ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जहर खाने से ठीक पहले युवक ने रो-रोकर अपने दर्द को बयां करते हुए तीन वीडियो बनाए। इन वीडियो में उसने अपनी पत्नी के महंगे शौक, लग्जरी लाइफ की चाहत और अनजान पुरुषों से रात-रात भर बात करने के आरोप लगाए हैं। गनीमत यह रही कि युवक ने जहर खाने के बाद इन वीडियो को अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया था। ग्रुप में वीडियो देखते ही पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की मदद से युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई। व्हाट्सएप ग्रुप के वीडियो ने बचाई जान बहोड़ापुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-501 में वेंकट शर्मा रहते हैं। वेंकट एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मंगलवार रात को जब वह घर पर अकेले थे, तब उन्होंने मानसिक तनाव में आकर जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद वेंकट ने अपनी आपबीती के तीन वीडियो हाउसिंग सोसायटी के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिए। मौके पर पहुंचे पड़ोसी ने बचाई जान ग्रुप में वीडियो देखते ही वहीं रहने वाले पड़ोसी विकास तोमर तुरंत एक्टिव हुए। वे भागकर वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे और बहोड़ापुर थाना पुलिस को फोन किया। पुलिस और विकास ने मिलकर अचेत हो रहे वेंकट को तुरंत गाड़ी से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। रोते हुए लगाए आरोप- ‘पत्नी को चाहिए लग्जरी लाइफ अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे वेंकट शर्मा ने जहर खाने से पहले जो वीडियो बनाए, उसमें उन्होंने अपनी पत्नी रितु शर्मा, सास गीता शर्मा और साले अनुभव शर्मा सहित 8 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मेरी पत्नी रितु को बेहद लग्जरी लाइफ चाहिए। वह एक-एक लाख रुपए के महंगे मोबाइल फोन चलाती है। उसके शौक बहुत महंगे हैं। वेंकट ने कहा कि वह बड़ागांव के रहने वाले गौरव यादव, विशाल यादव, राजेश यादव, कल्ली यादव और हिमांशु भदौरिया से रात-रातभर फोन पर बात करती है। जब मैंने एक पति होने के नाते उसे टोकने और समझाने का प्रयास किया, तो उसने सुधरने के बजाय इन लोगों से मुझे धमकियां दिलवाना शुरू कर दिया। मेरे पीछे गुंडे लगा दिए गए। 'सास ने दी गालियां, मेरे अपने बेटे से मुझे अलग कर दिया' वेंकट ने वीडियो में अपनी सास पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सास गीता शर्मा ने उनके साथ घोर अभद्रता और गाली-गलौज की। पत्नी और सास ने मिलकर साजिशन वेंकट को उनके अपने ही मासूम बेटे से दूर कर दिया। बेटे से अलग होने के गम और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह भयंकर डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) में चले गए। वीडियो के अंत में वेंकट ने कहा- अगर मुझे कुछ भी होता है, तो मेरी पत्नी, सास, साला और बड़ागांव के ये पांचों लड़के जिम्मेदार होंगे। मुझे न्याय दिलाया जाए। वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र बहोडापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि एक युवक के जहरीला पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। पड़ोसियों की सजगता से उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, जहां उसका इलाज जारी है। युवक ने वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र किया है। सभी कड़ियों की बारीकी से जांच की जा रही है। युवक के स्वस्थ होने के बाद उसके विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी से महिला और युवती लापता:दोनों सुबह घर से निकली, मोबाइल ले गई साथ; तलाश पर नहीं लगा सुराग
भिवानी शहर में अलग-अलग स्थानों की रहने वाली एक महिला व एक युवती संदिग्ध हालात में लापता होने का मामला सामने आया है। जो सुबह घर से निकली थी और वापस नहीं आई। दोनों के पास ही मोबाइल नंबर भी था। वहीं परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह फिलहाल भिवानी शहर में रहता है। उसकी करीब 26 वर्षीय पत्नी सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से बिना बताए चली गई। जिसके बाद उसने आस-पड़ोस व रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लगा। जो अपने साथ अपना मोबाइल नंबर भी लेकर गई है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। 24 वर्षीय युवती भी गायब भिवानी शहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी, जिसमें बताया उसकी बहन की उम्र करीब 24 वर्ष है। जो सुबह के समय घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके पास मोबाइल फोन भी है। वहीं आस-पड़ोस में भी पूछताछ कर ली, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया। वहीं युवती की तलाश आरंभ कर दी।
भारत-नेपाल सीमा पर तस्कर गिरफ्तार:43.57 ग्राम ब्राउन शुगर, लाखों का कैश और 8 मोबाइल जब्त
भारत-नेपाल सीमा से सटे दिघलबैंक क्षेत्र में SSB और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियन चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, नगदी और अन्य सामग्री बरामद हुआ है। साथ ही, एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसएसबी जी कंपनी सिंघीमारी और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सामेद टोला निवासी जान मोहम्मद (पिता अब्दुल सामेद) के घर पर सघन छापेमारी की। तलाशी के दौरान टीम ने 43.57 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 62,900 भारतीय रुपए, 17,200 नेपाली मुद्रा, 11 कतरी रियाल और 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस कार्रवाई में आरोपी जान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही पलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका तार सीमा पार से जुड़े किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। इस अभियान में कोढ़ोबाड़ी थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार सहित एसएसबी एवं पुलिस बल के अन्य जवान शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भोपाल में आईपीएस संजीव कंचन की 17 साल की बेटी की सुसाइड थ्योरी सुलझती नहीं दिख रही है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि छात्रा पढ़ाई में बहुत बहत प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। वह भोपाल के रातीबड़ थाना इलाके में स्थित प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी। मृतक की मां ने पुलिस को बताया कि बेटी को उन्होंने मोबाइल फोन नहीं दिलाया था। उसके पास में एक मोबाइल देखने के बाद उससे पूछताछ की। उसे समझाइश दी, जिससे नाराज होकर बेटी ने सुसाइड कर लिया। घटना के समय मां और पिता दोनों ही अपने जॉब पर थे। मृतक की मां भोपाल गैस राहत में जज हैं। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को परिजन से सूचना मिली। छात्रा के मोबाइल और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को मिला सुसाइड नोट एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृत छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।” हालांकि छात्रा ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारण का जिक्र नहीं किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। तीन महीने की उम्र में गोद ली थी आईपीएस संजीव कंचन ने बेटी को गोद लेकर पाला था। महज तीन महीने की उम्र में बेटी को विधिवत तरीके से अडॉप्ट किया गया था। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सही कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। परिजनों के डिटेल बयान फिलहाल दर्ज नहीं किए जा सके हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम अब मृतक के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करेगी ताकि उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। चूंकि छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा है। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी। सभी एंगल पर पुलिस जांच जारी पुलिस इस घटना को हर संभावित एंगल से देख रही है, ताकि कदम उठाने की असली वजह साफ हो सके। पुलिस परिवार के सदस्यों से भी बातचीत कर रही है। हालांकि, परिजनों के डिटेल बयान अभी दर्ज नहीं किया जा सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक इनपुट मिलने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… IPS-जज दंपती की 17 वर्षीय बेटी ने की खुदकुशी भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में रहने वाले एक आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना मंगलवार दोपहर की है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी।पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के पंचकूला में सरकारी अस्पताल ICU में नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल (30) ने 20 अप्रैल को सुसाइड कर लिया था। ऑन ड्यूटी मृत मिलीं प्रीति केस में अब बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीति का 11 साल से किसी युवक के साथ अफेयर चल रहा था। इस अफेयर की जानकारी प्रीति की कुछ दोस्तों को भी थी। इसी अफेयर के कारण ही परिवार ने कम उम्र में ही उसकी शादी करीब 15 साल बड़े शख्स से करवा दी। पुलिस के अनुसार, प्रीति अपनी शादी से खुश नहीं थी। इसके कारण कुछ समय बाद ही वह मायके वापस लौट आई थी और तलाक ले लिया था। बाद में प्रीति ने रोहतक में रहकर BSC नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। मगर, अफेयर के चलते प्रीति का अक्सर घरवालों के साथ झगड़ा होता था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रीति के भाई ने कुछ समय पहले ही उसका आईफोन भी तोड़ दिया था। इसके अलावा प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं, जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब इन मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही हैं। साथ ही पुलिस ने प्रीति के भाई से भी मोबाइल तोड़ने पर सवाल किए हैं। उधर, प्रीति का परिवार पुलिस अधिकारियों से मिला है, जो रोहतक के उस युवक के खिलाफ कार्रवाई चाहता है, जिससे प्रीति का अफेयर रहा है। पुलिस ने युवक से पूछताछ भी की है। नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल की कुछ PHOTOS… पहले नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल के अफेयर की कहानी… अब जानिए प्रीति और उसके परिवार के बारे में…. यहां जानिए कैसे हुई थी प्रीति की मौत… हरियाणा के पंचकूला के सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बैनीवाल 20 अप्रैल (रविवार) की रात को ऑन ड्यूटी ICU में मृत मिली थी। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी पर आए, उन्हें स्टोर एरिया की तरफ फर्श पर गिरी हुई मिली थी। नर्सिंग ऑफिसर प्रीति के हाथ में कैनुला लगा था। नाक से कुछ खून भी आया हुआ था। इससे कयास लगाए गए थे कि उसने खुद को ओवरडोज इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना था कि वह पेट दर्द से पीड़ित रहती थी। इसके बाद पंचकूला अस्पताल के आईसीयू में फोरेंसिक की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम मौके पर बड़ी संख्या में एक्सपायरी इंजेक्शन अपने साथ ले गई थी। पोस्टमार्टम 5 डॉक्टरों के बोर्ड ने किया था। मगर, अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। लॉकर में मिले प्रीति के मोबाइल : PMO पंचकूला सरकारी अस्पताल के PMO डा. आरएस चौहान ने बताया कि हादसे की जांच के लिए इंटरनल कमेटी ने पाया है कि घटना का अस्पताल से कोई संबंध नहीं था। जांच के दौरान प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं। जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। जो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सौंप दिए हैं।फिलहाल चल रही है जांच : SHO पंचकूला सेक्टर-7 थाना के SHO राजेश कुमार के अनुसार जांच में अफेयर की बात सामने आई तो रोहतक के युवक को जांच में शामिल किया गया है। मोबाइल एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट भी अभी नहीं आई। फिलहाल जांच चल रही है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला सरकारी अस्पताल ICU में मृत मिली नर्सिंग ऑफिसर:हिसार की रहने वाली, हाथ में कैनुला लगा मिला, घटना के बाद मोबाइल गायब हरियाणा के पंचकूला सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर ऑन ड्यूटी ICU में मृत पाई गई है। घटना के वक्त मृतका के हाथ पर कैनुला लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या। पुलिस की एफएसएल टीम जांच में जुटी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)
कांकेर पुलिस ने जिलेभर में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये कीमत के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई साइबर सेल कांकेर और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मोबाइलों की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद ली गई। 218 मोबाइल बरामद किए गए पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक प्राप्त गुम मोबाइल शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान पहले 116 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से लौटाए जा चुके थे। वहीं बुधवार को 102 अतिरिक्त मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इस तरह कुल 218 मोबाइल बरामद किए गए हैं। CEIR पोर्टल से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस ने बताया कि CEIR एक नागरिक पोर्टल है, जिसके जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को सभी टेलीकॉम नेटवर्क में ब्लॉक किया जा सकता है। इससे मोबाइल का दुरुपयोग रुक जाता है। यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी ट्रैक की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद उसे अनब्लॉक कर वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
जम्मू से दिल्ली की ओर जा रही झेलम एक्सप्रेस ट्रेन में एक युवक की डेडबॉडी मिलने से हड़कंप मच गया। युवक सीट पर ही बैठा मिला, लेकिन उसमें कोई हलचल नहीं थी। ट्रेन के करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोचरी भिजवाया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक निवासी जम्मू के रूप में हुई है। वह झेलम एक्सप्रेस में सवार होकर जम्मू से दिल्ली जा रहा था। ट्रेन में सफर के दौरान वह अपनी सीट पर ही बैठा रहा, लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास बैठे यात्रियों को शक हुआ। यात्रियों ने दी पुलिस को सूचना जैसे ही ट्रेन करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची, यात्रियों ने तुरंत जीआरपी करनाल को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ट्रेन के अंदर पहुंची और युवक की स्थिति की जांच की। उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से उसकी पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तलाशी में नहीं मिला कोई दस्तावेज जीआरपी करनाल की एएसआई सीमा ने बताया कि युवक के पास से कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। तलाशी के दौरान केवल मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल में मौजूद कॉन्टेक्ट नंबर के जरिए परिजनों से संपर्क किया गया, जिसके बाद मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई। परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
जनगणना 2027 का पहला चरण पंजाब में शुरू हो चुका है। लुधियाना समेत पंजाब में हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है। जनगणना करने के लिए कर्मचारी फील्ड में हैं लेकिन कई लोग उन्हें सहयोग नहीं कर रहे और उन्हें जमीनी स्तर पर बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी इलाकों में हालत यह हो गई है कि जैसे ही जनगणना कर्मी किसी घर की बेल बजाते हैं, अंदर से सीधा सा जवाब मिलता है- 'अभी कोई मेल मेंबर घर पर नहीं है, बाद में आना' या 'रात को आना जब सब घर पर होंगे।' लोग अपने घरों के मुख्य गेट तक खोलने को तैयार नहीं हैं और जरूरी मोबाइल नंबर व सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं। गवर्नमेंट टीचर यूनियन के प्रधान संजीव शर्मा ने फील्ड में तैनात स्टाफ की तरफ से आ रही दिक्कतों का खुलासा करते हुए बताया कि कर्मचारियों को हर दूसरे घर में लोगों के गुस्से या असहयोग का सामना करना पड़ रहा है। जनगणना कर्मचारियों ने फील्ड में आ रही समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया। हालात यह हैं कि अफसरों को पब्लिक से अपील करनी पड़ गई कि जनगणना में लोग सहयोग करें। जनगणना करने आ रहे कर्मचारी भी आपके बीच में से ही हैं। जनगणना करने वालों के सामने आ रही ये 4 बड़ी मुसीबतें जनगणना पर सहायक कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों की 4 अहम बातें: 1.बदतमीजी करना पंजाब के स्वभाव के खिलाफ: सेखों ने कहा कि फील्ड से कई शिकायतें आ रही हैं कि लोग जनगणना कर्मचारियों को देखकर अपने घरों के गेट नहीं खोल रहे हैं और जानकारी देने में आनाकानी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो कर्मचारियों के साथ बदतमीजी भी की गई है। उन्होंने साफ कहा कि यह बर्ताव पंजाब के भाईचारे और मेहमाननवाजी के स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। 2. कर्मचारी कोई बेगाने नहीं: उन्होंने जनता को याद दिलाया कि चिलचिलाती धूप में आपके दरवाजे पर आने वाले ये कर्मचारी कोई बाहरी या बेगाने लोग नहीं हैं। इस काम में ज्यादातर हमारे सरकारी स्कूल के टीचर्स और युवा लगे हुए हैं। ये हमारी अपनी बहनें, माताएं और हमारे ही घर-परिवार के बच्चे हैं, जो अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। 3. भीषण गर्मी है, पानी के लिए जरूर पूछें: सहायक कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि मई के महीने में रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और लू चल रही है। ऐसे में जब भी कोई कर्मचारी आपके घर आए, तो इंसानियत के नाते उनसे पानी के लिए जरूर पूछें और उन्हें पानी पिलाएं। अगर आप ज्यादा समय नहीं दे सकते, तो कम से कम उनका सहयोग करें और फटाफट सही जानकारी देकर फ्री करें ताकि वे आगे अपना काम कर सकें। 4. आपकी दी गई जानकारी से ही तय होता है देश-प्रदेश का विकास: उन्होंने समझाया कि जनगणना का यह काम देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। घर-घर से जो आंकड़े (डेटा) इकट्ठा किए जाते हैं, उसी के आधार पर भारत सरकार और राज्य सरकारें भविष्य की बड़ी लोक-भलाई योजनाएं बनाती हैं। सटीक आंकड़ों से ही पता चलता है कि किस इलाके में कितनी मदद और बजट की जरूरत है। एडीसी पूनम सिंह ने ली रिव्यू मीटिंग; तकनीकी और प्रेक्टिकल दिक्कतों पर चर्चा फील्ड स्टाफ की इन गंभीर शिकायतों और आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। लुधियाना की अतिरिक्त उपायुक्त (ADC)-कम-जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को लुधियाना में अफसरों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। उन्होंने अफसरों को हिदायतें दी हैं कि जहां भी कर्मचारियों को दिक्कतें आ रही हैं उन्हें तुरंत हल करें। कर्मचारियों को सभी लोग सहयोग करें वो गर्मी में इतना महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। एडीसी ने बैठक में अफसरों ने दिए ये सख्त निर्देश, जानिए…
