छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार रिजल्ट में सिर्फ पासिंग परसेंटेज या मेरिट लिस्ट ही चर्चा में नहीं है, बल्कि टॉप करने वाले स्टूडेंट्स की कहानियां भी सामने आई हैं। 12वीं बोर्ड में 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं, जबकि टॉप-10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। वहीं 10वीं बोर्ड में भी 42 छात्रों के नाम मेरिट सूची में शामिल हैं। इन आंकड़ों के बीच एक और खास ट्रेंड दिखा, लड़कियों का दबदबा, जिन्होंने मेरिट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। लेकिन इन नंबरों के पीछे सिर्फ रिजल्ट नहीं, अलग-अलग संघर्ष और जिद की कहानियां छिपी हैं। किसी ने 10वीं की चूक को अपनी ताकत बना लिया, किसी ने बिना कोचिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के सहारे पढ़ाई की, तो किसी ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपना रास्ता बनाया। कहीं मोबाइल से दूरी ने फोकस दिया, तो कहीं उसी डिजिटल दुनिया ने पढ़ाई को आसान बनाया। इन सभी की कहानियां अलग जरूर हैं, लेकिन मंजिल एक ही रही….टॉप तक पहुंचना। ऐसे ही टॉपर्स की इंस्पायरिंग स्टोरी पढ़िए… 2 नंबर से छूटा सपना…2 साल बाद बना टॉपर पलारी के जिज्ञासु वर्मा की कहानी: 10वीं की चूक को बनाया जिद, 12वीं में पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान कभी सिर्फ दो नंबर की कमी ने जिज्ञासु वर्मा को टॉप-10 की सूची से बाहर कर दिया था। उस वक्त ये फर्क छोटा जरूर था लेकिन जिज्ञासु के लिए यही वो मोड़ बना, जिसने उनकी पूरी दिशा बदल दी। दो साल बाद वही छात्र अब छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 98.60 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश का टॉपर बन गया है। जिज्ञासु कहते हैं, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि राज्य में टॉप करूंगा। बस यही था कि पिछली बार जो कमी रह गई थी, उसे पूरा करना है।’ यही सोच धीरे-धीरे उनकी ताकत बनती गई और 10वीं की निराशा 12वीं में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई। साधारण परिवार, लेकिन सोच बड़ी बलौदाबाजार जिले के पलारी में रहने वाले जिज्ञासु एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता नरेंद्र वर्मा नगर में एक छोटी किराना दुकान चलाते हैं, जबकि मां महेश्वरी वर्मा सरकारी प्राइमरी स्कूल में में प्रधानपाठिका हैं। परिवार में पढ़ाई का माहौल जरूर था, लेकिन कोई संसाधन या सुविधा नहीं थी। इसके बावजूद जिज्ञासु ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके बड़े भाई वैभव भी पढ़ाई में आगे हैं और फिलहाल नीट की तैयारी कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिज्ञासु की पढ़ाई किसी तयशुदा ढांचे में नहीं बंधी थी। वे बताते हैं, “मेरा कोई फिक्स टाइमटेबल नहीं था। जब समय मिलता और मन करता, तब पढ़ाई करता था।” हालांकि इस आजादी के बीच एक चीज हमेशा स्थिर रही पढ़ाई के वक्त उनका पूरा फोकस। स्कूल की पढ़ाई के साथ उन्होंने पलारी की लक्ष्य एकेडमी में कोचिंग भी ली, जहां शिक्षकों का उन्हें लगातार मार्गदर्शन मिला। स्कूल के प्राचार्य राकेश तिवारी बताते हैं कि जिज्ञासु शुरू से ही शांत स्वभाव के और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र रहे हैं। 21 दिन मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहे आज के दौर में जहां मोबाइल और सोशल मीडिया पढ़ाई के बीच सबसे बड़ा व्यवधान बनते जा रहे हैं, वहीं जिज्ञासु ने इसे समय रहते पहचान लिया। उन्हें यूट्यूब पर मूवी देखने का शौक था, लेकिन परीक्षा से 21 दिन पहले उन्होंने खुद को पूरी तरह सोशल मीडिया से अलग कर लिया। उन्होंने न तो किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का सहारा लिया और न ही किसी डिजिटल शॉर्टकट का सिर्फ किताबों और अपनी तैयारी पर भरोसा रखा। जिज्ञासु की कहानी सिर्फ एक टॉपर की नहीं है, बल्कि उस जिद की है जो एक छोटी सी कमी से जन्म लेती है। 10वीं में छूटे दो अंक उनके लिए हार नहीं, बल्कि एक अधूरा लक्ष्य बन गए थे। 12वीं में उन्होंने उसी लक्ष्य को पूरा कर दिखाया। यही वजह है कि उनकी सफलता सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है, जिसमें हार को भी रास्ता बनाने का हौसला होता है। बिना कोचिंग 96.80%… AI और डिजिटल स्टडी से प्रदेश में 8वां स्थान रायपुर की हिमशिखा गुप्ता ने यूट्यूब और ChatGPT से की तैयारी जिस मोबाइल को अक्सर पढ़ाई का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है, उसी को रायपुर की हिमशिखा गुप्ता ने अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। गुढ़ियारी के रायपुर कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा हिमशिखा ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 96.80 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में 8वां स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के हासिल की और अपनी पढ़ाई के लिए यूट्यूब और ChatGPT जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली हिमशिखा के पिता संजय और मां रीता गुप्ता दोनों ही एक एनजीओ में काम करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी, लेकिन महंगी कोचिंग की सुविधा नहीं थी। ऐसे में हिमशिखा ने खुद ही रास्ता तलाशा और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपना शिक्षक बना लिया। हिमशिखा बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई के लिए किसी लंबे-चौड़े टाइमटेबल का सहारा नहीं लिया। वह रोजाना सिर्फ 3 से 4 घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन उस समय पूरा फोकस पढ़ाई पर रहता था। किसी भी विषय में डाउट होने पर वह तुरंत यूट्यूब वीडियो देखतीं या ChatGPT के जरिए उसे समझने की कोशिश करतीं। धीरे-धीरे यही तरीका उनकी आदत बन गया और उन्होंने इसे ही अपनी ताकत बना लिया। मोबाइल और AI से पढ़ाई बनी आसान स्कूल की पढ़ाई के साथ उनका यह सेल्फ-स्टडी मॉडल लगातार चलता रहा। स्कूल की प्रिसिंपल श्वेता वासनिक का कहना है कि हिमशिखा ने यह साबित किया है कि अगर मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह पढ़ाई में बाधा नहीं, बल्कि मददगार बन सकता है। उनके मुताबिक हिमशिखा शुरू से ही नियमित छात्रा रही हैं और उन्होंने निरंतरता के साथ अपनी तैयारी को बनाए रखा। बिना कोचिंग के पाई बड़ी सफलता हिमशिखा की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि आज के दौर में जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म को अक्सर ध्यान भटकाने वाला माना जाता है, वहीं उन्होंने उसी को अपनी पढ़ाई का सबसे बड़ा सहारा बना लिया। बिना कोचिंग, सीमित संसाधनों और कम समय की पढ़ाई के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता सिर्फ घंटों की मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है। कंप्यूटर साइंस में बनाना चाहती हैं करियर अब हिमशिखा आगे कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनकी यह कहानी उन छात्रों के लिए एक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। हिमशिखा ने दिखाया है कि अगर सीखने का तरीका सही हो, तो मोबाइल और इंटरनेट भी किसी कोचिंग क्लास से कम नहीं होते। मैकेनिक की बेटी बनी मेरिट में 9वीं… बिना कोचिंग हासिल की सफलता, अब UPSC लक्ष्य छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में राजधानी रायपुर की आफिया खातून ने प्रदेश की मेरिट सूची में 9वां स्थान हासिल कर एक साधारण परिवार की बड़ी कहानी लिख दी है। सीमित संसाधनों और बिना किसी कोचिंग के आफिया ने यह सफलता हासिल की है, जो उनके परिवार के लिए गर्व का पल बन गई है। श्रीनगर डेजल पब्लिक स्कूल की छात्रा आफिया के पिता मोहम्मद अनवर पेशे से मोटर मैकेनिक हैं। उन्होंने खुद सिर्फ 9वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर उनका नजरिया हमेशा अलग रहा। वे कहते हैं, “हम ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन हमने हमेशा चाहा कि हमारी बेटी पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करे।” आफिया की मां रौनक परवीन भी ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन घर के माहौल में पढ़ाई को लेकर हमेशा सहयोग रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, इसलिए कोचिंग जैसी सुविधाएं लेना संभव नहीं था। ऐसे में आफिया ने स्कूल की पढ़ाई और ऑनलाइन माध्यमों के सहारे अपनी तैयारी जारी रखी। बिना कोचिंग के फोकस से पाई सफलता आफिया ने बिना किसी अतिरिक्त कोचिंग के सिर्फ अपने फोकस और निरंतरता के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का सहारा लिया और अपने डाउट्स खुद क्लियर किए। यही आत्मनिर्भरता उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी। यूपीएससी का लक्ष्य उनके पिता अब चाहते हैं कि आफिया आगे चलकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करे। आफिया भी अपने परिवार के इस सपने को पूरा करने के लिए तैयार हैं और 12वीं के बाद से ही यूपीएससी की तैयारी में जुटने की योजना बना रही हैं। भरोसा और मेहनत से मिली कामयाबी आफिया की यह कहानी सिर्फ मेरिट लिस्ट तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि उस भरोसे की है, जो एक साधारण परिवार ने अपनी बेटी की पढ़ाई पर किया। सीमित साधनों के बीच मिली यह सफलता बताती है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो बड़े से बड़ा सपना भी हासिल किया जा सकता है। दिव्यांगता को नहीं बनने दी पहचान… 96.40% के साथ प्रदेश में 10वां स्थान कांकेर की यश खोबरागड़े ने 12वीं में हासिल की सफलता परीक्षा के परिणामों में इस बार कांकेर जिले के लिए गर्व का खास पल सामने आया है। जिले की छात्रा यश खोबरागड़े ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.40 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। उनकी यह सफलता इसलिए और खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने दिव्यांग होने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। पीएम श्री आत्मानंद शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट हिंदी-इंग्लिश माध्यम विद्यालय की छात्रा यश पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौतियों को अपनी पहचान नहीं बनने दिया, बल्कि उसे पीछे छोड़ते हुए अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। यश की पढ़ाई का सफर आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ किया। नियमित पढ़ाई और लगातार अभ्यास के जरिए उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत किया। करघे के घर से मेरिट तक…कटगी के नितेश ने रचा मुकाम कपड़ा बुनने वाले परिवार के बेटे ने 12वीं में प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर बढ़ाया गांव का मान बलौदाबाजार के छोटे से गांव कटगी का नाम इस बार छत्तीसगढ़ बोर्ड की मेरिट सूची में चमका है। यहां के रहने वाले नितेश देवांगन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर अपने परिवार और पूरे गांव को गर्व का मौका दिया है। नितेश एक साधारण परिवार से आते हैं, जहां पीढ़ियों से कपड़ा बुनने का काम होता रहा है। घर में करघे की आवाज के बीच पले-बढ़े नितेश के लिए पढ़ाई का रास्ता आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, मंजिल हासिल की जा सकती है। मेरिट सूची में नाम आने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर का माहौल भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। जिन हाथों ने वर्षों तक करघा संभाला, उन्हीं हाथों ने आज बेटे की सफलता पर ताली बजाई। गांव के लोगों ने भी नितेश की इस उपलब्धि को अपनी जीत की तरह देखा। सीमित संसाधनों में मेहनत से मिली सफलता नितेश की पढ़ाई सीमित संसाधनों के बीच ही आगे बढ़ी। बड़े शहरों जैसी सुविधाएं या महंगी कोचिंग उनके पास नहीं थीं, लेकिन उन्होंने स्कूल की पढ़ाई और अपनी निरंतर मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनका यह सफर बताता है कि मेहनत और धैर्य के साथ छोटे गांवों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। गांव के बच्चों के लिए बने प्रेरणा नितेश की सफलता अब गांव के अन्य बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है। जिस घर में करघा चलता है, वहां से निकलकर प्रदेश की मेरिट सूची तक पहुंचना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। …………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 10वीं-12वीं के रिजल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी: डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती है किसान की बेटी, 12वीं के टॉप-10 में 33, 10वीं में 26 लड़कियां छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के नतीजों में लड़कियों ने बाजी मारी है। 12वीं बोर्ड में कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
यमुनानगर के ससोली माजरी गांव में अपनी ससुराल आए यूपी पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मी अपनी पत्नी और साली के साथ जा रहा था, तभी गांव के ही एक युवक ने मामूली बात को लेकर उसके साथ झगड़ा कर लिया। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल उस समय वर्दी में था। आरोप है कि युवक ने मारपीट करने के साथ-साथ उसकी वर्दी भी फाड़ दी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी फर्कपुर थाना पुलिस को दी गई। पीड़ित की पत्नी ने थाने में शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रात को ट्रेन पकड़कर वापिस जाना था कांस्टेबल की पत्नी पूजा ने बताया कि उसके पति राहुल यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं और उनकी पोस्टिंग हापुड़ जिले में है। वह कुछ दिन पहले अपने मायके ससोली माजरी आई थी। उसे वापस ले जाने के लिए उसके पति बुधवार को यमुनानगर आए थे और उस समय वे वर्दी में थे। रात करीब 11 बजे उन्हें रेलवे स्टेशन से यूपी जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इससे पहले रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी बहन और भाभियों के साथ गली से गुजरते हुए आपस में बातचीत कर रही थी। इस दौरान उसके पति राहुल भी उनके साथ थे। तभी गांव का एक युवक वैभव उर्फ जोनी वहां आया और कहने लगा कि आराम से बात करते चलो। आरोपी कांस्टेबल की पत्नी को बोला- थप्पड़ मार दूंगा जब उन्होंने आरोपी से कहा कि वे केवल आपस में बात कर रहे हैं और उसे बीच में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, तो आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि ज्यादा बोलने पर थप्पड़ मार देगा। इसी दौरान उसके पति बीच-बचाव करने आए और आरोपी को शांत रहने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने उन पर ही हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने मारपीट करते हुए ईंट भी उठा ली और इस दौरान राहुल का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। हाथापाई के दौरान उसकी पुलिस वर्दी भी फाड़ दी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की कर रही जांच घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी परवेश ने बताया कि आरोपी वहां से फरार हो चुका था। मामले की सूचना फर्कपुर थाना पुलिस को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फर्कपुर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें कांस्टेबल की पत्नी की शिकायत प्राप्त हुई है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में सामने आया है कि यूपी पुलिस का कांस्टेबल बुधवार को ड्यूटी से सीधे अपनी पत्नी को लेने के लिए यमुनानगर आया था और वह वर्दी में था। उसे रात को ही वापस जाना था। इसी दौरान गांव के ही युवक ने उसके साथ झगड़ा किया।
विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह बस सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि चलती-फिरती प्रयोगशाला होगी, जिससे छात्र और आमजन विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को करीब से समझ सकेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विज्ञान, शोध और नवाचार को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में इनोवेशन आधारित माहौल विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा और संसाधनों की कमी नहीं है। बस उन्हें सही दिशा और मंच देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परिषद की गतिविधियों को सिर्फ कागजी न रखकर परिणामोन्मुख बनाएं। युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ते हुए तैयार करें। इसके लिए शोध, स्टार्टअप और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएं। विज्ञान और तकनीक का उपयोग सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी इसका उपयोग होना चाहिए। विज्ञान और नवाचार को समाज और शासन की वास्तविक जरूरतों से भी जोड़ें। स्कूली बच्चों को प्रमुख साइंस सिटी का भ्रमण कराएंमुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में बन रहे साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ औपचारिक न रखकर इसे उपयोगी बनाएं। ताकि हर आयुवर्ग के लोग वहां पहुंचे और प्रेरित हों। सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश देश की प्रमुख साइंस सिटी और तारामंडलों का भ्रमण कराएं। जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हों।
