राजधानी रायपुर में मोबाइल को लेकर विवाद के बाद मां-बेटी ने एक नाबालिग के मिलकर पिता की हत्या कर दी। तीनों ने लकड़ी के बैट और ईंट से सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों को अरेस्ट कर लिया है। मामला डीडी नगर क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर 2025 को वीरेंद्र भारती गोस्वामी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीरेंद्र के शरीर पर 17 गंभीर चोटें पाई गईं, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। पूछताछ में जुर्म स्वीकारा डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच की। पूछताछ में पत्नी, बेटी और नाबालिग ने हत्या करना कबूल किया। पूछताछ में सामने आया कि 27 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे मोबाइल देखने को लेकर घर में विवाद हुआ था। वारदात के बाद लकड़ी और ईंट नाले में फेंका गुस्से में आकर तीनों ने लकड़ी के बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। वारदात के बाद तीनों ने खून साफ किया और वारदात में इस्तेमाल लकड़ी और ईंट को पास के नाले में फेंक दिया। लोगों को गुमराह करने झूठी कहानी बनाई इसके बाद परिवार के अन्य लोगों को गुमराह करने के लिए यह कहानी बनाई गई कि वीरेंद्र बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गया था। इस मामले में पुलिस ने दीपा भारती गोस्वामी (44), तनिया भारती गोस्वामी (19) और नाबालिग लड़की को अरेस्ट किया है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल मामले में DD नगर थाना में अपराध क्रमांक 252/2026 के तहत धारा 103(1), 238, 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है, जबकि मां-बेटी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
खन्ना पुलिस ने आईपीएल मैचों पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर और एसएसपी खन्ना के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस को 12 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि खन्ना इलाके में कुछ लोग बड़े पैमाने पर आईपीएल सट्टेबाजी और ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। अवैध कारोबार में लंबे सय से सक्रिय सूचना के आधार पर, साइबर क्राइम थाना खन्ना के प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार की टीम ने तुरंत मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। डीएसपी मोहित सिंगला ने बताया कि जांच के दौरान दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा, महिंदर सिंह उर्फ राजा और नरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। ये सभी खन्ना के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। मुख्य आरोपियों के खिलाफ पहले भी है केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी दिनेश छाबड़ा और नरेश कुमार के खिलाफ पहले भी जुआ एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर पैसों का लेन-देन करते थे। वे अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को आईपीएल मैचों पर दांव लगाने का लालच देकर ठगी करते थे। आरोपियों से पूछताछ में होंगे कई खुलासे खन्ना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़े सट्टा नेटवर्क का समय रहते भंडाफोड़ हो गया, जिससे कई लोग ठगी का शिकार होने से बच गए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।
कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र में एक संगठित मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस को 15 अप्रैल 2026 की रात लगभग 00:30 बजे गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कुर्सेला थाना क्षेत्र के कॉलेज रोड स्थित एक मकान में मोबाइल चोरी करने वाले अपराधी इकट्ठा होकर घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। संगठित गिरोह के रूप में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए कुर्सेला थानाध्यक्ष ने अपनी पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान सभी 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और चोरी के मोबाइलों को बेचकर अवैध लाभ कमाते थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ पहले भी साइबर थाना और पोठिया थाना में मामले दर्ज हैं। कुल 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद गिरफ्तार अभियुक्तों में सचितानंद चौधरी (32), दीनानाथ चौधरी (38), जोगी कुमार सिंह (21), गंगा कुमार महतो (38), रविंद्र कुमार (20), राजेश कुमार चौधरी (27), सुलेखा देवी (29) और कुंदन कुमार महतो शामिल हैं। सचितानंद और दीनानाथ कटिहार के अमदाबाद थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि जोगी, गंगा, रविंद्र और राजेश झारखंड के साहेबगंज जिले से हैं। सुलेखा देवी भी साहेबगंज की रहने वाली हैं और कुंदन कुमार महतो कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र का निवासी है। इनके अलावा, दो विधि-विरुद्ध बालक भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने कुल 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक महिला सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी के 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। पुलिस को 15 अप्रैल की देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि कुर्सेला थाना क्षेत्र के कॉलेज रोड स्थित एक मकान में कुछ अपराधी मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद थानाध्यक्ष कुर्सेला के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। मोबाइल फोन को बेचकर अवैध कमाई करते थेछापेमारी के दौरान मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे और चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेचकर अवैध कमाई करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ पहले से भी साइबर थाना और पोठिया थाना में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के दो नाबालिग सदस्यों को भी पकड़ा गया है, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों में सचितानंद चौधरी, दीनानाथ चौधरी, जोगी कुमार सिंह, गंगा कुमार महतो, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार चौधरी, सुलेखा देवी और कुंदन कुमार महतो शामिल हैं। पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी है। इस कार्रवाई को जिले में बढ़ती मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरियाणा 5500 पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) की ओर से एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। कमीशन की ओर से सभी 2.70 लाख अभ्यर्थियों को बताया गया है कि फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा। इसके अलावा इस दौरान मोबाइल फोन बैन रहेगा। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह की ओर से अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर इसको लेकर एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अपना आधार कार्ड अनलॉक करवा लें। लॉक होने की होने स्थिति में अभ्यर्थियों को दिक्कत हो सकती है। यहां सोशल मीडिया की देखिए पोस्ट... आधार कार्ड लॉक क्यों होता है?सुरक्षा कारणों से UIDAI की सुविधा के तहत आधार को Lock/Unlock किया जा सकता है। अगर आपने खुद आधार लॉक किया है या सुरक्षा कारणों से लॉक हो गया है, तो ऑनलाइन या SMS से अनलॉक किया जा सकता है। आधार लॉक होने पर बायोमेट्रिक से ऑथेंटिकेशन नहीं हो पाता। ऑनलाइन आधार अनलॉक करने की प्रक्रियाUIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — https://uidai.gov.in ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाएं। ‘Lock/Unlock Biometrics’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना Aadhaar Number और Captcha दर्ज करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें। ‘Unlock’ विकल्प चुनते ही आपका आधार अनलॉक हो जाएगा। SMS से आधार अनलॉक करने की प्रक्रियाअपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज भेजें, GETOTP <आधार के आखिरी 4 अंक 1947 पर भेजें। OTP मिलने के बाद दूसरा मैसेज भेजें। अनलॉक ओटीपी आधार के आखिरी 4 अंक भेजें, सफल मैसेज के बाद आपका आधार अनलॉक हो जाएगा। जरूरी शर्तें मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना जरूरी है। OTP के बिना आधार अनलॉक नहीं होगा। अनलॉक करने के बाद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सामान्य रूप से काम करने लगेगा। हेल्पलाइन और सहायताहेल्पलाइन नंबर: 1947ईमेल: help@uidai.gov.inनजदीकी आधार सेवा केंद्र पर भी जाकर आधार अनलॉक कराया जा सकता है।
आगर मालवा में बड़ौद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास से लगभग 4.20 लाख रुपए मूल्य की 41.12 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर पकड़ा बड़ौद पुलिस को बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, 14-15 अप्रैल की रात आलोट रोड स्थित रामाखेड़ी जोड़, पिपलिया विजय क्षेत्र गांव में मादक पदार्थ की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने नाकाबंदी की। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक मौके से भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवक की पहचान बड़ौद की ब्लॉक कॉलोनी निवासी आरीफ खां उर्फ बबलू (35) के रूप में हुई। उसकी तलाशी लेने पर एमडी ड्रग्स और एक टच स्क्रीन मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मादक पदार्थ के स्रोत और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया गुरुग्राम में आज (बुधवार) से शुरू हो गई है। इसके तहत नागरिकों को 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरने का विकल्प दिया गया है। इसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल सुविधा से लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित होगी। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सोनू भट्ट ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि नागरिक, आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। पोर्टल पर मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद लॉगिन कर पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने और समय रहते अपनी जानकारी दर्ज करने की अपील की है। इस तरह की जा सकेगी स्व-गणना उन्होंने बताया कि, स्व-गणना के लिए, सबसे पहले पोर्टल पर राज्य का चयन कर वेरिफिकेशन कोड भरना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन में घर के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का पंजीकरण संभव है। इसके बाद, 16 भाषाओं में से अपनी पसंदीदा भाषा चुनकर ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। फिर जिला और शहर का नाम दर्ज कर मैप पर अपने घर की सही लोकेशन सेट करनी होगी। इसके पश्चात एक विस्तृत प्रश्न-उत्तर सेक्शन खुलेगा। इसमें मकान की संरचना, उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग, स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, पेयजल स्रोत, बिजली, शौचालय, स्नानघर और गंदे पानी की निकासी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भरनी होंगी। इन चीजों की जानकारी देना भी जरुरी इसके अतिरिक्त, रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, ईंधन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन, कंप्यूटर जैसी सुविधाओं और परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी भी प्रदान करनी होगी। सभी जानकारी भरने के बाद, उसे ध्यानपूर्वक जांचकर सबमिट करना होगा। सबमिट करने पर एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। गणना कर्मी के आने पर यह आईडी दिखानी होगी। एडीसी ने यह भी बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण 9 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का होगा। इस अवसर पर जिला समन्वयक देवेश बंसल भी उपस्थित थे।
दुर्ग जिले के जामगांव आर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम बटरेल के राजा तालाब शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से भारी मात्रा में गांजा और नगदी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक 14 अप्रैल को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ताराचंद देवांगन नाम का व्यक्ति मंदिर के पास गांजा बेच रहा है। सूचना पर पुलिस ने टीम बनाकर मौके पर पहुंची। यहां पर आरोपीगांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में था। पुलिस ने उक्त व्यक्ति को पकड़ा। जिसने पूछताछ में अपना नाम ताराचंद देवांगन, उम्र 50 साल, निवासी तरिया पारा, ग्राम बटरेल बताया। पुलिस ने तलाशी ली तो मिला गांजातलाशी के दौरान आरोपी के पास एक लाल रंग की प्लास्टिक बोरी मिली। जब बोरी की जांच की गई तो उसमें सूखा हरा गांजा मिला। मौके पर ही गांजे का वजन कराया गया, जो 2.500 किलोग्राम निकला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है। इसके अलावा आरोपी के पास से 1300 रुपए नकद और एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। आरोपी को पास नहीं थे कोई दस्तावेज नहीं थापुलिस ने आरोपी से गांजा रखने के संबंध में दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने गांजा, नकदी और मोबाइल को जब्त कर मौके पर ही सील कर लिया और कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा किसी देवानंद सोनवानी नाम के व्यक्ति से खरीदकर लाया था और यहां बेच रहा था। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसके बाद आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
कैथल में युवती की अश्लील वीडियो बनाई:उसी के मोबाइल पर भेजी, रिश्ता तोड़ने का प्रयास
कैथल में पूंडरी थाना के तहत आने वाले एक गांव में लिव इन में रह रही एक युवती के पास अश्लील वीडियो भेजने का मामला सामने आया है। पास के ही एक गांव निवासी युवक ने उससे कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन बाद में आपसी मतभेद के चलते अलग हो गए। जब वह युवती किसी दूसरे लड़के के साथ लिव इन में रहने लगी तो आरोपी ने अपने साथ बनाई गई उसकी अश्लील वीडियो लड़की के पास भेज दी ताकि उसका दूसरे लड़के के साथ रिश्ता खत्म हो जाए। इस संबंध में लड़की ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस कर लिया है। वैवाहिक जीवन के दौरान वीडियो बनाई पूंडरी क्षेत्र के गांव निवासी करीब 26 वर्षीय युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब चार साल पहले उसने रोहतास नामक युवक के साथ कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन बाद में उनके आपसी मतभेदों के चलते उन्होंने तलाक के कागजात तैयार करवा लिए। उनके वैवाहिक जीवन के दौरान आरोपी ने अपने साथ उसकी अश्लील वीडियो बना ली। उसका करीब 2 साल का एक बेटा भी है। रिश्ता खत्म करने का प्रयास अब वह एक अन्य युवक के साथ लिव इन रिलेशन में कैथल से बाहर रहने लग गई थी। आरोपी रोहतास ने उसके पास पहले बनाई गई अश्लील वीडियो भेज दी ताकि उसका दूसरे लड़के के साथ रिश्ता खत्म हो जाए। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पूंडरी थाना एसएचओ शिवकुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
तरनतारन पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 किलो 915 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से हेरोइन के साथ एक बाइक और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। सरहाली थाने में मामला दर्ज कर आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिससे कई और खुलासे होने की संभावना है। नाकाबंदी पर रोका गया आरोपी युवक एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि सीआईए स्टाफ तरनतारन पुलिस सरहाली पट्टी रोड पर टी-पॉइंट पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया। तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल सवार के पास से हेरोइन और मोबाइल फोन बरामद हुआ। एसएसपी लांबा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश के रूप में हुई है, जो तरनतारन जिले के गांव सीतो मेह, झुग्गियां का निवासी है। पुलिस अब आरोपी से यह पूछताछ कर रही है कि हेरोइन की यह बड़ी खेप उसे कहां से मिली, यह कैसे लाई गई और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
टीकमगढ़ के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक युवती ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। युवती अपने पिता के साथ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक महिला आरक्षक युवती से मोबाइल छीनती नजर आ रही है। पुलिस पर पिता से मारपीट का लगाया आरोप युवती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पिता के साथ मारपीट की। जब उसने इसका विरोध किया, तो महिला आरक्षक ने जबरन उसका मोबाइल छीन लिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि, दिगौड़ा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने युवती के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि युवती के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मोबाइल छीनने के आरोप निराधार हैं। पेड़ काटने और बल्ली उखाड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद यह पूरा मामला ग्राम बम्होरी निवासी शिवानी अहिरवार के पिता और उनके पड़ोसियों के बीच चल रहे जमीनी विवाद से जुड़ा है। पेड़ काटने और बल्ली उखाड़ने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद वे पुलिस थाने पहुंचे थे। शिवानी अहिरवार ने बताया कि उनके पिता बच्चू लाल अहिरवार की जमीन राय ढाबा के पास है। पड़ोसियों नंदकिशोर अहिरवार, ब्रजकिशोर, बबलू, आशीष, शिवम अहिरवार और ब्रजलाल बाबू ने खेत पर लगे पेड़ काटने शुरू कर दिए और बल्लियां उखाड़ दीं। इसी बात पर बच्चू लाल का उनसे विवाद हो गया। युवती बोली-पिता को थाने में बैठाया, उनसे अभद्रता की विवाद बढ़ने पर बच्चू लाल अपनी पत्नी और पुत्र के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने दिगौड़ा थाना पहुंचे। शिवानी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें थाने में बैठा लिया। इसके बाद युवती ने दिगौड़ा पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप लगाते हुए दो वीडियो वायरल किए। थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि ग्राम बम्होरी में पेड़ काटने के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एक पक्ष के फरियादी आशीष (पिता बाबूलाल अहिरवार, उम्र 25 वर्ष, निवासी बम्हौरी) ने शिकायत दर्ज कराई है। आशीष ने बताया कि वह अपनी जमीन के पेड़ छांट रहा था, तभी बच्चू लाल अहिरवार और उनका लड़का बिजय अहिरवार आकर विवाद करने लगे।
मरवाही वनमंडल के मरवाही और दानीकुंडी के बीच सड़क पर भालू दिखाई दिया। भीषण गर्मी के कारण जंगल से निकलकर भालू सड़क किनारे अठखेलियां कर रहा था, जिसे लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। यह घटना तब हुई, जब हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन संस्था के संस्थापक आलोक तिवारी अपने साथी अविनाश मिश्रा के साथ मरवाही से लौट रहे थे। उन्होंने सड़क किनारे भालू को घूमते देखा। आलोक तिवारी ने तुरंत अपने मोबाइल में इस पल का वीडियो बना लिया। विशेषज्ञों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जंगलों में बढ़ती गर्मी के कारण जल स्रोतों के सूखने और भोजन की तलाश में जंगली जानवर अक्सर बस्तियों और सड़कों की ओर आ जाते हैं। वहीं वन विभाग ने स्थानीय लोगों और राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि जंगली जानवरों के करीब न जाएं और उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए उनसे उचित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
