाइल, 3 सिम कार्ड और एक कार बरामद हुई। मोबाइल फोन की जांच में वॉट्सएप चैट, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। आरोपी वसीम अकरम पुराने सिक्कों और पुरानी करेंसी की खरीद-फरोख्त का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। साइबर अपराधी लंबे समय से पुराने नोटों और दुर्लभ सिक्कों के नाम पर ठगी का यह तरीका अपनाते रहे हैं, जिसमें लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, कमीशन या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठे जाते हैं। ठगों को बैंक खाते और सिम देते थे आरोपी दूसरे मामले में, गांव नहारिका निवासी शाहरुख, मध्य प्रदेश के सतना निवासी रितेश वर्मा और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी विजय कुमार वर्मा को गांव कामेड़ा स्थित खेल स्टेडियम के पास से गिरफ्तार किया गया। इन तीनों के पास से 3 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड और 6 अलग से संदिग्ध सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इन आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में फर्जी बैंक खातों और एटीएम कार्डों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी संदिग्ध चैट सामने आई हैं। जांच से पता चला है कि ये आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना नूंह में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब इन आरोपियों के संपर्कों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
सोनीपत के एक हॉस्पिटल के अंदर चोरों के एक शातिर गिरोह ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड और अन्य हिस्सों से एक साथ कई मोबाइल फोन और नकदी से भरा बैग उड़ा लिया। अस्पताल कर्मचारी की शिकायत पर सोनीपत सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव निरथान निवासी आयुष ने बताया कि वह दयानंद हॉस्पिटल सोनीपत में नौकरी करते हैं। 29 मई की सुबह करीब 1:45 बजे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से किसी अज्ञात चोर ने उसका आईफोन-16 (I-Phone 16) चोरी कर लिया। जब हमने अंदर छानबीन की, तो पता चला कि अस्पताल के अंदर से ही स्टाफ और अन्य लोगों के 5 और फोन तथा एक बैग, जिसमें 5200 रुपये की नकदी थी, चोरी हो चुका था। आयुष के अनुसार, चोरों ने उनके आईफोन के अलावा दीपक का रेडमी-13, संजय कुंडू का विवो, सोनिया का रेडमी, साक्षी का रेडमी-13सी और मयंक का आईफोन-12 चोरी किया है। आयुष ने यह भी बताया कि इससे पहले भी अस्पताल के अंदर से 3-4 मोबाइल फोन चोरी हो चुके हैं। आयुष की शिकायत पर सोनीपत सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 305 और 331(4) BNS के तहत केस दर्ज कर रजिस्टर कर लिया है। चोरों सुराग लगाने के लिए हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड तथा एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है।
टोंक पुलिस और डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब साढ़े छह करोड़ रुपए से ज्यादा के सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया गया। पुलिस ने कल्याण, मिलन और मधुर सट्टा नाम से पूरे राजस्थान में फैले नेटवर्क के संचालन में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मकान से मिला भारी कैश और डिजिटल रिकॉर्ड, 60 डायरी में हिसाब दर्जपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 30 हजार 330 रुपए नकद, करीब 6 लाख 5 हजार रुपए का फोन पे लेनदेन, 26 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 14 कैलकुलेटर, हिसाब-किताब की 60 डायरियां, 6 एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं। साथ ही पिछले 6 महीनों का करीब 6 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भी मिला है। मौके से एक स्विफ्ट कार और 3 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई पुरानी टोंक थाना क्षेत्र की कैप्टन कॉलोनी स्थित हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के मकान में की गई, हालांकि मकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। राजस्थान के कई जिलों में फैला था सट्टा नेटवर्कपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रईस के जरिए यह सट्टा रैकेट टोंक से जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा, जोधपुर, बारां, गंगापुर, निवाई, उनियारा, देवली सहित कई जिलों में संचालित किया जा रहा था। सात आरोपी गिरफ्तार, सभी कोटा-बूंदी जिले के निवासीगिरफ्तार आरोपियों में रईस (58) निवासी नैनवा, राजू (32) निवासी नैनवा, कन्हैयालाल (42) निवासी कोटा, महावीर (30) निवासी बूंदी, समीर (25) निवासी नैनवा, महावीर (45) निवासी बूंदी और दलराज (33) निवासी सांगोद कोटा शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य लिंक खंगालने में जुटी है।
