ऑपरेशन मुस्कान के तहत समस्तीपुर पुलिस में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी व छीनी गई 28.50 लाख रुपए का मोबाइल बरामद कर आज मोबाइल धाराकों के हवाले किया। इस मौके पर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि समस्तीपुर में लंबे समय से ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है जिसके तहत इस बार विभिन्न कंपनियों की 116 मोबाइल बरामद की गई है। जिसका बाजार मूल 28 लाख 50 हजार होगा । मोबाइल धाराकों को कोर्ट का चक्कर लगाना ना पड़े इसलिए उन्हें बुलाकर उनके हवाले कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मोबाइल रिकवरी के लिए जिले में कुल छह टीम बनाए गए हैं। टीम नंबर एक ने 20 मोबाइल बरामद करने में सफलता पाई है। इनके अलावा टीम दो ने तीन मोबाइल , टीम 3 और चार ने 17-17 मोबाइल, टीम 5 ने 27 और टीम 6 ने 32 मोबाइल रिकवर की है। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर में अब तक 3 करोड़ 44 लाख 50 हजार के 1501 मोबाइल रिकवर कर उनके धारकों को सौंपा जा चुका है। बेहतर काम करने वाली टीम को किया जाएगा पुरस्कृत एसपी ने बताया कि साइबर थाने की मोबाइल रिकवरी टीम के प्रभारी दरोगा सूरज कुमार के नेतृत्व में सबसे अधिक 32 मोबाइल व मोहिउद्दीन नगर थाना के मोबाइल रिकवरी के प्रभारी राजकुमार के नेतृत्व में 20 मोबाइल बरामद की गयी है। जो सराहनीय है, इन दोनों को दो -दो हजार रुपए पुरस्कार की राशि के रूप में प्रदान की जाएगी। एसपी ने बताया कि पूरे अभियान का नेतृत्व साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक के नेतृत्व में चलाया गया।
मधेपुरा में किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से जारी है। कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त देखरेख में पंचायत भवनों, पंचायत कृषि कार्यालयों और अन्य सरकारी स्थलों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को सदर एसडीएम संतोष कुमार और अंचलाधिकारी केशिका कुमारी ने साहुगढ़ पंचायत में लगे फार्मर रजिस्ट्री शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया। विशेष अभियान 6 से 9 जनवरी तक शिविरों के माध्यम से एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का यह विशेष अभियान 6 से 9 जनवरी तक शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल पहचान दिलाना और उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर आंशिक तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी अंचलाधिकारी केशिका कुमारी ने फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और किसान के नाम से ऑनलाइन जमाबंदी संबंधी दस्तावेज अनिवार्य हैं। जिन किसानों के नाम पर जमाबंदी नहीं है, उनका पंजीकरण नहीं हो पाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल फार्मर रजिस्ट्री आईडी वाले किसानों को ही पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर शिविरों में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं और इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं।
जशपुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से रेप करने के आरोपी को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। मामला करडेगा पुलिस चौकी क्षेत्र का है। दरअसल, 6 अक्टूबर 2025 को पिता ने पुलिस चौकी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 साल की बेटी 5 अक्टूबर को बिना बताए घर से चली। काफी तलाशने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की पहचान पहले छात्रावास में पढ़ाई के दौरान रामदयाल लोहार (20) नामक युवक से मोबाइल के जरिए हुई थी। इसी वजह से उसे छात्रावास से निकाल दिया गया था और वह घर पर रह रही थी। पिता को संदेह था कि रामदयाल लोहार ही उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के दिन से आरोपी भी घर से था गायब जांच के दौरान यह भी पता चला कि घटना के दिन से आरोपी भी अपने घर से गायब था। पुलिस ने आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की। इसी सूचना मिली कि आरोपी रामदयाल लोहार नाबालिग के साथ तेलंगाना राज्य के मेदक जिले के शिवमपेट थाना क्षेत्र के एक गांव में छिपा हुआ है। लोकेशन मिलने के बाद तेलंगाना पहुंची टीम पुलिस टीम तेलंगाना के लिए रवाना हुई और छापामार कार्रवाई करते हुए नाबालिग को बरामद किया। साथ ही आरोपी युवक को हिरासत में लिया। दोनों को जशपुर वापस लाया गया। पूछताछ में नाबालिग लड़की ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। शादी का भरोसा दिलाकर किया रेप आरोपी ने 5 अक्टूबरको प्यार और शादी का झांसा देकर उसे घर से भगा कर तेलंगाना ले गया। जहां उसने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ दैहिक शोषण किया। पुलिस ने नाबालिग का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और बाद में उसे परिजनों को सौंप दिया। पॉस्को एक्ट की धारा जोड़ी गई बालिका के कथन के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(M), 86, 96 और पॉस्को एक्ट की धारा 06 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी को किया गया जेल दाखिल- SSP SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस बच्चों और महिलाओं से जुड़े अपराधों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। करडेगा क्षेत्र की नाबालिग बालिका को भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए तेलंगाना से बालिका को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कानपुर में सिंचाई विभाग के एक रिटायर्ड जेई का शव उनके बंद घर में पड़ा मिला। वह पत्नी और दो बेटियों से अलग रहते थे। पिछले 15 दिनों से उनका मोबाइल फोन बंद था। गुरुवार को उनसे मिलने पहुंची बहन ने दरवाजा बंद देखा। अंदर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो बेड पर शव पड़ा हुआ मिला। डेड बॉडी पूरी तरह गल चुकी थी। देखकर लग रहा था कि उनकी मौत कई दिन पहले ही हो चुकी है। चूंकि वह अकेले रहते थे, इसलिए किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। छोटे भाई और बहन ने बताया कि वह 15 दिन पहले आखिरी बारी बात हुई। उसके बाद से मोबाइल बंद जा रहा था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शव और आसपास की जगह की जांच की है। पत्नी और बेटियों को उनकी मौत की जानकारी नहीं मिल सकी है। यह मामला जाजमऊ स्थित आदर्श नगर कॉलोनी का है। यह 3 तस्वीर देखिए... अब विस्तार से जानिए मामला... कानपुर आर्यनगर के रहने वाले जेई विजय कुमार घोष (62) सिंचाई विभाग में जेई थे। 2022 में वह अपने पद से रिटायर हुए हैं। इसके बाद वह जाजमऊ स्थित आदर्श नगर में इलाके में रहने लगे। परिवार में पत्नी पूर्णिमा अधिकारी (रिटायर्ड इनकम टैक्स कर्मचारी), बेटी रुद्राणी (24) और ब्राह्मणी (20) है। उनकी पत्नी पूर्णिमा वर्ष 2023 में रिटायर हो चुकी हैं। उसके बाद से वह दोनों बेटियों को लेकर बनारस अपने मायके में रहने लगीं। तब से विजय घोष यहां अकेले ही रहते थे। यहां उनके छोटे भाई और बहन दूसरे इलाके में रहते हैं। वह लोग फोन पर अक्सर बात करके एक-दूसरे का हाल चाल लेते थे। इधर पिछले करीब 15 दिनों से बात नहीं हो सकी थी। बहन बोलीं-दरवाजा पर ताला लगा मिलता था जाजमऊ के जेके कॉलोनी की रहने वाली मृतक की छोटी बहन कल्पना घोष ने बताया कि वह 10 से 15 दिन में एक बार घर जाकर हालचल लेती थीं। 25 दिसंबर से बड़े भाई विजय का फ़ोन बंद बता रहा है। जब घर के बाहर से गुजरते थे तो घर में ताला लटकता दिखता था। इससे अनुमान होता था कि बड़े भाई विजय कहीं घूमने निकले होंगे। गुरुवार की दोपहर 3 बजे घर के बाहर खड़े होने अंदर से दुर्गंध आ रही थी। इसकी जानकारी 112 पर कॉल करके दिया। पुलिस की मदद से जब अंदर पहुंचे तो बेड पर शव पड़ा था। नए साल की बधाई के लिए फोन किया, बंद मिला विजय घोष के छोटे भाई रमाकांत घोष ने बताया कि भाई को नए वर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए कॉल किया था। उनका नंबर बंद बता रहा था। इस बीच लगातार कॉल की लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा था। गुरुवार को बहन कल्पना के साथ पहुंचे तो अंदर से ताला बंद था। पुलिस की मदद से अंदर पहुंचे तो बेड पर उनका शव पड़ा था। थाना प्रभारी बोले- जाजमऊ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर फोरेंसिक टीम की मदद से जांच की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें- 7 बच्चों की मां की हत्याकर प्रेमी ने दफनाया, कानपुर में कब्र खोदकर शव निकाला, सिर्फ कंकाल मिला कानपुर में 7 बच्चों की मां को उसके प्रेमी ने मारकर जमीन में दफना दिया। 10 महीने तक राज छिपाकर रखा। इसका खुलासा तब हुआ, जब महिला अपने बेटे के बुलाने पर शादी में घर नहीं पहुंची। पढ़िए पूरी खबर...
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में एप्पल कंपनी का लोगो लगाकर नकली मोबाइल और एक्सेसरीज बेचने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अन्नपूर्णा पुलिस ने पांच व्यापारियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर लाखों रुपए का नकली सामान जब्त किया है। अन्नपूर्णा पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई गर्फिन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सर्विस मुंबई की ओर से की गई शिकायत के बाद की गई। कंपनी के मैनेजर विशाल सिंह जडेजा निवासी मधुकुंज सोसाइटी मणिनगर अहमदाबाद ने पुलिस को बताया कि उनकी एजेंसी भारत में एप्पल कंपनी के प्रोडक्ट्स से जुड़े मामलों को देखती है। इंदौर में कुछ व्यापारी एप्पल के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर नकली सामान बेच रहे हैं, जिससे कंपनी की साख को नुकसान पहुंच रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विशाल सिंह की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए विभिन्न दुकानों पर छापेमारी की और सामान जब्त किया। जब्त किए गए सामान में नकली मोबाइल फोन, चार्जर, केबल और अन्य एसेसरीज शामिल हैं, जिन पर एप्पल कंपनी का लोगो लगाया गया था। इन प्रतिष्ठानों पर हुई छापेमारी पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों अमन तलरेजा, मोहित सिगोरिया, योगेश सिंघानी, विशाल मोटवानी और कानतेश चुग के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि नकली ब्रांडेड सामान की बिक्री के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उज्जैन पुलिस अब अपराधों की जांच में और मजबूत हो गई है। पुलिस के पास अब मोबाइल फॉरेंसिक वैन (लैब ऑन व्हील्स) आ गई है। यह वैन घटनास्थल पर ही डीएनए, फिंगरप्रिंट, खून, बाल, हथियार और अन्य सबूतों की जांच और सुरक्षित संग्रह कर सकेगी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह वैन बहुत हाईटेक है। इसमें सभी प्रकार के सैंपल इकट्ठा करने, जांच और इन्वेस्टिगेशन के उपकरण लगे हैं। भविष्य में जरूरत पड़ने पर उपयोग के लिए और आधुनिक उपकरण भी इसमें लगाए गए हैं, जो पहले उज्जैन पुलिस के पास नहीं थे। अब इस वैन का इस्तेमाल जिले के सभी अपराध स्थलों पर किया जाएगा। इससे जांच तेजी से होगी, साक्ष्य सुरक्षित रहेंगे और मामले जल्दी सुलझेंगे। पहले भोपाल-इंदौर की लैब पर थी निर्भरता पहले गंभीर मामलों में साक्ष्य घटनास्थल से थाने या जिला मुख्यालय लाकर इंदौर या भोपाल की फॉरेंसिक लैब भेजना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कई दिन या हफ्ते लग जाते थे। इस दौरान साक्ष्य खराब हो सकते थे, फिंगरप्रिंट मिट सकते थे या रक्त के नमूने दूषित हो सकते थे। अब मोबाइल वैन की मदद से मौके पर ही जांच हो सकेगी। इससे समय बचेगा, साक्ष्य सुरक्षित रहेंगे और जांच ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। सही साक्ष्य मिलने से केस में चार्जशीट और कोर्ट में दोष साबित करने की संभावना भी बढ़ जाएगी। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि यह कदम उज्जैन पुलिस को आधुनिक और तकनीक-आधारित जांच की दिशा में मजबूत बनाएगा।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में साइबर ठग ने बिजली कर्मी को अपना शिकार बनाया। ठग ने कर्मी के वॉट्सऐप पर चालान के नाम से मैसेज भेजा, इसमें एक APK फाइल भेजी गई थी। जैसे ही कर्मी ने इसे चेक किया, उसके बैंक अकाउंट्स से करीब 10 लाख रुपए निकाल लिए गए। परमजीत सिंह निवासी शाहपुर ने बताया कि वे बिजली निगम में असिस्टेंट फोरमैन के पद पर काम करते हैं। कुछ दिन पहले वे अपने घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से वॉट्सऐप मैसेज आया। मैसेज में RTO चालान का जिक्र था और एक APK फाइल अटैच थी। 2 अकाउंट से कटे पैसे उसने मैसेज चेक किया, तो पता चला कि उनके 2 बैंक अकाउंट्स से पैसे कट चुके थे। पहले अकाउंट से करीब 8 लाख और दूसरे अकाउंट पर लिए गए क्रेडिट कार्ड से करीब 2 लाख कट गए। APK फाइल के जरिए ठग ने उनके फोन से बैंक डिटेल्स चुराकर ठगी की। पैसे कटने के बाद भी उनका फोन से जानकारी चोरी हो रही थी। मोबाइल रिसेट करवाना पड़ा दोबारा ठगी ना हो, इसलिए उसने अपना फोन रिसेट कर दिया। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की आईडी न होने की वजह से शिकायत अलग से नहीं हो पाई। फिलहाल साइबर थाना में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
चाकू दिखा मोबाइल लूटा, पब्लिक ने पकड़ा
जालंधर| नई सब्जी मंडी में मंगलवार देरशाम चाकू दिखाकर मोबाइल फोन लूटकर भाग रहे लुटेरे को पब्लिक ने पकड़कर उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस गांव नागरा के रहने वाले आरोपी मिथुन कुमार से पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ लूट का केस दर्ज किया गया है। नई सब्जी मंडी में काम करने वाले पंकज ने कहा कि उसे रास्ते में लुटेरे ने रोक लिया। उसे धमकी दी गई कि मोबाइल न दिया तो वह उसे मार देंगे। लुटेरे मोबाइल लेकर भागने लगा तो पीड़ित ने शोर मचा दिया। इसके बाद लोगों ने उसका पीछा कर पकड़ लिया।
मजदूर से मोबाइल छीन भाग रहा एक स्नैचर जनता ने पकड़ा-पीटा, दो फरार
लुधियाना| इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के पास बुधवार शाम मोबाइल स्नेचिंग कर भाग रहे एक युवक को लोगों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। इलाका निवासी सचिन ओझा ने जानकारी देते हुए बताया कि इलाके में स्नैचिंग की वारदाते रुकने का नाम नहीं ले रही थी। बुधवार शाम को उसने देखा कि एक स्पलेंडर बाइक पर सवार तीन व्यक्तियों ने एक मजदूर का मोबाइल छीन कर भागने की कोशिश की। तो हम लोगों ने आरोपियों को घेर लिया। इस दौरान दो आरोपी मौके से भाग गए। जबकि एक व्यक्ति को हम लोगों ने पकड़ लिया। आरोपी ने नशा कर रखा था। चौकी इंचार्ज जगतपुरी सुखविंदर सिंह ने बताया, पकड़े व्यक्ति की पहचान राहुल वर्मा पुत्र भूप सिंह के रुप में हुई। जोकि कुंदनपुरी का रहने वाला है।