देवघर जिले के मधुपुर अनुमंडल में मोबाइल झपट्टामार गिरोह के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। मधुपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सक्रिय सदस्य शहजाद शेख (25) को लालगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे उसने हाल ही में एक राहगीर से छीना था। पुलिस के अनुसार, शहजाद शेख लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुप्त सूचना के आधार पर मधुपुर पुलिस ने छापेमारी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बताया जाता है कि आरोपी तेज गति से बाइक चलाकर सुनसान या भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाता था। वह विशेष रूप से महिला राहगीरों को अपना आसान शिकार समझता था और उनके हाथ से मोबाइल फोन झपट कर मौके से फरार हो जाता था। उसकी इस हरकत से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसका मेडिकल जांच कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य गिरोह के सदस्यों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। मधुपुर पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
छतरपुर में शादी के महज 25 दिन बाद एक 30 वर्षीय नवविवाहित युवक के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। महोबा रोड स्थित अयोध्या बस्ती निवासी संजय कुमार परिहार 9 अप्रैल की सुबह घर से बिना बताए चला गया था। परिजनों की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, परिजनों ने आम लोगों से भी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की है। सुबह 8 बजे घर से निकला, फोन पर बोला- मैं अभी आता हूं जानकारी के अनुसार, महोबा रोड स्थित अयोध्या बस्ती (वार्ड नंबर 5) निवासी संजय कुमार परिहार की मां शांति बाई डुमार ने पुलिस को बताया कि 9 अप्रैल को वह रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे काम पर चली गई थीं। घर पर बेटा संजय और बेटी अंजना मौजूद थे। सुबह करीब 9:30 बजे जब वह घर लौटीं तो संजय नहीं मिला। बेटी ने बताया कि वह सुबह करीब 8 बजे बिना बताए कहीं चला गया है। परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया तो एक बार फोन उठा और संजय ने कहा कि मैं अभी आता हूं। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 13 मार्च को हुई थी शादी, विदाई के बाद से था गुमसुम परिजनों के मुताबिक, संजय की शादी 13 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले अंतर्गत मौदहा थाना क्षेत्र के सालार गांव में हुई थी। हाल ही में 17 मार्च को दुल्हन के मायके वाले आए और उसकी विदाई कराकर ले गए। परिजनों का कयास है कि पत्नी की विदाई और उससे दूरी की वजह से ही संजय गुमसुम सा रहने लगा था। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, ससुराल लाने की तैयारी में परिजन युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। घटना के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है और नवविवाहिता पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी अब ससुराल आने को तैयार है, लेकिन पति के न होने पर समस्या आ रही है। हालांकि, परिजन अब बहू को ससुराल लाने की तैयारी कर रहे हैं।
मुंडन की तैयारी में कहासुनी, युवक लापता; मोबाइल भी बंद
सलामतपुर| पत्नी और पिता से मामूली कहासुनी के बाद एक युवक लापता हो गया। बुधवार को उसके 18 महीने के बेटे का मुंडन कार्यक्रम रखा गया है। सलामतपुर थाने के मुताबिक प्रहलाद बंजारा, पिता हुकुम सिंह बंजारा, उम्र 25 साल, निवासी भटियाटोला कटसारी घर से बिना बताए चला गया। परिजनों ने बताया कि मुंडन कार्यक्रम के लिए सामान लाने की बात पर प्रहलाद की पिता हुकुम बंजारा और पत्नी रोशनी से कहासुनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर वह घर से निकल गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो मंगलवार को पिता हुकुम बंजारा थाने पहुंचे। गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस से बेटे को खोजने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बेटे ने मोबाइल भी बंद कर लिया है।सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने बताया कि गुम इंसान दर्ज कर लिया गया है। आसपास के थाना क्षेत्रों में युवक की फोटो सहित पूरी जानकारी भेजी गई है। तलाश शुरू कर दी गई है।
जंगलों में फैली आग जवानों ने बुझाई, बचे मोबाइल टावर
भास्कर न्यूज| दंतेवाड़ा बीजापुर जिले के अलग-अलग जंगलों में महीने भर से लगातार एक हजार से ज्यादा जगह आग लग चुकी है, पीड़िया सीआरपीएफ कैंप के पास स्थित सुदा मेट्टा पहाड़ी की 3 टेकरियों के जंगल में आग लग गई, जिससे आसपास के गांव और जिओ मोबाइल टावर खतरे में आ गए। इसकी सूचना मिलने पर पीड़िया कैंप में स्थित सीआरपीएफ की 199 वीं वाहिनी की बी कंपनी के कैंप कमांडर राजीव कुमार तथा कंपनी कमांडर अक्षय झा सहित सहायक कमांडेंट व कंपनी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिना किसी बाहरी सहायता के पानी, मिट्टी, अग्निशमन यंत्र आदि का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की जिसमें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा इस दौरान रात होने की वजह से जवानों को हल्की चोटें भी आई। जवानों ने कड़ी मेहनत कर आग पर सुबह 4 बजे तक काबू पा लिया, अन्यथा आसपास के गांवों तथा हाल ही में आम जनता के लिए संचालित हुआ जिओ टावर आग की चपेट में आ सकते थे। आग 13 अप्रैल की दोपहर लगभग 1 बजे फिर से तेज हो गई जिस पर कुछ ही समय में पीड़िया कैंप में स्थित बहादुर जवानों ने फिर से काबू पा लिया। आग को कैंप की तरफ आने से रोका बल्कि इन पहाड़ियों के आसपास स्थित गांवों तथा मोबाइल टावर को भी आग के हवाले होने से बचाया। जवान 24 घंटे जंगलों पर नजर रखते हैं, जिसकी वजह से पीड़िया में आगजनी से बड़ा नुकसान होने से बच गया। आग कैंप तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान होता पर जवानों की सतर्कता की वजह से बड़ा हादसा नहीं हो पाया।
मोतिहारी में चोरी के तीन आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने गुप्त सूचना पर पकड़ा, 3 मोबाइल फोन बरामद
मोतिहारी पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आदापुर थाना क्षेत्र से हुई है, जबकि चोरी की घटना सुगौली थाना क्षेत्र में हुई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कन्हाई कुमार, मो. तफाजुल अंसारी और समीम अख्तर के रूप में हुई है। ये तीनों आदापुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। गुप्त सूचना पर छापेमारी की पुलिस के अनुसार, सुगौली थाना क्षेत्र में हुई चोरी की घटना के बाद जांच शुरू की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आदापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा। तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनके पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है और क्या इन्होंने अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है। थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
बुरहानपुर में विश्व प्रसिद्ध दरगाह-ए-हकीमी में सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब का उर्स श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना डॉ. मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने बुरहानपुर में शिरकत की। उन्होंने देश के प्रति वफादार रहने और बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का संदेश दिया। इस उर्स में भारत सहित पूरे विश्व से कई दाऊदी बोहरा अनुयायी बुरहानपुर पहुंचे हैं। समाज के अनुसार, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब दाऊदी बोहरा समाज की आध्यात्मिक और रूहानी शख्सियत थे। सैयदी साहब ने कई भाषाओं में पुस्तकें लिखींसैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब का जन्म 1665 में रामपुर में हुआ था। वे अत्यंत विद्वान, धर्मप्रेमी और विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी भाषाओं में कई पुस्तकें लिखीं, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। 53वें धर्मगुरु सैय्यदना डॉ. मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने दरगाह में जियारत कर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने अपने पूर्वज सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब के उर्स के अवसर पर भारत सहित पूरे विश्व में शांति, सद्भावना और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं कीं। देश के प्रति वफादार रहना देशभक्त की पहचानसैयदना साहब ने उर्स में आए सभी दाऊदी बोहरा समाज के जायरीनों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस देश में रहें, उसके प्रति वफादार रहना हमारा कर्तव्य और हर देशभक्त की पहचान है। उन्होंने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी, ताकि उनका ध्यान आध्यात्मिकता और पढ़ाई में लगा रहे, जिससे उनका और देश का भविष्य उज्ज्वल हो। उन्होंने समाजजनों से अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने और पेड़-पौधे लगाने का भी आग्रह किया, ताकि सभी को स्वस्थ और बेहतर वातावरण मिल सके। समाज द्वारा इन संदेशों को आत्मसात किया जाता है, जिससे एक बेहतर समाज के निर्माण में सहयोग मिलता है।
भिवानी जेल में मोबाइल फोन बरामदगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआईए स्टाफ-2 भिवानी ने यह गिरफ्तारी महेंद्रगढ़ जिले से की है। बता दे कि यह कार्रवाई डीएसपी जेल भिवानी द्वारा थाना सदर भिवानी में दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। दरअसल यह मामला 28 जनवरी 2026 को जिला कारागार भिवानी में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान से जुड़ा है। इस अभियान के दौरान जेल परिसर से मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीआईए स्टाफ-2 ने आरोपी को पकड़ा मामले में जांच करते हुए सीआईए स्टाफ-2 भिवानी के उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम ने जिला महेंद्रगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राहुल निवासी माणढी, जिला महेंद्रगढ़ के रूप में हुई है। कोर्ट ने भेजा जेल पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि उसने जेल में बंद रहने के दौरान यह मोबाइल फोन आरोपी संदीप से लिया था और बाद में उसे वापस कर दिया था। पुलिस टीम ने आरोपी राहुल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए। जिला पुलिस भिवानी जेल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की भी जांच जारी है।
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के छह महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 11 हजार रुपए है। जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नाथूराम बर्मन (28) निवासी ग्राम शीतलपुर, थाना शाहपुरा भिटोनी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी मोबाइल बेचने की फिराक में था, लेकिन वह इन फोनों से संबंधित कोई बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर आरोपी नाथूराम बर्मन के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाथूराम बर्मन थाना निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी तथा अन्य मामलों के करीब 18 प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह 20 से 30 हजार रुपए के मोबाइल फोन को 1 से 2 हजार रुपए में बेच देता था। वह अब तक एक दर्जन से अधिक फोन विभिन्न गांवों और स्टेशन के यात्रियों को बेच चुका है।
नीमच में ऑनलाइन सट्टा लगाते तीन आरोपी गिरफ्तार:1 लाख नकद, 3 मोबाइल और लाखों का हिसाब जब्त
नीमच में आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन सट्टा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नीमच कैंट पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हवाई पट्टी और जवाहर नगर क्षेत्र से तीन आरोपियों को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1 लाख 1 हजार रुपये नकद, 3 मोबाइल फोन और लाखों रुपये के डिजिटल लेनदेन का हिसाब जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के सख्त निर्देशों के बाद जिले में जुआ-सट्टा रोकने के लिए पुलिस टीम अलर्ट पर थी। इसी क्रम में एएसपी नवल सिंह सिसोदिया और सीएसपी किरण चौहान के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम को सतगुरु बेकरी के पीछे मोबाइल पर सट्टा चलाने की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी सौरभ शर्मा और साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे की टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी, जहां तीन युवक संदिग्ध हालत में पाए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष गुर्जर (24), हिमांशु सुंगधी (27) और यश सांवरिया (21) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी www.lotus7book.com जैसी वेबसाइट्स के माध्यम से आईडी बनाकर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देते थे। यह गिरोह आम लोगों से पैसा लगवाकर अवैध लाभ कमा रहा था। मनीष गुर्जर हवाई पट्टी रोड, हिमांशु सुंगधी जवाहर नगर और यश सांवरिया बघाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। अपराध समीक्षा बैठक में सभी थाना प्रभारियों को आईपीएल के दौरान सट्टे की गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
छतरपुर जिले के भगवा थाना क्षेत्र के हरपुर गांव में एक 17 वर्षीय युवक के साथ सोमवार रात मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित सतीश अहिरवार के अनुसार गांव के ही पांच लोगों ने उसे रात करीब 3:30 बजे अंबेडकर जुलूस की तैयारी के नाम पर बुलाया। जब वह वहां पहुंचा, तो आरोपियों ने उसे एक घर में ले जाकर बंधक बना लिया। बेरहमी से की पिटाई, मोबाइल भी तोड़ापीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे बांधकर बेरहमी से पीटा। मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया और छीन लिया। पिटाई इतनी ज्यादा थी कि युवक लहूलुहान हो गया और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों ने छुड़ायाघटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह युवक को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। भगवा थाना पुलिस का कहना है कि रात में मारपीट की घटना हुई है और सुबह पीड़ित की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में अंबेडकर जुलूस की तैयारी को लेकर किसी विवाद का उल्लेख नहीं है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला पड़ोस की एक लड़की से बातचीत को लेकर विवाद का सामने आया है। इसी बात को लेकर युवक के साथ मारपीट की गई। पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्जपुलिस ने लखन, दिनेश, राकेश, मनोज और किशोर सहित पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
ग्वालियर में एक फैशन डिजाइनर से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा FIR दर्ज होने के बाद से मोबाइल बंद कर फरार हैं। पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इसी बीच सोमवार सुबह डीजीपी ने इंस्पेक्टर को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा से ट्रांसफर कर पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) अटैच कर दिया है। हैरत की बात यह है कि पुलिस इंस्पेक्टर को फरार मानकर तलाश कर रही है, जबकि वह सोमवार सुबह पीटीएस पहुंचकर रिलीव भी हो गया। अब यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने पीएचक्यू में ज्वाइन किया है या नहीं। रेप के आरोपी इंस्पेक्टर के ट्रांसफर और रिलीव होने की पुष्टि एसपी पीटीएस तिघरा अखिलेश रैनवाल ने की है। दरअसल, रविवार रात 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर की शिकायत पर पीटीएस तिघरा में पदस्थ इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। रात में मामला दर्ज होने के बाद सोमवार सुबह डीजीपी मध्य प्रदेश के आदेश पर आरोपी इंस्पेक्टर का पीटीएस तिघरा से पीएचक्यू ट्रांसफर कर दिया गया। आदेश के बाद उसे गुपचुप तरीके से रिलीव भी कर दिया गया। दो टीमें भितरवार और शिवपुरी पहुंचीं पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा मूल रूप से भितरवार के श्रीराम कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनकी ससुराल शिवपुरी में है। सोमवार को झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी रवाना हुईं। दोनों जगह दबिश दी गई, लेकिन आरोपी नहीं मिला। पीड़िता का मेडिकल, कोर्ट में बयान सोमवार को पीड़ित फैशन डिजाइनर का महिला पुलिस ने कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल कराया। इसके बाद धारा 164 के तहत कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता ने वही बयान दोहराए, जो उसने झांसी रोड थाना में एफआईआर में दर्ज कराए थे। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेत्री की करीबी है पीड़िता पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़िता एक भाजपा नेत्री की करीबी है, जो एक मंत्री के साथ रहती हैं। वह उनके साथ कई कार्यक्रमों में भी नजर आ चुकी है। बताया जा रहा है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी था। पीड़िता ने लगाए ये आरोप झांसी रोड इलाके की एक पॉश कॉलोनी में बुटीक चलाने वाली 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर के पति का जनवरी 2018 में निधन हो चुका है। उसका 9 साल का एक बच्चा भी है। साल 2024 में फेसबुक के जरिए उसकी पहचान टीआई रूपेश शर्मा (पीटीएस तिघरा) से हुई थी। कुछ समय बाद दोनों में बातचीत बढ़ी और नजदीकियां बढ़ गईं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने खुद के शादीशुदा होने की बात छुपाकर महिला को शादी का झांसा दिया। 16 अगस्त 2024 को वह महिला के बुटीक पहुंचा और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद वह लगातार उसके साथ संबंध बनाता रहा। वर्तमान में पीड़िता 9 महीने की गर्भवती है। जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तब आरोपी ने खुद के शादीशुदा होने की बात बताई। इसके बाद विवाद हुआ और पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह खबर भी पढ़ें… इंस्पेक्टर ने फैशन डिजाइनर से किया रेप, FIR ग्वालियर के एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ फैशन डिजाइनर ने झांसी रोड थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में पदस्थ हैं। शिकायत 38 वर्षीय महिला 9 महीने की गर्भवती है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
शिक्षक के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। ठगों ने मोबाइल हैक कर 3 दिन में 5 बार में शिक्षक के खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। ठगी का पैसा कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र के पांच खोतों में ट्रांसफर हुआ। पैसे कटने का मैसेज देखकर शिक्षक ने 1930 पर शिकायत की। 50 दिन बाद कंपू थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। न्यू विजय नगर निवासी 38 वर्षीय दीपक शर्मा प्राइवेट कोचिंग सेंटर चलाते हैं। 20 से 22 फरवरी के बीच उनका मोबाइल हैक हुआ और UPI के जरिए पैसे कटते रहे। 20 फरवरी को 50-50 हजार रुपए दो बार निकाले। 21 फरवरी को 50 हजार रुपए और 22 फरवरी को 49,999 और 50 हजार रुपए निकाले। कुल 2,49,999 रुपए ठगों ने पार कर दिए।ठगों ने यह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। ये खाते कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र के हैं। पैसे कटने के मैसेज मिलने पर दीपक ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। एसपी ऑफिस में भी आवेदन दिया। शिकायत के बाद 50 दिन बाद कंपू थाना पुलिस ने FIR दर्ज की। केस दर्ज किया, खातों की भी जुटा रहे हैं जानकारी थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि जांच के बाद केस दर्ज किया गया है। ठगी की रकम किन खातों में गई है, उसका पता लगाया जा रहा है। जानकारी मिलते ही आरोपी पकड़ में होंगे। अनजान लिंक न करें क्लिक, मोबाइल का बदलें पासवर्ड किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। OTP और PIN किसी से शेयर न करें। खाते से पैसे कटने का मैसेज आते ही तुरंत बैंक और 1930 पर सूचना दें। मोबाइल हैक का शक हो तो फोन बंद करें, पासवर्ड बदलें और बैंक को बताएं। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है।
पुडुचेरी में पति ने मोबाइल पर चैटिंग करने पर पत्नी की हत्या की
पुडुचेरी। पुडुचेरी में सोमवार को एक मैकेनिक ने अपनी पत्नी की हत्या महज इसलिए कर दी क्योंकि पत्नी ने पति के कहने के बावजूद अपने मोबाइल फोन पर चैटिंग करना बंद करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने बताया कि मरक्कनम निवासी एलुमलाई ने मूलकुलम की श्वेता (19) से तीन साल पहले शादी की […] The post पुडुचेरी में पति ने मोबाइल पर चैटिंग करने पर पत्नी की हत्या की appeared first on Sabguru News .
