डीग में 2 साइबर ठग गिरफ्तार:4 नाबालिग भी किए डिटेन, 6 मोबाइल और 6 सिम कार्ड जब्त
डीग में पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस' अभियान के तहत 2 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 4 किशोरों को भी डिटेन किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए है। कामां थाना पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए 1 आरोपी और 1 किशोर को पकड़ा। इनके पास से 2 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए। महिलाओं के कपड़ों की फोटो भेजकर बनाते थे शिकारजांच में सामने आया कि ये आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं के कपड़ों की आकर्षक तस्वीरें और वीडियो भेजकर लोगों को होम डिलीवरी के नाम पर एडवांस राशि जमा कराकर ठगी करते थे। इस संबंध में विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। इसी कड़ी में सीकरी थाना पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया और 3 किशोरों को निरुद्ध किया। इनके कब्जे से 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 4 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए। झूठे विज्ञापन के जरिए लोगों को ठगते थेपुलिस जांच में पता चला कि ये आरोपी फर्जी सिम के जरिए व्हाट्सऐप, फेसबुक और मैसेंजर पर झूठे विज्ञापन डालकर लोगों से डिलीवरी चार्ज और एडवांस के नाम पर ठगी करते थे। इसके अलावा वे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर बैंक खातों की जानकारी हासिल कर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।
पूर्णिया के बनमनखी थाना क्षेत्र के नगर परिषद वार्ड संख्या 26 स्थित पूर्वी मंडल टोला में बुधवार को एक 30 वर्षीय महिला का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बनमनखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया है। मृतका की पहचान वार्ड संख्या 26 निवासी छोटू मल्लाह की 30 वर्षीय पत्नी फुलकुमारी देवी के रूप में हुई है। वह एक किराना दुकान चलाती थीं। बेटे ने बताई घटना से पहले की पूरी जानकारी मृतका के 10 वर्षीय पुत्र आकाश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे उसके पिता से मोबाइल खरीदने को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान विवाद हुआ था। उसकी मां बुधवार को ही बाजार से मोबाइल खरीदकर लाई थीं। आकाश के अनुसार, बाद में मां ने दुकान बंद कर आराम करने की बात कही और उसे थोड़ी देर बाद जगाने के लिए कहा। इसी दौरान मोबाइल दुकानदार पैसे लेने पहुंचा। मां को खोजने पर वह नहीं मिलीं। इसके बाद दादी के कमरे का दरवाजा खोलने पर मां फंदे से लटकी मिलीं। मृतका के भाई छोटू कुमार, जो अरबन्ना (बड़हरा कोठी थाना क्षेत्र) के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बहन की शादी करीब दस वर्ष पूर्व हुई थी। उन्हें दोपहर करीब 12 बजे बहनोई ने फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि फुलकुमारी चार भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थीं। तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहा था पति मृतका के पति छोटू मल्लाह ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहे हैं। उन्होंने सुबह अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। स्थानीय ग्रामीण दिनेश मल्लाह ने बताया कि बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां महिला को फंदे से लटका देखा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन बच्चों के साथ घर में अकेली रहती थीं महिला ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के पति तीन माह पहले पंजाब गए थे, जबकि उनके सास-ससुर भी दो दिन पहले पंजाब चले गए थे। महिला अपने तीन बच्चों के साथ घर में रहकर एक छोटी दुकान चलाती थी। उनके तीन बच्चे हैं- 10 वर्षीय आकाश कुमार, 8 वर्षीय नंदिनी कुमारी और 6 वर्षीय अमरेश कुमार। इस संबंध में बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। बच्चे के कथन के अनुसार महिला ने बच्चों को डांटकर बाहर भेज दिया था। बाद में जब बच्चा वापस लौटा तो उसने अपनी मां को फंदे से लटका पाया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया था तथा पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है।
जंतर-मंतर आंदोलन को देश-विदेश से मिल रहा समर्थन, फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए पहुंच रहा खाना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन के लिए Swiggy और Zomato के जरिए देशभर के साथ विदेशों से भी भोजन भेजे जाने के दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रेटर नोएडा में दो बदमाश गिरफ्तार:बाइक से मोबाइल लूटकर भाग जाते थे, 25 फोन बरामद
ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे मोबाइल फोन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 25 छीने गए मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रबूपुरा के तीर्थली गांव निवासी फैजान पठान और बुलंदशहर के ककोड़ निवासी फरमान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नॉलेज पार्क क्षेत्र में पिछले कुछ समय से मोबाइल स्नैचिंग की लगातार घटनाएं हो रही थीं। वारदातों को अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश अंजाम दे रहे थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध अपाचे बाइक पर सवार दोनों युवक दिखाई दिए। इसी आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। महंगे मोबाइल सस्ते दाम में बेचते थे पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी तेज रफ्तार बाइक से राहगीरों के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन कम कीमत पर बेच देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और छीने गए मोबाइल फोन कहां बेचे जाते थे।
मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग स्थित रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम देवी हत्याकांड की गुत्थी 48 घंटे बाद भी नहीं सुलझ सकी है। हालांकि पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। हत्या का मुख्य आरोपी मई महीने से ही मकान मालिक अशोक कुंवर के संपर्क में था। किराएदार बनने की पूरी साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन दोनों आरोपी ऑटो से मकान तक पहुंचे थे और किराए का भुगतान क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन किया था। इसी आधार पर पुलिस ने ऑटो चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा सिम कार्ड और मोबाइल से जुड़े लोगों समेत करीब 4 लोगों से पूछताछ की जा रही है। सबसे पहले डबल मर्डर से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए फर्जी सिम और पुराने मोबाइल से रची गई साजिश जांच में पता चला है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी नाम-पते पर सिम कार्ड लिया और एक पुराना मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। वारदात के दौरान पहचान छिपाने के लिए ग्लव्स का भी उपयोग किया गया। पुलिस का मानना है कि पूरी हत्या की योजना काफी पहले से तैयार की गई थी और हर कदम सोच-समझकर उठाया गया। हत्या से पहले मकान मालकिन को दिया था कागज सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति नीलम देवी को कोई कागज देते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कागज क्या था और उसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं। जांच टीम इस पहलू को भी महत्वपूर्ण मानकर पड़ताल कर रही है। गायब चाभियों के गुच्छे ने बढ़ाई रहस्य की परतें जांच का सबसे अहम बिंदु घर से गायब चाभियों का गुच्छा बन गया है। मृतक दंपती के बेटे ने अपने बयान में बताया है कि नीलम देवी घर की सभी चाभियां एक ही गुच्छे में रखती थीं, जो कमरे की टेबल पर रहता था। घटना के बाद वह गुच्छा नहीं मिला। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने उन्हीं चाभियों से अलमारी या लॉकर खोला हो और नकदी, आभूषण या महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गए हों। हालांकि पुलिस ने अब तक लूट की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चाभियों का गायब होना जांच को नई दिशा दे रहा है। सीआईडी ने दूसरी बार किया निरीक्षण बुधवार को सीआईडी की टीम ने दूसरी बार घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घर के प्रवेश और निकास मार्ग, कमरों की स्थिति और पहले जुटाए गए FSL साक्ष्यों का दोबारा मिलान किया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। इस दौरान मृतक दंपती की बेटी समेत अन्य परिजनों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने परिवार की दिनचर्या, घर आने-जाने वाले लोगों, किरायेदारों और हाल के दिनों की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी जुटाई है। हर पहलू से जांच, जल्द खुलासे की उम्मीद सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर जांच निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस का दावा है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
पूर्व एसएचओ नागरा को अमृतसर जेल भेजा, गैंगस्टर जग्गू के साथियों से चैटिंग वाला मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | जालंधर आप नेता बलविंदर सिंह मियाणी की हत्या से जुड़े रिश्वत कांड में नामजद टांडा के पूर्व एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को बुधवार को दसूहा कोर्ट में पेश किया गया। एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने और रिमांड नहीं दिया, जिसके बाद नागरा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पेशी से पहले, कोर्ट से सर्च वारंट लेकर एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत ने अपनी टीम के साथ नागरा और उसके एक करीबी रिश्तेदार के घर पर सर्च अभियान चलाया। हालांकि, रात तक एसपी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, जिससे आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सर्च में क्या-क्या बरामद हुआ है। रिमांड पेशी के दौरान दसूहा कोर्ट में दो डीएसपी रैंक के अधिकारी अंदरखाते नागरा की पैरवी करते नजर आए। उनकी पोस्टिंग काफी दूर है, लेकिन वे दोस्त की मदद व कानूनी राय देने वहां पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, नागरा ने चरनजीत से जबरन वसूली के लिए उसके बेटे गुरप्रीत सिंह को हवा में ही केस में नामजद करने का डर दिखाया था। नागरा ने धमकी दी थी कि वह बेटे का जल्द वारंट लेकर उसे भगोड़ा घोषित करवा देगा और एलओसी भी जारी करवा देगा। डर के मारे चरनजीत पैसे देने को तैयार हो गया। पेमेंट मिलते ही नागरा ने चरनजीत को मैसेज किया- टेंशन न लें, बेटे को केस से निकाल दिया है। जबकि असलियत में नागरा ने गुरप्रीत को कभी नामजद किया ही नहीं था, केवल मीडिया और अपने सोर्स के जरिये यह डर फैलाया था। नागरा को मई में ही भनक लग गई थी कि मामला बिगड़ रहा है, इसलिए खुद को बचाने के लिए उसने बाद में चरनजीत को केस में नामजद कर दिया था। जांच अधिकारी की खामोशी पर सवाल इस पूरे घटनाक्रम में जांच अधिकारी की खामोशी बड़े सवाल खड़े कर रही है। रिमांड पेशी के दौरान नागरा ऐसे तैयार होकर आता था जैसे वह किसी फंक्शन में जा रहा हो। इससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नागरा को बचाने की कोई अंदरूनी कवायद चल रही है? सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका में बैठे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के करीबी गुरलाल और चरनजीत से चैटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल पुलिस को मिल गया है। बताया जा रहा है कि यह मोबाइल नागरा के एक करीबी ने ही यह कहकर पुलिस को सौंपा है कि यह नागरा का पर्सनल फोन है। पुलिस जल्द ही इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। गौरतलब है कि एफबीआई के खुलासे के बाद 8 जुलाई को टांडा के एसएचओ नागरा को लाइन हाजिर किया गया था और 10 दिन की जांच के बाद उन्हें जालंधर (लद्देवाली) के पंजाब एवेन्यू स्थित घर से कस्टडी में लिया गया था।
मेरठ में साइबर अपराधियों ने एक पेपर मिल के प्रबंधक का मोबाइल APK फाइल के जरिए हैक कर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पेपर मिल के निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसी के जरिए प्रबंधक को अलग-अलग खातों में भुगतान करने के निर्देश भेजते रहे। प्रबंधक ने निदेशक का संदेश समझकर चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को मामला तब खुला जब भुगतान का ब्यौरा सुनकर असली निदेशक हैरान रह गए। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी गंगोत्री पेपर मिल हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में संचालित है। मिल का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी, मुजफ्फरनगर शाखा में है, जिसका संचालन प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को आई पहली APK फाइल पुलिस के अनुसार - 17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मिल के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजते रहे आदेशसाइबर ठगों ने फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को संदेश भेजकर विभिन्न बैंक खातों में भुगतान करने के निर्देश दिए। चूंकि पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश देते रहे थे, इसलिए प्रबंधक को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच उन्होंने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.80 करोड़ रुपये बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। भुगतान की जानकारी देते ही खुला राजसोमवार को जब निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल पेपर मिल पहुंचे तो संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों का पूरा विवरण दिया। यह सुनकर दोनों अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान निर्देश को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई और बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई। साइबर पोर्टल पर शिकायत, मुकदमा दर्जघटना का पता चलते ही प्रबंधन ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मेरठ में प्रज्ज्वल अग्रवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिशएसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें चिन्हित कर संबंधित खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।
हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद
श्रीगंगानगर। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन की सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन सिम कार्ड और डाटा केबल मिलने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम को जेल में स्टाफ द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जेल की बैरिक नंबर 11 में एक बंदी की तलाशी में एक मोबाइल फोन, सिम […] The post हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद appeared first on Sabguru News .
अशोकनगर की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 80 हजार रुपए कीमत के चार चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा सके। पुलिस के अनुसार, शांतिनाथ मंदिर के पास रहने वाले सफल जैन ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात सूचना मिली कि दुकान का ताला तोड़कर चोरी कर ली गई है। चोर एक लावा मोबाइल, एक सैमसंग मोबाइल, दो आईफोन और गल्ले में रखे करीब पांच हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। बीना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा आरोपी जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन बीना क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस ने बीना रेलवे स्टेशन के पास से सेमरी टंकी, थाना पिपरई निवासी संदीप उर्फ संजीव यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी हुए चारों मोबाइल बरामद कर जब्त कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र के गांव राजेपुर में एक मजदूर द्वारा चोरी करने का मामला सामने आया है। राजमिस्त्री के काम के लिए बुलाया गया व्यक्ति रात में घर पर ठहरा और सुबह होने से पहले ही मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव राजेपुर निवासी शिकायतकर्ता श्रीचंद ने इंद्री पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव के ही कृष्ण मलिक के यहां राजमिस्त्री का काम कर रहा था। 19 जुलाई को वह सूबे सिंह और पुनीत के साथ लाडवा लेबर चौक से एक मजदूर सुनील कुमार निवासी गांव नाचरोन को काम के लिए लेकर आया था। दिनभर काम करने के बाद उक्त मजदूर को अगले दिन भी काम पर लगना था, इसलिए उसे रात में अपने घर पर ही ठहरा लिया। रात में चोरी कर हुआ फरार पीड़ित के अनुसार, रात के समय मौका पाकर मजदूर सुनील कुमार कश्यप उसकी बाइक, मोबाइल फोन और जेब से 600 रुपए निकालकर फरार हो गया। सुबह उठने पर घटना का पता चला, जिसके बाद आसपास तलाश की गई लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले में थाना इंद्री में 21 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। कभी ...
