झाबुआ के राजवाड़ा चौक पर शुक्रवार रात जन्माष्टमी का मटकी फोड़ मुकाबला देर रात तक चला। कई टीमों ने मटकी तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन झाबुआ यूथ टीम के प्रह्लाद ने आखिरकार मटकी फोड़कर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। प्रतियोगिता की इनामी राशि भी 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई थी। नशामुक्ति को बनाया आयोजन का संदेश श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति ने इस बार मटकी फोड़ आयोजन की थीम नशामुक्ति रखी। मटकी बांधने वाली रस्सी और आयोजन स्थल के आसपास नशे के नुकसान से जुड़े नारे लगाए गए थे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली। समिति अध्यक्ष बलवीरसिंह सोहेल और महासचिव चंदरसिंह चंदेल ने बताया कि इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए यह पहल की गई। रात 11:30 बजे चार फीट नीचे की मटकी राजवाड़ा चौक पर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। रात 9 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता में टीमों ने हिस्सा लिया। मटकी तक पहुंचना मुश्किल होने पर रात 11:30 बजे के बाद इसे करीब चार फीट नीचे किया गया। इसके बाद भी टीमों के बीच मुकाबला जारी रहा और आखिर में झाबुआ यूथ टीम ने मटकी फोड़ दी। जिलेभर में हुए मटकी फोड़ कार्यक्रम जन्माष्टमी पर झाबुआ के साथ पेटलावद, थांदला और मेघनगर समेत कई कस्बों और गांवों में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं हुईं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के यौन शोषण के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार और फरार शिक्षकों के जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और सीडीआर के जरिए घटना से जुड़ी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
बच्चे को स्मार्टफोन देना आजकल कई पैरेंट्स के लिए जरूरत बनता जा रहा है। पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, दोस्तों से बात या किसी जरूरी काम के लिए फोन काफी मददगार हो सकता है। लेकिन फोन बच्चे के हाथ में देने से पहले यह सोचना जरूरी है कि वह इसका सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए तैयार है या नहीं।सिर्फ फोन खरीदकर बच्चे को दे देना काफी नहीं है। उसे स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन सेफ्टी और अपनी प्राइवेट इन्फॉर्मेशन को सेफ रखने के बारे में भी समझाना जरूरी है। साथ ही घर में कुछ आसान रूल पहले से तय कर लें, ताकि बच्चा स्मार्टफोन को मनोरंजन के साथ-साथ जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना भी सीखे। 1. बच्चे की उम्र नहीं समझदारी देखेंस्मार्टफोन देने का फैसला सिर्फ बच्चे की उम्र देखकर न लें। पहले देखें कि वह रूल को समझता है या नहीं, अपनी चीजों का ध्यान रखता है और इंटरनेट के सही-गलत इस्तेमाल को समझने की कैपेसिटी रखता है या नहीं। बच्चा बिना समझे फोन का इस्तेमाल कर सकता है, तो पहले उसे डिजिटल सेफ्टी के बारे में समझाना जरूरी है।2. फोन देने से पहले पैरेंटल कंट्रोल लगाएंबच्चे को फोन देने से पहले उसमें जरूरी पैरेंटल कंट्रोल जरूर सेट करें। स्क्रीन टाइम की लिमिट, ऐप डाउनलोड करने की परमिशन और उम्र के हिसाब से कंटेंट फिल्टर जैसी सेटिंग पहले से कर सकते हैं। इससे बच्चा अनजाने में ऐसी चीजें देखने या डाउनलोड करने से बच सकता है, जो उसके लिए सही नहीं हैं।3. नो-फोन जोन के स्ट्रिक्ट रूलबच्चे को फोन देने से पहले घर के कुछ साफ नियम बना लें। जैसे पढ़ाई या होमवर्क के समय फोन का इस्तेमाल नहीं होगा, खाने की टेबल पर फोन नहीं आएगा और रात में फोन बेडरूम में नहीं रखा जाएगा। साथ ही यह भी तय करें कि बच्चा फोन का इस्तेमाल कितने समय तक और किन कामों के लिए कर सकता है। रूल जितने साफ होंगे, बच्चे के लिए उन्हें समझना उतना ही आसान होगा।4. प्राइवेसी और ऑनलाइन सेफ्टी समझाएंबच्चे को बताएं कि इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। घर का पता, फोन नंबर, स्कूल की इंफॉर्मेशन, लाइव लोकेशन या प्राइवेट फोटो किसी अनजान व्यक्ति को भेजने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम में कोई परेशान करे, धमकाए या गलत बात करने की कोशिश करे, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत माता-पिता को बताना चाहिए।5. साइबर बुलिंग बताएंबच्चे को यह समझाना जरूरी है कि ऑनलाइन भी किसी के साथ गलत बिहेव नहीं करना चाहिए और कोई उसके साथ ऐसा करता है, तो उसे चुप रहने की जरूरत नहीं है। उसे समझाएं कि इंटरनेट पर शेयर की गई चीजें आगे फैल सकती हैं, इसलिए फोटो, कमेंट या मैसेज भेजने से पहले सोच लेना चाहिए। कोई परेशानी होने पर ब्लॉक, रिपोर्ट करने और माता-पिता से बात करने का तरीका भी बताएं।6. फोन एंटरटेनमेंट नहीं जिम्मेदारी है समझाएंबच्चे को यह बताएं कि स्मार्टफोन सिर्फ एंटरटेनमेंट की चीज नहीं है, बल्कि इसे जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना भी जरूरी है। बच्चा तय नियमों का पालन करता है, तो धीरे-धीरे उसे ज्यादा आजादी दी जा सकती है। जैसे-जैसे उसकी समझ और जिम्मेदारी बढ़े, वैसे-वैसे फोन से जुड़े नियम भी बदले जा सकते हैं।7. बच्चे से खुलकर बात करते रहेंबच्चे के फोन की हर चीज पर छिपकर नजर रखने के बजाय उसके साथ खुलकर बात करना ज्यादा बेहतर है। समय-समय पर पूछें कि वह फोन पर क्या देखता है, किन ऐप्स का इस्तेमाल करता है और ऑनलाइन कोई उसे परेशान तो नहीं कर रहा। बच्चे को यह भरोसा दें कि अगर इंटरनेट पर उसके साथ कुछ गलत होता है, तो वह बिना डरे आपसे बात कर सकता है।बच्चे के लिए स्मार्टफोन कई तरह से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे सही समय और सही तरीके से देना ज्यादा जरूरी है। पैरेंट्स का भरोसा, समझ और गाइडेंस बच्चे को टेक्नोलॉजी के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकता है।
साइबर ठगी; फिशिंग लिंक से मोबाइल में घुस सकता है बॉटनेट
साइबर ठग फिशिंग लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर में बॉटनेट मालवेयर डालकर निजी और बैंकिंग जानकारी चुरा सकते हैं। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को मोबाइल की सुरक्षा के लिए ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ इस्तेमाल करने की सलाह दी है। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक के जरिए मोबाइल में मालवेयर संक्रमित कर देते हैं। इसके बाद ठग मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, एप और संवेदनशील बैंकिंग विवरण तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) के सहयोग से एंड्रॉयड यूजर्स के लिए eScan CERT-In Bot Removal App तैयार किया। यह मोबाइल में मौजूद बॉट, मालवेयर, ट्रोजन और अन्य साइबर खतरों की पहचान कर हटाने में मदद करता है। एप संदिग्ध एप्लीकेशन और दी गई संवेदनशील अनुमतियों की जांच करता है। ऐसे करें मोबाइल की जांच: गूगल प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करने के बाद जरूरी अनुमतियां दें। इसके एंटीवायरस विकल्प में जाकर Full Scan चलाएं। खतरनाक फाइल या एप मिलने पर उसे हटाएं अथवा अलग करें। जांच के बाद मोबाइल को रीस्टार्ट करने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों से अज्ञात APK फाइल डाउनलोड नहीं करने, एप को जरूरत से ज्यादा परमिशन नहीं देने, केवल विश्वसनीय स्रोत से ऐप डाउनलोड करने और मोबाइल व एप को अपडेट रखने की अपील की है। वॉट्सएप में Two-Step Verification चालू रखने तथा बैंक खाते और डिजिटल भुगतान पर नियमित नजर रखने को भी कहा है।
Prayagraj News: युवती से मोबाइल लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
युवती से मोबाइल लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
Panchkula News: पांच साल पुराने मोबाइल स्नैचिंग केस में दो आरोपी बरी
Two accused acquitted in five-year-old mobile snatching case
पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला में धारीवाल के परशुराम मंदिर में बीती रात चोरी हो गई। चोरों ने मंदिर में घुसकर पंडित की बजाज बाइक, डिक्की में रखे 20 हजार रुपए और एक बटन वाला मोबाइल फोन चुरा लिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित पंडित का नाम हैप्पी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता बीमार हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। वहीं गिरने से उनकी मां का चूल्हा भी टूट गया है। लोन किश्त चुकाने के लिए ली थी राशि हैप्पी पंडित अकेले ही सात लोगों के परिवार का गुजारा कर रहे हैं। घर में वह अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि लोन की किश्त चुकाने के लिए उन्होंने एक सुनार से 20 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस पंडित ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी मोटरसाइकिल और पैसे जल्द से जल्द ढूंढकर वापस किए जाए। मामले में धारीवाल पुलिस स्टेशन के इंचार्ज जतिंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 'मनोरमा कृषि रक्षक' मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप किसानों को मौसम, फसल सलाह, रोग पहचान और बाजार संबंधी जानकारी प्रदान करेगा।
कॉल करने वाले ने पिंकी को बेहद कम ब्याज दर पर लोन देने का झांसा दिया। जब पिंकी ने लोन लेने से इन्कार कर दिया, तो ठगों ने अपना असली चेहरा दिखाया। शातिर अपराधियों ने किसी मालवेयर लिंक या स्पेम काल के जरिए पिंकी के मोबाइल फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट को पहले ही हैक कर लिया था।
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में श्रद्धालुओं से रुपए लेकर VIP दर्शन करवाने वाली गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के 1 सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके साथी मंदिर में तैनात प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर लोगों को 1000 रुपए लेकर दर्शन करवाते थे। पुलिस ने आरोपी से 3 मोबाइल जब्त किए हैं। इन मोबाइल में काफी संख्या में लोगों के रुपए भेजने के ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही मामले में फरार 7 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपी के पास मिले 3 मोबाइलएसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया- आरोपी हंसराज उर्फ टिंकू (26) पुत्र किशनाराम धानका निवासी लाडपुर, खाटूश्यामजी (सीकर) को मंदिर के पास से शुक्रवार को पकड़ा गया है। वहीं गैंग के 7 नामजद आरोपी फरार हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी रुपए लेकर श्रद्धालुओं को VIP दर्शन करवा रहा है। आरोपी से जब्त 3 मोबाइल में ऐसे एविडेंस मिले हैं, जिससे सामने आया कि आरोपी श्रद्धालुओं से रुपए लेकर लोगों को VIP दर्शन करवाता है। फिलहाल पूरी डिटेल्स चेक की जा रही है। यदि मंदिर में तैनात कोई प्राइवेट गार्ड भी इसमें शामिल है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। भीड़ के अनुसार बदलते थे VIP दर्शन के रेटएसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया- आरोपी हंसराज और उसकी गैंग के सदस्य भीड़ के हिसाब से दर्शनों की रेट बदलते रहते थे। यदि किसी दिन भीड़ कम रहती तो प्रति व्यक्ति के 1 हजार रुपए लेते थे। वीकेंड और एकादशी, द्वादशी के मौके पर रेट बढ़ाकर दोगुना या तीन गुना कर देते थे। पहली बार इस तरह की गैंग पर मुकदमा दर्जआरोपी हंसराज को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 1 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। पहली बार इस तरह की गैंग पर खाटूश्यामजी में मुकदमा दर्ज हुआ है। उसकी गैंग के सदस्य सागर गुर्जर, मोंटू शर्मा, बिट्टू शर्मा, प्रमोद, दीपक, शेखर और महिपाल फरार है, जिनकी तलाश जारी है। दोषी पाए जाने पर हो सकती है 7 साल की कैद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4), 112 और 61 (2) और राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। धारा 318 (4) गंभीर धोखाधड़ी से संबंधित है, इसमें दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। धारा 112 के तहत यदि कोई व्यक्ति ऐसा लघु संगठित अपराध करता है या उसका प्रयास करता है, तो उसे कम से कम 1 साल और अधिकतम 7 साल तक की कैद हो सकती है। इसके अलावा धारा 61 (2) में 2 साल या अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।----------- ये खबर भी पढ़ें…खाटूश्यामजी में VIP दर्शनों की व्यवस्था बदली:अब प्रोटोकॉल वाले ही कर सकेंगे दर्शन, राजभवन-मंत्रियों की सिफारिश करवानी होगी सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में VIP दर्शनों की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब VIP दर्शनों के लिए सचिवालय, कलेक्ट्रेट, राजभवन, मंत्रियों की सिफारिश लेनी होगी। मंदिर में अब केवल प्रोटोकॉल वालों को ही VIP दर्शन होंगे। सिफारिश के बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसे दिखाने पर ही मंदिर में एंट्री मिलेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
रायगढ़ जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 34.865 किलो गांजा, एक टाटा सफारी, दो हुंडई औरा कार और 8 मोबाइल जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त संपत्ति की कुल कीमत 61 लाख 53 हजार 200 रुपए है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। गुरुवार को लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि, काले रंग की टाटा सफारी में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर ओडिशा से जमुना के रास्ते लैलूंगा-पत्थलगांव होते हुए उत्तर प्रदेश जा रहे हैं। SDOP सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस ने ग्राम कमरगा में नाकाबंदी की। इसी दौरान तेज रफ्तार सफारी पहुंची। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक ने पुलिस के निजी वाहन को साइड से टक्कर मार दी और वाहन लेकर पाकरगांव-लैलूंगा की ओर भागने लगा। आगे स्कूटी से कर रहे थे पायलेटिंग पुलिस ने सफारी का पीछा किया। ग्राम मोतीपुर के पास सफारी के आगे एक स्कूटी चलती मिली, जिसका चालक रास्ता साफ कराने के लिए पायलेटिंग कर रहा था। पुलिस को देखकर दोनों वाहन छोड़कर भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में स्कूटी चालक ने अपना नाम गगन कुमार चौधरी (25), गोंडा अलीगढ़ी, उत्तर प्रदेश और सफारी चालक ने अनिल कुमार चौधरी (36), गोंडा, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश बताया। 2 और कारों में 6 तस्कर कर रहे थे पायलेटिंग पूछताछ में पता चला कि इनके साथ 6 अन्य तस्कर भी ओडिशा से निकले थे। वे दो हुंडई औरा कारों में सफारी के आगे चलकर पायलेटिंग कर रहे थे। इसी दौरान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस ने कंचनपुर बैरियर और बरगढ़ जाने वाले रास्ते पर दोनों कारों को संदेह के आधार पर पकड़ लिया। दोनों कारों से 6 आरोपी गिरफ्तार पहली हुंडई औरा कार से संदीप सिंह (23), ललित पाल (22), शुभम सिंह (20) और दीपांशु सिंह (20) पकड़े गए। ये सभी प्रयागराज और फतेहपुर जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं।दूसरी कार से प्रिंस सिंह (28) और देवेंद्र तिवारी (25) को पकड़ा गया। दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पूछताछ में सफारी में गांजा होने की जानकारी दी सरिया पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके पीछे चल रही टाटा सफारी में अनिल चौधरी गांजा लेकर चल रहा था। इसके बाद सरिया पुलिस ने रायगढ़ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस ने नाकेबंदी की और सफारी समेत दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। 34.865 किलो गांजा और 3 वाहन जब्त पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को मामले में नामजद किया है। उनके कब्जे से 34.865 किलो गांजा, एक टाटा सफारी, दो हुंडई औरा कार और 8 मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक गांजे की कीमत 17 लाख 43 हजार 200 रुपए है। वाहनों और अन्य जब्ती को मिलाकर कुल 61 लाख 53 हजार 200 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ लैलूंगा थाने में NDPS एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।
पलवल सीआईए स्टाफ ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने और पैसे निकालने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 20 एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि 18 अगस्त 2026 को दुधोला गांव के सोहनपाल ने गदपुरी थाना में शिकायत दी थी। सोहनपाल पृथला-दुधौला रोड पर स्थित एटीएम से पैसे निकालने गए थे। वहां एक अनजान शख्स ने धोखाधड़ी कर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया था। पीओएस मशीन के जरिए ट्रांसफर किए रुपए इसके बाद आरोपी ने उनके खाते से 82 हजार रुपए निकाल लिए। यह पैसे एटीएम और पीओएस मशीन के जरिए ट्रांसफर किए गए थे। शिकायत के आधार पर गदपुरी थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए स्टाफ पलवल को सौंपी गई। सीआईए स्टाफ ने कार्रवाई करते हुए मथुरा (यूपी) के फालेन गांव निवासी अनिल और सोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस कर रही आरोपियों से पूछताछ आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 20 एटीएम कार्ड मिले हैं। इनमें शिकायतकर्ता सोहनपाल का बदला हुआ एटीएम कार्ड भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपनी पीओएस मशीन में 59 हजार 999 रुपए स्वैप कर ट्रांसफर किए थे। बाकी 22 हजार रुपए ततारपुर स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से निकाले थे। दोनों आरोपियों को सीआईए ने कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने और कहां-कहां और किन-किन के एटीएम कार्ड बदलकर कितने रुपए निकाले हैं।
नवादा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में वारिसलीगंज पुलिस ने एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर एक महिला समेत दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया पुलिस ने इनके पास से 20 हजार रुपए कैश, 2 मोबाइल फोन और एक ATM कार्ड बरामद किया है। पुलिस को 4 सितंबर को सूचना मिली थी कि साइबर ठगी में शामिल एक युवक वारिसलीगंज बाजार में घूम रहा है। यह जानकारी एसपी अभिनव धीमान को दी गई। SP के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। टीम ने वारिसलीगंज बाजार के सब्जी बाजार मोड़ और थाना क्षेत्र के कुंभी गांव में छापेमारी की। इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कम ब्याज पर लोन दिलाने का देते थे झांसा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के ससवहना, वर्तमान स्टेशन रोड निवासी अशोक कुमार की 30 वर्षीय पत्नी मुन्नी कुमारी और कुंभी गांव निवासी गुलशन सिंह के 19 वर्षीय बेटे शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों साइबर अपराधी लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी कंपनियों से कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसी तरह वे ऑनलाइन ठगी करते थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 634/26 दर्ज किया गया है। पुलिस कानूनी कार्रवाई पूरी कर दोनों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी, एसआई सुशील कुमार, एसआई रमेश कुमार, पीएसआई मनोज कुमार राय, एएसआई पप्पू कुमार और एएसआई मंजर धुनिया समेत दूसरे पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर मालखाने में रखे, पंचकूला कोर्ट ने दिया अमेजन को सौंपने का आदेश
पंचकूला सेशंस कोर्ट ने जब्त मोबाइल फोन अमेजन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को सौंपने का आदेश दिया है, क्योंकि मालखाने में लंबे समय तक रखने से कंपनी को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
Aadhaar App से सिर्फ ₹75 खर्च कर घर बैठे बदलें आधार में अपना मोबाइल नंबर, ये है सबसे आसान तरीका
Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए अब लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। UIDAI के नए Aadhaar App में मोबाइल नंबर बदलने का फीचर मिल रहा है, जिससे आप घर बैठे नया नंबर आधार से लिंक कर सकते हैं। जानिए App से मोबाइल नंबर बदलने का पूरा तरीका।
रायपुर में मोबाइल चोरी-गुमशुदगी की रिपोर्ट ही नहीं लिखी जा रही है। पीड़ित मोबाइल चोरी होने के बाद जब थाने पहुंचता है तो कई मामलों में उसकी शिकायत चोरी के रूप में दर्ज करने के बजाय उसे गुम मोबाइल का आवेदन थमा दिया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिले में चल रहे अवैध ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को मिली सीक्रेट जानकारी के आधार पर सदर थाना पुलिस और एक विशेष टीम ने मिलकर यह एक्शन लिया। इस दौरान नेटवर्क चलाने वाले 12 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। नगर एसडीपीओ विनता सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीम को कुछ समय से इलाके में अवैध सट्टा, जुआ और ऑनलाइन लॉटरी ऐप के जरिए बड़े स्तर पर सट्टेबाजी की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देशों पर जिले में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत भगवानपुर इलाके में की छापेमारी इसी अभियान के तहत सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर इलाके में एक खास ठिकाने पर प्लान बनाकर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके ऑनलाइन गेमिंग लॉटरी ऐप के माध्यम से सट्टा खिलाने और इस अवैध नेटवर्क को चलाने वाले 12 आरोपियों को पकड़ा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सट्टा चलाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और नकदी बरामद की है। इनमें 12 मोबाइल फोन, 2 कैलकुलेटर, पर्ची काटने वाली 12 लॉगबुक, कटी हुई पर्ची वाली 3 लॉगबुक और 12,110 रुपये नकद शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल गिरफ्तार आरोपियों में सदर थाना (मुजफ्फरपुर) क्षेत्र के दिवाकर आनंद, मिथुन कुमार, प्रकाश चन्द्र जैन, मनोज कुमार, संजीत पासवान, जितेन्द्र कुमार और राजेश कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही साहेबगंज से नीरज कुमार, काजी मोहम्मदपुर से मो. जलालुद्दीन, नगर थाना से शशिभूषण, पारू से चंद्रभूषण राउत और वैशाली जिले के महुआ के रहने वाले मनोज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुजफ्फरपुर के नगर एसडीपीओ 2 विनता सिन्हा ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार सभी 12 अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इन सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी गहराई से खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध ऑनलाइन लॉटरी नेटवर्क के तार राज्य के किन-किन अन्य हिस्सों या अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े हुए हैं।
दिल्ली मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल चिपका स्टाइल मार रहा था लड़का, तभी चल पड़ी ट्रेन, 20 घंटे में मच गया तहलका!
