20 लाख की ब्राउन शुगर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, कार और दो मोबाइल भी जब्त
भास्कर न्यूज | चतरा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये मूल्य की 21.10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सदर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि चतरा-इटखोरी मार्ग पर भेड़ी फार्म डैम के समीप कुछ लोग मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री के उद्देश्य से पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और संदिग्धों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से 21.10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये आंका गया है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान इटखोरी थाना क्षेत्र के पीतिज गांव निवासी बेचन दांगी के पुत्र विकास कुमार दांगी तथा इंद्रदेव सिंह के पुत्र रवि कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर थाना लाया, जहां उनसे पूछताछ की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ब्राउन शुगर की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से उनकी नई ब्रेजा कार व दो एनरायड मोबाइल फोन भी जप्त किया है। तस्कर भेड़ी फार्म डैम के पास बाहरी तस्कर का इंतजार कर रहे थे। यहां बाहर से तस्कर ब्राउन शुगर की खरीदारी करने के पहुंचने वाले थे। लेकिन पुलिस ने इससे पहले इन्हें गिरफ्तार कर लिया। हांलाकि पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल कुछ अन्य तस्करों की भी पहचान की है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
युवा टीम ने मोबाइल कैमरे से खींची 120 तस्वीरें, प्रदर्शनी में डिस्प्ले
सिटी रिपोर्टर }गौरागिनी आर्ट्स की ओर से रविवार को जवाहर कला केंद्र की पारिजात-2 आर्ट गैलरी में फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘जयपुर हमारी नजर से’ आयोजित हुई। इसमें 17 वर्षीय कृष्णप्रिया भाटिया और उनकी टीम ने मोबाइल कैमरे से खींची 120 तस्वीरें प्रदर्शित कीं। तस्वीरों में जयपुर की धरोहर, ऐतिहासिक इमारतें, बारिश के बाद के दृश्य और शहर की प्राकृतिक सुंदरता को युवा नजरिए से दिखाया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया। कृष्णप्रिया ने बताया कि परिवार और दोस्तों के साथ यात्राओं के दौरान ली गई तस्वीरों के संग्रह से इस प्रदर्शनी का विचार आया और सभी तस्वीरें मोबाइल कैमरे से क्लिक की गई हैं।
सीकर में NEET की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की आपसी लड़ाई में हॉस्टल संचालक ने 2 स्टूडेंट्स को बेरहमी से पाइपों से पीटा। यह घटना 26 जून की रात 2 बजे शहर के पिपराली रोड स्थित एक बॉयज हॉस्टल में हुई। बॉयज हॉस्टल में रहने वाले दोनों पीड़ित स्टूडेंट्स ने बताया- हमारे साथ मारपीट की। हमारे मोबाइल छीन लिए। इसके बाद परिजनों से बात भी नहीं करने दी। हमें बाउंसर्स के साथ कोचिंग भेजा और वापस हॉस्टल ले गए। बाद में रूममेट की मदद से फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। CI राजेश बुडानिया ने बताया- एक स्टूडेंट्स के परिजन ने 27 जून को शिकायत दी थी। पुलिस ने संज्ञान लेते एक आरोपी को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार किया। दोनों स्टूडेंट्स के परिजन ने हॉस्टल संचालक, बाउंसर्स समेत कुल 4 नामजद लोगों पर मारपीट करने और बंधक बनाने का मामला रविवार को दर्ज करवाया। छात्रों के परिजन ने दर्ज कराए मुकदमे मारपीट के मामले में छात्रों के परिजनों ने 2 अलग-अलग मुकदमे दर्ज करवाए हैं। मामले की जांच RPS अधिकारी को दी गई है। पीड़ित स्टूडेंट्स के परिजनों ने बताया कि मेरा बेटा करीब डेढ़ साल से एक कोचिंग में NEET फाउंडेशन की तैयारी कर रहा है। 26 जून को मेरे बच्चे की किसी अन्य बच्चे से लड़ाई हो गई। इसी बीच हॉस्टल संचालक 3 बाउंसर्स के साथ आया और दोनों बच्चों की बुरी तरह पाइपों से पिटाई कर दी। दोनों बच्चों को पीटते समय वीडियो कॉलिंग करके भी दिखाया गया। आरोपियों ने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बच्चे की पिटाई की। मोबाइल छीना, परिजनों से बात नहीं करने दी पीड़ित छात्रों ने बताया- घटना के बाद हमारे मोबाइल फोन छीन लिए और हमें परिजनों से बात नहीं करने दी। छात्रों का आरोप है कि मारपीट के बाद उन्हें कोई इलाज या दवा भी उपलब्ध नहीं कराई। अगले दिन बाउंसर्स के साथ हमें कोचिंग भेजा गया और वापस हॉस्टल ले जाया गया। बाद में पीड़ितों ने एक रूममेट की मदद से चोरी-छिपे फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। CI राजेश बुडानिया ने बताया- वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। युवती पर खौलता पानी फेंकने वाले कॉन्स्टेबल को पुलिस विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. युवती पर खौलता पानी फेंकने वाला पुलिसकर्मी लाइन हाजिरजयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में युवती पर खौलता पानी फेंकने वाले कॉन्स्टेबल नरेंद्र को पुलिस विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और परिवार के पुनर्वास के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है। पूरी खबर पढ़ें 2. 11-12 साल के 3 बच्चों ने काटा था दोस्त का सिरजयपुर में 10 साल के बच्चे की हत्या के मामले का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। हत्या करने वाले 3 दोस्तों को पकड़ा गया है, जिनकी उम्र महज 11-12 साल है। बहन के लिए गलत बोलने के कारण आरोपी नाराज थे। पार्टी के बहाने लड़के को बुलाकर सिर काट दिया। पूरी खबर पढ़ें 3. उदयपुर में बारिश, अंधड़ के कारण पेड़ गिरेउदयपुर में रविवार दोपहर मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश हुई। आंधी के कारण कुछ जगह पेड़ भी गिर गए, जिनके नीचे गाड़ियां दब गईं। इससे पहले शनिवार को बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, पाली समेत कई जिलों में 1 से 3 इंच तक बरसात हुई। उदयपुर जिले में बाकल नदी बहने लगी। पूरी खबर पढ़ें 4. एक्सरसाइज करते समय कॉन्स्टेबल को आया हार्टअटैकसवाई माधोपुर पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल की हार्टअटैक से मौत हो गई। कॉन्स्टेबल SI भर्ती की तैयारी कर रहे थे। रविवार सुबह दौड़ लगाने के बाद एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हार्ट अटैक आया और अचेत होकर मैदान में गिर पड़े। पूरी खबर पढ़ें 5. बदमाशों ने मोबाइल लूटा, चलती ट्रेन से कूदा युवक अजमेर में ट्रेन के कोच में गेट पर खड़े युवक का बदमाशों ने मोबाइल लूट लिया और भागने लगे। युवक ने चेन पुलिंग की और ट्रेन से छलांग लगा दी। घायल होने के बाद करीब 1 किलोमीटर पीछा कर एक महिला और पुरुष को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. युवक की मूंछ-बाल काटे, जूतों की माला पहनाईबाड़मेर के एक गांव में घर में घुसने के आरोप में युवक को बंधक बनाकर मारपीट की गई। लोगों ने उसे अपमानित करने की नीयत से आधी मूंछ और बाल काटकर उसे चप्पल-जूतों की माला पहना दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें 7. JEE की छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर सुसाइड कियाकोटा में JEE की तैयारी कर रही 17 साल की छात्रा ने फ्लाईओवर से छलांग लगाकर जान दे दी। छात्रा बिहार के अररिया जिले की रहने वाली थी। वह जनवरी से कोटा में पीजी में रह रही थी और एक कोचिंग संस्थान से जेईई की तैयारी कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें 8. तेज रफ्तार कार खेत में पलटी, युवक की मौतअलवर के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में गोपालपुरा मोड़ के पास तेज रफ्तार कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खेत में पलटी खा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार 1 युवक की मौत हो गई, जबकि उसके 2 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. पानी की फुहारों से प्रदूषण कम कर रही वैनजयपुर की हवा साफ करने के लिए हाईटेक मोबाइल मशीन सड़क पर उतर गई है। IIT खड़गपुर की तकनीक से बनी यह वैन प्रदूषण वाले इलाकों में घूमकर पानी की फुहारें छोड़ रही है और हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को कम करने का काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. भामाशाहों का सम्मान किया जाएगा जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सोमवार सुबह 11 बजे भामाशाह सम्मान समारोह होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भामाशाहों का सम्मान करेंगे।
डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते से ₹76,495 की ठगी की राशि का लेन-देन होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड जब्त किया है। साइबर पुलिस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित से ₹76,495 की ठगी की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को हितेश पाटीदार बताकर युवतियां उपलब्ध कराने का झांसा दिया। उसने धोखे से पीड़ित से यह राशि अपने बैंक खाते में जमा करवा ली। साइबर थाना पुलिस ने एसबीआई आसपुर शाखा के एक खाते की जांच की, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हितेश पाटीदार (26) पुत्र तेजेंग पाटीदार, निवासी बडलिया, थाना दोवड़ा, जिला डूंगरपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी से मिले पैसों का इस्तेमाल उसने अपने घर पर चारदीवारी और लोहे का गेट बनवाने में किया था। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले में अन्य आरोपियों और साइबर ठगी के नेटवर्क की भूमिका को लेकर आगे की जांच जारी है। कार्रवाई को साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरधारी सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अंजाम दिया, जिसमें एसआई छत्तर सिंह, कांस्टेबल अभिषेक मीणा और सत्येंद्र सिंह शामिल थे।
खैरथल-तिजारा जिले में रविवार से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई। जिला अस्पताल भिवाड़ी में जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में नवनिर्मित मदर लैब का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया- जिले में 28, 29 और 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले के 1,69,723 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। आरसीएचओ डॉ. सूआ लाल ने बताया कि जिलेभर में 1,124 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे। अभियान की निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए 135 सुपरवाइजर, 46 मोबाइल टीमें और 23 ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं। विभाग का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। अभिभावकों से बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
अबोहर में दिनदहाड़े युवक से कापे की नोक पर लूट:10 हजार रुपए और मोबाइल छीनकर 2 बदमाश फरार
अबोहर में दिनदहाड़े एक युवक से कापे की नोक पर 10 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन लूट लिया गया। यह घटना नई आबादी क्षेत्र में स्टील ओवरब्रिज के नीचे दोपहर करीब ढाई बजे हुई, जब पीड़ित हर्ष स्वामी दुकान से घर लौट रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी अभी तक फरार हैं। पीड़ित हर्ष स्वामी (पुत्र अनुदत्त स्वामी, निवासी गली नंबर 15, छोटी पौड़ी, नई आबादी) शहर की एक दुकान में नौकरी करता है। उसने सिटी-2 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दुकान से घर लौट रहा था और उसके पास वेतन के रूप में मिले करीब 10 हजार रुपए मौजूद थे। झाड़ियों से निकल आए 2 युवक हर्ष के अनुसार, जब वह नई आबादी जाने वाले स्टील ओवरब्रिज के नीचे पहुंचा, तो झाड़ियों में छिपे दो युवक अचानक उसके सामने आ गए। दोनों के हाथों में तेजधार कापे थे। आरोपियों ने हथियार दिखाकर उसे डराया और उसकी जेब में रखी नकदी तथा रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाया तो दोनों आरोपी जेपी पार्क की दीवार फांदकर मौके से फरार हो गए। हर्ष ने तुरंत सिटी-2 थाना पुलिस को घटना की सूचना दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और सुनसान क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
अजमेर में चलती ट्रेन में युवक का मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। युवक अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन के कोच में गेट पर खड़ा होकर मोबाइल देख रहा था। इसी दौरान बाहर से बदमाशों ने पानी की बोतल फेंकी। युवक के हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया। बदमाश मोबाइल लेकर भागने लगे। युवक ने चेन पुलिंग करके चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। घायल होने के बाद भी पीछा करके एक महिला और पुरुष को स्थानीय लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास पकड़ लिया । घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे अलवर गेट इलाके की है। आरोपियों के बैग में पीड़ित के मोबाइल समेत तीन अन्य मोबाइल और एक कीमती घड़ी बरामद हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। पहले देखिए वारदात के PHOTOS… चलती ट्रेन से कूदा युवक दौसा निवासी पीड़ित दीपक ने बताया- मैं अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन से अजमेर से जयपुर जा रहा था। कोच में गेट के पास खड़ा होकर मोबाइल पर लाइव लोकेशन देख रहा था। इसी दौरान ट्रैक के पास नीचे खड़े बदमाशों ने मेरे ऊपर पानी की बोतल फेंक दी। बोतल हाथ पर लगने से मोबाइल नीचे गिर गया, जिसे उठाकर बदमाश भाग निकले। मैंने ने चेन पुलिंग करवाई और ट्रेन से कूद गया। बदमशों के पीछे दौड़ पड़ा। बदमाश झाड़ियों में छिप गए। मोबाइल एक महिला और पुरुष को दे दिया। मैंने उनका पीछा किया और लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पहले अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला रेलवे क्षेत्र का होने के कारण जीआरपी को सौंप दिया गया। --- ये खबर पढ़ें… हॉस्पिटल से बस स्टैंड तक फैला था चोरों का नेटवर्क:रात में रेकी के बाद सोते लोगों को बनाते निशाना, दो बदमाशों को किया गिरफ्तार एसएमएस हॉस्पिटल थाना पुलिस ने संगठित मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा कर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र में पिछले लगभग एक सप्ताह से मोबाइल नेटवर्क की गति धीमी होने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नेटवर्क की खराबी के चलते मोबाइल कॉल बार-बार कट रही हैं, इंटरनेट की गति अत्यंत धीमी हो गई है और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी पोर्टलों पर कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यापारिक लेन-देन जैसे आवश्यक डिजिटल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा लगभग ठप है। लोग बोले- अभी तक स्थाई समाधान नहीं किया गया सुरेन्द्र दलाल, मंजीत, प्रविन्द्र धोला, कर्मबीर, भूपेंद्र (ढाणी टोडा), कुलविंदर और बागड़ी सहित अनेक स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से लगातार नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित मोबाइल कंपनियों द्वारा अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की नागरिकों का कहना है कि डिजिटल युग में मोबाइल नेटवर्क एक मूलभूत आवश्यकता बन चुका है। नेटवर्क बाधित होने से आमजन, विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने एयरटेल, जियो, बीएसएनएल जैसी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों और दूरसंचार विभाग से क्षेत्र में नेटवर्क व्यवस्था की तत्काल जांच कर तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
