पानीपत जिले में इसराना की विश्वकर्मा कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान से स्कूटी, की-पैड फोन और 800 रुपए नकद चोरी हो गए। यह घटना तब हुई जब मकान में काम करने के लिए आया एक व्यक्ति रात को वहीं रुका और अगली सुबह सामान लेकर फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव बवाना लाखु निवासी अजय, विश्वकर्मा मंदिर के पास अपना नया मकान बनवा रहे थे। उन्होंने अपने गांव के सतीश को मजदूरी पर रखा था। 8 जुलाई को मजदूरों की कमी होने पर सतीश को पानीपत भेजा गया, जहां से वह संजय चौक से एक मिस्त्री को काम पर लाया। सुबह स्कूटी लेकर मिस्त्री हुआ फरार दिनभर काम करने के बाद, मिस्त्री और सतीश रात को निर्माणाधीन मकान में ही सो गए। अगली सुबह जब सतीश उठा, तो उसने देखा कि कमरे में खड़ी स्कूटी, एक छोटा की-पैड फोन और 800 रुपए नकद गायब थे। सतीश ने तुरंत फोन कर मकान मालिक अजय को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर अजय तुरंत विश्वकर्मा कॉलोनी पहुंचे और आसपास चोर की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद अजय ने इसराना थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
शाजापुर कोतवाली क्षेत्र में एक मोबाइल टॉवर से दो बार नई केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना हॉट मैदान स्थित रोड पर नोबल हॉस्पिटल के सामने की है। टॉवर संचालक कंपनी के प्रतिनिधि ने कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। तीन दिन के भीतर बदमाशों ने दो बार काटी केबल फरियादी आशीष राठौर (निवासी आदित्य नगर, शाजापुर) ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि टंकी चौराहा स्थित भगत सिंह मार्ग पर एलटस कंपनी का मोबाइल टॉवर लगा हुआ है। इस टॉवर से बदमाशों ने पहले 6 जुलाई की रात और फिर उसके बाद 9 जुलाई की रात को नई केबल चोरी कर ली। सेवाएं प्रभावित होने की आशंका कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार लगातार हुई इन चोरियों से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, साथ ही टॉवर की मोबाइल सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कोतवाली पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात चोरों का सुराग लगाया जा सके।
जयपुर वेस्ट पुलिस ने ‘म्यूल हंटर’ ऑपरेशन के तहत साइबर सेल की मदद से बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड में 5 क्रिमिनर्ल्स को अरेस्ट किया। वहीं 1 करोड़ रुपए कीमत के मोबाइल को ब्लॉक करवाए गए। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- म्यूल हंटर ऑपरेशन के तहत बिंदायका, खोरा बिसल, करधनी में 4 केस में 5 साइबर क्रिमिनर्ल्स को गिरफ्तार किया। मई और जून के दौरान साइबर क्रिमिनर्ल्स की ओर से की ठगी करीब 2.85 करोड़ रुपए होल्ड कराए गए। इसके अलावा साइबर क्राइम के मामलों में दर्ज शिकायतों में से करीब 97 लाख रुपए की रकम वापस पीड़ितों के बैंक अकाउंट में दिलवाई गई। 40 लाख के मोबाइल मिले, 1 करोड़ के कराए ब्लॉक सीईआईआर पोर्टल और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से 215 खोए हुए मोबाइल बरामद किए गए। इनकी मार्केट कीमत करीब 40 लाख रुपए है। पुलिस ने इन मोबाइलों को उनके ऑनर को बुलाकर सौंपा। इसके अलावा साइबर क्राइम में यूज किए गए 300 से ज्यादा मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक करवाए गए हैं। ये थे साइबर फ्रॉड के मामले फोन-पे क्लोन ऐप से फ्रॉड करधनी थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से एक साइबर क्रिमिनल को अरेस्ट किया। फोन-पे एप का फेक क्लोन बनाकर दुकानदारों को पेमेंट का झांसा देकर फ्रॉड करता था। फेक क्लोन से अब तक 50 से अधिक लोगों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल बरामद किए। फेक बैंक अकाउंट से 1.25 करोड़ का लेन-देन करधनी थाना पुलिस ने अन्य मामले में साइबर फ्रॉड के लिए बैंक अकाउंट उपलब्ध करने वाले क्रिमिनल को अरेस्ट किया। ठग के बैंक अकाउंट में करीब 1.25 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन मिला। पुलिस मामले में गैंग से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। सस्ते ट्रैवल पैकेज से फ्रॉड साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर फेक ट्रैवल पैकेज का विज्ञापन देकर लोगों से ठगी करने वाले क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। वह एडवांस रकम लेने के बाद पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था। पुलिस की ओर से फ्रॉड में यूज दो मोबाइल जब्त कर ठगे गए पीड़ितों की पहचान कर रही है। OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी खोरा बिसल थाना पुलिस ने OLX पर मोबाइल बेचने के नाम पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से एडवांस रकम वसूलने वाले आरोपी को अरेस्ट किया। वह रुपए लेने के बाद मोबाइल भेजने के बजाय पीड़ितों से कॉन्टैक्ट खत्म कर देता था। पुलिस ने उससे 25 क्रेडिट कार्ड, 2 मोबाइल और 7 सिमकार्ड बरामद किए।
फतेहाबाद की साइबर थाना पुलिस ने 5 लाख 80 हजार रुपए की ठगी के मामले में दो आरोपियों को काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई पूरी राशि भी बरामद करके पीड़ित को वापस दिलवा दी है। दोनों आरोपी हांसी जिले के रहने वाले है। दोनों आरोपियों को पुलिस जमानत पर रिहा किया गया है। साइबर थाना प्रभारी राहुल देव ने बताया कि रतिया के वार्ड नंबर 17 निवासी गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके एचडीएफसी बैंक खाते से लिंक्ड पुराना मोबाइल नंबर बंद हो जाने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस नंबर को अपने नाम पर पुनः एक्टिव करवा लिया। इसके बाद आरोपी ने बैंक से एटीएम कार्ड दोबारा जारी (री-इश्यू) करवा लिया। जून महीने में अकाउंट से निकाली राशि शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इसके बाद 4 जून से 9 जून के बीच उसके बैंक खाते से पांच लाख 80 हजार रुपए निकाल लिए। उसे जब इस धोखाधड़ी के बारे में पता चला तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच शुरू की और 6 जुलाई को बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत केस दर्ज कर लिया। हांसी जिले के निवासी निकले आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान हिसार जिले के गांव खेड़ी गगन निवासी सचिन और पुठी मंगल खां निवासी विनोद के रूप में की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर उनके कब्जे से ठगी की गई पूरी राशि बरामद कर ली। इसके बाद शिकायतकर्ता को राशि लौटाई गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ गुरुग्राम की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में उन्हें कथित फर्जी मोबाइल एक्सपोर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मास्टरमाइंड बताया है। ED का दावा है कि इस मामले में 103 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई है। जांच के अनुसार, संजीव अरोड़ा ने आईफोन का निर्यात दुबई भेजने का दावा किया, लेकिन जांच में पता चला कि मोबाइल भेजे ही नहीं गए और पूरा एक्सपोर्ट केवल कागजों में दिखाया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी खरीद बिल और निर्यात से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए। ED इस मामले में अरोड़ा की 55 करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है। ED का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए निर्यात से मिलने वाले वित्तीय लाभ हासिल करने और अवैध धन के स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी ने करीब 44 हजार मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात का दावा किया है। संजीव अरोड़ा को ईडी ने इसी साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर दिनभर चली छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके सभी मंत्रालय अन्य मंत्रियों को सौंप दिए थे। गुरुग्राम की अदालत से रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था, जब से वह जेल में ही हैं। चार्जशीट में ED के ये बड़े दावे किए **************** ये खबर भी पढ़ें: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा फिलहाल जेल में ही रहेंगे: जमानत पर फैसला टला, हाईकोर्ट ने ED से मांगी स्टेटस रिपोर्ट; अगली डेट पर होगी चर्चा पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई फिलहाल टाल दी है। अदालत ने जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को सुनवाई होगी। (पढ़ें पूरी खबर)
दीनानगर पुलिस ने एक महिला का रास्ता रोककर उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करने, हाथ पकड़ने और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाने का प्रयास करने के आरोप में पंडिताई करने वाले पंडित चंद्रहास भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत में बेरियां मोहल्ला की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि वह शाम के समय दीनानगर रेलवे स्टेशन की ओर सैर (वॉक) के लिए जा रही थी। जब वह रेलवे स्टेशन फाटक के पास पहुँची, तो वहाँ मोटरसाइकिल पर मौजूद आरोपी चंद्रहास भारद्वाज ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि वह महिला से उसका मोबाइल नंबर मांगने लगा। विरोध करने पर की जबरदस्ती महिला ने जब मोबाइल नंबर देने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी ने कथित तौर पर बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया और उसे जबरन अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाने की कोशिश की। महिला ने किसी तरह खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और वहाँ से भागकर अपने घर पहुँची। घर पहुँचकर उसने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला पुलिस ने शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि पंडित चंद्रहास भारद्वाज का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।
फतेहपुर में मोबाइल लोन विवाद:ग्राहक और दुकानदार में मारपीट, दुकान में तोड़फोड़, CCTV फुटेज सामने आया
फतेहपुर जिले में एक मोबाइल फोन के भुगतान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। थरियांव थाना क्षेत्र के कस्बे में गुरुवार के दिन शाम ग्राहक और दुकानदार के बीच हुई मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कस्बे में स्थित अंकित टेलीकॉम से सुशील कुमार नामक युवक ने लोन पर एक मोबाइल फोन खरीदा था। सुशील का आरोप है कि उसे 16,000 रुपये कीमत का फोन दिया गया, लेकिन उसके नाम पर 22,000 रुपये का लोन कर दिया गया। सुशील गुरुवार को फोन बदलने और लोन की राशि को लेकर बात करने दुकान पहुंचा। आरोप है कि वहां दुकानदार और दुकान में मौजूद करीब सात कर्मचारियों ने उसे और उसके दो साथियों को बंधक बनाकर मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को छुड़ाकर स्थिति को शांत कराया। दूसरी ओर, दुकानदार रामबाबू ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि मोबाइल लोन के भुगतान को लेकर कुछ गलतफहमी थी, जिसे समझाया जा रहा था। इसी बीच, सुशील अपने दो साथियों के साथ दोबारा दुकान पर पहुंचा और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। दुकानदार के अनुसार, हमलावरों ने दुकान में जमकर तोड़फोड़ की, सामान क्षतिग्रस्त कर दिया और उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन के लोन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी थी। प्रारंभिक विवाद के बाद दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया गया था,लेकिन बाद में युवक द्वारा साथियों के साथ दुकान पर हमला कर तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने की शिकायत मिली है। शुक्रवार को दुकानदार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मारपीट का पूरा वाक्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय लगी, जब सुबह परिजनों ने उसे कमरे में फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान आयुषी ठक्कर के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद की एक निजी कंपनी के इंदौर कार्यालय में कार्यरत थी। मौके की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि जांच के लिए मृतका का लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल डिवाइस की जांच के आधार पर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने किसी भी तरह के प्रेम प्रसंग या अन्य विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि आयुषी स्वभाव से शांत थी और घर के सभी सदस्यों का काफी ध्यान रखती थी। आयुषी के पिता संतोष ठक्कर एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार में एक छोटी बहन और एक भाई भी हैं। फिलहाल बाणगंगा पुलिस मर्ग कायम कर सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल-लैपटॉप की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। पैर टूटने के बाद तनाव में था मैकेनिक, जहर खाकर दी जान राऊ थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 50 वर्षीय लेथ मशीन मैकेनिक ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बैजनाथ पुत्र गुरुचरण चौहान के रूप में हुई है। गुरुवार रात जहर खाने के बाद परिजन उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बैजनाथ का करीब 10 वर्ष पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। इसके बाद वह अपने भाई, भाभी और भतीजों के साथ रह रहा था। पुलिस ने शुरू की जांच परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले बैजनाथ का पैर टूट गया था, जिसके कारण वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा था। चोट की वजह से वह काम पर भी नहीं जा पा रहा था। इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। आशंका है कि इसी तनाव के चलते उसने जहर खा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
ग्वालियर अपील समिति सदस्य का चुनाव आज:पार्षदों के लिए आईडी अनिवार्य, मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध
ग्वालियर नगर निगम की अपील समिति के एक अनारक्षित सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया आज (10 जुलाई) दोपहर 2:30 बजे से नगर निगम परिषद सम्मेलन स्थल पर आयोजित की जाएगी। इस निर्वाचन में भाग लेने वाले सभी पार्षदों के लिए वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा, जबकि परिषद हॉल के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने मतदान स्थल, बैठक व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने भी निरीक्षण किया है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए चुनाव के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। प्रशासन ने निर्वाचन में शामिल होने वाले सभी पार्षदों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मतदान स्थल पर पहुंचें, अपना पहचान पत्र साथ रखें और निर्वाचन हॉल में मोबाइल फोन न लाएं। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
मामोनी में मोबाइल नेटवर्क ठप, 10 डायल पर लगती है एक कॉल
कस्बे सहित आसपास के खांडा सहरोल, बिची, मोहनपुर गांवों के ग्रामीण कई महीनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या झेल रहे हैं। कॉल ड्रॉप हो रहे हैं। इंटरनेट बंद रहता है। इमरजेंसी में भी संपर्क नहीं हो पा रहा। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि 5जी, 4जी के नाम पर 2जी भी नहीं चल रहा। ग्रामीणों के मुताबिक 10 बार डायल करने पर 1 बार कॉल कनेक्ट होती है। कॉल बीच में कट जाती है। इंटरनेट ठप होने से ऑनलाइन क्लास रुक गई है। यूपीआई पेमेंट नहीं हो रहे। आधार अपडेट का काम भी अटका है। गांव से 1 किमी दूर टॉवर है, जिसके चलते घर के अंदर नेटवर्क नहीं आता। हल्की बारिश में सभी कंपनियों के सिग्नल गायब हो जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों को हो रही है। ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे। क्लास मिस हो रही है। किसानों को मंडी भाव देखने में परेशानी है। पीएम किसान, ई-केवाईसी नहीं कर पा रहे। महिलाएं 108, 100 जैसी इमरजेंसी सेवाओं पर कॉल नहीं कर पा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट ठप होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
मरीजों के बीच वार्ड में घुसी युवती, मोबाइल और पर्स की चोरी के आरोप में गिरफ्तार
गुमला|सदर अस्पताल गुमला के वार्ड संख्या-125 में गुरुवार तड़के चोरी की कोशिश से हड़कंप मच गया। मरीजों और उनके परिजनों की सतर्कता से मोबाइल और पर्स चोरी के आरोप में एक युवती को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे युवती ने पहले वार्ड में मौजूद एक युवक का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसने एक महिला का पर्स उठाकर अस्पताल के बाथरूम में छिपाने का प्रयास किया। महिला को शक होने पर उसने शोर मचाया, जिससे वार्ड में मौजूद लोग सक्रिय हो गए और युवती को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान युवती के पास से महिला का पर्स बरामद कर लिया गया। लोगों की पूछताछ के बाद उसने युवक का मोबाइल भी वापस कर दिया। घटना से नाराज कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में लेकर थाना ले गई। बताया जा रहा है कि युवती का उपनाम सेनोरिटा है और वह गुमला के शास्त्री नगर की रहने वाली है। गुमला|जिले में बारिश के साथ सर्पदंश की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन छह से दस लोग सांप के काटने का शिकार होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार देर रात अलग-अलग क्षेत्रों से छह नए मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए। सर्पदंश के शिकार होने वालों में अंबोआ निवासी 35 वर्षीय सादिक अंसारी, रायडीह प्रखंड के पिबो निवासी 39 वर्षीय बिरसु खड़िया, गुमला के कुटमा निवासी 41 वर्षीय एतवारी असूर, सिलम पानदम टोली निवासी 15 वर्षीय निकिता मिंज, रायडीह के तियन टोंगरी निवासी 51 वर्षीय नूनी देवी तथा सिसई प्रखंड के मगलो निवासी 32 वर्षीय करमी उरांव शामिल हैं। परिजन ने सभी घायलों को तत्काल गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने एंटी वेनम का डोज देकर उनका इलाज शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई और उनका उपचार जारी था। लगातार बढ़ रहे सर्पदंश के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही, सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।
कल्याणपुर के हॉस्पिटल से मरीज का मोबाइल चोरी:सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ आरोपी, पुलिस ढूंढ रही
कानपुर के कल्याणपुर में गुरुवार शाम करीब चार बजे कल्याणपुर थाना क्षेत्र पुराना शिवली रोड टूटी पुलिया स्थित न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए एक मरीज का मोबाइल फोन शातिर चोर ने पार कर दिया। पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में मरीज इलाज के लिए भर्ती था। इसी दौरान मौका पाकर एक युवक अस्पताल के अंदर पहुंचा और मरीज का मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया। कुछ देर बाद जब मरीज ने अपना मोबाइल तलाशा तो वह गायब मिला। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध युवक मोबाइल चोरी कर ले जाता दिखाई दिया। पीड़ित ने तत्काल 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने का फ़ोर्स पहुचा और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया सीसीटीवी फुटेज़ में घटना कैद हुई है शातिर की तलाश की जा रही जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
भिंड की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्ट्रीट फास्ट फूड दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। मोबाइल फूड लैब के साथ पहुंची टीम ने दुकानों में उपयोग किए जा रहे मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूने लेकर मौके पर ही उनकी प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान कई दुकानों पर खाद्य सामग्री खुले में रखी मिली और आसपास गंदगी भी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। दुकानदारों को दिए स्वच्छता के निर्देशखाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण सेंगर ने दुकानदारों को भोजन बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट वाले किसी भी खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाए और सभी प्रतिष्ठानों का फूड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने के लिए अखबार का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फूड कलर के उपयोग को लेकर भी चेतायाअधिकारियों ने बताया कि फूड कलर का उपयोग केवल आवश्यकता होने पर और निर्धारित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। मोबाइल फूड लैब में मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूनों की प्राथमिक जांच की गई, जबकि संदिग्ध नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। लोगों को मिलावट पहचानने की दी जानकारीअभियान के दौरान मानसापूर्ण हनुमान मंदिर के सामने आम लोगों को खाद्य मिलावट की पहचान के प्रति भी जागरूक किया गया। विभाग की टीम ने पंपलेट वितरित कर बताया कि घर पर भी सरल तरीकों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा सकती है। कार्रवाई में फूड केमिस्ट आरती शिवहरे सहित खाद्य सुरक्षा विभाग का अमला मौजूद रहा।
जोधपुर डेवलपमेंट अथोरिटी (जेडीए) घुमंतु, अर्द्धघुमंतु और विमुक्त जातियों के परिवारों को लॉटरी से निशुल्क जमीन देगा। इसके लिए गुरुवार से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार लोक कला नगर आवासीय योजना में 50 वर्गगज तक की जमीन दी जााएगी। आयुक्त उत्साह चौधरी के नेतृत्व में इस पूरी प्रक्रिया को किया जाएगा। जेडीए सेक्रेटरी चंचल वर्मा ने बताया- गांव चौखा में ये जमीन आवंटित होगी। इसके लिए जेडीए की वेबसाइट से ऑनलाइन अवोदन करना होगा। इसकी अंतिम तारीख 19 जुलाई है। वहीं, उपायुक्त जोन-4 अदिती पुरोहित ने बताया- किसी भी डॉक्टयूमेंट में कमी होने पर संबंधित आवेदक की आईडी पर जानकारी शेयर कर दी जाएगी। इसके साथ ही इस प्रोसेस के लिए आवेदक के मोबाइल पर भी मैसेज भेजे जाएंगे।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आज के इस 5G और AI के दौर में कोई ऐसा भी फोन हो सकता है, जिसकी कीमत ₹1.34 लाख से अधिक हो, लेकिन उसमें न तो कोई चमचमाता हुआ एमोलेड डिस्प्ले हो और न ही कोई हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा? भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक ऐसा ही अनोखा फोन लेकर आई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस फोन को चालू रखने या बात करने के लिए न तो किसी सिम कार्ड की जरूरत है और न ही किसी मोबाइल टावर की। इस डिवाइस का नेटवर्क सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से कनेक्ट होता है, जिसे विशेष रूप से इमरजेंसी और क्रिटिकल कम्यूनिकेशन के लिए डिजाइन किया गया है।₹1.34 लाख की भारी-भरकम कीमत और इनमारसैट तकनीकयह कोई आम स्मार्टफोन नहीं है जिसे कोई भी राह चलता व्यक्ति खरीद ले। टैक्स (GST) को मिलाकर इस स्पेशल हैंडसेट की कीमत ₹1,34,166 तय की गई है। यह एक 'Inmarsat' (इनमारसैट) सैटेलाइट फोन है। इसे उन कठिन परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों के लिए बनाया गया है, जहाँ मोबाइल के पारंपरिक जमीनी नेटवर्क (Terrestrial Networks) का नामोनिशान नहीं होता। इस फोन के जरिए देश के सबसे पिछड़े, घने जंगलों, गहरे समुद्र या ऊंचे पहाड़ी इलाकों से भी सीधे और स्पष्ट वॉयस कॉलिंग की जा सकती है।इन सेक्टर्स और वीआईपी ऑपरेशंस के लिए बनी है यह डिवाइसBSNL ने अपनी आधिकारिक घोषणा में साफ किया है कि यह फोन आम जनता के रेगुलर इस्तेमाल के लिए नहीं है। इस डिवाइस का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाएगा:डिफेंस और सुरक्षा एजेंसियां: सेना और सीमा सुरक्षा बल के जवान।समुद्री ऑपरेशंस (Maritime): गहरे समुद्र में तैनात मर्चेंट नेवी और जहाजों के क्रू मेंबर्स।आपदा प्रबंधन (Disaster Response): बाढ़, भूकंप या चक्रवात के समय जब मोबाइल टावर गिर जाते हैं, तब राहत कार्यों के लिए।माइनिंग और इंडस्ट्रियल साइट्स: जमीन के काफी नीचे या सुदूर रिमोट लोकेशंस पर काम करने वाले इंजीनियर्स।एडवेंचर ट्रैवलर्स और पर्वतारोही: हाई-एल्टीट्यूड ट्रैकिंग और रिस्क जोन में जाने वाले लोग।कठिन हालातों के लिए खास फीचर्स और मजबूत बनावटमहंगा होने के साथ-साथ यह फोन बेहद टिकाऊ और रग्ड (Rugged) फिनिशिंग के साथ आता है:डायरेक्ट सैटेलाइट वॉयस कॉलिंग: बिना किसी सेलुलर नेटवर्क के सीधे आसमान से सिग्नल लेकर बात करने की सुविधा।डेडिकेटेड SOS इमरजेंसी सपोर्ट: किसी भी बड़े संकट या आपातकालीन स्थिति में फंसे होने पर तुरंत मदद बुलाने के लिए इसमें एक खास SOS बटन दिया गया है।बेहद मजबूत बॉडी: इसे अत्यधिक गर्म, बर्फीले या रेतीले और कठिन मौसम में भी बिना खराब हुए काम करने के लिए तैयार किया गया है।दमदार बैटरी बैकअप: बिजली की अनुपलब्धता वाले क्षेत्रों में कई दिनों तक स्टैंडबाय पर रहने के लिए इसमें लंबी चलने वाली बैटरी दी गई है।क्या आम आदमी खरीद सकता है यह फोन? जानिए कानूनी नियमअगर आप सोच रहे हैं कि इसे किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट या मोबाइल शॉप से खरीदा जा सकता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। भारत में सैटेलाइट फोन रखना या बिना अनुमति इसका इस्तेमाल करना पूरी तरह से गैरकानूनी है और ऐसा करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसे खरीदने के लिए ग्राहकों को सबसे पहले दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) से बकायदा लिखित में परमिशन और ऑथराइजेशन लेटर लेना होगा। इसके बाद ही ग्राहक अपने नजदीकी BSNL ऑफिस से संपर्क कर, वाजिब कारण बताकर इस फोन को ₹1,34,166 में आधिकारिक तौर पर खरीद सकते हैं।