हरियाणा के नूंह में लिव इन पार्टनर हसीना की हत्या के मामले में पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। पहली बात ये कि हसीना का इस्तेमाल रफीक गाड़ियां लूट करने में चारे के तौर पर करता था। वह सुनसान रास्ते पर खड़ी होकर गाड़ियां रुकवाती थी और फिर मौका पाकर रफीक लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। हसीना के भाई शकील ने ये आरोप लगाया है। दूसरी बात यह है कि कुछ दिन पहले रफीक के छोटे भाई और उसकी पत्नी ने हसीना के साथ मारपीट की थी। उस समय हसीना ने पड़ोस के एक युवक के मोबाइल से डायल 112 पर कॉल भी की थी। जिस युवक के फोन से यह कॉल की गई थी, उससे रफीक की पुरानी रंजिश है। इसी बात को लेकर रफीक का हसीना से झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में आकर गाड़ी से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पत्थरों से बांधकर कुएं में फेंक दिया। कौन थी हसीना, कैसे पति से तलाकर लेकर वो रफीक के चक्कर में फंसी, क्या थी वो वजह, जो उसकी हत्या का कारण बनी और अब तक पुलिस के सामने क्या-क्या बातें आईं? इन सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर की पूरी रिपोर्ट.... कुएं से ऐसे निकाला गया हसीना का शव, देखें PHOTOS…. पहले जानिए कौन थी हसीना और कैसे रफीक के संपर्क में आई… कैसे हुआ हसीना का मर्डर और शव तक कैसे पहुंची पुलिस… 24 अप्रैल को रफीक ने दर्ज कराई गुमशुदगी हसीना के बड़े भाई हनीफ ने बताया कि रफीक ने 24 अप्रैल को नूंह थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसमें हसीना को अपनी पत्नी बताते हुए कहा कि उसकी मानसिक स्थित ठीक नहीं है, वह 19 अप्रैल से लापता है। उसने पुलिस से हसीना की बरामदगी की मांग की थी। यह खबर जब मीडिया में आई तो हसीना के गांव सिंगार तक भी पहुंची। इसी को देखते हुए हनीफ ने रफीक को कॉल की और बहन के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि रफीक ने उसे कोई जानकारी नहीं दी। परिवार को दी धमकी- लाश ढूंढकर दिखा दो हनीफ के मुताबिक, वह फरीदाबाद में रहकर काम करता है। जब उसे बहन हसीना के लापता होने की सूचना मिली तो उसने छोटे भाई शकील को उसकी तलाश में लगाया। काफी तलाश करने के बाद भी जब हसीना को कोई सुराग नहीं मिला तो शकील ने फिर रफीक से बात की। आरोप है कि रफीक ने उन्हें धमकी देते हुए कहा था कि “बझेड़ा के जंगलों में लाश ढूंढकर दिखा दो, मैं बड़ा बदमाश हूं”। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर पूरी बात बताई। घर से 3 किलोमीटर दूर कुएं में मिला शव बझेड़ा के जंगलों में लाश पड़ी होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हसीना के परिवार के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच जंगल के बीच कुंए में दुर्गंध आने पर वहां तलाश की गई तो महिला का शव पड़ा होने का पता चला। पुलिस ने शव को निकलवाया तो मृतका की पहचान हसीना के रूप में हुई। शव को पत्थरों के साथ बांधा हुआ था। पुलिस ने कुएं से जब शव निकाल तो उसमें दो मोटरसाइकिल के फ्रेम भी मिले हैं। यह कुआं रफीक के घर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। अब जानिए पुलिस को इस मामले में क्या-क्या पता चला…. ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें... 'गोली मारी, पत्थर बांधकर शव कुएं में फेंका':नूंह में बिना शादी 6 साल युवक संग रही; भाई से लिव-इन पार्टनर बोला- लाश ढूंढकर दिखाओ नूंह के शकील ने अपनी 26 वर्षीय बहन हसीना की हत्या का आरोप रफीक पर लगाया है। 6 साल से हसीना बिना शादी किए रफीक के साथ रह रही थी। वह 19 अप्रैल को लापता हो गई थी। इसके बाद 28 अप्रैल को उसका शव बझेड़ा गांव के कुएं से बरामद हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
नूंह जिले के पुन्हाना उपमंडल के बिछोर गांव में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक मोबाइल दुकानदार और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया है। दो दिनों के भीतर गांव में यह दूसरी बड़ी आपराधिक घटना है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है। पूरी घटना मोबाइल बदलने के मामूली विवाद से शुरू हुई। पीड़ित दुकानदार अतुल ने बताया कि एक युवक मोबाइल खरीदकर ले गया और कुछ देर बाद उसे बदलने की जिद करने लगा। विवाद बढ़ने पर अतुल ने ग्राहक के पैसे वापस कर मोबाइल ले लिया। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ और शाम को आरोपियों ने हमला बोल दिया। सात आठ युवकों ने दुकान में घुसकर किया हमला आरोप है कि शाम करीब 5 बजे रोबिन, बोयल, वक्की और अनीस सहित करीब 7-8 युवक हथियारों के साथ अतुल की दुकान में घुस आए। उन्होंने अतुल के साथ बेरहमी से मारपीट की। जब उसकी माँ उसे बचाने आई, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मारपीट के कारण अतुल की माँ बेहोश हो गईं और अतुल के चेहरे पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें आईं।नकदी और गहने उठा ले गए हमलावर केवल मारपीट तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि जाते-जाते दुकान से चार मोबाइल फोन, करीब 20 हजार रुपये की नकदी और अतुल की माँ के सोने के गहने भी लूट ले गए। यह पूरी सनसनीखेज वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। लोगों ने पुलिस की गश्त पर उठाया सवाल बिछोर गांव में लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इससे पहले भी गांव में एक परिवार पर पुरानी रंजिश के चलते हमला हुआ था। फिलहाल, जांच अधिकारी योगेश का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
अबोहर में दुकानदार को बंधक बनाकर पीटा:सिर में 8 टांके आए, पीड़ित मोबाइल झपटमार का पीछा कर रहा था
अबोहर में मोबाइल झपटमार का पीछा करने पर एक दुकानदार पर हमला किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को कुछ ही मिनटों में गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घायल दुकानदार को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इंदिरा नगरी निवासी 35 वर्षीय पवन मोहल्ले में चाय और करियाना की दुकान चलाते हैं। आज दोपहर उनकी दुकान पर एक ग्राहक चाय पी रहा था, तभी मोहल्ले के ही एक झपटमार ने उसका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गया। दुकानदार पवन कुमार झपटमार को पहचानते थे और छीना हुआ मोबाइल वापस लेने के लिए उसके पीछे चले गए। हालांकि, झपटमार ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पवन को अपने घर में बंधक बना लिया। उन्होंने तेजधार हथियारों से पवन के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे पार्षद घटना की सूचना मिलते ही पार्षद सोनू अरोड़ा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। इस दौरान घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा होते देख हमलावरों ने पवन को छोड़ दिया। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर और शरीर पर गहरे घाव पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, पवन के सिर में 8 टांके आए हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर 13 घाव देखे गए हैं। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। इस घटना से इंदिरा नगरी क्षेत्र में पहले दहशत फैल गई थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
अररिया पुलिस ने बौसी थाना क्षेत्र में हुए एक महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने प्रेस को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे बौसी थाना क्षेत्र के मकई के खेत में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को तुरंत सुरक्षित कर लिया गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इस मामले में बौसी थाना कांड संख्या 69/2026 दर्ज किया गया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया अररिया पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर मात्र 48 घंटे के अंदर इस हत्याकांड का उद्भेदन किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और उनके पास से तीन अन्य मोबाइल सेट बरामद किए गए। मृतका की पहचान रूबैसा खातून (पति- मोहम्मद सरवर) के रूप में हुई है, जो नंदनपुर वार्ड नंबर 09, थाना बौसी, जिला अररिया की निवासी थीं। गिरफ्तार आरोपियों में मृतका की सौतन मरजिना खातून (लगभग 30 वर्ष, पति- मोहम्मद सरवर) और मोहम्मद मीनाज उर्फ मिन्हाज (25 वर्ष, पिता- इसराफिल) शामिल हैं। ये दोनों भी नंदनपुर वार्ड नंबर 09, बौसी थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। अन्य बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन का कार्य जारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले के अन्य बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन का कार्य जारी है। पुलिस इस हत्याकांड की गहन जांच कर रही है और जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
मुजफ्फरपुर के गरहां थाना क्षेत्र के हमीदपुर गांव में मटकोर की रस्म के दिन दूल्हा लापता हो गया। इधर परिजन उसे ढूंढते रह गए, उधर दुल्हन पक्ष ने बिना इंतजार किए उसकी शादी किसी दूसरे युवक से करा दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, हमीदपुर गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र कुमार हरियाणा की एक फैक्ट्री में काम करता था और अपनी शादी के लिए गांव लौटा था। 25 अप्रैल को घर में मटकोर की रस्म चल रही थी। सुबह करीब 6 बजे वह घर से निकला। 7:30 बजे परिजनों को फोन कर बताया कि वह बाजार में है। इसके कुछ देर बाद उसने फिर कॉल कर कहा कि वह बोचहां के एक बैंक में पैसे निकालने आया है और जल्द लौटेगा। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और वह लापता हो गया। दुल्हन पर शक मामले में नया मोड़ तब आया जब जितेंद्र की बहन गुड़िया कुमारी ने होने वाली दुल्हन पर शक जताया। उसने आरोप लगाया कि लड़की इस शादी से खुश नहीं थी और पहले भी समय मांग चुकी थी। परिवार को आशंका है कि किसी साजिश के तहत जितेंद्र को बुलाकर गायब कराया गया है। दूल्हा गायब, दुल्हन की दूसरी शादी सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दूल्हे के लापता होने के बाद जहां उसका परिवार उसे ढूंढने में जुटा रहा, वहीं लड़की पक्ष ने बिना ज्यादा इंतजार किए आनन-फानन में उसकी शादी किसी दूसरे युवक से कर दी। इस जल्दबाजी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस जांच में जुटी परिजनों ने गरहां थाने में अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिरी बार जितेंद्र की बातचीत किससे हुई थी और वह कहां गया। गरहां थाना पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पठानकोट में बीती रात अपने घर लौट रहे एक युवक से 2 बदमाश मोबाइल और मोटरसाइकिल छीन फरार हो गए। वारदात पठानकोट के गांव कोठी पंडिता मोड़ पर हुई। आरोपी स्कूटी पर सवार होकर आए और युवक से बाइक और मोबाइल छीन रफूचक्कर हो गए। पीड़ित युवक की पहचान गांव कोठी पंडिता निवासी नीरज कुमार के तौर पर हुई है। वहीं, पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपियों पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। काम से लौटते समय रात 7 बजे हुई वारदातशिकायतकर्ता गांव कोठी पंडिता निवासी नीरज कुमार ने पुलिस को बताया कि 27 अप्रैल को वह अपने निजी काम के सिलसिले में सरना गया हुआ था। रात करीब 9 बजे जब वह अपने पल्सर मोटरसाइकिल नंबर PB 35 AK 8612 पर सवार होकर वापस अपने गांव कोठी पंडिता जा रहा था, तब गांव के मोड़ के पास यह वारदात हुई। झपट्टा मारकर छीना मोबाइलनीरज कुमार के अनुसार, जब वह गांव के मोड़ पर पहुंचा, तो सामने से एक स्कूटी आई। स्कूटी पर जीवन कुमार निवासी कोठी पंडिता सवार था, जिसके पीछे एक अज्ञात युवक बैठा हुआ था। आरोपियों ने पीड़ित के पास अपनी स्कूटी रोकी। स्कूटी के पीछे बैठे अज्ञात युवक ने नीचे उतरकर अचानक पीड़ित की कमीज की जेब में हाथ डाला और उसका VIVO कंपनी का जामुनी रंग का मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर मोटरसाइकिल ले उड़े बदमाशनीरज कुमार के मुताबिक जब पीड़ित ने इस लूट का विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने जबरन उससे उसकी पल्सर मोटरसाइकिल भी छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल और स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश शुरूपीड़ित ने बताया कि वह अब तक अपने स्तर पर उनकी तलाश कर रहा था, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जीवन और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
इंदौर के खजराना इलाके में एक रेडियो जॉकी के साथ लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश उनका आईफोन छीनकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटना शिव ओम के साथ हुई, जो एक निजी एफएम चैनल में कार्यरत हैं। शिव ओम ने मंगलवार को पुलिस को आवेदन दिया, जिसमें बताया कि रात में वह अपने घर के पास पैदल टहल रहे थे। इसी दौरान वह मोबाइल पर बात करते हुए पास की दुकान की ओर जा रहे थे। तभी बाइक सवार बदमाश उनके पास से तेज रफ्तार में गुजरा और हाथ से आईफोन झपटकर भाग गया। शिव ओम ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। लूट के इरादे से तीन लोगों से मारपीट वहीं एरोड्रम इलाके में लूट के इरादे से तीन लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। एरोड्रम पुलिस के मुताबिक, नंदबाग निवासी रविंद्र पुत्र मोहनलाल कुर्मी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। रविंद्र ने बताया कि वह अपने परिचित वीरेंद्र पटेल और कल्लू कुर्मी के साथ स्कीम नंबर-51 से कपड़े लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। जब वे भरोसे मामा के खेत के पास पहुंचे, तभी 3-4 युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया और बाइक की चाबी निकाल ली। इसके बाद एक आरोपी ने कांच की बोतल से कल्लू कुर्मी के सिर पर हमला कर दिया, जबकि दूसरे ने वीरेंद्र पर भी हमला किया। घटना के बाद तीनों घायल अवस्था में थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। फिलहाल पुलिस ने लूट की पुष्टि नहीं की है और मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है।
कटिहार में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण एक ई-रिक्शा पलट गई। इस हादसे में दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य को मामूली चोटें आईं। घटना कटिहार से मनिहारी जाने वाले मार्ग पर नारायणपुर के समीप हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा सामान्य गति से चल रही थी, तभी चालक के मोबाइल पर कॉल आया। चालक ने चलते वाहन में ही फोन पर बात करना शुरू कर दिया, जिससे उसका ध्यान सड़क से हट गया। उसने अचानक तेज ब्रेक लगाई, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ई-रिक्शा सड़क किनारे पलट गई। हादसे में 2 चचेरे भाई घायल हादसे में कुमेदपुर निवासी रफीगुल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चचेरे भाई सिकंदर को भी चोटें आई हैं। अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। घटना के तुरंत बाद चालक ने घायलों को उसी ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अचानक ब्रेक लगाने से हादसा घायल सिकंदर ने बताया कि चालक मोबाइल पर बातचीत में व्यस्त था, जिसके कारण वाहन पर उसका नियंत्रण कम हो गया और अचानक ब्रेक लगाने से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने भी चालक की लापरवाही को ही दुर्घटना का मुख्य कारण बताया है। इस घटना ने एक बार फिर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गोरखपुर पुलिस ने देवरिया में मारा छापा:दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवक हिरासत में, मोबाइल जब्त
देवरिया में गोरखपुर पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम ने मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई की। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोमनाथ नगर मोहल्ले में मुस्लिम अंसारी के मकान पर छापा मारा गया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंगलवार देर रात कई पुलिस वाहन अचानक मोहल्ले में पहुंचे। उन्होंने मकान को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने अंदर सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गोरखपुर ले जाया गया। पुलिस ने मौके से एक दर्जन से अधिक मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक ऑनलाइन कार्य या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस सभी संदिग्धों को गोरखपुर ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मकान पहले भी कई बार पुलिस की जांच के दायरे में आ चुका है। पूर्व में भी यहां छापेमारी हो चुकी है, जिसके कारण इलाके में इस मकान को लेकर पहले से ही तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं। इस कार्रवाई की भनक सदर कोतवाली पुलिस को पहले से नहीं लगी थी। गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। इस घटना से स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। देर रात तक पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि छापेमारी किस मामले में की गई है। हिरासत में लिए गए युवक किस गतिविधि से जुड़े हैं, यह भी अभी तक साफ नहीं है। सूत्रों के अनुसार, मामला साइबर ठगी, संगठित अपराध या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस सभी संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