सिरसा पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदात का मात्र 24 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी को चोरी के मोबाइल सहित गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वार्ड नंबर-27, रानियां गेट निवासी मोहित शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। मोहित ने बताया कि 26 जून की रात वह सिरसा के टाउन पार्क में सो रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक उसकी जेब से मोबाइल फोन चोरी कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जुटाए सुराग, आरोपी अरेस्ट शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी एवं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी रिंकू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिंकू सिंह गांव जाटू लौहारी का निवासी है और वर्तमान में रेलवे कॉलोनी, सिरसा में रहता है। उसके पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इंदौर-उज्जैन रोड पर शनिवार-रविवार दरमियानी रात सपना ट्रैवल्स की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के तपोभूमि के पास रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच हुआ। दुर्घटना में करीब 20 यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 6 यात्रियों को गंभीर चोट, चरक अस्पताल में भर्ती हादसे में छह यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल के चरक भवन में भर्ती कराया गया है। अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार भर्ती सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। तेज बारिश में डिवाइडर पर चढ़कर पलटी बस बस इंदौर बस स्टैंड से उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड जा रही थी। बताया जा रहा है कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। हादसे के समय तेज बारिश हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई। ड्राइवर पर मोबाइल और शराब पीकर बस चलाने के आरोप घायल यात्रियों ने बस ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के समय ड्राइवर मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइवर ने शराब का सेवन किया हुआ था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर यात्रियों को निकाला बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। शादी समारोह से लौट रहे थे कई यात्री घायलों में ग्वालियर निवासी गोविंद अग्रवाल (54) और उनके पुत्र सुधीर अग्रवाल (25), इंदौर के विजयनगर निवासी खुशी तिवारी (15), उज्जैन की साईं धाम कॉलोनी निवासी वंश खत्री (10) और उनकी मां वंदना खत्री (32), तथा जीवनखेड़ी निवासी हरदीप पिता अर्जुन शामिल हैं। इनमें से कई यात्री इंदौर में शादी समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने बस जब्त कर जांच शुरू की पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नीट यूजी-2026 पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी अब गिरफ्तार मास्टरमाइंड अर्पित सिंह, विवेक कुमार समेत अन्य आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि बैंक खातों में हुए पैसों के लेनदेन से सॉल्वर गैंग के पूरे नेटवर्क और उसके सरगनाओं तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले संदिग्ध नंबरों और चैट का भी तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। बैंक खातों से जुड़ेगी फर्जीवाड़े की कड़ी ईओयू ने लखीसराय पुलिस से गिरफ्तार 12 आरोपियों, जिनमें सॉल्वर, बायोमेट्रिक ऑपरेटर और अन्य सहयोगी शामिल है। सभी के बैंक खातों का पूरा ब्योरा जुटा लिया है। अब इन खातों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में फर्जीवाड़ा कराने के लिए किन लोगों ने रकम भेजी और पैसा किन-किन खातों से होकर गुजरा। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक लेनदेन की कड़ियां पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है। मेडिकल छात्रों को जोड़ने वाले मास्टरमाइंड की तलाश जांच में सामने आया है कि कांटी थाना क्षेत्र के हरचंदा निवासी विवेक कुमार और अर्पित सिंह गया स्थित एएनएमएमसीएच के चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। अर्पित का मुजफ्फरपुर के भगवानपुर यादव नगर का पता भी जांच में फर्जी पाया गया है। लखीसराय पुलिस पहले ही अर्पित को सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बता चुकी है। आरोप है कि उसने मूल परीक्षार्थी प्रभात अमन की जगह परीक्षा दी थी। अब ईओयू यह पता लगाने में जुटी है कि मेडिकल छात्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने वाला मुख्य संचालक कौन है और गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। फरार आरोपियों की तलाश, कई मेडिकल कॉलेज जांच के घेरे में मामले में संजीत कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है, जबकि प्रभात अमन, शुभम कुमार वर्मा, निशांत सिंह, मधुप्रिया, अक्षत दुबे, निरंजन, नंदनी राज और राहुल कुमार सिंह की तलाश जारी है। ईओयू उनके स्थायी पते, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य अभिलेखों के आधार पर छापेमारी कर रही है। संबंधित मेडिकल कॉलेजों से छात्रों की उपस्थिति और शैक्षणिक रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। जांच का दायरा अब केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है। 21 जून को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा के दिन पटना, गया, दरभंगा, पावापुरी और एनएमसीएच समेत कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अनुपस्थित रहे छात्रों की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि इनमें से कुछ छात्र विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सॉल्वर के रूप में शामिल हुए थे। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए ईओयू ने एसटीएफ के सहयोग से जांच और तेज कर दी है।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार 28 जून को जिलेभर में 5 साल तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। भोपाल जिले में करीब 3.32 लाख बच्चों को पोलियो रोधी खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2710 बूथ बनाए गए हैं। वहीं पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने भी 28 से 30 जून तक विशेष अभियान चलाते हुए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में 22 पोलियो बूथ एवं मोबाइल टीमें तैनात की हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों के अलावा शॉपिंग मॉल, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं, ताकि जिले से बाहर जाने वाले और यहां आने वाले प्रत्येक 5 वर्ष तक के बच्चे को दवा पिलाई जा सके। हाई रिस्क क्षेत्रों जैसे ईंट भट्टों, क्रेशर, निर्माण स्थलों और घुमक्कड़ आबादी तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें घर-घर और चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी। इधर, पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने भोपाल, इटारसी, बीना, गुना, गंजबासौदा सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 22 पोलियो टीकाकरण बूथ स्थापित किए हैं। साथ ही विशेष मोबाइल टीमें झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, राजकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रा कर रहे 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को चलती ट्रेन में ही पोलियो की दवा पिलाएंगी। रेलवे कॉलोनियों और पैसेंजर ट्रेनों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भारत के पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान के पहले दिन ही अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलाएं। वहीं रेल प्रशासन ने भी यात्रियों और रेल कर्मचारियों से अपने बच्चों को अभियान का लाभ दिलाने की अपील की है।
जोधपुर हाईकोर्ट बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग और इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जता चुका है। ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और चीन जैसे देश बच्चों के स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियम लागू कर रहे हैं। ऐसे समय में राजस्थान में 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 1.44 करोड़ बच्चों में से 12.43 लाख (8.6%) एक्टिव सिम वाले मोबाइल का उपयोग करते हैं। इनमें से 1.11 लाख के पास तो खुद का मोबाइल फोन हैं, जबकि 11.07 लाख परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। प्रदेश के 1.03 करोड़ बच्चे मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट, लैपटॉप या अन्य डिजिटल माध्यमों से इंटरनेट तक पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 93.3 लाख बच्चे नियमित रूप से रोजाना 5-6 घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें डिजिटल साक्षर केवल 10% ही हैं। चिंताजनक है कि राज्य में 35.1% यूजर मनोरंजन के लिए इंटरनेट चलाते हैं, जबकि महज 9.9% लोग सूचना के लिए नेट इस्तेमाल करते हैं। दिसंबर में जारी व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वे (CAMS) 2022-23 के अनुसार राज्य के 92.3% घरों तक मोबाइल पहुंच चुका है। 70% आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है। 96% से अधिक 4जी और 5जी नेटवर्क की पहुंच में हैं। लेकिन डिजिटल साक्षर 25.2% है। ऐसे ही हालात में ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने वाला कानून पारित किया है। फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर अभिभावकीय सहमति जरूरी है। चीन ने बच्चों और किशोरों के स्क्रीन टाइम तथा गेमिंग का समय तय किया है। लेकिन भारत के अधिकांश राज्यों ने बच्चों के स्मार्टफोन उपयोग पर कानूनी प्रतिबंध या पाबंदियां लागू नहीं की हैं। भास्कर एनालिसिस - 96 फीसदी आबादी तक 4जी-5जी, प्रदेश में डिजिटल साक्षरता 25% ही है राजस्थान में इंटरनेट इंटरनेट का उपयोग किसलिए? कम उम्र में मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग बच्चों के लिए ठीक नहीं मोबाइल-इंटरनेट जरूरत हैं, लेकिन कम उम्र में अनियंत्रित उपयोग बच्चों की एकाग्रता, सीखने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। बच्चों चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ रही है। इसलिए अभिभावकों को निगरानी करनी चाहिए। सरकार का भी मोबाइल-इंटरनेट के उपयोग पर नियंत्रण हो -कोमल पंवार, शिशु मनो विशेषज्ञ और शिक्षाविद्
बालोद पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत मरारपारा स्थित एक किराए के मकान में दबिश देकर गांजा तस्करी का खुलासा किया है। पुलिस ने रायपुर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलोग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 1 लाख रुपए आंकी गई है। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मरारपारा वार्ड 9 में रहने वाला 47 वर्षीय राजदीप शर्मा अपने घर में बिक्री के लिए गांजा रखे हुए है। सूचना पर थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह उड़ीसा के नुआपाड़ा क्षेत्र से गांजा लाकर बालोद में बेचता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टेप में लिपटा 2 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपए, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोरबा में मोबाइल शॉप पर चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद:छज्जा तोड़कर घुसे चोर, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपाली स्थित सिद्धि मोबाइल शॉप में बीती रात चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने दुकान का छज्जा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वे रिपेयरिंग के लिए रखे मोबाइल फोन और एक नया मोबाइल लेकर फरार हो गए। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उरगा थाना पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। दुकान संचालक ने बताया कि सिद्धि मोबाइल शॉप बरपाली में लंबे समय से संचालित है। शुक्रवार रात को वे दुकान बंद कर ताला लगाकर घर चले गए थे। शनिवार सुबह जब वे दुकान पहुंचे और ताला खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ। दुकान का छज्जा टूटा हुआ था और काउंटर व दराज का सामान बिखरा पड़ा था। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात संचालक ने तुरंत दुकान का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधकर रात में दुकान के छज्जे को तोड़कर अंदर घुसता दिखाई दे रहा है। अंदर घुसने के बाद उसने पहले काउंटर की दराज खंगाली। दराज में नगदी रकम न मिलने पर उसने रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन और डिस्प्ले पर रखा एक नया मोबाइल उठाया। इसके बाद वह उसी टूटे हुए छज्जे के रास्ते से फरार हो गया। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। पुलिस ने मौके से जुटाए सबूत चोरी की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया। फुटेज में चोर की हुलिया और हरकतें साफ नजर आ रही हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी स्थानीय है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दुकान संचालक की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा में एक स्वीट्स की दुकान पर भी चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घटना की पूरी करतूत भी सीसीटीवी में कैद हुई थी।
