धार में 70 हजार की लूट का खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, कैश और मोबाइल बरामद
धार जिले की राजगढ़ पुलिस ने 70 हजार रुपये की लूट के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन और फरियादी के महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि 28 मई को आरोपियों ने राजवीर मालवी से 70 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज छीन लिए थे। घटना के बाद राजगढ़ थाने में मामला दर्ज कर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। दोनों आरोपियों को कोर्ट से भेजा जेलजांच के दौरान पुलिस ने कालीदेवी निवासी मुकेश और बबलू उर्फ बाबू को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनके पास से एक मोबाइल फोन, फरियादी का आधार कार्ड, स्मार्ट कार्ड और 16 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी पर पहले से कई अपराधिक मामलेजांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह तीन अलग-अलग प्रकरणों में फरार चल रहा था, जिसे उन मामलों में भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस लूटकांड में शामिल जालम सिंह और नेहरू अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
शेखपुरा के सदर प्रखंड अंतर्गत हथियावा थाना क्षेत्र के पुरनकामा गांव में 24 वर्षीय युवक रोहित कुमार उर्फ गोलू पासवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को परिवार के सदस्यों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसका शव बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर हथियावा थाना अध्यक्ष वैभव कुमार और पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। रोहित कुमार पूरनकामा गांव निवासी पप्पू पासवान का इकलौता पुत्र था। उसके माता-पिता कई वर्षों से गुजरात के सूरत शहर में मजदूरी करते हैं। रोहित घर पर अपनी दो बहनों के साथ रहता था। पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात रोहित अपनी दो बहनों के साथ छत पर सोया था, लेकिन देर रात वह नीचे कमरे में आ गया और वहीं उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जो फिलहाल लॉक है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा। घटना के बाद फोरेंसिक जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच के लिए कुछ नमूने एकत्रित किए। उधर अन्य सूत्रों ने रुपयों की लेन देन को लेकर युवक के ऊपर दबाव बनाए जाने के कारण आत्महत्या किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन पुलिस ने कहा कि जब तक युवक के जब्त मोबाइल से पुलिस जांच पूरी नहीं हो जाती।तब तक कुछ कहना मुश्किल है।उधर घटना के बाद मृतक के परिवार वालों के बीच कोहराम मच गया है।साथ ही गांव में सन्नाटा छा गया है। जब्त मोबाइल से युवक के सुसाइट का राज खुलने की उम्मीद है।
मंदसौर के नेहरू बस स्टैंड स्थित नाकोड़ा कॉम्प्लेक्स में हुई चोरी की वारदात का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 83,500 रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है। आरोपी चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित सांवरिया सेठ मंदिर क्षेत्र के एक लॉज में छिपा हुआ था। मयूर कॉलोनी निवासी पुनित गुप्ता ने 8 जून को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि नेहरू बस स्टैंड के पास स्थित उनकी मोबाइल रिपेयरिंग और एसेसरीज की दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाश घुस गया था। दुकान से मोबाइल फोन, नकदी, मोबाइल एसेसरीज, स्मार्ट वॉच और ईयरबड्स चोरी हो गए थे। दुकान से मोबाइल चुराएइसी कॉम्प्लेक्स में स्थित सतीश माहेश्वरी की दुकान से भी मोबाइल संबंधी सामान चोरी किया गया था। इसके अलावा, पूजा बेल्ट, बजरंग मोबाइल और विहत मोबाइल की दुकानों के ताले भी टूटे हुए मिले थे। फरियादी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 331(4) और 305(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर में था आरोपीपुलिस कंट्रोल रूम के कैमरों की मदद से आरोपी के आने-जाने के मार्ग को ट्रैक किया गया। साथ ही, मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपी की तलाश की गई। जांच के दौरान मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को रवाना किया गया, जिसने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी से पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, एक स्मार्ट वॉच और एक बैग जब्त किया है। बरामद सामग्री की कुल कीमत 83,500 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूर्व में भी नाबालिग अवस्था में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है।
झज्जर जिले में पुलिस की साइबर सेल ने तकनीक और सतत निगरानी के दम पर गुम हुए 29 मोबाइल फोन बरामद किए है। करीब 6 लाख 25 हजार रुपए मूल्य के इन मोबाइल को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के मार्गदर्शन एवं डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के नेतृत्व में झज्जर पुलिस की साइबर सेल और अपराध शाखाएं लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं। इसी कड़ी में साइबर सेल टीम ने इन गुमशुदा मोबाइल फोन को बरामद करने में सफलता हासिल की है। साइबर सेल की टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग और निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से विभिन्न स्थानों से गुम हुए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीसीपी क्राइम शुभम सिंह ने मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए। किसी को मिला 2024 में खोया फोन, किसी को लौटी यादें मोबाइल वापस मिलने वालों में अंजलि ने बताया कि उनका फोन बाजार में गुम हो गया था और उन्हें इसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी। वहीं विक्रम ने बताया कि उनका मोबाइल वर्ष 2024 में जेब से गिरकर गुम हो गया था। लंबे समय बाद फोन वापस मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब पेशे से अध्यापक मनोज को उनका मोबाइल वापस मिला। उन्होंने बताया कि फोन में उनके जरूरी दस्तावेजों के साथ बचपन और दोस्तों के साथ बिताए गए पलों की तस्वीरें सुरक्षित थीं। मोबाइल वापस मिलने को उन्होंने अपनी अनमोल यादों की वापसी बताया। सिर्फ फोन नहीं, पूरा डिजिटल जीवन होता है सुरक्षित डीसीपी क्राइम शुभम सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं है, बल्कि इसमें बैंकिंग जानकारी, व्यक्तिगत डेटा, सरकारी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर उसके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि झज्जर पुलिस आमजन की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा गुमशुदा मोबाइल फोनों की ट्रेसिंग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। CEIR पोर्टल पर तुरंत करें शिकायत झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे मोबाइल को समय रहते ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है और उसके संभावित दुरुपयोग को रोका जा सकता है।
गुरुग्राम के ओल्ड जेल कॉम्प्लेक्स इलाके में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया। अभियान की कमान जीएमडीए के नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने संभाली। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कब्जाधारियों में मचा हड़कंप जैसे ही जेसीबी ने अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू किया, वहां मौजूद कब्जाधारियों ने हंगामा किया और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर तैनात भारी पुलिस बल के सामने उनकी एक न चली और प्रशासन ने अपनी कार्रवाई पूरी की। इस कार्रवाई के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया भी सामने आया। अतिक्रमण हटाने की गहमागहमी का फायदा उठाकर किसी चोर ने ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन चुरा लिया। अब पुलिस अपने ही स्टाफ का फोन ढूंढने में जुट गई है। एचएसवीपी और जीएमडीए के नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। शहर में जहां कहीं भी सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण या कब्जे हैं, उन्हें हटाया जाएगा।
अजमेर के गुवारडी क्षेत्र में एक मकान को निशाना बनाकर करीब 9 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा ले गए। घटना का पता सुबह उस समय चला जब परिवार की नींद खुली और कमरे का सामान बिखरा हुआ मिला। पीड़िता की रिपोर्ट पर अलवरगेट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गुवारडी निवासी सीता रावत ने रिपोर्ट देकर बताया कि 8 जून की रात वह अपने बच्चों और ननद के साथ भोजन करने के बाद सो गई थीं। सुबह उठने पर कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी खुली थी और उसमें रखे कपड़े बाहर बिखरे हुए थे। जांच करने पर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात गायब मिले। रिपोर्ट के अनुसार चोर दो जोड़ी चांदी की पायजेब, सोने की नथ, चांदी की काकणी, दो जोड़ी सोने के लोंग, दो जोड़ी सोने के मांदलिये, एक हार तथा अन्य चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी गए जेवरात की कीमत करीब 9 लाख रुपए बताई गई है। अलवरगेट थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। मोबाइल लूट के 2 आरोपी गिरफ्तार सिविल लाइन थाना पुलिस की ओर से मोबाइल लूट के मामले में फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पीड़ित ईदगाह कॉलोनी निवासी अलवीरा पुत्री इंसाफ अली की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए पीसांगन निवासी विकास और आशीष को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
‘सर मुझे माफ कर दीजिए…। पुलिस बनना चाहता था, लेकिन शार्टकट के चक्कर में क्रिमिनल बन गया। एक बार छोड़ दीजिए, फिर कभी कोई गलत काम नहीं करूंगा।’ ये बातें 23 साल के राम प्रकाश चौहान ने गोरखपुर में पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते हुए कही। वह यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में क्वेश्चन पेपर का मोबाइल से फोटो खींचते हुए पकड़ा गया था। आरोपी बिहार का रहने वाला है। सोमवार को गोरखपुर के नीना थापा इंटर कॉलेज में सिपाही बनने के लिए दूसरी पाली की परीक्षा देने आया था। कॉलेज के गेट पर फाइव लेयर की चेकिंग को चकमा देते हुए एग्जाम रूम तक पहुंच गया था। पकड़े जाने पर वह पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोया। बार-बार माफी मांग रहा था। पुलिस ने आरोपी के परिजनों को सूचना देकर उसे जेल भेज दिया। पुलिस उसके चचेरे भाई को पकड़ने के लिए बिहार रवाना हो गई है। चचेरे भाई के मोबाइल पर भेजनी थी पेपर की फोटोराम प्रकाश चौहान बिहार में नालंदा जिले के अस्थावा थाना क्षेत्र के बेलवरिया गांव का रहने वाला है। वह 12वीं तक पढ़ा है। उसने कई प्रतियोगी परीक्षाएंं दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। राम प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि पुलिस का बहुत भौकाल होता है। इसलिए मैंने भी पुलिस बनने की तैयारी शुरू कर दी। रोज सुबह उठकर दौड़ की प्रैक्टिस करता था। घर पर पढ़ाई भी करता था। लेकिन पढ़ाई में थोड़ा कमजोर था। मेरा चचेरा बड़ा भाई भी प्रतियोगी परीक्षा देता है। वह पढ़ने में बहुत तेज है। उसके साथ बैठकर मैंने पुलिस परीक्षा में नकल करने का प्लान बनाया था। एक दिन पहले खरीदा था अंडरवियरराम प्रकाश बोला कि चचेरे भाई ने कहा था- रोज रोज प्रतियोगी परीक्षा नहीं होती है। इस बार किसी भी तरह परीक्षा पास करना है तो रिस्क लेना पड़ेगा। अगर किसी तरह एग्जाम रूम में मोबाइल लेकर एंट्री कर जाओ तो काम बन जाएगा। पेपर की फोटो खींचकर भेजना, यहां गूगल से देखकर आंसर तुरंत भेज दूंगा। यह बात मेरे दिमाग में घर कर गई। इसके बाद मैंने परीक्षा के एक दिन पहले 7 जून को एक नया अंडरवियर खरीदा, ताकि मोबाइल उसके अंदर छिप जाए। सेंटर पर चेकिंग देखकर डर गया थाराम प्रकाश ने बताया- दूसरी पाली का एग्जाम दोपहर तीन बजे स्टार्ट होना था। दो घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गया था। वहां गेट पर चेकिंग देखकर डर गया था। काफी देर तक बाहर खड़ा होकर देखता रहा। फिर किनारे जाकर अंडरवियर के अंदर अच्छे से एंड्रायड मोबाइल को छिपाया। जब खुद को तसल्ली हो गई, फिर गेट की तरफ गया। वहां मेरी अच्छे से चेकिंग हुई। लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद लगा कि अब मेरा पुलिस बनने का सपना पूरा हो जाएगा। एग्जाम रूम में 25 मिनट तक पेपर देखता रहा। फिर जब सभी अभ्यर्थी अपने लिखने में जुट गए, तब मैंने धीरे से अंडरवियर से मोबाइल निकाला। पेपर के फोटो खींच लिए। लेकिन चचेरे भाई को वॉट्सएप करने से पहले ही पकड़ा गया। मां-बाप की बड़ी बदनामी होगी- गिड़गिड़ाकर बोलापुलिस के सामने राम प्रकाश रोने लगा। उसने कहा कि घर पर मां-बाप जानेंगे तो बड़ी बदनामी होगी। समाज में भी लोग भला बुरा कहेंगे। एक बार मुझे माफ कर दीजिए, फिर कभी गलत काम नहीं करूंगा। पिता किसान हैं। उनके लिए कुछ करना चाहता हूं। कक्ष निरीक्षक की तहरीर पर लिखी गई एफआईआरनीना थापा इंटर कॉलेज के कक्ष निरीक्षक प्रवेश प्रताप सिंह की शिकायत पर पकड़े गए अभ्यर्थी रामप्रकाश चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी समेत परीक्षा अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है। इसमे अभ्यर्थी के चचेरे भाई को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपी चचेरे भाई की तलाश में पुलिस की एक टीम बिहार भी रवाना हो गई है। जांच में सवाल उठे तो 2 दरोगा और 6 कांस्टेबल पर कार्रवाईफाइव लेयर की चेकिंग के बाद भी राम प्रकाश मोबाइल अंडरवियर में छिपाकर अंदर चला गया। इससे चेकिंग पर भी सवाल उठे। पुलिस अधिकारियों ने जांच कर डयूटी पर तैनात 2 सब इंस्पेक्टर अंकित कुमार, चंद्रेश्वर यादव और 6 कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई गई है। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया- आरोपी अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। परीक्षा में चेकिंग के दौरान लापरवाही करने वाले 2 सब इंस्पेक्टर और 4 कांस्टेबल पर भी कार्रवाई की गई है। मामले की जांच एसपी नार्थ कर रहे हैं। विभागीय जांच के बाद आगे की कारवाई की जाएगी। सिपाही भर्ती के बारे में जानिए…. 32,679 कॉन्स्टेबल और समकक्ष पदों के लिए 31 दिसंबर 2025 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। 30 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन हुए। 29 लाख 45 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जांच के दौरान 60 हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए। 28 लाख 85 हजार उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जारी हुए हैं। लिखित परीक्षा 300 नंबर की होगी। 150 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल 2 नंबर का होगा। इस बार नेगेटिव मार्किंग व्यवस्था खत्म कर दी गई है। लिखित परीक्षा में पास होने वाले कैंडिडेट्स ही फिजिकल टेस्ट में शामिल हो सकेंगे। पुरुषों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में और महिलाओं को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट में पूरी करनी होगी। इसके बाद फाइनल रिजल्ट घोषित होगा। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. सिपाही भर्ती: ट्रेन-बसों में खचाखच भीड़, पुलिस संभालने उतरी:एग्जाम देने जा रहे बाप-बेटी की मौत; 2.30 लाख ने परीक्षा छोड़ी यूपी में 32,679 पदों पर हो रही सिपाही भर्ती परीक्षा का आज, मंगलवार को दूसरा दिन था। दो पालियों में 9,62,833 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था। लेकिन, करीब 2.30 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। 7,32,731 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के बाद प्रयागराज, वाराणसी और बरेली के रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रोडवेज बसें भी खचाखच भरी रहीं। भीड़ मैनेज करने के लिए पुलिस को उतरना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर…