टीकमगढ़ में सेल सागर तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर नगर पालिका की टीम ने मंगलवार देर रात कार्रवाई की। टीम ने तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण करने वाले करीब 100 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इन सभी को 24 घंटे के भीतर निर्माण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। देर रात नोटिस जारी करने की इस प्रक्रिया पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। मामला शहर के बीच स्थित सेल सागर तालाब से जुड़ा है, जिसका निर्माण राजशाही दौर में हुआ था। लंबे समय से इस तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, और कई लोगों ने तो तालाब के अंदर ही मकान बना लिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया। सीमांकन के दौरान 170 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जा शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने तहसीलदार और नगर पालिका की टीम को तालाब का सीमांकन करने के निर्देश दिए थे। करीब एक महीने पहले तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर ने तालाब का सीमांकन कराया था। सीमांकन के दौरान 170 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जा पाया गया, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी। कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू अब इसी सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका ने अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। मंगलवार देर रात नगर पालिका के कर्मचारी सेल सागर तालाब पहुंचे और मोबाइल टॉर्च के सहारे चिन्हित लोगों को नोटिस थमाए। नोटिस में सभी से अपने निर्माण के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। नगर पालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत में ऑटो मोबाइल की दुकान में लगी आग:शॉर्ट सर्किट ने हुआ हादसा, 3 बाइक और लाखों का सामान खाक
पानीपत शहर के असंध रोड पर मंगलवार रात एक ऑटो मोबाइल की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रभाकर अस्पताल के नजदीक स्थित इस दुकान में लगी आग के कारण न केवल दुकानदार का कीमती स्पेयर पार्ट जल गया, बल्कि मरम्मत के लिए आई ग्राहकों की तीन मोटरसाइकिलें भी पूरी तरह स्वाहा हो गईं। गनीमत रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से आग को और फैलने से रोक लिया गया। दुकान बंद करने के 20 मिनट बाद हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, कच्चा कैंप निवासी आफताब पिछले करीब ढाई साल से असंध रोड पर आफताब ऑटो मोबाइल के नाम से दुकान चला रहे हैं। मंगलवार रात करीब 9 बजे आफताब अपनी दुकान रोजमर्रा की तरह बंद करके घर पहुंचे ही थे। उन्हें घर पहुंचे अभी मात्र 20 मिनट ही हुए थे कि पड़ोसियों का फोन आ गया। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान से धुएं के साथ आग की लपटें निकल रही हैं। आग ने ले लिया था विकराल रूप सूचना मिलते ही आफताब बदहवास होकर दुकान पर पहुंचे। तब तक आग की लपटों ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया था। आग इतनी भीषण थी कि दुकान के बाहर तक तपिश महसूस की जा रही थी। गनीमत यह रही कि पड़ोसी दुकानदारों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित कर दिया था, जिसके चलते एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद इस पर काबू पा लिया। शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण आग बुझने के बाद जब दुकान के अंदर का मुआयना किया गया, तो प्राथमिक जांच में सामने आया कि बिजली के मुख्य बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी उठी थी। इसी चिंगारी ने वहां रखे ज्वलनशील स्पेयर पार्ट्स और तेल को पकड़ लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई। लाखों का हुआ नुकसान दुकानदार आफताब ने बताया कि इस आगजनी में उनका करीब ढाई लाख रुपए का स्पेयर पार्ट और कीमती सामान जलकर राख हो गया है। सबसे बड़ा नुकसान उन ग्राहकों का हुआ जिनकी तीन बाइक दुकान में खड़ी थीं। ये तीनों बाइक आग में पूरी तरह जलकर लोहे का ढांचा बन चुकी हैं। ग्राहकों की बाइकों का नुकसान इस ढाई लाख की राशि से अलग है।
हरियाणा के जिला सोनीपत के कुंडली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक साथ पांच किशोर (छात्र) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना 27 अप्रैल 2026 की शाम की है। परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने अपहरण की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। हरिद्वार जाने की बात कहकर निकले थे दोस्त कुंडली थाना में दी शिकायत में गांव सफियाबादकर्ता टेकचंद ने पुलिस को बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा भविष्य उर्फ गोलू (10वीं का छात्र) है। वह अपने चार अन्य दोस्तों तुषार, टोनी, भविष्य (पुत्र सुनील) और सौरव के साथ कल शाम करीब 5:30 बजे देखा गया था। उसने बताया कि ये सभी दोस्त आपस में हरिद्वार जाने की योजना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लड़कों के पास मोबाइल फोन थे, उन्होंने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लापता बच्चों का विवरण (हुलिया): परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल लापता बच्चों के परिवारों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं भी सुराग न मिलने पर पुलिस की मदद ली गई। पुलिस को अंदेशा है कि बच्चे बिना बताए धार्मिक यात्रा या घूमने के इरादे से निकले हैं, हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दर्ज हुआ मुकदमा घटना की सूचना मिलते ही 112 नंबर की टीम और बारोटा चौकी से ASI राजपाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती छानबीन के बाद, प्रार्थी टेकचंद की लिखित दरखास्त पर कुंडली थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) और 84 JJ एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया है।
कानपुर देहात में लूट का खुलासा, तीन गिरफ्तार:नकदी, तमंचे, मोबाइल और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद
कानपुर देहात में गजनेर पुलिस, सर्विलांस और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूट की एक घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई नकदी, अवैध हथियार और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। यह घटना 26 अप्रैल को ग्राम जिगनी का पुरवा के पास हुई थी। व्यापारी राजबल्लभ परिहार से तीन अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर लगभग 20 हजार रुपये और अन्य सामान लूट लिया था। इस संबंध में गजनेर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच के लिए टीमें गठित की गईं। घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की। सरवन खेड़ा-गंगरौली मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी राजरोशन, आकाश कोरी और कुलदीप कोरी को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लूटे गए 11,400 रुपये, दो देशी तमंचे, चार जिंदा कारतूस, पीड़ित का मोबाइल फोन, कार्ड होल्डर और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि कुलदीप कोरी ने व्यापारी की गतिविधियों के बारे में अपने साथियों को जानकारी दी थी, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस मामले में एक अन्य आरोपी श्याम कोरी की तलाश कर रही है।घटना का सफल अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
जींद के राज नगर इलाके से एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत महिला बीते 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे बच्चों की स्कूल फीस जमा कराने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह घर नहीं लौटी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि वह राज नगर, अपोलो रोड, राजा की कोठी के पास का निवासी है। उसकी पत्नी पिछले छह महीने से वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत थी। 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे वह बच्चों की स्कूल फीस देने की बात कहकर हॉस्पिटल से निकली थी। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने हरे रंग का सूट, लाल सलवार और पैरों में चप्पल पहनी हुई थी। उसकी लंबाई लगभग पांच फुट तीन इंच और रंग गोरा है। उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। नरेश कुमार ने बताया कि उसने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने पुलिस से उसे ढूंढने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने पर धारा 127(6) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जल्द ही महिला का पता लगाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
समस्तीपुर के जितवारपुर में एक किराए के मकान में एक महिला का शव फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया। महिला ने पंखे के क्लैंप में गमछा लगाकर फांसी लगाई थी। घटना मुफस्सिल थाना इलाके की है। सूचना मिलने पर 112 की पुलिस टीम और नगर थाना अध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह शाम करीब 5:30 बजे जितवारपुर पहुंचे। छानबीन के बाद दरवाजा तोड़ा गया, जहां महिला का शव पंखे से लटका मिला। उसके पैरों के पास एक मोबाइल भी पड़ा था। मकान मालिक संजय राय ने बताया कि हसनपुर निवासी अजीत सिंह अपनी पत्नी के साथ पिछले छह महीने से उनके मकान में किराए पर रह रहे थे। अजीत सिंह रेलवे में पेंट्री कार पर काम करते हैं। महिला सोमवार रात छत पर थी मकान मालिक के अनुसार, अजीत सिंह रविवार सुबह अपने काम पर चले गए थे। महिला सोमवार रात 10 बजे तक छत पर देखी गई थी, जिसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। मंगलवार सुबह 10 बजे दूध देने वाला व्यक्ति आया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर वह चला गया। लोगों ने सोचा कि महिला सो रही होगी। शाम 5:30 बजे तक भी दरवाजा नहीं खुला, तो मकान मालिक को शक हुआ। उन्होंने मुफस्सिल थाने की पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 112 की टीम और मुफस्सिल थाना अध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह मौके पर पहुंचे और दरवाजा तुड़वाया, जहां महिला का शव फांसी पर लटका मिला। 112 पर तैनात पुलिस पदाधिकारी सीमा रानी ने पुष्टि की कि उन्हें शाम करीब 5:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मुफस्सिल थाने की पुलिस को आगे की जानकारी दी। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि दरवाजा तोड़ा गया, तो पंखे के किल्ली से गमछा में फंदे बनाकर महिला का लटका हुआ शव बरामद किया गया। शव को नीचे उतारा गया महिला का मोबाइल जब्त किया गया है ।महिला के बारे में स्पष्ट जानकारी पता की जा रही है । फिलहाल पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है। पति के आने का इंतजार किया जा रहा है। पति के आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा। पति से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।
गुरुग्राम पुलिस ने बिलासपुर क्षेत्र में ट्रक से माल चोरी के एक मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह घटना 13 अप्रैल 2022 को हुई थी, जब एक कंपनी का ट्रक ब्लूडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड, बिनौला (बिलासपुर) पहुंचा था। कंपनी के मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रक ड्राइवर गाड़ी को गेट के पास छोड़कर फरार हो गया था। बाद में जांच करने पर ट्रक में लदे माल में से करीब 19-20 बॉक्स गायब मिले। आरोप है कि ट्रक ड्राइवर जिलसाद ही माल चोरी कर फरार हुआ था। कल नूंह से पकड़ा गया था एक आरोपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 27 अप्रैल को नूंह से आरोपी जहीर (40) को गिरफ्तार किया। जहीर पलवल जिले के उटावड़ गांव का निवासी है। पूछताछ में जहीर ने बताया कि उसने ट्रक चालक जिलसाद और अन्य साथियों रोहित, मोहम्मद आशिक, परवेज और तारीफ के साथ मिलकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने खुलासा किया कि इस वारदात में शामिल होने के लिए उसे 50 हजार रुपए मिले थे। गिरफ्तार आरोपी जहीर को 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले में और गहन पूछताछ कर रही है ताकि अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग अभियान के दौरान डुप्लीकेट एमएसटी (मंथली सीजन टिकट/छमाही पास) बनाकर यात्रा करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। दुर्ग स्टेशन पर किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान 4 छात्रों को पकड़ा गया, जो मोबाइल ऐप की टिकट इमेज का दुरुपयोग कर फर्जी एमएसटी के जरिए यात्रा कर रहे थे। मामले में एक अन्य छात्र के टिकट बेचने में शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है। किलाबंदी चेकिंग में खुला फर्जीवाड़ा रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर ट्रेन संख्या 68705 रायपुर-डोंगरगढ़ लोकल में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान दुर्ग में वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर प्रिया ने एक यात्री के पास संदिग्ध एमएसटी टिकट पाया। गहन जांच में यह टिकट डुप्लीकेट निकला। पूछताछ आगे बढ़ी तो पूरा नेटवर्क सामने आया। जांच में पता चला कि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप से जारी एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग कर उसकी डुप्लीकेट कॉपी बनाई जा रही थी और उसी के जरिए यात्रा की जा रही थी। शंकराचार्य कॉलेज के 4 छात्र निकले शामिल जांच में शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए। पकड़े गए छात्रों में कुलदीप बिश्नोई (20), यू ओंकार (20), अखिलेश साहू (19), राहुल साहू (20) शामिल हैं। मुख्य आरोपी कुलदीप ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार किया और इसे अपने दो साथियों के साथ साझा किया, जिन्होंने इसे आगे प्रसारित किया। फर्जी टिकट बेचने वाला एक छात्र फरार पूछताछ में हर्ष नाम के एक अन्य छात्र का नाम सामने आया है, जो इन फर्जी टिकटों को अन्य यात्रियों को बेचने में शामिल बताया गया है। फिलहाल वह पकड़ में नहीं आया है। रेलवे ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) अविनाश कुमार आनंद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र प्रसाद, टाटा बाबू राव, अभिजीत डे, डिविजनल सीटीआई ए. जेना, सीटीआई जयंत बाघ और चेकिंग स्टाफ ने संदिग्धों से गहन पूछताछ की। चारों छात्रों को आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ दुर्ग को सौंप दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों को दी चेतावनी रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट केवल अधिकृत माध्यमों रेलवे टिकट काउंटर, यूटीएस ऑन मोबाइल, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, टिकट सुविधा केंद्र और रेलवन ऐप से ही लें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से टिकट या एमएसटी खरीदने से बचें। टिकट चेकिंग और सख्त होगी रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस खुलासे के बाद टिकट चेकिंग और सख्त की जाएगी और डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यह मामला रेलवे सुरक्षा और टिकटिंग सिस्टम में फर्जीवाड़े के नए तरीके को भी उजागर करता है।
दरभंगा के सुपौल बाजार स्थित आदर्श मोबाइल दुकान में 14-15 अप्रैल की रात हुई चोरी की घटना का बिरौल पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में चोरी के 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन नाबालिगों को भी पकड़ा है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने जानकारी देते हुए बताया कि दुकान संचालक अरविंद कुमार मिश्रा के आवेदन पर बिरौल थाना कांड संख्या-213/26 दर्ज किया गया था। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई। 16 साल के नाबालिग के पास से बरामद किए 3 मोबाइल कार्रवाई के दौरान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के रामपुर राउत गांव के एक 16 वर्षीय किशोर के पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की। उसके बयान के आधार पर एक अन्य 16 वर्षीय किशोर के पास से दो और एक 14 वर्षीय किशोर के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया। इसी क्रम में पुलिस ने 24 वर्षीय विपिन राम (पिता–जीवछ राम) को गिरफ्तार किया, जिसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों के घरों से एक-एक मोबाइल बरामद किए गए हैं, हालांकि दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। अब तक कुल 9 मोबाइल बरामद थानाध्यक्ष ने बताया कि अब तक कुल 9 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और बाकी मोबाइल की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि दुकान संचालक अरविंद कुमार मिश्रा ने इस मामले में 1 लाख 65 हजार रुपये नगद एवं विभिन्न कंपनियों के 11 कीमती मोबाइल फोन चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवक और नाबालिगों ने नगद राशि चोरी करने से इनकार किया है। घटना के खुलासे के बाद दुकानदार अरविंद मिश्रा ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है। वहीं बाजार के अन्य व्यवसायियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है।
गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस ने आज मंगलवार को राहगीरों से लूटपाट कर उनके मोबाइल फोन से पैसे ट्रांसफर करवाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। नवाबगंज थाने की पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन आरोपियों अहमद रजा अंसारी, साहिबे आलम और अब्दुल बली अंसारी को गिरफ्तार किया है। इन्हें गोंडा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटना बीते 25 अप्रैल को हुई थी। आरोपियों ने चक शिवरहां, थाना नवाबगंज निवासी जमील अहमद के साथ दिनदहाड़े मोटरसाइकिल से झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन लूट लिया था। तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था इसके बाद, उन्होंने जमील अहमद को रोककर उनके साथ मारपीट की और उसी मोबाइल से 55,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद वे मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे। पीड़ित जमील अहमद ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल को दोपहर 1:35 बजे जब वह जा रहे थे, तभी तीन पल्सर सवार व्यक्तियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। जब उन्होंने पीछा किया, तो आरोपियों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली और मारपीट कर उनके मोबाइल फोन से 55,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया था। नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि ये आरोपी राहगीरों से मोबाइल फोन लूटकर उनके ही फोन से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इस पूरे मामले में अजय सिंह नामक एक और आरोपी का नाम सामने आया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए नवाबगंज थाने की पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अजय सिंह के गिरफ्तार होने पर कई और हम खुलासे पूछताछ में हो सकते हैं जिसका प्रयास किया जा रहा है और पुलिस इस पूरे प्रकरण को लेकर विस्तृत जांच कर रही है।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 के पूर्वी छोर पर की गई। पुलिस के अनुसार, यह अभियान रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में बढ़ती चोरी, लूट और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम सतर्कता के साथ निगरानी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध युवक को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि गिरफ्तार युवक की पहचान विशाल तिवारी उर्फ नन्हे तिवारी (22 वर्ष) पुत्र अनिल तिवारी के रूप में हुई है। युवक गोरखपुर के उरुवा थाना क्षेत्र के मर्चा का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है और उस पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। बरामदगी का विवरण तलाशी के दौरान आरोपी के पास से: बरामद किए गए। पुलिस इन मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान करने में भी जुटी हुई है। पूछताछ में हुआ खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध कबूल करते हुए बताया कि मैं ट्रेनों और रेलवे प्लेटफार्मों पर सो रहे यात्रियों को निशाना बनाता था। पुलिस ने बताया कि- मौका मिलते ही शातिर चोर यात्रियों का मोबाइल और अन्य सामान चोरी कर लेता था। पुलिस ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल और सामान को वह राह चलते लोगों को सस्ते दामों पर बेच देता था। इसी पैसे से वह अपना दैनिक खर्च चलाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह मंगलवार को भी चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से स्टेशन पर आया था। इससे पहले लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपी के अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम इस सफल कार्रवाई में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम शामिल रही। अपराध पर पड़ेगा असर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में होने वाली मोबाइल चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। साथ ही यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर यात्रा के दौरान अपने सामान और मोबाइल की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र के ग्राम खिरिया में पुरानी रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में करीब पांच साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल करने वाले छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने 10-10 साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में घटना का मोबाइल वीडियो सबसे अहम साक्ष्य बना, जिसने सुनवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया। ट्रैक्टर से जा रहे थे खेत, रास्ते में रोका और शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार 20 जून 2021 की शाम करीब 6 बजे ग्राम खिरिया निवासी जहार सिंह अपने भतीजे साहब सिंह और अशोक के साथ ट्रैक्टर से खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गांव में हरि बल्लभ यादव के घर के पास कुछ लोगों ने रास्ता रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। लाठी और कुल्हाड़ी से हमला में युवक गंभीर रूप से हुआ था घायल आरोप है कि हरि बल्लभ यादव, विवेक, सौरभ उर्फ राजा भैया, सर्वेश, ध्रुव परिहार और राधाशरण यादव ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में अशोक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट को साक्ष्य मानकर सजा सुनाई पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच के बाद चालान अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वीडियो रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट और 18 गवाहों के बयान अदालत के सामने रखे। घायल अशोक चोटों के कारण बयान देने की स्थिति में नहीं रहा, लेकिन अन्य साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया। सभी आरोपियों को 10-10 साल की सजा और हर एक पर 4200 जुर्माना तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सविता जड़िया की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को गंभीर मारपीट का दोषी माना। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 10-10 वर्ष के कारावास और 4200-4200 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश पस्तोर ने की।
सोनीपत में 3 मई को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर सोनीपत प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जिलाधीश नेहा सिंह ने सभी 8 परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधीश नेहा सिंह के आदेशानुसार, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के हथियार जैसे तलवार, लाठी, गंडासी, चाकू या आग्नेयास्त्र ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इतना ही नहीं, केंद्रों के पास 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ इकट्ठा होने पर भी पाबंदी होगी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की बाहरी दखलअंदाजी को रोकना है। फोटो स्टेट की दुकानें रहेंगी बंद नकल माफियाओं और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा वाले दिन केंद्रों के पास स्थित सभी फोटो स्टेट मशीन की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। इसके अलावा, केंद्रों के आसपास मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। नियम तोड़ा तो जेल की हवा जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। सरकारी मुलाजिम रहेंगे तैनात प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये प्रतिबंध आम जनता और बाहरी व्यक्तियों के लिए हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और परीक्षा संचालन में लगे सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे, ताकि वे सुचारू रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े लूट की घटना सामने आई है। बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्र अंकित कन्नौजिया से स्कूटी सवार दो बदमाशों ने मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। यह घटना सोमवार सुबह शिवकटरा स्थित चंद्रनगर के हनुमान मंदिर के पास हुई। जानकारी के अनुसार, शिव पार्क ओमपुरवा निवासी अंकित कन्नौजिया सुबह 6:27 बजे शिवकटरा स्थित जिम जा रहे थे। जैसे ही वह चंद्रनगर के हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी स्कूटी सवार दो बदमाश अचानक उनके पास आए और मोबाइल छीनकर भाग निकले। अंकित ने उनका पीछा भी किया, लेकिन बदमाशों की तेज रफ्तार के कारण वह सफल नहीं हो सके। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने छात्र को थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। आरोप है कि जब अंकित शिकायत लेकर चकेरी थाने पहुंचा, तो वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसे ऑनलाइन शिकायत करने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद छात्र ने मजबूर होकर मोबाइल गुमशुदगी की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी ने बताया कि छात्र ने मंगलवार को थाने में लिखित तहरीर दी है। इस तहरीर के आधार पर अब प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां पीड़ित को तत्काल सहायता देने के बजाय ऑनलाइन प्रक्रिया का हवाला दिया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गिरिडीह शहर के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत आजाद नगर स्थित चदरा पुल के पास एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 24 वर्षीय तौफिक अंसारी के रूप में हुई है। वह पेशे से चारपहिया वाहन चालक था। किराए पर गाड़ी चलाता था। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे तौफिक के मोबाइल पर उसके परिचित आसिफ अली का फोन आया था। उसने उसे चदरा पुल के पास मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद तौफिक अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। पहले से मौजूद आसिफ अली, बंटी टायसन, साकिब अली, मोनू पठान और अरशद ने वहां पहुंचते ही उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पहले पिस्टल से फायरिंग की और फिर धारदार हथियार से उस पर हमला बोल दिया। मरने से पहले बताए आरोपियों के नाम हमले के दौरान जान बचाने की कोशिश में तौफिक मौके पर ही गिर पड़ा। जिसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उस पर कई बार वार किए। गंभीर रूप से घायल तौफिक खून से लथपथ होकर वहीं पड़ा रहा। मृतक के फुफेरे भाई बब्बन के अनुसार, रात 12:22 बजे बंटी टायसन ने फोन कर विवाद की जानकारी दी थी। तौफिक को समझाने को कहा था, लेकिन वह घर से निकल गया। कुछ देर बाद साथ गए युवकों ने सूचना दी कि चदरा पुल के पास उसके साथ मारपीट हो रही है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने तौफिक को गंभीर हालत में पाया। बताया जा रहा है कि मरने से पहले तौफिक ने अपने हमलावरों के नाम साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली बताए। जिसकी मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी होने की बात सामने आई है। जांच में जुटी टीम, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी घटना की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। जांच के दौरान मृतक का मोबाइल पास के नाले से बरामद किया गया, जिसमें अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक की हत्या धारदार हथियार से की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक पूर्व में बनियाडीह हत्या मामले में जेल जा चुका था। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
असम: आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़; पांच गिरफ्तार, नकदी और मोबाइल जब्त
असम के कछार जिले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़ा एक अवैध सट्टेबाजी रैकेट चलाने का आरोप है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी
सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में गांजा पकड़ने के लिए सत्तीपारा पहुंची पुलिस टीम की बोलेरो वाहन लेकर बदमाश भाग निकला। बोलेरो वाहन में प्रशिक्षु डीएसपी का मोबाइल छूट गया था, जिसे पुलिस ने ट्रेस किया और गाड़ी को राम मंदिर के पास से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे की टीम सोमवार शाम गांजा पकड़ने के लिए सत्तीपारा पहुंचे थे। पुलिस टीम गांजा विक्रेता गोपाल नामदेव की तलाश में छापा मार रही थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान गोपाल नामदेव का जीजा मुकेश नामदेव छत से सड़़क पर कूदा। सड़क में पुलिस की बोलेरो वाहन खड़ी थी, जिसमें चाबी लगी हुई थी। पुलिस टीम का कोई सदस्य गाड़ी के पास नहीं था। बोलेरो स्टार्ट कर ले भागा बदमाशमुकेश नामदेव पुलिस की बोलेरो वाहन में सवार हुआ और गाड़ी स्टार्ट कर ले भागा। बदमाश द्वारा पुलिस की गाड़ी लेकर भागने की सूचना पर हड़कंप मच गया। बोलेरो वाहन में ही प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे का मोबाइल छूटा हुआ था। पुलिस ने तत्काल निशांत कुर्रे का मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया। मोबाइल का लोकेशन राम मंदिर के पास मिलने पर पुलिस टीम राम मंदिर रोड पहुंची, जहां बोलेरो वाहन खड़ी मिली। पुलिस ने आसपास तलाश की और शातिर बदमाश मुकेश नामदेव को हिरासत में लिया। उसके पास से बोलेरो वाहन की चाबी जब्त की गई। पुलिस ने मुकेश नामदेव को हिरासत में लिया और उसे लेकर कोतवाली थाने पहुंची। पुलिस जीप मौके से करीब एक किलोमीटर दूर मिल जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है। सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सड़क, बिजली व मोबाइल नेटवर्क से वंचित हैं पांच गांव, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
भास्कर न्यूज|लावालौंग प्रखंड क्षेत्र के कोलकोले पंचायत के पांच गांव भुसाड़,मढ़वा,सम्भे,ल ेमोडीह और विशनपुर आजादी के करीब 78 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।सड़क,बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि देश जहां आधुनिकता,डिजिटल भारत,आत्मनिर्भर भारत और तेज विकास की ओर बढ़ रहा है, वहीं उनका गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है,जिससे बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।मरीजों,गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होती है।बिजली और नेटवर्क की समस्या से बड़ी परेशानी बनकर कायम है।ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया,लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। गांवों में बिजली व्यवस्था बेहद खराब है,जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और लोगों को अंधेरे में जीवन बिताना पड़ रहा है।मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीण डिजिटल सेवाओं,ऑनलाइन पढ़ाई,बैंकिंग सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित हैं।आपात स्थिति में किसी से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि उनके क्षेत्र को वर्षों से विकास कार्यों में नजरअंदाज किया गया है।इस कारण यहां के लोगों को उपेक्षा,गरीबी,बेरोजग ारी और कठिन जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहां है वंचित उक्त पांचों गांवों में सड़क निर्माण,नियमित बिजली आपूर्ति और मोबाइल टावर लगाने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे होंगे।
लोन के चक्कर में किया एप डाउनलोड, मोबाइल हैक कर किया ब्लैकमेल, 6 लाख ठगे
राजधानी में एक युवक से 6 लाख रुपए की ठगी हो गई। पीड़ित ने लोन लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड किया था। उस एप्लीकेशन को उसने अपने मोबाइल की सारी प्राइवेसी दे दी। इसके बाद ठगों ने उसके मोबाइल से सारा डेटा चुराया और उसे ब्लैकमेल करने लगे। डर के मारे पीड़ित ने ठगों को 6 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी जब ठग उससे पैसे मांगने लगे तब पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा। फिलहाल इस मामले में टिकरापारा पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित विशाल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसने लोन लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउलनोड किया था। ठगों ने उस एप्लीकेशन के जरिए पीड़ित के सारे डेटा को चुरा लिया और उसके मोबाइल को हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उसकी फोटो को अश्लील तरीके से एडिट कर उसके वाट्सएप पर वायरल कर दिया।