राजनांदगांव पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। चिचोला पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर महाराष्ट्र के दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत 10.10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में चिचोला पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 26 जून को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चिचोला बस स्टैंड के पास दो व्यक्ति बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी चौकी प्रभारी निरीक्षक योगेश पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद समीर (28) निवासी फिरदौस कॉलोनी, अकोला (महाराष्ट्र) तथा आयाज खान (39) निवासी नया वैधपुरा, मुजफ्फरनगर, अकोला (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। बैग से मिले 20 पैकेट गांजा पुलिस ने दोनों आरोपियों के बैग की तलाशी ली तो टेप से पैक किए गए 20 पैकेट गांजा बरामद हुए। तौल करने पर गांजे का कुल वजन 23.270 किलोग्राम निकला। गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलो गांजा, 300 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कुरुक्षेत्र जिले में जीटी रोड पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा शाहाबाद से पिपली रोड पर मन्नत हवेली होटल के पास हुआ। युवक रात करीब एक बजे जीटी रोड पार कर रहा था। इसी दौरान किसी तेज रफ्तार वाहन ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है। हवेली के पास घूम रहा था युवक रामगढ़ गांव के रहने वाले सचिन ने बताया कि उसका शाहाबाद-पिपली रोड पर उसका ढाबा है। उसके ढाबे और हवेली होटल के आसपास एक युवक घूम रहा था। हालांकि, किसी को उसका कोई नाम या पता मालूम नहीं था। रात करीब 1 बजे युवक हवेली होटल की तरफ से गांव मसाना की ओर जाने के लिए जीटी रोड पार कर रहा था। अज्ञात गाड़ी ने मारी टक्कर इसी दौरान किसी गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही युवक हाइवे पर गिर पड़ा और गाड़ी उसके ऊपर से निकल गई। इससे उस युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। हाथ पर लिखा मिला मोबाइल नंबर इस युवक की बाजू पर अलग-अलग टैटू बने हुए हैं। उसके एक हाथ पर मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ है। उसकी बाजू पर भगवान शिव के टैटू के साथ कई नाम के टैटू हैं। उसके एक हाथ पर रितिका व आलिया और बाजू पर मनीष व काजल नाम के टैटू बने हुए हैं। हालांकि युवक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की पुलिसे सचिन के बयान पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट की। साथ ही शव का पोस्टमॉर्टम करवा दिया। मृतक की उम्र करीब 35 साल की होगी। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मृतक की पहचान की कोशिश में लगी है। आसपास के थानों में जानकारी दी गई है।
बिलासपुर में साइबर ठगों ने एडवोकेट का मोबाइल हैक कर लिया और अकाउंट से 1.42 लाख रुपए ट्रासफर कर लिए। इस दौरान वह कोर्ट में पैरवी कर रहे थे, तब उनका मोबाइल ऑटोमैटिक अपडेट हो रहा था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक तारबाहर विद्यानगर निवासी खेलन सोनवानी पेशे से एडवोकेट हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 27 मई को दोपहर करीब 2 बजे वे कोर्ट में थे। इसी दौरान उनका मोबाइल ऑटोमेटिक अपडेट होने लगा। अमेजन पे, मोबाइल बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड से निकाली रकम मोबाइल अपडेट होने के दौरान हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने अमेजन-पे और मोबाइल बैंकिंग के जरिए 37,500-37,500 रुपए की दो ट्रांजैक्शन कर कुल 75 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं, क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल कर 67,500 रुपए और खर्च कर दिए। इस तरह ठगों ने कुल 1 लाख 42 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। पहले खरीदे गिफ्ट कार्ड, फिर गेमिंग एप में किया ट्रांसफर साइबर ठगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए सीधे बैंक ट्रांसफर नहीं किया। उन्होंने पहले पैसों से ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदे। इसके बाद उन गिफ्ट कार्ड को एक नामी गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर कैश करा लिया। शिकायत में एक संदिग्ध ईमेल आईडी का भी जिक्र है। पीड़ित ने तारबाहर थाने और साइबर पोर्टल में ट्रांजेक्शन डिटेल के साथ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने मोबाइल स्नेचिंग की वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। आरोपी सुनसान इलाकों में घूमकर महिलाओं और राह चलते लोगों के हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। अन्नपूर्णा थाना प्रभारी हित गोपाल यादव को पिछले दिनों इलाके में लगातार मोबाइल लूट की शिकायतें मिल रही थीं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया था कि बाइक सवार बदमाश उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बदमाशों की पहचान की। स्नेचिंग की वारदात कबूल की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल पुत्र गोपाल रावत निवासी विदुर नगर कॉलोनी और संयम पुत्र राजेश मोर निवासी बापू घनश्याम दास नगर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अन्नपूर्णा क्षेत्र में ही तीन मोबाइल स्नेचिंग की वारदात करना कबूल किया है। शौक-मौज के लिए करते थे वारदात पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी शौक पूरा करने के लिए मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपी बाइक से सुनसान इलाकों में घूमते और मौका मिलते ही मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के संपर्क जेल रोड के कुछ व्यापारियों से भी हैं। पुलिस ने पूछताछ के दौरान कुछ लोगों के नाम मिलने की बात कही है। फिलहाल आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
फाजिल्का शहर के प्रमुख मेन बाजार चौंक घंटाघर में इन दिनों असामान्य सन्नाटा देखने को मिल रहा है। आम दिनों में जहां बाजार में लोगों की भारी आवाजाही और रौनक रहती है, वहीं अब अधिकांश दुकानें बंद होने के कारण बाजार सूना नजर आ रहा है। दरअसल, शहर के करियाना व्यापारियों, मोबाइल विक्रेताओं और अन्य यूनियनों के सदस्यों ने गर्मियों की छुट्टियां मनाने के लिए सामूहिक रूप से बाहर घूमने जाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, करियाना एसोसिएशन ने 26 जून से 28 जून तक अपनी सभी दुकानों को बंद रखने का फैसला किया है। इस संबंध में पहले से ही शहर में अनाउंसमेंट कर लोगों को सूचित कर दिया गया था ताकि उन्हें आवश्यक सामान की खरीदारी में किसी प्रकार की परेशानी न हो। करियाना एसोसिएशन के अधीन करीब 150 से अधिक दुकानें आती हैं, जो इन दिनों पूरी तरह बंद हैं। मोबाइल यूनियन ने भी बंद की दुकान वहीं मोबाइल यूनियन के सदस्यों ने भी छुट्टियां मनाने के लिए अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। शहर में मोबाइल कारोबार से जुड़ी लगभग 100 दुकानें भी बंद पड़ी हैं। इसके चलते बाजार की रौनक काफी प्रभावित हुई है और मुख्य बाजारों में भीड़भाड़ की जगह सन्नाटा दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय यूनियन स्तर पर लिया गया है और सभी सदस्यों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य माना गया है। बताया जा रहा है कि यदि कोई सदस्य यूनियन के फैसले के विपरीत दुकान खोलता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय बाद सामूहिक रूप से छुट्टियां मनाने का यह कार्यक्रम बनाया गया है।
किशनगंज में मुहर्रम ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के आरोप में एक महिला सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। एसपी संतोष कुमार ने कर्तव्य में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सिपाही अनुप्रिया कुमारी (नंबर 853) को शुक्रवार रात को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई 26 जून को दोपहर करीब 12:15 बजे हुई, जब एसपी संतोष कुमार मुहर्रम के मद्देनजर शहर का दौरा कर रहे थे। उन्होंने सौदागर पट्टी चौक पर ड्यूटी पर तैनात सिपाही अनुप्रिया कुमारी को मोबाइल/ईयर फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया। आरोप है कि जब वरीय अधिकारियों ने उन्हें बुलाया, तब भी वह मोबाइल में व्यस्त रहीं और मनमाने तरीके से अपनी कुर्सी पर बैठी रहीं। उन्होंने अपनी जगह से हिलने से इनकार कर दिया। मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए, सिपाही का यह आचरण कर्तव्य में घोर लापरवाही माना गया। निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई बिहार पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि विधि-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटी पोस्टों पर पुलिसकर्मी अनावश्यक मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सिपाही अनुप्रिया कुमारी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया। 7 दिन के अंदर देना है स्पष्टीकरण एसपी संतोष कुमार ने सिपाही अनुप्रिया कुमारी को 26 जून, 2026 से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र, किशनगंज को दो दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। निलंबित सिपाही को सात दिनों के अंदर विभागीय जांच के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को भी कहा गया है। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या संदिग्ध आचरण के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झपटमार से चोरी के 4 मोबाइल और 40 नशीली गोलियां बरामद, अरोपी गिरफ्तार
लुधियाना| थाना जोधेवाल की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर झपटमार को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 4 झपटकर चोरी किए गए मोबाइल फोन और 40 नशीली गोलियां बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवलदार सुरिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ बंटी बाबा काकोवाल रोड के पास गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक खास मुखबिर ने पक्की इत्तला दी कि झपटमारी की वारदातों को अंजाम देने वाला एक शातिर अपराधी इलाके में किसी वारदात की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए गांव काकोवाल के सरकारी स्कूल के ठीक पीछे बने खाली प्लॉटों में रेड की। वहां खड़े एक संदिग्ध युवक को पुलिस ने घेराबंदी करके काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 4 मोबाइल फोन ,40 नशीली गोलियां बरामद हुईं। आरोपी अमित कुमार इलाके में लूटपाट और मोबाइल छीनने की वारदातों का आदी है और नशे की लत व खर्चों को पूरा करने के लिए वारदातें करता था।थाना जोधेवाल पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ये मोबाइल फोन किन-किन इलाकों से झपटे थे और वह नशीली गोलियां कहां से खरीद कर लाता था।