डगआउट में मोबाइल चलाते पकड़े गए RR के टीम मैनेजर ; BCCI ने रोमी भिंडर से मांगा गया स्पष्टीकरण
IPL 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट क्षेत्र में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। बीसीसीआई की एसीएसयू ने उन्हें 48 घंटे में जवाब देने का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को सिविल कोर्ट गेट नंबर-2 के सामने एक व्यक्ति मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी ने बताया पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी सूचना मिली कि एक व्यक्ति टावर पर चढ़ गया है। मौके पर पहुंचने पर राजू सैनी नाम का युवक टावर पर चढ़ा मिला, जबकि नीचे उसकी पत्नी भावना सैनी मौजूद थी। राजू संविदा पर परिवहन विभाग में ड्राइवर था। उसे काम से हटा दिया गया है। इस वजह से वह टावर पर चढ़ा था। समझाने पर नहीं माना, कूदने की देता रहा धमकी पुलिस ने युवक को नीचे उतरने के लिए काफी समझाया लेकिन वह परिवहन विभाग और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें मौके पर बुलाने की जिद करता रहा। इस दौरान वह बार-बार कूदकर आत्महत्या करने की धमकी देता रहा। मौके पर मौजूद पत्नी शांत कराने के बजाय फोन पर उकसाने का काम कर रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। समझा-बुझाकर उतारा गया सीएफओ अंकुश मित्तल का कहना है रेस्क्यू स्थिति बिगड़ती देख फायर सर्विस की हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगाई गई। हालांकि, समझाकर उसे नीचे उतार लिया गया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म का प्रयोग नहीं करना पड़ा। इस घटना से कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत जांच में सामने आया है कि नौकरी को लेकर राजू सैनी पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं कर चुका है। साल 2023 और 2024 में अलीगढ़ और गौतमपल्ली क्षेत्र में भी वह टावर पर चढ़ चुका है। पुलिस ने उसे और उसकी पत्नी को को गिरफ्तार कर लिया है। हर बार
कीपैड मोबाइल जरिए पुलिस हत्यारों तक पहुंची:जादू-टोने के शक में हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
इंदौर के केट रोड पर शनिवार रात एक युवक की सिर पर पत्थर मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सोमवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शव के पास मिले कीपैड फोन के आधार पर पुलिस ने युवक की पहचान की और आरोपियों तक पहुंच सकी। राजेंद्र नगर पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात एक युवक के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। युवक कुंदन नगर के शराब दुकान के पास मैदान में गंभीर हालत में मिला था। पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में पुलिस ने जांच के दौरान उसकी पहचान कर ली। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और मृतक की पहचान भी नहीं हो पा रही थी, जिससे पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस को मौके से बिना सिम कार्ड के दो कीपैड मोबाइल मिले थे। मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने दोनों मोबाइल का फॉरेंसिक एनालिसिस किया। कीपैड मोबाइल में जो कॉन्टैक्ट थे, उन्हें निकाला गया। पुलिस ने उन नंबरों से मृतक की जानकारी जुटाना शुरू किया। इससे लग रहा था कि मृतक सागर का हो सकता है। आगे जांच में और जानकारी मिली, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट हो गई। मृतक की पहचान गोलू उर्फ कृष्णकुमार (28) अहिरवार, निवासी मकरोनिया, सागर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से जानकारी ली। मृतक की पत्नी से भी पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने कुछ संदिग्धों की जानकारी दी। पत्नी से मिली संदिग्धों की जानकारी की लिस्ट तैयार की डीसीपी लालचंदानी ने बताया कि पत्नी से मिली जानकारी के बाद संदिग्धों की लिस्ट बनाकर काम शुरू किया गया, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। इसमें विकास कोसे (28), कृष्णा भिड़े (22) और भूरा उर्फ भूरिया (30) अहिरवार को पकड़ा गया है। वारदात के बाद विकास कोसे अपने गांव बैतूल भाग गया था। पुलिस ने उसे बैतूल से पकड़ा, जबकि भूरा को धार से और कृष्णा को कुंदन नगर से पकड़ा। काम के बाद शराब दुकान पहुंचे थे उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी मिस्त्री का काम करते हैं। घटना वाली रात वे हवा बंगला से काम करके शराब दुकान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने शराब पी और खाली मैदान में जाकर बैठ गए थे। यहीं पर उनका गोलू से विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने गोलू का सिर कुचलकर हत्या कर दी। पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास कोसे ने बताया कि उसे मृतक पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते वह बार-बार गोलू से पूछताछ करता था। घटना वाले दिन शराब पीने के दौरान विवाद बढ़ गया और उन्होंने ईंट-पत्थरों से हमला कर गोलू की हत्या कर दी।
ई-रिक्शा चालक से लूट, साथी को पीटा:नईगढ़ी रोड पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल और नकदी छीने
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात ई-रिक्शा चालक और उसके साथी के साथ लूटपाट और मारपीट हुई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर मोबाइल और नकदी छीन ली। विरोध करने पर बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से पीटा। फरियादी मनीष कुमार मिश्रा (32), निवासी कलरा टोला, वार्ड क्रमांक 07, थाना नईगढ़ी ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात करीब 10:20 बजे वह अपने गांव के अंकित मिश्रा के साथ ई-रिक्शा से सवारी छोड़कर लौट रहे थे। लालगंज से आगे नईगढ़ी रोड पर उन्होंने वाहन रोका, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। तीनों बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए ई-रिक्शा के सामने बाइक खड़ी कर दी और जबरन वाहन में बैठ गए। इसके बाद उन्होंने मनीष के साथ मारपीट की। उसकी पेंट की जेब से मोबाइल छीन लिया। बीच-बचाव करने आए अंकित मिश्रा को भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीटा और 5 हजार रुपए छीन लिए। आरोपियों ने पीड़ितों को धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे लालगंज तिराहा की ओर फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों में से एक की पहचान डिहिया निवासी विमल गिरी के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य अज्ञात हैं। इस घटना में मनीष को कान, गले, छाती और हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि अंकित मिश्रा को गले, नाक, हाथ और सिर में चोट लगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी नईगढ़ी ऋषि कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
महासमुंद जिले के बसना में पुलिस ने भारतीय दूरसंचार कार्यालय (BSNL) में चल रहे अवैध जुआ का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भाजपा के एक पार्षद सहित कुल 4 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। बसना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर बायपास के पास स्थित बीएसएनएल कार्यालय में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापामार कार्रवाई की। पार्षद समेत 4 जुआ खेलते गिरफ्तार छापेमारी के दौरान गुरुनानक वार्ड नंबर 8 के भाजपा पार्षद मो. मुजम्मिल (45), सुशील कुमार अग्रवाल (45), गुल्लू खान (29) और संजीत कुमार राज (43) को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से ताशपत्ती, चार मोबाइल फोन और 26 हजार 10 रुपए नकद जब्त किए हैं। जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज इस कार्रवाई के बाद पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाए जाने की भी चर्चा सामने आ रही है, जिसमें पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।
ग्वालियर में मोबाइल टावर पर फंसा युवक:मधुमक्खियों के हमले से चढ़ा ऊपर, फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाया
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में सम्राट मैरिज गार्डन के पास एक युवक 60 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर पर फंस गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। युवक का नाम बंटी रावत है। वह टेलीकॉम कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता है। वह नियमित जांच के लिए टावर पर चढ़ा था। मधुमक्खियों के हमले से और ऊपर चढ़ा टावर पर नियमित जांच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बचने के प्रयास में वह टावर पर और ऊंचाई पर पहुंच गया। फिर वह नीचे उतरने में असमर्थ हो गया और वहीं फंस गया। सूचना पर पहुंची टीम ने स्थिति का आकलन कर रेस्क्यू शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य नीचे लाने के बाद युवक का प्राथमिक उपचार कराया गया। पुलिस के अनुसार समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया।
किशनगंज में ड्यूटी पर मोबाइल बैन:एसपी संतोष कुमार का सख्त निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जिले की पुलिसिंग को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यह प्रतिबंध दिन या रात, किसी भी समय की ड्यूटी पर सख्ती से लागू रहेगा। यह निर्देश सिपाही से लेकर सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक और पुलिस निरीक्षक सहित सभी स्तर के पुलिसकर्मियों पर लागू होगा। एसपी ने किशनगंज सर्किल, बहादुरगंज और ठाकुरगंज सर्किल इंस्पेक्टरों के साथ-साथ सभी थानों के थानाध्यक्षों को लिखित निर्देश भेजे हैं। निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई सर्किल इंस्पेक्टरों को अपने क्षेत्र के पुलिसकर्मियों से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी स्वयं या डीएसपी स्तर के अधिकारी समय-समय पर इसकी निगरानी करेंगे। एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ड्यूटी पर मोबाइल चलाते पकड़े जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासन की अवहेलना के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। एसपी को लगातार ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा अनावश्यक मोबाइल इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित हो रही थी। कई बार चेतावनी देने के बाद अब एसपी ने लिखित निर्देश जारी कर सख्ती बरती है। अनुशासित आचरण और बेहतर टर्नआउट बनाए रखने पर भी जोर इसके साथ ही, एसपी ने थानाध्यक्षों को गश्ती व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए रूट चार्ट और रोड मैप तैयार करने, बिट गश्ती और पैदल रात्रि गश्ती अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्देश दिया है। गश्ती पदाधिकारियों को आत्मरक्षा के लिए सरकारी हथियार साथ रखना अनिवार्य होगा। ड्यूटी के दौरान अनुशासित आचरण और बेहतर टर्नआउट बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। आम नागरिकों ने इस नए नियम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि जो नियम आम आदमी के लिए लागू होते हैं, वही पुलिसकर्मियों के लिए भी लागू होने चाहिए। पुलिसकर्मियों के बीच भी इस निर्देश पर चर्चा जारी है।
सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 तो याद ही होगी...एग्जाम सेंटर से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक से पेपर लीक हुए। किसी ने डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम पास किया तो कोई नकल मारकर थानेदार बना था। नतीजा ये रहा कि पूरी भर्ती परीक्षा ही रद्द हुई। 5 साल बाद 5 और 6 अप्रैल को 1056 पदों पर सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2025 हुई। एक बार फिर से वही चैलेंज सामने थे। माफिया फिर से एक्टिव थे। राजस्थान SOG की सूझबूझ से अबकी चीटिंग से पहले ही 15 वांटेड दबोचे गए। ब्लूटूथ से नकल, डमी कैंडिडेट या फिर धांधली से जुड़ा कोई भी मामला सामने नहीं आया। इसके लिए SOG ने कई महीने पहले से तैयारी कर रखी थी। धांधली की खबर देने वाले को एक लाख के इनाम की घोषणा हुई। एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों की एंट्री के बाद पेपर सेट पहुंचाए गए। एग्जाम के दौरान 1000 से ज्यादा मोबाइल टावरों को सर्विलांस पर लिया गया। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए ऐसे 6 प्लान बनाए गए थे। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- कैसे इस साल के सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को पहले ही रोक लिया गया... प्लान-1 : मुखबिर तंत्र एक्टिव कियाअप्रैल में एग्जाम से कई महीनों पहले ही एसओजी ने अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव कर दिया था। इससे एसओजी को इनपुट मिले कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बनने वाले या नकल करने वाले अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद एसओजी ने फिल्डिंग जमाई। एग्जाम से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कई अभ्यर्थी पूर्व में डमी कैंडिडेट बन चुके थे। कई खुद की जगह डमी कैंडिडेट को एग्जाम में बिठा चुके थे। ज्यादातर वांटेड खुद एग्जाम देने आए थे। एसओजी को इनकी लंबे समय से तलाश थी। प्लान-2 : ब्लूटूथ पर नकेल मार्च 2022 में हाईकोर्ट की लिपिक ग्रेड परीक्षा में कई सेंटरों पर ब्लूटूथ से नकल हुई थी। कई भर्ती परीक्षाओं में ऐसे मामले सामने आ चुके थे। ऐसे में ब्लूटूथ से नकल रोकने के लिए पहली बार 1000 से अधिक मोबाइल टावरों को सर्विलांस पर लिया गया। ये टावर एग्जाम सेंटर के नेटवर्क एरिया (बीटीएस लोकेशन) के ही थी। करीब 1174 से अधिक सेंटर्स बनाए गए थे। जब एग्जाम चल रहा था, तब एसओजी टावरों से होने वाले मोबाइल कॉल, वाई-फाई, ब्लूटूथ कॉल पर निगरानी कर रही थी। प्लान-3 : पहले अभ्यर्थी बाद में पहुंचे पेपरपहले भर्ती परीक्षाओं में पेपर सेट, एग्जाम सेंटर पर 2 से 3 घंटे पहले पहुंच जाते थे। उन्हें परीक्षा केंद्र पर ही बने स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता था। पिछली कुछ भर्तियों में खुलासा हुआ कि एग्जाम सेंटर से ही पेपर लीक हुए। माफिया इन पेपर को एग्जाम शुरू होने से कुछ देर पहले ही सॉल्व करवा देते थे। सितंबर 2021 में जेईएन भर्ती का पेपर भी इसी तरह एग्जाम सेंटर से ही लीक किया गया था। पहली बार इस तरह का प्लान बनाया, जिसे नकल गैंग नहीं भेद सके। इस बार अभ्यर्थी के सेंटर में पहुंचने के बाद परीक्षा पेपर सेट भेजे गए। आरपीएससी ने 5 अप्रैल और 6 अप्रैल को परीक्षा कराई थी। पहली पारी में परीक्षा सेंटर में सुबह 9 से 10 बजे तक एंट्री थी। पेपर 11 बजे शुरू हुआ था। साढ़े 10 बजे सेंटर पर पेपरों का पहुंचना शुरू हुआ। 30 मिनट में पेपर क्लास में बंटे और अभ्यर्थियों तक पहुंचे थे। इसी प्रकार से दूसरी पारी के पेपर में भी आधा घंटा पहले पेपर पहुंचाए गए। प्लान-4 : नकल गैंग की सूचना देने पर 1 लाख का इनाम SOG ने नकल गैंग, डमी कैंडिडेट की जानकारी देने पर 1 लाख रुपए का इनाम रखा था। इस कारण एसओजी के पास अलग-अलग माध्यम से कई जानकारी सामने आई, जिन पर एसओजी की टीमों ने काम किया। इसका परिणाम ये रहा कि परीक्षा के दौरान दो दिन में कई आरोपी पकड़ में आ सके। जोधपुर के बासनी तंबोलिया सेंटर पर परीक्षा देकर बाहर निकल रहे वांटेड पप्पू राम की गिरफ्तारी भी इसी का नतीजा है। पप्पू राम SI भर्ती- 2021 में नकल के मामले में फरार था। प्लान- 5 : एग्जाम वाले 26 जिलों में भेजी 26 टीमेंSI भर्ती परीक्षा के सेंटर इस बार 26 जिलों में ही रखे गए थे। परीक्षा से पहले ही एसओजी ने 26 जिलों में अपनी टीमें भेज दीं। इससे पूरे जिले में ये मैसेज चला गया कि गड़बड़ी की तो कार्रवाई तय है। एसओजी ने जिला पुलिस की मदद के लिए एक-एक अधिकारी को 26 जिलों में तैनात कर दिया। इसके कारण से न सिर्फ गड़बड़ी करने वाले बल्कि उनका सहयोग करने वाले भी परीक्षा से दूर रहे। प्लान-6 : परीक्षा सेंटर के आसपास साइबर कैफे, वाइफाई पर रखी नजरएसओजी की टीमों ने हर एग्जाम सेंटर के आसपास के 500 मीटर तक के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। जहां पर कैफे, वाइफाई फैसिलिटी थी, उन्हें एग्जाम के दौरान बंद रखने के निर्देश दिए। एग्जाम सेंटर के अंदर भी किसी स्टाफ को स्मार्टफोन के साथ एंट्री नहीं दी गई। इस परीक्षा में नहीं हुई किसी भी प्रकार से कोई नकलएडीजी एसओजी विशाल बंसल बताते हैं- इस परीक्षा में 7 लाख 35 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के पूरा करना सबसे बड़ा चैलेंज था। एसआई भर्ती परीक्षा-2025 के 2 दिन और 4 पारियों में किसी भी प्रकार से डमी कैंडिडेट के बैठने, ब्लूटूथ से नकल या अन्य किसी भी प्रकार की कोई शिकायत सामने नहीं आई। परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पहले से तैयारी थी। प्रदेश भर से वांटेड की लिस्ट तैयार कर ली गई थी। DIG पारिस देशमुख ने जिला पुलिस अधीक्षकों को लिस्ट भेजकर पूरा कोआर्डिनेशन किया। एग्जाम सेंटर वाले सभी जिलों में SOG के एक-एक अधिकारी को भेजकर नोडल अधिकारी बनाया गया। इससे एग्जाम में गड़बड़ी करने वाले 15 वांटेड को हम पहले ही अरेस्ट कर पाए। कुछ अन्य प्रयोग भी कामयाब रहे। अब एग्जाम से पहले पकड़े गए वांटेड की डिटेल…. सियाराम मीना : 15 लाख देकर बना था डमी कैंडिडेटअलीगढ़, टोंक निवासी सियाराम मीना ने 15 लाख रुपए देकर डमी कैंडिडेट से SI भर्ती परीक्षा-2021 का पेपर पास करवाया था। डमी कैंडिडेट हनुमान प्रसाद मीणा (अलीगढ़, टोंक) तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। लेकिन सियाराम मीना फरार था। पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। SOG को सूचना मिली कि सियाराम इस बार खुद SI भर्ती परीक्षा देने आ रहा है। एसओजी ने पूरी डिटेल खंगाली। 