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अवैध जुआ और सट्टा खेलने व संचालित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के चकबासू मोहल्ला में छापेमारी कर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से पुलिस ने 3 लाख 25 हजार 200 रुपये नकद, 14 मोबाइल फोन और ताश के 12 बंडल बरामद किए हैं। पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में अवैध जुआ और सट्टा संचालन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 मई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मिठनपुरा थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। उन्होंने बताया कि चकबासू मोहल्ला में अवैध रूप से जुआ खेला जा रहा था और बड़े स्तर पर इसका संचालन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद किए गए सामान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री भी जब्त की है। बरामदगी में नगद : 3,25,200 रुपये, मोबाइल फोन : 14, ताश के पत्ते : 12 बंडल किय गए हैं। कई थाना क्षेत्रों के आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण के विभिन्न थाना क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में काजी मोहम्मदपुर, तुर्की, नगर, सिकंदरपुर, अहियापुर, कांटी, मेहसी और मधुबन थाना क्षेत्र के आरोपी शामिल बताए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज इस मामले में मिठनपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितने दिनों से संचालित हो रहा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे में एक युवक ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। आत्महत्या करने से पहले युवक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उसने कथित प्रेमिका का नाम लेते हुए कहा, ‘हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते।’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युवक प्रेम प्रसंग के चलते मानसिक तनाव में था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। युवक के मोबाइल फोन और उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ जारी है।
आगरा पुलिस ने 2 महीने में 201 फोन किए बरामद:फोन मालिकों को बुलाकर 88 लाख कीमत के मोबाइल किए वापस
आगरा पुलिस को पिछले दो महीने में कई मोबाइल फोन गुम होने की सूचना CEIR पोर्टल से मिली थी। बीते दो महीनों में गुम हुए 201 मोबाइल फोन खोज निकाले है। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 88 लाख रुपए है। बुधवार को 'खोया-पाया सेल' ने फोन मालिकों को बुलाकर उनके मोबाइल वापस किए। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया- पिछले कुछ महीनों से साइबर थाना, सर्विलांस सेल और अलग-अलग थानों के जरिए फोन गुम होने की सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीमों को मोबाइल की खोज में लगाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में सर्विलांस सेल ने सबसे ज्यादा 80 मोबाइल बरामद किए। थाना शाहगंज पुलिस ने भी 20 फोन ढूंढे है। इसके अलावा थाना ताजगंज, सदर, न्यू आगरा और साइबर सेल ने भी दर्जनों फोन बरामद किए। डीसीपी ने बताया कि ज्यादातर फोन रास्ते में गिर गए थे या बस-ऑटो में छूट गए थे। कुछ चोरी के भी थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया। 2 महीने बाद आया पुलिस का कॉल, यकीन नहीं हुआमोबाइल लेने पहुंचे साहिल की खुशी देखते ही बन रही थी। साहिल ने बताया-मेरा फोन बाजार जाते समय गिर गया था। बहुत खोजा लेकिन नहीं मिला। किसी ने बताया कि CEIR पोर्टल पर शिकायत करो। मैंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी। उम्मीद छोड़ दी थी। दो महीने बाद पुलिस का फोन आया कि आपका मोबाइल मिल गया है, पुलिस लाइन आकर ले जाओ। पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। क्या करें अगर फोन गुम हो जाए? 1. सबसे पहले: नजदीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं। 2. दूसरा कदम: www.ceir.gov.in पोर्टल पर जाकर फोन को ब्लॉक कराएं और 'Find' रिक्वेस्ट डालें। 3. पुलिस का इंतजार करें: IMEI ब्लॉक होते ही फोन किसी काम का नहीं रहता। पुलिस के ट्रेस करते ही आपको कॉल आएगा।
लुधियाना में दिनदहाड़े एक फल विक्रेता से लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने तेजधार हथियार दिखाकर रेहड़ी चालक को घेर लिया और उससे नकदी व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पुलिस इलाके में सीसीटीवी खंगाल रही है। थाना मोती नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह गोल मार्केट में फल-फ्रूट की रेहड़ी लगाता है। 3 दिन पहले वह अपनी रेहड़ी पर फल बेचने जा रहा था। जब वह शिवा डाइंग के पास विश्वनाथ मंदिर के नजदीक पहुंचा तो सिल्वर रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल नंबर PB10HY-2523 पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपी मौके से फरार पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने तेजधार हथियार की नोक पर उसे डराया-धमकाया और उसकी जेब से 19,500 रुपए की नकदी तथा ओप्पो मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल इस केस में अभी पुलिस के हाथ खाली है। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना मोती नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 304 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
पटना में बाइक सवार 2 बदमाशों ने महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ई-रिक्शा से पटना हाईकोर्ट जा रही थी। इसी बीच एक बाइक से 2 बदमाश आए और झपटा मारकर फरार हो गए। इस दौरान महिला चलती ई-रिक्शा से सड़क पर गिरकर घसीटा गई। उसे चोट आई है। महिला को इसके बाद ई-रिक्शा चालक और राहगीरों की मदद से गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद महिला अपने परिजन के साथ घर चली गई। घटना कोतवाली इलाके के इनकम टैक्स फलमंडी के पास की है। हाईकोर्ट की ओर जा रही थी पीड़ित महिला आरती कुमारी ने बताया कि तारा मंडल के पास ई-रिक्शा में हाईकोर्ट जाने के लिए बैठी थीं। इसी बीच बाइक से बहुत तेजी में दो युवक आए और ई-रिक्शा से सटाकर अपनी रफ्तार धीमी कर दी। एक जो पीछे बैठा था, उसने मेरे हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन मैं जोर से पकड़ी थी। इसी छीना झपटी में मैं मोबाइल बचाने के चक्कर में सड़क पर गिर गई। वो मोबाइल स्नेचिंग कर के भाग गए। घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाने की गश्ती गाड़ी पहुंच गई। पीड़िता से देर रात गार्डिनर अस्पताल में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फिलहाल पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
स्टेट जीएसटी विभाग की टीमों ने अजमेर में टैक्स चोरी का खुलासा किया। अजमेर में अरमान मोबाइल एसेसरीज कारोबारी के यहां सर्च ऑपरेशन में करोड़ों रुपए के फर्जी लेनदेन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गड़बड़ी सामने आई। उपायुक्त (प्रशासन) चंदन सिंह शेखावत के अनुसार- अजमेर का मोबाइल एसेसरीज कारोबारी लंबे समय से विभाग की निगरानी में था। जांच में सामने आया कि कारोबारी ने अपने दो बड़े शोरूम और कर्मचारियों के नाम पर अलग-अलग क्रेता-विक्रेता फमें बना रखी थीं। इन फमों के जरिए खरीद-बिक्री और बिलिंग का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया, जिससे फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा लेकर सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान की आशंका है। प्रारंभिक जांच में 2 से 3 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आने की संभावना जताई गई है। कारोबारी ने मौके पर 27 लाख रुपए जमा करवाए। जांच में यह भी सामने आया कि माल और बिलिंग का वास्तविक प्रवाह अलग-अलग फर्मों के जरिए घुमाया जा रहा था, ताकि टैक्स देनदारी कम दिखाई जा सके। नेटवर्क ट्रैक कर पकड़ी सर्कुलर ट्रेडिंग जीएसटी विभाग ने कार्रवाई में डेटा एनालिटिक्स और सर्कुलर ट्रेडिंग तकनीक का उपयोग किया। सर्कुलर ट्रेडिंग में एक ही माल को कई फर्मों के बीच कागजों में बार-बार खरीदा और बेचा जाता है। उदाहरण के तौर पर ए ने बी से माल खरीदा, बी ने सी से, सी ने डी से और डी ने वही माल फिर ए को बेच दिया। इस प्रक्रिया में असली व्यापार कम और कागजी बिलिंग ज्यादा होती है। फर्मों के बीच पैसा घूमता रहता है और फर्जी आईटीसी के जरिए टैक्स देनदारी कम दिखाई जाती है। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन पकड़कर फर्मों के नेटवर्क को ट्रैक किया।
जांच को भेजे 7 मोबाइल खोलेंगे राज:हनी ट्रैप-2 - रसूखदारों से जुड़े वीडियो-फोटो अब तक नहीं लगे हाथ
हनी ट्रैप-2 कांड में गिरफ्तार कर जेल भेजी गई रेशू और श्वेता जैन से एसआईटी कोई खास राज नहीं उगलवा पाई है। बताते हैं आरोपी श्वेता हनी ट्रैप-1 कांड में जेल से छूटने के बाद भी दिल्ली में एक केंद्रीय मंत्री से लगातार संपर्क में रही हैं। इस केस में नाम आने के बाद उसने रसूख का इस्तेमाल कर खुद को सख्ती से पूछताछ की जद से दूर रखा है। वहीं रेशू के मजबूत नेटवर्क के कारण अधिकारी उससे भी हनी ट्रैप के वीडियो, फुटेज व फोटो नहीं जुटा पाए हैं। दोबारा रिमांड पर आई लेडी तस्कर अलका ने इंटेलीजेंस के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के साथ मिलकर पुलिस विभाग में खुद का मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था। अलका एएसपी और एसीपी रैंक के अफसरों से संपर्क में रहती थी। कई अधिकारी जो इसके संपर्क में थे, वह रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी वह उनसे कानूनी सलाह मशविरा करती रही है। वीडियो और फोटो पर करोड़ों की डील करती थी रेशू बताते हैं रेशू हर फोटो, वीडियो पर करोड़ों की डील करती थी। आरोपियों से मिले 7 मोबाइल फोन को भोपाल फॉरेंसिक लैब भेजा है। बताते हैं श्वेता जैन, रेशू चौधरी, अलका और हेड कांस्टेबल विनोद के मोबाइल में कई वीडियो फुटेज हैं, जो आपस में शेयर किए गए हैं। इन्हीं के मोबाइल का एनालिसिस साइबर एक्सपर्ट कर रहे हैं।
भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी और परिवार के साथ रहती थी। जानकारी के अनुसार, छात्रा ने मंगलवार दोपहर के समय घर के भीतर यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को बुलाया। हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की जांच कर रही है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोटा में बढ़ती बाइक चोरी की वारदातों के बीच उद्योग नगर थाना पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की बाइक और पांच संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में लगातार हो रही दुपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उद्योग नगर थाना प्रभारी मांगेलाल यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने 25 मई को नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक को रोका। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में युवक की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रवि उम्र 29 वर्ष, निवासी प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना, उद्योग नगर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से बिना नंबर की चोरी की हौंडा बाइक बरामद हुई। जांच में सामने आया कि यह बाइक 13 मई की रात उद्योग नगर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इसके अलावा आरोपी के पास से पांच संदिग्ध मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इनमें पोको, रेडमी और इंफिनिक्स कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़ा है या नहीं। साथ ही बरामद मोबाइल फोन के मालिकों और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच की जा रही है।
नवादा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में गठित टीम ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों के नाम पर लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करते थे।यह गिरफ्तारी 26 मई को वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय गांव से की गई। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल पर दिख रहे नंबरों के आधार पर इन अपराधियों का पता चला था। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 54/26 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थेगिरफ्तार किए गए अभियुक्त बजाज फाइनेंस, धनी फाइनेंस, मुद्रा फाइनेंस और इस्लामिक बैंक जैसी कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थे। वे ग्राहकों का डेटा चुराकर उन्हें फोन कॉल करते थे।फोन पर बातचीत के दौरान, वे पीड़ितों से या तो ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मांग लेते थे या उन्हें कोई लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को हैक कर लेते थे। इसके बाद, वे पीड़ितों के बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाल लेते थे। ठगी के लिए वे बहुत कम प्रोसेसिंग चार्ज की मांग करते थे, जिसे उपभोक्ता आसानी से चुका देते थे। 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामदगिरफ्तार अपराधियों की पहचान दीपू उर्फ दीपक कुमार (30 वर्ष), पिता भोनू राम उर्फ भुनेश्वर राम, और अजीत कुमार (25 वर्ष), पिता सुभाष सिंह के रूप में हुई है। दोनों चकवाय, वारिसलीगंज, नवादा के निवासी हैं। इनके पास से 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामद किया गया है।
सैकड़ों लोगों को टेलीग्राम और वॉटसऐप पर फर्जी ट्रेड लिंक भेजकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो युवकों को टोंक जिले की डीएसटी और सदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 2 थार गाड़ी, चार मोबाइल जब्त किए है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ठगी करने में 68 फर्जी सिमकार्ड उपयोग में लिए थे। हालांकि आरोपियों ने कितने लोगों से कितनी राशि की ठगी की है, इसकी फिलहाल जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आंकड़ा करोड़ों रुपए पहुंचने की आशंका है। कार्रवाई ASP रतनलाल भार्गव, टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा के नेतृत्व में की गई। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों द्वारा अलग-अलग मोबाइन नंबरों का उपयोग साइबर ठगी में किया गया है, राशि भी अलग-अलग फर्जी खातों में ट्रांसफर करवाई गई है। इन खातों की एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के रिकॉर्ड से भी जांच की जा रही है। बैंक खातों में करोड़ों रुपए की राशि का लेनदेन सामने आया है। दोनों आरोपी द्वारा साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए कुल 68 फर्जी सिम कार्ड प्रयोग किए गए। इनमें से कुलदीप मीणा, निवासी दौसाडा थाना मंडावरी जिला दौसा ने 60 और दिलखुश गुर्जर निवासी रजमाणा थाना चौथ का बरवाड़ा जिला सवाई माधोपुर ने 8 सिम कार्ड काम में लिए थे। आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी से आए रुपयों से खरीदी गई दो थार गाड़ी भी जब्त की गई। इसके अतिरिक्त एक आरोपी के पास से साइबर ठगी की कैश रकम 10,020 रुपए भी जप्त किए गए है। आरोपियों से गहन पूछताछ व अनुसंधान साइबर थाना टोंक द्वारा किया जा रहा है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
मंदसौर जिले के अफजलपुर क्षेत्र से मस्जिद के एक इमाम के साथ मारपीट और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित इमाम मोहम्मद हुसैन ने कुछ लोगों पर रास्ते में रोककर मारपीट करने, मोबाइल छीनने, गला दबाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर मंगलवार को समाजजन पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी विनोद कुमार मीना के नाम ज्ञापन सौंपा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हुसैन निवासी मुल्तानपुरा पिछले करीब एक माह से अफजलपुर की जामा मस्जिद में इमामत का कार्य कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, 23 मई की शाम करीब 7 बजे वह अफजलपुर बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ सामान लेने गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। मौलाना का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पता मुल्तानपुरा बताया तो मौके पर मौजूद लोगों ने आधार कार्ड मांगा गया। उन्होंने अपने भाई को फोन कर आधार कार्ड व्हाट्सएप पर भेजने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने उनका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया गया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। भीड़ जुटी, मारपीट और नारे लगाने का दबावपीड़ित के मुताबिक मौके पर धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और जबरन ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के लिए दबाव बनाया। मौलाना का कहना है कि जब उन्होंने नारे लगाने से मना किया तो उनका गला दबाया गया और थप्पड़ों से मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने उन्हें गाय और महिला से जुड़े झूठे मामलों में जेल भिजवाने की धमकी दी साथ ही कहा कि आगे गांव में दिखाई दिए तो जान से खत्म कर देंगे। थाने ले जाने और वहां भी दुर्व्यवहार का आरोपमौलाना ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें अफजलपुर थाने ले जाया गया, जहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट हुई। तभी पुलिसकर्मियों ने मौलाना की बात गंभीरता से नहीं सुनी और आरोपियों का पक्ष लिया। साथ ही उनके परिजनों से भविष्य में गांव नहीं आने की बात कही गई। समाजजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांगमंगलवार को समाजजन बड़ी संख्या में पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। समाजजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि समाजजनों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में मस्जिद में इमामत करने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट, धार्मिक नारे लगाने के लिए दबाव बनाने और थाने में भी मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
Uttarakhand : खोया बैग और मोबाइल वापस मिलते ही भावुक हुई विदेशी महिला, पुलिसवालों को लगाया गले
भारत घूमने आई एक विदेशी महिला के चेहरे पर उस समय फिर से मुस्कान लौट आई, जब उत्तराखंड पुलिस ने उसका खोया हुआ बैग ढूंढकर सुरक्षित वापस कर दिया। ऋषिकेश यात्रा के दौरान महिला का बैग कहीं गुम हो गया था, जिसमें मोबाइल फोन, नकदी और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। ...