मुंगेर सदर अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। इस नई लैब में चरणबद्ध तरीके से 87 प्रकार की रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध होगी और मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर भी प्राप्त होगी। वर्चुअल उद्घाटन के बाद सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डॉ. राजू, उपाधीक्षक डॉ. रमन, नगर परिषद की मुख्य पार्षद कुमकुम देवी, जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि तथा डॉ. निरंजन, डॉ. प्रदीप और डॉ. नेहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर लैब का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने नई लैब का निरीक्षण कर वहां स्थापित आधुनिक मशीनों और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। आधुनिक मशीनों से होगी जांच, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि मॉडल अस्पताल की इस लैब में रक्त जांच के लिए दो अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के जरिए विभिन्न प्रकार के ब्लड सैंपल की जांच अब स्थानीय स्तर पर ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट उसी दिन मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ ही रिपोर्ट मोबाइल फोन पर भी भेजी जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 45 से बढ़कर 87 प्रकार की होगी रक्त जांच डॉ. राजू ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में 45 प्रकार की रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 87 प्रकार तक किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से जिले के मरीजों को त्वरित और बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नमूनों की भी होगी जांच उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लिए जाने वाले रक्त नमूनों की जांच भी इसी लैब में की जाएगी और रिपोर्ट संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को उसी दिन उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सदर अस्पताल में बेहतर इलाज और मरीजों की सुविधा के लिए लगातार संसाधनों का विस्तार कर रही है। हाल ही में अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए चार नए डॉक्टरों की भी तैनाती की गई है। हजारों मरीजों को मिलेगा लाभनई पैथोलॉजी लैब और आधुनिक जांच मशीनों के शुरू होने से जिले के हजारों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर जांच की सुविधा मिलेगी। इससे जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
मैनपुरी में घर में घुसकर हमला,VIDEO:दबंगों पर सरिया-धारदार हथियार से पीटा, रुपये और मोबाइल छीना
मैनपुरी में घर में घुसकर मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दबंगों ने लोहे की सरिया, धारदार हथियार और तमंचे के बल पर हमला कर परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। ग्राम सिमरई निवासी समोद कुमार पुत्र रामपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि यह घटना 21 जुलाई 2026 को दोपहर करीब तीन बजे हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के महेश चंद्र, प्रवेश कुमार, विपिन, सरोजिनी, राजवीर की पत्नी और अजय पुत्र मनीराम लोहे की सरिया, धारदार हथियार और देसी तमंचा लेकर उनके घर में घुस आए। समोद कुमार के अनुसार, हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके भाई विनोद कुमार, प्रमोद कुमार, ओमप्रकाश और सिनोद कुमार धारदार हथियारों से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को परिजन थाना बिछवां ले गए, जहां से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल और फिर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना का मारपीट संबंधी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग आपस में झगड़ते दिख रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसकी मजदूरी के रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिया। पीड़ित समोद कुमार ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अमरोहा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से खोए और गुम हुए 192 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद की साइबर सेल टीम ने तकनीकी दक्षता का उपयोग करते हुए इन मोबाइलों को ट्रैक कर बरामद किया। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के पुलिस के प्रयासों का हिस्सा है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने अमरोहा पुलिस और साइबर सेल टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता के कारण उनका कीमती सामान वापस मिल सका। पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि साइबर सेल गुम हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग का अभियान लगातार चला रही है। उन्होंने जनता से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी ऑनलाइन ठगी या मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र की मधुशाह गली में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जुए-सट्टे के अड्डे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 9x9 फीट के कमरे से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 62 हजार 150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और लाखों रुपए के हिसाब-किताब वाली 7 पर्चियों के बंडल जब्त किए गए। सभी 17 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अब जब्त पर्चियों और मोबाइल फोन की जांच कर अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। कमरे में भरे थे 27 लोग पुलिस के अनुसार कार्रवाई के समय कमरे में 27 लोग मौजूद थे। इनमें से जुआ खेल रहे 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत को सूचना मिली थी कि मधुशाह गली स्थित एक मकान में बड़ी संख्या में लोग हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सुचना के सत्यापन के बाद शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस टीम को देखकर कुछ लोगों ने भागने का प्रयास किया, 17 आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से 62,150 रुपए भी मिले तलाशी के दौरान पुलिस ने 62,150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और सट्टे के हिसाब-किताब की 7 पर्चियों के बंडल बरामद किए। प्रारंभिक जांच में इन पर्चियों में लाखों रुपए के लेन-देन का विवरण मिला है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण करा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। ये आरोपी गिरफ्तारः गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पंजाबी, हाफिज, नासिर, शानू, शकील, सलीम, सईदुल रहमान, सलीम खान, मुकेश, शफीक, रहीस, पूर्णचंद, अब्दुल, याकूब, मुख्तार, हुसैन और नसरत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अधिकांश आरोपी दरगाह क्षेत्र, लौंगिया मोहल्ला, सिलावट मोहल्ला, नाला बाजार, न्यू मार्केट और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। जबकि रहीस मध्यप्रदेश के उज्जैन का रहने वाला है।
माइंडफुल ईटिंग अपनाएं, बिना मोबाइल और टीवी के भोजन करने से मिलेंगे कई फायदे
वजन नियंत्रित रखने में मिलती है मदद : स्क्रीन देखते हुए लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं क्योंकि उनका ध्यान खाने की मात्रा पर नहीं रहता। बिना किसी व्यवधान के भोजन करने से शरीर की भूख और तृप्ति के संकेत आसानी से समझ आते हैं। इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है और वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। मानसिक तनाव होता है कम : माइंडफुल ईटिंग केवल खाने की आदत नहीं, बल्कि एक तरह का मानसिक अभ्यास भी है। कुछ समय के लिए मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाकर शांत वातावरण में भोजन करने से मन को आराम मिलता है। इससे तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। परिवार के साथ बढ़ता है जुड़ाव : अगर पूरा परिवार बिना टीवी और मोबाइल के साथ बैठकर भोजन करता है तो बातचीत का अवसर मिलता है। इससे रिश्तों में अपनापन बढ़ता है और परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है। बच्चों में भी अच्छी खानपान की आदतें विकसित होती हैं। छोटी आदत, बड़ा असर : माइंडफुल ईटिंग अपनाने के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। बस भोजन के समय मोबाइल को दूर रखें, टीवी बंद करें और हर निवाले का स्वाद महसूस करते हुए धीरे-धीरे खाएं। यह छोटी-सी आदत न केवल शरीर को बेहतर पोषण देती है, बल्कि मन को भी शांति और संतुष्टि का अनुभव कराती है। नियमित रूप से ऐसा करने पर स्वास्थ्य, पाचन और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं। भास्कर न्यूज। लुधियाना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग खाना खाते समय मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, टीवी देखते हैं या लैपटॉप पर काम करते रहते हैं। ऐसे में भोजन केवल एक आदत बनकर रह जाता है और हम यह भी महसूस नहीं कर पाते कि कितना और क्या खा रहे हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए इन दिनों माइंडफुल ईटिंग का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसका मतलब है कि भोजन करते समय पूरा ध्यान केवल खाने पर देना, बिना किसी डिजिटल स्क्रीन या अन्य व्यवधान के। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत न केवल पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है, बल्कि वजन नियंत्रित रखने, तनाव कम करने और भोजन का वास्तविक स्वाद महसूस करने में भी मदद करती है। छोटी-सी यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर छोड़ सकती है। भोजन का स्वाद और संतुष्टि बढ़ती है : जब आप बिना मोबाइल या टीवी के खाना खाते हैं तो हर निवाले का स्वाद, खुशबू और बनावट महसूस कर पाते हैं। इससे भोजन का आनंद बढ़ता है और दिमाग को समय पर यह संकेत मिल जाता है कि पेट भर चुका है। इससे जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो जाती है। {पाचन तंत्र रहता है बेहतर : जल्दी-जल्दी या ध्यान भटकाकर खाना खाने से भोजन ठीक तरह से चबाया नहीं जाता। माइंडफुल ईटिंग के दौरान व्यक्ति आराम से और अच्छी तरह चबाकर भोजन करता है, जिससे पाचन आसान होता है। गैस, अपच और पेट भारी रहने जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है।
सीकर में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण प्रकरण के विशिष्ट जज अशोक सैन ने लॉ के छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। LLB कर रहे छात्र पवन को आरोपी नमक एडवोकेट सुनील गैस पेपर के रुपए नहीं देने पर मारने की धमकियां दे रहा था। पवन ने परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर पानी की होद में कूदकर सुसाइड कर लिया था। कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग ) और मृतक के सुसाइड नोट को अहम सबूत माना है। प्रोसिक्यूशन असिस्टेंट डायरेक्टर रामलाल सैनी ने बताया- परिवादी मोहनलाल ने सीकर के उद्योग नगर थाना में मामला दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि उसका भांजा पवन कुमार सीकर शहर में रहकर L.L.B. कर रहा था। वह राधाकिशनपुरा में फाटक संख्या-2 में एक मकान में किराए पर रहता था। एक दिन भांजे पवन ने छोटे भाई रमेश कुमार को मोबाइल पर बताया कि सुनील कुमार उर्फ जेंटर पुत्र दुलीचंद निवासी वार्ड 6 सादुलशहर श्रीगंगानगर वाले ने उसे बहुत टॉर्चर किया और उसे मारने की धमकी दी कि वह 16 तारीख को एग्जाम देने जाएगा तो उसे मार देगा। सुनील श्रीगंगागर उसे बार-बार धमकी दे रहा है कि उसकी लाइफ बर्बाद कर देगा। उसकी मौत का जिम्मेदार सुनील कुमार श्रीगंगानगर वाला है। कमरे में सुसाइड नोट-मोबाइल में ऑडियो क्लिप मिली परिवादी मोहनलाल ने बताया- मेरे भांजे पवन कुमार को अभियुक्त सुनील कुमार उर्फ जेंटर ने बिना वजह तंग और परेशान किया है। इसके कारण उसे सुसाइड करने को मजबूर होना पड़ा। जब वह उद्योग नगर थाना पुलिस के साथ भांजे के किराए के मकान में पहुंचा तो पानी के होद के बाहर चप्पल पड़ी थी। पानी के अंदर देखा तो भांजा पवन कुमार मृत अवस्था में पाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र पवन के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। वहीं मृतक ने अभियुक्त सुनील की धमकी देने की ऑडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर रखी थी। पुलिस और वकील की ओर से 16 गवाह पेश किए और 41 डॉक्यूमेंट्स एविडेंस के रूप में कोर्ट के सामने पेश किए। आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
गेस्ट हाउस में जुआ खेलते सात गिरफ्तार:एक लाख कैश, स्विफ्ट डिजायर कार और 8 मोबाइल भी जब्त; मालिक फरार
उनियारा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने मंगलवार को 7 लोगों को जुआ खेलते हुए एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस ने 1 लाख 12 हजार 700 रुपए, एक स्विफ्ट डिजायर कार, एक बाइक और 8 मोबाइल जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एसपी रोशन मीणा के निर्देशानुसार, एएसपी रतनलाल भार्गव और उनियारा डीएसपी अशोक कुमार के निर्देशन में उनियारा के सवाई माधोपुर रोड स्थित लग्जरी गेस्ट हाउस में की गई। डीएसटी और उनियारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस में ताश के पत्तों से रुपए का दांव लगाकर जुआ खेलते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, इस दौरान भनक लगते ही गेस्ट हाउस संचालक दीपक उर्फ सत्यनारायण साहू निवासी वार्ड नंबर-6, उनियारा मौके से फरार हो गया। इन्हें किया गिरफ्तारपुलिस ने आरोपी मनराज गुर्जर (30) निवासी महवा, थाना अलीगढ़, जिला टोंक, ओमप्रकाश मीणा (40) निवासी सहादतनगर, थाना अलीगढ़, राकेश प्रजापत (35) निवासी सोप, थाना सोप, जिला टोंक, चेतराम मीणा (34) निवासी बेलनगंज, थाना इंद्रगढ़, जिला बूंदी, फिरोज (30) निवासी सोप, जिला टोंक, राजेंद्र माली (40) निवासी अलीगढ़ और राधेश्याम माली (40) निवासी अलीगढ़, थाना अलीगढ़, जिला टोंक को गिरफ्तार किया है।
संगरूर जिले के थाना लेहरा पुलिस ने गांव रामगढ़ संधूआं के रहने वाले 19 वर्षीय युवक हरमनदीप सिंह की हत्या की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और चोरी (लूट) की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हरमनदीप के पिता बलकार सिंह ने 15 जुलाई को पुलिस में अपने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि हरमनदीप 5 जुलाई से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब गहन पूछताछ की, तो उन्होंने हरमनदीप की हत्या करने की बात कबूल कर ली।आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खाई बस्ती के पास एक खेत में पेड़ के नीचे छिपाया गया हरमनदीप का शव बरामद किया। शव काफी सड़ी-गली हालत में था, जिसकी पहचान परिजनों ने कपड़ों के आधार पर की। लूटपाट के इरादे से की गई थी हत्या गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खाई बस्ती (लेहरा) निवासी सोनू, मंगू कुमार और लखन के रूप में हुई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले हरमनदीप से 2,000 रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन लूटा। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को खेत में छिपा दिया। एक दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, जांच जारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर 5 जुलाई से लापता था युवक, खेत से मिला सड़ा-गला शव ने बताया कि पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम करवाया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। अदालत ने तीनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को सामने लाया जा सके।
पूर्णिया में एक महिला की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतका की पहचान सुलेखा देवी के रूप में हुई है, जो बनमनखी रेलवे स्टेशन से पूर्णिया जा रही थीं। मृतका के बेटे पंकज कुमार ने आशंका जताई है कि यह हादसा ट्रेन में मोबाइल झपटमारी (स्नैचिंग) के दौरान हुआ होगा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मामले की जांच में जुट गई है। बनमनखी थाना और पूर्णिया पुलिस की ओर से परिजनों को फोन कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने बताया कि उनकी मां एक हादसे का शिकार हो गई हैं।हालांकि, शुरुआत में परिवार को इस खबर पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब वे पूर्णिया पहुंचे, तो उन्होंने महिला का शव ट्रेन से कटा हुआ पाया। बेटा बोला- रेल से ऐसे गिरना स्वभाविक नहीं मीडियाकर्मियों से बात करते हुए पंकज कुमार ने बताया कि उनकी मां के साथ ट्रेन में मोबाइल झपटमारी की घटना हुई होगी । इसने आशंका जताते हुए कहा कि रेल से ऐसे ही गिरना स्वाभाविक नहीं है ।परिजनों का मानना है कि चलती ट्रेन में किसी बदमाश की ओर से मोबाइल छीनने की कोशिश की गई होगी, जिसका विरोध करने या हड़बड़ाहट के कारण महिला ट्रेन से नीचे गिर गईं और चपेट में आ गईं। घटनास्थल पर मौजूद रेल पुलिस कर्मियों ने पंकज को सुलेखा देवी का मोबाइल फोन सौंपते हुए बताया कि यह फोन ट्रैक के पास पड़ा मिला था।घटना के बाद पुलिस और रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों ने रेल परिसर और चलती ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मोहाली में डेराबस्सी में करीब चार महीने पहले जनेतपुर अंडरपास के पास अंबाला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव हाथ-पैर बंधी हालत में मिला था। रेलवे पुलिस ने अब इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन बाद में यह हत्या का मामला निकला। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान चोरी की कार के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और हत्या की साजिश में किसी और की भूमिका की भी जांच की जाएगी। रेलवे पुलिस इस चार महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे को एक बड़ी सफलता मान रही है। जानिए पूरा मामला, कैसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस रेलवे पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान महिमूदपुर निवासी 54 वर्षीय करम सिंह के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि करम सिंह चोरी की एक कार के सौदे में शामिल था। आरोपी इस कार को आगे बेचना चाहते थे, लेकिन करम सिंह उनके लिए बाधा बन रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले करम सिंह को अपने कब्जे में लिया, उसके हाथ-पैर बांधे और फिर जनेतपुर अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया। कुछ देर बाद ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने इसे एक दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को पुख्ता कर दिया। सीडीआर से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान, रेलवे पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मोबाइल डेटा डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसी तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस मुकंदपुर निवासी गुरजीत सिंह और सरबजीत सिंह तक पहुंची। इनमें से एक आरोपी डप्पर टोल प्लाजा के पास टायर पंचर की दुकान चलाता है।