‘बिलौटी मौजा की जिस जमीन पर जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वहां विकास के लिए सरकार की ओर से पहले 11 करोड़, फिर 1400 करोड़ का फंड आया था। एसडीएम के घोटाले के सबूत भइया के पास थे, जो उनके मोबाइल में था। मैंने सोशल मीडिया पर देखा है कि वीडियो में भइया ने एसडीएम का नाम लिया है और कहा था कि इन्होंने धमकी दी है कि तुम्हें और तुम्हारे परिवार वालों को मरवा दिया जाएगा। गलती से हम लोगों ने FIR में जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार का नाम नहीं डाला है। लेकिन मेरे भाई की हत्या में मुख्य आरोपी एसडीएम ही है। मैं ये कहना चाहूंगा कि उस दिन के सीसीटीवी कैमरे की जांच कराई जाए, जिस दिन मेरे भइया एसडीएम के ऑफिस गए थे। ऑफिस में मेरे भाई को धक्का मारा गया और गाली देकर भगा दिया गया था। कैमरे की जांच होगी तो सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। एसडीएम पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।’ भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, भरत तिवारी अपने फेसबुक पोस्ट और लाइव के जरिए लगातार जगदीशपुर एसडीएम का जिक्र करता था। कई पोस्ट में उसने सीधे तौर पर जगदीशपुर एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। आखिर भरत तिवारी और जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार के बीच तनातनी का कारण क्या था? जगदीशपुर एसडीएम पर भरत क्या-क्या आरोप लगाता था? जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों को कहां बसाया जा रहा है? बाढ़ विस्थापितों को कितना मुआवजा मिला है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। भरत तिवारी एनकाउंटर की 3 तस्वीरें सीनियर वकील ने मुख्य सचिव को जांच के लिए लिखी चिट्ठी जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों के लिए विकास फंड में हेरफेर के आरोपों को लेकर शुक्रवार को सीनियर वकील और ज्ञानवापी एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस में हिंदू पक्ष के वकील सौरभ तिवारी की ओर से जांच की मांग की गई है। सौरभ तिवारी ने बिहार के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कथित भ्रष्टाचार में एसडीएम की भूमिका को लेकर जांच की मांग की है। चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि जवइनियां गांव के विस्थापितों के पुनर्वास योजना में कथित वितीय भ्रष्टाचार मामले में जगदीशपुर एसडीएम के साथ शाहपुर सीओ की भूमिका की जांच अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से कराई जाए। जांच में किसी तरह की लीपा-पोती न हो, इसलिए जांच पूरी होने तक जगदीशपुर के SDM, शाहपुर के अंचलाधिकारी यानी CO को निलंबित किया जाए या उनका कहीं और ट्रांसफर किया जाए, ताकि सबूतों या फिर डॉक्यूमेंट्स से छेड़छाड़ न हो सके। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बुधवार को बिलौटी गांव में हुई महापंचायत के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि एसडीएम इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। ये बाढ़ पीड़ित और 2 जगह के फंड से जुड़ा मामला है। ये सारी चीजें भरत के मोबाइल और कॉल डिटेल से पता चल जाएगी। लेकिन, वो मोबाइल अभी भी पुलिस के पास है। उस मोबाइल के साथ छेड़छाड़ करके डेटा भी खत्म किया गया होगा, ये भी आशंका है। अब जानिए आखिर भरत और एसडीएम के बीच तनातनी की वजह क्या थी? भरत तिवारी ने 6 जून को फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि आप लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि बिलौटी गांव में बसाए जा रहे बाढ़ प्रभावितों के लिए लगाए जा रहे हैंडपंप के काम में लापरवाही, भष्टाचार का मामला सामने आया है। इसके खिलाफ मैंने 5 जून को नल जल विभाग के SDO से बात की, उन्होंने गलती भी स्वीकारी और कहा कि कार्रवाई करते हैं।’ भरत ने भ्रष्टाचार के लिए सीधे जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को जिम्मेदार बताया था। भरत तिवारी का आरोप था कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी खासकर जगदीशपुर के एसडीएम और अंचल स्तर के अधिकारी आम जनता के काम में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। भरत बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और जमीन अलॉटमेंट और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली से नाराज था। वो व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहा था, लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार न होने की वजह से वो फेसबुक पर लाइव आकर उनकी पोल खोल रहा था और जगदीशपुर एसडीएम को चुनौती दे रहा था। एनकाउंटर से 2 दिन पहले 15 जून 2026 को फेसबुक पर किए गए पोस्ट और लाइव में भरत ने कहा कि वो देश में व्यवस्था परिवर्तन के लिए ‘क्रांतिकारी युद्ध’ शुरू करने जा रहा है। भरत ने जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम को जान से मारने तक की धमकी दी थी। उसने फेसबुक लाइव में अवैध हथियार (पिस्टल) लहराते हुए कहा था कि अगर अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला, तो मैं कानून हाथ में ले लूंगा। 17 जून 2026 की सुबह (एनकाउंटर वाले दिन) किए गए अपने आखिरी फेसबुक लाइव में भरत ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि “पुलिस और प्रशासन मुझे मानसिक रूप से विक्षिप्त (पागल) साबित करने की साजिश रच रहे हैं, ताकि मुझे जबरन उठाकर मानसिक अस्पताल भेजा जा सके और मेरी आवाज दबाई जा सके।” भरत ने कहा था कि मैं व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हुए पीछे नहीं हटूंगा। अब समझिए जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों को कितना मुआवजा मिल रहा है दरअसल, जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के लिए बिहार सरकार की ओर से शाहपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर बिलौटी मौजा में बसाया जा रहा है। करीब 5.5 एकड़ सरकारी जमीन पर हर परिवार को 3-3 डिसमिल जमीन आवंटित की गई है। दावा किया जा रहा है कि जहां विस्थापितों को बसाया जाना है, उसे सरकार मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित करेगी। फिलहाल, आवंटित जमीन पर 2 हैंडपंप और बिजली का खंभा लगाया गया है, जबकि एक सामुदायिक भवन और एक आंगनवाड़ी निर्माणाधीन है। भरत का कहना था कि मॉडल टाउनशिप के लिए प्रशासन की ओर से अब तक जवइनियां गांव के 70 परिवारों को चिह्नित किया गया है। इन्हें जमीन का आधिकारिक पर्चा (स्वामित्व) भी सौंप दिया गया है। 70 में से हर बाढ़ प्रभावित परिवार को मात्र 1 लाख 20 हजार रुपए दिए जाने हैं। ये रकम 3 किस्तों में दी जानी है। 70 में से 52 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपए मिल चुके हैं, जबकि 18 परिवार पहली किस्त के लिए प्रक्रिया में हैं। भरत का कहना था कि ये इसी रकम में बाढ़ प्रभावितों को ईंट भी खरीदनी है, दीवार से लेकर छत तक बनाना है, लेकिन जहां बाढ़ प्रभावितों को बसाया जा रहा है, वो जमीन गड्ढे में है। दो से तीन घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाएगा। इसलिए वहां प्रशासन को अपने पैसों से मिट्टी भरवाना चाहिए। भरत का दावा था कि प्रशासन ने प्रभावितों से कहा था कि इसी 1 लाख 20 हजार रुपए में से आप लोग मिट्टी भी भरवा लीजिए। प्रशासन के इस निर्देश के खिलाफ भरत गांव वालों से कहता था कि आप लोग अपने पैसे से मिट्टी मत भरवाइए, मैं आप लोगों की लड़ाई लड़ रहा हूं, प्रशासन की टीम ही मिट्टी डलवाएगी। भरत का कहना था कि कुछ लोगों ने आवंटित जमीन पर रहना भी शुरू कर दिया था, लेकिन उनके लिए शुरुआत में बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं की गई थी। भरत ने प्रयासो किया तो बिजली और पानी की व्यवस्था की गई। आखिर में जानिए आखिर कौन हैं जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार मूल रूप से मधेपुरा के गम्हरिया गांव के रहने वाले हैं। संजीत ने अपने पहले ही प्रयास में बीपीएससी 60वीं, 62वीं की परीक्षा पास की थी, जिसका रिजल्ट फरवरी 2019 में आया था। संजीत की 60वीं रैंक थी और उनकी पहली पोस्टिंग बेगूसराय के डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुई थी। शंभू भगत और ललिता देवी की तीन संतानों में संजीत कुमार सबसे बड़े हैं। 17 जून को भरत एनकाउंटर के बाद से जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार की ऑफिस में काफी कम एक्टिविटी दिख रही है। हालांकि वे नियमित रूप से अपने ऑफिस में बैठ रहे हैं और जरूरी कामों को निपटा रहे हैं। लेकिन लोगों से उनका मिलना-जुलना काफी कम हो गया है। हर साल मुहर्रम पर्व को लेकर तत्पर और एक्टिव रहने वाले एसडीएम की शुक्रवार को ताजिया जुलूस के दौरान भी कहीं नहीं दिखे।
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार रात 8 बजे सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा चालक को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। कन्नौज जिले के तिर्वा निवासी 55 वर्षीय रामपाल ई-रिक्शा चलाते थे। शुक्रवार को वह हरदोई के मल्लावां स्थित गुलाबपुरवा गांव में बेटी रूपा और उसके बच्चों को छोड़ने आए थे। बेटी को पहुंचाने के बाद वह लौट रहे थे, तभी रास्ता भटक कर गांव की सड़क से गंगा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ गए। एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के बाद रामपाल अपने ई-रिक्शा से नीचे उतरे और किनारे खड़े होकर मोबाइल पर बात करने लगे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामपाल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद एक्सप्रेस-वे पर गश्त कर रहे यूपीडा (UPEIDA) के वाहन ने घायल चालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मल्लावां में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ की महिंगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में शुक्रवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये पांचों सीतापुर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल चोरी या झपटमारी करते थे। इसके बाद वे चोरी हुए मोबाइल में लगे सिम का उपयोग कर बैंक खातों से जुड़े यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करते थे। फिर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे। 11 एंड्रॉयड, 3 की-पैड वाले फोन मिले पुलिस ने उनके पास से 11 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल (कुल 14 मोबाइल), 8,358 रुपए नकद, विभिन्न बैंक डेबिट कार्ड, आधार व पैन कार्ड, दो सिम कार्ड, एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। लखनऊ में ही रहकर की ठगी आरोपियों ने लखनऊ के ही महिंगवां क्षेत्र में लगभग 3.91 लाख रुपए और बीकेटी क्षेत्र में करीब 4.28 लाख रुपए की साइबर ठगी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सीतापुर के परेवांजाल अटरिया के राम स्वरूप (31), सुभाष उर्फ सतीश उर्फ छोटू (23) व रामू रावत (31), गोसाईंपुरवा अटरिया के पुतीलाल (36) और चंदैरा कमलापुर के अमित कुमार (25) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और बरामद किए गए मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है।
मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 29 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कोरेक्स/आनरेक्स), एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1.37 लाख रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक उत्तर प्रदेश के ड्रामनगंज की ओर से पल्सर बाइक पर नशीली कफ सिरप लेकर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने डीपी होटल के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें काले बैग से 29 शीशियां कफ सिरप की बरामद हुईं। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज शुक्ला (19) निवासी बैरिहा, थाना शाहपुर और कुलदीप मिश्रा उर्फ प्रभात (24) निवासी खटखरी, थाना शाहपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अभियान लगातार जारी रहेगा पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई आईजी रीवा जोन के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत की गई है। हनुमना पुलिस ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पानीपत के गांव जालपाड़ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने एक घर के भीतर सो रहे 11 सदस्यों की मौजूदगी में लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला। चोरों ने न सिर्फ सोने-चांदी के आभूषणों और मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया, बल्कि घर के मंदिर में स्थापित भगवान श्री कृष्ण (कान्हा जी) की मूर्ति भी चुरा ले गए। चोरी की ये पूरी वारदात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी देते हुए पीड़ित विकास निवासी गांव जालपाड़ ने बताया कि वह पेशे से खेतीबाड़ी करता है। बीते 24 जून की रात को वह और उसके परिवार के अन्य सदस्य रोजाना की तरह गर्मी के कारण घर के आंगन और छत पर सोए हुए थे। वारदात के वक्त घर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 11 सदस्य मौजूद थे और गहरी नींद में थे। चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया और दबे पांव घर के भीतर दाखिल हो गए। 25 जून की सुबह जब परिवार के सदस्य सोकर उठे, तो उन्हें घर के कमरों का सामान पूरी तरह बिखरा हुआ मिला। सामान अस्त-व्यस्त देख परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत कीमती सामान की जांच की। सोने के आभूषण ले गए, करीब 2 लाख का नुकसान पीड़ित विकास ने बताया कि जब उन्होंने अंदर जाकर अलमारी और लॉकर चेक किया तो कमरे के भीतर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब थे, जिनमें एक सोने का मंगलसूत्र और चांदी की पायजेब शामिल है। इसके अलावा चोरों ने घर में रखे दो कीमती मोबाइल फोन भी चुरा लिए। चोरों ने घर के मंदिर को भी नहीं बख्शा और वहां रखी कान्हा जी की मूर्ति भी अपने साथ समेट ले गए। विकास के अनुसार, चोरों ने करीब 2 लाख रुपए के सामान पर हाथ साफ किया है। इस चोरी की घर में सो रहे 11 सदस्यों में से किसी को भी भनक तक नहीं लगी। CCTV कैमरे में कैद हुए बाइक सवार वारदात के बाद जब पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों ने क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो उसमें दो संदिग्ध चोर नजर आए। फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक बाइक पर सवार होकर दो चोर गली में आते हैं। इनमें से एक चोर बाइक स्टार्ट रखकर बाहर ही निगरानी के लिए खड़ा रहता है, जबकि दूसरा चोर दीवार फांदकर या दरवाजे के रास्ते घर के भीतर घुसता है और चंद मिनटों में चोरी कर बाहर आ जाता है।
33 साल की महिला और युवती लापता:दोनों घर से बिना बताए निकली; युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ
सीकर जिले में 33 साल की महिला और 30 साल की युवती लापता हो गई। दोनों ही घर से बिना बताए कहीं चली गई। युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। पुलिस अब दोनों की तलाश कर रही है। 30 साल की युवती के भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि मेरी बहन 15 जून की रात को घर से बिना बताए कहीं चली गई। रात के समय परिवार के ज्यादातर लोग सो रहे थे। सुबह जब उठे तो पता चला कि युवती नहीं है। इसके बाद उसकी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। युवती के पास एक मोबाइल भी था। जब उस पर कॉल किया तो वह भी स्विच ऑफ था। महिला के पति ने दी शिकायत महिला (33) के पति ने पुलिस में शिकायत दी। इसमें बताया कि मेरी पत्नी 24 जून की दोपहर को घर से बिना बताए कहीं चली गई। काफी देर तक वह घर पर नहीं दिखी तो इसके बाद आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी काफी ढूंढा। इसके बाद कुछ पता नहीं चल पाया।