शिवपुरी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में शनिवार शाम मिले शव की पहचान मंगलवार को हो गई। मृतक की पहचान फिजिकल थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय विशाल रजक पिता नंद किशोर रजक के रूप में हुई। उसका मोबाइल फोन लॉक होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो सका, जिससे शव की पहचान में देरी हुई। विशाल रजक मकानों में पुट्टी करने का काम करता था। उसके पिता नंद किशोर रजक ने बताया कि विशाल गुरुवार को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया थाजानकारी के अनुसार, विशाल ने अपना मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया था। किस्तें जमा न होने के कारण फाइनेंस कंपनी ने उसका मोबाइल लॉक कर दिया था। इसी वजह से वह मोबाइल घर पर छोड़कर गया था। जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों को उसकी तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार शाम पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव काफी डीकंपोज हो चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने पहचान के प्रयास शुरू किए और मंगलवार को मृतक की शिनाख्त विशाल रजक के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि विशाल नशे का आदी था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
जामताड़ा पुलिस ने जिले में लगातार बढ़ रही लूट और चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक नाबालिग अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से जिले में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा था, जिसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 7.65 एमएम का एक देशी पिस्टल और एक जिंदा गोली बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है। लूट की कई घटनाओं में शामिल रहा आरोपी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के ढेकीपाड़ा स्थित कब्रिस्तान के पास रेलवे कर्मचारी इरफान अंसारी को चाकू का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा, उसने पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन थाना क्षेत्र के फतेहपुर इलाके में एक महिला से मोबाइल फोन, पर्स और नकदी भी छीनी थी। पुलिस जांच में दोनों मामलों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। आरोपी के पास से एक वनप्लस मोबाइल फोन, एक वीवो मोबाइल फोन, एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, एक क्षतिग्रस्त बैग और एक चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान लूट की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। जमानत पर छूटकर फिर बना अपराधी जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाबालिग मार्च 2025 में हुई एक गोलीबारी की घटना में भी शामिल था। उस मामले में वह जमानत पर बाहर आया था और फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। एसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सुभाष चौक में हुई ज्वेलरी दुकान लूट कांड का भी जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वाराणसी में में मंगलवार की सुबह एक युवती अपने प्रेमी से शादी की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। युवती का आरोप है कि प्रेमी का पैर फ्रैक्चर होने के कारण कई दिनों से मुलाकात नहीं हो पा रही थी। अब मैं उसके साथ शादी करना चाहती हूं। लेकिन मेरे परिवार के लोग जाति अलग होने के कारण मना कर रहे हैं। युवती को टॉवर पर हंगामा करता देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक समझाकर उसकी शादी प्रेमी से करवाने का भरोसा देकर उसको सुरक्षित नीचे उतरा। इसके बाद युवती को लेकर थाने पहुंची और उसके प्रेमी को भी बुलाया। थाने में दोनों के परिजनों के साथ बातचीत चल रही है। यह पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें… मिलने पहुंचे प्रेमी का गिरकर पैर फ्रैक्चर हो गया था थाना क्षेत्र के अहरक गांव निवासी सनी विश्वकर्मा का युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है। करीब दस दिन पहले युवती से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान परिजनों के पहुंचने पर वह भागने की कोशिश में छत से कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद दोनों की मुलाकात नहीं हो रही थी। जाति अलग का हवाला देकर शादी से किया मना परेशान युवती मंगलवार की सुबह अचानक प्रेमी के गांव पहुंची और मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और वह अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग करने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसको समझाकर नीते उतारा। फिर दोनों के परिजनों के थाने बुलाया गया, जहां घंटों बातचीत चली। युवती के पिता ने सामाजिक और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने पर आपत्ति जताई। वहीं, मामला अलग-अलग जातियों से जुड़ा होने के कारण भी उलझा हुआ है। वहीं, थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया- युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। ------------ ये खबर भी पढ़ें… UP का पेट्रोल-डीजल नेपाल वाले ले जा रहे:100 का तेल 135 रुपए में बेच रहे; बॉर्डर के 7 जिलों में ज्यादातर पंप बंद यूपी से सटा नेपाल बॉर्डर 579 किलोमीटर लंबा है। इनमें यूपी के 7 जिले आते हैं। इन जिलों के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। जहां पेट्रोल मिल रहा, वहां लंबी कतारे हैं। इसके पीछे की वजह वो लोग हैं, जो नेपाल बॉर्डर को क्रॉस करके भारत आते हैं। यहां से ईंधन का स्टॉक लेकर अपने देश लौट जाते हैं। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हो रहा? पूरी खबर पढ़ें…
पूर्णिया में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। 98.93 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गश्ती के दौरान कार से स्मैक बरामद की है। इसके अलावा एक टैब और दो मोबाइल भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार तस्करों की पहचान रवि ठाकुर और विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों थाना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग के रहने वाले है। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस इलाके में नियमित गश्ती कर रही थी। इसी दौरान एक कार पर नजर पड़ी। कार को रोककर जब तलाशी ली गई तो उसमें छिपाकर रखी गई स्मैक बरामद हुई। खेप के साथ मौके से दो धंधेबाजों को गिरफ्तार किया। केस दर्जकर नेटवर्क खंगाल रही पुलिस बरामद स्मैक की कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। तस्करों के नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर स्मैक कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। गिरफ्तार दोनों तस्करों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन और टैब की भी जांच की जा रही है ताकि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। पुलिस कार के मालिक और उसके इस्तेमाल को लेकर भी जांच कर रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बाड़मेर में डीएसटी और रीको थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रामनगर स्थित एक मकान पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल, 95 हजार रुपए नकद, फर्जी सिम कार्ड और बैंक डाक्यूमेंट्स जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग कर ऑनलाइन गेम खिलवा रहे थे और विभिन्न बैंक अकाउंट्स में लेनदेन कर रहे थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत कार्रवाई एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन म्यूल हंटर स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत बाड़मेर डीएसटी इंचार्ज आदेश कुमार और रीको थानाधिकारी चैनप्रकाश के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। रामनगर के मकान पर दी दबिश पुलिस को सूचना मिली थी कि रामनगर स्थित एक सूने मकान में ऑनलाइन गेम खिलवाया जा रहा है। सूचना के आधार पर डीएसटी और रीको थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पूनमाराम पुत्र लिखमाराम निवासी उतरी डेर, रेडाणा थाना रामसर और देवाराम पुत्र बाबुराम निवासी चीलानाडी कानोड़ थाना गिड़ा, बालोतरा हाल रामनगर बाड़मेर को डिटेन किया गया। मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी सिम कार्ड बरामद पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न ऑनलाइन गेम संचालित कर रहे थे। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, कई मोबाइल और दूसरे लोगों के नाम पर जारी फर्जी सिम कार्ड मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि विभिन्न बैंक म्यूल अकाउंट्स में हजारों रुपए का लेनदेन किया जा रहा था। आरोपियों पर युवाओं से ठगी करने का आरोप है। यह सामान किया जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप मय चार्जर, 11 मोबाइल, 95 हजार रुपए नकद, 5 मोबाइल चार्जर, बैंक डायरियां, चेक बुक, 7 सिम कार्ड और हिसाब-किताब की डायरी जब्त की है। रीको थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई में एएसआई भादरराम, कांस्टेबल हरजीराम, जगदीश, जसराम सिंह, महिला कांस्टेबल नेनू, दीपक कुमार और डीएसटी टीम के रामस्वरूप व नखतसिंह शामिल रहे।
पंजाब में आज 8 नगर निगमों के लिए आज वोटिंग होगी। इनमें बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली शामिल हैं। इनके अलावा 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान होगा। खास बात यह है कि इसमें EVM की जगह बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में 7,555 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं। जिनके चुनाव के लिए 36.73 लाख वोटर मतदान करेंगे। चुनाव को लेकर पूरी सख्ती बरती गई है। राज्य चुनाव आयोग ने 9 चीजों को अंदर ले जाने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि स्विच ऑफ मोबाइल भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। वोटिंग के चलते आज पंजाब के सरकारी छुट्टी रहेगी। इसके अलावा शराब बिक्री पर भी रोक रहेगी। वोटिंग में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए 35 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सबसे ज्यादा AAP के 1801 उम्मीदवारराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में 8 नगर निगमों में 1613 उम्मीदवार हैं। 75 नगर कौंसिलों में 5142 और 20 नगर पंचायतों में 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार AAP के 1801 कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पोलिंग बूथ में इन 9 चीजों पर रोकपंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि इस बार मतदान के दौरान बूथ के अंदर 9 चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस बार मोबाइल पूरी तरह बैन रहेगा। चुनाव आयुक्त का कहना है कि स्विच ऑफ मोबाइल को भी पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा, पानी की बोतल, स्याही, चाकू, पेचकस, हथियार, कैमरा, माचिस की डिब्बी और लाइटर अंदर नहीं ले जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि वोटर अपना मोबाइल घर पर रख कर वोट देने निकलें। 274 पोलिंग बूथ अति संवेदनशीलराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक वोटिंग के लिए कुल 3,977 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 740 पोलिंग बूथों को संवेदनशील और 274 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इस चुनाव में 36 हजार मुलाजिमों की तैनाती की गई है। 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी फील्ड में रहेंगे। हर बूथ पर 5 मुलाजिमों की तैनाती होगी। पोलिंग बूथों में लगेंगे कैमरे, एक साल तक सेफ रहेगी फुटेजपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना परमिशन नष्ट नहीं किया जाएगा। अदालत की ओर से रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त बोले- कोई गड़बड़ी न करे, DVR भी स्ट्रॉन्ग रूम में रहेगीराज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश न करे। हर बूथ के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिसकी फुटेज रिटर्निंग अधिकारी के पास होगी। वार्ड स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी फुटेज के लिए जिम्मेदार होंगे। मतदान प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद डीवीआर स्ट्रांग रूम में ही सुरक्षित रखी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर की होगी।
छतरपुर जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजस्थान की ओर से आने वाली उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण दिन ही नहीं बल्कि शाम और रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। सोमवार को जिले के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बने रहे। गर्म हवा के थपेड़ों ने बाजारों से लेकर सड़कों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को खजुराहो में अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 1.6 डिग्री ज्यादा रहा। नौगांव में 1॰ की बढ़त, पारा 46.8॰ पहुंचाइसी तरह नौगांव में भी गर्मी का असर बेहद तीखा रहा। यहां अधिकतम तापमान 1 डिग्री की बढ़त के साथ 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 2 डिग्री बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो औसत से 1.3 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राहत की संभावना से इनकार किया है। अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्टविभाग के मुताबिक, 26 और 27 मई को जिले में हीट वेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 28 और 29 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी और उमस जैसी स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 30 और 31 मई को तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। उल्टा बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ेगी। लगातार मोबाइल पर पहुंच रहे हीट वेव अलर्टजिले में गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा लगातार हीट वेव अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। सोमवार दोपहर भी लोगों के मोबाइल फोन पर रेड अलर्ट के संदेश पहुंचे। इन अलर्ट मैसेज की आवाज सायरन जैसी होने के कारण कई लोग अचानक घबरा जाते हैं। हालांकि अब अधिकांश लोगों को समझ आने लगा है कि यह हीट वेव की चेतावनी है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
झांसी में मोबाइल छीनने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:4 दिन पहले वारदात करके भाग गए थे, स्कूटी और फोन बरामद
झांसी में मोबाइल छीनकर भागने वाले दो झपट्टमारों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने 4 दिन पहले घर जा रहे एक व्यक्ति से मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित ने प्रेमनगर थाने में केस दर्ज कराया था। तब से पुलिस दोनों के पीछे लगी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों को डगरिया तिराहे से गिरफ्तार किया है। उनसे छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है। सीपरी बाजार से घर जा रहा था बबीना के आरा मशीन निवासी आदर्श साहू पुत्र मनोज कुमार साहू ने पुलिस को बताया था कि वह सीपरी बाजार में काम करता है। 21 मई की रात लगभग 10 बजे काम करके घर जा रहा था। राजगढ़ पीएसी गेट नंबर 3 के सामने प्रतीक्षालय के पास पहुंचा तो एक स्कूटी से अज्ञात दो युवक आए और डरा धमकाकर उसका मोबाइल छीनकर ले गए। पीड़ित की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने 24 मई को केस दर्ज किया था। घटना के खुलासे के लिए थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने दो पुलिस टीमों का गठन किया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डगरिया तिराहे के पास से राजगढ़ के वीरूनगर निवासी प्रदीप उर्फ पिस्सू पुत्र मेवालाल और सिमोन मसीह पुत्र सुरेंद्र मसीह को गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ पुलिस लगातार ऑपरेशन अंकुश चला रही है। इसी अभियान के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने IPL मैच में सट्टा लिख रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कैश और मोबाइल फोन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि करीब 10-12 साल से बंद पड़े भारत टॉकीज के सामने कुछ लोग IPL मैच में हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा खेला रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग भाग निकले, जबकि एक व्यक्ति सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ लिया गया। आरोपी के पास मिले सट्टा हिसाब और मोबाइल पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक बताया। पुलिस जांच में उसके पास से IPL टीमों के नाम और रुपए का हिसाब लिखा हुआ दस्तावेज मिला। इसके अलावा आरोपी से 725 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस अब मोबाइल की जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऑपरेशन अंकुश के तहत लगातार कार्रवाई शशि मोहन सिंह की पदस्थापना के बाद जिले में ऑपरेशन अंकुश चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अंक सट्टा नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कोलकाता से लेकर गोवा तक जुड़े सट्टा नेटवर्क के खाईवालों पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4 महीने में 62 सटोरिए गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 62 सटोरियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों से 1 करोड़ 9 लाख रुपए से अधिक नकदी, सैकड़ों मोबाइल फोन, 2 नोट गिनने की मशीन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। SSP बोले- युवाओं को नुकसान पहुंचा रहा सट्टा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ गतिविधियां समाज और युवाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और सट्टा खिलाने वालों के साथ सट्टा खेलने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धौलपुर पुलिस ने एक अभियान के तहत 29 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। सरमथुरा थाने की साइबर टीम ने यह सराहनीय कार्य किया। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 9 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर सरमथुरा थाने की साइबर डेस्क टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रेस किया। साइबर डेस्क प्रभारी उदय गुर्जर, प्रदीप और भूप सिंह कॉन्स्टेबल की टीम ने लगातार प्रयासों से विभिन्न राज्यों और जिलों से इन फोनों को बरामद किया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने धौलपुर पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार CEIR पोर्टल के शुरू होने के बाद से सरमथुरा पुलिस अब तक कुल 130 गुमशुदा मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचा चुकी है। बरामद किए गए मोबाइल केवल धौलपुर से ही नहीं, बल्कि आगरा, करौली, भरतपुर, ग्वालियर, दतिया, झांसी, टोंक, आंध्र प्रदेश, केरल और बिहार सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी ट्रेस किए गए थे। पुलिस ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों की तलाश कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