मोबाइल खोने या चोरी होने के बाद अधिकांश लोग उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान ऐसे लोगों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा रहा है। अभियान के तहत पुलिस ने करीब 35 लाख रुपये मूल्य के 106 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की। मोबाइल पाकर खुश दिखे लोग, देखिए तस्वीरें… मोबाइल मिलने के बाद लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी। कल्याणी निवासी मदन कुमार पटेल ने बताया कि मंदिर से घर लौटने के दौरान उचक्कों ने उनका मोबाइल छीन लिया था। घटना के बाद वह काफी परेशान थे और मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे। लेकिन शिकायत के महज 15 दिनों के भीतर पुलिस ने उनका मोबाइल बरामद कर उन्हें सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल वापस मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए पुलिस का यह प्रयास उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 4 महीने बाद पुलिस ने लौटाया मोबाइल औराई की रहने वाली आशा कुमारी ने बताया कि उनका मोबाइल 24 फरवरी को चोरी हो गया था। मोबाइल में कई जरूरी दस्तावेज और संपर्क नंबर थे, जिसके कारण वह काफी परेशान थीं। समय बीतने के साथ उन्होंने भी मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी और नया फोन खरीद लिया था। लेकिन करीब चार महीने बाद जब मुजफ्फरपुर पुलिस ने उनका मोबाइल वापस लौटाया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसएसपी के निर्देश पर बनी थी विशेष टीम वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 2 फरवरी 2026 को जिले में गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान और बरामदगी के लिए विशेष सांख्यिकी उपकरण बरामदगी इकाई (एसयूबीई) का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल फोन बरामद किए। 2026 में अब तक 519 मोबाइल लौटाए पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 519 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस किया जा चुका है। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत करीब 1 करोड़ 92 लाख रुपये है। ताजा कार्रवाई में बरामद 106 मोबाइल फोन की कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है। मोबाइल, लैपटॉप या आईपैड खो जाए तो क्या करें? मुजफ्फरपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल, लैपटॉप या आईपैड गुम अथवा चोरी हो जाता है तो वे निर्धारित प्रपत्र, क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा गूगल फॉर्म भरकर अपनी जानकारी पुलिस नियंत्रण कक्ष के व्हाट्सएप नंबर 9431896700 पर उपलब्ध करा सकते हैं। सूचना मिलने के बाद तकनीकी सहायता से डिवाइस की खोज और बरामदगी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस पर बढ़ा लोगों का भरोसा ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार हो रही बरामदगी से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए विशेष टीम लगातार काम कर रही है और आगे भी यह अभियान और तेज गति से जारी रहेगा। कई ऐसे लोग, जिन्होंने अपना मोबाइल हमेशा के लिए खोया हुआ मान लिया था, आज उसे वापस पाकर पुलिस का धन्यवाद कर रहे हैं।
किताबों की खुशबू, साहित्य की दुनिया और ज्ञान का अनमोल खजाना जवाहर कला केंद्र के साउथ विंग में सजे राजस्थान बुक फेस्टिवल में देखने को मिल रहा है। फेस्टिवल में देश-विदेश के नामचीन लेखकों की करीब दो लाख से अधिक पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। साहित्य, उपन्यास, जीवनी, इतिहास, आध्यात्म, बच्चों के साहित्य और समकालीन लेखन की हजारों किताबें एक ही छत के नीचे मिल रही हैं। फेस्टिवल की खास बात यह है कि यहां पाठकों को किताबों से जोड़ने के लिए किफायती दरों पर पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। कई लोकप्रिय उपन्यास और साहित्यिक किताबें 50 और 100 रुपए में मिल रही हैं, जबकि बच्चों की पुस्तकों के लिए विशेष ऑफर के तहत 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से किताबें उपलब्ध हैं। फेस्टिवल में मुंशी प्रेमचंद, हरिवंश राय बच्चन, रामधारी सिंह दिनकर, महादेवी वर्मा, धर्मवीर भारती, अमृता प्रीतम, गुलजार, चेतन भगत, अमीश त्रिपाठी, सुधा मूर्ति, रस्किन बॉन्ड, एपीजे अब्दुल कलाम, रॉबिन शर्मा और पाउलो कोएल्हो जैसे लेखकों की चर्चित पुस्तकें हैं। साथ ही नई प्रकाशित किताबों और अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तकों का भी बड़ा संग्रह उपलब्ध है। पहले देखें PHOTOS बच्चों के लिए बनाया विशेष सेक्शन फेस्टिवल में बच्चों के लिए अलग से एक विशेष सेक्शन तैयार किया गया है, जहां उनकी उम्र और रुचि के अनुसार हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। समर वेकेशन के चलते बड़ी संख्या में बच्चे अपने अभिभावकों के साथ यहां पहुंच रहे हैं और किताबों में रुचि दिखा रहे हैं। बच्चों के लिए पंचतंत्र, अकबर-बीरबल, तेनालीराम, चंपक, नंदन, टिंकल, अमर चित्र कथा, हैरी पॉटर सीरीज, डायरी ऑफ ए विम्पी किड, मालगुड़ी डेज, जंगल बुक, द लिटिल प्रिंस जैसी लोकप्रिय पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा विज्ञान, सामान्य ज्ञान, चित्रकथाओं और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ी पुस्तकें भी बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। मोबाइल की लत कम करने का प्रयास फेस्टिवल के आयोजक अशोक ने बताया- बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर कर किताबों की दुनिया से जोड़ना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि समर वेकेशन में बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताते हैं। हम चाहते हैं कि वे किताबों की ओर आकर्षित हों और पढ़ने की आदत विकसित करें। इसी सोच के साथ बच्चों के लिए 250 रुपए प्रति किलो और 50 रुपए से शुरू होने वाली किताबों की व्यवस्था की गई है। जो लोग पहली बार उपन्यास पढ़ना शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी 50 रुपए में बड़ी संख्या में नॉवेल्स उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष पाठकों की मांग के अनुसार नए संग्रह शामिल किए जाते हैं। इस बार भी कई नई प्रकाशित पुस्तकें और लोकप्रिय उपन्यास फेस्टिवल में उपलब्ध हैं। युवाओं में भी बढ़ रही रुचि फेस्टिवल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं से लेकर साहित्य प्रेमियों तक सभी वर्गों के लोग पहुंच रहे हैं। कई युवा यहां से प्रेरणादायक किताबें, सेल्फ-हेल्प बुक्स और बेस्टसेलर उपन्यास खरीद रहे हैं। आयोजकों ने कहा- किताबें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक सोच को विकसित करने का सबसे सशक्त साधन भी हैं। यही कारण है कि राजस्थान बुक फेस्टिवल न केवल पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को भी पढ़ने की संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण काम कर रहा है।
पूर्णिया के जलालगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने छिनतई की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, सोने की कान की बाली और एक सिम कार्ड बरामद किया है। जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार युवकों की पहचान जलालगढ़ वार्ड-14 निवासी निकेश कुमार (23) और गंगा सागर वार्ड 13 निवासी विकास कुमार (18) के रूप में हुई है। दोनों जलालगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से छिनतई से जुड़ा सामान मिला। बरामद मोबाइल, सोने की बाली और सिम कार्ड को जब्त कर लिया गया है। साथ ही जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल घटना में किया गया था, उसे भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। आगे की कार्रवाई कर रही पुलिस पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वे किसी अन्य छिनतई या आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान नकल का एक मामला सामने आया है। वेणीमाधव इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन और होमगार्ड भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र छिपाकर रखा था, जिसका उपयोग वह नकल के लिए करने वाला था। जानकारी के अनुसार, आगरा के थाना डौकी क्षेत्र के कुंडऔर निवासी रोहित पथौरी प्रथम पाली की परीक्षा में शामिल हुआ था। परीक्षा के दौरान जब वह बाथरूम जाने के लिए अपनी सीट से उठा, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी लेने पर उसके पास से पुलिस भर्ती परीक्षा की बुकलेट बरामद हुई। पुराना प्रश्नपत्र अपने कब्जे में ले लिया पूछताछ में रोहित ने खुलासा किया कि परीक्षा से एक दिन पहले, पेपर समाप्त होने के बाद, वह अपना प्रवेश पत्र छूट जाने का बहाना बनाकर दोबारा केंद्र में घुस गया था। इसी दौरान उसने परिसर में पानी की टंकी के नीचे एक मोबाइल फोन और पहले हुई होमगार्ड भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र छिपा दिया था। अगले दिन परीक्षा में शामिल होने के बाद, उसने छिपाया हुआ मोबाइल फोन निकालकर बाथरूम में रख दिया और पुराना प्रश्नपत्र अपने कब्जे में ले लिया। करीब सवा 11 बजे वह पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र कपड़ों में छिपाकर बाथरूम की ओर जा रहा था, तभी जांच के दौरान उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर छिपाया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और भर्ती परीक्षा में तैनात अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएसपी पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नकल की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
चतरा जिले में अफीम तस्करों और नशीले पदार्थों के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गिद्धौर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चतरा-इटखोरी मुख्य मार्ग पर छापेमारी कर एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से सवा किलो से अधिक अवैध अफीम बरामद की गई है। बरामद नशे की इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान उदय दांगी के रूप में हुई है। सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहेब ने बताया कि बेल गाछ के पास बाइक से आ रहे एक युवक को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, उसके पास से एक सफेद प्लास्टिक में छुपाकर रखा गया 1 किलो 380 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चतरा के कसियाडीह निवासी उदय दांगी (35) के रूप में की गई है। पुलिस ने मौके से न सिर्फ अफीम ज़ब्त की, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लाल-काले रंग की बाइक और एक काले रंग का ओप्पो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
सीकर में अब सड़क हादसे होने पर पुलिस को क्रेन या एंबुलेंस का इंतजार नहीं करना होगा। सीकर पुलिस को मंगलवार को दो हाईवे मोबाइल पेट्रोलिंग गाड़ी मिली। सीकर के एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने दोनों गाड़ियों का उद्घाटन किया। इनमें एक गाड़ी सीकर से चूरू और दूसरी गाड़ी जयपुर रूट पर तैनात रहेगी। इस दौरान एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह, गिरधारी लाल शर्मा भी मौजूद रहे। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कहा- पुलिस मुख्यालय ने यह दोनों गाड़ियां दी हैं। एक गाड़ी को चूरू और दूसरी गाड़ी को जयपुर रोड पर लगाया जाएगा। हादसे में घायल-शव फंस जाए तो गाड़ी काटकर निकाल सकेंगे इन दोनों गाड़ियों में पेड़ काटने की मशीन, टोइंग किट, ऑक्सीजन, शीशे तोड़ने के औजार, स्ट्रेचर, कटर मशीन सहित सभी इमरजेंसी सुविधाएं हैं। यदि किसी हादसे के दौरान कोई घायल या शव गाड़ी के अंदर फंस जाता है तो गाड़ी के हिस्सों को काटकर उसे निकाला भी जा सकता है। ऑक्सीजन रहने के चलते एंबुलेंस के वहां पहुंचाने के दौरान गंभीर घायल को प्राइमरी इलाज और ऑक्सीजन दी जा सकेगी। बता दें कि सीकर से होकर ही जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे गुजरता है। रोजाना करीब 5 हजार से ज्यादा छोटे और बड़े वाहन इस हाईवे से गुजरते हैं। जहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।
कोरबा पुलिस ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 150 गुम मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 26 लाख 62 हजार 410 रुपए बताई गई है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार जताया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में की गई। अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी का मार्गदर्शन रहा। CEIR पोर्टल से मिली सफलता साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के नेतृत्व में उप निरीक्षक अजय सोनवानी और साइबर टीम ने जिले के सभी थाना-चौकी स्टाफ के साथ मिलकर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया। मोबाइलों की खोज Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल की तकनीकी सहायता से की गई। पुलिस ने विभिन्न जिलों और राज्यों से मोबाइल बरामद किए। इनमें Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Redmi, Realme और OnePlus जैसी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं। पांच महीने में 300 से अधिक मोबाइल बरामद साइबर पुलिस थाना कोरबा के अनुसार पिछले पांच महीनों में 300 से अधिक गुम मोबाइल ट्रैक कर उनके मालिकों को वापस दिलाए जा चुके हैं। मंगलवार को साइबर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 150 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। ऐसे करें शिकायत पुलिस ने बताया कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में नागरिक CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया के तहत: आवेदन के बाद पुलिस और टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल को ट्रैक करती हैं। मोबाइल मिलने पर संबंधित थाना या साइबर सेल द्वारा शिकायतकर्ता को सूचना दी जाती है। साइबर अपराध पर भी दी सलाह कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल या नजदीकी थाना एवं साइबर सेल में सूचना दें। साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस का कहना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग और सतत अभियान के जरिए गुम मोबाइलों की बरामदगी तथा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
25 लाख के 150 खोए मोबाइल मिले:पटना में पीड़ितों को एसएसपी ने एक-एक कर लौटाया, लोगों में खुशी
पटना पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान में खोए और स्नेचिंग किए गए मोबाइल फोन बरामद कर पीड़ितों को लौटाने का अभियान जारी है। पुलिस ने करीब 150 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके धारकों को सौंपा है। SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया, ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस लगातार खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश कर रही है। उन्हें बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। एसएसपी ने कहा, आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। जिन लोगों के मोबाइल फोन खो गए हैं, उन्हें वापस दिलाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, ताकि बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा सकें। लोगों के चेहरों पर खुशी दिखी लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पटना पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आम जनता के हित में किया गया सराहनीय कार्य बताया। लोगों ने कहा कि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण उन्हें अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिल सका, जिससे उनका पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
कैमूर में मंगलवार की सुबह कचरे के ढेर से शख्स का शव बरामद हुआ है। घटना मोहनिया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 की है। वहीं मृतक की पहचान वार्ड नंबर-6 निवासी सुनील चौधरी के रूप में हुई है। परिजन ने सुनील की हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल बनवाने के लिए निकला था घर से मृतक के पिता पप्पू चौधरी ने बताया कि सुनील सोमवार शाम करीब 7 बजे मोबाइल बनवाने के लिए घर से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने रात 9-10 बजे के आसपास सुनील को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मंगलवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि सुनील का शव वार्ड नंबर 7 के पास एक कचरे के ढेर में पड़ा है। परिजनों ने सुनील की हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार, सुनील का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था। सुनील की शादी 5 साल पहले हुई थी और उसकी तीन बेटियां हैं। जिला पार्षद ने घटनास्थल का किया निरीक्षण घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर 7 में एक व्यक्ति का शव मिला है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। स्थानीय जिला पार्षद गीता पासी ने भी घटनास्थल का दौरा कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जगराओं में 10 साल की बच्ची से लूट:बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और नकदी छीनी, वारदात CCTV में कैद
जगराओं में रानी झांसी चौक के पास बाइक सवार दो लुटेरों ने एक बच्ची से मोबाइल फोन और कुछ नकदी छीन ली। यह घटना बब्बे वाली गली में हुई और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित बच्ची के पिता जयवीर ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय बेटी और अन्य बच्चे अपने मामा के घर से वापस लौट रहे थे। बच्ची को डराकर मोबाइल छीना जब वे घर के पास पहुंचे, तो पीछे से आए बाइक सवार लुटेरों ने उन्हें रोक लिया। लुटेरों ने बच्चों से उनके माता-पिता के बारे में पूछा। बच्चों ने बताया कि वे पीछे आ रहे हैं। इसके बाद लुटेरों ने अपनी बाइक आगे ले जाकर वापस मोड़ी और बच्ची को डरा-धमकाकर उसके हाथ से मोबाइल फोन और कुछ रुपये छीन लिए। वारदात को अंजाम देकर वे मौके से फरार हो गए। घटना के बाद अन्य बच्चे डरकर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने शहर में बढ़ती लूटपाट की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब लुटेरे गलियों के अंदर घुसकर भी वारदातें कर रहे हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