अलवर जिले में 17 वर्षीय किशोरी लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मामले में परिवार ने संभावना जताई है कि किशोरी किसी अज्ञात युवक के संपर्क में थी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार- किशोरी 24 जून की रात करीब 9 बजे घर से किसी को बिना बताए चली गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में यह भी बताया गया कि किशोरी किसी अज्ञात युवक से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। जब उसकी मां को इसकी जानकारी हुई तो किशोरी ने मोबाइल फोन पानी की टंकी में फेंक दिया। इसके कुछ समय बाद वह घर छोड़कर चली गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस किशोरी की तलाश के साथ-साथ उसके मोबाइल संपर्कों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
नीट सॉल्वर गैंग के गिरफ्तार मास्टरमाइंड अर्पित सिंह और सॉल्वर विवेक कुमार के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों ने जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग दिए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कम-से-कम पांच राज्यों तक फैला हुआ था। मोबाइल फोन से मिले नंबरों, कॉल रिकॉर्ड और चैट के आधार पर जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले के 14 परीक्षार्थी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। एजेंसियां इन छात्रों के परीक्षा रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और अन्य गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही उनके अभिभावकों, स्थानीय कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों और कथित एजेंटों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में अर्पित सिंह और विवेक कुमार ने स्वीकार किया है कि नीट परीक्षा से पहले उनके गिरोह ने 200 से अधिक परीक्षार्थियों से संपर्क साधा था। अभिभावकों की भूमिका की भी हो रही जांच मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड की जांच में भी इस बात के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभ्यर्थियों तक पहुंचने और सौदेबाजी कराने में किन लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। जांच के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियां भी संदेह के घेरे में आई हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में सेटिंग कराने या अनुचित लाभ दिलाने के लिए किसी संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। जरूरत पड़ने पर कोचिंग संचालकों, एजेंटों और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा सकती है। एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि गड़बड़ी में अभिभावकों की कोई भूमिका थी या नहीं। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बैंक खाते, यूपीआई और डिलीट चैट की हो रही जांच रडार पर आए 14 परीक्षार्थियों के कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, परीक्षा परिणाम और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है। एजेंसियां बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य भुगतान माध्यमों का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के लिए किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। जब्त मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा और चैट को भी रिकवर किया जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से इस नेटवर्क से जुड़े कई नए नाम सामने आ सकते हैं। यदि जांच में ठोस प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित परीक्षार्थियों, बिचौलियों, एजेंटों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों से कहा कि वे हेल्थ इंडिकेटर को लेकर लापरवाह हैं। शिवम (इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा) एसीएस (अशोक वर्णवाल) आपको बार-बार बता रहे हैं। आपने यूपीएससी में टॉप किया होगा और इंटेलीजेंट भी होंगे, लेकिन जो एसीएस बताना चाहते हैं वो सुनो। मोबाइल देखकर आंकड़े गिना रहे हो। एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर पर भी तो बैठकर आंकड़े भर सकते हैं। क्रॉस चैक कौन करेगा। मुख्य सचिव गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर व एसपी कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इसमें हेल्थ इंडिकेटर के साथ कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर बात हुई। डीजीपी कैलाश मकवाना भी कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। मीटिंग में वर्णवाल ने भी सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल के जवाब से नाराज होते हुए कहा कि आपके यहां यदि 100 गर्भवती महिलाएं हैं तो 25% को ही दवा मिल रही है। बैनल ने सफाई दी कि इसे दिखवाता हूं। सीएस ने कहा, सवाल सुन नहीं रहे और कुछ भी आंकड़े बताए जा रहे हैं। सीएस ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि बीएनएस के तहत काम करने में मध्य प्रदेश टॉप राज्यों में था, लेकिन अब 22वें नंबर पर पहुंच गया है। नजर क्या हटी, टॉप से नीचे आ गए। यदि चार्जशीट या अन्य काम के लिए कोई वक्त तय है तो उससे 15 दिन पहले काम करने का टार्गेट लेकर चलोगे तो काम समय पर हो जाएगा। स्कूल और कॉलेज के आसपास ड्रग फ्री जोन कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि साइबर फ्रॉड जैसी घटनाएं रोकें। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्जशीट पेश हो। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्यवाही की जाए।
डंडे मारकर ट्रेन यात्रियों से मोबाइल लूटने वाला काबू, 7 फोन बरामद
डंडे मारकर रेल यात्रियों से मोबाइल लूटने वाले एक चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई थाना डिवीजन नंबर-1 के मुख्य अफसर इंस्पेक्टर परमवीर सिंह की टीम द्वारा आरपीएफ के इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह और उनकी टीम के साथ मिलकर चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई। पुलिस के अनुसार 22 जून 2026 को चेकिंग के दौरान शिव कुमार उर्फ शिब्बू को काबू किया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी के 4 मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी रेलवे स्टेशन लुधियाना, रेलवे लाइनों और घंटा घर चौक के पास मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी है। चलती ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर बात कर रहे यात्रियों को डंडे मारकर आरोपी मोबाइल लूट लेता था। पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपी का दो दिन का रिमांड हासिल किया था। रिमांड के दौरान सख्ती से की गई पूछताछ के बाद 24 जून 2026 को आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग कंपनियों के 3 और चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अब तक आरोपी से कुल 7 मोबाइल बरामद कर चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी विभिन्न धाराओं के तहत 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं पांच मामले
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने एक बार फिर कलेक्टरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हो सकता है आप लोग ज्यादा पढ़े-लिखे हों, लेकिन विषय का ज्ञान होना जरूरी है। जिस विषय पर चर्चा हो रही है, उस पर फोकस होना चाहिए। जब वरिष्ठ अधिकारी बात कर रहे हों तो मोबाइल फोन या तो दूर रख दें या बंद कर दें, ताकि विषय की गंभीरता को समझा जा सके। सीएस जैन ने यह नाराजगी गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्राथमिकताओं की समीक्षा के दौरान जताई। दरअसल, इंदौर में हुए एक कार्य की सराहना करते हुए वे अन्य कलेक्टरों को उससे सीख लेने की बात कह रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा से संबंधित विषय पर विस्तार से जानकारी मांगी, लेकिन कलेक्टर वर्मा स्लाइड में दी गई जानकारी से अलग बात बताने लगे। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि जानकारी में कुछ और लिखा है और आप कुछ और बता रहे हैं। उन्होंने सभी कलेक्टरों से कहा कि आजकल कलेक्टरों को सब्जेक्ट का ज्ञान ही नहीं रहता। हो सकता है कि आप हम लोगों से ज्यादा पढ़े-लिखे हों और बड़े एग्जाम पास किए हों, लेकिन विषय पर फोकस करना जरूरी है। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना भी मौजूद थे, जबकि जिलों में कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त और आईजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। निवेश आकर्षित करने पर भी करें काम मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगिकीकरण और निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने सीएम गतिशक्ति पोर्टल पर निर्माण कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। सांदीपनि विद्यालय भवन बनने के बाद खाली हुए स्कूल भवनों में आयुष वेलनेस सेंटर, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी संचालित करने पर भी जोर दिया। पॉक्सो मामलों में एक माह में चार्जशीट का लक्ष्य कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एसडीएम-एसडीओपी और डीएम-एसपी को संयुक्त भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी कैलाश मकवाना ने पॉक्सो एक्ट के मामलों में एक माह के भीतर चार्जशीट पेश करने का लक्ष्य रखने, शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर अपराध रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन से मिलेगा बेसिक सुशासन मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के माध्यम से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और भू-अधिग्रहण के मामलों का समय पर निराकरण करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य और पेयजल पर विशेष फोकस मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के प्रयास तेज करने तथा कुपोषित बच्चों को उपचार और पोषण उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांच गंभीरता से कराने और आगामी दस्तक व स्टॉप डायरिया अभियान की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। नल-जल योजना के लिए समिति बनाएं जिलों में एकल नल-जल योजनाओं के संचालन के लिए मापदंडों के अनुरूप समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। मानसून में देरी को देखते हुए पेयजल उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में 100% प्रवेश सुनिश्चित करें मुख्य सचिव ने स्कूल जाने योग्य सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनः स्कूल वापसी कराने और प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए। कमर्शियल एलपीजी पर सीलिंग खत्म बैठक में बताया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर पूर्व में लगाई गई सीलिंग हटा दी गई है। मुख्य सचिव ने शहरों में पीएनजी कनेक्शन देने के कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख से अधिक पांडुलिपियां डिजिटलीकृत की जा चुकी हैं। श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के देश में प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टरों की सराहना की। बैठक में डॉग बाइट मामलों की समीक्षा करते हुए सभी 55 जिलों में न्यूनतम एक-एक एबीसी सेंटर स्थापित करने और पशु आश्रय स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए।
सहरसा सदर थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर चाकू दिखाकर मोबाइल छीनने के आरोप में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। इस मामले में सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की है। यह घटना बीते 23 जून को हुई थी। पुलिस के अनुसार, पूर्णिया जिले के नगर थाना क्षेत्र के चम्पानगर नर्सरी टोला (वार्ड नंबर-08) निवासी प्रमानंद विश्वास (पिता: भूपेंद्र विश्वास) सहरसा रेलवे स्टेशन से बाहर निकल रहे थे। तभी एक युवक ने उन्हें घेर लिया और चाकू दिखाकर उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। मोबाइल छीने जाने के बाद पीड़ित प्रमानंद विश्वास ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाग रहे युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए युवक की पहचान सहरसा के बटराहा (वार्ड नंबर-36) निवासी विवेक कुमार (पिता: सम्मर पासवान) के रूप में हुई। विवेक कुमार से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने एक साथी की संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके सहयोगी गोरख कुमार पासवान (पिता: स्वर्गीय मोहन पासवान, निवासी: बटराहा, वार्ड नंबर-36, सहरसा) को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सहरसा सदर थाना में कांड संख्या 730/2026 दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) और 317 के तहत दर्ज की गई है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कबीरधाम में 5.5 किलो गांजा बरामद:एक तस्कर गिरफ्तार, 3.52 लाख रुपए का गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त