महागामा सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा:मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार, टोटो और 4 मोबाइल बरामद
गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद अकरम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र की एक महिला से जुड़ा है। महिला का मोबाइल खो गया था, जिसके बाद वह ओझा-गुणी के चक्कर में अपने रिश्तेदार के यहां महागामा थाना क्षेत्र के एक गांव आ रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात टोटो चालक मोहम्मद अकरम से हुई। अकरम ने महिला को मोबाइल ढूंढने के लिए दूसरे ओझा-गुणी से मिलवाने का प्रलोभन दिया। वह महिला को घुमाते हुए लौगांय ले गया, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने 8 जुलाई को महागामा थाने में मामला दर्ज कराया था। गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद अकरम (19), नूर नबी (35), मोहम्मद युसूफ (22), मोहम्मद आसिफ (21) और खुर्शीद आलम (23) को गिरफ्तार किया है। ये सभी ग्राम लौगांय, थाना महागामा, जिला गोड्डा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक टोटो और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
बक्सर के डुमरांव थाना क्षेत्र स्थित वर्षों से बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल में संचालित अवैध जुआ के अड्डे पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ₹1.43 लाख से अधिक नकदी, 15 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल, ताश की गड्डियां और अन्य सामान बरामद किया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। डुमरांव थाना पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। गुप्त सूचना पर बनाई गई थी विशेष टीम डुमरांव थानाध्यक्ष संजय सिन्हा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल परिसर में अवैध रूप से जुआ का खेल संचालित किया जा रहा है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस की टीम जैसे ही सिनेमा हॉल परिसर में पहुंची, वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कई लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर 16 लोगों को मौके से ही दबोच लिया। नकदी, मोबाइल और बाइक बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से 1 लाख 43 हजार 810 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और ताश की कई गड्डियां बरामद कीं। पुलिस के अनुसार, बरामद ताश की गड्डियों का इस्तेमाल जुआ खेलने में किया जा रहा था। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है और उसे केस के साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। जुआ संचालकों की तलाश में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध जुआ के अड्डे का मुख्य संचालक कौन है, इसमें और किन लोगों की भूमिका रही है और यह धंधा कब से संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर मामले में अन्य आरोपितों की भी पहचान की जाएगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगा अभियान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में जुआ, शराब तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास कहीं जुआ, शराब तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने गिरफ्तार सभी 16 आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और इस मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से कमजोर 16 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने वारदात का वीडियो भी बनाया और करीब पांच दिन बाद उसे पीड़िता के भाई के मोबाइल पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो अन्य लोगों के साथ भी साझा किया गया। वीडियो देखने के बाद परिजन बुधवार रात पीड़िता को लेकर कटारा हिल्स थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, जबकि उसका साथी फरार है। पुलिस हिरासत में लिए गए नाबालिग से पूछताछ कर रही है कि उसने और उसके साथी ने पहले भी पीड़िता के साथ ऐसी कोई वारदात की थी या नहीं। दोस्ती का दबाव बनाते थे आरोपी पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। मोहल्ले के दो लड़के कई दिनों से उससे दोस्ती करने और अपने साथ घूमने चलने का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह उनसे बातचीत नहीं करती थी। बात करने के बहाने सुनसान जगह ले गए पुलिस के अनुसार, 1 जुलाई को पीड़िता घर के पास अकेली थी। इसी दौरान दोनों आरोपी उसे बात करने के बहाने बस्ती के पास स्थित एक स्कूल के पीछे सुनसान स्थान पर ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना लिया। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण वह घर लौटने के बाद भी परिजनों को घटना की जानकारी नहीं दे सकी। एक नाबालिग हिरासत में, पूछताछ जारी कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(2), 351(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 5(जी) और 6 तथा आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया है। उसके फरार साथी की तलाश की जा रही है और जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और विदेश में नौकरी के नाम पर लोगों को भेजने वाले कथित नेटवर्क की जांच अब बिहार के मोतिहारी तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पूर्वी चंपारण के फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकड़ गांव में एक संदिग्ध के घर करीब चार घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने उससे लंबी पूछताछ की, उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। आगे की पूछताछ के लिए 13 जुलाई को पटना स्थित NIA कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। छापेमारी के दौरान पूरे गांव में हलचल का माहौल रहा। एनआईए अधिकारियों ने संदिग्ध कलामुद्दीन और उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की। हालांकि, एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच में मोतिहारी तक पहुंची NIA सूत्रों के अनुसार, एनआईए को इनपुट मिला था कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क देश के कई राज्यों में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर एजेंसी ने एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की, जिसमें बिहार के तीन जिले भी शामिल रहे। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित कालूपकड़ गांव भी जांच के दायरे में आया है। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को संदेह है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसके तार देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं। 'टिकट की व्यवस्था और लोगों को भेजने में थी भूमिका' जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कलामुद्दीन इस नेटवर्क की निचली कड़ी के रूप में काम करता था। उस पर लोगों के लिए हवाई टिकट की व्यवस्था कराने और उन्हें निर्देशानुसार गंतव्य तक पहुंचाने में सहयोग करने का संदेह है। हालांकि, एनआईए ने अभी तक उसकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। कंबोडिया भेजने के नाम पर रचा गया था जाल सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए लोगों को विदेश में बेहतर नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा जाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें कथित तौर पर साइबर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की ट्रेनिंग दी जाती थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक NIA की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एजेंसी इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। RC-10/2024 केस में सामने आया नाम जानकारी के अनुसार, कलामुद्दीन का नाम एनआईए के RC-10/2024/NIA/DLI मामले की जांच के दौरान सामने आया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ा केस है। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। मोबाइल से मिले डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। मुख्य आरोपी से संपर्क की भी जांच सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि कलामुद्दीन का संपर्क छपरा-गोपालगंज क्षेत्र के एक ऐसे व्यक्ति से था, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों मिलकर लोगों को विदेश भेजने की प्रक्रिया में भूमिका निभाते थे। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि लोगों को रोजगार और बेहतर आय का लालच देकर विदेश भेजा जाता था। 13 जुलाई को पटना बुलाया गया एनआईए ने कलामुद्दीन को नोटिस जारी कर 13 जुलाई को पटना स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल एनआईए इस पूरे मामले में मानव तस्करी, विदेश भेजने की प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्यों और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। वहीं, इस मामले में आधिकारिक निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
दुर्ग की मोहन नगर थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 4 हजार कैश, 10 मोबाइल और ताश की गड्डियां जब्त की गई हैं। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, बुधवार 8 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर नाका इलाके में कुछ लोग ताश के पत्तों पर रुपए लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही मोहन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों ओर से घेराबंदी कर छापेमार कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से 9 लाख 4 हजार रुपए नकद, 10 मोबाइल और जुआ खेलने में इस्तेमाल हो रही ताश की गड्डियां बरामद हुईं। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में मयंक गावड़े (सेक्टर-5, भिलाई), प्रह्लाद शर्मा (लीलापुर वार्ड-8, चिल्फी), राजीव तिवारी (सदर बाजार, रायपुर), हेमलाल ढीमर (रुआबंधा, भिलाई), मनीष रात्रे (खमरिया, बेमेतरा), पंकज कुमार काठले (सगौनडीह, कबीरधाम), दुर्गेश कुमार बर्मन (पंडातराई, कबीरधाम), नागेश्वर साहू (कांदुल, रायपुर), पंकज वर्मा (उतई, दुर्ग), हेमनंदन डहरे (मोतीपुर, पंडरिया), संजय चोपड़ा (सिविल लाइन, रायपुर) और अमित सिंह (हनुमान नगर, दुर्ग) शामिल हैं। अवैध कमाई के लिए खेल रहे थे जुआ प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी आरोपी अवैध तरीके से पैसे कमाने के लिए ताश पर दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को मौके से गिरफ्तार कर बड़ी रकम बरामद की।
सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह आदेश भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर सवाई माधोपुर के अनुरोध पर जारी किया है। प्रशासन के अनुसार करौली जिले के पांचना बांध के पानी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही पोस्टों के कारण सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई थी। पांचना बांध के पानी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फैसला आदेश के अनुसार करौली जिले के पांचना बांध के पानी के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ टिप्पणियां प्रसारित की जा रही थीं। प्रशासन का कहना है कि इन पोस्टों के कारण गुर्जर और मीणा समाज के बीच तनाव बढ़ने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका थी। प्रशासन ने माना कि फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया। 2G से 5G तक सभी मोबाइल डेटा सेवाएं बंद आदेश के तहत गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास क्षेत्र की पूरी परिधि में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल डेटा इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह प्रतिबंध 8 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट 59 सेकंड से लागू हुआ है और 9 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट 59 सेकंड तक प्रभावी रहेगा। ब्रॉडबैंड और लीज लाइन सेवाएं रहेंगी चालू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्रॉडबैंड इंटरनेट और लीज लाइन सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। यानी इन सेवाओं का उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। आईटी एक्ट और टेलीकॉम नियमों के तहत जारी हुआ आदेश प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई लोक सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। आदेश Temporary Suspension of Telecom Services Rules, 2017 और आईटी एक्ट, 2000 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीकर से 3 दिन में 3 युवतियां लापता:तीनों ही बिना बताए घर से निकली, 2 का मोबाइल स्विच ऑफ
सीकर जिले में 3 दिन में तीन युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। तीनों ही युवतियां सुबह के समय घर से बिना बताए चली गई। इनमें से दो के पास मोबाइल था, जो कि अब स्विच ऑफ आ रहा है। तीनों के परिजनों ने अलग-अलग पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। पुलिस अब तीनों युवतियों की तलाश कर रही है। 3 युवतिययां घर से बिन बताए निकली पहले केस में 22 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे तक उनकी बेटी घर पर ही थी। इसके बाद वह घर पर नहीं दिखाई तो आस-पड़ोस में भी उसकी तलाश की गई लेकिन युवती का कुछ भी पता नहीं चल पाया। जब उसके मोबाइल पर कांटेक्ट किया तो वह भी स्विच ऑफ मिला। दूसरे केस में 19 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 6 जुलाई की रात परिवार के सभी लोग घर में सोए हुए थे। सुबह जब जागे तो देखा कि 19 साल की बेटी घर पर नहीं है। पहले तो परिवार ने सोचा कि बेटी वॉशरूम गई होगी। लेकिन काफी देर तक वह नहीं लौटी तो उसके मोबाइल पर कॉल किया गया। मोबाइल स्विच ऑफ मिला तो आसपास तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। तीसरी केस में 21 साल की युवती के चाचा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी भतीजी 8 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। युवती के पास मोबाइल भी नहीं था। ऐसे में अब उससे कांटेक्ट करना भी मुश्किल है।
किशनगंज में मोबाइल छिनतई के 2 आरोपी गिरफ्तार:छीना गया फोन, एटीएम कार्ड और बाइक बरामद
किशनगंज पुलिस ने मोबाइल छिनतई की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। यह घटना 7 जुलाई 2026 को हुई थी। ढेकसारा निवासी रामू पासवान ने थाना में लिखित आवेदन देकर बताया था कि उनकी बेटी शाम करीब 4 बजे मोबाइल पर बात करते हुए कोचिंग जा रही थी। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 747/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन किया बरामद पुलिस ने चुड़ीपट्टी कागजिया बस्ती निवासी 20 वर्षीय मोहम्मद समीर उर्फ मोहम्मद सनीर और 19 वर्षीय सगीर अंसारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी का पहले से है आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद समीर उर्फ मोहम्मद सनीर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध किशनगंज थाना में सास 2025 में एक आपराधिक मामला दर्ज है। किशनगंज पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने गुम हुए 15 मोबाइल फोन तलाश कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 2 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। लंबे समय बाद अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जताई और पुलिस का आभार व्यक्त किया। CEIR पोर्टल की मदद से मिली सफलता पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जिले में गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। तकनीकी जांच से अलग-अलग स्थानों से मिले मोबाइल थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न स्थानों से सभी मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को बुधवार शाम थाने बुलाकर सौंप दिए गए। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उनकी तलाश में मदद करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक किया जा सकता है। यदि गुम मोबाइल में कोई दूसरा सिम इस्तेमाल किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी ट्रैकिंग में पुलिस को मदद मिलती है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से 15 लोगों को अपने गुम मोबाइल वापस मिल सके। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल का उपयोग करें, ताकि मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ सके।
बाजार में मोबाइल मिला, मालिक को लोटाया
चौथ का बरवाड़ा| तहसील क्षेत्र के राजकीय विद्यालय जाझेड़ा के वरिष्ठ अध्यापक सांवरा गुर्जर व उनके बड़े भाई छीतर गुर्जर कंवरपुरा ने एक व्यक्ति का गिरा मोबाइल लोटाया। शिक्षक ने बताया उन्हें अलीगढ़ के बाजार में ओप्पो कंपनी का महंगा मोबाइल पड़ा हुआ मिला। इसकी कीमत 27 हजार रुपए थी। दोनों ने मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर मोबाइल मालिक रामप्रसाद मीणा देवरी खोहल्या को लौटाया।
जेलों से मोबाइल चलना और विदेशों से नेटवर्क राजनीतिक मिलीभगत: प्रो. सरचंद ख्याला
अमृतसर| भाजपा पंजाब के प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने टांडा के एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की कथित फिरौती और गैंगस्टर मामले की जांच में सामने आने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब में पुलिस, गैंगस्टरों, नशा तस्करों और सत्ताधारियों के बीच खतरनाक गठजोड़ को उजागर करती है। मान सरकार की जीरो टॉलरेंस’ नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है और राज्य की कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। प्रो. ख्याला ने कहा कि जेलों से मोबाइल चलना और विदेशों से आपराधिक नेटवर्क का संचालित होना व्यवस्था में गहरी सड़ांध और राजनीतिक संरक्षण को दर्शाता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी इस मिलीभगत पर गंभीर टिप्पणियां कर चुका है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, समयबद्ध और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
साइबर ठगी:वॉट्सएप कॉल से मोबाइल हैंग कर ठग ने की 1.18 लाख की ऑनलाइन शॉपिंग
शहर में साइबर ठग क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपडेट और लिमिट बढ़ाने का लालच देकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में ठगों ने दो लोगों से कुल 1.43 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी कर ली। कजलीखेड़ा और गोविंदपुरा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कजलीखेड़ा... बैंक से कॉल आने पर धोखाधड़ी का पता चला पुलिस के मुताबिक, कोलार रोड स्थित प्रियंका नगर निवासी 56 वर्षीय श्यामराज सिंह नरवरिया सर्विस प्रोवाइडर हैं। 15 जून को उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई मुंबई हेड ब्रांच का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट नहीं है। उस समय वाहन चला रहे श्यामराज ने बाद में बात करने को कहा। दूसरी बार कॉल आने पर आरोपी ने ऑनलाइन केवाईसी कराने की बात कही। संदेह होने पर श्यामराज ने उसकी आईडी मांगी, जिसे आरोपी ने वॉट्सएप पर भेज दिया। इसके बाद जैसे ही उन्होंने वॉट्सएप कॉल रिसीव की, उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसी दौरान आरोपी ने उनके एसबीआई और इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। एसबीआई क्रेडिट कार्ड से मुंबई में 74 हजार रुपए और इंडसइंड बैंक के कार्ड से 43 हजार रुपए से अधिक की खरीदारी की गई। इस तरह आरोपी ने कुल 1.18 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। कुछ देर बाद बैंक से कॉल आने पर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तत्काल दोनों कार्ड ब्लॉक कराए और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जानकारी जुटा रही है। गोविंदपुरा... बैंक का कर्मचारी बनकर बनाया शिकार वहीं, गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के बी सेक्टर अन्ना नगर निवासी 23 वर्षीय विजय अवघड़े से क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 25,623 रुपए की ठगी की गई। 1 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे वह बरखेड़ा स्थित विजय मार्केट में साप्ताहिक हाट बाजार में थे। इसी दौरान एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की बात कही। भरोसा होने पर विजय ने हामी भर दी। इसके बाद आरोपी ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर OTP मांगा। OTP साझा करते ही उसके खाते से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 25,623 रुपए निकल गए। ट्रांजेक्शन के मैसेज आने पर उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर जागरूकता अभियान का समापन सेफ क्लिक 2.0' से 7 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश मध्य प्रदेश पुलिस के 24 जून से 8 जुलाई तक चले सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का समापन बुधवार को नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में हुआ। अभियान के दौरान डिजिटल व सोशल मीडिया के माध्यम से 6 करोड़ से अधिक तथा प्रत्यक्ष रूप से 1 करोड़ से ज्यादा लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि सेफ क्लिक 1.0 के सकारात्मक परिणामों से डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि एडीजी (साइबर) ए. साईं मनोहर और उनकी टीम ने बदलते साइबर परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सेफ क्लिक 2.0' को अधिक व्यापक स्वरूप दिया। मकवाणा ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 से प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू है, जो पहले एक लाख और अब 25 हजार रुपए से अधिक की साइबर ठगी के मामलों में उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें तथा ठगी होने पर तुरंत 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
मथुरा में 42 साइबर ठग गिरफ्तार:83 आधार कार्ड, 26 सिम-20 मोबाइल बरामद, पुलिस ने सभी को जेल भेजा
मथुरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार सुबह चार थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए साइबर फ्रॉड को साइबर ठगी में संलिप्त पाया गया। जिसके बाद अलग अलग थाना क्षेत्र में पकड़े गए 42 आरोपियों को बुधवार देर शाम को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 25 शिकायतें दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 83 आधार कार्ड, 26 सिम कार्ड, 20 मोबाइल फोन तथा अन्य साइबर ठगी में प्रयोग की जाने वाली सामग्री बरामद की है। दबिश के दौरान मौके से फरार हुए अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मंगलवार को चला था 10 घंटे ऑपरेशन मंगलवार सुबह करीब पांच बजे से गोवर्धन, बरसाना, कोसीकलां और शेरगढ़ थाना क्षेत्रों के 28 चिन्हित साइबर हॉट स्पॉट पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और साइबर टीमों ने भाग लिया। एक साथ कई स्थानों पर हुई कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर अलग अलग थानों में पूछताछ की। सभी का सत्यापन कराया गया तथा उनके मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। कई घंटे चली पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान 42 लोगों के खिलाफ साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद बुधवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। अन्य संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, हालांकि पुलिस उनके रिकॉर्ड पर भी नजर बनाए हुए है। नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस एसएसपी के अनुसार बरामद किए गए 83 आधार कार्ड, 26 सिम कार्ड और 20 मोबाइल फोन का उपयोग फर्जी बैंक खाते खुलवाने, मोबाइल कनेक्शन लेने और ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने में किया जाता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर अपराध कर रहे थे और अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। इनके खिलाफ दर्ज शिकायतों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों का संबंध किन-किन राज्यों और किन अन्य साइबर गिरोहों से है। साथ ही इनके बैंक खातों, कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी गहन जांच की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। एसएसपी ने की अपील एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ संदिग्ध मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। उनकी पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और साइबर अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के झांसे में न आएं। बैंक खाते, ओटीपी, आधार या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका हो या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। यह ठग हुए गिरफ्तार पुलिस कार्यवाही में गोवर्धन थाना क्षेत्र के मढ़ौरा गांव रोड से जुबेर,साजिद, अबूबकर,असगर,अजीम और हैदर को गिरफ्तार किया। इनके पास से 9 फर्जी आधार कार्ड,11 फर्जी सिम और 6 मोबाइल फोन बरामद किए। वहीं शेरगढ़ थाना क्षेत्र के झंझावली गांव के पास से दिलशाद,रिजवान,नाजिम, शाहिद,हैदर और रिहान को गिरफ्तार किया। इनके पास से 6 मोबाइल फोन,8 आधार कार्ड और 7 फर्जी सिम बरामद की। इसके अलावा कोसी थाना क्षेत्र में कोसी शाहपुर रोड से 22 आरोपी पकड़े। साजिद खान,आजाद,तस्लीम,असुद्दीन,जाकिर,अरशद, अफजल,हसीन,तारीफ, आबरून,मुकीम, घोडू, परवेज,आरिफ, आजाद, तालीम, रफीक,जावेद, साफ़ेद,निसार और अंशब के पास से पुलिस ने 58 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। वहीं थाना बरसाना पुलिस ने मुस्तकीम,हनीफ,मौसम,अब्दुल,अजहरुद्दीन,जाहिद,आबिद और जावेद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 आधार कार्ड,8 सिम और 3 मोबाइल फोन बरामद किए।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पूर्व उपाध्यक्ष समीर सिंह सीड़ा पर कथित हमले का मामला सामने आया है। खन्ना के पास उनकी कार के आगे चल रहे बाइक सवार युवकों ने हवाई फायरिंग की। घटना के बाद उनके मोबाइल पर मैसेंजर के जरिए फिरौती की मांग करते हुए धमकी भी दी गई। समीर सिंह सीड़ा ने इस घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं जो फायरिंग कर उन्हें डराना चाहते हैं। सीड़ा ने दोहराया कि वे पंजाब के लोगों के साथ खड़े थे, खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही गौरतलब है कि कुछ दिन पहले समीर सिंह सीड़ा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद यह पहली बड़ी घटना सामने आई है। सीड़ा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और उन्हें पूरा सहयोग दिया जा रहा है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धमतरी जिले की कुरूद पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हेरोइन के अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 36 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम छाती स्थित एनएच-30 हाईस्कूल के पास दो युवक हेरोइन बेचने के उद्देश्य से पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी में मिली हेरोइन वैधानिक प्रक्रिया के तहत तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 1.1 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 हजार रुपये है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहिद खान (27), निवासी संजय नगर और केशवराम ध्रुव (26), निवासी संजय नगर, कुरूद के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कुरूद थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कटिहार पुलिस ने महिलाओं के गले से चेन छीनने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक मुखिया का बेटा मुख्य सरगना बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके पास से 9.810 ग्राम सोना, एक मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 29 जून 2026 को नगर थाना में दर्ज एक शिकायत के बाद हुई। गांधीनगर निवासी रमन कुमार चौधरी ने बताया था कि सुबह करीब 05:10 बजे उनकी पत्नी बच्ची को स्कूल वाहन में भेजने के लिए सड़क किनारे खड़ी थीं। इसी दौरान दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने उनके गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए थे। इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या-726/26 दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कटिहार के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-01 के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त आसिफ आलम को गिरफ्तार किया। आसिफ आलम हाजीपुर दलन पश्चिम के मुखिया अकबर अली का पुत्र है। आसिफ आलम से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की चेन खरीदने वाले आशा ज्वेलर्स के तीन संचालकों को भी पकड़ा। इसके बाद, सोने को गलाने वाले दो अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में आसिफ आलम (21 वर्ष, सा० सड़क टोला, हाजीपुर, थाना-मुफस्सिल), राजकुमार साह (63 वर्ष, सा० दुर्गापुर वार्ड नं-37, थाना-नगर), बिट्टू कुमार (23 वर्ष, सा० दुर्गापुर वार्ड नं-37, थाना-नगर), वासुकीनाथ दुर्ग (28 वर्ष, सा० दुर्गापुर वार्ड नं-37, थाना-नगर), अतुल जाधव (34 वर्ष, सा० वायरलेस गली, गर्ल्स स्कूल रोड, अमला टोला, थाना-नगर) और गोविंद विश्वास गोरे (31 वर्ष, सा० वायरलेस गली, गर्ल्स स्कूल रोड, अमला टोला, थाना-नगर) शामिल हैं। पुलिस द्वारा बरामद की गई वस्तुओं में चोरी की गई चेन का गलाया हुआ सोने का टुकड़ा (9.810 ग्राम), एक मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
मोहाली के खरड़ में आज 3 स्नैचरों ने एक व्यक्ति से चाकू की नोक पर मोबाइल फोन छीनकर भागने की कोशिश की। हालांकि लोगों ने घेराबंदी करके तीनों में से एक बदमाश को मौके पर ही दबोच लिया और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी। जिस व्यक्ति का फोन छीनने की कोशिश की जा रही थी, उसने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह रास्ते से जा रहा था, तभी 3 लुटेरों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने उस पर चाकू तान दिया और फोन छीनकर भागने लगे। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह हल्का जख्मी भी हो गया। लेकिन पीड़ित के शोर मचाने पर आस-पास के लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। 2 भागे, 1 को घेरकर कूटा लोगों को अपनी तरफ आता देख दो नशेड़ी तो मौके से भागने में कामयाब हो गए, लेकिन लोगों ने तीसरे को भागने नहीं दिया। गुस्से में आए लोगों ने उसे सड़क पर ही दबोच लिया और चप्पलों से उसकी जमकर क्लास लगा दी। इस हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों ने आरोपी को काबू करके पुलिस के हवाले कर दिया है।
मऊगंज जिले में हाईवे पर कट्टा अड़ाकर लूटने वाले एक शातिर आरोपी को लौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। पलिया ओवरब्रिज पर कट्टा अड़ाकर लूटा लूट की यह वारदात मंगलवार रात को हुई थी। फरियादी राजबहोर पटेल (निवासी ग्राम देवरिहन, नईगढ़ी) अपने घर से बाइक द्वारा रीवा जा रहे थे। इसी दौरान पलिया ओवरब्रिज के पास बाइक सवार तीन युवकों ने उन्हें जबरन रोका। आरोपियों ने राजबहोर के माथे पर कट्टा जैसी कोई वस्तु अड़ा दी और डरा-धमकाकर उनकी जेब से 45 हजार 560 रुपए लूटकर रफूचक्कर हो गए। पल्सर बाइक के सुराग से आरोपी तक पहुंची पुलिस पीड़ित की शिकायत पर लौर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक (MP17ZR3289) के बारे में बेहद महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। जिनके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी शिवम गुप्ता (18) निवासी रतहरा गड़रिया मोड़, थाना समान, जिला रीवा को दबोचा। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी एसडीओपी मऊगंज सचि पाठक ने बुधवार शाम को इस अंधे कत्ल और लूट के मामले का खुलासा किया। यह पूरी कार्रवाई एसपी सुरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन, शशिकांत सरेआम और सचि पाठक के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी राजेश पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने की। आरोपी शिवम गुप्ता को न्यायालय में कर जेल भेज दिया गया है। फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के छापे मार रही है।
बालाघाट पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के समापन पर बुधवार को 225 गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 34 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इन सभी मोबाइलों को केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से ट्रैक कर बरामद किया। अपने गुम हुए मोबाइल वापस पाकर धारकों के चेहरे खिल उठे। आज के समय में मोबाइल हर व्यक्ति की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। मोबाइल में मौजूद डेटा और दैनिक कार्यों के लिए इसकी उपयोगिता के कारण इसके गुम होने पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बालाघाट कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) निहित उपाध्याय ने बताया कि प्रारंभिक चरण में मुख्यालय स्तर पर गुम हुए मोबाइल धारकों को मोबाइल लौटाए जा रहे हैं। इसके बाद यह प्रक्रिया थाना स्तर पर भी दोहराई जाएगी। एएसपी उपाध्याय ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को ब्लॉक करने, ट्रेस करने और उसकी शीघ्र रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने 'सेफ-क्लिक 2.0' अभियान के तहत नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यह भी अपील की कि किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश पर क्लिक न करें। अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर या https://cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें और निकटतम पुलिस थाने में संपर्क करें।
कौशांबी पुलिस ने मोबाइल लूट का किया खुलासा:3 आरोपी गिरफ्तार, तमंचे और लूटा मोबाइल बरामद
कौशांबी की सरायअकिल पुलिस ने करीब तीन सप्ताह पहले हुई मोबाइल लूट की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटा गया की-पैड मोबाइल, दो अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 16 जून 2026 को बाबा का पूरा निवासी शिव शंकर पुत्र गणेश पासी ने सराय अकिल थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि रात करीब 9:30 बजे सब्जी बेचकर घर लौटते समय तीन युवकों ने उन्हें रोका। नींबू मांगने के बहाने उनसे मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में सराय अकिल थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बुधवार दोपहर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सराय पुलिया के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश कुमार पुत्र रामबाबू पासी, राज उर्फ अजीत पुत्र बच्चा लाल, निवासीगण मंदर देह माफी, थाना पुरामुफ्ती, प्रयागराज, तथा पिंटू कुमार पुत्र कमलेश कुमार, निवासी चंदूपुर, थाना सराय अकिल, कौशांबी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक की-पैड मोबाइल, दो देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया। बरामद दोपहिया वाहन को सीज कर दिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 15 जून की रात उन्होंने जवाहरगंज मार्ग के पास एक अन्य व्यक्ति को तमंचा दिखाकर डराया-धमकाया था और उसका मोबाइल छीन लिया था।पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने केतन अग्रवाल मर्डर केस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने सोशल मीडिया पर बढ़ते रिलेशनशिप ट्रेंड्स और युवाओं की जीवनशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि बिना किसी लक्ष्य के जुनून आत्मघाती साबित होता है। दरअसल आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की पहाड़ी से धकेल कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस जांच से बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल ने सगाई के बाद भी अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से सीक्रेट मैरिज कर ली थी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। सोशल मीडिया वाले रिश्तों पर कंगना का तंजकंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस केस से जुड़ी खबर शेयर करते हुए युवाओं को नसीहत दी है। उन्होंने लिखा कि व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स, बेंचिंग, घोस्टिंग, ड्रग्स और क्लब्स जैसी चीजें भी आजकल के युवाओं के लिए कम पड़ रही हैं। बिना किसी मकसद के जुनून का नतीजा इसी तरह की आत्मघाती घटनाओं के रूप में सामने आता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जुनून का इस्तेमाल करियर या कोई स्किल सीखने में करें। डिप्रेशन से बचने के लिए साधारण जीवन की सलाहकंगना ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि वे युवाओं से अपनी एनर्जी को सही और सकारात्मक रास्ते पर लगाने की अपील करती हैं। उन्होंने सलाह दी कि दिमाग खुला रखें लेकिन जीवन बिल्कुल साधारण और पारंपरिक तरीके से जिएं। ऐसा करने से लोग जेल जाने, अकेलेपन, नकारात्मकता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। क्या है सिया गोयल और केतन अग्रवाल मामलापुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। कागजात मांगने पर रची हत्या की साजिशपुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन के परिवार ने उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सिया से कुछ सरकारी दस्तावेज मांगे थे। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से जल्दबाजी में हत्या की साजिश रची। पुलिस उन दो कॉलेज दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने गवाह के रूप में शादी के कागजात पर साइन किए थे। इसके अलावा चेतन के बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि उसने सीक्रेट मैरिज के लिए किसी को पैसे तो नहीं दिए थे। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।
कटनी पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गुम हुए 110 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है। बुधवार SP अभिनय विश्वकर्मा ने कंट्रोल रूम में 110 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस किए। अपना मोबाइल दोबारा पाकर लोगों ने कटनी पुलिस का दिल से धन्यवाद किया। इस मौके पर वहां आए लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई। लापरवाही के कारण गिरे थे मोबाइल, पुलिस ने ऐसे ढूंढा पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर मोबाइल फोन खुद मालिकों की लापरवाही की वजह से गुम हुए थे। कोई साप्ताहिक हाट-बाजारों में मोबाइल गिरा बैठा था, तो किसी का भीड़-भाड़ वाले इलाकों में छूट गया था, या फिर सफर के दौरान जेब से फिसल गया था। इन सभी लोगों ने इसकी शिकायत कटनी साइबर सेल और भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई थी। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने साइबर सेल को तुरंत काम पर लगाया था। साइबर टीम ने तकनीकी जांच-पड़ताल की और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों की साइबर सेल और पुलिस थानों से तालमेल बिठाकर इन 110 मोबाइलों को ट्रैक करके अपने कब्जे में ले लिया। मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें ये काम एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने जनता से अपील की है कि अगर कभी भी आपका मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो बिल्कुल भी देर न करें। तुरंत भारत सरकार के असली CEIR PORTAL पर जाएं और वहां अपने मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर ब्लॉक करवा दें।
पाली के बांगड़ कॉलेज का एग्जाम का एक वीडियो मंगलवार को सामने आया था। जिसमे कुछ स्टूडेंट क्लास में एग्जाम दे रहे थे। वहीं एक स्टूडेंट टेबल के नीचे मोबाइल से नकल करते हुए दिखाई दे रहा था। इसके अगले दिन यानि बुधवार को भी इसी कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है। इसमें भी कुछ बच्चे एग्जाम दे रहे है। जिसमें एक लड़की वीडियो बनाते हुए जाती नजर आ रही है। लड़की कौन थी?, वो लड़की क्लॉस टेस्ट दे रही थी या फिर टेस्ट देने के बाद उसने वीडियो बनाया है। इस वीडियो को लेकर कॉलेज प्रशासन इसे क्लॉस टेस्ट का वीडियो बता रहे है। साथ ही जांच जारी होने की बात कह रहे है। एक दिन पहले भी नकल करते हुए वीडियो सामने आया था बता दें कि मंगलवार को एक वीडियो सामने आया था। जिसमे एक स्टूडेंट नकल करते हुए नजर आया था। साथ में ही वीडियो में एक गेस्ट फैकल्टी भी क्लास रुम से बाहर जाते नजर आई थी। जो बांगड़ कॉलेज में कार्यरत है। वीडियो सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए थे कि बांगड़ कॉलेज में परीक्षा के दौरान नकल की गई। इस मामले को लेकर कॉलेज प्रिंसिपल एमएस राजपुरोहित ने कहा- मामले की जांच करवा रहे है। जरूरत पड़ी तो मामला भी दर्ज कराएंगे। वहीं गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर दीक्षा वर्मा ने कहा- यह वीडियो क्लॉस टेस्ट का है न कि परीक्षा के दौरान का है। कॉलेज प्रशासन जांच कर रहा है। ये खबर भी पढ़ें… बांगड़-कॉलेज के वीडियो में स्टूडेंट मोबाइल से नकल करते दिखा:प्रिंसिपल बोले- ऐसी कोई परीक्षा नहीं करवाई, ये वीडियो फेक पाली के बांगड़ कॉलेज का एग्जाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। जिसमे कुछ स्टूडेंट क्लास में एग्जाम दे रहे है। वहीं एक स्टूडेंट टेबल के नीचे मोबाइल से नकल करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो मंगलवार को सामने आया है। कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्होंने बताया- ऐसी किसी तरह की परीक्षा कॉलेज में नहीं करवाई गई। न ही लेक्चरर की ड्यूटी कभी किसी परीक्षा में पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई है। उन्होंने आगे कहा- कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। पढ़े पूरी खबर…
पलवल के होडल-नूंह मार्ग पर स्थित उटावड़ गांव में दुकान से लाखों की चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी से चोरी की गई नकदी और मोबाइल फोन बरामद कर उसे जेल भेज दिया है। यह घटना उटावड़ गांव के चौक पर स्थित एक दुकान में हुई थी। दुकान के कैश काउंटर की दराज से 1 लाख 80 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चोरी हुआ था। उटावड़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि 30 जून को उटावड़ गांव निवासी इरफान ने शिकायत दर्ज कराई थी। इरफान होडल-नूंह मार्ग पर उटावड़ चौक पर बैंक ऑफ बड़ौदा का सेवा केंद्र चलाते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी दुकान के कैश काउंटर की दराज में 1.80 लाख रुपए नकद रखकर पास की दुकान में गए थे। वापस आने पर दराज टूटी मिली और नकदी गायब थी। दुकान का काउंटर तोड़कर की गई चोरी इसके अलावा, पड़ोस की समीम खान की दुकान का काउंटर भी तोड़कर रुपए और एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया था। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर भीमसीका गांव निवासी सैकुल का नाम चोरी के मामले में सामने आया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उटावड़ थाना पुलिस ने आरोपी सैकुल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश कर पूछताछ और बरामदगी के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई 1.80 लाख की नकदी और मोबाइल फोन बरामद कर लिया। रिमांड पूरा होने पर आरोपी को अदालत में दोबारा पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीहोर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सूने मकान में चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में भोपाल जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और एक मोबाइल फोन सहित करीब 1.30 लाख रुपए का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 7 मार्च 2026 को सीहोर निवासी सुरेखा ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविन्द्र यादव के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन तीन आरोपियों को किया गिरफ्तारगिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुन्ना उर्फ रोहित शिल्पकार निवासी वार्ड नंबर 13, सिलावट मोहल्ला, बैरसिया, भारत उर्फ भरत काला निवासी पलासी करोंद, जिला भोपाल और करन शाक्य निवासी वार्ड नंबर 17, शांतिकुंज, बैरसिया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। 1.30 लाख रुपए का सामान बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है। इसमें करीब 5 ग्राम का सोने का मंगलसूत्र पेंडेंट और 8 सोने के पारे, जिनकी कीमत करीब 75 हजार रुपए है। इसके अलावा करीब 100 ग्राम चांदी के आभूषण, जिनमें एक जोड़ी पायजेब, एक झूमर और चार बिछुड़ियां शामिल हैं। इनकी कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई गई है। साथ ही 30 हजार रुपए कीमत का एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.30 लाख रुपए है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही शहर में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
देवघर जिले की कुंडा थाना पुलिस ने एक लूटपाट की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से लूटा गया टोटो, मोबाइल फोन, चार ई-रिक्शा बैटरियां और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने यह जानकारी दी। एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि 29 जून को रामबालक राय ने कुंडा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 28 जून को डीएवी स्कूल के पास बाइक सवार चार अपराधियों ने उन्हें रोका, मारपीट की और उनका टोटो, मोबाइल फोन व नकद राशि लूटकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कुंडा थाना क्षेत्र के गोरियापुर निवासी सुमित कुमार मंडल और लीलाम्बर मंडल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया एक टोटो, चार ई-रिक्शा बैटरियां, एक मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि इस लूटकांड में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। इस कार्रवाई में कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अमरोहा में गजरौला थाने के पास मोबाइल दुकान में चोरी:चोर CCTV में कैद, लाखों के फोन और नकदी ले गया
अमरोहा के गजरौला कस्बे में बुधवार तड़के एक मोबाइल की दुकान में चोरी हो गई। चोर थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसा और लाखों रुपये के मोबाइल फोन व नकदी लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना बुधवार सुबह करीब चार बजे हुई। गजरौला क्षेत्र के सलेमपुर गोसाई निवासी अजीत सैनी की मोबाइल की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। दुकान मालिक अजीत सैनी ने बताया कि उन्होंने सोमवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद की थी। मंगलवार सुबह उनके भतीजे ने शटर टूटा होने की सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दुकान के अंदर सामान बिखरा मिला। चोर दुकान से दो आईफोन सहित कुल चार मोबाइल फोन और लगभग 12 हजार रुपये की नकदी ले गए। दुकान स्वामी के अनुसार, चोरी हुए मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये है। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक चोर चोरी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दुकान मालिक अजीत सैनी ने पुलिस को तहरीर देकर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है। थाने के इतनी करीब हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के करोड़ों वाहन मालिकों के हितों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल और पुरानी गाड़ियों (2023 से पहले बनी) पर इसके प्रभाव को लेकर लिखित स्पष्टीकरण और उपभोक्ता गारंटी की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में पत्र भेजे हैं। पहला पत्र उन 3 बड़ी कंपनियों को भेजा गया है जिनके प्रतिनिधियों ने हाल ही में सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था, जबकि दूसरा पत्र टाटा मोटर्स समेत अन्य 26 वाहन निर्माता कंपनियों को भेजा गया है। 3 प्रमुख कंपनियों (टोयोटा, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प) को पहला पत्र अरविंद केजरीवाल ने पहला पत्र मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को लिखा है। टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी को संबोधित पत्र में केजरीवाल ने 4 जुलाई 2026 को सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। केजरीवाल का कहना है कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि 2023 से पहले के वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग सुरक्षित है और इससे इंजन को नुकसान नहीं होगा, केवल माइलेज में मामूली कमी आएगी। लेकिन यह दावा कंपनियों के अपने ही 'ओनर्स मैनुअल' (Owner's Manual) के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साफ लिखा है कि इन गाड़ियों में केवल 10% एथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि यह कोई मामूली विसंगति नहीं है। करोड़ों उपभोक्ताओं को यह जानने का हक है कि वे गाड़ी खरीदते समय मिले आधिकारिक मैनुअल पर भरोसा करें या कंपनियों के मौजूदा बयानों पर। टाटा मोटर्स समेत 26 कंपनियों को दूसरा पत्र अरविंद केजरीवाल ने दूसरा पत्र टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा समेत बाकी 26 ऑटोमोबाइल कंपनियों को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने देश भर में प्री-2023 वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चल रहे भारी विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक स्पष्ट, सार्वजनिक और लिखित बयान जारी करने की मांग की है। ऑटो कंपनियों के सामने रखे दो कड़े सवाल अरविंद केजरीवाल ने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर सार्वजनिक तौर पर दो मुख्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने और लिखित गारंटी देने को कहा है:- माइलेज में कमी पर मुआवजा: यदि 2023 से पहले का कोई वाहन (जो E20 के अनुकूल नहीं है) E20 ईंधन का उपयोग करने के बाद 10% से अधिक माइलेज की गिरावट दर्ज करता है, तो क्या कंपनी प्रभावित मालिक को इस नुकसान का मुआवजा देगी? इंजन खराब होने पर मुआवजा: यदि E20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण गाड़ी या उसके इंजन के पार्ट्स को कोई नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां मरम्मत या पार्ट्स बदलने के खर्च का पूरा मुआवजा उपभोक्ता को देंगी?