वीरपुर पुलिस ने परमानंदपुर भॉट टोला के पास हुए बाइक और मोबाइल लूटकांड का खुलासा कर लिया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटी गई यामाहा मोटर साइकिल और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने रविवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि यह घटना 18 मई की रात परमानंदपुर भॉट टोला के समीप हुई थी। अज्ञात अपराधियों ने मोहम्मद फौजान से हथियार के बल पर उनकी यामाहा मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूट लिया था। पीड़ित के आवेदन पर वीरपुर थाने में कांड संख्या 206/2026, बीएनएस की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरपुर थाना प्रभारी राजकिशोर मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में वीरपुर थाने के पुलिस अधिकारी, जवान और डीआईयू के अधिकारी शामिल थे। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों और लूटे गए मोबाइल खरीदने वाले दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रह्मपुर निवासी समीम अख्तर (24), बलभद्रपुर निवासी नसरूल आलम (21), बैरियाकमाल निवासी मोहम्मद राजा (22), छातापुर निवासी मोहम्मद परवेज (26) और मोहम्मद नियाज (30) के रूप में हुई है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई यामाहा मोटर साइकिल (बीआर-38एआर-1670) और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सीवान ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलग-अलग कार्रवाई में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह चोरी के मोबाइल फोन और एक सोने का लॉकेट बरामद किया गया है। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त वाराणसी के निर्देश तथा आरपीएफ पोस्ट सीवान के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव के नेतृत्व में सीपीडीएस टीम, आरपीएफ एवं जीआरपी सीवान द्वारा 30 मई को सीवान जंक्शन पर विशेष निगरानी अभियान चलाया गया। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-4 के समीप झाड़ियों में संदिग्ध अवस्था में छिपे दो युवकों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी के छह मोबाइल फोन बरामद हुए। अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के जमुड़िया थाना क्षेत्र के निंधा निवासी 26 वर्षीय संजय नोनिया तथा झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के बाबूपुर तीनपहाड़ निवासी 23 वर्षीय करण कुमार के रूप में हुई है। बरामद मोबाइलों में एप्पल, रेडमी, नोकिया, रियलमी और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामानों की चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। सोने का लॉकेट छीनकर भागने का प्रयास किया वहीं दूसरी कार्रवाई में प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर गश्ती एवं आपराधिक गतिविधियों की निगरानी के दौरान आरपीएफ टीम ने एक युवक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूर्वी चंपारण जिले के हरैया थाना क्षेत्र के तुमरिया गांव निवासी रेल यात्री पेंटर तिवारी के बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीनकर भागने का प्रयास किया था। गिरफ्तार युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के नया किला चिक टोली निवासी 19 वर्षीय मासूम अली के रूप में हुई है। उसके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये मूल्य का सोने का लॉकेट बरामद कर लिया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मोबाइल चोर को पकड़ा:खुले दरवाजे वाले घरों से चुराता था आरोपी, 6 फोन बरामद
मंडला की कोतवाली पुलिस ने रविवार को मोबाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पिछले कुछ दिनों से थाना कोतवाली क्षेत्र में रात के समय घरों के खुले दरवाजों से मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सघन पतासाजी के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी मयंक श्रीवास, पिता भद्दूलाल श्रीवास, निवासी चिरईडोंगरी तहसील बम्हनी (वर्तमान में स्वामी सीताराम वार्ड मंडला) ने रात में खुले दरवाजों से घरों में घुसकर मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मयंक श्रीवास के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। पुलिस उससे अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है, जिससे और मामलों के खुलासे की संभावना है। नागरिकों से पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे रात में सोते समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखें तथा मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें। इस कार्रवाई में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, सहायक उपनिरीक्षक भुवनेश्वर वामनकर, वंदना नाग, प्रधान आरक्षक मोहन कुडापे सहित कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जींद जिले के जुलाना में पुलिस ने एक वेल्डिंग की दुकान में हुई चोरी की वारदात का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से चोरी के 57,000 रुपए नकद और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि करसोला निवासी अनिल ने 17 मई 2026 को पुलिस चौकी मंडी जुलाना में शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल ने बताया था कि उसकी वेल्डिंग की दुकान, जो जुलाना-जींद रोहतक रोड पर पावर हाउस के पास स्थित है, से अज्ञात व्यक्ति ने गल्ला तोड़कर करीब 1 लाख 10 हजार रुपए चोरी कर लिए थे। आरोपी को रेवाड़ी से किया गिरफ्तार शिकायत के आधार पर थाना जुलाना में 17 मई 2026 को अभियोग संख्या 134, धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस चौकी मंडी जुलाना को सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान, आरोपी विक्रम उर्फ बकरा, निवासी गांव गतोली, को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट रेवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम में से 57 हजार रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया।
टक्कर का बहाना बनाकर ऑटो चालक से मोबाइल लूटा:आरोपी एक्टिवा से फरार, पिस्टल के साथ बदमाश पकड़ाया
