अम्बेडकरनगर में चार बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज वारदात में अब आरोपी मां गाजिया खातून के मोबाइल फोन को सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस को महिला का मोबाइल मिल गया है, जिसका लॉक खोलकर कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। आशंका है कि इसी मोबाइल से हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला के संभावित अफेयर से लेकर पारिवारिक विवाद तक हर एंगल पर जांच की जा रही है। पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी महिला अक्सर घंटों फोन पर किसी से बात करती रहती थी, जिससे संदेह और गहरा गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब डेढ़ साल पहले महिला सऊदी अरब अपने पति के पास गई थी और वहां एक महीने तक रही थी। इसके बाद से उसके व्यवहार में बदलाव की बात भी सामने आ रही है। सीओ सिटी नीतीश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल की जांच के दौरान बच्चों के नाखून नीले पड़े मिले, जिससे प्रथम दृष्टया जहर देने की आशंका जताई जा रही है। कमरे में उल्टी के निशान भी मिले हैं, जो इस शक को और मजबूत करते हैं कि हत्या से पहले बच्चों को कुछ जहरीला पदार्थ खिलाया गया। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आर्थिक तंगी या पारिवारिक तनाव इस वारदात की वजह तो नहीं। जानकारी के मुताबिक, महिला का पति उसे खर्च भेजता था, लेकिन पिछले महीने पैसे नहीं भेजे गए थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मोबाइल की डिटेल और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
यमुनानगर की शास्त्री कॉलोनी स्थित एक मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान दुकान में काम करने वाली एक युवती अंदर ही फंस गई, जिसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण धुएं से दम घुटना बताया जा रहा है। मृतका की पहचान करीब 28 वर्षीय शालिनी निवासी हमीदा के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, हालांकि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। आग लगते ही अंदर फंसी युवती शास्त्री कॉलोनी निवासी रमनदीप सिंह ने बताया कि उनकी कॉलोनी में ही “रमनदीप इंटरप्राइजेज” के नाम से मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान है। सोमवार सुबह दुकान खुली हुई थी और उसमें काम करने वाली शालिनी अंदर मौजूद थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे दुकान में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते भीषण रूप धारण कर लिया। दुकान में ज्वलनशील मोबाइल एक्सेसरीज़ का स्टॉक होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और शालिनी अंदर ही फंस गई। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। बेसुध अवस्था में बाहर निकाली युवती काफी प्रयास के बाद जब आग कुछ हद तक नियंत्रित हुई तो शालिनी को बाहर निकाला गया, लेकिन वह बेसुध अवस्था में थी। उसे तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। रमनदीप सिंह के अनुसार दुकान में भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। नुकसान का सटीक आंकलन बाद में किया जाएगा। एक साल से दुकान में कर रही थी काम उन्होंने बताया कि शालिनी पिछले करीब एक साल से उनकी दुकान पर काम कर रही थी और कंप्यूटर का कार्य संभालती थी। जानकारी के अनुसार शालिनी के परिवार में उसकी मां ही एकमात्र सदस्य है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मृत्यु का कारण दम घुटना बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस आग लगने के कारणों की भी जांच कर रही है।
बाराबंकी में पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना स्तर की संयुक्त टीमों ने एक बड़ी कार्रवाई में 73 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर गुम हुए मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत टीमों ने CEIR पोर्टल (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) का उपयोग कर तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के माध्यम से इन मोबाइलों को बरामद किया। रविवार, 03 मई 2026 को पुलिस लाइन सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। अपने खोए हुए फोन और महत्वपूर्ण डेटा वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस का आभार जताया। बाराबंकी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं अथवा CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। यह पोर्टल मोबाइल को ट्रैक करने, ब्लॉक करने और बरामद करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मोबाइल रिकवरी टीम ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में 623 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 23 लाख रुपये है।
रिटायर्ड SI के घर चोरी, महिला CCTV में कैद:टीकमगढ़ में बाहर वाले कमरे से 30 हजार का मोबाइल चुराया
टीकमगढ़ के कुंअरपुरा रोड स्थित शिव नगर कॉलोनी में एक रिटायर्ड पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के घर चोरी का मामला सामने आया है। अज्ञात महिला ने घर के बाहर वाले कमरे से करीब 30,000 रुपये का मोबाइल फोन चुरा लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें महिला को घर के अंदर जाते और बाहर निकलते देखा जा सकता है। रिटायर्ड एसआई प्रदीप तिवारी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह अपनी पत्नी के साथ एक विवाह समारोह से लौटे थे। गाड़ी पार्क करने के लिए वह गैराज में गए, जबकि उनकी पत्नी घर के अंदर खाना बनाने लगीं। इसी दौरान एक महिला एक 12 वर्षीय बच्चे के साथ गली से गुजरी। थोड़ी दूर जाने के बाद वह वापस लौटी और सीधे एसआई के घर में घुस गई। महिला ने घर के बाहर वाले कमरे में रखी टेबल से मोबाइल फोन चुराया और बच्चे के साथ वहां से निकल गई। जब प्रदीप तिवारी गैराज से लौटे और टेबल पर मोबाइल नहीं मिला, तो उन्हें चोरी का संदेह हुआ। पूरे घर में तलाश करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिलने पर उन्होंने मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। मोहल्ले के कन्हैया राजपूत के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में महिला को घर के अंदर जाते और बाहर निकलते साफ देखा गया। इसके बाद प्रदीप तिवारी ने सीसीटीवी फुटेज के साथ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात महिला की तलाश में जुट गई है, हालांकि अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
भोजपुर में किसान अभिमन्यु हत्याकांड में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पीरो डीएसपी के.के सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसी तरह की दुश्मनी सामने नहीं आई है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से हर पहलू की जांच कर रही है। मृतक अभिमन्यु कुमार(25) अकोढ़ा गांव का रहने वाला था। गांव में ही खेतीबाड़ी करता था। काफी करीब से ललाट के बीच गोली मारी गई थी। हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना चौरी थाना क्षेत्र की है। गांव में किसी से दुश्मनी नहीं है पिता वीरेंद्र उर्फ रामायण महतो ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब दस बजे वह बाइक काउप गांव अपने ननिहाल गया था। वहां अपना मोबाइल और बाइक छोड़कर कहीं निकल गया था। शुक्रवार की सुबह गांव के बधार में बोरिंग के पास शौच करने के लिए जा रहा था। वहां बेटे का शव खून से लंथपथ अवस्था में पड़ा था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से एक बुलेट मिला है। गांव में किसी भी व्यक्ति से हमारी दुश्मनी नहीं है। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं जानकारी के अनुसार मृतक का मोबाइल ननिहाल गांव में गुरुवार की शाम ही स्विच ऑफ हो गया था। उसने अपनी बाइक भी वहीं छोड़ दी थी। इसी बीच उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि वह अपने गांव कैसे पहुंचा। किसने उसकी गोली मारकर हत्या की है, यह अभी क्लियर नहीं हो पाया है।
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी विनीता बानरा के रूप में हुई है। वह खुद एक स्वास्थ्य सहिया थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय अस्पताल में बिजली नहीं थी। न ही कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण नर्सों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर प्रसव कराना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजन बोले- डॉक्टर नहीं, समय पर रेफर नहीं किया मृतका के पति दुर्गाचरण बानरा ने बताया कि प्रसव के दौरान स्थिति बिगड़ने लगी थी, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका। उनका कहना है कि नर्स ने डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को समय रहते किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान चली गई। इतना ही नहीं, घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए शव को जल्दबाजी में घर भेज दिया, जिससे परिजनों में और आक्रोश फैल गया। डॉक्टर ने बताया पीपीएच का मामला वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर कुंकल ने पूरे मामले को पोस्टपार्टम हेमरेज (प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव) का मामला बताया है। उनके अनुसार, प्रसूता की स्थिति पहले से ही गंभीर थी। सभी जरूरी चिकित्सकीय प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इधर, घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं की हकीकत को उजागर कर दिया है। ---------------------------------- इसे भी पढ़ें… ममता वाहन बाराती के लिए बुक; खुद करें व्यवस्था:चतरा में बाइक से अस्पताल पहुंची प्रसूता, डीसी ने दिया कार्रवाई का भरोसा चतरा जिले के कुंदा प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शनिवार रात टिकुलियाटांड़ गांव निवासी संजू देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन समय पर सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, ‘ममता वाहन’ मरीजों की सेवा के बजाय बारात ढोने में लगा था।परिजनों ने सहिया के माध्यम से वाहन मालिक से संपर्क किया, लेकिन उसने साफ कह दिया कि गाड़ी बारात में बुक है। निजी व्यवस्था करनी होगी। ऐसे में पीड़िता के देवर शिवम कुमार ने हिम्मत दिखाई और मोटरसाइकिल से ही संजू देवी को रात के अंधेरे में अस्पताल पहुंचाया। पूरी खबर यहां पढ़ें..
पूर्णिया GMCH में मेडिकल जांच के लिए पहुंचा आरोपी पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से फरार हो गया। शातिर हॉस्पिटल मेन गेट से बाहर भागता, इससे पहले ही वो पकड़ा गया। मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। जलालगढ़ थाना से आए पुलिसकर्मियों ने बताया कि मोबाइल चोरी के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी से पहले सभी आरोपियों का मेडिकल कराना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत टीम तीनों को लेकर जीएमसीएच पहुंची थी। इमरजेंसी वार्ड में कागजी प्रक्रिया चल ही रही थी। इसी दौरान एक आरोपी लगातार इधर-उधर नजरें दौड़ा रहा था। जैसे ही पुलिसकर्मियों का ध्यान कुछ पल के लिए बंटा, उसने मौके का फायदा उठाया। अचानक हथकड़ी समेत भाग निकला। भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश कर रहा था अस्पताल परिसर में आरोपी के भागते ही अफरा-तफरी मच गई। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश करने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत अलर्ट हो गए। जवान उसके पीछे दौड़े और पूरे परिसर में खलबली मची रही। आरोपी तेजी से भागते हुए अस्पताल परिसर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। करीब 300 मीटर तक भागने के बाद पुलिस ने शातिर को पकड़ने के लिए प्लान बदला। दो जवान उसके पीछे दौड़े, जबकि अन्य ने आगे की ओर घेराबंदी की रणनीति अपनाई। करीब 4 से 5 मिनट बाद आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया। हथकड़ी लगे होने के कारण उसकी रफ्तार भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आखिरकार जवानों ने उसे दबोच लिया। पुलिस कस्टडी में आरोपी घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मरीजों के परिजन, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी बाहर निकलकर इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। आरोपी को अब कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस की मुस्तैदी ने बड़ी चूक को होने से बचा लिया।
बिजली मित्र पोर्टल पर डेढ़ करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का पर्सनल डेटा लीक होने का खतरा था। बिना सुरक्षा के उपभोक्ता के मोबाइल नंबर, आधार-जन आधार, घर का पता, ईमेल आईडी…यहां तक कि वॉट्सऐप नंबर तक देखे जा सकते थे। 2 साल तक ठेका लेने वाली कंपनी लापरवाही बरतती रही। ऊर्जा विभाग को भी इसकी भनक नहीं लगी। मामला तब सामने आया, जब एक उपभोक्ता ने बिजली बिल जमा कराया और खुद का पूरा प्रोफाइल देखकर चौंक गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2 साल पहले जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम में बिजली मित्र पोर्टल के जरिए ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने और अन्य आईटी से जुड़े काम का जिम्मा BCITS कम्पनी को दिया गया था। कम्पनी ने पोर्टल पर उपभोक्ताओं के पर्सनल डेटा की सुरक्षा पुख्ता नहीं की। इस बड़ी लापरवाही पर ध्यान टोंक के मालपुरा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अजय सिंह राजपुरोहित की सतर्कता से गया। अजय ने पिछले नवंबर में बिजली का बिल जमा करते समय चेक किया तो खुद का पूरा प्रोफाइल देखकर चौंक गए। उनका मोबाइल नंबर, आधार, जन आधार, एड्रेस, ईमेल आईडी, वॉट्सऐप नंबर सहित तमाम पर्सनल डिटेल्स खुल गईं। ये जानकारी किसी साइबर अपराधी के हाथ लग जाए तो वह अकाउंट तक पहुंच बना सकता है। वहीं, कोई इन डेटा को प्राइवेट कंपनियों तक को बेच सकता था। उन्होंने इसकी शिकायत केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) को दी। CERT-In ने इस खामी को वेरिफाई किया और गंभीर माना। इसके बाद राजस्थान के ऊर्जा विभाग और कम्पनी से इस खामी को ठीक करवाया। ठगे जा सकते थे उपभोक्ता अजय सिंह राजपुरोहित ने CERT-In को भेजी शिकायत में कहा कि बिजली उपभोक्ताओं का संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा असुरक्षित है। उन्होंने एजेंसी को समझाया कि यह ब्रोकन एक्सेस कंट्रोल/इनसिक्योर डायरेक्ट ऑब्जेक्ट रेफरेंस (IDOR) का मामला है, जहां API एंडपॉइंट बिना किसी भी उपभोक्ता की व्यक्तिगत जानकारियों तक बेरोकटोक पहुंचा जा सकता है। ये डाटा आसानी से लीक किया जा सकता है। 1. पोर्टल पर अनधिकृत एपीआई एंडपॉइंट से उपभोक्ताओं की पूरी प्रोफाइल लीक हो रही है। पर्सनल जानकारी लेने में कोई बाधा नहीं। किसी लॉगिन या टोकन की आवश्यकता नहीं है। कोई भी व्यक्ति डेटाबेस हासिल कर सकता है। 2. API एंडपॉइंट 12-अंकों का K-नंबर पैरामीटर के रूप में मानता है। सर्वर यह सत्यापित नहीं करता कि K-नंबर कौन भर रहा है। गलत मंशा से अलग-अलग K नंबर भर कर कुछ ही घंटों में किसी भी उपभोक्ता का व्यक्तिगत विवरण डाउनलोड कर सकता हैं। 3. स्कैमर सटीक बिल राशि और नाम का उपयोग करके नागरिकों को ठग सकते हैं। सिम स्वैपिंग या वित्तीय धोखाधड़ी के लिए ये डेटा काफी है। ये खामी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और डीपीडीपी अधिनियम (डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम) का उल्लंघन करती है। पते और नामों से जुड़े मोबाइल नंबरों का खुलासा गंभीर खतरा पैदा करता है। क्या होता है K नंबर ऊर्जा मंत्री बोले- प्राइवेट कंपनी की लापरवाही है तो कार्रवाई करेंगे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच करवाएंगे। यदि ऐसा हुआ है और बिलिंग से संबंधित प्राइवेट कंपनी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जेवीवीएनएल में आईटी के एसई राकेश दुसाद ने बताया कि कुछ उपभोक्ता संबंधी जानकारी के उपलब्ध हो जाने की जानकारी मिली थी। समस्या की पहचान होते ही इसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया गया। अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई।
अवैध मोबाइल टावर के खिलाफ लोगों का धरना
लुधियाना| बेरी कॉलोनी और चौहान नगर के निवासियों ने शनिवार को कथित अवैध मोबाइल टावर के विरोध में जैन मंदिर चौक के पास शांतिपूर्ण धरना दिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार टावर का निर्माण रीनू हॉस्पिटल (चिल्ड्रन) और जैन स्किन एंड बोन हॉस्पिटल के नजदीक किया जा रहा है, जिसको लेकर इलाके में लंबे समय से असंतोष है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में निवासी मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य तुरंत रुकवाने की मांग की। निवासियों का आरोप है कि टावर का काम जनवरी 2026 में शुरू कर दिया गया था, जबकि इसकी सूचना प्रशासन को 30 मार्च को दी गई, जिसे उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार उन्होंने 16 फरवरी को डिप्टी कमिश्नर तथा 19 फरवरी को इंडस्ट्रियल विभाग को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत और स्थानीय सहमति के बिना टावर लगाया जा रहा है। धरने में मोबाइल टावर का काम बंद करने, दी गई अनुमति रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
नमस्कार, ईरान-अमेरिका युद्ध फिर शुरू हो सकता है। ईरानी मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर ने यह आशंका जताई है। उधर, भारत में एक साथ करोड़ों मोबाइल में सायरन बजा। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट की खबर भी बताएंगे... ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... देशभर में NEET-UG की परीक्षा आयोजित की जाएगी। देश के 552 शहरों और विदेश के 14 देशों में 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार एग्जाम में शामिल होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान-अमेरिका जंग फिर शुरु हो सकती है, ईरान बोला- US की हर गलत हरकत का कड़ा जवाब देंगे ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान के सीनियर मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने यह आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रम्प बोले- पागलों के हाथ में एटम बम नहीं दे सकते: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने आगे कहा;- अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप तबाह हो जाते। हम ऐसे पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दे सकते। पूरी खबर पढ़ें... 2. बंगाल की फालता सीट पर वोटिंग EC ने रद्द की, 21 मई को दोबारा मतदान, 24 को रिजल्ट चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर वोटिंग रद्द कर दी है। 21 मई को यहां फिर से वोटिंग होगी और 24 मई को नतीजे आएंगे। दरअसल, 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान EVM में गड़बड़ी और हिंसा की खबरें आईं थीं। बंगाल के 15 बूथों पर 86% से ज्यादा वोटिंग पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा 86% से ज्यादा वोटिंग हुई। इस दौरान साउथ 24 परगना में TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। वहीं, TMC ने आरोप लगाया कि मगराहाट के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं से मारपीट की। दरअसल, दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। पूरी खबर पढ़ें... 3. देशभर में करोड़ों मोबाइल पर एकसाथ अलर्ट मैसेज आया, सायरन की आवाज सुनाई दी देशभर में शनिवार सुबह 11:45 बजे करोड़ों मोबाइल पर एक साथ सायरन बजा। स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी में अलर्ट मैसेज आया। सायरन बंद होने के बाद मोबाइल पर मैसेज पढ़कर भी सुनाया गया। दरअसल, यह मैसेज टेस्ट के तौर पर नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथरिटी (NDMA) ने भेजा, ताकि आपात स्थिति में लोगों को एक साथ अलर्ट किया जा सके। सरकार ने पहले अलर्ट कर दिया था: सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। यह मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। दरअसल, इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकार ने 'SACHET’ सिस्टम बनाया है, जो सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें... 4. अखिलेश बोले- दिखावे के लिए दोनों डिप्टी सीएम साथ, केशव का पलटवार- 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बीच वार-पलटवार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अखिलेश यादव ने शनिवार शाम करीब 5 बजे लिखा- एक-दूसरे को पीछे धकेलने की साजिश ही भाजपा की असली सच्चाई है। इस पर केशव ने करीब आधे घंटे बाद ही पलटवार किया। कहा- लाल टोपी, साइकिल निशान, ‘धक्का-मुक्की’ जिनकी पहचान। नहीं मिलेगा उनको कोई स्थान, 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान। केशव के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी आगे आ गए। उन्होंने X पर लिखा- मेरी आपको सलाह है कि फर्जी बयानों में कुछ नहीं रखा है, जनता सब कुछ जानती है। चुनावों में जनता लगातार आपको आईना दिखाती रहती है। आगामी चुनावों में भी दिखाएगी। अखिलेश ने दोनों डिप्टी सीएम की रील शेयर की थी: इससे पहले अखिलेश ने शुक्रवार रात ‘X’ पर दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की रील शेयर की। बैकग्राउंड में गाना लगाया कि दुनिया के ठगों से बचना जरा…। साथ ही कैप्शन में तंज कसा। लिखा- दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती। पूरी खबर पढ़ें… 5. छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, 4 जवान शहीद, इसमें DRG के इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल शामिल छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। जवान जंगल में सर्च ऑपरेशन पर थे। इसी दौरान नक्सलियों की लगाई IED को डिफ्यूज करते वक्त धमाका हुआ। तीन जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। घायल परमानंद कोर्राम को रायपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पूर्व CM ने सरकार पर सवाल उठाए: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ नक्सलवाद खत्म होने के नारे से काम नहीं चलेगा। नक्सलियों के छोड़े गए खतरों को भी खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र विरोधी ताकतों का पूरी तरह सफाया ही समाधान है। पूरी खबर पढ़ें... 6. पुणे में 4 साल की बच्ची से रेप और हत्या, 65 साल का आरोपी गिरफ्तार महाराष्ट्र के पुणे में एक व्यक्ति ने 4 साल की बच्ची से रेप के बाद पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने 65 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची अपनी नानी के यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। भीमराव कांबले नाम का आरोपी करीब दो बजे बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के पास बने तबेले में ले गया। वहां बच्ची से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। CM बोले- सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने मामले में आरोपी के लिए फांसी और मामला की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की थी। इसके बाद महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएगी और अपराधी के लिए फांसी की मांग करेगी। पूरी खबर पढ़ें... 7. विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, वनडे वर्ल्डकप जिताने वाली हरमनप्रीत कप्तान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। इस टीम में पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली 11 खिलाड़ियों को जगह मिली है। पंजाब की नंदनी शर्मा को पहली बार वर्ल्ड कप में चुना गया है। टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ 14 जून को बर्मिंघम में करेगा। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... भारत ने समुद्र के अंदर तिरंगा फहराकर बनाया रिकॉर्ड भारत ने समुद्र के अंदर सबसे बड़ा तिरंगा फहराकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अंडमान-निकोबार के राधानगर बीच पर 223 गोताखोरों की टीम ने मिलकर इस मिशन को सफल किया। इसमें नौसेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के लोग शामिल थे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज तुला राशि वालों की कोई खास डील पूरी हो सकती है। वृश्चिक राशि वालों के लिए बिजनेस में निवेश बढ़ाने का अच्छा समय है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
भिवानी में रविवार तीन मई को नीट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। नीट परीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं नीट परीक्षा को लेकर डीसी भी अधिकारियों की बैठकें लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दे चुके हैं। नीट की परीक्षा के लिए जिला में विभिन्न स्थानों पर कुल 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 3817 बच्चे नीट की परीक्षा देंगे। वहीं परीक्षा दोपहर बाद 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। वहीं बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए रोडवेज द्वारा बसों की भी व्यवस्था की गई है। ताकि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। डीसी ने बैठक में दिए थे निर्देशनीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक लेते हुए भिवानी के डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नीट परीक्षा को सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में केवल परीक्षा केंद्र अधीक्षक जरूरत के समय निर्धारित की गई जगह पर ही प्रयोग कर सकेगा, उसके अलावा कोई भी मोबाइल फोन अंदर नही ले जा सकता। परीक्षा केंद्र में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन द्वारा अभिभावकों को बैठने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी ताकि गर्मी के मौसम के चलते किसी को परेशानी ना हो। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में प्राथमिक उपचार किट और एंबूलेंस मौजूद रहेगी।
गाजियाबाद पुलिस को मिली कामयाबी, 700 मोबाइल रिकवर, मोबाइल पाकर असली मालिकों के खिले चेहरे
Ghaziabad Uttar Pradesh News : गाजियाबाद पुलिस ने लगभग 2 करोड़ के 700 मोबाइल रिकवर करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन मोबाइलों को असली स्वामियों तक पहुंचाया तो उनके चेहरे खिल उठे,जो पुलिस द्वारा आम नागरिकों में जनसेवा के भाव को दिखाता है। ...