कबीरधाम पुलिस ने जिले में जुआ और सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। बोड़ला थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने ग्राम खैरबनाखुर्द में संचालित एक जुआ फड़ पर दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 92 हजार 260 रुपये का मशरूका जब्त किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम खैरबनाखुर्द में कुछ लोग सार्वजनिक स्थान पर 52 पत्ती ताश से रुपए-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर मौके पर छापा मारा। ताश पर लग रहे थे हार-जीत के दांव दबिश के दौरान 10 व्यक्ति ताश के पत्तों से हार-जीत का दांव लगाते हुए पाए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और जुआ खेलने में प्रयुक्त सामग्री जब्त की। कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 21 हजार 260 रुपये नकद, सात एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल फोन तथा 52 पत्ती ताश की गड्डी बरामद की गई। जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत 92 हजार 260 रुपये बताई गई है। जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में सुभाष मानिकपुरी (40), अमरदास मोहले (34), भागीरथी लांझी (40), नारायण तिलकवार (43), दीनू पटेल (46), अमन वर्मा (23), प्रेमचंद पटेल (26), संजय पटेल (33), कोदाराम पटेल (58) और सोनू मिरी (21) शामिल हैं। अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगा अभियान कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल देने की अपील की है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जामताड़ा पुलिस ने तीन साइबर ठगों को दबोचा:फर्जी कस्टमर केयर और एप फाइल से करते थे ठगी, मोबाइल बरामद
जामताड़ा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने कार्रवाई की। टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के तेतुलबंधा गांव स्थित सुनसान झाड़ी क्षेत्र में छापेमारी कर तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित छापामारी दल ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके से पकड़ा। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान महेंद्र कुमार मंडल (28), टिंकु कुमार मंडल (26 वर्ष) और विकास कुमार मंडल (24) के रूप में हुई है। ये सभी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के धरूवाडीह गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी शम्भू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधी बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी कराने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके अलावा, आरोपी गूगल पर विभिन्न कंपनियों और बैंकों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर लोगों से संपर्क स्थापित करते थे। एसपी ने आगे बताया कि आरोपी लोगों को APK फाइल डाउनलोड करवाकर उनके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इस जानकारी का उपयोग कर वे क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से अवैध निकासी कर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी महेंद्र कुमार मंडल का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी जेल जा चुका है और साइबर अपराध थाना, जामताड़ा के कांड संख्या 62/21 में भी आरोप पत्रित है।
बलरामपुर में अब मोबाइल मैसेज से मिलेगा उर्वरक:DM ने किसानों से खतौनी अपडेट कराने की अपील की
बलरामपुर में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने अब ऐप आधारित प्रणाली अपनाई है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे इस नई व्यवस्था का लाभ उठाएं और अपने रिकॉर्ड तुरंत अपडेट कराएं। प्रशासन का कहना है कि उर्वरक वितरण अब पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के तहत होगा। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि सहकारी समितियों से जुड़े किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के माध्यम से उर्वरक की उपलब्धता की सूचना भेजी जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने मोबाइल पर आने वाले संदेशों पर ध्यान दें और मैसेज प्राप्त होने के बाद ही संबंधित सहकारी समिति से उर्वरक लें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की खतौनी और रकबे का विवरण सही होना अनिवार्य है। यदि रिकॉर्ड अपडेट नहीं होंगे, तो रकबे के अनुसार उर्वरक आवंटन और संदेश भेजने में समस्या आ सकती है। इसलिए, सभी किसान अपनी भूमि संबंधी जानकारी संबंधित सहकारी समिति के सचिव के माध्यम से तत्काल सत्यापित और दर्ज करा लें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह नई व्यवस्था किसानों को लंबी कतारों, अव्यवस्था और अनियमितताओं से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर और उसकी आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध हो सके। इस प्रक्रिया में किसानों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने किसानों से आग्रह किया, मोबाइल पर आने वाले संदेशों को नजरअंदाज न करें। अपनी खतौनी और रकबे का विवरण तुरंत अपडेट कराएं और नई डिजिटल व्यवस्था का पूरा लाभ उठाएं, ताकि खरीफ फसल के दौरान उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आई क्रस्ट मोबाइल स्टोर के मालिक आशुतोष अग्रवाल के घर पर आज सुबह से ईडी की छापेमारी हो रही है। बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा था। जिसके बाद जब टीम पहुंची तो सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद सभी अलमारियों, बेड, सोफे की जांच की जा रही है। ईडी का अंदेशा है कि घर पर बड़े स्तर पर रुपए मौजूद है। बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने एक मोबाइल कारोबारी के आवास पर छापा मारा है। सुबह करीब 8 बजे हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी हुई है। मारवाड़ी गंज में सुबह 8 बजे पहुंची टीम ईडी की टीम तड़के ही प्रेमनगर के मारवाड़ी गंज इलाके में स्थित मोबाइल कारोबारी के घर पहुंच गई। टीम के आते ही आसपास के सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। अचानक हुई इस छापेमारी की खबर जैसे ही बाजार में फैली, वैसे ही अन्य व्यापारियों में खलबली मच गई। आनन फानन में आसपास के कई दुकानदारों और व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। छह ठिकानों पर एक साथ चल रही है कार्रवाई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह छापेमारी सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं है। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले के तार कई राज्यों से जुड़े हैं। बरेली के साथ ही पंजाब के लुधियाना, जालंधर और दिल्ली-नोएडा समेत कुल छह अलग-अलग ठिकानों पर ईडी की टीमें एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। स्थानीय पुलिस को साथ लेकर जांच में जुटी ईडी कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखने के लिए ईडी की टीम ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी अपने साथ लिया है। घर के बाहर और भीतर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। टीम ने कारोबारी के घर के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बंद कर दिए हैं और अंदर मौजूद सभी लोगों से पूछताछ के साथ ही दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के खुलासे की आशंका जताई जा रही है।
10 लाख की हेरोइन के साथ महिला गिरफ्तार:भिलाई में पुलिस ने की रेड कार्रवाई, कैश और मोबाइल भी जब्त
भिलाई में हेरोइन (चिट्टा) की बिक्री करने के आरोप में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 10 लाख रुपए की हेरोइन, कैश और मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान हाउसिंग बोर्ड भिलाई निवासी राजविंदर कौर के रूप में हुई है। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 8 जून को सूचना मिली थी कि एक महिला हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन बीएनएस स्कूल के पास अवैध रूप से हेरोइन रखकर उसकी बिक्री कर रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। महिला आरक्षक की मौजूदगी में ली गई तलाशी पुलिस ने बताए गए स्थान पर संदिग्ध महिला की पहचान की। महिला आरक्षक की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान उसके पास से 49.8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके अलावा नशीले पदार्थ की बिक्री से मिले 1,000 रुपए नकद और एक कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। बरामद हेरोइन की कीमत 10 लाख रुपए पुलिस के अनुसार जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 9 लाख 96 हजार रुपए है। मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल जब्त सामग्री की कीमत लगभग 9 लाख 97 हजार 300 रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार महिला की पहचान राजविंदर कौर (25) निवासी एलआईजी-312, हाउसिंग बोर्ड, भिलाई, थाना जामुल, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार इससे पहले पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में करीब 6 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में रज्जो कौर नामक महिला को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
कार की टक्कर से सड़क पर गिरा साइकिल सवार बुजुर्ग , जिससे मदद मांगी वो मोबाइल लेकर भाग गया
भास्कर न्यूज | जालंधर 120 फुटी रोड पर आर्य स्कूल मंगल मंडी के पास बबरीक चौक पर एक तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार बुजुर्ग को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर और कनपटी पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल बुजुर्ग की पहचान टैगोर नगर निवासी बोध राज के रूप में हुई है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। खून से लथपथ बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे, पर दर्जनों वाहन चालकों में से कोई भी उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए तैयार नहीं हुआ। उधर, एक तरफ जहां कुछ राहगीरों ने बुजुर्ग को सड़क से उठाकर छाया में बिठाया और पानी पिलाया, वहीं भीड़ का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक बुजुर्ग का जमीन पर गिरा मोबाइल फोन चोरी कर रफूचक्कर हो गया। बुजुर्ग के पास मौजूद अन्य दस्तावेजों से मिले नंबर के जरिए उनके बेटे को सूचित किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर पिता को अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद करीब 45 मिनट तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एंबुलेंस। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुजुर्ग जैसे ही टैगोर नगर जाने के लिए अपनी साइकिल से 120 फुटी रोड पर चढ़े, तभी नहर की तरफ से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उन्हें पीछे से उड़ा दिया। घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण फिलहाल पुलिस को कार के नंबर या आरोपी चालक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
गोरखपुर में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सोमवार को एक परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। इसके बाद से जांच करने वाले लोगों पर भी सवाल उठ रहे हैं। युवक मोबाइल फोन को अंडरवियर में छिपाकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया था। हालांकि परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद केंद्र प्रशासन ने जांच कर उसे पकड़ लिया। बिहार का रहने वाला है आरोपी पकड़े गए युवक की पहचान बिहार के नालंदा जिले के अस्थावा थाना क्षेत्र के बेलवरिया गांव के रहने वाले रामप्रकाश चौहान के रूप में हुई है। वह गोरखपुर के नीना थापा स्कूल में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने आया था। जांच के बावजूद अंदर ले गया मोबाइल परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की जांच की गई थी। इसके बावजूद रामप्रकाश मोबाइल फोन को अंडरवियर में छिपाकर परीक्षा कक्ष तक पहुंचने में सफल हो गया। इसके बाद जांच करने वाले लोगों पर भी सवाल उठा। बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने के बाद उसने मोबाइल का इस्तेमाल करने की कोशिश की। ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षकों की नजर उसकी हरकतों पर पड़ी। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसकी जांच कराई गई। तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल मिलने के बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने तत्काल उसे परीक्षा से बाहर कर दिया। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही एम्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मोबाइल की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी नकल गिरोह के संपर्क में था या फिर उसने खुद ही परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की कोशिश की थी। नकल रोकने के लिए प्रशासन सतर्क सिपाही भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जांच के बावजूद युवक मोबाइल फोन अंदर ले जाने में कैसे सफल हो गया।
कौशांबी में 8वीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सोमवार दोपहर को छात्रा घर पर बिना बताए 18 किलोमीटर दूर स्टेशन पहुंच गई। वह काफी देर तक स्टेशन परिसर में टहलती रही। इसके बाद छात्रा ने एक महिला परीक्षार्थी से मोबाइल फोन मांगा और घरवालों से आत्महत्या की सूचना दी। बात करने के बाद उसने ट्रेन के आगे कूदने का प्रयास किया। जिस महिला परीक्षार्थी से उसने फोन लिया था, उसने छात्रा का हाथ पकड़कर बचाने की कोशिश की, लेकिन छात्रा हाथ छुड़ाकर ट्रेन के आगे कूद गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामला भरवारी रेलवे स्टेशन का है। अब जानिए पूरा मामला मृतका की पहचान करारी थाना क्षेत्र के बड़ाई बंधवा निवासी झुल्लर सरोज की पुत्री लक्ष्मी देवी (14) के रूप में हुई है। वह कक्षा 8 की छात्रा थी। लक्ष्मी अपने दो भाइयों और छह बहनों में चौथे नंबर पर थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लक्ष्मी देवी काफी देर से स्टेशन परिसर में टहल रही थी। स्टेशन पर पुलिस भर्ती परीक्षा के कारण परीक्षार्थियों की भीड़ भी मौजूद थी। छात्रा ने एक महिला परीक्षार्थी से मोबाइल फोन मांगा और घर पर बात की। आत्महत्या की सूचना देने के बाद ट्रेन के आगे कूदी बातचीत के दौरान चिल्लाने की आवाज भी आई। जिसके बाद फोन कटते ही ट्रेन के आगे कूदने का प्रयास किया। जिस महिला परीक्षार्थी से उसने फोन लिया था, उसने छात्रा का हाथ पकड़कर बचाने की कोशिश की, लेकिन छात्रा हाथ छुड़ाकर एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के लगभग एक घंटे बाद मृतका का बड़ा भाई मुकेश मौके पर पहुंचा। मुकेश ने बताया कि उसे घर से फोन आया था कि उसकी बहन भरवारी रेलवे स्टेशन पर है। घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रेन कुछ देर के लिए रुकी, जिसके बाद शव को हटाया। जिसके बाद लोको पायलट ने निरीक्षण कर उसे आगे बढ़ाया। इसी दौरान जिस महिला ने फोन से बात कराया था। उसकी ट्रेन आ गई, जिससे वह फतेहपुर निकल गई। जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतका की मां सुनीता देवी, पिता झुल्लर सरोज और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच-पड़ताल में जुटी है। …………… ये खबर भी पढ़ें… कारोबारी का हत्यारोपी भानु सिंह एनकाउंटर में ढेर, अयोध्या में STF ने घेरा तो स्टेन-गन से बरसाईं गोलियां अयोध्या में STF ने 2 लाख रुपए के इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू (38) को मार गिराया। रविवार देर रात STF को सूचना मिली थी कि आरोपी साथी के साथ बाइक से भाग रहा है। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने स्टेन-गन से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लग गई। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ रात करीब 11 बजे महाराजगंज थाना क्षेत्र के एमी घाट के पास हुई। बदमाश का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। भानु प्रताप गोरखपुर का रहने वाला था। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर में युवती से दोस्ती पर विवाद:भाई ने मोबाइल पर कॉल कर ड्राइवर को बुलाया और चाकू से कर दिया हमला