मऊ में 7 गुम मोबाइल फोन बरामद:CEIR पोर्टल से ट्रेस कर पुलिस ने मालिकों को लौटाए, 2.30 लाख कीमत
मऊ जिले की साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुम हुए सात मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिया। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर, साइबर क्राइम थाना मऊ की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज छह शिकायतों का निस्तारण करते हुए तकनीकी सहायता से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। जिन लोगों के मोबाइल फोन बरामद किए गए, उनमें आयुष्मान सिंह, नौसाद अहमद, राम अवतार चौहान, विजय मिश्रा, ज्योति कुमारी, पवन कुमार मौर्य और जयप्रकाश शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर लाभार्थियों ने मऊ पुलिस के प्रयासों की सराहना की और साइबर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे गुमशुदा मोबाइल को जल्द ट्रेस कर बरामद किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार के ऑनलाइन या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।
ग्वालियर में मोबाइल शॉप संचालक से ठगी:सिम का नेटवर्क बंद कराकर खाते से निकाले 1.64 लाख रुपए
ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक मोबाइल शॉप संचालक को निशाना बनाया है। ठगों ने पहले सिम का नेटवर्क बंद कराया और फिर नेट बैंकिंग व यूपीआई के जरिए दो बैंक खातों से 1.64 लाख रुपए ठग लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने दोबारा सिम चालू कर बैंक खातों की जांच की। संचालक की सिम अस्थायी रूप से बंद कर साइबर ठगों ने बैंक खातों से 1 लाख 64 हजार 601 रुपए निकाल लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोला का मंदिर चौराहे के पास दुकान जानकारी के अनुसार नारायण विहार निवासी रामप्रसाद शर्मा पिता रामप्रकाश शर्मा मोबाइल व्यवसायी हैं। उनकी गुंजन मोबाइल नाम से दुकान गोला का मंदिर चौराहे के पास स्थित है। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे अचानक उनके जियो नंबर का नेटवर्क बंद हो गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य तकनीकी समस्या होगी, लेकिन कुछ देर बाद उनकी पत्नी दीप्ति शर्मा ने दूसरे मोबाइल नंबर पर फोन कर बताया कि उनका जियो नंबर पूरी तरह बंद बता रहा है। इसके बाद रामप्रसाद ने तुरंत माई जियो ऐप के जरिए अपनी सिम को दोबारा एक्टिव कराने की कोशिश की। कुछ समय बाद सिम फिर से चालू हो गई, जिससे उन्हें लगा कि समस्या खत्म हो गई है, लेकिन असली झटका उन्हें शाम करीब साढ़े सात बजे लगा। दुकान पर एक ग्राहक को ऑनलाइन भुगतान करने के दौरान जब उनका ट्रांजेक्शन फेल हुआ, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की, जहां पता चला कि अज्ञात ठगों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 लाख 64 हजार 601 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए हैं। यह रकम नेट बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई। डिजिटल ट्रांजेक्शन से जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद पीड़ित व्यवसायी ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर ठगी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए या सिम निष्क्रिय हो जाए तो तुरंत अपने बैंक खातों और यूपीआई सेवाओं की जांच करें, क्योंकि साइबर अपराधी अब सिम स्वैपिंग और नेटवर्क हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
रायसेन में सोमवार को नौतपा के पहले दिन ही भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिला। दोपहर 12 बजे दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात का पारा भी इस सीजन में पहली बार 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को दिन के साथ रात में भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे भी धूप से बचने के लिए अपने चेहरे को कपड़े या दुपट्टे से पूरी तरह ढंके हुए नजर आए। रात का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण घरों में चल रहे कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उमस और गर्मी के कारण उनकी नींद भी प्रभावित हो रही है। तापमान और बढ़ने की संभावना, प्रशासन ने दी सलाहमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा के शुरुआती दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए बचाव की एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी है। पिछले एक सप्ताह में ऐसा रहा रायसेन का तापमानजिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार भीषण गर्मी का दौर जारी है और पारा 42 डिग्री के पार ही बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 18 मई को तापमान 44 डिग्री और 19 मई को 45 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद 20 मई को 44.2 डिग्री, 21 मई को 42.6 डिग्री, 22 मई को 43.6 डिग्री, 23 मई को 43 डिग्री और 24 मई को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
नालन्दा जिले के सारे थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 17 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने न केवल लूटी गई राशि और मोबाइल बरामद की है, बल्कि घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सभी सदस्यों को भी दबोच लिया है। डुमरांव निवासी सोहन पासवान से 23 मई 2026 की शाम लूटपाट हुई थी। पीड़ित से 45,000 रुपए नकद और एक कीपैड मोबाइल छीन लिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में सीआई (CI) अस्थावां, सारे थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन कर तेजी से कार्रवाई की। गिरोह का पर्दाफाश और गिरफ्तारी पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि घटना के पीछे स्थानीय स्तर पर ही रची गई साजिश थी। पाइप खरीदने के बहाने ओम प्रकाश उर्फ शिवन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुल 5 लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक नाबालिग है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तम कुमार, राकेश कुमार उर्फ मझला, भुल्ला, ओम प्रकाश उर्फ शिवन है। बरामदगी और आपराधिक इतिहास पुलिस ने लूटी गई 45,000 रुपए की राशि में से 43,000 रुपए नकद और कीपैड मोबाइल बरामद कर लिया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से उत्तम कुमार और राजेश कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ सारे थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामले दर्ज है। नालंदा पुलिस की इस उपलब्धि की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। डीएसपी(सदर) संकेत कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम के सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए “खिलाड़ी बुक” पैनल के जरिए खेलों पर सट्टा चलाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने सटोरिए समेत हवाला कारोबार से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 48 हजार रुपए नकद, 27 एटीएम कार्ड, कार, स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस नेटवर्क की पूरी चेन खंगालने में जुटी हुई है। मोबाइल से चल रहा था ऑनलाइन सट्टा दरअसल पुलिस को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला चौक के पास कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए “खिलाड़ी बुक” पैनल से ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। इसके बाद ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि सटोरिए सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर पैसों का लेनदेन हो रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संतोष जसवानी, करन श्रीवास, आशीष जसवानी समेत एक नाबालिग को पकड़ लिया। अलग-अलग बैंक खातों से कर रहे थे लेन-देन पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 48 हजार रुपए नकद, पांच मोबाइल, अलग-अलग बैंकों के 27 एटीएम कार्ड, कार और स्कूटी जब्त की है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग बैंक खातों और एटीएम कार्डों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन कर रहे थे। हवाला के जरिए सट्टे की रकम पहुंचाता था आरोपी जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी संतोष जसवानी ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था। वहीं आशीष जसवानी सट्टे से आने वाली रकम को हवाला के जरिए पहुंचाने का काम करता था। इसी आधार पर पुलिस ने आशीष को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बाहर के बड़े सटोरियों और ऑनलाइन पैनलों से जुड़े हो सकते हैं। अब जब्त मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर नेटवर्क की पूरी चेन खंगाली जा रही है। तीन बड़े सटोरियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि जिले में सट्टेबाजों पर पुलिस लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। शहर के फरार तीन बड़े सटोरियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने रोहित पंजवानी, सागर चेतवानी और राज चेतानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। हवाला के जरिए ऑनलाइन सट्टे की रकम की डिलीवरी पुलिस ने इस केस में गंगानगर फेस-2 निवासी सटोरिया संतोष जसवानी (34) को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से तोरवा के हेमुनगर का रहने वाला है। वह मंगला के गंगानगर स्थित रोमन हाईट्स में कारोबार चला रहा था। उसके साथ सिरगिट्टी के नयारापारा निवासी करन श्रीवास (20) पिता देवी प्रसाद श्रीवास भी था। वहीं, सरकंडा के बीआर हॉस्पिटल के पास रहने वाला आशीष जसवानी (20) पिता अम्रेश कारोबारी है, जो कमीशन लेकर सट्टे की रकम को हवाला के जरिए डिलीवरी करता था। इस केस में पुलिस ने एक नाबालिग के भी गिरफ्तार किया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में मोबाइल चोरी की घटना सामने आई है। यहां लंगर हाल के बाहर बर्तन सेवा कर रही महिला सेवादार का मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी ये घटना गुरुद्वारा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसमें एक युवक चुपके से महिला के थैले से मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। आरोपी युवक खुद को सेवादार बताकर पिछले दो दिनों से गुरुद्वारा साहिब में घूम रहा था। यहां तक गुरुद्वारे में बर्तन सेवा में लगा हुआ था। युवक पहले काफी देर तक आसपास का माहौल देखता है, कहीं, कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। इसके बाद वह धीरे से महिला सेवादार के थैले के करीब पहुंचता है और चुपचाप उसमें से मोबाइल फोन निकालकर वहां से निकल जाता है। महिला कर रही थी सेवा जानकारी के मुताबिक, शहर की रहने वाली महिला सेवादार हर रोज गुरुद्वारे में लंगर और बर्तन की सेवा करने आती है। घटना के वक्त भी महिला सेवा में लगी हुई थी। सेवा करके महिला वापस जाने लगी और अपना थैला उठाया, तो उसमें से मोबाइल गायब था। मोबाइल गायब देखकर महिला ने शोर भी मचाया। दो दिन से आ रहा था सेवा करने फिर गुरुद्वारा प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पूरी वारदात सामने आ गई। आरोपी पिछले दो दिन से सेवा करने के बहाने से गुरुद्वारा साहिब में आ रहा था, ताकि किसी को उस पर शक ना हो। दरअसल, सेवा करने के दौरान सेवा लगे लोग अपना मोबाइल और सामान एक साइड में रख देते थे। कार्रवाई की मांग कर रही संगत घटना के बाद से संगत में रोष पनप रहा है। संगत ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी युवक की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच लगातार उलझती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ के बाद कई नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना के बाद समर्थ करीब 10 दिन तक जबलपुर में छिपा रहा। इसकी पुष्टि कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने भी की है। समर्थ अभी पुलिस रिमांड पर है।फरारी के दौरान समर्थ ने अपना मोबाइल भी बंद रखा, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। हालांकि तकनीकी जांच में उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन भोपाल में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। लोकेशन बदलने की बात कबूली पूछताछ में समर्थ ने फरारी के दौरान लगातार लोकेशन बदलने और लोगों से सीधे संपर्क से बचने की बात कबूल की है। जांच एजेंसियों को शक है कि उसे किसी न किसी स्तर पर मदद मिल रही थी। इसी वजह से पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो 12 और 13 मई को उसके संपर्क में थे। पुलिस जल्द ही उनसे पूछताछ करेगी, ताकि यह साफ हो सके कि फरारी के दौरान उसे किसने ठिकाना और मदद उपलब्ध कराई। पुलिस ने घटनास्थल का किया मुआयना पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा मुआयना भी किया है। अधिकारियों ने मौके का नक्शा तैयार कर हर पहलू का वेरिफिकेशन शुरू किया है। जांच टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घटनाक्रम पूरी तरह सही है या किसी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल से मिले कुछ संकेत अब तक की थ्योरी से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए हर एंगल से जांच की जा रही है। केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं दस्तावेज मामले में सीबीआई जांच की संभावना भी लगातार मजबूत होती दिख रही है। राज्य स्तर पर जुटाए गए दस्तावेज और सबूत केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं। यदि सीबीआई जांच शुरू होती है, तो तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी।जांच एजेंसियां फिलहाल मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। ट्विशा की अंतिम चैट्स और मूवमेंट भी जांच के दायरे में हैं। ड्राइविंग नहीं आती थी फिर कार की चाबी कैसे? अब तक पुलिस ट्विशा की मौत के समय पहने कपड़े, फंदा और उसका मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है। मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान ट्विशा की शॉर्ट्स की जेब से फॉक्सवैगन कार की चाबी भी मिली थी। जबकि परिजनों के मुताबिक ट्विशा को ड्राइविंग नहीं आती थी। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह चाबी उसकी जेब तक कैसे पहुंची। नशे का पता लगाने बिसरा सुरक्षित फॉरेंसिक टीम ने मामले में बिसरा भी सुरक्षित रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि मौत से पहले किसी तरह के नशीले पदार्थ या अन्य तत्वों का सेवन हुआ था या नहीं। गौरतलब है कि ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह ने दिवंगत बहू पर गांजा सेवन की लत होने के आरोप लगाए थे। निष्कर्षों के साथ आज लौटेगी एम्स दिल्ली की टीम नई दिल्ली एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कुछ प्रयोगशाला जांच जैसे हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा का एनालिसिस किया जाना बाकी है। एम्स दिल्ली के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम नमूने, फोटोग्राफ, वीडियो और लिखित निष्कर्षों के साथ आज लौटेगी। परिजन बोले- एमपी पुलिस पर भरोसा नहीं इधर ट्विशा के परिजन लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ट्विशा के भाई आशीष शर्मा का कहना है कि शुरुआत से ही जांच को प्रभावित करने की कोशिश हुई है और उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि सीबीआई केस टेकओवर करेगी, तभी निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद अंतिम संस्कार एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में भाई मेजर हर्षित ने ट्विशा को मुखाग्नि दी। इस दौरान ट्विशा की मां और परिवार भावुक होकर रो पड़ा। इससे पहले रविवार को ही दिल्ली AIIMS की टीम ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालपाड़ा में युवक स्मैक के साथ गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल और नकदी भी मिला