झाबुआ में 9 साल के बच्चे ने मोबाइल चलाने से रोकने पर कीटनाशक पी लिया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पता चला है कि दादी ने उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया था। मामला कल्याणपुरा क्षेत्र के लौहरिया गांव का है। कल्याणपुरा थाना थाना प्रभारी एडमिरल तोमर के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे हरीश (9) निवासी लौहरिया को बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। दादी ने मोबाइल चलाने के लिए डांटा बच्चे की दादी ने डॉक्टर को बताया कि सुबह करीब 8 बजे बच्चा मोबाइल चला रहा था। इसी बात पर उसे डांटा था। उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया था। साथ ही, दोबारा नहीं चलाने की बात भी कही थी। इसी बात से नाराज होकर बाहर चला गया। छोटी बहन ने बताया, तब पता चला हरीश बिना कुछ कहे घर में रखी खेत में डालने वाली कीटनाशक की शीशी भी लेकर चला गया। थोड़ी देर बाद छोटी बहन उसे देखने गई। उसने हरीश को कीटनाशक पीते हुए देख लिया। उसने दादी को आकर पूरी बात बताई। दादी और बच्चे के बड़े पापा ने देखा, तो पास ही कीटनाशक की खाली बोतल पड़ी थी। एक घंटे तक वाहन के लिए परेशान होते रहे थाना प्रभारी के मुताबिक गांव मुख्य सड़क से करीब 10 किलोमीटर अंदर जंगल में है। परिवारवालों ने पुलिस को बताया कि करीब एक घंटे तक बच्चे को अस्पताल तक लाने के लिए वाहन नहीं मिला। जैसे–तैसे 10 बजे कल्याणपुरा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका इलाज शुरू किया गया। कल्याणपुरा सिविल अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर महेंद्र झणिया ने बताया कि बच्चे को गंभीर हालत में लाया गया था। बच्चे के फेंफड़ों तक जहर फैल चुका था। उसे जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी कर रहे थे। एम्बुलेंस भी आ गई थी। इससे पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। मर्ग कायम कर जांच शुरू की थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। शाम को पीएम के बाद शव को परिजन गांव भिजवा दिया गया। बच्चे के माता–पिता रीवा में रहकर मजदूरी करते हैं। बच्चा गांव में अपने दादी के पास रहते हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मोबाइल को लेकर हुए विवाद को ही आत्महत्या का कारण माना जा रहा है।
नूरमहल के पुराने बस स्टैंड के पास बीती रात एक युवक से मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। तीन अज्ञात लुटेरों ने युवक को अपनी कार में डालकर पीटा और फिर मोबाइल छीनकर फरार हो गए। इस संबंध में नूरमहल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित की पहचान नूरमहल के वेलदारा मोहल्ला निवासी दिलप्रीत पुत्र कमलजीत कुमार के रूप में हुई है। दिलप्रीत ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह नकोदर रोड, नूरमहल स्थित खेड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम करता है। पीड़ित को 3 लोगों ने धक्का दिया 1 मई, 2026 की रात करीब 8:30 बजे, वह छुट्टी के बाद अपने घर जा रहा था। जब वह पुराने बस स्टैंड पर पहुंचा, तो एक सफेद रंग की कार उसके पास आकर रुकी। कार में सवार एक व्यक्ति ने उसे धक्का दिया और थप्पड़ मारे। लुटेरों ने दिलप्रीत को जबरन कार में खींच लिया। उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसका मोबाइल फोन (रियलमी, नंबर 90418-08312) छीन लिया और उसे कार से बाहर फेंककर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना तुरंत नूरमहल पुलिस स्टेशन को दी गई, जहां दिलप्रीत ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पटना साइंस कॉलेज में शनिवार को बवाल हो गया। साइंस कॉलेज में 3 मेडिकल कॉलेजों की प्रोफेशनल MBBS सेमेस्टर-3 की परीक्षा चल रही थी। चर्चा है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र वायरल हो गया। केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी विरोध जता रहे थे। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। अंत में परीक्षा रद्द हो गई और परीक्षार्थी वापस लौट गए। करीब डेढ़ घंटे हंगामा हुआ। एग्जाम में पीएमसीएच, एनएमसीएच और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र परीक्षा के लिए पहुंचे थे। बताया जाता है कि वे अपने मोबाइल में एडमिट कार्ड दिखा रहे थे। मोबाइल लेकर ही केंद्र में जाने पर अड़े थे। इसका विरोध करने पर हंगामा करने लगे। इनविजीलेटर से भी बदसलूकी की। कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को दी सूचना कॉलेज के रेगुलर टीचर ने इनविजीलेटर की ड्यूटी को बायकाॅट किया और टेंपरेरी शिक्षकों के साथ बदतमीजी की गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर भी परीक्षार्थी शांत नहीं हुए। शुक्रवार को भी नकल रोकने पर परीक्षार्थियों ने विरोध किया था। इस कारण कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने से इनकार कर दिया था। विवि को पैसे दिए थे, हमारा सेंटर हाई प्रफाइल कॉलेज में डाल दिया एग्जाम आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (AKU) की ओर से कराई जा रही थी। कुछ छात्रों कहा कि हमलोगों ने AKU (आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी) के ऊपर के लोगों को पैसे दिए हैं। उनलोगों ने हमारा सेंटर हाई प्रोफाइल कॉलेज में डाल दिया, जहां हमें चोरी नहीं करने दिया जा रहा है। घटना के बाद AKU के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर सूचना दी गई थी। कुलपति ने कहा कि कमेटी इसपर विचार करेगी। बहरहाल केंद्र पर पुलिस तैनात है। स्थिति नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।
गोरखपुर में साइकिल से जा रहे एक युवक का फोन छीन कर तीन बाइक सवार फरार हो गए। पीड़ित सत्यम देर शाम करीब 7 : 30 बजे दाउदपुर होते हुए किसी काम से जा रहे थे। तभी राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन के आवास के पास यह घटना हुई। युवक ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे तेजी से भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से 6 युवकों को हिरासत में लिया है। आगे की कार्रवाई में जुटी है। जानिए पूरा मामला...बांसगांव के रहने वाले सत्यम त्रिपाठी शुक्रवार को देर शाम किसी काम से दाउदपुर की ओर से गुजर रहे थे। वह किसी जरूर काम से अपने मोबाइल फोन से बात कर रहे थे। इसी बीच कैंट थाना अंतर्गत राज्यसभा सांसद डा. राधा मोहन दास अग्रवाल के आवास के पास से रात तकरीबन 7:25 पर पीछे से बाइकसवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उनका मोबाइल छीन कर फरार हो गए। सत्यम ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे तेजी से पैडलेगंज की ओर भाग निकलें। सत्यम ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल के पीछे में 11 सौ रुपये भी रखे थे। जिसके बाद सत्यम तत्काल पैडलेगंज चौकी पर पहुंचा और यहां मौजूद घटना की सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने मौके से छह युवकों को पकड़ा और पैडलेगंज चौकी पर लेकर गए। इसके बाद पीड़ित ने शनिवार को कैंट थाने पहुंच कर थाने में तहरीर दी। पूरी घटना का विवरण देते हुए मोबाइल हैक करने की बात भी कही गई है। तहरीर के बाद पुलिस जांच में जुटी है। हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।
आज सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज बजने से कुछ लोग हैरत में पड़ गए। सभी के मन में सवाल उठा कि ये सायरन क्यों बजा। दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। इस परीक्षण का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान समय पर सतर्क करना है। अलर्ट में साफ बताया गया कि यह केवल एक परीक्षण है। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। आगे पढ़िए अलर्ट आने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही… जयपुर के ज्वेलर गिर्राज सोनी ने बताया- इस मैसेज को देखकर एक बार घबरा गया था। मुझे लगा कि मैसेज को सेव करूं या इसका उत्तर दूं। मेरे फोन पर कोई नंबर नहीं आया। पढ़ने पर समझ में आया कि पर रिएक्ट नहीं करना और यह अलर्ट मैसेज है। किस चीज को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। मैसेज का रिफरेंस तो आना चाहिए कि यह मैसेज कहां से है। भारत सरकार से है, राजस्थान सरकार से है या मिलिक्ट्री से है। एक दिन पहले ही मिल गई थी जानकारी आदर्श नगर निवासी फरमान कुरैशी ने बताया- आज जो अलर्ट मैसेज आए थे, उसकी जानकारी शुक्रवार से ही थी। इस अलर्ट मैसेज से पहले कल हमारे पास मैसेज आया था। इसमें सूचना दी गई थी कि भारत सरकार की ओर से एक मैसेज आएगा। जो अलर्ट करने के लिए होगा। इसमें किसी तरह से घबराने और रिएक्शन करने की जरूरत नहीं है। विष्णु सोनी ने बताया- मैं फोन पर बात कर रहा था, इस दौरान फोन में अजीब आवाज और अलर्ट आने लगा। इससे मैं घबरा गया। एक बार सोचा फोन में क्या हो गया। मन में यही सवाल था यह मैसेज क्यों आया है और किसने भेजा है। एक बार के लिए लगा कि कहीं यह युद्ध के कारण तो नहीं आया है। कोई अनहोनी तो होने वाली नहीं है। रामगंज निवासी मुजम्मिल अहमद ने बताया- एक साथ सबके फोन पर अलार्म जैसा बजा। सब लोग इस दौरान एक दूसरे को देख रहे थे। पूछ रहे थे क्या हो रहा है। सब एक दूसरे से पूछने लगे कि क्या तुम्हारा फोन भी बज रहा है। हालांकि फिर सब लोगों को पता चल गया था कि यह गवर्नमेंट की तरफ से भेजा गया है। इसके लिए एक दिन पहले ही लोगों को मैसेज भेजा गया था। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है? जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है? जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है? जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है? जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है? जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है? जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं।
देशभर में शनिवार सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज सुनाई देने लगी। स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी में एक मैसेज था। सायरन बंद हुआ तो मोबाइल पर मैसेज पढ़कर भी सुनाया गया। इससे कई लोग परेशान हुए, तो कई कन्फ्यूज। हालांकि सरकार ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है?जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है?जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है?जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है?जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है?जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है?जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… जेन अल्फा में लोकप्रिय हो रहे बिना स्क्रीन वाले फोन: स्मार्टफोन पर सख्ती के बीच नया तरीका दुनियाभर में बच्चों के बीच बढ़ते स्मार्टफोन के उपयोग और डिजिटल एक्सपोजर को देखते हुए कई देशों के स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने की बातें हो रही हैं। वहीं मां-बाप के सामने भी एक बड़ी दुविधा होती है, भारी-भरकम फीचर्स वाले स्मार्टफोन दिए जाएं या नहीं? अगर नहीं, तो फिर उनसे संपर्क में बने रहने का सुरक्षित और आसान विकल्प क्या हो? पूरी खबर पढ़ें…
2 मई को मोबाइल पर आएगा इमरजेंसी अलर्ट:आपदा प्रबंधन विभाग का परीक्षण, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलेवासियों को संभावित आपात स्थितियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश जारी किया है। विभाग ने बताया है कि 2 मई को लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक एक अलर्ट मैसेज या तेज नोटिफिकेशन प्राप्त हो सकता है। यह किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक परीक्षण का हिस्सा होगा। विभाग के अनुसार, यह अलर्ट सामान्य एसएमएस से अलग दिखाई देगा और कुछ मोबाइल फोन में तेज आवाज या वाइब्रेशन के साथ भी आ सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को भविष्य में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप या अन्य आपात स्थितियों के लिए पहले से तैयार करना है। अलर्ट से घबराने की आवश्यकता नहीं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अलर्ट से घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसे एक जन-जागरूकता और सुरक्षा से जुड़ा अभ्यास समझना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आपदा के समय सही सूचना समय पर आम लोगों तक पहुंच सके। कई बार देखा गया है कि आपदा के दौरान सूचना के अभाव में लोगों को अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में यह अलर्ट सिस्टम लोगों तक त्वरित चेतावनी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने और आवश्यक कदम उठाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। लोगों को सही जानकारी देने की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके मोबाइल पर 2 मई को इस तरह का कोई अलर्ट संदेश प्राप्त होता है, तो वे घबराएं नहीं और न ही किसी प्रकार की अफवाह फैलाएं। साथ ही, अपने आसपास के लोगों को भी इसके बारे में सही जानकारी दें ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। विभाग ने दोहराया है कि यह कदम पूरी तरह से आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है और लोगों से सहयोग तथा जागरूकता बनाए रखने की अपील की गई है।
जोधपुर शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक महिला को टेलीग्राम ग्रुप में वीडियो लाइक कर पैसे कमाने का लालच देने वाले आरोपी को पुलिस मे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने महिला से 1 लाख 42 हजार की साइबर ठगी की थी। शिकायत पर पुलिस ने बैंक खातों की जांच और एटीएम फुटेज की मदद से आरोपी को नागौर से गिरफ्तार किया। इन्हीं से मिले सुराग के आधार पर नागौर जिले के भावण्डा थाना अंतर्गत माणकपुर गांव निवासी गौतम (26) पुत्र सुखराम जाट गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ठगी के 80 हजार रुपए नकद, 9 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। टेलीग्राम पर दिया वीडियो लाइक करने से कमाई का लालच डीसीपी (पूर्व) मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि परिवादिया पल्लवी जैन ने थाने की ईमेल आईडी पर एक लिखित शिकायत भेजी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक टेलीग्राम ग्रुप में उसे वीडियो लाइक कर पैसे कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद अज्ञात ठगों ने धोखाधड़ी कर उसके बैंक खाते से 1 लाख 42 हजार रुपए निकाल लिए। इस पर पुलिस ने 29 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। एमपी के खाते में गए पैसे, जोधपुर के एटीएम से निकले सदर बाजार थानाधिकारी माणक राम के नेतृत्व में टीम ने जब संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया, तो पता चला कि परिवादिया से ठगे गए रुपयों में से 50 हजार रुपए मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। जांच में सामने आया कि उन रुपयों को जोधपुर के ही एक एटीएम से निकाला गया है। सीसीटीवी से खुला राज, नागौर का आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने संबंधित बैंक एटीएम के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर रुपए निकालने वाले शख्स की पहचान की। इसके आधार पर पुलिस ने नागौर जिले के भावण्डा थानांतर्गत माणकपुर गांव निवासी गौतम (26) पुत्र सुखराम जाट को दस्तयाब कर पूछताछ की और ठगी किए जाने की पुष्टि होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से 80 हजार रुपए नकद, 9 एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
चंडीगढ़ की सड़कें अब न सिर्फ ज़्यादा रोशन होंगी, बल्कि स्मार्ट भी बन जाएंगी। नगर निगम शहर की पुरानी 18 वॉट की स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उनकी जगह 12 वॉट की नई LED लाइटें लगाने जा रहा है। वॉट कम होने के बावजूद रोशनी पहले से ज़्यादा तेज़ मिलेगी। इसके साथ ही, अब लाइट खराब होने पर आपको शिकायत के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, क्योंकि सिस्टम खुद बता देगा कि लाइट कहाँ बंद है। अब पावर कम, रोशनी फुलनई तकनीक की इन LED लाइटों का लुमेन (रोशनी की तीव्रता) ज़्यादा है। यानी यह बिजली कम खाएँगी, लेकिन सड़क पर उजाला ज़्यादा करेंगी। इससे निगम को दोहरा फायदा होगा। शहर चमकेगा भी और बिजली का भारी-भरकम बिल भी घटेगा। इस नए सिस्टम से नगर निगम साल भर में करोड़ों रुपये की बिजली बचाएगा। साथ ही, सेक्टर-17 स्थित कमांड सेंटर (ICCC) से पूरे शहर की 55 हज़ार लाइटों पर नज़र रखी जाएगी। यानी अब शहर की सुरक्षा भी बढ़ेगी और सरकारी खज़ाने पर बोझ भी कम होगा। पार्षदों के पास होगा रिमोट कंट्रोलअब किसी वार्ड का पार्षद यह बहाना नहीं बना पाएगा कि उसे लाइट खराब होने का पता नहीं था। निगम एक ऐसा मोबाइल डैशबोर्ड तैयार कर रहा है, जिससे हर पार्षद अपने वार्ड की लाइटों को लाइव देख सकेगा। मोबाइल पर ही पता चल जाएगा कि कितनी लाइटें जल रही हैं और कितनी खराब हैं। खराब लाइट की लोकेशन तुरंत ट्रैक होगी और रिपेयरिंग टीम मौके पर पहुँचेगी। 6 महीने से अंधेरे में था शहरपिछले 6 महीनों से शहर की हालत खस्ता थी। करीब 30 प्रतिशत लाइटें बंद पड़ी थीं, क्योंकि पुराना कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका था। अब निगम PPP मॉडल पर नई एजेंसी ला रहा है, जो अगले 10 सालों तक इन लाइटों की देखरेख करेगी। इसमें 'डिमिंग' फीचर भी होगा, यानी ज़रूरत के हिसाब से रोशनी को कम या ज़्यादा भी किया जा सकेगा।
एमपी में एक तरफ बीजेपी सत्ता और संगठन में नियुक्तियों की तैयारी में लगी है। दूसरी तरफ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देकर पार्टी की रीति-नीति, इतिहास से लेकर वर्तमान के दौर की चुनौतियां, तकनीक में दक्ष बनाने में जुटी है। इस महीने में होने वाले जिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होने वाले नेताओं को अब परीक्षा भी देनी होगी। नीट-यूपीएससी की तरह मोबाइल रहेगा बैनजिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होने वाले नेताओं के मोबाइल नीट-यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह पहले ही जमा करा लिए जाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षण स्थल पर एक मोबाइल काउंटर बना होगा। जहां एक टोकन नंबर देकर मोबाइल जमा करा लिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद होगी परीक्षाप्रशिक्षण वर्ग के बाद नेताओं को पोस्ट टेस्ट देना होगा। यानी प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने क्या सीखा, उनको क्या जानकारी मिली, उन्हें किस सत्र में बताई गई कौन सी बात याद रही। प्रशिक्षण के बाद होने वाली परीक्षा में प्रशिक्षण में बताई गई जानकारी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