जयपुर में RTO दस्ते के मारपीट कर ट्रक ऑनर का सिर फोड़ने का मामला सामने आया है। ट्रक ओवर लोड की बताकर 50 हजार रुपए का चालान भरने को लेकर कहासुनी हुई थी। मोबाइल पर वीडियो बनाने पर गुस्साएं आरटीओ कर्मियों ने डंडा निकालकर मारपीट की। SMS हॉस्पिटल में घायल ट्रक ऑनर का इलाज करवाया गया। पीड़ित के बेटे ने कानोता थाने में सोमवार शाम मामला दर्ज करवाया है। SI सुभाष ने बताया- बूंदी के करवर गांव निवासी बबलू (20) ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह अपने पापा कालूराम व परिवार मेंबर के साथ ट्रक में खिलौने भरकर झारखण्ड बेचने के लिए निकले थे। रविवार रात करीब 10:30 बजे हिंगोनिया टोल क्रॉस किया। आरोप है कि करीब 1 KM जाने के बाद पीछे से सफेद कलर की बोलेरो आई। ट्रक के आगे बोलेरो गाड़ी लगवाकर रुकवा लिया। RTO की बोलेरो में चार पुलिसकर्मी मौजूद थे। ट्रक को ओवर लोड बताकर 50 हजार रुपए के चालान भरने का दबाव बनाने लगे। गरीब होने की कहकर 2 हजार रुपए देने की कहने पर वह नहीं माने। इस दौरान उनका वीडियो बनाने पर गुस्साएं पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में से डंडा निकाल लिया। डंडे से मोबाइल तोड़ने के साथ ही मारपीट करने लगे। डंडे की पिता कालूराम के सिर पर लगने पर खून बहने लगा। खून से लथपथ हालत में देखकर बोलेरो में बैठकर RTO दस्ता भाग निकला। घायल हालत में पिता कालूराम का SMS हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। इस दौरान कालूराम के बेटे के हाथ में भी चोट आई। हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने पर कानोता थाने में FIR दर्ज करवाई गई।
करनाल में सिटी थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर मेन बाजार स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर सोमवार रात 3-4 बदमाशों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। बदमाशों की किसी युवक से कहासुनी हुई थी। बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया और वह जान बचाने के लिए मोबाइल शॉप में घुस गया। वहीं पर बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। युवक को दो चाकू भी लगे है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। हथियार लहराते पहुंचे, दुकान में घुसकर हमला जानकारी के अनुसार सोमवार रात मेन बाजार में 3-4 युवक हाथों में तलवार, लाठी-डंडे और चाकू लेकर मोबाइल रिपेयरिंग शॉप के पास पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद एक युवक पर अचानक हमला कर दिया। जान बचाने के लिए युवक दुकान के अंदर घुस गया, लेकिन बदमाश उसके पीछे अंदर पहुंच गए। आरोपियों ने दुकान के अंदर जमकर तोड़फोड़ की और युवक पर चाकू से वार किए। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। हमले के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घायल युवक भी मौके से भाग गया। उसको भी चाकू लगे थे। वह अपनी बाइक भी मौके पर छोड़कर फरार हो गया है। सीसीटीवी में कैद, दो के पास तलवारें स्थानीय निवासियों के अनुसार पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश हथियारों के साथ भागते हुए नजर आ रहे हैं, जिनमें से दो के पास तलवारें थीं। हमले में घायल युवक को दो चाकू लगे हैं, हालांकि उसकी पहचान और हमले के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। डायल 112 पर कॉल, देरी से पहुंची पुलिस मोबाइल शॉप के दुकानदार ने बताया कि घटना के दौरान डायल 112 पर कॉल की गई, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि थाना नजदीक होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दुकानदार के अनुसार उनकी दुकान को काफी नुकसान हुआ है और इसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मेला में श्रद्धालुओं के बीच चोर गैंग भी घुस आए हैं। मेले में शातिर नाबालिग चोरों का एक गैंग सक्रिय है, जो भीड़ का पूरा फायदा उठा रहा है। ये गैंग कभी किसी के जेब से मोबाइल खींच ले रहा है तो कहीं युवतियों और महिलाओं का पर्स ब्लेड से काटकर पैसा निकाल ले रहा है। हद तो यह है कि चोर लगातार घटना का अंजाम दे रहा है और पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। चोरों ने एक के बाद एक मोबाइल और पर्स चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देकर सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 5 दिनों में ही मेले से 38 मोबाइल चोरी हो चुके हैं। हालांकि कई पीड़ितों ने थाने में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बकायदा पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी चोरों को पकड़ने के बजाय सिर्फ पीड़ितों से चोरी का आवेदन जमा करने में जुटे हैं। चोर आसानी से भीड़ में घुसकर जेब से मोबाइल उड़ा रहे हैं। चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। लोकल गैंग के अलावा संगठित गिरोह भी मेला में सक्रिय, ट्रेनिंग लेकर चोरी करने पहुंचा है पुलिस जांच में जानकारी मिली है कि लोकल गैंग के अलावा बाहर से आया संगठित चोर गिरोह भी चोरी को अंजाम दे रहा है। बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों को मेला में भीड़ का फायदा उठाकर कैसे चोरी की घटना का अंजाम देना है, इसकी ट्रेनिंग भी उसे दी गई है। पुलिस जांच में इस बात की भी जानकारी मिली है कि बच्चा चोर को पकड़े जाने के बाद कोर्ट से छुड़वाने तक की जिम्मेवारी भी गिरोह का सरगना पहले ही ले चुका है। पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह फेल, टेक्निकल टीम के सहारे आरोपियों को ढूंढने में जुटी पुलिस धुर्वा व जगन्नाथपुर पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह से फेल हो चुका है। मेला में पहुंचने वाले चोर के बारे में कहीं से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सुरक्षा के नाम पर सीसीटीवी कैमरे के अलावा विभिन्न जगहों पर जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके बाद भी चोर प्रतिदिन मोबाइल आैर पर्स की चोरी कर फरार हो जा रहा है। ऐसे में अब टेक्निकल टीम के भरोसे ही पुलिस अनुंसधान करते हुए चोर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। समझें चोर की मेथेडोलॉजी... ऐसे घटना को अंजाम दे रहे 1. फिक्स टारगेट : गैंग का एक सदस्य भीड़ में पहले किसी महिला या बुजुर्ग पर टारगेट फिक्स करता है जिसका मोबाइल चोरी करना होता है। 2. सक्रिए सदस्य की इंट्री : गिरोह का 2 या 3 सदस्य फिक्स टारगेट के बलग में पहुंचता है आैर सामान्य आदमी बनकर आगे-पीछे चलना शुरू करता है ताकि पीड़ित को किसी प्रकार का शक ना हो। 3. ध्यान भटकाना : जहां कहीं अत्यधिक भीड़ होती है, एक सदस्य तेजी से टारगेट व्यक्ति के पास पहुंचकर अलग-अलग तरिके से ध्यान भटकाता है। 4. मोबाइल व पैसा गायब : चंद सेकेंड के लिए ध्यान भटकते ही अगल-बगल मौजूद गिरोह का सदस्य या तो पर्स व जेब में ब्लेड मारकर पैसे की निकासी कर लेता है या फिर मोबाइल चोरी कर फरार हो जाता है। 5. चोरी के सामान का ट्रांसफर : चोर तेजी से आगे बढ़ते हुए तुरंत दूसरे सदस्यों को चोरी किया या पैसा या मोबाइल सौंप देता है। कुछ ही सेकेंड में पैसा आैर मोबाइल काफी दूर चला जाता है। 6. लोकेशन चेंज : चोर तुरंत घटना का अंजाम देने के बाद अपना लोकेशन बदल देता है। पीड़ित को जबतक चोरी की जानकारी होती है, चोर आैर सामान वहां से काफी दूर जा चुका होता है। यही वजह है कि एक भी चोर गिरफ्तार नहीं हो पा रहा है।
महिलाओं के उत्पादों की प्रदर्शनी, कंप्यूटर- मोबाइल प्रशिक्षण शुरू
सुलभ इंटरनेशनल की ओर से संचालित नई दिशा कार्यक्रम के तहत सोमवार को वाल्मिकी समाज की महिलाओं के बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी और मेले का आयोजन हुआ। मेले के साथ महिलाओं को कंप्यूटर की बेसिक शिक्षा और मोबाइल संचालन का प्रशिक्षण भी शुरू किया गया। सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने कहा कि नई दिशा केवल मेला नहीं है। यह महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आर्थिक सशक्तिकरण का राष्ट्रीय अभियान है। उद्देश्य कौशल विकास कराना है। रोजगार के अवसर देना है। स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। गरिमापूर्ण जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस पहल का विस्तार देश के हर जिले और गांव तक किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षण लें। आर्थिक रूप से सशक्त बनें। पाठक ने बताया कि जनवरी 2026 में अलवर में हुए पहले नई दिशा मेले की सफलता से यह साबित हुआ। अवसर मिले। प्रशिक्षण मिले। महिलाएं अपना जीवन बदलती हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनती हैं। उन्होंने कहा कि नई दिशा केंद्रों पर ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, पापड़-अचार निर्माण, साड़ियों से झोले बनाने जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। पद्मश्री उषा चोमर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सही अवसर मिले। सहयोग मिले। महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। नित्या पाठक ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल ने देशभर में करीब दो लाख महिलाओं को मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा से मुक्ति दिलाई है। उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया है। रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत बिहार से हुई। संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक के जरिए 2003 में शुरू नई दिशा आज महिलाओं के जीवन में बदलाव का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
पटना में 17 साल की लड़की सौम्या भारती रविवार शाम से लापता है। वो रामकृष्णा नगर की रहने वाली है। कोतवाली थाना इलाके के हरि निवास क्षेत्र से वो लापता हुई है। सौम्या को गायब हुए अब करीब 30 घंटे हो गए हैं। परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपहरण की आशंका जताई थी। वहीं, इस मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। सौम्या ने रघुनाथ बालिका उच्च विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो अपने खर्च के लिए हरि निवास इलाके में स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम कर रही थी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मां बोली- घर से मोबाइल शॉप के लिए गई थी सौम्या की मां दीपा देवी ने बताया, मेरी बेटी रविवार दोपहर करीब 12 बजे हरि निवास इलाके के मोबाइल शॉप में ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे के बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मुझे आशंका है कि अपहरण हुआ है। 7 दिन पहले मेरे घर पर कुछ अज्ञात लड़कों ने आकर मारपीट की थी। उसमें बिट्टू नाम का लड़का और दूसरे भी शामिल थे। उसी घटना के बाद कल से मेरी बेटी लापता हो गई है। दरअसल, सौम्या की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसकी तस्वीर इंस्टा आईडी पर लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखे थे। जब हमें इसका पता चला तो हमने विरोध जताया था। हम उसकी फ्रेंड के घर गए थे। उसके परिवार वालों से शिकायत की थी। इस बात से नाराज होकर 14 जुलाई की दोपहर कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हमारे साथ मारपीट की। इसके बाद हम रामकृष्णा नगर थाने पहुंचे। थाने में मामले की शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। बड़ी बहन बोली- पुलिस एक्शन नहीं ले रही सौम्या की बड़ी बहन दिव्या भारती ने बताया कि मेरी बहन को तलाशने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिवार लगातार परेशान है और पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा। हमारे पिता बैरिया बस स्टैंड के पास फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। इन सब मामलों के बाद मकान मालिक भी घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। हम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी सौम्या लड़का परिवार के साथ फरार है पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सौम्या को तलाशने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान एक लड़के के घर भी पुलिस पहुंची थी, लेकिन लड़का परिवार सहित फरार हो गया है। इन 4 एंगल पर पुलिस कर रही जांच
जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित रोटरी चौराहे पर एक टैक्सी चालक से मोबाइल छीनकर भागने की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। मामले।में किशोर कुमार (25) पुत्र लक्ष्मणराम, अर्जुन (22) पुत्र लक्ष्मणराम, निवासी जगदंबा कॉलोनी नया गांव पाली को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला कापरड़ा निवासी प्रमोदपुरी पुत्र छोटूपुरी रातानाडा इलाके में टैक्सी चलाता है। 19 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह रोटरी चौराहे के पास सरकारी स्कूल के सामने अपनी टैक्सी खड़ी कर पिछली सीट पर बैठा था। उसका वन प्लस मोबाइल टैक्सी के डैशबोर्ड पर रखा हुआ था। इसी दौरान रिक्तिया भैरूजी चौराहे की तरफ से एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और डैशबोर्ड से मोबाइल उठाकर बाइक पर बैठकर भागने लगा। जब प्रमोदपुरी ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने उसे धक्का दे दिया और मेडिकल चौराहे की तरफ फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस आउट कर पाली जिले के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया। कार्रवाई में थानाधिकारी दिनेश लखावत, एएसआई थानाराम, एएसआई घेवरराम, कांस्टेबल महेन्द्र, राजूराम और राजेन्द्र शामिल रहे।
सरगुजा पुलिस ने सोमवार को गुम व चोरी हुए 129 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस किया। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल एवं पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल मालिकों को उनका खोया फोन लौटाया तो उनके चेहरे खिल उठे। पुलिस लगातार चोरी व गुम हुए मोबाइलों को खोजकर मालिकों को लौटा रही है। सरगुजा में मोबाइल चोरी के दर्ज अपराधों पर साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना, चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिकों के गुमे हुए मोबाइल फ़ोन को वापस लाने लगातार प्रयास कर रही है। अभियान चलाकर पुलिस मोबाइल फोन बरामद कर रही है। चोरी व गुम हुए फोन को सर्विलांस तकनीक की मदद से खोज जा रहा है। पिछले 05 महीने में कुल 129 गुम मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 31 लाख रुपये है। धारकों को लौटाए गए मोबाइल फोन सोमवार को सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल, एएसपी अमोलक सिंह, सीएसपी राहुल बंसल सहित अधिकारियों ने मोबाइल के धारकों को उनका गुम मोबाइल लौटाया। सभी धारकों को मोबाइल फोन लौटाते हुए उन्हें सतर्क रहने की अपील की गई। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि कई मोबाइल धारको को मोबाइल गुमने के पश्चात वापस मिलने की उम्मीद नहीं होती है, लेकिन पुलिस टीम के सामूहिक प्रयास से आपको आपका गुमा हुआ मोबाइल वापस खोजकर दिलाया गया है। एसएसपी ने कहा कि मोबाइल धारक अपने मोबाइल संभाल कर रखे, स्वयं सचेत रहे एवं दूसरों को भी सचेत करें। मोबाइल में हर किसी कि कई गोपनीय जानकारी एवं महत्वपूर्ण जानकारी रहती है, जो मोबाइल गुमने पर उस जानकारियों का गलत एवं मनमाना तरीके से उपयोग कर साइबर ठगी जैसी घटनाये कारित की जाती हैं। इसके पूर्व सरगुजा पुलिस द्वारा फ़रवरी 2026 मे 525 नग गुमे हुए मोबाइल वापस को बरामद कर मोबाइल धारकों को वापस साैंपा गया था।