मधेपुरा के ग्वालपाड़ा में पुलिस ने एक युवक को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान वार्ड संख्या-06 निवासी बालकिशोर यादव के 19 वर्षीय पुत्र छोटू कुमार के रूप में हुई है। उसे बसबिट्टी के पास से पकड़ा गया। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर तमजीद अहमद खाँ पुलिस बल के साथ गश्ती और वाहन जांच अभियान पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बसबिट्टी के पास एक युवक स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की। पुलिस वाहन को देखकर युवक भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट की धारा-50 के तहत तलाशी लेने पर युवक के पास से 1.69 ग्राम स्मैक, सिल्वर पेपर के 12 छोटे टुकड़े, एक ओप्पो कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 4,250 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर ही जब्ती सूची तैयार कर सभी बरामद सामान जब्त कर लिया। इस संबंध में ग्वालपाड़ा थाना में कांड संख्या 86/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुढ़ियारी पुलिस ने एमडीएम ड्रग्स के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कार में बैठकर ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 2.69 ग्राम एमडीएम ड्रग्स, कार और फोन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 2.50 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी का नाम शशांक तांडेकर है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला गुढ़ियारी पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि, कलिंग नगर स्थित सीएसईबी मैदान के पास युवक ड्रग्स बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना पर पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की और पकड़ा। तलाशी के दौरान कार में बैठे युवक के पास से एमडीएम ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शशांक तांडेकर निवासी गुढ़ियारी रायपुर बताया। आरोपी पर नारकोटिक एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस अधिकारी कर रहे है। इससे जुड़े बाकी लोगों की भी होगी गिरफ्तारी गुढ़ियारी निरीक्षक बीएल चंद्राकर ने बताया कि, मुखबिर की सूचना पर एसीसीयू-गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में चिल्हिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक युवक का शव नहर में संदिग्ध हालत में मिला। शव के ऊपर उसकी बाइक पड़ी थी, जबकि मोबाइल फोन सड़क किनारे मिला। घटना के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है और पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान धुसरी खुर्द गांव निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम के रूप में हुई है। वह माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मल्टी परपज हेल्थ वर्कर के पद पर तैनात थे। युवक की संदिग्ध मौत के बाद पूरे इलाके में चर्चा और दहशत का माहौल है। परिजनों के मुताबिक प्रभु नाथ गौतम शनिवार रात करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार को चिंता हुई, लेकिन पहले उन्हें लगा कि वह किसी काम से कहीं रुक गए होंगे। रविवार सुबह ग्राम कपिया के पास नौगढ़ माइनर नहर में युवक का शव मिलने की सूचना मिली। यह जगह थाना चिल्हिया और सदर क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि जब लोग नहर की तरफ पहुंचे तो पानी में युवक का शव पड़ा था और उसके ऊपर बाइक गिरी हुई थी। कुछ दूरी पर सड़क किनारे उसका मोबाइल फोन भी पड़ा मिला। घटनास्थल की स्थिति देखकर ग्रामीणों और परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि यह सामान्य सड़क हादसा होता, तो मोबाइल सड़क किनारे और शव नहर में अलग-अलग हालत में कैसे मिलता। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक के चेहरे के दोनों तरफ चोट जैसे निशान भी दिखाई दे रहे थे। इसी वजह से इलाके में हत्या की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर और सुनसान सड़क के आसपास पहले भी संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने मांग की है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए और युवक की कॉल डिटेल की भी जांच हो। पिता बोले- पुलिस ने अपनी तरफ से लिखवाई तहरीर घटना की सूचना मिलते ही चिल्हिया और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग जमा रहे। मृतक के पिता जय राम गौतम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उन्हें हत्या की आशंका है। पिता का आरोप है कि चिल्हिया थाने के एक दरोगा ने अपनी तरफ से तहरीर लिखवाकर उनसे अंगूठा लगवा लिया। उनका कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि तहरीर में क्या लिखा गया है। परिवार का आरोप है कि मामले को सड़क हादसा साबित करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस बोली- हर पहलू से जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला सड़क हादसे का है या फिर हत्या का। फिलहाल पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। उधर, युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। अविवाहित प्रभु नाथ गौतम परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उनकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
जिला जेल बरनाला में नियमित सुरक्षा जांच के दौरान एक कैदी के पास से मोबाइल फोन बरामद होने का गंभीर मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की लिखित शिकायत पर थाना सिटी-1 बरनाला पुलिस ने संबंधित कैदी के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई जानकारी में जिला जेल बरनाला के सहायक सुपरिटेंडेंट ने बताया कि जेल परिसर के भीतर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत जब जेल की डोरमेट्री (बैरक) की तलाशी ली जा रही थी, तब वहां बंद एक कैदी मनप्रीत सिंह उर्फ घोटा (निवासी साई कॉलोनी, रविदास टिब्बी, सुनाम) की व्यक्तिगत रूप से गहन जांच की गई। इस तलाशी के दौरान कैदी के पास से छुपाकर रखा गया एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। बिना सिम के मिला कीपैड फोन जांच अधिकारियों के मुताबिक, कैदी मनप्रीत सिंह के पास से जो फोन मिला है, वह 'कोचड्डिया' कंपनी का सिल्वर और काले रंग का एक कीपैड मोबाइल है। इस फोन के भीतर बैटरी तो लगी हुई थी, लेकिन कोई सिम कार्ड बरामद नहीं हुआ है। गौरतलब है कि जेल नियमों के तहत किसी भी कैदी द्वारा मोबाइल फोन या कोई भी संचार उपकरण रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे जेल की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जाता है। जेल के सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल, जांच शुरू मोबाइल फोन बरामद होने के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद कैदी पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर कड़े सुरक्षा पहरों के बावजूद यह मोबाइल फोन जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इसे कैदी तक पहुंचाने में किसने मदद की। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि बिना सिम के इस फोन का इस्तेमाल किसी बाहरी संपर्क या गैरकानूनी गतिविधि के लिए तो नहीं किया जा रहा था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने बैरकों की सुरक्षा और चेकिंग को और अधिक सख्त करने का दावा किया है।
धार के नौगांव थाना पुलिस ने इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात जेतपुरा में की गई, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। मामले का खुलासा रविवार को नौगांव थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत ने किया। नौगांव थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत ने बताया कि शनिवार रात पुलिस टीम वाहन चेकिंग और कस्बा भ्रमण पर थी। इसी दौरान जेतपुरा चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि मागोद की ओर से दो युवक स्कूटी (MP 09 DN 2581) से इंदौर की तरफ जा रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने गवाहों के साथ इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन रोड पर घेराबंदी की। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए की स्कूटी आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर स्कूटी पर पीछे बैठा युवक खेतों की तरफ भाग निकला, जबकि स्कूटी चला रहे युवक को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। जेब से एक खाली मैग्जीन मिलीपूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सतीष उर्फ सत्या पिता कालू बसुनिया निवासी चंदन नगर, इंदौर बताया। फरार साथी का नाम चेतन नाथ निवासी अहीरखेड़ी, इंदौर बताया गया। तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से एक खाली मैग्जीन मिली। स्कूटी की डिक्की से एक देशी पिस्टल, एक मैग्जीन और दो जिंदा राउंड बरामद किए गए। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक खाली मैग्जीन, दो मोबाइल फोन और सुजुकी बर्गमैन स्ट्रीट स्कूटी जब्त की है। आरोपी सतीष उर्फ सत्या को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फरार आरोपी चेतन नाथ की तलाश जारी है। कार्रवाई में पवन गौर, देवेन्द्र परमार, अनिल, रफीख खान, एवं सैनिक पिंटू की अहम भूमिका रही।
जशपुर जिले में अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस प्रशासन ने जशपुर पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई है। “लैब ऑन व्हील्स” नामक इस वैन को बुधवार को रक्षित केंद्र जशपुर से जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब हत्या, दुर्घटना, साइबर अपराध, नारकोटिक्स समेत अन्य गंभीर मामलों में घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य संग्रहण किया जा सकेगा। डीआईजी-एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राज्य में अपराध जांच को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रायपुर ने इस अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 में वैज्ञानिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है। घटनास्थल पर ही होगी जांच “लैब ऑन व्हील्स” के जरिए घटनास्थल पर प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण और विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सटीक बनेगी। राज्य शासन ने लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत से 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश के विभिन्न जिलों को उपलब्ध कराई हैं। जशपुर जिले को मिली यह वैन अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। वैन में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं” : रायमुनी भगत विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हत्या, दुष्कर्म, नशे से जुड़े अपराधों समेत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले मामलों में कई बार साक्ष्यों के अभाव में आरोपी न्यायालय से बरी हो जाते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक जांच प्रणाली से वास्तविक अपराधियों की पहचान आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन डायल-112 सेवा से भी जुड़ी रहेगी, जिससे घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित होगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं।” न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से अपराध जांच प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अब घटनास्थल पर साक्ष्यों का सुरक्षित और त्वरित संग्रह संभव होगा, जिससे दोषियों की पहचान और न्यायालय में दोष सिद्ध करना आसान बनेगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच प्रणाली से अपराधियों के बच निकलने की संभावना काफी कम हो जाएगी। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि पहले साक्ष्यों को जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी और साक्ष्य दूषित होने का खतरा बना रहता था। अब मौके पर ही प्रारंभिक जांच होने से जांच प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी। वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर शिकंजा फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर ने बताया कि “लैब ऑन व्हील्स” के जरिए घटनास्थल पर वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संरक्षण और प्रारंभिक परीक्षण संभव होगा। इससे रिपोर्टिंग अधिक तेज और सटीक होगी, साथ ही न्याय प्रक्रिया भी मजबूत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन “विज्ञान की शक्ति से सशक्त जांच और त्वरित न्याय” की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक जांच, सटीक साक्ष्य और सुरक्षित समाज की अवधारणा को मजबूत करना है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में फॉरेंसिक मोबाइल वैन का शुभारंभ किया गया है। पुलिस लाइन से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन अपराधों की जांच में सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी सूरज सिंह परिहार, महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक इन्दर चोपड़ा और फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान वैज्ञानिक अधिकारी ने वैन में उपलब्ध तकनीकी उपकरणों और फॉरेंसिक कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी किया। सूक्ष्म साक्ष्यों की पहचान में मदद करेगी मोबाइल फॉरेंसिक वैन फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी अमित पटेल ने बताया कि यह मोबाइल वैन जांच को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि क्राइम सीन पर मौजूद खून और अन्य सूक्ष्म सबूतों (ट्रेस एविडेंस) का पता लगाने में यह वैन सहायक होगी, जिन्हें सामान्य आंखों से नहीं देखा जा सकता। अलग-अलग प्रकार की लाइटों का उपयोग करके सबूतों की मौजूदगी का पता लगाया जा सकेगा। जांच प्रक्रिया होगी मजबूत, अपराधियों में बढ़ेगा भय एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस वैन के आने से जांच प्रक्रियाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व में विवेचना के माध्यम से कई मामलों में सफलता मिली है, जैसे 2023 में 6 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई थी। एसपी ने कहा कि इससे पुलिस और न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बढ़ेगा, जबकि अपराधियों में भय उत्पन्न होगा। उन्होंने यह भी बताया कि फॉरेंसिक मोबाइल वैन से समय की भी बचत होगी।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस को अपराध अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को आधुनिक बनाने के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ये वैन उपलब्ध कराई हैं। सर्किट हाउस जीपीएम में मोबाइल फॉरेंसिक वैन के तकनीकी उपयोग, कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान में इसकी उपयोगिता पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, साक्ष्यों के संरक्षण और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन, जेएमएफसी पेंड्रारोड सीमा जगदल्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश, जनप्रतिनिधिगण, अधिवक्तागण और राजस्व-पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर जिले की सेवा के लिए रवाना किया गया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन की दी गई जानकारी कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी आपराधिक घटना की जांच में घटनास्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, रक्त के धब्बे, बाल, फाइबर, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की विधियों की जानकारी दी गई। साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और वैधानिकता पर जोर इसके साथ ही, साक्ष्य एकत्रित करते समय बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों, साक्ष्यों को दूषित होने से बचाने, उनके सुरक्षित संरक्षण और न्यायालय में उनकी वैधानिकता बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गंभीर अपराधों की जांच में मोबाइल फॉरेंसिक वैन होगी सहायक प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि घटनास्थल पर छोटी सी चूक भी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करना आवश्यक है। यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन हत्या, लूट, डकैती, चोरी, सड़क दुर्घटना, साइबर अपराध और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित एक शोरूम के उद्घाटन समारोह में रविवार को ओलिंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने भारतीय बैडमिंटन के मौजूदा प्रदर्शन, युवा खिलाड़ियों, मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अपने करियर के संघर्षों को लेकर खुलकर बात की। साइना ने पंचकूला से जुड़ी अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि, जब वह सिर्फ 13 साल की थीं, तब यहां एक टूर्नामेंट खेलने आई थीं और उसे जीतने में सफल रही थीं। उन्होंने बैडमिंटन को देश का दूसरा सबसे पसंदीदा खेल बताते हुए कहा कि सुपरस्टार बनने के पीछे कई वर्षों की लगातार मेहनत छिपी होती है। उन्होंने कहा, “सुपरस्टार बनना आसान नहीं होता। इसके पीछे कई सालों की मेहनत लगती है। मैंने लगातार 10 से 15 साल तक मेहनत की, तभी ये मुकाम हासिल कर पाई।” भारतीय बैडमिंटन में सुधार की जरूरत साइना ने भारतीय बैडमिंटन के मौजूदा प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा कि, पहले भारत को लगातार अच्छे परिणाम मिल रहे थे, लेकिन अब खेल में कुछ कमियां नजर आ रही हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, 10 साल पहले जैसे रिजल्ट आ रहे थे, हम लगातार जीत रहे थे। अब जो गलतियां हो रही हैं उन्हें सुधारने की जरूरत है। खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं लेकिन रिजल्ट और बेहतर आने चाहिए। बैडमिंटन लीग बढ़ाने की वकालत साइना ने कहा कि देश में बैडमिंटन को और आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा लीग आयोजित की जानी चाहिए ताकि बच्चों का खेल के प्रति आकर्षण बना रहे। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि बैडमिंटन में और लीग आएं ताकि बच्चों का इंटरेस्ट बना रहे और ज्यादा खिलाड़ी आगे निकलकर आएं।” मोबाइल से दूर रहें बच्चे आज की पीढ़ी में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए साइना ने माता-पिता से बच्चों को खेल और फिटनेस के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आजकल बहुत डिस्ट्रैक्शन हैं। मैं पेरेंट्स से कहूंगी कि बच्चों को मोबाइल कम दें, उन्हें रनिंग और एक्सरसाइज की आदत डालें। बच्चे आज ज्यादा फ्रैजाइल हो रहे हैं, उन्हें और मेहनत करनी होगी।” सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को अपने करियर की सफलता का श्रेय साइना ने अपने माता-पिता और कोच पुलेला गोपीचंद को दिया। उन्होंने कहा कि गोपीचंद खिलाड़ियों के लिए सुबह 3 बजे से रात 8 बजे तक स्टेडियम में मेहनत करते थे। साइना ने कहा, “हर बच्चे में एक साइना है। अगर मैं वर्ल्ड नंबर-1 बन सकती हूं तो हर बच्चा बन सकता है। मेरा सपना है कि मैं हमेशा बैडमिंटन से जुड़ी रहूं, चाहे कोचिंग के जरिए हो या मोटिवेशनल टॉक्स के जरिए।”