5 अप्रैल को टोंक में एग्जाम सेंटर के बाहर परीक्षा देने से पहले ही उसे दबोच लिया। नवलकिशोर मीणा : ब्लूटूथ से की थी परीक्षा में नकल, 11 साल बाद पकड़ाकनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती परीक्षा-2015 में नवलकिशोर मीणा अपने सहयोगियों के साथ ब्लूटूथ किट पहन कर परीक्षा दी थी। खानपुर-दौसा का रहने वाला नवलकिशोर इस मामले में फरार चल रहा था। एसओजी को सूचना मिली कि आरोपी सेंटर में आकर परीक्षा देने का प्लान बना रहा है। उससे पहले ही दौसा से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह सफलता 11 साल बाद मिली। डमी कैंडिडेट से दिलवाए थे एग्जाम, 5 साल बाद 12 वांटेड एक साथ पकड़े बीएसटीसी (प्री. डीएलएड) भर्ती परीक्षा-2019-20 में 12 कैंडिडेट ऐसे थे, जिन्होंने खुद एग्जाम न देकर डमी कैंडिडेट बिठाकर एग्जाम पास करवाया था। इस मामले में ये वांछित थे। SOG के पास इनका रिकॉर्ड ऑनलाइन था। इस बीच एसओजी को पता चला कि 11 कैंडिडेट उदयपुर में और 1 कैंडिडेट भरतपुर में खुद सब इंस्पेक्टर भर्ती का एग्जाम देने के लिए आ रहे हैं। डीआईजी पारिस देशमुख की ओर से नकल रोकथाम व वांटेड की तलाश में टीमें भेजी गई थीं। टीमों ने 5 अप्रैल को एसआई भर्ती परीक्षा देने आए वांटेड 11 आरोपियों को उदयपुर और एक आरोपी रविन्द्र सिंह को भरतपुर से धर-दबोचा। इनकी एक साथ हुई गिरफ्तारीप्री.डीएलएड भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े मामले में आरोपी जगदीश गमार (27) निवासी फलासिया उदयपुर, जीवतराम मोडिया (23) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, लक्ष्मी कुमारी (30) निवासी फलासिया उदयपुर, मन्नालाल (26) निवासी फलासिया उदयपुर, मुकेश गमार (25) निवासी फलासिया उदयपुर, लोकेश कुमार (24) निवासी खेरवाड़ा उदयपुर हाल बावलवाड़ा उदयपुर, प्रेम कुमारी (25) निवासी झाड़ोल उदयपुर, राहुल बोड़ात (26) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, संजय कुमार डामोर (27) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, विक्रम कुमार (25) निवासी फलासिया उदयपुर, विशाल कुमार बोड़ात (29) निवासी बाबलवाड़ा, उदयपुर और रवींद्र सिंह मुसावत (28) निवासी वैर भरतपुर को अरेस्ट किया गया है। ----------------- ये खबरें भी पढ़िए…
मुखिया से पूछेंगे भोजन लकड़ी से बनता है या गैस पर, मोबाइल की-पैड है या एंड्रॉइड
भास्कर संवाददाता| सीहोर जिले में 16 अप्रैल से जनगणना शुरू होगी। इस बार लोगों को स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। पोर्टल पर मोबाइल नंबर, ओटीपी से लॉगिन होगा। 16 भाषाओं में 33 सवालों का फॉर्म भरना होगा। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जानकारी भरकर सब्मिट करनी होगी। सब्मिट के बाद मोबाइल पर सेल्फ एन्यूमेरेशन आईडी मिलेगी। यह आईडी 11 से 16 अंकों की होगी। इसे सुरक्षित रखना होगा। 1 मई के बाद घर आने वाले प्रगणक को यह आईडी देना जरूरी होगा। प्रगणक जानकारी की पुष्टि करेगा। इसके बाद जानकारी फ्रीज होगी। प्रगणक खाने में इस्तेमाल होने वाले अनाज के बारे में पूछेंगे। गेहूं, चावल, धान, बाजरा के उपयोग की जानकारी देनी होगी। मोबाइल की-पैड है या एंड्रॉयड, यह भी बताना होगा। इंटरनेट चलाते हैं या नहीं, यह सवाल होगा। घर में कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, रेडियो है या नहीं, यह भी पूछा जाएगा। मकान में शौचालय है या नहीं, यह जानकारी देनी होगी। खाना लकड़ी पर बनता है या गैस पर, यह भी बताना होगा। दो पहिया, चार पहिया वाहन का उपयोग करते हैं या नहीं, यह सवाल होगा। घर में एयर कंडिशनर लगा है या नहीं, यह भी पूछा जाएगा। जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं करेंगे, उनके घर टीम पहुंचेगी: जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं करेंगे, उनके घर जनगणना टीम पहुंचेगी। टीम मोबाइल से ऑनलाइन जानकारी लेगी। एक मोबाइल नंबर से एक परिवार रजिस्टर होगा। 1 से 30 मई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की कार्रवाई होगी। जनगणना में 33 सवालों के आधार पर जानकारी ली जाएगी। नागरिकों के मोबाइल नंबर का उपयोग केवल जनगणना से जुड़े संचार के लिए होगा। नागरिकों की जानकारी सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। मुखिया का नाम नहीं बदला जा सकेगा। एक मोबाइल नंंबर से एक ही परिवार रजिस्टर,मुखिया का नाम नहीं बदलेगा
मंत्री कप: शौर्य 11 ने रुद्र मोबाइल को हराया, फाइनल में बनाई जगह
भास्कर संवाददाता| बिलकिसगंज मंत्री कप नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत शनिवार रात दूसरे सेमीफाइनल में शौर्य 11 ने रूद्र मोबाइल को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बना ली। मैच देखने बड़ी संख्या में दर्शक मैदान में पहुंचे। पूरे मुकाबले में उत्साह बना रहा। टॉस जीतकर शौर्य 11 ने पहले गेंदबाजी चुनी। रूद्र मोबाइल ने 10 ओवर में 6 विकेट पर 105 रन बनाए। शुभम यादव ने 22 गेंदों पर 22 रन बनाए। एक छक्का लगाया। तीन चौके लगाए। जेपी मीणा ने 10 गेंदों पर 30 रन बनाए। तीन छक्के लगाए। तीन चौके लगाए। सुमित सोनी ने 6 गेंदों पर 15 रन जोड़े। एक छक्का लगाया। दो चौके लगाए। शौर्य 11 की ओर से तोसिफ ने 2 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट लिए। मनीष को 1 विकेट मिला। जाकिर को 1 विकेट मिला। फाइनल मुकाबला सोमवार को मंडल साहब 11 से 106 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी शौर्य 11 ने 9.3 ओवर में 4 विकेट पर मैच जीत लिया। मनीष ने 30 गेंदों पर 54 रन बनाए। चार चौके लगाए। चार छक्के लगाए। हासिम ने 10 गेंदों पर 26 रन बनाए। दो छक्के लगाए। दो चौके लगाए। मनीष को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब फाइनल मुकाबला 13 अप्रैल सोमवार रात मंडल साहब 11 और शौर्य 11 के बीच होगा।
डॉक्टर से मारपीट, कार में तोड़फोड़ की, मोबाइल चुराया
सुखेर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर ने तीन बदमाशों के खिलाफ मारपीट, कार में तोड़फोड़ और मोबाइल चुराने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार डूंगरपुर निवासी डॉ. शफा खान ने रिपोर्ट दी कि वह एमबी हॉस्पिटल में चिकित्साधिकारी हैं। शनिवार देर रात 1:30 बजे वह साथी प्रशांत शर्मा और कौशल अग्रवाल के साथ मोहनपुरा स्थित तुलसी ढाबे पर गए थे। पार्किंग में उनकी कार के पास गुजरात नंबर की कार खड़ी थी। उसमें आए तीन बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। फिर पत्थर और लाठी से कार में तोड़फोड़ कर दी। बदमाशों ने उनका आईफोन भी चुरा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आजमगढ़ टोल प्लाजा पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट:दर्ज हुआ मुकदमा, मोबाइल से डिलीट करवा दिया वीडियो
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिला टोल प्लाजा के पास दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। इस मारपीट का वीडियो भी आया है जिसे रानी की सराय थाने की पुलिस ने डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी हुई है। पीड़ित ने दर्ज कराया मुकदमाजिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा मोहीउद्दीनपुर गांव निवासी मो. सैफ और मो. सलीम का आरोप है कि शनिवार शाम कोटिला बाजार से सब्जी खरीदकर लौटते समय चकनवा पेट्रोल पंप के पास ट्रक गैराज संचालक मो. सलीम निवासी डुगडुगवां और अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में वे घायल हो गए और आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के रानी की सराय थाना क्षेत्र के बसीरपुर गांव निवासी सूर्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि अमौड़ा के कुछ लोग उनकी मोटर पार्ट्स की दुकान में घुस आए और हॉकी-डंडों से हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर दुकान में रखे 47,600 रुपये लूटकर फरार हो गए। मो. सैफ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
खरगोन पुलिस को भोपाल मुख्यालय से रविवार को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। इस वैन की मदद से पुलिस गंभीर अपराधों के मामलों में घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा सकेगी। यह सुविधा पुलिस को 14 प्रकार की विभिन्न जांच रिपोर्ट तैयार करने में भी सहायक होगी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवींद्र वर्मा ने इस वैन का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों को नए उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में, घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए खरगोन जिले को यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन आवंटित की गई है। इस वैन में लगभग 14 प्रकार की विभिन्न किट उपलब्ध हैं, जो घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन और जांच में उपयोगी होंगी। इससे घटना स्थल की बारीकी से जांच, साक्ष्यों का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और त्वरित विश्लेषण संभव हो सकेगा। इस नई सुविधा से खरगोन पुलिस की इंदौर, भोपाल और सागर स्थित फॉरेंसिक लैब पर निर्भरता कम हो जाएगी। अब स्थानीय स्तर पर ही कई महत्वपूर्ण जांचें और साक्ष्य विश्लेषण किए जा सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के दिलावरगंज वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 37 वर्षीय दिपाली देवी 9 अप्रैल 2026 को काम पर जाने के बाद लापता हो गई हैं। उनके पति गोर्वधन चौहान ने सदर थाने में उनकी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। गोर्वधन चौहान ने बताया कि दिपाली देवी 9 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे अपने निजी निवास स्थान दिलावरगंज, दुर्गा मंदिर के बगल वाले घर से निकली थीं। उन्होंने बच्चों को बताया था कि वह काम करने जा रही हैं। दिपाली देवी कैलटैक्स चौक के बगल में और धरमगंज केला बागान में चौका-बर्तन साफ करने का काम करती थीं। मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा शाम तक घर न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। उनका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा है। गोर्वधन चौहान ने पिछले दो दिनों तक रिश्तेदारों के यहां फोन कर पूछताछ की, लेकिन दिपाली देवी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, उन्होंने किशनगंज थाने में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन दिया। परिवार ने पुलिस से अपील की है कि मामले की तुरंत जांच शुरू की जाए और दिपाली देवी का पता लगाया जाए। सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन ने जानकारी दी कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस द्वारा जांच जारी है।
सलूम्बर जिला मुख्यालय के चुंगी नाका क्षेत्र में दिनदहाड़े एक दुकान से चोरी की वारदात सामने आई। चोरों ने दुकान में बैठे बुजुर्ग दम्पति से सामान लेने के बहाने फोन चुरा कर यूपीआई के जरिए करीब 18 हजार रुपए निकाल लिए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। दुकान मालिक प्रवीण जैन ने बताया - चुंगी नाका स्थित दुकान पर मेरे माता-पिता शोभाग्यमल मालवी और लेहरीबाई बैठे थे। शनिवार शाम करीब 5 बजे दो बदमाश ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने कुछ सामान खरीदा और ऑनलाइन पेमेंट करने का बहाना बनाया। देखिए घटना से जुड़ी PHOTOS पेमेंट चेक करने के बहाने देखा पिन इसके बाद चोरों ने दुकानदार से कहा कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, खाता चेक करने लें। जैसे ही शोभाग्यमल ने मोबाइल निकालकर यूपीआई पिन डाला, पास खड़े एक बदमाश ने चालाकी से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद दूसरे चोर ने बातों में उलझाकर काउंटर पर रखा मोबाइल उठा लिया और मौके से फरार हो गए। दम्पति को मोबाइल चोरी का पता लगने पर देखा तो बैंक अकाउंट से 18 हजार रुपए गायब थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
सलूंबर जिले के चुंगी नाका क्षेत्र में शातिर बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति का मोबाइल चोरी कर उनके खाते से करीब 18 हजार रुपए उडा दिए। बुजुर्ग दंपति की किराना की दुकान हैं जहां बदमाश ग्राहक बनकर आए। दुकान से दंपत्ति का मोबाइल चोरी किया। फिर पासवर्ड का इस्तेमाल कर खाते से पैसे निकाल लिए। ये घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें बदमाश मोबाइल शातिर तरीके से घटना को अंजाम देते नजर आ रहा है। इधर, घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपी बोला-पेमेंट कर दिया, चेक करो, तभी देख लिया पासवर्डजानकारी अनुसार बुजुर्ग सौभाग्यमल मालवी की शहर के चुंगी नाका स्थित अपनी जनरल स्टोर की दुकान है। वे अपनी पत्नी लेहरीबाई के साथ दुकान पर बैठे थे। घटना दो दिन पहले की है। जब अज्ञात युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने कुछ सामान खरीदा और भुगतान आॅनलाइन करने का बहाना बनाया। बदमाशों ने दंपती से कहा कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं और खाता चेक करने को कहा। जैसे ही सौभाग्यमल ने मोबाइल निकालकर बैलेंस चेक करने के लिए पासवर्ड (पिन) डाला, पास खड़े बदमाश ने चुपके से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद बातों में उलझाकर काउंटर पर रखा मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। दंपती को मोबाइल चोरी का अहसास होने से पहली ही बदमाशों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। पासवर्ड पहले से होने के कारण उन्होंने खाते से करीब 18000 रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगी और चोरी का पता चलते ही बुजुर्ग दंपती हैरान रह गए। बेटे ने सलूंबर थाने में दर्ज कराया मामला पीड़ित दंपती ने घटना की जानकारी अपने बेटे पवन कुमार मालवी को दी। बेटा दुकान पर पहुंचा और पूरा घटनाक्रम पता किया। इसके बाद बेटे ने तुरंत सलूंबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए। फुटेज में बदमाशों के चेहरे और उनकी हरकतें साफ नजर आ रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
‘’80 हजार कर्ज लेकर अपने भाई के साथ अबूधाबी से लौटा हूं। हम दोनों भाई लगातार परिवार के संपर्क में थे। माता-पिता फोन पर कहते थे कि अगर पैसे न हो तो कहो, हम यहां से भेज देते हैं, लेकिन किसी तरह तुम लोग घर लौट आओ। हम दोनों भाई जिस कंपनी में काम करते थे, वहां हर दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन से अटैक होता था। धमाकों की आवाज सुनकर डर भी लगता था। कभी-कभी ऐसा लगता था कि पता नहीं माता-पिता से मुलाकात भी हो पाएगी या नहीं। जिस कंपनी में काम करते थे, वहां के अफसरों से हम दोनों भाई लगातार गुहार लगा रहे थे कि हमें हमारे घर भेज दीजिए। लेकिन कंपनी के अधिकारी कहते थे कि अभी फ्लाइट का किराया ज्यादा है, अभी थोड़ा इंतजार कर लो, जंग खत्म होगी तो भेज देंगे। लेकिन हमने वहां अपने एक दोस्त से कर्ज लिया और फ्लाइट का टिकट करवाकर घर आ गए। दो महीने की सैलरी भी अटक गई, एक महीने की सैलरी फ्लाइट के टिकट में ही चली गई।'' मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के कथैया गांव के रहने वाले रविंद्र यादव के बेटे 22 साल के लालूबाबू और 21 साल के रंजन कुमार महतो ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, खाड़ी देशों में जंग से बिगड़े युद्ध से बिगड़े हालात के कारण बिहार के कामगार घर लौट रहे हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के रहने वाले पांच कामगार कर्ज लेकर अपने गांव कथैया लौट गए हैं। इनमें लालबाबू कुमार, रंजन कुमार, पंकज कुमार, अजय महतो और रामबाबू महतो शामिल हैं। लालबाबू अपने भाई और अन्य के साथ मुजफ्फरपुर लौटा है। लालबाबू, रंजन महतो आखिरी बार कब गांव आए थे? आबूधाबी में कब से काम कर रहे थे? दोनों भाइयों ने आपबीती में क्या बताया? मुजफ्फरपुर लौटे अन्य लड़कों ने क्या कहा? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। '6X8 के कमरे में दहशत में बैठकर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे' लालबाबू ने बताया कि हम दोनों भाई आबूधाबी में साल 2017 से काम कर रहे हैं और बीच-बीच में घर आते रहते हैं। हम दोनों भाई आखिरी बार नवंबर 2024 में आबूधाबी गए थे और अब 18 महीने बाद लौटे हैं। लालबाबू ने बताया कि जंग की वजह से आबूधाबी में हालात ठीक नहीं थे। ईरान की ओर से हर दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया जा रहा था। हम दोनों भाइयों के अलावा 5 से 6 लड़के 6X8 के कमरे में बैठकर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। रंजन महतो ने बताया कि दिन में दो-दो बार माता-पिता से बातचीत होती थी। पापा तो हालातों को समझ रहे थे, लेकिन मां कभी-कभी इमोशनल हो जाती थी, कहती थी कि बेटा पैसे नहीं हैं तो कहो मैं कर्ज लेकर भेज देती हूं, लेकिन जितना जल्दी हो, तुम दोनों भाई घर लौट आओ। मुझे पैसा नहीं चाहिए, हम लोग जिस हाल में हैं, खुशी-खुशी रह लेंगे, तुम दोनों ही नहीं रहोगे तो हमारा बुढ़ापा कैसे कटेगा? 