कटिहार में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 2 मई 2026 से जिले में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य प्रारंभ होगा। डीएम के अनुसार, 2 से 4 मई 2026 तक प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने-अपने गणना ब्लॉक का दौरा करेंगे। इस अवधि में प्रत्येक घर, झोपड़ी, दुकान और संस्थान की नंबरिंग की जाएगी। साथ ही, एक लेआउट मैप भी तैयार होगा ताकि कोई भी आवासीय इकाई गणना से छूट न जाए। प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे इसके बाद, 5 से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। इस चरण में 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली भरी जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, बैंक खाता, परिवार के सदस्यों की संख्या, दिव्यांगता और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। पूरी प्रक्रिया ‘Census2027-Houselist App’ के माध्यम से डिजिटल रूप से संपन्न की जाएगी। प्रगणक टैबलेट या मोबाइल का उपयोग करके डेटा दर्ज करेंगे, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी। जिन नागरिकों ने 'सेल्फ एन्यूमरेशन' पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भरी है, प्रगणक उनकी यूनीक आईडी के माध्यम से प्रविष्टियों का सत्यापन भी करेंगे। जिलेवासियों से DM ने सहयोग की अपील की जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसके आंकड़ों के आधार पर ही राशन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रगणकों को सही जानकारी देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि गलत सूचना देने या सहयोग न करने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। डीएम ने मीडिया कर्मियों से भी सहयोग का आग्रह किया, ताकि जनगणना के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचा जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) शनिवार, 2 मई 2026 को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण करेगा। इस टेस्ट का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाना
बिलासपुर के सकरी पुलिस ने ऑनलाइन लूडो और आईपीएल सट्टा खिलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राहुल छाबड़ा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में 2 करोड़ रुपए से अधिक के सट्टे का हिसाब-किताब मिला है। पुलिस ने ओम स्पेस कॉलोनी, सकरी स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी। यहां गिरोह ने सट्टा संचालन के लिए कंट्रोल रूम बना रखा था। बताया जा रहा है कि गिरोह मध्य प्रदेश के सागर, बालाघाट और कटनी जिलों से युवकों को बुलाकर ऑनलाइन लूडो और आईपीएल मैचों पर करोड़ों रुपए का सट्टा चला रहा था। बीट पुलिस की सतर्कता से खुला मामला यह हाईटेक सट्टा रैकेट किसी मुखबिर की सूचना से नहीं, बल्कि बीट पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया। कॉलोनी में कुछ बाहरी युवक महीनों से किराए के मकान में रह रहे थे और दिनभर बाहर नहीं निकलते थे। रात के समय घर के अंदर से लगातार कई मोबाइल फोन बजने और लैपटॉप की रोशनी दिखने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद इंटरनेट डेटा और लोकेशन की तकनीकी जांच की गई, जिसमें एक ही जगह से कई डिवाइस सक्रिय मिले। इसके बाद सकरी पुलिस और एसीसीयू टीम ने आधी रात को छापेमारी की। 21 मोबाइल, लैपटॉप और क्रेटा कार जब्त कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया है। इसमें शामिल हैं: 30 हजार सैलरी पर बुलाए गए युवक पुलिस के अनुसार, स्वर्णिम ऐरा कॉलोनी सरकंडा निवासी राहुल छाबड़ा (30) ने मध्य प्रदेश से युवकों को हर महीने 30-30 हजार रुपए सैलरी और रहने-खाने की सुविधा देकर बुलाया था। पकड़े गए आरोपियों में: दिल्ली कनेक्शन भी सामने आया जांच में गिरोह के दिल्ली कनेक्शन के संकेत मिले हैं। पुलिस को बाबू सिंधी और टोनी नाम के लोगों से लिंक की जानकारी मिली है। इस एंगल पर भी जांच जारी है। बड़े मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि जब्त मोबाइल और लैपटॉप के डेटा के जरिए पूरे नेटवर्क और बड़े संचालकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस सिंडिकेट के और बड़े चेहरे सामने आएंगे।
नीमच जिले के 10 'नेटवर्क विहीन' गांवों में अब मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा। जिला प्रशासन ने इन दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार शाम को दूरसंचार कंपनियों को टावर लगाने के लिए सशर्त अनुमति जारी कर दी है। अब तक इन गांवों में नेटवर्क न होने के कारण छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों को सरकारी योजनाओं के पंजीकरण और व्यापारियों को बैंकिंग लेनदेन के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। 4G नेटवर्क आने से इन समस्याओं का समाधान होगा और डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इन गांवों को मिलेगी सुविधा इन गांवों में सिंगोली तहसील के डाबडाकलां, कछाला, कोज्या, लुम्बा, थड़ोद, कुंथली, राणावत खेड़ा और कीरता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जीरन तहसील का ग्राम सोकड़ी और जावद तहसील के कांस्या व सुखानंद गांव भी इस सूची में हैं। सिंगोली तहसील के धारड़ी गांव में भी टावर लगाने की अनुमति प्रक्रियाधीन है। इन शर्तें पर मिली मंजूरी कलेक्टर चंद्रा ने अनुमति के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इनमें टावर लगाने से यातायात या बिजली की लाइनों में कोई बाधा न आना शामिल है। कार्य तभी शुरू होगा जब सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो जाएंगी। भविष्य में टावर के कारण किसी भी दुर्घटना की स्थिति में, इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दूरसंचार कंपनी की होगी।
जहानाबाद में 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 103 जरूरतमंद लोगों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपराजिता लोहान ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को तकनीकी साधन उपलब्ध कराना है, जिनके मोबाइल चोरी होने या खो जाने के कारण उन्हें दैनिक कार्यों में असुविधा होती है। एसपी लोहान ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' एक विशेष कार्यक्रम है। इसके तहत पुलिस विभिन्न माध्यमों से बरामद किए गए मोबाइल फोन सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को दिए जाते हैं। कई ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चे पढ़ाई या खेल-कूद के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं, लेकिन फोन खो जाने या चोरी होने पर वे नया खरीदने में असमर्थ होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस उनकी मदद करती है। इस कार्यक्रम के तहत, जब भी कोई चोरी हुआ या खोया हुआ मोबाइल पुलिस को मिलता है, उसे योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाया जाता है। एसपी अपराजिता लोहान ने बताया कि इस प्रक्रिया में लोगों के चेहरों पर खुशी देखकर ही इस कार्यक्रम का नाम 'ऑपरेशन मुस्कान' रखा गया है। मोबाइल खोने पर थाने में आवेदन दें एसपी ने जनता से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए, तो तत्काल नजदीकी थाने में आवेदन दें। आवेदन से पुलिस को मोबाइल बरामद करने में मदद मिलती है और उसे जरूरतमंद तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने का भी आग्रह किया, ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस ऐसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। 'ऑपरेशन मुस्कान' न केवल लोगों को मोबाइल उपलब्ध कराता है, बल्कि समाज में विश्वास और सकारात्मकता भी फैलाता है।
पानीपत जिले में समालखा सीआईए- वन टीम ने मोबाइल स्नैचिंग के मामले में फरार दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोनीपत के रसूलपुर गांव निवासी गोविंद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है। यह गिरफ्तारी वीरवार शाम को पट्टीकल्याणा के पास गुलशन ढाबा के नजदीक हुई। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि, पूछताछ में आरोपी गोविंद ने अपने पहले गिरफ्तार हो चुके साथी वीरेंद्र के साथ मिलकर मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। शुक्रवार को पूछताछ के बाद आरोपी गोविंद को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका इंस्पेक्टर फूल कुमार ने यह भी बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी वीरेंद्र के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर उसे पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वीरेंद्र ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह और गोविंद नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर दोनों ने 22 फरवरी को बाइक पर मोबाइल स्नैचिंग की इस वारदात को अंजाम दिया था। यह वारदात समालखा के सीताराम कॉलोनी में रहने वाले नितिन निवासी हैदरपुर औरिया, उत्तर प्रदेश की शिकायत पर थाना समालखा में दर्ज की गई थी। नितिन एक साइकिल सवार श्रमिक है जिससे मोबाइल छीना गया था।
पंजाब की बरनाला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक हवालाती के पास मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की मुस्तैदी से चलाए गए नियमित तलाशी अभियान के दौरान यह मोबाइल बरामद किया गया, जिसके बाद जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जेल के वार्डर उपिंदरजीत सिंह सेल ब्लॉक नंबर 1 की नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां बंद हवालाती गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी (निवासी बुग्गरा) की गतिविधियों पर उन्हें शक हुआ। जब वार्डर ने संदेह के आधार पर गुरप्रीत की व्यक्तिगत तलाशी ली, तो उसकी लोअर की जेब से सुनहरे (गोल्डन) रंग का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। खास बात यह है कि इस फोन में सिम कार्ड और बैटरी दोनों मौजूद थे और यह चालू हालत में था। सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल जेल के भीतर मोबाइल फोन का मिलना एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है। जेल नियमों के अनुसार, किसी भी कैदी या हवालाती द्वारा मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि इसके माध्यम से जेल के भीतर बैठे अपराधी बाहरी दुनिया और अपने नेटवर्क से संपर्क साध सकते हैं। इस बरामदगी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। थाना सिटी में मुकदमा दर्ज घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी हवालाती गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी के खिलाफ थाना सिटी बरनाला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि सच सामने आ सके। जांच के घेरे में जेल एंट्री और बाहरी संपर्क पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर इतनी सुरक्षा के बावजूद मोबाइल जेल की सलाखों के पीछे कैसे पहुँचा। क्या इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ है या जेल के ही किसी कर्मचारी की मिलीभगत है? अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और इस लापरवाही या मिलीभगत में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दंतेवाड़ा पुलिस की साइबर सेल की टीम ने करीब 141 गुम मोबाइल बरामद किए हैं। जिसकी कीमत करीब 31 लाख रुपए से ज्यादा है। ये सारे गुम हुए फोन सिर्फ दंतेवाड़ा जिले और छत्तीसगढ़ से ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश समेत अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इन सभी फोन को इनके मालिकों को लौटा दिया है। दरअसल, दंतेवाड़ा पुलिस ‘इया आपलो सामान निया’ कार्यक्रम चला रही है। इसी के तहत ये फोन बरामद किया गया है। पुलिस ने पिछले कुछ महीने में 82 लाख रुपए के करीब 393 गुम फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए हैं। SP गौरव राय ने कहा कि, बरामद मोबाइल उत्तर प्रदेश सहित पड़ोसी जिलों जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव से ट्रेस किए गए, जिन्हें CEIR पोर्टल के माध्यम से खोजकर संबंधित लोगों को सौंपा गया। दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर पर भी कर सकते हैं शिकायत उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 और cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने ‘साइबर हेल्पलाइन दंतेवाड़ा’ नाम से व्हाट्सऐप अकाउंट भी शुरू किया है, जहां लोग अपनी शिकायत सीधे दर्ज करा सकते हैं और उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से ही एकनॉलेजमेंट नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस चला रही साइबर संगवारी चैनल नोडल अधिकारी ठाकुर गौरव सिंह ने कहा कि, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘साइबर संगवारी दंतेवाड़ा’ नाम से व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया गया है, जिसमें रोजाना जागरूकता संबंधी जानकारी साझा की जाएगी। साइबर फ्रॉड से बचने की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना हेल्पलाइन पर दें। सुरक्षा और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
जयपुर में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्कूल जाते समय रास्ते में सिक्योरिटी गार्ड ने बच्चियों को रोककर अश्लील हरकत की। मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाए। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को राउंडअप किया है। पुलिस ने बताया- एक मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड पर नाबालिग स्कूल छात्राओं से अश्लील हरकत करने का आरोप है। नाबालिग लड़कियां शुक्रवार सुबह पैदल-पैदल स्कूल जा रही थी। रास्ते में मिले आरोपी सिक्योरिटी गार्ड ने नाबालिग स्कूल छात्राओं को रोक अश्लील हरकत की। चिल्लाने पर मौके से भागा गार्ड आरोपी गार्ड ने नाबालिग लड़कियों को अपने मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाए। विरोध कर चिल्लाने पर आरोपी गार्ड वहां से चला गया। नाबालिग छात्राओं ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों के शिकायत लेकर पहुंचने पर पुलिस ने तुरंत आरोपी गार्ड को पूछताछ के लिए राउंडअप किया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जांच के लिए ले लिया है।
दो आरोपियों से 4 बाइक, तीन एक्टिवा और मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | फिरोजपुर थाना सिटी पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार एएसआई गुरमीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी उन्हें सूचना मिली कि हरीश उर्फ हैरी पुत्र गोल्डी निवासी बस्ती आवा, फिरोजपुर शहर और आकाश पुत्र बसंत निवासी बस्ती सेखां वाली, फिरोजपुर शहर आपस में मिलकर शहर और आसपास के इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर आगे बेचते हैं। इसके अलावा ये आरोपी मोबाइल फोन चोरी की वारदातों में भी संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के आगे खाली जगह पर दबिश दी, जहां दोनों आरोपी चोरी के मोटरसाइकिलों के साथ खड़े मिले। पुलिस ने मौके से दोनों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 4 मोटरसाइकिल, 3 एक्टिवा और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से और भी वारदातों के खुलासे होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए वाहनों को किन-किन स्थानों पर बेचा गया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
युवक पर हथियारों से हमला कर लुटेरे पर्स और मोबाइल लेकर फरार
भास्कर न्यूज | पटियाला 28 अप्रैल रात 9 बजे भोगला रोड पर स्थित नर्सरी के नजदीक बाइक पर जा रहे 26 साल के इलेक्ट्रीशियन को 2 बाइकों पर सवार चार लुटेरों ने घेरकर उसपर तेजधार हथियारों से हमला कर जख्मी कर दिया और उसका पर्स और मोबाइल छीनकर फरार हो गए, जाते समय आरोपी उसके बाइक की चाबी भी साथ ले गए। किसी तरह उसने एक दुकान पर जाकर मदद मांगी, उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना खेड़ी गंडिया पुलिस ने चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता सिमरनजीत सिंह निवासी गुरु नानक मोहल्ला राजपुरा ने पुलिस को बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। 28 अप्रैल को रात करीब 9 बजे अपने ठेकेदार से पैसे लेने के लिए जा रहा था, जहां 2 बाइकों पर आए अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोकने के बाद हाथ में पकड़े हथियारों से हमला किया और उसे जख्मी कर दिया और उसका पर्स मोबाइल छीनकर फरार हो गए। पर्स में 1500 रुपए कैश और कुछ दस्तावेज थे। आरोपियों ने सोचा कि वह उनका पीछा ना करें, इसलिए आरोपी उसके बाइक की चाबी भी निकालकर साथ ले गए। किसी तरह जख्मी हालत में उसने करीब 400 मीटर दूर स्थित दुकान पर पहुंचकर वहां के लोगों से मदद मांगी। उसके परिवार को जानकारी दी गई और उसे अस्पताल दाखिल करवाया गया।
राजधानी में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक युवक के साथ लूट की वारदात सामने आई है। गोकुल नगर इलाके में तड़के सुबह बाइक सवार दो बदमाशों ने युवक को चाकू की नोक पर धमकाकर उसका मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोबाइल का पासवर्ड भी हासिल कर लिया और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से करीब 14 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़िता का नाम पुलिस ने यशवंत साहू बताया है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला टिकरापारा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोकुल नगर निवासी यशवंत साहू 23 अप्रैल की सुबह करीब 4:45 बजे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। वे गोकुल नगर गार्डन की ओर जा रहे थे, तभी गार्डन गेट के पास बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक पहुंचे और उन्हें रोक लिया। इससे पहले कि यशवंत कुछ समझ पाते, आरोपियों ने चाकू दिखाकर उन्हें डराया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित ने बताया कि बदमाशों ने सिर्फ मोबाइल ही नहीं छीना, बल्कि जबरन उसका पासवर्ड भी पूछ लिया। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल कर उसके खाते से करीब 14 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद यशवंत साहू ने टिकरापारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज टिकरापारा पुलिस के विवेचना अधिकारियों ने बताया, कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज करके जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के जपेली गांव में एक 20 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। युवक बुधवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान जपेली निवासी उदय महंत (20) के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर था। परिजनों के अनुसार, उदय महंत बुधवार रात गांव में ही एक शादी कार्यक्रम में गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। गुरुवार दोपहर जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो उन्हें गांव से लगे एक पेड़ पर गमछे से लटका हुआ युवक का शव दिखाई दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेजा ग्रामीणों की सूचना पर उरगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट और माचिस बरामद हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। जांच में जुटी है पुलिस उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस आत्महत्या और हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने गुरुवार को जनगणना-2027 के तहत जले में स्व-जनगणना की शुरूआत करवाई है। डीसी वालिया ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना विवरण दर्ज किया। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि स्व-गणना एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए आम लोग खुद जानकारी सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए नागरिकों को सरकार के अधिकारिक जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा। उन्हें अपने मोबाइल नंबर और बेसिक जानकारी का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरनी होंगी। जनगणना कर्मचारी घर-घर जाएंगे जैसे ही फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होगा, पोर्टल नागरिक को एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आई डी (SE ID) जेनरेट करेगा। जब जनगणना कर्मचारी घर पर आएंगे, तो नागरिक को सिर्फ यह आईडी. दिखानी होगी। इससे जानकारी वेरीफाई हो जाएगी और दोबारा फार्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीसी ने कहा कि लोग बढ़-चढ़कर लें हिस्सा डिप्टी कमिश्नर ने जिलावासियों से स्व-गणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो 14 मई तक पोर्टल पर जाकर लोग अपनी जानकारी भर सकेंगे। इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर और ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम सुमनदीप कौर भी मौजूद रहे। स्कूलों में अधिकारी कर चुके निरीक्षण जालंधर में अफसर जनगणना 2027 के लिए चल रहे प्रशिक्षण बैचों का मीठापुर स्कूल और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) गढ़ा में निरीक्षणकर रहे हैं। इस दौरान प्रशिक्षण केंद्रों में व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ सत्रों की प्रगति का आकलन किया गया। सहायक आयुक्त विक्रांत वर्मा के साथ सहायक निदेशक स्वदेश प्रताप सिंह शक्य, सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-द्वितीय ओमवीर और संयुक्त आयुक्त के क्लर्क-कम-पीए अरविंद कंबोज ने दोनों केंद्रों का दौरा किया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के IPL में के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 3 मोबाइल और 51 हजार कैश जब्त किया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार पहली कार्रवाई डभरा रोड पर की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डभरा रोड खरसिया में अजय उर्फ रिंकू अग्रवाल (46), निवासी वार्ड नंबर 15, मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां आरोपी अपने मोबाइल से सट्टा खेलते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 30 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्य खाईवाल अंकित भी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली कि रानीसती छपरी गंज, खरसिया निवासी अंकित अग्रवाल (37) मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट मैचों में दांव लगाकर हार-जीत का खेल संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नवीन स्कूल के पास गली रोड, खरसिया में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। जांच के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें ALLPANELEXCH और ALLPANELEXCH 9-CO नाम के व्हॉट्सऐप ग्रुप के जरिए सट्टा संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 21 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने की बात स्वीकार की है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। IPL मैचों में लगा रहे दे दांव इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि नया मंगल बाजार शेड, खरसिया में एक व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और नरेंद्र राठौर (34), निवासी सपिया चौकी फगुरम, थाना डभरा, जिला सक्ती को पकड़ लिया। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी dollarbet.club वेबसाइट पर आईडी और पासवर्ड के जरिए IPL मैचों में सट्टा संचालन कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सट्टा आईडी उसे सपिया निवासी एक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार रिजल्ट में सिर्फ पासिंग परसेंटेज या मेरिट लिस्ट ही चर्चा में नहीं है, बल्कि टॉप करने वाले स्टूडेंट्स की कहानियां भी सामने आई हैं। 12वीं बोर्ड में 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं, जबकि टॉप-10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। वहीं 10वीं बोर्ड में भी 42 छात्रों के नाम मेरिट सूची में शामिल हैं। इन आंकड़ों के बीच एक और खास ट्रेंड दिखा, लड़कियों का दबदबा, जिन्होंने मेरिट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। लेकिन इन नंबरों के पीछे सिर्फ रिजल्ट नहीं, अलग-अलग संघर्ष और जिद की कहानियां छिपी हैं। किसी ने 10वीं की चूक को अपनी ताकत बना लिया, किसी ने बिना कोचिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के सहारे पढ़ाई की, तो किसी ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपना रास्ता बनाया। कहीं मोबाइल से दूरी ने फोकस दिया, तो कहीं उसी डिजिटल दुनिया ने पढ़ाई को आसान बनाया। इन सभी की कहानियां अलग जरूर हैं, लेकिन मंजिल एक ही रही….टॉप तक पहुंचना। ऐसे ही टॉपर्स की इंस्पायरिंग स्टोरी पढ़िए… 2 नंबर से छूटा सपना…2 साल बाद बना टॉपर पलारी के जिज्ञासु वर्मा की कहानी: 10वीं की चूक को बनाया जिद, 12वीं में पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान कभी सिर्फ दो नंबर की कमी ने जिज्ञासु वर्मा को टॉप-10 की सूची से बाहर कर दिया था। उस वक्त ये फर्क छोटा जरूर था लेकिन जिज्ञासु के लिए यही वो मोड़ बना, जिसने उनकी पूरी दिशा बदल दी। दो साल बाद वही छात्र अब छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 98.60 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश का टॉपर बन गया है। जिज्ञासु कहते हैं, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि राज्य में टॉप करूंगा। बस यही था कि पिछली बार जो कमी रह गई थी, उसे पूरा करना है।’ यही सोच धीरे-धीरे उनकी ताकत बनती गई और 10वीं की निराशा 12वीं में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई। साधारण परिवार, लेकिन सोच बड़ी बलौदाबाजार जिले के पलारी में रहने वाले जिज्ञासु एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता नरेंद्र वर्मा नगर में एक छोटी किराना दुकान चलाते हैं, जबकि मां महेश्वरी वर्मा सरकारी प्राइमरी स्कूल में में प्रधानपाठिका हैं। परिवार में पढ़ाई का माहौल जरूर था, लेकिन कोई संसाधन या सुविधा नहीं थी। इसके बावजूद जिज्ञासु ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके बड़े भाई वैभव भी पढ़ाई में आगे हैं और फिलहाल नीट की तैयारी कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिज्ञासु की पढ़ाई किसी तयशुदा ढांचे में नहीं बंधी थी। वे बताते हैं, “मेरा कोई फिक्स टाइमटेबल नहीं था। जब समय मिलता और मन करता, तब पढ़ाई करता था।” हालांकि इस आजादी के बीच एक चीज हमेशा स्थिर रही पढ़ाई के वक्त उनका पूरा फोकस। स्कूल की पढ़ाई के साथ उन्होंने पलारी की लक्ष्य एकेडमी में कोचिंग भी ली, जहां शिक्षकों का उन्हें लगातार मार्गदर्शन मिला। स्कूल के प्राचार्य राकेश तिवारी बताते हैं कि जिज्ञासु शुरू से ही शांत स्वभाव के और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र रहे हैं। 21 दिन मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहे आज के दौर में जहां मोबाइल और सोशल मीडिया पढ़ाई के बीच सबसे बड़ा व्यवधान बनते जा रहे हैं, वहीं जिज्ञासु ने इसे समय रहते पहचान लिया। उन्हें यूट्यूब पर मूवी देखने का शौक था, लेकिन परीक्षा से 21 दिन पहले उन्होंने खुद को पूरी तरह सोशल मीडिया से अलग कर लिया। उन्होंने न तो किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का सहारा लिया और न ही किसी डिजिटल शॉर्टकट का सिर्फ किताबों और अपनी तैयारी पर भरोसा रखा। जिज्ञासु की कहानी सिर्फ एक टॉपर की नहीं है, बल्कि उस जिद की है जो एक छोटी सी कमी से जन्म लेती है। 10वीं में छूटे दो अंक उनके लिए हार नहीं, बल्कि एक अधूरा लक्ष्य बन गए थे। 12वीं में उन्होंने उसी लक्ष्य को पूरा कर दिखाया। यही वजह है कि उनकी सफलता सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है, जिसमें हार को भी रास्ता बनाने का हौसला होता है। बिना कोचिंग 96.80%… AI और डिजिटल स्टडी से प्रदेश में 8वां स्थान रायपुर की हिमशिखा गुप्ता ने यूट्यूब और ChatGPT से की तैयारी जिस मोबाइल को अक्सर पढ़ाई का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है, उसी को रायपुर की हिमशिखा गुप्ता ने अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। गुढ़ियारी के रायपुर कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा हिमशिखा ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 96.80 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में 8वां स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के हासिल की और अपनी पढ़ाई के लिए यूट्यूब और ChatGPT जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली हिमशिखा के पिता संजय और मां रीता गुप्ता दोनों ही एक एनजीओ में काम करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी, लेकिन महंगी कोचिंग की सुविधा नहीं थी। ऐसे में हिमशिखा ने खुद ही रास्ता तलाशा और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपना शिक्षक बना लिया। हिमशिखा बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई के लिए किसी लंबे-चौड़े टाइमटेबल का सहारा नहीं लिया। वह रोजाना सिर्फ 3 से 4 घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन उस समय पूरा फोकस पढ़ाई पर रहता था। किसी भी विषय में डाउट होने पर वह तुरंत यूट्यूब वीडियो देखतीं या ChatGPT के जरिए उसे समझने की कोशिश करतीं। धीरे-धीरे यही तरीका उनकी आदत बन गया और उन्होंने इसे ही अपनी ताकत बना लिया। मोबाइल और AI से पढ़ाई बनी आसान स्कूल की पढ़ाई के साथ उनका यह सेल्फ-स्टडी मॉडल लगातार चलता रहा। स्कूल की प्रिसिंपल श्वेता वासनिक का कहना है कि हिमशिखा ने यह साबित किया है कि अगर मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह पढ़ाई में बाधा नहीं, बल्कि मददगार बन सकता है। उनके मुताबिक हिमशिखा शुरू से ही नियमित छात्रा रही हैं और उन्होंने निरंतरता के साथ अपनी तैयारी को बनाए रखा। बिना कोचिंग के पाई बड़ी सफलता हिमशिखा की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि आज के दौर में जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म को अक्सर ध्यान भटकाने वाला माना जाता है, वहीं उन्होंने उसी को अपनी पढ़ाई का सबसे बड़ा सहारा बना लिया। बिना कोचिंग, सीमित संसाधनों और कम समय की पढ़ाई के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता सिर्फ घंटों की मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है। कंप्यूटर साइंस में बनाना चाहती हैं करियर अब हिमशिखा आगे कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनकी यह कहानी उन छात्रों के लिए एक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। हिमशिखा ने दिखाया है कि अगर सीखने का तरीका सही हो, तो मोबाइल और इंटरनेट भी किसी कोचिंग क्लास से कम नहीं होते। मैकेनिक की बेटी बनी मेरिट में 9वीं… बिना कोचिंग हासिल की सफलता, अब UPSC लक्ष्य छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं परीक्षा में राजधानी रायपुर की आफिया खातून ने प्रदेश की मेरिट सूची में 9वां स्थान हासिल कर एक साधारण परिवार की बड़ी कहानी लिख दी है। सीमित संसाधनों और बिना किसी कोचिंग के आफिया ने यह सफलता हासिल की है, जो उनके परिवार के लिए गर्व का पल बन गई है। श्रीनगर डेजल पब्लिक स्कूल की छात्रा आफिया के पिता मोहम्मद अनवर पेशे से मोटर मैकेनिक हैं। उन्होंने खुद सिर्फ 9वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर उनका नजरिया हमेशा अलग रहा। वे कहते हैं, “हम ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन हमने हमेशा चाहा कि हमारी बेटी पढ़-लिखकर कुछ बड़ा करे।” आफिया की मां रौनक परवीन भी ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन घर के माहौल में पढ़ाई को लेकर हमेशा सहयोग रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, इसलिए कोचिंग जैसी सुविधाएं लेना संभव नहीं था। ऐसे में आफिया ने स्कूल की पढ़ाई और ऑनलाइन माध्यमों के सहारे अपनी तैयारी जारी रखी। बिना कोचिंग के फोकस से पाई सफलता आफिया ने बिना किसी अतिरिक्त कोचिंग के सिर्फ अपने फोकस और निरंतरता के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का सहारा लिया और अपने डाउट्स खुद क्लियर किए। यही आत्मनिर्भरता उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी। यूपीएससी का लक्ष्य उनके पिता अब चाहते हैं कि आफिया आगे चलकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करे। आफिया भी अपने परिवार के इस सपने को पूरा करने के लिए तैयार हैं और 12वीं के बाद से ही यूपीएससी की तैयारी में जुटने की योजना बना रही हैं। भरोसा और मेहनत से मिली कामयाबी आफिया की यह कहानी सिर्फ मेरिट लिस्ट तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि उस भरोसे की है, जो एक साधारण परिवार ने अपनी बेटी की पढ़ाई पर किया। सीमित साधनों के बीच मिली यह सफलता बताती है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो बड़े से बड़ा सपना भी हासिल किया जा सकता है। दिव्यांगता को नहीं बनने दी पहचान… 96.40% के साथ प्रदेश में 10वां स्थान कांकेर की यश खोबरागड़े ने 12वीं में हासिल की सफलता परीक्षा के परिणामों में इस बार कांकेर जिले के लिए गर्व का खास पल सामने आया है। जिले की छात्रा यश खोबरागड़े ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.40 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। उनकी यह सफलता इसलिए और खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने दिव्यांग होने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। पीएम श्री आत्मानंद शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट हिंदी-इंग्लिश माध्यम विद्यालय की छात्रा यश पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौतियों को अपनी पहचान नहीं बनने दिया, बल्कि उसे पीछे छोड़ते हुए अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। यश की पढ़ाई का सफर आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ किया। नियमित पढ़ाई और लगातार अभ्यास के जरिए उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत किया। करघे के घर से मेरिट तक…कटगी के नितेश ने रचा मुकाम कपड़ा बुनने वाले परिवार के बेटे ने 12वीं में प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर बढ़ाया गांव का मान बलौदाबाजार के छोटे से गांव कटगी का नाम इस बार छत्तीसगढ़ बोर्ड की मेरिट सूची में चमका है। यहां के रहने वाले नितेश देवांगन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर अपने परिवार और पूरे गांव को गर्व का मौका दिया है। नितेश एक साधारण परिवार से आते हैं, जहां पीढ़ियों से कपड़ा बुनने का काम होता रहा है। घर में करघे की आवाज के बीच पले-बढ़े नितेश के लिए पढ़ाई का रास्ता आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, मंजिल हासिल की जा सकती है। मेरिट सूची में नाम आने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घर का माहौल भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। जिन हाथों ने वर्षों तक करघा संभाला, उन्हीं हाथों ने आज बेटे की सफलता पर ताली बजाई। गांव के लोगों ने भी नितेश की इस उपलब्धि को अपनी जीत की तरह देखा। सीमित संसाधनों में मेहनत से मिली सफलता नितेश की पढ़ाई सीमित संसाधनों के बीच ही आगे बढ़ी। बड़े शहरों जैसी सुविधाएं या महंगी कोचिंग उनके पास नहीं थीं, लेकिन उन्होंने स्कूल की पढ़ाई और अपनी निरंतर मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनका यह सफर बताता है कि मेहनत और धैर्य के साथ छोटे गांवों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। गांव के बच्चों के लिए बने प्रेरणा नितेश की सफलता अब गांव के अन्य बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है। जिस घर में करघा चलता है, वहां से निकलकर प्रदेश की मेरिट सूची तक पहुंचना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। …………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 10वीं-12वीं के रिजल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी: डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती है किसान की बेटी, 12वीं के टॉप-10 में 33, 10वीं में 26 लड़कियां छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के नतीजों में लड़कियों ने बाजी मारी है। 12वीं बोर्ड में कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह बस सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि चलती-फिरती प्रयोगशाला होगी, जिससे छात्र और आमजन विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को करीब से समझ सकेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विज्ञान, शोध और नवाचार को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में इनोवेशन आधारित माहौल विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा और संसाधनों की कमी नहीं है। बस उन्हें सही दिशा और मंच देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परिषद की गतिविधियों को सिर्फ कागजी न रखकर परिणामोन्मुख बनाएं। युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ते हुए तैयार करें। इसके लिए शोध, स्टार्टअप और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएं। विज्ञान और तकनीक का उपयोग सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी इसका उपयोग होना चाहिए। विज्ञान और नवाचार को समाज और शासन की वास्तविक जरूरतों से भी जोड़ें। स्कूली बच्चों को प्रमुख साइंस सिटी का भ्रमण कराएंमुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में बन रहे साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ औपचारिक न रखकर इसे उपयोगी बनाएं। ताकि हर आयुवर्ग के लोग वहां पहुंचे और प्रेरित हों। सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश देश की प्रमुख साइंस सिटी और तारामंडलों का भ्रमण कराएं। जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हों।