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में बुधवार को एक युवक न्याय की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक का कहना था कि यदि वह दोषी है तो उसे सजा दी जाए, लेकिन अगर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेंदूखेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के आश्वासन के बाद युवक टॉवर से नीचे उतरा देखें दो तस्वीरें.. झूठे मामले में फंसाने का आरोप युवक ने बताया कि कुछ दिन पहले तेंदूखेड़ा थाने में उसके खिलाफ गाली-गलौज और झगड़े का मामला दर्ज किया गया था। यह शिकायत कुछ महिलाओं द्वारा की गई थी। युवक का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में उसके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी को लेकर वह निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा था। घटना स्थल पर जुटी भीड़ युवक के टॉवर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेंदूखेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की समझाइश के बाद नीचे उतरा पुलिस ने काफी देर तक युवक से बातचीत की और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस के आश्वासन के बाद युवक सुरक्षित रूप से मोबाइल टॉवर से नीचे उतर आया। थाना प्रभारी बीएल त्यागी ने बताया- दो-तीन दिन पहले एक झगड़े का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें महिलाओं ने गाली-गलौज की शिकायत की थी। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और यदि युवक कोई सबूत पेश करता है, तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
इसराना में नकदी और मोबाइल लूट का खुलासा:सोनीपत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर तीन गिरफ्तार, फोन बरामद
पानीपत जिले में इसराना पुलिस ने शाहपुर-बवाना लाखु रोड पर पिकअप ड्राइवर से लूट के तीन आरोपियों को सोनीपत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपियों की पहचान गोहाना के गढ़ी सराय नामदार खा के रहने वाले मुकेश उर्फ रवि, हरीश और वार्ड 14 के रहने वाले अमित उर्फ गोल्डी के रूप में हुई है। थाना इसराना प्रभारी सब इंस्पेक्टर महिपाल ने बताया कि यह घटना 6 नवंबर की देर रात शाहपुर से बवाना लाखु रोड पर हुई थी। पंजाब निवासी पिकअप चालक अनिल से नकदी और मोबाइल फोन लूटा गया था। पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर में रहने वाले अनिल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 6 नवंबर की शाम 7 बजे अपनी पिकअप गाड़ी में अबोहर से एक भैंस, दो गाय और दो बछड़े लेकर पानीपत के पट्टी कल्याणा जा रहा था। कार सवार बदमाशों ने रोका रास्ता पीड़ित ने बताया कि रात 2:15 बजे शाहपुर से बवाना लाखु रोड पर करीब 100 मीटर चलने पर एक काले रंग की कार में सवार युवकों ने उसकी पिकअप के आगे गाड़ी अड़ाकर रास्ता रोक लिया। इस दौरान वरना गाड़ी से 7 लड़के उतरे, जिन्होंने खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया। नकदी और मोबाइल लूट कर फरार पिकअप चेक करने के बहाने उन्होंने अनिल की जेब से 1000 रुपए और पर्स से 6000 रुपए निकाल लिए। इसके बाद उसका मोबाइल छीनकर वरना गाड़ी सहित फरार हो गए।ड्राइवर अनिल ने राहगीरों की मदद से डायल 112 पर कॉल कर सूचना दी। थाना इसराना में अनिल की शिकायत पर लूट का मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और धरपकड़ शुरू कर दी थी। प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी लूट के दो दिन बाद सोनीपत पुलिस ने इन आरोपियों को एक अन्य लूट के मामले में गिरफ्तार कर लिया था।जानकारी मिलने पर थाना इसराना पुलिस तीनों आरोपियों को सोनीपत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। सभी आरोपियों को कोर्ट पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
विदेश भेजने के बहाने ठगी करने वाला व्यक्ति अरेस्ट:349 से अधिक पासपोर्ट, मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद
गोपालगंज पुलिस ने नौकरी के नाम पर विदेश भेजने के बहाने ठगी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी हथुआ थाना क्षेत्र के मठिया गांव में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में पासपोर्ट, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गिरफ्तार आरोपी की पहचान हथुआ थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी गुड्डू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उससे पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मठिया गांव में एक व्यक्ति लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर उनके पासपोर्ट अपने पास रखता है। सूचना के सत्यापन के बाद हथुआ थानाध्यक्ष शोएब आलम के नेतृत्व में कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद एक बड़े नेटवर्क का होगा पर्दाफाश आरोपी के पास से कुल 349 से अधिक पासपोर्ट, कई मोबाइल फोन और अन्य अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह ठगी का मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है और पूछताछ के दौरान एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। हालांकि, पुलिस के अनुसार, आरोपी का पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट की बरामदगी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत एजेंटों से ही संपर्क करें। पुलिस बोली-झांसे में आकर मूल दस्तावेज न दें पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि वे किसी के झांसे में आकर अपने मूल दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल, आरोपी पुलिस हिरासत में है और गहन पूछताछ जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। आशंका जताई जा रही है कि यह ठगी का एक संगठित और बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जड़ें दूर–दूर तक फैली हुई हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार युवकों को विदेश भेजने और अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देता था। भरोसा जीतने के बाद वह युवकों के पासपोर्ट, मोबाइल फोन, सीवी और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेता था। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से लगभग 349 पासपोर्ट, कई मोबाइल फोन और दर्जनों सीवी बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट मिलने के बाद पुलिस भी हैरान है।
भागलपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में चोरी की घटना हुई है। बुधवार को समस्तीपुर के हरनौत से अपनी मां का इलाज कराने आई रूमी नाम की महिला का मोबाइल इमरजेंसी वार्ड संख्या-26 से चोरी हो गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा जैसी स्थिति बन गई। रूमी अपनी मां को इमरजेंसी के वार्ड संख्या-26 में दिखा रही थी, तभी चोरों ने मौका पाकर उसका मोबाइल फोन चुरा लिया। मोबाइल गायब होने का पता चलते ही महिला रोने लगी। यह घटना अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। चोर ने उठाया भीड़ का फायदा पूर्वी बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेएलएनएमसीएच में इलाज के बजाय चोरी की घटनाएं चर्चा का विषय बन गई हैं। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सक्रिय चोर और जेब-कतरे भीड़ और अव्यवस्था का फायदा उठाकर वार्डों, इमरजेंसी और गलियारों में खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। रोजाना किसी न किसी मरीज के परिजन का कीमती मोबाइल फोन चोरी हो जाना अब आम बात हो चुकी है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई बार चोरों को रंगे हाथ पकड़ा भी गया है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण उनका मनोबल बढ़ रहा है। अस्पताल में न तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और न ही सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी हो पा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने पुलिस गश्ती बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
प्रतापगढ़ जिले की जाजली ग्राम पंचायत के उचवानिया गांव में मंगलवार को एक तेंदुआ देखा गया। सरपंच के मकान के पास तेंदुआ नजर आने से गांव को लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी जिसके बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हो गई। विभाग ने एहतियातन आसपास के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। बच्चे ने मोबाइल से खींचीं फोटो ग्रामीणों ने बताया कि गांव ही एक बच्चा खेतों के पास गाय के बछड़े को घुमा रहा था, तभी उसकी नजर तेंदुए पर पड़ी जो उसकी तरफ आ रहा था। बच्चे ने देर ना करते हुए बछड़े को अपने साथ लेकर वहां से भाग गया और जाकर अपने पिता को इसकी जानकारी दी। वन विभाग ने लगाया पिंजरा ग्रामीणों को बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए एक पिंजरा भी लगाया है। अलर्ट मोड पर वन विभाग की टीम वन विभाग की टीम तेंदुआ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक परिवार के साथ मारपीट और कार में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। परिवार के लोग घर की लड़की से मोबाइल पर बात करने को लेकर एक युवक को समझाने पहुंचे थे, लेकिन युवक ने अपने साथियों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया। आजाद नगर पुलिस के अनुसार, गोविंद पुत्र हरिप्रसाद, निवासी देवास की शिकायत पर लक्की कदम (पुत्र संतोष कदम, निवासी मूसाखेड़ी) और उसके साथी आकाश (पुत्र विश्राम जाटव), भय्यू और चीनी (पुत्र बबलू, निवासी शिवनगर) के खिलाफ मारपीट और तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता गोविंद अपने भाई दिलीप, बहन रेखा और अन्य रिश्तेदारों के साथ रात करीब 10 बजे टवेरा कार से रिश्तेदार संतोष कदम के घर पहुंचे थे। आरोप है कि संतोष का बेटा लक्की उनकी परिवार की बेटी से मोबाइल पर बात करता था, जिसे लेकर वे उसे समझाने पहुंचे थे। इसी दौरान लक्की ने अपने दोस्तों को बुला लिया और सभी ने गाली-गलौज करते हुए अचानक हमला कर दिया। पीड़ितों ने किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश की तो आरोपियों ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। डर के कारण जब परिवार कार में बैठा तो आरोपियों ने कार पर भी पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में गोविंद, उसका भाई दिलीप, भाभी सरोज, बहन रेखा सहित अन्य रिश्तेदार घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट कार्यालय में बुधवार को अलग ही माहौल देखने को मिला। महीनों से अपने गुमशुदा मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके परिवादी आज जब पुलिस कार्यालय पहुंचे, तो उनके चेहरों पर खुशी झलक रही थी। इसकी वजह थी साइबर सेल की प्रभावी कार्रवाई, जिसके तहत 105 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे ने की कार्रवाई शुरू की गई।। साइबर सेल जोधपुर पश्चिम एवं जिला जोधपुर पश्चिम पुलिस की टीमों ने संचार साथी (CEIR) पोर्टल की मदद से विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में तकनीकी ट्रेसिंग कर मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपए बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश तथा पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम विनीत कुमार बंसल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रोशन मीणा के सुपरविजन में की गई। साइबर सेल और पश्चिम जिला के विभिन्न पुलिस थानों की समन्वित टीमों ने CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइलों को ब्लॉक/ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित बरामद किया। मिसिंग की रिपोर्ट दर्ज कराएं पीड़ित इस मौके पर पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम ने आमजन से अपील की कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत संबंधित थाने या पुलिस वेब पोर्टल पर मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराएं, इसके बाद CEIR पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं। मोबाइल मिलने पर उसी पोर्टल से अन-ब्लॉक कर पुनः उपयोग किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई में साइबर सेल जोधपुर पश्चिम तथा जिला जोधपुर पश्चिम के सभी संबंधित पुलिस थानों की टीमों की अहम भूमिका रही।
रातीबड़ इलाके में मंगलवार रात ड्यूटी से घर लौट रही एक महिला से बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल फोन झपट लिया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक 37 वर्षीय कविता निजी कंपनी में कार्यरत हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे वह अपने सहकर्मियों के साथ पैदल घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान राजोरिया होटल के पास पीछे से बाइक पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे घटना की सूचना मिलते ही रातीबड़ पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में बाइक सवार बदमाश साफ नजर आए, जिसके आधार पर उनके हुलिए की पहचान कर ली गई। पुलिस ने देर रात दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इससे पहले इलाके में ऐसी अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
जालंधर के मेन इलाके प्रताप बाग रोड स्थित पाल अस्पताल के नजदीक देर रात करीब 12:30 बजे चार बाइक सवार नकाबपोश लुटेरों ने एक किरयाना व्यापारी पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया और नकदी व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने व्यापारी पर दातर और रॉड से हमला किया, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद लुटेरों ने उसकी जेब से करीब 23 हजार की नकदी और एक महंगा मोबाइल फोन छीन लिया। राहगीरों ने घायल को घर पहुंचाया घटना के बाद मौके से गुजर रहे लोगों ने घायल व्यापारी को भगत सिंह चौक स्थित उसके घर पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचित किया और घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित हितेश चोपड़ा निवासी भगत सिंह चौक कृष्णा गली ने बताया कि उसकी भगत सिंह चौक के पास किरयाना की दुकान है। वह रोज की तरह दुकान बंद कर प्रताप बाग रोड से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में चार नकाबपोश लुटेरों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही थाना तीन के एएसआई जोरावर सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित के बयान दर्ज कर जांच शुरू की। देर रात तक घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही थी। थाना प्रभारी जतिंदर सिंह ने बताया कि अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पहले भी हो चुकी हैं वारदातें पीड़ित के पिता ओंकार नाथ चोपड़ा ने बताया कि उनके साथ भी पहले इसी तरह की लूट की वारदात हो चुकी है, हालांकि उस समय राहगीरों की मदद से चोर को पकड़ लिया गया था। वहीं भगत सिंह चौक के दुकानदारों ने बताया कि कुछ दिन पहले मोमोज की रेहड़ी लगाने वाले की स्कूटी भी इसी इलाके से छीनी गई थी। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कोई भेदी व्यक्ति या नशेड़ी लुटेरों को देर रात अकेले निकलने वाले व्यापारियों की जानकारी देता है, जिसके बाद रेकी कर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इलाका निवासियों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इन नकाबपोश लुटेरों को जल्द गिरफ्तार कर उनका लूटा हुआ सामान वापस दिलाया जाए, ताकि लोगों को इंसाफ मिल सके।
