कोडरमा में मोबाइल दुकानदार पर चाकू से हमले के बाद तनाव, आरोपी की बाइक फूंकी
कोडरमा में मोबाइल दुकानदार पर चाकू से हमले के बाद तनाव, आरोपी की बाइक फूंकी
'शालू का मोबाइल पुलिस के पास, फिर इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन कौन...?'
Vineet Minocha Murder Case Updates: कानपुर में विनीत मिनोचा हत्याकांड की आरोपी शालू के मोबाइल की कस्टडी पर उठे सवाल. पुलिस कब्जे के बावजूद इंस्टाग्राम पर दिखा 'लास्ट सीन', पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
उदयपुर की ओगणा थाना पुलिस ने मोबाइल शॉप पर हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 55 स्मार्टफोन, 50 चार्जर, की-पैड और 17 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने चोरी के सामान को जब्त कर आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। थानाधिकारी रामरूप मीणा ने बताया कि आरोपी मनसाराम उर्फ मनीष पिता शांताराम निवासी डेडकिया और सुरेश पिता रामाराम निवासी बड़ा मगरा घाटा को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर 4 सितंबर 2026 की रात को ग्राम पडावली कला में भेरूलाल कुम्हार की मोबाइल शॉप में गत दिनों अज्ञात बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोरों ने पीछे की दीवार में लोहे के हथियार से छेद किया। फिर गल्ले से 17 हजार रुपए नगद, 22 की-पैड मोबाइल, रिपेयरिंग के लिए आए 55 स्मार्टफोन, 50 चार्जर और 200 मोबाइल टफन ग्लास सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए और मुखबिर तंत्र की मदद आरोपियों की पहचान की, जिसके बाद दोनों को पकड़ा। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बाइक और चोरी किया गया मोबाइल और नकदी भी बरामद की। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामरूप मीणा, एएसआई किशनसिंह, हेड कॉन्स्टेबल गोपाल, कॉन्स्टेबल मांगीलाल,रामधन,मुरलीधर की भूमिका रही। इनपुट: दुष्यंत पूर्बिया, झाड़ोल
बक्सर रेलवे स्टेशन पर दो मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) बक्सर ने उन्हें दो चोरी के मोबाइल फोन के साथ पकड़ा। आरपीएफ रेल यात्रियों के सामान और मोबाइल चोरी रोकने के लिए एक खास अभियान चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी बक्सर को सौंप दिया गया है। तलाशी में 2 मोबाइल फोन मिले आरपीएफ निरीक्षक कुंदन कुमार के नेतृत्व में 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' चलाया जा रहा था। इस अभियान के तहत बक्सर स्टेशन और रेलवे परिसर में निगरानी और जांच की जा रही थी। आरपीएफ की टीम यात्रियों और संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान टीम ने बक्सर स्टेशन पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा। तलाशी में उनके पास से दो मोबाइल फोन मिले, जो चोरी के निकले। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हो गई है। इनमें पहला आरोपी ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर का रहने वाला सुनील कुमार (20) है, जिसके पिता का नाम स्वर्गीय शिवजी चौहान है। संवेदनशील जगहों पर जवान रहते हैं तैनात दूसरा आरोपी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी जितेंद्र पांडेय (28) है, जिसके पिता का नाम अशोक पांडेय है। आरपीएफ के मुताबिक, रेल यात्रियों के सामान और मोबाइल चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए स्टेशन परिसर में लगातार निगरानी रखी जा रही है। ट्रेनों के आने-जाने के समय प्लेटफॉर्म, एंट्री और एग्जिट गेट समेत अन्य संवेदनशील जगहों पर जवान तैनात रहते हैं। वे संदिग्ध गतिविधियों की जांच करते हैं। निगरानी और जांच को किया जाएगा और तेज आरपीएफ ने यह भी बताया कि रेलवे परिसर में यात्रियों की सुरक्षा का अभियान जारी रहेगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान अपने मोबाइल, बैग और अन्य सामान का ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत आरपीएफ या जीआरपी को बताएं। गिरफ्तार आरोपियों से मिले मोबाइल फोन के संबंध में जीआरपी बक्सर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरपीएफ की इस कार्रवाई के बाद स्टेशन पर चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ निगरानी और जांच को और तेज किया जाएगा।
बदायूं में गुम मोबाइल लौटाने के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप में एक हेड कांस्टेबल समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये वसूलने का आरोप है। आरोप है कि ये लोग गोपनीय पुलिस जानकारी का इस्तेमाल कर मोबाइल धारकों का पता लगाते थे। यह मामला जरीफनगर थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पा वैश्य गांव का है। यहां के हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया है। हरीश बाबू ने बताया कि उनका मोबाइल पिछले महीने गुम हो गया था। उन्होंने पड़रिया गांव निवासी प्रेमपाल उर्फ बंटी के जनसेवा केंद्र से मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद प्रेमपाल उनके घर पहुंचा और मोबाइल मिलने की जानकारी दी। उसने मोबाइल लौटाने के बदले खर्चा-पानी मांगा। पूछने पर प्रेमपाल ने बताया कि जरीफनगर थाने का हेड कांस्टेबल और कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद उसे गोपनीय जानकारी और गुप्त पासवर्ड देता है। इससे चोरी हुए मोबाइल जहां चल रहे होते हैं, वहां के व्यक्ति का नाम-पता मिल जाता है। खुद को गरीब किसान बताते हुए असमर्थता जताई इसका इस्तेमाल कर प्रेमपाल और रंजीत फोन करते थे। वे मोबाइल रखने वाले को मुकदमे का डर दिखाते और खुद को पुलिस बताकर मोबाइल वापस लेते थे। दोनों ने यह भी बताया कि इस काम से मिली रकम तीनों आपस में बांटते थे। प्रेमपाल ने मोबाइल लौटाने के लिए दस हजार रुपये मांगे व धमकाया हरीश बाबू ने खुद को गरीब किसान बताते हुए असमर्थता जताई। इसके बाद, 4 सितंबर 2026 को प्रेमपाल उर्फ बंटी (निवासी पड़रिया) और रंजीत (निवासी मालपुर ततैरा) ने मुकदमे और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे चार हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उन्होंने हरीश बाबू का मोबाइल वापस कर दिया। आरोप है कि इन तीनों ने एक गिरोह बना रखा है। ये भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर जान का डर दिखाते थे और धोखाधड़ी से रुपये वसूलते थे। शिकायत में यह भी बताया गया है कि वसूली गई रकम में से हेड कांस्टेबल जावेद पचास प्रतिशत लेता था, जबकि बाकी रकम प्रेमपाल और रंजीत आपस में बांट लेते थे।
डिंडौरी में साइबर अपराध, बच्चे को मोबाइल देना पड़ा महंगा, लिंक पर क्लिक करते ही 50 हजार रुपए की ठगी
मोबाइल पर आई लिंक को क्लिक करते ही महिला के बैंक खाते से 49 हजार 999 रूपये पार हो गए।
शिवपुरी में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों की जांच के बाद खनियाधाना और मायापुर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। जांच में दोनों मोबाइल नंबर सिम धारकों के नाम पर पाए गए। पुलिस ने रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी बनकर 51 हजार रुपए की ठगी खनियाधाना थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर 6232378702 की जांच की। साइबर पुलिस मुख्यालय से मिले रिकॉर्ड के अनुसार, इस नंबर से महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी अजिंक्या प्रकाश माली को फोन किया गया था। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पीड़ित से 51,600 रुपए एक बैंक खाते में जमा करा लिए। जांच में मोबाइल नंबर रामरतन लोधी (71) पुत्र बाघराज लोधी, निवासी मजरा फुटेरा, ग्राम मुहारीखुर्द के नाम पर मिला। पुलिस ने सिम बेचने वाले पीओएस एजेंट से भी पूछताछ की, जिसमें सिम जारी होने की पुष्टि हुई। इसी नंबर से तमिलनाडु के थूथुकुडी निवासी महेश्वरन से जुड़ी एक अन्य साइबर ठगी की शिकायत भी सामने आई। रिकॉर्ड और जांच के आधार पर पुलिस ने मोबाइल नंबर के उपयोगकर्ता के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। दूसरे नंबर से 5 हजार रुपए की ठगी मायापुर थाना पुलिस ने मोबाइल नंबर 7999120858 की जांच की। यह नंबर गुजरात के नवसारी जिले के बिलिमोरा थाना क्षेत्र में हुई साइबर ठगी की शिकायत से जुड़ा मिला। शिकायत के मुताबिक, 12 जून 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर अनजान व्यक्ति का फोन आया था। इसके बाद उसके बैंक खाते से बिना जानकारी के चार ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5,100 रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में यह मोबाइल नंबर राममिलन लोधी पुत्र खलक सिंह लोधी, निवासी ग्राम पायगा (कुटियाटोर), थाना मायापुर के नाम पर मिला। पुलिस ने सिम बेचने वाले पीओएस एजेंट मुकेश तिवारी से पूछताछ की। इसके बाद सिम धारक राममिलन लोधी से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, राममिलन लोधी मोबाइल नंबर के इस्तेमाल और ठगी के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में मिले रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर उसके खिलाफ भी धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों में मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल, ठगी की रकम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
एनआईए मामलों के विशेष जज ने आतंकी मुनीर अहमद मामले में जांच पूरी करने की अवधि 150 से बढ़ाकर 180 दिन करने की मंजूरी दी है। छात्रू में पुलिस पार्टी पर हमले के मामले में आरोपी पर आतंकी गतिविधियों का आरोप है।
यमुनानगर के गांधी नगर क्षेत्र में सड़क पर एक युवक के साथ मारपीट कर रहे युवकों को रोकना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि मारपीट करने वाले युवकों ने कुछ देर बाद उसे रास्ते में घेर लिया और तलवार-बिंडों से हमला कर दिया। हमले में उसका कंधा, बाजू व टांगे तोड़ दीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह मौके पर बेहोश होकर गिर गया। होश आने पर उसने खुद को सिविल अस्पताल में भर्ती पाया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमलावर उसका मोबाइल भी निकालकर ले गए। पुलिस ने पीड़ित के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोस्त के साथ भंडारे में जा रहा था गांधी नगर निवासी अजय कुमार ने बताया कि वह मजदूरी करता है। काम से घर लौटने के बाद उसने अपने पड़ोसी दोस्त अजय को घर बुलाया था। उसका दोस्त बाइक पर आया। इसके बाद दोनों गेहूं लेकर गांधी नगर में आटा चक्की पर गए। गेहूं चक्की पर रखने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दोस्त अजय ने भंडारा खाने के लिए चलने की बात कही। पीड़ित के अनुसार, रात करीब नौ बजे दोनों बाइक से मुन्ना नाई की दुकान के पास पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 7-8 युवकों को एक युवक के साथ मारपीट करते देखा। उसने अपनी बाइक रोक दी और युवकों के पास जाकर उस युवक को नहीं पीटने के लिए कहा, लेकिन युवकों ने उसकी बात नहीं मानी। इसके बाद उसके दोस्त अजय ने उसे वहां से चलने के लिए कहा। तलवार-बिंडों से हमले का आरोप अजय ने बताया कि मौके पर उसका चाचा का बेटा मोनू भी खड़ा था। वह मोनू के साथ पैदल अपने घर की तरफ चल पड़ा। जब दोनों मुन्ना नाई की दुकान से कुछ आगे बीटा सरदार के घर के पास पहुंचे तो सामने से 6-7 युवक आते दिखाई दिए। पीड़ित के मुताबिक, उन्हें देखकर वह वापस मुन्ना नाई की दुकान की तरफ भागा, लेकिन वहां पहुंचते ही युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद सभी युवकों ने मिलकर तलवार और बिंडों से उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उसकी दाहिनी बाजू, दाहिने कंधे और दोनों टांगों सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर वार किए। हमले के दौरान वह मौके पर बेहोश होकर गिर गया। जब उसे होश आया तो वह सिविल अस्पताल में भर्ती था। मोबाइल निकालने का भी आरोप पीड़ित ने यह भी बताया कि झगड़े के दौरान उसका मोबाइल फोन भी निकालकर ले जाया गया। अजय के अनुसार, आरोपियों ने उसे धमकी भी दी कि यदि वह दोबारा किसी मामले में बीच में आया तो उसे जान से मार देंगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी आयान सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
महाराज बाड़ा स्थित इंडस्ट्रियल म्यूजियम में रखी पुरानी प्रिंटिंग मशीनों की जानकारी अब पर्यटकों को मोबाइल पर मिलेगी।
गुरुग्राम पुलिस के एक कांस्टेबल पर अंबाला सेंट्रल जेल के पास चार बदमाशों ने चाकुओं से हमला कर दिया। बदमाश उसका मोबाइल फोन और 1500 रुपये लूटकर फरार हो गए।
बिहार: अब अस्पताल के चक्कर खत्म, घर बैठे मिनटों में बनाएं आभा आईडी; आधार से लिंक मोबाइल जरूरी
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब नागरिक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से कुछ ही मिनटों में आभा आईडी बना सकेंगे। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने इसके लिए चरणबद्ध प्रक्रिया जारी की है।
फरीदाबाद के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए हृदय संबंधी जांच अब आसान हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली ईसीजी (Tele ECG) की सुविधा शुरू की है। अब मरीजों को सामान्य ईसीजी कराने के लिए हर बार बीके अस्पताल या बड़े स्वास्थ्य संस्थानों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य केंद्र पर ही ईसीजी होने के बाद इसकी रिपोर्ट विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों से प्राप्त की जा सकेगी। टेली ईसीजी के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर टैब आधारित मशीन से मरीज की ईसीजी की जाती है। जांच के बाद ईसीजी की डिजिटल इमेज और मरीज से जुड़ा डेटा ऑनलाइन देहरादून स्थित एआई कमांड सेंटर भेजा जाता है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सक रिपोर्ट का अध्ययन कर ईसीजी रिपोर्ट तैयार करते हैं। तैयार रिपोर्ट वापस संबंधित स्वास्थ्य केंद्र को भेजी जाती है। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर बताएंगे आगे का इलाज विशेषज्ञों से प्राप्त रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार आगे की सलाह देते हैं। इससे हृदय की धड़कन में गड़बड़ी या अन्य समस्या की शुरुआती जानकारी स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। जरूरत पड़ने पर मरीज को आगे की जांच या उपचार के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किया जा सकेगा। मोबाइल पर भी मिल सकेगी ईसीजी की डिजिटल कॉपी इस सुविधा में मरीज की जांच का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहता है। मरीज की मांग पर ईसीजी की डिजिटल तस्वीर और रिपोर्ट उसके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जा सकती है। इससे मरीज भविष्य में अपनी रिपोर्ट दूसरे डॉक्टर को दिखाने के लिए भी सुरक्षित रख सकेगा। पुरानी जांच का रिकॉर्ड भी जरूरत के समय काम आ सकेगा। 14 स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ा गया जिले में बीके अस्पताल की इमरजेंसी के अलावा सीएचसी कौराली, तिगांव, खेड़ीकलां और पाली में सुविधा शुरू की गई है। पीएचसी छांयसा, दयालपुर, धौज, मोहना, पल्ला और अनंगपुर को भी टेली ईसीजी से जोड़ा गया है। इसके अलावा एफआरयू-1 सेक्टर-30, एफआरयू-2 सेक्टर-3 और सामान्य अस्पताल बल्लभगढ़ में भी मरीजों को यह सुविधा मिल रही है। ग्रामीण मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ जयंत आहूजा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर हृदय की जांच की सुविधा देने के लिए टेली ईसीजी शुरू की गई है। इससे ईसीजी के लिए बीके अस्पताल पर निर्भरता कम होगी। जांच की रिपोर्ट विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों से प्राप्त होती है और मरीज का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहता है।
स्वास्थ्यः संयुक्त परिवारों का विघटन और मोबाइल की लत बच्चों को ऑटिज्म की ओर धकेल रहा
ऑटिज्म और न्यूरोडाइवर्जेंट बच्चों को समझने की कोशिश पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द सेंसेरी चाइल्ड’ का इंदौर में हुआ लॉन्च, व्यवहार के पीछे छिपी जरूरतों को समझने का संदेश देती है यह डॉक्यूमेंट्री।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब आम नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे आसानी से आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बना सकेंगे। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने नागरिकों की सुविधा के लिए इसकी विस्तृत और चरणबद्ध प्रक्रिया जारी की है। इस व्यवस्था से लोग घर बैठे ही अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड बना और डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग के अनुसार, आभा आईडी सृजन के लिए आधार कार्ड और उससे लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर होना अनिवार्य शर्त है। प्रक्रिया के दौरान आधार सत्यापन के लिए लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाता है, जिसके सत्यापन के बिना आईडी जनरेट नहीं होगी। मोबाइल ऐप से बनाने की प्रक्रिया मोबाइल फोन के जरिए आईडी बनाने के लिए सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक 'आभा' ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद 'रजिस्टर' विकल्प चुनकर 'रजिस्टर नाउ' पर जाएं। इसके बाद अपना आधार विवरण दर्ज कर निर्धारित सहमति पर टिक करें और आगे बढ़ें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करते ही आईडी तैयार हो जाएगी, जिसे तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है। वेबसाइट और कंप्यूटर से आवेदन का तरीका कंप्यूटर या लैपटॉप से कार्ड बनाने के लिए आधिकारिक पोर्टल abdm.gov.in पर जाना होगा। होमपेज पर 'क्रिएट आभा नंबर' विकल्प चुनकर माध्यम के रूप में 'आधार' का चयन करना होगा। निर्धारित स्थान पर आधार विवरण भरने के बाद कैप्चा कोड दर्ज करें। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी को सबमिट करते ही आभा आईडी सृजित हो जाएगी और डिजिटल कार्ड स्क्रीन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगेसमिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे। प्रक्रिया को आम लोगों के लिए और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से विभाग ने एक वीडियो ट्यूटोरियल लिंक भी जारी किया है, ताकि नागरिक बिना किसी तकनीकी अड़चन के अपना डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड कार्ड तैयार कर सकें।
Gorakhpur News: काम से लौट रहे दो मजदूरों से लूटपाट, एक की बाइक और दूसरे का मोबाइल छीना
Two laborers robbed while returning from work; one had his bike snatched, and the other his mobile phone.
Mau News: फैंटम मोबाइल 112 बाइक की सीट में घुसा सांप, दो घंटे बाद निकाला गया
A snake got into the seat of a Phantom Mobile 112 bike, was removed after two hours
Deoria News: मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, ढाई घंटे बाद उतरा
A young man climbed a mobile tower and came down after two and a half hours.
Baghpat News: चिकित्सक ने मोबाइल की टॉर्च में किया था महिला का ऑपरेशन
crime news
Deoria News: मोबाइल चार्जिंग के दौरान कमरे में लगी आग, युवक झुलसा
Fire broke out in the room while mobile was charging, youth got burnt
Ghaziabad News: बदमाशों ने कविनगर में चेन, विजयनगर में झपटा मोबाइल फोन
बदमाशों ने कविनगर में चेन, विजयनगर में झपटा मोबाइल फोन
Saharanpur News: स्टारलिंक इंटरनेट के नाम से भेजा लिंक, मोबाइल हैक, खाते से उड़ाए 1.22 लाख
Link sent under the guise of Starlink internet; mobile hacked, 1.22 lakh siphoned from account.