'माता-पिता से मांग नहीं सकते थे पैसे' लालबाबू ने बताया कि पैसे तो पास में नहीं थे, घर की हालत भी हमें पता थी, इसलिए माता-पिता से पैसे नहीं मांग सकते थे। एक दिन मैंने अपने रूम में रह रहे एक साथी से मदद मांगी और उससे कर्ज लेकर टिकट बुक कराया। फिर मंगलवार की रात करीब 9 बजे पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे। लालबाबू ने बताया कि मैं अपने भाई रंजन और गांव के ही तीन अन्य लड़कों के साथ आबूधाबी के दास आईलैंड पर मौजूद एक कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। हम लोग जिस कंपनी में काम कर रहे थे, वो आबूधाबी से लगभग 160 किमी उत्तर-पश्चिम में फारस की खाड़ी में स्थित है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा- टिकट महंगा है, सस्ता होगा तब घर भेजेंगे लालबाबू ने बताया कि मैंने और अन्य तीन लड़कों ने जंग शुरू होने के बाद कई बार कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगाई कि समय रहते हम लोगों को घर भेज दीजिए। पहले तो कंपनी के अधिकारियों ने कई बाहर बहाना बनाया, हर बार कहते थे कि फ्लाइट कैंसिल है, कभी कहते थे कि टिकट कराया था, लेकिन जंग की वजह से टिकट कैंसिल हो गया है। फिर आखिर में कहने लगे कि अभी फ्लाइट का टिकट महंगा है, सस्ता होगा तब घर भेजेंगे। लालबाबू ने बताया कि हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। किसी तरह घर लौटना था, फिर रूम में ही रहने वाले एक साथी से 80 हजार रुपए कर्ज लिया। इसके बाद 40-40 हजार रुपए में अपना और अपने भाई रंजन का टिकट कराकर अपने घर लौटे। वीडियो न बना सकें, इसलिए मोबाइल के पीछे का कैमरा निकाला लालबाबू कुमार ने आबूधाबी के हालातों का जिक्र करते हुए बताया कि हम लोगों के मोबाइल को एक दिन कंपनी में जमा कराया गया। इसके बाद सभी के मोबाइल का पिछला कैमरा निकलवा दिया गया, ताकि हम लोग वीडियो बनाकर किसी को न तो भेज सके, न सोशल मीडिया पर अपलोड कर सके। उन्होंने बताया कि जंग शुरू होने के बाद हर दूसरे दिन आसमान में मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन दिखाई देते थे। लालबाबू ने बताया कि मिसाइल आने से करीब दो मिनट पहले मोबाइल पर तेज वाइब्रेशन के साथ मिसाइल अटैक का अलर्ट आता था। अगर हमारा मोबाइल ऑफ होता था, तब भी ये अलर्ट आता था। अलर्ट मिलते ही सभी लोग कमरे से बाहर निकल जाते थे। कुछ देर बाद जब मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया जाता, तो फिर मैसेज आता- इट्स सेफ। हालांकि हर बार दिल में डर बना रहता था। पता नहीं कब कौन सा मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन जमीन पर गिर जाए। हालात ठीक हो जाएंगे, तो दोनों भाई दोबारा आबूधाबी जाएंगे रंजन ने बताया कि हमारा अनुभव तो खतरनाक रहा है, लेकिन इसके बावजूद जब हालात ठीक हो जाएंगे, हम दोनों भाई दोबारा आबूधाबी जाएंगे, क्योंकि वहां हम लोगों के लायक काम तो है ही, साथ ही आकर्षक सैलरी भी मिलती हैं, सुविधाएं भी बेहतर मिलती है। रंजन ने बताया कि जब तक हालात ठीक नहीं होते हैं, गांव में ही रहना है। उसने बताया कि मेरी शादी 20 अप्रैल को होनी है, शादी की तैयारी चल रही है। पकंज ने कहा- परिवार के दबाव में लिया घर लौटने का फैसला लालबाबू और रंजन के साथ कथैया गांव लौटे 24 साल के पंकज कुमार ने बताया कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग छिड़ने के बाद से मेरे घर से मुझे लगातार कॉल आ रहे थे कि घर लौट आओ, किसी तरह वहां से निकलो। परिवार वाले कह रहे थे कि हालात सुधरने के बाद फिर चले जाना, लेकिन अभी जान बचाना जरूरी है। इसी दबाव में उन्होंने खुद पैसे खर्च कर टिकट कराया और लौट आए। अब कहानी दीपू की, जो 8 अप्रैल को मुजफ्फरपुर लौटा इधर, कथैया गांव का ही रहने वाला दीपू पिछले 7 महीनों से अबू धाबी की एक निजी कंपनी (यूरो मैकेनिकल) में काम कर रहा था। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कंपनी ने दीपू को एहतियातन छुट्टी देकर भारत वापस भेज दिया। घर लौटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह गांव में खेती करते हैं। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा दीपक गुजरात की एक टायर फैक्ट्री में काम करता है, जबकि छोटा बेटा दीपू विदेश में नौकरी कर रहा था। उनकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह ने कहा कि जब बेटा घर नहीं पहुंचा था, तो न्यूज देख कर बहुत डर लगता था। बेटे को हमेशा कहते थे कि स्थिति खराब है, तो घर वापस जाओ। बेटा 2 साल के लिए गया था। लेकिन, हालत खराब आने के कारण वो पहले ही घर आ गया। अमेरिकी बेस कैंप में धमाके की आवाज हमारे कमरे तक गूंजी दैनिक भास्कर से बातचीत में दीपू ने बताया कि जब अमेरिका-ईरान के बीच तनाव चरम पर था, तब काफी डर का माहौल था। दीपू कहता है कि “जहां पर हम रहते थे, वहां से करीब 6 किलोमीटर दूर अमेरिकी बेस कैंप था। एक बार वहां धमाका हुआ, जिसकी तेज आवाज हमारे कमरे तक सुनाई दी। उस वक्त हम लोग घर पर थे, लेकिन उस आवाज ने सभी को डरा दिया। दिन के समय ही हमला हुआ था। दीपू ने आगे बताया कि उनके रहने की जगह पर लगभग 500 से 600 लोग एक साथ काम करते थे। हमला होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में रह रहे लोगों के मोबाइल पर अलर्ट आ जाता था। कहीं भी अब फ्लाइट से जाने में दिक्कत है। हर जगह का टिकट मंहगा हो चुका है। सभी कर्मियों को कंपनी ने दी छुट्टी, आने का खर्च भी दिया दीपू ने कहा कि फिलहाल कंपनी ने सभी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है और निर्देश दिया है कि स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने घर पर ही रहें। दीपू ने बताया कि 6 अप्रैल को वे अबू धाबी से फ्लाइट पकड़कर पहले 7 अप्रैल को अहमदाबाद पहुंचे, फिर वहां से दिल्ली और अंत में पटना आए। 8 अप्रैल को रात में मुजफ्फरपुर पहुंचे। यात्रा का पूरा खर्च कंपनी ने उठाया। घर पहुंचने पर बहुत खुशी हो रही है। खतरे से बाहर आने पर बहुत अच्छा लगता है। दीपू के सुरक्षित घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं गांव में भी इसे लेकर चर्चा का माहौल है।
बेगूसराय में आपसी विवाद में बदमाशों ने 17 साल के लड़के पर जानलेवा हमला कर दिया है। गला पर ब्लेड से हमला किया है। गंभीर हालत में अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल की पहचान लौछे गांव निवासी लालो राय के पुत्र शिवम कुमार के तौर पर हुई है। घटना बखरी थाना क्षेत्र में बस स्टैंड के पीछे की है। रास्ते में विवाद हुआ था शिवम प्लाई फैक्ट्री में काम करता है। शनिवार रात करीब 9:30 बजे पहचान के एक युवक ने उसे बुलाया। रास्ते में किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर गले सहित शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लेड से मारकर जख्मी कर दिया। इसी बीच मोबाइल और करीब 2000 रुपए लेकर फरार हो गया। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक बनी हुई है। छानबीन में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। वारदात में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
बाल संस्कार-पारिवारिक मूल्य सिखाए, मोबाइल और नशे से दूर रहने का संदेश
रामकथा में राम-सीता विवाह प्रसंग उदयपुर |डोरे नगर, सेक्टर-3 स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित संगीतमय रामकथा के चौथे दिन कथा व्यास पुष्कर दास महाराज ने राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि अहंकार का धनुष टूटता है तभी सीता रूपी भक्ति वरमाला डालती है। उन्होंने राम-सीता विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें विनम्रता और संस्कारों की सीख मिलती है। रामकथा के प्रसंग में उन्होंने बाल लीला का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है, क्योंकि बच्चे की पहली गुरु मां होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे नशे और मोबाइल की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उन्हें दूर रखना जरूरी है। महाराज ने कहा कि घर में यदि माता-पिता स्वयं विनम्रता और बड़ों के सम्मान की शुरुआत करें तो बच्चे भी स्वाभाविक रूप से संस्कार ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि बहू का सास को, बेटे का पिता को और सभी का एक-दूसरे को सम्मान देना ही स्वस्थ पारिवारिक संस्कृति का आधार है। राम विवाह प्रसंग के दौरान आयोजित झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर उत्सव में सहभागिता की। कथा में राम-सीता विवाह का सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी ने भावविभोर होकर देखा। कथा में गुरु राजेश्वरानंद महाराज, रोशन अरोड़ा, डॉ. बी.एल. असावा, श्याम लाहोटी, इंद्र सिंह भाटी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ग्वालियर में नगर निगम की मोबाइल कोर्ट ने स्वच्छता और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार शाम को डीडी मॉल के पास स्थित (Hotel Clarks Inn) पर गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना किया गया। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में निगम और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान होटल क्लार्क इन सहित कई प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए और नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई की गई। मोबाइल कोर्ट के तहत कुल 50 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 35 मामलों में संबंधित लोगों ने जुर्माना स्वीकार करते हुए ऑन स्पॉट समरी ट्रायल कराया, जबकि 15 प्रकरण ऐसे रहे जिनमें जुर्माना जमा नहीं किया गया। इन मामलों को अब न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अचलेश्वर स्थित सोहन डेयरी, नई सड़क का शेरे-ए-पंजाब होटल, सिटी सेंटर का रेडिसन होटल सहित अन्य स्थानों से खाद्य सैंपल लिए गए। साथ ही गंदगी और अतिक्रमण पाए जाने पर नगर निगम अधिनियम के तहत जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा गांधी मार्केट, सराफा बाजार, शिंदे की छावनी और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी दुकानदारों और व्यापारियों पर कार्रवाई की गई। दुकानों के बाहर सामान रखने और गंदगी फैलाने वालों पर भी जुर्माना लगाया गया। नगर निगम की इस मुहिम के तहत कुल 84 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
अररिया पुलिस ने 27 फरवरी को पलासी थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का सफल खुलासा किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई मोबाइल, नकदी का कुछ हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 27 फरवरी को पलासी थाना क्षेत्र के भीखा गांव में पप्पू कुमार यादव (25 वर्ष) को तीन अज्ञात अपराधियों ने रोककर उनसे रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन और 8 हजार रुपये नकद लूट लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर पलासी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले के शीघ्र उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गहन छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। मोबाइल और लूट की राशि में से 3000 रुपये बरामद जांच के दौरान, पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों प्रेम कुमार (22 वर्ष) और देवेंद्र कुमार उर्फ देव कुमार (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मजलिसपुर वार्ड संख्या 06, थाना पलासी, जिला अररिया के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (BR-38AJ-6468), लूटी गई रियलमी मोबाइल और लूट की राशि में से 3000 रुपये बरामद किए हैं। डीआईयू और सशस्त्र बल के जवानों ने की कार्रवाई छापेमारी टीम में पलासी थाना के थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार, डीआईयू टीम और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी अभियान जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और शेष अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में थाना सिटी पुलिस को शिकायत भेजकर दो आरोपियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक भिवम तेज सिंगला ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर शनिवार को जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में बंद हवालाती मोगा निवासी लखविंदर सिंह और फाजिल्का निवासी बलराम सिंह से एक-एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। दोनों हवालातियों के खिलाफ थाना सिटी फरीदकोट में जेल एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बाहरी दीवार से थ्रो कर जेल में पहुंच रहे है मोबाइल फोन-जेल प्रशासन इस मामले में जांच अधिकारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि उनके पास जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। जेल प्रशासन का दावा है कि मोबाइल फोन बाहरी दीवार के ऊपर से फेंककर अंदर पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने जेल की दीवार के पास से सामान फेंकने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था, जिनसे मोबाइल फोन सहित अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ था।
बरनाला के पक्खो कैंचिया में नरिंदर पाल सिंह नामक एक युवक 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह अपने गांव पक्खोके के सरपंच से कथित तौर पर परेशान था। टावर पर चढ़कर उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल किया, जिसमें वह रोते हुए अपनी बात रख रहा था। वीडियो में नरिंदर पाल ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसके भाई कुलदीप सिंह की ससुराल वालों से विवाद के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में दोनों गांवों की पंचायतों के बीच एक समझौता हुआ था। समझौते के तहत, कुलदीप सिंह के बच्चों के भविष्य के लिए 3 लाख 20 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की जानी थी। सरपंच पर परेशान करने का आरोप इसके बदले में नरिंदर पाल को कोर्ट में इस समझौते को मंजूरी देनी थी। नरिंदर पाल ने सरपंच पर जानबूझकर उसे परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि समझौते के अनुसार, उसे अदालत में गवाही देनी थी और दूसरी पार्टी को बच्चों के नाम पर राशि जमा करवानी थी। हाल ही में जज के न होने के कारण गवाही नहीं हो सकी, जिसके बाद दूसरी पार्टी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। इसी से नाराज होकर वह टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग है कि उसके मृतक भाई के बच्चों को न्याय मिले और समझौते की पूरी राशि तुरंत जमा करवाई जाए। दूसरी ओर, गांव पक्खोके के सरपंच गुरचरण सिंह ने सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की राशि पंचायत के पास जमा के तौर पर सुरक्षित है। पुलिस बोली- दोनों पक्षों को बातचीत के लिया बुलाया है सरपंच के अनुसार, नियम यह था कि अदालत में गवाही देने के बाद ही यह राशि बच्चों के नाम हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नरिंदर पाल बिना गवाही दिए ही पैसे मांग रहा है।कैंचियां पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि नरिंदर पाल के भाई की मौत का मामला बठिंडा के भुच्चो मंडी थाने में दर्ज था। पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन इससे पहले ही नरिंदर पाल टावर पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा और दोनों पक्षों के बीच फिर से समझौता हो गया।
करनाल जिले में घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला असंध क्षेत्र का है, जहां बीते शुक्रवार की रात एक घर में घुसकर नगदी और मोबाइल चोरी कर लिया गया था। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की और सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस चौकी सलवान इंचार्ज सब इंस्पेक्टर मनदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। नकदी और मोबाइल बरामद जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर गांव सालवन क्षेत्र से आरोपी अंकुश को काबू किया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से चोरी किया गया एक मोबाइल फोन और 2,500 रुपए की नगदी बरामद हुई। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा आरोपी ने पूछताछ में चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