भोपाल के चेतक ब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पर बैंक क्लर्क ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले पत्नी से हुए विवाद के बाद वह यहां पहुंचा था। उसने परिजनों को व्हाट्सएप पर टाइप किया हुआ सुसाइड नोट भेजा, जिसमें खुदकुशी के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है। यह घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। बुधवार शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ऑफिस पहुंचने के बाद हुआ विवाद एमपी नगर थाना पुलिस के मुताबिक अभिनाष जैन (35), पुत्र विमल कुमार, लाला लाजपत राय कॉलोनी, पंजाबी बाग क्षेत्र के निवासी थे। अभिनाष जैन और उनकी पत्नी रोली जैन, दोनों मैदा मील रोड स्थित एसबीआई कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। मंगलवार सुबह दोनों रोज की तरह घर से ऑफिस के लिए निकले थे। ऑफिस पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद अभिनाष बैंक से बाहर निकल गए। इसके बाद उन्होंने परिजनों को मोबाइल पर सुसाइड नोट भेजा और आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट भेजने के बाद मोबाइल किया स्विच ऑफ एएसआई अनूप ने बताया कि अभिनाष ने परिजनों को मैसेज भेजने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। सुसाइड नोट मिलने के बाद परिजन घबरा गए और तुरंत एमपी नगर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर अभिनाष की तलाश शुरू की, वहीं परिजन भी अपने स्तर पर उन्हें ढूंढने में जुट गए। इसी दौरान मृतक के साले को चेतक ब्रिज के पास रेलवे लाइन पर भीड़ दिखाई दी। जब वह पास पहुंचे तो देखा कि रेलवे ट्रैक पर अभिनाष का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुसाइड नोट में लिखा- जीवन में कई गलतियां हुई अभिनाष ने अपने भाई, पिता और पत्नी को मोबाइल मैसेज के जरिए सुसाइड नोट भेजा था। मैसेज में उन्होंने लिखा कि वह अब कभी वापस नहीं आएंगे और आत्महत्या करने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि इस कदम के लिए वह स्वयं जिम्मेदार हैं और उनके जीवन में उनसे कई गलतियां हुई हैं।
जेल में दो मोबाइल फोन बरामद, 5 बंदियों पर पर्चा
भास्कर न्यूज|लुधियाना केंद्रीय जेल के अंदर एक बार फिर नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। रुटीन चेकिंग के दौरान जेल प्रशासन को बंदियों के पास से मोबाइल फोन मिले हैं, जिन्हें बाहर की दुनिया से संपर्क बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जानकारी देते हुए हवलदार गुरप्रीत सिंह ने बताया कि सहायक जसविंदर सिंह जेल परिसर में नियमित तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जांच में सामने आया कि पांच बंदियों ने मिलकर दो मोबाइल फोन छिपाकर रखे हुए थे। दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। आरोपियों की पहचान धनञ्जय, कमलजीत, अमनप्रीत, जोंटी और जसवंत के रूप में हुई है। मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ग्वालियर हाईकोर्ट में लापरवाही बरतने पर सब इंस्पेक्टर देशराज सिंह और प्रधान आरक्षक श्रीराम शर्मा को निलंबित कर दिया है। कोर्ट ने उनके आचरण पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को तलब किया था। एसपी ने कोर्ट को यह जानकारी दी है। दरअसल, युगल पीठ में सुनवाई के दौरान जब एसआई देशराज सिंह से उनकी नेम प्लेट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जैकेट की चेन खोलकर दिखाई। वहीं, प्रधान आरक्षक श्रीराम शर्मा से रोजनामचा (दैनिक डायरी) के बारे में जानकारी मांगने पर उन्होंने जेब से मोबाइल फोन निकालना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों के इस आचरण पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को 6 दिसंबर को तलब किया था। कोर्ट में उपस्थित हुए एसपी ने बताया कि नेम प्लेट जैकेट के बाहर होनी चाहिए। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों के मिसकंडक्ट के लिए विभागीय जांच की जानकारी न्यायालय में पेश की, जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया। यह था मामलायह मामला एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। एक पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी को मोटा धानुक अपने साथ ले गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पल्लव त्रिपाठी ने तर्क दिया कि पुरानी छावनी थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस नाबालिग को बरामद नहीं कर पाई और न ही उसकी तलाश के लिए पर्याप्त प्रयास किए गए। इस मामले की जांच कर रहे एसआई और प्रधान आरक्षक को कोर्ट ने तलब किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच में कई खामियां पाई गईं। इसके अलावा, न्यायालय में दोनों पुलिसकर्मियों का रवैया भी ठीक नहीं था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में कैसे उपस्थित होना चाहिए, इसका उन्हें कोई शिष्टाचार नहीं है।
महिला से वीडियो कॉल के बाद युवक ने दी जान:मचान में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस ने मोबाइल जब्त किया
बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र में एक युवक ने खेत पर बने मचान पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार को गिधौल गांव में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने युवक का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय योगेश पुत्र डोरीलाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, योगेश मंगलवार को अपने खेत पर गया था। बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले वह किसी महिला से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। घटना के बाद भी योगेश के मोबाइल पर उस महिला के लगातार वीडियो कॉल आते रहे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि योगेश का आगरा की एक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जो दो बच्चों की मां है। योगेश की शादी करीब छह महीने पहले दातागंज कोतवाली क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। उसकी पत्नी इस प्रेम प्रसंग का विरोध करती थी, जिसके चलते घर में कई बार विवाद हुआ। विवादों के कारण योगेश की पत्नी अपने मायके चली गई थी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस ने मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। युवक की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
कुशीनगर में 18 लाख की मोबाइल चोरी:दुकानदारों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा किया विरोध प्रदर्शन
कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक मोबाइल दुकान से करीब 18 लाख रुपए के मोबाइल फोन चोरी हो गए। इस घटना और पूर्व की चोरियों का खुलासा न होने से नाराज दुकानदारों ने मंगलवार को नौरंगिया तिराहा पर विरोध प्रदर्शन किया। नौरंगिया तिराहा स्थित लक्की मोबाइल केयर दुकान में अज्ञात चोरों ने शटर और ताला तोड़कर लगभग 100 कीमती मोबाइल फोन चुरा लिए। दुकान मालिक रजनीश ओझा सोमवार शाम करीब आठ बजे दुकान बंद कर घर गए थे। मंगलवार सुबह नौ बजे जब वह दुकान खोलने पहुंचे, तो शटर का ताला टूटा हुआ और शटर दो फीट ऊपर उठा मिला। दुकान के अंदर से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल गायब थे। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में रजनीश, अनुपम गौड़, प्रदीप जायसवाल, संजय, रमेश कुशवाहा, दर्शन जायसवाल, पंकज जायसवाल, रवि यादव, छोटेलाल वर्मा, नथुनी ओझा, गोलू सहित कई दुकानदारों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। व्यापारियों ने बताया कि नौरंगिया तिराहा पर स्थित एक मोबाइल दुकान में यह चौथी चोरी है, लेकिन किसी भी मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस पिकेट के पास बार-बार चोरी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने पुलिस पर रात्रि ड्यूटी में केवल औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया। दुकानदारों ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मामले का शीघ्र खुलासा करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा। चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बगल की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो चोर बोरी लेकर भागते हुए कैद हुए हैं, जिसके आधार पर पुलिस छानबीन कर रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है।
जींद जिले के जुलाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले आठ महीनों से एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे जांच का काम फिलहाल मोबाइल फोन के सहारे चलाया जा रहा है, जिससे जांच की गुणवत्ता और मरीजों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। मोबाइल पर देखी जा रही एक्स-रे इमेज प्रतिदिन दर्जनों मरीज हड्डी टूटने, सड़क दुर्घटनाओं, सीने की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं के लिए एक्स-रे जांच कराने सीएचसी पहुंचते हैं। फिल्म की अनुपलब्धता के कारण एक्स-रे मशीन से ली गई इमेज डॉक्टरों को मोबाइल फोन पर भेजी जाती है, जिन्हें देखकर ही रिपोर्ट तैयार की जाती है। यह अस्थायी व्यवस्था न केवल अविश्वसनीय है, बल्कि गलत निदान की संभावना भी बढ़ा रही है। गरीब मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ सरकारी अस्पताल में बुनियादी सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को निजी संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि निजी एक्स-रे जांच का खर्च वहन करना उनके लिए मुश्किल होता है। शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान अस्पताल प्रशासन द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों को एक्स-रे फिल्म की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभागीय अधिकारी बोले—फिल्म की कमी की जानकारी दी जा चुकी है जुलाना के रेडियोलॉजी अफसर सुभाष ने बताया कि फिल्म की कमी की जानकारी विभाग को पहले ही दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एक्स-रे भेजने के लिए कोई ऑनलाइन सिस्टम नहीं है, इसलिए मरीजों के एक्स-रे चिकित्सकों के मोबाइल पर भेजे जाते हैं, जिन्हें देखकर इलाज किया जा रहा है। सीएमओ ने कहा—एसएमओ को करनी चाहिए खरीदारी जींद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुमन कोहली ने स्वीकार किया कि सीएचसी में एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में एसएमओ से बात करेंगी। यदि आयुष्मान भारत योजना के तहत बजट उपलब्ध है, तो एसएमओ को तत्काल फिल्म खरीदनी चाहिए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
पलामू पुलिस ने मनातू थाना क्षेत्र में अफीम तस्करी का खुलासा किया है। पुलिस ने 1.114 किलोग्राम अफीम के साथ दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। अफीम का अनुमानित बाजार मूल्य साढ़े पांच लाख रुपए है। यह कार्रवाई सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मनातू थाना क्षेत्र के ग्राम चक में अवैध रूप से अफीम की खरीद-बिक्री की जा रही है। इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए लेस्लीगंज (पांकी) के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान ग्राम चक निवासी उमाशंकर कुमार और उसके रिश्तेदार राहुल कुमार को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उमाशंकर कुमार के घर की तलाशी लेने पर 1.114 किलोग्राम अफीम बरामद हुआ। बरामद अफीम को विधिवत जब्त किया गया। अभियुक्तों के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर इस नशे के अवैध कारोबार के नेटवर्क को खंगाल रही है। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अवैध रूप से मादक पदार्थ की खरीद और बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार उमाशंकर कुमार (34) मनातू के चक और राहुल कुमार (34), लेस्लीगंज थानाक्षेत्र के पथराही के रहने वाले हैं।
प्रयागराज के बाजारों में इन दिनों चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। युवकों की टोली घूम घूम कर दुकानदारों और ग्राहकों का सामान उड़ा रही है। टप्पेबाजी की वारदातें भी बढ़ी हैं। शहर के चौक बाजार में स्थित मोहम्मद अली पार्क का एक वीडियो सामने आया है। इसमें युवक पलक झपकते ही स्कूटी से मोबाइल निकालकर चल देता है। कपड़ों की दुकान के मालिक शॉप के सामने अपनी स्कूटी खड़ी करते हैं। वह स्कूटी से अन्य सामान निकाल लेते हैं। आगे की तरफ मोबाइल रखा होता है। वह जैसे ही दुकान की तरफ बढ़ते हैं पीछे से नजरें लगाकर बैठा एक युवक तुरंत पहुंचता है ओर मोबाइल निकाल कर चल देता है। सीसीटीवी में यह पूरी वारदात कैद हो जाती है।
सीवान के समाहरणालय परिसर के पास मंगलवार को दिनदहाड़े एक युवती से मोबाइल छीनने की घटना सामने आई। विद्या भवन महिला कॉलेज की एक छात्रा प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी कॉलेज जाने के लिए समाहरणालय परिसर होते हुए गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक एक युवक उसके सामने आया और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया, जिसके बाद वह मौके से फरार होने लगा। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और चोर के पीछे दौड़ लगा दी। युवती की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भी सतर्क हो गए। भीड़ ने जमकर की पिटाईकुछ ही दूरी पर आंदर थाना का ड्राइवर अवध सिंह और स्थानीय लोगों ने मिलकर चोर को पकड़ लिया। चोर के पकड़े जाने के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। ओएसडी अमर ज्योति भी मौके पर पहुंचेसूचना मिलने पर जिला पदाधिकारी के ओएसडी अमर ज्योति भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए चोर को अपने साथ समाहरणालय लेकर गए। हालांकि, उसे ले जाने के दौरान भी भीड़ का आक्रोश कम नहीं हुआ और रास्ते में भी लोग उसकी पिटाई करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाहरणालय जैसा संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाला इलाका, जहां जिले के सभी वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी बैठते हैं, वहां भी छात्राएं और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि चोरों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। आरोपी ने अपना नाम देवव्रत बताया पीड़ित युवती ने बताया कि आरोपी युवक अचानक सामने आया और मोबाइल छीनकर भागने लगा। अगर लोगों का सहयोग नहीं मिलता तो शायद वह मोबाइल वापस नहीं मिल पाता। वहीं, रंगेहाथों पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम देवव्रत बताया और खुद को डोमटोली का रहने वाला बताया।