हरियाणा के नूंह में लिव इन पार्टनर हसीना की हत्या के मामले में पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। पहली बात ये कि हसीना का इस्तेमाल रफीक गाड़ियां लूट करने में चारे के तौर पर करता था। वह सुनसान रास्ते पर खड़ी होकर गाड़ियां रुकवाती थी और फिर मौका पाकर रफीक लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। हसीना के भाई शकील ने ये आरोप लगाया है। दूसरी बात यह है कि कुछ दिन पहले रफीक के छोटे भाई और उसकी पत्नी ने हसीना के साथ मारपीट की थी। उस समय हसीना ने पड़ोस के एक युवक के मोबाइल से डायल 112 पर कॉल भी की थी। जिस युवक के फोन से यह कॉल की गई थी, उससे रफीक की पुरानी रंजिश है। इसी बात को लेकर रफीक का हसीना से झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में आकर गाड़ी से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पत्थरों से बांधकर कुएं में फेंक दिया। कौन थी हसीना, कैसे पति से तलाकर लेकर वो रफीक के चक्कर में फंसी, क्या थी वो वजह, जो उसकी हत्या का कारण बनी और अब तक पुलिस के सामने क्या-क्या बातें आईं? इन सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर की पूरी रिपोर्ट.... कुएं से ऐसे निकाला गया हसीना का शव, देखें PHOTOS…. पहले जानिए कौन थी हसीना और कैसे रफीक के संपर्क में आई… कैसे हुआ हसीना का मर्डर और शव तक कैसे पहुंची पुलिस… 24 अप्रैल को रफीक ने दर्ज कराई गुमशुदगी हसीना के बड़े भाई हनीफ ने बताया कि रफीक ने 24 अप्रैल को नूंह थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसमें हसीना को अपनी पत्नी बताते हुए कहा कि उसकी मानसिक स्थित ठीक नहीं है, वह 19 अप्रैल से लापता है। उसने पुलिस से हसीना की बरामदगी की मांग की थी। यह खबर जब मीडिया में आई तो हसीना के गांव सिंगार तक भी पहुंची। इसी को देखते हुए हनीफ ने रफीक को कॉल की और बहन के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि रफीक ने उसे कोई जानकारी नहीं दी। परिवार को दी धमकी- लाश ढूंढकर दिखा दो हनीफ के मुताबिक, वह फरीदाबाद में रहकर काम करता है। जब उसे बहन हसीना के लापता होने की सूचना मिली तो उसने छोटे भाई शकील को उसकी तलाश में लगाया। काफी तलाश करने के बाद भी जब हसीना को कोई सुराग नहीं मिला तो शकील ने फिर रफीक से बात की। आरोप है कि रफीक ने उन्हें धमकी देते हुए कहा था कि “बझेड़ा के जंगलों में लाश ढूंढकर दिखा दो, मैं बड़ा बदमाश हूं”। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर पूरी बात बताई। घर से 3 किलोमीटर दूर कुएं में मिला शव बझेड़ा के जंगलों में लाश पड़ी होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हसीना के परिवार के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच जंगल के बीच कुंए में दुर्गंध आने पर वहां तलाश की गई तो महिला का शव पड़ा होने का पता चला। पुलिस ने शव को निकलवाया तो मृतका की पहचान हसीना के रूप में हुई। शव को पत्थरों के साथ बांधा हुआ था। पुलिस ने कुएं से जब शव निकाल तो उसमें दो मोटरसाइकिल के फ्रेम भी मिले हैं। यह कुआं रफीक के घर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। अब जानिए पुलिस को इस मामले में क्या-क्या पता चला…. ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें... 'गोली मारी, पत्थर बांधकर शव कुएं में फेंका':नूंह में बिना शादी 6 साल युवक संग रही; भाई से लिव-इन पार्टनर बोला- लाश ढूंढकर दिखाओ नूंह के शकील ने अपनी 26 वर्षीय बहन हसीना की हत्या का आरोप रफीक पर लगाया है। 6 साल से हसीना बिना शादी किए रफीक के साथ रह रही थी। वह 19 अप्रैल को लापता हो गई थी। इसके बाद 28 अप्रैल को उसका शव बझेड़ा गांव के कुएं से बरामद हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
नूंह जिले के पुन्हाना उपमंडल के बिछोर गांव में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक मोबाइल दुकानदार और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया है। दो दिनों के भीतर गांव में यह दूसरी बड़ी आपराधिक घटना है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है। पूरी घटना मोबाइल बदलने के मामूली विवाद से शुरू हुई। पीड़ित दुकानदार अतुल ने बताया कि एक युवक मोबाइल खरीदकर ले गया और कुछ देर बाद उसे बदलने की जिद करने लगा। विवाद बढ़ने पर अतुल ने ग्राहक के पैसे वापस कर मोबाइल ले लिया। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ और शाम को आरोपियों ने हमला बोल दिया। सात आठ युवकों ने दुकान में घुसकर किया हमला आरोप है कि शाम करीब 5 बजे रोबिन, बोयल, वक्की और अनीस सहित करीब 7-8 युवक हथियारों के साथ अतुल की दुकान में घुस आए। उन्होंने अतुल के साथ बेरहमी से मारपीट की। जब उसकी माँ उसे बचाने आई, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मारपीट के कारण अतुल की माँ बेहोश हो गईं और अतुल के चेहरे पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें आईं।नकदी और गहने उठा ले गए हमलावर केवल मारपीट तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि जाते-जाते दुकान से चार मोबाइल फोन, करीब 20 हजार रुपये की नकदी और अतुल की माँ के सोने के गहने भी लूट ले गए। यह पूरी सनसनीखेज वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। लोगों ने पुलिस की गश्त पर उठाया सवाल बिछोर गांव में लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इससे पहले भी गांव में एक परिवार पर पुरानी रंजिश के चलते हमला हुआ था। फिलहाल, जांच अधिकारी योगेश का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
अबोहर में दुकानदार को बंधक बनाकर पीटा:सिर में 8 टांके आए, पीड़ित मोबाइल झपटमार का पीछा कर रहा था
अबोहर में मोबाइल झपटमार का पीछा करने पर एक दुकानदार पर हमला किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को कुछ ही मिनटों में गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घायल दुकानदार को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इंदिरा नगरी निवासी 35 वर्षीय पवन मोहल्ले में चाय और करियाना की दुकान चलाते हैं। आज दोपहर उनकी दुकान पर एक ग्राहक चाय पी रहा था, तभी मोहल्ले के ही एक झपटमार ने उसका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गया। दुकानदार पवन कुमार झपटमार को पहचानते थे और छीना हुआ मोबाइल वापस लेने के लिए उसके पीछे चले गए। हालांकि, झपटमार ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पवन को अपने घर में बंधक बना लिया। उन्होंने तेजधार हथियारों से पवन के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे पार्षद घटना की सूचना मिलते ही पार्षद सोनू अरोड़ा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। इस दौरान घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा होते देख हमलावरों ने पवन को छोड़ दिया। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर और शरीर पर गहरे घाव पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, पवन के सिर में 8 टांके आए हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर 13 घाव देखे गए हैं। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। इस घटना से इंदिरा नगरी क्षेत्र में पहले दहशत फैल गई थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
दरभंगा में आर्थिक अपराध इकाई पटना की सूचना पर साइबर थाना पुलिस ने एक फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक सिम रिटेलर को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान केवटी थाना क्षेत्र निवासी विवेक मोबाइल के प्रोपराइटर विवेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 36 ब्लैक सिम कार्ड, एक बायोमेट्रिक डिवाइस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के कुछ दुकानदार एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उन्हें विदेशों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध करा रहे हैं, जहां से ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। साइबर ठगों को बेचता था सिम पूछताछ में विवेक कुमार ने स्वीकार किया कि वह ग्राहकों के नाम पर दो-तीन सिम निकालता था, जिसमें एक सिम ग्राहक को देता था, जबकि बाकी सिम ऊंची कीमत पर साइबर ठगों को बेच देता था। पुलिस के अनुसार अब तक 34 सिम कार्ड कंबोडिया भेजे जा चुके थे, जहां से साइबर फ्रॉड का नेटवर्क संचालित हो रहा था। कुर्की जब्ती की होगी कार्रवाई इस मामले में पहले से दर्ज साइबर थाना कांड संख्या 72/25 में बहेड़ा थाना क्षेत्र के रोशन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर रौशन झा और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अभिषेक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अभिषेक कुमार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस रौशन झा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अभिषेक कुमार अभी फरार है। उसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रौशन झा के पास से चीन से मंगाए गए उपकरण समेत कई साइबर ठगी से जुड़े सामान बरामद किए गए थे। साथ ही शहर में कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था। साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि सिम खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी दुकानदार को बार-बार बायोमेट्रिक या फोटो देने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उनका दुरुपयोग किया जा सकता है।
अररिया पुलिस ने बौसी थाना क्षेत्र में हुए एक महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने प्रेस को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे बौसी थाना क्षेत्र के मकई के खेत में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को तुरंत सुरक्षित कर लिया गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इस मामले में बौसी थाना कांड संख्या 69/2026 दर्ज किया गया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया अररिया पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर मात्र 48 घंटे के अंदर इस हत्याकांड का उद्भेदन किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और उनके पास से तीन अन्य मोबाइल सेट बरामद किए गए। मृतका की पहचान रूबैसा खातून (पति- मोहम्मद सरवर) के रूप में हुई है, जो नंदनपुर वार्ड नंबर 09, थाना बौसी, जिला अररिया की निवासी थीं। गिरफ्तार आरोपियों में मृतका की सौतन मरजिना खातून (लगभग 30 वर्ष, पति- मोहम्मद सरवर) और मोहम्मद मीनाज उर्फ मिन्हाज (25 वर्ष, पिता- इसराफिल) शामिल हैं। ये दोनों भी नंदनपुर वार्ड नंबर 09, बौसी थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। अन्य बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन का कार्य जारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले के अन्य बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन का कार्य जारी है। पुलिस इस हत्याकांड की गहन जांच कर रही है और जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
मुजफ्फरपुर के गरहां थाना क्षेत्र के हमीदपुर गांव में मटकोर की रस्म के दिन दूल्हा लापता हो गया। इधर परिजन उसे ढूंढते रह गए, उधर दुल्हन पक्ष ने बिना इंतजार किए उसकी शादी किसी दूसरे युवक से करा दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, हमीदपुर गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र कुमार हरियाणा की एक फैक्ट्री में काम करता था और अपनी शादी के लिए गांव लौटा था। 25 अप्रैल को घर में मटकोर की रस्म चल रही थी। सुबह करीब 6 बजे वह घर से निकला। 7:30 बजे परिजनों को फोन कर बताया कि वह बाजार में है। इसके कुछ देर बाद उसने फिर कॉल कर कहा कि वह बोचहां के एक बैंक में पैसे निकालने आया है और जल्द लौटेगा। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और वह लापता हो गया। दुल्हन पर शक मामले में नया मोड़ तब आया जब जितेंद्र की बहन गुड़िया कुमारी ने होने वाली दुल्हन पर शक जताया। उसने आरोप लगाया कि लड़की इस शादी से खुश नहीं थी और पहले भी समय मांग चुकी थी। परिवार को आशंका है कि किसी साजिश के तहत जितेंद्र को बुलाकर गायब कराया गया है। दूल्हा गायब, दुल्हन की दूसरी शादी सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दूल्हे के लापता होने के बाद जहां उसका परिवार उसे ढूंढने में जुटा रहा, वहीं लड़की पक्ष ने बिना ज्यादा इंतजार किए आनन-फानन में उसकी शादी किसी दूसरे युवक से कर दी। इस जल्दबाजी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस जांच में जुटी परिजनों ने गरहां थाने में अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिरी बार जितेंद्र की बातचीत किससे हुई थी और वह कहां गया। गरहां थाना पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पठानकोट में बीती रात अपने घर लौट रहे एक युवक से 2 बदमाश मोबाइल और मोटरसाइकिल छीन फरार हो गए। वारदात पठानकोट के गांव कोठी पंडिता मोड़ पर हुई। आरोपी स्कूटी पर सवार होकर आए और युवक से बाइक और मोबाइल छीन रफूचक्कर हो गए। पीड़ित युवक की पहचान गांव कोठी पंडिता निवासी नीरज कुमार के तौर पर हुई है। वहीं, पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपियों पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। काम से लौटते समय रात 7 बजे हुई वारदातशिकायतकर्ता गांव कोठी पंडिता निवासी नीरज कुमार ने पुलिस को बताया कि 27 अप्रैल को वह अपने निजी काम के सिलसिले में सरना गया हुआ था। रात करीब 9 बजे जब वह अपने पल्सर मोटरसाइकिल नंबर PB 35 AK 8612 पर सवार होकर वापस अपने गांव कोठी पंडिता जा रहा था, तब गांव के मोड़ के पास यह वारदात हुई। झपट्टा मारकर छीना मोबाइलनीरज कुमार के अनुसार, जब वह गांव के मोड़ पर पहुंचा, तो सामने से एक स्कूटी आई। स्कूटी पर जीवन कुमार निवासी कोठी पंडिता सवार था, जिसके पीछे एक अज्ञात युवक बैठा हुआ था। आरोपियों ने पीड़ित के पास अपनी स्कूटी रोकी। स्कूटी के पीछे बैठे अज्ञात युवक ने नीचे उतरकर अचानक पीड़ित की कमीज की जेब में हाथ डाला और उसका VIVO कंपनी का जामुनी रंग का मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर मोटरसाइकिल ले उड़े बदमाशनीरज कुमार के मुताबिक जब पीड़ित ने इस लूट का विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने जबरन उससे उसकी पल्सर मोटरसाइकिल भी छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल और स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश शुरूपीड़ित ने बताया कि वह अब तक अपने स्तर पर उनकी तलाश कर रहा था, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जीवन और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
कटिहार में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण एक ई-रिक्शा पलट गई। इस हादसे में दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य को मामूली चोटें आईं। घटना कटिहार से मनिहारी जाने वाले मार्ग पर नारायणपुर के समीप हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा सामान्य गति से चल रही थी, तभी चालक के मोबाइल पर कॉल आया। चालक ने चलते वाहन में ही फोन पर बात करना शुरू कर दिया, जिससे उसका ध्यान सड़क से हट गया। उसने अचानक तेज ब्रेक लगाई, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ई-रिक्शा सड़क किनारे पलट गई। हादसे में 2 चचेरे भाई घायल हादसे में कुमेदपुर निवासी रफीगुल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चचेरे भाई सिकंदर को भी चोटें आई हैं। अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। घटना के तुरंत बाद चालक ने घायलों को उसी ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अचानक ब्रेक लगाने से हादसा घायल सिकंदर ने बताया कि चालक मोबाइल पर बातचीत में व्यस्त था, जिसके कारण वाहन पर उसका नियंत्रण कम हो गया और अचानक ब्रेक लगाने से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने भी चालक की लापरवाही को ही दुर्घटना का मुख्य कारण बताया है। इस घटना ने एक बार फिर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गोरखपुर पुलिस ने देवरिया में मारा छापा:दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवक हिरासत में, मोबाइल जब्त
देवरिया में गोरखपुर पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम ने मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई की। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोमनाथ नगर मोहल्ले में मुस्लिम अंसारी के मकान पर छापा मारा गया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंगलवार देर रात कई पुलिस वाहन अचानक मोहल्ले में पहुंचे। उन्होंने मकान को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने अंदर सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गोरखपुर ले जाया गया। पुलिस ने मौके से एक दर्जन से अधिक मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक ऑनलाइन कार्य या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस सभी संदिग्धों को गोरखपुर ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मकान पहले भी कई बार पुलिस की जांच के दायरे में आ चुका है। पूर्व में भी यहां छापेमारी हो चुकी है, जिसके कारण इलाके में इस मकान को लेकर पहले से ही तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं। इस कार्रवाई की भनक सदर कोतवाली पुलिस को पहले से नहीं लगी थी। गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। इस घटना से स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। देर रात तक पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि छापेमारी किस मामले में की गई है। हिरासत में लिए गए युवक किस गतिविधि से जुड़े हैं, यह भी अभी तक साफ नहीं है। सूत्रों के अनुसार, मामला साइबर ठगी, संगठित अपराध या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस सभी संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
टीकमगढ़ में सेल सागर तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर नगर पालिका की टीम ने मंगलवार देर रात कार्रवाई की। टीम ने तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण करने वाले करीब 100 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इन सभी को 24 घंटे के भीतर निर्माण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। देर रात नोटिस जारी करने की इस प्रक्रिया पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। मामला शहर के बीच स्थित सेल सागर तालाब से जुड़ा है, जिसका निर्माण राजशाही दौर में हुआ था। लंबे समय से इस तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, और कई लोगों ने तो तालाब के अंदर ही मकान बना लिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया। सीमांकन के दौरान 170 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जा शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने तहसीलदार और नगर पालिका की टीम को तालाब का सीमांकन करने के निर्देश दिए थे। करीब एक महीने पहले तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर ने तालाब का सीमांकन कराया था। सीमांकन के दौरान 170 से अधिक स्थानों पर अवैध कब्जा पाया गया, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी। कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू अब इसी सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका ने अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। मंगलवार देर रात नगर पालिका के कर्मचारी सेल सागर तालाब पहुंचे और मोबाइल टॉर्च के सहारे चिन्हित लोगों को नोटिस थमाए। नोटिस में सभी से अपने निर्माण के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। नगर पालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत में ऑटो मोबाइल की दुकान में लगी आग:शॉर्ट सर्किट ने हुआ हादसा, 3 बाइक और लाखों का सामान खाक