राजनांदगांव की सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने आरके नगर चौक पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूट में इस्तेमाल की गई है बिना नंबर प्लेट की स्कूटी और लूटा गया मोबाइल बरामद किया गया है। मामला 19 जुलाई का है। एक बाइक सवार देवरी (महाराष्ट्र) से अपनी मां को दवाई देकर भिलाई (कैंप-01) लौट रहा था। आरके नगर चौक के पास उसकी बाइक का फ्यूल खत्म हो गया। जब वह पैदल गाड़ी ले जा रहा था, तभी शाम करीब 4:15 बजे बिना नंबर की काली स्कूटी पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया। आरोपियों ने पीड़ित के गले से आधा तोला सोने की चेन और जेब से मोबाइल लूट लिया। लूटे गए सामान की कुल कीमत लगभग 54,000 रुपए बताई गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 384/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में कबूला जुर्म मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपियों में सुरेंद्र यादव (18), निवासी लखोली नाका चौक, अशोक राईस मिल रोड, राजनांदगांव और अभिषेक कुम्भारे (18), निवासी भरकापारा, गंज चौक, राजनांदगांव शामिल हैं। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इन आरोपियों को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सिरसा जिले में नाथूसरी चौपटा खंड के गांव जमाल स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को 10वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने हिंदी टीचर पर पेचकस से हमला कर दिया। छात्र ने टीचर की गर्दन पर कई वार किए, जिससे वह घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टीचर ने छात्र को मोबाइल फोन को लेकर टोका था। यह घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुई, जब हिंदी टीचर सुनील कुमार कक्षा में कॉपियां जांच रहे थे। इसी दौरान 10वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने अपने बैग से पेचकस निकाला और तेजी से टीचर की ओर बढ़कर उन पर 3 से 4 वार कर दिए। इस हमले के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्र मौके से फरार हो गया। घायल को अस्पताल में कराया भर्ती घायल टीचर सुनील कुमार को स्कूल के अन्य अध्यापकों ने चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य प्रताप सिंह और जमाल चौकी प्रभारी रामकुमार मौके पर पहुंचे। टीचर सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें हमले के पीछे का कारण नहीं पता है। जमाल चौकी पुलिस ने टीचर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल को लेकर टोका था बताया जा रहा है कि छात्र को पहले भी टीचर ने मोबाइल फोन को लेकर टोका था। इसी बात को लेकर छात्र के मन में नाराजगी होने की बात सामने आ रही है। टीचर सुनील कुमार का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जमाल चौकी प्रभारी रामकुमार ने बताया कि टीचर की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। हमले के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पटना में 17 साल की एक लड़की कल से लापता है। लड़की का नाम सौम्या भारती है। वो रामकृष्णा नगर की रहने वाली है। कोतवाली थाना इलाके के हरि निवास क्षेत्र से वो लापता हुई है। सौम्या ने रघुनाथ बालिका उच्च विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो अपने खर्च के लिए हरि निवास इलाके में स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम कर रही थी। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं और उन्होंने अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मां बोली- घर से मोबाइल शॉप के लिए गई थी सौम्या की मां दीपा देवी ने बताया कि मेरी बेटी रविवार दोपहर करीब 12 बजे हरि निवास इलाके के मोबाइल शॉप में ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे के बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मुझे आशंका है कि अपहरण हुआ है। 7 दिन पहले मेरे घर पर कुछ अज्ञात लड़कों ने आकर मारपीट की थी। उसमें बिट्टू नाम का लड़का और दूसरे भी शामिल थे। उसी घटना के बाद कल से मेरी बेटी लापता हो गई है। दरअसल, सौम्या की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसकी तस्वीर इंस्टा आईडी पर लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखे थे। जब हमें इसका पता चला तो हमने विरोध जताया था। हम उसकी फ्रेंड के घर गए थे। उसके परिवार वालों से शिकायत की थी। इस बात से नाराज होकर 14 जुलाई की दोपहर कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हमारे साथ मारपीट की। इसके बाद हम रामकृष्णा नगर थाने पहुंचे। थाने में मामले की शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। बड़ी बहन बोली- पुलिस एक्शन नहीं ले रही सौम्या की बड़ी बहन दिव्या भारती ने बताया कि मेरी बहन को तलाशने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिवार लगातार परेशान है और पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा। हमारे पिता बैरिया बस स्टैंड के पास फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। इन सब मामलों के बाद मकान मालिक भी घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। हम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी सौम्या लड़का परिवार के साथ फरार है पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सौम्या को तलाशने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान एक लड़के के घर भी पुलिस पहुंची थी, लेकिन लड़का परिवार सहित फरार हो गया है। इन 4 एंगल पर पुलिस कर रही जांच
कटिहार रेलवे स्टेशन परिसर में एक रेल यात्री से गन प्वाइंट पर लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, दो बदमाशों ने उसे स्टेशन से बाहर एटीएम तक ले जाकर उसके खाते से लगभग 70 हजार रुपये निकलवाए और फिर नकदी व मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। रेल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित मोहम्मद रेजान आजमनगर से कटिहार रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और उन्हें राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था। उनके बड़े भाई परवेज ने बताया कि रेजान ने ट्रेन पकड़ने से पहले अपने बैंक खाते में परिजनों और रिश्तेदारों से अलग-अलग राशि मंगवाई थी। नगदी और मोबाइल फोन छीनकर फरार कुछ देर बाद मोहम्मद रेजान ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि दो अज्ञात युवकों ने उन्हें हथियार के बल पर स्टेशन से बाहर ले जाकर एटीएम से करीब 70 हजार रुपये निकलवाए। बदमाश नकदी और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और रेल पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही रेल डीएसपी ए. के. एकेला ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और स्टेशन तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। महत्वपूर्ण और अत्यधिक सुरक्षा वाला स्टेशन डीएसपी एकेला के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कटिहार रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का एक महत्वपूर्ण और अत्यधिक सुरक्षा वाला स्टेशन माना जाता है। ऐसे में स्टेशन परिसर से यात्री को बाहर ले जाकर कथित रूप से लूट की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रेल पुलिस ने दोहराया है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
किशोर का शव जंगल में पेड़ से लटका मिला:सीतामढ़ी में बॉडी के पास से मोबाइल और चप्पल बरामद
सीतामढ़ी के नानपुर थाना क्षेत्र के बिरार गांव में सोमवार सुबह एक युवक का शव जंगल में पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। मृतक की पहचान बिरार गांव निवासी राजेंद्र साह के बेटे बब्बू कुमार (17) के रूप में हुई है। मृतक रविवार शाम करीब चार बजे घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में पेड़ से शव लटका देखा और इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरी घटना…. परिजनों ने बताया कि बब्बू कुमार रविवार शाम करीब 4 बजे घर से निकला था। देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। रातभर तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने जंगल में एक पेड़ से युवक का शव लटका होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान बब्बू कुमार के रूप में की। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतक का मोबाइल फोन और चप्पल भी बरामद हुई है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा स्थानीय लोगों और परिजनों ने आशंका जताई है कि किशोर की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। सूचना मिलते ही नानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पेड़ से लटका हुआ शव मिला है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। नानपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि, ‘मृतक के परिजनों ने इस मामले में कहा कि बब्बू पारिवारिक कारणों से डिप्रेशन में था और वह किसी भी लोग पर केस नहीं करेंगे इसकी उन्होंने लिखित आवेदन भी थाना में दिया है।’
श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात दो पशुपालकों से लूट और अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया। बाबू बाबा (कलपत बाबा) के जंगल से भैंस चराकर लौट रहे दो युवकों को हथियारबंद बदमाशों ने रोक लिया। बदमाशों ने दोनों से नकदी, मोबाइल फोन और सोने की बाली लूट ली। इसके बाद एक युवक को बंधक बनाकर जंगल के अंदर ले गए। हालांकि ग्रामीणों और पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही बदमाश उसे छोड़कर फरार हो गए। मोबाइल, नकदी और सोने की बाली लूटी पुलिस के मुताबिक, डाबीपुरा निवासी रिंकू कुशवाह और रामनिवास शनिवार रात करीब 8 बजे जंगल से लौट रहे थे। रास्ते में दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। एक आरोपी के पास कट्टा था। बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन, नकदी और रिंकू के कान की सोने की बाली लूट ली। इसके बाद बदमाशों ने रामनिवास को 10 हजार रुपए की व्यवस्था कर वापस आने की धमकी देकर छोड़ दिया। वहीं रिंकू को अपनी बाइक पर बैठाकर जंगल के अंदर ले गए। वहां कट्टा सिर पर रखकर उससे उसके भाई को फोन कराया और पूछा कि कितने लोग मौके पर आ रहे हैं। जंगल में सर्च के बाद भी नहीं मिले आरोपी रिंकू के भाई ने बताया कि सात मोटरसाइकिलों पर ग्रामीण जंगल की ओर पहुंच रहे हैं। यह सुनते ही बदमाश घबरा गए। कुछ देर बाद पुलिस और ग्रामीणों की घेराबंदी की सूचना मिलने पर वे रिंकू को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में फरार हो गए। सूचना मिलने पर विजयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया, लेकिन आरोपी नहीं मिले। थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरुग्राम में साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को सेक्टर-65 इलाके से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में बैंकिंग उपकरण, डिजिटल सिग्नेचर और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय अजय कावटिया और 22 वर्षीय रजत ग्रोवर के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपियों के कब्जे से कुल 88 चेक बुक, 88 एटीएम कार्ड, 11 डिजिटल सिग्नेचर (DSC), 08 मोबाइल फोन, 07 रबर स्टैंप और 14 बैंक स्कैनर बरामद किए गए हैं। यह सभी सामान फर्जी कंपनियों और खातों को संचालित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले 80 खातेपुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अजय कावटिया इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। अजय ने रजत ग्रोवर और अपने अन्य साथियों के नाम पर 04 फर्जी (शेल) कंपनियां बनाईं। इन फर्जी कंपनियों के कॉर्पोरेट दस्तावेजों का दुरुपयोग करके उसने अलग-अलग बैंकों में लगभग 80 करंट और सेविंग खाते खुलवाए। देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में इन खातों को तैयार करने के बाद वह इन्हें देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों और ऑनलाइन ठगों को किराए या सीधे तौर पर उपलब्ध करा देता था। आरोपी रजत ग्रोवर ने सबसे पहले अपना बैंक खाता खुलवाया और कमीशन के लालच में उसे अजय को सौंप दिया। इस खाते में देश के अलग-अलग हिस्सों से पीड़ितों से ठगी गई रकम ट्रांसफर की जा रही थी। 6 प्रतिशत कमीशन का खेलजांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अजय को साइबर अपराधियों से ठगी गई कुल राशि का 6 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस मोटी कमाई में से वह कुछ हिस्सा रजत जैसे अन्य खाताधारकों को दे देता था, जो पैसों के लालच में अपने दस्तावेज और खाते सौंप देते थे। दर्ज हैं 250 से अधिक शिकायतेंएसीपी गौरव फोगाट ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद किए गए बैंक खातों की जब प्रारंभिक जांच की गई, तो पता चला कि इन खातों के खिलाफ देश भर में पहले से ही लगभग 250 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस खातों की डिटेल खंगाल रही पुलिस अब इन सभी शिकायतों का विवरण खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का पता लगाया जा सके।
करीब 20 साल तक 70 वर्षीय बुजुर्ग कब्ज की दवाइयां खाते रहे, लेकिन आराम नहीं मिला। उन्हें आईबीएस (IBS-C) का मरीज मानकर इलाज चलता रहा। जब विशेषज्ञ जांच हुई तो पता चला कि असली वजह कब्ज नहीं, बल्कि टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने और बार-बार जोर लगाने से विकसित हुआ ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम (ODS) था। यही आदत अब युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है, जिसकी एक बड़ी वजह टॉयलेट में मोबाइल स्क्रॉल करना माना जा रहा है। अगर आप भी टॉयलेट में बैठकर मोबाइल स्क्रॉल करने की आदत रखते हैं तो यह खबर आपको सावधान करने वाली है। कुछ मिनट की यह आदत धीरे-धीरे ऐसी बीमारियों की वजह बन सकती है, जिनका इलाज केवल दवा से नहीं बल्कि विशेष थेरेपी तक पहुंच सकता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव रघुवंशी के मुताबिक समस्या मोबाइल से नहीं, बल्कि मोबाइल देखते हुए टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहने से होती है। इससे शरीर का प्राकृतिक मलत्याग (बॉवेल) रिफ्लेक्स प्रभावित होता है और कब्ज की शुरुआत हो जाती है। डॉ. रघुवंशी बताते हैं कि लगातार लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहने से मलाशय (रेक्टम) और गुदा (एनस) की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे व्यक्ति सामान्य से अधिक जोर लगाने लगता है। इससे दोनों मांसपेशियों के बीच तालमेल बिगड़ जाता है और ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है। यह लंबे समय तक रहने पर पाइल्स, फिशर और रेक्टल प्रोलैप्स (मलाशय का हिस्सा गुदा से बाहर आना) जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। अब युवा और बच्चे भी पहुंच रहे क्लीनिक डॉ. रघुवंशी बताते हैं कि करीब 10 साल पहले कब्ज को मुख्य रूप से 40-50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। उनके क्लीनिकल अनुभव के अनुसार पिछले 10 वर्षों में कब्ज के मरीजों की संख्या में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। अब स्कूल जाने वाले बच्चे, किशोर और 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा भी बड़ी संख्या में कब्ज की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत क्लीनिकल अनुभव पर आधारित है, इस संबंध में भारत में व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास आने वाले कब्ज के मरीजों में हर 10 में से 3 से 4 मरीज ऐसे मिलते हैं, जो टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत स्वीकार करते हैं। केस स्टडी-1: 35 साल तक कब्ज का इलाज, असली बीमारी निकली ODS 70 वर्षीय एक मरीज 35 वर्षों से कब्ज से परेशान थे। करीब 20 साल तक उनका इलाज IBS-C मानकर चलता रहा। विस्तृत जांच और एनोरेक्टल मैनोमेट्री में ODS की पुष्टि हुई। बायोफीडबैक थेरेपी के आठ सत्रों के बाद उनकी कब्ज की दवाएं बंद हो गईं और शौचालय में लगने वाला समय एक घंटे से घटकर करीब पांच मिनट रह गया। केस स्टडी-2: 10 साल पुरानी कब्ज, रेक्टल प्रोलैप्स तक पहुंची 40 वर्षीय महिला 10 साल तक कब्ज की समस्या झेलती रहीं। अत्यधिक जोर लगाने के कारण मलाशय का हिस्सा बाहर आने लगा। जांच में पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी और ODS की पुष्टि हुई। बायोफीडबैक थेरेपी के बाद बिना ऑपरेशन 90 से 95 प्रतिशत तक सुधार हुआ और कब्ज की दवाओं की जरूरत भी काफी कम हो गई। मोबाइल नहीं, लंबे समय तक बैठना असली समस्या डॉ. रघुवंशी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ मोबाइल तक सीमित नहीं है। पहले लोग टॉयलेट में बैठकर अखबार पढ़ते थे, आज उसकी जगह मोबाइल ने ले ली है। असली नुकसान लंबे समय तक सीट पर बैठे रहने से होता है। स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित रहने से दिमाग और आंत (ब्रेन-गट) के बीच का प्राकृतिक समन्वय प्रभावित होता है और मलत्याग का सामान्य रिफ्लेक्स कमजोर पड़ने लगता है। डॉ. प्रणव रघुवंशी के मुताबिक, लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठकर मोबाइल चलाने और बार-बार जोर लगाने की आदत से मलाशय और गुदा की मांसपेशियों का समन्वय बिगड़ सकता है। इससे व्यक्ति धीरे-धीरे ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम (ODS) की ओर बढ़ सकता है या इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। यही स्थिति आगे चलकर पाइल्स, फिशर और गंभीर मामलों में रेक्टल प्रोलैप्स जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। पाचन तंत्र मजबूत रखने के लिए क्या करें डॉक्टर के अनुसार स्वस्थ पाचन के लिए फाइबर सबसे महत्वपूर्ण है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में सलाद, मौसमी फल और फाइबर युक्त भोजन लें। इसके साथ ही 7-8 घंटे की नींद, नियमित व्यायाम और सुबह तय समय पर शौच जाने की आदत पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। क्या है रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) एक ऐसी स्थिति है जिसमें मलाशय (Rectum) का आखिरी हिस्सा गुदा (Anus) के रास्ते बाहर निकलने लगता है। सामान्य तौर पर मलाशय शरीर के अंदर रहता है और उसी रास्ते से मल बाहर निकलता है। लेकिन जब लंबे समय तक कब्ज रहे, बार-बार जोर लगाना पड़े या पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर हो जाएं, तो मलाशय का हिस्सा नीचे खिसककर गुदा से बाहर आने लगता है। इसी को रेक्टल प्रोलैप्स कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… 5 साल के मासूम के मुंह में फंसा टूटा टूथब्रश भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच साल के एक बच्चे की जान बचाते हुए बेहद मुश्किल सर्जरी सफलतापूर्वक की। बच्चा बोल और सुन नहीं सकता है। उसके गले में टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा फंस गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, टूथब्रश का हिस्सा तालू के पीछे जाकर फंस गया था और उसका नुकीला हिस्सा टॉन्सिल में धंस गया था।पूरी खबर पढ़ें