सिस्टम से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, फिर उतरा
धनबाद के टुंडी में 24 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और मुख्यमंत्री या विधायक जयराम महतो से बात कराने की मांग करने लगा. फोन पर विधायक से बातचीत के बाद युवक नीचे उतर आया. पुलिस ने लोगों से ऐसे जोखिम भरे कदम न उठाने की अपील की है.
पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर दंपति से 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पटना पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस ने जांच के दौरान शेखपुरा जिले के बरसा गांव के एक नाबालिग को पकड़ा है। उसके पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। मोबाइल की जांच में पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि आरोपी का गिरोह सिर्फ रंगदारी नहीं मांगता था, बल्कि साइबर अपराध भी करता था। पुराने सिक्के-नोट और पुरानी गाड़ियों के नाम पर ठगी पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग पुराने सिक्के और नोट बेचने का लालच देकर ठगी करते थे। पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों से पैसे वसूलते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम वसूली है। बरामद मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश कर रही है। डॉक्टर दंपति से मांगी थी 30 लाख की रंगदारी मामले की शुरुआत 4 अगस्त को हुई। पत्रकारनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टर दंपति को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन और मैसेज कर 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। धमकी मिलने के बाद डॉक्टर दंपति ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। दो दिन बाद व्यापारी से मांगे 10 लाख पुलिस अभी डॉक्टर दंपति से रंगदारी मांगने के मामले की जांच कर ही रही थी कि 6 अगस्त को एक और घटना हुई। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक व्यापारी को भी इसी तरह फोन और मैसेज से निशाना बनाया गया। व्यापारी से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो दिनों के अंतराल पर रंगदारी मांगने की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि दोनों मामलों के पीछे एक ही गिरोह हो सकता है। इसके बाद दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच शुरू की गई। एसपी पूर्वी के नेतृत्व में बनाई SIT मामलों की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। टीम में पत्रकारनगर और चित्रगुप्त नगर थाने के थानाध्यक्षों के अलावा संबंधित पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। रंगदारी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, फोन, कॉलिंग पैटर्न और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की गई। पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के साथ-साथ उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई। तकनीकी जांच से नाबालिग तक पहुंची पुलिस लगातार तकनीकी जांच और पुलिस के प्रयास के बाद टीम को गिरोह से जुड़े एक नाबालिग सदस्य तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने उसे निरुद्ध कर पूछताछ की। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान नाबालिग ने गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। बरामद मोबाइल फोन की जांच में भी कई डिजिटल दस्तावेज और अन्य सामग्री मिली है, जिनके आधार पर पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। रंगदारी के साथ साइबर ठगी भी करता था गिरोह जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर लोगों से रंगदारी मांगने के साथ-साथ साइबर अपराध में भी सक्रिय थे। आरोपियों का तरीका केवल एक तरह की ठगी तक सीमित नहीं था। वे अलग-अलग तरह के लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। प्रारंभिक जांच में पुराने सिक्के और पुराने नोट बेचने का झांसा देकर ठगी करने की बात सामने आई है। इसके अलावा पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों को भरोसे में लेकर ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की ठगी के जरिए गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इससे कितनी रकम की ठगी की गई। पटना के बाहर भी फैला है नेटवर्क पुलिस की जांच में यह भी संकेत मिला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल पटना तक सीमित नहीं था। इसके तार दूसरे जिलों से भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के सदस्यों, उनके आपसी संपर्क और अलग-अलग जिलों में उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह से जुड़े लोगों पर करीब आधा दर्जन संगीन मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन मामलों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले की घटनाओं में भी यही गिरोह शामिल था या नहीं। मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य बने जांच की अहम कड़ी पूरे मामले की जांच में बरामद दोनों मोबाइल फोन को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस इनकी तकनीकी जांच के जरिए कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, संपर्क में रहे लोगों और डिजिटल दस्तावेजों की जानकारी खंगाल रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस रंगदारी मांगने वाले आरोपियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ-साथ साइबर ठगी से जुड़े मामलों को भी जोड़कर जांच करने पर है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह की गतिविधियों, इससे जुड़े अन्य मामलों के बारे में और खुलासे होने की संभावना है।
भारत में आ रहा एक और देसी मोबाइल ब्रांड, लॉन्च होगा सबसे सस्ता फोन
Mivi One 5G भारत में लॉन्चिंग को तैयार किया है और कंपनी ने बताया है कि यह स्मार्टफोन 24 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने बताया है कि इस प्राइस सेगमेंट में आने वाला यह इकलौता फोन होगा, जिसमें स्नैपड्रैगन प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
मुरैना में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लिफ्ट देने के बहाने व्यक्ति से मारपीट कर लूट करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 27 अगस्त को लालौर फाटक-अंबाह बायपास पर रामकरन (49) को चार पहिया वाहन में लिफ्ट दी थी। रास्ते में उसके साथ मारपीट कर ₹10,200 नकद, आईटेल मोबाइल और आधार कार्ड लूट लिया। इसके बाद उसे गल्ला मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए थे। CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र से आरोपियों तक पहुंची पुलिस लालौर निवासी रामकरन पुत्र दोजीराम जाटव की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 399/26 के तहत धारा 394 बीएनएस और 11/13 एमपीडीपीके एक्ट में मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मराज मीना ने आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल के साथ आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश की गई। शिवलालपुरा नहर के पास हनुमान मंदिर से पकड़े पुलिस को 3 सितंबर को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी शिवलालपुरा नहर के पास हनुमान मंदिर के आसपास मौजूद हैं। टीम ने मौके पर दबिश देकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इशू पुत्र सीताराम, अमीन खां पुत्र जब्बार खां, आकाश पुत्र राजू जाटव और धर्मवीर पुत्र रामवरन जाटव के रूप में हुई है। ₹8,200, मोबाइल और आधार कार्ड बरामद एसपी धर्मराज मीना के अनुसार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹8,200, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार भी पुलिस ने जब्त की है। बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब ₹2.28 लाख बताई गई है।
अभियान: पुलिस ने मोबाइल व सोशल मीडिया के खतरे बताए
भास्कर न्यूज| कोण्डागांव मोबाइल और इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन, जानकारी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। यही मोबाइल, सोशल मीडिया उनकी सुरक्षा के लिए चुनौती भी बन रहे हैं। साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कोण्डागांव पुलिस ने स्कूलों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, जामकोटपारा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम हुआ।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं से सीधे संवाद किया। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी। कहा, मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग ज्ञान, शिक्षा के लिए करें। ऑनलाइन दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति, लिंक, ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। एसपी ने ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में समझाया। बताया, OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आए लिंक या फाइल को बिना जांचे न खोलें। सोशल मीडिया पर निजी फोटो, जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत में सतर्क रहें। पुलिस ने कहा, साइबर अपराध का शिकार होने पर डरें नहीं। चुप न रहें। तुरंत परिवार, शिक्षक या पुलिस को बताएं। साइबर ठगी होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत की जा सकती है। कार्यक्रम में कोण्डागांव पुलिस की पिंक स्क्वाड ने महिला, बालिका सुरक्षा, अधिकार, आत्मरक्षा पर जानकारी दी।
टोंक| सदर थाना इलाके स्थित बमोर रोड पर स्मैक के अवैध कारोबार की सूचना पर पुलिस ने बुधवार देर रात दबिश देकर एक महिला को 72.15 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई गई है। थानाधिकारी अंकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपिया मंडावर हाल बमोर रोड निवासी सोना सांसी (30) पत्नी सुनील सांसी के कब्जे से अवैध स्मैक के साथ 15 हजार 800 रुपए नकद और 8 एंड्रॉइड और एक की-पैड मोबाइल फोन भी जब्त किया हैं। पिछले पांच दिन में अवैध मादक पदार्थ स्मैक की तस्करी के खिलाफ पुलिस की यह दूसरी कार्रवाई है, दोनों कार्रवाई में 35 लाख से ज्यादा की अवैध स्मैक जब्त की गई। जिसकी जांच कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव कर रहे हैं। पुलिस आरोपी से स्मैक की सप्लाई के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। विदित रहे 4 दिन पहले रविवार की रात्रि भी पुरानी टोंक इलाके में हाईवे के पास बाइक सवार लड़कों काली पलटन, टोंक निवासी दिलशाद पठान और थनावत, अकलेरा (झालावाड़) निवासी सुनील बैरवा को गिरफ्तार कर उनके पास 20 लाख रुपए लागत की 98.21 ग्राम अवैध स्मैक जब्त के साथ-साथ 1 लाख 49 हजार 500 रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल और तीन एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया था।
Sant Kabir Nagar News: मोबाइल गायब होने के बाद खाते से उड़ गए 96 हजार
पौली निवासी योगेंद्र प्रसाद सोनी के साथ साइबर ठगी का
Rampur News: 17 गांवों में बिजली कटौती और मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति से ग्रामीण आक्रोशित
स्वार क्षेत्र के पैगंबरपुर समेत तहसील क्षेत्र के 17 गांवों में अघोषित बिजली कटौती और मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
Maharajganj News: चार हजार मोबाइल बैटरियों के साथ एसएसबी ने तस्कर को किया गिरफ्तार
SSB arrests smuggler with 4,000 mobile batteries.
Bulandshahar News: प्रीति के मोबाइल फोन में छिपे राज खोलेगी एफएसएल रिपोर्ट
प्रीति के मोबाइल फोन में छिपे राज खोलेगी एफएसएल रिपोर्ट
Jind News: गुम हुए 38 मोबाइल तलाश कर असल मालिकों को सौंपे
38 lost mobile phones were traced and handed over to their rightful owners.
Panchkula News: किशोरी को घूरने और मोबाइल नंबर मांगने के दोषी को एक साल की कैद
Man convicted of staring at a teenage girl and asking for her mobile number sentenced to one year in prison.
Panchkula News: चाकू मारकर मोबाइल लूटने के चार साल पुराने मामले में किशोर बरी
Teen acquitted in four-year-old stabbing and mobile robbery case
Jaunpur News: मोबाइल की लत पर कलम से वार, पुरस्कार से नवाजे गए होनहार
Villagers cornered the NHAI chairman, demanded a roundabout at the Semri-Aswan junction
मेन गेट का ताला तोड़कर बदमाशों ने परिवार को स्प्रे करने के बाद वारदात को अंजाम दिया।चोर घर से एक मोबाइल और ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी बाइक व एक्टिवा लेकर फरार हो गए।
जीआरपी ग्वालियर बीजी थाना पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल और कीमती सामान चुराने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से अलग-अलग कंपनियों के 10 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 3 लाख 8 हजार रुपए बताई गई है। यह आरोपी लंबे समय से चोरी के मामलों में फरार था। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक दीपशिखा सिंह तोमर ने बताया कि रेल अधिकारियों के निर्देश पर ट्रेनों में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चुराने वाला एक आरोपी इलाके में है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और 20 साल के अनिकेत परिहार को भिंड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी जीआरपी ग्वालियर बीजी थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 820/26, 821/26 और 738/26 में बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत फरार था। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न कंपनियों के 10 मोबाइल फोन मिले। पुलिस ने इन मोबाइलों को जब्त कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इन्हें किन ट्रेनों या यात्रियों से चुराया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ जीआरपी ग्वालियर के अलावा थाना कंपू में भी चोरी सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य साथियों और चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही बरामद मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ इस्तगाशा क्रमांक 10/26, धारा 35(1)ई, 106 बीएनएसएस और 305 सी बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। बरामद मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं।
करनाल में सरेबाजार महिला से स्नैचिंग:बाइक सवार 2 युवक थैला छीनकर फरार, मोबाइल और 4 हजार कैश था
करनाल जिले के घरौंडा में दिनदिहाड़े सरेबाजार एक महिला के साथ स्नैचिंग की घटना सामने आई है। बाइक पर सवार दो युवक आए और महिला के हाथ से बैग लेकर फरार हो गए। हालांकि महिला ने शोर भी मचाया लेकिन आरोपी तब तक फरार हो चुके थे। महिला के बैग में एक महंगा सूट, मोबाइल फोन, घर की चाबियां और कैश था। स्नैचिंग की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिला ने घरौंडा थाना में पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। बाजार में कपड़ा लेने आई थी महिला शहर के वार्ड नंबर-4 निवासी बचनी देवी वीरवार शाम करीब 6 बजे तकिया बाजार में थी। वह संधू कपड़े वाले की दुकान से कपड़े लेकर वापस घर की तरफ जा रही थी। जैसे ही वह डॉक्टर चमन वाली गली के सामने पहुंची तो सामने से एक बाइक आई। जिस पर 2 युवक सवार थे। जिसमें से एक युवक ने उसका बैग छीन लिया और बाइक को तेजी से लेकर फरार हो गए। महिला के बैग में था मोबाइल, सूट और कैश महिला के अनुसार, बैग में 15 हजार की कीमत का एक मोबाइल फोन, 5 हजार रुपए की कीमत का एक सूट, घर की चाबियां और 4 हजार रुपए कैश थे। महिला ने बताया कि उसने शोर भी मचाया लेकिन आरोपी तब तक फरार हो चुके थे। कोई भी उन्हें नहीं पकड़ पाया। आसपास के लोगों ने पुलिस को शिकायत दी। जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। महिला बाजार से सीधा थाने में पहुंची और वहां पर लिखित शिकायत दी। मामला दर्ज जांच जारी घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि तकिया मार्किट में महिला के साथ स्नेचिंग की घटना सामने आई है। महिला ने शिकायत दी है। जिसमें उसने बताया है कि बाइक सवार उसका बैग लेकर फरार हो गए है। शिकायत के आधार पर अज्ञात बाइक सवारों पर मामला दर्ज किया गया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों को चेक किया जाएगा ताकि आरोपियों के बारे में कोई सुराग लग सके।
बिलासपुर में दो अलग-अलग मामलों में युवक और नर्स साइबर ठगी के शिकार हो गए। कोनी के ग्राम बिरकोना में रहने वाले एक युवक का मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 98 हजार रुपए पार कर दिए। वहीं, सिरगिट्टी में नर्सिंग स्टाफ ने ड्रेस के लिए आनलाइन आर्डर किया था, जिसकी कीमत महज 500 रुपए थी। उसकी डिलीवरी के नाम पर ठगों ने एक लाख रुपए ट्रांसफर करा लिया। दोनों मामलों में पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम बिरकोना के प्रहलाद बरेठ (33) ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि उसका बैंक अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा में है। 7 अगस्त 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने किसी लिंक या तकनीकी तरीके से उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया। मोबाइल हैक करते ही अकाउंट खाली फोन हैक होने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के 98 हजार रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए। पीड़ित को इस ऑनलाइन ठगी की भनक तब लगी जब उसने अपना बैंक अकाउंट चेक किया। खाते से अचानक 98 हजार गायब देख उसके होश उड़ गए। उसने बैंक जाकर ट्रांजक्शन की जानकारी ली और इसके बाद थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। कोनी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खाते और उस आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। 500 रुपए के ड्रेस का ऑनलाइन आर्डर, ठगों ने वसूले एक लाख रुपए वहीं, सिरगिट्टी में रहने वाली नर्सिंग स्टाफ ने ऑनलाइन साइट से 500 रुपए की ड्रेस ऑर्डर की थी। डिलीवरी से पहले उसने 500 रुपए का भुगतान भी कर दिया था। लेकिन ड्रेस नहीं पहुंची तो 24 अगस्त को उसने दिए गए नंबर पर फोन किया। इसके बाद ठगों ने डिलीवरी के नाम पर उससे फिर 500 रुपए मांगे। इसके बाद आईडी ब्लॉक होने और फर्जी खाते में पैसे जमा करने जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर ठगों ने उससे कई किस्तों में करीब 1 लाख रुपए जमा करा लिए। एक लाख देने के बाद ठगी का हुआ एहसास ढेर सारे रुपए देने के बाद भी जब नर्स को उसका ड्रेस नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वह थाने जाकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मुताबिक नर्स ने रुपए 22 अगस्त से 31 अगस्त तक अलग-अलग खातों में कई बार रुपए ट्रांसफर किए हैं। मामले में आईटी एक्ट व धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज पुलिस ने संबंधित खातों की जानकारी जुटा रही है।
जांजगीर-चांपा में लिफ्ट देने के बहाने युवक को रास्ते में रोककर चाकू दिखाकर लूटने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक से जबरन 4 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए और उसका मोबाइल भी छीन लिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15 हजार रुपए कीमत का मोबाइल, घटना में इस्तेमाल चाकू और पेचकस बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, कन्हाईबंद निवासी मुकेश पटेल ने नैला चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 30 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे वह नैला की देसी शराब दुकान गया था। वहां से मोटरसाइकिल से घर लौटते समय दो युवकों ने उससे लिफ्ट मांगी। रास्ते में बाइक रुकवाकर दिखाया चाकू कुछ दूर जाने के बाद दोनों युवकों ने बाइक रुकवाई और मुकेश को चाकू दिखाकर रुपए मांगने लगे। मुकेश के पास नकद रकम नहीं होने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल के जरिए जबरदस्ती 4 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। वारदात के बाद दोनों मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। तकनीकी जांच से दोनों आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के बाद नैला चौकी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर शरद कुमार सूर्यवंशी (23) और भानुप्रताप सूर्यवंशी (23) ने लूट और मारपीट की वारदात कबूल कर ली। मोबाइल, चाकू और पेचकस बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मुकेश का 15 हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और पेचकस बरामद किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मानसा जिले की बरेटा पुलिस ने लूट के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। पुलिस ने बताया कि 30 अगस्त की रात करीब साढ़े 8 बजे धर्मपुरा के पास नितीश कुमार को रोककर उनसे मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली गई थी। इस बारे में 31 अगस्त को बरेटा थाने में केस दर्ज हुआ था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हरजिंदर सिंह उर्फ कौला और गुरप्रीत सिंह उर्फ पीती को गिरफ्तार किया है। दोनों वार्ड नंबर 2, बोहा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान लूटे गए बाकी सामान और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में जरूरी जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस के अनुसार, बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जोनल मजिस्ट्रेट-पुलिस मोबाइल पार्टी की ट्रेनिंग, संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