जबलपुर में मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर स्कूली छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक गुट ने दो छात्रों पर चाकू, पत्थर और लात-घूसों से हमला कर दिया। घटना में दोनों छात्र घायल हो गए। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र के शारदा चौक की है। जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र का दो दिन पहले मोबाइल चोरी हो गया था। उसे अपने सहपाठी पर शक था। इस संबंध में उसने स्कूल के बाहर उससे पूछताछ की, लेकिन उसने मोबाइल लेने से इनकार कर दिया। हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें बुधवार को फरियादी छात्र को उसके दोस्त का फोन आया और उसे पहले रानीताल चौक बुलाया गया। वहां कुछ देर इंतजार करने के बाद दोबारा फोन कर शारदा चौक आने के लिए कहा गया। आरोप है कि जैसे ही छात्र अपने दोस्तों के साथ शारदा चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद दूसरे गुट के छात्रों ने उन पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में फरियादी छात्र के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने मारपीट के दौरान उसकी एक्टिवा पर भी पत्थरों से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी ने बीचबचाव की कोशिश नहीं की घटना के दौरान शारदा चौक पर काफी लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। सीसीटीवी कैमरों में युवक चाकू लहराते, मारपीट करते और वाहन में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। गढ़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल सभी युवक 12वीं कक्षा के छात्र हैं और उनकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर पिछले रविवार हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोला था। परीक्षा प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे सरकार को घेरते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप लगाए थे। युवाओं के भारी आक्रोश के बाद जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को पूरे प्रकरण की प्रशासनिक जांच सौंप दी है। एसडीएम अब परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रहे है। इधर, पुलिस ने संबंधित वीक्षक से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट खंगाले जा रहे हैं। खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को देने का आरोप दरअसल, 5 जुलाई को सुरक्षा के दावों के बीच जैसलमेर के 19 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इसी दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया था कि खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया था। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी। कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया कांग्रेस और युवाओं के विरोध के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन लोगों के नामों या इनकी भूमिका का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर तैनात संबंधित वीक्षक (इन्विजिलेटर) से भी पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू कर दी है। वीक्षक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया चैट को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के संदिग्ध संपर्क का पता लगाया जा सके। जल्द रिपोर्ट सौंपेंगे एसडीएम कलेक्टर से मिले निर्देशों के बाद एसडीएम अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गए हैं। प्रशासनिक जांच के तहत परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज, वहां तैनात स्टाफ के बयान और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एसडीएम इस पूरी जांच को करने के बाद एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंग। जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पढ़े पूरी खबर…
दात्तर दिखाकर मोबाइल छीनने वाले 3 लुटेरे काबू
अमृतसर| थाना छेहर्टा पुलिस ने फैक्टरी के कर्मचारी को दात्तर दिखाकर मोबाइल छीनने वाले 3 आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ लव निवासी छेहर्टा, मनप्रीत सिंह निवासी गुमानपुरा और वंश शर्मा निवासी हरगोबिंद एवेन्यू, छेहर्टा के रूप में हुई है। पीड़ित सुखचैन सिंह निवासी मोहल्ला शाशिया, खापड़खेड़ी, ने बताया कि 5 जून को रात 12:20 बजे ओसीएम फैक्ट्री से ड्यूटी खत्म कर मोटरसाइकिल पर गांव लौट रहा था। जब वह गुरुद्वारा छहर्टा साहिब के सामने पहुंचा तो एक एक्टिवा सवार 4 युवकों ने घेर लिया। आरोपियों ने दात्तर दिखाकर मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाशों ने उसका मोटरसाइकिल भी छीनने का प्रयास किया, लेकिन शोर मचाने पर भाग गए। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया है और उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा बरामद कर ली है। जांच अधिकारी एएसआई तलविंदर सिंह ने बताया कि चौथे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का प्रचार करेगी मोबाइल वैन
लुधियाना| श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब सरकार के सालभर चलने वाले कार्यक्रमों के तहत डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने एक विशेष मोबाइल डॉक्यूमेंट्री वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन लुधियाना जिले के गांवों में जाकर लोगों को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और दर्शन (फिलासफी) पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाएगी। इस अवसर पर उनके साथ एडीसी (ग्रामीण विकास) नरिंदर सिंह धालीवाल भी मौजूद थे। डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि पंजाब सरकार ने लुधियाना जिले के लिए दो विशेष रूप से डिजाइन की गईं डॉक्यूमेंट्री वैन भेजी हैं। हर वैन रोजाना दो गांवों को कवर करेगी, जिससे श्री गुरु रविदास जी का समानता, सामाजिक न्याय, भक्ति और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश सीधे लोगों तक पहुंच सके। शुरुआती चरण में ये वैन समराला और रायकोट सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गांवों का दौरा करेंगी। इन विशेष वैनों में हाई-टेक एलईडी स्क्रीन पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी।
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के फैसले पर सरकार किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के हालिया बयान के बाद भी शिक्षक संगठन इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा है कि जब शिक्षक दिनभर मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो ई-अटेंडेंस लगाने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। वहीं शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे ई-अटेंडेंस के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे न्यायसंगत और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए। साथ ही सरकार शिक्षकों के निजी मोबाइल, इंटरनेट और सिम के उपयोग पर भी स्पष्ट नीति बनाए। दो दिन पहले बैतूल प्रवास के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि ई-अटेंडेंस लागू करने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, जब शिक्षक दिनभर मोबाइल चलाते हैं तो ई-अटेंडेंस लगाने में क्या प्रॉब्लम है? मंत्री ने बताया कि जहां नेटवर्क की समस्या है, वहां सरकार समाधान के प्रयास कर रही है और ऐसे स्थानों पर पदस्थ शिक्षकों की गरिमा और व्यावहारिक कठिनाइयों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों करीब 1,000 स्थानों पर नेटवर्क संबंधी दिक्कतें सामने आई थीं, लेकिन उन जगहों पर पदस्थ किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा गया। सरकार का दावा है कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने कहा- वेतन काटना एवं दंडात्मक कार्रवाई अनुचित मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने ई-अटेंडेंस को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेशों पर गंभीर आपत्ति व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह को ज्ञापन भी सौंपा है। संघ ने मांग की है कि 1 जुलाई 2026 को जारी वह आदेश जिसमें ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर वेतन कटौती तथा संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं निलंबन की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है उसे तत्काल निरस्त किया जाए। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, प्रदेश महामंत्री राकेश गुप्ता एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोद कुमार पुनी ने कहा कि विभाग स्वयं स्वीकार कर चुका है कि प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में ई-अटेंडेंस सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है तथा अधिकांश जिलों में इसकी सफलता 94 से 95 प्रतिशत तक है। इसके बावजूद शेष तकनीकी कारणों से उत्पन्न समस्याओं के लिए शिक्षकों को दोषी ठहराकर वेतन काटना उचित नहीं है। व्यावहारिक, तकनीकी और मानवीय पक्षों की अनदेखी बताया प्रदेश अध्यक्ष ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश डीके सिंगौर ने ई अटेंडेंस को लेकर कहा है कि यदि सरकार ई-अटेंडेंस जैसी तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है, तो इसके उद्देश्य पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती लेकिन जिस स्वरूप में ई-अटेंडेंस लागू की जा रही है, उसमें अनेक व्यावहारिक, तकनीकी और मानवीय पक्षों की अनदेखी दिखाई देती है। मशीन के आधार पर अनुपस्थित मान लेना गलत केवल मशीन की उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को अनुपस्थित मान लेना तथा बिना उसका पक्ष सुने वेतन काटने जैसी कार्रवाई करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। सिंगौर का कहना है कि शिक्षक का दायित्व केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं होता। उसे अनेक प्रशासनिक एवं शासकीय कार्य भी करने पड़ते हैं। कई बार विभागीय बैठकों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण, परीक्षा संबंधी कार्य, निर्वाचन दायित्व, विद्यार्थियों के हित में सामुदायिक समन्वय तथा विद्यालय की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विद्यालय परिसर से बाहर भी जाना पड़ता है। सालिसिटर जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से परमिशन मांगी है स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर कहा है कि सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से 2005 से 2009 के बीच परीक्षा देने वाले शिक्षकों के मामले में कोर्ट से परमिशन मांगी है। इसमें कहा है कि इन शिक्षकों ने सरकार की पात्रता परीक्षा के आधार पर नौकरी पाई है। अगर कोर्ट रियायत देता है तो ठीक है अन्यथा परीक्षा तो करानी ही पड़ेगी। ये खबर भी पढ़ें… ई-अटेंडेंस लगाने की जल्दी में शिक्षक का एक्सीडेंट मध्य प्रदेश में लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था के बीच एक शिक्षक हादसे का शिकार हो गए। स्कूल समय पर पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगाने की जल्दबाजी में उनकी बाइक बारिश के कारण फिसल गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शिक्षक ने प्राचार्य को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन्हें अनुपस्थित न माना जाए, क्योंकि वे विद्यालय पहुंचने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इधर, इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं।पूरी खबर पढ़ें
छतरपुर पुलिस ने किशनगढ़ थाना क्षेत्र में मिले एक युवक के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पत्नी ने अपने साथी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पति की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवाई थी। मामले की शुरुआत 1 जुलाई को हुई, जब पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नारायणपुरा निवासी संजय मिश्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। तलाश के दौरान अमानगंज रोड पर निर्माणाधीन पुल के पास जंगल में एक शव मिला। बाद में उसकी पहचान संजय मिश्रा के रूप में हुई। घटनास्थल से उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी। पत्नी ने रची थी साजिशपरिजनों की शिकायत, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर किशनगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी ने अपने साथी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी अनीता मिश्रा, ग्राम नगदा निवासी विनोद यादव और सतीश यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकल, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित सामग्री भी बरामद की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और एसडीओपी बिजावर अजय रिठौरिया के मार्गदर्शन में किशनगढ़ थाना पुलिस और विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआ खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्टील नगर कैम्प-1 स्थित एक मकान में 52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे 10 लोगों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से 44,100 रुपए नकद, 52 पत्ती ताश और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्टील नगर कैम्प-1 में सत्य साई होटल के पास स्थित ए. सरस्वती के मकान में लंबे समय से जुआ चल रहा है। सूचना में बताया गया कि चंद्रकला उर्फ बुच्ची और कृष्णा देवी वहां लोगों को बुलाकर रुपये-पैसों का दांव लगवा रही हैं। सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान की घेराबंदी की। पुलिस ने जैसे ही अंदर रेड की, वहां 10 लोग 52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस को देखकर कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने सभी को मौके पर ही पकड़ लिया। इन्हें किया गया गिरफ्तारपकड़े गए आरोपियों में महेश कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद, आर. राजु राव, राजेश सोनी, पी. तरुण, के. प्रवीण कुमार, भुजंग राव, मोहम्मद आजाद, चंद्रकला उर्फ बुच्ची और कृष्णा देवी शामिल हैं। सभी आरोपी भिलाई के कैम्प-1 और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ से 44,100 रुपए नकद, 52 पत्ती ताश और 9 मोबाइल फोन जब्त किए। इसके बाद सभी आरोपियों को थाने लाकर उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
पाली के बांगड़ कॉलेज का एग्जाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। जिसमे कुछ स्टूडेंट क्लास में एग्जाम दे रहे है। वहीं एक स्टूडेंट टेबल के नीचे मोबाइल से नकल करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो मंगलवार को सामने आया है। कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्होंने बताया- ऐसी किसी तरह की परीक्षा कॉलेज में नहीं करवाई गई। न ही लेक्चरर की ड्यूटी कभी किसी परीक्षा में पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई है। उन्होंने आगे कहा- कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। कॉलेज को बदनाम करने के लिए किसी ने एडिट वीडियो का उपयोग किया है। जरूरत पड़ने पर मामला दर्ज करवाएंगे, ताकि सच सामने आ सके। मोबाइल से नकल करते दिखा युवक दरसअल, मंगलवार को एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक परीक्षा रूम में बैठा है। मोबाइल से नकल कर रहा है। उस वीडियो में यह भी दिख रहा है कि गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर दीक्षा वर्मा रूम से बाहर निकल रही है। वीडियो में बांगड़ कॉलेज लिखी कॉपी भी दिख रही है। दावा है कि यह वीडियो बांगड़ कॉलेज का है। लेक्चरर ने किसी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी इस मामले को लेकर बांगड़ कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा ने कहा- पिछले दो-तीन सालों से बांगड़ कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी के रूप में लगी हुई हूं। अभी तक किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी है और न ही वह अधिकृत्त है। सिर्फ क्लास में पढ़ाती हूं। वीडियो एडिट किया हुआ है। गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी एग्जाम में नहीं लगती इस मामले में बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल एमएस राजपुरोहित ने कहा- गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा की किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वे विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत है। आयुक्तालय के निर्देशानुसार किसी भी गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी परीक्षा में नहीं लगा सकते। वीडियो फेक और एडिट किया हुआ है, ताकि कॉलेज की छवि को खराब किया जा सके। विश्वविद्यालय की जो परीक्षा संचालित की जा रही है। किसी भी परीक्षा में दीक्षा वर्मा की ड्यूटी नहीं लगाई गई। वीडियो में जो कॉपी बताई जा रही है। यह रूटीन क्लास टेस्ट की पुरानी कॉपी लग रही है। जिसे किसी ने चुराकर झूठा बदनाम करने के लिए एडिट कर वीडियो बनाया है। इसकी जांच करवा रहे है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामला भी दर्ज करवाएंगे।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के पंचकूला डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर ( DRO) जोगिंद्र शर्मा को ACB ने पर्ल्स ग्रुप केस में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की जांच में सामने आया कि घोटाले में जोगिंद्र शर्मा के हिस्से 2.4 करोड़ रुपए आए है। उसने यह कैश दिल्ली, मनाली और भिवानी में छिपा रखा है। एसीबी के मुताबिक, कोर्ट से डीआरओ का 7 दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। अब उससे पूछताछ में छिपाई गई रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। यह भी पता चला है कि उसका मोबाइल आठ माह से बंद है, जो उसने राजस्थान के सालासर में अपने रिश्तेदारों के पास मोबाइल छिपाया हुआ है। टीम उसे भी बरामद करेगी। इसके अलावा टीम जोगिंद्र शर्मा के भिवानी के कुड़ल गांव के रहने वाले रिश्तेदारों नवीन और दिनेश की भूमिका जांच करेगी। साथ ही इस मामले में पूर्व में अरेस्ट किए गए तहसीलदार संजय सिंगला के आमने-सामने बैठाकर भी उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि पता लगाया जाएगा कि इसमें और कौन सरकारी कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। क्या है पर्ल्स ग्रुप केस, जिसमें हुई डीआरओ की गिरफ्तारी एसीबी के अनुसार 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री नंबर 1491 और 1492 दर्ज की गईं। इनमें सुरमुख सिंह ने कुनाल छिलाना और सौरभ के नाम कुल 17.55 एकड़ जमीन करीब 4.20 करोड़ रुपए में बेचना दिखाया गया। इसके बाद 9 जनवरी को इंतकाल दर्ज हुआ और 17 जनवरी को कानूनगो व तहसीलदार की ओर से मंजूर भी कर दिया गया। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि इससे पहले भी संबंधित जमीन को लेकर शिकायतें और पत्राचार हुए थे। SDM पंचकूला ने तहसीलदार रायपुररानी विक्रम सिंगला से स्पष्टीकरण मांगा था। इसी बीच हिसार निवासी एक शिकायतकर्ता ने भी ऐसी जमीनों की बिक्री रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर अनदेखी की। हिसार के व्यक्ति का कहना था कि पर्ल्स ग्रुप से जुड़ी इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती थी, क्योंकि इस जमीन पर लोढा कमीशन की स्टे लगाया गया था। 3 पाइंट में जानिए कैसे पकड़ में आया DRO… ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला में तहसीलदार गिरफ्तार:कोर्ट स्टे के बाद भी 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री की; हांसी के व्यक्ति ने खरीदी हरियाणा में पंचकूला जिले के रायपुर रानी तहसीलदार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गिरफ्तार किया है। तहसीलदार विक्रम सिंगला पर आरोप है कि उन्होंने 17 बीघा जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री करा दी। (पूरी खबर पढ़ें)
पंजाब के लुधियाना से ग्रेजुएशन डिग्री लेने निकली एक महिला लापता हो गई। महिला घर से इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) रिजनल सेंटर खन्ना के लिए निकली और उसके बाद गायब हो गई। पूजा के गायब होते ही उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया। पूजा के पति रमेश कुमार ने बताया कि वो 29 जून को अपनी बीए की डिग्री लेने के लिए निकली थी। शाम को घर नहीं पहुंची तो उसे फोन किया। फोन करने पर पता लगा कि उसक मोबाइल भी स्विच ऑफ है। रमेश कुमार ने बताया कि वो पहले अपने स्तर पर ढूंढता रहा जब नहीं मिली तो उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने पूजा के गुम होने के आठवें दिन एफआईआर दर्ज की है। रमेश को शक है कि उसकी पत्ली को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ के लिए छुपाकर रखा है। दो बच्चों को रोता छोड़ गई मां लापता महिला पूजा की उम्र करीब 30 साल है और उसके दो बच्चे हैं, जिनमें एक 12 साल का बेटा और एक 9 साल की बेटी है। दोनों बच्चे पिछले 9 दिनों से अपनी मां के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के पति रमेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 29 जून 2026 को पूजा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपनी बीए की डिग्री लेने के लिए रीजनल सेंटर इग्नू खन्ना जा रही है। लेकिन जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी। किसी से कोई दुश्मनी नहीं, पुलिस चक्कर लगवाती रही पीड़ित पति रमेश कुमार ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं है। पति-पत्नी के बीच भी कभी कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ था, घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। रमेश ने कहा कि मैं पत्नी की तलाश में भटक रहा हूं। मैं खुद खन्ना इग्नू सेंटर भी होकर आया, लेकिन वहां पता चला कि पूजा वहां पहुंची ही नहीं थी। जब मैं शिकायत लेकर थाने गया, तो पुलिस वाले मुझे तुरंत कार्रवाई करने के बजाय चक्कर लगवाये। आखिरकार गुमशुदगी के आठ दिन बीत जाने के बाद अब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। किसी ने अवैध हिरासत में छुपाया रमेश कुमार का कहना है कि उनके आपस में अच्छे संबंध हैं। वो अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर थी। उसने शादी के काफी समय बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की और इसी साल उसकी ग्रेजुशन कंप्लीट हुई। उसे शक है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ या गलत इरादे से उसे अपनी नाजायज हिरासत में कहीं छुपा कर रखा हुआ है। पुलिस अब खंगाल रही कॉल डिटेल, रूट का पता नहीं मामला दर्ज होने के बाद अब डाबा थाने की पुलिस हरकत में आई है। जांच अधिकारी अवतार सिंह का कहना है कि महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापता होने से पहले वह किसके संपर्क में थी। हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वारदात के दिन से ही मोबाइल पूरी तरह बंद है। अभी तक जांच एजेंसियां यह भी पता नहीं लगा पाई हैं कि लुधियाना से खन्ना के लिए निकली पूजा आखिर रास्ते में कहां तक पहुंची थी। पुलिस बस स्टैंड और मुख्य रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी खंगाल रही है ताकि महिला का कोई सुराग मिल सके।