गुना जिले के जौरा थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर पिता के साथ बाइक से घर जा रही एक विवाहिता से तीन अज्ञात बदमाशों ने कट्टे की नोक पर लाखों रुपए के सोने के जेवर, मोबाइल और नकदी लूट ली। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। खास बात यह है यह लुट पगारा रोड पर बनी पुलिस चौकी के काफी नजदीक हुई।पिता- पुत्री की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पगारा पुलिस चौकी के पास घटनाधनेला निवासी राकेश सिंह गुर्जर रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अपनी विवाहिता पुत्री प्रवेश गुर्जर को चाचूल गांव से बाइक पर बैठाकर धनेला लौट रहे थे। इसी दौरान पगारा रोड पर पुलिस चौकी से कुछ दूरी आगे एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाश उनके बराबर आ गए। बदमाशों ने चलते-चलते उनकी बाइक की चाबी निकाल ली, जिससे बाइक बंद हो गई। इसके बाद दो बदमाशों ने मुंह कपड़े से ढक रखा था और उन्होंने पिता-पुत्री पर कट्टा तान दिया। सोने के जेवर,मोबाइल और नकदी लूटकर फरारबदमाश विवाहिता के शरीर पर पहने सोने के चार कड़े (चूड़ियां), दो अंगूठियां, एक बड़ा मंगलसूत्र, कान का एक झाला उतरवा ले गए। इसके अलावा राकेश गुर्जर का मोबाइल फोन और 5 हजार रुपए नकद भी लूट लिए। वारदात के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिसजौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव के अनुसार आरोपियों की तलाश की जा रही है पुलिस चौकी के पास पिता - पुत्री के साथ लुट की वारदात के बाद अब जौरा पुलिस आस पास के सीसीटीवी खंगालने के साथ साथ लोगो से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज करने की बात कही है।
भोपाल के वीआईपी रोड स्थित बड़े तालाब में रविवार दोपहर 3 बजे एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। राहगीरों ने शव को पानी में तैरता देखा और तलैया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। गोताखोर शेख आसिफ ने बताया कि शव को पानी से बाहर निकालने के बाद तलाशी ली गई। युवक की जींस की जेब से एक मोबाइल फोन और वाहन की चाबी मिली। मोबाइल पानी में रहने के कारण खराब हो चुका है। मृतक के पैरों में चप्पल नहीं थी, जिससे प्रारंभिक तौर पर तालाब में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस मौत के सही कारणों की जांच कर रही है। 24 घंटे पुराना है शव पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 25 वर्ष है। उसने हल्के नीले रंग की जींस और धारीदार क्रीम रंग की शर्ट पहन रखी थी। शव करीब 24 घंटे पुराना प्रतीत हो रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक तालाब में कब और कैसे पहुंचा। तलैया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदकोट में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरीदकोट जिला पुलिस के सीआईए (CIA) स्टाफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान 508 ग्राम हेरोइन के साथ तीन अंतर-जिला नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी अमृतसर के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर जिले में नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीआईए स्टाफ फरीदकोट की एक टीम एएसआई हाकम सिंह के नेतृत्व में तलवंडी रोड पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम जब सरकारी गोदाम के पास पहुंची, तो वहां संदिग्ध हालत में खड़े तीन युवकों पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को काबू कर लिया। जब उनकी गहनता से तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से 508 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। हेरोइन के साथ ही पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमल कुमार निवासी: नूरी मोहल्ला, भगता वाला गेट, अमृतसर, मानव निवासी: नूरी मोहल्ला, भगता वाला गेट, अमृतसरस अरुणदीप सिंह निवासी: अनगढ़ मोहल्ला, हकीमा गेट के पास, अमृतसर के रूप में हुई है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालेगी पुलिस इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई हाकम सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी फरीदकोट में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पूछताछ करके यह पता लगाया जाएगा कि वे यह हेरोइन कहाँ से लेकर आए थे और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। जांच अधिकारी के मुताबिक, इस तस्करी नेटवर्क की तह तक जाने के लिए इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े तस्करों को भी बेनकाब किया जा सके। इसके साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
लुधियाना के जागीरपुर रोड पर एक 60 वर्षीय बुजुर्ग उपिंदर साहनी को लूटपाट के दौरान गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। बदमाश ने गांव से घर लौट रहे उपिंदर साहनी को रोका और उनका मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर आरोपी ने उनके साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लुटेरे ने दातर से हमला किया। खून से लथपथ उपिंदर जमीन पर गिर गया। घायल को पहले इलाके के लिए पहले प्राइवेट अस्पताल लेकर गए लेकिन खून अधिक बह जाने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। गांव से लौट बेटी के पास जा रहा था उपिंदर उपिंदर साहनी की बेटी रेखा ने बताया कि उनके पिता गांव से घर लौट रहे थे। जागीरपुर रोड के पास एक अज्ञात युवक ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। जब उपिंदर साहनी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे सड़क पर गिर गए। उपिंदर मूलरुप से उत्तर प्रदेश गोरखपुर का रहने वाला है। लुधियाना में उपिंदर मजदूरी करता है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी की गतिविधियां कैद हो गई हैं। पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। थाना टिब्बा के ASI जसविंदर सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
कोटा में साइबर ठगों ने अब मोबाइल हैकिंग के जरिए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ इलाके का है, जहां एक युवक के बैंक खाते से 98 हजार रुपए उड़ा लिए गए। पीड़ित शिवराज कहार ने बताया कि 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके (CMF Nothing) फोन की स्क्रीन लगातार ऑन रही और उस पर सिर्फ सिस्टम अपडेटिंग लिखा दिखाई देता रहा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई अन्य काम किया जा सकता था। शिवराज को लगा कि फोन में बड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट चल रहा है, इसलिए उसने फोन चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। स्क्रीन पर दिख रहा था मोबाइलब बंद नहीं करें सुबह तक भी मोबाइल की स्थिति नहीं बदली। इसके बाद वह अपनी मोबाइल शॉप पर पहुंचा, जहां उसने एक ग्राहक को भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन पिन के अंतिम अंक दर्ज नहीं हो पा रहे थे। स्क्रीन पर बार-बार “35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें” का संदेश दिखाई दे रहा था। बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजे रुपए इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजकर 4 मिनट पर उसके एसबीआई खाते से 98 हजार 1 रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। जांच करने पर पता चला कि राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजी गई है। रकम कटने की जानकारी मिलते ही शिवराज घबरा गया और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल कैसे हैक हुआ, यह पता कर रही पुलिस पीड़ित का आरोप है कि इसके कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। फिलहाल पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और रकम किस खाते में ट्रांसफर की गई।
बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय पूरे इलाके की सांसें थम गईं, जब एक 23 वर्षीय विवाहिता 130 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। नीचे जुटी भीड़ और पुलिस से उसने साफ कहा- हमरे अंकित के बोलवा, तबे हम नीचे उतरब। महिला का दावा था कि वह दो साल तक अंकित के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रही, लेकिन दो महीने पहले दोनों को अलग कर दिया गया। करीब साढ़े सात घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद जब युवक के परिजनों ने कोर्ट मैरिज कराने का लिखित आश्वासन दिया, तब महिला टॉवर से नीचे उतरी। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। बलिया मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर दूर फरसाटार (छितौनी) गांव में रविवार सुबह करीब 4:30 बजे अचानक लोगों की नजर गांव के पास लगे मोबाइल टॉवर पर पड़ी। वहां एक महिला टॉवर पर चढ़ी हुई थी। देखते ही देखते गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने महिला से नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। वह बार-बार एक ही बात दोहराती रही कि जब तक अंकित नहीं आएगा, तब तक मैं नीचे नहीं उतरूंगी। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। लिव-इन रिलेशन का दावा, बोली- दो महीने पहले हमें अलग कर दिया गया जांच में सामने आया कि महिला मनियर थाना क्षेत्र के उदईपुर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय मुन्नी देवी है, जिसकी शादी पहले ही हो चुकी है। रविवार सुबह वह अपने कथित लिव-इन पार्टनर अंकित गोंड़ के गांव छितौनी पहुंची थी। महिला का कहना था कि वह और अंकित पिछले दो वर्षों से साथ रह रहे थे, लेकिन करीब दो महीने पहले परिवार वालों ने दोनों को अलग कर दिया। इसके बाद अंकित दूसरे प्रदेश में ट्रक चलाने चला गया। जब वह रविवार को अंकित के घर पहुंची तो उसके परिजनों ने बताया कि वह गांव में नहीं है। इसी बात से आक्रोशित होकर महिला गांव के बाहर लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रिश्ते को लेकर पहले भी कई बार पंचायत हो चुकी थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। पुलिस, तहसीलदार और परिजनों ने समझाया, लिखित आश्वासन के बाद मानी बात घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार नितिन सिंह, बांसडीह रोड थाना प्रभारी बंश बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाउडहेलर के जरिए महिला से लगातार बातचीत की और उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाया। कई दौर की बातचीत के बावजूद महिला अपनी मांग पर अड़ी रही। इसके बाद पुलिस ने अंकित के परिजनों को मौके पर बुलाया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान परिजनों ने महिला को भरोसा दिलाया कि वे अंकित के आने पर उसकी कोर्ट मैरिज कराने के लिए तैयार हैं। बाद में उन्होंने इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया। साढ़े सात घंटे बाद उतरी महिला, पुलिस थाने लेकर पहुंची; पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू करीब साढ़े सात घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद महिला आखिरकार सुबह लगभग 12 बजे टॉवर से सुरक्षित नीचे उतर आई। राहत की सांस लेते हुए पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में लिया और आगे की पूछताछ के लिए बांसडीह रोड थाने ले गई। घटना के दौरान पूरे इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और मोबाइल टॉवर के नीचे घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि महिला के लगाए गए दावे, दोनों के संबंध और शादी के आश्वासन से जुड़े सभी तथ्यों की कानूनी स्थिति क्या है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षित है और मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में शनिवार रात विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस संबंध में जेल प्रशासन ने पांच हवालातियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत भेजी, जिसके आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जेल के सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर जेल कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर विभिन्न बैरकों सहित पूरे जेल परिसर की तलाशी ली जाती है। इसी क्रम में शनिवार रात औचक निरीक्षण के दौरान जेल में बंद हवालाती मोगा निवासी सूरज, मलकीत सिंह उर्फ मन्नू, हरमल सिंह उर्फ हरमल,फाजिल्का निवासी बलजीत सिंह तथा कोटकपूरा निवासी लक्की के कब्जे से कुल पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने उक्त पांचों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएग: जांच अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
युवती से मोबाइल छीनने के तीन आरोपी काबू
भास्कर न्यूज | कुरुक्षेत्र शाहाबाद बाजार में 3 दिन पहले युवती से मोबाइल फोन छीनकर फरार हुए बाइक सवार स्नेचरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मूलरूप से अम्बाला कसेरला हाल माजरी मोहल्ला शाहाबाद निवासी रमन, कुरुक्षेत्र गांव रावा निवासी कमलजीत और शाहाबाद निवासी नाबालिग के तौर पर हुई है। शाहाबाद लक्की कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जुलाई को अपनी बेटी व माता के साथ घर से कुछ सामान लेने के लिए शाहाबाद बाजार में पैदल जा रहे थे। लक्की कॉलोनी में एक करियाना की दुकान के पास पहुंचे तो उसी समय एक बाइक पर 3 युवक आए जिन्होंने मुंह पर कपड़ा लपेटा हुआ था। बेटी के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर भाग गए। शिकायत पर थाना शाहाबाद पुलिस ने छीना-झपटी की धारा में केस दर्ज किया था। जांच सीआईए-2 को सौंपी थी। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रेमचंद की टीम ने छीना-झपटी के आरोपियों रमन, कमलजीत को गिरफ्तार किया। साथ ही शाहाबाद निवासी नाबालिग को अभिरक्षा में लिया है।
क्या आपका मोबाइल चोरी हो गया? बाइक गायब हो गई? या किसी ऑनलाइन ठग ने बैंक खाते से पैसे उड़ा लिए? ऐसी छोटी-मोटी शिकायतों के लिए अब थाने जाने की जरूरत नहीं। आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन एफआईआर (e-FIR) दर्ज कर सकते हैं। जानिए, ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका, कानूनी नियम और पुलिस के मना करने पर आपके पास क्या अधिकार हैं… इन मामलों में घर बैठे होगी ऑनलाइन FIR यूपी पुलिस के नियमों के मुताबिक, आप ऐसे मामलों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते हैं, जहां आरोपी अज्ञात हो और कोई गंभीर शारीरिक हिंसा न हुई हो। जैसे- आपकी कार, बाइक, स्कूटर, साइकिल या अन्य कोई गाड़ी चोरी हो गई हो। बाजार, बस, ट्रेन या कहीं से भी आपका मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट चोरी हो जाए। आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, स्कूल-कॉलेज की मार्कशीट या ड्राइविंग लाइसेंस खो जाए। आपके घर या दुकान का किसी ने ताला तोड़ दिया हो, लेकिन आपको पता न हो कि ऐसा किसने किया। आपके बैंक खाते से ऑनलाइन पैसे कट गए हों। फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया हो या कोई इंटरनेट पर ब्लैकमेल कर रहा हो। ऑनलाइन FIR ‘कोर्ट-इंश्योरेंस’ दोनों जगह मान्य कई लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि जब तक थाने की मुहर और दरोगा के सिग्नेचर नहीं होंगे, तब तक कागज सरकारी नहीं माना जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत, डिजिटल रूप से प्रमाणित और जनरेट की गई ई-एफआईआर को सामान्य एफआईआर के बराबर ही कानूनी दर्जा प्राप्त है। अगर आपकी गाड़ी चोरी हुई है, तो इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम पास कराने के लिए यह ऑनलाइन कॉपी मान्य होगी। सिम कार्ड-पासपोर्ट खोने पर उसे दोबारा जारी करवाने के लिए भी यह कानूनी रूप से स्वीकार्य है। ऑनलाइन FIR की सुनवाई न हो, तब क्या करें? अगर स्थानीय पुलिस आपकी वैध शिकायत पर कार्रवाई करने से आनाकानी करती है, तो देश का कानून आपको 3 मजबूत रास्ते देता है। 1. SP या SSP से गुहार लगाएं: आप अपनी शिकायत को लिखित रूप में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पोस्ट/स्पीड पोस्ट से भेज सकते हैं। आप उनसे सीधे उनके ऑफिस में जाकर मिल भी सकते हैं। 2. जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करें: आप यूपी सरकार के जनसुनवाई पोर्टल jansunwai.up.nic.in पर जाकर पुलिस विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पोर्टल की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाती है। इसलिए स्थानीय पुलिस को तय समय में जवाब देना ही पड़ता है। 3. कोर्ट जाने का ऑप्शन भी है: इसके बाद भी अगर सुनवाई न हो, तो आप वकील के जरिए क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की अदालत में BNSS की धारा 156(3) के तहत आवेदन कर सकते हैं। अगर कोर्ट को लगता है कि मामला जांच के योग्य है, तो वह पुलिस को फटकार लगाते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का आदेश जारी कर देता है। ऑनलाइन दर्ज होने वाली ये शिकायत NCR की कैटेगरी में आती है। इसका फर्क भी समझ लेते हैं- NCR का मतलब नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट है। यह कम गंभीर मामलों में दर्ज की जाती है। जैसे- आपसी गाली-गलौज, मामूली मारपीट, मोबाइल या पर्स गुम होना, बाइक चोरी। ऐसे मामलों में पुलिस सीधे जांच या गिरफ्तारी नहीं कर सकती। जांच शुरू करने के लिए पहले मजिस्ट्रेट (कोर्ट) की अनुमति जरूरी होती है। FIR का मतलब फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट है। यह गंभीर या कानूनी कार्रवाई लायक अपराधों में दर्ज होती है। जैसे- लूट, साइबर फ्रॉड, हत्या या डकैती। FIR दर्ज होते ही पुलिस कोर्ट की अनुमति बिना ही जांच शुरू कर सकती है। जरूरत पड़ने पर आरोपी को गिरफ्तार भी कर सकती है। ------------------------ आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- सबसे सस्ता होम लोन कैसे मिलेगा?, कम सैलरी में भी बढ़ा सकते हैं एलिजिबिलिटी; बैंक एग्रीमेंट के छिपे चार्ज भी जानें अब इमरजेंसी में प्रोविडेंट फंड (PF) निकालने के नियम आसान हो गए हैं। घर बैठे आवेदन और फिर तय दिनों में फंड आपके अकाउंट में आ जाएगा। अब नौकरी बदलने के साथ ही नई कंपनी में फंड ऑटोमेटिक ट्रांसफर भी हो जाएगा। इस महीने EPFO ने 8 नियमों में बदलाव किया है। पढ़िए पूरी खबर…--------------------------- UP में पासपोर्ट की तर्ज पर बनेंगे ड्राइविंग लाइसेंस, ऑटोमैटिक टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन होगा जरूरी; कैमरे और सेंसर करेंगे पास या फेल यूपी में ड्राइविंग लाइसेंस अब पासपोर्ट के पैटर्न पर बनेंगे। यानी पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हो जाएगा। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के बाद अधिकारियों के साथ इंटरव्यू और फिर टेस्ट होगा। परिवहन विभाग जल्द नए नियम जारी कर देगा। सरकार चाहती है कि लाइसेंस सिर्फ उन्हीं को मिले, जिन्हें गाड़ी ठीक से ड्राइव करना हो। साथ ही, वह ट्रैफिक नियमों को जानता हो। पढ़िए पूरी खबर…