सवाई माधोपुर में नगरीय निकाय चुनाव-2026 को लेकर जोनल मजिस्ट्रेट और पुलिस मोबाइल पार्टी के प्रभारी अधिकारियों का संयुक्त प्रशिक्षण हुआ। संवेदनशील क्षेत्रों, 100 मीटर दायरे और भयमुक्त मतदान पर विशेष निर्देश दिए गए।
राजकॉप ऐप पर अब मोबाइल से दर्ज होगा होटल में ठहरने वाले आगंतुकों का पूरा विवरण
राजस्थान पुलिस ने राजकॉप ऐप पर ई-विजिटर सुविधा शुरू की है, जिससे होटल-धर्मशालाओं में ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण मोबाइल से दर्ज होगा।
जबलपुर के बगदरी वाटर फाॅल घूमने गए दमोह के बालकों को निर्वस्त्र कर पीटा, मोबाइल व रुपये छीने
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई। पाटन पुलिस वीडियो की जांच करने के साथ ही दोनों युवकों की तलाश कर रही है।
गुरुग्राम में मोबाइल दुकान से सामान चोरी:महंगे फोन और एसेसरीज ले गए, शटर तोड़कर घुसते CCTV में कैद
गुरुग्राम जिले में चोरियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ताजा मामला बिलासपुर इलाके का है, जहां चोरों ने एक मोबाइल फोन की दुकान को निशाना बनाया। यहां से लाखों रुपए के मोबाइल फोन और फोन एसेसरीज चोरी कर ली गईं। जानकारी के मुताबिक, चोर दुकान में घुसे और वहां रखे महंगे मोबाइल फोन के साथ बड़ी मात्रा में मोबाइल एसेसरीज चुराकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हुए चोर चोरी के बाद दुकान संचालक ने गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी। चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में चोर दुकान के अंदर घुसकर सामान चुराते हुए साफ दिख रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है, ताकि चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ा जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरी हुए मोबाइल फोन व एसेसरीज का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है।
एफएफएस मोबाइल एप से घर बैठे उर्वरक बुकिंग, भेड़ोला में किसानों को दी जानकारी
भेड़ोला में किसान जागरूकता अभियान के दौरान एफएफएस एप से यूरिया-डीएपी बुकिंग की प्रक्रिया समझाई गई, निर्धारित सीमा की जानकारी दी गई।
पुरी पुलिस ने दिन में फेरीवाले बनकर रेकी करने वाले एक अंतरराज्यीय डकैत गिरोह का पर्दाफाश किया है। उत्तर प्रदेश से तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर 40 मोबाइल फोन और 1.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
मोगा में मोबाइल टावर से चोरी का प्रयास:अलार्म बजने पर बाइक छोड़कर भागे, पुलिस ने अरेस्ट किए तीन युवक
फतेहगढ़ पंजतूर पुलिस ने मोबाइल टावर से चोरी की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस अब आरोपियों से उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है। मोगा के एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने बताया कि डीजीपी पंजाब के निर्देश पर समाज विरोधी और आपराधिक तत्वों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मोगा पुलिस चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। अलार्म बजने पर पहुंचे सिक्योरिटी सुपरवाइजर पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को रात करीब 1 बजे गांव किट्टी गांद्रा में एक मोबाइल टावर खराब होने का अलार्म बजा। इस पर एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुरमेज सिंह निवासी बहोना, थाना मैहणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कुछ लोग मोबाइल टावर से चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा टीम को आते देख आरोपी अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर भाग गए। शिकायतकर्ता गुरमेज सिंह की जांच में पता चला कि यह मोटरसाइकिल आरोपी नवप्रीत सिंह उर्फ नवी की थी। पुलिस ने दर्ज किया आरोपियों पर केस गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नवप्रीत सिंह उर्फ नवी निवासी फतेहगढ़ पंजतूर, जसप्रीत सिंह उर्फ जैन निवासी फतेहगढ़ पंजतूर और जिऊण सिंह उर्फ जिऊणा निवासी सरदेशाहवाला शामिल हैं। इस मामले में फतेहगढ़ पंजतूर थाने में 1 सितंबर 2026 को धारा 305, 112(2), 331(2), 62 बीएनएस 2023 और धारा 42(6) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अमेठी पुलिस की सर्विलांस टीम ने 217 गायब मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कीमत 55 लाख रुपए से ज्यादा है। एसपी सरवणन टी के नेतृत्व में टीम को यह बड़ी सफलता मिली है। एसपी सरवणन टी ने आज एसपी ऑफिस के सभागार में लोगों को उनके गायब हुए मोबाइल फोन सौंपे। अपना फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस को धन्यवाद दिया और आभार जताया। पिछले पांच महीने में जिले में बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल फोन गायब हुए थे। लोगों ने 101 लोक शिकायत और 116 सीईआईआर पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतें दर्ज होने के बाद जिले की सर्विलांस सेल और स्वाट टीम सक्रिय हुई। टीम ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और देश के कई स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद किया। देखें, 3 तस्वीरें… सर्विलांस और स्वाट टीम ने कुल 217 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कुल कीमत करीब 55 लाख रुपए से ज्यादा है। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन पहली बार जिले की स्वाट और सर्विलांस टीम ने बरामद किए हैं। मोबाइल फोन बरामद करने वाली टीम में स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह, सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल पवनेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल स्वाट टीम रामबाबू, स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल आलोक सिंह, हेड कांस्टेबल अजय प्रकाश सर्विलांस सेल, हेड कांस्टेबल आशीष सिंह चौहान सर्विलांस सेल, कांस्टेबल बृजेश सिंह सर्विलांस सेल, कांस्टेबल दीपचंद स्वाट टीम, कांस्टेबल कपिल सिंह सर्विलांस सेल, कांस्टेबल मनीष सर्विलांस, कांस्टेबल शिवराम स्वाट टीम, कांस्टेबल जय हिंद स्वाट टीम और कांस्टेबल सिकंदर खान स्वाट टीम शामिल थे। एसपी ने इस टीम को गुड एंट्री दी है।
महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
जालंधर जिले के नकोदर में वीरवार को कालिया मोहल्ले में एक झपटमार युवक ने ढोल बजाने वाले एक युवक का मोबाइल छीनकर फरार हो गया। पीड़ित की पहचान नकोदर के गांव लितरां निवासी सतीश के रूप में हुई है, जो ढोल बजाकर अपने परिवार का गुजारा करता है। सतीश वीरवार को डेरे के बाहर खड़ा था, तभी एक अज्ञात युवक उसके पास आया। युवक ने बताया कि उसके घर में देग बनवाई गई है, जिसे धार्मिक स्थल पर चढ़ाना है और इसके लिए ढोल बजाने की जरूरत है। 500 रुपए दिहाड़ी तय होने के बाद सतीश उसके साथ चल पड़ा। अपने फोन का बैलेंस खत्म होने का बनाया बहाना आरोपी सतीश को बातों में उलझाकर कालिया मोहल्ले की एक सुनसान गली में ले आया। वहां पहुंचकर शातिर ने बहाना बनाया कि उसके फोन का बैलेंस खत्म हो गया है और उसे घर पर जरूरी बात करनी है। सीधे-सादे सतीश ने उस पर भरोसा करके अपना फोन उसे दे दिया। आरोपी बात करने का नाटक करते हुए अचानक मौका पाकर मोबाइल लेकर भाग गया। सतीश के शोर मचाने पर मौके से गुजर रहे स्थानीय युवक मनिंदरजीत लक्की ने जल्दी से मोटरसाइकिल पर चोर का पीछा किया। हड़बड़ाहट में भागते समय चोर की चप्पल गली में छूट गई और वह नंगे पैर ही गलियों में गायब हो गया। दूसरे रास्ते से आया और चप्पल लेकर भागा काफी तलाश के बाद जब लोग मौके पर लौटे, तो शातिर चोर की हिम्मत देखकर सब हैरान रह गए। वह दूसरे रास्ते से चुपके से वापस आया और अपनी छूटी हुई चप्पल भी उठाकर फरार हो चुका था। पीड़ित सतीश ने रोते हुए बताया कि वह बहुत गरीब परिवार से है और यह मोबाइल किसी परिचित ने विदेश से भेजा था। उसने कहा कि वह घर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा, क्योंकि परिजन गुस्सा होंगे कि उसने अनजान व्यक्ति को फोन क्यों दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
फाजिल्का जिले में अबोहर के ठाकर आबादी रोड पर गुरुवार सुबह एक ई-रिक्शा ड्राइवर की लापरवाही से रेलवे फाटक टूट गया। चालक जल्दबाजी में बंद हो रहे फाटक के नीचे से निकलने की कोशिश कर रहा था। इस घटना से रेलवे कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। फाटक टूटने के बाद ई-रिक्शा चालक घबरा गया और अपना रिक्शा और मोबाइल मौके छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची और ई-रिक्शा को अपने कब्जे में ले लिया। आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्थायी फाटक लगाकर ट्रेन को निकाला फाटकमैन सन्नी ने बताया कि आज सुबह करीब 11 बजे वह ट्रेन आने के कारण फाटक बंद कर रहा था। इसी दौरान ठाकर आबादी से शहर की ओर आ रहे एक ई-रिक्शा चालक ने जल्दबाजी में फाटक के नीचे से निकलने का प्रयास किया। जिससे फाटक का पोल टूट गया। घटना के बाद, ट्रेन के समय पर आने के कारण फाटकमैन ने अस्थायी फाटक लगाकर ट्रेन को वहां से निकाला। इस काम में उसे और अन्य रेलवे कर्मचारियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टूटे हुए फाटक को तकनीकी अधिकारी ही ठीक करेंगे, जिसमें अभी समय लग सकता है। उन्होंने लोगों से इस दौरान सहयोग देने की अपील की है।
धनबाद के टुंडी थाना क्षेत्र के बादलपुर काजी टोला में 24 वर्षीय जाहिद अंसारी मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। जाहिद सुबह करीब आठ बजे टावर पर चढ़ा था। सूचना मिलने पर टुंडी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था। इस दौरान उसने पुलिस के सामने मांग रखी कि उसकी बात राज्य के मुख्यमंत्री या विधायक जयराम महतो से कराई जाए। कई घंटे की कोशिश के बाद विधायक से फोन पर हुई बात युवक की मांग को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे समझाने का प्रयास जारी रखा। कई घंटे की कोशिश के बाद जाहिद अंसारी की फोन पर विधायक जयराम महतो से बात कराई गई। बातचीत होने के बाद युवक टावर से नीचे उतर आया। उसके नीचे उतरते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। युवक के टावर पर चढ़ने से आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि, विधायक से बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। टावर पर चढ़ने की वजह अब तक नहीं बताई टुंडी थाना प्रभारी उमाशंकर ने बताया कि एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने के बाद उसे नीचे उतारा गया। थाना प्रभारी के अनुसार, युवक ने अभी तक टावर पर चढ़ने की वजह स्पष्ट नहीं बताई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसी क्या परेशानी थी, जिसके कारण जाहिद को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए टावर पर चढ़ना पड़ा। फिलहाल युवक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अपनी परेशानी सीधे सरकार को बताऊंगा टावर से नीचे उतरने के बाद जाहिद अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी परेशानी सीधे सरकार को बताएगा, किसी और को नहीं। हालांकि, उसने अपनी परेशानी की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की। युवक की ओर से मुख्यमंत्री या विधायक से बात कराने की मांग और उसके बाद टावर से उतरने की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच के साथ युवक से पूछताछ कर रही है, ताकि टावर पर चढ़ने के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
गुरुग्राम शहर में बिलासपुर चौक के पटौदी रोड पर एक प्रसिद्ध मोबाइल शोरूम को चोरों ने अपना निशाना बनाया। शातिर चोरों ने दुकान के शटर के दोनों तरफ लगे भारी ताले काटकर करीब 4 लाख रुपये मूल्य के स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज पर हाथ साफ कर दिया। शोरूम मालिक जब सुबह पहुंचा, तो उन्हें चोरी का पता चला। गांव पथरेड़ी के रहने वाले सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बिलासपुर चौक स्थित 'राधा कृष्णा मोबाइल' शोरूम है। वे हर रोज की तरह मंगलवार रात करीब 9 बजे अपनी दुकान को ठीक से बंद करके घर चले गए थे। अगले दिन बुधवार सुबह को करीब 7 बजे जब वे अपनी दुकान पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ताले काटकर अंदर घुसे चोर दुकान के शटर के दोनों किनारों पर लगे ताले कटे हुए जमीन पर पड़े थे और शटर आधा ऊपर उठा हुआ था। उसने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जब दुकान का शटर पूरी तरह उठाकर अंदर जांच की गई, तो पूरा काउंटर और रैक खाली पड़े थे। सीसीटीवी में दिखे दो नकाबपोश चोर पुलिस की मौजूदगी में जब दुकान के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया, तो चोरी की पूरी वारदात सामने आ गई। फुटेज के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 2:05 बजे एक अज्ञात लड़का शटर के नीचे से रेंगते हुए काउंटर की तरफ आता दिखाई दिया। उसने पुलिस से पहचान छुपाने के लिए अपने मुंह पर मास्क लगा रखा था और उसकी पीठ पर एक बड़ा बैग टंगा हुआ था। दो बैग भरकर ले गए चोर उसने काउंटर और रैक में रखे कीमती मोबाइलों को एक-एक कर अपने बैग में भरना शुरू कर दिया। इसके ठीक बाद उसका दूसरा साथी भी एक अन्य बैग लेकर दुकान के अंदर दाखिल हुआ। दोनों चोरों ने बेहद शातिराना अंदाज में दुकान को खंगाला और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए। भागते समय चोर दुकान का शटर आधा खुला ही छोड़ गए। सैमसंग और मोटो सहित 16 मोबाइल चोरी दुकानदार द्वारा पुलिस को दी गई सूची के अनुसार, चोरों ने दुकान से भारी मात्रा में कीमती इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स चोरी किए हैं। जिसमें सैमसंग के आठ, मोटोरोला के छह, नोकिया कीपैड के दो मोबाइल समेत भारी मात्रा में स्मार्ट वॉच और ईयरबड्स चोरी हुए हैं। चार लाख का नुकसान पीड़ित के मुताबिक चोरी गए कुल सामान की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए है। अभी मोबाइल के अलावा जो अन्य सामान चोरी हुआ है, उसकी सटीक गिनती स्टॉक रजिस्टर से मिलान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। मामले की जांच में जुटी पुलिस बिलासपुर थाना पुलिस की तरफ से बताया गया है कि पीड़ित दुकानदार की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग और मोबाइल फोन्स के बिलों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों के हुलिए और रूट को ट्रैक किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिलासपुर में बिजली उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से ई-केवाईसी कराना होगा। इसके लिए मीटर रीडर उपभोक्ताओं के घर पहुंचेंगे और मोबाइल ऐप के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। सीएसपीडीसीएल ने बिजली कनेक्शन और उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को सही और पारदर्शी बनाने के लिए यह पहल शुरू की है। बिलासपुर रीजन के तहत बिलासपुर, जीपीएम, मुंगेली और कोरबा जिले के करीब 8 लाख 57 हजार 800 बिजली उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, इससे उपभोक्ताओं का सही डेटाबेस तैयार होगा। साथ ही यह भी पता चलेगा कि बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति वास्तविक और वैध उपभोक्ता है या नहीं। ई-केवाईसी के दौरान बिजली कनेक्शन से जुड़े उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर है, वह सही उपभोक्ता है या नहीं। साथ ही मौजूदा समय में कनेक्शन का इस्तेमाल कौन कर रहा है, इसकी जानकारी भी सामने आएगी। इससे बिजली कंपनी को अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के तीन विकल्प दिए गए हैं। उपभोक्ता ‘मोर बिजली मोबाइल ऐप’ के जरिए खुद ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर अधिकृत कर्मचारियों से भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। तीसरा विकल्प मीटर रीडर के जरिए है, जो घर पहुंचकर मोबाइल ऐप से प्रक्रिया पूरी करेगा। ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस से होगा सत्यापन ई-केवाईसी के दौरान आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। आधार और बिजली कनेक्शन में नाम अलग होने पर पहले सुधार यदि उपभोक्ता का नाम बिजली कनेक्शन और आधार कार्ड में अलग-अलग है, तो पहले बिजली कनेक्शन में नाम सुधार कराना होगा। केवल नाम में गलती होने पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं, मालिकाना हक में बदलाव होने पर नियमानुसार शुल्क और जरूरी दस्तावेज देने होंगे। ई-केवाईसी पूरी तरह निशुल्क विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है। इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। कंपनी ने अपील की है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें। केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी कराएं और किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल न करें।
जयपुर में साइबर ठगी: मोबाइल अपडेट होते ही खातों से उड़ गए 2.93 लाख रुपये, फुटेज में देंखे पुलिस ने शुरू की जांच
फिरोजपुर में राहगीरों से मोबाइल छीनने और वाहन चोरी करने वाले गिरोह के तीन शातिर गिरफ्तार
फिरोजपुर में राहगीरों से मोबाइल छीनने और वाहन चोरी करने वाले गिरोह के तीन शातिर गिरफ्तार
गोरखपुर में 35 साल की एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने न्यूडकर उसकी डेडबॉडी सड़क किनारे खेत में फेंक दी। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने देखा तो हड़कंप मच गया। एक ग्रामीण ने शव पर कपड़ा ओढ़ा दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य इकट्ठा किया गया। फिलहाल, लाश की पहचान नहीं हो सकी है पुलिस आसपास के जिलों से मदद मांग रही है। घटना झंगहा थाना क्षेत्र के गहिरा गांव के भूमिहार टोला की है। मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों ने देखा शव पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह कुछ ग्रामीण मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान सड़क किनारे खेत में महिला का शव दिखाई दिया। शव की स्थिति देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास छानबीन की। जांच के दौरान कुछ दूरी पर एक लोअर, चप्पल और मोबाइल फोन मिला है। पुलिस इन सामानों को भी जांच का हिस्सा बनाकर महिला की पहचान करने की कोशिश कर रही है। गले पर चोट का निशान, दुष्कर्म की भी आशंका पुलिस को महिला के गले पर चोट का निशान मिला है। इसी आधार पर गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका को लेकर भी जांच कर रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस को यह भी आशंका है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को लाकर खेत में फेंका गया। घटनास्थल और आसपास के इलाके की जांच के साथ पुलिस इस बिंदु पर भी जानकारी जुटा रही है। मोबाइल से पहचान की कोशिश पुलिस ने मौके से मिले मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। इसके जरिए महिला की पहचान और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार के मुताबिक, पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। महिला की पहचान कराने के लिए आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
जनशक्ति जनता दल पार्टी के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने दावा किया है उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। जेजेडी अध्यक्ष ने एक मोबाइल नंबर शेयर किया है और यह भी कहा है कि उनसे पैसों की डिमांड की गई है।
Gorakhpur News: बाइक सवार बदमाश छात्रा से मोबाइल छीनकर भागे
Bike-borne miscreants snatched a mobile phone from a female student and fled.