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवती से बातचीत और दोस्ती को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि युवती के भाई ने एक ड्राइवर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक घायल हो गया, जिसे उसके दोस्त निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाणगंगा थाना पुलिस के मुताबिक अभिषेक पाल ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह पेशे से ड्राइवर है और उसकी दोस्ती आरोपी शिवम की बहन से थी। रविवार रात उसके मोबाइल पर युवती का मिस कॉल आया था। बाद में जब उसने वापस कॉल किया तो शिवम फोन पर अपशब्द कहने लगा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की अभिषेक के अनुसार देर रात शिवम उसके घर पहुंचा और बाहर बुलाकर बहन से बात करने को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद दोनों ने बातचीत के लिए नवचेतन स्कूल के पास मिलने का तय किया। अभिषेक अपने दोस्त प्रमोद साहू के साथ वहां पहुंचा था। शिकायत के मुताबिक बातचीत के दौरान अचानक शिवम ने चाकू निकालकर अभिषेक पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने एक पत्थर उठाकर अभिषेक के चेहरे पर भी मार दिया। हमले में घायल अभिषेक को उसके दोस्त तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार के दौरान परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल के बयान के आधार पर आरोपी शिवम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है।
दुर्ग जिले में रविवार को पुलगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंकी रिजॉर्ट के पीछे संचालित जुए की फड़ पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कैश, बाइक, मोबाइल समेत 4 लाख 34 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। पुलगांव को सूचना मिली थी कि, गोकुलधाम इलाके में मंकी रिजॉर्ट के पीछे कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद लोग ताश के जरिए जुआ खेलते मिले। 15 आरोपियों को किया गिरफ्तार रेड के दौरान पुलिस ने कुल 15 आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से 1 लाख 82 हजार रुपए कैश, 52 पत्ती ताश, 12 बाइक, 17 टच स्क्रीन मोबाइल और 2 कीपैड मोबाइल जब्त किए। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 4 लाख 34 हजार रुपए बताई गई है। इन्हें किया गया गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सोनू चौहान, फिरोज खोखर, शब्बीर खान, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद जुनैद, पारस चंद्राकर, अजीम अहमद, मोहम्मद जमील, एकांत साहू, जमील खान, शिवा साहू, मृत्युंजय चंद्राकर, साहिद, चंद्रपाल यादव और प्रकाश देवांगन शामिल हैं। सभी आरोपी दुर्ग शहर और आसपास के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस अब इस पूरे मामले में जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि वो इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी ने लखनऊ में कहा है कि 12 साल पहले मौसम की जानकारी उलटा होती थी। जो भी बताया जाता था, उसके उलटा होता था। अगर मौसम विभाग बताता कि बारिश होगी तो बारिश नहीं होती थी। अब हम पहले ही अलर्ट हो जाते हैं। इसके लिए केंद्रीय विज्ञान राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बहुत काम किया। उसी का परिणाम है कि अब आंधी, बारिश का अलर्ट 3 घंटे पहले सबके मोबाइल पर आ रहा है। 13 मई को प्रदेश में आपदा आई, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। मैंने अधिकारियों की मीटिंग ली। उनसे पूछा कि भई, कहां चूक हो गई। इस पर यह निकलकर आया कि लोकल लेवल पर सावधानी नहीं बरती गई। सीएम योगी ये बातें सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना के दौरान कहीं। उद्घाटन के पल-पल अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
दुर्ग में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक आर्किटेक्ट ने ई-चालान के लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपए निकाल लिए गए। इस रकम से तीन महंगे सैमसंग मोबाइल खरीदे गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, राजनांदगांव निवासी अंकेश सिन्हा (30) पेशे से आर्किटेक्ट हैं। 6 जून को वे कोहका स्थित शिक्षक नगर में अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर 'एम-परिवहन' के नाम से एक संदेश आया। इसमें उनके एक्टिवा वाहन पर 1000 रुपए का ई-चालान पेंडिंग होने की जानकारी दी गई थी। वाहन से जुड़ा मामला समझकर अंकेश ने बिना किसी संदेह के लिंक पर क्लिक कर दिया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह फर्जी लिंक है और साइबर ठग उनकी बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ मिनटों में खाते से उड़ गए पैसे शिकायत के अनुसार, लिंक पर क्लिक करने के कुछ ही देर बाद शाम 7:03 बजे और 7:06 बजे दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन हुए। पहले ट्रांजेक्शन में 1 लाख 31 हजार 762 रुपए और दूसरे ट्रांजेक्शन में 2 लाख 92 हजार 611 रुपए क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए गए। इस तरह कुल 4 लाख 24 हजार 373 रुपए की ठगी हो गई। ठगी की रकम से खरीदे गए तीन प्रीमियम मोबाइल प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी की रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तीन प्रीमियम सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीदने में किया गया। खरीदारी से जुड़े बिल और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड में उत्तर प्रदेश के नोएडा का पता सामने आया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। खातों और डिलीवरी एड्रेस की हो रही जांच पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिलीवरी एड्रेस की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल इस साइबर ठगी में किया गया। जांच एजेंसियां ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। साइबर अपराधियों का नया तरीका साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, बैंक अपडेट और पार्सल डिलीवरी जैसे फर्जी संदेश भेजकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी जानकारी, बैंकिंग डेटा या कार्ड संबंधी जानकारी अपराधियों तक पहुंच सकती है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित की शिकायत पर स्मृति नगर चौकी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड और डिलीवरी एड्रेस के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 4.24 लाख रुपए की इस ठगी के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है। दुर्ग जिले में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। एक आर्किटेक्ट ने ई-चालान लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपये निकाल लिए गए। इस रकम से तीन महंगे सैमसंग मोबाइल खरीदे गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, राजनांदगांव निवासी 30 वर्षीय अंकेश सिन्हा पेशे से आर्किटेक्ट हैं। 6 जून को वे कोहका स्थित शिक्षक नगर में अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5 बजकर 41 मिनट पर उनके मोबाइल पर 'एम-परिवहन' के नाम से एक संदेश आया। इसमें उनके एक्टिवा वाहन पर 1000 रुपये का ई-चालान बताया गया था। वाहन से जुड़ा मामला समझकर अंकेश ने बिना किसी संदेह के उस लिंक पर क्लिक कर दिया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह एक फर्जी लिंक था और साइबर ठग उनकी बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, लिंक पर क्लिक करने के कुछ ही देर बाद शाम 7 बजकर 3 मिनट और 7 बजकर 6 मिनट पर दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन हुए। पहली बार 1 लाख 31 हजार 762 रुपये और दूसरी बार 2 लाख 92 हजार 611 रुपये क्रेडिट कार्ड से निकाले गए। कुल मिलाकर, अंकेश के क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपये की रकम निकाल ली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस ठगी की रकम का उपयोग ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तीन प्रीमियम सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीदने में किया गया। खरीदारी से जुड़े बिल और ट्रांजेक्शन डिटेल्स में उत्तर प्रदेश के नोएडा का पता सामने आया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पंजाब विजिलेंस मुख्यालय से जुड़े 13 लाख रुपए के कथित रिश्वतखोरी मामले में फरार चल रहे इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा ने चंडीगढ़ सीबीआई की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच में सीबीआई को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि राणा पंजाब विजिलेंस के किन अधिकारियों के संपर्क में था, वह कितने समय तक संपर्क में रहा और दिन में कितनी बार बातचीत होती थी। आरोपी ओ.पी. राणा सात दिन के पुलिस रिमांड पर है। इन खुलासों के बाद सीबीआई की जांच के दायरे में पंजाब विजिलेंस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी आ गए हैं, जिनसे जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं। आरोपी कई अफसरों का रहा रीडर आरोपी ओपी राणा पंजाब विजिलेंस में काफी लंबे समय से तैनात था। इसे लेकर CBI उन सभी अफसरों की सूची तैयार कर रही है, जिनके साथ ओपी राणा ने बतौर रीडर काम किया है। उस दौरान अफसरों के साथ आरोपी का तालमेल किस तरह का था, इसका भी पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा तीन साल बाद तबादले की प्रक्रिया होने के बावजूद ओपी राणा रीडर के पद पर तैनात रहा। यह किस अफसर की मेहरबानी से संभव हुआ, इसका भी पता CBI लगा रही है। आरोपी बोला चंडीगढ़ बर्थडे पार्टी में गया था वकील ने चंडीगढ़ अदालत को यह भी बताया था कि आरोपी बाद में सेक्टर-7 में एक बर्थडे पार्टी में गया था। बचाव पक्ष ने खरीदारी के बिल भी कोर्ट में पेश किए। इसी आधार पर आरोपी की ओर से शाम फैशन मॉल और सेक्टर-35 फूल मार्केट के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। हालांकि, इन दलीलों के बावजूद आरोपी को राहत नहीं मिल सकी। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपी के दावों का कड़ा विरोध किया। FIR में क्या, 3 पॉइंट में पढ़िए… इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ 11 मई: CBI ने रिश्वत लेते पकड़ा स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत पर CBI ने चंडीगढ़ के होटल में ट्रैप लगाया। होटल में कमरा बुक करवाया गया, जहां बिचौलिए और अन्य लोग मिले। इसी दौरान सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए कैश और मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। राघव और विकास गोयल भागने लगे, लेकिन अंबाला के पास पकड़ लिए गए। ओपी राणा फरार हो गया। इसके बाद CBI ने मोहाली स्थित विजिलेंस हेडक्वार्टर में देर रात रेड की। रिकॉर्ड खंगाले गए और कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए। 12 मई: 9 लाख कैश और दस्तावेज बरामद मंगलवार सुबह करीब 7 बजे सीबीआई की टीमें दोबारा विजिलेंस कार्यालय पहुंचीं और पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर में छानबीन शुरू की। शुरुआत में कर्मचारियों को बाहर रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया। करीब 10 बजे विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान अपने कार्यालय पहुंचे और बिना कुछ कहे अंदर चले गए। इसी दौरान सेक्टर-23 और एक अन्य स्थान पर भी सीबीआई ने दबिश दी, जहां से 9 लाख रुपए कैश और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। CBI ने गिरफ्तार आरोपी बाप-बेटा और अंकित बधवा को चंडीगढ़ की स्पेशल CBI कोर्ट मे पेश किया। अंकित का रिमांड सीबीआई ने नहीं मांगा। बाप-बेटे का 3 दिन का रिमांड गया। जिसके बाद कोर्ट उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। 12 पेजों की वॉट्सऐप चैट कोर्ट के समक्ष पेश की गई। 13 मार्च: 8 फर्जी शिकायतों का खुलासा CBI सूत्रों के मुताबिक दोनों बिचौलिए काफी शातिर थे। जांच में 8 के करीब फर्जी शिकायतों का पता चला। CBI सूत्रों के मुताबिक, बिचौलिए मोहाली के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे, जिसकी बुकिंग भी किसी राजनेता ने करवाई थी। विजिलेंस ने उसकी रिकॉर्डिंग को कब्जे में ले लिया है। वह अफसरों से दोस्ती भी धर्म के आड़ में करते थे। वह जब किसी अफसर से मिलने जाते थे तो कहते थे कि बालाजी सालासर के उपासक हैं। वह अफसरों को प्रशाद व झंडा तक देते थे। इस तरह वह अफसरों के नजदीक जाते थे। इन अफसरों से संपर्क के बाद वह अपना काम करते थे।
इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले एक प्रॉपर्टी ब्रोकर के साथ शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 17.84 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेसबुक विज्ञापन देखकर किया संपर्क एरोड्रम पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी ब्रोकर नितेश दवे ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से जुड़े MEXC और VISTAGLOBLEXCAPITAL.IMT के विज्ञापन देखे थे। विज्ञापन में कम समय में अच्छा रिटर्न देने का दावा किया गया था। इसके बाद उनकी बातचीत व्हाट्सएप पर एक महिला से हुई, जिसने अपना नाम आराध्या शर्मा बताया। उसने खुद को MEXC कंपनी से जुड़ा बताते हुए कहा कि कंपनी क्रिप्टोकरेंसी और USDT में निवेश कराती है और निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिलता है। टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर बढ़ाया भरोसा आराध्या शर्मा ने नितेश को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और वहां हरीनी पटेल नाम की महिला को सीनियर अधिकारी बताकर परिचय कराया। इसके बाद ऑनलाइन एक एग्रीमेंट साइन कराया गया, जिसमें बताया गया कि कंपनी द्वारा दिलाए गए मुनाफे का 15 प्रतिशत कमीशन देना होगा। पहले मुनाफा देकर जीता भरोसा शुरुआत में 4 अप्रैल को नितेश से यूपीआई के माध्यम से 10 हजार रुपए निवेश कराए गए। कुछ समय बाद उन्हें करीब 13 हजार रुपए वापस मिले। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद सात दिन के निवेश प्लान का झांसा देकर लगातार रकम जमा कराई गई। 28 ट्रांजेक्शन में डलवा लिए 17.84 लाख रुपए आरोपियों ने अलग-अलग खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए। एक बार में करीब 21 और दूसरी बार में 7 ट्रांजेक्शन कराए गए। इस तरह कुल 17 लाख 84 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिए गए। पैसे मांगने पर बंद कर लिया मोबाइल जब नितेश ने अपना निवेश और मुनाफे की राशि निकालने की बात कही तो आराध्या शर्मा ने फोन उठाना बंद कर दिया। कुछ समय बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया और पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप से भी हटा दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद एरोड्रम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर पुलिस ट्रांजेक्शन और खातों की जानकारी जुटा रही है।
महानगर में फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन और बोगस बिलिंग के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले नेटवर्क पर आबकारी एवं कर विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्टेट टैक्स अधिकारियों ने शहर में संचालित 9 बोगस फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अन्य लोगों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी नंबर हासिल किए और बाद में फर्जी बिलिंग के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया। इन बोगस फर्मों के खिलाफ की गई कार्रवाई विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले दो मामले स्टेट टैक्स ऑफिसर अरुण कुमार जैन की शिकायत पर दर्ज किए गए। थाना डाबा पुलिस ने मान कॉलोनी स्थित एम/एस पूजा एंटरप्राइजेज और महा सिंह नगर, डाबा रोड स्थित एम/एस श्री राधे ट्रेडिंग कंपनी को संदिग्ध पाया गया। तीसरे मामले में बसंत नगर लोहारा स्थित एम/एस सीतम एंटरप्राइजेज का नाम सामने आया। थाना शिमलापुरी पुलिस ने इसी तरह के दो मामले दर्ज किए हैं। शिमलापुरी की गली नंबर-14 स्थित एम/एस गणपति पैकर्स इंडस्ट्रियल के अमित कुमार और सोहनजीत सिंह निवासी खालसा इंटरप्राइजेज, गिल रोड-चिमनी रोड के खिलाफ भी पर्चा दर्ज किया है। थाना डिवीजन 6 ढोलेवाल के पास प्रभात नगर स्थित एम/एस बैनीपाल इंडस्ट्रीज के खिलाफ भी पुलिस ने केस दर्ज किया है। थाना टिब्बा पुलिस ने आरोपी कृष्णा ट्रेडर्स के संचालक कृष्ण कुमार पुत्र कुमार पाल निवासी गुरमेल पार्क, टिब्बा रोड, लुधियाना के खिलाफ पर्चा दर्ज किया। वहीं, थाना दरेसी में अल्फा ट्रेडिंग कंपनी के संचालक रमनदीप सिंह के खिलाफ पर्चा दर्ज किया गया है। इसी तरह थाना साहनेवाल में सीके इंडस्ट्री पर पर्चा दर्ज किया गया है। बोगस फर्मों के नेटवर्क की जांच तेज: विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की फर्जी फर्मों का इस्तेमाल अक्सर फर्जी बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। इसी आशंका के मद्देनजर पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए कितने समय से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं और इसमें कौन-से अन्य अज्ञात सहयोगी शामिल हैं।