कानपुर देहात में नेशनल हाईवे पर शनिवार रात एक दंपति से लूट की घटना हुई। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाशों ने चलती बाइक पर महिला का पर्स छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महोबा जिले के अजनर थाना क्षेत्र के बुधवारा गांव निवासी धर्मपाल शर्मा अपनी पत्नी माया शर्मा के साथ अकबरपुर थाना क्षेत्र के बनारअलीपुर गांव स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। दंपति जैसे ही भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के हांसेमऊ गांव के पास नेशनल हाईवे पर पहुंचे, तभी पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने माया शर्मा के हाथ से पर्स झपट लिया। बदमाश तेज रफ्तार से मौके से भाग निकले। पीड़ित दंपति ने तत्काल भोगनीपुर पुलिस को सूचना दी। उनकी तहरीर के अनुसार, छीने गए पर्स में 10 हजार रुपये नकद, सोने की एक जोड़ी झुमकी, एक एटीएम कार्ड और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन था। सूचना मिलते ही देवीपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। भोगनीपुर कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि लुटेरों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पहले उसे घर से बहला-फुसलाकर ले गया, फिर भोपाल में उसकी मर्जी के बिना आर्य समाज मंदिर में शादी कराई। इसके बाद मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग शहरों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। 15 जुलाई को परिजनों ने राजस्थान के बारा में युवती को तलाश लिया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। एक साल से थी पहचान, धमकी देकर बनाया दबावपुलिस को दिए बयान में युवती ने बताया कि वह पिछले करीब एक साल से राहुल को जानती थी। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी। आरोपी लगातार मिलने का दबाव बनाता था और मना करने पर आत्महत्या करने या घर पहुंचकर हंगामा करने की धमकी देता था। डर के कारण वह कुछ बार गांव के खेत में उससे मिलने गई, जहां आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। इसके बाद भी वह धमकियां देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा। घर से ले जाकर भोपाल में कराई जबरन शादीपीड़िता के अनुसार, 1 जून की रात आरोपी ने उसे फोन कर घर के पीछे बुलाया। मना करने पर घर आने की धमकी दी, जिससे घबराकर वह मिलने पहुंच गई। आरोपी उसे जबरन बाइक पर बैठाकर पहले उज्जैन ले गया। वहां शादी का भरोसा दिलाने के बाद राजस्थान के रामगंज मंडी होते हुए भोपाल पहुंचा, जहां आर्य समाज मंदिर में उसकी मर्जी के बिना शादी कराई। इसके बाद करीब 15 दिन तक उसे किराए के मकान में रखा। गुजरात और राजस्थान में भी करता रहा शोषणयुवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी उसे गुजरात ले गया, जहां वह पहले टाइल्स फैक्ट्री और बाद में एक पेपर कंपनी में काम करता रहा। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर रहने के बावजूद आरोपी उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। बाद में वह उसे राजस्थान के बारा ले गया और वहां भी किराए के कमरे में रखा। परिजनों ने राजस्थान में तलाशा, आरोपी फरार15 जुलाई को युवती की बहन, जीजा और अन्य परिजन तलाश करते हुए बारा पहुंचे। परिजनों को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिवार युवती को अपने साथ लेकर आया। घर पहुंचने पर युवती ने पूरी घटना परिजनों को बताई, जिसके बाद उसे लेकर खिलचीपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। मोबाइल छीनकर किसी से संपर्क नहीं करने दियापीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने कई बार आरोपी का विरोध किया, लेकिन वह लगातार धमकाता रहा। जब उसने अपनी बहन को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मोबाइल भी छीन लिया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। खिलचीपुर थाना पुलिस ने आरोपी राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87, 64(2)(एम) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है।
कानपुर में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चोरी करने वाले शातिर चोर को चकेरी पुलिस और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की पहचान हुई। उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन और 19 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोपी पर पहले से चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। शताब्दी उद्यान मोड़ से हुई गिरफ्तारी थाना प्रभारी चकेरी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शनिवार को चकेरी पुलिस और जीआरपी कानपुर सेंट्रल की संयुक्त टीम ने शताब्दी उद्यान मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद थाना क्षेत्र स्थित खंडा खेड़ी गांव निवासी अनिल उर्फ विजेंद्र सिंह (34) के रूप में बताई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता था। मौका मिलते ही मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाता था। पुलिस ने उसके पास से एक चोरी का मोबाइल फोन और 19 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जिन्हें अलग-अलग वारदातों से जुड़ा माना जा रहा है। 2014 से दर्ज हैं 10 मुकदमे पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2014 से जीआरपी कानपुर सेंट्रल और चकेरी थाने में चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। हाल के दिनों में दर्ज आधा दर्जन मामलों में भी उसकी तलाश की जा रही थी। ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर घेराबंदी की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
सहरसा में मोबाइल छीनने वाले अपराधी चिह्नित:फायरिंग मामले में FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
सहरसा में मोबाइल छीनने और हवाई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के 24 घंटे के भीतर सहरसा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों अज्ञात अपराधियों की पहचान कर ली है। इस मामले में पीड़ित श्याम त्रिवेदी ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। इसको लेकर शनिवार के दोपहर सहरसा सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फायरिंग करने का प्रयास किया गया लेकिन फायरिंग नहीं हुई। मोबाइल और बाइक की चाबी लेकर फरार हुए अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। 2 युवकों ने मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर रोक लिया दरअसल, यह घटना शुक्रवार शाम सहरसा सदर थाना क्षेत्र के पुरानी जेल बटराहा के पास हुई थी। 'पूजा भोग फ्लावर मिल' के मैनेजर श्याम त्रिवेदी (पिता- स्वर्गीय महेरा त्रिवेदी) दुकानदारों से मिलकर वापस लौट रहे थे। बटराहा स्थित 'मुंडेश किराना' दुकान से निकलने के कुछ ही देर बाद बाइक सवार दो युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें हटने को कहा। जब श्याम त्रिवेदी ने विरोध किया और शोर मचाया, तो अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो गोलियां चलाईं। इसके बाद उन्होंने श्याम त्रिवेदी की शर्ट की जेब से मोबाइल फोन छीन लिया, जिसमें दो सिम कार्ड (नंबर: 9939975536 और 8229045586) लगे थे, और मौके से फरार हो गए। FSL की टीम को भी बुलाया गया घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर आलोक कुमार और सदर थानाध्यक्ष दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। मामले की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। शनिवार दोपहर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर अपराधियों की पहचान की जानकारी दी। सदर थाना पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद घटना में शामिल दोनों बदमाशों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऑपरेशन मुस्कान- जमुई पुलिस ने 26 खोए मोबाइल बरामद किए:एसपी ने CEIR पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की
जमुई पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 26 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए। साइबर थाना पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न स्थानों से ये 26 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी मोबाइलों की पहचान और सत्यापन के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाना है। एसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल खो जाए तो तुरंत संबंधित थाने में इसकी सूचना दें और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक हो जाता है और यदि उसमें कोई नया सिम लगाकर उपयोग किया जाता है तो पुलिस उसे आसानी से ट्रैक कर बरामद कर सकती है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके लिए संचार साथी पोर्टल पर मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर डालकर यह सुनिश्चित कर लें कि मोबाइल चोरी या गुमशुदगी का तो नहीं है। साइबर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों को उनके मोबाइल सौंपे गए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जमुई पुलिस का आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में जदयू नेता मुकेश कुमार साह का भी खोया हुआ मोबाइल पुलिस ने बरामद कर उन्हें लौटाया। मोबाइल मिलने पर उन्होंने जमुई पुलिस और एसपी विश्वजीत दयाल का धन्यवाद करते हुए साइबर थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले लखीसराय जाने के दौरान उनका मोबाइल खो गया था, जिससे उन्हें काफी परेशानियां हुई थीं। इस अवसर पर साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार सहित साइबर पुलिस के जवान मौजूद थे।
महाराष्ट्र से मजदूरी कर शिवपुरी लौट रहे एक मजदूर के साथ ट्रेन में साइबर ठगी का मामला शनिवार को सामने आया है। एक अज्ञात युवक ने पहले चोरी-छिपे मजदूर का यूपीआई पिन देखा और फिर मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर उसका मोबाइल ले लिया। इसके बाद, उसने मजदूर की जानकारी के बिना यूपीआई के जरिए 9 हजार रुपए अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई है। नरवर थाना क्षेत्र के काली पहाड़ी मेड़ा श्यामपुर निवासी धनवंत सिंह बघेल महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं। 16 जुलाई को वे सोलापुर से ट्रेन द्वारा अपने गांव लौट रहे थे। यात्रा के दौरान, एक रेलवे स्टेशन पर यूपीआई से भुगतान करते समय एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका यूपीआई पिन चोरी-छिपे देख लिया था। मां की तबीयत का हवाला दिया, भरोसा बढ़ायावही व्यक्ति बाद में झांसी जाने वाली ट्रेन में धनवंत सिंह के साथ बैठ गया। रास्ते में उसने अपनी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देकर कुछ देर के लिए धनवंत का मोबाइल मांगा। धनवंत ने भरोसा कर उसे मोबाइल दे दिया। आरोप है कि युवक ने मोबाइल में यूपीआई पिन डालकर दोपहर 2:42 बजे रविकांत चौबे के मोबाइल नंबर से जुड़े यूपीआई खाते में 9 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। राशि ट्रांसफर करने के बाद आरोपी ने मोबाइल वापस कर दिया और पानी लाने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलने पर धनवंत सिंह ने साइबर क्राइम प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मामले की जांच, आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और ठगी गई 9 हजार रुपए की राशि वापस दिलाने की मांग की है।
मोगा सिटी पुलिस ने दिनदहाड़े एक महिला से मोबाइल फोन छीनने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।इस संबंध में थाना सिटी मोगा में 17 जुलाई 2026 को एफआईआर नंबर 180 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 304 (पूर्व आईपीसी धारा 379-बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सीमा रानी, पत्नी भगवंत सिंह, निवासी दरिया पट्टी, खोसा पांडो, जिला मोगा ने पुलिस को बताया कि वह चक्की वाली गली में खड़ी होकर अपने मोबाइल पर कॉल सुन रही थीं। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पीछे से आए और उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र रसपाल सिंह, निवासी घुमियारा, जिला फरीदकोट, और मनदीप सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह, निवासी महीना, जिला मोगा के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोगा सिटी पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लुधियाना जिले की खन्ना पुलिस ने शनिवार को वूमेन कॉलेज में तीसरे जिला स्तरीय समाधान कैंप का आयोजन किया। इस कैंप में जिले के आठों पुलिस थानों के साथ-साथ विभिन्न शाखाओं और विंगों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। शिविर में एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि जिला पुलिस का लक्ष्य लोगों को एक ही स्थान पर पुलिस से संबंधित सभी सेवाएं और त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि समाधान कैंपों में लंबे समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता दी जाती है। दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर कानून के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई की जाती है, जिससे समय पर न्याय सुनिश्चित हो सके। एसएसपी ने यह भी बताया कि कैंप में प्राप्त होने वाली नई शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाती है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए जाते हैं और प्रत्येक मामले का समयबद्ध तरीके से शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। इस समाधान कैंप की एक प्रमुख उपलब्धि 129 गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाना रही। पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) तकनीक और निरंतर प्रयासों से इन मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया था। कैंप के दौरान सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंप दिए गए। सभी पुलिस थानों को आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध कराई: एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने यह भी जानकारी दी कि जिला पुलिस ने सभी पुलिस थानों को आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध कराई है। प्रत्येक माह थानों को नियमित रूप से स्टेशनरी प्रदान की जाती है, ताकि सरकारी कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और पुलिस कर्मचारियों या आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
सरगुजा जिले के ग्राम नागम में हल्की बारिश के दौरान बिजली गिरने से 4 बच्चे झुलस गए। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। दो बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दोनों सगे भाई हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मामला लुंड्रा थाना क्षेत्र का है। सरगुजा में शुक्रवार शाम कई इलाकों में बारिश हुई है। लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम में शाम करीब 5 बजे हल्की बारिश शुरू हुई। इस दौरान चार बच्चे पेड़ के नीचे मोबाइल देख रहे थे। इस दौरान बिजली चमकी और पेड़ पर बिजली गिर गई। गाज गिरने से चारों बच्चे झुलस गए। हादसे में रंजीत पिता लोहरा नगेशिया (12) और रोशन पिता विजय नगेशिया (12) की मौके पर ही मौत हो गई। बिजली गिरने से झुलसे सगे भाईयों प्रभु राम पिता भीमसाय (11) और उसका सगा भाई दिनेश (13) को तत्काल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना से गांव में शोक है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे पहले से पेड़ के नीचे मौजूद थे। हल्की बारिश शुरू हुई तो भी वे वहीं बने रहे। इसी दौरान उन पर गाज गिर गई। शनिवार को भी बारिश और गाज गिरने की संभावना उत्तर छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले को छोड़कर अन्य जिलों अब तक औसत से कम बारिश हुई है। शुक्रवार को सरगुजा संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई। शनिवार को भी बादल छाए हुए हैं। सुबह से कई इलाकों में बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सरगुजा के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान गई स्थानों पर गाज भी गिर सकती हैं। सरगुजा जिले के कई इलाके गाज गिरने की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