Mandi News: छात्र का मोबाइल कब्जे में लिया, बिसरा भी जांच के लिए रखा
आईआईटी मंडी के पीएचडी छात्र गुरप्रीत सिंह की कटौला में किराये के कमरे में हुई मौत के मामले में पुलिस ने गहन जांच कर रही है।
Kaithal News: छह की जगह एक मोबाइल देकर युवक से 68,994 रुपये ठगे
Cheated Rs 68,994 from youth by giving him a mobile
Jalaun News: 24 घंटे में मोबाइल लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
24 घंटे में मोबाइल लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
Hisar News: मोबाइल शाॅप संचालक को मारने की धमकी देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
मोबाइल शाॅप संचालक को मारने की धमकी देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
Amethi News: स्वागत समारोह में मंच से मोबाइल चोरी
स्वागत समारोह में मंच से मोबाइल चोरी
Panchkula News: मोबाइल हैक कर खाते से 4.86 लाख रुपये उड़ाए
Rs 4.86 lakh siphoned off from account after hacking mobile phone.
भोपाल शहर की दो मल्टी लेवल पार्किंग में अब आप फॉस्टैग के जरिए भी शुल्क दे सकेंगे। इसके अलावा यूपीआई एवं मोबाइल एप आधारित डिजिटल पार्किंग व्यवस्था भी रहेगी। इसी साल 9 जुलाई से शहर की 5 मल्टी लेवल पार्किंग्स में कैशलेस पार्किंग की व्यवस्था प्रारंभ करते हुए पार्किंग शुल्क का नकद भुगतान पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है। स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था के तहत पार्किंग स्थलों के प्रवेश द्वार पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनेशन (एएनपीआर) कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानकर फॉस्टैग रीडर के माध्यम से वाहन के प्रवेश को डिजिटल रूप में दर्ज करता है। इसके बाद पार्किंग रिकॉर्ड स्वतः जनरेट हो जाता है। इसी तरह वाहन के पार्किंग स्थल के बाहर निकलते समय एएनपीआर कैमरा और फॉस्टैग आधारित सिस्टम से वाहन की पहचान की जाती है और निर्धारित पार्किंग शुल्क फॉस्टैग के माध्यम से डिजिटली संधारित किया जाता है। इस तरह भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने पर वाहन बिना आवश्यक मैन्यूअल पार्किंग स्थल से बाहर निकलते हैं। नई व्यवस्था से जल्दी आ-जा सकेंगे वाहननई व्यवस्था से पार्किंग स्थल पर आने वाले वाहन के प्रवेश एवं निकास की प्रक्रिया अधिक तेज और सुव्यवस्थित होती है और नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। पार्किंग स्थलों पर फॉस्टैग के माध्यम से भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि किसी कारण से किसी वाहन में फॉस्ट टैग कार्य नहीं करता तो वाहन चालक के लिए क्यूआर कोड एवं यूपीआई आधारित भुगतान की वैकल्पिक सुविधा भी उपलब्ध है। उपरोक्त स्थितियों के अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
श्रमिकों के लिए यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वास्थ्य मेले, शुरू होगी मोबाइल मेडिकल सेवा
श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए जल्द मोबाइल मेडिकल सुविधा और हर जिले में स्वास्थ्य मेले लगेंगे। इसके साथ ही, डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र खोले जाएंगे और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
ट्रैवलिंग, मोबाइल और इंटरनेट अलाउंस भी आय का हिस्सा, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ट्रैवलिंग, मोबाइल और इंटरनेट अलाउंस को मुआवजे की गणना के लिए कर्मचारी की आय से अलग नहीं किया जा सकता। जस्टिस संजय के अग्रवाल की अदालत ने मृत मैकेनिकल इंजीनियर की आय में इन भत्तों को जोड़ते हुए मुआवजा 9.12 लाख रुपये बढ़ा दिया है।
चिल्लाता रहा भतीजा और चाचा ने छुड़ाया तार, जानिए अंबिकापुर में कैसे मोबाइल ने ली एक जान
सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डोई में मोबाइल चार्जर के तार में अतिरिक्त नंगा तार जोड़कर चार्जिंग कर रहा युवक रविन्द्र सिंह करंट की चपेट में आ गया। चाचा द्वारा तार अलग करने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
लुधियाना में ग्यासपुरा के महादेव नगर इलाके में आज देर शाम पैदल जा रहे 12वीं कक्षा के छात्र को नशेड़ियों ने सरेराह रोक लिया। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने छात्र पर चाकू से हमला कर दिया और खून से लथपथ हालत में उसका मोबाइल और 10 हजार नकद लूटकर फरार हो गए। घायल को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित गोपी ने बताया कि वह अपनी 12वीं की पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए कंगनवाल इलाके की एक फैक्ट्री में पैकिंग का पार्ट-टाइम काम करता है। शाम को कम से छूटी कार वह पैदल ही अपने घर जा रहा था। ग्यासपुरा से करीब 3 किलोमीटर अंदर महादेव नगर के पास पीछे से बाइक सवार दो युवक आए। गोपी के मुताबिक उनकी शक्ल-सूरत से साफ लग रहा था कि वे नशेड़ी हैं। उन्होंने गोपी को साइड में बुलाया। इलाके में अक्सर होने वाली ऐसी वारदातों के कारण गोपी समझ गया कि कुछ गलत होने वाला है और वह उनसे बचकर दूर जाने लगा। सीधे छाती पर मारा चाकू, खून से लथपथ हुआ छात्र गोपी के दूर जाते ही बाइक के पीछे बैठा लुटेरा उतरा और उसे जबरन साइड में ले गया। इससे पहले कि गोपी कुछ समझ पाता लुटेरे ने एक काले रंग का बड़ा चाकू (छुरा) निकाला और सीधे उसकी छाती के पास वार कर दिया। चाकू लगते ही गोपी बुरी तरह लहूलुहान हो गया और खून बहने लगा। गोपी ने बताया कि अचानक हुए इस हमले और तेज खून बहने के कारण वह इतना घबरा गया कि उसके मुंह से आवाज तक नहीं निकली। तड़पते हुए छात्र की जेब से निकाले पैसे और हो गए फरार घायल अवस्था में तड़पते हुए गोपी का फायदा उठाकर एक लुटेरे ने उसकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया जबकि दूसरे ने उसकी जेब में रखे 10 हजार रुपए निकाल लिए। गोपी ने यह पैसे अपनी मेहनत से कमाए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों अपनी बाइक स्टार्ट कर मौके से फरार हो गए। चूँकि गोपी पैदल था इसलिए लुटेरों ने उसे आसानी से अपना शिकार बना लिया। अब CCTV के भरोसे पुलिस जांच अस्पताल में डॉक्टरों ने गोपी का इलाज कर उसके घाव पर 3 टांके लगाए हैं। गनीमत रही कि घाव ज्यादा गहरा नहीं था और डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है। गोपी ने बताया कि इस इलाके में ऐसी लूटपाट की घटनाएं आम हो गई हैं।अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गोपी कंगनवाल थाने जाकर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाएगा।
अररिया में इंटरडिस्ट्रिक्ट बाइक चोर गैंग का खुलासा:3 सदस्य गिरफ्तार, चोरी की 3 बाइक और मोबाइल बरामद
अररिया आरएस थाना पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की तीन बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इस मामले का खुलासा अररिया एसडीपीओ सुशील कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया। पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को अररिया मंडल कारा जेल गेट के पास से एक बाइक चोरी हो गई थी। चोरी हुई बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर BR38AL4325 था। इस मामले में आरएस थाना में FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने टेक्निकल जांच की और टावर डंप डेटा खंगाला। बाइक के साथ स्मार्टफोन बरामद साथ ही, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देखे गए। जांच के दौरान पुलिस को अंतरजिला बाइक चोर गिरोह से जुड़े कई जरूरी सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों की पहचान कर छापेमारी की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीम (30), जियारूल हक (22) और मो. साजन (21) के तौर पर हुई है। ये तीनों किशनगंज जिले के पौआखाली और दिघलबैंक थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई बाइक के अलावा यमाहा कंपनी की एक बाइक, हीरो ग्लैमर बाइक और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया है। गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश जारी पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अररिया जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई बाइक चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ और जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश जारी है। छापेमारी टीम में आरएस थाना अध्यक्ष सब-इंस्पेक्टर अंकुर, सब-इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार, डीआईयू टीम अररिया के पदाधिकारी और जवान, साथ ही आरएस थाना का पुलिस बल शामिल था।
जबलपुर के रेल यात्री ध्यान दें, मोबाइल में फोटो नहीं, रेल एप खोलकर दिखाना होगा अनारक्षित टिकट
कुछ मामलों में दूसरे यात्री का टिकट स्कैन कर उसका इस्तेमाल करने की कोशिश भी की जा रही है। पश्चिम मध्य रेल अब ऐसे मामलों पर सख्ती की तैयारी में है।
नोएडा पुलिस ने सोसाइटी और फ्लैटों में चोरी करने वाली महिला समेत तीन आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की ज्वैलरी, 5 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 6 मोबाइल फोन और 3.50 लाख रुपए नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी पहले सोसाइटी और फ्लैटों में घूमकर रेकी करते थे। पहचान छिपाने के लिए सिर पर कैप और चेहरे पर मास्क लगाते थे। बंद घर की पहचान करने के बाद तीनों अर्टिगा कार से वहां पहुंचते और मौका मिलते ही ताला तोड़कर घर में घुस जाते थे। इसके बाद ज्वैलरी, नकदी, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे। सेक्टर-123 के पास से तीनों पकड़े गए पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 2 सितंबर को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से कैलाश उर्फ दिवाकर, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली और सफेद धातु की ज्वैलरी, 5 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 6 मोबाइल फोन और चोरी के 3.50 लाख रुपए बरामद किए हैं। नोएडा से मथुरा तक दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-49 और सेक्टर-113 थानों के अलावा मथुरा के गोविंदनगर थाने में भी चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश के खिलाफ पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, इरफान और सोनाली के खिलाफ चार-चार मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते थे पुलिस के अनुसार गिरोह वारदात के लिए अर्टिगा कार का इस्तेमाल करता था। कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस ने कार से लगी नंबर प्लेट HR20AN3914 भी बरामद की है। पुलिस अब बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं का पता लगाने में जुटी है।
मुरैना जिले में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को मुरैना स्थित DMO खाद गोदाम को निर्धारित समय से करीब एक घंटे पहले ही शाम 4 बजे बंद कर दिया गया। उस समय खाद लेने के लिए किसान पहले से लाइन में खड़े थे। गोदाम बंद होने के बाद किसानों को बिना खाद दिए वापस जाने के लिए कह दिया गया। इससे किसानों में नाराजगी फैल गई। बताया जा रहा है कि कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने खाद वितरण केंद्रों को शाम 5 बजे तक चालू रखने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, यदि शाम 5 बजे तक किसान केंद्र पर मौजूद हैं तो खाद वितरण बंद नहीं किया जाना है। इसके बावजूद मंगलवार को DMO गोदाम को शाम 4 बजे ही बंद कर दिया गया। गोदाम प्रभारी पर किसानों के मोबाइल छीनने का आरोपगोदाम बंद किए जाने से नाराज किसानों ने मौके पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि वीडियो बनाए जाने पर गोदाम प्रभारी अभिषेक शर्मा और वहां मौजूद कर्मचारियों ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया। किसानों को मौके से चले जाने के लिए भी कहा गया। किसानों का कहना है कि वे सुबह से खाद लेने के लिए लाइन में खड़े थे। घंटों इंतजार करने के बाद जब खाद मिलने की बारी आई तो समय से पहले ही गोदाम बंद कर दिया गया। इससे किसानों को बिना खाद लिए वापस लौटना पड़ा। अतिरिक्त पैसे लिए जाने के भी आरोपकुछ किसानों ने खाद वितरण के दौरान निर्धारित राशि से अधिक पैसे लिए जाने के आरोप भी लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खाद के लिए उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और इसके बाद भी यदि समय से पहले केंद्र बंद कर दिया जाएगा तो उनकी परेशानी और बढ़ेगी। किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के साथ ही अतिरिक्त राशि लिए जाने के आरोपों की जांच कराने की मांग की है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। कृषि विभाग के अधिकारी ने फोन नहीं उठायामामले को लेकर दैनिक भास्कर टीम ने डिप्टी डायरेक्टर कृषि अन्नत सड़गैया से फोन पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कलेक्टर बोले- जांच कराएंगे, किसानों के रहते केंद्र बंद नहीं होंगेकलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि खाद वितरण केंद्र को लेकर शिकायत मिली है। कृषि अधिकारी और एसडीएम को मामले की जांच के लिए कहा गया है। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी खाद वितरण केंद्र किसानों के वहां रहने तक खुले रखे जाएंगे।
डीग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। मोबाइलों की जांच में अब तक करीब 4 लाख रुपए की साइबर ठगी का डेटा सामने आया है। आरोपी ऑनलाइन हथियार-पिस्टल की होम डिलीवरी और पुराने सिक्के-नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। वहीं, खोह थाना पुलिस ने सेना का जवान बनकर ऑनलाइन सामान खरीदने के नाम पर ठगी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कच्चे रास्ते पर छापेमारी, मोबाइल से कर रहे थे ठगी पहाड़ी थाना पुलिस को देर रात गश्त के दौरान मुखबिर से साइबर ठगी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मल्हाका रोड से भैसेड़ा, पहाड़ी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके पर मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन ठगी करते हुए साहिन, आरिफ, समीम, साहिल और साजिद को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 22 साल के बीच है। ये सभी पहाड़ी थाना क्षेत्र और हरियाणा के फिरोजपुर झिरका इलाके के रहने वाले हैं। फर्जी मोबाइल-सिम बरामद, 4 लाख की ठगी का डेटा तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 5 फर्जी एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 7 फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए। मोबाइलों की जांच में साइबर ठगी से जुड़ा डेटा मिला, जिसमें अब तक करीब 4 लाख रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस संबंध में पहाड़ी थाने में केस नंबर 287/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिस्टल से लेकर पुराने सिक्कों तक, ऐसे बिछाते थे ठगी का जाल पुलिस के अनुसार आरोपी मिलकर मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन ठगी करते थे। वे लोगों को ऑनलाइन हथियार और पिस्टल बेचने तथा होम डिलीवरी करने का झांसा देते थे। इसके अलावा पुराने सिक्के और नोट महंगे दामों में खरीदने का लालच देकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। खोह पुलिस ने 2 साइबर ठग पकड़े वहीं, खोह थाना पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 फर्जी एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी खुद को सेना का जवान बताकर ऑनलाइन सामान खरीदने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। पहले 1 रुपए डालकर 2 रुपए लौटाने का भरोसा मुखबिर की सूचना पर 1 सितंबर को पुलिस ने गंडवास से भयाड़ी बांध के पास दो युवकों को मोबाइल फोन से साइबर ठगी करते पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सेना का जवान बनकर ऑनलाइन सामान बुक करवाते थे। आरोपी पहले पार्टी से क्यूआर कोड में एक रुपए डलवाकर उसके बदले दो रुपए वापस डालने का भरोसा दिलाते थे। इससे सामने वाले का विश्वास जीतने के बाद सामान के बिल का भुगतान करवाकर रकम हड़प लेते थे। इस मामले में खोह थाने में प्रकरण संख्या 215/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। दो थाना क्षेत्रों में पुलिस की कार्रवाई पहाड़ी थाना पुलिस की कार्रवाई थाना अधिकारी योगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की। वहीं खोह थाना पुलिस की कार्रवाई थाना अधिकारी शिवलहरी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में साइबर सेल डीग की टीम ने भी सहयोग किया।
जन्माष्टमी के अवसर पर गोविंददेवजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जयपुर यातायात पुलिस ने QR कोड डिजिटल सुविधा शुरू की है। श्रद्धालु घर से निकलने से पहले ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था की जानकारी इसके जरिए ले सकेंगे। QR कोड स्कैन करते ही नजदीकी पार्किंग स्थल, लाइव पार्किंग की स्थिति, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और लोकल मैप की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए सुविधाजनक मार्ग चुनने और वाहन पार्क करने में आसानी होगी। यातायात पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल से QR कोड स्कैन कर यात्रा से पहले पार्किंग और यातायात व्यवस्था की जानकारी जरूर प्राप्त करें। श्रद्धालु निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही अपने वाहन पार्क करें, ताकि जन्माष्टमी के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। --- यह खबर भी पढ़िए- जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था लागू:जलेब चौक से होगा प्रवेश; रामनिवास बाग में पार्किंग, 5-6 किमी पैदल चलेंगे श्रद्धालु
भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के सेमरा इलाके में मंगलवार रात 20 वर्षीय श्रीकांत पटेल का शव घर में फंदे पर लटका मिला। घटना के समय श्रीकांत घर में अकेला था। उसकी मां पड़ोस में गई थीं, जबकि पिता फैक्ट्री में ड्यूटी पर थे। मां के लौटने पर घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मां ने लौटकर बेटे को देखा मां के घर लौटने पर उन्होंने श्रीकांत को फंदे पर लटका देखा। उन्होंने पड़ोसियों और मकान मालिक को बुलाया। इसके बाद शव को फंदे से नीचे उतारा गया। पिता बोले- सुबह हुई थी बात श्रीकांत कारपेंटरी का काम करता था और परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। पिता का कहना है कि श्रीकांत ने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। उनका कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता और उसके साथ कुछ गलत हुआ है।
भिवानी में BA द्वितीय वर्ष की छात्रा लापता:घर से कॉलेज पढ़ने के लिए निकली थी; मोबाइल भी बंद
भिवानी जिले के एक गांव निवासी युवती लापता होने का मामला सामने आया है। जो घर से पढ़ने के लिए कॉलेज में गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इधर, युवती का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। जिसके बाद परिवार ने तलाशन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी, शिकायत पर केस दर्ज करके पुलिस ने तलाश शुरू कर दी। भिवानी के नजदीकी गांव निवासी एक व्यक्ति ने सदर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि उसके 3 बच्चे हैं, उसकी बड़ी बेटी की उम्र 20 साल है, जो भिवानी के कॉलेज में पढ़ती है और बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। सुबह के समय करीब 8 बजे घर से कॉलेज में गई थी, लेकिन कॉलेज में पढ़ने के बाद वापस घर नहीं लौटी। परिवार को तलाश पर नहीं लगा सुराग इसके बाद परिवार वालों ने उसकी तलाश आरंभ कर दी, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लगा। उसकी लड़की के पास मोबाइल फोन था, वह भी बंद आ रहा है। अपने स्तर पर खोजने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली, तो इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार केस दर्ज करके युवती की तलाश आरंभ कर दी।
काॅल ड्राॅप प्राब्लम: मोबाइल में फुल नेटवर्क होने के बाद भी क्यों कट जाता है फोन? जानें असली वजह और सॉल्यूशन
Jalaun News: घर में घुसकर मोबाइल चोरी, मां-बच्चों की कनपटी पर तमंचा लगाया
घर में घुसकर मोबाइल चोरी, मां-बच्चों की कनपटी पर तमंचा लगाया
Deoria News: युवक को पीटकर मोबाइल छीना
The youth was beaten up and his mobile was snatched.