उदयपुर की फतहसागर झील में देर शाम एक 'उज्जैन बोटिंग' पर बोट ऑपरेटर की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसी टूरिस्ट का मोबाइल पानी में गिर गया था। जिसे ढूंढने के लिए वह पानी में कूदा। इसके बाद वह बाहर नहीं आ पाया। हैरानी वाली बात ये है कि मौके पर बोटिंग का अन्य स्टाफ सहित लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने उसे बचाने की किसी कोशिश नहीं की। सूचना पर सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और 15 मिनट में शव को जेटी के नीचे से ढूंढकर बाहर निकाला। शव अंबामाता थाना पुलिस को सुपुर्द किया। मृतक की पहचान सरवैया विनोदभाई (66) निवासी भावनगर गुजरात के रूप में हुई है। पुलिस ने शव एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में शिफ्ट कराकर परिजनों को सूचना दे दी है। टूरिस्ट बोला-20 हजार ले लो, पानी में से मेरा मोबाइल निकाल दोसिविल डिफेंस के सदस्य कैलाश मेनारिया ने बताया कि घटना के बाद कुछ ही देर पहले मेरे पास गुजरात के एक टूरिस्ट का फोन आया था। उसने किसी से मेरे नंबर लिए थे। उसने मुझे कहा था कि मेरा महंगा मोबाइल झील में गिर गया है। आप निकालकर दे दो। मैं आपको 20 हजार रुपए दूंगा। मैंने ये कहते हुए मना कर दिया कि मैं प्राइवेट काम नहीं करता। फिर उसने बड़े अधिकारियों से फोन करा देने की बात कहते हुए दबाव बनाया लेकिन मैंने साफ मना किया। उसके फोन कटने के करीब 20 मिनट बाद सूचना आई कि झील में मोबाइल ढूंढते हुए कोई डूब गया है। तभी मैं समझ गया था कि उसी टूरिस्ट ने बोट ऑपरेटर को लालच देकर बोला झील में उतरने को मजबूर किया होगा। हम मौके पर पहुंचे, तब तक टूरिस्ट फरार हो चुका था। जेटी के नीचे दम घुटने से हुई मौतसिविल डिफेंस के कैलाश मेनारिया ने बताया कि बोटिंग करने आए किसी टूरिस्ट का जेटी के पास झील में मोबाइल गिर गया था। जिसे उठाने के लिए वहां मौजूद बोट ऑपरेटर सरवैया ने झील में डुबकी लगाई। वह मोबाइल ढूंढता हुआ जेटी के नीचे चला गया। जहां से संभवतय उसे बाहर आने का रास्ता नहीं दिखा और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
ग्वालियर का एक ट्रक चालक उत्तर प्रदेश के झांसी से लापता हो गया है। उसका ट्रक झांसी के एक सीएनजी (CNG) पंप पर खड़ा मिला है, जबकि फोन बंद आ रहा है। वह जनकगंज थाना क्षेत्र के संजय नगर में रहने वाला है। बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने परिजन जनकगंज थाने पहुंची तो पुलिस ने झांसी में जाकर शिकायत करने की बात कहकर भगा दिया गया। थक-हारकर बुजुर्ग मां ने ग्वालियर एसपी कार्यालय पहुंचकर अपने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई है। लापता ट्रक चालक के भाई प्रदीप कुमार ने बताया कि मेरा भाई विक्की उर्फ वीरेंद्र जाटव (34) ग्वालियर के ही रहने वाले कल्लू पाठक का आयशर ट्रक चलाता है। 28 मई 2026 को वह ग्वालियर से ट्रक लेकर निकला था। निर्धारित रूट के मुताबिक, वीरेंद्र को छत्तीसगढ़ के रायपुर से ट्रक में माल लोड करके वापस ग्वालियर आना था। 4 जून 2026 की सुबह वीरेंद्र ट्रक लेकर उत्तर प्रदेश के झांसी शहर तक पहुंच चुका था। वहां बजरंग नगर कॉलोनी के पास स्थित एक सीएनजी पेट्रोल पंप पर वीरेंद्र ने अपना ट्रक खड़ा किया और पंप कर्मियों से 'फ्रेश' होने की बात कहकर निकला, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। सुबह ट्रक मालिक से बात हुई, शाम को लापतावीरेंद्र की आखिरी बार फोन पर बातचीत 4 जून की सुबह 11 बजे ट्रक मालिक से हुई थी। बातचीत में वीरेंद्र ने कहा था कि वह कुछ ही देर में ग्वालियर पहुंच जाएगा। इसके बाद से ही उसका मोबाइल स्विच ऑफ (बंद) हो गया। जब 4 जून की शाम तक वीरेंद्र गाड़ी लेकर ग्वालियर नहीं पहुंचा, तो ट्रक मालिक को चिंता हुई। उन्होंने ट्रक में लगे जीपीएस (GPS) सिस्टम से लोकेशन ट्रैक की, तो गाड़ी झांसी के सीएनजी पंप पर खड़ी मिली। अगले दिन सुबह 5 जून को ट्रक मालिक झांसी पहुंचे और पुलिस को लिखित सूचना देने के बाद सीएनजी पंप से अपना लावारिस ट्रक चाबी लगाकर वापस ले आए। परिवार का आरोप जनकगंज पुलिस नहीं सुन रहीइधर, वीरेंद्र का फोन बंद होने और उसके लापता होने की खबर से घर में सभी परेशान हैं। अनहोनी की आशंका से घबराए परिजन जब वीरेंद्र की गुमशुदगी (लापता होने की रिपोर्ट) दर्ज कराने ग्वालियर के जनकगंज थाने पहुंचे, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय झांसी जाकर शिकायत करने के लिए कहा। एसपी ऑफिस पहुंची मां, मांगी मददजनकगंज थाना में सुनवाई न होने के बाद वीरेंद्र की बुजुर्ग मां आशाबाई जाटव सीधे ग्वालियर एसपी ऑफिस पहुंचीं और शिकायती आवेदन देकर पुलिस कप्तान से मदद की गुहार लगाई है। लापता वीरेंद्र अपने 6 भाइयों में तीसरे नंबर का भाई है। वह घर का कमाने वाला सदस्य है। वीरेंद्र की शादी को 10 साल हो चुके हैं। घर में उसकी 9 महीने की बच्ची और पत्नी है।
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा कस्बे में दिनदहाड़े एक व्यक्ति से नकदी, मोबाइल और बैंक पासबुक से भरा बैग छीनने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरतगढ़ क्षेत्र की प्रेमपुरा ढाणी निवासी सुनील कुमार (25) और रमनदीप (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों के पास से छीना गया सामान और नकदी बरामद कर ली गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, पीलीबंगा मंडी निवासी मदनलाल नायक ने 3 जून को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह बैंक से 30 हजार रुपए निकालकर घर लौट रहे थे। उनके कपड़े के बैग में नकदी के साथ दो बैंक पासबुक और एक एंड्रॉयड मोबाइल भी था। रास्ते में बाइक पर सवार दो युवकों ने पीछे से आकर झपट्टा मारा और बैग छीनकर फरार हो गए। मदनलाल नायक की रिपोर्ट पर पीलीबंगा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से छीनी गई नकदी, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक के साथ वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की गई है। इस कार्रवाई में एएसआई बलजीत सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल साहबराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
सिवनी कोतवाली थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत लगभग 4 लाख रुपये मूल्य के 20 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों को रविवार दोपहर एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया गया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। जानकारी के अनुसार, पिछले छह माह के दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के 20 लोगों ने अपने मोबाइल फोन गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों को सीबीआरआई (CBRI) पोर्टल पर भी दर्ज किया गया था। शिकायतों के प्राप्त होने के बाद, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के निर्देशन में मोबाइल खोजने की विशेष कार्रवाई शुरू की गई। सिवनी एसडीओपी परते ने बताया कि गुम हुए मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच की गई। थाना कोतवाली प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर तलाश कर अलग-अलग कंपनियों के कुल 20 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये है। मोबाइल बरामद होने के बाद, संबंधित दस्तावेजों और पहचान की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया गया। लंबे समय से अपने मोबाइल की वापसी की उम्मीद छोड़ चुके लोगों ने फोन वापस मिलने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। एसडीओपी ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा सीबीआरआई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे समय रहते तकनीकी सहायता से मोबाइल को ट्रेस कर बरामद किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी सतीश तिवारी सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता को आमजन के बीच विश्वास बढ़ाने वाली पहल माना जा रहा है।
सीतामढ़ी पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत खोए, गुम हुए और छीने गए 58 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। वरीय पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में डीएसपी मुख्यालय मो. नजीर अनवर ने ये फोन लौटाए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की इस पहल से उनकी उम्मीद पूरी हुई। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… विभिन्न स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया गयाडीएसपी हेडक्वार्टर मो. नजीर अनवर ने जानकारी दी कि साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद से विभिन्न स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया गया। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। इस अवसर पर मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने सीतामढ़ी पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत संबंधित थाना या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बक्सर में मोबाइल लूट का खुलासा:चार आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी शामिल;घर लौटते समय हुई थी वारदात
बक्सर पुलिस ने जनवरी में हुई मोबाइल लूट की घटना का खुलासा किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन वयस्क और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। चाकू दिखाकर मोबाइल फोन और नकदी छीनी घटना 27 जनवरी 2026 की शाम करीब 6:30 बजे सोनवर्षा थाना क्षेत्र में हुई थी। गिरीधर बरांव निवासी राहुल कुमार बाजार से घर लौट रहे थे, तभी दो अज्ञात बदमाशों ने चाकू दिखाकर उनका मोबाइल फोन और नकदी छीन ली। राहुल कुमार ने 28 जनवरी 2026 को सोनवर्षा थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कांड संख्या 10/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बक्सर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए अपराधियों की पहचान की और छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान गिरीधर बरांव निवासी रितेश कुमार, अगिआंव बाजार (भोजपुर) निवासी विनय प्रकाश सिंह, गिरीधर बरांव निवासी मिथुन कुमार और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पहले भी मध निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रितेश कुमार के खिलाफ सोनवर्षा थाना में पहले भी मध निषेध अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज है। पुलिस अब अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर पौलस्त कुमार, पुलिस निरीक्षक अरविंद कुमार, सोनवर्षा थाना के सहायक थानाध्यक्ष संतोष कुमार, पुलिस पदाधिकारी रामजीत कुमार और सोनवर्षा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र के इमलों गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक प्रेम प्रसंग के चलते 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की पहचान पवन निषाद के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही जफराबाद पुलिस के साथ पांच अन्य थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। टावर के चारों ओर जाल लगाया गया स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने टावर के चारों ओर सुरक्षा जाल लगवाया है। मौके पर एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जानकारी के अनुसार, युवक अपनी प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा हुआ है। पुलिस उसकी प्रेमिका के परिजनों से संपर्क कर उसे समझाने और मौके पर बुलाने का प्रयास कर रही है। तेज धूप में 3 घंटे से टावर पर बैठा युवक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक युवक तेज धूप और लू के बीच टावर पर बैठा रहा। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण उसकी हालत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। मौके पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए पूरी तैयारी की गई है।
आजमगढ़ जिले के पुलिस ने खोए हुए मोबाइल को रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 448 मोबाइल फोन जिन्हें रिकवर किया गया है। उपभोक्ताओं को सौंपा गया। बरामद मोबाइल फोन की कीमत 94 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। फरवरी 2024 से चल रही अभियान के अंतर्गत अभी तक 4650 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं जिनकी कीमत 11 करोड़ 22 लाख रुपए से अधिक की बताई गई है जिन्हें मोबाइल के स्वामियों को सौंपा गया है। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में मोबाइल रिकवरी अभियान के प्रभारी एसपी ग्रामीण चिराग जैन सभी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। जिले में लगातार चलता रहेगा अभियानजिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन का कहना है कि जिले में मोबाइल रिकवर करने का अभियान लगातार चलता रहेगा। नागरिकों के खोये हुए मोबाइल फोन बरामद किये जाने हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है, जिन्हे बरामद करने हेतु सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। मई 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा जनपद में खोए हुए कुल 448 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 94 लाख रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया हैं। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा कुल 1407 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 3 करोड़, 33 लाख, 75 हजार रुपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस अभियान के तहत जिले के सभी स्थान से खोए हुए मोबाइल फोन रिकवर किए गए हैं।
बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवक की हत्या उसके ही दोस्त ने की थी। घटना वाली रात दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान मोबाइल में आईडी चलाने की बात को लेकर विवाद हो गया और गुस्से में आरोपी ने पहले युवक का सिर दीवार में दे मारा, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बाणगंगा पुलिस के मुताबिक 3 जून को सूचना मिली थी कि ऋषि नगर निवासी 33 वर्षीय रोहित पुत्र गोपाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शुरुआती जांच में मामला अधिक शराब पीने से हुई मौत का माना जा रहा था, लेकिन मौके पर रोहित के गले पर दबाव के निशान मिले। वहीं शव के पास किसी अन्य व्यक्ति की चप्पल भी पड़ी मिली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत गला दबाने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद मृतक के पिता गोपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात रोहित का दोस्त देवेन्द्र पुत्र संतराम उमर (32) निवासी दुर्गानगर उसके घर आया था। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। रात में वह सो गए थे और उन्हें यह पता नहीं चला कि देवेन्द्र कब वहां से चला गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर देवेन्द्र को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। एसआई सीमा मुवेल की पूछताछ में वह पहले बहाने बनाता रहा, लेकिन बाद में टूट गया। आरोपी ने बताया कि मोबाइल में आईडी चलाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने रोहित का सिर दीवार में दे मारा और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। गर्भवती पत्नी मायके में, मां बिहार गई थी पुलिस के अनुसार रोहित पीओपी लगाने का काम करता था और परिवार के साथ ऋषि नगर में रहता था। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। घटना के समय उसकी गर्भवती पत्नी मायके गई हुई थी, जबकि मां बिहार में रिश्तेदारी में शोक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। घर में केवल पिता मौजूद थे, जो रात में सो गए थे। पिता गोपाल सिंह ने बताया कि रोहित की पत्नी गर्भवती है और इसी महीने उसकी डिलीवरी होना है।
लुधियाना में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठग लोगों के मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खातों से रकम साफ कर रहे हैं। ताजा मामला शहर के एक होजरी कारोबारी के साथ सामने आया है, जिसके खाते से साइबर ठगों ने करीब 1.25 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल और पुलिस को दी है। जानकारी के अनुसार, शहर के होजरी कारोबारी जसविंदर सिंह अचानक उस समय हैरान रह गए जब उनका मोबाइल फोन काम करना बंद कर गया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 10-10 हजार रुपये कटने के लगातार मैसेज आने लगे। बैंक पहुंचने तक खाते से उड़ चुकी थी रकम पीड़ित के मुताबिक, जब तक वह कुछ समझ पाते और बैंक पहुंचकर अपना खाता ब्लॉक करवाते, तब तक साइबर ठग उनके खाते से करीब 1.20 से 1.25 लाख रुपये निकाल चुके थे। अचानक हुई इस ठगी से कारोबारी के होश उड़ गए। स्टेटमेंट देख चौंके कारोबारी जसविंदर सिंह ने बैंक पहुंच स्टेटमेंट निकलवाई तो पता चला कि निकाली गई रकम का इस्तेमाल अमेजन और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों के नाम पर ट्रांजेक्शन करने में किया गया है। शुरुआती जांच में बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह राशि बेंगलुरु स्थित एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। साइबर पोर्टल पर दर्ज करवाई शिकायत ठगी का पता चलते ही कारोबारी ने केंद्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। साथ ही मामले की लिखित शिकायत स्थानीय साइबर सेल पुलिस को भी दी गई है। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से उनका मोबाइल फोन अब भी ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है। इसके कारण उनके होजरी कारोबार पर भी असर पड़ रहा है और रोजमर्रा के कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। जांच में जुटी साइबर सेल पुलिस और साइबर विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि मोबाइल फोन किस तरीके से हैक किया गया और रकम किस खाते में पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