पानीपत शहर के असंध रोड पर मंगलवार रात एक ऑटो मोबाइल की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रभाकर अस्पताल के नजदीक स्थित इस दुकान में लगी आग के कारण न केवल दुकानदार का कीमती स्पेयर पार्ट जल गया, बल्कि मरम्मत के लिए आई ग्राहकों की तीन मोटरसाइकिलें भी पूरी तरह स्वाहा हो गईं। गनीमत रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से आग को और फैलने से रोक लिया गया। दुकान बंद करने के 20 मिनट बाद हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, कच्चा कैंप निवासी आफताब पिछले करीब ढाई साल से असंध रोड पर आफताब ऑटो मोबाइल के नाम से दुकान चला रहे हैं। मंगलवार रात करीब 9 बजे आफताब अपनी दुकान रोजमर्रा की तरह बंद करके घर पहुंचे ही थे। उन्हें घर पहुंचे अभी मात्र 20 मिनट ही हुए थे कि पड़ोसियों का फोन आ गया। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान से धुएं के साथ आग की लपटें निकल रही हैं। आग ने ले लिया था विकराल रूप सूचना मिलते ही आफताब बदहवास होकर दुकान पर पहुंचे। तब तक आग की लपटों ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया था। आग इतनी भीषण थी कि दुकान के बाहर तक तपिश महसूस की जा रही थी। गनीमत यह रही कि पड़ोसी दुकानदारों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित कर दिया था, जिसके चलते एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद इस पर काबू पा लिया। शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण आग बुझने के बाद जब दुकान के अंदर का मुआयना किया गया, तो प्राथमिक जांच में सामने आया कि बिजली के मुख्य बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी उठी थी। इसी चिंगारी ने वहां रखे ज्वलनशील स्पेयर पार्ट्स और तेल को पकड़ लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई। लाखों का हुआ नुकसान दुकानदार आफताब ने बताया कि इस आगजनी में उनका करीब ढाई लाख रुपए का स्पेयर पार्ट और कीमती सामान जलकर राख हो गया है। सबसे बड़ा नुकसान उन ग्राहकों का हुआ जिनकी तीन बाइक दुकान में खड़ी थीं। ये तीनों बाइक आग में पूरी तरह जलकर लोहे का ढांचा बन चुकी हैं। ग्राहकों की बाइकों का नुकसान इस ढाई लाख की राशि से अलग है।
देश की पहली डिजिटल जनगणना के लिए झारखंड तैयार है। पहले चरण में एक मई से स्व-गणना का काम शुरू होगा। इसमें लोग अपने मोबाइल फोन से परिवार का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया 15 मई तक चलेगी। झारखंड के जनगणना निदेशक प्रभात कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्व-गणना एक सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से लोग पोर्टल पर परिवार की जानकारी दे सकेंगे। उनकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। फिर जनगणना कर्मी 16 मई से 14 जून तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस दौरान जो लोग स्व-गणना के माध्यम से जानकारी नहीं देंगे, जनगणना कर्मी उनसे यह काम पूरा कराएंगे। दूसरे चरण में 16 मई से घरों का सर्वेक्षण होगा, जो 14 जून 2027 तक चलेगा। इसमें मकान और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद जनगणना का अगला चरण 9 फरवरी 2027 से शुरू होगा और 27 फरवरी 2027 तक चलेगा। इसमें नाम, उम्र, लिंग, धर्म और जाति जैसी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी। संस्थागत भवनों की गणना नहीं होगी : उन्होंने बताया कि झारखंड के सभी जिलों में जनगणना अधिकारी नियुक्त होंगे। सेल्टर और मकानों को सूचीबद्ध करने में संस्थागत भवनों की गणना नहीं की जाएगी। हर राज्य सरकार ने अपनी सुविधा के अनुसार समय का निर्धारण किया है। उन्होंने कहा कि जनगणनाकर्मी सीधे आंकड़े एकत्र करने के लिए राज्य भर के घरों का दौरा करेंगे। इसके लिए राज्य में करीब 76 हजार जनगणना कर्मी और पर्यवेक्षक तैनात होंगे। पूरे देश में 35 लाख लोग जनगणना के काम में लगाए गए हैं।
हरियाणा के जिला सोनीपत के कुंडली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक साथ पांच किशोर (छात्र) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना 27 अप्रैल 2026 की शाम की है। परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने अपहरण की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। हरिद्वार जाने की बात कहकर निकले थे दोस्त कुंडली थाना में दी शिकायत में गांव सफियाबादकर्ता टेकचंद ने पुलिस को बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा भविष्य उर्फ गोलू (10वीं का छात्र) है। वह अपने चार अन्य दोस्तों तुषार, टोनी, भविष्य (पुत्र सुनील) और सौरव के साथ कल शाम करीब 5:30 बजे देखा गया था। उसने बताया कि ये सभी दोस्त आपस में हरिद्वार जाने की योजना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लड़कों के पास मोबाइल फोन थे, उन्होंने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लापता बच्चों का विवरण (हुलिया): परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल लापता बच्चों के परिवारों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं भी सुराग न मिलने पर पुलिस की मदद ली गई। पुलिस को अंदेशा है कि बच्चे बिना बताए धार्मिक यात्रा या घूमने के इरादे से निकले हैं, हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दर्ज हुआ मुकदमा घटना की सूचना मिलते ही 112 नंबर की टीम और बारोटा चौकी से ASI राजपाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती छानबीन के बाद, प्रार्थी टेकचंद की लिखित दरखास्त पर कुंडली थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) और 84 JJ एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया है।
कानपुर देहात में लूट का खुलासा, तीन गिरफ्तार:नकदी, तमंचे, मोबाइल और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद
कानपुर देहात में गजनेर पुलिस, सर्विलांस और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूट की एक घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई नकदी, अवैध हथियार और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। यह घटना 26 अप्रैल को ग्राम जिगनी का पुरवा के पास हुई थी। व्यापारी राजबल्लभ परिहार से तीन अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर लगभग 20 हजार रुपये और अन्य सामान लूट लिया था। इस संबंध में गजनेर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच के लिए टीमें गठित की गईं। घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की। सरवन खेड़ा-गंगरौली मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी राजरोशन, आकाश कोरी और कुलदीप कोरी को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लूटे गए 11,400 रुपये, दो देशी तमंचे, चार जिंदा कारतूस, पीड़ित का मोबाइल फोन, कार्ड होल्डर और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि कुलदीप कोरी ने व्यापारी की गतिविधियों के बारे में अपने साथियों को जानकारी दी थी, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस मामले में एक अन्य आरोपी श्याम कोरी की तलाश कर रही है।घटना का सफल अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
जींद के राज नगर इलाके से एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत महिला बीते 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे बच्चों की स्कूल फीस जमा कराने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह घर नहीं लौटी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि वह राज नगर, अपोलो रोड, राजा की कोठी के पास का निवासी है। उसकी पत्नी पिछले छह महीने से वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत थी। 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे वह बच्चों की स्कूल फीस देने की बात कहकर हॉस्पिटल से निकली थी। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने हरे रंग का सूट, लाल सलवार और पैरों में चप्पल पहनी हुई थी। उसकी लंबाई लगभग पांच फुट तीन इंच और रंग गोरा है। उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। नरेश कुमार ने बताया कि उसने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने पुलिस से उसे ढूंढने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने पर धारा 127(6) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जल्द ही महिला का पता लगाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
गुरुग्राम पुलिस ने बिलासपुर क्षेत्र में ट्रक से माल चोरी के एक मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह घटना 13 अप्रैल 2022 को हुई थी, जब एक कंपनी का ट्रक ब्लूडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड, बिनौला (बिलासपुर) पहुंचा था। कंपनी के मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रक ड्राइवर गाड़ी को गेट के पास छोड़कर फरार हो गया था। बाद में जांच करने पर ट्रक में लदे माल में से करीब 19-20 बॉक्स गायब मिले। आरोप है कि ट्रक ड्राइवर जिलसाद ही माल चोरी कर फरार हुआ था। कल नूंह से पकड़ा गया था एक आरोपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 27 अप्रैल को नूंह से आरोपी जहीर (40) को गिरफ्तार किया। जहीर पलवल जिले के उटावड़ गांव का निवासी है। पूछताछ में जहीर ने बताया कि उसने ट्रक चालक जिलसाद और अन्य साथियों रोहित, मोहम्मद आशिक, परवेज और तारीफ के साथ मिलकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने खुलासा किया कि इस वारदात में शामिल होने के लिए उसे 50 हजार रुपए मिले थे। गिरफ्तार आरोपी जहीर को 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले में और गहन पूछताछ कर रही है ताकि अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग अभियान के दौरान डुप्लीकेट एमएसटी (मंथली सीजन टिकट/छमाही पास) बनाकर यात्रा करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। दुर्ग स्टेशन पर किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान 4 छात्रों को पकड़ा गया, जो मोबाइल ऐप की टिकट इमेज का दुरुपयोग कर फर्जी एमएसटी के जरिए यात्रा कर रहे थे। मामले में एक अन्य छात्र के टिकट बेचने में शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है। किलाबंदी चेकिंग में खुला फर्जीवाड़ा रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर ट्रेन संख्या 68705 रायपुर-डोंगरगढ़ लोकल में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान दुर्ग में वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर प्रिया ने एक यात्री के पास संदिग्ध एमएसटी टिकट पाया। गहन जांच में यह टिकट डुप्लीकेट निकला। पूछताछ आगे बढ़ी तो पूरा नेटवर्क सामने आया। जांच में पता चला कि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप से जारी एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग कर उसकी डुप्लीकेट कॉपी बनाई जा रही थी और उसी के जरिए यात्रा की जा रही थी। शंकराचार्य कॉलेज के 4 छात्र निकले शामिल जांच में शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए। पकड़े गए छात्रों में कुलदीप बिश्नोई (20), यू ओंकार (20), अखिलेश साहू (19), राहुल साहू (20) शामिल हैं। मुख्य आरोपी कुलदीप ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार किया और इसे अपने दो साथियों के साथ साझा किया, जिन्होंने इसे आगे प्रसारित किया। फर्जी टिकट बेचने वाला एक छात्र फरार पूछताछ में हर्ष नाम के एक अन्य छात्र का नाम सामने आया है, जो इन फर्जी टिकटों को अन्य यात्रियों को बेचने में शामिल बताया गया है। फिलहाल वह पकड़ में नहीं आया है। रेलवे ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) अविनाश कुमार आनंद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र प्रसाद, टाटा बाबू राव, अभिजीत डे, डिविजनल सीटीआई ए. जेना, सीटीआई जयंत बाघ और चेकिंग स्टाफ ने संदिग्धों से गहन पूछताछ की। चारों छात्रों को आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ दुर्ग को सौंप दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों को दी चेतावनी रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट केवल अधिकृत माध्यमों रेलवे टिकट काउंटर, यूटीएस ऑन मोबाइल, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, टिकट सुविधा केंद्र और रेलवन ऐप से ही लें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से टिकट या एमएसटी खरीदने से बचें। टिकट चेकिंग और सख्त होगी रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस खुलासे के बाद टिकट चेकिंग और सख्त की जाएगी और डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यह मामला रेलवे सुरक्षा और टिकटिंग सिस्टम में फर्जीवाड़े के नए तरीके को भी उजागर करता है।
दरभंगा के सुपौल बाजार स्थित आदर्श मोबाइल दुकान में 14-15 अप्रैल की रात हुई चोरी की घटना का बिरौल पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में चोरी के 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन नाबालिगों को भी पकड़ा है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने जानकारी देते हुए बताया कि दुकान संचालक अरविंद कुमार मिश्रा के आवेदन पर बिरौल थाना कांड संख्या-213/26 दर्ज किया गया था। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई। 16 साल के नाबालिग के पास से बरामद किए 3 मोबाइल कार्रवाई के दौरान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के रामपुर राउत गांव के एक 16 वर्षीय किशोर के पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की। उसके बयान के आधार पर एक अन्य 16 वर्षीय किशोर के पास से दो और एक 14 वर्षीय किशोर के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया। इसी क्रम में पुलिस ने 24 वर्षीय विपिन राम (पिता–जीवछ राम) को गिरफ्तार किया, जिसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों के घरों से एक-एक मोबाइल बरामद किए गए हैं, हालांकि दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। अब तक कुल 9 मोबाइल बरामद थानाध्यक्ष ने बताया कि अब तक कुल 9 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और बाकी मोबाइल की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि दुकान संचालक अरविंद कुमार मिश्रा ने इस मामले में 1 लाख 65 हजार रुपये नगद एवं विभिन्न कंपनियों के 11 कीमती मोबाइल फोन चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवक और नाबालिगों ने नगद राशि चोरी करने से इनकार किया है। घटना के खुलासे के बाद दुकानदार अरविंद मिश्रा ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है। वहीं बाजार के अन्य व्यवसायियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है।
गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस ने आज मंगलवार को राहगीरों से लूटपाट कर उनके मोबाइल फोन से पैसे ट्रांसफर करवाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। नवाबगंज थाने की पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन आरोपियों अहमद रजा अंसारी, साहिबे आलम और अब्दुल बली अंसारी को गिरफ्तार किया है। इन्हें गोंडा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटना बीते 25 अप्रैल को हुई थी। आरोपियों ने चक शिवरहां, थाना नवाबगंज निवासी जमील अहमद के साथ दिनदहाड़े मोटरसाइकिल से झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन लूट लिया था। तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था इसके बाद, उन्होंने जमील अहमद को रोककर उनके साथ मारपीट की और उसी मोबाइल से 55,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद वे मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे। पीड़ित जमील अहमद ने नवाबगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 अप्रैल को दोपहर 1:35 बजे जब वह जा रहे थे, तभी तीन पल्सर सवार व्यक्तियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। जब उन्होंने पीछा किया, तो आरोपियों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली और मारपीट कर उनके मोबाइल फोन से 55,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया था। नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि ये आरोपी राहगीरों से मोबाइल फोन लूटकर उनके ही फोन से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इस पूरे मामले में अजय सिंह नामक एक और आरोपी का नाम सामने आया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए नवाबगंज थाने की पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अजय सिंह के गिरफ्तार होने पर कई और हम खुलासे पूछताछ में हो सकते हैं जिसका प्रयास किया जा रहा है और पुलिस इस पूरे प्रकरण को लेकर विस्तृत जांच कर रही है।
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र में मारपीट का एक मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर हमला करने, पिता-पुत्र को पीटने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना ग्राम जरामई की है। निवासी विजेन्द्र सिंह पुत्र रामबहादुर ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 26 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे वह अपने घर के बाहर साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के विवेक, विक्रम उर्फ जानू, मोरध्वज, सत्येंद्र और ऋषुपाल पुत्र रामसेवक वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। हमले में परिवार के अन्य सदस्य भी घायल विजेन्द्र सिंह के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उनके बेटे को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। इस दौरान बेटे का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। जब विजेन्द्र सिंह अपने बेटे को बचाने पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और डंडों से पीटा। इस हमले में परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावर जाते समय उन्हें जान से मारने की धमकी देकर गए। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आरोपी कई बार मारपीट और विवाद कर चुके हैं। इन मामलों की शिकायत दन्नाहार थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 के पूर्वी छोर पर की गई। पुलिस के अनुसार, यह अभियान रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में बढ़ती चोरी, लूट और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम सतर्कता के साथ निगरानी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध युवक को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि गिरफ्तार युवक की पहचान विशाल तिवारी उर्फ नन्हे तिवारी (22 वर्ष) पुत्र अनिल तिवारी के रूप में हुई है। युवक गोरखपुर के उरुवा थाना क्षेत्र के मर्चा का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है और उस पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। बरामदगी का विवरण तलाशी के दौरान आरोपी के पास से: बरामद किए गए। पुलिस इन मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान करने में भी जुटी हुई है। पूछताछ में हुआ खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध कबूल करते हुए बताया कि मैं ट्रेनों और रेलवे प्लेटफार्मों पर सो रहे यात्रियों को निशाना बनाता था। पुलिस ने बताया कि- मौका मिलते ही शातिर चोर यात्रियों का मोबाइल और अन्य सामान चोरी कर लेता था। पुलिस ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल और सामान को वह राह चलते लोगों को सस्ते दामों पर बेच देता था। इसी पैसे से वह अपना दैनिक खर्च चलाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह मंगलवार को भी चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से स्टेशन पर आया था। इससे पहले लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपी के अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम इस सफल कार्रवाई में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम शामिल रही। अपराध पर पड़ेगा असर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में होने वाली मोबाइल चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी। साथ ही यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर यात्रा के दौरान अपने सामान और मोबाइल की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र के ग्राम खिरिया में पुरानी रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में करीब पांच साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल करने वाले छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने 10-10 साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में घटना का मोबाइल वीडियो सबसे अहम साक्ष्य बना, जिसने सुनवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया। ट्रैक्टर से जा रहे थे खेत, रास्ते में रोका और शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार 20 जून 2021 की शाम करीब 6 बजे ग्राम खिरिया निवासी जहार सिंह अपने भतीजे साहब सिंह और अशोक के साथ ट्रैक्टर से खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गांव में हरि बल्लभ यादव के घर के पास कुछ लोगों ने रास्ता रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। लाठी और कुल्हाड़ी से हमला में युवक गंभीर रूप से हुआ था घायल आरोप है कि हरि बल्लभ यादव, विवेक, सौरभ उर्फ राजा भैया, सर्वेश, ध्रुव परिहार और राधाशरण यादव ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में अशोक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट को साक्ष्य मानकर सजा सुनाई पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच के बाद चालान अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वीडियो रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट और 18 गवाहों के बयान अदालत के सामने रखे। घायल अशोक चोटों के कारण बयान देने की स्थिति में नहीं रहा, लेकिन अन्य साक्ष्यों ने मामले को मजबूत आधार दिया। सभी आरोपियों को 10-10 साल की सजा और हर एक पर 4200 जुर्माना तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सविता जड़िया की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को गंभीर मारपीट का दोषी माना। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 10-10 वर्ष के कारावास और 4200-4200 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश पस्तोर ने की।