Panchkula News: 20 दिन में 40 गुम मोबाइल बरामद, इस साल 190 फोन लौटाए
40 lost mobile phones recovered in 20 days; 190 phones returned this year.
Pilibhit News: रील देखते ही मोबाइल हैक, खाते से निकले 99 हजार, पुलिस ने कराए वापस
इंस्टाग्राम पर रील स्क्रॉल करते समय पूरनपुर के मोहल्ला चौक निवासी इमरान के मोबाइल में संदिग्ध एनबीटीवी एप इंस्टाल हो गया। इसके बाद मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए।
पानीपत जिले में सनौली पुलिस ने गांव राणा माजरा में एक फेरी वाले से मोबाइल फोन और नकदी छीनने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राणा माजरा निवासी साहिल उर्फ जालो के रूप में हुई है। उसे सोमवार की शाम राणा माजरा यमुना बंधा के पास से पकड़ा गया। थाना सनौली प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनोद ने बताया कि रूपचंद कॉलोनी उग्राखेड़ी निवासी संजीव ने शिकायत दी थी। संजीव फेरी लगाकर सामान बेचते हैं और उन्होंने अपनी बाइक के पीछे रेहड़ा बनवाया हुआ है। गांव में राखी बेचने गया था व्यक्ति संजीव ने बताया कि 23 अगस्त को वह अपने दोनों बेटों वंश (15) और प्रियांशु (14) के साथ राणा माजरा गांव में राखी बेचने गए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे जब वह गांव में फेरी लगा रहे थे, तभी बाइक पर सवार दो युवक आए और संजीव का मोबाइल फोन और जेब में रखे करीब 4,500 रुपए छीनकर भाग गए। संजीव की शिकायत पर सनौली थाने में स्नैचिंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उन्हें पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी थी। सब इंस्पेक्टर विनोद ने बताया कि पुलिस टीम अपने सभी सूत्रों को सक्रिय कर आरोपियों को पकड़ने में लगी थी। सोमवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि स्नैचिंग की वारदात में शामिल एक आरोपी राणा माजरा यमुना बंधा के पास बाइक पर घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापा मारकर युवक को पकड़ लिया। भाई के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम पूछताछ में आरोपी साहिल ने अपने बड़े भाई शाहरूख के साथ मिलकर यह वारदात करना कबूल किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह और उसका फरार भाई शाहरूख नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए दोनों भाइयों ने मिलकर फेरी वाले से नकदी और मोबाइल फोन छीनने की वारदात को अंजाम दिया था। साहिल ने बताया कि छीना गया मोबाइल फोन उसके भाई शाहरूख ने अपने पास रख लिया था, और उसके हिस्से में छीनी गई 4,500 रुपए की नकदी आई थी। पुलिस ने आरोपी साहिल के कब्जे से बची 2500 रूपए की नकदी बरामद कर मंगलवार को पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया।
फाजिल्का में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद नजर आ रहे हैं। कि सिटी थाना फाजिल्का से कुछ ही दूरी पर स्थित संदीप टेलीकॉम की दुकान को चोरों ने निशाना बना लिया। चोर दुकान के ताले काटकर अंदर दाखिल हुए और करीब 40 मोबाइल फोन, एक LED सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। बड़ी बात यह है कि यह वारदात सिटी थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई। इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। वारदात के दौरान दुकान में जमकर तोड़फोड़ भी की गई। आरोपियों ने CCTV कैमरों की सप्लाई भी बंद कर दी, ताकि उनकी हरकत रिकॉर्ड न हो सके। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंची है और मामले में जांच की जा रही है । दुकान संचालक संदीप सिंह ने बताया कि वह सुबह दुकान पर पहुंचे तो दुकान के ताले कटे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा और टूटा हुआ था। दुकान में तोड़फोड़ की गई थी और CCTV कैमरों की सप्लाई भी बंद कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि चोर दुकान से करीब 40 मोबाइल और एक LED चोरी करके ले गए हैं। हालांकि दुकान के गल्ले में कैश नहीं था। CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की सूचना मिलने के बाद सिटी थाना फाजिल्का की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी भगवान चंद ने बताया कि मौके का जायजा लिया जा रहा है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस पूरी तरह सख्त है। आरोपियों को जल्द ट्रेस कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सुल्तानपुर साइबर थाना ने तेजी से कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के दो पीड़ितों के 96,400 रुपये मंगलवार शाम 4 बजे वापस कराए हैं। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक वृजनारायण सिंह व क्षेत्राधिकारी साइबर थाना राघवेंद्र सिंह की देखरेख में यह कार्रवाई की गई। पहला मामला मो. कासिम का है, जो कोतवाली नगर के पांचो पीरन निवासी हैं। उनके साथ 13 मई तक मोबाइल बैंकिंग के जरिए साइबर ठगी हुई थी। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे एनसीआरपी पोर्टल पर भी अपलोड किया गया। साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठगों के बैंक खाते फ्रीज कराए और संबंधित बैंक से संपर्क किया। इसके बाद पीड़ित के खाते में 80,000 रुपये वापस आ गए। दूसरा मामला लम्भुआ थाना क्षेत्र के धनेछ गांव निवासी सुभाष गौतम का है। उनके साथ 18 अगस्त तक 16,400 रुपये की साइबर ठगी हुई थी। उनकी शिकायत पर भी एनसीआरपी पोर्टल पर मामला दर्ज किया गया। साइबर थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जालसाजों के खाते फ्रीज कराए और बैंक से पत्राचार किया। इसके फलस्वरूप पीड़ित के खाते में पूरी 16,400 रुपये की रकम वापस आ गई। इस तरह, सुलतानपुर साइबर थाना की तेज और प्रभावी कार्रवाई से दोनों पीड़ितों की कुल 96,400 रुपये की ठगी गई रकम वापस मिल गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और साइबर क्राइम पुलिस थाना सुलतानपुर के मोबाइल नंबरों पर भी संपर्क करें।
सहरसा जिले के बिहरा थाना पुलिस ने सूखे नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक ई-रिक्शा से 47 किलो 425 ग्राम गांजा बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सदर थाना प्रभारी एसडीपीओ ओमप्रकाश ने बताया कि बिहरा थाना पुलिस को सुबह गश्ती के दौरान सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, सुपौल से बिहरा बाजार होते हुए एक ई-रिक्शा के जरिए भारी मात्रा में गांजा सहरसा ले जाया जा रहा था। 47 KG गांजा बरामद हुआ सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और पुलिस टीम ने मुक्तार मंदिर के समीप वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया। जांच अभियान के दौरान सुपौल की ओर से आ रहे एक संदिग्ध ई-रिक्शा (निबंधन संख्या: BR-50ER-6271) को रोका गया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर ई-रिक्शा से 47 पैकेटों में रखा 47 किलो 425 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा के साथ ई-रिक्शा और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। खेप की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तार तस्कर की पहचान सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र के ग्राम करीहो (वार्ड संख्या-13) निवासी पन्ना लाल साह, पुत्र झमेली साह के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। बिहरा थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि इस मामले में बिहरा थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहाँ से लाई गई थी और सहरसा में किसे पहुंचाई जानी थी।
पलवल में ट्रक ड्राइवर से मोबाइल लूटा:सड़क किनारे खड़ा, बाइक पर आए दो युवक, भागकर पकड़ने की कोशिश की
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर एक ट्रक ड्राइवर से मोबाइल फोन लूट लिया गया। ड्राइवर, ट्रक को साइड में खड़ा कर फोन पर बात कर रहा था, तभी बाइक सवार दो बदमाश आए और उसका फोन छीनकर भाग गए। मुंडकटी थाना पुलिस ने ट्रक ड्राइवर की शिकायत पर अज्ञात बाइकर्स के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। मुंडकटी थाना प्रभारी कैलाश चंद के अनुसार, ग्वालियर (मध्य-प्रदेश) के रहट गांव के रहने वाले गजेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है। गजेंद्र सिंह ट्रक ड्राइवर है। उन्होंने बताया कि वह नेशनल हाईवे-19 पर बंचारी गांव के पास अपने ट्रक को साइड में खड़ा करके फोन पर बात कर रहे थे। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस इसी दौरान बाइक पर सवार होकर दो लड़के आए। उन्होंने गजेंद्र सिंह के हाथ से फोन छीन लिया और फरार हो गए। गजेंद्र सिंह ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे बाइक पर थे और वह पैदल थे, इसलिए पकड़ नहीं पाए। इसके बाद गजेंद्र सिंह ने अपने ट्रक का सामान मंजिल पर उतारने के बाद मुंडकटी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हाईवे के किनारे लगे सीसीटीवी कैमरों को देखे जा रहे हैं, ताकि बाइकर्स की पहचान हो सके। पहचान होने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि पुलिस की टीम इस काम में लगी हुई है और जल्द ही लुटेरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
दरभंगा में पत्नी को पीटा, मोबाइल फोड़ा... फिर कमरे में बंद होकर फंदे से लटक गया पति
दरभंगा में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने उसे पीटकर घर के बाहर छोड़ा और फिर कमरे में बंद होकर फांसी लगा ली। पत्नी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर युवक को फंदे पर लटका पाया, जिससे परिवार में मातम पसर गया।
हिसार की गणेश मार्केट स्थित सच मोबाइल शॉप के मालिक को धमकी मिली है। अज्ञात व्यक्तियों ने गाड़ी में पर्ची फेंक दी जिस पर लिखा था मुकेश हमारा काम है मानस मारना, मनोज सिंधवानी मेरा भाई तेरा उसके साथ कोई मैटर चल रहा है। हमारी बात मान ले मैटर खत्म कर दे। नहीं तो गोलियां चलेंगी। हमारे से पंगा लेने वाला जिंदा कौनी बचे। इस घटना के बाद दुकान मालिक मुकेश ने पुलिस को सूचना दे दी है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना के बाद दुकान पर व्यापारी एकत्रित हो गए। इसके बाद सबने मिलकर पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। घटना के बाद व्यापारी नेता बजरंग दास गर्ग और पूर्व मेयर गौतम सरदाना मौके पर पहुंच गए। वहीं शॉप मालिक मुकेश ने बताया कि पर्ची गाड़ी की पिछली सीट पर पड़ी थी जब आच चेक तो यह पड़ी मिली। घटना से जुड़ी तस्वीरें… पांच महीने पुराने केस से जुड़ा मामला बता दें कि करीब पांच महीने पहले आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज सिंधवानी ने इसी मोबाइल शॉप मालिक से आरटीआई न लगाने की एवज में ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद दुकानदार ने एसपी को शिकायत दी थी जिसके बाद एक्टिविस्ट मनोज सिंधवानी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है मनोज सिंधवानी अब भी जेल में है। वहीं दुकान मालिक मुकेश का कहना है कि वह इससे पहले भी कई बार समझौते को लेकर दवाब बना चुका है। एक दो बार दोस्तों को फोन करवाया है। एक लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था बता दें कि करीब पांच महीने पहले हिसार जिले की सिटी थाना पुलिस ने गणेश मार्केट में एक मोबाइल शॉप मालिक से आरटीआई न लगाने की एवज में ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए एक्टिविस्ट मनोज सिंधवानी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। शॉप मालिक मुकेश ने बताया था कि सेक्टर 14 के सामने उसकी बिल्डिंग बन रही है जिसको लेकर तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट रुपए की डिमांड कर रहा था। रुपए ना देने की सूरत में आरटीआई लगाकर बिल्डिंग सील करवाने की धमकी दे रहा था। तंग होकर शॉप मालिक ने एसपी हिसार को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसपी ने सिटी थाना पुलिस से मामले में कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद सिटी थाना पुलिस ने पूरा जाल बिछाकर आरोपी मनोज सिंधवानी को शुक्रवार देर रात रंगे हाथ पकड़ा है। दीपांशु की बताई पूरी कहानी किस प्रकार पकड़ा गया आरोपी… ब्लैकमेलिंग की शुरुआत : मामला करीब पांच महीने पुराना है जब दीपांशु ने बताया था कि वह गणेश मार्केट में मोबाइल शॉप चलाते हैं और सेक्टर-14 के पास उनकी एक नई बिल्डिंग बन रही है। आरोपी मनोज सिंधवानी पिछले काफी समय से उन्हें परेशान कर रहा था। वह खुद को आरटीआई एक्टिविस्ट बताकर यह धमकी दे रहा था कि वह उनकी बिल्डिंग पर आरटीआई (RTI) लगाकर उसे सील करवा देगा। पैसों की भारी डिमांड : दीपांशु के अनुसार, मनोज सिंधवानी ने आरटीआई न लगाने और बिल्डिंग को नुकसान न पहुंचाने के बदले में ₹1 लाख की रकम मांगी थी। दीपांशु काफी समय से इस दबाव और मानसिक प्रताड़ना को झेल रहे थे। पुलिस से संपर्क किया : जब आरोपी की धमकियां बढ़ती गईं, तो दीपांशु ने डरने के बजाय कानून की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत एसपी हिसार को दी। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सिटी थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। जाल बिछाकर की गिरफ्तारी : पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दीपांशु और मनोज के बीच पैसों को लेकर मोलभाव हुआ और मामला ₹1 लाख में तय हुआ। शुक्रवार देर रात जैसे ही दीपांशु ने आरोपी मनोज सिंधवानी को रिश्वत के ₹1 लाख दिए, पहले से घात लगाकर बैठी सिटी थाना पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गिड़गिड़ाता नजर आया एक्टिविस्ट : पुलिस द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने पर एक्टिविस्ट गिड़गिड़ाता हुआ नजर आया था और अपने बच्चों की दुहाई पुलिस को देता नजर आया। मगर पुलिस ने एक नहीं सुनी और उसे गिरफ्तार कर लिया। मनोज सिंधवानी को आज कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा और इसके गिरोह में कौन-कौन से सदस्य हैं इसका पता लगाया जाएगा।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन समेत अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों में तलाशी अभियान चलाकर 3 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में पुलिस को शिकायत भेजकर तीन हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ थाना सिटी फरीदकोट में जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक जसवंत सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर जेल कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर बैरकों की तलाशी ली जाती है। इसी कड़ी में सोमवार रात विभिन्न बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जालंधर निवासी हवालाती स्वर्ण सिंह मनी, फिरोजपुर निवासी कर्मजीत सिंह अमृतसर निवासी कुलबीर सिंह और फरीदकोट निवासी कैदी परमिंदर सिंह पन्नू से कुल 3 मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद हुए।शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर होगी पूछताछ इस मामले में जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन और सिम कैसे पहुंचे। यदि जांच में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।
इंदौर की छोटी ग्वालटोली इलाके की एक होटल में 23 वर्षीय युवती से रेप का मामला सामने आया है। महू निवासी युवती की शिकायत पर पुलिस ने बदनावर निवासी अमित पीमाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। बाद में शादी से इनकार कर उसे सोशल मीडिया और मोबाइल पर ब्लॉक कर दिया। पुलिस के मुताबिक युवती की करीब डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए अमित से पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान अमित ने उसे पसंद करने और शादी करने की बात कही। इसके बाद युवती उससे मिलने इंदौर आई। शादी का झांसा देकर बनाए संबंध पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में अमित उसे छोटी ग्वालटोली क्षेत्र की न्यू क्राउन पैलेस होटल में लेकर गया। यहां उसने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी वह युवती को कई बार इंदौर बुलाता रहा और संबंध बनाता रहा, लेकिन शादी की बात टालता रहा। कुछ दिन पहले युवती ने अमित से शादी को लेकर बात की तो उसने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। युवती ने इंस्टाग्राम और वाट्सऐप के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने वहां भी उसे ब्लॉक कर दिया। तलाश करते इंदौर पहुंची तो बदनावर भागा मिला करीब एक सप्ताह पहले युवती अमित को तलाश करते हुए इंदौर पहुंची। यहां उसे जानकारी मिली कि अमित बदनावर चला गया है। इसके बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई और छोटी ग्वालटोली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमित पीमाल निवासी मुखर्जी मार्ग, बदनावर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरसिंहपुर के करेली बाईपास स्थित एक ट्रेली फैक्ट्री के कर्मचारी संजीव लोनी ने फैक्ट्री मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजीव लोनी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत कर बताया कि फैक्ट्री मालिक ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, उनका मोबाइल फोन व वाहन छीन लिया और वेतन रोकने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 12:30 बजे हुई। संजीव का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक अनमोल जैन ने मौके पर पहुंचकर उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनका मोबाइल फोन और वाहन भी छीन लिया गया। संजीव के मुताबिक, ये सामान सुबह करीब 4 बजे वापस लौटाए गए। संजीव लोनी ने एसपी से निष्पक्ष जांच, मेडिकल परीक्षण, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बकाया वेतन न देने की धमकी दी गई है। संजीव ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने से प्रभावशाली लोगों के दबाव और अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई, जिसके कारण उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। प्रबंधन ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, फैक्ट्री प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रबंधन के अनुसार, संजीव लोनी नाइट शिफ्ट के इंचार्ज हैं। फैक्ट्री मालिक जब अचानक रात में पहुंचे, तो संजीव ड्यूटी के दौरान सोते हुए पाए गए। इस पर मालिक ने उन्हें डांट-फटकार लगाई थी। प्रबंधन ने मारपीट और अन्य सभी आरोपों को गलत बताया है।
जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में एक युवक पर महिंद्रा कैंपर कार चढ़ाकर जान से मारने का प्रयास करने और फिर लाठी-डंडों व लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला करने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित युवक के पिता हुकम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 25 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे उनका बेटा बाइक पर सवार होकर सेक्टर 2 केबीएचबी स्थित पोकर स्वीट के पास की गली से निकल रहा था। कैंपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी तभी जान से मारने की नीयत से पीछे से आ रही एक बिना नंबरी महिन्द्रा कैंपर गाड़ी के चालकों ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही चिराग सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद कैंपर से उतरे करीब 15 बदमाशों ने उसे जमीन पर घसीटा और तलवारों, डंडों, पाइपों व लोहे के सरियों से उसके हाथ और पैरों पर लगातार वार किए। इस हमले में चिराग के हाथ और पांव में गंभीर फ्रैक्चर आ गए। बाद में उसने मोबाइल दुकान में घुसकर जान बचाई। जान से मारने की धमकियां दे रहे थे पीड़ित ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद बताया कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। मामले में पुलिस ने यूनूफ पुत्र मोहम्मद यूसूफ निवासी बरकतुल्ला खां कॉलोनी, प्रतापनगर सदर, दिनेश उर्फ कालू (26) पुत्र ओमप्रकाश बिश्नोई निवासी रावर, हाल महावीर नगर, भगत की कोठी, मनीष उर्फ मन्नु (23) पुत्र भल्लाराम जाट निवासी गांव अरटिया, हाल बुध नगर पाल, बोरानाडा और समीर मिरासी (20) पुत्र ओमप्रकाश निवासी K-K कॉलोनी, कुड़ी भगतासनी शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर एडल्ट कंटेंट वाले ऐप्स को लेकर सरकार की चेतावनी, फाइनेंशियल फ्रॉड का बड़ा खतरा
सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एडल्ट कंटेंट वाले ऐड को लेकर चेतावनी जारी की है। साथ ही, लोगों को इन ऐप्स को तुरंत फोन से डिलीट करने और फैक्ट्री रिसेट करने के लिए कहा है।
यमुनानगर में 8 साल के बेटे समेत महिला लापता:रक्षाबंधन पर मायके जाने के लिए निकली थी; मोबाइल भी बंद
यमुनानगर जिले के जगाधरी की ग्रीन विहार कॉलोनी से एक महिला अपने 8 साल के बेटे के साथ लापता हो गई। महिला अपने बेटे को लेकर रक्षाबंधन के लिए मायके गाजीपुर उत्तर प्रदेश जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद न तो वह मायके पहुंची और न ही परिवार को उसका कोई सुराग मिला। महिला का मोबाइल भी 21 अगस्त से बंद आ रहा है। पत्नी के वापिस न लौटने पेर पति ने पुलिस को शिकायत सौंपकर उसकी तलाश की गुहार लगाई है। वहीं जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर लापता होने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सात साल से जगाधरी रह रहा परिवार पुलिस को दी शिकायत में सुनील कुमार निवासी ग्रीन विहार कॉलोनी, जगाधरी ने बताया कि वह उसकी पत्नी अंगीता देवी (36) और चार बच्चे करीब सात साल से जगाधरी में रह रहे हैं। सुनील के अनुसार, 21 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे उसकी पत्नी अंगीता देवी अपने 8 वर्षीय बेटे कृष्णा को साथ लेकर रक्षाबंधन के लिए गाजीपुर, यूपी जाने की बात कहकर घर से निकली थी। सुनील ने बताया कि उसने पत्नी उसके बाद ससुराल नहीं पहुंची। उसने अपने स्तर पर गांव और ससुराल में पत्नी व बेटे की तलाश की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। पत्नी का मोबाइल नंबर भी 21 अगस्त से बंद है। काफी तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिलने पर उसने पुलिस से दोनों को तलाश कर बरामद करने की गुहार लगाई।
महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगों ने जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) अपडेट कराने का झांसा देकर एक रिटायर महिला टीचर से 1.90 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठग ने वॉट्सएप पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और पीड़िता के नाम पर नए क्रेडिट कार्ड जारी कराकर चार ट्रांजेक्शन कर डाले। मामले में नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से ई-जीरो एफआईआर मिलने के बाद अब साइबर थाना नारनौल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जाल में फंसाया गांव भूषण कलां निवासी मंजू देवी पत्नी मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर टीचर हैं और पेंशन प्राप्त करती हैं। 31 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को अधिकारी बताते हुए पूछा कि वह नौकरी में हैं या पेंशनर। पेंशनर होने की जानकारी मिलने पर उसने जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने की बात कही। वॉट्सएप पर APK फाइल भेजी इसके बाद आरोपी ने वॉट्सएप पर जीवन प्रमाण पत्र नाम से एक APK फाइल भेजी। उसकी बातों में आकर मंजू देवी ने फाइल इंस्टॉल कर दी और उसमें अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई बैंक खाता संख्या सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी भर दी। हिस्ट्री में दिखे चार ट्रांजेक्शन पीड़िता के अनुसार, ऐप इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल बार-बार हैंग होने लगा। 13 अगस्त को जब उन्होंने फोनपे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखी तो चार संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए। इनमें 9 अगस्त को 39,045 रुपए, 11 अगस्त को 51,375 रुपए और 43,155 रुपए तथा 13 अगस्त को 56,512 रुपए डेबिट होना दर्ज था। इस तरह कुल 1,90,087 रुपए की ठगी सामने आई। संदेह होने पर उन्होंने APK फाइल का स्क्रीनशॉट लेकर मोबाइल फोन रीसेट कर दिया और 15 अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करा दी। बैंक पहुंचने पर नया खुलासा 17 अगस्त को मंजू देवी एसबीआई शाखा में बैंक स्टेटमेंट लेने पहुंचीं। वहां जांच में पता चला कि उनके बैंक खाते से ऐसी कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुई है। बैंक मैनेजर ने फोनपे कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई। बाद में फोनपे की ओर से जानकारी दी गई कि उनके नाम से नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए थे और उन्हीं के जरिए ये सभी ट्रांजेक्शन किए गए। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस नोडल साइबर क्राइम थाना पंचकूला से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर और एनसीआरपी शिकायत के आधार पर साइबर थाना नारनौल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिवपुरी शहर में मोबाइल दुकान से करीब 90 हजार रुपए कीमत के दो आईफोन चोरी होने का मामला सामने आया है। सोमवार शाम कमलागंज स्थित ए.के. मोबाइल दुकान में एक युवक ग्राहक बनकर पहुंचा और दुकानदार को बातों में उलझाकर आईफोन-14 प्रो और आईफोन-13 लेकर फरार हो गया। चोरी की पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। मोबाइल देखने के बहाने दुकान में घुसा कमलागंज घोसीपुरा निवासी अरशद खान की ए.के. मोबाइल नाम से दुकान है। सोमवार शाम करीब 6 बजे एक युवक मोबाइल देखने के बहाने दुकान में आया। दुकानदार को बातचीत में उलझाने के दौरान उसने मौका पाकर दो आईफोन उठा लिए और दुकान से निकल गया। चोरी हुए आईफोन-14 प्रो की कीमत करीब 55 हजार और आईफोन-13 की कीमत करीब 35 हजार रुपए बताई गई है। दोनों मोबाइल की कुल कीमत लगभग 90 हजार रुपए है। दुकानदार ने पुलिस को दोनों फोन के IMEI नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। दो युवकों के साथ बाइक पर हुआ फरार दुकानदार के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी कुछ दूरी पर जनता मेडिकल के सामने पहले से खड़े दो अन्य युवकों के पास पहुंचा। इसके बाद तीनों एक बाइक पर सवार होकर ग्वालियर बायपास की ओर फरार हो गए। फरियादी ने फिजिकल थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। होम थिएटर चोरी के शक में युवक पकड़ा, दुकानदार ने पीटा इसी बीच शहर में चोरी की एक अन्य घटना भी सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड पर एक दुकानदार ने होम थिएटर चोरी करने के शक में एक युवक को पकड़ लिया। दुकानदार ने युवक की पिटाई भी कर दी। दुकानदार का कहना था कि उसकी दुकान में पहले भी चोरी हो चुकी है, इसलिए उसे युवक पर शक हुआ। बाद में युवक को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
Jind News: मकान पर कब्जे के लिए पहुंचे 25-30 लोग, नौकर को पीटा और मोबाइल छीना
30 people arrived to take possession of the house; they beat up the servant and snatched his mobile phone.
Jind News: गाड़ी का शीशा तोड़ दो मोबाइल चोरी, तीन युवकों पर शक
Car window smashed, mobile phone stolen; three youths suspected.
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
Ghazipur News: घर से दो मोबाइल चोरी, पुलिस ने शुरू की जांच
Two mobile phones stolen from house, police launch investigation
Yamuna Nagar News: तीर्थ नगर में घर से जेवर, नकदी और मोबाइल चोरी
तीर्थ नगर में झाड़ू फैक्टरी के पीछे एक मकान से चोर सोने-चांदी के जेवरात, 10 हजार रुपये की नकदी और मोबाइल फोन चोरी कर ले गए।
Panchkula News: इंडस्ट्रियल एरिया में पैदल जा रहे व्यक्ति से मोबाइल छीना
Mobile snatched from a pedestrian in the industrial area
धार में मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई:पुलिस ने 102 वाहनों के चालान किए, करीब ₹1.01 लाख जुर्माना वसूला
धार में सोमवार को यातायात नियम तोड़ने वाले 102 वाहन चालकों पर मोबाइल कोर्ट ने कार्रवाई की। इस दौरान कुल ₹1 लाख 1 हजार का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन के मार्गदर्शन में की गई। मोबाइल कोर्ट मांडव रोड स्थित श्याम ढाबे के सामने और इंदौर-अहमदाबाद रोड स्थित सोनू रेस्टोरेंट के पास लगाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। जुर्माना वसूलने के साथ वाहन चालकों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा को लेकर समझाइश भी दी गई। उन्हें सुरक्षित वाहन चलाने और सड़क पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया गया। न्यायिक अधिकारी और पुलिस बल रहा मौजूद मोबाइल कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नताशा शेख पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रदीप कुमार सोनी, जेएमएफसी धर्म कुमार, जेएमएफसी बार्बी जुनेजा अग्रवाल, जेएमएफसी राधाकृष्ण यादव और जेएमएफसी शिखा दुबे मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान कोतवाली थाना, नौगांव थाना और यातायात थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौजूद रहा। मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के साथ उन्हें सड़क सुरक्षा और नियमों के प्रति जागरूक करना भी था।
त्योहार के बाद ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी सड़क पर उतरे और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर टीम ने 100 से ज्यादा चालान बनाए। कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहन पर मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे एक युवक को रोकने का प्रयास किया। युवक पुलिस से बचने के लिए भागने लगा, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के रोकने के बाद भी वह लगातार मोबाइल पर बात करता रहा। पुलिस अधिकारी से भी कराई बात ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने युवक से वाहन और उसकी जानकारी मांगी। इस दौरान युवक ने अधिकारी की किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बात करा दी। पुलिस अधिकारी ने भी उस व्यक्ति से बात कर ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी और युवक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। 4500 रुपए का चालान, वाहन जब्त ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, युवक के खिलाफ कुल 4500 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। इसमें बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 1000 रुपए, अनधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने देने पर 1000 रुपए, पुलिसकर्मियों के आदेश की अवहेलना करने पर 500 रुपए, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 1000 रुपए और वाहन का इंश्योरेंस नहीं होने पर 1000 रुपए का जुर्माना शामिल है। कुल 4500 रुपए का चालान काटने के साथ वाहन जब्त कर लिया गया। ड्रोन से नियम तोड़ने वालों पर नजर चौराहे पर ड्रोन के जरिए यातायात व्यवस्था की निगरानी की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी गई। ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई के लिए नया तरीका अपनाते हुए हर वाहन को मौके पर रोकने के बजाय नियम तोड़ने वाले वाहनों की फोटो ली। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने, लेफ्ट टर्न बाधित करने और रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन चालकों की फोटो लेकर उनके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 7 बजे मोबाइल पर बात करते समय चालक का बस से नियंत्रण खो गया। इसके बाद रोडवेज बस सड़क किनारे गहरे गड्ढे में उतर गई। हादसे के समय बस में एक दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों को हल्की चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस संख्या UP 31 CT 1925 सीतापुर से करीब 13 यात्रियों को लेकर लखीमपुर जा रही थी। घटनाक्रम के अनुसार थाना क्षेत्र में झरेखापुर के पास पहुंचते ही चालक कथित तौर पर मोबाइल फोन पर बात करने लगा। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्डे में उतर गई। बस के गड्ढे में जाने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। देखें, 3 तस्वीरें… हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। दुर्घटना में कई यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं। घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया, जिसके बाद उनकी हालत सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। बस में मौजूद महिला कंडक्टर ने बताया कि चालक बस चलाते समय मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसका ध्यान सड़क से हट गया और बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा उतरी। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और यात्रियों की जान बच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और क्रेन की मदद से रोडवेज बस को गड्ढे से बाहर निकलवाया। हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सांभर लेक के राजकीय शाकम्भर स्नातकोत्तर कॉलेज में छात्राओं के लिए राज्य सरकार की कालीबाई भील 'उड़ान योजना' के तहत पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को निशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। संबंधित संकाय सदस्य से करना होगा संपर्क कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्राओं से निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।कॉलेज की 'उड़ान योजना' की संयोजक हंसा कुमारी ने बताया कि पंजीयन के लिए छात्राओं को अपनी संबंधित कक्षा और वर्ग के अनुसार संकाय सदस्य से संपर्क करना होगा। पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए छात्राओं को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे, ताकि पात्र छात्राओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। जनआधार और लिंक मोबाइल साथ लाना अनिवार्य पंजीयन जनआधार नंबर की प्रविष्टि के माध्यम से किया जाएगा। छात्राओं को पंजीयन के समय अपना जनआधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल फोन अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के सत्यापन के बाद ही पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं से समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य और स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करवाकर कालीबाई भील 'उड़ान योजना' का लाभ प्राप्त करना चाहिए। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को निशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें आवश्यक स्वच्छता सामग्री आसानी से मिल सके और उनके स्वास्थ्य व स्वच्छता में सुधार हो। प्राचार्य ने समय पर पंजीयन की अपील की कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) संजय जैन ने छात्राओं से योजना का लाभ लेने के लिए समय पर पंजीयन करवाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित संकाय सदस्यों को भी छात्राओं को पंजीयन प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से कॉलेज की छात्राओं को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सामग्री निशुल्क उपलब्ध हो सकेगी।
अलीगढ़ में आगरा रोड स्थित श्रीकृष्णा रिसोर्ट में पुलिस ने छापा मारकर पांच युवतियों और चार पुरुष व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि रिसोर्ट में गलत काम हो रहे हैं। जिसके चलते पुलिस ने रात करीब डेढ़ बजे कार्रवाई की। पुलिस ने रिसोर्ट के कमरों की तलाशी ली। जहां से नौ मोबाइल फोन, 8,990 रुपए और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। गिरफ्तार पुरुषों की पहचान पिंकू उर्फ विशाल, अभिषेक कुमार, चंदन और अमित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पांचों युवतियां आगरा की रहने वाली हैं। मामला मड़राक थाना क्षेत्र में रविवार देर रात का है। चार पुरुष व्यापारी रिसोर्ट से पकड़े गए एसपी देहात मनीष मिश्रा ने बताया कि श्रीकृष्णा रिसोर्ट में गलत काम होने सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने रिसोर्ट में छापेमारी की। पुलिस ने परिसर को घेरकर कमरों की तलाशी ली और मौके पर मौजूद नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। मौके पर पांच युवतियां और चार पुरुष मिले। सभी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई। पूछताछ और जांच के बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई। गिरफ्तार पुरुषों में पिंकू उर्फ विशाल निवासी सराय हकीम, अभिषेक कुमार निवासी कुलदीप विहार, चंदन निवासी सराय हकीम और अमित निवासी मानिक चौक शामिल हैं। पुलिस ने थाना मड़राक में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3(1), 4(1), 5(1)(डी), 6(1)(बी) और 7(2)(ए) के तहत कार्रवाई की गई है। कमरों की तलाशी में मिली आपत्तिजनक सामग्री पुलिस टीम ने रिसोर्ट के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री मिली। मौके से नौ मोबाइल फोन और 8,990 रुपए नकद भी बरामद किए। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिसोर्ट में गलत काम कब से चल रहे थे। और इसमें रिसोर्ट संचालक या कर्मचारियों की कोई भूमिका थी या नहीं। आगरा की रहने वाली हैं पांचों युवतियां कार्रवाई के दौरान मिली पांचों युवतियां आगरा की रहने वाली हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वे रिसोर्ट तक कैसे पहुंचीं और उन्हें यहां किसके माध्यम से बुलाया गया था। जांच में गिरफ्तार चारों पुरुषों की भूमिका और रिसोर्ट में उनकी मौजूदगी के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों को छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे नेताओं की चर्चा पुलिस कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा भी रही कि पकड़े गए कुछ लोगों को छुड़ाने के लिए कई भाजपा नेता थाने पहुंचे थे। नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को छोड़ने को लेकर बातचीत की। हालांकि, इस बारे में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने सभी नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमें में नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई। एसपी देहात मनीष मिश्रा ने बताया कि पांच युवतियों और चार पुरुषों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ……………..… यह खबर भी पढ़ें… नेपाल तबाही- सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति-पत्नी समेत 3 लापता:कानपुर में भाई बोला- 5 दिन से कोई खबर नहीं, 25 अगस्त को आखिरी बात हुई थी नेपाल में बाढ़ के बीच कानपुर के दंपती लापता हैं। परिवार अपनों के आने का इंतजार कर रहा है। भाई प्रवीण द्विवेदी ने कहा- बहनोई पंकज मिश्रा, बहन रागिनी और उनकी देवरानी पूनम मिश्रा की 5 दिन से कोई खबर नहीं है। 25 अगस्त को उनसे आखिरी बार बात हुई थी। पीएमओ में भी संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पढ़िए पूरी खबर
शेखपुरा में छात्रों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर रामाधीन कॉलेज (आरडी कॉलेज) के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों ने रिजल्ट में गड़बड़ी, गलत तरीके से अनुपस्थित किए जाने और विभिन्न मदों में अनावश्यक शुल्क वसूली का आरोप लगाया है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि सेमेस्टर-1 से सेमेस्टर-5 तक कई छात्रों का रिजल्ट क्लियर नहीं होने के बावजूद उनसे अगली परीक्षाएं ली जा रही हैं। परीक्षा देने के बाद भी अनुपस्थित दिखाने का आरोप आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार, परीक्षा देने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखाया जा रहा है या कम अंक दिए जा रहे हैं। छात्रों ने रिजल्ट सुधार के लिए 700 रुपये, बोनाफाइड सर्टिफिकेट के लिए 100 रुपये, कैरेक्टर सर्टिफिकेट के लिए 100 रुपये और इंटर्नशिप के नाम पर 800 रुपये समेत अन्य शुल्कों की वसूली पर सवाल उठाए हैं। चार साल का कोर्स पूरा करने में लग रहे 6-7 साल छात्रों ने आरोप लगाया कि चार साल का कोर्स पूरा करने में 6-7 साल लग रहे हैं। इससे छात्रों के करियर और भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने समय पर परीक्षा, रिजल्ट और प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की है। प्राचार्य पर हाथापाई और मोबाइल तोड़ने का आरोप छात्रों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान आरडी कॉलेज के प्राचार्य ने उनके साथ हाथापाई की। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के दौरान एक छात्र का मोबाइल तोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस बुलाकर छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया गया। छात्र नेताओं ने कहा- अब सिर्फ जवाब चाहिए विरोध प्रदर्शन में छात्र नेता आलोक यादव, बिट्टू कुमार, रंजन कुमार, शिवम कुमार, अंजली कुमार, चांदनी कुमारी, अश्मिता कुमारी, सान्या मल्लिक और शैका मल्लिक सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल थे। छात्रों ने कहा कि वे अब केवल जवाब चाहते हैं और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। उन्होंने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।