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक के साथ लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने सड़क पर टक्कर का बहाना बनाकर चालक को रोका और बातचीत के दौरान उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-एफ, कुमेड़ी कांकड़ निवासी अमन वर्मा की शिकायत पर एक्टिवा क्रमांक MP-09-EA-5522 पर सवार अज्ञात युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया अमन वर्मा ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह अपनी ऑटो लेकर मरीमाता क्षेत्र से देवास नाका की ओर जा रहा था। इसी दौरान परदेशीपुरा पेट्रोल पंप के सामने एक युवक ने उसे रोक लिया। युवक ने आरोप लगाया कि ऑटो की टक्कर उसकी एक्टिवा से हो गई है और वह नुकसान की बात को लेकर बहस करने लगा। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर अमन के हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने परदेशीपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है और एक्टिवा के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। पिस्टल,कारतूस के साथ पकड़ाया बदमाश कनाड़िया पुलिस ने भी इंदौर पब्लिक स्कूल के सामने खाली मैदान से अनिकेत पुत्र भेरूसिंह चौहान निवासी बंगाली कॉलोनी खजराना को पकड़ा है। आरोपी के पास से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस मिले हैं। आरोपी से एक बाइक भी जब्त हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र में एक छात्रा की सल्फास खाने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार शनिवार देर रात पिता ने उसे मोबाइल फोन चलाते देख फटकार लगाई थी। इसके बाद छात्रा ने कथित रूप से सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से हुई थी पास गुनगा थाना पुलिस के अनुसार रतुआ क्षेत्र निवासी खुशी कुशवाहा (17) पिता जगदीश कुशवाहा परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके परिवार में एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। खुशी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी और भानपुर स्थित एक निजी कॉलेज में प्रवेश की तैयारी कर रही थी। मोबाइल चलाते देख पिता ने लगाई फटकार परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार देर रात खुशी मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान उसके पिता ने उसे मोबाइल चलाते देख डांट दिया। इसके बाद वह नाराज होकर घर के बाथरूम में चली गई। कुछ समय बाद खुशी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने सल्फास खा लेने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सदस्य उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान हुई मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर में मोबाइल फ्लैश की रोशनी में घायल को लगाए गए टांके, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुमेरपुर में एक घायल व्यक्ति को मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट की रोशनी में टांके लगाए जाते हुए देखा जा सकता है।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा से 30 अप्रैल से लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह उर्फ दीपू (38) का सुराग नहीं लग पाया है। कुलदीप को लापता हुए करीब एक महीना हो चुका है। परिवार अभी भी कुलदीप सिंह की तलाश कर रहा है और उनको कुलदीप के घर लौटने की उम्मीद है। उधर, कुलदीप के भाई संजीव कुमार ने बताया कि वे कुलदीप के मोबाइल नंबर पर कॉल करते रहते हैं। उसके दो मोबाइल नंबर में एक की सर्विस बंद हो चुकी है और दूसरा नंबर बंद आ रहा है। वे पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं, लेकिन पुलिस से कोई खास मदद नहीं मिल रही। पुलिस सिर्फ तलाश कर रहे हैं, की बात दोहरा रही है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे संजीव कुमार ने बताया कि कुलदीप उसका छोटा भाई है और उससे अलग माता-पिता के साथ रहता है। कुलदीप शादीशुदा है। कुलदीप के लापता होने से उसकी पत्नी, बेटी वंशिका (16), हर्षिका (14) और बेटा खुशविंद्र (10) काफी परेशान है। हम नहर के आसपास अभी भी कुलदीप की तलाश में जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर पर धोखा करने के आरोप संजीव कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप सिंह करीब 10 साल पिहोवा की अनाज मंडी में पास के गांव के ट्रांसपोर्टर के साथ काम कर रहा है। इस ट्रांसपोर्ट का पूरा काम कुलदीप ही संभालता है। आरोप लगाया कि इस ट्रांसपोर्टर ने कुलदीप का मकान धोखे से अपने नाम करवा लिया। मोबाइल पर भेजी 4 वीडियो कुलदीप ने लापता होने से पहले उसके मोबाइल पर चार वीडियो भेजी थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इन वीडियो में कुलदीप ट्रांसपोर्टर समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन और उसके साथ धोखा करने की बात कह रहा है। कुलदीप ने अपना घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर ट्रांसपोर्टर को करीब 23 लाख रुपए दिए थे। जान से मारने की दी धमकी पैसे लेकर ट्रांसपोर्टर उसका मकान खाली करवाने और सामान बाहर फेंकने की धमकियां दे रहा था। इसके अलावा प्रवीन के साथ 16-17 लाख, कैथल के चीका के चावल एजेंट पर किराए के 8-9 लाख समेत कुछ लोगों के साथ लेनदेन की बात सामने आई है। कुलदीप की बाइक नहर के किनारे से मिली थी।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