उज्जैन में नकली सिगरेट का कारोबार करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से गोल्ड फ्लेक ब्रांड के 500 नकली सिगरेट पैकेट बरामद किए गए हैं। माधवनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नकली सिगरेट बेचने के लिए खड़ा है। सूचना पर पुलिस टीम जिरो पॉइंट ब्रिज के नीचे पहुंची और घेराबंदी कर एक संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम गोविंद खीची (24) निवासी पवासा बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के काले रंग के झोले से गोल्ड फ्लेक ब्रांड के नाम से तैयार किए गए नकली सिगरेट के 10 बॉक्स बरामद हुए। प्रत्येक बॉक्स में 50-50 पैकेट थे। इस प्रकार कुल 500 नकली सिगरेट पैकेट मिले। इसके अलावा पल्सर मोटरसाइकिल (MP-42-ZC-4981) और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। आईटीसी कंपनी के अधिकृत सेल्स सुपरवाइजर मुकेश बड़ोनिया ने थाने पहुंचकर जब्त माल की जांच की। उन्होंने बताया कि बरामद सिगरेट पैकेट नकली हैं और कंपनी के ब्रांड नाम व लोगो का दुरुपयोग कर बाजार में बिक्री के लिए तैयार किए गए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस और धारा 63 कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
लुधियाना में महिला से मोबाइल की झपटमारी,VIDEO:दवाई लेने जा रही थी,बाइक सवार 2 बदमाशों ने की वारदात
लुधियाना में लूट और छीनाझपटी की मामले लगातार सामने आ रहे है। ताजा मामला थाना सलेम टाबरी क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर से सामने आया है, जहां बेटी के साथ दवाई लेने जा रही एक महिला को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बना लिया। पीड़ित महिला अनीता, निवासी अशोक नगर ने बताया कि वह घर से दवाई लेने के लिए मोहल्ले की एक दुकान पर जा रही थी। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उसके पास आए और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला के कुछ समझ पाती, उससे पहले ही दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की पूरी तस्वीर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में दो युवक मोटरसाइकिल पर आते और महिला का मोबाइल छीनकर फरार होते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना तुरंत थाना सलेम टाबरी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और आस-पास के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बढ़ती वारदातों से लोगों में दहशत इलाके के लोगों का कहना है कि शहर में मोबाइल स्नैचिंग और लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातों से महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर बना हुआ है।
अजयगढ़ में मोबाइल गैलरी चोरी का खुलासा:CCTV सुराग पर 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, 5 मोबाइल बरामद
अजयगढ़ थाना पुलिस ने रेस्ट हाउस के सामने स्थित रवि मोबाइल गैलरी में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को छतरपुर से गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी किए गए सभी पांच मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 4-5 जून की दरमियानी रात अज्ञात चोर ने रवि मोबाइल गैलरी को निशाना बनाया था। चोर ने दुकान के सामने लगे कदम के पेड़ का सहारा लिया। वह पेड़ पर चढ़कर छत तक पहुंचा और लिफ्ट के लोहे के एंगल के सहारे दुकान के अंदर दाखिल हो गया। आरोपी ने दुकान से पांच कीमती मोबाइल फोन चुराए और फरार हो गया। चोरी की घटना का पता चलने पर अजयगढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दुकान के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी की करतूत और उसका हुलिया साफ दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा किया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी छतरपुर में छिपा है। अजयगढ़ पुलिस ने छतरपुर में घेराबंदी कर शनिवार, 6 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किए गए सभी पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर के निर्देशन में यह त्वरित कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक जयेंद्र पाल, अशोक अहिरवार और आरक्षक मनोज पटेल, नरेंद्र अहिरवार, अश्वनी अनुरागी व रामनरेश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कानपुर सेंट्रल पर दो मोबाइल चोर गिरफ्तार:डेढ़ लाख के फोन बरामद, आउटर पर यात्रियों को बनाते थे निशाना
कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी और छिनैती करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। ये अपराधी रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रेनों के धीमा होने का इंतजार करते थे और यात्रियों को निशाना बनाते थे। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन के हैरिसगंज पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान दादा नगर निवासी रोहित और कानपुर देहात के मंगलपुर निवासी राजकुमार के रूप में हुई। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये बताई गई है। बरामद मोबाइल फोन विभिन्न दर्ज मुकदमों से संबंधित पाए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रेलवे स्टेशन के आउटर पर झाड़ियों और सुनसान स्थानों में छिपकर ट्रेनों के धीमा होने का इंतजार करते थे। जैसे ही ट्रेन की गति कम होती थी, वे खिड़की या दरवाजे के पास बैठे यात्रियों के मोबाइल फोन और बैग छीनकर फरार हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित के खिलाफ जीआरपी कानपुर सेंट्रल, गाजियाबाद और अलीगढ़ में चोरी, छिनैती, गैंगस्टर व आर्म्स एक्ट सहित 26 मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे आरोपी राजकुमार के खिलाफ भी जीआरपी कानपुर सेंट्रल में आपराधिक मामला दर्ज है। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि, आउटर पर गश्त बढ़ाकर अपराध पर लगाम लगाने के प्रयास किए जायेंगे।
फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के प्रीतम नगला गांव में एक महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने महिला की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक महिला की पहचान 25 वर्षीय ललिता के रूप में हुई है। उसके भाई संजीव ने आरोप लगाया है कि ललिता की हत्या गला दबाकर की गई है। संजीव के अनुसार, ललिता की शादी 22 अप्रैल 2024 को राहुल से हुई थी और उसका 11 महीने का एक बेटा भी है। उन्होंने यह भी बताया कि ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर ललिता को अक्सर परेशान करते थे। शुक्रवार शाम को जब ललिता की मौत की सूचना मिली, तो संजीव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ललिता का शव नीचे रखा हुआ था और उसके ससुराल वाले वहां से फरार थे। घटनास्थल पर चूड़ियां टूटी हुई मिलीं, जिससे संजीव ने अनुमान लगाया कि उनकी बहन की गला दबाकर हत्या की गई है। वहीं, ससुराल पक्ष से चचिया ससुर दुर्वेश ने घटना का दूसरा पक्ष बताया। उनके मुताबिक, ललिता अपनी बहन से मोबाइल पर हंसकर बात कर रही थी। इस पर ललिता की सास ने उसे बहन से ठीक से बात करने को कहा। इसके बाद ललिता कमरे के अंदर चली गई और फंदा लगाकर जान दे दी। दुर्वेश ने बताया कि बाद में बेटियों ने नाती को नहलाया और कपड़े बदलने के लिए ललिता को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर पता चला कि ललिता ने फंदा लगा लिया था।कम्पिल थानाध्यक्ष नितिन चौधरी ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिल गई है और मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फाजिल्का के बॉर्डर रोड पर एक निजी एंबुलेंस चालक से लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार तीन युवकों ने चालक को घेरकर धारदार हथियार के बल पर उससे नकदी और बाइक की चाबी छीन ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। गांव सुरेशवाला निवासी राजिंदरपाल, जो एक निजी एंबुलेंस चालक हैं, ने बताया कि वह काम खत्म करने के बाद बाइक पर अपने घर लौट रहे थे। जब वह फाजिल्का के बॉर्डर रोड स्थित फ्लाईओवर के पास पहुंचे, तभी बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने धारदार हथियार दिखाकर उनसे करीब 10 हजार रुपये की नकदी और बाइक की चाबी छीन ली। पीड़ित बोला- आरोपियों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की राजिंदरपाल के अनुसार, आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि वह एंबुलेंस चालक हैं और उन्हें आपातकालीन कॉल प्राप्त होती रहती हैं। यह सुनकर आरोपियों ने मोबाइल वापस कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं और लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने बताया कि जब आरोपी उन्हें हथियार से धमका रहे थे, तब उन्होंने कहा कि वह उन्हें पहचानते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उन पर हमला नहीं किया और लूट की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई सूरज प्रकाश ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पठानकोट की शिमला पहाड़ी स्थित देवी माता मंदिर में मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके बाद मंदिर संचालक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।' जानकारी के अनुसार, कुछ संदिग्ध युवक मंदिर परिसर के आसपास घूमते देखे गए थे। मंदिर संचालक ने बताया कि इन युवकों ने उनसे पानी पीने के लिए कहा। उन्हें मंदिर के अंदर लगे वाटर कूलर से पानी पीने के लिए भेजा गया। पानी पीने के बहाने मंदिर में प्रवेश करने वाले युवकों में से एक ने मौका पाकर एक मोबाइल फोन अपनी जेब में डाल लिया। पूरी घटना मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से कैद हो गई। फुटेज की जांच के बाद मंदिर संचालक ने थाना डिवीजन नंबर-1 में मामले की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पार्सल देने गया था डिलीवरी बॉय राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि गुरुवार को दीन नगर क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय पार्सल देने गया था। इसी दौरान वह मोबाइल पर बात कर रहा था। तभी दो बदमाश उसके पास पहुंचे और हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए आरोपी शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने मोबाइल लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया। मोबाइल बरामद, पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने आरोपियों गणेश और निखिल गौतम को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटा गया मोबाइल जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों अन्य किसी अपराध में शामिल तो नहीं रहे हैं। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि मोबाइल लूट की वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से मोबाइल बरामद हुआ है। दोनों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
अलवर में एक चोर घर में घुसकर रिटायर्ड फौजी और पूर्व टीसी अमरीक सिंह के दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) और मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। इसके बाद डॉक्यूमेंट और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर खाते से साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए। घटना शहर के शिवाजी पार्क थाना इलाके में गणपति विहार की है। यहां 29 मई की रात करीब 3 बजे चोर घर में घुसा था। पीड़ित अमरीक सिंह के अनुसार, घटना की रात घर में सो रहा था। इसी दौरान चोर घर के अंदर घुस आया। आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सैनिक कैंटीन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद बिस्तर के सिरहाने रखा मोबाइल फोन उठाकर ले जाने लगा तो मेरी नींद खुल गई। चोर का हाथ पकड़ लिया, लेकिन आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग निकला। मोहल्ले तक दौड़ा, लेकिन चोर भाग निकला अमरीक सिंह ने बताया- चोर के पीछे मोहल्ले तक दौड़ा और चिल्लाया भी, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया- घटना के बाद 3 जून को मैंने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखकर पता चला कि 31 मई से 3 जून के बीच अलवर, किशनगढ़बास और तिजारा में अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए गए थे। पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी इसके बाद 5 जून को शिवाजी पार्क थाने में मामला दर्ज किया। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित के घर में चोरी की पूरी घटना बताने के बावजूद पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी। रिपोर्ट में केवल इतना उल्लेख किया गया कि पीड़ित के दस्तावेज और मोबाइल गुम हो गए थे। पीड़ित अमरीक सिंह का आरोप है कि पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि चोर घर में घुसा था, उसे पकड़ने की कोशिश भी की थी। वह चोरी कर भाग गया था। इसके बावजूद मेरी शिकायत को दस्तावेज गुम होने के रूप में दर्ज कर लिया गया। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी।
शौक पूरा करने राहगीरों से लूटते थे मोबाइल और कैश, सीसी कैमरे से पकड़ाए
भास्कर न्यूज | जांजगीर महंगे शौक और शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाहत ने हंसते-खेलते युवाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जांजगीर-चांपा जिले की बलौदा पुलिस और सायबर सेल ने एक ऐसे ही शातिर झपटमार गिरोह को दबोचा है, जिसमें शामिल 2 नाबालिगों समेत 5 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। यह गैंग सूनी सड़कों पर राहगीरों को निशाना बनाकर मोबाइल और नकदी झपटकर फरार हो जाता था। मामला 28 मई की रात का है, जब हरदीबाजार निवासी विरेंद्र कुमार अपने साथी के साथ नैला से फसल कटाई का काम निपटाकर देर रात करीब 11.30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। पहरिया तालाब के पास बिना नंबर की पल्सर और स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर आए आरोपियों ने उनका रास्ता रोका और बैग में रखे 3 मोबाइल समेत 40 हजार रुपए कैश लेकर चंपत हो गए। पकड़े गए आरोपियों में बलवेदव सूर्या, पंकज यादव. लखन कंवर, राकेश यादव और दुर्गेश शामिल हैं। पुलिस ने 2 बाइक, 5 मोबाइल भी जब्त किए।
लाइब्रेरी जा रही छात्रा से मोबाइल लूटा, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
श्याम नगर क्षेत्र में गुरुवार शाम एक छात्रा से मोबाइल लूट की वारदात हो गई। छात्रा पीजी से लाइब्रेरी जा रही थी, तभी बदमाश मोबाइल छीनकर फरार हो गया। घटना के बाद छात्रा ने श्याम नगर थाने में मामला दर्ज कराया। थानाधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि वारदात गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने संतोष नगर इलाके में हुई। पुलिस ने मामला दर्ज िकया है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
चालक से लूट करने वाला अपराधी दबोचा, लूटे गए 2 मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूटपाट और चोरी की वारदात में शामिल एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। थाना लाडोवाल पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा, जॉइंट सीपी रुपिंदर सिंह और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त देव सिंह के दिशा-निर्देशों पर थाना लाडोवाल के प्रभारी सुखविंदर सिंह की देखरेख में सांझा थाना इंचार्ज बिक्रमजीत सिंह और उनकी टीम ने की। पुलिस के अनुसार एक गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी की गई और गांव कुतबेवाल गुजरां निवासी जज सिंह उर्फ बब्लू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी गुरविंदर सिंह उर्फ रूबी के साथ मिलकर 28 मई को एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने दिल्ली से श्रीनगर जा रहे ‘छोटा हाथी’ वाहन के चालक ललन कुमार और उसके साथी को रास्ते में रोक लिया था। दोनों के साथ मारपीट कर उनसे 2 हजार रुपए नकद और दो मोबाइल फोन लूट लिए गए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले में थाना लाडोवाल पुलिस ने 1 जून को बीएनएस की धारा 309(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान 2 जून को दोनों आरोपियों को नामजद किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से ओप्पो कंपनी के दोनों लूटे गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जज सिंह उर्फ बब्लू एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी चोरी, लूटपाट तथा अन्य संगीन मामलों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल दूसरे आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ रूबी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