सहारनपुर में एसबीडी जिला अस्पताल में तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर के मोबाइल फोन को हैक कर साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से 96,666 रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद जनकपुरी थाने में तहरीर दी और अज्ञात के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। मेरठ के ग्राम पांचली खुर्द निवासी मनोज कुमार, जो वर्तमान में सहारनपुर के एसबीडी अस्पताल परिसर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने अपनी तहरीर में बताया कि 11 जून 2026 को उनके मोबाइल पर 96,666 रुपए यूपीआई आईडी jafar07860@barodampay पर ट्रांसफर होने का मैसेज आया। उनका आरोप है कि किसी साइबर अपराधी ने उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी जानकारी के बिना ये लेनदेन किया। राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की मनोज कुमार के अनुसार, मैसेज मिलते ही उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने 17 जून 2026 को जनकपुरी थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ कार्रवाई कर, उनके खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि शिकायत और साइबर पोर्टल पर दर्ज विवरण के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में संबंधित यूपीआई आईडी किसके नाम पर संचालित है, भुगतान किस माध्यम से हुआ और साइबर ठगी की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जाएगा।
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपना अधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट छोड़कर ऑफिस स्टाफ के हवाले कर दिया है। यही नहीं उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को सौंप दिया। ऑफिस के नाम हुआ एक्स हैंडल दिग्विजय सिंह का एक्स हैंडल पहले digvijaya_28 के नाम से था अब यह Ofiiceofdvs यानी ऑफिस ऑफ दिग्विजय सिंह के नाम में बदल दिया गया है। मोबाइल नंबर भी सेक्रेटरी को दिया दिग्विजय सिंह ने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी अपने सेक्रेटरी को दे दिया है। दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- आज से मैं अपना मोबाइल नंबर उपयोग नहीं करूंगा। यह नंबर अब मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर प्राप्त आपके महत्वपूर्ण संदेशों एवं जानकारियों से वे मुझे अवगत कराते रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद। गंगा दशहरा से शुरु होगी पदयात्रा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। 20 अक्टूबर से यह यात्रा शुरु होगी। इस यात्रा में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का प्रयोग न करने का भी ऐलान किया है। शुरुआत में दिग्विजय सिंह ने भोपाल में घोषणा की थी कि वह 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक की 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। हालांकि, बाद में अपनी योजनाओं में संशोधन करते हुए उन्होंने इसे दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर से शुरू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को पड़ रहा है, इसलिए यह यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं 80 साल का हो गया हूं। पार्टी ने मुझे 5 बार विधायक बनाया, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। अब मैंने पार्टी से कह दिया है कि मेरी जगह किसी और को मौका दें। अब मैं सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए काम करूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन से अयोध्या की यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी। यात्रा के दौरान वे न तो कोई राजनीतिक बयान देंगे और न ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, एक्स) पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया पोस्ट करेंगे। कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि: दिग्विजय सिंह ने बताया था कि वे इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, अयोध्या आंदोलन के दौरान 4 गोलियां खाने वाले कारसेवक संतोष दुबे को इस यात्रा का मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। यात्रा का मुख्य एजेंडा (राम मंदिर चंदे का हिसाब): दिग्विजय सिंह ने स्वयं राम मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनका आरोप है कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए चंदे और महाकाल मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताएं (चंदा चोरी) हुई हैं। वे वकीलों से सलाह लेकर अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करेंगे और चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। इस यात्रा में वे उन सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए दान दिया था और वे अपनी रसीद के साथ शामिल हो सकते हैं।
भोजपुर में एक छात्र की गला रेतकर हत्या कर दी। घर से सामान खरीदने निकला था। मृतक की पहचान प्रीतम कुमार सिंह(18) के तौर पर हुई है। इंटर में पढ़ता था। दोस्तों पर हत्या की आशंका है। मौके से मोबाइल भी गायब है। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मसाढ़ गांव की है। दुश्मनी से किया इनकार मृतक के बड़े भाई प्रिंस राज ने बताया कि वह शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर से बाजार के लिए गया था। जाते समय कहा था कि मैं बाजार सामान खरीदने के लिए जा रहा हूं। 2 घंटे बाद साढ़े सात बजे चाचा विमलेश कुमार के मोबाइल पर किसी ग्रामीण ने फोन करके पूछा कि तुम्हारा भतीजा कहां है। चाचा ने कहा कि कोई बात है क्या, पूछने पर बताया कि गांव स्थित दलित टोला में खंडरनुमा घर में उसका शव पड़ा हुआ है। तुरंत मौके पर पहुंचा। गला रेतकर हत्या हुई है, शव फेंका हुआ था। जांच से खुलेगा राज हालांकि प्रिंस ने किसी से दुश्मनी या विवाद से इनकार किया है। दोस्तों पर हत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। घर में मचा कोहराम मामले की सूचना पर पुलिस मौक पर पहुंची। कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है। मृतक तीन बहन और दो भाई में छोटा था। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाजापुर शहर के लालपुरा क्षेत्र में रहने वाले एक बेकरी संचालक साइबर ठगी का शिकार हो गए। 10 जुलाई को व्हाट्सएप पर आई संदिग्ध APK फाइल पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने उनके एसबीआई बचत खाते से ₹25,400 निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल पर आई थी APK फाइल पुलिस के मुताबिक, लालपुरा निवासी मोहम्मद आफताब शाह (39) पुत्र अब्दुल रशीद शाह ने बताया कि 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से APK फाइल आई थी। उन्होंने अनजाने में उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका मोबाइल कथित रूप से हैक हो गया। घबराहट में उन्होंने संबंधित नंबर और फाइल डिलीट कर दी। बैंक स्टेटमेंट में सामने आए छह ट्रांजेक्शन 14 जुलाई को दोपहर 12:53 बजे उनके मोबाइल पर एसबीआई बैंक से ₹5,000 डेबिट होने का मैसेज मिला। बैंक पहुंचकर स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि उनके बचत खाते से 5-5 हजार रुपए के पांच ट्रांजेक्शन और ₹400 का एक अन्य ट्रांजेक्शन कर कुल ₹25,400 निकाल लिए गए। ट्रांजेक्शन के बाद खाते में केवल ₹82 शेष बचे थे। 1930 पर शिकायत के बाद थाने पहुंचे पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी को भी राशि ट्रांसफर नहीं की थी। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कोतवाली थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शुक्रवार शाम धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी, नशे और मोबाइल पर रखें नजर
भास्कर न्यूज|ब्यावर राजस्थान पेंशन समाज, सेवा यतन ब्यावर मानवाधिकार समिति ब्यावर ने शुक्रवार को कार्यालय में बैठक की। बैठक में विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार विषय पर चर्चा हुई। सत्यनारायण सांखला ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना जरूरी है। छोटू लाल कुमावत, ओम सिंह रावत, सोहनलाल मेघवाल ने कहा कि बढ़ती नशा प्रवृत्ति के कारण बच्चे कई अनैतिक कामों की ओर जा रहे हैं। रोकथाम के लिए संस्कार जरूरी हैं। मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए पेरेंट्स सजग रहें। संस्कार को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया। ओमप्रकाश अग्रवाल ने धन्यवाद दिया। बैठक में सत्यनारायण सांखला, ओम सिंह रावत, ओम प्रकाश अग्रवाल, छोटू लाल कुमावत, सोहनलाल मेघवाल, के. एल. बागड़ी, राधेश्याम शर्मा सहित अनेक पेंशनरों ने भाग लिया।
कटनी की कुठला थाना पुलिस ने 48 घंटे में ट्रैक्टर चोरी की वारदात का खुलासा किया है। एक युवक ने अपनी प्रेमिका की 50 हजार रुपए के महंगे मोबाइल फोन की मांग को पूरा करने के लिए दुकान के बाहर खड़ा ट्रैक्टर चुरा लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। दुकान के बाहर से गायब हुआ था 4.5 लाख का ट्रैक्टर पहरुआ निवासी नवनीत गुप्ता (45) की कृषि यंत्र की दुकान है। उन्होंने 14 जुलाई की रात अपनी दुकान के बाहर पुराना सोनालिका कंपनी का ट्रैक्टर (क्रमांक MP34A1943, जिसमें हाइड्रा लगा था) खड़ा किया था। इस ट्रैक्टर की अनुमानित कीमत करीब 4.5 लाख रुपए थी। रात के अंधेरे में अज्ञात चोर इसे चुरा ले गए। सुबह ट्रैक्टर गायब मिलने पर पीड़ित ने कुठला थाने में मामला दर्ज कराया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर एक विशेष टीम बनाई। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास और संभावित रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद संदिग्ध आरोपी प्रिंस सिंह सोमवंशी (20) निवासी समोघर, सतना तक पहुंच गई। पूछताछ में उगला सच, मैहर से हुई जब्ती पुलिस ने जब संदेही प्रिंस सिंह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने ट्रैक्टर चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसकी प्रेमिका ने उससे 50 हजार रुपये का मोबाइल दिलाने की मांग की थी। पैसे न होने के कारण उसने चोरी का रास्ता चुना। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मैहर स्थित सोनालिका एजेंसी के पास से ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
बेतिया रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि एक महिला ने एक यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान कथित तौर पर मोबाइल रेलवे ट्रैक पर गिर गया। वीडियो में स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने महिला को पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने ट्रैक पर गिरे मोबाइल को उठाकर संबंधित यात्री को वापस सौंप दिया। वीडियो में एक व्यक्ति महिला के हाथ से मोबाइल लेकर ट्रेन में चढ़ता हुआ भी दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच जारी इस घटना के बाद रेलवे थाना पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस महिला की पहचान और स्टेशन पर उसकी मौजूदगी के उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती है। मामले की वास्तविक स्थिति रेलवे पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से एक स्कूल के निरीक्षण के दौरान महिला शिक्षक का मोबाइल देखने पर सियासी विवाद हो गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री पर महिला शिक्षक के मोबाइल देखने को निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सवाल उठाए हैं। उधर, कांग्रेस की आपत्ति पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए दावा किया कि महिला शिक्षक मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को मोबाइल चेक करना बताना विपक्ष का दिवालियापन है। बता दें कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जयपुर की तीन स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जेदिया कॉलोनी राज भवन में एक महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर यह विवाद हुआ। शिक्षा मंत्री अपनी नाकामियों की फाइल चैक करें कांग्रेस ने दिलावर पर सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। इसका एक और रूप देखिए। आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चैक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है। कांग्रेस ने आगे लिखा- शिक्षा मंत्री को शिक्षकों के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चैक करनी चाहिए। असली सच्चाई वहीं मिलेगी। दिलावर बोले- मोबाइल में विभागीय आदेश देख रहा था मदन दिलावर ने एक्स पर कांग्रेस को जवाब देते हुए पलटवार किया। दिलावर ने कांग्रेस के एक्स हैंडल पर जवाब में लिखा- शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को विपक्ष ने मोबाइल चेक करना बता दिया। यह विपक्ष की राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण है। सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते। महिला शिक्षक ने मोबाइल में विभागीय आदेश दिखाए थे दिलावर ने लिखा- विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों, एप और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी क्रम में शिक्षिका ने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे शिक्षिका का मोबाइल चेक करना बताकर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है। यह किसी भी प्रकार से निजी मोबाइल की जांच, निजता में हस्तक्षेप या सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं था। शिक्षा में सकारात्मक बदलाव विपक्ष को हजम नहीं हो रहा दिलावर ने लिखा- राजस्थान आज शिक्षा क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है। झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।
भिंड में लगातार दूसरे दिन लूट की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बार मिहोना थाना क्षेत्र के सुंदरपुरा खुर्द के पास एमपी-यूपी बॉर्डर पर चार नकाबपोश बदमाशों ने कट्टे की नोक पर विवाहिता और उसके भांजे को लूट लिया। बदमाश महिला से लाखों रुपए के जेवर, नकदी और मोबाइल छीनकर यूपी सीमा की ओर फरार हो गए। वारदात के दौरान विरोध करने पर बदमाशों ने बाइक पर बैठी बच्ची के सिर पर कट्टे के बट से हमला भी कर दिया। जानकारी के अनुसार बंगरा निवासी 28 वर्षीय मंजू राठौर को उनका भांजा आकाश राठौर निवासी बड़ोखरी बाइक से घर छोड़ने जा रहा था। बाइक पर मंजू के साथ दो छोटे बच्चे भी सवार थे। शाम करीब पांच बजे सुंदरपुरा खुर्द के पास पीछे से दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाश आए और बाइक के सामने वाहन अड़ाकर कट्टा तान दिया। आकाश ने सूझबूझ दिखाते हुए बाइक निकालने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उन्हें घेर लिया। इसी दौरान एक बदमाश ने बच्ची के सिर पर कट्टे के बट से वार कर दिया। इसके बाद चारों बदमाशों ने मंजू के गले से मंगलसूत्र, ब्रजबाला, अंगूठी, पांच हजार रुपए नकद और मोबाइल लूट लिया। वहीं आकाश की अंगूठी और मोबाइल भी छीन लिया। वारदात के बाद बदमाश यूपी सीमा के अंतियनपुरा की ओर भाग निकले। भागते समय उन्होंने आकाश का मोबाइल करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया, जिसे बाद में बरामद कर लिया गया। सूचना मिलते ही मिहोना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। 24 घंटे में दूसरी लूट, तीन महीने में दूसरी बड़ी वारदात गौरतलब है कि जिले में लुटेरों के हौसले लगातार बुलंद हैं। एक दिन पहले ही गोहद के सदर बाजार में बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक महिला के गले से मंगलसूत्र लूट लिया था। उस वारदात के महज 24 घंटे के भीतर मिहोना थाना क्षेत्र में कट्टे की नोक पर दूसरी बड़ी लूट को अंजाम दे दिया गया। वहीं मिहोना क्षेत्र में पिछले तीन महीनों के दौरान महिलाओं को निशाना बनाकर लूट की यह दूसरी बड़ी घटना है। लगातार हो रही वारदातों से लोगों में दहशत है और पुलिस की गश्त पर सवाल उठने लगे हैं।
पाकुड़ पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में आयोजित रथ उत्सव और मेला के दौरान चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से चोरी के 06 मोबाइल फोन और ₹7390 नगद बरामद किए गए हैं। शुक्रवार को एसडीपीओ कुमार गौरव ने बताया कि 16 जुलाई को नगर थाना क्षेत्र में रथ मेला का आयोजन किया गया था। इस दौरान अत्यधिक भीड़ का फायदा उठाकर उचक्कों ने कई महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन, पर्स, नगद रुपए और सोने की चेन चुरा ली थी। चोरी की इन घटनाओं को लेकर पीड़ित विश्वजीत सरकार, वंदना देवी, प्रमिला मण्डल, प्रियंका देवी, पद्मावती देवी और नमिता मण्डल के आवेदन पर नगर थाना में विभिन्न धाराओं के तहत छह अलग-अलग मामले (कांड संख्या- 170/26 से 175/26) दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह के निर्देश पर एसडीपीओ कुमार गौरव के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों का उपयोग करते हुए त्वरित कार्रवाई की। जांच के दौरान, टीम ने चोरी की घटनाओं में संलिप्त दो आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों ने कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सोहन सिंह (पिता- स्व० कुला सिंह) और रेखा देवी (पति- बंडिरूआ सिंह) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के पांडेश्वर थाना अंतर्गत पांडेसर (डी०बी०सी० मोहल्ला, शिवड़ी) के निवासी हैं।