जम्मूतवी से सहारनपुर आ रही गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला डॉक्टर का मोबाइल चोरी हो गया। घटना देर रात उस समय हुई, जब ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रही थी। पीड़िता ने सहारनपुर पहुंचकर जीआरपी थाने में तहरीर देकर अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मोबाइल बरामद कराने की मांग की है। जीआरपी को दी गई तहरीर के अनुसार, खानआलमपुरा निवासी डॉ. अतिका बानो पत्नी शाहनवाज सिद्दीकी 5 जुलाई को अपने पति मोहम्मद शाहनवाज और पुत्र मोहम्मद हारिस के साथ ट्रेन संख्या 12208 कठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस से जम्मू तवी से सहारनपुर आ रही थीं। परिवार कोच जी-8 की सीट संख्या 43 (अपर बर्थ) पर यात्रा कर रहा था। डॉ. अतिका बानो ने बताया कि 6 जुलाई की सुबह करीब 3:30 से 4:15 बजे के बीच, जब ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंची, तब वह अपनी सीट पर सो रही थीं। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पास रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। नींद खुलने पर मोबाइल गायब मिला। इसके बाद उन्होंने और उनके पति ने पूरे कोच में काफी तलाश की, लेकिन मोबाइल का कोई पता नहीं चल सका। पीड़िता के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उनके पति ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर चोरी की सूचना दर्ज कराई। सहारनपुर पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने में लिखित शिकायत देकर अज्ञात चोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि अज्ञात चोर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया जाए, ताकि उसे बरामद किया जा सके और सिम कार्ड का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग रोका जा सके। जीआरपी ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात करीब 2:30 बजे की है। होटल के अन्य कर्मचारियों ने युवक को कमरे में फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। कस्टमर बुलाते रहे, रिसेप्शन पर नहीं आया लसूडिया पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सिवनी जिले का रहने वाला था। होटल कर्मचारियों ने बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे, लेकिन सोनू बाहर नहीं आया। इसके बाद दूसरा कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा, जहां वह फंदे पर लटका मिला। सीसीटीवी में मोबाइल पर बात करते दिखा घटना के बाद होटल के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। इनमें सोनू मोबाइल पर बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। एक महीने पहले ही होटल में मिला था काम होटल प्रबंधन के अनुसार सोनू करीब एक महीने पहले काम की तलाश में होटल पहुंचा था। नियुक्ति के दौरान उसका आधार कार्ड लिया गया था, लेकिन इससे पहले वह कहां काम करता था, इसकी जानकारी होटल स्टाफ को नहीं है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मल्हारगंज में युवक की संदिग्ध मौत उधर, मल्हारगंज थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर निवासी सनोज पुत्र रामदास की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन उसे मृत अवस्था में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
भोजपुर में मोबाइल दुकान में चोरी हुई है। कृष्णगढ़ थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित सरैया बाजार में सोमवार देर रात अज्ञात चोर ने दो दुकानों में सेंध लगाकर कैश और मोबाइल ले उड़े। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर का बेखौफ अंदाज साफ दिखाई दे रहा है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वारदात थाना के बेहद नजदीक हुई है। मोबाइल और कैश ले भागे जानकारी के अनुसार सरैया-ध्रुवटोला रोड स्थित 2 मोबाइल सेंटर को चोरों ने निशाना बनाया। CCTV फुटेज के मुताबिक रात करीब 12:35 बजे एक युवक छत के रास्ते दुकान में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने बड़े आराम से दोनों दुकानों में रखे मोबाइल और नकदी पर हाथ साफ किया। फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर बिना किसी घबराहट के दुकान के भीतर घूमता रहा। मोबाइल के डिब्बों को खोलकर केवल हैंडसेट निकालता रहा और कई महंगे मोबाइल देखने के बाद उन्हें वापस भी रख देता है। मोबाइल ग्लास और अन्य एक्सेसरीज को भी उसने खंगाला। उसके हावभाव से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वह चोरी नहीं, बल्कि अपनी पसंद का सामान चुन रहा हो। 'पूरा सामान बिखरा हुआ था' लाली फोनेक्स के संचालक रवि कुमार केशरी ने बताया कि उनकी दुकान से करीब 2.50 लाख रुपए नकद और लगभग 1.50 लाख के मोबाइल फोन चोरी हो गए। वहीं, सूरज मोबाइल सेंटर के संचालक सूरज प्रसाद केशरी के अनुसार उनकी दुकान से करीब 2 लाख के कीपैड मोबाइल और 20 से 25 हजार नकद गायब है। मंगलवार सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो सामान बिखरा देख चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद आसपास के व्यवसायियों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कृष्णगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर अज्ञात चोर की पहचान शुरू कर दी है। लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि जब थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित दुकानों में इतनी आसानी से चोरी हो सकती है तो अन्य बाजारों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। व्यापारियों ने रात में नियमित गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोर की गिरफ्तारी की मांग की है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस कृष्णगढ़ पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर चोर की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के इलाकों के कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
अलवर जिले में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सदर और एनईबी थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं में बदमाश बाइक, मोबाइल, सरकारी योजना के तहत मिला टैबलेट और मकान निर्माण में उपयोग होने वाली बिजली की वायर चोरी कर ले गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली वारदात: घर से बाइक, मोबाइल और सरकारी टैबलेट चोरी सदर थाना क्षेत्र के दादर गांव निवासी वसीम खान (19) पुत्र असलूप खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 जुलाई की रात 1 से 3 बजे के बीच अज्ञात चोर उसके घर से हीरो स्प्लेंडर प्लस (आरजे-02 एचबी-6546, मॉडल-2023) चोरी कर ले गए। इसके साथ ही रेडमी A2 मोबाइल और सैमसंग गैलेक्सी टैब A9 प्लस 5G भी चोरी हो गया। पीड़ित ने बताया कि मोबाइल और टैबलेट उसकी छोटी बहन सानिया को सरकारी योजना के तहत मिले थे, इसलिए उनके खरीद बिल उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी वारदात: निर्माणाधीन मकान से वायर के पैकेट चोरी वहीं, एनईबी थाना क्षेत्र की मेडिकल कॉलोनी में मुकेश कुमार (42) पुत्र श्यामा लाल ने रिपोर्ट दी कि मन्नाका रोड स्थित उनके निर्माणाधीन मकान में 5 जुलाई की सुबह 5:30 से 6:30 बजे के बीच एक बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुसा और वायर कटिंग के साथ 10 खुले और 5 सीलबंद वायर के पैकेट चोरी कर ले गया। पुलिस आस-पास सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और मामले की जांच कर रही हैं।
करनाल में मकान से कैश-जेवर और मोबाइल चोरी:महिला ने पड़ोसी पर लगाया आरोप; एक नामजद सहित दो पर केस
करनाल शहर के सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में एक महिला के घर से सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देकर एक व्यक्ति को नामजद करते हुए एक अन्य अज्ञात आरोपी पर चोरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामपुरा के कट्टा बाग के पास सरकारी स्कूल के नजदीक रहने वाली पूजा पत्नी सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके घर से सोने की करीब 5 ग्राम की कानों की बालियां, चांदी की पाजेब, एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 20 हजार रुपए चोरी हो गए। घटना का पता तब चला, जब उसने घर में सामान चेक किया और कीमती वस्तुएं गायब मिलीं। गिन्दर सिंह पर लगाया आरोप पूजा ने अपनी शिकायत में गिन्दर सिंह नाम के व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगाया है। साथ ही उसने बताया कि उसके साथ एक अन्य अज्ञात युवक भी था, जिसने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार कल रात जो महिला ने शिकाय दी है। उसीके आधार पर थाना सेक्टर 32-33 करनाल में गिन्दर सिंह और एक अन्य अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई कर्मबीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फरीदाबाद शहर में मोबाइल स्नैचिंग की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सराय मेट्रो स्टेशन का है, जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने गृह मंत्रालय में कार्यरत एक अधिकारी के हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बिहार के गया जिले के रहने वाले संजीत कुमार वर्तमान में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में कार्यरत हैं। वह सरकारी कार्य से दिल्ली आए हुए थे। 5 जुलाई की रात वह फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी स्थित अपने दोस्त के घर जाने के लिए सराय मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़े होकर कैब बुक कर रहे थे। बाइक पर पहुंचे दो युवक इसी दौरान रात करीब 10 बजे बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और पलक झपकते ही उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटकर बदरपुर की ओर फरार हो गए। संजीत कुमार ने बताया कि घटना इतनी तेजी से हुई कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशन के बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण बदमाशों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया। बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा घटना के बाद उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी और सराय ख्वाजा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच में जुटी पुलिस सराय ख्वाजा थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
पंचकूला में रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को फर्जी एप डाउनलोड करवा कर उसके खाते से 7.46 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पंचकूला सेक्टर-20 स्थित सनसिटी परिक्रमा निवासी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि वह हरियाणा सिंचाई विभाग से वर्ष 2017 में चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने बाथरूम की सफाई के लिए गूगल पर अर्बन कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा। सर्च के दौरान उन्हें एक नंबर दिखाई दिया। इस नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को अर्बन कंपनी का कर्मचारी बताते हुए सर्विस स्लॉट बुक कराने के लिए एक एप डाउनलोड करने को कहा। उन्होंने बताए अनुसार एप डाउनलोड करने का प्रयास किया, लेकिन वह सही तरीके से नहीं चल सकी। कॉल कर डाउनलोड करवाई दूसरी एप शिकायत के अनुसार 4 जून को एक अज्ञात नंबर से वॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने फिर खुद को अर्बन कंपनी का कर्मचारी बताया और नई एप डाउनलोड करने के लिए कहा। एप डाउनलोड करते ही मोबाइल सही तरीके से काम करना बंद कर गया और एप डिलीट भी नहीं हो रही थी। इसी दौरान उनकी बेटी ने बताया कि पिछले 2-3 घंटे से उनका मोबाइल लगातार बिजी आ रहा है। कॉल फॉरवर्डिंग से खुला ठगी का राज शिकायतकर्ता ने एयरटेल कस्टमर केयर से संपर्क किया तो पता चला कि उनके मोबाइल नंबर से 7005572278 पर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की तो पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से 5,49,580 रुपए और एचडीएफसी बैंक खाते से 73 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 7,46,780 रुपए की साइबर ठगी हो गई। बैंक खाते और कार्ड तुरंत कराए ब्लॉक घटना का पता चलते ही शिकायतकर्ता ने दोनों बैंकों के कस्टमर केयर से संपर्क कर अपना क्रेडिट कार्ड और बैंक खाता ब्लॉक करा दिया। साथ ही मोबाइल फोन को रीसेट कर दिया। रीसेट होने के कारण फर्जी ऐप, भेजा गया लिंक और वॉट्सएप नंबर की जानकारी फोन से हट गई। साइबर थाना में केस दर्ज साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच ASI सतीश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, कॉल फॉरवर्डिंग, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
महिला से मोबाइल छीनने का प्रयास, हाथ नहीं लगने पर भागा
उदयपुर। शहर में स्नेचिंग की वारदातें थम नहीं रही है। सोमवार को एक महिला के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास करने का वीडियो सामने आया है। हालांकि वारदात दो दिन पुरानी है। तेज रफ्तार में होने के कारण मोबाइल बदमाश के हाथ में नहीं आया। पुलिस के अनुसार सेक्टर-8 के संजीव नगर निवासी खुशबू गत 4 जुलाई की रात को घर के पास ही टहल रही थी। रात 11:17 बजे वह मोबाइल में देख रही थी। तभी सामने से तेज रफ्तार में बाइक सवार बदमाश आया और मोबाइल पर झपट्टा मारा। लेकिन, मोबाइल उसके हाथ नहीं लगा और महिला के हाथ से नीचे गिर गया। महिला ने तुरंत मोबाइल उठाया। इतने में बदमाश वहां से भाग गया। उन्होंने घर पहुंचकर परिजनों को घटना बताई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाश की तलाश कर रही है।
बरेली पुलिस ने सोमवार को गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटाकर 466 परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में जून महीने में बरामद 466 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 93 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 तक 11.43 करोड़ रुपये कीमत के 5725 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... रिजर्व पुलिस लाइंस स्थित रविन्द्रालय में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने बरामद किए गए मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने बरेली पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ फोन दोबारा मिल जाएगा। जून में चला विशेष अभियान, 466 मोबाइल बरामद एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में सर्विलांस सेल, साइबर टीम और विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने संयुक्त अभियान चलाया। सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम और चोरी हुए मोबाइल ट्रैक कर बरामद किए गए। डेढ़ साल में 5725 मोबाइल रिकवर बरेली पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच कुल 5725 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 11.43 करोड़ रुपये है। पुलिस का कहना है कि यह उपलब्धि तकनीक और टीमवर्क के बेहतर इस्तेमाल का परिणाम है। मोबाइल रिकवरी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, इज्जतनगर, मीरगंज, सिरौली, शाही, आंवला, विशारतगंज, भमोरा, अलीगंज, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, बहेड़ी, देवरनिया, शेरगढ़, हाफिजगंज और क्योलड़िया थानों की साइबर टीमों से जुड़े पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। क्या है CEIR पोर्टल? सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) दूरसंचार विभाग (DoT) का आधिकारिक पोर्टल है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर उसके IMEI नंबर को इस पोर्टल पर ब्लॉक किया जा सकता है। इसके बाद यदि कोई उस फोन में नया सिम लगाकर इस्तेमाल करता है तो सिस्टम अलर्ट जारी करता है। इसी आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उसे बरामद करती है। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करें। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि बरेली पुलिस आम लोगों की गुम हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
सहरसा पुलिस ने शहर में हुई दो चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 30 मोबाइल फोन, सोने का सिक्का और अन्य कीमती जेवरात बरामद किए हैं। सोमवार को लाइन डीएसपी ओमप्रकाश ने सदर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। मई में दर्ज हुई थीं चोरी की दो वारदातेंडीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि पहली घटना 17 मई 2026 को सदर थाना क्षेत्र के नया बाजार लाल कोठी निवासी विमल किशोर झा के घर हुई थी। इस दौरान मोबाइल फोन और करीब 6 ग्राम सोने के जेवर चोरी हो गए थे। इस संबंध में सदर थाना कांड संख्या-530/26 दर्ज किया गया था। दूसरी घटना 20 मई 2026 को न्यू कॉलोनी वार्ड नंबर 39 निवासी मुकेश कुमार सिंह के घर हुई थी। यहां से सोने के झुमके, बाली और अन्य कीमती जेवरात चोरी हुए थे। इस मामले में कांड संख्या-549/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) एवं 305 के तहत जांच शुरू की गई थी। मानवीय साक्ष्यों के आधार पर की कार्रवाईचोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दोनों चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान भी बरामद किया गया। दो आरोपी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में सामान बरामदपुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के सराही पासवान टोला वार्ड-11 निवासी विक्कु पासवान के पुत्र विक्की कुमार और इंद्रजीत पासवान के पुत्र विक्की कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 30 मोबाइल फोन, एक सोने का मंगटीका, एक नथिया और एक सोने का सिक्का बरामद किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारीडीएसपी ने बताया कि इस कार्रवाई में सदर थानाध्यक्ष (इंस्पेक्टर) अजय कुमार पासवान, सब इंस्पेक्टर गुंजन कुमार, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार तथा महिला सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। उन्होंने कहा कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और चोरी गए शेष सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।
मऊ पुलिस ने CEIR पोर्टल से 20 मोबाइल बरामद किए:5.15 लाख रुपये के फोन वास्तविक मालिकों को सौंपे गए
मऊ की साइबर क्राइम पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से 20 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर 2 बजे की गई। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में यह सफलता प्राप्त हुई। थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक शैलेश सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के माध्यम से इन मोबाइलों को बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइलों में वीवो के 5, रेडमी के 5, सैमसंग के 5, रियलमी के 3 तथा ओप्पो के 2 मोबाइल फोन शामिल हैं। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने मऊ पुलिस की कार्यशैली की सराहना की और साइबर क्राइम थाना की टीम का आभार व्यक्त किया। मऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो वह तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर क्राइम थाना से संपर्क करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
देवास पुलिस ने 210 गुम मोबाइल मालिकों को लौटाए:साइबर ठगी के पीड़ितों को 3.06 करोड़ रुपये वापस दिलाए
देवास पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक-2.0' अभियान के तहत 210 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 36 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार लोगों को 3.06 करोड़ रुपये की राशि भी वापस दिलाई है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए। देवास पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी सहायता से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से इन मोबाइल फोनों को खोज निकाला। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद के नेतृत्व में की गई। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना की। साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी अभियान के दौरान लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ओटीपी और केवाईसी धोखाधड़ी, क्यूआर कोड स्कैम, एपीके फाइल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके भी बताए गए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर 'गोल्डन ऑवर' के भीतर राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत जरूर दर्ज कराएं। ऑपरेशन साइबर में अब तक बड़ी सफलता देवास पुलिस के 'ऑपरेशन साइबर' के तहत अब तक 875 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 760 साइबर ठगी पीड़ितों को करीब 3.06 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलाई गई है। पुलिस ने 240 लोगों को डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों का शिकार होने से भी बचाया है। वहीं, साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 2600 से अधिक फर्जी मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कराए गए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट की धमकी, फर्जी निवेश योजना, क्यूआर कोड, एपीके फाइल या अज्ञात लिंक पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। मोबाइल गुम होने या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
बेगूसराय में लाखों रुपए के स्मैक के साथ 6 शातिर गिरफ्तार हुए हैं। ये लोग स्विफ्ट कार से खेप ले जा रहे थे। एसपी मनीष ने कहा कि सूचना मिली कि कार सिहमा ढाला की ओर से बढ़ रही थी। सूचना मिलते ही मटिहानी थाना की पुलिस ने वाहन चेकिंग शुरू की। कुछ ही देर में DIU की टीम भी बैकअप के लिए वहां पहुंच गई। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने सिहमा ढाला के पास स्विफ्ट कार को रुकवाया। जब कार की तलाशी ली गई तो कार के से कुल 927 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से तस्करों के पास से 5 मोबाइल और 1300 रुपए भी बरामद किए। पुलिस ने कार सवार 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई मटिहानी थाना पुलिस और डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की संयुक्त टीम ने की है। पूछताछ के बाद रिसीवर छोटू कुमार भी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए अपराधियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने इस पूरे रैकेट का खुलासा किया। पकड़े गए तस्करों ने कबूल किया कि वे इस स्मैक की खेप को छितनौर निवासी छोटू कुमार को सौंपने जा रहे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों की निशानदेही पर छापेमारी की और मुख्य रिसीवर छोटू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि सदर-1 डीएसपी के नेतृत्व में मटिहानी थाना पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मटिहानी के रहने वाले कन्हैया कुमार, विशाल उर्फ शिवम कुमार, सुदर्शन कुमार, सिहमा के रहने वाले प्रशांत कुमार, छितरौर के रहने वाले छोटू कुमार (रिसीवर) और नरहन (समस्तीपुर) के रहने वाले कुंदन पासवान के रूप में हुई है।
गुरुग्राम में साइबर ठगों ने एक महिला को डिजिटल ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने महिला के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजकर उसका पूरा फोन हैक कर लिया और पलक झपकते ही बैंक खाते से 4 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। गांव बांस कुसला की निवासी पूनम ने बताया कि 10 जून को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से एक मैसेज प्राप्त हुआ था। मैसेज में एक लिंक दिया गया था। पूनम ने जैसे ही उस अनजान लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया। फोन स्क्रीन पर अजीब हरकतें देखकर वह घबरा गईं और हड़बड़ाहट में उन्होंने तुरंत अपना फोन बंद कर दिया। चंद मिनटों में खाते से उड़े 4.50 लाख रुपये फोन बंद करने के बावजूद साइबर अपराधियों ने बैकएंड से उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी। पीड़ित महिला का साउथ इंडियन बैंक के खाते से कुछ ही देर में उनके नंबर पर ताबड़तोड़ पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पहले ₹3,00,000 और फिर ₹50,000-₹50,000 की तीन अन्य ट्रांजैक्शन करके कुल 4 लाख 50 हजार रुपये उड़ा लिए। बजाज फाइनेंस से लिया था लोन पीड़िता पूनम ने बताया कि उनके खाते में मौजूद यह रकम उनकी गाढ़ी कमाई या बचत की नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बजाज फाइनेंस से लोन लिया था। लोन की यह भारी-भरकम राशि अभी कुछ समय पहले ही उनके बैंक खाते में आई थी, जिसे अपराधियों ने लोन पास होने के तुरंत बाद अपना निशाना बना लिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और आर्थिक मानसिक तनाव में है। बैंक कर्मियों की सलाह पर फोन किया फॉर्मेट, मिट गए सबूत खाते से इतनी बड़ी रकम कटने के बाद पूनम तुरंत अपने पति उत्तम सिंह के साथ साउथ इंडियन बैंक की शाखा में पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए और आगे की हैकिंग को रोकने के लिए महिला के मोबाइल फोन को तुरंत 'फॉर्मेट' (रिसेट) करवा दिया। फोन फॉर्मेट होने की वजह से वह अज्ञात नंबर और व्हाट्सएप चैट पूरी तरह डिलीट हो गए, जिससे ठगी करने वाले अपराधी का नंबर और पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिट गए। साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत दर्ज बैंक से निकलने के बाद पीड़िता ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया। उन्होंने 10 जून को ही अपनी ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई, जिसका शिकायत नंबर भी मिला है। पुलिस जांच कर रही अब पीड़िता ने अपने बैंक स्टेटमेंट के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और बैंक से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का विवरण मांगा है।