कबीरधाम पुलिस ने जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 किलो 579 ग्राम गांजा जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना पिपरिया और साइबर थाना कबीरधाम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए करीब 3 लाख 52 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ, बाइक और मोबाइल जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, 24 जून को थाना पिपरिया को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से गांजा लेकर बिक्री के लिए जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पिपरिया और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई। भारत माता चौक में घेराबंदी कर पकड़ा आरोपी पुलिस टीम ने भारत माता चौक पिपरिया में घेराबंदी कर संदिग्ध बाइक सवार को रोककर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना नाम हुकमी चंद चंद्रवंशी निवासी ग्राम कान्हाभैरा बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 5 किलो 579 ग्राम गांजा बरामद हुआ। गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी से 2 लाख 75 हजार रुपये मूल्य का गांजा, 65 हजार रुपये की मोटरसाइकिल और 12 हजार रुपये का मोबाइल फोन जब्त किया। कुल जब्ती की कीमत लगभग 3 लाख 52 हजार रुपये आंकी गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी हुकमी चंद चंद्रवंशी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब आरोपी को गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। नशा कारोबारियों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई मुख्यालय कवर्धा के डीएसपी आशीष शुक्ला ने कहा कि कबीरधाम पुलिस जिले में नशे का कारोबार करने वालों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दुर्ग जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले दो दिनों में जिले में चोरी के कुल 14 मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक मामले में ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका है। सबसे बड़ी वारदात मोहन नगर थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड स्थित एवन इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में हुई। यहां चोरों ने शटर मोड़कर दुकान में घुसकर लाखों रुपए के मोबाइल फोन और 65 हजार रुपए नकद चुरा लिए। मोहन नगर थाना क्षेत्र में हुई एवन इलेक्ट्रॉनिक्स की चोरी सबसे बड़ी वारदात मानी जा रही है। दुकान के मैनेजर करन पंजवानी के अनुसार वे 24 जून की रात करीब 10 बजे रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह स्टाफ ने दुकान खोली तो चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि अज्ञात चोर दुकान का शटर मोड़कर अंदर घुसे और आईफोन, ओप्पो, वीवो, गूगल पिक्सल, सैमसंग और मोटोरोला जैसी कंपनियों के कई मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। इसके अलावा गल्ले में रखे 65 हजार रुपए नकद भी गायब थे। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। दो दिन में तीन चोरी के मामले दर्ज एवन इलेक्ट्रॉनिक्स की घटना के अलावा मोहन नगर थाना क्षेत्र में तीन और चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। उरला के श्रीनगर निवासी रानी सोनी के घर का ताला तोड़कर चोर सोने-चांदी के जेवर और 4 हजार रुपए नकद ले गए। वहीं अग्रसेन चौक स्थित बॉम्बे सेल कपड़ा दुकान में पीछे का दरवाजा तोड़कर सीसीटीवी कैमरा, बिलिंग मशीन, स्वाइप मशीन, मोबाइल और नकदी चोरी कर ली गई। हालांकि मोहन नगर पुलिस को एक मामले में सफलता मिली है। उरला से चोरी हुई केटीएम बाइक के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपी यशवंत बंजारे को गिरफ्तार कर चोरी की बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अन्य क्षेत्रों में भी चोरी के मामले बढ़े जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खुर्सीपार में घर के बाहर खड़ी स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई। पुरानी भिलाई में बस कंडक्टर की सीडी डिलक्स बाइक मंदिर के सामने से पार कर दी गई। नेवई में दवा लेने गए रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी की स्कूटी चोरी हो गई। सुपेला में अस्पताल के बाहर खड़ी बाइक चोर ले उड़े। उप स्वास्थ्य केंद्र में भी चोरी कुम्हारी थाना क्षेत्र के कुगदा उप स्वास्थ्य केंद्र में भी चोरी की घटना हुई है। यहां चोरों ने बाउंड्रीवाल फांदकर सोलर रूम में प्रवेश किया और करीब 40 मीटर केबल काटकर ले गए। इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन भी काट दिया ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। दो दिनों के भीतर जिले में चोरी के कुल 14 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मोहन नगर में 4, सुपेला में 2, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, नेवई और कुम्हारी में एक-एक मामले सामने आए हैं। इसके अलावा जामुल थाना क्षेत्र में दो तथा पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में भी दो चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
जालंधर के डाकखाना दाना मंडी स्थित आयुष औषधि केंद्र से एक व्यक्ति मोबाइल चुराकर फरार हो गया। यह घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस मामले में थाना 2 में शिकायत की गई है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि व्यक्ति दुकान पर दवा लेने आया था। दुकानदार अमित कुमार के अनुसार, यह व्यक्ति उनका पुराना ग्राहक है। वह काउंटर से फोन लेकर फरार हो गया। एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में आरोपी एक्टिवा पर जाते हुए भी दिखा है। अमित कुमार ने बताया कि 65 वर्षीय ग्राहक ने उनका फोन चुराया। घटना के बाद उन्होंने देर शाम तक उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन बंद कर दिया। इसके बाद अमित ने थाना 2 में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंचे। पुलिस ने उन्हें 25 जून को आने के लिए कहा। पीड़ित आज दोबारा थाना 2 पहुंचा, तो मुंशी ने बताया कि ड्यूटी अधिकारी थाने में नहीं हैं और शिकायत दर्ज कराने के लिए 2 दिन बाद आने को कहा। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई अमित कुमार ने कहा कि वह आज ही एफआईआर दर्ज कराकर उसकी कॉपी लेना चाहते थे। उन्होंने आशंका जताई कि दो दिन की देरी से आरोपी फोन कहीं भी ले जा सकता है। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
लुधियाना में रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल झपटने वाले गैंग के खिलाफ आरपीएफ और थाना कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी ट्रेन के आउटर पर धीमी होने का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। डंडा मारकर मोबाइल खींचते थे बदमाश जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिव कुमार उर्फ शिबू के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग के सदस्य रेलवे लाइन के आउटर पर ट्रेन के धीमा होने का इंतजार करते थे। जैसे ही कोई यात्री ट्रेन के दरवाजे पर खड़ा दिखाई देता, आरोपी डंडे की मदद से उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन लेते और मौके से फरार हो जाते थे। 7 मोबाइल झपटमार से मिले एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि रेलवे यात्रियों से मोबाइल झपटने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर आरपीएफ और थाना कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान शिव कुमार उर्फ शिबू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 7 मोबाइल बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 से लूटपाट और अन्य आपराधिक मामलों के 5 केस दर्ज हैं। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान उसके अन्य साथियों और चोरी किए गए मोबाइल खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। 24 दिन पहले हुई वारदातकरीब 24 दिन पहले ढंडारी रेलवे स्टेशन के नजदीक बिहार के घगरिया निवासी सुमित ट्रेन में दरवाजे पर खड़ा था। तभी ट्रेन के बाहर खड़े एक बदमाश ने डंडा मार कर मोबाइल खींच लिया। यात्री ने झपटमार का पीछा करने के लिए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी लेकिन बदमाश भाग गया था। यात्री के दाहिने हाथ के बाजू की हड्डी टूट गई थी, जबकि माथे पर गहरी चोट आने के कारण करीब 6 टांके लगाने पड़े थे।
अमृतसर ग्रामीण के थाना चाटीविंड पुलिस ने वसूली और धमकी देने वाले स्थानीय गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह लोग क्षेत्र के व्यापारियों और दुकानदारों को फोन कर रंगदारी की मांग करते थे। पुलिस ने आरोपियों से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका उपयोग धमकियां देने और फिरौती मांगने के लिए किया जा रहा था। थाना प्रभारी हरचंद सिंह संधू ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों में सुखदेव सिंह समेत दो सदस्य शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और व्यापारियों को डराकर पैसे वसूलने की कोशिश करता था। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर करते थे फायरिंग पुलिस के अनुसार, यदि कोई व्यापारी पैसे देने से इनकार करता था तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इतना ही नहीं, दहशत फैलाने के लिए गैंग के सदस्य दुकानों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर फायरिंग भी करते थे, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ था। बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने बताया कि इस गैंग में कुल पांच सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के अलावा विशाल, शमशेर और हरप्रीत उर्फ हैप्पी की तलाश जारी है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग की अन्य वारदातों, नेटवर्क और हथियारों के स्रोत के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। शमशेर सिंह के पास हथियार होने की जानकारी जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस गैंग के संबंध किसी बड़े आपराधिक गिरोह या संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। शमशेर सिंह के पास हथियार होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी पुष्टि की जा रही है।
हिसार जिला पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अग्रोहा पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक मामले में सफलता हासिल करते हुए एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को अग्रोहा निवासी संजय ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके घर से अज्ञात व्यक्ति उसका मोबाइल फोन चोरी कर ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रोडक्शन वारंट पर लेकर की गई पूछताछ जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर शिव कॉलोनी, अग्रोहा निवासी रवि उर्फ राणा को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी अन्य आपराधिक वारदात में तो शामिल नहीं रहा है। हिसार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अपराध संबंधी जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
युवक से मारपीट कर ~25 हजार और मोबाइल लूटा
जयपुर | खोरा बीसल इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने जलोई पेट्रोल पंप के पास एक युवक से मारपीट कर 25 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिया। पीड़ित सिण्डोलाई निवासी सत्यनारायण गुर्जर ने खोरा बीसल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह डीजल लेने पंप पर गए थे। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने रुकवाया और मारपीट की। बदमाशों ने पीड़ित की बाइक तोड़ दी और 25 हजार रुपए व मोबाइल लेकर भाग गए। पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
हजरतगंज में मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तानी:सीने पर वार कर दी धमकी, CCTV में कैद हुई वारदात
लखनऊ के हजरतगंज स्थित श्रीराम टावर में बुधवार रात एक युवक ने मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि युवक ने पिस्टल से दुकानदार पर फायर भी कर दिया, लेकिन वो बच गया। हालांकि धक्का-मुक्की में उसे चोट आई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। महबूबगंज सहादतगंज निवासी काविश अदित श्रीराम टावर में अर्जुन गुप्ता के साथ पार्टनरशिप में मोबाइल वाला नाम से दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया दुकान पर बुधवार रात करीब 9:54 बजे एक युवक मोबाइल फोन लेने पहुंचा था। किसी बात को लेकर उसकी दुकानदार से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवक ने पिस्टल निकालकर दुकानदार को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि युवक ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पिस्टल से फायर कर दिया। किसी तरह खुद को बचाते हुए विरोध किया तो उसने पिस्टल से सीने पर वार कर दिया, जिससे चोट लग गई। CCTV में कैद हुई पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। शोर-शराबा सुनकर आसपास के दुकानदार और लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गया।घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में व्यापारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।पुलिस के मुताबिक दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की गई है। जिसके आधार पर डालीगंज निवासी विवेक सिंह को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने गुम हुए 8 लाख रुपए के मोबाइल लौटाए:उज्जैन में 27 मोबाइल और 1 टैबलेट को उनके मालिक को सौंपा
उज्जैन की नीलगंगा थाना क्षेत्र से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ट्रेस कर उनके मालिक तक पहुंचाने का पुलिस ने किया है। अपने मोबाइल पर मिलने लोगो ने पुलिस का आभार भी माना है। इससे पहले भी कई बार पुलिस गुम हुए मोबाइल को उनके मालिक को सौंप चुकी है। सेफ क्लिक 2.0 अभियान को मिली बड़ी सफलता में पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से लगभग 8 लाख रुपए मूल्य के 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को बरामद किया है। नीलगंगा थाना पुलिस ने CSP दीपिका शिंदे एवं थाना प्रभारी तरुण करील पोर्टल की सहायता से मिले 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को सफलतापूर्वक ट्रैक कर बरामद कर उनके मालिक को सौप दिया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने उज्जैन पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उज्जैन पुलिस द्वारा “Safe Click 2.0” जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा मोबाइल गुम होने की स्थिति में CEIR पोर्टल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है।