पन्ना में फोनपे से 1.56 लाख उड़ाने वाला चोर गिरफ्तार:दोस्त का मोबाइल चुराकर बैंक खाता किया था खाली
पन्ना में परिचित का मोबाइल चुराकर उसके फोनपे (PhonePe) ऐप से बैंक खाते से 1.56 लाख रुपए निकालने वाले आरोपी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र में 10 फरवरी 2024 को हुई थी। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार, बड़ौरा कुंवरपुर गांव निवासी प्रकाश सिंह (उर्फ मिंटू) का रेडमी मोबाइल 10 फरवरी 2024 को उनके घर के बाहर से गायब हो गया था। प्रकाश को इस बात का अंदाजा नहीं था कि फोन चुराने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनका ही एक दोस्त था। आरोपी ने मोबाइल मिलते ही उसमें मौजूद फोनपे ऐप का इस्तेमाल किया। उसने पीड़ित के बैंक खाते में जमा 1,56,000 रुपए की राशि को अलग-अलग किस्तों में अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया। जब तक पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता चला, तब तक उसके खाते से पूरी रकम निकाली जा चुकी थी। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस से बचकर भाग रहा था। पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू द्वारा जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव ने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया था। सिर्फ दो हजार रुपए बरामद हुए सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने सोमवार जाल बिछाकर आरोपी संदीप वर्मन (35 वर्ष, निवासी पड़रिया कला) को घेराबंदी कर दबोच लिया। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर संदीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसी ने प्रकाश का मोबाइल चुराया था और फोनपे के जरिए 1.56 लाख रुपए निकाले थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की रकम में से बचे 2,000 रुपए नकद बरामद किए हैं और उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है। इस पूरी कामयाबी में थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण यादव, राजवेन्द्र सिंह, शंकर प्रताप सिंह, राजीव मिश्रा और आरक्षक ब्रजेंद्र रैकवार, रोहित बागरी, अंकित त्रिपाठी व दिनेश सोलंकी का अहम योगदान रहा।
अग्रोहा में अस्पताल से मोबाइल चोरी का आरोपी काबू:चोरी के 6 मोबाइल बरामद; कोहली का रहने वाला है युवक
हिसार के अग्रोहा में अस्पताल से मोबाइल फोन चोरी होने के मामले में थाना अग्रोहा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरीशुदा छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नवीन पुत्र धन सिंह निवासी कोहली के रूप में हुई है। थाना अग्रोहा प्रभारी इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह ने बताया कि गांव चन्दे कलां निवासी कुलजीत पुत्र राम निवास ने 30 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी कि अग्रोहा अस्पताल से उसके तथा उसके भाई के मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी के पास से 6 मोबाइल बरामद मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नवीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से चोरीशुदा छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद अन्य मोबाइल फोन किन वारदातों से संबंधित हैं। आरोपी को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगामी जांच एवं कानूनी कार्रवाई जारी है। SP की आमजन से अपील पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धान्त जैन ने आमजन से अपील की कि अस्पतालों, बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अपने मोबाइल फोन और कीमती सामान को सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फतेहाबाद सीआईए पुलिस टीम ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर भारत व विदेश में बैठे लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान रजनीश निवासी गंजा रुपाणा, जिला सिरसा तथा पुनीत निवासी डिंग, जिला सिरसा के रूप में हुई है। सीआईए फतेहाबाद प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि भट्टू कलां में देवीलाल पार्क के पास स्थित रिद्धि सिद्धि प्रॉपर्टी एवं सोलर के कार्यालय से कुछ व्यक्ति ऑनलाइन गेमिंग एवं विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर राशि ट्रांसफर करवाने का काम कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने उक्त कार्यालय पर रेड की। ऑनलाइन पैसों का लेन-देन करते मिले रेड के दौरान एक कमरे में दो व्यक्ति लैपटॉप व कई मोबाइल फोन के माध्यम से एक एप पर ऑनलाइन पैसों का लेन-देन करते हुए मिले। पुलिस ने दोनों को काबू कर पूछताछ शुरू की। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि उक्त आरोपी भट्टू निवासी अनुराग तथा डिंग निवासी संदीप की योजना के अनुसार कार्य कर रहे थे। आरोप है कि ऑनलाइन गेमिंग एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को अधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर उनसे विभिन्न बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करवाई जाती थी। काबू किए गए आरोपियों का काम एक एप पर बैंक खाते अटैच करना, QR कोड तैयार करना तथा प्राप्त राशि को आगे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करना था। 31 मोबाइल समेत कई चीज मिलीं पुलिस टीम ने कार्यालय से 31 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 9 मोबाइल चार्जर, 3 आरसी तथा एक एसबीआई एटीएम कार्ड बरामद किया। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं अन्य सामान को पुलिस कब्जे में लिया गया है। नेटवर्क की जांच कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, आरोपियों से ऑनलाइन कारोबार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, लाइसेंस, गाइडलाइन तथा क्लाइंट एग्रीमेंट प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे कोई संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। बरामद मोबाइल फोन व लैपटॉप की तकनीकी जांच के माध्यम से ऑनलाइन लेन-देन, बैंक खातों, QR कोड तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इन धाराओं के तहत केस दर्ज इस संबंध में थाना साइबर क्राइम फतेहाबाद में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(3), 61(2), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट, 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगामी जांच जारी है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा रहा है।
कपूरथला में एनआरआई के घर चोरी:नकदी और मोबाइल गायब, CCTV फुटेज से मामले की जांच में जुटी पुलिस
कपूरथला के गांव लखन के पड्डा में एक एनआरआई के बंद मकान में चोरी की वारदात सामने आई है। चोरों ने ताले तोड़कर नकदी, मोबाइल फोन और घरेलू सामान चुरा लिया। चोरी की यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।गांव रमीदी निवासी अमरजीत सिंह बल्ल ने पुलिस को बताया कि वह सतनाम सिंह पड्डा के मामा का बेटा है। सतनाम सिंह करीब डेढ़ माह पहले अमेरिका गए थे। उनके मकान की चाबी अमरजीत सिंह के पास रहती थी और वह समय-समय पर घर की देखभाल करते थे। अमरजीत सिंह के अनुसार, सतनाम सिंह ने उन्हें फोन पर घर के ताले टूटे होने की जानकारी दी और जांच करने को कहा। जब अमरजीत सिंह लखन के पड्डा स्थित मकान पर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे के ताले टूटे हुए थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी घर के अंदर पेटियों और अलमारियों का सामान बिखरा पड़ा था। जांच में पता चला कि चोरों ने घर से टूटियां, बर्तन, लगभग 2 से 4 हजार रुपये की नकदी और एक कीमती मोबाइल फोन चोरी कर लिया है। इस घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मामले की जांच कर रहे एएसआई दलजीत सिंह ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा इस संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हनुमानगढ़ जेल में 2 मोबाइल फोन बरामद:शौचालय की टाइल के नीचे मिले, जांच में जुटी पुलिस
हनुमानगढ़ जिला कारागृह में तलाशी अभियान के दौरान 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये फोन शौचालय की टूटी हुई टाइल के नीचे छिपाकर रखे गए थे। इस मामले में जेल प्रशासन ने हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। प्रहरी रामनारायण बिश्नोई (40) की रिपोर्ट के अनुसार, यह तलाशी अभियान 30 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलाया गया था। अधीक्षक के आदेश पर कारापाल राजेश कुमार मीना, उपकारापाल बलजीत गोदारा, सहायक कारापाल बलकरण सिंह, रिलीफ इंचार्ज कमलेश मीणा और तलाशी स्टाफ प्रहरी धर्मपाल व विवेक ने ड्यूटी स्टाफ के साथ मिलकर वार्ड नंबर 4 की बैरक नंबर 6 में यह कार्रवाई की। दोनों मोबाइल में नहीं मिली सिमतलाशी के दौरान शौचालय की टूटी हुई टाइल के नीचे से 2 मोबाइल फोन मिले। दोनों मोबाइल फोन बैटरी और दो डाटा केबल के साथ बरामद हुए। हालांकि, बरामद मोबाइलों के आईएमईआई नंबर और सिम नंबर उपलब्ध नहीं थे। जेल प्रशासन ने बरामद मोबाइल फोन, बैटरी और डाटा केबल की फर्द जब्ती तैयार कर पुलिस को सौंप दी। रिपोर्ट में अनुरोध किया गया है कि इन मोबाइलों के कॉल रिकॉर्ड प्राप्त कर यह जांच की जाए कि कहीं इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने में कारागार अधिनियम की धारा 42 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
Jhansi: फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर खाते से निकाली रकम, सीपरी बाजार थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी
युवक का आरोप है कि फोन लेने के बाद परिचित ने फोन में संदिग्ध एप इंस्टॉल कर दिया। इसके बाद गुपचुप तरीके से खाते से 59,811 रुपये निकाल लिए।
लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। हत्या उनके ड्राइवर ने ही की। इससे पहले ड्राइवर ने धीरेंद्र (35) को कार में रूमाल सुंघाकर बेहोश किया। फिर फोन को चलती ट्रेन में फेंक दिया था। इससे धीरेंद्र की लोकेशन बदलती रही और दूसरे दिन 350 किमी दूर चंदौली में आखिरी लोकशन ट्रेस हुई। वारदात के बाद ड्राइवर ने ही थाने पहुंचकर धीरेंद्र की गुमशुदगी भी दर्ज कराई। ड्राइवर ने धीरेंद्र का फोन ट्रेन में फेंकने से पहले उनकी पत्नी को मैसेज भी किया। लिखा- मैं जा रहा हूं। न मुझे ढूंढ़ना और न किसी को लोकेशन बताना। प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र का शव मिलने के बाद ड्राइवर रवि तिवारी ने पुलिस पूछताछ में ये सारे राज खोले हैं। उसने यह भी बताया कि वह किसी मोनू सिंह से संपर्क में था। धीरेंद्र की हत्या करने के बदले उसे लखनऊ में एक मकान, एक दुकान और 12 लाख रुपए कैश मिलना था। इसी लालच में आकर उसने धीरेंद्र के 10 साल के साथ और भरोसे को तोड़ दिया। धीरेंद्र को उस पर इतना भरोसा था कि वह उसके पास लाखों रुपए कैश भी छोड़ देते थे। बिजनेस की लगभग सारी बातें भी शेयर करते थे। पहले पूरा मामला जानिए- लखनऊ में 35 साल के प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार शाम 5 बजे उनका शव जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर दुबग्गा में एक छोटी नहर से बरामद हुआ। उनके माथे और सीने पर गोली के निशान मिले। उन्नाव के रहने वाले धीरेंद्र महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष थे और प्रॉपर्टी व ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। लखनऊ में PGI इलाके में रहते थे। पत्नी ने शनिवार को रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप लगाया था कि ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेंद्र को अगवा कर लिया है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह उन्नाव की करीब 50 करोड़ कीमती जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। धीरेंद्र ने इसकी शिकायत सीएम योगी को लेटर लिखकर की थी। पुलिस ने ड्राइवर रवि तिवारी और उसके साथी ओमकार को हिरासत में लिया। ड्राइवर ने हत्या की बात कबूल की। हत्या में 4 लोग शामिल, 2 को पुलिस ढूंढ़ रही एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार के मुताबिक, जांच में अब तक चार लोगों के नाम सामने आए हैं। एक निलमथा का रहने वाला ड्राइवर रवि तिवारी, दूसरा खरगापुर का उसका परिचित ओमकार और दो अन्य लोग। रवि और ओमकार हिरासत में हैं। इनसे पूछताछ के आधार दो अन्य की तलाश की जा रही है। पूछताछ में पता चला कि चालक रवि तिवारी करीब 10 साल से धीरेंद्र प्रताप सिंह के यहां काम कर रहा था। वह उनका बेहद भरोसेमंद था। आरोप है कि साजिशकर्ताओं ने इसी भरोसे का फायदा उठाया और उसे लखनऊ में मकान-दुकान और 12 लाख कैश का लालच देकर हत्या की साजिश में शामिल कर लिया। एक गनर बीमार था, दूसरे को भी ड्यूटी पर आने से रोका धीरेंद्र प्रताप सिंह को उन्नाव पुलिस की ओर से दो गनर मिले थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को इनमें से एक गनर बीमार होने के कारण ड्यूटी पर नहीं आया था। वहीं, दूसरे को रवि ने फोन कर उस दिन ड्यूटी पर आने से मना कर दिया था। एडीसीपी ने बताया कि दोनों गनर से ड्यूटी पर न आने के लिए उन्नाव पुलिस से जवाब मांगा है। हत्या के बाद शव को 25 किमी दूर फेंका पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि उसने पहले धीरेंद्र को रूमाल सुंघाकर बेहोश किया। इसके बाद सीने में दाहिनी तरफ गोली मार दी। गोली लगते ही वह झुके तो उनके सिर के पिछले हिस्से में भी एक गोली मार दी। यह वारदात उतरठिया के पास की गई। इसके बाद शव को फॉर्च्यूनर से 25 किमी दूर दुबग्गा क्षेत्र में किसान पथ के किनारे सुनसान स्थान पर ले गया। यहां सड़क से करीब 50 मीटर दूर शारदा सहायक नहर में शव फेंक दिया। बाद में धीरेंद्र की फॉर्च्यूनर को मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर ओमकार के साथ फरार हो गया। कुछ ही घंटे में लखनऊ से अमेठी पहुंची लोकेशन धीरेंद्र के पास दो मोबाइल फोन थे। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इनमें से एक मोबाइल ट्रेन में फेंक दिया था। इससे उसकी लोकेशन लगातार बदलती रही और पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की गई। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो पहले गोसाईंगंज, हैदरगढ़ और अमेठी के जगदीशपुर में लोकेशन मिली। इसके बाद मोबाइल की आखिरी लोकेशन लखनऊ से 350 किमी दूर चंदौली में मिली। इससे पुलिस को शक हुआ कि मोबाइल को जानबूझकर दूसरी जगह ले जाया गया है। पत्नी ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत डीसीपी साउथ मुश्ताक ने बताया- धीरेंद्र की पत्नी ममता सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति का ड्राइवर और उसके साथियों ने मिलकर अपहरण कर लिया है। इसके बाद संदेह के आधार पर ड्राइवर रवि तिवारी को हिरासत में पूछताछ के लिए लिया गया तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। कड़ाई से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर दुबग्गा से शव बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आया कि उन्नाव में एक जमीन का विवाद है, जिसके चलते यह पूरी साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया गया। मामले में ड्राइवर सहित दो आरोपी हिरासत में हैं। पूर्व विधायक सेंगर का करीबी बताए जाते थे धीरेंद्र धीरेंद्र प्रताप सिंह को उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जाता था। बताया गया है कि कुलदीप सिंह सेंगर के लखनऊ जिला जेल में बंद रहने के दौरान धीरेंद्र प्रताप सिंह अक्सर उनसे मिलने जेल पहुंचते थे। वह उनके मुकदमों की पैरवी भी करते थे। सोशल मीडिया पर धीरेंद्र प्रताप सिंह की भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। हिंदू युवा वाहिनी के नेता की हत्या की अफवाह फैली महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद उनके हमनाम हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की अफवाह सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने हिंदू युवा वाहिनी के नेता को फोन करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी को अपने सकुशल होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने खुद के जीवित और सकुशल होने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, नहर में फेंकी लाश : ड्राइवर ने अगवा कर फॉर्च्यूनर में माथे-सीने पर गोली मारी, 50 करोड़ की जमीन का विवाद था लखनऊ में 35 साल के प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार शाम 5 बजे उनका शव जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर दुबग्गा में एक छोटी नहर से बरामद हुआ। उनके माथे और सीने पर गोली के निशान मिले। उन्नाव के रहने वाले धीरेंद्र महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष थे और प्रॉपर्टी व ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। लखनऊ में PGI इलाके में रहते थे। पत्नी ने शनिवार को रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप लगाया था कि ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेंद्र को अगवा कर लिया है। (पूरी खबर पढ़िए)
दिल्ली पुलिस ने बवाना स्थित एक निजी स्कूल की तीन वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में स्कूल कैब चालक विकास को गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्ची को टॉफी-चॉकलेट का लालच देकर कई बार गलत हरकतें करता था।
जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र की छोटी बजरिया में रविवार रात मोबाइल पर बात कर रही महिला से बदमाशों ने झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लिया। घर के बाहर टहल रही महिला से बदमाशों ने पहले पता पूछने के बहाने बातचीत की। इसके बाद धक्का देकर हाथ से मोबाइल छीना और मोपेड से फरार हो गए। घटना के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक छोटी बजरिया में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली 35 वर्षीय शिवांगी वर्मा रविवार रात करीब साढ़े 9 बजे घर के सामने गली में टहलते हुए मोबाइल पर बात कर रही थीं। इसी दौरान मोपेड सवार तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने शिवांगी से पता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया और हाथ से मोबाइल झपट लिया। जमीन पर गिर गई महिला अचानक हुई वारदात से शिवांगी जमीन पर गिर गईं। उन्होंने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में मोपेड से फरार हो गए। घटना से आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। महिला ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद गढ़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बदमाश महिला से बातचीत करने और मोबाइल झपटने के बाद भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों के हुलिए और मोपेड की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन काम के लिए मोबाइल और सिम दे पशुपालन विभाग: महासंघ
पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ ने फील्ड में बढ़ रहे ऑनलाइन कामकाज के लिए कर्मचारियों को मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनंतिम वेंडिंग प्रमाणपत्र रखने वाले फुटपाथ विक्रेता स्थायी वेंडिंग स्थल का दावा नहीं कर सकते।
डीएसपी ऑफिस की रसोई से कर्मचारी का मोबाइल चोरी
अम्बाला| कैंट एसडीएम कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर डीएसपी कार्यालय की रसोई से कर्मचारी का मोबाइल चोरी हो गया। जंडली निवासी महेश कुमार एचएसईएन ब्यूरो के डीएसपी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय में डीएसपी और स्टाफ के लिए चाय-पानी तैयार करने के लिए कमरा नंबर 215 में रसोई बनी हुई है। 27 अगस्त को वह रसोई में चाय-पानी तैयार कर रहा था। उसने अपना मोबाइल तख्त पर रखा था। चाय देने के लिए कुछ समय के लिए कमरे से बाहर गया। वापस लौटने पर मोबाइल गायब मिला। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर एक युवक कमरे में आता-जाता दिखाई दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर किया है।