भारतीय किसानों के लिए खेत में लहलहाती फसल को आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और उपद्रवी तत्वों से बचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अक्सर खेत घर या गांव से दूर होते हैं, जहां न तो बिजली का तार पहुंच पाता है और न ही ब्रॉडबैंड वाई-फाई की सुविधा होती है। ऐसे में रात-बिरात खेतों में जाकर रखवाली करना किसानों की सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा रहता है। हालांकि, आधुनिक टेक्नोलॉजी ने अब किसानों की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है। बाजार में आए आधुनिक '4G सोलर सीसीटीवी कैमरे' (Solar 4G CCTV Camera) के जरिए किसान अपने घर बैठे ही स्मार्टफोन की स्क्रीन पर खेत का चप्पा-चप्पा 24 घंटे लाइव देख सकते हैं। बिना बिजली और बिना ब्रॉडबैंड के चलने वाला यह डिवाइस खेती-किसानी में सुरक्षा का नया गेम-चेंजर साबित हो रहा है।न बिजली का तार, न वाई-फाई: कैसे काम करता है सोलर 4G कैमरा?पारंपरिक सीसीटीवी कैमरों को चलाने के लिए लगातार 220V बिजली और वाई-फाई राउटर की आवश्यकता होती है। लेकिन खेतों के लिए डिजाइन किए गए सोलर कैमरों का सिस्टम पूरी तरह आत्मनिर्भर होता है:सोलर पैनल और इन-बिल्ट बैटरी: कैमरे के ऊपर या उसके साथ एक कॉम्पैक्ट सोलर पैनल (5W से 10W) लगा होता है। दिन के समय सूरज की रोशनी से इसकी इन-बिल्ट लीथियम-आयन बैटरी (8000mAh से 15000mAh तक) चार्ज होती रहती है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह कैमरा लगातार 3 से 5 दिनों तक बिना धूप के भी काम कर सकता है।4G सिम कार्ड स्लॉट: कैमरे के भीतर सामान्य मोबाइल फोन की तरह एक 4G सिम कार्ड स्लॉट होता है। इसमें जियो, एयरटेल या वीआई (Vi) का कोई भी बेसिक डेटा सिम लगाया जा सकता है। सिम के इंटरनेट नेटवर्क के जरिए कैमरा सीधे किसान के मोबाइल ऐप से कनेक्ट हो जाता है।4G सोलर कैमरे के धांसू फीचर्स: जो इसे बनाते हैं खेत का असली पहरेदारखेतों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन कैमरों में कई उन्नत और व्यावहारिक फीचर्स दिए गए हैं:360 डिग्री पीटीजेड रोटेशन (PTZ Control): मोबाइल ऐप के जरिए किसान घर बैठे ही कैमरे को 355 डिग्री दाएं-बाएं और 90 डिग्री ऊपर-नीचे घुमाकर खेत का पूरा विहंगम दृश्य देख सकते हैं।कलर नाइट विजन (Color Night Vision): रात के घने अंधेरे में भी यह कैमरा ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय बिल्कुल साफ और रंगीन वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसमें लगी इन्फ्रारेड और एलईडी फ्लड लाइट्स रात में 30 से 50 मीटर दूर तक साफ फुटेज देती हैं।एआई ह्यूमन व मोशन डिटेक्शन (AI Motion Alert): जैसे ही कोई इंसान, आवारा मवेशी या जंगली जानवर खेत की बाड़ के आसपास आता है, कैमरे का पीआईआर (PIR) मोशन सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है। यह किसान के मोबाइल पर सायरन नोटिफिकेशन भेज देता है।टू-वे ऑडियो और लाउड सायरन (Two-Way Talk): कैमरे में माइक और लाउडस्पीकर दोनों लगे होते हैं। यदि कोई जानवर या संदिग्ध व्यक्ति खेत में घुसता है, तो किसान अपने फोन से बोलकर उसे चेतावनी दे सकता है या कैमरे से तीखा अलार्म सायरन बजाकर जानवरों को भगा सकता है।वाटरप्रूफ और रफ-टफ (IP66 Weatherproof): यह कैमरा धूल, आंधी, भीषण धूप और मूसलाधार बारिश को आसानी से झेलने के लिए IP65/IP66 वेदरप्रूफ रेटिंग के साथ आता है।लोकल एसडी कार्ड और क्लाउड स्टोरेज: फुटेज को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरे में 128GB या 256GB तक का माइक्रो एसडी कार्ड लगाया जा सकता है, जिससे कई हफ्तों की पुरानी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है।कीमत और बजट: बाजार में कितने का मिलता है यह कैमरा?भारतीय बाजार और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart आदि) पर 4G सोलर कैमरों की कीमतें उनके लेंस और बैटरी कैपेसिटी के आधार पर अलग-अलग हैं:बेसिक सिंगल लेंस 4G सोलर कैमरा: ₹3,500 से ₹4,500 के बीचडुअल/ट्रिपल लेंस (Dual/Triple Lens PTZ) कैमरा: ₹5,000 से ₹7,500 के बीच (इसमें एक लेंस फिक्स रहता है और दूसरा 360 डिग्री घूमता है)हैवी ड्यूटी कमर्शियल सोलर सिक्योरिटी सेटअप: ₹8,000 से ₹12,000 के दायरे मेंएक बार ₹4,000 से ₹6,000 का निवेश करने के बाद किसान को केवल सिम कार्ड में हर महीने ₹150 से ₹200 का सामान्य डेटा रिचार्ज कराना होता है।खेत में कैमरा लगाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यानकैमरे से बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ पाने के लिए किसानों को कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए:सोलर पैनल की दिशा: सोलर पैनल को हमेशा दक्षिण (South) दिशा की ओर थोड़ा झुकाकर लगाएं, ताकि सुबह से शाम तक उस पर सीधी और अधिकतम धूप पड़े।ऊंचाई का चयन: कैमरे को खेत के बीच में या बोरवेल/कमरे की छत पर कम से कम 10 से 15 फीट ऊंचे पोल (खंभे) पर कसें, ताकि कोई असामाजिक तत्व कैमरे को नुकसान न पहुंचा सके और खेत का कवरेज दायरा भी बड़ा मिले।सिम नेटवर्क की जांच: जिस टेलीकॉम कंपनी (Airtel या Jio) का 4G नेटवर्क आपके खेत में सबसे मजबूत सिग्नल देता हो, उसी कंपनी का सिम कार्ड कैमरे में इस्तेमाल करें ताकि वीडियो लैग न करे।
बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी का छात्रों को झटका, बंद कर दी ममता बनर्जी की मोबाइल वाली स्कीम
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार द्वारा शुरू की गई 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता योजना को बंद करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत कक्षा 11 और 12 के छात्रों को मोबाइल खरीद के लिए सहायता दी जाती थी।
उदयपुर: ओगणा पुलिस ने मोबाइल चोरी का खुलासा कर दो आरोपियों को पकड़ा
दुकान की दीवार तोड़कर कीपैड और स्मार्टफोन चुराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी का माल और मोटरसाइकिल बरामद।
गांजा की हेराफेरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, 2.21 लाख का गांजा और दो मोबाइल जब्त
नायगांव पुलिस ने गांजा की हेराफेरी के आरोप में वेल्डिंग कारीगर मेंहबूब निसार शेख को गिरफ्तार किया। उसके पास से 8 किलो गांजा, जिसकी कीमत 2.21 लाख रुपये है, और दो मोबाइल जब्त किए गए।
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में एक कपड़े के व्यापारी के साथ साइबर ठगी हुई है। ठगों ने उसके खाते से करीब 70 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित आकाश कुमार ने तिलैया थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मदद मांगी है। आकाश ने बताया कि शुक्रवार दोपहर उसके परिचित दुकानदार आनंद कुमार ने उसे वॉट्सऐप पर RTO से जुड़ा एक ऐप भेजा। इसके साथ एक मैसेज भी था, जिसमें लिखा था कि 'एक बार चेक करो, कहीं तुम्हारा भी चालान तो नहीं कटा है।' आकाश ने वह ऐप अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर लिया। जब उसे यह ऐप संदिग्ध लगा, तो उसने उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दिया और अपने काम में लग गया। शाम को जब आकाश किसी व्यापारी को भीम यूपीआई से पैसे भेजने लगा, तो उसका पेमेंट बार-बार फेल हो रहा था। उसने अपना अकाउंट बैलेंस चेक किया तो पता चला कि खाते में सिर्फ 10 रुपए बचे हैं। जबकि उसके खाते में 67 हजार 700 रुपए जमा थे। उसने अपने खाते का स्टेटमेंट चेक किया तो पता चला कि तीन अनजान ट्रांजेक्शन हुए थे। इनमें 50 हजार, 16 हजार और 1700 रुपए शामिल थे। आकाश ने जब अपने दोस्त आनंद कुमार से ऐप के बारे में पूछा, तो आनंद ने बताया कि उसका मोबाइल हैक हो गया था। हैक होने के बाद उसके फोन से अपने आप मैसेज जाने लगे थे। शनिवार शाम को आकाश अपने पिता राजकुमार शशि के साथ तिलैया थाने पहुंचा और घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लुधियाना की खन्ना पुलिस ने जंगली जानवरों से भरे खतरनाक खेतों में फंसी तीन नाबालिग बच्चियों को देर रात सुरक्षित बाहर निकाल लिया। 11 व 15-15 वर्ष की ये तीनों लड़कियां पायल क्षेत्र के गांव भरथला रंधावा की रहने वाली हैं। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे तीनों बच्चियां अचानक अपने घर से लापता हो गई थीं। बताया जा रहा है कि स्कूल में अध्यापकों द्वारा उनका मोबाइल फोन जमा कर लिए जाने के बाद वे बिना बताए घर से निकल गई थीं और गांव के पास स्थित घने खेतों में जाकर छिप गईं। जंगली सूअरों और सांपों से भरा था इलाका बच्चियां जिस इलाके में छिपी थीं, वहां बड़ी संख्या में खतरनाक जंगली सूअर और जहरीले सांप मौजूद रहते हैं। कई घंटों तक खेतों में छिपे रहने के कारण बच्चियों की जान पर भारी खतरा बना हुआ था। जैसे ही परिजनों ने थाने में इसकी सूचना दी, इलाके में गश्त कर रहे पायल पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने बिना समय गंवाए पुलिस टीम के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सूअरों के हमले से पहले पुलिस ने सुरक्षित बचाया पुलिस टीम ने अंधेरे में घने खेतों को छाना और लगातार कोशिशों के बाद रात करीब 10 बजे तीनों बच्चियों को ढूंढ निकाला। राहत की बात यह रही कि जिस समय पुलिस टीम वहां पहुंची, कुछ जंगली सूअर बच्चियों की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस कर्मचारियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सूअरों को भगाया और तीनों बच्चियों को सही-सलामत बचा लिया। खन्ना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की स्थानीय लोगों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और बच्चियों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और JDS विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे प्रज्जवल रेवन्ना की मुश्किलें और ज्यादा बढ सकती है। उनके मोबाइल में कई पोर्न वीडियो होने की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक फोरेंसिक जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
फाजिल्का जिले में नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सीमा पार से पाकिस्तान के जरिए ड्रोन से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 इम्पोर्टेड ग्लॉक पिस्टल, 4 कारतूस, 50 ग्राम हेरोइन और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि थाना सदर के एसएचओ हरदेव सिंह बेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम फाजिल्का-फिरोजपुर रोड पर गश्त व चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक पर आ रहे तीन संदिग्ध युवकों को रोककर जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से अवैध ग्लॉक पिस्तौल और हेरोइन बरामद हुई। तीन युवक फिरोजपुर के रहने वाले हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मंगवाए थे हथियार प्राथमिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने करीब 15 से 20 दिन पहले ही पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की यह खेप मंगवाई थी। इससे पहले भी आरोपी पाकिस्तान से हेरोइन की खेप मंगवा चुके हैं। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों ने हाल ही में एक साथ मिलकर तस्करी का यह नया काम शुरू किया था, लेकिन पहली ही बड़ी डिलीवरी से पहले वे पुलिस की गिरफ्त में आ गए। तीनों आरोपियों के बारे में जानिए रविंदर सिंह उर्फ रवि (निवासी मछीवाड़ा, फिरोजपुर) रणजीत सिंह उर्फ जीता (निवासी बारेके, फिरोजपुर) निशान सिंह उर्फ धामू (निवासी बारेके, फिरोजपुर) नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस एसएसपी ने बताया कि जब्त की गई ग्लॉक पिस्टल विदेशी निर्मित हैं, जिन्हें आगे सप्लाई किया जाना था। आरोपियों के मोबाइल की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रिमांड के दौरान तस्करों के पूरे नेटवर्क, पाकिस्तान कनेक्शन और स्थानीय सहयोगियों का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ की जाएगी। आरोपी हरविंदर सिंह के खिलाफ पहले से भी एक मामला दर्ज है।
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ मामला अप्रैल 2024 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब उनके परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने FIR दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ कई बार यौन अपराध किया गया।
पूर्णिया में 99 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तार, टोटो और मोबाइल समेत नकदी बरामद
पूर्णिया में 99 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तार, टोटो और मोबाइल समेत नकदी बरामद
जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से मिले दर्जनों वीडियो, जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
बेंगलूरु। रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। जेल में उनके पास मोबाइल फोन मिलने के मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच में कथित तौर पर दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने […] The post जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से मिले दर्जनों वीडियो, जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Sabguru News .
प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मिले मोबाइल में सैकड़ों अश्लील वीडियो, एफएसएल ने की पुष्टि
Bengaluru, 12 सितंबर . Bengaluru सेंट्रल जेल में रेप केस में सजा काट रहे पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जब्त मोबाइल फोन में सैकड़ों वीडियो फाइलें मिली हैं, जिनमें अश्लील वीडियो भी शामिल हैं. Police ने Saturday को बताया कि फोन को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) में जांच के लिए भेजा गया था और ... Read more
रायपुर में दिनदहाड़े लूट की वारदात, Meesho डिलीवरी ब्वॉय से कैश और 21,499 रुपये का मोबाइल लूटा
रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में तीन नकाबपोश बदमाशों ने Meesho डिलीवरी कर्मचारी हितेश लोधी को रास्ते में रोककर लूट लिया।
पलवल पुलिस ने अरेस्ट किया लुटेरा:एक साल से फरार चल रहा था, देसी कट्टा दिखाकर मोबाइल और नकदी लूटी
पलवल जिले में सीआईए स्टाफ होडल की टीम ने हसनपुर थाने में दर्ज लूटपाट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के एक मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पलवल के मोहन नगर निवासी प्रदीप उर्फ कालिया के रूप में हुई है। सीआईए की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। सीआईए स्टाफ होडल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि 23 अगस्त 2025 को जटोली गांव के अरुण चौहान ने हसनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त 2025 को वह अपनी ड्यूटी खत्म कर पैदल अपने गांव लौट रहे थे। जब वह बाला जी मंदिर के पास पहुंचे, तभी चार अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उन्हें घेर लिया। हथियार के बल पर की थी लूटपाट आरोपियों ने देसी कट्टे के बल पर अरुण की जेब से 1230 रुपए और एक मोबाइल फोन लूट लिया। उन्होंने अरुण के साथ मारपीट भी की और जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। इस मामले में हसनपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। सीआईए होडल ने कार्रवाई करते हुए 3 सितंबर को आरोपी विक्रम को गिरफ्तार किया था। उससे लूटे गए मोबाइल फोन की सिम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल हुए दूसरे सबूत बरामद किए गए थे। विक्रम को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। अब सीआईए की टीम ने लूट के मुख्य आरोपी प्रदीप उर्फ कालिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पता चला है कि पुलिस देसी कट्टा पहले ही बरामद कर चुकी है।
दवा लेने बेटे के साथ पहुंचा शख्स मौका पाकर मेडिकल स्टोर से मोबाइल उठा ले गया।
एमएलए फंड घोटाले के मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव शनिवार से जेल के भीतर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मोबाइल जब्ती के मुकदमे को पूरी तरह मनगढ़ंत और सरकार के राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया है।
हरियाणा के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का पैरोडी और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर साइबर ठगों ने लोगों को चूना लगाने का नया तरीका निकाला है। ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बृजेंद्र सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क साध रहे हैं और मोबाइल नंबर मांगकर रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब पूर्व सांसद के समर्थकों और स्थानीय लोगों के पास सोशल मीडिया पर ऐसे संदिग्ध मैसेज आने शुरू हुए। जैसे ही यह मामला बृजेंद्र सिंह की मीडिया टीम और समर्थकों के संज्ञान में आया, तुरंत एक्शन लेते हुए सोशल मीडिया ग्रुप्स में चेतावनी संदेश (Alert) जारी किया गया। सामान बेचने का झांसा ठगी का यह पूरा खेल मैसेज के जरिए रचा जा रहा है। फेक आईडी से पहले लोगों के पास मैसेज भेजा जाता है और उनका मोबाइल नंबर मांगा जाता है। नंबर मिलने के बाद झांसा दिया जाता है कि मेरा एक दोस्त सीआरपीएफ (CRPF) में अधिकारी है और उसका ट्रांसफर हो गया है। अगर आपको उनका पुराना या सस्ता सामान/गाड़ी खरीदनी है, तो कृपया इस नंबर पर संपर्क करें। इसके बाद ठग पीड़ितों को एक फर्जी नंबर थमा देते हैं और एडवांस पेमेंट के नाम पर पैसों की मांग करते हैं। पूर्व सांसद की टीम का सोशल मीडिया पर अलर्ट
मुजफ्फरपुर के बड़ा बैजनाथ गांव में जर्जर सड़क से परेशान कृष्णा पासवान विरोध जताने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने सड़क की समस्या का समाधान होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने समझाकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा।
FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत: अब मोबाइल सिम की तरह बदल सकेंगे बैंक, वीडियो में जाने पुराना स्टिकर हटाने की जरूरत नहीं
नकाबपोश बदमाशों ने युवक से बाइक व मोबाइल लूटे
मल्लौर-धनौर रोड पर शुक्रवार शाम बिना नंबर की दो बाइक पर आए 4 नकाबपोश बदमाशों ने एक युवक से हाथापाई कर बुलेट बाइक और दो मोबाइल फोन लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी पंजाब सीमा की ओर भाग निकले। गांव इस्माइलपुर निवासी गुरमुख सिंह के अनुसार वह शाम करीब 5:30 बजे दोस्त अभिषेक के साथ बुलेट बाइक पर उक्त मार्ग की ओर गया था। कुछ दूरी पर गुरमुख ने बाइक अभिषेक को सौंप दी और वह आगे पैदल चला गया। इसी दौरान 4 युवक पहुंचे और अभिषेक को घेरकर मारपीट की, फिर धक्का देकर बाइक व मोबाइल छीन लिए। पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
13.22 लाख के गुम 72 मोबाइल बरामद, मालिकों को सौंपे
साइबर सेल टीम ने गुम और खोए मोबाइल फोन की तलाश में बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से गुम हुए 72 मोबाइल फोन बरामद किए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख 22 हजार रुपए बताई गई। एसपी अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई हुई। मंगलवार को डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार ने मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान शहर निवासी अनिल कुमार, रायवली नारायणगढ़ निवासी बलजीत कुमार, ज्ञान चंद, उत्तर प्रदेश निवासी श्यामो देवी समेत अन्य लोगों ने अपने मोबाइल लिए। डीएसपी ने अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। सिम बंद कराएं। डुप्लीकेट सिम जारी कराएं। नंबर का दुरुपयोग रोका जा सके।
Rohtak News: पोस्ट ऑफिस की बैंकिंग अब मोबाइल पर
Post Office banking now on mobile.
Mahendragarh-Narnaul News: दो घरों में चोरी, नकदी-गहने और मोबाइल चोरी
Thefts in two houses; cash, jewelry, and mobile phones stolen.
Maharajganj News: 9.5 लाख की मोबाइल एसेसरीज बरामद
Mobile accessories worth 9.5 lakh seized.
यूपी में इस बार विधानसभा चुनाव जमीन से ज्यादा मोबाइल पर लड़ा जाएगा। लोग नेताओं के लंबे भाषणों से ज्यादा रील्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुद्दों को समझ रहे हैं। दिल्ली में 6 जून से 25 जुलाई तक चले जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद सोशल मीडिया की राजनीतिक ताकत और ज्यादा दिखाई दे रही है। इसी वजह से भाजपा, सपा और बसपा ने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके पीछे की 3 वजह समझिए- अब पार्टी के ऑफिशियल हैंडल्स का हाल जानिए 1. भाजपा (यूपी) : फॉलोअर्स ज्यादा, लेकिन रूटीन पोस्ट पर रीच कम 2. सपा : कम फॉलोअर्स के बावजूद रीच मजबूत 3. बसपा : X पर मायावती की सीधी पकड़ अखिलेश का एंगेजमेंट मजबूत, मायावती की X पर पकड़ 1. योगी आदित्यनाथ- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहुंच तीनों नेताओं में सबसे ज्यादा दिखती है। उनके राजनीतिक बयानों, विकास परियोजनाओं और सांस्कृतिक मुद्दों से जुड़े पोस्ट पर लाखों-करोड़ों व्यूज मिलते हैं। 7 सितंबर की इंस्टाग्राम पोस्ट को 1.2 करोड़ से ज्यादा व्यूज और 10 लाख से ज्यादा लाइक्स मिले। 2. अखिलेश यादव- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ज्यादातर पोस्ट 1 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर रही हैं। हालांकि, फोटो और छोटी अपडेट वाली पोस्ट पर सिर्फ 3 हजार से 18 हजार व्यूज आते हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनकी रील्स और वीडियो लाखों-करोड़ों व्यूज तक पहुंच रहे हैं। 3. मायावती- बसपा सुप्रीमो मायावती की सबसे मजबूत पकड़ X पर दिखाई देती है। 1 से 10 सितंबर के बीच उनके बयान वाली ज्यादातर पोस्ट पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। वहीं, 6 सितंबर की एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने 10 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल किए। भाजपा-सपा अपनी रीच कैसे बढ़ा रहे, क्या है स्ट्रैटजी भाजपा का 30 सेकेंड की रील्स पर फोकस 10 सितंबर को लखनऊ में भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के ने प्रदेश टीम के साथ बड़ी बैठक की। भाजपा की भावी रणनीति इस प्रकार है- सपा रियल टाइम रिस्पॉन्स में जुटी सपा की सोशल मीडिया टीम पार्टी मुख्यालय (लखनऊ) से संचालित होती है और हर जिले में इसके पदाधिकारी तैनात हैं। सोशल मीडिया केवल प्रचार नहीं, दावों की परीक्षा भी सोशल मीडिया एक्सपर्ट अनूप मिश्रा कहते हैं- “2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में डिजिटल कंटेंट की भूमिका सबसे निर्णायक होगी। जेन-जी हर वादे और दावे की हकीकत सोशल मीडिया पर परख रहा है। अगर किसी मुद्दे को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समर्थन मिलता है, तो वह टीवी और अखबारों का एजेंडा बन जाता है।” ---------------- ये भी पढ़ें- क्या बसपा में जेन-जी का नया चेहरा बने युकेश:मायावती ने उमाशंकर के बेटे को फ्रंटलाइन में बैठाया; आकाश आनंद के साथ बनेगी जोड़ी बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी विधायक रहे उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह को राजनीतिक रूप से स्थापित करने का संकेत दिया है। यूपी पदाधिकारियों की बैठक में पहली बार शामिल हुए युकेश को फ्रंटलाइन में जगह देकर यह भी साबित कर दिया कि पार्टी में उन्हें विशेष तवज्जो मिलेगी। वो सिर्फ उमाशंकर सिंह के उत्तराधिकारी नहीं, पार्टी का युवा चेहरा बनाए जा सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर…
मॉडल टाउन निवासी फाइनेंसर एवं ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह हत्याकांड की जांच में जीपीएस चिप और कुरुक्षेत्र कनेक्शन पुलिस के लिए अहम सुराग बनकर सामने आए हैं।
Shamli News: मोबाइल फोन छीना तो बच्चों ने माता-पिता की पुलिस से कर दी शिकायत
मोबाइल फोन की लत अब बच्चों का बचपन छीनने के साथ उनके व्यवहार और पारिवारिक रिश्तों को भी प्रभावित कर रहा है।
Jalaun News: मोबाइल चोरी के विवाद में कार चालक की नाक पर चाबी से हमला
मोबाइल चोरी के विवाद में कार चालक की नाक पर चाबी से हमला
Deoria News: प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी किशोरी, मोबाइल टावर पर चढ़ी
A teenage girl climbed a mobile tower, determined to marry her boyfriend.
Ballia News: आरबीएसके की मोबाइल टीमों के पहिए एक साल से थमे, अब संचालन के निर्देश
RBSK mobile team vehicles had been grounded for a year; instructions for operations issued now.