मैहर सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात को मरीज के परिजन का मोबाइल फोन चोरी हो गया। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक मोबाइल ले जाते हुए दिखाई दे रहा है, जिसकी पहचान अस्पताल के ही एक कर्मचारी के रूप में हुई। पुलिस फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। दादी का इलाज कराने पहुंचे थे पीड़ित कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी गोविंद कुशवाहा ने बताया कि 10 अप्रैल की रात करीब 8 बजे अपनी बीमार दादी को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर आए थे। दादी को आईसीयू में भर्ती किया गया था, जिसके बाद गोविंद आईसीयू वार्ड के बाहर ही सो गए थे। देर रात 2 बजे चुराया फोन इसके बाद शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे जब वह गहरी नींद में थे, तभी बदमाश ने उनका मोबाइल चुरा लिया। शनिवार सुबह जागने पर मोबाइल गायब मिलने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पीड़ित ने तत्काल थाने में सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात शिकायत के बाद पुलिस के अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक युवक मोबाइल चोरी करते हुए स्पष्ट नजर आया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति अस्पताल का ही कर्मचारी बताया है। पुलिस अब उसकी आधिकारिक पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पीड़ित गोविंद कुशवाहा की शिकायत पर मैहर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे हिरासत में लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर कुसुम को अरेस्ट किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। शाहदरा पुलिस के मुताबिक, वह दो महीने से कुसुम की तलाश कर रही थी और गुरुवार को जब वह शाहदरा आई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मीडिया को जानकारी शनिवार को दी। इसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक CCTV और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड तलाशे। कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच NDPS एक्ट (ड्रग्स से जुड़े मामलों) के तहत 11 केस दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कुसुम लगातार ठिकाने बदलती रहती थी। कई बार पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो जाती थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार सिम कार्ड बदलती रहती थी। बेटियां भी ड्रग्स व्यापार में शामिल ड्रग्स के व्यापार में कुसुम के साथ उसकी बेटियां भी शामिल थीं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बेटियां दीपा और चीकू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी उसके साथ पकड़े गए। कुसुम ने दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके से छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचने का काम शुरू किया था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। कुसुम दिल्ली से कई राज्यों में ड्रग्स का नेटवर्क चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। NDPS एक्ट के तहत 20 साल तक की सजा NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के जरिए नशीली दवाओं और ड्रग्स के सेवन, उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। ये कानून गांजा, अफीम,चरस और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। इस कानून तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष मानने के बजाय, यह मान लिया जाता है कि आरोपी को नशीले पदार्थ की जानकारी थी, और खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है। NDPS एक्ट के तहत 1 साल से 20 साल की जेल, जुर्माना और फांसी की सजा हो सकती है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में CCTV, लाइव फीड पाकिस्तान में दिख रही:दिल्ली पुलिस ने 11 आरोपी पकड़े, ISI एजेंटों ने सैन्य ठिकानों के पास लगवाए थे कैमरे पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर सेना और बीएसएफ के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी इस्लामाबाद भेजने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंटों ने पंजाब के सैन्य और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगा रखे थे। इसका लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था। पूरी खबर पढे़ं…
देवास पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में से एक को करीब 1600 किलोमीटर दूर कोलकाता से और दूसरे को 800 किलोमीटर दूर से पकड़ा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 4,96,500 रुपए नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामला 2 जनवरी 2026 को नाहर दरवाजा थाने में दर्ज हुआ था। फरियादी मनोहर राव ने शिकायत की थी कि उन्हें व्हाट्सएप पर ‘RTO Chalan.Apk’ नाम से एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। लिंक डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और बैंक खाते से 7,98,000 रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया, जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पश्चित बंगाल के हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद ताहिर (32) और राहिल (36) निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। इनके पास से 4,96,500 रुपए नकद और करीब 35 हजार रुपए कीमत के दो एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के तहत की गई है, जिसके जरिए साइबर अपराधों पर तेजी से नियंत्रण किया जा रहा है। जिले में ऑपरेशन साइबर भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण और आम जनता को जागरूक किया जा रहा है।
चतरा जिले के इटखोरी थाना पुलिस ने मोबाइल और बाइक चोर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की एक अपाचे मोटरसाइकिल और लूटे गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे करनी रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास 'एंटी क्राइम चेकिंग' के दौरान हुई। पुलिस को देखकर एक नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक घबरा गए। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान शहरजाम निवासी प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल, सूरज कुमार और बहादुर कुमार राणा के रूप में बताई। तलाशी लेने पर सूरज के पास से एक रेडमी और बहादुर के पास से ओपो कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। राहगीरों से मोबाइल भी छीनते थे कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने स्वीकार किया कि बरामद बाइक और मोबाइल चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि वे राहगीरों से मोबाइल छीनते थे और बाइक चोरी कर उन्हें बेचकर पैसे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार अपराधियों में प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। चतरा एसपी के निर्देश पर जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वह साल 2021 में हजारीबाग सदर थाना अंतर्गत लूट और छिनतई के एक मामले (कांड संख्या 55/21) में जेल जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। जमानत पर आने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय कर लिया था।
अजमेर दरगाह में मोबाइल चोरी का गिरोह पकड़ा:5 लाख के 25 मोबाइल बरामद, खरीदारों की तलाश जारी
अजमेर दरगाह में जायरीन की जेबतराशी करने वाले एक गिरोह का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लाख रुपए कीमत के करीब 25 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अगरवाला ने बताया कि दरगाह में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदात होने के कई मामले आ रहे हैं। जिन पर अंकुश लगाने के लिए सीओ दरगाह लक्ष्मणराम के निर्देशन व थानाप्रभारी दिनेश जीवनानी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने संदिग्धों पर निगरानी रखी व मुखबिरतंत्र को सक्रिय किया। इस दौरान सूचना मिली कि नई सड़क स्थित एक स्थान पर 4-5 लड़के बैठकर मोबाइलों का बंटवारा कर रहे हैं। इस पर सीआई जीवनानी मय दल पहुंचे और युवकों को दबोच लिया। उनके कब्जे से करीब 25 मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने मोबाइल चोरी करना स्वीकार कर लिया है। इनको किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में केला बावड़ी अन्दरकोट निवासी शेख अजुबा (22) पुत्र शेख आजाद, मीठा नीम के पास अन्दरकोट निवासी सुल्तान (25) पुत्र कमरूल व जावेद (25) पुत्र कमरूल, भाटाभाव, अन्दरकोट निवासी अली (26) पुत्र अयूब अंसारी और सिलावट मोहल्ला हाल गली-1 ईदगाह कॉलोनी वैशाली नगर निवासी मोहम्मद शाहीद (20) पुत्र मोहम्मद शरीफ है। आरोपित बड़े ही शातिर अपराधी हैं, जो भीड़ में जायरीन की जेब से मोबाइल, पर्स व अन्य कीमती सामान चुराने में माहिर हैं। पांचों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश एसपी हर्ष वर्धन ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पकड़े गए बदमाश चोरी के मोबाइल कहां और किसे बेचते हैं। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वालों को भी गिरफ्तार करेगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों तक पहुंचने वाले गेहूं पर जयपुर में एक संगठित नेटवर्क का नियंत्रण है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि शहर में महज 28 मोबाइल नंबरों के जरिए 118 राशन दुकानों का संचालन हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही मोबाइल नंबर 13 पोस मशीनों से जुड़ा मिला, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह खेल एफसीआई गोदाम से गेहूं उठाने से लेकर राशन दुकानों तक पहुंचने के बीच ओटीपी सिस्टम के जरिए संचालित हो रहा है। ओटीपी जिस मोबाइल पर आता है, वही व्यक्ति कई दुकानों की सप्लाई और स्टॉक एंट्री नियंत्रित कर रहा है। डेटा से खुला खेल; ये ‘सुपर नंबर’ चला रहे नेटवर्क; 9314968787 मोबाइल नंबर पर 13 दुकानें इस मोबाइल नंबर 9314517822 पर 9 दुकानें तोपखाना हजूरी सहकारी भंडार (वार्ड 53) 3 दुकानों वाले नं.9829157963982990922698291974759414689687741480222298751524008949312355800597260098294571249929334863 भास्कर ने मोबाइल नंबर जुड़ने पर पूछा तो मिले अजीबो-गरीब जवाब पड़ोसियों के पास मोबाइल नहीं था, इसलिए नंबर जोड़ दिया 13 दुकानों से जुड़े नंबर 9314968787 पर बात करने पर अशोक अग्रवाल ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि 3 दुकानें परिजनों के नाम हैं, जबकि बाकी पड़ोसियों की दुकानों पर मोबाइल नहीं होने के कारण उनका नंबर जोड़ा है। दुकान छोड़ दी, नंबर जुड़ा रह गया, जानकारी नहीं 8 दुकानों से जुड़े मोबाइल नंबर 9829909226 पर तनिष्क अग्रवाल ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि वे दुकानें छोड़ चुके हैं, लेकिन मोबाइल नंबर अब भी जुड़ा हुआ है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कुछ समय पहले उन्हें शिकायत मिली थी, जिनका मोबाइल नंबर हटा दिया गया है, उनकी जांच कराई जा रही है। -प्रियव्रत सिंह चरण, डीएसओ प्रथम
साइबर अपराध व मोबाइल के दुष्प्रभावों की विधिक शिविर में दी जानकारियां
भास्कर न्यूज | मुंडियर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति शाहाबाद की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल मुंडियर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव दतात्रेय ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। मोबाइल जितना उपयोगी है, उसका दुरुपयोग उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। न्यायाधीश ने ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता, डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का उपयोग शिक्षा एवं ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी। साथ ही अत्यधिक मोबाइल उपयोग से होने वाले मानसिक व शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कानून संबंधी सामान्य जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। शिविर में तालुका सचिव हरिशंकर मीणा, पीएलवी ऋषि माली, अधिवक्ता डेविड भार्गव सहित अन्य उपस्थित रहे।
कानपुर किडनी मामले में फरार दो डॉक्टर और ओटी मैनेजर का फोन बंद है। हालांकि इस बीच वह अंजान नंबरों से अपने परिवार को फोन कर रहे हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मदद के नाम पर फोन लेकर डाक्टर ने कॉल की थी। पुलिस का दावा है वह डॉक्टर के नजदीक है। जल्द ही उन तक पहुंच जाएगी। हालांकि दो आरोपियों की अभी तक कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिली है। 29 मार्च को पुलिस ने की थी छापेमारी रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर अस्पताल संचालक डॉ. प्रीती आहूजा पति सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। किडनी के इस अवैध कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए। इन सभी को जेल भेजा जा चुका है। एजेंट शिवम ने पूछताछ में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और ओटी मैनेजर मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली का नाम लिया। पुलिस इनकी खोजबीन में जुटी तो तीनों मोबाइल बंद करके फरार हो गए। इनमें से एक डॉक्टर के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। दरअसल, वह अपने अंजान नंबरों से अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार से संपर्क करता है, दो बार ऐसी कॉल मिली है। जिसके बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि आरोपी उधार का मोबाइल लेकर परिजनों के संपर्क में हैं। डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ेगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किडनी कांड में अब फरार तीनों डॉक्टरों को उठाने पर ही पुलिस का जोर है। इसलिए तीन टीमें और लगाई गई हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि इस मामले में हर दिन कोई न कोई नया नाम सामने आ रहा है। जांच के साथ ही किडनी कांड के नेटवर्क का दायरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कमिश्नरेट पुलिस पहले फरार आरोपियों को पकड़ेगी उसके बाद आगे की जांच शुरू करेगी। डीसीपी ने बताया कि सारा फोकस फरार डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर है। तीनों आरोपी डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है।
12वीं की छात्रा का शव फंदे से लटका मिला:तेजगढ़ में निजी डॉक्टर की बेटी थी, पुलिस ने मोबाइल जब्त किया
दमोह जिले के तेजगढ़ में शुक्रवार शाम 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा का शव घर में फंदे पर लटका मिला। छात्रा हाल ही में परीक्षा देकर दमोह से लौटी थी। पल्लवी के पिता निर्मल विश्वास पेशे से प्राइवेट डॉक्टर हैं। शुक्रवार को वह तेंदूखेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक में शामिल होने गए थे। शाम को जब वह घर लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब पल्लवी ने दरवाजा नहीं खोला, तो उन्हें अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। बालकनी में फंदे से लटका मिला शव पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुई। अंदर जाने पर देखा कि पल्लवी बालकनी में अपनी ही चुनरी के फंदे से लटकी हुई थी। बताया गया है कि पल्लवी की मां पिछले 15 दिनों से कोलकाता में अपनी बड़ी बेटी के पास गई हुई हैं, घर पर पिता-पुत्री ही थे। मोबाइल से खुल सकता है राज पल्लवी पढ़ाई में काफी होनहार थी और अभी उसके 12वीं के रिजल्ट का इंतजार था। पिता का कहना है कि सुसाइड की वजह उनके लिए एक रहस्य है। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पल्लवी का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बक्सर के अमन कुमार तिवारी नामक युवक पर एक वेबसाइट के माध्यम से प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे 8 अप्रैल की रात उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सिमरी थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि आशा पड़री निवासी अमन कुमार तिवारी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की गुप्तचर एजेंसी सीआईए (CIA) की वेबसाइट पर प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी भरा आपत्तिजनक पोस्ट किया था। विशेष टीम गठित की गई सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो पेनड्राइव, विभिन्न बैंकों के नौ डेबिट कार्ड और एक फर्जी पहचान पत्र बरामद किया। जांच में उसके मोबाइल में कई वीपीएन (VPN) और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले, जबकि लैपटॉप में डार्क वेब एक्सेस करने के लिए इस्तेमाल होने वाला टोर ब्राउजर (Tor Browser) इंस्टॉल पाया गया। आरोपी अमन ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी अमन ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उसने यह भी खुलासा किया कि वह पहले कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने के मामले में भी शामिल रह चुका है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 19/26, दिनांक 10 अप्रैल 2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में साइबर थाना और सिमरी थाना की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है।
ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट ठगी का आरोपी गिरफ्तार:बूंदी पुलिस ने 25 हजार रुपए और मोबाइल फोन बरामद किए
बूंदी पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महावीर प्रसाद से 25 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह कार्रवाई विशेष अभियान म्यूल हंटर के तहत की गई है। बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि करवर थाना पुलिस ने महावीर प्रसाद पुत्र गोपी लाल मीना निवासी केदारा की झोपड़िया, थाना करवर, जिला बूंदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देश पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान म्यूल हंटर चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी की वारदातों पर अंकुश लगाना और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना है। इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के मार्गदर्शन और नैनवां डिप्टी राजूलाल मीणा के सुपरविजन में करवर थानाधिकारी नरेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का संकलन और गहन विश्लेषण कर आरोपी महावीर प्रसाद को पकड़ा। आरोपी महावीर प्रसाद इन्वेस्टमेंट के नाम पर रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देता था। वह डमी मैसेज और 'मनी हेल्प' जैसे संदेश भेजकर लोगों से धोखाधड़ी करता था। उसके खाते से हजारों रुपए के लेनदेन का मामला सामने आया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस इस प्रकरण में वांछित अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