क्राइम के गंभीर मामलों को सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने 21.35 करोड़ खर्च कर 35 नई मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदी। गाड़ियों की खरीदी का सबसे बड़ा उद्देश्य यही कि हाईटेक तरीके से क्राइम सीन की जांच हो जिसे अपराधी तक तुरंत पहुंचा जा सके। करीब चार महीने पहले इन सभी गाड़ियों को राज्य स्तरीय फोरेंसिक विभाग को सौंप दिया गया। लेकिन अभी तक सभी नई गाड़ियां तपती धूप में अमलेश्वर में खड़ी हैं। अभी एक भी गाड़ी को किसी भी जिले में नहीं भेजा गया है। इस वजह से किसी भी जिले में बड़ा अपराध होने पर क्राइम सीन से कलेक्ट किए गए सैंपल जांच के लिए रायपुर लैब में भेजे जा रहे हैं। मोबाइल वैन को जिलों में नहीं भेजने का असर पुलिस की जांच में पड़ रहा है। जांच के दौरान जो रिपोर्ट दो से तीन दिन में मिल जानी चाहिए उसके लिए अभी तीन से चार हफ्ते का समय लग रहा है। राज्यभर से सैंपल आने की वजह से प्रयोगशाला में मौजूद विशेषज्ञों को इन्हें जांचने में समय लग रहा है। केंद्र सरकार की ओर से नया बीएनएस कानून लागू होने के बाद से ही हर गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य की गई, ताकि अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठा किए जा सके। कोर्ट में ऐसे अपराधी सबूतों के अभाव में बच न पाए। यही वजह है कि राज्य सरकार ने तेजी दिखाते हुए तुरंत फोरेंसिक वैन खरीदने का टेंडर जारी किया और गाड़ियों की खरीदी कर उन्हें पिछले साल दिसंबर में ही सौंप भी दिया। रायपुर लैब में राज्यभर से सैंपल पहुंचने से बोझ बढ़ा राज्यभर में केवल रायपुर प्रयोगशाला को ही हाईटेक किया गया है। इस वजह से सभी जिलों की पुलिस को रायपुर लैब के ही भरोसे में रहना पड़ रहा है। रायपुर की हाईटेक प्रयोगशाला में अभी यौन उत्पीड़न और हत्या जैसे मामलों में डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य जैसे कंप्यूटर, मोबाइल की रिकवरी इसके अलावा हथियार, कारतूसों, विस्फोटकों, ब्लड, वीर्य, लार, अन्य जैविक तरल पदार्थ, जहर, नशीली चीजें, पेट्रोल, डीजल, अन्य रसायन, जाली नोट, हस्ताक्षर, लिखावट, स्टैंप पेपर, मिट्टी, कांच, पेंट, फाइबर, टूल मार्क आदि की जांच की जा रही है। नई मोबाइल वैन जांच में कैसे मदद करेगी सभी फोरेंसिक मोबाइल वैन को जिलों में भेजने की दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गाड़ियों के नंबर प्लेट भी आने वाले हैं। एक हफ्ते के भीतर गाड़ियों को जिलों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। -डॉ. टीएल चंद्रा, प्रभारी डायरेक्टर राज्य फोरेंसिक विभाग
3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के स्वागत के लिए जम्मू-कश्मीर का प्रशासन जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं को जम्मू शहर व आसपास 20 लॉज व धर्मशालाओं में ठहराया जाएगा। इनमें जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू प्रशासन की ओर से जारी सूची में बाहू क्षेत्र, जम्मू शहर मुख्य के अंदर 20 धर्मशालाओं, मंदिरों, लॉज को अमरनाथ यात्रियों को ठहराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इन सभी ठहराव स्थलों में 10 हजार से अधिक यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को कम से कम दूरी पर ठहराव स्थल सुगमता के साथ उपलब्ध कराए जाएं। ये हैं ठहराव स्थलप्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन रोड स्थित सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम व मिनी मार्केट शिव मंदिर, गांधीनगर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, गोरखा नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर, नरवाल स्थित हॉर्टिकल्चर गेस्ट हाउस, बाहू फोर्ट स्थित खजूरिया बिरादरी सभा, कमला पैलेस, शक्तिनगर स्थित अफसर गेस्ट हाउस, शक्तिनगर स्थित जगत रिजॉर्ट, सुंजवां स्थित द ग्रैंड रिजॉर्ट, रख बाहू स्थित केसी रिगालिया होटल, नानक नगर स्थित भार्गव रिजॉर्ट, ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क गेस्ट हाउस व केसी रीगल पार्क, कालूचक स्थित द एड्रेस बैंकवेट हॉल, सैनिक कॉलोनी स्थित सैनिक फार्म, चौआदी स्थित नूर कैसल रिजॉर्ट, त्रिकुटा नगर स्थित गार्डन स्टेट गेस्ट हाउस और सैनिक कॉलोनी सेक्टर-ई स्थित एसजी फार्म्स। लखनपुर से उधमपुर, बनिहाल तक बनेंगे 490 मोबाइल शौचालयश्री अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता पर विशेष फोकस रहेगा। यात्रा मार्ग पर कठुआ के लखनपुर से लेकर उधमपुर के बनिहाल तक 490 मोबाइल शौचालय, 190 स्नानघर और 180 यूरिनल पॉइंट बनाए जाएंगे। इसके लिए जम्मू नगर निगम की ओर से 4.74 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किए गए हैं। हर साल अमरनाथ यात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालु जम्मू पहुंचते हैं। इससे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर काफी दबाव पड़ता है। ऐसे में इस बार प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े। नगर निगम जम्मू के कार्यकारी अभियंता लोकेश गुप्ता ने बताया कि सभी व्यवस्थाओं को यात्रा शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के साथ ही नियमित निगरानी की जाएगी। कठुआ में शिवभक्तों की सुविधाओं पर खर्च होंगे 1.21 करोड़श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर कठुआ प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लखनपुर से लेकर हीरानगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे लॉजमेंट सेंटर में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए 1.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को लखनपुर यार्ड और आसपास तारकोल बिछाने के आदेश दिए हैं। इस पर कुल 65 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा हीरानगर में सुविधाओं के लिए 10 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।लॉजमेंट सेंटरों में बिजली संबंधी कार्यों के लिए 7 लाख जारीलखनपुर से लेकर हीरानगर तक बैरिकेडिंग, दिशा संकेतक और अन्य आवश्यक संरचनाओं की मरम्मत की जाएगी। यात्रियों के रात्रि विश्राम स्थलों पर बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन ने अलग से प्रबंध किया है। लखनपुर में स्थित कोविड सेंटर भवन और कठुआ के अन्य लॉजमेंट सेंटरों में बिजली संबंधी कार्यों के लिए 7 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें बिजली की वायरिंग, लाइटिंग, पंखे, पावर कनेक्शन, आपातकालीन रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। सार्वजनिक सुविधाओं पर अलग से खर्च होंगे 31.50 लाख रुपयेबता दें, कठुआ के सब डिवीजन हीरानगर और कठुआ के अधिकार क्षेत्र में यात्रियों के लिए आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं पर अलग से 31.50 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इससे सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, पेयजल प्वाइंट, बैठने के लिए शेड, सफाई व्यवस्था, सूचना पट्ट, अस्थायी विश्राम स्थल और अन्य जरूरी जनसुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा हीरानगर में स्थित लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह जो यात्रियों के लिए आवास केंद्र बनाया गया है, इसके मरम्मत और रखरखाव के लिए 8 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की गई है। इन सभी कार्य को अगले एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
इस बार जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल रूप से होगी। कागजों की जगह मोबाइल एप के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा। साथ ही आमजन के लिए 1 से 15 मई तक स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। इसमें परिवार का मुखिया खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी दर्ज कर सकेगा। जमीनी स्तर पर ब्लॉक में निगरानी रखने के साथ सोमवार को उपखंड और चार्ज जनगणना अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों को प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम की जानकारी दी गई। जिला परिषद सभागार में शाम को खत्म हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रंजेटेंशन के जरिए पूरी प्रक्रिया को समझाया गया। जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया- जनगणना के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होगी। इसमें मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। यह प्रक्रिया 14 जून तक पूरी की जाएगी। वहीं घर के मुखिया और सदस्यों से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। ब्लॉक और पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया- सभी अधिकारी खुद भी स्वगणना करें और अधीन कर्मचारियों से भी प्रक्रिया पूरी करवाएं। इसके लिए ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग सुविधा का लाभ उठा सकें। अधिकारियों को बताया गया- पहले चरण में परिवारों से 34 प्रकार की जानकारी ली जाएगी। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है और आमजन से सहयोग की अपील की गई है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों को 13 मई तक देंगे ट्रेनिंग ट्रेनिंग के दौरान तकनीकी पहलुओं और फील्ड वर्क की रूपरेखा भी समझाई गई। जिले में 4394 प्रगणकों (सर्वे करने वाले) और सुपरवाइजर्स को 30 अप्रैल से 13 मई के बीच ट्रेनिंग दी जाएगी। जनगणना निदेशालय जयपुर के उदयपुर जिला समन्वयक डॉ. पुलकेश शर्मा ने बताया- पहले चरण अर्थात मकान सूचीकरण, मकानों की गणना के संबंध मे परिवार के मुखिया और सदस्यों से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण सहित पुनीत शर्मा, राजेन्द्र खटीक, बनवारी लाल बुम्बरिया और जयेश ओझा आदि मौजूद रहे।
गुरुग्राम जिले के मानेसर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति के बैंक खाते से उसकी जानकारी के बिना लाखों रुपए का लोन निकाल लिया गया। पीड़ित ने मानेसर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, 6 दिसंबर 2025 को उसके एक्सिस बैंक खाते से अचानक 12 हजार 585 रुपए कट गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उसके खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलकर 4 लाख 74 हजार रुपए का लोन लिया गया था। कटी हुई रकम इसी लोन की पहली किस्त थी। पीड़ित ने बताया कि उसने कोई लोन नहीं लिया था और यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है। डिप्टी मैनेजर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी मोहम्मद अली और मोहम्मद आसिफ शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली से पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि मोहम्मद अली आरबीएल बैंक की दिल्ली शाखा में डिप्टी मैनेजर है, जबकि मोहम्मद आसिफ पहले गुरुग्राम में एक्सिस बैंक में कार्यरत था। जांच से खुलासा हुआ कि मोहम्मद अली इस गिरोह का सरगना है। उसने मोहम्मद आसिफ से प्री-अप्रूव्ड लोन वाले बैंक खातों की गोपनीय जानकारी निकलवाई। खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला आसिफ ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर संवेदनशील ग्राहक डेटा साझा किया। यह डेटा फिर अन्य आरोपी मोहम्मद हसीम को दिया गया। हसीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लोन निकाल लिया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इस गिरोह की संलिप्तता की जांच के लिए अन्य बैंकों से भी संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
रतिया में लेडी टीचर से छीना बैग:नगर पालिका कार्यालय से लौट रही, मोबाइल गायब और जनगणना किट रखी थी
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में दिनदहाड़े एक लडी टीचर से बैग छीनने की वारदात सामने आई है। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे हुई, जब गांव अहरवा के जीएसएसएस में गणित की टीचर पूजा रानी नगर पालिका रतिया से अपने घर लौट रही थीं। पूजा रानी को जनगणना ड्यूटी के तहत नगर पालिका से एक किट मिली थी, जो उनके बैग में रखी थी। बीडीपीओ ब्लॉक के पास बुढ़लाडा रोड पर पहुंचते ही बाइक सवार 2 अज्ञात युवकों ने उनका बैग छीन लिया और फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार, पर्स में लगभग 700-800 रुपए नकद, आईडी कार्ड, पासवर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और जनगणना से संबंधित सामग्री थी। घटना के दौरान उनका मोबाइल फोन भी नीचे गिर गया, जो बाद में नहीं मिला। टीचर ने बदमाशों का किया पीछा घटना के बाद महिला ने शोर मचाते हुए आरोपियों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश तेज रफ्तार से मौके से भाग निकले। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता बाइक सवार बदमाशों के पीछे भागती हुई दिखाई दे रही हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस पीड़िता ने इस संबंध में थाना शहर रतिया में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएचओ पुष्पा सिहाग ने बताया कि पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है। शहर में लगातार बढ़ रही ऐसी वारदातों को लेकर शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा को लेकर अलग-अलग कार्रवाई की गई है। जिसमें साइबर व घरघोड़ा की पुलिस ने 4 आरोपियो को आईपीएल मैच में क्रिकेट सट्टा खेलाते हुए पकड़ा है। वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में संबंधित पुलिस आगे की कार्रवाई में जूट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक पहला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। जहां साइबर टीम को मुखबीर से सूचना मिली कि घरघोड़ा के जय स्तंभ चौक के पास चेन्नाई सुपर किंग व गुजरात टाइटन के क्रिकेट में बॉल टू बॉल व हारजीत के नाम पर लोगों से पैसे लेकर ऑनलाईन सट्टा खेलाया जा रहा है। सूचना पर साइबर और घरघोड़ा की टीम ने वार्ड नंबर 13 लक्ष्मीनारायण सिदार के घर में दबिश दी। जहां 3 लोग IPL क्रिकेट मैच देखते हुए मोबाइल में रकम नोट कर रहे हैं। जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किए, लेकिन उन्हें घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ लिया। उनसे पूछताछ में उन्होंने अपना नाम गौतम भोजवानी 26 साल निवासी कन्या शाला के पीछे साईराम कॉलोनी निवासी, लक्ष्मीनारायण सिदार 28 साल निवासी वार्ड नंबर 13 और सागर गुप्ता 27 साल वार्ड नंबर 2 निवासी कन्या शाला के पीछे का होना बताया। जिनसे पूछताछ में ऑनलाईल सट्टा खेलाना स्वीकार किया और अपने बयान में बताया कि रायगढ़ निवासी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार और करण चौधरी के मोबाइल के सहयोग से IPL क्रिकेट में हारजीत के नाम पर लोगों से रकम लेकर ऑनलाईन जुआ खिलाया जा रहा था। पुलिस ने उनके पास से 4 मोबाइल व 15490 रुपये भी जब्त किया है। मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घरघोड़ा पुलिस ने गोयल ट्रेडिंग किराना दुकान में दबिश देकर भरत गोयल 22 साल को ऑनलाईन सट्टा खेलाते पकड़ा है। मामले में पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल जब्त करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। कोष्टापारा-गद्दी चौक में सट्टा खेलाते आरोपियों को पकड़ावहीं कोतवाली पुलिस ने पहली कार्रवाई में साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने मुखबिर सूचना पर नयागंज कोष्टापारा स्थित खादी ग्राम भंडार के पास दबिश देकर सोनू देवांगन 21 साल को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने मोबाइल से चेन्नई सुपर किंग, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले जा रहे आईपीएल मुकाबलों पर हार-जीत का ऑनलाइन सट्टा खेल रहा था और अन्य लोगों को भी खिला रहा था। जांच में उसके मोबाइल में मैच से संबंधित स्क्रीनशॉट और गूगल-पे ट्रांजेक्शन मिले। वहीं दूसरी कार्रवाई में गद्दी चौक स्थित ए-वन कैफे के संचालक हर्षित देवांगन 24 साल को ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालित करते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए गए, जिनके माध्यम से वह हार-जीत पर दांव लगवा रहा था और डिजिटल पेमेंट से लेनदेन कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालन स्वीकार किया, जिस पर उसके विरुद्ध भी जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
मैहर पुलिस ने 85 गुम मोबाइल ढूंढे:दिल्ली, गुजरात, यूपी से लाकर मालिकों को सौंपे
मैहर पुलिस ने ऑपरेशन रिंगटोन 2.0 चलाकर लोगों के गुम हुए 85 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 14 लाख 35 हजार रुपए है, जिन्हें पुलिस ने सोमवार को असली मालिकों को वापस सौंप दिया। इन मोबाइलों को खोजने के लिए पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। बरामद किए गए फोन में सैमसंग, वनप्लस, वीवो और ओप्पो जैसी नामी कंपनियों के महंगे हैंडसेट शामिल हैं। पुलिस ने इन फोनों को सिर्फ मैहर ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गुजरात, यूपी और मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों से ट्रेस किया। मालिकों के खिले चेहरे पुलिस ऑफिस में जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मैहर पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की और आभार जताया। टीम को मिलेगा इनाम इस बड़ी कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल और पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने शानदार काम करने वाले पुलिसकर्मियों और स्टाफ को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
पंजाब के फाजिल्का जिले में जलालाबाद स्थित गांव घुबाया में अवैध संबंधों और एक मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में एक महिला का प्रेमी और उसकी माँ गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फरीदकोट रेफर कर दिया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव घुबाया निवासी अजय (उर्फ विजय) के फिरोजपुर जिले के गुरुहरसहाय की एक विवाहित महिला के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध थे। अजय ने उस महिला को उपहार के रूप में एक नया मोबाइल फोन दिया था। बीते दिनों अजय और महिला के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद अजय ने महिला से वह मोबाइल फोन वापस ले लिया। जब इस पूरी बात की जानकारी महिला के पति जतिंदर सिंह को हुई, तो वह सच्चाई जानने और मोबाइल वापस लेने के लिए अजय के घर गांव घुबाया पहुँच गया। घर में घुसकर हमला और तोड़फोड़ शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार हुई। देखते ही देखते जतिंदर सिंह ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और अजय के घर में दाखिल होकर हमला कर दिया। इस मारपीट में अजय और उसकी माँ शीला बाई बुरी तरह घायल हो गए। शोर शराबा सुनकर जब गांव के लोग मौके पर इकट्ठा हुए, तो हमलावर जतिंदर सिंह और उसके साथी अपनी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने हमलावर की कार में तोड़फोड़ की। पुलिस की कार्रवाई डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया अवैध संबंधों और मोबाइल को लेकर हुए इस झगड़े में माँ-बेटा घायल हुए हैं। अजय की हालत नाजुक होने के कारण उसे फरीदकोट रेफर किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लिया है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार जतिंदर सिंह और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इलाके में इस घटना को लेकर तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