Baghpat News: मोबाइल नहीं मिलने पर छात्रा ने पैरासिटामॉल की 10 गोलियां निगलीं
crime news
बारिश के बीच शुक्रवार सुबह आलमबाग बस टर्मिनल से प्रयागराज जाने वाली एसी अनुबंधित बस यात्री कम होने के कारण रद्द कर दी गई। हैरानी की बात यह रही कि बस के निरस्त होने की जानकारी यात्रियों को मोबाइल पर नहीं दी गई। ऐसे में बारिश के दौरान यात्री बस पकड़ने के लिए आलमबाग बस अड्डे पहुंचे और वहां पहुंचकर उन्हें बस रद्द होने की जानकारी मिली। यात्री देवेश वर्मा ने बताया कि वह अपने चाचा को प्रयागराज जाने वाली बस में बैठाने के लिए आलमबाग बस अड्डे पहुंचे थे। पूछताछ काउंटर पर बस के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि बस निरस्त कर दी गई है। उनका कहना था कि अगर बस रद्द होने की सूचना मोबाइल पर मिल जाती तो उन्हें बारिश में बेवजह बस अड्डे तक नहीं आना पड़ता। कई रूटों पर साधारण बसें भी हुईं रद्द आलमबाग बस टर्मिनल के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह एक एसी बस को यात्रियों की कमी के कारण कैंसिल किया गया था। इसके अलावा कई रूटों पर यात्री नहीं मिलने के कारण साधारण बसों का संचालन भी रद्द किया गया। हालांकि, एसी बस के रद्द होने की सूचना यात्रियों तक मोबाइल के जरिए नहीं पहुंच सकी।
थाना सिटी मोगा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति का फतेहगढ़ साहिब में गुम हुआ मोबाइल फोन ढूंढकर उसके असली मालिक को सौंप दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मोबाइल मालिक को बड़ी राहत मिली है, जिसके बाद उसने मोगा पुलिस का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया।थाना सिटी मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि मोगा की चक्की वाली गली के निवासी मोहित का मोबाइल फोन बीते 3 अगस्त को उस समय गुम हो गया था, जब वह फतेहगढ़ साहिब गया हुआ था। फोन गायब होने के तुरंत बाद मोहित ने इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम और थाना सिटी मोगा में सूचना दर्ज कराई थी। मामले की जानकारी मिलते ही थाना सिटी मोगा की टीम ने मोबाइल की ट्रेसिंग और लोकेशन ट्रैक करने का काम शुरू किया। इस खोजबीन अभियान में मुख्य मुंशी दिलराज सिंह और मुंशी हरजीत सिंह घाली ने विशेष तकनीकी प्रयास किए। लगातार की गई कोशिशों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम गुम हुए मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक ढूंढ निकालने में कामयाब रही। मालिक को सौंपा फोन, मोहित ने जताया आभार बरामद किया गया मोबाइल फोन कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके मालिक मोहित को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस आम जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने और उनके गुम हुए सामान को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। अपना फोन वापस पाकर मोहित ने खुशी जाहिर की और मोगा पुलिस की कार्यप्रणाली व पुलिस कर्मियों की मेहनत की सराहना की
बेंगलुरु जेल में प्रज्वल रेवन्ना तक मोबाइल वार्डर ने पहुंचाया, तीन मामलों में नौ गिरफ्तार
Bengaluru, 11 सितंबर . Bengaluru Police ने परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल के अंदर प्रतिबंधित मोबाइल फोन की अवैध आपूर्ति और इस्तेमाल से जुड़े तीन मामलों का भंडाफोड़ करते हुए दो जेल वार्डरों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में एक कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके जरिए एक वार्डर ने मोबाइल फोन ... Read more
बिलासपुर में शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अकाउंटेंट ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक अकाउंट से करीब 1 लाख 40 हजार रुपए पार कर दिया। उनके मोबाइल पर शादी का निमंत्रण कार्ड के साथ ठगों ने APK फाइल शेयर किया, जिसे क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। कपिल नगर निवासी जनार्दन प्रसाद (64) शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अकांउेंट हैं। उनके मोबाइल पर 3 सितंबर को एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया था। मैसेज में शादी का निमंत्रण कार्ड भेजा गया था। निमंत्रण कार्ड एपीके फाइल के रूप में था। जनार्दन प्रसाद ने इसे किसी परिचित की तरफ से भेजा गया निमंत्रण समझकर फाइल पर क्लिक कर दिया। निमंत्रण कार्ड खोलते ही हैक हो गया मोबाइल फाइल पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैंग होने लगा। कुछ समय तक वह मोबाइल में आई समस्या को समझ नहीं सके। बाद में मोबाइल की जांच कराने पर पता चला कि साइबर ठगों ने उनके मोबाइल को हैक कर लिया था। इसके बाद ठगों ने उनके बैंक खाते से 1 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए। बाद में पीड़ित को इसकी जानकारी हुई। तब उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी से बचने इस तरह बरतें सावधानियां
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बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
लुधियाना के गिल चौक के पास मुरादपुरा इलाके में ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल नट एंड बोल्ट फैक्ट्री को देर रात 3-4 चोरों ने निशाना बनाया। चोर रात 12:30 बजे के बाद फैक्ट्री में दाखिल हुए और ऑफिस का गेट तोड़कर अंदर घुसे। आरोपियों ने ऑफिस में करीब आधे घंटे तक तलाशी ली और वहां से 1.98 लाख रुपए की नकदी, चांदी की गणेश प्रतिमा, 2 मोबाइल फोन और जरूरी कागजात चोरी कर लिए। CCTV कैमरों में कैद हुई वारदात पूरी वारदात फैक्ट्री में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में आरोपी फैक्ट्री में घुसने से पहले आसपास की गलियों में घूमते हुए भी नजर आए। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री को निशाना बनाया। सुबह सफाई कर्मचारी ने फोन कर दी जानकारी फैक्ट्री मालिक दीपक भल्ला ने बताया कि सुबह सफाई करने वाली कर्मचारी ने उन्हें फोन कर जानकारी दी कि गेट टूटा है। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा और दराज खुले थे। जांच करने पर पता चला कि ऑफिस से चांदी की गणेश प्रतिमा, दो मोबाइल फोन और 1.98 लाख रुपए की नकदी गायब थी। इसके बाद तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी गई। दोनों मोबाइल चोरी होने से कामकाज प्रभावित दीपक भल्ला ने बताया कि चोर फैक्ट्री के ऑफिस में करीब आधे घंटे तक रहे। दोनों मोबाइल फोन चोरी होने के कारण कामकाज भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। पुलिस बोली- CCTV फुटेज खंगाल रहे ASI धर्मेंद्र मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करेंगे। जल्द ही चोरी करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
मुरैना में 95 लाख के 401 मोबाइल बरामद:साइबर सेल ने तकनीकी जांच से गुम-चोरी फोन किए ट्रेस
मुख्यमंत्री जन-विश्वास कार्यक्रम के तहत मुरैना पुलिस ने मोबाइल चोरी और गुम होने के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की साइबर सेल टीम ने तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए 401 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 95 लाख रुपए बताई जा रही है। बरामद मोबाइल में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस, ओप्पो, रियलमी और मोटोरोला समेत कई कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया करेगी। शिकायतों के बाद शुरू की मोबाइल ट्रेसिंग जिले में पिछले कुछ महीनों से मोबाइल फोन चोरी होने और गुम होने की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं। मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसपी धर्मराज मीणा के निर्देशन में साइबर सेल की टीम ने मोबाइलों की तकनीकी जांच और ट्रेसिंग शुरू की। टीम ने अलग-अलग शिकायतों में दर्ज मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर फोन की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों से 401 मोबाइल बरामद किए गए। महंगे स्मार्टफोन भी बरामद पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल में कई कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। इनमें ओप्पो, वनप्लस, सैमसंग, रियलमी, मोटोरोला और एप्पल के मोबाइल भी हैं। पुलिस ने सभी बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 95 लाख रुपए बताई है। 401 मोबाइल की बरामदगी से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। मोबाइल गुम हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें एसपी धर्मराज मीणा ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल की तकनीकी जानकारी के आधार पर उसे ट्रेस करने और बरामद करने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल चोरी या गुम होने के मामलों में तकनीकी माध्यमों से ट्रेसिंग और बरामदगी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मासूम की मौत से परिवार में मातम और पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।
मुरैना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार माह में 95 लाख से ज्यादा के 401 गुम मोबाइल बरामद
मुरैना पुलिस ने पिछले चार माह में सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी माध्यमों की मदद से 401 गुम मोबाइल बरामद किए। इनकी कीमत 95 लाख रुपए से अधिक है। मोबाइलों को सत्यापन के बाद वास्तविक मालिकों को सौंपा जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ जेल में रेत में दबा मिला मोबाइल फोन:अचानक हुई तलाशी, कोतवाली थाने में हुआ मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह में हुई अचानक तलाशी के दौरान जेल परिसर के अंदर रेत में दबाकर छिपाया गया एक मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। मोबाइल वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास मिला। इसे कपड़े, अखबार और पॉलीथिन में लपेटकर रेत के नीचे छिपाया गया था। जेल प्रशासन ने मोबाइल को जब्त कर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम-2015 की धारा 42 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर हुई तलाशी, रेत में दबा मिला मोबाइल जेल प्रहरी वेदराम चौधरी ने कोतवाली थाने में दिए रिपोर्ट में बताया कि 10 सितंबर को दोपहर 2:10 बजे से 3:30 बजे तक कारापाल प्रबंधक की मौजूदगी में जेल की अचानक सघन तलाशी ली गई। इस दौरान ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी स्टाफ भी साथ था। तलाशी के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वार्ड-बी की बैरक नंबर-8 के पास दीवार और शौचालयों के बीच बने रास्ते की जांच की गई। बड़े काले गेट के पास रेत में खुदाई करने पर गुलाबी कपड़े, अखबार और पीली पॉलीथिन में लिपटा एक काले रंग का केचोडा कंपनी का मोबाइल मिला। मोबाइल के साथ बैटरी भी थी, लेकिन उसमें सिम कार्ड नहीं था। मोबाइल टूटा हुआ था और उसका आईएमईआई नंबर भी नहीं मिला। जेल प्रहरियों ने जब्त किया, पुलिस को भेजी रिपोर्ट मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रहरी सुरेश चंद मीणा और रोहताश ने उसे जब्त किया। मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद कोतवाली थाने रिपोर्ट के साथ सभी सामान भेजा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि मोबाइल लावारिस हालत में मिला है और जेल के अंदर मोबाइल रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। मोबाइल मिलने की सूचना जेल और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, अब होगी जांच कोतवाली थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया। जेल प्रहरी वेदराम मोबाइल और रिपोर्ट लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया। मामले की जांच उपनिरीक्षक सत्यनारायण को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल जेल परिसर तक कैसे पहुंचा, उसे वहां किसने छिपाया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंतनगर: चलती बाइक में जेब से मोबाइल निकालना पड़ा भारी, डिवाइडर से टकराकर युवक की मौत
पंतनगर में चलती बाइक में जेब से मोबाइल निकालना एक युवक को भारी पड़ गया। अनियंत्रित बाइक के डिवाइडर से टकराने से युवक की मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
महंगे होने जा रहे हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान, 10-20% टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां; जानिए क्यों?
टेलिकॉम कंपनियां अगले दो तिमाहियों में मोबाइल रिचार्ज टैरिफ में 10-20% की बढ़ोतरी पर विचार कर रही हैं।
पुलिस इंस्पेक्टर के साथ 1.03 लाख की ठगी, मोबाइल गुम होने के बाद सिम दूसरे फोन में डालकर उड़ाए रुपये
भोपाल में पुलिस मुख्यालय के इंस्पेक्टर का मोबाइल गुम होने के बाद 16 ट्रांजेक्शन से खाते से 1.03 लाख रुपये पार हो गए। पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज किया।
मोहद्दीपुर स्थित उत्तम गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में रिकॉर्डिंग मोड में मोबाइल मिलने के बाद गुरुवार को करीब 25 छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया। वे परिजन के साथ घर चली गई। साथ ही उन्होंने अपनी फीस भी वापस मांगी है।
VIDEO: प्रेमी से नाराज प्रेमिका मोबाइल टॉवर पर चढ़ी, पुलिस ने मां को बुलाया
VIDEO: प्रेमी से नाराज प्रेमिका मोबाइल टॉवर पर चढ़ी, पुलिस ने मां को बुलाया
हमीरपुर में गुरुवार-शुक्रवार देर रात घर में सो रहे 68 वर्षीय बुजुर्ग ठाकुरदास अहिरवार की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात का पता शनिवार तड़के उस समय चला, जब उनकी पोती मोबाइल चार्ज करने के लिए कमरे में पहुंची। फर्श पर खून देखकर उसके होश उड़ गए। शोर मचाने पर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो ठाकुरदास बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े मिले। मामला मुस्करा थाना क्षेत्र के बिहूनी गांव का है। परिजनों के मुताबिक ठाकुरदास शुक्रवार रात करीब 12 बजे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सोए थे। रात करीब 2 बजे उनकी पोती मोबाइल चार्ज करने के लिए कमरे में गई। कमरे में पहुंचते ही उसकी नजर फर्श पर पड़े खून पर पड़ी। उसने शोर मचाकर परिजनों को बुलाया। परिवार के लोग पहुंचे तो ठाकुरदास बिस्तर पर मृत मिले। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। आला अधिकारियों ने किया निरीक्षण घटना की जानकारी पहले ग्राम प्रधान को दी गई। इसके बाद प्रधान ने मुस्करा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित किया। कुछ ही देर में अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी राठ राजीव प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम ने खून के नमूने लिए, डॉग स्क्वॉड ने तलाशे सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने कमरे और आसपास के स्थानों की बारीकी से जांच कर खून के नमूने और अन्य संभावित साक्ष्य सुरक्षित किए। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी हत्यारे तक पहुंचने के लिए सुराग तलाशे गए। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। परिवार को हत्या की वजह की जानकारी नहीं मृतक के बेटे नरेश ने पुलिस को बताया कि परिवार को हत्या के पीछे की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल परिवार ने किसी व्यक्ति पर हत्या का शक भी जाहिर नहीं किया है। ऐसे में पुलिस के सामने हत्या की वजह और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, सभी पहलुओं पर जांच पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और डॉग स्क्वॉड से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर वारदात की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सीओ बोले- जल्द होगा खुलासा क्षेत्राधिकारी राठ राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में 31 अगस्त की रात उज्जैन निवासी अनमोल वर्मा से मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सूत्रों के मुताबिक खजराना निवासी अयाज पिता वारिस पठान ने वारदात को अंजाम दिया था। अयाज पर पहले से लूट के कई मामले दर्ज हैं और उसके ईरानी गैंग से जुड़े होने की जानकारी पुलिस को मिली है। वारदात इंद्रदेव महादेव मंदिर इलाके में हुई थी। अनमोल वर्मा मोबाइल लूट की शिकायत लेकर पलासिया थाने पहुंचे थे। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के बजाय शिकायती आवेदन लिया था। इससे पहले आरोपी तुकोगंज इलाके में एक होटल कर्मचारी का मोबाइल भी लूटकर आए थे। बायपास पर तलाश करती रही पुलिस, लोकेशन से खजराना पहुंची शुरुआत में पुलिस आरोपियों की तलाश बायपास क्षेत्र में करती रही। मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस को आरोपी के खजराना इलाके का रहने वाला होने की जानकारी मिली। इसके बाद जांच का फोकस खजराना पर किया गया। पुलिस के मुताबिक अयाज वारदात के बाद अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया। उसकी तलाश में पलासिया के साथ संयोगितागंज, छोटी ग्वालटोली और तुकोगंज थाने के पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया। सीएम हाउस तक पहुंचा मामला, पुलिस कमिश्नर ने लगाई फटकार एक सितंबर को मामला उज्जैन स्थित सीएम हाउस तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने मामले को लेकर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी की तलाश में जुटीं। रिश्तेदार को पूछताछ के लिए बैठाया पुलिस ने अयाज के रिश्तेदार आवेश पिता नासिर पठान को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि अयाज की आखिरी बार आवेश से ही बातचीत हुई थी। इसी आधार पर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने लूट का एक मोबाइल भी बरामद किया है। इसे आरोपी पक्ष के लोगों ने थाने में जमा कराया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अयाज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ये खबर भी पढ़िए… CM के परिचित का मोबाइल-तलाश रही कई थानों की पुलिस मध्य प्रदेश के इंदौर में बाइक सवार लुटेरों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिचित का मोबाइल लूट लिया। मंहगा फोन छीनकर भाग निकले। 31 अगस्त की रात 10 बजे वारदात के बाद उज्जैन निवासी अनमोल वर्मा पलासिया थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…
अब रिम्स रांची में रिपोर्ट के लिए नहीं लगानी पड़ेगी कतार, मोबाइल पर सीधे मिलेगी लाइव जांच रिपोर्ट
रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अब मरीजों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए लंबी कतार में नहीं लगना होगा।
श्री हरि कथा का दूसरा दिन:एकादशी पर अन्न छोड़ना आसान, 24 घंटे मोबाइल त्यागकर देखें
भास्कर न्यूज | लुधियाना पांच दिवसीय श्री हरि कथा के दूसरे दिन वीरवार शाम ठीक 5:45 बजे जैसे ही कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय का पंडाल में आगमन हुआ हजारों श्रद्धालुओं ने खड़े होकर करतल ध्वनि और राधे-राधे के गगनभेदी जयघोष से समूचे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मुख्य आयोजक सुरिन्द्र गर्ग बिहारी, हितेश अबरोल, सविनय गर्ग डिम्पी, संजय गर्ग और संजीव सूद बांका सहित अन्य गणमान्य जनों ने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया। शाम ठीक 6 बजे मंगलाचरण के साथ कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय ने नवधा भक्ति के गूढ़ रहस्यों को उद्घाटित करते हुए श्रवण और कीर्तन भक्ति का महात्मय बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंतःकरण तक पहुंचने के दो ही मुख्य द्वार हैं कान और आंख। यहीं से गुण और अवगुण मन में प्रवेश करते हैं। यदि गलत सुन-सुनकर अंतःकरण कलुषित हो चुका है तो वह केवल अच्छा दृश्य देखने से नहीं बल्कि सतसंग को पूर्ण मनोयोग से सुनने से ही पवित्र होगा। इसलिए नवधा भक्ति की पहली सीढ़ी श्रवण रखी गई है। जो गंभीरता से सुनता है वही भावविभोर होकर कीर्तन कर सकता है। इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि आज की जीवनशैली पर सटीक प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि एकादशी पर अन्न छोड़ना कठिन नहीं 24 घंटे के लिए हाथ से मोबाइल त्यागकर देखना सच्ची तपस्या है। भक्ति का पहला नियम है ''तजो रे मन हरि विमुखन को संग'', अर्थात जो प्रभु से विमुख करे ऐसे कुसंग से तुरंत दूरी बनाएं। जिस प्रकार रोग निवारण के लिए औषधि के साथ परहेज अनिवार्य है उसी प्रकार भक्ति पथ के भी अपने नियम हैं। भागवत के संदर्भ से उन्होंने श्रवण भक्ति के पांच प्रमुख सूत्र बताए। • निरपेक्षता : मन में किसी के प्रति उपेक्षा या बैर न रखें हर जीव में ठाकुर का स्वरूप निहारें। • मनन : जो सुना उसे आत्मसात करने के लिए निरंतर उसका वैचारिक मंथन करें। • शांतम : व्यर्थ के सांसारिक प्रपंचों से किनारा कर मौन साधना सीखें। • निर्वैरता : हृदय को ईर्ष्या, द्वेष और दुर्भावना से सर्वथा मुक्त रखें। • समदर्शनम : छोटे-बड़े और अमीर-गरीब का भेद मिटाकर सबको समभाव से देखें। श्री हरि कथा के दूसरे दिन पंडाल में पहुंचने पर राधे-राधे के जयघोष से स्वागत करतीं श्रद्धालु।
फिल्लौर में पासपोर्ट सेवा आरपीओ मोबाइल वैन 16 सितंबर से तैनात होगी
जालंधर| क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय जालंधर ने फिल्लौर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों के लिए पासपोर्ट आवेदन जमा करने की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से तहसील परिसर, फिल्लौर (जिला जालंधर ग्रामीण, पंजाब) में पासपोर्ट सेवा आरपीओ मोबाइल वैन तैनात की है। यह मोबाइल वैन 16 से 18 सितंबर 2026 तक तहसील परिसर में उपलब्ध रहेगी। इस व्यवस्था से फिल्लौर क्षेत्र के आवेदकों को पासपोर्ट सेवाओं के लिए यात्रा और समय से जुड़ी कठिनाइयों में राहत मिलने की उम्मीद है। पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के इच्छुक नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना होगा और अपॉइंटमेंट बुक करना होगा।
Jhansi News: मोबाइल व रुपये चोरी का दोष सिद्ध, छह साल की सजा
झांसी। घर से मोबाइल व 15 हजार रुपये चोरी करने का दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अनुभव द्विवेदी ने सीपरी बाजार के मसीहागंज नाथ की कोठी निवासी पंकज रायकवार को छह साल की सजा और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
Ghaziabad News: मोबाइल फोन हैक कर खाते से निकाले 97 हजार रुपये
मोबाइल फोन हैक कर खाते से निकाले 97 हजार रुपये
Firozabad News: ट्राॅमा सेंटर में बिजली गुल, मोबाइल की रोशनी में उपचार