सोनीपत में 3 मई को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर सोनीपत प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जिलाधीश नेहा सिंह ने सभी 8 परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधीश नेहा सिंह के आदेशानुसार, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के हथियार जैसे तलवार, लाठी, गंडासी, चाकू या आग्नेयास्त्र ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इतना ही नहीं, केंद्रों के पास 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ इकट्ठा होने पर भी पाबंदी होगी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की बाहरी दखलअंदाजी को रोकना है। फोटो स्टेट की दुकानें रहेंगी बंद नकल माफियाओं और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा वाले दिन केंद्रों के पास स्थित सभी फोटो स्टेट मशीन की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। इसके अलावा, केंद्रों के आसपास मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। नियम तोड़ा तो जेल की हवा जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। सरकारी मुलाजिम रहेंगे तैनात प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये प्रतिबंध आम जनता और बाहरी व्यक्तियों के लिए हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और परीक्षा संचालन में लगे सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे, ताकि वे सुचारू रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
गिरिडीह शहर के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत आजाद नगर स्थित चदरा पुल के पास एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 24 वर्षीय तौफिक अंसारी के रूप में हुई है। वह पेशे से चारपहिया वाहन चालक था। किराए पर गाड़ी चलाता था। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे तौफिक के मोबाइल पर उसके परिचित आसिफ अली का फोन आया था। उसने उसे चदरा पुल के पास मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद तौफिक अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। पहले से मौजूद आसिफ अली, बंटी टायसन, साकिब अली, मोनू पठान और अरशद ने वहां पहुंचते ही उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पहले पिस्टल से फायरिंग की और फिर धारदार हथियार से उस पर हमला बोल दिया। मरने से पहले बताए आरोपियों के नाम हमले के दौरान जान बचाने की कोशिश में तौफिक मौके पर ही गिर पड़ा। जिसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उस पर कई बार वार किए। गंभीर रूप से घायल तौफिक खून से लथपथ होकर वहीं पड़ा रहा। मृतक के फुफेरे भाई बब्बन के अनुसार, रात 12:22 बजे बंटी टायसन ने फोन कर विवाद की जानकारी दी थी। तौफिक को समझाने को कहा था, लेकिन वह घर से निकल गया। कुछ देर बाद साथ गए युवकों ने सूचना दी कि चदरा पुल के पास उसके साथ मारपीट हो रही है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने तौफिक को गंभीर हालत में पाया। बताया जा रहा है कि मरने से पहले तौफिक ने अपने हमलावरों के नाम साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली बताए। जिसकी मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी होने की बात सामने आई है। जांच में जुटी टीम, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी घटना की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। जांच के दौरान मृतक का मोबाइल पास के नाले से बरामद किया गया, जिसमें अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक की हत्या धारदार हथियार से की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक पूर्व में बनियाडीह हत्या मामले में जेल जा चुका था। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
असम: आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़; पांच गिरफ्तार, नकदी और मोबाइल जब्त
असम के कछार जिले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़ा एक अवैध सट्टेबाजी रैकेट चलाने का आरोप है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी
सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में गांजा पकड़ने के लिए सत्तीपारा पहुंची पुलिस टीम की बोलेरो वाहन लेकर बदमाश भाग निकला। बोलेरो वाहन में प्रशिक्षु डीएसपी का मोबाइल छूट गया था, जिसे पुलिस ने ट्रेस किया और गाड़ी को राम मंदिर के पास से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे की टीम सोमवार शाम गांजा पकड़ने के लिए सत्तीपारा पहुंचे थे। पुलिस टीम गांजा विक्रेता गोपाल नामदेव की तलाश में छापा मार रही थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान गोपाल नामदेव का जीजा मुकेश नामदेव छत से सड़़क पर कूदा। सड़क में पुलिस की बोलेरो वाहन खड़ी थी, जिसमें चाबी लगी हुई थी। पुलिस टीम का कोई सदस्य गाड़ी के पास नहीं था। बोलेरो स्टार्ट कर ले भागा बदमाशमुकेश नामदेव पुलिस की बोलेरो वाहन में सवार हुआ और गाड़ी स्टार्ट कर ले भागा। बदमाश द्वारा पुलिस की गाड़ी लेकर भागने की सूचना पर हड़कंप मच गया। बोलेरो वाहन में ही प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे का मोबाइल छूटा हुआ था। पुलिस ने तत्काल निशांत कुर्रे का मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया। मोबाइल का लोकेशन राम मंदिर के पास मिलने पर पुलिस टीम राम मंदिर रोड पहुंची, जहां बोलेरो वाहन खड़ी मिली। पुलिस ने आसपास तलाश की और शातिर बदमाश मुकेश नामदेव को हिरासत में लिया। उसके पास से बोलेरो वाहन की चाबी जब्त की गई। पुलिस ने मुकेश नामदेव को हिरासत में लिया और उसे लेकर कोतवाली थाने पहुंची। पुलिस जीप मौके से करीब एक किलोमीटर दूर मिल जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है। सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी कर ली। कहीं लोन दिलाने का झांसा दिया गया, तो कहीं क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के नाम पर रकम उड़ा ली गई। वहीं एक अन्य मामले में बीमा पॉलिसी अपडेट और कंज्यूमर कोर्ट की फर्जी कार्रवाई का हवाला देकर खाते से पैसे निकाल लिए गए। तीनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों की पहचान विशाल गुप्ता, सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह और अमलीडीह निवासी जयकुमार वाधवानी के रूप में हुई है। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है। तस्वीरों को अश्लील बनाया, वायरल करने की धमकी रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार पहला मामला टिकरापारा इलाके का है। यहां प्राइवेट नौकरी करने वाले विशाल गुप्ता ने 10 मार्च 2026 को 10 हजार रुपए के ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। ठगों ने 40 हजार रुपए का लोन मंजूर होने का झांसा देकर उनके मोबाइल का डेटा हैक कर लिया। इसके बाद उनकी निजी तस्वीरों को अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए करीब 6 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। सूबेदार को महिला ठग ने ठगा दूसरा मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है, जहां आर्मी में पदस्थ सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह को 17 अप्रैल को एक महिला का कॉल आया। महिला ने खुद को एक्सिस बैंक की कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने की बात कही। उसने सूबेदार को एक फर्जी वेबसाइट खुलवाकर उस पर कार्ड की डिटेल भरने को कहा। जैसे ही उन्होंने जानकारी दर्ज की, कुछ ही देर में उनके खाते से 1 लाख 99 हजार 996 रुपए निकल गए। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक के कस्टमर केयर और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। प्लॉन लॉस में घाटा होने का झांसा देकर ठगी वहीं तीसरा मामला न्यू राजेंद्र नगर का है। फल कारोबारी अमलीडीह निवासी जयकुमार वाधवानी को ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का प्लान लॉस में जाने का झांसा देकर पहले कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। फिर नई पॉलिसी और “फ्रीजिंग कोड” के नाम पर लिंक भेजकर 55 हजार रुपए खाते से उड़ा लिए गए।
सड़क, बिजली व मोबाइल नेटवर्क से वंचित हैं पांच गांव, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
भास्कर न्यूज|लावालौंग प्रखंड क्षेत्र के कोलकोले पंचायत के पांच गांव भुसाड़,मढ़वा,सम्भे,ल ेमोडीह और विशनपुर आजादी के करीब 78 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।सड़क,बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि देश जहां आधुनिकता,डिजिटल भारत,आत्मनिर्भर भारत और तेज विकास की ओर बढ़ रहा है, वहीं उनका गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है,जिससे बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।मरीजों,गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होती है।बिजली और नेटवर्क की समस्या से बड़ी परेशानी बनकर कायम है।ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया,लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। गांवों में बिजली व्यवस्था बेहद खराब है,जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और लोगों को अंधेरे में जीवन बिताना पड़ रहा है।मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ग्रामीण डिजिटल सेवाओं,ऑनलाइन पढ़ाई,बैंकिंग सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित हैं।आपात स्थिति में किसी से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि उनके क्षेत्र को वर्षों से विकास कार्यों में नजरअंदाज किया गया है।इस कारण यहां के लोगों को उपेक्षा,गरीबी,बेरोजग ारी और कठिन जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहां है वंचित उक्त पांचों गांवों में सड़क निर्माण,नियमित बिजली आपूर्ति और मोबाइल टावर लगाने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे होंगे।
लोन के चक्कर में किया एप डाउनलोड, मोबाइल हैक कर किया ब्लैकमेल, 6 लाख ठगे
राजधानी में एक युवक से 6 लाख रुपए की ठगी हो गई। पीड़ित ने लोन लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड किया था। उस एप्लीकेशन को उसने अपने मोबाइल की सारी प्राइवेसी दे दी। इसके बाद ठगों ने उसके मोबाइल से सारा डेटा चुराया और उसे ब्लैकमेल करने लगे। डर के मारे पीड़ित ने ठगों को 6 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी जब ठग उससे पैसे मांगने लगे तब पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा। फिलहाल इस मामले में टिकरापारा पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित विशाल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसने लोन लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउलनोड किया था। ठगों ने उस एप्लीकेशन के जरिए पीड़ित के सारे डेटा को चुरा लिया और उसके मोबाइल को हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उसकी फोटो को अश्लील तरीके से एडिट कर उसके वाट्सएप पर वायरल कर दिया।
क्राइम के गंभीर मामलों को सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने 21.35 करोड़ खर्च कर 35 नई मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदी। गाड़ियों की खरीदी का सबसे बड़ा उद्देश्य यही कि हाईटेक तरीके से क्राइम सीन की जांच हो जिसे अपराधी तक तुरंत पहुंचा जा सके। करीब चार महीने पहले इन सभी गाड़ियों को राज्य स्तरीय फोरेंसिक विभाग को सौंप दिया गया। लेकिन अभी तक सभी नई गाड़ियां तपती धूप में अमलेश्वर में खड़ी हैं। अभी एक भी गाड़ी को किसी भी जिले में नहीं भेजा गया है। इस वजह से किसी भी जिले में बड़ा अपराध होने पर क्राइम सीन से कलेक्ट किए गए सैंपल जांच के लिए रायपुर लैब में भेजे जा रहे हैं। मोबाइल वैन को जिलों में नहीं भेजने का असर पुलिस की जांच में पड़ रहा है। जांच के दौरान जो रिपोर्ट दो से तीन दिन में मिल जानी चाहिए उसके लिए अभी तीन से चार हफ्ते का समय लग रहा है। राज्यभर से सैंपल आने की वजह से प्रयोगशाला में मौजूद विशेषज्ञों को इन्हें जांचने में समय लग रहा है। केंद्र सरकार की ओर से नया बीएनएस कानून लागू होने के बाद से ही हर गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य की गई, ताकि अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठा किए जा सके। कोर्ट में ऐसे अपराधी सबूतों के अभाव में बच न पाए। यही वजह है कि राज्य सरकार ने तेजी दिखाते हुए तुरंत फोरेंसिक वैन खरीदने का टेंडर जारी किया और गाड़ियों की खरीदी कर उन्हें पिछले साल दिसंबर में ही सौंप भी दिया। रायपुर लैब में राज्यभर से सैंपल पहुंचने से बोझ बढ़ा राज्यभर में केवल रायपुर प्रयोगशाला को ही हाईटेक किया गया है। इस वजह से सभी जिलों की पुलिस को रायपुर लैब के ही भरोसे में रहना पड़ रहा है। रायपुर की हाईटेक प्रयोगशाला में अभी यौन उत्पीड़न और हत्या जैसे मामलों में डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य जैसे कंप्यूटर, मोबाइल की रिकवरी इसके अलावा हथियार, कारतूसों, विस्फोटकों, ब्लड, वीर्य, लार, अन्य जैविक तरल पदार्थ, जहर, नशीली चीजें, पेट्रोल, डीजल, अन्य रसायन, जाली नोट, हस्ताक्षर, लिखावट, स्टैंप पेपर, मिट्टी, कांच, पेंट, फाइबर, टूल मार्क आदि की जांच की जा रही है। नई मोबाइल वैन जांच में कैसे मदद करेगी सभी फोरेंसिक मोबाइल वैन को जिलों में भेजने की दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गाड़ियों के नंबर प्लेट भी आने वाले हैं। एक हफ्ते के भीतर गाड़ियों को जिलों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। -डॉ. टीएल चंद्रा, प्रभारी डायरेक्टर राज्य फोरेंसिक विभाग
3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के स्वागत के लिए जम्मू-कश्मीर का प्रशासन जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं को जम्मू शहर व आसपास 20 लॉज व धर्मशालाओं में ठहराया जाएगा। इनमें जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू प्रशासन की ओर से जारी सूची में बाहू क्षेत्र, जम्मू शहर मुख्य के अंदर 20 धर्मशालाओं, मंदिरों, लॉज को अमरनाथ यात्रियों को ठहराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इन सभी ठहराव स्थलों में 10 हजार से अधिक यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को कम से कम दूरी पर ठहराव स्थल सुगमता के साथ उपलब्ध कराए जाएं। ये हैं ठहराव स्थलप्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन रोड स्थित सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम व मिनी मार्केट शिव मंदिर, गांधीनगर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, गोरखा नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर, नरवाल स्थित हॉर्टिकल्चर गेस्ट हाउस, बाहू फोर्ट स्थित खजूरिया बिरादरी सभा, कमला पैलेस, शक्तिनगर स्थित अफसर गेस्ट हाउस, शक्तिनगर स्थित जगत रिजॉर्ट, सुंजवां स्थित द ग्रैंड रिजॉर्ट, रख बाहू स्थित केसी रिगालिया होटल, नानक नगर स्थित भार्गव रिजॉर्ट, ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क गेस्ट हाउस व केसी रीगल पार्क, कालूचक स्थित द एड्रेस बैंकवेट हॉल, सैनिक कॉलोनी स्थित सैनिक फार्म, चौआदी स्थित नूर कैसल रिजॉर्ट, त्रिकुटा नगर स्थित गार्डन स्टेट गेस्ट हाउस और सैनिक कॉलोनी सेक्टर-ई स्थित एसजी फार्म्स। लखनपुर से उधमपुर, बनिहाल तक बनेंगे 490 मोबाइल शौचालयश्री अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता पर विशेष फोकस रहेगा। यात्रा मार्ग पर कठुआ के लखनपुर से लेकर उधमपुर के बनिहाल तक 490 मोबाइल शौचालय, 190 स्नानघर और 180 यूरिनल पॉइंट बनाए जाएंगे। इसके लिए जम्मू नगर निगम की ओर से 4.74 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किए गए हैं। हर साल अमरनाथ यात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालु जम्मू पहुंचते हैं। इससे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर काफी दबाव पड़ता है। ऐसे में इस बार प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े। नगर निगम जम्मू के कार्यकारी अभियंता लोकेश गुप्ता ने बताया कि सभी व्यवस्थाओं को यात्रा शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के साथ ही नियमित निगरानी की जाएगी। कठुआ में शिवभक्तों की सुविधाओं पर खर्च होंगे 1.21 करोड़श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर कठुआ प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लखनपुर से लेकर हीरानगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे लॉजमेंट सेंटर में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए 1.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को लखनपुर यार्ड और आसपास तारकोल बिछाने के आदेश दिए हैं। इस पर कुल 65 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा हीरानगर में सुविधाओं के लिए 10 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।लॉजमेंट सेंटरों में बिजली संबंधी कार्यों के लिए 7 लाख जारीलखनपुर से लेकर हीरानगर तक बैरिकेडिंग, दिशा संकेतक और अन्य आवश्यक संरचनाओं की मरम्मत की जाएगी। यात्रियों के रात्रि विश्राम स्थलों पर बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन ने अलग से प्रबंध किया है। लखनपुर में स्थित कोविड सेंटर भवन और कठुआ के अन्य लॉजमेंट सेंटरों में बिजली संबंधी कार्यों के लिए 7 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें बिजली की वायरिंग, लाइटिंग, पंखे, पावर कनेक्शन, आपातकालीन रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। सार्वजनिक सुविधाओं पर अलग से खर्च होंगे 31.50 लाख रुपयेबता दें, कठुआ के सब डिवीजन हीरानगर और कठुआ के अधिकार क्षेत्र में यात्रियों के लिए आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं पर अलग से 31.50 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इससे सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, पेयजल प्वाइंट, बैठने के लिए शेड, सफाई व्यवस्था, सूचना पट्ट, अस्थायी विश्राम स्थल और अन्य जरूरी जनसुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा हीरानगर में स्थित लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह जो यात्रियों के लिए आवास केंद्र बनाया गया है, इसके मरम्मत और रखरखाव के लिए 8 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की गई है। इन सभी कार्य को अगले एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