पटना के दनियावां थाना क्षेत्र अंतर्गत दनियावां बाजार में रविवार देर रात शातिर चोरों ने गैस कटर से दुकान का शटर और लोहे की ग्रिल काटकर बड़े मोबाइल शोरूम और गोदाम में चोरी की। चोरों ने वहां से करीब 3 लाख 20 हजार रुपये नकद सहित आईफोन, वीवो के कीमती मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसे करीब 40 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, वारदात दनियावां बाजार में एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गैलेक्सी टावर में संचालित 'नेहा मोबाइल कॉर्नर' में हुई। दुकान के प्रोपराइटर सुरेंद्र कुमार ने बताया, वे रोज की तरह सोमवार रात 11 बजे दुकान बंद कर घर गए थे। रात करीब 1 बजे के बाद पहुंचे 4 से 5 चोरों ने पूरी तैयारी के साथ गैस कटर से शटर और ग्रिल को काटा। देखें मौके की तस्वीर… एचपी लैपटॉप, टीवी सहित कई सामान गायब सुबह किसी परिचित की सूचना पर जब पीड़ित मौके पर पहुंचे, तो दुकान का शटर कटा देख उनके होश उड़ गए। तुरंत डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दुकान खोली गई। अंदर तिजोरी से नकदी गायब थी और शोरूम व गोदाम में रखे महंगे फोन, 10 पीस एचपी लैपटॉप, टीवी और बैटरियां गायब थीं। फतुहा के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर माया कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए पटना से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फतुहा एसडीपीओ संजीव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूत्रों से पता चला है कि चोरों की संख्या 4 से 5 थी। पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया जाएगा।
बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले 2621 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करना चालक और दूसरे लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 21(25) के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर पहली बार 300 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। यदि वही चालक दोबारा पकड़ा जाता है तो उस पर 900 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। एडिशनल एसपी (ट्रैफिक) रामगोपाल करियारे ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। खास तौर पर वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उद्देश्य हादसे रोकना, राजस्व बढ़ाना नहीं रामगोपाल करियारे ने कहा कि इस अभियान का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। उन्होंने बताया कि वसूली गई जुर्माने की राशि भारत सरकार के खाते में जमा होती है। युवाओं में ज्यादा दिख रही लापरवाही ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने की आदत युवाओं में अधिक देखने को मिल रही है। इसके चलते न केवल उनकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि अन्य वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए सभी आईटीएमएस कैमरों से ऐसे चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इमरजेंसी वाहनों को भी होती है परेशानी मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने से सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित होता है। इससे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, गैस, पेट्रोल-डीजल सप्लाई और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। ईयरबड और ईयरफोन लगाकर बात करना भी गलत ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वाहन चलाते समय ईयरबड, ईयरफोन या सीधे मोबाइल पर बात करना भी नियमों का उल्लंघन है। ऐसे लोगों को चौराहों पर लगे पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एक साल में 63 हजार नए वाहन हुए पंजीकृत परिवहन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में करीब 63 हजार नए वाहन पंजीकृत हुए हैं। लगातार बढ़ते वाहनों को देखते हुए सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का पालन पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
फतेहाबाद की सिटी थाना पुलिस ने राहगीर को ईंटों से मारने की धमकी देकर नकदी, मोबाइल और स्कूटी की चाबी लूटने की वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत एक नाबालिग को काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान गांव बरसीन निवासी बंटी उर्फ सुखा के रूप में हुई है, जबकि उसका एक नाबालिग साथी भी वारदात में शामिल था। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। धांगड़ से आते समय की वारदात थाना प्रभारी सुरेंद्रा के अनुसार, शिकायतकर्ता भरत नागपाल ने शिकायत दी थी कि वह 30 जून की रात गांव धांगड़ से एक्टिवा स्कूटी पर फतेहाबाद लौट रहा था। भूना पुल से करीब एक किलोमीटर पहले सर्विस रोड पर बाइक सवार दो युवकों ने उसकी स्कूटी रुकवा ली। दोनों ने हाथों में ईंटें लेकर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसकी जेब से 2500 रुपए नकदी, मोबाइल फोन तथा स्कूटी की चाबी लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर सिटी थाना में 4 जुलाई को संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांची एसएचओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि वे पहले किसी अन्य आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अलवर शहर के यशवंत सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि बोधन कॉलोनी निवासी एक आर्मी अफसर के पिता ने उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट की और जबरन उनका मोबाइल व लैपटॉप छीन लिया। अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला को समझाइश कर टंकी से नीचे उतारा। पीड़ित पक्ष का आरोप: 2 घंटे बंधक बनाया टंकी से नीचे उतरने के बाद रोते हुए मिथलेश ने अपनी आपबीती सुनाई। महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया। आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया। शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया। वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि 'CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा'। उन्होंने मेरा आईफोन, लैपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया। इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया। जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं। पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया। डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा। आरोपी पक्ष का दावा: डेढ़ लाख के हिसाब का वीडियो हमारे पास दूसरी ओर, आरोपी पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट। फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे। इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की और फिर फोन बंद कर दिया।”दीपक के फोन बंद करने के कारण हमें गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ। प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है। तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह 'डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा।' ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है।
दिल्ली से नवादा आ रहे एक युवक को महाबोधि एक्सप्रेस में नशाखुरानी का शिकार बनाया गया। युवक को ट्रेन में अचेत और बिना कपड़ों के पाया गया, जिसके बाद उसे नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक की पहचान निवास कुमार के रूप में हुई है। निवास कुमार अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से नवादा आ रहे थे। उनकी पत्नी ने बताया कि मुगलसराय पहुंचने से लगभग 15 मिनट पहले उनकी आखिरी बार पति से फोन पर बात हुई थी। पति ने कहा था कि वह मुगलसराय पहुंचने वाले हैं और फिर फोन करेंगे। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की इसके बाद निवास कुमार का फोन बंद हो गया। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब ट्रेन गया से आगे निकल गई और पत्नी ने ऑनलाइन ट्रेन की स्थिति देखी, तो उनकी चिंता और बढ़ गई। ट्रेन जब लखीसराय पहुंची, तो पत्नी को एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि उनके पति ट्रेन में बिना कपड़ों के अचेत अवस्था में मिले हैं। इसके बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से निवास कुमार को नवादा लाया गया। सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं पत्नी के अनुसार, नशाखुरानी का शिकार होने के कारण निवास कुमार के पास मौजूद सारा सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं। अज्ञात लुटेरे घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। फिलहाल, निवास कुमार खतरे से बाहर हैं और सदर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। रेलवे पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। रेलवे में इस तरह की नशाखुरानी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस को मोबाइल चैट से अहम सुराग मिले हैं। जेल में तीन आरोपियों से पांच घंटे पूछताछ हुई। टिन्नू यादव की भूमिका की जांच तेज, डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी।
यूपी सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनीक आईडी तैयार कर रही है। जिसे ‘फार्मर आईडी’ या ‘किसान रजिस्ट्री’ का नाम दिया गया है। आईडी में किसानों की जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड रहेगी। ये आईडी खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और कर्ज माफी जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद किसानों तक योजनाओं का फायदा पहुंचेगा। फर्जीवाड़ा थमेगा। रिपोर्ट पढ़िए… फार्मर आईडी में खेत का पूरा डेटा फार्मर आईडी एक डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान का नाम, खतौनी का डेटा और खेत में बोई गई फसल की जानकारी डिजिटली दर्ज होगी। फार्मर आईडी बनने के बाद जब किसान खाद लेने जाएगा, तो फार्मर आईडी स्कैन की जाएगी। इससे सिस्टम को पता चल जाएगा कि किसान के पास कितनी जमीन है। इसे असल में कितने बोरे खाद की जरूरत है। इससे हकदार किसान को सही मात्रा में खाद मिल सकेगी। अक्सर देखा जाता है कि खाद की किल्लत होने पर कालाबाजारी शुरू हो जाती है। कुछ लोग यूरिया या डीएपी का स्टॉक जमा कर लेते हैं। ऐसे में फार्मर आईडी से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश के करीब 75% किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। यानी 2.4 करोड़ किसानों में से 1.8 करोड़ से ज्यादा की डिजिटल रजिस्ट्री का काम पूरा हो गया है। बाकी किसानों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद कृषि विभाग खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री से जुड़ी योजनाओं में किसान आईडी को अनिवार्य करेगा। योजनाओं के लाभार्थियों का सिलेक्शन भी किसान आईडी डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा। भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त भी सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी फार्मर आईडी बनी होगी। बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और गन्ना विकास विभाग की योजनाओं में भी किसान आईडी को जरूरी बनाने का फैसला किया गया है। केंद्रों पर बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा अभी किसानों को धान-गेहूं जैसी फसलें सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए हर सीजन नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। फार्मर आईडी बनने के बाद ये झंझट खत्म हो जाएगी। आईडी डालते ही किसान और उसकी जमीन की जानकारी सामने आ जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के लिए जमीन के कागज और वेरिफिकेशन में काफी समय लगता है। फार्मर आईडी से ये प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी, जिससे जल्दी लोन मिलने में मदद मिलेगी। मदद या शिकायत के लिए यहां संपर्क करें अगर खतौनी में नाम, खसरा नंबर या भूमि रिकॉर्ड में गलती है तो फार्मर आईडी बनने में परेशानी आ सकती है। इसलिए पहले राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराना होगा। पीएम किसान समेत किसी कृषि योजना से जुड़ी शिकायत दर्ज करानी है, तो किसान सरकारी हेल्पलाइन 0522-2317003 या टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। शिकायत के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी संपर्क किया जा सकता है। फार्मर आईडी से जुड़े 5 जरूरी सवाल सवाल 1. क्या इस आईडी के लिए कोई फीस लगेगी?जवाब. नहीं। जनसेवा केंद्र पर फॉर्म को भरने, कंप्यूटर पर अपलोड करने और e-KYC के लिए ₹20 से ₹50 तक चार्ज कर सकते हैं। सवाल 2. बटाईदारों (पट्टेदारों) के लिए क्या नियम हैं? जवाब. बटाईदार किसानों की फार्मर आईडी जमीन मालिक की सहमति के बाद बन सकती है। दोनों का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद बटाईदार किसान भी MSP पर फसल बेच सकेंगे। खाद-बीज की सब्सिडी, फसल बीमा और मुआवजे का लाभ भी सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा। सवाल 3. क्या बटाईदार इसका गलत फायदा उठा सकता है? जवाब. किसान रजिस्ट्री से जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलता। बटाईदार को केवल एक फसल सीजन के लिए ही सहमति मिलती है। जमीन मालिक चाहे तो कभी भी अपनी मंजूरी वापस ले सकता है। सवाल 4. जॉइंट अकाउंट के मामले में आईडी कैसे बनेगी? जवाब. संयुक्त खतौनी होने पर भी परिवार के हर खातेदार की अलग फार्मर आईडी बनेगी। आईडी आधार और ई-केवाईसी से जुड़ेगी। अगर खतौनी में हिस्सेदारी दर्ज है तो उसी अनुपात में खाद, बीज और अन्य लाभ मिलेंगे। हिस्सा दर्ज न होने पर डिजिटल फसल सर्वे और वास्तविक खेती के आधार पर लाभ तय होगा। सवाल 5. क्या फार्मर आईडी का डेटा साइबर ठगी में इस्तेमाल हो सकता है? जवाब. सरकार ने डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन, सहमति आधारित व्यवस्था और सुरक्षित सरकारी सर्वर की व्यवस्था की है। किसानों को सलाह दी गई है कि सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या ऐप का उपयोग करें। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें - योगी के 'जनता दर्शन' में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए 'जनता दर्शन' लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर
साइकिल सवार गिड़गिड़ाता रहा, पैदल जा रहे युवक से कैश और मोबाइल फोन छीन बाइक सवार फरार
वार्ड नंबर 1 स्थित अमन नगर इलाके में बाइक सवार दो बेखौफ बदमाशों ने सरेआम आतंक मचाया। बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर दो अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बना डाला और हथियार के बल पर लूट की वारदातों को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज वारदात का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की यह करतूत साफ नजर आ रही है। सरेआम ढाई मिनट में हुई दो लूट की वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में बदमाशों के चेहरे और बाइक का हुलिया नजर आ रहा है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना|ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि जब युवती ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने बीच सड़क पर खंजर निकालकर उसे जान से मारने की धमकी दी। हथियार देखकर युवती सहम गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार, मिड्ढा चौक के नजदीक की रहने वाली उर्मिला ईएसआई अस्पताल में बतौर स्टाफ कार्यरत हैं। शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड पर उतरीं और वहां से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। अस्पताल के रास्ते में वह अपने मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो शातिर युवकों ने उर्मिला के हाथ पर झपट्टा मारा और मोबाइल फोन छीनकर तेज रफ्तार में भागने लगे। अचानक हुई इस वारदात के बाद उर्मिला घबराई नहीं, बल्कि उन्होंने हौसला दिखाते हुए शोर मचाया और बदमाशों के पीछे दौड़ लगा दी। खुद को घिरता देख बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने जेब से एक तेजधार खंजर निकाल लिया और युवती की तरफ लहराते हुए उसे रुकने की धमकी दी। दिनदहाड़े सड़क पर घातक हथियार देखकर युवती पीछे हट गई, जिसके बाद आरोपी कोचर मार्केट की तरफ भागने में कामयाब रहे। वारदात के तुरंत बाद पीडि़ता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया। बलविंदर सिंह चौकी इंचार्ज, कोचर मार्केट ने बताया की प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की मूवमेंट कैमरों में साफ नजर आ रही है। फुटेज के आधार पर बाइक के नंबर और आरोपियों के हुलिए की पहचान की जा रही है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं, जल्द ही दोनों स्नैचर्स को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। साइकिल सवार को लूटने के बाद बदमाश वहां से रफूचक्कर होने ही वाले थे कि तभी सड़क पर पैदल आ रहे एक अन्य युवक पर उनकी नजर पड़ गई। बदमाशों ने तुरंत बाइक घुमाई और उसे बीच रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर कहा जो कुछ भी है, चुपचाप निकाल दे। बदमाशों ने डरा-धमका कर उस युवक से 5,000 रुपए की नकदी, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज/कार्ड्स लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पैदल आ रहे इस दूसरे पीड़ित की पहचान बंटू के रूप में हुई है। बंटू पेशे से एक होजरी सुपरवाइजर है, जो हाल ही में कामकाज के सिलसिले में गुरुग्राम शिफ्ट हुआ था। वह लुधियाना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरा था और पैदल ही अपने घर की तरफ जा रहा था। वह लुधियाना अपने परिवार से मिलने और उन्हें अपने साथ गुड़गांव ले जाने के लिए आया था, लेकिन घर पहुंचने से ठीक पहले अमन नगर की गली में लुटेरों का शिकार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार दो लुटेरे अचानक आते हैं और सड़क से गुजर रहे एक साइकिल सवार के आगे अपनी बाइक अड़ाकर उसे रोक लेते हैं। बाइक से उतरते ही एक बदमाश पीड़ित पर घातक हथियार तान देता है। डरा-धमका कर बदमाश उसके पैसे छीनने लगते हैं। पीड़ित साइकिल सवार बदमाशों के आगे हाथ जोड़कर खुद को छोड़ने और रहम करने की मिन्नतें करता नजर आ रहा है, लेकिन लुटेरों का दिल नहीं पसीजा। लूटपाट करने के बाद जब बदमाश भागने लगे, तो पीड़ित ने हिम्मत दिखाकर उनके पीछे जाकर अपना मोबाइल वापस करने की गुहार भी लगाई, लेकिन आरोपी उसे धक्का देकर आगे बढ़ गए। फुटेज में दिखे बाइक सवार। फुटेज में दिखे बाइक सवार।
राजस्थान: अलवर में दिनदहाड़े मोबाइल शोरूम संचालक पर जानलेवा हमला, रंगदारी मांगने का आरोप
राजस्थान के अलवर शहर के अखेपुरा थाना क्षेत्र स्थित ज्योतिराव फुले सर्किल के पास प्लेटिनम टावर में रविवार दोपहर करीब 2 बजे एक मोबाइल शोरूम संचालक पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया
मंडला में शातिर चोर गिरफ्तार:पूछताछ के बाद 9 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद
मंडला जिले की मनेरी चौकी पुलिस ने रविवार को मोबाइल और बाइक चोरी की कई वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2.70 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले लगभग 15 दिनों से मनेरी क्षेत्र में लगातार मोबाइल चोरी की घटनाएं हो रही थीं। इसी बीच 3 जुलाई को ग्राम मेडी निवासी संजय उर्फ भूरा बर्मन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात में अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुसकर उसकी बाइक (क्रमांक MP20NQ7928) चोरी कर ले गया। जबलपुर का रहना वाला है आरोपी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर शिवम मरावी (19 वर्ष), पिता प्रताप मरावी, निवासी ग्राम खुख्न, थाना कुंडम, जिला जबलपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। उसने यह भी कबूल किया कि पिछले 15 दिनों में मनेरी क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं को भी उसी ने अंजाम दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें कुछ मोबाइल थाना बरेला, जिला जबलपुर क्षेत्र से चोरी हुए भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से थाना बरेला में तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुई संपत्ति संबंधी चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनेरी उप निरीक्षक शशांक शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक साधु सिंह, प्रधान आरक्षक बलिराम, अरविंद, आरक्षक आनंद कोरी एवं मुकेश शांडिल्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 790 ग्राम गांजा, 550 रुपए कैश और एक मोबाइल जब्त किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक रविवार 5 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुर्सीपार के केनाल रोड स्थित जीरो पॉइंट गार्डन सेट के नीचे एक युवक अवैध रूप से गांजा बेच रहा है। सूचना मिलते ही थाना खुर्सीपार की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद संदिग्ध युवक भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नीरज सिंह (26) निवासी दुर्गा मंदिर के पास, वार्ड क्रमांक 46, जोन-03, खुर्सीपार, भिलाई बताया। तलाशी के दौरान मिला गांजा इसके बाद पुलिस ने नियमों के अनुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से बिक्री के लिए रखा गया 1 किलो 790 ग्राम गांजा बरामद हुआ। साथ ही गांजा बिक्री से मिले 550 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 89 हजार 500 रुपए है। वहीं मोबाइल की कीमत करीब 20 हजार रुपए आंकी गई है। कैश और मोबाइल सहित कुल जब्ती की कीमत 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। लंबे समय से गांजा के व्यापार में लिप्त था आरोपी इस मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड मिलने पर जेल भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध तरीके से गांजा बेचकर मुनाफा कमाने का काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके पास गांजा कहां से आया और वह इसे किन लोगों तक पहुंचा रहा था। मामले की आगे जांच जारी है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ से है। यहां सेना के ट्रक और प्राइवेट एम्बुलेंस की भिड़ंत में मां और बेटे-बेटी की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. कोटा-उदयपुर समेत कई जिलों में बारिशराजस्थान में सक्रिय मानसून से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। रविवार को उदयपुर, अलवर, कोटा, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और बारां में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 5 दिन मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ें 2. सेना की गाड़ी-एम्बुलेंस की भिड़ंत, मां और बेटा-बेटी की मौतश्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में सेना के ट्रक से भिड़ंत में प्राइवेट एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कैंसर पीड़ित महिला, उसके बेटे और बेटी की मौत हो गई, जबकि एक बेटा और एम्बुलेंस ड्राइवर घायल हो गए। परिवार जयपुर से घर लौट रहा था। पूरी खबर पढ़ें 3. किसान के खेत में निकलने लगा क्रूड ऑयलबाड़मेर जिले के बोथिया गांव के एक खेत में रविवार सुबह 6 बजे क्रूड ऑयल का रिसाव होने लगा। क्रूड ऑयल 2 खेतों में 500 मीटर के दायरे में फैल गया। एहतियात के तौर पर इलाके से गुजर रही पाइपलाइन में सप्लाई बंद कर दी गई। केयर्न वेदांता कंपनी के इंजीनियर लीकेज पॉइंट ढूंढने में लगे हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर टूटा, करंट से महिला की मौतकोटा के अनंतपुरा इलाके में 33 KV की हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर धमाके के साथ टूट गया। इससे आसपास के घरों और जमीन पर करंट फैल गया। करंट से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 3 बच्चों समेत 9 लोग झुलस गए और तड़पने लगे। 2 गायों की भी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 5. मोबाइल शोरूम के मालिक के चाकू घोंपा अलवर के अखेपुरा थाना क्षेत्र में पुराने विवाद में मोबाइल शोरूम के मालिक के चाकू घोंप दिया। शोरूम पर आए 3 युवकों ने पुराने मामले में समझौते के लिए 15 लाख रुपए मांगे। शोरूम मालिक ने मना किया तो एक युवक ने पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार को 100 मीटर घसीटाझुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी इलाके में तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार बिजली विभाग के कर्मचारी को पीछे से टक्कर मार दी और करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए गया। बिजली कर्मचारी ड्यूटी पर जा रहे थे। हादसे में उनके सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पूरी खबर पढ़ें 7. दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी छात्रा ने सुसाइड कियाजयपुर में दोस्त की मौत से दुखी छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसके दोस्त की 3 जुलाई को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। शनिवार शाम को वह दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी थी। उसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें 8. नाबालिग का किडनैप कर 1 लाख फिरौती मांगी टोंक जिले में एक नाबालिग का किडनैप कर परिजनों से 1 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। फिरौती नहीं देने पर बच्चे की हत्या करने की धमकी दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर 3 नामजद सहित 7-8 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. करंट से दोनों हाथ गंवाए, मुंह से लिखी LDC परीक्षाLDC ग्रेड सेकंड भर्ती परीक्षा के दौरान बांसवाड़ा में दोनों हाथों से दिव्यांग कैंडिडेट चिराग जैन परीक्षा देने पहुंचे। एक हादसे में उनके दोनों हाथ काटने पड़े थे। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और मुंह में पेन पकड़कर पूरा पेपर लिखा। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाएंगेराजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए सोमवार से फॉर्म भरना शुरू हो जाएंगे। बिना लेटफीस एक महीने का समय दिया गया है।