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सीएसआर से संवरेंगी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं एंबुलेंस से लेकर मोबाइल केयर यूनिट पर जोर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से छात्राओं की सुरक्षा और निजता (Privacy) को तार-तार कर देने वाला एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। शहर के एक प्रमुख निजी गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम की छत (टिनशेड) में छुपाकर रखा गया एक स्मार्टफोन ऑन हालत में मिला, जिसका वीडियो कैमरा सीधे बाथरूम के अंदरूनी हिस्से की ओर फोकस था।छात्राओं द्वारा इस गुप्त कैमरे को पकड़े जाने के बाद हॉस्टल परिसर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। मामला तब और ज्यादा भड़क गया जब हॉस्टल की महिला वार्डेन ने अपनी सफाई में बेहद अजीबोगरीब और बेतुका तर्क देते हुए कहा कि कैमरा उसने खुद यह देखने के लिए लगाया था कि छात्राएं इस्तेमाल किए गए 'सैनिटरी पैड' डस्टबिन में फेंकती हैं या नहीं। वार्डेन की इस दलील ने छात्राओं और उनके परिजनों के गुस्से को और भड़का दिया।कैसे खुला गुप्त कैमरे का राज?हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज की पढ़ाई करने वाली छात्राओं के अनुसार, यह घटना तब उजागर हुई जब एक छात्रा सुबह स्नान करने बाथरूम में गई:नहाते समय छात्रा की नजर अचानक ऊपर टिनशेड और दीवार के बीच बने एक संकरे गैप पर पड़ी, जहां प्लास्टिक और कपड़े के बीच कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया।जब उसने गौर से देखा तो पाया कि वहां एक चालू स्मार्टफोन टिकाकर रखा गया था, जिसकी स्क्रीन ऑन थी और बैक कैमरा सीधे नीचे की तरफ वीडियो रिकॉर्डिंग मोड में एक्टिव था।छात्रा ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद हॉस्टल की अन्य लड़कियां वहां इकट्ठा हो गईं। छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए उस मोबाइल फोन को नीचे उतारा और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित करते हुए तुरंत वार्डन से जवाब मांगा।वार्डेन का अजीब तर्क: 'सैनिटरी पैड चेक करने के लिए लगाया था फोन'जब छात्राओं ने रंगे हाथों पकड़े गए फोन को लेकर हॉस्टल वार्डेन को घेरा, तो उसके दिए गए जवाब ने सभी को स्तब्ध कर दिया:वार्डेन ने कैमरे की बात स्वीकार करते हुए सफाई दी कि हॉस्टल के वॉशरूम में छात्राएं सैनिटरी पैड सही तरीके से डिस्पोज नहीं करती थीं और पाइपलाइन चोक हो जाती थी, इसलिए वह केवल यह 'निगरानी' रखना चाहती थी कि कौन सी छात्रा गंदगी फैला रही है।छात्राओं ने इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए सवाल उठाया कि किसी भी स्थिति में महिलाओं के निजी बाथरूम के भीतर कैमरा लगाना पूरी तरह गैरकानूनी, अनैतिक और घिनौना कृत्य है। छात्राओं को आशंका है कि यह कोई निगरानी नहीं, बल्कि आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करके उन्हें ब्लैकमेल करने या किसी ऑनलाइन नेटवर्क पर लीक करने की सोची-समझी साजिश हो सकती है।सड़क पर उतरीं छात्राएं, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमाघटना के बाद हॉस्टल की दर्जनों छात्राएं सड़क पर उतर आईं और हॉस्टल प्रबंधन व वार्डेन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी और महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचे।मोबाइल जब्त, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा: पुलिस ने मौके से टिनशेड में मिले मोबाइल फोन को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है।डेटा रिकवरी और क्लाउड बैकअप की जांच: पुलिस की साइबर क्राइम टीम फोन की जांच कर रही है कि उसमें अब तक कितने वीडियो रिकॉर्ड किए गए, क्या कोई वीडियो किसी व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल या क्लाउड स्टोरेज पर अपलोड किया गया है, और क्या पहले से कोई फुटेज डिलीट की गई है।मुकदमा दर्ज: पुलिस ने छात्राओं की तहरीर के आधार पर आरोपी वार्डेन और हॉस्टल संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं (ताक-झांक/Voyeurism और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने) तथा आईटी एक्ट (IT Act) की संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।अभिभावकों में भारी आक्रोश, हॉस्टलों के ऑडिट की मांगइस घटना ने शहर के तमाम हॉस्टलों और पीजी (PG) में अपनी बेटियों को रखकर पढ़ाने वाले अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि जहां बेटियां खुद को सबसे सुरक्षित समझती हैं, वहीं अगर इस तरह की घिनौनी हरकतें होंगी, तो बच्चियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय सामाजिक संगठनों और छात्र संघों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी निजी गर्ल्स हॉस्टल्स और लॉज का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाए और वहां सुरक्षा मानकों व कैमरों की स्थिति का कड़ा ऑडिट कराया जाए।
विदिशा में सड़क हादसों और यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर जिला कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जिला कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को कोर्ट परिसर के सामने मोबाइल कोर्ट लगाई गई। करीब ढाई घंटे चली कार्रवाई में यातायात नियम तोड़ने वाले करीब 120 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। इनमें 105 वाहन चालकों को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस दिया गया, जबकि बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 15 लोगों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और न्यायालय की टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। बिना हेलमेट से लेकर मॉडिफाइड साइलेंसर तक मिले मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई के दौरान सिविल लाइन, कोतवाली और यातायात पुलिस के जवान मौजूद रहे। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच की। इस दौरान बिना हेलमेट और बिना जरूरी दस्तावेज के वाहन चलाने वाले पकड़े गए। इसके अलावा काली फिल्म लगी कारें, गैरकानूनी हूटर और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहन भी मिले। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर 300 से 2 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया गया। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों से एक हजार रुपए तक का जुर्माना वसूला गया। यह राशि लोक अदालत में जमा की जाएगी। नाबालिग वाहन चलाते मिले, परिजनों को बुलाया चेकिंग के दौरान कई नाबालिग बच्चे भी वाहन चलाते मिले। इनमें कुछ लड़कियां भी शामिल थीं। नाबालिगों के वाहन चलाते मिलने पर कोर्ट के निर्देश से उनके परिजनों को मौके पर बुलाया गया। पुलिस और कोर्ट की टीम ने परिजनों को समझाया कि नाबालिगों को वाहन चलाने देना बड़ी लापरवाही है। इससे सड़क हादसा होने की स्थिति में बच्चे के साथ परिवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कार्रवाई का उद्देश्य जागरूकता और हादसों पर रोक मोबाइल कोर्ट के आयोजन का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों पर अंकुश लगाना भी बताया गया। अधिकारियों ने वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, जरूरी दस्तावेज साथ रखने और नाबालिगों को वाहन नहीं देने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रमाकांत भारके, जेएमएफसी शिवांगी सिंह और जेएमएफसी दीक्षा राठौड़ मौजूद रहीं। न्यायालय की टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
महेंद्रगढ़ में मोबाइल टावर से बैटरी चोरी के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस एसपी के निर्देश पर चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव ऊंचा थाना खोल, जिला रेवाड़ी निवासी राकेश, राहुल, ढाणा जाखल जिला रेवाड़ा निवासी संजय, ढाणी जरावता, थाना खोल, रेवाड़ी निवासी निवासी पंकज और मोहल्ला राता, थाना अटेली निवासी इंद्रजीत के तौर पर हुई है। पिकअप गाड़ी, 2 बैटरी और केबल बरामद यह मामला 9 सितंबर को थाना शहर महेंद्रगढ़ में दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि सैनीपुरा स्थित एक मोबाइल टावर से 2 बैटरियां चोरी हो गई थीं। जांच के दौरान सीआईए महेंद्रगढ़ ने पांचों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने उनके पास से चोरी में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी, चोरी की 2 बैटरियां और केबल बरामद की है। सिटी थाना पुलिस को सौंपे आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना शहर महेंद्रगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। महेंद्रगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि चोरी या किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तुरंत नजदीकी थाने, चौकी या डायल-112 पर दें। इससे पुलिस समय पर कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठा सकेगी।
SS रिटेल अपना ₹500.75 करोड़ का IPO ला रही है। यह 16 सितंबर को खुलने वाला है। इसमें ₹360.75 करोड़ के 85.08 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹140 करोड़ के 33.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख, भाविनी हर्षल पारेख और शेयरहोल्डर राखी नरेंद्र फिरोदिया शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।IPO में एंकर निवेशक 15 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर है। लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होने वाली है। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होंगे।IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है।क्या करती है SS Retailकंपनी मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली एक मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में काम करती है। इसका फोकस मुख्य रूप से टियर II, टियर III और उससे छोटे शहरों पर है। कंपनी अपने खुद के ब्रांड SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space के तहत स्टोर चलाती है।कंपनी खुद के स्टोर और फ्रेंचाइजी वाले स्टोर, दोनों तरह के मॉडल के तहत काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स में मोबाइल फोन, पहले इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन, एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। साथ ही यह मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान, EMI सुविधा, एंटी-थेफ्ट सॉफ्टवेयर और मोबाइल रिचार्ज जैसी सर्विसेज भी देती है।SS Retail का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹2,352.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹59.28 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹162.59 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,599.96 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹39.86 करोड़ रहा था।IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमालSS रिटेल अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान नए स्टोर्स खोलने के लिए 'फिट-आउट' (सजावट और जरूरी साजो-सामान) को लेकर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।NSE IPO: ये 5 कंपनियां आईपीओ में बेचेगी की हिस्सेदारी, शेयरों पर रहेगी नजरDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
जयपुर में 10वीं क्लास के स्टूडेंट ने स्कूल में साथ पढ़ने वाले छात्र और उसके साथी से परेशान होकर घर में चोरी कर ली। नाबालिग ने घर से सोने-चांदी के गहने चुराकर आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने नाबालिग को धमकाया। और चुप रहने के लिए 5 हजार रुपए दे दिए। आखिर परिवार को घटना का पता चला। इसके बाद बुधवार को मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मेरा 16 साल का बेटा प्राइवेट स्कूल की 10वीं क्लास में पढ़ता है। इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक साथी ने मेरे नाबालिग बेटे की मुलाकात अपने परिचित से करवाई। सप्ताहभर पहले आरोपी परिचित ने नाबालिग बेटे को किराए पर गाड़ी दी। गाड़ी वापस लौटने जाने पर नाबालिग को डराया-धमकाया कि तुने गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी है। जान से मारने की धमकी देकर डराया गया। धमकाया- तुझे गाड़ी की तोड़फोड़ कर हर्जाना देना पड़ेगा। घर में चोरी के लिए किया तैयार नाबालिग को धमकाकर जबरन रुपए देने का दबाव बनाया गया। रुपए नहीं होने की कहने पर घर में चोरी के लिए तैयार किया गया। आरोपी ने घर में रखे गहने लाकर देने के लिए कहा। घर से गहने चोरी करने के लिए आरोपी ने अपना मोबाइल भी दे दिया। आरोपी ने मोबाइल पर बातचीत कर चोरी करने के लिए डायरेक्शन दिए। फोन पर आरोपी से मिले डायरेक्शन के अनुसार नाबालिग ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने (सोने की तीन सेट बाली, हार, अंगुठी, नथ, पेंडल, चांदी का कड़ा व पायजेब जोड़ी) चोरी कर लिए। ज्वेलर को बेचे गहने, दिए 5 हजार रुपए गहने हाथ लगने पर नाबालिग को तुरंत मिलने के लिए बुलाया। गहने लेने के साथ ही मोबाइल भी वापस ले लिया। झोटवाड़ा इलाके में एक ज्वेलर को आरोपी ने गहने बेचकर रुपए ले लिए। नाबालिग को इस बारे में किसी को नहीं बताने को लेकर धमकाया गया। चुप रहने के लिए 5 हजार रुपए भी दिए। रुपए मिले तो खुली पोल 6 सितम्बर को नाबालिग बेटे के पास 5 हजार रुपए मिले। परिजनों के पूछने पर नाबालिग ने रुपए दोस्त के होना बताया। जो उसे रखने के लिए दिए है। शक होने पर परिजनों ने सख्ती से पूछा। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पूरी जानकारी करने के बाद नाबालिग पीड़ित के पिता ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
यमुनानगर में अंबेडकर विहार निवासी और लेबर कोर्ट में चालक के पद पर कार्यरत कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। साइबर ठगों ने उसका मोबाइल हैक करने के बाद बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 70 हजार 500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को वारदात की जानकारी तब हुई, जब सात सितंबर को उसके मोबाइल पर बैंक खाते से रकम निकलने के मैसेज पहुंचे। पीड़ित सुरेश कुमार ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक से तीन सितंबर के बीच उसका मोबाइल किसी तरह साइबर ठगों के नियंत्रण में आ गया था। उसे इस बात की भनक नहीं लगी। इसी दौरान आरोपियों ने मोबाइल और बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल कर ली और खाते से रकम निकालनी शुरू कर दी। बैंक से आया पैसे कटने का मैसेज सुरेश के अनुसार, सात सितंबर को मोबाइल पर पीएनबी खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आए। मैसेज देखकर उसने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि कई लेनदेन के माध्यम से कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये निकाले जा चुके हैं। खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही उसने बैंक से संपर्क कर खाते में हुई संदिग्ध गतिविधियों के बारे में बताया। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी तक पहुंचने का कर रही प्रयास पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुरेश का मोबाइल किस माध्यम से हैक किया गया और साइबर ठगों ने बैंक खाते तक पहुंच बनाकर रकम किस तरीके से ट्रांसफर की। जांच के तहत खाते से हुए सभी लेनदेन और मोबाइल की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस साइबर तकनीक की भी मदद ले रही है।
बांका जिले के रजौन प्रखंड मुख्यालय के सभागार में गुरुवार को बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुग्रीव दास ने दीप जलाकर की।इस दौरान एक पोषण मेला भी लगाया गया। इसमें प्रखंड के कई गांवों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं शामिल हुईं। बातचीत के दौरान डॉ. सुग्रीव दास ने सेविकाओं से उनके काम,समस्याओं और जमीनी स्तर पर आने वाली मुश्किलों के बारे में पूछा।उन्होंने समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बच्चों, महिलाओं और समाज की भलाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी। ''कुछ अलग और अच्छा करने की करें कोशिश'' उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का फायदा पहुंचाने में आंगनबाड़ी सेविकाओं का काम बहुत अहम है। उन्होंने सेविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने काम को सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और समाज बनाने के इरादे से करें। कुछ अलग और अच्छा करने की कोशिश करें, ताकि समाज के लोग उनके काम से सीख ले सकें। डॉ. दास ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र तीन से छह साल तक के बच्चों के शुरुआती विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। बच्चों को मोबाइल से रखें दूर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनके मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के साथ रचनात्मक गतिविधियां कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बच्चों के मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले बुरे असर पर भी बात हुई। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को बेवजह मोबाइल से दूर रखें और इस बारे में जागरूकता फैलाएं। इस मौके पर सेविकाओं ने खाना खाने से पहले हाथ धोने का सही तरीका दिखाया। वहीं, गोद भराई कार्यक्रम के तहत प्रखंड समन्वयक आरती कुमारी की गोद भराई की रस्म भी हुई। कार्यक्रम में मां और बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और साफ-सफाई के बारे में जागरूकता का संदेश दिया गया। मौके पर सीडीपीओ चंचला कुमारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी सुधीर कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष सह भाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार उर्फ बंटी साह, सदस्य मनीष कुमार, मो. मुजफ्फर, गौतम विश्वकर्मा और एनडीए कार्यकर्ता व दूसरे खास लोग मौजूद थे।
विदिशा पुलिस को गंभीर अपराधों की जांच के लिए हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों से मिली इस वैन की मदद से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा सकेंगे और उनकी शुरुआती जांच भी की जा सकेगी। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक रोहित कासवानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। वैन में सबूत जुटाने, उनकी जांच, फोटोग्राफी, दस्तावेजीकरण और सुरक्षित रखने के लिए कई आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। फिंगरप्रिंट से डीएनए तक जांच की सुविधा वैन में घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट इन्वेस्टिगेशन किट, ब्लड एंड हेयर आइडेंटिफिकेशन किट, डीएनए कलेक्शन किट, जीएसआर किट, नारकोटिक्स डिटेक्शन किट, एक्सप्लोसिव डिटेक्शन किट, फुटप्रिंट व टायर इम्प्रेशन किट, आर्सन इन्वेस्टिगेशन किट और बुलेट होल एग्जामिनेशन किट उपलब्ध हैं। आधुनिक उपकरणों से मौके पर दस्तावेजीकरण वैन में डीएसएलआर कैमरा, स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, मिनी रेफ्रिजरेटर, एलईडी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर और बॉडी-वॉर्न कैमरा भी हैं। इनकी मदद से घटनास्थल की फोटोग्राफी, माप, दस्तावेजीकरण और मिले सबूतों को सुरक्षित रखने का काम किया जा सकेगा। कैमरे और जीपीएस से रखी जाएगी नजर वैन में आगे और पीछे कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए घटनास्थल की स्थिति और वहां मौजूद भीड़ पर नजर रखने में मदद मिलेगी। वहीं जीपीएस सिस्टम के माध्यम से पुलिस मुख्यालय से वैन की लोकेशन और उसकी गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। सबूतों की चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने में मदद पुलिस अधीक्षक रोहित कासवानी ने बताया कि वैन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि घटनास्थल पर मिले जरूरी सबूतों को शुरुआती स्तर पर ही सुरक्षित किया जा सकेगा। इससे सबूतों की चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने में मदद मिलेगी और जांच ज्यादा वैज्ञानिक व सबूत आधारित हो सकेगी। गंभीर अपराधों की जांच में यह वैन पुलिस के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी संसाधन साबित होगी। अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद वैन को रवाना किए जाने के दौरान फिंगरप्रिंट शाखा प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र साहू, रक्षित निरीक्षक नीरज सिंह सिकरवार, पुलिस फोटोग्राफर प्रधान आरक्षक भानु प्रकाश सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कोटा में नगर निगम चुनाव से एक दिन पहले चुनाव ड्यूटी के दौरान पुलिस थाने में ASI राधेश्याम सांखला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ASI पुलिस मोबाइल पार्टी में ड्यूटी पर तैनात थे, इसी दौरान अचानक उनके सीने में दर्द हुआ। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ASI राधेश्याम सांखला (52) की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आई है। ASI राधेश्याम सांखला कोटा के आरके पुरम थाने में तैनात थे। बुधवार से उनकी चुनाव ड्यूटी पुलिस मोबाइल पार्टी में लगाई गई थी और वे सुबह गश्त पर जाने के लिए थाने गए हुए थे। दरअसल, गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक घबराहट होने लगी और उनके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी और परिजनों ने उन्हें तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम, एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पुलिस ने न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शव रखवाया, जहां परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। एएसआई राधेश्याम सांखला की बड़ी बेटी उत्तर प्रदेश के आगरा से कोटा आ रही है। उसके पहुंचने के बाद शुक्रवार को शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। एसएसआई के ड्यूटी के दौरान सीने में हुआ था दर्द आरके पुरम थाना अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि राधेश्याम सांखला की चुनाव मोबाइल पार्टी में ड्यूटी थी। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे राधेश्याम सांखला ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। इस दौरान साथ ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी और परिजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान करीब 11 से 12 बजे के बीच उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। जबकि उन्हें पहले किसी भी तरह की कोई बीमारी भी नहीं थी। कल भी घबराहट हो रही थी, पैर में भी दर्द था बेटे यमन सांखला ने बताया कि पिता को बुधवार को घबराहट हो रही थी, उनके पैर में भी दर्द था। बुधवार रात करीब 10 बजे वे खाना खाकर सो गए थे। गुरुवार को सुबह ड्यूटी के लिए थाने गए थे, जहां करीब साढ़े 8 बजे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने मुझे फोन किया तो मैं तुरंत थाने पहुंचा, जहां स्टाफ के लोगों की मदद से निजी हॉस्पिटल लेकर गए। हॉस्पिटल में उनकी जांचे हुई, उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां एक-डेढ़ घंटे बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। उनके कोई बीमारी नहीं थी। एसएसआई ने चंबल में कूदी महिला को बचाया था थानाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि राधेश्याम ने चंबल में कूदी महिला को बचाया था, इसके लिए उन्हें गैलंट्री अवॉर्ड भी मिला था। दो महीने पहले उनके पैर में लगी थी। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत होना सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे। उत्कृष्ट कार्यों के लिए डीजीपी डिस्क से किया जा चुका था सम्मानित वहीं साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि सांखला बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के थे। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान कई उल्लेखनीय कार्य किए। ड्यूटी के दौरान उन्होंने चंबल नदी और नहर में डूब रहे तीन-चार लोगों की जान भी बचाई थी। उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया जा चुका था। उन्हें गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुका था। पुलिसकर्मियों ने सांखला के निधन को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उज्जैन में हफ्ता वसूली के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे दो आदतन आरोपियों को महिदपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों पर पहले से 18 और 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, महाकाल दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के गुम हुए सात मोबाइल भी पुलिस ने साइबर सेल की मदद से बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। साइबर सेल की मदद से सात मोबाइल बरामद महाकाल दर्शन और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं ने मोबाइल गुम होने की जानकारी महाकाल थाना पुलिस को दी थी। पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद से इन मोबाइलों की लोकेशन पता की। इसके बाद नानाखेड़ा पुलिस की मदद से सात मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस ने सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए। मोबाइल वापस मिलने पर श्रद्धालुओं ने पुलिस का आभार जताया। महिला से हर हफ्ते मांगे थे 1,000 रुपए दूसरी कार्रवाई महिदपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां पुलिस ने हफ्ता वसूली के मामले में फरार दो आदतन आरोपियों इम्तियाज अली कोठार और गम्पू उर्फ गम्पिया उर्फ मुमतियाज अली कोठार को गिरफ्तार किया है। दोनों करीब एक महीने से फरार चल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को दोनों आरोपियों ने एक महिला से खुद को महिदपुर का दादा-पहलवान बताकर हर हफ्ते 1,000 रुपए हफ्ता मांगा था। महिला ने पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट में पेश किया, महिदपुर उपजेल भेजा मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी। मुखबिरों की जानकारी और लगातार तलाश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट मिलने पर उन्हें महिदपुर उपजेल भेज दिया गया। इम्तियाज पर 18, गम्पू पर 23 केस पुलिस के मुताबिक, इम्तियाज अली कोठार के खिलाफ पहले से 18 और गम्पू के खिलाफ 23 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और अवैध वसूली जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को लेकर हनुमानगढ़ में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। शुक्रवार को हनुमानगढ़ नगर परिषद, पीलीबंगा और गोलूवाला नगर पालिकाओं में मतदान होगा। हनुमानगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में 22 स्थानों को संवेदनशील और अति संवेदनशील चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। वहीं जंक्शन और टाउन क्षेत्र में 20 मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी। पहले चरण का मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद पुलिस अब दूसरे चरण में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अफसरों से लेकर जवानों तक तैनाती जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने बताया कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्वक कराने में पुलिस अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही। दूसरे चरण के लिए भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी लगातार संबंधित इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। हनुमानगढ़ में दो एडिशनल एसपी संभालेंगे कमान एसपी के अनुसार हनुमानगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के लिए दो एडिशनल एसपी, दो डिप्टी एसपी और तीन-चार इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। इनके साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी रहेगा। जंक्शन और टाउन क्षेत्र में लगाई गई 20 मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी। किसी भी स्थिति में जरूरत पड़ने पर रिजर्व पुलिस बल को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा। 22 संवेदनशील-अति संवेदनशील स्थानों पर खास नजर नगर परिषद के 60 वार्डों में से 22 स्थानों को संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। एसपी बी आदित्य खुद भी मतदान केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की परेशानी सामने न आए। कंट्रोल रूम और CCTV से निगरानी चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके जरिए लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। शहर में लगे CCTV कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का फोकस मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने पर रहेगा। गड़बड़ी हुई तो होगी सख्त कार्रवाई एसपी ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता के उल्लंघन, अवैध गतिविधि या चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा कोई मामला सामने आने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्भीक होकर मतदान की अपील एसपी ने आमजन से पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने और बिना किसी भय के मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से दूसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