बिहार के नवादा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के नेतृत्व में गठित टीम ने 8 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 13 मोबाइल फोन और ग्राहकों का डेटा बरामद किया गया है। एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी की देखरेख में पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने झऔर पक्की सड़क से 100 मीटर पश्चिम दिशा में एक बगीचे और पैगरी स्थित सरकारी समरसेबुल गोलका आम के पास दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। लोन दिलाने के नाम पर ग्राहकों को ठगते थे पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और विभिन्न प्रकार के लोन दिलाने के नाम पर ग्राहकों को ठगते थे। इनके पास से बरामद कस्टमर डेटा में ग्राहकों के मोबाइल नंबर, नाम और पते जैसी जानकारी अंकित थी, जिसका उपयोग वे ठगी के लिए करते थे। इस संबंध में वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 496/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 5 पन्नों का कस्टमर डेटा बरामद किया गिरफ्तार किए गए वयस्कों में प्रेमन कुमार (पिता महेंद्र मांझी), विनोद मांझी (पिता राजेंद्र मांझी), विश्वकर्मा मांझी (पिता इंदर मांझी) सभी ग्राम झऔर, थाना वारिसलीगंज, जिला नवादा से हैं। इसके अलावा प्रेमचंद्र राम (पिता जयनंदन राम) और प्रशांत कुमार (पिता अशोक गरॉय) दोनों ग्राम पैगरी, थाना वारिसलीगंज, जिला नवादा के निवासी हैं। इस कार्रवाई में तीन विधि विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। अपराधियों के पास से कुल 13 एंड्रॉयड मोबाइल, 1 कीपैड मोबाइल और 5 पन्नों का कस्टमर डेटा बरामद किया गया है।
कानपुर में 15 साल किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी मामा और ट्रक ड्राइवर को अरेस्ट किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोबाइल में अश्लील वीडियो देखते थे। नशे की हालत में भांजी को अपने साथ ले गये। इसके बाद उसके साथ सामहूकि दुष्कर्म किया। पुलिस ने दिनों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। मामला सजेती थाना क्षेत्र का है। आरोपी बोला- नशे में कुछ समझ नहीं आया सजेती थाना क्षेत्र में रहने वाली 15 साल की किशोरी से उसके मामा और ट्रक चालक ने दुष्कर्म किया था। दोनों आरोपी किशोरी को ट्रक में ले जा रहे थे। इसी दौरान किशोरी आलियापुर टोल प्लाजा के पास चलती ट्रक से कूद गई थी। वह किसी तरह अपने घर पहुंची थी और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी थी। किशोरी के पिता ने गुरुवार को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मामा जीतू और ट्रक चालक सचिन को गिरफ्तार किया गया। आरोपी बोला- नशे में कुछ समझ नहीं पाया पूछताछ में आरोपी मामा जीतू ने बताया कि फोन पर पोर्न वीडियो देखा करते थे। नशे की हालत में हमें कुछ समझा नहीं आया और अपनी भांजी के साथ दुष्कर्म कर दिया। इसके बाद साथी ट्रक चालक सचिन ने भी दुष्कर्म किया। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पिता की तहरीर पर नाबालिग के मामा समेत ट्रक ड्राइवर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पठानकोट के सुजानपुर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सिविल अस्पताल से डॉक्टरों और स्टाफ के मोबाइल उड़ाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है और उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। इस वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला सिविल अस्पताल सुजानपुर में तैनात डॉक्टर आंचल महाजन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। डॉक्टर महाजन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने केबिन से कुछ समय के लिए वॉशरूम गई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो उनकी मेज पर रखा कीमती मोबाइल फोन गायब था। सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस चोरी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस टीम ने जब अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो उसमें दो संदिग्ध युवक डॉक्टर के केबिन के आसपास हेराफेरी करते दिखाई दिए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले बलविंदर कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिसिया पूछताछ में बलविंदर ने तोते की तरह सच उगल दिया। उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी संत उर्फ सुरिंदर के साथ मिलकर डॉक्टर का मोबाइल चोरी किया था और बाद में उसे सुंदर चक्क के रहने वाले गगन और दीपू को औने-पौने दामों में बेच दिया था। चोरी का मोबाइल खरीदने वाले भी चढ़े पुलिस के हत्थे बलविंदर के कबूलनामे के तुरंत बाद पुलिस ने छापेमारी कर चोरी का मोबाइल खरीदने के आरोप में गगन और दीपू को भी धर दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से डॉक्टर आंचल महाजन का चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी, आरोपियों का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मामले की जानकारी देते हुए सब-इंस्पेक्टर बलदेव सिंह ने बताया कि इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी संत उर्फ सुरिंदर अभी फरार है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी मोबाइल चोरी व अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं। इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि इलाके में हुई चोरी की अन्य वारदातों का भी सुराग लगाया जा सके। सब-इंस्पेक्टर बलदेव सिंह ने कड़े लहजे में दोहराया कि सुजानपुर क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि या चोरी-चकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस की सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
माखननगर थाना क्षेत्र के ग्राम बीकोर में धान रोपाई के लिए आए मजदूरों के सात मोबाइल चोरी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नर्मदापुरम देहात थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान चारों को संदेह के आधार पर पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए कीमत के सात मोबाइल बरामद किए गए। शुक्रवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, 15-16 जुलाई की रात ग्राम बीकोर और भटवाड़ा के बीच बने एक मकान में सतना से आए मजदूर धान रोपाई के लिए ठहरे हुए थे। देर रात आरोपी घर में घुस गए और सात मोबाइल चोरी कर फरार हो गए। सुबह जब मजदूर जागे तो मोबाइल गायब मिले। इसके बाद मजदूर राजभान कोल की शिकायत पर माखननगर थाने में मामला दर्ज किया गया। रात्रि गश्त में पकड़ाए संदिग्ध चोरी के बाद आरोपी लौट रहे थे। इसी दौरान नर्मदापुरम देहात थाना के एएसआई लक्ष्मण अमोले, आरक्षक अनिल, कपिल और जितेंद्र विश्वकर्मा ने रात्रि गश्त के दौरान उन्हें रोककर पूछताछ की। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर चारों को थाने ले जाया गया। पूछताछ में उन्होंने माखननगर क्षेत्र में चोरी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपियों विशाल पारधी, गुड्डूलाल पारधी, समीर पारधी, क्रिस पारधी (सभी निवासी ग्राम बाबरी, शिवपुर) ने पूछताछ में बताया कि चोरी किए गए मोबाइल बीकोर नहर के पास झाड़ियों में छिपाकर रखे हैं। उनकी निशानदेही पर सातों मोबाइल बरामद कर लिए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की जांच जारी है।
धार्मिक नगरी उज्जैन के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र फ्रीगंज में दो मोबाइल शोरूम से करीब 70 लाख रुपए के प्रीमियम स्मार्टफोन चोरी होने के मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। 11 जुलाई की रात हुई इस वारदात के आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच तेज कर दी है। टावर डंप और CDR के जरिए संदिग्धों की तलाश माधव नगर थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम अब टेलीकॉम कंपनियों की मदद से सीडीआर (Call Detail Record) और एसडीआर टावर डंप डिटेल के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस घटना वाली रात 2 बजे से 3 बजे के बीच फ्रीगंज क्षेत्र के मोबाइल टावरों से जुड़े सभी सक्रिय मोबाइल नंबरों का डेटा जुटा रही है। इस सूची का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि वारदात के समय क्षेत्र में कौन-कौन से संदिग्ध मोबाइल नंबर सक्रिय थे। अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज और टावर डंप से मिले तकनीकी डेटा का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सिर्फ प्रीमियम स्मार्टफोन किए चोरी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर पूरी तैयारी और रेकी के साथ आए थे। उन्होंने दोनों दुकानों में केवल महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोनों को ही निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार 'हाई चॉइस' मोबाइल शोरूम से करीब 45 और 'एसएस मोबाइल' से लगभग 50 प्रीमियम ब्रांड के स्मार्टफोन चोरी किए गए। वारदात के दौरान आरोपियों ने दुकानों के कांच भी तोड़ दिए थे। व्यापारियों में नाराजगी फ्रीगंज जैसे अत्यंत व्यस्त कारोबारी इलाके में हुई इस बड़ी चोरी ने शहर के व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। घटना के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पानीपत पुलिस की साइबर टीम ने कड़े प्रयासों के बाद अलग-अलग स्थानों से गुम हुए 50 मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। लंबे समय से अपने मोबाइल खोने के गम में डूबे लोगों के चेहरों पर उस वक्त अचानक खुशी लौट आई, जब उन्हें खुद पुलिस अधिकारियों ने फोन लेने के लिए दफ्तर बुलाया। बरामद किए गए इन गुमशुदा मोबाइलों की कीमत करीब 20 लाख रुपए की है। इनमें एक मोबाइल फोन छात्र का था, जिसने पढ़ाई के लिए पहली ही बार मोबाइल फोन लिया था। मोबाइल लेने के करीब एक महीने बाद ही फोन गुम हो गया था। जिसने पुलिस ने महज डेढ माह में ढूंढ निकाला। DSP ने मोबाइल खुद किए हैंडओवर डीएसपी सुरेश कुमार ने अपने कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सभी 50 मोबाइल धारकों को बुलाकर उनके खोए हुए हैंडसेट सौंपे। अपने कीमती फोन और उसमें मौजूद जरूरी डेटा वापस पाकर लोग खुश दिखे। कई मोबाइल मालिकों ने कहा कि उन्होंने तो फोन मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन पानीपत पुलिस के ईमानदार प्रयासों ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया। लोगों ने दिल से आभार जताया। साइबर टीम की तकनीकी ट्रैकिंग से मिले विभिन्न थाना क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों से गुम हुए इन मोबाइलों को ढूंढने में पानीपत पुलिस की साइबर सेल ने मुख्य भूमिका निभाई। साइबर टीम और संबंधित अधिकारियों ने लगातार मेहनत करते हुए तकनीकी जांच, IMEI ट्रैकिंग और साइबर टूल्स के माध्यम से इन सभी मोबाइलों को अलग-अलग जगहों से ट्रेस और बरामद किया। CEIR पोर्टल का करें इस्तेमाल: डीएसपी इस मौके पर डीएसपी सुरेश कुमार ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी नागरिक का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वे बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। जैसे ही आपका मोबाइल फोन गुम हो, तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या ऑनलाइन माध्यम से पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही सरकार के अधिकारिक CEIR पोर्टल पर भी अपने खोए मोबाइल की जानकारी तुरंत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत और पोर्टल पर डेटा अपलोड होने से मोबाइल के ट्रेस होने और उसकी गलत गतिविधियों में इस्तेमाल को रोकने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
होशियारपुर के दसूहा स्थित गांव ऊंचीबस्सी में एक गुरुद्वारा साहिब से हजारों रुपये की नकदी चोरी हो गई। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने चोर की पहचान कर उसे पकड़ लिया। हालांकि, चोर ग्रामीणों को चकमा देकर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे बाद में गन्ने के खेत से गिरफ्तार कर लिया। यह घटना बीती रात की है, जब चोर ने गुरुद्वारा साहिब की गोलक तोड़कर हजारों रुपये चुराए। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य रविंदर सिंह ने बताया कि सुबह चोरी की जानकारी मिलने पर गोलक टूटी और खाली मिली। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर चोर की पहचान हुई। सीसीटीवी फुटेज में दिखा चोर बिहार का रहने वाला था और अपने साथियों के साथ गांव में धान लगाने का काम करता था। ग्रामीणों ने तुरंत प्रवासी मजदूरों के कमरे की तलाशी ली और चोरी के पैसों के साथ उस चोर को भी पकड़ लिया। दसूहा थाना के एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब तक चोर ग्रामीणों को चकमा देकर भाग चुका था। पंजाब में 16 साथियों के साथ धान लगाने आया था आफरोज पुलिस ने चोर के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और उसे नजदीकी गन्ने के खेत से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चोर की पहचान बिहार निवासी अफरोज पुत्र वहाउद्दीन के रूप में हुई है। अफरोज अपने 16 अन्य साथियों के साथ पंजाब में धान लगाने का काम करता है। पुलिस ने आरोपी से चुराए गए पैसे बरामद कर लिए हैं और आज कोर्ट से रिमांड लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोहे के कड़े से हमला कर युवक से मोबाइल लूटा:चार बदमाश एक बाइक पर हुए फरार, घायल अस्पताल में भर्ती
डूंगरपुर के शास्त्री कॉलोनी मार्ग पर गुरुवार रात चार बदमाशों ने एक युवक पर लोहे के कड़े से हमला कर उसका करीब 25 हजार रुपए कीमत का मोबाइल लूट लिया। वारदात आईसीआईसीआई बैंक के पास हुई, जहां घायल युवक ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन चारों एक ही बाइक पर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पान की थड़ी पर बैठे युवक को बनाया निशाना बिछीवाड़ा निवासी रवि डामोर वर्तमान में शास्त्री कॉलोनी में किराए के कमरे में रहता है। गुरुवार रात खाना खाने के बाद वह टहलते हुए शास्त्री कॉलोनी मार्ग स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास पहुंचा। वहां बंद पान की थड़ी पर बैठकर वह अपना मोबाइल चला रहा था। लोहे के कड़े से सिर पर किए कई वार इसी दौरान एक ही बाइक पर सवार होकर चार अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। आते ही एक बदमाश ने हाथ में पहने लोहे के कड़े से रवि के सिर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के दौरान दूसरे बदमाश ने उसके हाथ से करीब 25 हजार रुपए कीमत का टच स्क्रीन मोबाइल छीन लिया। घायल होने के बावजूद बदमाशों का किया पीछा सिर से खून बहने के बावजूद रवि ने हिम्मत नहीं हारी और मोबाइल लेकर भाग रहे बदमाश के पीछे दौड़ पड़ा। हालांकि, बाइक के पास खड़े उसके तीनों साथी भी तुरंत पहुंच गए। इसके बाद चारों आरोपी एक ही बाइक पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए। दोस्तों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचा घटना के बाद रवि ने अपने दोस्तों को सूचना दी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और दोस्तों की मदद से घायल रवि को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सर्जिकल वार्ड में उसका उपचार जारी है। अज्ञात बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस घायल युवक की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और हमला करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
अलवर शहर में बाइक चोर लगातार सक्रिय बने हुए हैं। कोतवाली, अरावली विहार और एनईबी थाना क्षेत्र से तीन मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले सामने आए हैं। तीनों मामलों में संबंधित थानों ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिर्जापुर निवासी जितेंद्र चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 जुलाई को वह कंपनी गार्डन में कवरेज के लिए गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल (आरजे-02-वीबी-3486) कंपनी गार्डन के पीछे अशोक लेमिनेशन के पास खड़ी की थी। करीब 45 मिनट बाद लौटे तो बाइक गायब मिली। बाइक पर “PRESS” लिखा हुआ था, जिससे उसकी पहचान आसानी से हो सकती है। दूसरा मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र का है। ग्रीन पार्क, मालवीय नगर निवासी माधुरी सैन ने बताया कि 15 जुलाई की शाम उनके घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल (आरजे-02-डीएफ-9398) अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी हैं। तीसरा मामला एनईबी थाना क्षेत्र का है। हादरहेड़ा निवासी राजकुमार ने रिपोर्ट में बताया कि 7 जुलाई को वह सब्जी मंडी खरीदारी करने गए थे। बारिश शुरू होने पर उन्होंने अपनी स्प्लेंडर प्लस बाइक (आरजे-02-डीजे-7125) के बॉक्स में ओप्पो रेनो 14 5जी मोबाइल और 3,500 रुपये रख दिए। सब्जी लेकर लौटे तो बाइक सहित मोबाइल और नकदी भी चोरी हो चुके थे। तीनों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही आरोपियों की तलाश में जुटी है।
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