भीलवाड़ा की गांधीनगर थाना पुलिस ने डिलीवरी करने से पहले एक कोरियर बॉय को लैपटॉप और मोबाइल चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपी युवक के पास से चोरी के 12 मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया है। यह था मामला गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कसौटिया ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद नगर में रहने वाले भंवरलाल शर्मा ने 23 अप्रैल को एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि मेरी कोरियर कंपनी ऑफिस में काम करने वाले किसी कर्मचारी ने ग्राहकों के पार्सल में से 15 मोबाइल और एक एप्पल कंपनी का लैपटॉप और अन्य सामान चोरी कर लिए जिनकी कीमत करीब 7 लाख रुपए है। मोबाइल और लैपटॉप चुराना कबूल किया इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर डिटेल इन्वेस्टिगेशन किया गया।पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध युवक को डिटेन किया,इससे पूछताछ की गई तो इसने डिलीवरी करने से पहले ही एप्पल कंपनी का एक लैपटॉप और12 मोबाइल चोरी करना कबूल किया।पुलिस ने आरोपी युवक के पास से लैपटॉप और 12 मोबाइल बरामद किया। ग्राहकों को प्रोडक्ट नहीं मिले तो हुआ खुलासा ये युवक डिलीवरी करने के लिए इन मोबाइल और लैपटॉप को लेकर निकला था लेकिन ग्राहकों को डिलीवरी नहीं कर इसने इन लैपटॉप और मोबाइल को अपने पास ही रख लिया,बाद में जब ग्राहकों ने कोरियर कंपनी से कांटेक्ट किया तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक से डिटेल इन्वेस्टिगेशन में लगी है और इससे कुछ और वारदात का खुलासा होने की भी संभावना है। ये थे टीम में शामिल युवक को पकड़ने गई टीम में गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कसौटिया हेड कांस्टेबल जगदीश चंद्र,अनिरुद्ध,कांस्टेबल गिरिराज और राशिद खान शामिल रहे। इसको किया गिरफ्तार पुलिस ने डिलीवरी की आड़ में मोबाइल और लैपटॉप चोरी के मामले में मानवेंद्र सिंह ( 19) पिता हेमेंद्र सिंह सांखला निवासी कटार,आसींद हाल पुलिस लाइन के पास भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। रविवार को छावनी थाना पुलिस ने ऑनलाइन के जरिए सट्टा चलाने वाले एक युवक को अरेस्ट किया है, जिसके पास से कार, लैपटॉप और महंगे मोबाइल जब्त किए हैं। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि कैम्प-2 बैकुंठ धाम वाटिका गेट के सामने एक व्यक्ति गुरु 777 नाम के एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। पुलिस ने क्रेटा कार को रोका और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कार में बैठे आरोपी को ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए पकड़ा गया। आरोपी का नाम इरफान पाशा बताया गया है, जिसकी उम्र करीब 35 साल है और वह खुर्सीपार, भिलाई का रहने वाला है। कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए हैं। इनमें एक क्रेटा कार, एक डेल इंस्पिरॉन लैपटॉप, एक आईफोन 16 प्रो मैक्स और एक अन्य स्मार्ट मोबाइल शामिल है। पुलिस के अनुसार जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपए में है। हार-जीत का लगवा रहा था दांव जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन एप के जरिए लोगों से हार-जीत का दांव लगवाकर सट्टा चला रहा था। इससे वह अवैध तरीके से पैसा कमा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
राजधानी रायपुर में डी-फार्मा के छात्र और उसके दोस्त से लूट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सरस्वती नगर थाना क्षेत्र की है। मामले में एक हिस्ट्रीशीटर और दो नाबालिग शामिल थे। आरोपियों ने छात्र और उसके दोस्त को रोककर उनके साथ मारपीट की और चाकू से हमला भी किया। इसके बाद उन्होंने चांदी की चेन, आधार कार्ड और अन्य सामान लूटकर मौके से फरार हो गए।पीड़ितों के नाम सुजल लेदर और वैभव यादव बताए गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी का नाम आकाश यादव है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला सरस्वती नगर पुलिस के मुताबिक पीड़ित सुजल लदेर ने आरोपियों के खिलाफ सरस्वती नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह शिवानंद नगर में रहता है और डी-फार्मा की पढ़ाई करता है। 25 अप्रैल की रात वह अपने दोस्त वैभव यादव के साथ चंगोराभाठा से स्कूटी (CG 04 PW 996) से घर लौट रहा था। रात करीब 2:40 बजे दोनों कुकुरबेड़ा गुरुद्वारा के पीछे रिंग रोड पर पहुंचे। रास्ता समझ नहीं आने पर वे मोबाइल में मैप देख रहे थे। इसी दौरान तीन युवक सामने आए और स्कूटी रुकवाकर चाकू दिखाते हुए लूटपाट शुरू कर दी। एक आरोपी ने वैभव यादव की बाईं जांघ में चाकू मार दिया, जबकि दूसरे ने सुजल के गले से 2500 रुपए की चांदी की चेन लूट ली। आर्म्स एक्ट में भी केस दर्ज पीड़ित ने बताया कि वारदात के दौरान आरोपी एक-दूसरे को ‘चीकू’, ‘भोलू’ और ‘आकाश’ नाम से पुकार रहे थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 88/26 के तहत धारा 309(6) BNS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया। पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी पीड़ितों की शिकायत पर DCP वेस्ट संदीप पटेल के निर्देश पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें एक आरोपी की पहचान आकाश नायक उर्फ जेडी के रूप में हुई, जो सरस्वती नगर थाना का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ वारदात करना कबूल लिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई चांदी की चेन, आधार कार्ड और बटनदार चाकू जब्त किया गया। आकाश नायक के खिलाफ पहले से आधा दर्जन अपराध दर्ज हैं।
भागवत कथा : भजनों पर झूमीं महिलाएं, मोबाइल छोड़ जाप और माला पर जोर
उदयपुर | विवेक नगर, सेक्टर-3 स्थित विवेक पार्क में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा-भक्ति का उत्साह देखने को मिला। भजनों की मधुर प्रस्तुति के बीच महिलाओं ने नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथाव्यास पुष्कर दास महाराज ने प्रवचन में कहा कि सत्य भीड़ में नहीं, बल्कि एकांत में साधना से प्राप्त होता है। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर संकेत करते हुए कहा कि यदि उतना ही समय जप और माला में लगाया जाए तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कथा और सत्संग व्यक्ति को भटकाव से बचाकर सही मार्ग पर ले जाते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। प्रवचन के दौरान यशोदा के वात्सल्य प्रेम, पूतना वध, शकटासुर वध और माखन चोरी की लीलाओं का आध्यात्मिक महत्व भी समझाया गया।
अपहरण-हत्या के मामले में गिरफ्तार सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान अब तिहाड़ जेल में बंद है। 26 साल तक दिल्ली पुलिस को चकमा देने वाले सलीम की हर दिन नई कहानी सामने आ रही है। वह इस कदर शातिर है कि पुलिस से बचने के लिए करीब 8 साल तक मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि साल 2000 में फरार होने के बाद सलीम मुजफ्फरनगर के खालापार स्थित एक मस्जिद में छिप गया। यहां कुछ दिन शरण लेने के बाद एक रिश्तेदार के जरिए मेरठ के लिसाड़ीगेट पहुंचा। फिर यूपी से भागकर हरियाणा चला गया। इसके बाद हरियाणा से गाजियाबाद आ गया और यहीं रहने लगा। वहीं, सलीम की गिरफ्तारी के बाद 26 अप्रैल, 2026 को उस मां का वीडियो सामने आया, जिसके 13 साल के बेटे संदीप का उसने कत्ल किया था। पढ़िए वीडियो में मां ने जो कुछ कहा मां बोली- हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए 20 जनवरी, 1995 को दिल्ली के सीमेंट कारोबारी सीताराम बंसल के 13 साल के बेटे संदीप की हत्या कर दी गई थी। वीडियो में संदीप की मां रेनू बंसल रोते हुए कहती हैं- मैं बता नहीं सकती कि ये 31 साल हमारे परिवार पर कैसे कटे हैं? ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब बेटे की याद न आती हो। 20 जनवरी, 1995 को बेटे संदीप को स्कूल भेजा था। मुझे नहीं पता था कि वह अब कभी आएगा ही नहीं। रात तक जब वह घर नहीं आया, तो हमारा पूरा परिवार बेचैन हो गया। मैंने संदीप के पापा को फोन किया कि वह नहीं आया है। इसके बाद मैंने और संदीप के पापा ने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 21 जनवरी की दोपहर संदीप के पिता सीताराम के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे कब्जे में है। उसके बाद भी इन्होंने (संदीप के पिता) हम लोगों को कुछ नहीं बताया। उन्होंने सीधे पुलिस को सूचना दे दी। जब शाम हो गई तो मुझे बताया गया कि संदीप मिल गया है और वह आ रहा है। लेकिन, मेरा रो-रोकर बुरा हाल था। जब लाश आई, तब मुझे बेटे की हत्या का पता चला संदीप की मां रेनू कहती हैं- पति ने मुझे नहीं बताया था कि संदीप कहां है? उसके साथ क्या हुआ है? रात में अचानक लोगों का मेरे घर आना-जाना शुरू हो गया। रात में ही जब बेटे की लाश आई, तो मैं बेसुध हो गई। मैंने कहा, हे भगवान यह क्या कर दिया? मुझे मेरे बेटे की हत्या का बदला चाहिए। इस सलीम को फांसी ही होनी चाहिए, तभी मुझे शांति मिलेगी। अब पढ़िए सलीम वास्तिक कैसे बचता रहा पहले मुजफ्फरनगर, फिर मेरठ में छिपा संदीप बंसल हत्याकांड के करीब 2 साल बाद 1997 में दिल्ली कोर्ट से सलीम को उम्रकैद की सजा हुई। इसके 3 साल बाद साल- 2000 में सलीम अग्रिम जमानत पर आया और फिर फरार हो गया। सलीम से पूछताछ में दिल्ली पुलिस को पता चला कि भागने के बाद वह मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में एक मस्जिद में रहा, जिससे पुलिस उसे तलाश नहीं कर सके। इसके बाद अपनी रिश्तेदार के जरिए कुछ दिन मेरठ के लिसाड़ीगेट में रुका। 2001 में सलीम यूपी से भागकर हरियाणा पहुंचा। वहां उसने अंबाला और करनाल में कारपेंटर का काम किया। 2010 में वह गाजियाबाद के लोनी में बस गया। इस बीच साल- 2015 तक सलीम ने मोबाइल फोन तक नहीं चलाया। पहले सिर्फ अपनी पत्नी और साले के फोन से ही वह रिश्तेदारों को कॉल करता था। उसके बाद उसने यू-ट्यूब चैनल चलाया। दिल्ली पुलिस ने एक महीने तक रेकी कर पकड़ा 27 फरवरी, 2026 को सलीम पर 2 सगे भाइयों ने जानलेवा हमला किया था। सलीम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती हुआ, उसके बाद उसे मैक्स भेज दिया गया। यहां से उसके फिंगर प्रिंट लिए गए। इसी दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि सलीम खान हमारे यहां से 26 साल पहले फरार हुआ मुजरिम है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गोपनीय ढंग से जांच शुरू की। लोनी स्थित जिस घर में बने ऑफिस में सलीम पर हमला हुआ था, वहां भी पुलिस जांच करती रही। इसी बीच दिल्ली पुलिस को पता चला कि पहले हुई में पिटाई में सलीम का एक पैर टूट गया था। सलीम कभी-कभी खुद भी यह कहता था कि मैंने बहुत बदमाश देखे हैं। इससे सलीम पर पुलिस का शक और भी बढ़ने लगा। सलीम ठीक हुआ, तो पुलिस ने पूरी तरह से निगरानी शुरू कर दी। पत्नी अफसाना को सामने नहीं आने दिया सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान जब दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था, तब भी उसकी पत्नी अफसाना सामने नहीं आई। बेटा भी नहीं आता था। पुलिस ने सलीम से उसकी पत्नी के बारे में कई बार पूछा। हर बार वह यही बताता था कि वह लोनी में है और उसकी तबीयत खराब है। वहां भी पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पत्नी और बेटा नहीं रहते, सलीम अकेला ही रहता है। आखिरकार 25 अप्रैल, 2026 को दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके से सलीम को पकड़ लिया। जानिए कब से आया सुर्खियों में फरवरी में सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे गए थे इस पूरे घटनाक्रम के बाद सलीम वास्तिक अचानक सुर्खियों में आ गया था। दरअसल, सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। फिलहाल वह गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया था। वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा था। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हत्यारे सलीम की कहानी- 'खान' हटाकर नाम में 'वास्तिक' जोड़ा, कारपेंटर बना, महिलाओं के कपड़े बेचे; 26 साल बाद गाजियाबाद से अरेस्ट यूपी के गाजियाबाद में रहने वाला सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान न सिर्फ हत्यारा है, बल्कि उसकी हकीकत भी बेहद डरावनी है। फरवरी में 2 कट्टरपंथी भाइयों ने जब का गला रेता तो उसने काफी सुर्खियां और सहानुभूति बटोरी। सीएम योगी ने एक्शन लिया, एनकाउंटर में दोनों हमलावर मार गिराए गए। पुलिस ने सुरक्षा दी। लेकिन शनिवार को जब दिल्ली पुलिस ने सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया तो उसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। पढ़ें पूरी खबर
कतरीसराय थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत आठ खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। शनिवार को हुई इस कार्रवाई से आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के माध्यम से इन मोबाइलों का पता लगाया। पीड़ितों द्वारा मोबाइल गुम होने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए सभी मोबाइल फोन ढूंढ निकाले गए। थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि बरामद मोबाइलों को आधार कार्ड से पहचान सुनिश्चित करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। जिन लोगों को उनके मोबाइल फोन वापस मिले, उनमें सैदी गांव के प्रशांत कुमार सिंह और धीरेन्द्र कुमार, कटौना गांव के दयानंद पासवान, कतरीसराय के राकेश कुमार, दरवेशपुरा के आदित्य कुमार, नवीन कुमार गौतम, सुमन कुमार और ओमकार शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने पर सभी लाभुकों ने राहत महसूस की और कतरीसराय पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की।
पीलीभीत में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सुनगढ़ी थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा भी बरामद किया गया है। थाना अध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि यह मामला 25 अप्रैल 2026 का है। बस्ती जिले के राहुल पाठक टनकपुर जा रहे थे। टाइगर तिराहे पर बस से उतरते समय अज्ञात चोरों ने उनका बैग चुरा लिया था, जिसमें एक वीवो मोबाइल और नकदी थी। पीड़ित की शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए ललपुरा बाईपास के पास घेराबंदी कर तीन युवकों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम (22 वर्ष, मोहल्ला फैजुल्ला खां), सचिन (25 वर्ष, मोहल्ला सरफराज खां) और रोहित (24 वर्ष, मोहल्ला धनईताल) के रूप में हुई है। ये तीनों पीलीभीत शहर के ही निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी का मोबाइल और ई-रिक्शा (संख्या: UP26AT8405) बरामद किया है। इस ई-रिक्शा का उपयोग आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उप-निरीक्षक प्रद्युम्न कुमार, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार, आरक्षी सचिन कुमार और आरक्षी समर देशवाल शामिल थे। थाना अध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
सिवनी में लूट का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार:लखनवाड़ा पुलिस ने नकदी, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन मिले