करनाल में साइबर ठगों ने आईजीएल के नाम पर फर्जी कॉल और वाट्सऐप लिंक भेजकर एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद बैंक खातों तक पहुंच बनाकर एफडी तुड़वाकर लाखों रुपये अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड भुगतान में निकाल लिए गए। पीड़ित को किसी भी स्तर पर ओटीपी या एमपिन साझा किए बिना यह ठगी की गई। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आईजीएल कर्मी बनकर आई कॉल, बीपी नंबर अपडेट का दबाव करनाल निवासी ओमप्रकाश के मोबाइल पर 3 जनवरी को 1:54 बजे कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल से बताया और कहा कि पिछली बिल पेमेंट अपडेट नहीं हुई है, इसलिए बीपी नंबर अपडेट कराना होगा। पीड़ित ने मना किया, लेकिन कनेक्शन कटने का डर दिखाकर बातों में उलझाया गया। इसके बाद वाट्सऐप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक कराया गया। वॉट्सऐप लिंक से आईजीएल नाम की एपीके इंस्टॉल, मोबाइल पर नियंत्रण लिंक पर क्लिक करते ही आईजीएल के नाम की एपीके फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हो गई। इसके तुरंत बाद कॉल करने वाले ने आईसीआईसीआई बैंक करनाल के खाते का नंबर और नाम पूछकर कॉल काट दी। कुछ ही देर में पीड़ित के मोबाइल पर इंडसइंड बैंक की मोबाइल ऐप पर एमपिन जनरेट होने का संदेश आया, जबकि पीड़ित किसी बैंक ऐप का उपयोग नहीं कर रहा था। बैंक कर्मचारी से बात, फर्जी संदेश मानकर नजरअंदाज करीब 3:15 बजे आए संदेश के बाद पीड़ित ने बैंक कर्मचारी हिमांशु से संपर्क किया। बातचीत में इसे सामान्य फर्जी संदेश बताकर चिंता न करने की बात कही गई। इसी बीच ठग मोबाइल पर पूरी तरह सक्रिय रहे और बैंकिंग गतिविधियों को अंजाम देते रहे। शाम को खुली पोल, एफडी तुड़वाकर रकम उड़ाई करीब 6:30 बजे मोबाइल चेक करने पर खाते से पैसे कटने के संदेश दिखे। जांच में सामने आया कि इंडसइंड बैंक में मौजूद तीन एफडी तुड़वाकर रकम खाते में डाली गई और तुरंत अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड भुगतान के जरिये निकाल ली गई। पहली एफडी से 586005.77 रुपये, दूसरी एफडी से 398524.97 रुपये व तीसरी एफडी से 1218188.39 रुपये निकाले गए। ओटीपी या एमपिन साझा नहीं, फिर भी खाता खाली पीड़ित का कहना है कि इस दौरान न तो कोई ओटीपी साझा किया गया और न ही एमपिन बताया गया। एफडी टूटने को लेकर बैंक की ओर से कोई कॉल भी नहीं आई। कुल मिलाकर 2260626.10 रुपये की ठगी की गई। ऑनलाइन पोर्टल और बैंक में शिकायत, थाने में केस दर्ज घटना के बाद पीड़ित ने उसी दिन ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। इसके साथ ही इंडसइंड बैंक के कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद साइबर क्राइम थाना करनाल में लिखित शिकायत दी गई। जांच अधिकारी को सौंपी फाइल, आरोपियों की तलाश थाने में शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल गतिविधियों और बैंकिंग ट्रांजैक्शनों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है।
जालंधर के ग्रीन सिटी इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक भाई ने अपनी ही सगी बहन के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अवस्था में जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता की मां कुलविंदर ने बताया कि उसके बेटे के साथ उनका लंबे समय से कोर्ट में प्रॉपर्टी को लेकर केस चल रहा है। इसी कारण परिवार ने उसे पहले ही घर से बेदखल कर रखा था। इसके बावजूद आरोपी भाई अपनी पत्नी निशु के साथ जबरन घर आया और अंदर का दरवाजा खुलवाकर घर में घुस गया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने घर में घुसते ही बहन के साथ मारपीट शुरू कर दी। घर में उस समय कोई और मौजूद नहीं था जो बीच-बचाव कर सके। जब पीड़िता ने घटना की वीडियो बनाकर मीडिया और पुलिस को सूचना देने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। शादी के बाद ही भाई ने मारपीट शुरू की पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही भाई और उसकी पत्नी लगातार परिवार के साथ मारपीट कर रहे थे और उन्हें घर व प्रॉपर्टी छोड़ने की धमकियां दी जा रही थीं। आरोपी पहले भी कई बार मारपीट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। घटना के दौरान पीड़ितों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार एक घायल के सिर में गहरी चोट के कारण तीन टांके लगाए गए हैं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई जगह चोटों के निशान हैं। पीड़िता ने बताया कि घटना के समय उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल की थी, जहां से उन्हें पहले सिविल अस्पताल जाकर मेडिकल करवाने की सलाह दी गई। इसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बड़नगर मंडी से 15 लाख रुपए की सोयाबीन से भरा ट्रक चोरी करने वाले अतंरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम नीमच, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और रतलाम तक आरोपियों का पीछा करती रही। पुलिस ने बदनावर क्षेत्र में वंडर सीमेंट फैक्ट्री के पास घेराबंदी कर सोयाबीन से भरे ट्रक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। नरेंद्र पिता सतीशचंद्र राठी,निवासी बड़नगर ने बड़नगर पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई अतुल राठी के साथ कृषि उपज मंडी बड़नगर में फर्म सतीश चन्द्र गीरिश चन्द्र के नाम से कृषि उपज का व्यवसाय करते हैं। 25 दिसंबर को लगभग 280 क्विंटल सोयाबीन से भरा ट्रक मंडी परिसर स्थित गोदाम के सामने खड़ा था, जिसे मोरवी नंदन प्रोटीन्स लिमिटेड, नीमच भेजा जाना था। लेकिन देर रात को ट्रक चोरी हो गया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बड़नगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार पाटीदार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम नीमच, जयपुर (राजस्थान), चित्तौड़गढ़ एवं रतलाम तक आरोपियों का पीछा करती रही। अंततः बदनावर क्षेत्र में वंडर सीमेंट फैक्ट्री के पास घेराबंदी कर सोयाबीन से भरे ट्रक सहित दो आरोपियों सुरजमल कुमावत (32), निवासी चित्तौड़गढ़, तनिष्क कुमावत (19), चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों से 279 क्विंटल सोयाबीन कीमत लगभग 15 लाख रुपए तथा 30 लाख रुपए कीमत का ट्रक, कुल 45 लाख रुपए का माल जब्त किया है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं। ऐसा ही खतरा भोपाल में भी मंडरा रहा है। कई लाइनों में सीवेज का पानी मिल रहा है। ये नगर निगम की जांच में भी सामने आ चुका है। ताबड़तोड़ वाल्व और लीकेज सुधारे जा रहे हैं। ताकि, इंदौर जैसा हादसा यहां न हो। दूसरी ओर, खानूगांव में अब भी करीब 2 हजार लोग गंदा पानी पी रहे हैं। पार्षद ने खुद कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया। इस वार्ड की पार्षद रेहाना सुल्तान हैं। उनके प्रतिनिधि मो. जहीर ने बताया कि खानूगांव क्षेत्र में कई दिनों से सीवेज का पानी कुएं में जा रहा है। फिर वहां से लगभग 2000 लोगों को पानी वितरित किया जाता है। इसकी लिखित तौर पर 15 दिन पहले शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या दूर नहीं हुई। अब तो जिम्मेदारों ने मोबाइल पर कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया। ऐसे में क्षेत्र के लोग अब भी गंदा पानी पी रहे हैं। ऐसे में दूषित पानी से बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर जल्द ही प्रदर्शन करेंगे। भोपाल के 22 वार्ड डेंजर जोन में, पाइप लाइन बदले जाने की जरूरतअब तक हुई पड़ताल में सामने आया है कि भोपाल के करीब 22 वार्ड ऐसे हैं, जहां पर 400 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन सीवेज के साथ ही बिछी हुई है। इनमें नवीबाग और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र जैसे बड़े इलाकों की करीब 5 लाख आबादी शामिल हैं। बताया जाता है कि यह पूरी पुराने लोहे के पाइप लाइन है, जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। इस कारण सबसे ज्यादा लीकेज यही होते हैं। हालांकि, इसे बदलने के लिए निगम को करीब 500 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। शहर के 2.71 लाख नल कनेक्शन में से करीब 75 हजार नल कनेक्शन की लाइन बदलने की जरूरत है। इसके अलावा अमृत-2 के तहत शहर में 750 किलोमीटर पानी की नई पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। 5 जोन में करीब 5 लाख से ज्यादा की आबादीशहर के 5 जोन में पानी की पाइप लाइन पुरानी हो चुकी है। यह इलाके हैं जोन 3 के बाबू जगजीवन राम, नारियल खेड़ा, गीतांजलि, 4 के जेपी नगर, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिम गंज, जोन-5 के रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन, शाहजहांनाबाद, लाल बहादुर शास्त्री, मोती मस्जिद, इस्लामपुर, जोन 16 के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, राजीव गांधी, भोपाल मेमोरियल, भानपुर और जोन-17 के बड़वाई, छोला, रूसल्ली, करोंद और नवीबाग जैसे इलाकों में ज्यादा परेशानी है। इसके अलावा देवकी नगर, अंबेडकर नगर और चौकसे नगर में भी लीकेज सबसे ज्यादा होते हैं। अब तक एक हजार सैंपल लिए जा चुकेशहर में अब तक एक हजार से ज्यादा पानी के सैंपल लिए जा चुके हैं। हालांकि निगम का दावा है कि है एक भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। पुराने भोपाल के अधिकांश इलाकों में जगह की कमी के कारण सीवेज लाइन के साथ पानी की पाइप लाइन है। लोहे के पाइप की लाइन होने के कारण इनमें लीकेज की समस्या होने लगी है। हर रोज 450 मिलियन लीटर पानी की सप्लाईभोपाल में 2040 में पीने के पानी की हर दिन 514 मिलियन लीटर की जरूरत होती होगी। इस पूर्ती को पूरा करने के लिए तीन साल में नेटवर्क बनाने के लिए 448 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी वर्तमान में हर दिन जरूरत के अनुसार 450 मिलियन लीटर पानी सप्लाई होता है। शहर में अभी पानी सप्लाई 85% इलाकों में होती है। यह सभी वैध कॉलोनियां हैं। नगर निगम अवैध कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं करता है। अभी कुल 2.71 लाख कनेक्शन हैं, जो बढ़कर 3.10 लाख हो जाएंगे। इससे हर दिन 514 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो सकेगा।
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवा मोहल्ले में सोमवार शाम एक महिला ने अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि यह घटना मोबाइल पर पति से हुए विवाद के बाद हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान नंदनी के रूप में हुई है, जो जितेंद्र पासवान की पत्नी और गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बांकी गांव की निवासी थी। नंदनी और उनके पति जितेंद्र लंबे समय से पारिवारिक विवादों से जूझ रहे थे। दोनों दिल्ली में मजदूरी करते थे, जहां उनके बीच विवाद और गहरा गया था। दुपट्टे के सहारे फांसी लगाई कुछ समय पहले जितेंद्र नंदनी और उनके बेटे को देवरिया के पुरवा स्थित किराए के मकान में छोड़कर वापस दिल्ली कमाने चले गए थे। सोमवार को पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन पर किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसी विवाद के बाद नंदनी ने कमरे के अंदर जाकर पंखे की कुंडी में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। घटना के समय उनका पांच वर्षीय बेटा गूगू कमरे के बाहर खेल रहा था और उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पड़ोसियों ने बताया कि काफी देर तक कमरा बंद रहने पर उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाने पर नंदनी का शव पंखे की कुंडी से लटका मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। नंदनी और जितेंद्र ने करीब 10 साल पहले प्रेम विवाह किया था। दिल्ली में रहते हुए दंपति के बीच लगातार विवाद होते रहते थे, जिससे नंदनी कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान थीं। घटना की सूचना मिलने पर महिला के मायके पक्ष को भी जानकारी दी गई, जिसके बाद वे देवरिया पहुंचे। सदर कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
मऊगंज में युवक पर जानलेवा हमला:शराब के नशे में हथौड़े-रॉड से वार, 10 हजार और मोबाइल लूटे
मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तेंदुआ में सोमवार को एक युवक पर जानलेवा हमले की वारदात सामने आई है। शराब के नशे में धुत एक आरोपी ने युवक पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित जयशंकर द्विवेदी ने बताया कि वह गांव की एक दुकान पर बैठे थे, तभी गांव का ही एक युवक नशे की हालत में वहां पहुंचा और बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगा। जब जयशंकर ने इसका विरोध किया, तो आरोपी भड़क गया और उसने पास रखे हथौड़े व लोहे की रॉड से जयशंकर के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। नकद और मोबाइल लूटने का आरोप हमले के कारण जयशंकर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें बेहोश देख आरोपी ने उनकी जेब से 10 हजार रुपए नकद और उनका मोबाइल फोन निकाल लिया और वहां से फरार हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजन ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रीवा रेफर कर दिया गया। पुलिस की जांच जारी शाहपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मारपीट और लूट के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में 15 साल के लड़के को गिरफ्तार किया है। लड़का मूल रूप से जम्मू कश्मीर के सांबा का रहने वाला है। वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के अलावा पाक मिलिट्री और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के संपर्क में था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसका फोन पाकिस्तानी एजेंसियों ने हैक कर रखा था। जो सीधे उसके मोबाइल से जासूसी का डेटा उठा लेती थीं। उसके मोबाइल से संवेदनशील जगहों के वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस को ये भी शक है कि मोबाइल हैकिंग के जरिए वह लाइव भी पाकिस्तानी एजेंसियों को सिक्योरिटी लोकेशन बताता था। पुलिस की जांच में पता चला कि उसके पिता की मौत हो गई थी। बच्चे को शक था कि उसके पिता की हत्या की गई है। इसी चक्कर में वह सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हुआ और बाद में जासूसी करने लगा। पुलिस ने उसके मोबाइल से जासूसी के लिए रिकॉर्ड किए वीडियो, चैटिंग बरामद की है। बच्चा करीब एक साल से जासूसी कर रहा था। उसने 9वीं में दाखिला भी लिया था। उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जासूस बच्चे के बारे में पुलिस ने क्या कहा... सीक्रेट इन्फॉर्मेशन मिलने पर गिरफ्तार कियापठानकोट के SSP दलजिंदर सिंह ढिल्लो ने कहा- पुलिस को एक सीक्रेट इन्फॉर्मेशन मिली थी कि एक नाबालिग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के फ्रंटल टेरर ऑर्गेनाइजेशन के टच में है। वह उन्हें देश की सिक्योरिटी से जुड़ी महत्वपूर्ण इन्फॉर्मेशन दे रहा है। यह नाबालिग पाकिस्तान की मिलिट्री, ISI के अफसरों और टेरर मॉड्यूल से जुड़े लोगों के संपर्क में था। इसी आधार पर रविवार को हल्का सुजानपुर के 4 नंबर पुल पर नाकाबंदी के दौरान नाबालिग को पकड़ लिया। उम्र महज 15 साल, चैटिंग के बाद लालच देकर फंसायाSSP ने कहा- इसके बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ और उससे बरामद मोबाइल की जांच की गई। उसने हमें भी चौंका दिया। बच्चा महज 15 साल का है। पाकिस्तान की एजेंसियां सोशल मीडिया पर आकर बच्चों को फंसा रही हैं। बच्चों को इसकी गंभीरता के बारे में पता ही नहीं है। पाक एजेंसियां पहले उनके साथ चैटिंग करती हैं। फिर बातचीत करती हैं। इसके बाद उन्हें लालच देकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग और सप्लाई के ट्रैप में फंसाते हैं। पाक एजेंसियों, टेरर मॉड्यूल के ट्रैप में फंसाSSP ढिल्लो ने कहा- चैटिंग व बातचीत के दौरान पाक एजेंसियां बच्चों से ये भी जानकारी ले लेते हैं कि वह किस तरह की मुश्किल में हैं। इस बच्चे के पिता का डेढ़ साल पहले निधन हुआ था। बच्चे को शक था कि उसके पिता का मर्डर हुआ है। इसकी जांच की। इसमें पता चला कि उसके पिता का कत्ल नहीं हुआ था। लेकिन बच्चे को यकीन था। इसी चक्कर में उसने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पिता को लेकर पोस्टें डालनी शुरू की। इसी दौरान वह पाकिस्तानी एजेंसियों और उनके टेरर मॉड्यूल के ट्रैप में फंस गया। मोबाइल से फोन क्लोनिंग के जरिए जानकारी लेती थी ISIइसके पास से जो मोबाइल बरामद हुए हैं, उससे पता चला कि यह मोबाइल टेक्नोलॉजी का अच्छा जानकार है। पाकिस्तानी एजेंसियों ने इसके फोन से क्लोनिंग के जरिए पूरी जानकारी लेनी शुरू कर दी। इसने कई महत्वपूर्ण जगहों की वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड की थी। इसका फोन हैक हुआ था तो वह लाइव भी वहां से दिखा सकता था। पाकिस्तानी गैंगस्टरों के भी टच में आ चुका थाइसके अलावा वह टेरर मॉड्यूल से जुड़े पाकिस्तानी गैंगस्टर के भी संपर्क में आ चुका था। यह आगे से आगे बात करता जा रहा था। पाकिस्तानी एजेंसियों को भी ऐसे लोग चाहिए, जो उनकी बातों में आ सकें। उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर लिया गया है। पाकिस्तान से सटे गांवों में इसी तरह से पाक एजेंसियां यंग जेनरेशन को जासूसी के जाल में फंसा रही हैं। ऐसे और भी बच्चे फंसे हुए हैं। इस बारे में उच्च अधिकारियों और बॉर्डर जिलों के SSP को बता दिया है। -------------- ये खबर भी पढ़ें.... PAK के लिए जासूसी के शक में पंजाब से गिरफ्तारी:ऑपरेशन सिंदूर की जानकारियां भेज रहा था; मोबाइल में ISI एजेंटों के नंबर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में पंजाब के तरनतारन से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी सैन्य जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भेज रहा था। आरोपी की पहचान तरनतारन के मोहल्ला रोडूपुर गली नजर सिंह वाली के गगनदीप सिंह उर्फ गगन के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें...
नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी) ने शहर के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नागरिक सुविधाएं बेहतर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम की ओर से सभी अधिसूचित वेडिंग जोनों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले दुकानदारों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें और वे स्वच्छ व सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।एमसीसी के इंजीनियरिंग विंग (बी एंड आर) ने शहर में 9 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां मोबाइल शौचालयों की तत्काल जरूरत है। निगम अधिकारियों के मुताबिक इन सभी स्थानों पर जल्द ही मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जाएंगे। इससे खासकर सुबह से देर शाम तक काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स और आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।इसके साथ ही 27 वेडिंग साइट्स ऐसी चिह्नित की गई हैं, जहां पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। इन जगहों पर नियमित रूप से पानी की आपूर्ति के लिए वाटर टैंकर लगाए जाने की योजना बनाई गई है। निगम प्रशासन का कहना है कि टैंकरों की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है और निकट भविष्य में यहां पानी की नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी। इन वेडिंग जोनों में पहले से उपलब्ध हैं सभी जरूरी सुविधाएंनगर निगम के अनुसार शहर के कई वेडिंग जोन पहले से ही मूलभूत नागरिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें सेक्टर 7-सी (साइट-सी), 10-डी, 19-सी, 21-सी, 22-डी, 28-सी (साइट-बी), 29-सी, 33-डी, 49-डी, 50-सी, 53-बी, मलोया-1, रिहैब कॉलोनी मलोया-ए, आईटी पार्क और मनीमाजरा (MHC) शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था पहले से मौजूद है।निगम का कहना है कि इन सुविधाओं से न केवल स्ट्रीट वेंडर्स को फायदा मिल रहा है, बल्कि आम जनता के लिए भी स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित हो रहा है। समावेशी शहरी विकास पर फोकसMCC अधिकारियों के मुताबिक यह पहल समावेशी शहरी विकास, सार्वजनिक सेहत और स्वच्छता को ध्यान में रखकर की जा रही है। निगम का उद्देश्य है कि स्ट्रीट वेडिंग को पूरी तरह से नियोजित और संगठित किया जाए, ताकि शहर की सुंदरता और व्यवस्था बनी रहे और वेंडर्स को भी सम्मानजनक आजीविका मिल सके।
चमनगंज पुलिस ने राह चलते फोन पर बात करने वाले लोगों से मोबाइल छीनने वाले दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह लूटे गए मोबाइल बेचने जा रहे थे। आरोपियों के पास से पुलिस ने सात मोबाइल बरामद किए है, जिनमें से एक मोबाइल बीते 31 दिसंबर को लाटूश रोड निवासी महिला से छीना गया था। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 31 दिसंबर को लाटूश रोड निवासी फौजिया खान पीरोड से बजरिया पैदल जा रही थीं। इस दौरान हरसहाय स्कूल के पास स्कूटी सवार दो लुटेरों ने उनका मोबाइल छीन लिया था, जिसका बजरिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस लुटेरों की तलाश में लगी हुई थी। इस बीच सोमवार सुबह चमनगंज पुलिस चंद्रिका देवी चौराहे के पास चेकिंग कर रही थी। तभी पुलिस को जानकारी मिली कि डिप्टीपड़ाव के पास एक गली में दो युवक चोरी व लूट के मोबाइल बेचने की फिराक में खड़े हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनके नाम बेकनगंज निवासी इकराम और अल्तमश हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी व लूट के 7 मोबाइल बरामद किए। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि आरोपी राह चलते फोन पर बात करने वालों और भीड़भाड़ इलाके में लोगों को अपना निशाना बनाते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी अल्तमश बाइक चलाता था, जबकि इकराम लूट की घटना को अंजाम देता था। आरोपियों के पास से घटना में शामिल स्कूटी बरामद की गई है।
हिसार के नारनौंद के थाना क्षेत्र के गांव थुराना में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमले और लूटपाट का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत 28 वर्षीय संदीप पर करीब एक दर्जन हमलावरों ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। आरोपी युवक से एक लाख रुपए की नकदी छीनकर और उसका मोबाइल तोड़कर मौके से फरार हो गए। खेत से घर लौटते समय घेरा पीड़ित संदीप ने पुलिस को बताया कि 3 जनवरी की शाम करीब 6 बजे वह अपने खेत में मकान की नींव का काम करवाकर बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के रविदास मंदिर के पास पहुँचा, पहले से घात लगाकर बैठे रमेश, बिल्लू, हैप्पी और मनजीत ने उसे रोकने की कोशिश की। संदीप जान बचाने के लिए बाइक छोड़कर भागा, लेकिन पीछे से मनोज, भानू, राजी, मोहित, साहिल और दो नकाबपोश युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। गंभीर चोटें और लूटपाट हमलावरों ने संदीप पर जेली और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। संदीप के अनुसार, उसकी जेब में ईंट-भट्ठे के भुगतान के लिए रखे 1 लाख रुपए मनजीत ने निकाल लिए और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। पुलिस की कार्रवाई घायल संदीप का इलाज हिसार के नागरिक अस्पताल में चल रहा है, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी एमएलआर (MLR) में 6 गंभीर चोटों की पुष्टि की है। नारनौंद पुलिस ने संदीप के बयान के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ कस्बे में एक मोबाइल दुकान पर मोबाइल चोरी के आरोप में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। दुकानदार ने युवक को मोबाइल चुराते हुए पकड़ा और फिर उसकी पिटाई की। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना रविवार शाम को बल्देवगढ़ कस्बे की एक मोबाइल शॉप में हुई। जानकारी के अनुसार, युवक मोबाइल खरीदने के बहाने दुकान पर आया था। इसी दौरान उसने दुकान से एक मोबाइल चुरा लिया। दुकानदार को जैसे ही चोरी का पता चला, उसने तुरंत युवक को पकड़ लिया और उसकी जेब से चुराया हुआ मोबाइल वापस ले लिया। इसके बाद दुकानदार ने दुकान के अंदर ही युवक के बाल पकड़े और उसके गालों पर कई चांटे मारे। आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो सोमवार को सामने आया। इस मामले में बल्देवगढ़ थाना प्रभारी प्रीति भार्गव ने बताया कि किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। थाना प्रभारी ने कहा कि वीडियो के आधार पर घटना का पता लगाया जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बांदा पुलिस ने करोड़ों की साइबर ठगी के रुपये बरामद:1633 शिकायतें निस्तारित, 867 गुम मोबाइल भी मिले
बांदा पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित न्याय और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा को तकनीकी संसाधनों से सुदृढ़ किया गया, जिससे पूरे वर्ष साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकी। वर्ष 2025 में, साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा में PRO, ऑनलाइन NCRP पोर्टल और सीधे थाने पर कुल 1855 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें PRO के माध्यम से 108, NCRP पोर्टल से 1622 और थाने पर प्राप्त 125 ऑनलाइन शिकायतें शामिल थीं। बांदा पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर इन शिकायतों की जांच करते हुए कुल 1633 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया। साइबर अपराधों से संबंधित कुल 16 अभियोग वर्ष 2025 में पंजीकृत किए गए, जिनमें से 10 मामलों का निस्तारण कर लिया गया है। इन मामलों में कुल ₹87,36,778 की साइबर ठगी दर्ज की गई थी। बांदा पुलिस ने त्वरित तकनीकी और विधिक कार्रवाई करते हुए ₹36,38,900 की धनराशि बरामद कर पीड़ितों को वापस कराई, जो लगभग 41.65 प्रतिशत की रिकवरी है। ऑनलाइन एवं NCRP पोर्टल पर पंजीकृत शिकायतों के माध्यम से सामने आए मामलों में वर्ष 2025 के दौरान कुल ₹3,74,56,581 की साइबर ठगी की जानकारी प्राप्त हुई। बांदा पुलिस ने त्वरित समन्वय और तकनीकी कार्रवाई करते हुए ₹97,30,925 की धनराशि होल्ड कराई तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत ₹96,61,316 की धनराशि पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक वापस कराई। वर्ष 2025 के दौरान साइबर अपराधों में प्रयुक्त अथवा संलिप्त पाए गए 1168 मोबाइल नंबर और 1991 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए, जिससे साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सका। इसके अतिरिक्त, CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 867 गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर संबंधित आवेदकों को सुपुर्द किए गए।
शहडोल में सोहागपुर थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 101 नशीली इंजेक्शन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोहागपुर क्षेत्र के कोटमा तिराहे के पास नशीली इंजेक्शन बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य उर्फ बेटू तिवारी (पिता शारदा प्रसाद तिवारी, निवासी वार्ड क्रमांक 11, बीएसएनएल ऑफिस के पास, थाना कोतवाली शहडोल), उदय नारायण उर्फ गुड्डू शुक्ला (पिता स्वर्गीय शेषनारायण शुक्ला, निवासी वार्ड क्रमांक 17, बाणगंगा कॉलोनी शहडोल) और अविनाश यादव उर्फ अभिलाष (पिता स्वर्गीय शंकर यादव) के रूप में हुई है। टीआई बोले- पैदल खड़े आरोपी नशीले इंजेक्शन बेच रहे थे सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि तीनों आरोपी पैदल खड़े होकर नशीली इंजेक्शन बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने रविवार शाम एक प्रेस नोट जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली इंजेक्शन की आपूर्ति कहां से हो रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
छिंदवाड़ा के परासिया स्थित मयूर वन में चल रहे जुआफड़ पर पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मौके से न्यूटन के वार्ड पार्षद समेत 14 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा है। पुलिस ने फड़ से 93 हजार रुपए नकद और 15 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट का मामला दर्ज कर परासिया थाने लाया गया है। मयूर वन क्षेत्र में लंबे समय से जुआफड़ चलने की खबरें मिल रही थीं। मुखबिर की सूचना पर रविवार को स्पेशल टीम ने दबिश दी। पुलिस को देखते ही जुआरियों में भगदड़ मच गई, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए लोगों में न्यूटन वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद शेख वसीम भी शामिल हैं। इसके अलावा चौरई, जुन्नारदेव और परासिया क्षेत्र के घनश्याम बैस, मंजीत सिंह, मनोज यादव, रेहान खान, आकाश नागवंशी समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीन थानों और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाईइस कार्रवाई में कोतवाली, देहात और कुंडीपुरा थाने के साथ साइबर सेल की टीम शामिल रही। कोतवाली से एएसआई ब्रिजेश रघुवंशी, देहात से एएसआई संदीप राजपूत और साइबर सेल से आदित्य रघुवंशी,अमित सिंह तोमर, शैलेन्द्र सिंह राजपूत, भास्कर बघेल समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवालइस कार्रवाई के बाद परासिया पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जुआफड़ परासिया थाना क्षेत्र में चल रहा था, लेकिन रेड छिंदवाड़ा से आई स्पेशल टीम ने की। बताया जा रहा है कि एसपी अजय पांडे को लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को भनक लगे बिना स्पेशल टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