दतिया के ग्राम जौंहार स्थित मरई माता मंदिर के पास दिनदहाड़े हुई लूट के मामले में अदालत ने करीब तीन साल बाद फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने आरोपी प्रवेश रावत को धारा 392 और मध्य प्रदेश डकैती एवं अपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की धाराओं में दोषी पाया। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ निर्णय पहले ही दिया जा चुका था। जबकि प्रवेश रावत फरार होने के कारण उसके विरुद्ध सुनवाई लंबित थी। सरकारी वकील अरुण कुमार लिटोरिया ने बताया कि, घटना 27 मई 2023 की है। फरियादी गौरव कुशवाहा अपनी बुआ पार्वती कुशवाहा को ग्राम पठारी से गढ़ पहाड़ छोड़ने जा रहा था। सुबह करीब 9:30 बजे जैसे ही वह जौंहार के पास मरई माता मंदिर के नजदीक पहुंचा। तभी प्लैटिना बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी बाइक के सामने गाड़ी अड़ाकर उसे रोक लिया। बदमाशों ने गौरव को धक्का देकर गिरा दिया और उसका मोबाइल व मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने बड़ोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और आरोपियों को पहचानने की बात कही थी। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पहचान कराई और साक्ष्य जुटाए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह पेश किए। जिनके आधार पर अदालत ने प्रवेश रावत को दोषी ठहराया।
मध्य प्रदेश की साइबर क्राइम की टीम ने विदिशा के गंजबासौदा में शुक्रवार की दोपहर को एक घर में छापेमार कार्रवाई की। शहर थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने के प्रमाण पुलिस को मिले हैं। घर से बड़ी संख्या में अंजान लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेज और हाईटैक इलेक्ट्रानिक गैजेट्स, लैपटॉप और मोबाइल फोन मिले हैं। अब तक की जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है कि योगेंद्र सिंह नाम का युवक इस कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। जो नोएडा का रहने वाला है। बीते 6 महीने से गंजबासौदा में रह रहा था। देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर ठगी की वारदातों का अंजाम दे रहा था। योगेंद्र सहित तीन युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। रोजगार का झांसा देकर स्थानीय युवतियों को रखा योगेंद्र ने रोजगार देने का झांसा देकर स्थानीय युवतियों को नौकरी पर रखा था। प्रति युवती को 10-12 हजार रुपए तक प्रति माह के हिसाब से वेतन दिया जाता था। पुलिस आरोपी के पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। उसके विदेशी कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टि एसपी राज्य साइबर प्रनय नागवंशी ने बताया कि कार्रवाई फिलहाल जारी है। कार्रवाई पूरी होने पर ही आगे की डिटेल साझा की जा सकेंगी।
गोरखपुर जीआरपी थाना ने शुक्रवार को 10 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान अयोध्या के रुदौली कोतवाली थाना क्षेत्र के अखैया मऊ फिरोजपुर के चंदन मिश्रा के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि बदमाश रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर चोरी और ट्रेन में बैठे यात्रियों का डंडा मारकर मोबाइल गिरा देता है। हमेशा अपने साथ अवैध पिस्टल लेकर चलता है। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भिजवा दिया गया। चोरी करने आया और पकड़ लिया गया एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को रेलवे स्टेशन छावनी पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में चेकिंग चल रही थी। इस दौरान चंदन मिश्रा पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और 11 हजार रुपये मिला। चंदन शातिर बदमाश है। इसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये इनाम रखा गया था। चंदन पर दर्ज हैं 8 मुकदमे चंदन मिश्रा पर 8 मुकदमा दर्ज है। इसमे 2 अयोध्या के रुदौली कोतवाली और रौनाही थाने में एक मुकदमा दर्ज है। बाकी मुकदमा गोरखपुर जीआरपी में लूट और चोरी का लिखा गया है। जिसमे यह वांछित चल रहा था। पुलिस की पूछताछ में चंदन मिश्रा ने बताया कि साहब मैं अपना खर्चा चलाने के लिए ट्रेनो, प्लेटफार्मों पर चोरी व स्टेशन के आउटर पर डंडा मार कर मोबाइल गिराता हूं। इसी प्रकार चलती ट्रेनों व प्लेटफार्मों पर सो रहे यात्रियों का सामान व मोबाइल चोरी करता हूं। अवैध देशी पिस्टल के बारे में पुछा गया तो बताया कि चोरी करते समय यदि पकडे जाते हैं तो दिखाकर यात्रियों को डरा धमकाकर मौके से भाग जाता हूं। जो सामान मिलता है, उसे चलते फिरते लोगों को बेच देता हूं। जो पैसा मिलता है, उसी से मैं अपना खर्चा चलाता हूं। चंदन ने बताया कि शुक्रवार को मैं चोरी करने के लिए रेलवे स्टेशन छावनी पर आया था। इससे पहले ही पकड़ लिया गया।
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
जालंधर महानगर के पॉश इलाके जीटीबी नगर स्थित सर्वोदय गैस एजेंसी के दफ्तर में चोरी हो गई। चोर दफ्तर से लगभग 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। एजेंसी मैनेजर विक्की को सुबह दफ्तर खोलने के दौरान चोरी का पता चला। उन्होंने बताया कि सुबह 8:30 बजे जब वह दफ्तर पहुंचे तो सभी ताले टूटे हुए थे। इसकी सूचना तत्काल एजेंसी मालिक को दी गई, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई। मैनेजर के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने देर रात 3 बजे से 3:15 बजे के बीच घटना को अंजाम दिया। चोर एक्टिवा पर आया था, जिसे उसने एजेंसी से कुछ दूरी पर खड़ा किया। CCTV फुटेज पुलिस ने कब्जे में लिया इसके बाद वह पैदल ही एजेंसी में दाखिल हुआ और पिछले रास्ते से दफ्तर में प्रवेश किया। चोर ने दफ्तर के कमरों की तलाशी ली और तिजोरी से नगदी व फोन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है और जांच जारी है। मैनेजर विक्की ने बताया कि चोर एजेंसी के पिछले गेट की दीवार फांदकर दफ्तर में घुसा था। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यह शहर का पॉश इलाका है और सुबह 3 बजे गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालु भी आते हैं, इसके बावजूद चोर ने बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
अबोहर के लाइनपार क्षेत्र में गुरुवार रात चोरों ने एक मोबाइल दुकान में सेंध लगाई। चोर दुकान से लाखों रुपये के मोबाइल फोन और एक्सेसरीज चुरा ले गए। घटना की सूचना सुबह सिटी टू पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना नई आबादी गली नंबर 21 स्थित गगन मोबाइल शॉप में हुई। दुकान के संचालक गगनदीप ने बताया कि चोरों ने दुकान का लकड़ी का गेट तोड़कर प्रवेश किया। चोरी की यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस चोरों की तलाश कर रही है। गगनदीप के अनुसार, वे कल रात करीब 8:30 बजे दुकान बंद करके घर गए थे। उस समय दुकान में लगभग 20-25 मोबाइल फोन और एक्सेसरीज मौजूद थीं, जिनमें एप्पल आईफोन और अन्य एंड्रॉयड फोन शामिल थे। रात डेढ़ से दो बजे के बीच की रेकी, फिर दुकान में घुसे रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच तीन नकाबपोश युवकों ने पहले गली में रेकी की। इसके बाद वे पास के एक घर की छत के रास्ते दुकान में घुसे। चोरों ने दुकान में घुसते ही कैमरों की तारें काट दीं और लगभग 25-30 मोबाइल फोन व एक्सेसरीज चुरा लीं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 से 3 लाख रुपये बताई जा रही है। गगनदीप को सुबह दुकान पर आने पर चोरी का पता चला। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत थाना नंबर दो की पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। थाना प्रभारी ने दुकान मालिक को आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
झांसी में कचरा डालने को लेकर सिपाही और एक परिवार के बीच विवाद हो गया। सिपाही दो लोगों की कॉलर पकड़कर हड़काने लगा। तभी एक महिला मोबाइल में वीडियो बनाने लगी। यह देख सिपाही भड़क गया और महिला के साथ अभद्रता कर मोबाइल फोन छीन लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अफसरों ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मीगेट मोहल्ले का है। महिलाओं के बीच शुरू हुआ विवाद लक्ष्मीगेट में रहने वाले सिपाही और एक परिवार में कचरा डालने पर विवाद हो गया। महिलाओं के बीच हुए विवाद में पुरुष भी कूद गए, जिससे विवाद बढ़ गया। सिपाही भी दो लोगों की कॉलर पकड़कर हड़काने लगा। तब महिला ने मोबाइल में वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जब सिपाही की नजर महिला पर पड़ी तो वह आक्रोशित हो उठा और महिला से अभद्रता कर मोबाइल फोन छीन लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस अफसरों के अनुसार, बताया कि 9 अप्रैल को सिपाही और एक व्यक्ति के बीच विवाद होने का वीडियो सामने आया है। जांच में सामने आया कि सिपाही और किराएदार के बीच कचरा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से राजीनामा कर लिया था। मगर मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी को जांच देकर रिपोर्ट मांगी गई है।
नालंदा जिले में पुलिस ने घरों और फ्लैटों में सेंधमारी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ई-रिक्शा चलाने की आड़ में लंबे समय से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मुख्य सरगना सोहसराय थाना क्षेत्र के महुआ टोला निवासी मोहम्मद शाहनवाज आलम उर्फ छोटू है, जो दिन में ई-रिक्शा चलाकर शहर के सूने पड़े घरों की रेकी करता था। मौका मिलते ही हाथ साफ कर देता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी शाहनवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से बचने के लिए अपने ससुराल किशनगंज में छिपा था। साथ चोरी का सामान खरीदने वाले तीन मोबाइल दुकानदारों को भी दबोचा है, जो रामचंद्रपुर इलाके में अपनी दुकान चलाते हैं। ससुराल में छिपा था आरोपी मुख्य आरोपी शाहनवाज की गिरफ्तारी की कहानी भी फिल्मी रही। पुलिस ने उसे किशनगंज स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार किया, जहां वह पिछले 20 दिनों से छिपा हुआ था। चोरी की एक अन्य घटना के दौरान भागते समय उसका पैर टूट गया था, जिसके बाद वह इलाज और छिपने के लिए ससुराल चला गया था। पूछताछ में शाहनवाज ने कबूला कि वह बचपन से ही अपराध की दुनिया में है और अब तक रविंद्र और जितेंद्र नाम के दुकानदारों को 250 से अधिक मोबाइल और दर्जनों लैपटॉप बेच चुका है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर चोरी के 6 लैपटॉप और 32 मोबाइल बरामद किए हैं। बंद फ्लैट से लैपटॉप चोरी पूरे गिरोह का खुलासा बीते 22 फरवरी को लहेरी थाना क्षेत्र के पटेल नगर में हुई एक चोरी की घटना के बाद हुआ। सदर अस्पताल में कार्यरत संदीप कुमार के फ्लैट का ताला तोड़कर चोरों ने लैपटॉप, वाई-फाई राउटर और अन्य कीमती सामान उड़ा लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता नीतीश रंजन ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने चोरी किए गए उपकरणों को सर्विलांस पर डाल दिया। जैसे ही पावापुरी के विवेक कुमार ने चोरी का मोबाइल इस्तेमाल करना शुरू किया, पुलिस ने उसे धर दबोचा। विवेक से हुई कड़ी पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उसे यह मोबाइल शाहनवाज उर्फ छोटू ने बेचा था। मोबाइल रिपेयरिंग दुकान चलाने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी निवासी रविंद्र कुमार, दीपनगर के गढ़पर दीपनगर जितेंद्र कुमार उर्फ चायनीज और पावापुरी ओपी क्षेत्र के बकरा निवासी विवेक कुमार शामिल है। ये तीनों आरोपी रामचंद्रपुर में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं और चोरी का सामान सस्ते दामों पर खरीदकर खपाते थे। छापेमारी टीम में निशा भारती, सर्वेश कुमार, नीतीश रंजन और चंदन कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि शाहनवाज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ लहेरी, बिहारशरीफ और सोहसराय थानों में पहले से कई मामले दर्ज है। फिलहाल पुलिस उसके साथियों और अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।
बुरहानपुर में मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार एनएसएपी योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन और इंदिरा गांधी निशक्त पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) का सत्यापन किया जाएगा। यह सत्यापन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाएगा। इस कार्य के लिए नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार शाम एमआईसी हॉल में एक बैठक ली। इसमें कर्मचारियों को ई-केवाईसी और डीएलसी सत्यापन का कार्य घर-घर जाकर संपादित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नगरीय निकाय क्षेत्र के पेंशनधारियों को समग्र आईडी ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर निगम को प्रतिदिन ई-केवाईसी कार्य की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
उमरड़ा स्कूल में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम , मोबाइल की लत, नशे के खिलाफ किया जागरूक
उदयपुर| उमरड़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन आरोग्य सेवा संस्थान के जिला नशा मुक्ति केंद्र की ओर से किया गया। शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विजयपाल सिंह ने बताया कि मोबाइल और सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग भी नशे की तरह है। इससे छात्रों में मानसिक तनाव, एकाग्रता की कमी और आंखों में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। आउटरीच वर्कर सागर बिलोची ने युवाओं को नशे की आदतों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने व्यायाम और संतुलित आहार को जीवन का आधार बताया। अंत में प्रधानाचार्य ने आभार जताया और सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में संस्थान के मैनेजर नारायण सिंह, जोगेंद्र सिंह चैहान, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, श्वेता कुंवर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सोनीपत जिले में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में कराई जाएगी, जिसके लिए गणनाकर्ताओं और सुपरवाइजर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हो सकें। 2 चरणों में होगी जनगणना प्रक्रियाउपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि जनगणना 2027 2 चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण वर्ष 2027 में 9 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और बेसिक जानकारी एकत्रित की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में विस्तृत जनगणना डेटा जुटाया जाएगा। डिजिटल मोड में होगी पहली जनगणनायह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप और सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल प्रक्रिया से डेटा तुरंत उपलब्ध होगा और विश्लेषण भी तेजी से किया जा सकेगा। जिलावासियों को स्वयं गणना का अवसरप्रशासन ने आम जनता को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने के लिए विशेष सुविधा दी है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिले के नागरिक स्वयं पोर्टल http://se.census.gov.in/ पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे गणनाकर्ताओं का कार्य भी आसान होगा और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूलजनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण अलग-अलग चरणों में दिया जा रहा है। 6 से 8 अप्रैल, 9 से 11 अप्रैल, 15 से 17 अप्रैल और 20 से 22 अप्रैल। इस दौरान कुल 64 बैचों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें करीब 4 हजार गणनाकर्ता और सुपरवाइजर्स शामिल हैं। जिले के विभिन्न स्थानों पर हो रहा प्रशिक्षणजिला जनगणना समन्वयक अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण गन्नौर, सोनीपत, गोहाना, कुंडली और खरखौदा में आयोजित किया जा रहा है। इन स्थानों पर फील्ड ट्रेनर्स द्वारा कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे घर-घर जाकर सही तरीके से जानकारी एकत्रित कर सकें। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स का गठन और कार्यप्रणालीजिले में कुल 2982 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 100 से 150 घर शामिल किए गए हैं। पहले चरण के दौरान गणनाकर्ता प्रत्येक घर पर जाकर कुल 34 सवाल पूछेंगे। इसके अलावा 6 से 8 गणनाकर्ताओं पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है, जो पूरे कार्य की निगरानी करेगा। जनगणना: प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रियाजनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक, आर्थिक और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और दक्षता के साथ पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