मगध मेडिकल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में दो युवकों की नैली के निकट पानी की संरचना में गिरने से हुई मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब 11 महीने बाद मृतकों के परिजनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। विशाल राज और यशराज की मां मंजू व रिंकू देवी ने मगध रेंज के IG से मुलाकात की। उन्होंने घटना की निष्पक्ष व वैज्ञानिक तरीके से दोबारा जांच कराने की मांग की है। खास बात यह भी की विशाल राज राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रहा है। बावजूद इसके उसकी हत्या करने वालों खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। यहीं नहीं दोनों युवकों की हत्या मामले में जब कुछ युवक नामजद बनाए गए थे तो उस समय कुछ कांग्रेस के कद्दावर नेता ने तत्कालीन आईजी से मिलकर आरोपियों के पक्ष में पैरवी भी की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच कराई जाए परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों की मौत की परिस्थितियां अब भी साफ नहीं हैं। उन दोनों युवकों की साजिशन हत्या की गई है। इसलिए घटना से जुड़े तथ्यों व पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच कराई जाए। इसके लिए सक्षम मेडिकल बोर्ड और विशेषज्ञों की टीम गठित की जाए। घटना के समय मौजूद अन्य युवकों की भूमिका की भी जांच हो। आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। मोबाइल और साथियों की भूमिका जांचने की मांगमंजू देवी ने आवेदन में कहा है कि घटना के समय दोनों युवकों के साथ अन्य बच्चे भी मौजूद थे। परिजनों ने तीसरे साथी मनोज कुमार के अब तक लापता होने और सौरभ की भूमिका समेत कई बिंदुओं की जांच की मांग की है। परिजनों ने मृतकों के मोबाइल की भी जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि मोबाइल से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता चल सकता है। किससे बात हुई। किससे संपर्क था। घटना के समय मोबाइल की लोकेशन क्या थी। इन सभी बिंदुओं की जांच की मांग की गई है। यही नहीं परिजनों ने आरोपी पक्ष के कुछ लोगों पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि परिवार के दूसरे सदस्यों को भी धमकियां मिल रही हैं। इसलिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। बेटा राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित थामंजू देवी का कहना है कि उनका बेटा विशाल राज राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुका था। दोनो युवको क् जब अपराध से कोई लेनादेना नहीं था तो फिर यह घटना क्यों हुई। घटना की परिस्थितियों को पूरी तरह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कुछ लोगों पर संदेह जताया है। परिजनों ने जांच एजेंसियों से मोबाइल, कॉल डिटेल, लोकेशन और घटना के समय मौजूद लोगों के बयानों को मिलाकर जांच करने की मांग की है। यश की मां बोली- फोन पर घबराया हुआ था बेटा यशराज की मां रिंकू देवी ने भी IG से इंसाफ की मांग की। उन्होंने बताया कि घटना से पहले यश उनके संपर्क में था। उनके अनुसार फोन पर यश घबराया हुआ लग रहा था। वह ठीक से बात नहीं कर पा रहा था। इसके बाद फोन कट गया। रिंकू देवी ने घटना में सुजीत कुमार की भूमिका पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि घटना की पूरी परिस्थिति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मोबाइल की जांच कराने की भी मांग की है। रिंकू देवी ने बताया कि उनके पति की मौत करीब 16 साल पहले हो गई थी। मजदूरी और दूध बेचकर उन्होंने बेटे को पढ़ाया था। उनका कहना है कि बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। पानी व कीचड़ से मिले थे दोनों के शव घटना में दोनों युवकों के शव पानी की गहराई से बरामद किए गए थे। अब परिजनों की ओर से दोबारा जांच की मांग के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। परिजनों की मांग है कि उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से समीक्षा हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों से जांच कराई जाए। घटना के समय मौजूद सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल हो। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी से बदला नहीं चाहिए। उन्हें सिर्फ यह जानना है कि दोनों युवकों की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई।
मोबाइल बरामदगी के बाद जेल प्रहरी विष्णु की रिपोर्ट पर जयपुर के लालकोठी थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच लालकोठी थाने के एएसआई सूरजमल को सौंपी गई है।
बिजली और मोबाइल नेटवर्क की बदहाली पर भड़के ग्रामीण, शहडोल-पंडरिया मार्ग जाम
डिंडौरी के बजाग में बिजली और मोबाइल नेटवर्क की बदहाल व्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने शहडोल-पंडरिया मार्ग जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग पर डटे रहे।
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व गृह मंत्री एवं गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक बार फिर पंजाब पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने पहुंचे रंधावा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरदासपुर और बटाला के एसएसपी समेत डेरा बाबा नानक के डीएसपी और बटाला से ट्रांसफर हुए डीएसपी पर गैंगस्टरों से सीधे लिंक होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रंधावा ने कहा कि दोनों एसएसपी और डीएसपी के मोबाइल चैक किए जाएं कि उन्हें किन-किन गैंगस्टरों के फोन आते हैं। अगर उनकी बात गलत साबित होती है तो उन पर पर्चा दर्ज किया जाए। रंधावा ने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रताप सिंह बाजवा से भी इस मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब वे एसएसपी दफ्तरों का घेराव करेंगे और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगेंगे। एसएसपी के मोबाइल फोन चेक किए जाएं सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के डीजीपी को चुनौती देते हुए मांग की कि गुरदासपुर और बटाला के एसएसपी के मोबाइल फोन की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड चेक करके देखा जाए कि इन्हें किन-किन गैंगस्टरों के फोन आते हैं और इनके कितने गैंगस्टरों से संबंध हैं। रंधावा ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा, यदि ये आरोप गलत साबित होते हैं, तो डीजीपी साहब बेशक मुझ पर एफआईआर दर्ज कर दें। नहीं तो इन दोनों एसएसपी और संबंधित अधिकारियों पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए। संगरूर सुसाइड मामले और गैंगस्टर कनेक्शन की जांच की मांग बातचीत के दौरान रंधावा ने संगरूर के गांव तूर बंजारा में गुलजार सिंह के परिवार के सुसाइड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले की भी गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में राष्ट्रीय स्तर के गैंगस्टरों के लिंक हैं, जिनकी जांच किया जाना बेहद जरूरी है। डीजीपी गैंगस्टरों के परिवारों को दे रहे सुरक्षा पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रंधावा ने कहा कि आम लोगों की लाइसेंसी हथियारों की फाइलें साल-साल भर इंक्वायरी में लटकी रहती हैं। जिन्हें गैंगस्टरों से धमकियां मिलती हैं, उन्हें सुरक्षा या लाइसेंस नहीं मिलता। दूसरी तरफ, जो लोग रंगदारी मांगते हैं और हत्याएं करवाते हैं, पंजाब के डीजीपी उन गैंगस्टरों के परिवारों को सरकारी सुरक्षा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में एडहॉक (अस्थायी) डीजीपी होने के कारण रंगदारी और गुंडागर्दी बढ़ रही है। यदि राज्य में कोई स्थायी डीजीपी नियुक्त किया जाए, तभी पंजाब के हालात में सुधार हो सकता है।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर : आपके गांव की सड़क बनने में हुई देरी तो अफसर के मोबाइल पर बजेगा अलर्ट
ग्रामीण कार्य विभाग मुजफ्फरपुर में सड़क और पुल निर्माण में देरी पर नजर रखने के लिए एडवांस एमआईएस में 'डिले मॉड्यूल' जोड़ रहा है। इससे तय समय से काम में देरी होने पर संबंधित अभियंता के मोबाइल पर सीधे अलर्ट मिलेगा।
कानपुर में बुधवार देर रात 12वीं के छात्र ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र का चचेरा भाई वीरेंद्र कमरे में पहुंचा तो शव पंखे के सहारे दुपट्टे से लटका मिला। यह देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर परिवार के लोग और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। मोबाइल में व्हाट्सएप के कुछ मैसेज डिलीट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मामला सजेती थाना क्षेत्र के बरीपाल गांव का है। माता-पिता और बहन गए थे दवा लेने, घर पर अकेला था छात्र बरीपाल गांव निवासी किसान संजय पांडेय के परिवार में पत्नी राधा पांडेय, बेटी श्रद्धा पांडेय और इकलौता बेटा प्रखर पांडेय (18) था। प्रखर 12वीं का छात्र था। पिता के मुताबिक बुधवार को उनकी पत्नी और बेटी दवा लेने स्वरूपनगर गए थे। प्रखर उस समय घर पर अकेला था। घर लौटते समय मां और बहन ने किसी काम के सिलसिले में प्रखर को फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठा। इसके बाद परिजनों ने प्रखर के चचेरे भाई वीरेंद्र को फोन कर घर जाकर देखने के लिए कहा। रात करीब आठ बजे वीरेंद्र घर पहुंचा। बाहर से प्रखर के नजर नहीं आने पर वह उसके कमरे में गया। दरवाजा खोलते ही सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। प्रखर का शव पंखे के सहारे दुपट्टे से लटका हुआ था। मोबाइल में डिलीट मिले व्हाट्सएप मैसेज, जांच में जुटी पुलिस वीरेंद्र की चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर सूचना दी। कुछ ही देर में सजेती थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे और आसपास के स्थानों की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की। प्रारंभिक छानबीन में मोबाइल के व्हाट्सएप पर कुछ मैसेज डिलीट मिले हैं। पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच के साथ ही छात्र के परिचितों और परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। प्रेम प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। परिजनों से पूछताछ की गई है, लेकिन उन्होंने आत्महत्या की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है। छात्र के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। प्रेम प्रसंग समेत अन्य पहलुओं पर भी छानबीन जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कागारौल थाना क्षेत्र में चोरों ने ज्वेलर्स की दुकान पीछे से तोड़ने के बाद दो अन्य दुकानों और दो खोखों के ताले तोड़कर चोरी की।
सोनीपत में मोबाइल शॉप से 30 हजार कैश-25 फोन चोरी:दुकान की छत उखाड़ अंदर घुसे चोर; कैमरे भी साथ ले गए
सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र के गांव मोबाइल की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर दुकान की छत उखाड़कर अंदर दाखिल हुए और दुकान में रखे 30 हजार रुपए कैश के अलावा करीब 25 मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। चोरी किए गए मोबाइल फोन की कीमत दुकानदार के अनुसार करीब 1 से 1.5 लाख रुपए है। वारदात के बाद चोर दुकान में लगे CCTV कैमरे भी उखाड़कर ले गए, जिससे उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। दुकानदार को सुबह घटना का पता चला तो उसने मामले की सूचना थाना खरखौदा पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छत उखाड़कर दुकान में घुसे चोर गांव सिसाना-1 के रहने वाले दुकानदार प्रमोद पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी गांव में मोबाइल की दुकान है। रात चोरों ने दुकान की छत उखाड़ दी और इसी रास्ते दुकान के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद चोरों ने दुकान को खंगाला और वहां रखा सामान अपने साथ ले गए। 30 हजार कैश और 25 मोबाइल चोरी प्रमोद के अनुसार दुकान में करीब 30 हजार रुपये कैश रखा हुआ था। चोर कैश के अलावा करीब 25 मोबाइल फोन भी चोरी कर ले गए। इनमें कुछ कीपैड फोन भी शामिल हैं। दुकानदार ने चोरी हुए मोबाइल फोन की कीमत करीब 1 से 1.5 लाख रुपये बताई है। चोरी के कारण उसे आर्थिक नुकसान हुआ है और इसी दुकान से वह अपने परिवार का गुजारा करता है। CCTV कैमरे भी उखाड़ ले गए दुकानदार ने बताया कि दुकान में सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए हुए थे। चोरों ने वारदात के बाद दुकान में लगे कैमरों को भी उखाड़ दिया और अपने साथ ले गए। ऐसे में चोरी की पूरी वारदात की CCTV फुटेज पुलिस को नहीं मिल सकी है। पुलिस अब अन्य संभावित कैमरों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने BNS की धाराओं में केस दर्ज किया शिकायत मिलने के बाद थाना खरखौदा पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत केस दर्ज किया है। FIR दर्ज करने के बाद पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, जहां मौके का निरीक्षण कर चोरी से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दुकानदार ने जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की प्रमोद ने पुलिस से चोरों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है, ताकि चोरी के कारण हुए नुकसान की भरपाई हो सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान व चोरी किए गए मोबाइल फोन और कैश की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरदारपुरा थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई - मोबाइल लूट गैंग के 3 बदमाश गिरफ्तार, 31 फोन बरामद
थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने शहर भर में आतंक बने मोबाइल लूट गैंग के 3 शातिरों को गिरफ्तार किया है। गैंग रेलवे स्टेशन व सरदारपुरा समेत पूरे शहर में स्कूटी पर सवार होकर राहगीरों से मोबाइल छीनकर फरार हो जाती थी।
गुना में अमेजन रिफंड फ्रॉड का खुलासा: पुलिस ने 17 लाख के 17 मोबाइल किए जब्त, दुकानदारों को बेच दिए थे फोन
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की डिग्रियां डिजिलाकर पर अपलोड कर दी हैं। अब छात्रों को डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी डिग्री डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिग्री हर जगह मान्य होगी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों को डिजिटल सुविधाएं देने पर जोर दे रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने एक पत्र जारी किया है। इसमें सभी प्राचार्यों, संकाय प्रमुखों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को छात्रों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिलाकर पर डिग्री पाने के लिए छात्रों को पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए डिजिलाकर की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें आधार के अनुसार नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, छह अंकों का सुरक्षा पिन और आधार संख्या डालनी होगी। मोबाइल पर मिले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) को वेरिफाई करने के बाद अकाउंट बन जाएगा। इसके बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नाम चुनना होगा। फिर डिग्री सर्टिफिकेट का विकल्प लेना होगा। इसमें रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन या एनरोलमेंट संख्या और पास होने का साल डालना होगा। सहमति देने के बाद डिग्री 'जारी दस्तावेज' सेक्शन में दिखेगी। वहां से छात्र उसकी पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
नेहा के जीजा का मोबाइल गायब... दावा- शादी के लिए लाई थी शराब
समस्तीपुर में शराब मामले में गिरफ्तार नेहा झा और उसके जीजा ईशान की जांच अब SIT कर रही है. नेहा के मोबाइल से अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, जबकि गिरफ्तारी के समय ईशान का मोबाइल भी बरामद नहीं हुआ था. SIT अब दोनों की पूरी ट्रेन यात्रा, 'शादी के लिए शराब लाने' के दावे और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी है.
नर्मदापुरम के स्कूल में अजीब हालात: बाहर 5G टॉवर, मोबाइल में फुल सिग्नल; शिक्षा विभाग की फाइलों में ‘जीरो नेटवर्क’
गुना में अमेजन से मोबाइल मंगवाकर रिफंड लेने के बाद फोन अपने पास रखने वाले फ्रॉड नेटवर्क के मामले में कैंट पुलिस ने 17 नए मोबाइल जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 17 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इन मोबाइल को दुकानदारों को बेच दिया था। आरोपी करीब 90 हजार रुपए कीमत वाला मोबाइल दुकानदारों को 80 हजार रुपए में बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, अमेजन से मोबाइल की डिलीवरी लेने के बाद आरोपी रिफंड भी प्राप्त कर लेते थे और फोन भी अपने पास रख लेते थे। इसके बाद इन मोबाइल को अलग-अलग दुकानदारों को बेच दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दुकानदारों से ये मोबाइल बरामद किए हैं। 14 आरोपियों पर दर्ज है मामला कैंट पुलिस ने बताया कि एसपी हितिका वासल के निर्देशन में साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एएसपी प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और प्रभारी सीएसपी आनंद राय के नेतृत्व में कैंट पुलिस ने अमेजन फ्रॉड मामले में कार्रवाई की है। 2 सितंबर को इस नेटवर्क से जुड़े कुल 14 आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में अपराध क्रमांक 758/26 दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) और IT एक्ट की धारा 66(C), 66(D) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले दो आरोपियों से EV कार और मोबाइल मिले मामले में कैंट पुलिस ने मुख्य आरोपी शोखर मीना निवासी ग्राम विलौदा और तरुण शर्मा निवासी साडा कॉलोनी राघौगढ़ को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 35 लाख रुपए कीमत की एक EV कार और करीब 3 लाख रुपए के 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद 6 सितंबर को पुलिस ने दो अन्य आरोपियों सुमित मीना निवासी ग्राम लालोनी और नमन शर्मा निवासी बारां, राजस्थान को गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। रिमांड में पूछताछ के बाद 17 मोबाइल बरामद पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ऑनलाइन ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन, उनकी बिक्री और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग दुकानदारों से कुल 17 मोबाइल फोन बरामद किए। इनकी कीमत करीब 17 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार ये वही नए मोबाइल हैं, जिन्हें अमेजन से मंगाने के बाद रिफंड लिया गया था और फोन भी आरोपियों के पास रह गए थे। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। कैंट थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा रहा है।
नोएडा में दो शातिर झपटमार पकड़े: बाइक पर घूमकर देते वारदातों को अंजाम; तमंचा-तीन मोबाइल और दो सोने की चेन जब्त
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना ‘बीमार’ है। बच्चों में जन्मजात विकार, कुपोषण, गंभीर बीमारियों की जल्द पहचान के लिए चलाई गई योजना में 502 मोबाइल वैन में सिर्फ 305 की काम कर रही हैं। यानी 40 प्रतिशत टीम गायब है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूल-मदरसों में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विशेषज्ञों के 232 स्वीकृत पदों में से 38 ही भरे गए। 194 पद (84 फीसदी) पिछले 10 साल से खाली हैं। यह खुलासा चिकित्सा विभाग की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। उधर, लेखा महापरीक्षक (कैग) ने भी योजना को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी।इसके बाद भी जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गौरतलब है कि आरबीएसके के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों में 4 प्रमुख श्रेणियों जन्मजात विकार, पोषण संबंधी कमियां, बीमारियां तथा विकास में देरी एवं दिव्यांगता की पहचान की जाती है। यदि कोई बच्चा 40 चिन्हित बीमारियों में से किसी से भी पीड़ित मिलता है तो उसे जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर अथवा मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के तहत निशुल्क सर्जरी भी कराई जाती है। लेकिन, आवश्यक स्टाफ की कमी से बच्चों की स्क्रीनिंग प्रभावित हो रही है। आयुष के 1024 पदों में सिर्फ 289 डॉक्टर ही कार्यरत हैं 352 ब्लॉकों में 512 मोबाइल हेल्थ टीमों में 305 टीमें ही काम कर रही हैं। इनमें भी चिकित्सकीय और तकनीकी कर्मचारियों की कमी है। 1,024 आयुष चिकित्सकों में 289 ही कार्यरत हैं। 735 पद रिक्त है। फार्मासिस्ट के 512 पदों में से 507 और एएनएम के 512 में 112 पद रिक्त है। बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, मनोवैज्ञानिक, ऑप्टोमेट्रिस्ट और सोशल वर्कर सहित कुल 232 स्वीकृत पदों में से केवल 38 पर नियुक्तियां हुई हैं।
Prayagraj News: आनापुर में छात्र का मोबाइल छीनकर भागा बदमाश, शिकायत
आनापुर में छात्र का मोबाइल छीनकर भागा बदमाश, शिकायत
Mohali News: दिव्यांग से पर्स झपटा, पांच हजार नकदी व मोबाइल चोरी
Purse snatched from a differently-abled person; 5,000 in cash and a mobile phone stolen
Basti News: 150 स्कूलों में मोबाइल से लगेगी बच्चों की डिजिटल हाजिरी
150 schools will have digital attendance of children through mobile phones.