सिवनी जिले के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 59 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि 18 अप्रैल 2026 को प्रार्थी शीतल कुमार (42 वर्ष, निवासी लिटिलपुर) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 17 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे जब वे अपने गांव लौट रहे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोककर मारपीट की और करीब 14 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। 25 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी क्षेत्र में देखे गए हैं। इसके बाद घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की घटना कबूल कर ली। आरोपियों की पहचान देवेंद्र उर्फ देव साहू (30 वर्ष), विनय उर्फ गोलू धुर्वे (19 वर्ष) और रोहित उर्फ बंटी चक्रवर्ती (23 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 1 लाख 22 हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्यवाही में उपनिरीक्षक कोमल टोप्पो, सहायक उपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह ठाकर, हरिओम मारद्वाज, प्रधान आरक्षक आत्माराम सिमोनिया, ललित मरकार, आरक्षक शिवदीप ठाकुर, मोल सूर्यदशी, ललित पाल, गगन डेहरिया, सोनू नकोड़िया और मिटिले पराडकर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में तलाशी अभियान के दौरान 14 मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद किए गए हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक गुरमेल सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर जेल कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर सर्च ऑपरेशन चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में शनिवार रात जेल कर्मचारियों की टीमों ने बैरकों और परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें 14 मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद हुए।शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच करवाई जाएगी: जांच अधिकारी जांच अधिकारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच करवाई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था। जांच के आधार पर संबंधित कैदियों और हवालातियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल मोड में हो रही जनगणना को साइबर अटैक और डेटा लीक से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने 6-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत किसी भी परिवार का डेटा जैसे ही सुपरवाइजर के मोबाइल में ट्रांसफर होगा, वह तुरंत फील्ड में काम कर रहे जनगणना कर्मी के मोबाइल से स्वत: डिलीट हो जाएगा। इसी तरह सुपरवाइजर जब डेटा मेन सर्वर पर अपलोड करेंगे, तो उनके मोबाइल से भी पूरी जानकारी हट जाएगी। यानी किसी भी स्तर पर डेटा मोबाइल में स्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेगा। 1 मई से शुरू होने वाले पहले चरण में मकानों की लिस्टिंग की जाएगी। इसके लिए ‘नो लोकल स्टोरेज’ मॉडल अपनाया गया है। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मोबाइल एप में 33 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज करेंगे। डेटा एंट्री के दौरान उन्हें मोबाइल का इंटरनेट बंद रखना होगा। एक या कुछ घरों की जानकारी पूरी करने के बाद जैसे ही वे नेटवर्क ऑन करेंगे, डेटा सीधे सुपरवाइजर के मोबाइल में पहुंच जाएगा और उसी समय उनके फोन से हट जाएगा। इसके बाद सुपरवाइजर इसे मेन सर्वर पर अपलोड करेंगे, जहां यह स्थायी रूप से सुरक्षित रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम का उद्देश्य डेटा लीक के जोखिम को न्यूनतम करना है। यदि किसी डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच भी हो जाए, तब भी उसमें नागरिकों की निजी जानकारी उपलब्ध नहीं होगी। अपलोड के बाद कर्मियों के मोबाइल पर केवल इतना दिखेगा कि उनके जिम्मे कितने परिवारों की गणना बाकी है। हर कर्मी के जिम्मे 200 परिवार, रोज 20 की एंट्री का लक्ष्य रखा प्रत्येक जनगणना कर्मी को औसतन 200 परिवारों का जिम्मा दिया गया है। प्रशिक्षण में उन्हें प्रतिदिन कम से कम 20 परिवारों का डेटा अपलोड करने का लक्ष्य बताया गया है। इसके लिए सभी कर्मियों के मोबाइल में विशेष एप इंस्टॉल कराया गया है और इसके सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया है। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में प्रस्तावित है, जिसमें परिवार के सदस्यों का विस्तृत ब्योरा लिया जाएगा। 6 लेयर का सुरक्षा घेरा, हर गतिविधि पर नजरडेटा को किसी दूसरे मोबाइल या डिवाइस में मैन्युअली ट्रांसफर करने का विकल्प नहीं होगा। {नेटवर्क ऑन होते ही डेटा स्वतः ही आगे ट्रांसफर हो जाएगा। {मोबाइल में रिकॉर्ड नहीं रहेगा। {एक्सेस केवल अधिकृत लॉगिन के जरिए ही संभव होगा। {अंतिम स्टोरेज सरकारी सुरक्षित सर्वर पर होगा। {डेटा लीक होने का खतरा नहीं। ऑनलाइन सिस्टम के बावजूद किसी भी परिवार का व्यक्तिगत डाटा लीक होने का खतरा नहीं है। इसका क्लाउड सिस्टम अलग है। फील्ड में काम करने वालों के पास लिमिटेड एक्सेस रहेंगे। वे जैसे ही नेट ऑन करेंगे डेटा ट्रांसफर हो जाएगा। -कार्तिकेय गोयल, जनगणना निदेशक छत्तीसगढ़
लखनऊ में पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए कार्यरत 1962 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) ने वर्ल्ड वेटरिनरी डे मनाया। कानपुर रोड स्थित ईएमआरआई मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आरंभ स्वागत समारोह से हुआ, जिसमें सभी कर्मचारियों ने भागीदारी की। 1962 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट पूरे प्रदेश में पशुपालकों को घर-घर निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करती है। यह सेवा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के समय पर उपचार और परामर्श में सहायक है। रिस्पॉन्स टीम को सम्मानित किया गया इस अवसर पर पशु चिकित्सकों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. प्रीति, डॉ. चंद्रप्रभा, डॉ. साहिल और डॉ. शरद सहित टीम के सदस्यों ने केक काटकर इस दिन को चिह्नित किया। ईआरसी प्रमुख रोहित श्रीवास्तव ने टीम के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य कठिन परिस्थितियों में भी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत त्रिपाठी, एस.पी. सिंह, हर्षित और सुनील सहित अन्य कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रेसिडेंट रेड्डी ने सभी डॉक्टरों और टीम सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पशुपालकों के हित में अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि जागरूकता बढ़ाना तथा सेवाओं का विस्तार करना ही भविष्य का लक्ष्य होना चाहिए।
राजगढ़ जिले में रविवार 26 अप्रैल को राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा जिले के पांच केंद्रों पर दो सत्रों में होगी, जिसमें 734 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जिसमें प्रवेश सुबह 9:15 से 9:45 बजे तक दिया जाएगा। दूसरा सत्र दोपहर 2:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक होगा, जिसमें प्रवेश दोपहर 1:30 से 2:00 बजे तक रहेगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। कलेक्टर ने सेंटर पहुंचकर देखीं व्यवस्थाएंशनिवार को कलेक्टर ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, एसडीएम निधि भारद्वाज और डिप्टी कलेक्टर डॉ. ज्योति राजोरा उपस्थित रहे। मोबाइल, स्मार्ट वॉच नहीं ले जा सकेंगे अभ्यर्थीअभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र, पेन, फोटो और पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने की अनुमति होगी। मोबाइल, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। इसके अलावा बैग, किताबें, कागज, पर्स और आभूषण ले जाना भी वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को चप्पल या साधारण सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है। चेहरे को ढंककर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला स्टाफ तैनात रहेगा। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
पटना में स्नैचर ने एक बुजुर्ग पर बाइक चढ़ा दी। हादसे में शख्स गंभीर रूप से घायल हो गए। गार्डिनर अस्पताल में इलाज के लिए उन्हें ले जाया गया था, जिसके बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल की पहचान मदन प्रसाद (50) के रूप में हुई है। बताया जा रहा कि आरा के रहने वाले राहगीर का मोबाइल झपटकर स्नैचर भाग रहा था। पीड़ित चोर-चोर चिल्ला रहे थे। आवाज सुनकर बुजुर्ग ने बदमाश को आगे से घेरने की कोशिश की, लेकिन बदमाश ने बाइक नहीं रोकी और बुजुर्ग पर ही बाइक चढ़ा दी। बुजुर्ग गिरकर सड़क पर कुछ दूर घसीटा गए। इस बीच स्नैचर का भी बैलेंस भिगड़ गया और गिर गया। लोगों ने उसकी पहले पिटाई की, फिर कोतवाली पुलिस को बुलाकर सौंप दिया। घटना वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू ऑफिस के पास की है। मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे पीड़ित घटना रिटायर्ड सूबेदार परम राय के साथ हुई है। उन्होंने बताया कि पटेल नगर आवास से रोज की तरफ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार युवक दाहिने हाथ से मोबाइल छीनकर भागने की कोशिश में था। पहली बार में उसके बाद मोबाइल नहीं लगा, लेकिन दूसरी बार में झपटकर भागने लगा। मैंने शोर मचाया तो लोग उसे पकड़ने के लिए दौड़े। इसी बीच उसका बैलेंस बिगड़ा और वो गिर गया। आरोपी शास्त्रीनगर का रहने वाला है कोतवाली के थानेदार अजय कुमार ने बताया कि आरोपी के पास से मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। केस दर्ज करके मामले की छानबीन की जा रही है। आरोपी की पहचान शास्त्री नगर के रहने वाले रोहित के तौर पर हुई है। उसने पुलिस की पूछताछ में बताया कि रोज बाइक से निकलता था और मोबाइल स्नैच कर के फरार हो जाता था।
सागर की कोतवाली थाना पुलिस ने दो स्थानों पर दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खिलाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सट्टे की लिंक, मोबाइल और नकद रुपए जब्त किए गए है। थाने लाकर पुलिस ऑनलाइन सट्टे के संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि महावीर भोजनालय के पास एक व्यक्ति अपने मोबाइल से आईपीएल के मैच की टीमों पर हार-जीत पर रुपए लगवा रहा है। सट्टा खिलाए जाने की सूचना पर पुलिस टीम कार्रवाई के लिए रवाना हुई। टीम ने महावीर भोजनालय के पास पहुंचकर घेराबंदी की और युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम आयुश पिता मनोज कुमार जैन उम्र 26 साल निवासी रामपुरा होना बताया। मोबाइल फोन जब्त किया। जिसमें आरोपी आईपीएल किक्रेट मैच का खेल रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू (आरसीबी) और गुजरात टाईटंस (जीटी) टीमों के बीच मैच चलते हुए पाया गया। मोबाइल पर आईपीएल आईडी आईडी और रेड्डी लिंक खुली मिली। जिस पर 1500 रुपए की आईपीएल आईडी शो हो रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आयुश को गिरफ्तार किया और थाने लाई। जहां मामला दर्ज किया गया। चैन्नई और मुंबई के मैच पर सट्टा लगवाते एक पकड़ाया दूसरी कार्रवाई पुलिस ने कटरा बाजार इलाके में स्थित म्युनिसिपल स्कूल के पास की। जहां एक युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम दर्शन पिता ओमशंकर केशरवानी उम्र 21 साल निवासी भीतर बाजार कटरा जवाहरगंज वार्ड होना बताया। मोबाइल, सट्टा बुकिंग के रुपयों के बारे में पूछताछ की गई। आरोपी के मोबाइल पर आईपीएल किक्रेट मैच का खेल चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और मुंबई (एमआई) टीमों के बीच चलता मिला। मोबाइल पर सट्टे की आईडी और लिंक मिली। जिस पर 5072 रुपए की आईपीएल आईडी शो हो रही थी। मामले में पुलिस ने मोबाइल जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल ने बताया कि आईपीएल सट्टा खिलाते हुए दो युवकों को पकड़ा है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन और सट्टे की लिंक मिली है। मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पलवल जिले में नीट यूजी परीक्षा-2026 के आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिले के दस परीक्षा केंद्रों पर कुल 2682 परीक्षार्थी यह परीक्षा देंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल रहित तरीके से संपन्न कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पलवल को नीट परीक्षा के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। डीसी ने निर्देश दिए कि 28 अप्रैल से पहले सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसमें चारदीवारी, बिजली, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, दीवार घड़ी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास बंद रहेंगी दुकानें परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास शांति व्यवस्था बनाए रखना और ध्वनि प्रदूषण को रोकना अनिवार्य है, ताकि परीक्षार्थी शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा दे सकें। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी आदि की दुकानों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ओवरऑल नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। महिला पुलिस बल की भी होगी तैनाती उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीतीश अग्रवाल को सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। जिला प्रशासन पलवल नीट यूजी परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में कहां-कहां रहेंगे परीक्षा केंद्र पलवल जिले में नीट परीक्षा के लिए 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, होडल, डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज पलवल, पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) पलवल, राजकीय महाविद्यालय होडल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पलवल, वीरांगना झलकारी बाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलवल कैंप, शहीद नायक राजेंद्र सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हथीन, जवाहर नवोदय विद्यालय रसूलपुर, राजकीय पॉलिटेक्निक मंडकोला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहरवां शामिल हैं।
जयपुर सहित पूरे प्रदेश में वेडिंग सीजन के बीच साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अब व्हाट्सएप पर डिजिटल शादी के निमंत्रण कार्ड के नाम पर खतरनाक लिंक और APK फाइल भेजी जा रही हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी इस चेतावनी में डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि इन लिंक को खोलते ही मोबाइल का डेटा चोरी हो सकता है और बैंक खाते से रकम भी निकाली जा सकती है, इसलिए अनजान फाइलों और लिंक से दूर रहने की सलाह दी गई है। -------------- ये खबर भी पढ़िए… पाकिस्तान से मिले गैंग को ऑर्डर, हर अकाउंट पर कमीशन:साइबर ठग इंजीनियरिंग का स्टूडेंट, 50 से ज्यादा बैंक खातों से पैसा ट्रांसफर कोटा में साइबर ठगी नेटवर्क का पाकिस्तानी कनेक्शन भी मिला है। नेटवर्क का सरगना मोहम्मद अमजद पाकिस्तान हैंडलर से ऑर्डर ले रहा था। अमजद (21) इंजीनियरिंग स्टूडेंट है और करीब डेढ़ साल से ठगी नेटवर्क से जुड़ा है।(पूरी खबर पढ़ें…)
फरीदकोट में अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे-54 पर गांव टहिणा के पास शनिवार को सड़क हादसा हो गया। अमृतसर की ओर से आ रही एक आई-20 कार ने सड़क किनारे खड़े पिकअप को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि गनीमत यह रही कि कार में सवार दोनों व्यक्तियों को केवल मामूली चोटें आईं हैं। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा दल मौके पर पहुंच गया। कार सवार ऐलनाबाद के निवासी है और हादसे के समय अपने घर लौट रहे थे। हादसे के समय फोन पर व्यस्त था कार ड्राइवर- एएसआई इस मौके पर सड़क सुरक्षा फोर्स टीम के इंचार्ज एएसआई अंग्रेज सिंह ने बताया कि आई-20 कार का ड्राइवर मोबाइल फोन में व्यस्त था, जिस कारण वह सामने खड़ी जीप को देख नहीं पाया और यह दुर्घटना हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या इलाज की मांग नहीं रखी।
सिरसा जिले के रोड़ी थाना क्षेत्र के गांव कुरंगावाली में एक महिला ने अपने ही गांव के चार युवकों पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीड़ित महिला ने थाने में दी शिकायत में बताया कि, यह घटना 12 अप्रैल को सुबह करीब 8 बजे हुई। वह अपने घर के पास बकरियों के लिए चारा इकट्ठा कर रही थी, तभी गांव के गुरमीत सिंह और चरणदास वहां पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर बुरी नीयत से महिला का मोबाइल नंबर मांगा। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप महिला के मना करने पर आरोपियों ने उसके साथ बदसलूकी की और एक आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि इसी दौरान एक अन्य आरोपी ने ईंट से विरोध करने पर उसके पति के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सकों ने उनके सिर में टांके लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद रोड़ी थाना पुलिस ने न तो उनके बयान दर्ज किए और न ही इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पीड़ित परिवार ने कहा है कि यदि रोड़ी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे पुलिस अधीक्षक से मिलकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
कर्नाटक के हुबली में मां ने मोबाइल छीना तो बेटे ने की खुदकुशी, पुलिस की सभी माता पिता को दी सलाह
उत्तरी कर्नाटक में हुबली शहर के उदय नगर इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 14 साल के एक लड़के ने अपनी मां द्वारा मोबाइल फोन देने से इनकार करने पर खुदकुशी कर ली।
लखनऊ में 7 मोबाइल के साथ चोर गिरफ्तार:दुकान से चोरी किए थे फोन, असम से आकर झुग्गी बनाकर रहता था
लखनऊ के गुडम्बा थाना क्षेत्र में मोबाइल चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे कुकरेल जंगल के पास से पकड़ा। पुलिस ने बताया 19 मार्च 2026 को यूनिटी सिटी चौराहा, कल्याणपुर स्थित आदर्श इन्फ्राटेक की मोबाइल दुकान से 12 मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। इस मामले में दुकान मालिक जयकरनपुर कुर्सी रोड निवासी सिराज अहमद ने गुडंबा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर गुडम्बा पुलिस टीम ने कुकरेल जंगल की कच्ची सड़क के पास घेराबंदी कर एक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद शुक्कर अली पुत्र मोहम्मद मोहफीज अली बताया। वह मूल रूप से असम के गुवाहाटी जिले के सातकुला गांव का रहने वाला है और मौजूदा समय में मैकाले टेंपू स्टैंड के पास झोपड़ी बनाकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी की तलाशी में 200 रुपए नगद और चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 19 मार्च को यूनिटी सिटी चौराहे के पास मोबाइल दुकान से फोन चोरी किए थे। पुलिस आरोपी से बाकी मोबाइल फोन के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