गाजीपुर पुलिस ने फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर दुकानदारों से वसूली करने वाले मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता को घटना के छह दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से नकली पहचान पत्र और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। यह मामला 2 अप्रैल 2026 का है, जब शादियाबाद चौराहे पर एक व्यक्ति खुद को आयकर अधिकारी बताकर दुकानदारों को डरा-धमका रहा था और उनसे पैसे वसूल रहा था। आरोपी नकली पहचान पत्र दिखाकर कार्रवाई का भय दिखाता था। शादियाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था। 8 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सराय सदकर गांव के पास से मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता को रात 8:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से इनकम टैक्स विभाग के चीफ कमिश्नर के नाम की एक फर्जी आईडी और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी सरस कुमार गुप्ता गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के ग्राम सादात का निवासी है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजय प्रकाश पांडेय, हेड कांस्टेबल योगेश चंद्र मौर्य, हेड कांस्टेबल महेंद्र कुमार, कांस्टेबल गुलाब चंद्र और कांस्टेबल शिव शंकर यादव शामिल थे। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस तरह की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मधेपुरा में बुधवार शाम सेक्स रैकेट में शामिल 8 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें 3 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। मौके से 3 महिला संचालक और 3 पुरुष ग्राहक को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। घटना सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के गौरीपुर की है। महिला आरोपियों की पहचान गौरीपुर निवासी मीना खातून, महरूल खातून तथा अररिया के जोगबनी निवासी वर्षा खातून के रूप में हुई है। मधेपुरा ASP प्रवेंद्र ने कहा कि पुलिस की पूरी कार्रवाई एक विशेष टीम ने की है। पूरे इलाके की घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया है। मौके से कंडोम, मोबाइल और बाइक बरामद हुई है। घटना से जुड़ी तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… छोटे-छोटे टीन के 18 कमरों चल रहा था देह व्यापारसिंहेश्वर थाना क्षेत्र के गौरीपुर वार्ड-12 में पुलिस ने 8 अप्रैल को चल रहे अनैतिक देह व्यापार के रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज मोहन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की। नाबालिग और बालिग लड़कियों को मुख्य सड़क से दूर बांसबाड़ी के झुरमुटों में बनाए गए 18 छोटे-छोटे टीन के कमरों में बंधक बनाकर जबरन धंधे में शामिल कराया जा रहा था। तीन ग्राहक भी पकड़े गएपुलिस ने छापेमारी के दौरान तीन महिला संचालकों को गिरफ्तार किया, जो लड़कियों से यह अवैध काम करवाने में मुख्य भूमिका निभा रही थीं। इसके अलावा मौके पर तीन पुरुष ग्राहकों को भी आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्णिया के मो. भाकिल, गौरीपुर निवासी अर्जुन कुमार और बिहारीगंज निवासी अमोद कुमार शामिल हैं। 63 सीलबंद कंडोम, दो मोबाइल फोन मिलेतलाशी के दौरान पुलिस ने एक कार्टन से 31 इस्तेमाल किए हुए और 63 सीलबंद कंडोम, दो मोबाइल फोन और एक की बजाज पल्सर बाइक बरामद की। मामले में नाबालिगों से जुड़े होने के कारण पॉक्सो एक्ट और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कोटा ग्रामीण के सुकेत थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली दसवीं कक्षा की छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में छात्रा को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे कोटा के जेके लोन अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार, स्कूल से लौटने के बाद छात्रा अक्सर मोबाइल में लगी रहती थी। उसकी मां ने कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। दोबारा मोबाइल चलाने पर मां ने फोन अपने पास रख लिया, जिससे छात्रा गुस्सा हो गई और नाराज होकर वह मानसिक रूप से आहत हो गई उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। छात्रा के मामा ने बताया कि बच्ची दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है और पारिवारिक बातों को लेकर भी तनाव में थी। उसकी मां ने मोबाइल फोन चलाने से मना किया था फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में छात्रा का उपचार जारी है।
किराए पर अस्पतालों का ओटी (ऑपरेशन थियेटर) लेकर किडनी ट्रांसप्लांट जैसा बड़ा ऑपरेशन करने वाले मुद्स्सिर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ने बाकायदा दिल्ली में इसकी ट्रेनिंग ली थी। डॉ. रोहित की टीम में अली अकेला नहीं, बल्कि अन्य ओटी स्पेशलिस्ट भी शामिल रहे हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है। 29 मार्च को किया गया था ऑपरेशन रावतपुर पुलिस ने शहर में चल रहे किडनी के काले कारोबार का खुलासा किया था। पुलिस ने रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट होने की सूचना पर छापा मारा तो आहूजा अस्पताल की संचालक डॉ. प्रीती आहूजा उनके पति सुरजीत सिंह आहूजा से पूछताछ हुई तो उन्होंने पूरी कहानी बयां कर दी। कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। इनका 29 मार्च को आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था। किडनी के इस काले कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अमित चौधरी के नाम सामने आए, लेकिन इनमें से कोई भी सर्जन नहीं है। डॉ अली तक पुलिस पहुंची तो पता चला कि वह भी ओटी मैनेजर है। यह सभी डॉक्टर अभी फरार हैं, जिसके बाद यह बात पुलिस को भी हैरान कर रही थी कि किडनी ट्रांसप्लांट इतनी सफाई से ओटी मैनेजर ने कैसे कर दिया। सूत्रों के मुताबिक रावतपुर पुलिस जांच में आगे बढ़ी तो पता चला कि डॉ अली ने दिल्ली में कुछ साल पहले किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी ट्रेनिंग ली है। ट्रेनिंग लेने के बाद वह किडनी ट्रांसप्लांट के कई ऑपरेशन में शामिल रहा है। पुलिस के मुताबिक डॉ. रोहित की टीम में शामिल कई और ओटी टेक्नीशियन भी इसकी ट्रेनिंग ले चुके हैं। इसी के चलते यह लोग 6 से 7 घंटे चलने वाले किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन को इतनी साफगोई से कर सके। बता दें कि किडनी डोनर आयुष की हालत ठीक है। उसे लखनऊ के अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है जबकि पारुल की हालत भी सामान्य बतायी जा रही है। डॉ अफजल और अपनी अग्रिम जमानत कराने आया था परवेज वहीं किडनी कांड के काले कारोबार में शामिल डॉ. अफजल का कारखास और ड्राइवर परवेज सैफी को बुधवार पुलिस ने जेल भेज दिया। 500 रुपये के नोटों की गड्डियों के साथ उसका और डॉ. अफजल का वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस उसके पीछे लगी थी। उसे रावतपुर के पास से गिरफ्तार किया गया है। सैफी से 9.05 लाख रुपए पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस को उसने बताया कि रुपए डॉ. अफजल ने दिए थे। इन रुपयों से उसकी और डॉ. अफजल की जमानत कराने की फिराक में था। कानपुर में कुछ वकीलों से उसकी बात चल रही थी। वकील से बातचीत के दौरान वह पकड़ा गया। किडनी के अवैध कारोबार में शामिल परवेज सैफी को पुलिस ने मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक वह वकीलों के संपर्क में था और मुकदमे से बचने और अग्रिम जमानत लेने के प्रयास में जुटा था। पूछताछ में उसने बताया कि मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर के ऑपरेशन के बाद डॉ. अफजल को 22 लाख रुपये मिले थे, जिसमें से 9.50 लाख रुपये उसे दिए थे। कुछ रुपये इधर उधर छिपने और भागने के दौरान खर्च हो गए। डीसीपी के मुताबिक बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। परवेज सैफी बागपत के शिंघावली अमीन नगर सराय देवीगंज का रहने वाला है। डीसीपी ने बताया कि तीन टीमें अभी भी गाजियाबाद, मेरठ में हैं जो गिरोह से जुड़े डॉक्टरों की तलाश में जुटी हैं। फरार सभी आरोपियों के मोबाइल स्विच ऑफ हैं ऐसे में उनकी लोकेशन ढूंढने में मुश्किल आ रही है। 12 लोगों की टीम ट्रांसप्लांट कराने आई थी कानपुर पूछताछ में परेवज ने बताया कि पारूल तोमर के ट्रांसप्लांट के लिए वह 10 दिन पहले डॉ अफजल को लेकर आया था। यहां कल्याणपुर के सत्यम होटल में वह रुका था। ट्रांसप्लांट के बाद उसकी गाड़ी में डॉ वैभव, डॉ अनुराग उर्फ अमित व अफजल को लेकर मेरठ रवाना हो गया था। उसने बताया कि ट्रांसप्लांट के दौरान डॉ रोहित, वैभव, अनुराग, अफजल, ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार व कुलदीप सिंह जाधव, डॉ अली समेत 12 लोगों की टीम कानपुर आई थी। पारूल के ट्रांसप्लांट के दौरान ऑपरेशन थिएटर में डॉ रोहित, डॉ अफजल, डॉ अली, कुलदीप सिंह जाधव व राजेश समेत 3 अन्य लोग थे। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि एजेंट शिवम अग्रवाल के मोबाइल से अब तक 3 डोनर और रिसीवर के वीडियो फोटो मिले है, जो ट्रांसप्लांट के पहले के है। टेलीग्राम पर वह किडनी डोनर, किडनी एजेंट व लिवर प्लांट डोनर नाम के ग्रुपों से जुड़ा था, जिसमें तकरीबन 800 से ज्यादा मेंबर है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि किडनी डोनर ग्रुप के जरिए शिवम डॉ रोहित, अफजल और अली के संपर्क में आया था। शिवम ने तीनों को डायरेक्ट मैसेज किया था, जिसमें डॉ अली के साथ उसका पहला इंटर फेस हुआ था। लोकेशन छिपाने के लिए WIFI का इस्तेमाल करता था डॉ रोहित डीसीपी के मुताबिक डॉ रोहित बहुत ही शातिर किस्म का है। वह चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था, जिसमें डेडिकेटेड सिम का इस्तेमाल करता था। एक नंबर से वह मेरठ के लोगों के संपर्क में था। दूसरे नंबर से वह सिर्फ शिवम से बात करता था, तीसरे का इस्तेमाल पर्सनल लोगों के लिए करता था, जबकि चौथे नंबर से वह दिल्ली NCR के एजेंट नवीन पांडेय से बात करने के लिए इस्तेमाल करता था। पसर्नल नंबर छोड़ कर वह सभी से वाट्सएप कॉल के जरिए ही बात करता था। IP एड्रेस छिपाने के लिए वह WIFI नेटवर्क का इस्तेमाल करता था, इसी से वह वाट्सएप भी चलाता था। IP एड्रेस की लोकशन लखनऊ, दिल्ली NCR की मिली है। वहीं उन्होंने बताया कि एजेंट नवीन पांडेय और शिवम अग्रवाल की सामने आई ऑडियो क्लिप 19 नंवबर की है, जिसके बाद अब पुलिस टीम उस दिन दिल्ली के MAX हॉस्पिटल में लगे कर्मचारियों व डॉक्टरों की कुंडली खंगालने में जुटी है।डीसीपी ने बताया कि MAX हॉस्पिटल को नोटिस देने की भी तैयारी की जा रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जब सांसद का नाम भूल गए सीएममुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार जबलपुर के सांसद आशीष दुबे का नाम भूल गए। उनकी इस भूल पर मंच पर बैठे सांसद मुस्कुराने लगे। सीएम जबलपुर में भाजपा के 'गांव-बस्ती चलो' अभियान 2026 का शुभारंभ करने पहुंचे थे। सीएम एक-एक कर मंच पर बैठे अतिथियों के नाम ले रहे थे। जब जबलपुर के सांसद की बारी आई तो उन्होंने आशीष सिंह कहा, फिर आशीष उपाध्याय कहकर पुकारा। फिर मंच से किसी ने सही नाम बताया। तब जाकर सीएम ने सही नाम लिया। हालांकि सीएम ने अपनी मनमोहक मुस्कान के साथ ये कहते हुए मामला संभाला- आशीष जी जब आप जिला अध्यक्ष थे तब से मैं आपकी विनम्रता का कायल हूं। फिर सीएम ने सांसद आशीष दुबे के लिए मंच से तालियां बजवाई। मंत्री ने इंजीनियर की लगा दी क्लासनिवाड़ी में जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जल संसाधन विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हेमंत गुप्ता की क्लास ले ली। मंत्री को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने इंजीनियर से कहा कि मैं आपका मोबाइल फेंक दूंगा। हुआ यूं कि मंत्री को एक नहर को लेकर शिकायत मिली थी। जिसे लेकर इंजीनियर ने दावा किया था कि उसका गहरीकरण का कार्य हो चुका है। फिर क्या था सच्चाई जानने के लिए मंत्री कुशवाह इंजीनियर को लेकर मौके पर पहुंच गए। यहां के हालात देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। क्योंकि उन्हें नहर की साफ-सफाई और उसके गहरीकरण जैसा कुछ नजर नहीं आया। उन्होंने इंजीनियर को सबके सामने कहा- आप हमें कुछ नहीं समझ रहे, कलेक्टर को कुछ नहीं समझ रहे। अपनी अकल लगाए जा रहे हो। क्या बेवकूफ समझ रहे हो सभी को। मंत्री ने पूछा कि नहर का गहरीकरण कहां हुआ। इस पर इंजीनियर अपने मोबाइल से मंत्री को कुछ दिखाने लगे। इस पर मंत्री ने कहा- मोबाइल में मत दिखाओ। मैं तुम्हारा मोबाइल फेंक दूंगा। मंत्री के इस गुस्से का वीडियो देखकर अब लोग कह रहे हैं कि मंत्री-विधायक कभी कभार की ऐसी रीलबाजी के बजाय रियल में ऐसे स्टंट कर लें तो व्यवस्थाएं सुधर सकती है। पूर्व विधायक ने अफसर को हड़कायाइधर, शाजापुर जिले के शुजालपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने फोन पर बिजली कंपनी के अधिकारियों को हड़का दिया। उन्हें लुटेरे और डकैत कह दिया। इतना ही नहीं कंपनी के जेई के लिए कहा- उसे मुर्गा बना दूंगा। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी एक गांव में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। तभी बिजली गुल हो गई। ऐसे में नेता जी को डिस्टर्ब हुआ तो उन्होंने मौके से ही बिजली कंपनी के अधिकारी को फोन लगा दिया। कुणाल चौधरी ने बिजली कंपनी के डीई को फोन कर कहा कि मैं भाषण दे रहा हूं और लाइट काट दी गई। ये जेई को तो मुर्गा बना दूंगा मैं अभी। लुटेरे डकैती करने का काम है आप लोगों का। वसूली गैंग हो गए हो। किसानों से वसूली करते हो, गेहूं तो खरीद नहीं रहे। किसान धरना दे रहे तो लाइट काट रहे हो। अब लोग इसे कांग्रेस नेता का पब्लिसिटी स्टंट करार दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि नेता जी के इस स्टंट से हालात बदले न बदले। उन्हें सुर्खियां जरूर मिल गई है। विरोध के बीच सड़क पर पोहे बनाएइंदौर वैसे तो देश की सबसे क्लीन सिटी के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन इस शहर की पहचान यहां के फेमस नाश्ता पोहे के लिए भी है। पोहे के लिए इस कदर दीवानगी है कि लोग इसका स्वाद लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते। दरअसल, शहर के मालवा मिल क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसी विरोध प्रदर्शन के बीच लोगों ने बीच सड़क पर पोहे बनाए और उसका स्वाद लिया। न केवल प्रदर्शनकारियों ने पोहे खाए, बल्कि वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस वालों ने पोहे का आनंद लिया। अब लोग कह रहे हैं कि ये तो विरोध का विरोध हो गया और पिकनिक जैसा आनंद भी आ गया। ऑस्ट्रेलिया में गूंज उठा 'राधे-राधे'कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं। उन्होंने यहां कि संसद में हनुमान चालीसा पाठ किया गया। साथ ही विश्व-शांति और भारतीय संस्कृति विषय पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने भजन भी गाया। जिस पर वहां मौजूद लोग झूमते-गाते नजर आए। धीरेंद्र शास्त्री के कहने पर विदेशी नागरिकों ने भी हिंदी में 'राधे-राधे' भजन गुनगुनाया। इनपुट सहयोग - मयंक दुबे (निवाड़ी), पुरुषोत्तम परवानी (शाजापुर), कपिल राठौर (इंदौर) ये भी पढ़ें -चाय बागान में शिवराज की रील, कई कैमरों से शूटिंग: सिंधिया ने मंत्रियों और अधिकारियों को दौड़ाया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान असम में चुनाव प्रचार के दौरान चाय बागान में पहुंच गए। इसका वीडियो सामने आया है। लेकिन कांग्रेस ने इसमें ‘बिहाइंड द सीन’ तलाश लिया। जिसमें शिवराज के आसपास कई कैमरे दिख रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तंज किया- किसानों के लिए कुछ करूं या न करूं, रील के लिए सब कुछ कर लूंगा। पूरी खबर पढ़ें
दुनिया के करीब 80% कमर्शियल ड्रोन बनाने वाला चीन अब अपने आसमान में सख्ती से ‘ड्रोन कंट्रोल’ लागू कर रहा है। 2025 तक देश में 30 लाख से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो एक साल में 50% की वृद्धि है, लेकिन इसी तेजी के साथ सरकार ने नियंत्रण भी कड़ा कर दिया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सजा और जेल तक का प्रावधान लागू किया गया है। मई से हर ड्रोन का रियल-नेम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार तक जाएगा। ड्रोन का रियल टाइम डेटा सरकार को देना होगा - ड्रोन को आईडी या मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा।- उड़ान का रियल टाइम डेटा सरकार के पास भेजना होगा।- प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान से एक दिन पहले परमिट लेना अनिवार्य।- कई शहरों में बड़े हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया।- छोटे ड्रोन को भी 400 फीट से नीचे सीमित छूट दी गई है।- बीजिंग में ड्रोन की बिक्री, किराया और बाहरी एंट्री पर भी रोक। - एक पते पर अधिकतम 3 ड्रोन रखने की सीमा तय की गई है।- बिना अनुमति उड़ान पर जुर्माना, जब्ती और जेल का प्रावधान।- ड्रोन बाजार पर भी असर साफ दिख रहा है। लोकल मार्केट में डिमांड घटने से डीलरों की बिक्री तेजी से घटी है,कई लोग ड्रोन फोटोग्राफी जैसे नए बिजनेस छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