कोरबा जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। यह वैन घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और सुरक्षित संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी। इससे अपराध जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। 23 मई 2026 को जिला FSL यूनिट कोरबा ने पुलिस प्रशासन के समन्वय में कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोबाइल फॉरेंसिक वैन के महत्व, उपयोगिता और अपराध जांच में इसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। मंत्री लखन लाल देवांगन ने वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, जिला FSL अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, DDP, DPO, GP, AGP और अधिवक्तागण मौजूद रहे। सभी ने वैन की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और इसे न्याय प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की प्रमुख विशेषताएं घटनास्थल पर त्वरित जांच यह वैन किसी भी अपराध स्थल पर तुरंत पहुंचकर प्राथमिक जांच करेगी, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन वैन की मदद से ब्लड, DNA, फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, बाल, रेशा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन और प्रारंभिक परीक्षण किया जा सकेगा। डिजिटल फॉरेंसिक सुविधा वैन में डिजिटल फॉरेंसिक सहायता भी उपलब्ध है। इसके जरिए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा रिकवरी और प्रारंभिक विश्लेषण किया जा सकेगा। साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण वैन में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं, जो साक्ष्यों को तापमान और नमी से सुरक्षित रखेंगे ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया में उनका उपयोग किया जा सके। गंभीर अपराधों की जांच में मदद यह वैन गोलीबारी, विस्फोट, आगजनी और अन्य गंभीर अपराधों में बारूद के कणों तथा ज्वलनशील पदार्थों की पहचान करने में भी सहायक होगी। विभागों के बीच बढ़ेगा समन्वय इस पहल से पुलिस, अभियोजन और फॉरेंसिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे अपराध जांच प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बनेगी। जागरूकता बढ़ाने पर जोर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और घटनास्थल से न्यायालय तक की वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया को मजबूत करना है। साथ ही अपराध जांच में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देकर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
साइबर अपराधियों ने दिल्ली जल बोर्ड का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 3.39 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर 126 थाने की पुलिस से की। अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में वह सेक्टर-128 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके मोबाइल नंबर पर इस महीने की दो तारीख को एक एसएमएस मिला। उसमें लिखा था दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बोल रहा है और पानी के बिल मीटर की रीडिंग अपडेट करनी है। इसके लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। पीड़ित ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। मोबाइल पर ऐप कराया डाउनलोडसामने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बताया और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल किया गया, मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके तुरंत बाद बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजैक्शन होने लगे। बचत खाते से करीब 65 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि क्रेडिट कार्ड के जरिए लगभग 2 लाख 74 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर किया गया। कई ट्रांजेक्शन हुए फेलकई अन्य असफल ट्रांजैक्शन के मैसेज भी पीड़ित को मिले। घटना का पता चलते ही पीड़ित ने बैंक से संपर्क कर खाते और कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सेक्टर-126 थाने में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रिमोट एक्सेस ऐप करा रहे डाउनलोडपुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करा रहे हैं। इसके जरिए मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड न करें और न ही बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।
फॉरेंसिक मोबाइल वैन शुरू, पुलिस को घटना स्थल पर ही मिलेगी जांच रिपोर्ट
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में त्वरित घटनास्थल के इन्वेस्टिगेशन के लिए मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ विधायक चैतराम अटामी एवं नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता के करकमलों के द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसपी गौरव राय एवं एफएसएल जगदलपुर की संयुक्त संचालक अनुपमा मेश्राम, डीपीओ रजनीश टेकाम द्वारा मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सेवा जिले में होने वाले विभिन्न अपराध/घटना में त्वरित साक्ष्य संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इसके माध्यम से पुलिस एवं कानूनी साक्ष्य संकलन एवं न्याय प्रक्रिया में तेजी से कार्य सम्पादित हो सकेंगे। अनुपमा मेश्राम द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि यह सेवा न्याय क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो कि भारत सरकार द्वारा लागू किये गये तीन कानूनों के परिपालन में महत्वपूर्ण सहयोग एवं योगदान सुनिश्चित करेगी। मोबाइल फॉरेंसिक वैन एक चलती-फिरती हाईटेक प्रयोगशाला होती है। अपराध की सूचना मिलते ही यह टीम घटनास्थल पर पहुंचती है, जहां विशेषज्ञ मौके पर ही वैज्ञानिक तरीके से सबूत (जैसे फिंगरप्रिंट, डीएनए, और डिजिटल डेटा) इकट्ठा करके उन्हें सुरक्षित रूप से सील करते हैं। अपराध होने पर यह वैन पुलिस कंट्रोल रूम के निर्देश पर सीधे घटनास्थल पहुंचेगी, मौके पर पहुंचकर टीम सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करती है ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर जरूरी
बाड़मेर | भारतीय डाक विभाग ने मेल सेवा रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट की बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब भेजने वाले और पाने वाले दोनों के मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। यह नया नियम 21 मई से प्रभावी हो गया है। पहले विशेष परिस्थितियों में छूट होने के कारण डाकघरों में बिना मोबाइल नंबर के स्पीड पोस्ट बुक हो रही थी।
घर-घर जाकर पशुओं के निशुल्क इलाज के लिए प्रदेश में संचालित 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) में भ्रष्टाचार हो रहा है। शिकायत मिलने पर भास्कर ने पांच जिलों में इन यूनिट की पड़ताल की। सामने आया कि इनके संचालन का जिम्मा संभाल रही कंपनी को दवा के नाम पर सालाना करीब 18 करोड़ रुपए मिलते हैं, फिर भी वो टेंडर शर्तों में शामिल 136 में से 50-60 दवाएं नहीं दे रही हैं। यूनिट के लिए वाहनों की खरीद सरकार के स्तर पर हुई। ढाई साल पहले ये काम गुणेश इंडिया प्रालि व सीएएमपी को पांच साल के लिए 572 करोड़ रुपए में दिया गया। दो साल में 190 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया है। गुणेश इंडिया सीमेंट बैग पैकिंग कारोबार और सीएएमपी 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी है। दर्द की दवा, एंटीबायोटिक और ग्लूकोज के सहारे ही स्टाफ द्वारा मोबाइल यूनिट का ट्रिप पूरा कर रहे हैं। इन 5 जिलों में पड़ताल की भास्कर की टीम नेरिपोर्टर ने जयपुर, सीकर, झालावाड़, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं में मोबाइल यूनिट को लेकर पड़ताल की। हर जगह 70-80 तरह की जेनरिक दवाएं ही मिलीं। 50-60 तरह की दवाएं गायब थीं। ब्यूटाफास्पोशन-साइनोंकोबालामिन जैसे इंजेक्शन नहीं दिए जा रहे। प्लास्टर जैसे जरूरी आइटम भी सिर्फ एक-दो पीस ही दिए जा रहे थे। एक पशु के फ्रेक्चर के लिए दो से तीन बैंडेज की जरूरत होती है। स्टेथोस्कॉप, ब्रुसोलोसिस जांच किट जैसी चीजें नहीं है। यूनिट में इस तरह सामने आई दवाओं की कमी 1. जयपुर जिले के गोविंदगढ़ की एंबुलेंस को रिपोर्टर ने चैक किया। वहां घाव भरने के काम आने वाले एस्कार्बिक एसिड आईपी इंजेक्शन, सूजन कम करने के लिए फ्रूसेमाइड आईपी इजेंक्शन जैसी दो दर्जन से ज्यादा दवाएं नहीं मिली। स्टाफ ने बताया कि दवाओं की कमी रहती है। इससे कई बार इलाज में दिक्कत आती है। 2. रींगस की मोबाइल यूनिट में कई दवाएं कम मिली। इसके साथ ही फ्रिज, इन्वर्टर एक साल से खराब है। 40 डिग्री में दवाएं खुले में रखी मिली। स्टाफ ने बताया कि एक साल से स्टेपनी तक ठीक नहीं करवाई जा रही। हर बार फिजिकल वेरिफिकेशन में अधिकारी इसकी रिपोर्ट तैयार करते हैं, लेकिन ठीक नहीं करवाया। 3. झालावाड़ में भवानीमंडी की मोबाइल यूनिट में दो दर्जन से ज्यादा दवाओं की सप्लाई नहीं आ रही। इनमें सर्जरी के वक्त बेहोशी के काम आने वाला केंटामाइन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन, पेट के कीड़े मारने के काम आने वाली मोक्सीडेक्टिन आईपी ओरल दवा नहीं आ रही। एक्सपर्ट - ऑनलाइन हो स्टॉक, स्लिप दी जाएपशुपालन विभाग के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर जीएल लूनिया बताते हैं कि निशुल्क मोबाइल यूनिट में पारदर्शिता होनी चाहिए। किसी भी बीमार पशु के इलाज के लिए कम से कम 3 दिन लगातार दवा देनी होती है। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए एंबुलेंस की तमाम चीजें ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि कोई भी पशुपालक वेबसाइट पर दवा का स्टॉक चैक कर सके। इलाज के बाद पशुपालक को स्लिप दें, ताकि दूसरे डॉक्टर से परामर्श लेने में मदद मिल सके। डीप फ्रिज होना बहुत जरूरी है। ताकि दवाओं के लिए तापमान कंट्रोल किया जा सके। “नोडल ऑफिसर से मोबाइल यूनिट की रेगुलर मॉनिटरिंग करवाई जा रही है। किसी यूनिट के काम में खामी मिलने या कॉल पर नहीं पहुंचने पर पेनल्टी लगाई जाती है। दवा सप्लाई में कहीं गड़बड़ी है, तो इसे चेक करवाएंगे।”-हेमंत कुमार पंत, ज्वाइंट डायरेक्टर मोबाइल यूनिट, पशुपालन विभाग जयपुर “हम पूरी दवा भेज रहे हैं। दो-चार दवाओं में ऐसी स्थिति हो सकती है। कई बार एक ही बीमारी के केस ज्यादा आने पर दवा की शॉर्टेज हो जाती है। उसे हम तत्काल पूरा करते हैं।”-प्रवीण सावंत, स्टेट ऑपरेशन हैड, सीएएमपी “हमारी तरफ से मोबाइल यूनिट को पूरी दवा दी जा रही है।” -पुष्पेंद्र राघव, स्टेट ऑपरेशन हैड, गुणेश इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक्सप्लेनर - कबाड़ हुए ज्यादातर यूनिट के फ्रिज, 136 में से दे रहे सिर्फ 50 दवा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की जीपीएस सिस्टम और फिजिकल लेवल पर पशुपालन विभाग मॉनिटरिंग करता है। प्रत्येक यूनिट की एक बेस लोकेशन तय है। कॉल पर एंबुलेंस को पशुपालक तक ले जाते हैं। पड़ताल में सामने आया कि एंबुलेंस में लगाए गए मिनी फ्रिज, इन्वर्टर, वॉश बेसिन खराब हो चुके हैं। इंजेक्शन व अन्य दवाओं को 40-45 डिग्री तापमान में रखनी पड़ रही है। मोबाइल यूनिट का समय-समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन होता है। इसके बावजूद जरूरी चीजे कबाड़ बनी हुई है। किट में ये दवाएं नहीं मिल रहीं कंपनियों के फायदे के लिए बदली शर्तेंटेंडर में 21 अगस्त 2023 को तकनीकी बिड के समय कई शर्तें बदल दी। यूनिट को हर दिन 7 से 8 केस कवर करने थे। इनको घटाकर 5-6 कर दिया गया। टेंडर फाइल के प्रोग्राम ऑब्जेक्टिव में ब्रीडिंग और कृत्रिम गर्भाधान करवाया जाना था। इस शर्त को हटा दिया गया। यूं समझें खर्च का गणित एक मोबाइल यूनिट पर हर महीने 1.77 लाख खर्च हो रहे हैं। इनमें डॉक्टर, एलएसए व ड्राइवर की सैलेरी पर 94 हजार, डीजल, मेंटेनेंस व टोल फ्री सर्विस पर 35 हजार। बाकी बचे 47 हजार दवा व अन्य खर्च के काम आते हैं। प्रदेश में 536 मोबाइल यूनिट पर सालाना 110 करोड़ से ज्यादा खर्च हो रहे हैं।
मुहाना थाना इलाके में दो बच्चों की मां अनु मीणा की मौत का राज डेढ़ महीने बाद उसके मोबाइल ने ही खोल दिया। बहन की मौत के बाद भाई नीरज मीणा एपल मोबाइल अपने साथ ले आया था। लॉक खुलने पर उसमें मिले वीडियो देखकर परिवार चौंक गया। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन पति गौतम मीणा बच्चों के सामने पत्नी से मारपीट करता था, अभद्रता करता था और दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। इसके बाद नीरज ने मुहाना थाने में पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया। बता दें कि 7 अप्रैल 2026 को अनु ने सुसाइड कर लिया था। तब मौत की वजह घरेलू तनाव माना गया था, लेकिन डेढ़ महीने बाद मोबाइल खुला तो प्रताड़ना और मारपीट के वीडियो सामने आ गए। मृतका के भाई नीरज का कहना है कि एपल फोन होने से लॉक खुलने में समय लगा। 3 मार्च: अनु का सिर सिलेंडर पर मारा, टीवी तोड़ दिया, 13 मार्च को कमरे में बंद किया ...और 23 दिन बाद अनु ने सुसाइड कर लियाअनु ने 7 अप्रैल को रसोई में एलपीजी गैस का रेगुलेटर ऑन किया और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। पुलिस और एफएसएल ने घटनास्थल का जायजा लिया था। मोबाइल में मिले वीडियो को परिवार ने केस का अहम सबूत बताया है। आरोपी ने बच्चों को संरक्षण देने से भी मना कर दिया। दोनों बच्चे अभी नाना के पास रह रहे हैं। आरोप - शादी में 60 लाख खर्च, 100 ग्राम सोना दिया, होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपए मांग रहे थेनीरज ने बताया 2015 में अनु की शादी चीथवाड़ी निवासी गौतम से हुई थी। गौतम अभी निवाई (टोंक) में पदस्थ है। शादी में 60 लाख खर्च किए। 100 ग्राम सोना दिया था। गौतम और उसके परिजन होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपए मांग रहे थे। अनु को प्रताड़ित किया जाने लगा। हम पति-पत्नी का विवाद समझ रहे थे और परिवार नहीं टूटे, इसलिए दखल नहीं दे रहे थे।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उजियारा अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 25 हजार रुपए है। यह कार्रवाई सिटी कोतवाली कांकेर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 23 मई को की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ज्ञानी चौक स्थित माखन भोग होटल के पास कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल क्रिकेट मैचों और ऑनलाइन कैसीनो गेम में हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी प्रतीक दादासाहब बनसोडे (प्रशिक्षु आईपीएस) के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर अमीन खान, मनीष कावडे, सलमान मेमन और रिजवान फारूकी को पकड़ा। पूछताछ में इन आरोपियों ने आईपीएल क्रिकेट और अन्य ऑनलाइन गेम में सट्टा खेलने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान राहुल गिडलानी, अमन खटवानी और एक विधि से संघर्षरत बालक का नाम भी सामने आया। जांच में पता चला कि ये लोग ऑनलाइन सट्टा खेलने-खिलाने के लिए आईडी उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ कमा रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 170/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं 8 तथा धारा 112(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अमीन खान (निवासी श्रीरामनगर कांकेर), मनीष कावडे (निवासी शिवनगर), सलमान मेमन (निवासी शिवनगर), रिजवान फारूकी (निवासी शीतलापारा), राहुल गिडलानी और अमन खटवानी (दोनों निवासी आदर्श नगर कांकेर) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी अमन खटवानी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 और 2024 में उसके खिलाफ अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए जा चुके हैं।