अमेठी में एक अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। यहां अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना मंगलवार शाम की है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गांव निवासी राकेश कुमार अपने बेटे विजय कुमार के परिवार के सदस्यों को खाना देने जायस कस्बे के चंदा हॉस्पिटल गए थे। विजय कुमार के एक महीने के बेटे का पिछले पांच दिनों से अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। राकेश कुमार जैसे ही खाना देकर बाहर निकले, उनकी बाइक गायब थी। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक चोर उनकी बाइक ले गया है। वीडियो में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है, जिसके बाद वह मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी बाइक चोरी की लिखित शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई पुलिसकर्मी मौके पर जांच के लिए पहुंचा है।
इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में साइबर ठगों ने बीएसएनएल के रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खातों से 6.47 लाख रुपए निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कनाड़िया पुलिस के मुताबिक, 63 वर्षीय महेंद्र सिंह चौहान, निवासी संचार नगर एक्सटेंशन, ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 22 जून को वह घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर दो ओटीपी आए। इसके बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से करीब 5.94 लाख रुपए सात अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकाल लिए गए हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से भी करीब 53 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। कुल मिलाकर 6.47 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। इसके बाद उन्होंने दोनों बैंक खाते तत्काल बंद कराए और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। महेंद्र सिंह चौहान को आशंका है कि किसी ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक खातों से यह ट्रांजेक्शन किए हैं। मामले में कनाड़िया पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
बड़वानी पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के 129 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों को उनके मालिकों को लौटा दिया गया। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने मोबाइल गुमशुदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला साइबर सेल बड़वानी को इनकी तलाश के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बड़वानी, खरगोन, आलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विभिन्न स्थानों से ट्रेस किए गए थे। आज, बड़वानी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की टीम ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने पर सभी मालिकों ने पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक बड़वानी ने साइबर सेल की टीम के इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जशपुर पुलिस ने 51 गुम मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने मोबाइल उनके मालिकों को दिए। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की। जिले के अलग-अलग थानों में मिली रिपोर्टों के बाद यह अभियान चलाया गया। साइबर सेल टीम ने तकनीकी जांच, ट्रैकिंग और निगरानी के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाया। इसके बाद सभी फोन बरामद किए गए। SSP ने कहा कि मोबाइल आज सिर्फ बात करने का साधन नहीं है, बल्कि इसमें बैंकिंग, सोशल मीडिया और निजी जानकारी भी रहती है। इसलिए इसकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से कहा कि मोबाइल खोने पर तुरंत थाने या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को जल्दी ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है। समय पर शिकायत से मिलती है मदद एसएसपी ने कहा कि समय पर शिकायत करने से मोबाइल मिलने की संभावना बढ़ जाती है और जरूरी डेटा भी सुरक्षित रहता है। कार्यक्रम में पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के बारे में भी जागरूक किया। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की अपील की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि साइबर सेल की मदद से 51 मोबाइल बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आगे भी इसी तरह अभियान चलाकर लोगों की मदद करती रहेगी।
छोटी डांट, बड़ा कदम:मां ने मोबाइल छीना, पापा ने पढ़ाई को कहा ऐसी डांट पर 33 नाबालिग हर महीने लापता
मां ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया तो बेटा घर छोड़कर चला गया। पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने पर पिता ने टोका तो किशोर भाग गया। ग्वालियर में बच्चों के घर छोड़ने के पीछे मोबाइल, सोशल साइट्स और भावनात्मक दूरी बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। जनवरी 2025 से 19 जून 2026 तक शहर से 571 बच्चे लापता हुए। इनमें 549 बच्चों को पुलिस ने तलाश लिया। यानी औसतन हर महीने 34 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। इस वर्ष अब तक 190 बच्चे लापता हुए। इनमें 140 बच्चियां और 50 बच्चे शामिल हैं। पुलिस 175 बच्चों को बरामद कर चुकी है। पुलिस जांच में करीब 55% बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े विवादों के कारण घर छोड़कर गए। ऑनलाइन दोस्ती बच्चों को परिवार से दूर ले जा रहे हैं। महिला डीएसपी शिखा सोनी का कहना है कि सोशल नेटवर्किंग साइटस बच्चों के लिए नशे की तरह बनते जा रहे हैं। परिजन को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन डांटने के बजाय संवाद बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। मोबाइल पर गेम खेलने से रोका तो मुरैना पहुंच गया छात्रगोला का मंदिर क्षेत्र में 12 वर्षीय छात्र को मां ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका और फोन रख लिया। नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे मुरैना के पास हाईवे किनारे एक ढाबे से बरामद किया। मां ने डांटा तो घर छोड़कर गया 10 साल का छात्रमुड़िया पहाड़ निवासी 10 वर्षीय बच्चे का दोस्त से झगड़ा हो गया था। शिकायत मिलने पर मां ने उसे डांट दिया। इससे नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चेतकपुरी की झुग्गी बस्ती से बच्चे को बरामद कर परिजन को सौंप दिया। 6 साल का मासूम, टूटे मोबाइल के डर से भागापुरानी छावनी के रुद्रपुरा में 6 साल के बच्चे से मोबाइल टूट गया। मां की डांट के डर से उसने मोबाइल छिपाया और घर छोड़ दिया। बच्चे के गायब होने पर पुलिस के 200 जवानों ने रातभर 40 किलोमीटर क्षेत्र में सर्चिंग की। आठ घंटे बाद वह सुरक्षित मिला। पढ़ाई के लिए डांटा, अहमदाबाद पहुंचा किशोरचार शहर का नाका निवासी एक किशोर पढ़ाई को लेकर पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़ गया। परिजन ने पुलिस में इसकी शिकायत की। पुलिस ने पड़ताल के बाद छात्र की लोकेशन अहमदाबाद में मिली। बाद में पुलिस टीम को वह अहमदाबाद की एक दुकान पर काम करता मिला।
चोरी के मोबाइल बेचने जा रहा आरोपी गिरफ्तार, चार मोबाइल बरामद किए
लुधियाना| पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी के मोबाइल फोन बेचने जा रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान शिव कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी रजिंदर कुमार और उनकी पुलिस पार्टी द्वारा की गई। पुलिस टीम इलाके में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में गश्त पर रवाना थी। इसी दौरान पुलिस को एक खास मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि उक्त आरोपी चोरी के मोबाइल फोन बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर लक्कड़ पुल के पास से आरोपी शिव कुमार को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ये फोन कहां से चुराए थे और वह इन्हें किसे बेचने जा रहा था।
पठानकोट सिविल अस्पताल परिसर में एक महिला का गुम हुआ मोबाइल फोन पुलिस ने उसके मालिक को लौटा दिया। जवाली, जिला कांगड़ा निवासी शिवानी बेगम का मोबाइल अस्पताल में खो गया था, जिसे चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए बरामद कर वापस सौंपा। शिवानी बेगम, पुत्री सरदार अली, किसी कार्य से पठानकोट सिविल अस्पताल आई थीं। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन परिसर में कहीं गुम हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला, तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन और पुलिस चौकी से संपर्क किया। सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल की तलाश शुरू करवाई। तलाशी और जांच के बाद गुम हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल को उसकी असली मालिक शिवानी बेगम को सौंप दिया। अपना मोबाइल वापस मिलने पर शिवानी बेगम ने पुलिस का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस कार्य की स्थानीय लोगों ने भी प्रशंसा की, इसे पुलिस की जनसेवा का एक अच्छा उदाहरण बताया गया।
पटना में डिलीवरी बॉयज, कूरियर बॉयज को गर्मी से राहत देने के लिए पटना नगर निगम द्वारा गिग वर्कर्स के लिए शहर में दो एसी लाउंज तैयार किया गया है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज गांधी मैदान गेट नंबर 4 और इनकम टैक्स के पास बने दोनों एसी लाउंज का निरीक्षण किया। इस एसी लाउंज में अनावश्यक रूप से लोग आकर अतिक्रमित ना करें, इसके लिए एक मिनिमल चार्ज निर्धारित किया गया है। यहां बैठने के लिए हर आधे घंटे 2 रुपये निर्धारित की गई है, यानी प्रति घंटे 4 रुपये का चार्ज लगेगा। देखें कुछ तस्वीरें… आने वाले समय में वॉशरूम की मिलेगी सुविधा मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि पटना स्मार्ट सिटी ने इसे विजुलाइज किया है। हर घर की जरूरत को गिग वर्कर्स के माध्यम से पूरा किया जाता है। इतनी गर्मी में उनकी असुविधा को देखते हुए, हमने रेस्ट करने के लिए एक स्थान दिया है। मैंने कुछ लोगों से बातचीत की और उनके फीडबैक को भी ग्रहण किया। लोगों ने कहा है कि इसका विस्तार होना चाहिए और पटना में अन्य जगहों पर भी इसे बनाया जाना चाहिए। हमने इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया है आगे इससे और बेहतर बनाया जाएगा। यहां वॉशरूम की भी आवश्यकता महसूस हुई है। आने वाले समय में वह सुविधा भी दी जाएगी। एकसाथ बैठ सकते 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था गांधी मैदान गेट नंबर- 4 और इनकम टैक्स गोलंबर के पास इसका निर्माण हुआ। चेन्नई की तर्ज़ पर इस प्री फैब्रिकेटेड एसी लाउंज को बनाया गया, जहां आम लोग भी आराम कर सकेंगे। इन लाउंज में एक साथ करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दोनों लाउंज में 30 लोग बैठ सकेंगे। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर शुरू की गयी इस योजना का निर्माण कार्य पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किया गया। मोबाइल चार्जिंग के साथ ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था गिग वर्कर्स को यहां पूरी तरह मुफ्त में आराम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, लाउंज के अंदर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था भी की जा रही है।इसके अलावा कम कीमत पर रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों को भी जोड़ा जाएगा। यहां आने वाले लोग उनके स्टॉल से छाछ, आम पन्ना जैसे पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय किफायती दर पर खरीद सकेंगे। अगर ये प्रोजेक्ट सफल हो जाता है, तो आने वाले दिनों में शहर में और भी जगहों पर एसी लाउंज बनाए जाएंगे।
पलवल में ठगी के आरोप में युवक काबू:2 मोबाइल बरामद, साइबर फ्रॉड के लिए भेजे गए मैसेज भी मिले