मधेपुरा में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत स्वगणना की प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया 1 मई तक चलेगी। मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र के निवासी इस ऑनलाइन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इसी कड़ी में, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) तान्या कुमारी ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को स्वगणना के महत्व और प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। ईओ कुमारी ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और सरल है, जिसे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना प्रक्रिया में भाग लेने की अपील कार्यपालक पदाधिकारी ने यह भी बताया कि स्वगणना पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक एसई आईडी (SE ID) प्राप्त होगी। इस आईडी को सुरक्षित रखना अनिवार्य है, क्योंकि 1 मई के बाद जब प्रगणक घर-घर जाकर डेटा सत्यापन करेंगे, तब उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। यह एसई आईडी डेटा के सत्यापन और जनगणना की आगे की प्रक्रिया को सुगम बनाएगी। ईओ तान्या कुमारी ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना प्रक्रिया में भाग लें, ताकि जनगणना का कार्य पारदर्शी और सटीक तरीके से संपन्न हो सके।
राजगढ़ के दंड गांव में वारंट तामील करने गए एक प्रधान आरक्षक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दंपती ने पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी, तलवार दिखाकर धमकाया, मोबाइल छीन लिया और कोर्ट का समन भी फाड़ दिया। घटना के बाद चार थानों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक मांगीलाल लोधा एक मारपीट के मामले में कोर्ट का नोटिस तामील कराने दंड गांव पहुंचे थे। वे अकेले ही आरोपी रामबिलास तंवर के घर पहुंचे थे। शुरुआत में उन्हें घर के अंदर बुलाकर दस्तावेज लेने की बात कही गई। आरोप है कि घर के अंदर मौजूद मेवाबाई ने पुलिसकर्मी के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी और उनकी वर्दी फाड़ दी। इसी दौरान रामबिलास तंवर तलवार लेकर आ गया और पुलिसकर्मी को धमकाने लगा। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाठी, लात-घूंसों से मारपीट की। मोबाइल छीना, समन फाड़ा और सड़क पर घेराबंदी आरोपियों ने पुलिसकर्मी का मोबाइल छीन लिया और कोर्ट से जारी समन को फाड़ दिया। किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने चौराहे पर उन्हें घेरकर रोकने की कोशिश भी की। घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़, खिलचीपुर, छापीहेड़ा और भोजपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गांव में घेराबंदी कर आरोपी रामबिलास तंवर और मेवाबाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, मोबाइल छीनने और हथियार से धमकाने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेरठ के परतापुर थानाक्षेत्र में शुक्रवार सुबह शादीशुदा प्रेमिका के ब्रेकअप करने से नाराज प्रेमी सुसाइड करने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गया। प्रेमी काफी देर तक मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा करता रहा। सूचना पर पहुंची थानापुलिस ने उसे किसी तरह टावर से नीचे उतारा और उसकी जान बचाई। पूछताछ में प्रेमी ने अपनी अधूरी प्रेमकहानी के बारे में बताया। बिहार का मूलनिवासी है युवक परतापुर थानाक्षेत्र के गगोल रोड स्थित कनोहर तिराहे के पास की पूरी घटना है। जहां शुक्रवार सुबह विवेक नामक युवक जो मूलरूप से बिहार का रहने वाला है वो मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। विवेक मेरठ में एक निजी कंपनी में काम करता है। यहां इंदिरापुरम कालोनी में किराए के मकान पर रहता है। बताया गया कि विवेक का अपनी ही कालोनी में रहने वाली एक महिला से प्रेमप्रसं चल रहा है। कुछ दिन पहले महिला ने एक अन्य युवक से शादी कर ली है। दूसरे युवक से शादी करने के बाद वो महिला अपने प्रेमी विवेक का फोन भी नहीं उठा रही है। न ही उससे बात कर रही है।इस तरह प्रेमिका के ब्रेकअप करने और छोड़कर जाने से विवेक परेशान हो गया है। लगातार फोन करने पर भी रिस्पांस न मिलना और दूसरे युवक से शादी कर लेने की बात से डिप्रेशन में हैं। इसी बात से नाराज होकर विवेक शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। प्रेमिक के घर जाने पर भी नहीं मिला हल कताई मिल निवासी विवेकानंद कुमार पुत्र सियाशरण पासवान, मूल रूप से पटना बिहार का रहने वाला है। वह परतापुर क्षेत्र में अजीत के मकान में किराए पर रहता है और दयाल फैक्ट्री में मजदूरी करता है। शुक्रवार सुबह वह अपनी प्रेमिका के घर पहुंचा, लेकिन उसके नहीं मिलने पर उसने परिजनों से संपर्क किया। आरोप है कि प्रेमिका के परिजनों ने युवक को दोबारा संपर्क न करने और आसपास न दिखने की सख्त चेतावनी देते हुए वहां से भगा दिया। इसी दौरान उसे प्रेमिका की दूसरी जगह शादी तय होने की जानकारी मिली, जिससे वह बुरी तरह आहत हो गया। गुस्से और निराशा में युवक सीधे गगोल रोड स्थित यूनियन बैंक के पास लगे एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़कर उसने प्रेमिका को वापस बुलाने की जिद पकड़ी और धमकी दी कि अगर वह नहीं आई तो वह अपनी जान दे देगा। लोगों ने भिजवाया पानीतपती गर्मी में युवक को टावर पर देखकर पुलिस ने पास के दो युवकों के माध्यम से उसे पानी की बोतल भी भिजवाई। इसके बाद उसके दो दोस्तों को मौके पर बुलाया गया। दोस्तों से फोन पर बातचीत के बाद युवक मान गया और करीब तीन घंटे बाद टावर से नीचे उतर आया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारापास की कॉलोनी के लोगों ने जब युवक को टावर पर चढ़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। लेकिन वो नहीं माना। इसके बाद लोगों ने स्थानीय थानापुलिस को सूचना दी। मौके पर पलुस भी पहुंची। पुलिस ने युवक को थाने लाकर शुरू की कार्रवाईयुवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला जिले में पिंजौर-कालका मेन रोड पर फॉरेस्ट कॉम्प्लेक्स के सामने एक मोबाइल की दुकान में आग लगने से लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। कीरत कम्युनिकेशन नामक इस दुकान के मालिक अमनदीप को देर रात आग लगने की सूचना मिली। अमनदीप ने बताया कि वे हर रोज की तरह रात 9 बजे दुकान बंद करके घर चले गए थे। देर रात उन्हें पड़ोस की बेकरी और फूल की दुकान के मालिकों ने सूचना दी कि उनकी दुकान के शटर से धुआं निकल रहा है। सूचना मिलते ही अमनदीप तुरंत मौके पर पहुंचे और शटर खोलकर देखा तो दुकान के अंदर भीषण आग लगी हुई थी। इस हादसे में दुकान में रखे कई मोबाइल सेट, इनवर्टर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरा सेटअप सहित लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची अमनदीप ने आरोप लगाया कि उन्होंने घटना की सूचना देने के लिए फायर स्टेशन पर कई बार कॉल किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी सूचना देने के लिए कॉल किया, लेकिन वे भी मौके पर नहीं पहुंचे। दुकानदार और स्थानीय लोगों ने बुझाई आग दुकानदार और स्थानीय लोगों की मदद से पानी की बाल्टियों का उपयोग कर आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अमनदीप के अनुसार, आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद हवालातियों और कैदियों से मोबाइल फोन समेत अन्य पाबंदीशुदा सामान बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर सर्च ऑपरेशन के दौरान 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में पुलिस को शिकायत भेजकर 6 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक भिवम तेज सिंगला ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों के अनुसार समय-समय पर जेल परिसर में सर्च अभियान चलाया जाता है। इसी के तहत वीरवार रात बैरकों में तलाशी ली गई। 6 हवालातियों के खिलाफ मामला दर्ज इस दौरान हवालाती मोगा निवासी जशनदीप सिंह, फिरोजपुर निवासी रविंद्र सिंह उर्फ रवि, मोगा निवासी सुखपाल सिंह,सरबजीत सिंह ,फरीदकोट निवासी अर्जन सिंह और फाजिल्का निवासी लवप्रीत सिंह से कुल 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने इन 6 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेंगे-डीएसपी इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके पास जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यदि जांच में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च से इलाज:वीडियो वायरल होने पर CMS ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिला अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद डॉक्टरों को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार रात की है। जिला अस्पताल में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया। हैरानी की बात यह रही कि बिजली गुल होने के बावजूद अस्पताल का बैकअप सिस्टम, यानी जनरेटर, चालू नहीं किया गया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ को मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लेना पड़ा। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि इसी कम रोशनी में एक डॉक्टर मरीज के हाथ में वीगो (Vigo) लगाने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल की इस अव्यवस्था को देखकर किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जिलाधिकारी से स्थिति में सुधार की मांग की। इस वायरल वीडियो के संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद उसे क्यों नहीं चलाया गया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टाफ द्वारा बिजली गुल होने की सूचना दी गई थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
कुशीनगर में एक 20 वर्षीय युवक बहन के साथ हुए कथित उत्पीड़न से नाराज होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। उसकी मांग है कि बहन की शादी में दिए की दहेज और सामान वापस किए जाएं। टावर पर चढ़े युवक की पहचान सिसवा महंथ, डुमरी निवासी अजहरुद्दीन अंसारी (20) पुत्र नसरुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है। युवक का आरोप है कि उसकी बहन की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। शादी में करीब 10 लाख रुपए खर्च किए गए थे। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उसकी बहन को प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया। युवक ने यह भी दावा किया कि जीजा ने चार पहले किसी और से शादी की थी, जिसके बारे में उसके घरवालों को नहीं पता था। युवक न्याय मिलने तक नीचे न उतरने की बात पर अड़ा रहा। पूरा मामला कसया थाना क्षेत्र के डुमरी गांव का है। देखिए दो तस्वीरें… पढ़िए पूरा मामला… कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में अजहरुद्दीन अंसारी अपने माता-पिता और एक भाई और दो बहन के साथ रहता है। 13 अप्रैल 2025 में बहन की शादी पूर्व तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के शंकरपुर गोरठ निवासी अहमद रजा से हुई थी। शादी में करीब 10 लाख रुपए का खर्चा आया था। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उसकी बहन को प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया। इसके बाद से ही बहन मायके में रह रही है। युवक ने आरोप लगाया कि उसकी बहन के पति ने चार साल पहले किसी और महिला से शादी की थी। इस बात का पता उसके घरवालों को नहीं था। बहन की शादी के बाद पहली शादी का खुलासा हुआ। परिजनों का कहना है कि इस मामले में कई बार पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी बात से नाराज होकर युवक ने यह कदम उठाया। अजहरुद्दीन दहेज में दिए गए नगदी और अन्य सामान की वापसी की मांग पर अड़ा रहा और न्याय मिलने तक नीचे न उतरने की बात कहता रहा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे काफी देर तक भीड़ लगी रही। सूचना पर पहुंची यूपी-112 की टीम और कसया थाने के एसएचओ आशुतोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। खेत गिरवी रखकर की थी शादी बहन ने बताया कि उसकी शादी 13 अप्रैल 2025 को हुई थी। उसके पति अहमद रज्जा ड्राइवर का काम करते हैं। उसके पिता नसीरुद्दीन अंसारी ने खेत गिरवी रखकर शादी का खर्चा उठाया था। उसकी शादी में करीब 10 लाख रुपए लगे थे। ---------------------------- यह भी पढ़ें… जिम में बीवी बहक न जाए, इसलिए मार डाला:जिम ट्रेनर्स के रोमांस के किस्से परेशान करते थे; मुरादाबाद में कारोबारी का कबूलनामा 'आए दिन जिम ट्रेनरों के किस्से सामने आ रहे हैं। कहीं जिम ट्रेनर के साथ अफेयर में पड़ी महिला ने पति को मरवा दिया, तो कहीं जिम ट्रेनर के इश्क में महिला घर-परिवार छोड़कर चली गई। ऐसी कहानियों से मैं अपनी पत्नी को लेकर इनसिक्योर फील करने लगा था।आखिरकार मेरे हाथों मेरी बीवी का कत्ल हो गया। मैं उसे मारना नहीं चाहता था।' यह कहना है मुरादाबाद के स्क्रैप कारोबारी शोभित गुप्ता का। उसने 22 अप्रैल (बुधवार) को अपनी पत्नी पूनम गुप्ता की हत्या कर दी। पुलिस ने 23 अप्रैल (गुरुवार) को शोभित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने घटना की वजह और वारदात के हालात को लेकर कई बातें बताईं। पढ़िए हत्या की पूरी कहानी…
देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में ChatGPT से नकल टॉयलेट में छिपाया मोबाइल और लिख डाले जवाब
बरेली की नंदिनी ने इंटर में किया टॉप:बोलीं- रोज 18 घंटे पढ़ाई करती थी, मोबाइल और टीवी से बनाई दूरी
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश स्तर पर दूसरा और जिले में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने वाली नंदिनी गुप्ता आज हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। बरेली के बदायूं रोड स्थित खेड़ा के सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज की इस होनहार छात्रा ने 500 में से 486 अंक प्राप्त कर 97.20 प्रतिशत के साथ अपनी सफलता का परचम लहराया है। नंदिनी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर न केवल उनके परिवार में जश्न का माहौल है, बल्कि पूरा बरेली जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। दिन में 18 घंटे की कड़ी मेहनत से मिली मंजिलनंदिनी ने अपनी सफलता का राज साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है। वे स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ घर पर भी नियमित रूप से 18 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई का कोई छोटा रास्ता नहीं होता, बल्कि निरंतरता और एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है। नंदिनी के अनुसार, उन्होंने अपने विषयों- फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, हिंदी और अंग्रेजी पर समान रूप से ध्यान दिया। वह मानती हैं कि यदि छात्र लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है। डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का है लक्ष्यभविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए नंदिनी ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में जाकर वे समाज के जरूरतमंद और गरीब लोगों की सेवा करना चाहती हैं। नंदिनी ने बताया कि शुरू से ही उनकी रुचि विज्ञान विषयों में रही है और वे नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर एक सफल चिकित्सक बनने का सपना पूरा करना चाहती हैं। उनकी इस दृढ़ इच्छाशक्ति को देखते हुए उनके शिक्षकों और परिजनों को पूर्ण विश्वास है कि वे इस लक्ष्य को भी जरूर प्राप्त करेंगी। माता-पिता का मिला भरपूर सहयोगनंदिनी की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता की हार्डवेयर की दुकान है। नंदिनी बताती हैं कि उनकी मां ने उन्हें घर के कामों से पूरी तरह मुक्त रखा ताकि वे अपना पूरा समय पढ़ाई को दे सकें। परिवार के इसी निस्वार्थ सहयोग और प्रोत्साहन ने नंदिनी को हमेशा प्रेरित किया। उनके घर में आज मिठाई बांटने और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बेटियों की सफलता ने बढ़ाया माननंदिनी की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन सभी बेटियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं। नंदिनी का कहना है कि बेटियों को यदि उचित अवसर और परिवार का साथ मिले, तो वे हर क्षेत्र में बेटों से आगे निकल सकती हैं। उनकी इस सफलता पर सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने भी खुशी जाहिर की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि नंदिनी शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं और उनके अनुशासन व मेहनत ने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है। आंकड़ों में नंदिनी की मेधा:नाम: नंदिनी गुप्ताविद्यालय: सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज, खेड़ा (आंवला), बरेलीकुल अंक: 486/500प्रतिशत: 97.20%स्थान: प्रदेश में द्वितीय (Rank 2), जनपद में प्रथम (Rank 1)विषय: फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, हिंदी, अंग्रेजी। नंदिनी गुप्ता की यह कहानी साबित करती है कि यदि इरादे नेक और मेहनत सच्ची हो, तो आसमान की बुलंदियों को छुआ जा सकता है। उनकी सफलता बरेली के शैक्षणिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