भिंड के गोहद क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 17 के गोहद चौराहा क्षेत्र में शनिवार शाम को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा खड़ा हो गया, जब एक युवक शराब के नशे में मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक काफी देर तक टावर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने से इनकार करता रहा। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। जानकारी के अनुसार रामदास जाटव पुत्र रामस्वरूप जाटव उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मनोहर का पूरा थाना एंडोरी, वर्तमान में गोहद चौराहा क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर सेटिंग लगाने का कार्य करता है। बताया जा रहा है कि वह शराब पीने का आदी है। अत्यधिक शराब सेवन के बाद परिवार से विवाद हो गया, जिसके बाद वह मोबाइल टावर पर चढ़ गया और ऊपर से हंगामा करने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौराहा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने एहतियातन टावर के नीचे जाल बिछवाया, ताकि किसी हादसे की स्थिति में युवक को बचाया जा सके। वहीं तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया और आसपास लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया गया। करीब तीन घंटे तक पुलिस और स्थानीय लोग युवक को समझाने का प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा रहे। तहसीलदार राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि युवक की पत्नी ने जानकारी दी है कि वह लंबे समय से शराब की लत का शिकार है, जिससे परिवार परेशान रहता है। युवक को नीचे उतारने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद भेजा गया, जहां उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि युवक शराब के नशे में टावर पर चढ़ गया था। उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
झांसी के रेलवे भर्ती रोजगार मेले में शनिवार को 214 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। झांसी के दीनदयाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे देश को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें। दो तस्वीरों में देखें रोजगार मेला… रोजगार मेले में रेलवे विभाग की ओर से कुल 214 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 198 पुरुष और 16 महिलाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर में आयोजित रोजगार मेलों में चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। झांसी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा, डीआरएम अनिरुद्ध कुमार सहित रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मंच से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी उद्देश्य से युवाओं को स्थायी रोजगार देकर उन्हें देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है और देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।वहीं, जब मीडिया ने उनसे इन दिनों चर्चा में चल रही “कॉकरोच जनता पार्टी” को लेकर सवाल किया तो केंद्रीय मंत्री बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए। रेलवे को मिले 196 कर्मी, अन्य विभागों में भी नियुक्ति रोजगार मेले में सबसे अधिक नियुक्तियां रेलवे विभाग में की गईं। रेलवे ने 196 युवाओं को असिस्टेंट लोको पायलट, टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर, पॉइंट्समैन, वेल्डर और क्लर्क समेत विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी। इसके अलावा भारतीय डाक विभाग में 14, आईटीबीपी में चार और ईएसआईसी में एक अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। पीएम के संबोधन के दौरान सोते रहे युवा एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्हें देश की तरक्की का आधार बता रहे थे, वहीं दूसरी ओर सभागार में मौजूद कई अभ्यर्थी उनके संबोधन में रुचि लेते नहीं दिखे। कार्यक्रम के दौरान कई युवा कुर्सियों पर बैठे-बैठे झपकी लेते नजर आए। कुछ अभ्यर्थी गहरी नींद में सोते दिखे, जिन्हें रेलकर्मी और वॉलंटियर्स बार-बार जगाते रहे। वहीं, बड़ी संख्या में मौजूद लोग अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए।
जयपुर में आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ लगातार पांचवीं बड़ी कार्रवाई की गई। हैदराबाद और बैंगलुरु के मैच पर सट्टा लगवाने वाले एक आरोपी को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और ₹2.06 लाख की सट्टा राशि बरामद की है। डेयरी के कमरे से चल रहा था नेटवर्क डीसीपी क्राइम संजीव नैन ने बताया कि करधनी इलाके में तेजाजी मंदिर के पीछे स्थित एक डेयरी के कमरे में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर दुलीचंद पुत्र मंगेज सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से जिला कोटपुतली-बहरोड़ के नांगल चेचिका गांव का निवासी है और वर्तमान में करधनी क्षेत्र में किराए पर रह रहा था। हैदराबाद और बैंगलुरु के मैच पर लगाया था सट्टा प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी हैदराबाद और बैंगलुरु के बीच खेले जा रहे आईपीएल मैच पर व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को जोड़कर सट्टेबाजी करवा रहा था। पुलिस से बचने के लिए उसने डेयरी में बने कमरे को अपने संचालन केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना करधनी में मामला दर्ज किया है। मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके अन्य सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
जयपुर में XEN पति की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्नी ने सुसाइड किया था। पति को वीडियो कॉल कर चुन्नी से फंदा बनाकर लटक गई थी। डेढ़ महीने बाद 20 मई को महिला के मोबाइल में घर का सीसीटीवी फुटेज मिला जिससे मारपीट करने का खुलासा हुआ। मामला मुहाना थाना क्षेत्र के बालाजी विहार का है। वीडियो में पति गुस्से में हाथ उठाता और एलईडी तोड़ते हुए दिख रहा है। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मृतका के भाई ने बालाजी विहार निवासी XEN गौतम मीणा के खिलाफ मुहाना थाने में सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है। महिला की प्रताड़ना की 3 फोटो… शादी के बाद से दहेज के लिए प्रताड़ित करता था मुहाना थाना पुलिस के अनुसार- बालाजी विहार में रहने वाली अनु मीणा (36) ने 7 अप्रैल को सुसाइड कर लिया था। पीहर वालों ने अनु का फोन चेक किया तो उसमें पति की ओर से मारपीट करने का वीडियो सामने आया। मृतका के भाई गोपालपुरा बाईपास त्रिवेणी नगर निवासी नीरज मीणा (33) ने शुक्रवार को मुहाना थाने में सुसाइड के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। नीरज ने बताया- मेरी बहन अनु मीणा (36) की शादी जुलाई 2015 में चौमूं के चीथवाड़ी निवासी गौतम मीणा से हुई थी। दोनों मुहाना के बालाजी विहार स्थित घर में रहते थे। शादी में 60 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इसके बाद भी गौतम दहेज की मांग को लेकर अनु को परेशान करता था। दोनों के दो बच्चे हैं। गौतम आए दिन शराब पीकर अनु और बच्चों से मारपीट करता था। बहन को दूसरी शादी करने की धमकी देता था। इस बारे में बहन ने बताया तो 2022 में गौतम को 20 लाख रुपए और दिए गए। जिससे कि वह अनु को परेशान न करे। नौकरानी के साथ गलत काम करते पकड़ा था नीरज ने बताया- गौतम की पोस्टिंग टोंक जिले के निवाई में थी। वह जयपुर से अपडाउन करता था। आरोप है कि अक्टूबर 2025 में दीपावली पर वह परिवार के साथ अपने गांव (चौमूं ) गया था। वहां पर घर पर सफाई के बहाने नौकरानी को बुलाकर गलत काम करते समय अनु ने गौतम को पकड़ लिया था। इससे बौखलाकर उसने अनु को पीटा था। उस समय अनु बड़ी मुश्किल से जान बचाकर पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां गई। घरवालों को रोते हुए कॉल किया। हम लोगों ने चौमूं जाकर अनु को संभाला। उस समय गौतम ने आगे से ऐसी हरकत नहीं करने का आश्वासन दिया था। परेशान होकर फंदे पर लटकी थी नीरज ने आरोप लगाया कि गौतम की क्रूरता बढ़ने लगी थी। वह शराब पीकर आए दिन मेरी बहन से मारपीट करने लगा। 13 मार्च को बच्चों सहित अनु को कमरे में बंद कर गैस चूल्हे को चालू छोड़कर मकान लॉक करके चला गया। तब अनु ने परिचित को बुलाकर गेट खुलवाया था। मोबाइल में मारपीट के मिले वीडियो अनु के पीहर वालों ने करीब डेढ़ महीने बाद उसका मोबाइल चेक किया तो अनु के साथ मारपीट का वीडियो मिला। जो घर में लगे CCTV फुटेज का था, जिसमें गौतम अनु से जमकर मारपीट करने के साथ तोड़फोड़ कर दिखाई दे रहा था। पहले के CCTV फुटेजों को गौतम की ओर से डेली डिलीट करने का पता चला है।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में मोबाइल किस्त मांगने पर एक फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने दबंगों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। पीड़ित ने थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार थाना नैमिष क्षेत्र निवासी संदीप कुमार वर्तमान में संदना कस्बे में रहकर बजाज फाइनेंस कंपनी का कार्य करते हैं। पीड़ित ने बताया कि 22 मई 2026 को मोबाइल फोन की फाइनेंस किस्त लेने के सिलसिले में उसकी बातचीत बड़ी कुसौली निवासी प्रमोद कुमार से हुई थी। इसी मामले को लेकर वह संदना कस्बा स्थित तरंग मोबाइल सेंटर पर मौजूद था। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट आरोप है कि इसी दौरान प्रमोद कुमार अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंच गया और आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और कहा कि “हम पुलिस से नहीं डरते, तुम्हें जो करना है कर लो।” मानसिक रूप से परेशान है इतना ही नहीं, दबंगों द्वारा उसे बंधक बनाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद संदीप कुमार का कहना है कि वह काफी भयभीत और मानसिक रूप से परेशान है। पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने प्रार्थना पत्र मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
3 साइबर ठग गिरफ्तार, 5 मोबाइल सहित 6 सिम जब्त:डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस' के तहत की कार्रवाई
डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कैथवाड़ा थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड और एक बैंक पासबुक बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर लोगों को सस्ते लेडीज सूट और साड़ियां बेचने का झांसा देते थे। इसके अतिरिक्त, वे लोन दिलाने के नाम पर भी धोखाधड़ी करते थे। साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए आरोपी दूसरों के नाम-पते से व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और जीमेल आईडी संचालित करते थे। कैथवाड़ा थाना पुलिस को गश्त के दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया और उनसे पूछताछ की गई। जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी मिलकर एक संगठित साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों की जांच साइबर पुलिस पोर्टल पर की गई। इसमें कुल 6 शिकायतों में लगभग 39,300 रुपए के ऑनलाइन धोखाधड़ी का रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई में कैथवाड़ा थाना पुलिस टीम और साइबर सेल डीग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जयपुर में शुक्रवार रात मकान मालकिन से गहने और मोबाइल लूट का मामला सामने आया है। किराएदार ने अपने दोस्त को घर बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने मकान मालकिन का गला दबाने के साथ ही दीवार में मारकर सिर फोड़ दिया। दौलतपुरा थाना पुलिस ने घायल महिला को बराला हॉस्पिटल में एडमिट करवाकर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि दौलतपुरा के मोटू का बास निवासी रानी (45) के साथ लूट की वारदात हुई। उसने पिछले करीब 3 महीने से अपने मकान का एक कमरा किराए पर मजदूरी करने वाले लड़के को दिया था। किराएदार लड़के के पास उसके दोस्तों का भी आना-जाना रहता था। शुक्रवार दोपहर को आरोपी किराएदार ने अपने दोस्त को घर बुलाया। लूट की नीयत से दोनों ने मकान मालकिन को पकड़कर गला दबाया। विरोध करने पर हमलावरों ने मकान मालकिन का सिर दीवार में मारकर लहूलुहान कर दिया। जानलेवा हमला कर मकान मालकिन के गले से सोने का मंगलसूत्र व मोबाइल लूटकर दोनों बदमाश फरार हो गए। हॉस्पिटल में करवाया एडमिट घायल रानी घर के अंदर ही लहूलुहान हालत में पड़ी रही। करीब 2-3 घंटे बाद होश में आने पर शाम करीब 6:45 बजे घर से बाहर आकर पड़ोसियों को बताया। लूट की सूचना पर दौलतपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए बराला हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। पुलिस वारदातस्थल के आस-पास लगे CCTV फुटेजों को खंगालने के साथ ही लुटेरों को ढूंढ रही है। SHO (दौलतपुरा) सुनील गोदारा का कहना है कि हॉस्पिटल में भर्ती महिला का मंगलसूत्र व मोबाइल लूटा गया है। किराएदार के हमला कर वारदात करना बता रही है। डरी-सहमी होने के कारण पूरी घटना नहीं बता पा रही। सही स्थिति में होने पर ब्यान दर्ज कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। संदिग्धों की तलाश में पुलिस टीम वर्क कर रही है।
कॉलेज छात्रा का मोबाइल छीनकर बदमाश फरार
टोंक|कोतवाली थानांतर्गत कंकाली माता से अंबिका कॉलोनी जाने मार्ग शुक्रवार की दोपहर एक बजे दो बदमाशों ने कॉलेज छात्रा से दिनदहाड़े छीना-झपटी को अंजाम दिया और फरार हो गए। कॉलेज से परीक्षा देकर ई-रिक्शा से घर आ रही छात्रा जब मोड पर उतरी तो पहले से वहां दो बदमाश छात्रा का मोबाइल और नकदी छीनकर फरार हो गए। छात्रा ने विरोध करते हुए मोबाइल बचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसके साथ खींचातानी और मारपीट की। छीना-झपटी में बदमाश छात्रा का मोबाइल फोन और करीब 500 रुपए की नकदी छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल छात्रा को संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पीडि़ता छात्रा के पिता ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
बक्सर में लूटपाट मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार:हथियार और लूटा गया मोबाइल बरामद, 16 मई को हुई थी घटना
बक्सर के मुरार थाना क्षेत्र में 16 मई को हुए लूटपाट के प्रयास मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों के पास से एक देशी कट्टा और घटना के दौरान छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। यह घटना डुमरांव राजवाहा नहर मार्ग पर स्थित नवनिर्मित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के पास हुई थी। कट्टा दिखाकर लूटपाट और मारपीट पुलिस के अनुसार, आमसारी गांव निवासी गोलू कुमार 16 मई को अपने काम से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें डुमरांव राजवाहा नहर मार्ग पर रोक लिया। आरोपियों ने कट्टा दिखाकर लूटपाट का प्रयास किया और विरोध करने पर गोलू कुमार के साथ मारपीट भी की। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा होने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस दौरान उनका एक मोबाइल फोन घटनास्थल पर गिर गया था। घटनास्थल पर गिरा मिला था मोबाइल शुक्रवार को मुरार थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर गिरा मोबाइल फोन मिला था। तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। बाद में एक वाहन जांच अभियान के दौरान दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र के सैदनपुर गांव निवासी सुमित कुमार और पीरो थाना क्षेत्र के सनेही टोला निवासी सुबोध कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी तलाशी के दौरान एक देशी कट्टा और लूट के प्रयास में छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया। दोनों आरोपियों पर कई मामले दर्ज पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर विभिन्न थानों में पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुमित कुमार पर लूट से संबंधित कई मामले दर्ज हैं, जबकि सुबोध कुमार पर हत्या के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने आगे बताया कि मामले में विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस प्रेस वार्ता में डुमरांव सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार और मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़ के भादरा थाना क्षेत्र के गांव कलाना में शुक्रवार शाम करीब चार बजे एक मोबाइल दुकान पर फायरिंग हुई। इस घटना में दुकान पर बैठे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांव में स्थित श्याम मोबाइल दुकान पर दो युवक मौजूद थे। इसी दौरान बाइक पर आए दो अज्ञात बदमाशों ने अचानक उन पर गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवकों की पहचान कलाना निवासी मनीष (20) और संदीप (18) के रूप में हुई है। उन्हें तुरंत भादरा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को हिसार रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही भादरा थाना अधिकारी मानाराम बिश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। एएसपी गीता चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बैंक और दुकानों के कैमरों से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल फायरिंग के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस आपसी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। देर शाम तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