समस्तीपुर के दलसिंहसराय में उजियारपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने धमुआ चौक के पास छापेमारी कर एक शातिर बदमाश को लोडेड देसी पिस्टल और 10 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के धमुआ चौक निवासी विक्की कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 4 जून की शाम गाड़ी चेकिंग, अवैध हथियारों की बरामदगी और फरार बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस को देख कर भागने की थी कोशिश इसी दौरान पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार रजक को सूचना मिली कि धमुआ चौक पर एक युवक अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस वाहन को देखते ही संदिग्ध युवक घबरा गया और पीठ पर टंगा बैग लेकर तेजी से भागने लगा। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी की कमर से एक लोडेड देसी पिस्टल बरामद हुई, जिसकी मैगजीन में चार जिंदा कारतूस भरे हुए थे। उसके पास से एक और लोडेड मैगजीन मिली, जिसमें तीन जिंदा कारतूस थे। पीठ पर टंगे बैग की जांच करने पर काले पॉलीथिन में तीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस तरह पुलिस ने कुल 10 जिंदा कारतूस जब्त किए। बरामद कारतूसों के पेंदे पर 32.25 एच पी एम अंकित पाया गया। पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की इसके अलावा, आरोपी के पास से एक ओपो मोबाइल फोन और बिना वैध कागजात की पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि विक्की कुमार के खिलाफ उजियारपुर थाने में पहले से चोरी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और आरोप पत्र भी समर्पित किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, उसका आपराधिक इतिहास पुराना और गंभीर है। मामले में उजियारपुर थाना कांड संख्या 218/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26, 27 और 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार रजक ने किया। टीम में गृह रक्षक प्रिंस कुमार, महिला गृह रक्षक कांति कुमारी, चौकीदार राज कुमार, राम प्रवेश और नन्दकिशोर पासवान शामिल थे।
30 लाख के 100 गुमशुदा मोबाइल बरामद:चूरू साइबर सेल ने की रिकवरी, मालिकों को सौंपे जाएंगे
चूरू पुलिस की साइबर सेल ने एक विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा और चोरी हुए 100 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपए बताई जा रही है। एएसपी सुनील कुमार ने इस सफलता की जानकारी दी। यह विशेष अभियान एसपी निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में 15 मई से 31 मई तक चलाया गया था। इस दौरान सीईआईआर पोर्टल की मदद से ट्रेस किए गए मोबाइलों को जिले के विभिन्न थानों के सहयोग से बरामद किया गया। बरामद किए गए हैंडसेट में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस, शाओमी, वीवो, रियलमी, ओप्पो, आईक्यू और नथिंग जैसी विभिन्न कंपनियों के महंगे फोन शामिल हैं। जिले के अलग-अलग थानों से ये मोबाइल जुटाए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 14 मोबाइल सरदारशहर थाने से, 12 राजगढ़ से और 10-10 मोबाइल कोतवाली चूरू तथा एसपी कार्यालय की साइबर सेल की सहायता से बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सुजानगढ़ और सिद्धमुख से 7-7, दूधवाखारा से 6, तारानगर से 5, राजलदेसर से 4, हमीरवास व साइबर थाने से 3-3, तथा रतननगर, भालेरी, भानीपुरा व रतनगढ़ थानों से 2-2 मोबाइल रिकवर किए गए हैं। एएसपी सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में अन्य राज्यों में चल रहे मोबाइल हैंडसेट को बरामद करने के लिए वहां की साइबर सेल से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। ये सभी बरामद मोबाइल जल्द ही उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि सरकार के आधिकारिक सीईआईआर पोर्टल पर इसका ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके। इस अभियान की सफलता में साइबर सेल प्रभारी एएसआई भागीरथ, कांस्टेबल सुरेंद्र, धर्मवीर, रमाकांत, सत्यवान, सुनील कुमार, अनिल कुमार और महिला कांस्टेबल मनीता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूर्णिया में दारोगा मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद शिक्षक की गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 27 मई को पूर्णिया के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर दारोगा मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षक मृत्युंजय कुमार ने अपने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद उन्होंने तस्वीरों को व्हाट्सएप के जरिए अपने एक रिश्तेदार को भेज दिया। शिक्षक का रिश्तेदार एसआई भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी वजह से प्रश्नपत्र साझा किया गया। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना और प्रश्नपत्र की फोटो लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। डिजिटल सबूत मिलने के बाद कार्रवाई मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। जांच टीम ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर पूछताछ की और शिक्षक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। जांच में प्रश्नपत्र की तस्वीरें और उन्हें भेजे जाने के डिजिटल सबूत मिलने की बात सामने आई। मामला उजागर होने के बाद आरोपी ने मोबाइल से फोटो, चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिटाने की भी कोशिश की। इतना ही नहीं, जिस रिश्तेदार को प्रश्नपत्र भेजा गया था, उसे फरार होने में मदद करने का भी आरोप है। केहाट थाना और साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ परीक्षा की गोपनीयता भंग करने, प्रश्नपत्र वायरल करने और सबूत मिटाने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को जेल में भेज दिया है। वहीं, फरार रिश्तेदार पप्पू कुमार की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। साइबर थाना की टीम डिजिटल सबूत की गहन जांच कर रही है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ठनका गिरने से छह मजदूर घायल:भोजपुर में पेड़ के नीचे रील देख रहे थे, मोबाइल चलाते समय हादसा
भोजपुर के संदेश थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव स्थित बालू घाट नंबर 15 (ए) पर आज तेज बारिश के दौरान अचानक ठनका गिरा। इससे बालू घाट पर काम कर रहे छह मजदूर घायल हो गए। जिनमें चार को इलाज के लिए संदेश रेफरल अस्पताल से आरा सदर अस्पताल लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद एक की हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया है। जबकि, तीन का इलाज आरा सदर और दो का संदेश रेफर अस्पताल में चल रहा है। 40 मजदूर बैठे थे पेड़ के नीचे घायलों में संदेश थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव निवासी रामदेव चौधरी के 40 साल के बेटे हरेंद्र चौधरी, उसी गांव के निवासी वीरेंद्र चौधरी के 44 साल के बेटे अमित चौधरी, देव नंदन चौधरी के 45 साल के बेटे अमलेश चौधरी, बीजू चौधरी के 42 साल के बेटे कंचन चौधरी और दो अन्य लोग शामिल हैं। घायलों के परिजन मनोज चौधरी ने बताया कि वे लोग रेपुरा गांव स्थित बालू घाट नंबर 15 (ए) पर ट्रक को कतार में खड़ा करवाने का काम करते हैं। शुक्रवार की दोपहर बालू घाट के समीप आम के पेड़ के नीचे करीब 40 मजदूर बैठे हुए थे। सात लोग नेट ऑन कर मोबाइल चला कर रील देख रहे थे। बारिश के दौरान पहले बिजली कड़की, तो कुछ नहीं हुआ। जब दोबारा कड़की तो सात लोगों पर ठनका गिर पड़ा। जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें इलाज के लिए संदेश रेफरल अस्पताल लाया। जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद चार को बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। अमलेश चौधरी की हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। जबकि कंचन चौधरी, अमित चौधरी और हरेंद्र चौधरी का आरा सदर और दो अन्य लोगों का इलाज संदेश रेफर अस्पताल में चल रहा है।
डीग जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत पहाड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और एक विधि से संघर्षरत बालक को भी डिटेन किया है। यह कार्रवाई एसपी शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशन में हुई। पुलिस ने इन आरोपियों को खण्डेवला रोड से गांव बुरानी जाने वाले बांध की पाल पर साइबर ठगी करते हुए पकड़ा। उनके कब्जे से 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मोबाइल फोनों का उपयोग कर करीब 4 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई थी। पुलिस के मुताबिक ये ठग लोगों को ऑनलाइन हथियार, ई-सिगरेट, बच्चों की छोटी कार और खिलौनों की होम डिलीवरी का झांसा देकर ठगी करते थे। वे पुराने नोट और सिक्के ऊंचे दामों पर खरीदने, पेन-पेंसिल पैकिंग की नौकरी दिलाने का लालच भी देते थे। इसके अतिरिक्त आरोपी सेक्सटॉर्शन के नाम पर भी लोगों को अपने जाल में फंसाकर साइबर अपराध करते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल (20) पुत्र शरीफ निवासी सोमका, अनीश (33) पुत्र ईदरीश निवासी मोठूका, साबिर (19) पुत्र ईशाक निवासी मल्हाका, साहिल (22) पुत्र फकरू निवासी खण्डेवला, आदिल (19) पुत्र जुनैद निवासी खण्डेवला, अरबाज (19) पुत्र मुस्ताक निवासी आरदूका और मुबारिक (25) पुत्र समशेर निवासी घाटमीका के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी डीग जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
पन्ना में मोबाइल दुकान से लाखों की चोरी:पेड़ के सहारे घुसा चोर, डेढ़ लाख से अधिक के फोन गायब
अजयगढ़ नगर में एक मोबाइल दुकान से डेढ़ लाख रुपये से अधिक के फोन चोरी हो गए। रेस्ट हाउस के सामने स्थित रवि मोबाइल शॉप में अज्ञात चोर ने रात के समय वारदात को अंजाम दिया। घटना का पता शुक्रवार, 5 जून को दोपहर में दुकान संचालक के दुकान खोलने पर चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दुकान संचालक रवि ने बताया कि जब वे दुकान पहुंचे तो उन्हें कुछ मोबाइल फोन गायब मिले। संदेह होने पर उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें एक व्यक्ति दुकान में घुसकर मोबाइल चोरी करता हुआ दिखाई दिया। फुटेज से पता चला कि चोर दुकान के बगल में लगे पेड़ के सहारे छज्जे तक पहुंचा और फिर लिफ्ट के लिए लगे गाटर की मदद से दुकान के अंदर प्रवेश किया। दुकानदार के अनुसार, चोरी हुए मोबाइलों में वीवो वी-70 (लगभग 55 हजार रुपये), नथिंग 4ए (लगभग 38 हजार रुपये), ओप्पो एफ-31 (लगभग 32 हजार रुपये), वनप्लस सीजी-4 (लगभग 20 हजार रुपये) और वीवो वाई-11 (लगभग 17 हजार रुपये) शामिल हैं। चोरी गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1,62,000 रुपये बताई गई है। सूचना मिलते ही अजयगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर अज्ञात चोर की तलाश तेज कर दी है। नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जामताड़ा में मोबाइल दुकान में चोरी का खुलासा:पुलिस ने नाबालिग आरोपी को पकड़ा, 10 मोबाइल फोन बरामद
जामताड़ा पुलिस ने 18 मई की रात सरखिलडीह मोहल्ले में स्थित 'मोबाइल सेवा' दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा कर दिया है। जामताड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) वसीम रज़ा ने शुक्रवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। एसडीपीओ वसीम रज़ा ने बताया कि 18 मई की रात अज्ञात चोरों ने दुकान में सेंध लगाकर लगभग 36 मोबाइल फोन, जिनमें ओप्पो और विवो जैसे महंगे ब्रांड शामिल थे, और कुछ नकदी चुरा ली थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने लगातार छापेमारी अभियान चलाया और देवघर जिले के ताराजोरी थाना क्षेत्र के मार्गमुंडा इलाके से एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग की निशानदेही पर घटना में शामिल अन्य अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इन छापों के दौरान चोरी के आठ और मोबाइल फोन बरामद हुए। इस तरह, पुलिस ने अब तक कुल 10 चोरी के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार, चोरी की घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी और शेष मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
जब बेटी से मेरी बात हुई थी, तब वह बस में बैठी थी। बस से उतरने से पहले उसने कहा था- आज मुझे जॉइनिंग लेटर मिलने वाला है। इसके बाद प्राइवेट कंपनी में जॉब मिल जाएगी। उसके फोन रखते ही 10 सेकेंड में एक अनजान नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने कहा-नेहा का एक्सीडेंट हो गया है। यह कहना है कि जोधपुर की रहने वाली नेहा उपाध्याय (26) की मां सुनैना का। नेहा को दो दिन पहले जयपुर में बस से उतरते समय एक गाड़ी ने कुचल दिया। था। हादसा मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में बंबाला पुलिया के पास हुआ था। नेहा जोधपुर के गायत्री नगर, पाल रोड की रहने वाली थी। उसके पिता किशन गोपाल उपाध्याय (52) जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में एमआरआई और सिटी स्कैन डिपार्टमेंट में काम करते हैं। जबकि मां फाइनेंस कंसल्टेंसी का काम देखती हैं, जिसे नेहा आगे बढ़ाना चाहती थी। नेहा तीन महीने से जयपुर से डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रही थी। वह मानसरोवर में रजत पथ पर एक पीजी में रहती थी। नेहा की मां सुनेना उपाध्याय (50) ने बताया कि हादसे से 10 सेकेंड पहले ही उनकी बेटी से बात हुई थी। नेहा के पिता किशन गोपाल ने बताया- यह हिट एंड रन का मामला है। हादसे में बेटी के सिर में चोट लगी थी, काफी खून बह गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। नेहा का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। मां के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती थी नेहा के पिता किशन गोपाल ने बताया- नेहा फाइनेंस मैनेजमेंट (म्यूचल फंड और अकाउंटिंग) का काम भी करती थी। इस काम की शुरुआत उसकी मां सुनैना ने की थी। नेहा चाहती थी कि वह मां के साथ मिलकर इस बिजनेस को आगे बढ़ाए। जोधपुर के लाचू कॉलेज से बीबीए करने के साथ ही वह फाइनेंस मैनेजमेंट का पूरा काम संभालती थी। इस बिजनेस को स्टेब्लिश करने के लिए नेहा ने डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स करने के लिए तीन महीने पहले करीब 15 अप्रैल को जयपुर में एडमिशन लिया था। हादसे वाले दिन जॉइनिंग लेटर मिलने वाला था नेहा की मां सुनैना उपाध्याय ने बताया- हादसे से पहले मेरी नेहा से बात हुई थी। वह बस में बैठी थी। जिस दिन ये हादसा हुआ, उसी दिन उसे जॉइनिंग लेटर मिलने वाला था। बस से उतरने से पहले उसने कहा था- आज जॉइनिंग लेटर मिलने वाला है और फिर वो प्राइवेट कंपनी में जॉब पर लग जाएगी। उसने फोन रखा ही था कि 10 सेकेंड में एक अनजान नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने कहा-नेहा का एक्सीडेंट हो गया है। वहां मौजूद लोग बार-बार मुझे कॉल कर कह रहे थे कि जल्दी यहां पहुंचे। लोगों ने कहा- नेहा 10 मिनट तक वहां पर तड़पती रही। सिर में चोट लगने से काफी खून बह चुका था। इस दौरान उसे सीपीआर दिया गया। इसके बाद वहां मौजूद लोग उसे आरयूएचएस हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से उसे एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। दोपहर करीब 2:30 बजे उसकी मौत हो गई। परिजन नेहा की शादी की प्लानिंग कर रहे थे नेहा के पिता ने बताया कि वह चाहती थी कि खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर बिजनेस को स्टेब्लिश करे। इसलिए वह जयपुर गई थी। इस साल उसकी शादी की प्लानिंग भी कर रहे थे। रिश्ते देखना शुरू कर दिया था। हादसे के बाद से बेटी का न तो फोन मिला और न ही बैग। किसने टक्कर मारी, कौन सी गाड़ी थी, कौन लोग थे, ये हमें भी नहीं पता। ये जरूर पता है कि टक्कर मारने वाले मौके से फरार हो गए थे। ------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में हिट एंड रन में युवती की मौत:कंपनी जाने के लिए बस से उतरी; रोड क्रॉस करते समय गाड़ी ने मारी टक्कर जयपुर में हिट एंड रन में एक युवती की मौत हो गई। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे टोंक रोड पर बम्बाला पुलिया के पास हुआ। हादसे में जोधपुर के गायत्री नगर निवासी नेहा (26) पुत्री किशन गोपाल उपाध्याय की मौत हो गई। (पढ़िए पूरी खबर)
संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित होगी। इस परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार बहजोई में एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने की। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अपर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जनपद में इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 4656 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन परीक्षा केंद्रों में आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कॉलेज संभल, बृजरत्न सुंदर आर्य कन्या इंटर कॉलेज संभल, हिंद इंटर कॉलेज संभल, जवाहर लाल मेमो. न. पं. इंटर कॉलेज सिरसी, महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सिरसी, राजकीय महाविद्यालय हयातनगर संभल, शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज संभल, जेड.यू. इंटर कॉलेज सरायतरीन संभल, इंटरमीडिएट कॉलेज स्टेशन रोड बहजोई, चंद्रपाल आर्य आदर्श इंटर कॉलेज बहजोई और हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज बहजोई शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम अलग-अलग स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मोबाइल फोन के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी कर्मचारी को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्र के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लिफाफे की कलर कोडिंग, बॉक्स, एडमिट कार्ड और ओएमआर शीट जैसी परीक्षा सामग्री के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह भी बताया गया कि कक्ष निरीक्षक रैंडमाइजेशन के बाद ही अपने परीक्षा कक्ष में प्रवेश करेंगे। हस्ताक्षर मिलान और मेडिकल ट्रीटमेंट जैसी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
महाकाल मंदिर में मोबाइल चोरी का प्रयास:सुरक्षा गार्डों ने एक आरोपी को पकड़ा, अन्य साथी फरार
उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में दर्शन करने आए एक श्रद्धालु परिवार के साथ मोबाइल चोरी का प्रयास विफल कर दिया गया। मंदिर के सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए चोरी कर भाग रहे एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी फरार होने में सफल रहे। जानकारी के अनुसार, भोपाल के बैरागढ़ से आया एक परिवार महाकाल मंदिर में दर्शन कर रहा था। परिवार में तीन-चार बच्चे भी थे, जिनके पास नए मोबाइल फोन थे। दर्शन के बाद, जब परिवार कार्तिक मंडप से जनदर्शन लाइन के माध्यम से बाहर निकल रहा था, तभी यह घटना हुई। तीन से चार युवकों ने एक बच्ची के बैग से दो मोबाइल फोन चुरा लिए और भागने लगे। चोरी का पता चलते ही परिवार की महिला सदस्य ने शोर मचाया और मदद के लिए आवाज लगाई। महिला की आवाज सुनते ही मौके पर तैनात सुरक्षा गार्ड तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने वायरलेस सेट के माध्यम से घटना की सूचना प्रसारित की। सूचना मिलते ही आगे तैनात सुपरवाइजर मुकेश गोड़ाना और सुरक्षा गार्ड अर्जुन सिंह ने भाग रहे संदिग्ध युवकों का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करने के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी को महाकाल मंदिर चौकी के माध्यम से महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके फरार साथियों की तलाश कर रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में रात करीब 9 बजे कुछ युवक तेजी से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके पीछे एक लड़की और एक महिला भी दौड़ती नजर आ रही हैं, जो लोगों को मोबाइल चोरी होने की जानकारी दे रही हैं। महाकाल चौकी के दिलीप बामनिया ने बताया, महाकाल मंदिर में श्रद्धालु परिवार के बैग से मोबाइल चोरी कर भाग रहे युवकों में से एक को सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 137 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 21 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में की गई।गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों ने फतेहपुर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी कार्यशैली की सराहना की।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई की गई। सीईआईआर पोर्टल की मदद से इन फोनों को ट्रैक किया गया। यह सफलता जनपदीय सीसीटीएनएस टीम और सभी थानों की सीसीटीएनएस टीमों के संयुक्त प्रयासों से हासिल हुई।बरामदगी के आंकड़ों के अनुसार, थाना बिंदकी ने सर्वाधिक 20 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद कोतवाली से 15, मलवां से 10 और राधानगर से 10 मोबाइल फोन मिले। किशनपुर, खागा और थरियांव थानों से 9-9 मोबाइल फोन बरामद हुए। अन्य थानों की टीमों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।पुलिस अधीक्षक ने बरामदगी में शामिल जनपदीय सीसीटीएनएस टीम और सभी थानों की सीसीटीएनएस टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की समस्याओं के समाधान और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है। इस अभियान से न केवल लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है, बल्कि पुलिस की तकनीकी दक्षता भी प्रदर्शित हुई है।
पलवल सीआईए टीम ने केएमपी एक्सप्रेस-वे पर कैंटर चालक से लूटपाट करने वाले दो बाइक सवार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नूंह जिले के छरोरा गांव निवासी जावेद और शहजाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। सीआईए पलवल प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी हरिकांत ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। हरिकांत पेशे से कैंटर ड्राइवर है। उसने बताया कि 2 जून की दोपहर वे अपने क्लीनर सिबा के साथ आगरा से सोहना जा रहा था। पेशाब करने के लिए नीचे उतरा था कैंटर ड्राइवर केएमपी पर सोहना की तरफ मुड़ते ही उसने कैंटर को साइड में रोका और पेशाब करने के लिए नीचे उतरा। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक उसके पास आए और उसके हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। फोन के कवर में 3 हजार रुपए भी रखे थे। हरिकांत की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीआईए टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। आरोपी जावेद को केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास से एक देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। दूसरे आरोपी शहजाद को हथीन रोड से बिना नंबर की बाइक और एक अन्य देसी कट्टे के साथ पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राजस्थान और नूंह जिले में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीआईए टीम दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके।
नूंह जिले में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन और 20 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन, क्यूआर कोड और फर्जी सिम कार्डों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। जांच में सामने आया है कि कुछ ठग कुत्तों के पिल्लों और साड़ियों की बिक्री के नाम पर फर्जी विज्ञापन डालते थे। वे ग्राहकों को अपने झांसे में लेकर क्यूआर कोड भेजते और फिर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पहचान छिपाने के लिए करते थे नकली सिम कार्ड का यूज कुछ अन्य आरोपी ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों से धन उगाही कर रहे थे। वे अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। जांच एजेंसियों को ऐसे नेटवर्क के भी सुराग मिले हैं जो इन साइबर ठगों को सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क, उनके बैंक खातों और इस गिरोह में शामिल अन्य साथियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम देते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वादिल निवासी पचगांव, राहुल निवासी जालिका, जिलसाद निवासी डिगचोली राजस्थान, साकिर निवासी बिछौर, अजरुद्दीन निवासी बिछौर, मोमिन निवासी आमका, मोहिन निवासी सिरोली, मुशर्रफ निवासी गामड़ी जिला भरतपुर राजस्थान, आबिद तथा जाबिद निवासी लुहिंगा खुर्द झुड़ा थाना सदर पुन्हाना के रूप में हुई है।
उमरिया के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान मोबाइल के उपयोग, मनमानी और जंगल में वाहन रोकने की शिकायतों के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। गुरुवार को ताला पर्यटन गेट पर पर्यटक वाहनों, चालकों और पर्यटन गाइडों का सघन निरीक्षण किया गया। यह अभियान पर्यटन गतिविधियों में अनुशासन, पारदर्शिता और वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पर्यटक वाहनों के संचालन, सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध, पर्यटकों के प्रति व्यवहार, निर्धारित पर्यटन मार्गों के पालन और आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पर्यटन गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं। पर्यटन नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई जांच में कुछ वाहन चालक और गाइड पर्यटन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निर्धारित पर्यटन नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। वन्यजीव सुरक्षा के लिए नियमों के पालन की अपील प्रबंधन ने सभी वाहन चालकों, गाइडों और पर्यटन से जुड़े हितधारकों से वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने और टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अनुशासित पर्यटन व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों एवं निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया है। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में पर्यटन अधिकारी, खितौली, धमोखर और ताला परिक्षेत्र के वन अधिकारियों सहित वन अमले की सक्रिय भागीदारी रही।
गयाजी रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF), सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत गुरुवार को 3 महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35,000 रुपए है। यह कार्रवाई रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। यह कार्रवाई गुरुवार को प्लेटफॉर्म संख्या 1C पर सिग्नल नंबर DS-72 के पास नियमित गश्ती और निगरानी अभियान के दौरान हुई। संयुक्त टीम में RPF गया से उप निरीक्षक विकास कुमार, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, महिला प्रधान आरक्षी इंदु सिन्हा, आरक्षी शशि शेखर, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना शामिल थे। सीआईबी गया से उप निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी, प्रधान आरक्षी महेश ठाकुर, सीपीडीएस से उप निरीक्षक मुकेश कुमार तथा जीआरपी गया के प्र.अ.नि मनोज कुमार एवं महिला सिपाही रूबी कुमारी भी इस टीम का हिस्सा थीं। गश्ती के दौरान टीम को महिलाओं की हरकत संदिग्ध दिखी गश्ती के दौरान, टीम ने प्लेटफॉर्म पर तीन महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा। उनके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिसके बाद गहन पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सुंदरी देवी (19 वर्ष), पति मुलायम सिंह, निवासी अजगौर बिगहा, बारुन थाना, औरंगाबाद (बिहार) के रूप में हुई है। अन्य दो महिलाएं सोनाली देवी (22 वर्ष), पति झारखंड खरवार, निवासी पटेल नगर वार्ड संख्या-05, बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार) और शकीला देवी (22 वर्ष), पति संजोग गोस्वामी, निवासी छोटकी लारी, नायक टोला, राजरप्पा प्रोजेक्ट, रामगढ़ (झारखंड) हैं। तलाशी के दौरान, तीनों महिलाओं के पास से वीवो, वनप्लस और सैमसंग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी मोबाइल चालू और लॉक अवस्था में थे। पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये मोबाइल गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ट्रेनों से चुराए थे। तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर जीआरपी थाना को सौंपा स्वीकृति के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्त महिलाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में महिला सिपाही की सहायता से उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना गया को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि ऑपरेशन यात्री सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। गया रेलवे स्टेशन, जो एक व्यस्त और संवेदनशील स्टेशन माना जाता है, वहां इस तरह की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। इस मामले में कांड संख्या 151/26 दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच शुरू कर दी गई है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन महिलाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
समस्तीपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी व छीनी गई करीब 23 लाख रुपए का 91 मोबाइल धारकों को ऑन द स्पॉट वापस किया गया। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अपने ऑफिस में एक-एक कर सभी मोबाइल धारकों को उनका मोबाइल वापस किया। एसपी ने बताया कि जिले में ये अभियान लंबे समय से चल रहा है। इसके लिए अलग-अलग मोबाइल रिकवरी टीम का भी गठन किया गया है। अब तक करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपए के 1820 मोबाइल बरामद कर धारकों को वापस किया जा चुका है। इसी कड़ी में मई महीने में 91 मोबाइलों को रिकवर कर धारकों को दिया गया है। एसपी बोले- अब मोबाइल धारकों को थाना या कोर्ट का चक्कर नहीं काटना पड़ता एसपी ने बताया कि इस अभियान में पटोरी की टीम की ओर से 24, दलसिंहसराय और रोसरा टीम ने 22-22, सदर और साइबर की टीम ने 10-10 मोबाइल रिकवर किया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न टीमों की ओर से भी मोबाइल बरामद की गई है, जिसे आज वापस किया गया। एसपी ने बताया कि इस अभियान के तहत मोबाइल धारकों को थाना अथवा कोर्ट का चक्कर लगाना नहीं पड़ता है। सारी प्रक्रिया पुलिस की ओर से पूरी कर धारकों को बुलाकर उन्हें सीधा मोबाइल वापस किया जाता है। एसपी ने कहा कि जिले में यह अभियान अभी लगातार जारी रहेगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना करना ना पड़े। पटोरी टीम को किया जाएगा सम्मानित एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि अब मई महीने में सबसे अधिक मोबाइल रिकवर करने वाली पटोरी की टीम को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने मोबाइल रिकवरी में जुटी अन्य टीमों से भी बेहतर काम करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने ट्रक ड्राइवरों से लूट करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरोह ट्रकों पर पत्थरबाजी कर उन्हें रोकता था और फिर ड्राइवरों से मोबाइल और कैदी लूटकर फरार हो जाता था। मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। दरअसल, पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ युवक वाहनों पर पत्थरबाजी कर उन्हें रोकते हैं और ड्राइवरों के साथ मारपीट कर लूटपाट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस बीच उर्दना के रहने वाले ड्राइवर ने रोहित कुमार पासवान (18) रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह मंगलवार रात करीब 1 से 2 बजे के बीच आमाघाट क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी सड़क पर मौजूद कुछ युवकों ने उसके ट्रक पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थर लगने से ट्रक का शीशा टूट गया और चालक के सिर में चोट आ गई। रोहित ने जैसे ही वाहन रोका, एक युवक ट्रक के केबिन में चढ़ गया और उसकी जेब में रखा रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों की जानकारी मिली घटना की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया। पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि ग्राम देलारी का रहने वाला रघुनाथ चौहान (25) अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देता है। घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ग्राम देलारी में घेराबंदी कर रघुनाथ चौहान और उसके साथी शिव कुमार अघरिया (24) को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों प्रवीण राठिया (21), जय किशन सोनार (19) और किशन कंवर (27) के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। लूट के 6 मोबाइल जब्त किए गए पुलिस ने शिव कुमार के पास से ट्रक चालकों से लूटे गए 6 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें ट्रक चालक रोहित का मोबाइल भी शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की। पूछताछ में सभी आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। डकैती की धारा जोड़ी गई मामले में आरोपियों की पहचान परेड अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा के समक्ष कराई गई, जिसमें पीड़ित रोहित कुमार ने सभी आरोपियों की पहचान की। जांच में यह तथ्य सामने आने पर कि पांच आरोपियों ने मिलकर मारपीट और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। मामले में धारा 309(6) BNS को विलोपित कर धारा 310(2) BNS (डकैती) जोड़ी गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। कार्रवाई जारी रहेगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि लूटपाट और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
रिलायंस जियो ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) टेलीकॉम सर्किल में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सर्किल में कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गई है, वहीं ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं का आंकड़ा 20.3 लाख से अधिक हो गया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