फ्लैट दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधी ने एक व्यक्ति के साथ 95 हजार रुपए की ठगी कर ली। दो बार में खाते से रकम ट्रांसफर कराई गई। ठगी की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर-113 थाने की पुलिस से की। इस मामले में अज्ञात ठग के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मेजर बनकर ठग ने की बातसेक्टर-78 स्थित स्टेट ऐसोटेक विंडसर कोर्ट सोसाइटी निवासी ऋषि खन्ना ने बताया कि बीते साल 12 दिसंबर को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को हाउसिंग डॉटकॉम से जुड़ा बताया और फ्लैट दिलाने की बात कही। बातचीत के दौरान ठग ने अपना परिचय मेजर आदित्य शर्मा के रूप में दिया। आदित्य ने कहा कि उसके पास एक अच्छा फ्लैट उपलब्ध है। इसे वह कम दाम में बेचना चाहता है। ऑनलाइन फ्लैट दिखाया और मांगा 10 प्रतिशतउसके किसी जानकार ने इस संबंध में ऋषि का मोबाइल नंबर दिया है। उसने शिकायतकर्ता को फ्लैट ऑनलाइन ही दिखाया और सौदा तय करने की बात कही। सौदा तय होने के बाद ठग ने पीड़ित को फ्लैट बुक करने के लिए कुल कीमत का 10 प्रतिशत एडवांस ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया। सेना में अधिकारी होने का दावा और पेशेवर तरीके से की गई बातचीत के कारण शिकायतकर्ता को ठग पर कोई संदेह नहीं हुआ। पैसे ट्रांसफर होने के मोबाइल किया बंदउसके बताए खाते में ऋषि ने 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद तक तो ठग शिकायतकर्ता से बातचीत करता रहा, पर बीच में अचानक से उसका मोबाइल नंबर बंद आने लगा। कई दिन जब ऐसे ही बीत गए तो ऋषि को उसपर शक और उसने नजदीकी थाने में केस दर्ज कराया। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है।
मुरैना बच्चों में मोबाइल एडिक्शन इस कदर बढ़ता जा रहा है कि मामूली डांट भी उन्हें आत्मघाती कदम उठाने को उकसाती है। ऐसा ही एक मामला मुरैना में सामने आया। जहां 17 वर्षीय 12वीं के छात्र अजय ने मोबाइल छोड़कर पढ़ाई करने की समझाइश मिलने के बाद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मृतक के भाई सुनील ने बताया कि हाल ही में पिता शिक्षक रामवीर माहौर ने अजय को मोबाइल छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की समझाइश दी थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान दिख रहा था। हालांकि परिवार को किसी बड़े तनाव की जानकारी नहीं थी। 12वीं का छात्र अजय शनिवार दोपहर घर से यह कहकर निकला था कि वह प्रैक्टिकल फाइल लेने बाजार जा रहा है। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। इधर शनिवार शाम को लालौर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। भास्कर एक्सपर्ट पढ़ाई का दबाव और मोबाइल की लत मानसिक संतुलन बिगाड़ सकती है... किशोर अवस्था में पढ़ाई का दबाव, अपेक्षाएं और मोबाइल जैसी आदतें बच्चों के मानसिक संतुलन प्रभावित कर सकती हैं। इस उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से संवेदनशील होते हैं। अभिभावकों को डांटने के बजाय संवाद बढ़ाना चाहिए। काउंसलिंग से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। - डॉ अमन किशोर, मनोचिकित्सक
14 जगह तलाशी में 7 मोबाइल तीन टैबलेट और दस्तावेज जब्त
भास्कर न्यूज | अमृतसर 328 पावन स्वरूप गायब होने के मामले में गिरफ्तार एसजीपीसी के पूर्व असिस्टेंट सुपरवाइजर आरोपी कंवलजीत सिंह को पुलिस ने रविवार दोपहर 3 बजे कोर्ट में पेश किया, जहां से 5 दिन का रिमांड मिला। एसआईटी मेंबर डीसीपी इंवेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को शनिवार रात 8 बजे फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित उसके घर से काबू किया गया था। वहीं एसआईटी प्रवक्ता ने बताया कि अब तक कार्रवाई के दौरान 14 जगह तलाशी अभियान चलाया और 7 मोबाइल फोन, 3 टैबलेट, 2 लैपटॉप, 1 स्टोरेज डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एसआईटी प्रवक्ता ने बताया कि थाना सी-डिवीजन में दर्ज एफआईआर में 16 आरोपियों को नामजद किया गया है जिनमें से 2 की कथित तौर पर मौत हो चुकी है। प्रवक्ता ने बताया कि कंवलजीत सिंह सहायक के रूप में काम कर रहा था और पावन स्वरूपों की देखभाल, मर्यादा, अनधिकृत छपाई के दौरान हुई गंभीर लापरवाहियां और कमियां में सीधी भूमिका थी। उल्लेखनीय है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और जब्त किए गए दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है क्योंकि भुगतान करने वाली कंपनियों की कड़ियां राजनीतिज्ञों सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ी हुई हैं।
वैलेट पार्किंग में खड़ी कार से मोबाइल चोरी का आरोप, दो कर्मचारी हिरासत में
जालंधर| होटल पार्क प्लाजा में ग्राहक ने वैलेट पार्किंग स्टाफ पर कार से मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने पार्किंग के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। गौतम ने बताया कि अपने परिवार के साथ होटल परिसर में शॉपिंग के लिए आया था। उसने अपनी कार पार्क करने के लिए वैलेट पार्किंग के कर्मचारी जगतार को चाबी सौंप दी। करीब 15-20 मिनट बाद जब गौतम अपनी गाड़ी से मोबाइल लेने वापस लौटा, तो कार में रखा मोबाइल गायब था। गौतम ने तुरंत पार्किंग स्टाफ से पूछताछ की, इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर सतनाम सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों ने भी शिकायत की कि उनकी गाड़ियों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। पुलिस ने वैलेट पार्किंग कर्मचारी जगतार और उसके एक अन्य साथी को हिरासत में लेकर थाना बारादरी के हवाले कर दिया। दूसरी ओर, हिरासत में लिए गए कर्मचारी जगतार ने चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने तर्क दिया कि जब उसने गाड़ी पार्क की, तब उसमें फोन मौजूद नहीं था। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।
टोंक डीएसटी ने शहर में पुलिस थाना पुरानी टोंक इलाके में छापा मार कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते हुए 19 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब पौने तीन लाख रुपए भी बरामद किए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्यादा बाइक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा मोबाइल समेत अन्य सामग्री जब्त की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर ताश पत्ती से जुआ खेलते पाए जाने पर 19 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 272517 रुपए (दो लाख बहत्तर हजार पांच सो सत्रह रूपये) जुआ राशि जब्त की है। इसके साथ ही पुलिस ने जुए में काम ली जा रही ताश पत्ती, 13 मोटरसाइकिल, 20 मोबाइल जब्त किए गए है । DST द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इन्हें किया गिरफ्तार: डीएसटी प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहनलाल पुत्र केशव निवासी सरवराबाद ,भेरू लाल पुत्र गोपीलाल निवासी पंचकुईया दरवाजा, महेश पुत्र सत्यनारायण निवासी गादोलाई थाना कोतवाली, आदित्य पुत्र प्रहलाद दास जाति बैरवा निवासी धन्नातलाई, राजेश पुत्र सुर्यप्रकाश निवासी नोशे मियां का पुल, उम्मेद पुत्र लक्ष्मीनारायण थाना पुरानी टोंक, माती पुत्र कल्याणमल माली निवासी पुरानी टोंक, जयकिशन पुत्र सुरजमल महावर निवासी अस्तल रोड टोंक, सददाम पुत्र मो. शरीफ निवासी कालीपलटन, याकुब पुत्र मंजूर मुसलमान निवासी पुरानी टोंक, पप्पु पुत्र लक्ष्मीनारायण गुर्जर निवासी चुडीगरान मौहल्ला, कन्हैया पुत्र जगदीश महावर निवासी नोशे मिया का पुल,लोकेश पुत्र सत्यनारायण खटीक निवासी गांधीपार्क, पवन पुत्र रतनलाल खटीक निवासी गांधापार्क, समसेर अली पुत्र भाकर अली निवासी पुरानी टोंक,विशाल पुत्र अशोक महावर निवासी गांधीपार्क, भुरिया पुत्र सत्तार खान निवासी धन्नातलाई, इन्द्र पुत्र लक्ष्मण चावला निवासी गांधीपार्क, हेमराज पुत्र छोटुलाल गुर्जर निवासी निवाई दरवाजा टोंक को जुआ खेलते गिरफ़्तार किया है।
जोधपुर शहर में ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने का आधुनिक और स्मार्ट तरीका अपनाया है। अब पुलिसकर्मी सड़क पर रुकवाकर नहीं, बल्कि मोबाइल से फोटो खींचकर चालान बना रही है। पिछले 37 दिन में इसी तकनीक से 8746 चालान जारी किए गए हैं। पुलिस मोबाइल बाइक के जरिए भी चालान बना रही है। इन बाइक को एम्स रोड, मंडोर रोड, झालामंड रोड पर लगाया गया है। यातायात पुलिस ने यह अभियान 26 नवंबर 2025 से वॉयलेशन ऑन कैमरा (VOC) मोबाइल ऐप के जरिए शुरू किया था। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय एवं यातायात) शहीन सी. ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी को केवल नियम तोड़ने वाले वाहन की फोटो लेनी होती है। यह फोटो ऐप में अपलोड करते ही वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर चालान स्वतः बन जाता है। इसके बाद वाहन मालिक को एसएमएस के जरिए चालान का नोटिफिकेशन भेजा जाता है। साल 2025 में 2024 की तुलना में चालान 45 प्रतिशत ज्यादा रहे। वहीं, नए सिस्टम के जरिए सिर्फ 37 दिन में ही 8746 चालान जारी हो चुके हैं। पुलिस का यह भी दावा है कि कठोर कार्रवाई और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट से शराब पीकर वाहन चलाने और तेज गति से ड्राइविंग करने के मामलों में कमी आई है। डीसीपी ने अपील की है कि वाहन चालक एमवी एक्ट के सभी नियमों की पालना करें, क्योंकि चालान से ज्यादा महत्वपूर्ण जीवन की सुरक्षा है।
पलवल में बिजली चोरी पकड़ने गई हरियाणा दक्षिण बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की टीम पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की, एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर बिजली चोरी का वीडियो डिलीट कर दिया और जातिसूचक गालियां भी दीं। होडल थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करमन बॉर्डर पर हुई घटनायह घटना शनिवार को करमन बॉर्डर पर हुई, जब कनिष्ठ अभियंता सुनील मान के नेतृत्व में बिजली विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम में जेई रजत, फोरमैन चितरंजन और लाइनमैन प्रदीप सहित कई कर्मचारी शामिल थे। बिजली चोरी का वीडियो बनाते समय हुआ हमलाजांच के दौरान टीम ने पाया कि एक उपभोक्ता मीटर की इनकमिंग सर्विस लाइन में कट लगाकर बिजली चोरी कर रहा था। टीम के सदस्य सतीश कुमार ने जब इस चोरी का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मौके पर मौजूद चिंटू नामक व्यक्ति ने अपने साथियों को बुला लिया। लक्ष्मण और साथियों ने किया हमलाआरोप है कि लक्ष्मण नामक व्यक्ति चार अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और बिजली विभाग की टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने सतीश कुमार का फोन छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड की गई बिजली चोरी की वीडियो हटा दी। इस झड़प में सतीश कुमार के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य कर्मचारियों को भी चोटें लगीं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान टीम को जान से मारने की धमकी दी और सतीश कुमार को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरारहोडल थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांदा जिले की मटौंध पुलिस ने जुआ खेलते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 11,300 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिलें और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 3/4 जनवरी 2026 की देर रात की गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मटौंध थाना क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, शराब के ठेके के पास कुछ लोग हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे थे। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर छापा मारा और पांच व्यक्तियों को पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान मौके से जुए का फड़ और अभियुक्तों की तलाशी में कुल 11,300 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन तथा जुए में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर सीज कर दिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान हरिश्चंद्र पुत्र घनश्याम, रोहित पुत्र जागेश्वर, प्रेम बाबू पुत्र लक्ष्मी प्रसाद, अनुराग पुत्र हिम्मत सिंह और बालेन्द्र पुत्र गुलाब सिंह के रूप में हुई है। ये सभी मटौंध कस्बे के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ मटौंध थाने में मुकदमा अपराध संख्या 04/26, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
सहरसा सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 18 वर्षीय प्रिय कुमार सिंह का इलाज के दौरान शनिवार को निधन हो गया है। प्रिय ने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ा, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया और सोनवर्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक प्रिय कुमार सिंह नगर पंचायत सोनवर्षा के वार्ड संख्या 13 निवासी संतोष सिंह के छोटे पुत्र थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। प्रिय अपने दोस्त तेजस के साथ गया था मंदिर यह घटना गुरुवार शाम को हुई थी। प्रिय अपने दोस्त तेजस (गौतम नगर निवासी) के साथ तिवारी स्थित भगवती स्थान मंदिर में पूजा करने गए थे। वहां से लौटते समय वे बाइक से हरिपुर स्थित प्रिय के ननिहाल जा रहे थे। इसी दौरान सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में प्रिय के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके दोस्त तेजस का हाथ और पैर फ्रैक्चर हो गया। दोनों दोस्त करीब एक घंटे तक सड़क पर ही पड़े रहे हादसे के बाद एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आई। घायलों की मदद करने के बजाय, एक राहगीर ने प्रिय के मोबाइल से उनके परिजनों को दुर्घटना की सूचना दी और फिर मोबाइल लेकर फरार हो गया। बताया गया कि दोनों दोस्त करीब एक घंटे तक सड़क पर ही पड़े रहे। हादसे के बाद से ही प्रिय की हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रिय का शव घर पहुंचते ही पूरे मोहल्ले में गमगीन माहौल छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोनबरसा थाना कचहरी थाना के थानाध्यक्ष आशुतोष ने कहा कि मामले में आवश्यक कार्रवाई किया जाएगा।