देर रात धमतरी जा रहे राहगीर को रोककर पीटा, बाइक तोड़ मोबाइल लूटा, चाकू मारा
गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्रा के पास राहगीर का रास्ता रोककर मारपीट, जान से मारने की धमकी, वाहन में तोड़फोड़, मोबाइल लूट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में शामिल चार विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक ग्राम चिल्हाती, थाना पचपेड़ी, जिला बिलासपुर निवासी रोहित कुमार यादव ने रविवार को गोबरा नवापारा थाने में शिकायत दी। उसने बताया कि शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे वह अपने वाहन से धमतरी की ओर जा रहा था। ग्राम कुर्रा के पास करीब 9 लोगों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि गाली-गलौज हुई। चाकू, डंडे, हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने वाहन में तोड़फोड़ की। करीब 16 हजार रुपए का नुकसान हुआ। मोबाइल फोन भी लूट लिया गया। पुलिस ने अपराध दर्ज कर सागर साहू 22, गोबरा बस्ती, चंदन यादव 19, शीतलापारा नवापारा, टीकम साहू 19, तर्री, मुकेश नगराची 19, शीतलापारा नवापारा, घनश्याम निषाद 19, खेलीपारा नवापारा को गिरफ्तार किया है। विवेचना में पुलिस ने आरोपियों से घटना में इस्तेमाल चाकू, डंडे, लूटे मोबाइल को लेकर पूछताछ की। जरूरी वैधानिक कार्रवाई की गई। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
Jhansi News: फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर खाते से निकाली रकम
फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर खाते से निकाली रकम
केयू स्कूल के विद्यार्थियों को बताए सड़क सुरक्षा के नियम, मोबाइल इस्तेमाल न करने की दी सलाह
Ghaziabad News: मोबाइल फोन हैक कर तीन लोगों से 28.50 लाख ठगे
मोबाइल फोन हैक कर तीन लोगों से 28.50 लाख ठगे
Banda News: खोए 111 मोबाइल लौटाए
पुलिस के मुस्कान अभियान के तहत साइबर टीमों ने 111 मोबाइल फोन को बरामद कर उनके स्वामियों को सुपुर्द किया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों की पहचान को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, सेकेंड कैंपस और सभी संकायों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आधिकारिक पहचान पत्र डिजीलॉकर पर जारी किए जाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय खुद ‘इशूइंग अथॉरिटी’ के रूप में काम करेगा। विश्वविद्यालय के मुताबिक, डिजीलॉकर पर छात्रों के डिजिटल आईडी कार्ड जारी करने वाला यह देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है। इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों के पास पंजीकृत APAAR ID होना अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क जमा होने के बाद विश्वविद्यालय के डेटाबेस से छात्र का रिकॉर्ड डिजीलॉकर से लिंक होगा और अधिकृत डिजिटल पहचान पत्र उसके डिजीलॉकर खाते में उपलब्ध हो जाएगा। मोबाइल में हमेशा रहेगा पहचान पत्र डिजिटल आईडी कार्ड छात्र के स्मार्टफोन में 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। इससे कार्ड के खोने, फटने या चोरी होने की समस्या नहीं रहेगी। डुप्लीकेट कार्ड बनवाने की जरूरत भी कम होगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्र का डिजिटल पहचान पत्र स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा। डिजिटल आईडी में क्यूआर कोड भी होगा, जिसके जरिए छात्र की पहचान और कार्ड की प्रामाणिकता की जांच की जा सकेगी। विश्वविद्यालय का दावा है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं, यात्रा रियायतों, बैंकिंग और अन्य जरूरतों में पहचान सत्यापन आसान होगा। फर्जी आईडी पर लगेगी रोक विश्वविद्यालय के मुताबिक APAAR ID से डिजिटल आईडी को जोड़ने से छात्र की पहचान और शैक्षणिक रिकॉर्ड एक सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था से जुड़े रहेंगे। इससे फर्जी या जाली पहचान पत्र बनाए जाने की संभावना भी कम होगी। डिजिटल कार्ड से विश्वविद्यालय में PVC कार्ड और लेमिनेशन के इस्तेमाल में कमी आएगी। इससे कागज और प्लास्टिक की खपत घटेगी और विश्वविद्यालय के ग्रीन कैंपस अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय की आईटी टीम ने इस व्यवस्था के लिए जरूरी तकनीकी एकीकरण पूरा कर लिया है। जल्द ही छात्रों के लिए डिजिटल आईडी कार्ड से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
बंगाल: जेल में बंद आतंकी आफताब के पास मिली नकदी और मोबाइल ने बढ़ाई चिंता, रडार पर जेलकर्मी
कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में बंद आतंकी आफताब अहमद अंसारी की बैरक से 31 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन मिलने से जांच अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
रामपुर में रविवार रात करीब 8:30 बजे 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन में फॉल्ट आने से शहर के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे करीब 17 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छा गया। रात करीब 10:30 बजे तक भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। दो बिजलीघरों से जुड़े 17 हजार उपभोक्ता प्रभावित जानकारी के मुताबिक पहाड़ी गेट बिजलीघर से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। फॉल्ट के बाद इन सभी उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। वहीं, सिविल लाइंस स्थित बिजलीघर संख्या-270 से जुड़े करीब 7 हजार उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के बाद उपभोक्ता परेशान हो गए। आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेने के लिए बिजलीघरों के CUG नंबरों पर लगातार फोन आने लगे। बिजलीघर संख्या-270 पर एक घंटे में 200 से ज्यादा कॉल पहुंचीं, जबकि पहाड़ी गेट बिजलीघर के विभिन्न CUG नंबरों पर इसी दौरान करीब 200 से 300 कॉल दर्ज की गईं। बारिश में मोबाइल की टॉर्च से काम करते रहे कर्मचारी रविवार रात बारिश और खराब मौसम के बीच बिजलीघर भी अंधेरे में डूबे रहे। रोशनी की व्यवस्था नहीं होने पर बिजलीकर्मी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनते और रजिस्टर में दर्ज करते नजर आए। घरों में बिजली न होने के कारण लोगों को इनवर्टर और मोबाइल की रोशनी के सहारे रात गुजारनी पड़ी। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती गई। 12 कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे फॉल्ट की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। कर्मचारियों ने संबंधित लाइन की जांच शुरू कर दी। हालांकि बारिश और खराब मौसम के कारण फॉल्ट तलाशने और मरम्मत कार्य में परेशानी आई। पहाड़ी गेट और सिविल लाइंस बिजलीघर के जेई के मुताबिक, 33 हजार वोल्ट की लाइन में फॉल्ट आया है। इसे ठीक करने के लिए करीब 12 विद्युत कर्मचारी लगातार काम में जुटे हैं। विभाग की टीम जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में लगी रही।
Bharat Coking Coal Limited के सीएमडी मनोज अग्रवाल को जान से मारने की धमकी मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। पुलिस ने बरोरा के जीएम से पूछताछ की और सीनियर फाइनेंस ऑफिसर पंकज कुमार से पूछताछ की है।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के उरदौली गांव में रविवार शाम करीब 7 बजे 15 वर्षीय हाईस्कूल छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी होते ही गांव में सनसनी फैल गई। छात्र की मौत को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, खमरिया गांव निवासी रामसनेही का 15 वर्षीय बेटा ऋषभ करीब 14 वर्षों से अपने नाना तौलेराम वर्मा के घर उरदौली में रह रहा था। ऋषभ वहीं रहकर पढ़ाई करता था और महोली कस्बे के एक निजी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता था। नाना तौलेराम के पास करीब तीन बीघा जमीन है। वह मवेशी पालने के साथ दूध बेचने का काम करते हैं। उनका बेटा शीलवान भी परिवार के साथ वहीं रहता है। नाना-नानी बाहर थे, कमरे में मिला शव बताया गया कि रविवार शाम ऋषभ घर में अकेला था। उसके नाना-नानी घर के बाहर मवेशियों को चारा-पानी दे रहे थे। इसी दौरान कमरे में ऋषभ का शव छत में लगे कुंढ़े से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को नीचे उतार दिया। इसके बाद घटना की जानकारी ऋषभ के माता-पिता को दी गई। पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों ने किया विरोध बाद में पुलिस को घटना की जानकारी मिली तो टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, जिसका मृतक के ननिहाल और पैतृक गांव खमरिया के लोगों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। मोबाइल जब्त, यूट्यूब सर्च की भी जांच सूत्रों के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोर ने घटना से पहले यूट्यूब पर फांसी लगाने के तरीकों से संबंधित जानकारी सर्च की थी। पुलिस ने किशोर का मोबाइल भी कब्जे में लिया है। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा मौत का कारण महोली कोतवाली के इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मोतिहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 300 ग्राम हेरोइन के साथ चार अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक स्कॉर्पियो और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, तस्कर बेतिया से छपवा होते हुए हेरोइन की खेप लेकर सुगौली पहुंच रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने छपवा रोड स्थित विक्रम इंजीनियरिंग के पास वाहन जांच के दौरान स्कॉर्पियो को पकड़ा। तलाशी में वाहन से हेरोइन बरामद होने के बाद उसमें सवार चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपितों के खिलाफ सुगौली थाने में NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन की जांच के जरिए इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बेतिया से सुगौली पहुंच रही थी हेरोइन की खेप जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की एक स्कॉर्पियो (BR22BQ-2550) से बड़ी मात्रा में हेरोइन की खेप बेतिया से छपवा होते हुए सुगौली लाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने संभावित रास्ते पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहन का इंतजार शुरू किया। विक्रम इंजीनियरिंग के पास रोकी स्कॉर्पियो पुलिस टीम ने छपवा रोड स्थित विक्रम इंजीनियरिंग के समीप वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान बताए गए हुलिए की सफेद स्कॉर्पियो वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद वाहन में सवार चारों लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल स्कॉर्पियो को जब्त करने के साथ आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। चारों आरोपित अलग-अलग जिलों के रहने वाले पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रामप्रवेश यादव उर्फ मनोज यादव, निवासी पिपरिया, पलनवा थाना क्षेत्र। सुमन यादव, निवासी पंचभिड़िया, रामगढ़वा थाना क्षेत्र। छठिला यादव, निवासी पंचभिड़िया, रामगढ़वा थाना क्षेत्र। सिपाही महतो, निवासी सुगहा भवानीपुर, कंगली थाना क्षेत्र, पश्चिम चंपारण के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपित अलग-अलग थाना क्षेत्रों और जिलों से जुड़े हैं। इसी वजह से इसे अंतरजिला तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच की जा रही है। मोबाइल की जांच से खुलेगा नेटवर्क का राज पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब इन मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल, संपर्क में आए लोगों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हेरोइन की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अन्य संदिग्धों की पहचान होने पर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी। ‘पूरे नेटवर्क की जांच जारी’ सदर-1 डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। वाहन की तलाशी के दौरान 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि बरामद मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। संयुक्त टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल कार्रवाई में सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार, पुलिस निरीक्षक मुन्ना कुमार, सुगौली थानाध्यक्ष अनिष कुमार सिंह, सुगौली थाना पुलिस बल और एसटीएफ नारकोटिक्स सेल के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की नजर खासकर अंतरजिला स्तर पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क और मादक पदार्थों की आवाजाही वाले संभावित मार्गों पर है।
जींद जिले के नरवाना सदर थाना क्षेत्र में बेलरखा गांव के पास एक पिकअप गाड़ी से दो मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। अज्ञात चोरों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव लोन (तहसील नरवाना) निवासी जितेंद्र पुत्र रमेश ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त 2026 की तड़के करीब 1:15 बजे वह अपनी मारुति सुपर कैरी लोडिंग गाड़ी में दिल्ली से प्लास्टिक दाना लेकर उझाना पन्ना स्थित एक फैक्ट्री में जा रहा था। बेलरखा गांव से कुछ आगे उसकी गाड़ी का एक्सल टूट गया। इसके बाद उसने गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और वहीं सो गया। जितेंद्र के अनुसार, जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवक तेजी से भाग रहे थे। उसने अपनी गाड़ी की जांच की तो पाया कि चोरों ने गाड़ी के शीशे तोड़ दिए थे। गाड़ी के अंदर रखे दो मोबाइल फोन, जिनमें एक टच स्क्रीन और दूसरा वीवो कंपनी का फोन था (जिसमें दो नंबर सक्रिय थे), गायब थे। शिकायत के आधार पर नरवाना सदर थाना पुलिस ने अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
मुसाबनी से घाटशिला 13 ग्राम ब्राउन शुगर बेचने आए दो युवक गिरफ्तार, बाइक व 2 मोबाइल भी जब्त
पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में पुलिस ने 13.12 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ मुसाबनी के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध और मोबाइल छिनतई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार साइबर अपराधी और मोबाइल छिनतई के दो आरोपी शामिल हैं। एसडीपीओ वसीम रज़ा ने प्रेस वार्ता कर दोनों मामलों की विस्तृत जानकारी दी। पहले मामले में करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सकलपुर से गोपालपुर जाने वाली सड़क के किनारे पलास जंगल में पुलिस ने छापेमारी की। यहां से चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फारूक अंसारी (25), समसुद्दीन अंसारी (30), जानी बाबू (22) और कलीम अंसारी (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से आठ मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को YONO ऐप चालू कराने के नाम पर फोन करते थे और इसी बहाने उन्हें साइबर ठगी के जाल में फंसाते थे। व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए हासिल करते थे बैंकिंग जानकारी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों से बातचीत के दौरान व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे। वे लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल की स्क्रीन साझा करवाते थे। इसके बाद YONO का यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार कर ओटीपी हासिल करते थे। ओटीपी मिलने के बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से बैंक खातों से रकम की ठगी की जाती थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच की जा रही है। इससे साइबर ठगी के नेटवर्क और इनके द्वारा अब तक की गयी वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गयी है। मिशन चौक पर वाहन जांच में पकड़े गये मोबाइल छिनतई के आरोपी दूसरे मामले में 27 अगस्त को शांतिनगर निवासी मोनिका कुमारी से मोबाइल छिनतई की घटना हुई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मिशन चौक के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पल्सर बाइक पर सवार राहुल सिंह और दिनेश दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पियरसोल, थाना चितरा, जिला देवघर के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद किये गये। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गयी पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। बरामद बाइक का नंबर JH21M3828 है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने मोबाइल छिनतई की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा साइबर अपराध और मोबाइल छिनतई के दोनों मामलों में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मोटरसाइकिल के आधार पर आगे की जांच कर रही है। साइबर ठगी के मामले में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया। इनके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। वहीं मोबाइल छिनतई के मामले में बरामद दोनों स्मार्टफोन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध और छिनतई की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
चौरासी में युवक को लाठी-डंडों से पीटा:बदमाश 15 हजार और मोबाइल लूटकर फरार, घायल का इलाज जारी
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में एक युवक को लाठी-डंडों से पीटकर लूट लिया गया। बदमाश युवक से 15 हजार रुपए नकद और उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, अन्नपुरा निवासी रामलाल अहरी अपनी मासी के घर से पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते में 4 से 5 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। बदमाशों ने रामलाल को लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीटा।घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रामलाल को गेजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रामलाल के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायल रामलाल के चचेरे भाई मोहनलाल ने घटना की जानकारी दी।
टीईटी के विरोध में रविवार को दिल्ली में प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन में शामिल होने जा रहे छिंदवाड़ा और सिवनी के शिक्षकों को शनिवार को छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया।
भिवानी के बवानीखेड़ा में दुकानदार के घर चोरी होने का मामला सामने आया है। जहां मोटरसाइकिल सवार 2 युवकों ने घर में रखे मोबाइल फोन व 30 हजार रुपए चोरी कर लिए और फरार हो गए। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के बवानीखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने बवानीखेड़ा पुलिस थाना में शिकायत दी। जिसमें बताया कि 28 अगस्त की शाम को करीब साढ़े 4 बजे वह अपनी दुकान को खुली छोड़कर अपनी बहन को छोड़ने के लिए चला गया। उसकी पत्नी घर पर काम कर रही थी। उसी दौरान दो युवक मोटरसाइकिल पर घर के सामने आए। एक लड़का उसकी दुकान के अंदर घुसा और उस युवक उसकी दुकान पर आकर आवाज लगाई। लेकिन वहां कोई नहीं दिखा तो वह दुकान के पीछे बने कमरे में चला गया। जहां पर चारपाई पर खा मोबाइल फोन व पैसे चोरी करके ले गया। उसने चेक किया तो 30 हजार रुपए चोरी हुए मिले। जिसका पता लगने के बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। वहीं शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
सावधान! APK डाउनलोड करने से पहले रुको, भारी पड़ जाएगा ये ऐप्स इंस्टॉल करना; बड़ा अलर्ट
Mod WhatsApp, Pro Instagram और अन्य अनऑफिशियल APK फाइलें डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि फर्जी डाउनलोड में मैलवेयर छिपा हो सकता है। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
टूटा या खराब फोन भी नहीं है 'बेकार'! जानें पुराने मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका
घर में पड़ा पुराना स्मार्टफोन अब बेकार नहीं रहेगा, क्योंकि उसे रीसेल या रीसाइकल करके अच्छी कीमत मिल सकती है। जानें पुराने फोन को बेचने से पहले क्या करें और कैसे उसकी वैल्यू बढ़ाएं।
Lava की Virat सीरीज का नया 5G फोन, Lava V1 Pro 5G भारत में 24 अगस्त 2026 को लॉन्च होगा। फोन में 6.75 इंच डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी और Clean Android जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