दरभंगा में 10 दिन से लापता नाबालिग:हैदराबाद में भाई ने ट्रेन में बैठाया था, फिर मोबाइल हुआ स्विच ऑफ
दरभंगा में 16 साल का नाबालिग सुभाष चौपाल 10 दिन से लापता है। परिजन का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। मामले को रेलवे क्षेत्र का बताते हुए उन्हें जीआरपी के पास भेजा दिया। परिजन का कहना है कि दरभंगा जीआरपी के आधार कार्ड, फोटो और लिखित आवेदन देने के बाद भी अब तक सुराग नहीं मिला। सुभाष के पिता राम प्रसाद हैं। परिजन के अनुसार सुभाष पहले भी रिश्तेदार के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाता रहा है। इस बार उसका बड़ा भाई सरोज चौपाल उसे 25 जून को हैदराबाद से दरभंगा आने वाली ट्रेन में बैठाकर अपने कार्यस्थल लौट गया था। सरोज चौपाल ने बताया कि 26 जून की रात करीब 10 बजे तक उसकी सुभाष से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उस दौरान उसने किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं दी। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आने लगा। रिश्तेदारों-परिचितों के यहां काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। मामला सकतपुर थाना क्षेत्र के नदियामी टोला गांव का है। मां बोलीं- बेटे के बिना घर में चूल्हा तक नहीं जल रहासुभाष की मां पूनिया देवी ने बताया कि बेटा घर लौटने के लिए निकला था, लेकिन 26 जून की रात के बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सकतपुर थाना जाने पर पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और दरभंगा जीआरपी भेज दिया। जीआरपी में आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई सूचना या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बेटे के लापता होने के बाद से घर में खाना तक नहीं बन रहा है। चाची ने जनप्रतिनिधियों से भी लगाई गुहारसुभाष की चाची गीता देवी ने बताया कि शुरुआती 2 दिनों तक बातचीत हुई, लेकिन तीसरे दिन से मोबाइल बंद हो गया। उन्होंने कहा कि सकतपुर थाना और बाद में जीआरपी में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर किशोर को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र स्थित चिरायु हॉस्पिटल में एक 24 वर्षीय युवती का मोबाइल फोन चोरी हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना अस्पताल के ICU वार्ड के बाहर हुई, जहां युवती अपने रिश्तेदार की देखभाल के लिए अटेंडर के तौर पर रुकी हुई थी। चोरी की पूरी वारदात अस्पताल के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति युवती की जेब से मोबाइल निकालते हुए दिखाई दे रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस मदद नहीं की, जबकि पुलिस ने भी शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद उन्हें कंप्लेन नंबर उपलब्ध कराया। फिलहाल मोबाइल बंद है और युवती अपने फोन की तलाश में परेशान है। चिरायु हॉस्पिटल में ICU के बाहर हुई वारदात जानकारी के अनुसार, वैशाली ठाकुर नाम की युवती अपने एक रिश्तेदार के साथ चिरायु हॉस्पिटल में रुकी हुई थी। उनके रिश्तेदार अस्पताल के ICU में भर्ती हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। घटना 3 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। वैशाली ICU के तीसरे फ्लोर के बाहर अटेंडर के रूप में मौजूद थीं। देर रात तक जागने के कारण वही पास के बिस्तर पर सो गई थीं। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति वहां पहुंचा और मौका देखकर उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। इसके बाद आरोपी धीरे-धीरे वहां से निकल गया। मोबाइल लौटाने के बदले आरोपी ने मांगे 5 हजार रुपए पीड़िता वैशाली ठाकुर ने बताया कि मोबाइल चोरी होने के बाद उन्होंने अपने नंबर पर कई बार कॉल किया। शुरुआत में फोन बजता रहा, लेकिन बाद में आरोपी ने फोन उठाया और मोबाइल वापस करने के बदले 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की मांग की। वैशाली के अनुसार, आरोपी ने कहा कि यदि वह ऑनलाइन पैसे भेज देंगी, तो उनका मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। इस दौरान आरोपी ने युवती से कई बार फोन का पासवर्ड भी पूछा। हालांकि, कुछ समय बाद मोबाइल फोन बंद हो गया। पीड़िता का कहना है कि उनका मोबाइल लगभग 20 हजार रुपए का था और उसमें कई जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी भी मौजूद थी। वैशाली ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 3 जुलाई को खजूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें 5 जुलाई को शिकायत का नंबर उपलब्ध कराया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पीड़िता अपने मोबाइल की बरामदगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
ग्वालियर में बेखौफ घूम रहे एक एक्टिवा सवार बदमाश ने पिछले 24 घंटों में मोबाइल लूट की तीन वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। उसने कोतवाली, जनकगंज और बहोड़ापुर थाना क्षेत्रों को निशाना बनाया। बदमाश इतना बेखौफ था कि पुलिस लाइन के सामने ऑनलाइन पेमेंट कर रहे एक ऑटो चालक का भी मोबाइल छीनकर फरार हो गया। हालांकि, आखिरी वारदात के कुछ घंटे बाद ही जनकगंज थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। यह रहीं तीन वारदात केस-1: पुलिस लाइन के सामने सीएनजी पंप पर मोबाइल लूटा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित डीआरपी लाइन (पुलिस लाइन) के सामने सीएनजी पंप पर 3 जुलाई की सुबह 17 वर्षीय मयंक वर्मा अपने पिता के साथ ऑटो में सीएनजी भरवाने के बाद ऑनलाइन भुगतान कर रहा था। तभी एक्टिवा सवार बदमाश ने उसके पिता के हाथ से मोबाइल झपट लिया और तेज रफ्तार से फरार हो गया। मयंक और उसके पिता ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाने में दर्ज कराई गई। केस-2: कॉलेज छात्रा से झपटा मोबाइल जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित शिवहरे धर्मशाला (नई सड़क) के पास 4 जुलाई की सुबह करीब 8:15 बजे कृतिका राठौर नामक छात्रा कॉलेज जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी नीले रंग की एक्टिवा पर आए बदमाश ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। छात्रा के कुछ समझने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। शोर मचाने के बावजूद उसे पकड़ा नहीं जा सका। घटना की शिकायत जनकगंज थाने में दर्ज कराई गई। केस-3: स्वीट्स शॉप के बाहर युवक से मोबाइल छीना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एलएमबी स्वीट्स शॉप के सामने 4 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे मोहना निवासी फैजल खान दुकान से बाहर निकले ही थे कि एक्टिवा सवार बदमाश ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। फैजल ने उसका पीछा किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। ऐसे बिछाया जाल, फिर पकड़ा गया आरोपी जनकगंज में छात्रा से मोबाइल लूट की घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई थी और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसने कोतवाली क्षेत्र में तीसरी वारदात कर दी। इसके बाद जनकगंज और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से लूटे गए मोबाइल बरामद हुए। आरोपी की पहचान रोहित माहौर, निवासी निंबाजी की खो, के रूप में हुई है। जनकगंज टीआई अतुल सोलंकी ने बताया- मोबाइल छीनकर भाग रहे बदमाश को पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया है। शुरुआती पूछताछ में उससे तीन वारदातों का खुलासा हुआ है। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जिससे कुछ और मामलों के खुलने की उम्मीद है।
बिलासपुर के तोरवा थाना पुलिस ने देर रात सट्टे के एक बड़े अड्डे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,690 रुपए नकद, 10 मोबाइल, तीन टैबलेट, सैकड़ों सट्टा रिकॉर्ड, कैलकुलेटर, प्रिंटर, पेन, दो बाइक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। पुलिस को 3 जुलाई को सूचना मिली थी कि तोरवा थाना क्षेत्र के सांईधाम कॉलोनी स्थित किशनचंद बजाज के मकान में मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अंकों का सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के भीतर चार लोग मोबाइल फोन, प्रिंटर और सट्टा पट्टियों के जरिए हार-जीत का दांव लगवाते हुए मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में सामान जब्त मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन टैबलेट, एक अतिरिक्त मोबाइल, 50,690 रुपये नकद, 40 सट्टा पट्टियां, एक कैलकुलेटर और तीन पेन बरामद किए गए। वहीं, दिनेश कुमार वाधवानी से दो मोबाइल फोन, एक कैलकुलेटर, दो पेन और 10 सट्टा पट्टियां मिलीं। भैयालाल सोनकर के पास से एक मोबाइल, एक कैलकुलेटर और दो सट्टा पट्टियां, जबकि मनोहर लाल खत्री के कब्जे से एक मोबाइल और एक सट्टा पट्टी बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक प्रिंटर, सट्टा संचालन से जुड़े दस्तावेज, स्कॉर्पियो (CG 04 PW 3311), बाइक (CG 10 KH 7430) और पैशन मोटरसाइकिल (CG 11 CD 0570) भी जब्त की। मोबाइल के जरिए चल रहा था सट्टा कारोबार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से अंकों पर हार-जीत का दांव लगवाकर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के खिलाफ पहले भी कई बार सट्टा संचालन के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह अवैध कारोबार से बाज नहीं आ रहा था। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 और 7, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फाजिल्का जिला प्रशासनिक परिसर (डीसी कॉम्प्लेक्स) के मुख्य गेट पर बनी पुलिस चेक पोस्ट से एक शातिर चोर द्वारा पुलिसकर्मी का ही मोबाइल उड़ाने का मामला सामने आया है। हालांकि, पुलिसकर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने साथियों की मदद से कुछ ही दूरी पर आरोपी युवक को दबोच लिया और उससे चोरी का मोबाइल बरामद कर लिया। इस घटना से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई-सिक्योरिटी वाले डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर, जहां खुद पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, ऐसी चोरी का प्रयास करना चोरों के हौसलों को दर्शाता है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी तुरंत सलाखों के पीछे पहुंच गया। मेन गेट पर ड्यूटी कर रहा था, चार्जिंग में लगे फोन को उड़ाया मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर बनी पोस्ट पर पुलिसकर्मी सुखदेव सिंह की ड्यूटी लगी हुई है। सुखदेव सिंह रोजाना की तरह डीसी और एसएसपी दफ्तर आने-जाने वाले वाहनों की पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैनात थे। इसी दौरान वह लघुशंका (शौचालय) के लिए गए और अपना मोबाइल चेक पोस्ट के अंदर ही चार्जिंग पर लगा गए। शक के आधार पर किया पीछा सुखदेव सिंह के जाते ही वहां मौजूद एक शातिर युवक ने मौका पाकर चेक पोस्ट के अंदर से मोबाइल चोरी कर लिया और उसे अपनी जेब में डालकर खिसक गया। जब सुखदेव सिंह वापस लौटे तो उन्हें मोबाइल गायब मिला। वहां मौजूद अन्य लोगों ने एक युवक पर शक जाहिर करते हुए बताया कि वह अभी-अभी पोस्ट के पास से निकला है। एसडीएम दफ्तर के पास धरा गया आरोपी सजगता दिखाते हुए सुखदेव सिंह ने तुरंत अपने साथी कर्मचारियों की मदद से उक्त संदिग्ध युवक का पीछा किया। आरोपी अभी कुछ ही दूरी पर एसडीएम दफ्तर के गेट के पास पहुंचा ही था कि पुलिस टीम ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर युवक के पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद हो गया। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पंचकूला के श्यामटू गांव के जाहर वीर गोगा माड़ी मंदिर में रखे दानपात्र का ताला तोड़कर चोर करीब 15 से 20 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गया। घटना का खुलासा सुबह मंदिर खुलने पर हुआ। वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। गांव श्यामटू निवासी एवं श्री जाहर वीर गोगा माड़ी सेवा विकास समिति के प्रधान जसमेर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रात करीब 9 बजे गोगा माड़ी मंदिर गए थे। उस समय मंदिर में सब कुछ सामान्य था। इसके बाद वह अपने घर लौट आए। जब वे आज सुबह करीब 6 बजे जब वह दोबारा मंदिर पहुंचे तो देखा कि मंदिर में रखे दानपात्र (गल्ला) का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखा पूरा चढ़ावा चोरी हो चुका था। चार महीने का चढ़ावा था दानपात्र में शिकायतकर्ता के अनुसार दानपात्र में करीब चार महीने का चढ़ावा जमा था, जिसमें लगभग 15 से 20 हजार रुपए नकद थे। चोर दानपात्र का ताला तोड़कर पूरी राशि निकाल ले गया। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना के बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक व्यक्ति मुंह पर सफेद रंग का कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह पहले दानपात्र का ताला तोड़ता है और फिर उसमें रखी नकदी निकालकर फरार हो जाता है। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपी की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस ने शुरू की जांच : SHO पंचकूला के चंडीमंदिर थाना SHO रामपाल ने बातया कि मामले में शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत दर्ज किया गया है।ामामले की जांच ASI करम सिंह को सौंपी गई है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।
शहर की 13 वर्षीय एक नाबालिग हिंदू किशोरी को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत कुल 11 संगीन धाराओं में शनिवार रात मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। यह मामला सबसे पहले 3 जुलाई की शाम कोतवाली थाने पहुंचा था। उस समय पुलिस ने इसे धर्मांतरण का मामला मानने से इनकार किया था। इसके बाद लगातार पुलिस ने शिकायत, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की जांच की। इस बीच विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिस के बाद शनिवार रात पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पीड़िता की मां की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उनकी 13 वर्षीय बेटी डांस सीखने जाती थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक मुस्लिम युवती से हुई। आरोप है कि उसी के माध्यम से कुछ अन्य लोगों ने किशोरी से संपर्क किया और उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। तहरीर के अनुसार, किशोरी के मोबाइल पर प्रदेश से बाहर ले जाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े संदेश भी भेजे गए। परिवार का आरोप है कि नाबालिग को मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने तहरीर और प्रारंभिक जांच के आधार पर छह लोगों के खिलाफ 11 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के साथ अन्य संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि शेष आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चूरू जिले की बीदासर थाना पुलिस ने 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार की तलाशी ली, जिसमें सवार युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार, अवैध हथियार और मादक पदार्थ जब्त कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक बीकानेर रेंज आईजी के आदेश पर क्षेत्र में कड़ी नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान बीदासर से डूंगरगढ़ की ओर जा रही एक कार को रोका गया। कार में 2 युवक सवार थे, जो पुलिस की पूछताछ में घबरा गए और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदेह होने पर पुलिस ने कार और युवकों की गहनता से तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल मिली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सांडवा उंटालड़ निवासी 26 वर्षीय रामनारायण नाथ और बाना डूंगरगढ़ निवासी 35 वर्षीय हुकमनाथ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 1.1 ग्राम एमडी, 34 ग्राम डोडा पोस्त और एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।पुलिस को युवकों के पास से 8 मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि भी मिली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चोरी के मोबाइल का बंटवारा करते 4 युवक पकडे़:17 फोन जब्त; भीड़-भाड़ के बीच वारदात करना कबूल की
अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने चोरी के मोबाइल का बंटवारा करते चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल भी जब्त किए हैं। आरोपियों ने दरगाह व आस पास के क्षेत्र में भीड़ भाड़ के बीच मोबाइल चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। दरगाह थाना पुलिस के अनुसार-एएसआई कालूराम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी के मोबाइल को आपस में बांट रहे हैं। इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे। इस पर पुलिस ने चारों को पकड़ लिया। 17 मोबाइल जब्त पुलिस ने वसीम पुत्र यासीन, मोहम्मद अहसान पुत्र सलीम, अमीन पुत्र सलीम, मोहम्मद रियाजुद्दीन को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 17 मोबाइल जब्त किए हैं। पूछताछ में मोबाइल चोरी करना कबूल किया है। पुलिस आरोपियों से और भी पूछताछ कर रही है। …….. पढें ये खबर भी… आरएएस (मेंस)-2024 की आंसर-बुक देखने के लिए आवेदन कल से:27 जुलाई तक कर सकेंगे अप्लाई, कैंडिडेट्स 12 सितंबर तक कर सकेंगे डाउनलोड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक देखने के लिए कल (6 जुलाई) से आवेदन कर सकेंगे। (पूरी खबर पढें)
लुधियाना में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात उस समय हुई जब युवती फोन पर बात करते हुए अस्पताल जा रही थी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़िता द्वारा पीछा करने पर आरोपियों ने खंजर दिखाकर धमकाया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बस स्टेंड से जा रही थी अस्पताल जानकारी के अनुसार मिड्डा नजदीक की रहने वाले उर्मिला ईएसआई अस्पताल में स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं। वह शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थीं। इसी बीच पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तेज रफ्तार में मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने दिखाया खंजर पीड़िता उर्मिला ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने खंजर निकालकर उन्हें धमकाया। हथियार देखकर युवती रुक गई और आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ और रिकवर किए गए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है। सूत्रों के मुताबिक अब कई सफेदपोश लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही हैं। मोबाइल से मिले VIP पास के सुराग सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव के मोबाइल की जांच में पता चला है कि कुछ लोगों और होटलों के लिए कई बार विशेष दर्शन पास बनवाए गए थे। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन पासों के जरिए किन लोगों को विशेष सुविधाएं दी गईं। इसके साथ ही बैंक खातों के लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि चोरी की रकम का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। हॉस्टल में छिपाकर रखी जाती थी नकदी जांच में यह भी सामने आया है कि टिन्नू यादव अपने हॉस्टल की पहली मंजिल पर बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण छिपाकर रखता था। इस हिस्से में बाहरी लोगों का आना पूरी तरह प्रतिबंधित था। पुलिस को शक है कि चोरी का पैसा लंबे समय तक यहीं रखा जाता था। डिलीट CCTV फुटेज भी हुए रिकवर एसआईटी ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज भी रिकवर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ फुटेज में लोग जेब और जुराब में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखाई दे रहे हैं। अब हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच जांच एजेंसियां चोरी की रकम के निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ और नोएडा में खरीदी गई संपत्तियों, संभावित बेनामी निवेश और जमीन के सौदों की जांच तेज कर दी गई है। इसके अलावा एसआईटी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं। निर्माण एजेंसी और निगरानी से जुड़े इंजीनियरों से पूछताछ कर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जेल में बंद आरोपियों से होगी दोबारा पूछताछ पुलिस को अविनाश शुक्ला की रिमांड के दौरान कई नए नाम और अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर अब जेल में बंद अन्य आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो नए आरोपियों के नाम भी केस में जोड़े जा सकते हैं। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रही है।
सबूतों के अभाव में मोबाइल स्नैचिंग का आरोपी बरी
जालंधर | अदालत ने शनिवार को मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में दोष साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया है। राजेश कुमार उर्फ रवि निवासी पत्ती गिल की, जमशेर के खिलाफ 7 दिसंबर 2022 को आदमपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। होशियारपुर के नसराला निवासी रप्पा खड़िया की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोपी पर उनका मोबाइल छीनने का आरोप लगाया गया था। अदालत में पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत पेश न कर पाने और दोष साबित न होने के चलते अदालत ने उसे बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
भरतपुर रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब अनारक्षित टिकट लेना पहले से अधिक आसान हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसके बाद यात्री बिना स्मार्ट कार्ड के केवल मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान कर स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और कुछ ही मिनटों में टिकट मिल जाएगा। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना और टिकटिंग व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना है। एटीवीएम मशीन पर यात्री \अन्य स्टेशन’ विकल्प का चयन कर गंतव्य स्टेशन का नाम दर्ज करेंगे, यात्रा का विवरण भरने के बाद भुगतान विकल्प चुनेंगे। इसके बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई से भुगतान करते ही टिकट मशीन से तुरंत निकल जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा की खास बात यह है कि मशीन पर किसी कर्मचारी या फैसिलिटेटर की मौजूदगी नहीं होने पर भी यात्री स्वयं पूरी प्रक्रिया पूरी कर टिकट निकाल सकेंगे। इससे नकद भुगतान की आवश्यकता भी कम होगी और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे ने भरतपुर सहित कोटा मंडल के सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एटीवीएम मशीनों का अधिकाधिक उपयोग करें और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं। नई सुविधा से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। एटीवीएम से टिकट प्राप्त करने की ये है प्रक्रिया “यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एटीवीएम पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इससे बिना स्मार्ट कार्ड के भी यात्री स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी, समय की बचत होगी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। हमारी अपील है कि यात्री एटीवीएम का अधिकाधिक उपयोग कर सुरक्षित व सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं।” - सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी, कोटा मंडल