चंडीगढ़ में ट्रैफिक चालान का लिंक भेजकर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद जब साइबर सेल की इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी ने जांच शुरू की तो सामने आया कि ठगी की रकम से गिफ्ट कार्ड खरीदे गए। इन गिफ्ट कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन सोना खरीदने में किया गया। सोने के सिक्के दिल्ली-एनसीआर इलाके में मंगवाए गए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम से आरोपी देवांश गोयल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से आईफोन 13 प्रो- मैक्स मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल ठगी में किया गया था। जानिए, आरोपी ने कैसे दिया ठगी को अंजाम पुलिस को दी शिकायत में गांव मलोया निवासी रमेश सिंह रावत ने बताया कि उसे एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर “MPparivahan APK” नाम का लिंक आया। उन्होंने इसे किसी पुराने ट्रैफिक चालान से जुड़ा समझकर खोल लिया। लिंक खोलते ही उनके मोबाइल ने फोन ठीक से काम करना बंद कर दिया। इसके बाद उसे लगातार अनजान नंबरों से कॉल, मैसेज और ओटीपी आने लगे। कुछ ही देर में उसके क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति के पैसे निकल गए। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 36 हजार 294 रुपए और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 3 लाख 26 हजार 294 रुपए की ठगी की गई। शिकायत में कहा गया कि, आरोपी ने उसके मोबाइल से बैंक से जुड़े मैसेज, ओटीपी और लेन-देन की जानकारी जानबूझकर डिलीट कर दी गई, ताकि उसे समय पर ठगी का पता न चल सके।
फरीदाबाद की हाई-टेक मानी जाने वाली नीमका जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार सुबह जेल परिसर में सीवर की सफाई के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब बैरक नंबर 11 के शौचालय का सीवर जाम होने पर सफाई अभियान चलाया जा रहा था। सीवर जाम खुला तो निकला मोबाइल जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे बैरक नंबर 11 के कमरा नंबर 3 के वॉशरूम में सीवर जाम की समस्या आई थी। जब सफाईकर्मियों ने पाइपलाइन की जांच की, तो सीवर के अंदर से एक बिना सिम कार्ड वाला छोटा कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। जेल के भीतर मोबाइल मिलना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। जेल प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायतमोबाइल मिलने की सूचना मिलते ही जिला जेल नीमका के उप अधीक्षक सचिन कुमार ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। आईएमटी पुलिस चौकी इंचार्ज भूपेंद्र कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत पर मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है और अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कैदियों से पूछताछ और सुरक्षा की जांच प्रारंभिक जांच में मोबाइल बिना सिम का पाया गया है। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि जेल की ऊंची दीवारों और सख्त सुरक्षा के बावजूद यह मोबाइल अंदर कैसे पहुँचा और किस कैदी द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा था। संबंधित बैरक में बंद कैदियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवक और एक महिला को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शहर में छात्रों को नशे की सप्लाई करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 20 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग और एक कार जब्त की है। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस टीम ने स्कीम नंबर 114 स्थित पानी की टंकी के पास से इरफान शेख निवासी एमआईजी कॉलोनी, सरफराज खान निवासी खजराना और उनकी एक महिला मित्र को पकड़ा है। शुक्रवार को चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे थे, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। प्रतापगढ़ से लाए थे ड्रग्स तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 20 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग और एक कार बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्रतापगढ़ और मंदसौर क्षेत्र से नशीला पदार्थ लेकर इंदौर आते थे और यहां स्टूडेंट्स को सप्लाई करते थे। पुलिस आरोपियों से नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच ने लौटाए 326 गुम और चोरी हुए मोबाइल इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुम और चोरी हुए 326 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस किए हैं। ये मोबाइल सिटिजन कॉप ऐप पर दर्ज शिकायतों के आधार पर ट्रेस किए गए थे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार बरामद मोबाइल मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में सक्रिय पाए गए थे। अलग-अलग कंपनियों के ये मोबाइल फोन ट्रैक कर बरामद किए गए हैं। हालांकि अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि ये मोबाइल किन लोगों के पास और किन परिस्थितियों में पहुंचे थे। बरामद किए गए मोबाइलों की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए आंकी गई है।
घिरोर लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार:मैनपुरी में CCTV और मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए, एक फरार
मैनपुरी के कस्बा घिरोर में व्यापारी से हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, नकदी, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। यह घटना बीते 17 दिसंबर को थाना घिरोर क्षेत्र में हुई थी, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक व्यापारी को लूट लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले के शीघ्र खुलासे के लिए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। साथ ही, घटना के समय सक्रिय मोबाइल फोन की लोकेशन को भी ट्रेस किया गया। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग कोसमा के पास से दोनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे फरार होने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन, लूटी गई 7,230 रुपये की नकदी, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अंकित कुशवाहा पुत्र रामजीत, निवासी काशीराम कॉलोनी, कस्बा शिकोहाबाद, जनपद फिरोजाबाद, और वसीम खान उर्फ बाबू पुत्र नन्ने खां, निवासी जेवरा रोड, कस्बा मक्खनपुर, जनपद फिरोजाबाद के रूप में बताई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्होंने योजना बनाकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।
खाटूश्यामजी में होटल से मोबाइल और दानपात्र चोरी VIDEO:चोरी करने पैदल आया चोर,2 मिनट में फरार हुआ
सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में बीती देर रात को होटल से मोबाइल और दानपात्र चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। जिसके आधार पर अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना खाटूश्यामजी में रींगस रोड पर स्थित होटल श्यामकृपा की है। यहां पर काउंटर पर एक मोबाइल फोन और गौशाला का दानपात्र रखा हुआ था जो चोरी हो गया। जब स्टाफ के लोगों ने वहां मोबाइल और दानपात्र नहीं देखा तो उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की। जिसमें उन्होंने देखा की रात को 1:10 से 1:15 के बीच पैदल एक चोर आता है। जो यहां पर होटल के अंदर घुसता है। पहले वह इधर-उधर देखता है कि कोई है या नहीं। इसके बाद चोर सीधे काउंटर की तरफ आता है। जहां पर वह जाकर मोबाइल और दानपात्र चोरी कर लेता है। करीब 2 से 3 मिनट में वह चोरी करके वहां से फरार हो जाता है। मकान के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी वहीं सीकर के खाटूश्यामजी सदर थाना इलाके में घर के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में झुंझुनूं निवासी सुनील कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि एक जनवरी की रात उन्होंने 9:30 बजे सांवलपुरा गांव में किराए के मकान के पीछे उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को खड़ा किया। अगले दिन सुबह देखा तो स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं मिली। पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है। यह खबर भी पढ़ें : खाटूश्यामजी में दुकानदारों के बीच लड़ाई-VIDEO:प्रसाद बेचने के नाम पर लड़ाई, दहशत में आए भक्त; पुलिस ने शांतिभंग में आरोपियों को गिरफ्तार किया खाटूश्यामजी में नए साल के मौके पर भक्तों की भीड़ के बीच दो दुकानदारों में लड़ाई हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों दुकानदार खाटूश्यामजी गांव में प्रसाद की दुकान लगाते हैं। प्रसाद बेचने की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। दोनों ने मारपीट शुरू कर दी।(पूरी खबर पढ़ें
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार ढक्का मोहल्ले में एक युवक को उसके दोस्तों ने मोबाइल न देने पर पेट गोली मार दी। जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने युवक की मां की शिकायत पर चार दोस्तों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मोबाइल नहीं दिया तो पेट में मारी गोली मझोला क्षेत्र के प्रीतम नगर निवासी संजय सैनी की पत्नी कंचन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बृहस्पतिवार शाम उनका बेटा मोहित सैनी ढक्का मोहल्ले में एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गया था। रात करीब नौ बजे मोहित बाइक से घर लौट रहा था, तभी उसके दोस्तों ने उसे रास्ते में रोक लिया। उन्होंने मोहित से उसका मोबाइल मांगा, लेकिन मोहित ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने मोहित के पेट में गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मोहित को तुरंत अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया। दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर लाइनपार के शांति नगर निवासी अनुज वर्मा, मझोला के लाइनपार कैल्टन स्कूल वाली गली निवासी शिवम, मोहित और शक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना पुलिस ने किडनैप और रेप के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत नाबालिग लड़की को अहमदाबाद से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि 25 दिसंबर को पीड़िता के परिजन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 24 दिसंबर को एक व्यक्ति उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। आरोपी की मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश की गई। जांच के दौरान पीड़िता और आरोपी के अहमदाबाद में होने की पुष्टि हुई। अहमदाबाद से दस्तयाब, आरोपी गिरफ्तार सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने अहमदाबाद पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया और किडनैप व दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। टीम में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई में प्रताप नगर थाना प्रभारी राजपाल, एएसआई चिराग अली, आशीष मिश्रा, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, रामनिवास, नरेंद्र और पिंटू कुमार शामिल रहे।
राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस से जोड़ीं, अधिकारी मोबाइल से कर सकते हैं ऑन व ऑफ
इलेक्ट्रिक ब्रांच के एक्सईएन जयवीर डूडी ने बताया कि संबंधित ब्रांच के जेई के मोबाइल फोन से इस सिस्टम की मॉनीटरिंग हो रही है। उनके फोन में एप डाउनलोड की है। वे खुद ही अंधेरा होते ही पैनल ऑन कर देते हैं और सुबह टाइम से बंद कर देते हैं। अगर किसी लाइट में खराबी है तो उन्हें एप से पता चल जाता है। किस पैनल पर कितना लोड है। लोड कम या ज्यादा हुआ इसका पता भी लग जाता है। शहर की मुख्य सड़कों के अलावा गली-मोहल्लों में 55 हजार लाइटें लगी हैं। इन स्ट्रीट लाइटों को विशेषकर मुख्य रोड पर सीसीएमएस से जोड़ने के बाद इन्हें भविष्य में लगने वाले आईसीसीसी से इंटीग्रेट किया जाएगा। आईसीसीसी के जरिए फिर इनकी मॉनीटिरिंग की जा सकेगी। भास्कर न्यूज | हिसार राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम) से जोड़ी गई है। इन लाइटों को एप के जरिये कहीं बैठे ही ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। यानी कि इनके पैनल को एप के जरिये ऑपरेट किया जा सकेगा। यह भी पता चल जाएगा कि इस रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं अथवा खराब है। किसी को मैनुअल तरीके से पैनल ऑन ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम के अधिकारियों ने पहले ट्रायल बेस पर शहर का मुख्य रोड इस तकनीक से जोड़ा है। इसके बाद अब पूरे शहर के मुख्य रोड की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस के जरिए ऑपरेट करने की प्लानिंग है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यह प्लान किया गया है। एक रोड पर यानी सर छोटूराम चौक से आजाद नगर नहर तक इन लाइटों को ऑपरेट करने के लिए चार पैनल लगाए गए हैं। इन सभी पैनलों को पहले एक कर्मचारी मैनुअल ऑन या ऑफ करता था।
चोरी की मोटरसाइकल पर मोबाइल फोन बेचने जा रहे 3 लुटेरों को किया गिरफ्तार
लुधियाना| लुधियाना के थाना सराभा नगर की पुलिस ने लूट और झपटमारी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लूटे गए मोबाइल फोन बेचने जा रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से दो बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम आशापुरी चौक, बाड़ेवाल इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी और झपटमारी की वारदात में शामिल हैं और फिलहाल चोरी की मोटरसाइकिलों पर लूटे गए मोबाइल फोन बेचने जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव इयाली कलां के पास नाकाबंदी की। कुछ ही देर में तीन युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिलों पर आते दिखाई दिए। शक के आधार पर पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और छह मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव दुगरी निवासी मनप्रीत सिंह, जम्मू कॉलोनी निवासी महिंदर प्रताप सिंह और अर्बन एस्टेट दुगरी निवासी मनवीर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे और भी वारदात का खुलासा होने की संभावना है।
मकान में 10 दिन में तीसरी बार चोरी, चांदी के सिक्के, मोबाइल व नकदी ले गए