Rampur News: महामंडलेश्वर सच्चिदानंद महाराज को जान से मारने की धमकी, मोबाइल पर भेजे दो ऑडियो
रामपुर में छठी महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे वृंदावन स्थित चित्रगुप्त पीठ के महामंडलेश्वर श्री 1008 सच्चिदानंद महाराज को बुधवार को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है।
Pilibhit News: कहासुनी के बाद तीन लोगों को पीटा, मोबाइल तोड़ा
कहासुनी के विवाद में पड़ोस के लोगों पर गाली-गलौज कर मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर में ट्रक चालक को फर्जी ट्रांसपोर्टर बनकर 30 टन मक्का यूपी पहुंचाने का झांसा दिया गया। इसके बाद उसे रामदयालुनगर बुलाकर एक युवक ट्रक में सवार हो गया। रास्ते में उसने चालक को जूस पीने के लिए दिया। जूस पीने के कुछ देर बाद ही चालक को चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गया। इसी दौरान युवक उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकालकर फरार हो गया। कुछ देर बाद चालक को होश आया तो उसने किसी तरह ट्रक चलाया, लेकिन तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को तुर्की पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को परिजनों के साथ सदर थाने पहुंचे चालक ने पूरी घटना की लिखित शिकायत की। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फोन कर खुद को बताया ट्रांसपोर्टर, मक्का पहुंचाने की बात कही पीड़ित चालक जितेंद्र कुमार उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरबक्सगंज गांव का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन पहले हरियाणा के झज्जर से अलकतरा लदा ट्रक लेकर बिहार आया था। बीबीगंज में अलकतरा खाली करने के बाद उसने ट्रक मझौलिया में खड़ा कर दिया था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए कहा कि उसे 30 टन मक्का लोड कर यूपी के उन्नाव पहुंचाना है। चालक को इसके लिए रामदयालुनगर स्थित मलंग स्थान के पास बुलाया गया। मलंग स्थान के पास ट्रक में सवार हुआ युवक जितेंद्र के अनुसार, वह बताए गए स्थान पर पहुंचा तो एक युवक उसके ट्रक में सवार हो गया। युवक ने मक्का लोड कराने की बात कहते हुए चालक को आगे चलने के लिए कहा। कुछ दूर जाने के बाद उसने जितेंद्र को जूस पीने के लिए दिया। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि जूस पीने के कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आने लगा। इसके बाद वह बेहोश हो गया। इसी दौरान ट्रक में सवार युवक ने उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकाल लिए और रास्ते में उतरकर फरार हो गया। होश आया तो ट्रक चलाया, तुर्की में हो गया हादसा चालक के अनुसार, कुछ समय बाद उसे हल्का होश आया। इसके बाद उसने किसी तरह ट्रक को आगे बढ़ाया। इसी दौरान तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया और तुर्की पुलिस को सौंप दिया। जितेंद्र के मुताबिक, वह पूरी रात तुर्की थाने में रहा। बुधवार को जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ पहुंचा सदर थाना, जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद जितेंद्र के परिजन तुर्की थाने पहुंचे। इसके बाद वे चालक को लेकर सदर थाना पहुंचे, जहां उसने लिखित शिकायत दी। सदर पुलिस अब फोन करने वाले व्यक्ति और उसके साथ ट्रक में सवार हुए युवक की पहचान में जुटी है। पुलिस घटना वाले स्थान और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज के साथ फोन नंबरों की जांच कर रही है। जूस में क्या मिलाया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कोर्ट परिसर में कमजोर वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क सुविधाओं पर अपने प्रशासन से चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
जबलपुर पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 लाख रुपए कीमत के 175 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बुधवार को एसपी कार्यालय के जनसुनवाई कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने ये मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइल में महंगे एंड्रॉइड स्मार्टफोन के साथ आईफोन भी शामिल हैं। ये फोन पिछले कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग इलाकों से गुम या चोरी हुए थे। मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। ग्वारीघाट के ऑटो चालक केशव पटेल को उनका 18 हजार रुपए कीमत का मोबाइल वापस मिला। यह फोन नर्मदा घाट पर नहाते समय चोरी हो गया था। केशव ने बताया कि फोन चोरी होने के बाद भी वे उसकी ईएमआई भर रहे थे। फोन वापस मिलने पर उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इसी तरह धनवंतरी नगर की श्रद्धा ठाकुर को घर से गायब हुआ मोबाइल वापस मिला। गढ़ा की देवयानी शुक्ला का मोबाइल सागर में शादी समारोह के दौरान 8 महीने पहले खो गया था। पुलिस ने तकनीक की मदद से उसे तलाश कर बरामद किया। साइबर अपराध से बचने की दी जानकारी मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध जागरूकता सत्र भी आयोजित किया। इसमें लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों, निजी जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने की जानकारी दी गई। मोबाइल गुम हो तो CEIR पर करें रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही CEIR पोर्टल पर भी मोबाइल की जानकारी दर्ज करें, ताकि उसे ट्रैक और ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
मानसा में मोबाइल झपटमारी का खुलासा:2 युवक और चोरी के फोन खरीदने वाला दुकानदार गिरफ्तार, मोबाइल बरामद
मानसा शहर में मोबाइल छीनकर फरार होने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके साथ चोरी के मोबाइल खरीदने वाले एक दुकानदार को भी पुलिस ने काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। डीएसपी मानसा हरजिंदर सिंह गिल ने बताया कि 12 हट्टां चौक पर कृष्ण कुमार निवासी मानसा से दो युवकों ने मोबाइल फोन छीन लिया था। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। DSP बोले- किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीदार सिंह निवासी माखा और मानव उर्फ मान निवासी मानसा के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों युवक चोरी किए गए मोबाइल फोन मानसा शहर के ही एक दुकानदार को बेचते थे। पुलिस ने दुकानदार हरप्रीत सिंह निवासी मानसा को भी मामले में गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शहर में चोरी और झपटमारी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने चेतावनी दी कि चोरी की वारदातों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खरगोन में जुआ खेलते 13 लोग गिरफ्तार:पुलिस ने 10 बाइक, 11 मोबाइल समेत 12 लाख का माल जब्त किया
खरगोन जिले में मेनगांव और सनावद थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात लोहारी के पास जंगल में जुआ खेल रहे 13 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 2 लाख 56 हजार 500 रुपए नकद, करीब 1.50 लाख रुपए कीमत के 11 मोबाइल और करीब 8 लाख रुपए की 10 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मेनगांव थाने में जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। चार्जिंग बल्ब की रोशनी में लगा रहे थे दांव पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि लोहारी के पास जंगल में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापा मारा। यहां लोग चार्जिंग बल्ब की रोशनी में ताश के पत्तों से रुपए का दांव लगा रहे थे। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आरोपी भागे पुलिस टीम को देखते ही कुछ जुआरी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर 13 आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी मेनगांव खरगोन, लोहारी, बामखल, बरसलाय और भटियान क्षेत्र के रहने वाले हैं। 13 आरोपियों पर जुआ एक्ट में केस पकड़े गए आरोपियों में सोनू उर्फ सनोव्वर खान, मंसूर खान, अरुण पगारे, शुभम वर्मा, आसिफ खान, वसीम खान, निसार खान, बिलाल खान, गोपाल धनगर, मोहसिन खान, सलमान, अरबाज खान और इमरान शेख शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मेनगांव थाने में अपराध क्रमांक 229/26 दर्ज किया है। इनके खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत कार्रवाई की गई है।
डीग के बेढ़म गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान 25 साल का युवक बुधवार को टावर पर चढ़ गया। युवक ने चेतावनी दी कि अगर गांव में नेटवर्क की समस्या जल्द ठीक नहीं हुई तो वह टावर से कूदकर आत्महत्या कर लेगा। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। एक महीने से नेटवर्क की परेशानी बेढ़म निवासी युवक पुष्कर का कहना है कि गांव में करीब एक महीने से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। नेटवर्क नहीं मिलने से मोबाइल कॉल, इंटरनेट और दूसरे ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। समस्या से नाराज होकर टावर पर चढ़ा पुष्कर ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर नाराजगी जताते हुए बुधवार को टावर पर चढ़ने का फैसला किया। उसने कहा कि मोबाइल कंपनियां ग्राहकों से महंगे रिचार्ज ले रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहतर नेटवर्क सुविधा नहीं मिल रही। युवक ने नेटवर्क की समस्या के लिए संबंधित संचालकों को जिम्मेदार बताया और समस्या दूर नहीं होने पर टावर से कूदने की चेतावनी दी। पुलिस ने संभाला मोर्चा युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने युवक से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। पुलिस का प्रयास है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जाए और किसी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। एसपी बोले- जल्द सुरक्षित नीचे उतारेंगे जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि एक युवक टावर की खराबी और नेटवर्क की समस्या के कारण टावर पर चढ़ा है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया है। पुलिस युवक को समझा रही है और जल्द ही उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया जाएगा।
फिरोजपुर केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित मोबाइल फोन और नशीला सामान मिलने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की ओर से चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान अलग-अलग बैरकों और जेल परिसर से 9 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नशीली गोलियां और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया। मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जेल प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अगस्त से 2 सितंबर 2026 के बीच कई बार तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जेल में बंद कैदियों और हवालातियों के सामान के साथ-साथ अलग-अलग स्थानों की जांच की गई। तलाशी के दौरान कुल 9 मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा कुछ मामलों में सिम कार्ड और नशीली गोलियां भी मिलीं। जेल प्रशासन ने दी पुलिस को सूचना जेल प्रशासन ने बरामद सामान कब्जे में लेने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर में एफआईआर नंबर 312 दर्ज की गई है। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर मोबाइल फोन और नशीला सामान अंदर कैसे पहुंचा। लगातार मोबाइल मिलने से जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
बलरामपुर में निर्माण श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बुधवार को एक मेगा कैंप लगाया गया। यह कैंप दोपहर 12 बजे लेबर चौक, सेखुईया तिराहा पर श्रम विभाग ने आयोजित किया। इसका उद्घाटन डीएम विपिन कुमार जैन ने किया। डीएम जैन ने लेबर चौक पर मौजूद श्रमिकों से बात की। उन्होंने उनकी समस्याओं और सरकारी योजनाओं से मिल रहे फायदे के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने श्रमिकों से समय पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। कैंप में श्रम विभाग ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की अलग-अलग योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों का BOCW में पंजीयन होना जरूरी है। पहले से पंजीकृत श्रमिकों को समय पर पंजीयन का नवीनीकरण कराने के लिए भी जागरूक किया गया, ताकि उन्हें लगातार योजनाओं का फायदा मिलता रहे। यह कैंप सिर्फ जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं था। CSC के जरिए मौके पर ही 20 निर्माण श्रमिकों का BOCW पंजीयन किया गया। कर्मचारियों ने श्रमिकों को पंजीयन की प्रक्रिया और भविष्य में योजनाओं का लाभ पाने का तरीका भी समझाया। श्रमिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के लिए भी कैंप में खास पहल की गई। 30 निर्माण श्रमिकों के मोबाइल फोन में डिजिटल लेबर चौक ऐप इंस्टॉल करके उसे चालू कराया गया। श्रमिकों को ऐप के इस्तेमाल, उसमें मौजूद सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी भी दी गई। इस कैंप से श्रमिकों को न सिर्फ उनके काम की जगह पर सरकारी सेवाएं मिलीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों, पंजीयन, नवीनीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
फाजिल्का जिले में अबोहर के गांव बहादुरखेड़ा में बीएसएनएल मोबाइल टावर से करीब 1.16 लाख रुपए का सामान चोरी हो गया। चोरी कर भाग रहे तीन लोगों को बीएसएनएल के एसडीओ ने पीछा कर सामान समेत पकड़ लिया। सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बीएसएनएल अबोहर के एसडीओ राकेश बांसल निवासी सिविल लाइन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बहादुरखेड़ा में विभाग का टावर लगा है। यहां किर्लोसकर कंपनी का जेनरेटर और क्रंपटन कंपनी का 40 केवी का अल्टीनेटर लगा हुआ है। बुधवार की सुबह करीब 8 बजे गांव के चौकीदार मंगा सिंह ने उन्हें फोन कर बताया कि तीन युवक टावर में घुसकर सामान चोरी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीओ राकेश बांसल जेटीओ राजेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी सामान लेकर फरार हो चुके थे। तलाश करने के बाद पकड़े गए चोर दोनों ने आसपास तलाश की तो गांव की फिरनी के पास तीनों आरोपी चोरी के सामान के साथ मिल गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से 30 मीटर फीडर केबल, 27 डीबीआई एंटीना, 50 एम्पियर का एलटेक रेक्टिफायर, 512 वोल्ट की डिजी बैटरी, 10 मीटर डीसी केबल और अल्टीनेटर का एवीआर कार्ड बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजंट सिंह उर्फ जंटा, निक्का और सुधीर कुमार उर्फ सीपू के रूप में हुई है। ये तीनों बहादुरखेड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपियों से अन्य टावरों पर हुई चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ करेगी।
गोपालगंज में दुकानदार के सोते ही मोबाइल चोरी, CCTV कैमरे में कैद हुआ युवक
9 सितंबर, बुधवार: गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने दुकान से मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। दुकानदार पीयूष कुमार के सोने के दौरान युवक मोबाइल लेकर फरार हो गया। CCTV फुटेज में चोरी की पूरी घटना कैद हुई है। नगर थाने में आवेदन दिया गया है।
दतिया शहर में मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सामने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर लहूलुहान हालत में जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने डायल-112 और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करने की थी। पुलिस ने मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन की मदद से साइबर टीम के जरिए उनकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी। सड़क पर बिखरे बाइक के पुर्जे घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल के सामने हाईवे से गुजर रहे लोगों ने दो युवकों को सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा देखा। मौके पर सड़क पर खून फैला हुआ था और बाइक के कई पुर्जे बिखरे पड़े थे। हाईवे किनारे युवकों के जूते भी पड़े मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों युवकों को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ देर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त बाइक को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। एक मोबाइल टूटा मिला, दूसरा लॉक था दोनों युवकों के पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस ने तलाशी ली तो एक युवक का मोबाइल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला और वह बंद था। दूसरे युवक का मोबाइल चालू था, लेकिन लॉक होने के कारण उससे तत्काल जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस ने साइबर टीम की मदद ली। तकनीकी सहायता से मोबाइल को अनलॉक कराया गया। इसके बाद मोबाइल में सेव नंबरों पर पुलिस ने संपर्क किया। फोन के जरिए मृतकों के परिजनों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें हादसे की सूचना दी गई। मामा के बेटे को लेने पहुंचा था लखन मृतकों की पहचान महावीर कुशवाह (17) निवासी उड़नू की टोरिया के पास राजा का बगिया और लखन कुशवाह (21) निवासी भांडेर के रूप में हुई। परिजनों के मुताबिक महावीर पांच भाइयों में सबसे छोटा था। वहीं लखन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बताया गया कि लखन अपने मामा के बेटे महावीर को घर से लेने करीब डेढ़ घंटे पहले बाइक से पहुंचा था। इसके बाद दोनों बाइक से घूमने के लिए निकले थे। परिजनों को क्या पता था कि कुछ ही देर बाद एक सड़क हादसा उनकी खुशियां छीन लेगा। दोनों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश पुलिस के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों युवकों की बाइक को किस वाहन ने टक्कर मारी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस हाईवे और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। हादसे के समय वहां से गुजरने वाले वाहनों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि टक्कर मारकर भागे वाहन और उसके चालक का पता लगाया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रोहतक जिले के गांव मदीना में रेडियो स्टेशन के पीछे सोमवार सुबह एक युवक का शव जली हुई हालत में मिला था। मृतक की पहचान शेर मोहम्मद निवासी गांव जमालपुर अलीगढ़ यूपी के रूप में हुई, जो दिल्ली में ओला कंपनी के अंदर ड्राइवर था। देर रात को मृतक के परिजनों ने शवगृह पहुंचकर शव की पहचान की। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मृतक शेर मोहम्मद के परिजनों ने बताया कि शेर मोहम्मद की आल्टो गाड़ी रविवार को ऑनलाइन बुक हुई थी। रविवार दोपहर को शेर मोहम्मद सवारी लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कई बार फोन किया, लेकिन फोन भी बंद आ रहा था। जब शेर मोहम्मद की कोई खबर नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू कर दी। जले हुए आधार कार्ड से हुई पहचान मदीना गांव में जहां जली हुई हालत में शव मिला, वहां पुलिस को करीब 50 कदम दूर मिट्टी में एक जला हुआ आधार कार्ड मिला, जिस पर शेर मोहम्मद नाम लिखा था। साथ ही उसका फोन नंबर भी था। वहीं, एक जला हुआ मोबाइल भी बरामद किया गया। इसी के आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क किया। देर रात पहुंचे परिजन, शवगृह में की शिनाख्त मृतक शेर मोहम्मद के परिजन सूचना मिलने के बाद देर रात को थाना बहुअकबरपुर पहुंचे और पुलिस के साथ रात को ही डेड हाउस आए। डेड हाउस में शव की शिनाख्त करते हुए पुलिस को शिकायत दी है। मृतक का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। एक साल से ओला कंपनी में चलाता था गाड़ी मृतक के परिजनों ने बताया कि शेर मोहम्मद एक साल से ओला कंपनी में गाड़ी चलाता था। इससे पहले वह एक प्राइवेट अस्पताल में एम्बूलेंस चलाता था। दिल्ली से गाड़ी कहां के लिए बुक हुई थी, इसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है। शेर मोहम्मद के दो बेटे व एक बेटी है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थाना बहुअकबरपुर पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह एक युवक का शव जली हुई हालत में मिला था। मृतक की शिनाख्त शेर मोहम्मद के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर आज परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले में हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।
सुबह का पहला घंटा स्क्रीन-फ्री रखें, मोबाइल देखने से बचें
भास्कर न्यूज। लुधियाना। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल हाथ में लेना अब कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। अलार्म बंद करने के बाद ज्यादातर लोग बिना उठे ही वॉट्सएप मैसेज, इंस्टाग्राम रील्स, ई-मेल, न्यूज अपडेट और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन चेक करने लगते हैं। कुछ लोगों के लिए यह महज पांच मिनट की आदत होती है, लेकिन यही पांच मिनट कब 20-30 मिनट में बदल जाते हैं, पता ही नहीं चलता। दिन की शुरुआत अपने विचारों और दिनचर्या से करने के बजाय स्क्रीन की सूचनाओं से होने लगी है। {अलार्म के बाद फोन, फिर शुरू हो जाता है स्क्रॉलिंग का सिलसिला: मोबाइल को बेड के पास रखकर सोने वालों में सुबह सबसे पहले फोन देखने की आदत ज्यादा देखी जा रही है। अलार्म बंद करने के साथ ही नोटिफिकेशन चेक करने की उत्सुकता रहती है। एक मैसेज के बाद दूसरा, फिर सोशल मीडिया की एक रील और उसके बाद दूसरी। इस दौरान व्यक्ति मानसिक रूप से कई तरह की सूचनाओं से घिर जाता है। कई बार सुबह-सुबह मिली नकारात्मक खबर या काम से जुड़ा मैसेज पूरे दिन के मूड को प्रभावित कर देता है। { सुबह का समय दिमाग के लिए सबसे शांत: मनोवैज्ञानिकों के अनुसार नींद से जागने के तुरंत बाद दिमाग धीरे-धीरे सक्रिय अवस्था में आता है। इस समय लगातार स्क्रीन देखने और सूचनाएं पढ़ने से दिमाग को तुरंत कई चीजों पर प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। इससे बेचैनी, चिड़चिड़ापन और दिन की शुरुआत में ही मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। खासकर कामकाजी लोगों में ऑफिस के मैसेज सुबह-सुबह देखने से काम का तनाव घर से निकलने से पहले ही शुरू हो जाता है। सुबह का पहला घंटा ‘नो स्क्रीन टाइम’ रखें : एक्सपर्ट की सलाह है कि जागने के बाद कम से कम 30 से 60 मिनट तक मोबाइल से दूरी रखने की कोशिश करें। सबसे पहले पानी पीना, हल्की स्ट्रेचिंग, प्रार्थना/मेडिटेशन, कुछ देर धूप में बैठना या दिन की प्राथमिकताएं तय करना बेहतर विकल्प हो सकता है। अगर अलार्म के लिए फोन जरूरी है तो इसे बेड से कुछ दूरी पर रखें और गैरजरूरी नोटिफिकेशन रात में ही बंद कर दें। { सुबह फोन नहीं, पहले खुद से कनेक्ट हों: जागने के तुरंत बाद फोन देखने से हमारा ध्यान बाहरी सूचनाओं की तरफ चला जाता है। सुबह का समय दिमाग को शांत तरीके से दिन के लिए तैयार करने का होता है। इसलिए कोशिश करें कि उठने के बाद पहले 30 मिनट स्क्रीन फ्री रहें। शुरुआत में मुश्किल लगे तो 10 मिनट से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। फोन देखने का एक तय समय रखें, ताकि दिन की शुरुआत नोटिफिकेशन नहीं बल्कि अपनी प्राथमिकताओं के साथ हो।
Chamba News: ढलोग समेत कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क ठप
Mobile network down in several villages including Dhaloog
Gorakhpur News: फेसबुक पर महिला सिपाही का फोटो और मोबाइल नंबर वायरल, अश्लील कॉल से परेशान
Female constable's photo and mobile number go viral on Facebook; harassed by obscene calls.
Ghaziabad News: मारपीट में युवक घायल, मोबाइल फोन तोड़ने का आरोप
लोनी। ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र की पूजा कॉलोनी में एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महताब ने सहजाद अंसारी, सुहैल, अर्जुन और कुछ अज्ञात साथियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
बदायूं। पांच सौ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में भागे चल रहे 50-50 हजार रुपये के इनामी पूर्व भाजपा नेता शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य की धरपकड़ के लिए गौतमबुद्धनगर की एसटीएफ एक माह से जाल बिछाए थी।
Ghaziabad News: बदमाशों ने युवक को धक्का देकर मोबाइल छीना
साहिबाबाद। बाइक सवार दो बदमाशों ने वृंदावन ग्रीन सोसायटी के युवक से मोबाइल छीन लिया।
Kangra News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगे नए मोबाइल फोन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभागीय रिपोर्टिंग और दैनिक कार्यों को ऑनलाइन दर्ज करने में कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Faridabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल एक्स-रे वैन से होगी टीबी की जांच
TB screening to be conducted using mobile X-ray vans in rural areas.