पंचकूला में मां की डांट से आहत होकर दो नाबालिग बहनें घर छोड़कर चली गईं। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद जब दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बच्चियों की तलाश के लिए विशेष प्रयास किए गए। दोनों नाबालिग बहनें घर छोड़ने के बाद हिमाचल प्रदेश पहुंच गई थीं। जहां पर नैना देवी मंदिर में दर्शन के बाद वहीं की एक धर्मशाला में रूकी। उसके बाद पुलिस ने अपने सोर्स व वहां के थानों को सूचित किया तो सर्च अभियान में दोनों के बारे में जानकारी मिली। हिमाचल से किया बरामदएसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार सब इंस्पेक्टर मलकीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कड़े प्रयासों और सतत कार्रवाई के बाद दोनों बहनों को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों बच्चियों को आज सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पंचकूला पुलिस की त्वरित कार्रवाई व संवेदनशील कार्यशैली के लिए आभार व्यक्त किया। मित्रवत व्यवहार और खुला संवाद जरूरी : डीसीपी डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के साथ केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि मित्रवत व्यवहार और खुला संवाद भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जहां वे बिना डर अपनी बातें साझा कर सकें। साथ ही युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता की डांट को दिल पर लेने के बजाय उसे सीख और मार्गदर्शन के रूप में समझें। किसी भी भावनात्मक स्थिति में जल्दबाजी में घर छोड़ने या गलत निर्णय लेने
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने 151 गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। साइबर टीम की कड़ी मेहनत से इन मोबाइलों को बरामद किया गया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में एसपी, कलेक्टर और महापौर ने लोगों को मोबाइल गुम होने से बचाने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के टिप्स दिए। यह कार्यक्रम धमतरी जिले के पुलिस लाइन कंपोजिट बिल्डिंग में 'मोबाइल वापसी अभियान' के तहत आयोजित किया गया था। जिले के सभी थाना क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइलों को साइबर सेल ने सफलतापूर्वक रिकवर किया और एक ही दिन में 151 लोगों को उनके फोन वापस सौंपे। कार्यक्रम में एसपी, कलेक्टर अविनाश मिश्रा और रामू रोहरा सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एमपी-ओडिशा से भी बरामद हुए मोबाइल पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 151 मोबाइलों में से कई केवल छत्तीसगढ़ से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से भी साइबर सेल द्वारा ट्रैक करके वापस लाए गए थे। मोबाइल वापस मिलने के बाद मालिकों ने अपने अनुभव साझा किए। मोबाइल मालिकों ने बताया कि उनके फोन घर से या बाजार जैसी जगहों से गुम हुए थे। उन्होंने थाने से फोन आने के बाद मिली खुशी को व्यक्त किया और कहा कि कई महीनों तक मोबाइल के बिना रहना काफी मुश्किल था। कुछ लोगों ने पुलिस के प्रति अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि 3 साल पहले गुम हुए मोबाइल भी पुलिस ने लौटाए हैं, जिससे उनकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। कलेक्टर ने कहा- जनता का भरोसा जीतना सबसे बड़ी जिम्मेदारी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि लोगों द्वारा साझा किए गए अनुभवों से पुलिस और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता है। उन्होंने जोर दिया कि जिस तरह से 151 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए हैं, उससे लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत होगा। एसपी सूरज सिंह परिहार ने जानकारी दी कि यह 'मोबाइल वापसी अभियान' का दूसरा चरण था। पिछले चरण में 108 मोबाइल बरामद कर लौटाए गए थे। एसपी ने कहा कि पुलिस हमेशा अच्छा काम करती है, और इस पहल से लोगों तक एक सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल मिलने के बाद कई मालिक बेहद खुश और आश्चर्यचकित नजर आ रहे थे, कुछ को तो यकीन ही नहीं हो रहा था। मोबाइल लौटाने से पहले मंच पर मौजूद अधिकारियों ने कार्यक्रम में आए लोगों को समझाया कि मोबाइल खो जाने पर जरूरी दस्तावेज और डेटा दूसरे मोबाइल में कैसे सुरक्षित तरीके से वापस लाए जा सकते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर और संबोधन के जरिए साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारियां भी दीं।
कटनी के रंगनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगवां में शुक्रवार तड़के अज्ञात चोरों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाने की कोशिश की। चोरों ने शटर तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास किया, लेकिन स्ट्रीट डॉग्स के आक्रामक होने और भौंकने के कारण उन्हें खाली हाथ भागना पड़ा। इस सतर्कता से दुकान में रखा लाखों का सामान चोरी होने से बच गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई चोरों की करतूत बरगवां मुख्य मार्ग पर स्थित 'माय मोबाइल मार्ट' में चोरों ने धावा बोला था। शटर तोड़ने के दौरान कुत्तों के शोर से घबराकर चोर मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि कुत्ते सक्रिय नहीं होते, तो बड़ी वारदात हो सकती थी। 18 लाख की पुरानी चोरी का अब तक खुलासा नहीं व्यापारियों ने पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए 11 मई की घटना का हवाला दिया है। तब कोतवाली क्षेत्र की अग्रवाल मोबाइल शॉप से चोरों ने 18 लाख रुपए के 85 स्मार्टफोन पार कर दिए थे। पुलिस के पास फुटेज होने के बावजूद अब तक आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग व्यापारिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि मुख्य बाजारों में पुलिस की रात्रि गश्त प्रभावी नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि चोरी की वारदातों पर अंकुश नहीं लगा और गश्त व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त में जुटी है। सीएसपी बोले- जल्द मामले का खुलासा करेंगे सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि शहर में पुलिस गश्त निरंतर जारी है और इसे और भी सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस टीमें पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं पर काम कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भीलवाड़ा में 12 साल की बच्ची मां और पड़ोसी की डांट से नाराज होकर घर से निकल गई। जब वह रास्ता भूल गई तो वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को अपने किडनैप होने की झूठी कहानी बताई। मामला शुक्रवार सुबह 11:30 बजे का है। बच्ची दो घंटे तक इधर-उधर भटकती रही। बच्ची की बताई कहानी पर जब पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो कुछ नहीं मिला। जब बच्ची से फिर पूछा गया तो उसने बताया कि एक सीरियल में ऐसा देखा था। इसके साथ ही मोबाइल में घर छोड़ने के बहाने देखे थे। उसी से किडनैप की कहानी बनाई। हालांकि पुलिस ने समझाइश के बाद बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया। कंट्रोल रूम पर किया था कॉल पुलिस ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे अभय कमांड कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि एक बच्ची का किडनैप हुआ है। यह बच्ची किडनैपर्स के चंगुल से छूटकर एक कॉलोनी में पिछले दो घंटे से घूम रही है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को डिटेन कर पूछताछ की। इस पर बच्ची ने बताया- उसके घर के पास में ही खाली प्लॉट में तीन युवक थे। उन्होंने उसे लड्डू खिलाया। कुछ ही देर में वह बेहोश होने लगी तो बाहर चौराहे पर ले जाकर उसे ट्रक में बैठाया। ट्रक में दो बच्चियां और थी, जिनके हाथ बंधे हुए थे। कुछ देर उसे इधर-उधर घुमाते रहे। जब ट्रक रोका तो वह ट्रक से कूदकर वहां से भाग निकली। पुलिस को बताया वह ट्रक से कूदकर भागी बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह शहर की एक कॉलोनी में चली गई। यहां वह दो घंटे तक घूमती रही। इस बीच रास्ते में एक अंकल मिले। उनकी मदद से उसने पुलिस कंट्रोल रूम और अपने पापा को कॉल करवाया। इधर, बच्ची की ये कहानी सुन एक बार पुलिस वाले भी अलर्ट हो गए। बच्ची की बताई जगहों पर तलाशी ली और सीसीटीवी खंगाले। पुलिस को उन रास्तों पर कोई ट्रक नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के मकान के बाहर और गली के बाहर फुटेज खंगाले। यहां भी न तो कोई ट्रक था और न ही उसकी ओर से बताए तीन युवक थे। 10 की जगह 90 रुपए की चायपत्ती ले आई थी पुलिस ने जब सभी सीसीटीवी देखे तो पता चला कि बच्ची अपने घर से अकेली निकली थी। वह पैदल गली से बाहर जाते हुए दिखाई दी। पुलिस को जब शक हुआ तो फिर उसे समझाया और पूछताछ की। बच्ची ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली आंटी ने उससे 10 रुपए की चाय पत्ती मंगवाई थी। लेकिन, वो गलती से 90 रुपए की चाय पत्ती ले आई तो पड़ोस की आंटी ने उसे डांट दिया। इसके बाद जब यह बात मां को बताई तो भी उसे डांट दिया। जब मम्मी घर से निकली तो वह भी डांट से नाराज होकर घर से निकल गई थी। लेकिन, घर से कुछ दूर जाने के बाद रास्ता भटक गई। दो घंटे तक वह इधर-उधर घूमती रही। जब रास्ते में एक व्यक्ति मिला तो अपने घर तक पहुंचने के लिए उसने ये किडनैप की कहानी बनाई। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसने मोबाइल पर देखा था कि घर छोड़ने के क्या बहाने हो सकते हैं। इसके साथ ही एक टीवी सीरियल से इस किडनैपिंग का आइडिया आया, जो उसने पुलिस को बताया। जबकि उसके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में साइबर थाना पुलिस ने 10 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी मामले में एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। आरोपी जयपुर के सांगानेर का रहने वाला है और लोगों के मोबाइल हैक कर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था। कार्रवाई एएसपी फैजल खान और आईपीएस बैशाख बागी के नेतृत्व में की गई। मामला एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी से 10 लाख रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। शिकायत के आधार पर साइबर थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जयपुर के सांगानेर निवासी हर्ष को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। APK फाइल इंस्टॉल की पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 25 मार्च को नारनौल निवासी एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी ने शिकायत दी थी कि उसने फेसबुक पर “पेंशनर रिटायरमेंट बेनिफिट्स” नाम से एक विज्ञापन देखा। लिंक पर क्लिक करते ही उसके मोबाइल में एक संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल हो गई। एफडी तुड़वाकर निकाल लिए पैसे इसके बाद ठगों ने खुद को बैंक के एचआर विभाग का अधिकारी बताकर फोन पर बातचीत के दौरान मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और पीड़ित की एफडी तुड़वाकर खाते से 10,01,072 रुपए निकाल लिए। आरोपी पेशे से अकाउंटेंट जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी हर्ष एमकॉम पास है और पेशे से अकाउंटेंट है। वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बिहार के एक मास्टरमाइंड के संपर्क में था। गिरोह लोगों के मोबाइल फोन हैक कर ठगी की रकम फर्जी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आईडी के खातों में ट्रांसफर करता था। डिस्काउंट का देता लालच हर्ष का काम इस ठगी की रकम को ठिकाने लगाना था। वह लोगों को डिस्काउंट का लालच देकर नकद पैसे लेता और साइबर ठगी की रकम से उनके बिजली बिल, क्रेडिट कार्ड बिल और LIC किश्तें भरता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। आरोपी के मोबाइल से कई फर्जी CSC आईडी और संदिग्ध रिकॉर्ड बरामद हुए हैं। 3.75 लाख बरामद पुलिस ने आरोपी से 3.75 लाख रुपए भी बरामद किए हैं। अब गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड न करें।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2024 (एचटेट) का आयोजन 30 व 31 जुलाई, 2025 को करवाया गया था। परीक्षा का परिणाम 10 नवंबर को घोषित किया जा चुका है, परीक्षा परिणाम घोषणा से पूर्व अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न जिलों में स्थापित वेरिफिकेशन केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाई गई थी। शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परिणाम उपरांत अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए शेष अभ्यर्थियों को 12 से 14 नवंबर एवं 19 से 21 नवंबर 2025 तक दूसरा अवसर दिया गया था। दूसरे अवसर में शेष अभ्यर्थियों द्वारा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवाई जानी अनिवार्य थी। जो अभ्यर्थी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर पाए उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। 8-9 जून को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का मौका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थी अर्थात जिनका परीक्षा परिणाम RLV (Result late due to verification) दर्शाया गया है, ऐसे अभ्यर्थी 8 जून व 9 जून को बोर्ड मुख्यालय में उपस्थित होकर अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए अभ्यर्थी द्वारा अपना फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र तथा मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) लेकर आना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी जिनकी बायोमेट्रिक वैरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवाई जानी शेष है, उन सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय उपलब्ध करवाए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर/ई-मेल पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया बारे संदेश भेज दिए जाएंगे। जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
महराजगंज नगर पालिका परिषद के सरोजनी नगर वार्ड स्थित सूचना कार्यालय के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवतियां एक मोबाइल टावर पर चढ़ गईं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी युवतियों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि टावर पर चढ़ी युवतियों में से एक पंजाब की निवासी है। वह स्थानीय आर्केस्ट्रा में डांसर के तौर पर काम करती है। दूसरी युवती की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास पुलिस द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी युवती ने आर्केस्ट्रा संचालक के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। आशंका जताई जा रही है कि युवतियां इसी मामले या किसी अन्य विवाद के कारण टावर पर चढ़ी हैं। हालांकि, उनके टावर पर चढ़ने की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार युवतियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है। सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे दो युवतियों के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
ग्वालियर के हजीरा थाना पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मजिस्ट्रेट के घर से चोरी किए गए चांदी के गहने, चांदी के सिक्के, होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक रेडमी मोबाइल फोन बरामद किया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। जानकारी के मुताबिक, 15 मई की रात हजीरा थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी नंबर-1, बिरला नगर स्थित मजिस्ट्रेट प्रकाश चंद्र आर्य के सूने मकान में चोरी हुई थी। भोपाल में रहते है आर्य प्रकाश चंद्र आर्य वर्तमान में परिवार सहित भोपाल में रहते हैं, जबकि बिरला नगर स्थित मकान लंबे समय से बंद पड़ा था। इसी का फायदा उठाकर चोर मकान में घुसे और वहां से चांदी के गहने व सिक्के चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी पड़ोसी महेंद्र आर्य को लगी, जिन्होंने तुरंत प्रकाश चंद्र आर्य को सूचना दी। इसके बाद उनके दामाद डॉ. आशीष सोमेश, निवासी जयारोग्य परिसर, हजीरा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी का सामान बेचने की फिराक में थे चोर जांच के दौरान गुरुवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक चार शहर का नाका क्षेत्र में ग्रे रंग की स्कूटी पर खड़े होकर चोरी का सामान बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम तुषार गिरी (20) निवासी आनंद नगर, आरामील बिरला नगर हजीरा और राजकुमार जाटव (30) निवासी मातादीन का पुरा, तरसोखर थाना अटेर बताए। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी किए गए चांदी के गहने, सिक्के, घटना में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी और रेडमी मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपियों से पूछताछ जारी हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। आशंका है कि उनसे शहर की अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
कंप्यूटर और मोबाइल युग की शुरुआत राजीव गांधी की देन: कांग्रेस नेता
लुधियाना| दक्षिणी हलके में बुधवार को स्वर्गीय प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा कार्यक्रम आयोजित किया। भारत को राजीव गांधी की देन विषय पर हुए आयोजन की सरपरस्ती वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कृष्ण कुमार बावा, कोऑर्डिनेटर अखिल भारतीय कांग्रेस (ओबीसी) एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एवं ओबीसी जनरल सचिव गुरनाम सिंह क्लेर, जिला कांग्रेस (ओबीसी) अध्यक्ष वरिंदर भल्ला, जिला कांग्रेस के जनरल सचिव मास्टर हरिदेव बावा, उपाध्यक्ष रतनेश सिंह और कैप्टन मलकीत सिंह ने राजीव गांधी के योगदान पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शिता के कारण देश में तकनीकी बदलाव की गति तेज हुई। उन्होंने आईओसी के अध्यक्ष सैम पटरौदा के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में कंप्यूटर युग की शुरुआत हुई, जिससे कंप्यूटर और मोबाइल फोन आम लोगों तक पहुंचे। वक्ताओं ने पंचायत राज व्यवस्था को निचले स्तर से मजबूत करने और कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री को पंजाब को मिलने का भी उल्लेख किया।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