उदयपुर| अंबामाता थाना क्षेत्र में एक महिला ने सूने मकान से चांदी के सिक्के, मोबाइल व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस अनुसार नीमज खेड़ा स्थित परशुराम कॉलोनी निवासी सिद्दीका कोल्यारी ने बताया कि एक जनवरी को शाम को घर लौटीं तो कमरे से चांदी के 10 सिक्के, दो मोबाइल, 20 हजार रु., कीमती घड़ियां, अन्य सामान गायब थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीग में एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में पहाड़ी पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटीवायरस' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी के ठिकानों पर दबिश देकर 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6 मोबाइल फोन और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी ठग पुलिस की रडार से बचने के लिए पहाड़ों की तलहटी और जंगलों में छिपकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पहाड़ी पुलिस को सोमका और भेसेड़ा की पहाड़ियों में इनकी लोकेशन मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर विभिन्न तरीकों से ठगी करते थे। उनके जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में कई सोशल मीडिया ऐप्स मिले, जिनका इस्तेमाल वे धोखाधड़ी के लिए करते थे। फोन की गैलरी में 16 लाख रुपए की ठगी से संबंधित स्क्रीनशॉट और अन्य तथ्य भी मिले हैं।पुलिस अब इन सभी साइबर ठगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कुल कितने रुपए की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।
जूनी इंदौर क्षेत्र में गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे नौवीं कक्षा के छात्र पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल छात्र की पहचान आलोक मंगरोलिया निवासी जबरन कॉलोनी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आलोक पढ़ाई के साथ वेटलिफ्टिंग भी करता है। घटना के समय आलोक अपने दोस्तों अज्जू और नटू के साथ बैठकर मोबाइल पर गेम खेल रहा था। तभी वहां गोविंद नाम का युवक आया और गाली-गलौज करते हुए धमकाने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने चाकू निकालकर आलोक पर तीन वार कर दिए। चाकू के हमले में आलोक के कंधे, पसली और पीठ में गंभीर चोटें आईं, जिससे काफी खून बहने लगा। वारदात के बाद आरोपी धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घायल छात्र को दोस्त और परिजन तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना मिलने पर रात में पुलिस अस्पताल पहुंची और आलोक के बयान के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मेडिकल पर दवा लेने गए युवक पर हमला चंदन नगर इलाके में भी गुरुवार देर रात चाकूबाजी की घटना सामने आई। पीड़ित फैज नागोरी ने पुलिस को बताया कि वह रात करीब 11 बजे मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गया था। इसी दौरान वहां शहजाद बाबा नाम का युवक आया और उसे धमकाते हुए 5 हजार रुपए की मांग करने लगा। रुपए देने से इंकार करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। फैज ने जब खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने मेडिकल पर पड़ी कैंची उठाकर उसके सिर और हाथ पर वार कर दिया। इस दौरान मेडिकल संचालक और आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर पुलिस ने दोनों मामलों में देर रात एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और घटनाओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दमोह पुलिस ने 540 गुम मोबाइल किए बरामद:1 करोड़ 8 लाख रुपए के सेट मिले; 251 मोबाइल लोगों को किए वापस
दमोह पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके धारकों को लौटाए हैं। साइबर सेल की मदद से कुल 540 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 8 लाख रुपए है। इनमें से 251 मोबाइल शुक्रवार को उनके मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी की उपस्थिति में ये मोबाइल फोन धारकों को वापस किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने दमोह पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी सोमवंशी ने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 540 गुम मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में लापरवाही के कारण अपने मोबाइल खो देते हैं या वे चोरी हो जाते हैं। एसपी ने नागरिकों को सलाह दी कि वे अपने मोबाइल फोन को सावधानीपूर्वक रखें, खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में। उन्होंने आगे के जेबों में मोबाइल रखने और सतर्क रहने की बात कही ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अनूपपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:ट्रेन से कटने की आशंका, जेब से मिला टूटा हुआ मोबाइल फोन
अनूपपुर के बिजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बैहाटोला निवासी विजेंद्र सिंह (32) (पिता भुनेश्वर सिंह) की गुरुवार देर रात रेलवे लाइन कोरजा के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर मिला, जिससे ट्रेन से कटने की आशंका जताई जा रही है। घटना गुरुवार देर रात 11.30 बजे की है।पीएम के बाद परिजनों को सौंपा शव बिजुरी पुलिस ने प्राथमिक जांच में इसे ट्रेन से कटने का मामला बताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता परिजनों से पूछताछ के बाद ही चल पाएगा। जांच अधिकारी प्रभाकर पटेल ने जानकारी दी कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजन पुलिस के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे बिजुरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मृतक के क्षतिग्रस्त मोबाइल से सिम निकालकर उसके परिजनों से संपर्क किया गया। सूचना मिलने पर मृतक के भाई राजेंद्र सिंह और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। तलाशी पर मिला जेब से मिला टूटा मोबाइल राजेंद्र सिंह ने शव की पहचान अपने भाई विजेंद्र सिंह के रूप में की। शव की पहचान के बाद पंचनामा तैयार किया गया और तलाशी ली गई, जिसमें एक टूटा हुआ मोबाइल और पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं मिला। शव अत्यधिक क्षत-विक्षत अवस्था में था और उसके टुकड़े चारों ओर बिखरे हुए थे, जिसके कारण शव को उठाने में काफी समय लगा। रात 1:10 बजे शव को सीएचसी बिजुरी भेजा गया।
प्रयागराज में आधी रात प्रेमी-प्रेमिका नहर पटरी पर मिलने पहुंचे। प्रेमी जिद करने लगा कि मेरे साथ भाग चलो, लड़की ने इंकार कर दिया। प्रेमी रोने लगा कहा नहीं चलोगी तो जान दे दूंगा। उसने प्रेमिका दुपट्टा खींच लिया और कहा इसी से फांसी लगा लूंगा। प्रेमिका डर गई और वह अपने घर भाग गई। हालांकि उसे अनहोनी का डर सताने लगा। वह घर पहुंच प्रेमी को लगातार फोन करने लगी। उसने 80 कॉल की लेकिन फोन नहीं उठा। भोर में प्रेमिका चुपके से घर से निकली और उसी जगह पहुंची जहां प्रेमी को छोड़कर गई थी। प्रेमी नहर पटरी पर एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। प्रेमिका चीख पड़ी और कोशिश कर पेड़ पर चढ़ी कि शायद सांसे चल रही हो। उसने दुपट्टा पेड़ से खोल दिया। प्रेमी जमीन पर गिरा लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। लड़की प्रेमी के शव के पास काफी देर रोती रही। इसके बाद वह चुपके से घर भाग गई। सुबह प्रेमी की लाश मिलने पर हंगामा मच गया। पुलिस अधिकारी पहुंचे। शव का पोस्टमार्टम हुआ। मौत की वजह हैंगिंग आई। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। हालांकि युवक के घरवाले हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करते रहे। 20 साल के अतुल कुमार की मौत के मामले में प्रेमिला का दखल तब सामने आया जब युवक का मोबाइल शव के पास ही झाड़ियों में मिला। उसकी कॉल डिटेल चेक हुई तो रात के 80 मिस्ड कॉल मिले। इसी आधार पर पुलिस प्रेमी के घर पहुंच गई और उसे थाने लाकर पूछताछ शुरू हुई। इसके बाद प्रेमिका ने पूरी दास्तान बयां कर दी। जानिये क्या है पूरा मामला 30 दिसंबर को प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के पसियापुर गांव स्थित नहर पटरी के पास अतुल कुमार (20) का शव मिला। अतुल मऊआइमा स्टेशन रोड का रहने वाला था। पड़ोस के पसियापुर गांव की रहने वाली 18 साल की अंशु से उसका दो साल से प्रेम संंबंध चल रहा था।दरअसल अंशु के मामा का घर अतुल के पड़ोस में है। वहीं आने जाने के दौरान दोनों की दोस्ती और प्यार हुआ। दोनों के प्रेम संबंध की खबर घरवालों को हुई तो शादी से इंकार कर दिया। हालांकि दोनों लगातार मिलते रहे। पसियापुर नहर पटरी के पास अतुल देर रात पहुंच तो चुपके से अंशु घर से बाहर आकर उससे मिल लेती थी। 29 दिसंबर को भी अतुल उससे मिलने पहुंचा। इसी दौरान वह जिद करने लगा कि घर से भागकर शादी कर लेते हैं। लड़की ने इंकार कर दिया। लड़की ने कहा कि मेरे पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई विकलांग है। दो बड़ी बहने हैं। ऐसे में भागकर शादी नहीं करेंगे। दोनों के बीच खूब बहस हुई। अतुल जिद करने लगा कि नहीं चलोगी तो जान दे दूंगा। उसने दुपट्टा भी छीन लिया और कहा इसी से फांसी लगाऊंगा। लड़की डर गई और दौड़ते हुए वहां से चली गई। इसके बाद अतुल की लाश मिली। अतुल के मोबाइल को खंगाला गया तो मौत से पहले 80 मिस्ड कॉल देख पुलिस प्रेमिका तक पहुंच गई। मामला हत्या से जुड़ रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी आ गई। साथ ही चोट के निशान नहीं मिले। शव पेड से नीचे कैसे उतरा इसे लेकर पुलिस का शक कायम है। लड़की का कहना है कि वह कोशिश कर पेड़ पर चढ़ी और दुपट्टा खोल दिया कि शायद जान बच जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक्सपर्ट को दिखाई जा रही है। लड़की से कई बार पूछताछ हुई है। उसने अतुल से मुलाकात, फिर पेड़ पर चढ़कर शव उतारने की बात कबूल की है। वह अतुल को पूरी रात कॉल करती रही कि उसे समझा सके। केशव वर्मा, थाना प्रभारी सोरांव
सहरसा के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायल युवकों की पहचान 18 वर्षीय तेजस और 18 वर्षीय प्रिय कुमार के रूप में हुई है। तेजस सहरसा के गौतम नगर का निवासी है, जबकि प्रिय सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। दोनों दोस्त गुरुवार शाम तिवारी स्थित भगवती स्थान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रिय के ननिहाल हरिपुर गांव जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। एक घंटे तक सड़क पर पड़े रहे युवक टक्कर लगने के बाद दोनों युवक करीब एक घंटे तक खून से लथपथ सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान एक राहगीर ने घायल प्रिय के मोबाइल से उसके परिजनों को घटना की सूचना दी, लेकिन बाद में वह मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गया। अलग-अलग क्लिनिक में भर्ती है दोनों युवक सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी मदद से घायलों को सहरसा सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने दोनों युवकों को सहरसा के दो अलग-अलग निजी क्लिनिक में भर्ती कराया है। हादसे में तेजस के दाहिने पैर और बाजू में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जबकि प्रिय के सिर में गंभीर चोट लगी है। प्रिय की हालत नाजुक बनी हुई है। सोनवर्षा कचहरी थाने की पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है
भोजपुर जिले में टाउन थाना पुलिस ने लूट मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर रघु टोला मोहल्ले में छापेमारी कर दोनों को पकड़ा। लूटे गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत कुमार और शेख यादव के तौर पर हुई है। रूप में की गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। लूट की घटना 18 नवंबर 2025 कीहै। गीधा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी जयप्रकाश बिंद की पत्नी दुर्गावती देवी अपनी भांजी सुमन देवी के साथ आरा से अपने गांव लौट रही थी। दोनों धरहरा लिंक रोड के रास्ते पैदल जा रही थी। जैसे ही बाइपास के पास पहुंची, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनके साथ लूटपाट की। कैश और मोबाइल छीनकर फरार हो गए। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पीड़िता दुर्गावती देवी ने टाउन थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने पहले अमरजीत कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके पास से लूट का एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान अमरजीत ने खुलासा किया कि इस वारदात में उसके साथ शेख यादव भी शामिल था। अमरजीत की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शेख यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। टाउन पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी निहंग ने लड़की से मोबाइल छीना असली निहंग सिंह ने सिखाया सबक
भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दरबार साहिब के पास एक युवक ने खुद को निहंग सिंह बताकर लड़की को धमकाते हुए मोबाइल छीन लिया। युवक ने निहंगों वाला बाणा और दुमाला पहन रखा था और हाथ में लंबी किरपान भी ली हुई थी, लेकिन निहंग मर्यादा के अनुसार न तो उसके पास श्री साहिब थी और न ही कोई आवश्यक धार्मिक पहचान। जिसके बाद असली निहंग ने उसे पकड़कर सबक सिखाया। फर्जी निहंग की धुनाई करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। घटना 31 दिसंबर रात 11 बजे की है। असली निहंग सिंह ने वीडियो में बताया कि युवक की गतिविधियों पर शक हुआ। युवक खुद को बाबाओं के एक दल से जुड़ा हुआ बताकर संगत को गुमराह कर रहा था। इसी बीच शिकायत मिली कि बाहर से आई एक युवती को किरपान दिखाकर डरा रहा था और मोबाइल फोन छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद निहंग सिंहों ने युवक को पकड़ लिया। उक्त युवक के साथ उसके दो-तीन साथी भी थे, जो संगत के बीच चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार होने की फिराक में थे। निहंग सिंहों ने कहा कि इस तरह के फर्जी लोग पवित्र निहंग बाणे को बदनाम कर रहे हैं। निहंगों ने कहा कि बाणा पहनना सम्मान की बात है, लेकिन इसके पीछे मर्यादा, चरित्र और सेवा भाव का होना अनिवार्य है। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच कर रहे हैं।
जेल में 8 मोबाइल बरामद आठ हवालातियों पर पर्चा
अमृतसर | सेंट्रल जेल में चैकिंग के दौरान आठ मोबाइल बरामद किया गया। थाना इस्लामाबाद पुलिस ने इस मामले में 8 हवालातियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान राजीव सिंह, लखविंदर सिंह, राजवीर सिंह, रमन कुमार, गुरप्रीत सिंह, साहिल, सोनू सिंह, नवप्रीत सिंह उर्फ नवी के रूप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में सहायक सुपरिटेंडेंट अमरबीर सिंह ने बताया कि जेल में सर्च अभियान के दौरान दो टच और छह कीपैड मोबाइल बरामद हुए।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