Jind News: मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किताबों से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी
अभियान के दौरान संस्कृत प्रवक्ता रेखा शर्मा ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अच्छे साहित्य का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
मेरठ में साइबर ठगों ने एक पेपर मील प्रबंधक के मोबाइल को APK फाइल के जरिए हैक कर कंपनी निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इसके बाद प्रबंधक को भुगतान के फर्जी निर्देश भेजकर चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 1.80 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि साइबर थाना पुलिस की करीब डेढ़ माह की मेहनत रंग लाई। पुलिस ने ठगी की रकम में से 1.55 करोड़ 98 हजार 300 रुपये रिकवर कराकर पीड़ित को वापस दिला दिए। इस सफलता पर एसएसपी ने साइबर थाना टीम की सराहना की है। साइबर थाना प्रभारी महावीर सिंह के मुताबिक, मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल की हरिद्वार के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में गंगोत्री पेपर मील है। मील का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी मुजफ्फरनगर शाखा में है। इस खाते का संचालन मील के प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को पहुंची थी APK फाइल17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक अंजान नंबर से APK फाइल पहुंची। संदीप ने बिना जांच-पड़ताल किए फाइल खोल दी। फाइल खुलते ही उनके मोबाइल का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजे भुगतान के निर्देशठगों ने इसी फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को व्हाट्सएप मैसेज भेजने शुरू किए। मैसेज में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। चूंकि इससे पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के जरिए भुगतान संबंधी निर्देश देते थे, इसलिए संदीप को ठगों की करतूत पर जरा भी शक नहीं हुआ। चार ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर कर दिए 1.80 करोड़17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच मील प्रबंधक ने ठगों के बताए बैंक खातों में चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं। निदेशक के आने पर खुला ठगी का राज20 जुलाई को पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल मिल पहुंचे। इस दौरान संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों की जानकारी दी। रकम की जानकारी मिलते ही दोनों के होश उड़ गए। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के भुगतान के लिए उन्होंने कोई मैसेज नहीं भेजा था। इसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। तत्काल साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायतमामले की जानकारी होते ही संदीप गोयल ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी गई। एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। डेढ़ माह तक खातों की खंगाली गई कुंडलीसाइबर थाना पुलिस की टीम पिछले करीब डेढ़ माह से मामले की जांच में जुटी थी। टीम ने उन बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खातों में मौजूद रकम को फ्रीज करा दिया। हालांकि कार्रवाई से पहले ही साइबर ठग 24 लाख एक हजार 700 रुपये निकालने में कामयाब हो गए थे।इसके बाद बची रकम को पीड़ित तक वापस पहुंचाने के लिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मामला कोर्ट तक पहुंचा और पुलिस ने न्यायालय से रकम रिलीज कराने का आदेश प्राप्त किया। कोर्ट के आदेश पर वापस मिले 1.55 करोड़मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 55 लाख 98 हजार 300 रुपये की रकम प्रज्ज्वल अग्रवाल के खाते में रिकवर करा दी। इस तरह पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित को ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा वापस मिल गया।
मोतिहारी के हरसिद्धि बाजार से लापता तीन छात्राओं को हरसिद्धि पुलिस ने 48 घंटे के अंदर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने तारियानी थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सुंदर महतो के बेटे चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। चंदन फिलहाल गोरखपुर में रहता है। छात्राओं को खोजने वाली टीम में अरेराज की प्रभारी डीएसपी प्रियंका कुमारी, हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार, दारोगा अविनाश कुमार और दारोगा प्रीतम कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। मंगलवार को हरसिद्धि थाना में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रभारी डीएसपी प्रियंका कुमारी ने बताया कि 6 सितंबर को थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और गांव की दो और छात्राएं हरसिद्धि बाजार से लापता हो गई हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। छात्राओं को खोजने के लिए सीसीटीवी कैमरा, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी मदद ली गई। सुगौली से ट्रेन पकड़कर पहुंची थीं मुजफ्फरपुर जांच में पता चला कि तीनों छात्राएं अच्छी जिंदगी जीने के लिए घर से परिजनों को बिना बताए निकली थीं। वे सुगौली से ट्रेन पकड़कर मुजफ्फरपुर पहुंची थीं। वहां चंदन कुमार पहले से मौजूद था। पुलिस के अनुसार, उसने छात्राओं को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया। गोरखपुर स्टेशन पर पुलिस ने पकड़ा डीएसपी ने बताया कि चंदन तीनों छात्राओं को पहले सीतामढ़ी ले गया। वहां से वह उन्हें लेकर गोरखपुर स्टेशन पर उतरा ही था कि पहले से पीछा कर रही पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। मौके से तीनों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। छात्राएं परिजनों को सौंपी गईं फिलहाल तीनों छात्राओं को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है।
नवादा में पुलिस ने सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मीरचक चमर टोली से इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से आठ मोबाइल फोन भी मिले हैं। एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी और थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस को ठगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर एक टीम बनाई गई। टीम ने मीरचक चमर टोली में छापेमारी की। ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान पांच साइबर अपराधी पकड़े गए। उनके पास से आठ एंड्रॉयड मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरचक चमर टोली निवासी जोगिंदर दास (केदार रविदास का बेटा), गौतम कुमार (अरविंद रविदास का बेटा), टुनटुन रविदास (राजेंद्र रविदास का बेटा), प्रकाश रविदास (काली रविदास का बेटा) और धर्मेंद्र रविदास (नरेश रविदास का बेटा) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और दूसरी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठग लेते थे पैसे वे कस्टमर डेटा और फेसबुक से नंबर लेकर लोगों को फोन करते थे। ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए ठग कभी बैंक मैनेजर तो कभी दूसरे स्टाफ बनकर बात करते थे। जब कोई ग्राहक उनके जाल में फंस जाता था, तो वे लोन देने के बहाने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी मांगते थे। इसके बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ठग लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वे इस तरह कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में फैले ठगी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
सहरसा जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के दिवारी गांव निवासी 30 वर्षीय चालक रूपेश कुमार की बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। सोमवार को उसका शव रेलवे पटरी के किनारे मिला। मंगलवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में मातम छा गया। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दिवारी गांव निवासी मणिकांत यादव का बेटा रूपेश कुमार गाड़ी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। रविवार तड़के करीब तीन बजे वह बसौना निवासी एक रिटायर्ड इंजीनियर को चारपहिया वाहन से देवघर छोड़ने गया था। उन्हें वहां छोड़कर रूपेश किसी दूसरी गाड़ी से घर लौट रहा था। परिजनों ने बताया कि रास्ते में उसने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका में मिली रूपेश से संपर्क न होने पर अनहोनी की आशंका से परिजन सोनवर्षा कचहरी थाना पहुंचे। पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से रूपेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र की निकली। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे रूपेश का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसके शरीर पर चाकू से कई वार के गहरे निशान थे। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक रूपेश अपने दो भाइयों में बड़ा और परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, सात साल की बेटी और चार साल के छोटे बेटे को छोड़ गया है। मंगलवार को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, परिजनों के रोने-धोने से गांव में दुख का माहौल बन गया। परिजनों ने गांव के ही अनिल वर्मा पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच बांका जिले चंदन थानाध्यक्ष रवि कुमार, ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
बालाघाट कोतवाली पुलिस ने तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नोटों का बंडल दिखाकर लोगों को दोगुनी या चार गुनी रकम करने का लालच देकर ठगी करते थे। पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। महाराष्ट्र और छग से किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के नागपुर के मनकापुर निवासी आर्यन (23), लकेश चचाने (27) और छत्तीसगढ़ के राजगढ़ के बाजारापारा निवासी अंकित पांडे (26) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो बाइक, चार मोबाइल और सात हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई धोखाधड़ी के तीन मामलों में की है। इन मामलों में आरोपियों ने निवेशकों को चार गुना राशि का लालच देकर ठगा था। तीन शिकायतें हुईं थी दर्ज मामले की जांच कर रहे एसआई संदीप भारतीय ने बताया कि कोतवाली थाने में 20 मई, 9 अगस्त और 3 सितंबर को अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने नोटों का बंडल दिखाकर करीब 3 लोगों से 1 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। आरोपी निवेशकों को उनकी रकम वापस देने में टालमटोल करते रहे और उन्हें पैसे नहीं लौटाए। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शहर में वैनगंगा नदी के पुल के नीचे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। चार गुना रकम का झांसा देते थे आरोपियों ने कबूल किया कि वे निवेशकों को चार गुना रकम का झांसा देकर उनसे पैसे लेते थे। वे जिस बाइक से आते थे, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए जिन नोटों के बंडल का इस्तेमाल करते थे, उनमें ऊपर असली नोट होते थे। बाकी बंडल में कागज के टुकड़े होते थे। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से धोखाधड़ी से जुड़े और भी मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने दबिश देकर ड्रग्स तस्कर को दबोचा:11 KG डोडा-पोस्त और मोबाइल जब्त; पूछताछ जारी
बालोतरा जिले की मंडली पुलिस ने अवैध मादक-पदार्थ खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से 11 किलो अवैध डोडा-पोस्त जब्त किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी राजेश कुमार कॉवत के अनुसार-टीम को डीएसटी से सूचना मिली थी कि मंडली कस्बे में रहवासी ढाणी में अवैध मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इस पर टीम ने सूचना के आधार पर मंडली गांव में मांगीलाल पुत्र पुनाराम के घर में दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी मांगीलाल को गिरफ्तार किया गया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज इस संबंध में मंडली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अवैध मादक-पदार्थ तस्करी में शामिल व्यक्तियों को लेकर पूछताद कर रही है। कार्रवाई डीएसटी एएसआई आईदानराम, हेड कॉन्स्टेबल मांगूसिंह, कॉन्स्टेबल श्यामदान शामिल रहे। एसपी के मुताबिक- नशाखोरी पर कंट्रोल करने और पुलिस मुख्यालय की मंशानुसार मादक-पदार्थ की तस्करी की रोकथाम एवं कंट्रोल के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह मीना डीएसपी योगेश चौधरी सुपरविजन के सुपरविजन में मंडली थानाधिकारी अनु चौधरी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी।
दौसा नगर निकाय चुनाव के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस-प्रशासन तैयार है। पहले चरण में 9 सितम्बर को बांदीकुई, बसवा, भांडारेज, सिकराय, महवा और मंडावर नगर पालिका क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में 1500 पुलिसकर्मी, आरएसी-होमगार्ड का जाब्ता तैनात रहेगा। साथ ही 40 पुलिस मोबाइल पार्टियां बनाई गई हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए मोबाइल पार्टियां संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों में पहुंच गई हैं। 157 बूथ क्रिटिकल जिले में 11 नगर निकायों में कुल 362 मतदान बूथ रहेंगे। इनमें 157 क्रिटिकल बूथ हैं। दौसा में 38, महवा में 17, लालसोट में 16, बांदीकुई, मंडावर में 15-15, सिकराय में 13, रामगढ़ पचवारा, भांडारेज में 12-12, मंडावरी में 7, बसवा, लवाण में 6-6 क्रिटिकल बूथ हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए 1500 पुलिसकर्मी, आरएसी, होमगार्ड तैनात रहेंगे। इनमें आरएसी की दो कंपनियां भी शामिल हैं। पुलिस मोबाइल पार्टियों के अलावा सुपरवाइजर अधिकारी भी रहेंगे। इंस्पेक्टर, आरपीएस अधिकारियों को सुपरवाइजर अधिकारी लगाया गया है। क्रिटिकल मतदान भवनों के लिए 1 अधिकारी, 4 जवानों का जाब्ता तैनात किया जाएगा। हर बूथ पर एक कॉन्स्टेबल, एक होमगार्ड रहेगा। एसपी बोले- भयमुक्त चुनाव कराना प्राथमिकता एसपी पीयूष दीक्षित ने पुलिस मोबाइल पार्टियों, सुपरवाइजर अधिकारियों की ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, भयमुक्त वातावरण में कराना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
हनुमानगढ़ के सदर थाना क्षेत्र में सैलून बंद कर घर लौट रहे दो भाइयों पर बाइक सवार युवकों ने लाठी-पाइप से हमला किया। इस हमले में एक भाई के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि दूसरे की पीठ और कंधे पर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावर मारपीट के दौरान उनसे करीब 3 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को गांव बनवाला के वार्ड नंबर 11 निवासी हरप्रीत सिंह (23) पुत्र गुरमीत सिंह ने रिपोर्ट दी है। हरप्रीत ने बताया कि वह और उसका भाई हरजीत सिंह पक्कासारणा में हेयर सैलून की दुकान चलाते हैं। 6 सितंबर की रात करीब 9.30 बजे दोनों भाई दुकान बंद कर पैदल घर लौट रहे थे। रात करीब 9.40 बजे मनीष कुमार, रामानंद, सुनील, मंगलचंद और एक अन्य व्यक्ति पांच मोटरसाइकिलों पर वहां पहुंचे। सभी के हाथों में डंडे और पाइप थे। आरोपियों ने पीछे से दोनों भाइयों को पकड़ा और लाठी-पाइप से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान हरजीत सिंह के सिर पर पाइप से वार किया गया, जिससे उसे गहरी चोट लगी। हरप्रीत सिंह की पीठ और कंधे पर भी चोटें आईं। मारपीट के दौरान हमलावर हरजीत सिंह की जेब से करीब 3 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीनकर भागने लगे। हरप्रीत सिंह ने एक आरोपी की मोटरसाइकिल को पीछे से पकड़कर रोकने की कोशिश की। इस दौरान मोटरसाइकिल सवार नीचे गिर गया और उसे भी चोटें आईं। घटना के बाद हरप्रीत ने अपने परिवार को जानकारी दी। परिवार के लोग दोनों घायलों को पक्कासारणा अस्पताल ले गए। हरजीत सिंह के सिर में ज्यादा चोट होने के कारण उसे हनुमानगढ़ टाउन के सरकारी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हरप्रीत ने आरोप लगाया कि हमलावर नशे में थे और उनमें से कुछ नशे के कारोबार में भी शामिल हैं। उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट और चोटों के निरीक्षण के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच सहायक उप निरीक्षक शैताराम को सौंपी गई है। पुलिस घटना के कारणों, आरोपियों की भूमिका और रुपए-मोबाइल फोन छीनने के आरोपों की जांच कर रही है।
सायबर सेल ने 54 गुम-चोरी मोबाइल बरामद:कीमत 8 लाख रुपए, मालिकों को लौटाए गए
श्योपुर पुलिस की सायबर सेल ने गुम और चोरी हुए 54 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम के दौरान ये मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देश पर सायबर सेल को गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन ढूंढने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया और डीएसपी मुख्यालय प्रेमनारायण गोयल के मार्गदर्शन में सायबर सेल ने जिले के सभी थानों से मिलकर मोबाइलों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बताया कि मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए CEIR पोर्टल और दूसरे तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए दूसरे राज्यों और जिलों की पुलिस टीमों से भी संपर्क किया गया। लगातार कोशिशों के बाद कुल 54 मोबाइल फोन बरामद हुए। 8 सितंबर को पुलिस कंट्रोल रूम में हुए कार्यक्रम में बाबूलाल मीणा, सिकंदर मीणा, विकास बैरवा, विष्णु कुमार नागर, धीरा सिंह, राम नरेश सुमन, राजेन्द्र आर्य, विक्की बाथम, कान्हाजी कुशवाह, राम सिंह, गिर्राज बैरवा, बृजेश दीक्षित, विमल कंबोज, आकाश सुमन, सत्यनारायण बैरवा, लेखराज बैरवा और दिनेश सुमन समेत कुल 54 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस के काम की तारीफ की। पुलिस ने यह भी बताया कि सायबर सेल को मिले दूसरे आवेदनों पर भी कार्रवाई चल रही है। गुम हुए बाकी मोबाइलों की तलाश के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में आवेदन दें। मोबाइल का बिल या बॉक्स, जिस पर IMEI नंबर साफ लिखा हो, और आधार कार्ड देकर CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी अपलोड करवाएं।
दमोह शहर से सटे आमचौपरा गांव में एक निजी कंपनी मोबाइल टावर लगा रही है। इसके विरोध में मंगलवार दोपहर महिलाओं ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को आवेदन दिया। उन्होंने टावर न लगाने की मांग की है। महिलाओं ने अपने ज्ञापन में बताया कि आमचौपरा मोहल्ले में मुकेश जैन अपनी जमीन पर निजी मोबाइल कंपनी का टावर लगवा रहे हैं। मोहल्ले के सभी लोगों को इस पर आपत्ति है और वे टावर को अपने मोहल्ले के बीच नहीं लगने देना चाहते। महिलाओं का कहना है कि टावर लगने से मोहल्ले में शोर होगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आएगी। उन्हें बच्चों में बीमारी का खतरा बढ़ने और पूरे दिन मोबाइल चलाने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उनकी मांग है कि इस टावर को कहीं और लगाया जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो मोहल्ले के सभी लोग मजबूरी में आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने पहुंची महिलाओं में लता खरे, संध्या, यशोदा सिंह, सरोज रानी, कृष्ण राय, निर्मला दुबे और वर्षा खरे सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं।
पलवल में मकान से लाखों की चोरी:कैश, चांदी के जेवर, 2 मोबाइल चुराए, 8 किलो देसी घी भी ले गए चोर
पलवल जिले के पावसर गांव में एक मकान से हजारों की नकदी, जेवरात और देसी घी चोरी होने का मामला सामने आया है। बहीन थाना पुलिस ने मकान मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पावसर गांव के मोहम्मद साजिद ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात के समय अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी से 25 हजार रुपए, चांदी का रानी हार, दो मोबाइल फोन और घड़ियां चुरा लीं। इसके साथ ही करीब आठ किलो देसी घी भी चोरी कर लिया गया। खेत में फेंक कर गए खाली डिब्बे सुबह जब परिवार के लोग जागे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। तलाश करने पर घर के पास एक खेत में चोरों द्वारा फेंके गए डिब्बे, पुराने कपड़े और पॉलिथीन मिले। हालांकि, कीमती सामान, नकदी और जेवरात गायब थे। पीड़ित मोहम्मद साजिद के अनुसार, इस चोरी में उनका करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बहीन थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि टीम चोरों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उनका पता लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रीगंगानगर में महिला वकील का मोबाइल हैक:फोन स्विच ऑफ पड़ा था, पेटीएम अकाउंट से निकाले 60 हजार
श्रीगंगानगर में महिला वकील के पेटीएम अकाउंट से हैकर ने 59,701 रुपए में से 59 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। महिला का मोबाइल कई घंटे बंद था। शाम को फोन ऑन करने पर उन्हें खाते से रकम निकलने का पता चला और अकाउंट में सिर्फ 701 रुपए बचे थे। बैंक या पेटीएम की ओर से ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज भी नहीं आया। महिला ने उसी रात साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी और अगले दिन पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 21 अगस्त को पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में हुई। खाते में जमा थे 59,701 रुपए, हैकर ने किए ट्रांसफर पुलिस को दी शिकायत में एडवोकेट रेणु वर्मा (41), निवासी वार्ड नंबर 13, पुरानी आबादी, ने बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक की नगर परिषद ब्रांच में अकाउंट है। इसमें 59,701 रुपए जमा थे। 21 अगस्त 2026 को शाम करीब 4:09 बजे अज्ञात हैकर ने उनका मोबाइल हैक कर पेटीएम के जरिए 59 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। शाम को फोन खोला तो खाते में बचे सिर्फ 701 रुपए रेणु ने बताया कि सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तक उनका फोन बंद था। बाद में उन्होंने थोड़ी देर के लिए मोबाइल खोला और फिर बंद रखा। शाम करीब 5:30 बजे फोन ऑन करने पर खाते से रुपए निकलने का पता चला। अकाउंट में सिर्फ 701 रुपए बचे थे। बैंक या Paytm की ओर से उन्हें ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज भी नहीं आया। उसी रात साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत महिला वकील ने उसी रात करीब 9:15 बजे साइबर क्राइम थाने (शिव चौक) में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सुबह पुरानी आबादी थाने में भी शिकायत दी। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोडवेज में संविदा चालक के रूप में तैनात राजू सैनी मंगलवार को क्वार्सी चौराहा स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने रोडवेज अधिकारियों पर खुद के उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
'हम जान दे रहे हैं...' भाई को फोन पर दी धमकी: देवर-भाभी ने मोबाइल किया बंद, नहर किनारे मिला सामान
पुलिस को मौके से पर्स, जेवर, कपड़े, एटीएम कार्ड और नकदी मिली है। परिजनों की मौजूदगी में नहर में दोनों की तलाश जारी है।
धर्मपुर में बाथरूम के वेंटिलेटर पर मोबाइल रखकर महिला की वीडियो बनाने का आरोप लगा है। शिकायत पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धर्मपुर उपमंडल में एक पड़ोसी युवक ने नहाती महिला का वीडियो बना लिया। महिला ने खिड़की पर मोबाइल देखकर शोर मचाया, जिसके बाद युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
शिक्षकों को पंजाब की तर्ज पर दिया मोबाइल भत्ता : संघ
राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को पंजाब की तर्ज पर मोबाइल भत्ता देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ड्यूटी से गायब रहने पर एक महिला सिपाही निलंबित, गृहरक्षक पर कार्रवाई। वहीं, पटना में जाम के दौरान केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया।
गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) ने 70वीं BPSC के चयनित प्रशिक्षु रोहित आनंद को मॉक टेस्ट के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और फैकल्टी से कथित दुर्व्यवहार के आरोप में प्रशिक्षण से विरमित कर दिया।