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने छांयसा-मढ़नाका मार्ग पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संकेत मिले हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि 22 जून को उनकी टीम हथीन में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि छांयसा गांव निवासी समीम साइबर ठगी की वारदातों में संलिप्त है और फिलहाल मढ़नाका गांव को जाने वाले कच्चे रास्ते पर मौजूद है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। मोबाइल में मिले ठगी के सबूत जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर बैंक खातों से पैसे निकालने से जुड़े सबूत मिले। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की जांच में भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज पाई गई, जिसमें 12 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन कब्जे में लेकर साइबर ठगी की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र में एक महिला की हेयर डाई पीने से मौत हो गई। गंभीर हालत में महिला को पन्ना जिला अस्पताल से रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतका दो मासूम बच्चों की मां थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छतेनी निवासी पुनिया अहिरवार (26) पत्नी सुनील अहिरवार के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब 5 वर्ष पहले हुई थी। पति सुनील अहिरवार मजदूरी का काम करते हैं। फोन चोरी होने के विवाद के बाद हेयर डाई पी जानकारी के अनुसार, सोमवार को महिला का पूरा परिवार किशनपुर गांव में मामा के लड़के की शादी में शामिल होने गया था। शादी की खुशियों के बीच वहां महिला का मोबाइल चोरी हो गया। घटना को लेकर परिवार और महिला के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद महिला ने सोमवार दोपहर को ही शादी से अकेले घर छतेनी लौट आई, जबकि बाकी परिजन बाद में पहुंचे। घर लौटने के बाद सोमवार को ही महिला ने कमरे में रखी बालों में लगाने वाली हेयर डाई पी ली। महिला को रीवा रेफर किया गया कुछ देर बाद जब उसकी जेठानी ने महिला को लगातार उल्टियां करते देखा, तो उन्हें अनहोनी का शक हुआ। जेठानी ने तुरंत इसकी सूचना पुनिया के पति सुनील अहिरवार को दी। परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर अजयगढ़ शासकीय अस्पताल पहुंचे, जहां से पन्ना और फिर रीवा रेफर किया गया था। रीवा पहुंचने से पहले ही रास्ते में तोड़ा दम अजयगढ़ अस्पताल में महिला की हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर उसे तुरंत जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। पन्ना जिला अस्पताल में भी महिला के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रीवा मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही महिला ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पहले भी की थी आत्महत्या करने की कोशिश इस असमय मौत से महिला के दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। उसका बड़ा बेटा शिवम सिर्फ 3 साल का है और छोटा बेटा बाबू सिर्फ 7 महीने का है। पति सुनील ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पत्नी ने करीब 2 साल पहले भी अज्ञात कारणों के चलते जहर खा लिया था। हालांकि, उस समय सही समय पर इलाज मिल जाने के कारण डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली थी। लेकिन इस बार हेयर डाई का जहर जानलेवा साबित हुआ। घटना के बाद आज मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉक्टर बोले-हेयर डायर अंदरूनी अंग जला देता मामले को लेकर जिला अस्पताल पन्ना के ड्यूटी डॉक्टर और एक्सपर्ट डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी ने बताया महिला ने बालों में लगाने वाली हेयर डाई का सेवन किया था। इसके जहर के असर से महिला के पूरे गले में अत्यधिक सूजन आ गई थी, जिससे उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर इसे सामान्य समझते हैं, लेकिन हेयर डाई या रासायनिक मेहंदी में एक विशेष प्रकार का बेहद खतरनाक केमिकल और एसिड पाया जाता है। इसका सेवन करने से इंसान के शरीर के अंदरूनी अंग बुरी तरह जल जाते हैं। यदि कोई इसे अधिक मात्रा में पी लेता है तो शरीर के भीतर खतरनाक केमिकल रिएक्शन होता है। संबंधित व्यक्ति की तड़प-तड़प कर मौत हो जाती है।
रायगढ़ से गुजर रही आजाद हिंद एक्सप्रेस में एक महिला यात्री का हैंडबैग चोरी हो गया। बैग में सोने की अंगूठी, मोबाइल और कैश समेत 33 हजार 200 रुपए का सामान रखा था। इस मामले में जीआरपी रायगढ़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के सतारा जिले के गंगापुरी तालुका निवासी प्रार्थना शंकर माईती (31) 11 जून को खड़गपुर रेलवे स्टेशन से पुणे जाने के लिए आजाद हिंद एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह ट्रेन की बी-3 बोगी में सीट नंबर-7 पर यात्रा कर रही थीं। सोने के दौरान चोर ने किया हाथ साफ महिला ने बताया कि, यात्रा के दौरान खाना खाने के बाद उसने अपना हैंडबैग पैरों के पास रख दिया और सो गई। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे जब उसकी नींद खुली, तब ट्रेन रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी थी। इस दौरान उसने देखा कि उसका हैंडबैग गायब है। बैग में था मोबाइल, अंगूठी और कैश महिला ने ट्रेन में और आसपास काफी तलाश की, लेकिन बैग का कोई पता नहीं चला। उसके अनुसार बैग में एक मोबाइल, करीब 20 हजार रुपए कीमत की सोने की अंगूठी, 3 हजार रुपए कैश और बाकी जरूरी सामान रखा था। जिसकी कुल कीमत 33 हजार 200 रुपए बताई गई है। पुणे में दर्ज हुई शिकायत, रायगढ़ पहुंची जांच घटना के बाद महिला ने इसकी शिकायत जीआरपी पुणे में दर्ज कराई थी। मामले की अपराध डायरी रायगढ़ पहुंचने के बाद जीआरपी रायगढ़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ट्रेनों में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं गीतांजली एक्सप्रेस से मोबाइल चोरी 10 मई को मुंबई निवासी अलामिन फिरोज शेख खड़गपुर से गीतांजली एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनका 25 हजार रुपए कीमत का मोबाइल चोरी हो गया था। दरभंगा-रायगढ़ यात्रा में बैग पार 4 जून को रायगढ़ निवासी ब्रजेश कुमार झा दरभंगा से रायगढ़ लौट रहे थे। इस दौरान किसी अज्ञात चोर ने उनका बैग चोरी कर लिया था। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई थी। बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस में लैपटॉप चोरी 7 जून को ओडिशा निवासी शेख इमामुद्दीन बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस से भुवनेश्वर से बिलासपुर जा रहे थे। सफर के दौरान उनका बैग चोरी हो गया, जिसमें लैपटॉप समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान था। महिला के गले से मंगलसूत्र पार उसी दिन रायगढ़ के चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई अपनी बेटी के साथ अकलतरा जा रही थीं। यात्रा के दौरान किसी ने उनके गले से करीब 30 हजार रुपए कीमत का सोने का मंगलसूत्र चोरी कर लिया। नर्मदा एक्सप्रेस में 90 हजार की चोरी 14 जून को पद्मावती थवाईत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उज्जैन से बिलासपुर आते समय नर्मदा एक्सप्रेस में उनका पर्स और बैग चोरी हो गया। बाद में पर्स बाथरूम में मिला, लेकिन उसमें रखा मोबाइल और अन्य सामान गायब था। इस घटना में करीब 90 हजार रुपए का नुकसान हुआ था। रायगढ़ पार करते ही गायब हुआ बैग 20 जून को शहडोल निवासी बालकृष्ण द्विवेदी बलसाड़-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। रायगढ़ स्टेशन पार करने के बाद उनका बैग चोरी हो गया, जिसमें लैपटॉप समेत करीब 65 हजार रुपए का सामान रखा था। जीआरपी बोली- ट्रेनों में लगातार की जा रही गश्त जीआरपी थाना प्रभारी बीआर बोर्झा ने बताया कि, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार गश्त बढ़ाई गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और पॉकेटमारों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
बोकारो के गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव में मंगलवार सुबह एक नाबालिग लड़की 165 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वो ललपनिया थाना क्षेत्र के तिलैया गांव की रहने वाली है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस और परिजनों के काफी समझाने के बाद लड़की करीब 9 घंटे बाद टावर से नीचे उतरी। उसकी मांग थी कि उसके प्रेमी को जेल से रिहा किया जाए। प्रेमी को रिहा करने की मांगलड़की ने बताया कि उसका रांची निवासी एक युवक से प्रेम संबंध है और वह उससे शादी करना चाहती है। लड़की का आरोप है कि पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेज दिया है। उसने धमकी दी कि जब तक उसके प्रेमी को रिहा नहीं किया जाएगा, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगी। स्थानीय लोगों ने लड़की को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। इधर, सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ललपनिया थाना प्रभारी और परिजनों ने भी लड़की से बातचीत कर उसे समझाया, तब वो टावर से नीचे उतरी। लड़की के परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायतपुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले लड़की के परिजनों ने ललपनिया थाना में उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को रांची से बरामद किया था। इसी मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेज दिया था।
भिवानी पुलिस की CIA-2 ने भारत-साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच पर मोबाइल के माध्यम से सट्टा लगवाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, 5 मोबाइल और एक रजिस्टर बरामद हुआ है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर की गई। सहायक उप निरीक्षक सुभाष चंद के नेतृत्व में CIA-2 की टीम बावड़ी गेट क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति बावड़ी गेट स्थित एक होटल के कमरे में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहा है। होटल के कमरे से पकड़ा गया आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत होटल पर दबिश दी और कमरे से मोबाइल के जरिए सट्टा लगवा रहे व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भिवानी के रामगंज मोहल्ला, दादरी गेट निवासी तिलक पुत्र महेंद्र कुमार के रूप में हुई है। जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, पांच मोबाइल और सट्टे के हिसाब-किताब से संबंधित एक रजिस्टर जब्त किया है। आरोपी तिलक के खिलाफ थाना शहर भिवानी में जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के विजईपुर कस्बे में ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ चलाए जा रहे टास्क फोर्स अभियान के दौरान विवाद हो गया। कार्रवाई का वीडियो बनाने को लेकर पुलिसकर्मियों और एक युवक के बीच कहासुनी हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजस्व निरीक्षक विवेक तिवारी और सब इंस्पेक्टर जितेंद्र दुबे की टीम ओवरलोड वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने चेकिंग बैरियर को टक्कर मार दी। टीम ने उसके पीछे चल रहे दूसरे ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने दरवाजा नहीं खोला। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ट्रक के दरवाजे पर डंडे बरसाए। विजईपुर निवासी आयुष यादव ने आरोप लगाया है कि वीडियो बनाने के दौरान दारोगा जितेंद्र दुबे ने उनके साथ अभद्रता की और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इस घटना को लेकर मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किशनपुर थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने मोबाइल फोन गुम होने के बाद सिम पोर्ट कर बैंक खाते से धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। साथ ही ठगी गई राशि की बरामदगी की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की गई है। पुलिस को दी शिकायत में नारनौल निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उसका मोबाइल फोन कहीं गिर गया था। मोबाइल में प्रयुक्त सिम कार्ड को बंद करवा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अज्ञात साइबर अपराधियों ने अगले ही दिन उसके मोबाइल नंबर को पोर्ट करवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने बैंक खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाकर खाते से 99 हजार 990 रुपये की राशि निकाल ली। राजस्थान से किया गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना नारनौल ने जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर ठगी में शामिल राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी राजेश माली की भूमिका सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पहले एक हो चुका गिरफ्तार पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की राशि में से 39 हजार 500 रुपये आरोपी के बैंक खाते में प्रथम स्तर पर जमा हुए थे, जिन्हें उसी दिन एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया था। इस मुकदमे में पुलिस इससे पहले एक अन्य आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। 49 हजार रुपए कराए वापस उसके खाते से 49 हजार रुपये की राशि बरामद कर न्यायालय के आदेशानुसार शिकायतकर्ता को सुपरदारी पर दिलवाई जा चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने 30 हजार रुपये की राशि भी होल्ड करवाई है, जिसे शिकायतकर्ता को वापस दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी और उनकी मां के खिलाफ सोशल मीडिया पर अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी किया गया है। इस संबंध में बेगूसराय के साइबर थाने में FIR दर्ज की गई है। बेगूसराय साइबर थाने में तैनात महिला पुलिस उप-निरीक्षक (पुअनि) प्रिया कुमारी रूटीन साइबर स्पेस पेट्रोलिंग (ओडी ड्यूटी) पर थी। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक संदिग्ध प्रोफाइल देखी, जिसका यूजर नेम 'Sajan Sang Sonam' है। इस इंस्टाग्राम आईडी से दो अलग-अलग रील्स (वीडियो लिंक) पोस्ट किए गए थे, जिसमें एक युवक ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके परिवार के प्रति अभद्र, अश्लील और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। वीडियो में सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि धूमिल हो रही गाली-गलौज करते हुए मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और समाज में नकारात्मकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा था। एसआई प्रिया कुमारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि इंस्टाग्राम आईडी से प्रसारित की जा रही टिप्पणियां और वीडियो पूरी तरह से सार्वजनिक है। इससे न केवल मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि धूमिल हो रही है। बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसका बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस तरह के भड़काऊ और अश्लील वीडियो से क्षेत्र में लोक शांति (Public Peace) भंग होने की प्रबल आशंका है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा-79, 351(3), 352, 356 और IT Act की धारा-67 के तहत मामला दर्ज किया है। डिजिटल साक्ष्य से जांच में जुटी पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर थाने के एडिशनल SHO शैलेन्द्र कुमार विद्याकर को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाया गया है। पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट, यूआरएल और विवादित वीडियो को एक पेन ड्राइव में सुरक्षित साक्ष्य के रूप में रख लिया है। साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि साइबर सेल की टीम अब उस आईपी एड्रेस (IP Address) और मोबाइल नंबर ट्रैक किया जा रहा है। जिससे यह इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