धक्का लगाने के बहाने कार में बैठाया होश आया तो गहने और मोबाइल गायब
खन्ना के बीजा में हरियाणा नंबर की कार सवार एक युवक को कार को धक्का लगाने के बहाने में कार में बैठाकर नशीला पदार्थ सुंघाकर चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर फरार हो गए। लूट के बाद युवक को कार से धक्का देकर बाहर फेंक दिया गया। युवक के परिजनों ने थाना कोट चोकी में इसकी शिकायत दी है। पीडित लोपो गांव के युवक हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि आज सुबह वह अपने बाइक पर श्री गुरुद्वारा मंजी साहिब में माथा टेकने आया था। वह माथा टेकने के बाद जब अपनी बाइक से वापस अपने घर जाने लगा तो वहां खड़ी हरियाणा नंबर की कार में बैठे एक युवक ने उसे रोककर कहा कि कार बंद हो गई है। वह उसकी कार को धक्का देकर मदद कर। उसने कार को धक्का दिया, जब कार स्टार्ट हुई तो कार चालक ने उसे कार में बैठने को कहा। जैसे ही वह कार में बैठा तो उसे कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद चालक कार को भगा ले गया। कार चालक ने बीजा में दो और युवकों को कार में बैठा लिया और जब वे वापस आकर मंडियाला कलां की तरफ आ रहे थे तो रास्ते में उसका चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर उसे कार से धक्का देकर बाहर फेंककर फरार हो गए। हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि होश में आने के बाद रिश्तेदारों को फोन किया। उसने अपने माता-पिता और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर को वारदात की जानकारी दी। रिश्तेदारों के साथ गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब कोटा में कैमरों की फुटेज देखी तो पता चला कि कार हरियाणा नंबर की थी। युवक की मां लोपो गांव की पूर्व पंच जसवीर कौर और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर ने बताया कि उन्होंने पुलिस चौकी कोट में शिकायत दी है। पुलिस ने भरोसा दिया है कि वे जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में एक शातिर ठग द्वारा जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (ईवी) ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोपी ने जज साहब को गाड़ी दिखाने का बहाना बनाया और शोरूम से स्कूटर लेकर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित की शिकायत पर सुखेर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चोरी का स्कूटर भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है और इससे पहले भी कई लोगों को ठग चुका है। जज साहब को दिखाने के बहाने ले गया स्कूटरपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू भूपालपुरा 80 फीट रोड पर दिनेश काबरा (70) का 'केपी इलेक्ट्रो व्हील' नाम से ईवी स्कूटर का शोरूम है। 24 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनके शोरूम पर दीपक नाम का एक युवक आया। उसने शोरूम संचालक दिनेश काबरा को जिला जज का नाम लिया और कहा कि साहब को स्कूटर पसंद करवाना है, इसलिए दिखाने ले जा रहा हूं। आरोपी ने आधे घंटे में वापस लौटने की बात कही थी, जिसके झांसे में आकर संचालक ने उसे करीब 60 हजार रुपये कीमत का काले रंग का 'यो बाइकर' (यो बाइकर्स) स्कूटर दे दिया। जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटा, तो शोरूम संचालक ने उससे संपर्क किया। काफी तकाजा करने के बाद भी आरोपी ने न तो स्कूटर लौटाया और न ही पैसे दिए। इसके बाद पीड़ित ने सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि इस केस के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक उर्फ गोलू (28) पिता तुलसीराम माली को चित्रकूट नगर, भुवाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से ठगा गया स्कूटर भी बरामद कर लिया। झांसे में लेने का आदी है आरोपी सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी दीपक उर्फ गोलू आदतन ठग है। वह लोगों को नौकरी लगवाने और कोर्ट में उनके पक्ष में फैसला करवाने का झांसा देकर पहले भी कई वारदातें कर चुका है। आरोपी के खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने 30 जून 2026 को भूपालपुरा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर स्थित एक मोबाइल शोरूम से एक कीमती मोबाइल भी इसी तरह झांसा देकर ठग लिया था। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के बीसरू गांव में तड़के एक घर में चार नकाबपोश बदमाश घुस गए। इको कार में सवार होकर आए बदमाशों ने घर से 1.72 लाख रुपए नकद, सोने के गहने और मोबाइल फोन चोरी कर लिए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित निसार ने बताया कि, शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे चार बदमाश इको कार होकर आए और उनके घर पहुंचे। सभी बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके पास बंदूक व देसी कट्टे जैसे हथियार थे। चोरी कर कार में बैठकर फरार हुए बदमाश चोरों ने अलमारी से 1 लाख 72 हजार नकद, लगभग दो तोले सोने की हंसली, दो तोले की गुलीबंद और एक मोबाइल फोन चुरा लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश उसी कार में बैठकर फरार हो गए। सुबह परिवार के जागने पर घर का सामान बिखरा मिला और नकदी व जेवर गायब थे। सीसीटीवी फुटेज देखने पर नकाबपोश बदमाश घर में घुसते और चोरी के बाद निकलते साफ दिखाई दिए। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वारदात के समय घर पर मौजूद नहीं थी परिवार की महिलाएं पीड़ित ने बताया कि घटना के समय घर में महिलाएं मौजूद नहीं थीं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि महिलाएं घर पर होतीं तो बदमाश किसी बड़ी वारदात को भी अंजाम दे सकते थे। पीड़ित ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी हुए सामान की बरामदगी की मांग की है। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी का सामान बरामद करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
कबीरधाम पुलिस ने ग्राम खैरबनाकला स्थित एक फार्महाउस पर छापेमारी कर ताश के माध्यम से जुआ खेल रहे 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 2 मोटरसाइकिल और ताश की गड्डियां जब्त की हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार 700 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उप पुलिस अधीक्षक आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में थाना कवर्धा, एएनटीएफ और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर दी दबिश पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरबनाकला स्थित राघव यादव के फार्महाउस में कुछ लोग 52 पत्ती ताश से अंदर-बाहर का जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से फार्महाउस की घेराबंदी की गई। दबिश के दौरान मौके पर 11 लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नकदी, मोबाइल और बाइक जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के कब्जे से 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल हैंडसेट (अनुमानित कीमत 65 हजार रुपये), 2 मोटरसाइकिलें (अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये) तथा ताश की गड्डियां बरामद कीं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 1,50,700 रुपये आंका गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 4 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी अभियान रहेगा जारी कबीरधाम पुलिस ने कहा कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पलवल के चांदहट थाना क्षेत्र में रोड रेज का मामला सामने आया है। डकोरा मोड़ पर कार की टक्कर के बाद एक कार चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। पीड़ित ने मारपीट के दौरान 50 हजार रुपए और मोबाइल फोन लूटने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने लूट की पुष्टि नहीं की है। फरीदाबाद के लक्कड़पुर गांव निवासी रगवीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी खटका गांव में जमीन है। वह अपनी जमीन देखकर कार से वापस लौट रहे थे। डकोरा गांव के मोड़ के पास पीछे से आ रही एक अन्य कार ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी। युवकों ने कार से बाहर उतरे ही की मारपीट रगवीर सिंह के अनुसार, टक्कर मारने वाली कार में छह युवक सवार थे। वे सभी बाहर निकले और उन्होंने रगवीर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उसकी जेब से 50 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन लूट लिया। घटना के बाद पीड़ित ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंचारी गांव निवासी मनजीत तथा मुंडकटी गांव निवासी दक्ष को हिरासत में ले लिया। पुलिस कर रही मामले की जांच चांदहट थाना प्रभारी श्री भगवान ने बताया कि पुलिस जांच में पीड़ित के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है, लेकिन नकदी और मोबाइल फोन लूटने संबंधी कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। पुलिस ने फिलहाल मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लूट की पुष्टि होने पर संबंधित धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फरीदाबाद में ऑटो चालक से ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूटने के मामले में फरीदाबाद पुलिस अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में 30 जून को हुई लूट की वारदात के मामले में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमरन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, नितिन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, मदन (24) निवासी बल्लभगढ़ और सुभाष (23) निवासी खेड़ीपुल के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें लूटा गया सामान बरामद करने के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। एसीपी अमन यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 30 जून की रात चारों आरोपी ओल्ड फरीदाबाद से ऑटो में सवारी बनकर बैठे थे। इनमें मदन, नितिन और सुमरन पीछे बैठे थे, जबकि सुभाष आगे की सीट पर बैठा था। गर्दन पर चाकू रखकर की थी लूटपाट जब ऑटो एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचा तो पीछे बैठे सुमरन ने ऑटो चालक की गर्दन पर चाकू रख दिया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर चालक का मोबाइल फोन, जेब में रखी नकदी और पूरा ऑटो लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड सुभाष है। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी नितिन का भी आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने लूटा गया ऑटो और अन्य सामान कहां छिपाया है तथा क्या वे पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, अनखीर निवासी संदीप ने 1 जुलाई को थाना सराय ख्वाजा में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ के बीच ऑटो चलाता है। 30 जून की रात करीब 9:30 बजे चार युवक उसके ऑटो में बदरपुर बॉर्डर जाने के बहाने बैठे थे। एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचते ही आरोपियों ने चाकू दिखाकर उसका ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली और फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद थाना सराय ख्वाजा में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।
अंबाला के साहा क्षेत्र में मोबाइल की किस्तों के विवाद को लेकर थार गाड़ी सवार दोस्तों पर हमला किया गया। हमलावरों ने क्रेटा और फॉर्च्यूनर गाड़ियों से पीछा कर थार को दो अलग-अलग जगहों पर घेरा। इस हमले में थार के शीशे टूट गए और गाड़ी में बैठी एक युवती घायल हो गई। आरोपियों ने ईंटों और तलवारों से थार पर हमला किया, जिससे गाड़ी के सभी शीशे टूट गए। साहा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव लदाना निवासी साहिल ने बताया कि वह मोहाली (पंजाब) में बाइक राइडर का काम करता है। लगभग एक साल पहले उसके दोस्त गगनदीप ने साहा की एक मोबाइल दुकान से बजाज कार्ड पर फोन खरीदा था। गगनदीप द्वारा समय पर किस्तें न भरने के कारण दुकान संचालक लाली निवासी छप्परा ने साहिल को फोन कर किस्तों की जिम्मेदारी लेने को कहा। इस बात पर साहिल और लाली के बीच कहासुनी हो गई थी। हालांकि, बाद में गगनदीप ने सभी किस्तें चुका दी थीं, लेकिन लाली इस विवाद को लेकर साहिल से रंजिश रखने लगा था। मंसूरी से घूमकर लौट रहे थे दोस्त, मार्केट में घेरा 1 जुलाई को साहिल अपनी दोस्त महक और मामा के लड़के दीप के साथ थार गाड़ी में घूमने के लिए मंसूरी (उत्तराखंड) गया था। अगले दिन 2 जुलाई की रात करीब 8 बजे जब वे वापस लौटकर दीप को छोड़ने गाँव केसरी पहुंचे, तो वहां उनका दोस्त सुमित भी मिल गया। चारों दोस्त केसरी मार्केट के मोड़ पर एक रेहड़ी के पास जूस पीने के लिए रुके। इसी दौरान लाली अपनी काले रंग की क्रेटा कार से अपने दोस्त रोहित के साथ वहां पहुंचा। उसने थार के आगे अपनी कार अड़ा दी और सड़क से ईंट उठाकर थार पर दे मारी, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए और महक के घुटने व कमर पर कांच लगने से वह घायल हो गई। फॉर्च्यूनर से पीछा कर फैक्ट्री के पास दोबारा रोका, चलाई तलवारें जब साहिल अपनी जान बचाकर थार को साहा रोड की तरफ भगाने लगा, तो आरोपियों ने अपनी क्रेटा और एक वीआईपी नंबर (0020) की फॉर्च्यूनर गाड़ी से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने शाहबाद-साहा रोड पर प्रताप फैक्ट्री के पास थार को दोबारा जबरन रोक लिया। इस बार लाली, रोहित और सेवक ने अपने 2-3 अन्य साथियों के साथ मिलकर थार पर तलवारों से हमला कर दिया और गाड़ी के बचे हुए सारे शीशे भी तोड़ दिए। पीड़ित किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे। भागते समय आरोपियों ने दोबारा मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा साहा थाना पुलिस ने पीड़ित साहिल की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी लाली, रोहित, सेवक और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(3), 115, 126(6), 351(2) और 324(4) के तहत मुकदमा नंबर 151 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि थार गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला। घटना बेला गांव स्थित टिलुआ आहार के पास हुई। सूचना मिलते ही लक्ष्मीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान झारखंड के देवघर जिले के मुरली पहाड़ी निवासी विजय कुमार मुर्मू (30) पुत्र गिरीश मुर्मू के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक की जेब से 2 जून का विद्यासागर से जमुई का रेल टिकट और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। मोबाइल ऑन करते ही उसके एक दोस्त का फोन आया, जिससे बातचीत के आधार पर पहचान संभव हो पाई। पुलिस के अनुसार, युवक का शव नीम के पेड़ से लगभग छह फीट की ऊंचाई पर फंदे से लटका हुआ था। घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक चप्पल और विदेशी शराब की एक बोतल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। लक्ष्मीपुर थाना अध्यक्ष आलोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटे रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिलने की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मृतक के पास से बरामद मोबाइल फोन की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक देवघर जिले का रहने वाला था और जमुई में किसी व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद यहां पहुंचा था। प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
कोरबा जिले के कोहड़िया क्षेत्र में मोबाइल और पैसों के पुराने लेनदेन का विवाद हिंसक हो गया। मोबाइल दुकान संचालक विकास दुबे को कथित तौर पर एक नाबालिग और उसके परिजनों ने बंधक बनाकर पूरी रात बेरहमी से पीटा। हमले में उसके सिर, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक हाथ की हड्डी भी टूट गई। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुराने विवाद के बाद फिर हुआ हमला पुलिस के अनुसार, विकास दुबे और एक नाबालिग के बीच मोबाइल और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिछले महीने भी इसी विवाद में नाबालिग ने विकास पर चाकू से हमला किया था, जिसकी रिपोर्ट सीएसईबी चौकी में दर्ज है। कमरे में बंद कर रातभर की पिटाई बताया जा रहा है कि बीती रात विकास दुबे किसी काम से पीपरपारा गया था। वहां नाबालिग और उसके परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंधक बनाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से रातभर पीटा गया। दोस्त ने पहुंचाया अस्पताल सुबह विकास के दोस्त आकर्षण तिवारी ने उसे गंभीर हालत में देखा और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस की मदद से विकास को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सिर और पैर में गहरी चोटें हैं तथा एक हाथ की हड्डी टूट गई है। महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप इसी बीच एक महिला ने सीएसईबी पुलिस चौकी में विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि रात करीब 10 बजे विकास जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अभद्रता की। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि गुस्से में उसने लोहे के डंडे से विकास की पिटाई की थी। मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि महिला की शिकायत पर विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, विकास की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट करने वाले नाबालिग और उसके परिजनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
जयपुर में बदमाश ने राइड बुक कर युवक को लूटा:15 KM दूर ले गया, मारपीट कर बाइक और मोबाइल छीना
जयपुर में बदमाशों ने राइड बुक कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। राइडर को ऑफलाइन बुक कर बदमाश 15 KM दूर अपने साथ ले गया। सुनसान जगह पहले से मौजूद अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर बाइक-मोबाइल छीनकर फरार हो गए। मामले में खोह नागोरियान थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर लुटेरों की तलाश कर रही है। हेड कॉन्स्टेबल हरि सिंह ने बताया- दौसा के महवा निवासी सचिन मीना (20) के साथ लूट की वारदात हुई है। शिकायत में बताया- रात करीब 12 बजे गांधी नगर रेलवे स्टेशन से एक लड़के ने ऑफलाइन बाइक राइड बुक की। राइडर को गांधी नगर रेलवे स्टेशन से 15 KM दूर जेएनयू हॉस्पिटल ले आया। हॉस्पिटल से कुछ दूरी पर सुनसान जगह युवक के साथी पहले से खड़े मिले। कस्टमर बने बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर राइडर के साथ मारपीट की। फिर उसकी जेब में रखे 5 हजार रुपए, मोबाइल व बाइक छीनकर तीनों बदमाश फरार हो गए। खोह नागोरियान थाने पहुंचकर पीड़ित बाइक राइडर ने शिकायत दर्ज करवाई।
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब भक्तों को सालभर बाह्य अर्घा प्रणाली के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने और उसके उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू किया जाएगा। ये सभी निर्णय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर की गई है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने ये निर्णय पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, बाबा मंदिर प्रभारी व एसडीओ रवि कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी, तीर्थ पुरोहित, सरदार पंडा और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर लिए है। बाह्य अर्घा से बुजुर्ग और दिव्यांगों को राहत उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बाबा मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में मंदिर परिसर के बाहर स्थायी बाह्य अर्घा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद श्रद्धालु बिना अधिक भीड़-भाड़ के सीधे बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बेहद राहतकारी साबित होगी। उन्हें अब लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी और वर्षभर आराम से जलार्पण कर सकेंगे। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को शीघ्र धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है। भीड़ प्रबंधन पर फोकस, मिलेगी कई सुविधाएं मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गर्भगृह में मोबाइल फोन के प्रवेश और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी, सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी और दर्शन-पूजन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शन की व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, क्लॉक रूम की सुविधा और श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की है। पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे, जिस पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि श्रावणी मेले से पहले सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाकर श्रद्धालुओं को सहज अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा। देवघर रूट की ट्रेनों में अभी से बुकिंग इधर, 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास और बाबा बैद्यनाथ धाम में लगने वाले श्रावणी मेले को लेकर रेलवे में बुकिंग अभी से चालू है। रांची से जसीडीह और देवघर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में करीब 80 प्रतिशत सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं, जबकि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट शुरू हो गई है। 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक सेकेंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर में वेटिंग चल रही है। 15027 मौर्या एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 13 अगस्त तक स्लीपर में 40 से 55 सीटें शेष हैं, जबकि अन्य श्रेणियों में सीमित सीटें बची हैं। 18105 राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 15 अगस्त तक एसी कोचों में 25 से 80 सीटें उपलब्ध हैं, वहीं स्लीपर में भी कम सीटें बची हैं। 18619 इंटरसिटी एक्सप्रेस में 28 जुलाई से 13 अगस्त तक एसी कोचों में 5 से 32 सीटें ही उपलब्ध हैं। 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस में भी कई तारीखों पर वेटिंग शुरू हो गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रांची रेल मंडल ने रांची से भागलपुर तक मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। जिसके तहत यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन कुल 29 ट्रिप कर सकती है और 24–25 जुलाई से इसके संचालन की संभावना जताई जा रही है।
छिंदवाड़ा शहर के मॉडल रोड पर शुक्रवार रात जैन मोबाइल शॉप की प्रचार वैन को निशाना बनाकर लूट का प्रयास किया गया। बदमाशों ने वाहन में तोड़फोड़ कर बैग में रखी नकदी लूटने की कोशिश की, लेकिन दुकान संचालक की सतर्कता से रकम सुरक्षित बचा ली गई। मामले में एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि दो अन्य युवकों के भी घटना में शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर निवासी और जैन मोबाइल शॉप के संचालक नरेंद्र जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात उनकी मोबाइल प्रचार वैन वसूली कर लौट रही थी। इसी दौरान मॉडल रोड पर कुछ युवकों ने वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी और बैग में रखे करीब 91 हजार 800 रुपए लूटने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक मौके पर पहुंचे और एक आरोपी युवक को पकड़ लिया। साथ ही नकदी से भरा बैग भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
WhatsApp पर बिना मोबाइल नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है नया Username फीचर, जानिए कैसे करेगा काम
अगर आप किसी नए व्यक्ति से WhatsApp पर बात करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते तो जल्द ही यह संभव होगा। WhatsApp एक नया Username फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना फोन नंबर बताए भी बातचीत शुरू कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी ...
अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्वेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके इलाके में उपलब्ध होगा, तब वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। वॉट्सएप सीआओ कुणाल शाह ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने फीचर सार्वजनिक होने से पहले ही अपना यूजरनेम रिजर्व कर लिया है। उन्होंने लोगों से भी जल्द अपना पसंदीदा यूजरनेम लेने की अपील की। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवालों के जवाब ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