चुनावी शिकायतों और सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई के लिए कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। नगर निकाय चुनाव से जुड़ी किसी भी शिकायत, परिवाद या सूचना को निर्वाचन पर्यवेक्षक डॉ. टी. शुभमंगला तक पहुंचाने के लिए उनके मोबाइल नंबर 7014021914 या टेलीफोन नंबर 01427-294143 पर संपर्क किया जा सकता है। डॉ. शुभमंगला ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर शिकायतों के संधारण और संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था देखी। इससे पहले उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा के साथ प्रथम चरण के मतदान की तैयारियों, आदर्श आचार संहिता की पालना, निगरानी और समन्वय व्यवस्था का जायजा लिया। शिकायतों और सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश डॉ. टी. शुभमंगला ने कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचनाओं, शिकायतों और निर्वाचन से जुड़े प्रकरणों पर तुरंत संज्ञान लेने की व्यवस्था देखी। उन्होंने शिकायतों और प्रकरणों के संधारण के साथ संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। कंट्रोल रूम में तैनात कार्मिकों से कार्यप्रणाली की जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने पर्यवेक्षक को जिले में चल रही चुनाव तैयारियों और विभिन्न निर्वाचन प्रकोष्ठों की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। निर्वाचन पर्यवेक्षक से कर सकते हैं संपर्क नगर निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक और पारदर्शी तरीके से संपन्न होने तक राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त निर्वाचन पर्यवेक्षक डॉ. टी. शुभमंगला दौसा सर्किट हाउस से चुनावी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी शिकायत, परिवाद या सूचना को पर्यवेक्षक तक पहुंचाने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर बांसवाड़ा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए करीब 650 पुलिसकर्मियों को 99 मतदान बूथों पर तैनात किया गया है। इनमें 25 संवेदनशील बूथ हैं, जहां 5-5 अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। इसके अलावा 11 मोबाइल पार्टियां, 6 सुपरवाइजर अधिकारी और रिजर्व पुलिस बल लगातार निगरानी रखेंगे। एसपी सुधीर जोशी ने जवानों को ड्यूटी में पूरी मुस्तैदी और निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए हैं। चुनाव में गड़बड़ी या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा- ड्यूटी में किसी तरह की लापरवाही नहीं होएसपी सुधीर जोशी ने पुलिस लाइन में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर किसी जवान की ड्यूटी उसके किसी रिश्तेदार या परिचित के क्षेत्र में लगती है, तो भी उसे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्पक्षता से निभानी होगी। किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल खड़े हो सकते हैं। 99 बूथों पर करीब 650 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगेचुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए करीब 650 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कुल 99 मतदान बूथों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। इनमें 25 मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन बूथों पर 5 पुलिसकर्मी अतिरिक्त तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बाकी सभी मतदान केंद्रों पर भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 11 मोबाइल पार्टियां और 6 सुपरवाइजर अधिकारी निगरानी रखेंगेकानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11 मोबाइल पार्टियां गठित की गई हैं। इसके साथ ही 6 पुलिस सुपरवाइजर अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। जोनल और एरिया मजिस्ट्रेट के साथ भी पुलिस बल लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त रिजर्व पुलिस बल भी रखा गया है। राउंड द क्लॉक निगरानी, गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाईपुलिस की टीमें राउंड द क्लॉक निगरानी रखेंगी। चुनाव में किसी भी असामाजिक तत्व की ओर से खलल डालने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने चुनाव के दौरान पूरी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मां, खाना खा लिया है, यात्रा की वजह से थक गया हूं, आराम कर रहा हूं। शनिवार शाम करीब 4 बजे देवास से दिल्ली के लिए ट्रेन से निकला अर्पित जाज रविवार सुबह करीब 7 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचा। करीब 8 बजे वह अपने परिसर पहुंच गया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसने दादा को भी फोन किया था। बातचीत में उसने कहा- “दादा, मैं ठीक से पहुंच गया हूं और खाना खाने जा रहा हूं।” घरवालों को क्या पता था कि दिल्ली पहुंचने के बाद की ये सामान्य-सी बातचीत कुछ घंटों बाद उनके जीवन की सबसे दर्दनाक याद बन जाएगी। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 6 लोग घायल हुए, जिनमें 3 की हालत गंभीर बताई गई। इसी हादसे में देवास के अर्पित और कटनी के अक्षय की मौत हुई। माता-पिता ने रुकने को कहा था, बोला- रिजर्वेशन है अर्पित करीब एक साल से दिल्ली में रह रहा था। माता-पिता चाहते थे कि वह कुछ समय और घर पर रुके। उन्होंने उसे रविवार को जाने से रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन अर्पित ने कहा था- “रिजर्वेशन है, जाना ही पड़ेगा।” इसके बाद वह शनिवार शाम ट्रेन से दिल्ली रवाना हो गया। अर्पित परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन प्रियंशी इंदौर में पढ़ाई कर रही है। बेटे को पढ़ाकर उसके भविष्य के सपने पूरे करने की उम्मीद माता-पिता ने लगा रखी थी। दिल्ली में रहकर वह अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर आगे बढ़ रहा था। तीन तस्वीरों में देखिए अर्पित की यादें… फोन बंद हुआ तो परिवार की चिंता बढ़ी हादसे से करीब डेढ़ घंटे पहले मां से हुई बातचीत के बाद अर्पित से संपर्क नहीं हो सका। उसका मोबाइल बंद हो गया। इसी बीच परिवार को उस इमारत के हादसे की जानकारी मिली, जहां अर्पित रहता था। अर्पित तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 320 में रहता था। परिवार के लिए सबसे बड़ी बेचैनी यह थी कि बेटे से कुछ देर पहले ही बात हुई थी। फोन पर उसने खाना खाने और फिर आराम करने की बात कही थी। इसके बाद वही फोन बंद हो गया। अर्पित के रिश्तेदार दीपक के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले उसके दोस्तों ने फोन कर बताया कि जिस इमारत में अर्पित रहता था, वह हादसे का शिकार हो गई है। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। दिल्ली पहुंचते ही बनाया था परिसर का वीडियो दिल्ली पहुंचने के बाद अर्पित ने अपने परिसर का वीडियो भी बनाया था। यह वीडियो उसके मोबाइल में था, लेकिन हादसे के बाद उसका मोबाइल भी नहीं मिल रहा है। परिवार के पास अब उसके फोन में दर्ज आखिरी तस्वीरों और वीडियो की यादें ही रह गई हैं। एक तरफ बेटे के सुरक्षित पहुंचने की जानकारी थी, दूसरी तरफ उसी बेटे से संपर्क टूटने की खबर। परिवार के लिए सबसे मुश्किल यही था कि हादसे से पहले तक अर्पित सामान्य दिन की तरह ही अपनी दिनचर्या में था। 11 अक्टूबर को था अर्पित का जन्मदिन अर्पित का जन्मदिन भी अब करीब था। 11 अक्टूबर को वह अपना जन्मदिन मनाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही हादसे ने परिवार से उसका साथ छीन लिया। परिवार के लिए यह तारीख अब खुशी के बजाय ऐसी याद बन गई है, जिसे वे चाहकर भी भुला नहीं पाएंगे। जिस घर में जन्मदिन की तैयारियों और बेटे के आने की उम्मीद होती, वहां अब उसकी यादें ही रह गई हैं। कटनी में अक्षय के परिवार ने घर में लगाया ताला इसी हादसे ने कटनी के एक परिवार के सपनों को भी झकझोर दिया। अक्षय यादव के हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के सभी सदस्य घर में ताला लगाकर दिल्ली रवाना हो गए। पड़ोसी विनय चतुर्वेदी के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही पूरा परिवार दिल्ली चला गया। अक्षय पढ़ाई में शुरू से ही बेहद होनहार था। उसका सपना दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने का था। परीक्षा में सफलता के बाद उसे DU में दाखिला मिला। इसके बाद वह UPSC की तैयारी में जुट गया था। परिवार और मोहल्ले के लोगों को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। रक्षाबंधन पर घर आया था, फिर दिल्ली लौट गया अक्षय रक्षाबंधन पर घर आया था। परिवार के साथ त्योहार मनाया और फिर अपने सपनों की तैयारी के लिए दिल्ली लौट गया। परिवार के लिए वह मुलाकात अब और भी ज्यादा यादगार हो गई है। पड़ोसी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि अक्षय मेहनती और पढ़ाई को लेकर गंभीर था। उसके दिल्ली जाने को परिवार उसके भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम मानता था। पूरे मोहल्ले में उसके साथ हुई घटना से शोक का माहौल है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. दिल्ली इमारत हादसे में एमपी के दो युवकों की मौत:कटनी का अक्षत डीयू में पढ़ता था दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में मध्य प्रदेश के दो युवकों की भी मौत हुई है। देवास के अर्पित जाज (21) और कटनी के अक्षत यादव (19) दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे। अर्पित जाज देवास के कैलादेवी क्षेत्र के पास स्थित जय बजरंग नगर का रहने वाला था और दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम सेकंड ईयर में पढ़ रहा था। पढ़ें पूरी खबर… 2. दिल्ली पीजी हादसा- अब तक 7 मौतें; बेसमेंट में तोड़फोड़ से गिरी थी 5 मंजिला बिल्डिंग दिल्ली में रविवार दोपहर गिरी इमारत का मलबा अभी भी हटाया जा रहा है। सोमवार को मलबे से एक और शव मिला है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को बचाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
15 पिस्तौल और 5 किलो हेरोइन समेत 2 पकड़े एक वेल्डर तो दूसरे की मोबाइल रिपेयर की शॉप
भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर देहाती पुलिस ने 2 तस्करों को काबू कर 15 पिस्तौल और 5 किलो हेरोइन बरामद की। आईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 6 सितंबर की शाम करीब 7 बजे थाना घरिंडा की पुलिस टीम को अड्डा अटारी के पास गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि दीपक सिंह निवासी रोड़ांवाला खुर्द और शुभप्रीत सिंह उर्फ शुभ निवासी वेरका-मजीठा बाईपास अवैध हथियारों व हेरोइन की खेप लेकर अटारी इलाके में घूम रहे हैं। इसके तुरंत बाद पुलिस ने अटारी-झब्बाल रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की और स्कूटी सवार दोनों आरोपियों को दबोच लिया। आईजी बॉर्डर रेंज भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार 24 वर्षीय दीपक सिंह पेशे से प्राइवेट वेल्डिंग का काम करता है। उसका गांव रोड़ांवाला खुर्द भारत-पाक सीमा पर स्थित है, जिसके ठीक सामने पाकिस्तान का गांव भानचक्क पड़ता है। दीपक सीधे तौर पर पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में था और सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों से भेजी गई खेप रिसीव करता था। वहीं, उसका साथी शुभप्रीत सिंह हॉल गेट पर मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता है। शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े 2 अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है। आईजी भुल्लर के अनुसार, पुलिस अब पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीमा पार से यह खेप किसने भेजी थी और पंजाब में इसे किन गैंगस्टरों या स्थानीय तस्करों तक पहुंचाया जाना था।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में नकल प्रकरणों की जांच अब जब्त मोबाइल की बैटरी डिस्चार्ज होने से अटक रही है। परीक्षा में नकल करते पकड़े गए विद्यार्थियों के मोबाइल महीनों तक विश्वविद्यालय में जमा रहते हैं। इस दौरान फोन की बैटरी खत्म हो जाती है और मोबाइल बंद हो जाते हैं। ऐसे में अनफेयर मिन्स कमेटी यह पता नहीं लगा पाती कि विद्यार्थी ने परीक्षा के दौरान मोबाइल से कितने सवालों के जवाब लिखे। इस तकनीकी परेशानी के कारण कई नकल प्रकरणों में विद्यार्थियों के खिलाफ उचित और व्यवहारिक निर्णय लेने में दिक्कत आ रही है। अब विश्वविद्यालय ने इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए जब्त मोबाइल की जांच के लिए अलग समिति बनाने का फैसला किया है। कार्यपरिषद ने भी इसे मंजूरी दे दी है। पता नहीं चलता कि कितने सवाल हल किएमोबाइल बंद होने की स्थिति में समिति यह जांच नहीं कर पाती कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थी ने फोन का इस्तेमाल कितनी देर किया और कितने प्रश्नों के उत्तर मोबाइल देखकर लिखे। इससे नकल की गंभीरता तय करने में परेशानी आती है। कई मामलों में जांच लंबे समय तक अटकी रहती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और सजा तय करने पर पड़ता है। पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने पर कुछ मामलों में विद्यार्थियों को राहत भी देनी पड़ती है। अब जब्त होते ही मोबाइल की होगी जांचकुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि परीक्षा के दौरान मोबाइल लाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि प्रश्नपत्र हल करते समय विद्यार्थी के पास मोबाइल मिलता है तो उड़नदस्ता या केंद्राध्यक्ष नकल प्रकरण बनाता है। महीनों तक फोन बंद रहने से बैटरी डिस्चार्ज होने की समस्या सामने आती है, जिससे नकल प्रकरणों की जांच प्रभावित होती है। इसी समस्या से बचने के लिए अलग समिति बनाई जा रही है। यह समिति सिर्फ जब्त मोबाइल से जुड़े नकल प्रकरणों की जांच करेगी, ताकि मोबाइल को जल्द खोलकर उसमें उपलब्ध जानकारी के आधार पर नकल का स्तर तय किया जा सके।
Mohali News: खरड़ में टैक्सी चालक पर जानलेवा हमला, मोबाइल छीना ; तीन नामजद पर केस
Taxi driver attacked with intent to kill and mobile phone snatched in Kharar; case registered against three named individuals
Amroha News: मोबाइल लूट की सूचना पर दौड़ी जीआरपी, निकली मारपीट
रेलवे स्टेशन पर मोबाइल लूट की सूचना मिलने पर जीआरपी में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचने पर युवकों के दो गुटों में मारपीट का मामला सामने आया।
Lucknow News: चालक के भाई ने ट्रेन में फेंका था धीरेंद्र का मोबाइल फोन
चालक के भाई ने ट्रेन में फेंका था धीरेंद्र का मोबाइल फोन
Faridabad News: मोबाइल के दौर में किताबों से दोस्ती बढ़ाने की कोशिश
An attempt to foster a bond with books in the age of mobile phones.
Shamli News: मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन से धीमी हुई पलक झपकने की रफ्तार
मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार काम करना या देखना आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है।
हांसी जिले के गांव ढाणा के पास सोमवार देर रात एक घटना हुई। स्कार्पियो सवार कुछ लोगों ने खुद को गो-रक्षक दल का सदस्य बताया। उन्होंने पशु व्यापारियों की आईसर गाड़ी रुकवा ली। आरोपियों ने 3 व्यापारियों से मारपीट की, उनके मोबाइल छीन लिए। इसके बाद उन्हें जबरन स्कार्पियो में बैठाकर ले गए। वे आईसर में लदी 6 भैंस और 6 बच्चे, कुल 12 पशु भी अपने साथ ले गए। डंडों से पीटकर गाड़ी और मोबाइल छीने पुलिस को दी शिकायत में गाजियाबाद निवासी संजय ने बताया कि वह अपने पार्टनर बागपत निवासी वसीम और डबवाली निवासी ड्राइवर बलकर्ण सिंह के साथ राजस्थान से 12 पशु लेकर गाजियाबाद जा रहा था। रात करीब साढ़े 12 बजे ढाणा के पास काले रंग की स्कार्पियो ने उनकी आईसर के आगे गाड़ी लगाकर रास्ता रोक लिया। संजय ने बताया कि तीन-चार युवक डंडे लेकर उतरे। उन्होंने खुद को गो-रक्षक दल का सदस्य बताया और गाड़ी की जांच करने लगे। आरोप है कि आधार कार्ड दिखाने के बहाने संजय और ड्राइवर के मोबाइल छीन लिए गए। जब उन्होंने विरोध किया, तो तीनों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें स्कार्पियो में बैठा लिया गया। कुछ युवक आईसर गाड़ी लेकर फरार हो गए। 12 पशुओं समेत गाड़ी लेकर फरार हुए आरोपी बाद में आरोपियों ने तीनों को भिवानी-लोहारू रोड पर बालाजी कॉलेज के पास एक सुनसान जगह पर उतार दिया। उन्हें पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। जब उन्होंने आईसर की जांच की तो उसमें कोई पशु नहीं मिला। वसीम के मोबाइल से डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई, जो सीट के नीचे मिला था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, मारपीट और धमकी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और 12 पशुओं को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत दुल्हई में सोमवार शाम 34 वर्षीय गुलशन राजपूत जनसमस्याओं को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसका कहना है कि गांव की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। युवक पटवारी की नियमित उपस्थिति, गौचर भूमि से कब्जा हटाने और गांव की सड़क से जुड़ी समस्या दूर करने की मांग कर रहा है। गुलशन का आरोप है कि दुल्हई गांव में पटवारी नियमित रूप से नहीं आते। इससे ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े कामों के लिए परेशानी होती है। उसने गांव की गौचर भूमि पर कुछ लोगों के कब्जे का भी आरोप लगाया है। इसे हटाने की मांग की है। युवक के मुताबिक, मुख्य सड़क से दुल्हई गांव तक जाने वाला रास्ता संकरा हो गया है। सड़क के किनारे कुछ लोगों ने बाड़ और दूसरी बाधाएं लगा रखी हैं। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। गुलशन का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रात 8 बजे तक टावर पर रहा युवक घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। रात करीब 8 बजे तक गुलशन राजपूत टावर पर ही था। भौंती थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही और युवक को समझाकर नीचे उतारने की कोशिश करती रही। युवक टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की लत ने एक महिला की जान ले ली। 52 साल की मंगलो बाई ने रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से गुस्से में कीटनाशक पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दरअसल, शनिवार दोपहर वह खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थी, तभी नेटवर्क गायब हो गया। काफी देर तक रील नहीं चली तो उसने गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटक दिया। इसके बाद कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। अंदर उसने कीटनाशक पी लिया। पति को जब यह बात पता चली तो उल्टी कराने महिला को गोबर पानी पिला दिया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। यह घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है। वहीं, कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले 8 महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, केराकछार गांव में रहने वाला प्रेमलाल सारथी मजदूरी करता है। वह पत्नी मंगलो बाई (52) और 3 बच्चों का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंगलो खाना खा रही थी और साथ में मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक मोबाइल में नेटवर्क चला गया। उसने कुछ देर इंतजार किया, लेकिन नेटवर्क नहीं आया और रील शुरू नहीं हुई। इससे वह गुस्सा हो गई और मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया। इसके बाद मंगलो कमरे के अंदर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई और बरामदे में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगी। कमरे में मिला कीटनाशक का खाली डिब्बा शुरुआत में परिजनों को लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। लेकिन उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी दुर्गंध आने पर उन्हें शक हुआ। परिजनों ने कमरे की जांच की तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि मंगलो ने कीटनाशक पी लिया है। परिजन तुरंत डायल-112 की मदद से उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले गोबर पानी पिलाया मृतका के पति प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने मंगलो को उल्टी कराने के लिए गोबर पानी भी पिलाया था। हालांकि, उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। मोबाइल की लत को लेकर एक्सपर्ट ने दी चेतावनी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता के मुताबिक, आजकल कई परिवारों में माता-पिता काम में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें मोबाइल दे दिया जाता है। धीरे-धीरे मोबाइल ही उनका साथी बन जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेज में भी मोबाइल का इस्तेमाल और उससे जुड़ी बातें आम हो गई हैं। ऐसे में जब मोबाइल छीन लिया जाता है या ज्यादा इस्तेमाल करने पर डांट पड़ती है तो कुछ बच्चों और युवाओं में अकेलापन, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है। गंभीर स्थिति में वे आत्मघाती कदम तक उठा सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार को बच्चों से बातचीत करने और उनकी परेशानी समझने पर ध्यान देना चाहिए। 8 महीने में 57 लोगों की सुसाइड से मौत कोरबा मेडिकल कॉलेज में आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें कई मरीजों को समय पर इलाज मिलने से बचा लिया जाता है, लेकिन पिछले 8 महीनों में ऐसे मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसतन हर महीने करीब 7 लोगों की जान सुसाइड से जा रही है। इन मामलों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. शादीशुदा महिला के फांसी लगाने का LIVE VIDEO:रिकॉर्डिंग चालू कर साड़ी के फंदे से झूली, रील बनाते समय हादसे की भी आशंका छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 22 साल की शादीशुदा महिला ने फांसी लगा ली है। फंदे पर लटकने से लेकर मौत तक मोबाइल में लाइव वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ है। जब उसकी सास घर आई, तब इसका पता चला। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
सोमवार शाम को हल्की बारिश हुई। इसके बाद मेनार, रुंडेडा और इंटाली में मौसम खूबसूरत हो गया। बारिश रुकने के बाद आसमान में इंद्रधनुष दिखा, जिसने प्रकृति की मनमोहक छटा बिखेर दी। रंग-बिरंगे इंद्रधनुष को देखकर लोगों की नजरें कुछ देर के लिए वहीं ठहर गईं। बारिश के बाद आसमान में बादलों के बीच से सूर्य की किरणें निकलीं। इनके साथ ही इंद्रधनुष का सुंदर नजारा देखने को मिला। हरे-भरे खेतों और पेड़-पौधों के बीच आसमान में बना यह इंद्रधनुष इलाके की सुंदरता को और बढ़ा रहा था। कई लोगों ने इस मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। प्रकृति के इस खूबसूरत नजारे ने बारिश की शाम को यादगार बना दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के बाद आसमान में दिखाई दिया यह इंद्रधनुष काफी देर तक लोगों को आकर्षित करता रहा।
पूर्णिया में मोबाइल दुकान चोरी का खुलासा, एक बालक समेत आरोपी गिरफ्तार; 16 चोरी के मोबाइल बरामद
7 सितंबर, सोमवार: पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। एक बालक समेत आरोपी को पकड़ा गया और उनकी निशानदेही पर बंगाल के कलियाचक की दुकान व आरोपी के पास से 16 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए।
सरायकेला में बंद स्कूल में साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, 3 पिस्टल और लूटे गए मोबाइल बरामद
चांडिल पुलिस ने 15 दिनों में हुई दो लूट व छिनतई की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
मुजफ्फरपुर के बोचहां में मैकेनिक से लूटपाट मामले में दो गिरफ्तार, लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद
हथियार के बल पर बाइक और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों, श्रवण और राजा, के पास से लूटी गई बाइक और मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर जमशेदपुर में आपराधिक गिरोहों और भू-माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
होशियारपुर जिले के टांडा उड़मुड़ क्षेत्र में लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे एक रिटायर्ड कैप्टन से पिस्तौल की नोक पर मोबाइल फोन छीन लिया गया। यह वारदात उस समय हुई जब कैप्टन अपनी कॉलोनी में सैर कर रहे थे। वारदात के बाद बाइक सवार 2 युवक मौके से फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवार बदमाश सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। कमर पर पिस्तौल लगाई, मोबाइल छीनकर हुए फरार रिटायर्ड कैप्टन गुरनाम सिंह भंगू ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को अपनी कॉलोनी में टहल रहे थे। तभी एक बाइक पर सवार दो युवक उनके पास आए। पीछे बैठे युवक ने उन्हें पकड़ लिया और उनकी कमर पर पिस्तौल लगा दी। इसके बाद दोनों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीना और बाइक पर बैठकर भाग गए। कैप्टन गुरनाम सिंह ने तुरंत टांडा पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें लुटेरे वारदात के बाद बाइक पर जाते हुए दिख रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। लोगों ने की पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग टांडा क्षेत्र में चोरी और लूट की बढ़ती घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि इन वारदातों को रोकने के लिए पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा बढ़ रही है।
जयपुर की सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान के दौरान 13 मोबाइल बरामद किए गए। इसी के साथ कैदियों के पास चार्जर, सिम कार्ड, डेटा केबल सहित अन्य प्रतिबंधित सामान भी मिला है। लालकोठी थाना एसआई श्याम सुंदर ने बताया कि तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 10 और 11 से मोबाइल फोन बरामद हुए। मामले में सेंट्रल जेल में जेल प्रहरी मनोज कुमार शर्मा की ओर से 13 कैदियों के खिलाफ लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुंचने और इनके इस्तेमाल को लेकर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री को धमकी से भी जुड़ा रहा है जेल का मोबाइल कनेक्शन जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल के इस्तेमाल का मामला पहले भी सामने आ चुका है। पूर्व में जेल से मोबाइल के जरिए राजस्थान के मुख्यमंत्री को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया था। इस बार दर्ज मामले में शिवराज, विशाल, ब्रह्मसिंह, देवी सिंह, प्रकाश, कपिल, मुस्ताक अलि, विष्णु सिंह, युनुस, भानाराम माली, साहिल गोदारा, कुलवेंद्र और कृष्णा के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर मोबाइल किस तरह पहुंचे और इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को जांच में शामिल किया है। पुलिस मोबाइल के नंबर, सिम कार्ड और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जेल में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
उदयपुर की सूरजपोल थाना पुलिस ने बाइक पर सवार महिला का मोबाइल छीनकर भागने वाले 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से चोरी का मोबाइल और घटना में उपयोग ली गई बाइक भी जब्त की है। थानाधिकारी सूर्यभान सिंह ने बताया कि आरोपी मानाराम निवासी गोवर्धन विलास और लिंबाराम निवासी कृष्णपुरी जावरमाइंस को जगदीश चौक एरिया से गिरफ्तार किया था। पुलिस आरोपियों से शहर में पूर्व में हुई वारदातों को लेकर भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, बदमाशों पर पूर्व में कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। बाइक पर पीछे बैठी पत्नी के हाथ से छीन भागे थे मोबाइल परेश कुमार राव पिता पूरणमल निवासी भुवाणा ने 5 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि वह और उसकी पत्नी दुर्गा राव बाइक से सेक्टर-14 किसी काम से गए थे। वापस अपने भुवाणा की तरफ लौटते वक्त रात करीब 8:15 बजे पारस चौराहे से गुजर रहे थे। तभी एक स्प्लेंडर बाइक पर दो युवक आए। और चलती बाइक से महिला के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। तभी बाइक बेकाबू होने से गिरते-गिरते बचे। शिकायत पर पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगाल कर आरोपियों की पहचान की और बाइक की लोकेश का पीछा करते हुए उन्हें जगदीश चौक से डिटेन किया। शिकायतकर्ता परेश ने बताया कि वह टूर एंड ट्रॉवेल्स का काम करता हैं और उसकी पत्नी के मोबाइल की कीमत 24 हजार रुपए थी।
बड़वानी नगर पालिका परिषद में सोमवार को होने वाली बैठक से पहले ही राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया। एजेंडा से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस पार्षद नगर पालिका गेट पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले इस धरने से पालिका परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने बताया कि नगर पालिका ने 7 सितंबर को दोपहर 3 बजे परिषद की बैठक बुलाई है। नियमों के मुताबिक, बैठक के मुद्दों का अध्ययन करने के लिए वार्ड-14 की पार्षद रीना हेमंत कुमरावत ने 27 अगस्त को लिखित आवेदन देकर एजेंडा से संबंधित सभी प्रस्ताव, एस्टीमेट और वित्तीय मंजूरी के दस्तावेज मांगे थे। एक ङी दस्तावेज नहीं मिला आरोप है कि 11 दिन बीतने के बाद भी एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। रविवार को जाधव खुद पार्षद प्रतिनिधि के साथ नपा कार्यालय पहुंचे, तो कर्मचारियों ने कहा कि अभी यहां कोई नहीं है। सीएमओ सोनाली शर्मा को फोन लगाया तो उनका मोबाइल बंद मिला। अधिकारी बलिराम मंडलोई ने फोन पर कहा कि मैं बाहर हूं, कल देता हूं। जाधव ने कहा कि यह पूरी तरह लोकतंत्र के खिलाफ है। जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर अंधेरे में रखा जा रहा है। बिना कागज देखे हम जनहित के प्रस्तावों को कैसे मंजूरी दे दें? हमारी मांग है कि या तो बैठक टाल दी जाए या बैठक से पहले सभी दस्तावेज लिखित में दिए जाएं। आरोप बताए गलत दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताया है। नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने कहा कि 23 अगस्त को ही सभी पार्षदों को एजेंडा बांट दिया गया था। इसकी रसीद हमारे पास है। बैठक तय समय पर ही होगी। बहरहाल, बैठक शुरू होने से पहले ही पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
गया जंक्शन पर RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई, चोरी के मोबाइल और ट्रॉली बैग के साथ 2 गिरफ्तार
7 सितंबर, सोमवार: गया जंक्शन पर RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के मोबाइल और ट्रॉली बैग के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
फरीदाबाद में जर्जर मकान पर मोबाइल टावर, जनरेटर चलने पर हिलती है इमारत; दिल्ली जैसे हादसे का डर
फरीदाबाद में जर्जर मकान पर मोबाइल टावर, जनरेटर चलने पर हिलती है इमारत; दिल्ली जैसे हादसे का डर
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