गुरुग्राम जिले के मानेसर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति के बैंक खाते से उसकी जानकारी के बिना लाखों रुपए का लोन निकाल लिया गया। पीड़ित ने मानेसर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, 6 दिसंबर 2025 को उसके एक्सिस बैंक खाते से अचानक 12 हजार 585 रुपए कट गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उसके खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलकर 4 लाख 74 हजार रुपए का लोन लिया गया था। कटी हुई रकम इसी लोन की पहली किस्त थी। पीड़ित ने बताया कि उसने कोई लोन नहीं लिया था और यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है। डिप्टी मैनेजर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी मोहम्मद अली और मोहम्मद आसिफ शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली से पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि मोहम्मद अली आरबीएल बैंक की दिल्ली शाखा में डिप्टी मैनेजर है, जबकि मोहम्मद आसिफ पहले गुरुग्राम में एक्सिस बैंक में कार्यरत था। जांच से खुलासा हुआ कि मोहम्मद अली इस गिरोह का सरगना है। उसने मोहम्मद आसिफ से प्री-अप्रूव्ड लोन वाले बैंक खातों की गोपनीय जानकारी निकलवाई। खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला आसिफ ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर संवेदनशील ग्राहक डेटा साझा किया। यह डेटा फिर अन्य आरोपी मोहम्मद हसीम को दिया गया। हसीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लोन निकाल लिया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इस गिरोह की संलिप्तता की जांच के लिए अन्य बैंकों से भी संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
रतिया में लेडी टीचर से छीना बैग:नगर पालिका कार्यालय से लौट रही, मोबाइल गायब और जनगणना किट रखी थी
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में दिनदहाड़े एक लडी टीचर से बैग छीनने की वारदात सामने आई है। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे हुई, जब गांव अहरवा के जीएसएसएस में गणित की टीचर पूजा रानी नगर पालिका रतिया से अपने घर लौट रही थीं। पूजा रानी को जनगणना ड्यूटी के तहत नगर पालिका से एक किट मिली थी, जो उनके बैग में रखी थी। बीडीपीओ ब्लॉक के पास बुढ़लाडा रोड पर पहुंचते ही बाइक सवार 2 अज्ञात युवकों ने उनका बैग छीन लिया और फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार, पर्स में लगभग 700-800 रुपए नकद, आईडी कार्ड, पासवर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और जनगणना से संबंधित सामग्री थी। घटना के दौरान उनका मोबाइल फोन भी नीचे गिर गया, जो बाद में नहीं मिला। टीचर ने बदमाशों का किया पीछा घटना के बाद महिला ने शोर मचाते हुए आरोपियों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश तेज रफ्तार से मौके से भाग निकले। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता बाइक सवार बदमाशों के पीछे भागती हुई दिखाई दे रही हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस पीड़िता ने इस संबंध में थाना शहर रतिया में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएचओ पुष्पा सिहाग ने बताया कि पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है। शहर में लगातार बढ़ रही ऐसी वारदातों को लेकर शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा को लेकर अलग-अलग कार्रवाई की गई है। जिसमें साइबर व घरघोड़ा की पुलिस ने 4 आरोपियो को आईपीएल मैच में क्रिकेट सट्टा खेलाते हुए पकड़ा है। वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में संबंधित पुलिस आगे की कार्रवाई में जूट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक पहला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। जहां साइबर टीम को मुखबीर से सूचना मिली कि घरघोड़ा के जय स्तंभ चौक के पास चेन्नाई सुपर किंग व गुजरात टाइटन के क्रिकेट में बॉल टू बॉल व हारजीत के नाम पर लोगों से पैसे लेकर ऑनलाईन सट्टा खेलाया जा रहा है। सूचना पर साइबर और घरघोड़ा की टीम ने वार्ड नंबर 13 लक्ष्मीनारायण सिदार के घर में दबिश दी। जहां 3 लोग IPL क्रिकेट मैच देखते हुए मोबाइल में रकम नोट कर रहे हैं। जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किए, लेकिन उन्हें घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ लिया। उनसे पूछताछ में उन्होंने अपना नाम गौतम भोजवानी 26 साल निवासी कन्या शाला के पीछे साईराम कॉलोनी निवासी, लक्ष्मीनारायण सिदार 28 साल निवासी वार्ड नंबर 13 और सागर गुप्ता 27 साल वार्ड नंबर 2 निवासी कन्या शाला के पीछे का होना बताया। जिनसे पूछताछ में ऑनलाईल सट्टा खेलाना स्वीकार किया और अपने बयान में बताया कि रायगढ़ निवासी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार और करण चौधरी के मोबाइल के सहयोग से IPL क्रिकेट में हारजीत के नाम पर लोगों से रकम लेकर ऑनलाईन जुआ खिलाया जा रहा था। पुलिस ने उनके पास से 4 मोबाइल व 15490 रुपये भी जब्त किया है। मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घरघोड़ा पुलिस ने गोयल ट्रेडिंग किराना दुकान में दबिश देकर भरत गोयल 22 साल को ऑनलाईन सट्टा खेलाते पकड़ा है। मामले में पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल जब्त करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। कोष्टापारा-गद्दी चौक में सट्टा खेलाते आरोपियों को पकड़ावहीं कोतवाली पुलिस ने पहली कार्रवाई में साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने मुखबिर सूचना पर नयागंज कोष्टापारा स्थित खादी ग्राम भंडार के पास दबिश देकर सोनू देवांगन 21 साल को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने मोबाइल से चेन्नई सुपर किंग, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले जा रहे आईपीएल मुकाबलों पर हार-जीत का ऑनलाइन सट्टा खेल रहा था और अन्य लोगों को भी खिला रहा था। जांच में उसके मोबाइल में मैच से संबंधित स्क्रीनशॉट और गूगल-पे ट्रांजेक्शन मिले। वहीं दूसरी कार्रवाई में गद्दी चौक स्थित ए-वन कैफे के संचालक हर्षित देवांगन 24 साल को ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालित करते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए गए, जिनके माध्यम से वह हार-जीत पर दांव लगवा रहा था और डिजिटल पेमेंट से लेनदेन कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालन स्वीकार किया, जिस पर उसके विरुद्ध भी जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
बलरामपुर पुलिस ने मोटरसाइकिल चोर को पकड़ा:रिश्तेदार ने घर से चुराई बाइक, 70 हजार नकद और मोबाइल बरामद
बलरामपुर जिले के राजपुर पुलिस ने चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किया है। यह घटना बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाना क्षेत्र की है। मामले के अनुसार, पीड़ित भगवान सिंह, निवासी ग्राम जमापारा, थाना लुंड्रा, जिला सरगुजा ने राजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार भोला राम जनवरी 2026 से उनके घर पर काम कर रहा था। रात के अँधेरे में की चोरी 21 अप्रैल की रात लगभग 10:00 बजे पीड़ित अपने परिवार के साथ सो गए थे। सुबह लगभग 2:30 बजे उनके बेटे ने शौच के लिए उठने पर घर का दरवाजा खुला देखा। जांच करने पर पता चला कि घर में खड़ी दो बाइक्स में से एक (क्रमांक CG 30U 6989) गायब थी। बाइक और मोबाइल ले कर आरोपी फरार हुआ था इसके अतिरिक्त, कमरे में रखे 70,000 रुपये नकद, एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और अन्य सामान भी चोरी हो गया था। कुल चोरी हुई संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 80,000 रुपये आंका गया है। पुलिस की कार्रवाई पीड़ित की रिपोर्ट पर राजपुर थाने में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 331(4), 305(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, संदेह के आधार पर आरोपी भोला राम (23) निवासी जिला सरगुजा की तलाश की गई। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसके बयान के आधार पर चोरी की गई बाइक और अन्य सामान बरामद कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद, उसे 27 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया है।
मैहर पुलिस ने 85 गुम मोबाइल ढूंढे:दिल्ली, गुजरात, यूपी से लाकर मालिकों को सौंपे
मैहर पुलिस ने ऑपरेशन रिंगटोन 2.0 चलाकर लोगों के गुम हुए 85 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 14 लाख 35 हजार रुपए है, जिन्हें पुलिस ने सोमवार को असली मालिकों को वापस सौंप दिया। इन मोबाइलों को खोजने के लिए पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। बरामद किए गए फोन में सैमसंग, वनप्लस, वीवो और ओप्पो जैसी नामी कंपनियों के महंगे हैंडसेट शामिल हैं। पुलिस ने इन फोनों को सिर्फ मैहर ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गुजरात, यूपी और मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों से ट्रेस किया। मालिकों के खिले चेहरे पुलिस ऑफिस में जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मैहर पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की और आभार जताया। टीम को मिलेगा इनाम इस बड़ी कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल और पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने शानदार काम करने वाले पुलिसकर्मियों और स्टाफ को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
पंजाब के फाजिल्का जिले में जलालाबाद स्थित गांव घुबाया में अवैध संबंधों और एक मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में एक महिला का प्रेमी और उसकी माँ गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फरीदकोट रेफर कर दिया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव घुबाया निवासी अजय (उर्फ विजय) के फिरोजपुर जिले के गुरुहरसहाय की एक विवाहित महिला के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध थे। अजय ने उस महिला को उपहार के रूप में एक नया मोबाइल फोन दिया था। बीते दिनों अजय और महिला के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद अजय ने महिला से वह मोबाइल फोन वापस ले लिया। जब इस पूरी बात की जानकारी महिला के पति जतिंदर सिंह को हुई, तो वह सच्चाई जानने और मोबाइल वापस लेने के लिए अजय के घर गांव घुबाया पहुँच गया। घर में घुसकर हमला और तोड़फोड़ शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार हुई। देखते ही देखते जतिंदर सिंह ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और अजय के घर में दाखिल होकर हमला कर दिया। इस मारपीट में अजय और उसकी माँ शीला बाई बुरी तरह घायल हो गए। शोर शराबा सुनकर जब गांव के लोग मौके पर इकट्ठा हुए, तो हमलावर जतिंदर सिंह और उसके साथी अपनी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने हमलावर की कार में तोड़फोड़ की। पुलिस की कार्रवाई डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया अवैध संबंधों और मोबाइल को लेकर हुए इस झगड़े में माँ-बेटा घायल हुए हैं। अजय की हालत नाजुक होने के कारण उसे फरीदकोट रेफर किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लिया है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार जतिंदर सिंह और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इलाके में इस घटना को लेकर तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
भीलवाड़ा की गांधीनगर थाना पुलिस ने डिलीवरी करने से पहले एक कोरियर बॉय को लैपटॉप और मोबाइल चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया है।पुलिस ने आरोपी युवक के पास से चोरी के 12 मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया है। यह था मामला गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कसौटिया ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद नगर में रहने वाले भंवरलाल शर्मा ने 23 अप्रैल को एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि मेरी कोरियर कंपनी ऑफिस में काम करने वाले किसी कर्मचारी ने ग्राहकों के पार्सल में से 15 मोबाइल और एक एप्पल कंपनी का लैपटॉप और अन्य सामान चोरी कर लिए जिनकी कीमत करीब 7 लाख रुपए है। मोबाइल और लैपटॉप चुराना कबूल किया इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर डिटेल इन्वेस्टिगेशन किया गया।पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध युवक को डिटेन किया,इससे पूछताछ की गई तो इसने डिलीवरी करने से पहले ही एप्पल कंपनी का एक लैपटॉप और12 मोबाइल चोरी करना कबूल किया।पुलिस ने आरोपी युवक के पास से लैपटॉप और 12 मोबाइल बरामद किया। ग्राहकों को प्रोडक्ट नहीं मिले तो हुआ खुलासा ये युवक डिलीवरी करने के लिए इन मोबाइल और लैपटॉप को लेकर निकला था लेकिन ग्राहकों को डिलीवरी नहीं कर इसने इन लैपटॉप और मोबाइल को अपने पास ही रख लिया,बाद में जब ग्राहकों ने कोरियर कंपनी से कांटेक्ट किया तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक से डिटेल इन्वेस्टिगेशन में लगी है और इससे कुछ और वारदात का खुलासा होने की भी संभावना है। ये थे टीम में शामिल युवक को पकड़ने गई टीम में गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कसौटिया हेड कांस्टेबल जगदीश चंद्र,अनिरुद्ध,कांस्टेबल गिरिराज और राशिद खान शामिल रहे। इसको किया गिरफ्तार पुलिस ने डिलीवरी की आड़ में मोबाइल और लैपटॉप चोरी के मामले में मानवेंद्र सिंह ( 19) पिता हेमेंद्र सिंह सांखला निवासी कटार,आसींद हाल पुलिस लाइन के पास भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। रविवार को छावनी थाना पुलिस ने ऑनलाइन के जरिए सट्टा चलाने वाले एक युवक को अरेस्ट किया है, जिसके पास से कार, लैपटॉप और महंगे मोबाइल जब्त किए हैं। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि कैम्प-2 बैकुंठ धाम वाटिका गेट के सामने एक व्यक्ति गुरु 777 नाम के एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। पुलिस ने क्रेटा कार को रोका और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कार में बैठे आरोपी को ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए पकड़ा गया। आरोपी का नाम इरफान पाशा बताया गया है, जिसकी उम्र करीब 35 साल है और वह खुर्सीपार, भिलाई का रहने वाला है। कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए हैं। इनमें एक क्रेटा कार, एक डेल इंस्पिरॉन लैपटॉप, एक आईफोन 16 प्रो मैक्स और एक अन्य स्मार्ट मोबाइल शामिल है। पुलिस के अनुसार जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपए में है। हार-जीत का लगवा रहा था दांव जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन एप के जरिए लोगों से हार-जीत का दांव लगवाकर सट्टा चला रहा था। इससे वह अवैध तरीके से पैसा कमा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
भागवत कथा : भजनों पर झूमीं महिलाएं, मोबाइल छोड़ जाप और माला पर जोर
उदयपुर | विवेक नगर, सेक्टर-3 स्थित विवेक पार्क में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा-भक्ति का उत्साह देखने को मिला। भजनों की मधुर प्रस्तुति के बीच महिलाओं ने नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथाव्यास पुष्कर दास महाराज ने प्रवचन में कहा कि सत्य भीड़ में नहीं, बल्कि एकांत में साधना से प्राप्त होता है। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर संकेत करते हुए कहा कि यदि उतना ही समय जप और माला में लगाया जाए तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कथा और सत्संग व्यक्ति को भटकाव से बचाकर सही मार्ग पर ले जाते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। प्रवचन के दौरान यशोदा के वात्सल्य प्रेम, पूतना वध, शकटासुर वध और माखन चोरी की लीलाओं का आध्यात्मिक महत्व भी समझाया गया।
अपहरण-हत्या के मामले में गिरफ्तार सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान अब तिहाड़ जेल में बंद है। 26 साल तक दिल्ली पुलिस को चकमा देने वाले सलीम की हर दिन नई कहानी सामने आ रही है। वह इस कदर शातिर है कि पुलिस से बचने के लिए करीब 8 साल तक मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि साल 2000 में फरार होने के बाद सलीम मुजफ्फरनगर के खालापार स्थित एक मस्जिद में छिप गया। यहां कुछ दिन शरण लेने के बाद एक रिश्तेदार के जरिए मेरठ के लिसाड़ीगेट पहुंचा। फिर यूपी से भागकर हरियाणा चला गया। इसके बाद हरियाणा से गाजियाबाद आ गया और यहीं रहने लगा। वहीं, सलीम की गिरफ्तारी के बाद 26 अप्रैल, 2026 को उस मां का वीडियो सामने आया, जिसके 13 साल के बेटे संदीप का उसने कत्ल किया था। पढ़िए वीडियो में मां ने जो कुछ कहा मां बोली- हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए 20 जनवरी, 1995 को दिल्ली के सीमेंट कारोबारी सीताराम बंसल के 13 साल के बेटे संदीप की हत्या कर दी गई थी। वीडियो में संदीप की मां रेनू बंसल रोते हुए कहती हैं- मैं बता नहीं सकती कि ये 31 साल हमारे परिवार पर कैसे कटे हैं? ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब बेटे की याद न आती हो। 20 जनवरी, 1995 को बेटे संदीप को स्कूल भेजा था। मुझे नहीं पता था कि वह अब कभी आएगा ही नहीं। रात तक जब वह घर नहीं आया, तो हमारा पूरा परिवार बेचैन हो गया। मैंने संदीप के पापा को फोन किया कि वह नहीं आया है। इसके बाद मैंने और संदीप के पापा ने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 21 जनवरी की दोपहर संदीप के पिता सीताराम के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे कब्जे में है। उसके बाद भी इन्होंने (संदीप के पिता) हम लोगों को कुछ नहीं बताया। उन्होंने सीधे पुलिस को सूचना दे दी। जब शाम हो गई तो मुझे बताया गया कि संदीप मिल गया है और वह आ रहा है। लेकिन, मेरा रो-रोकर बुरा हाल था। जब लाश आई, तब मुझे बेटे की हत्या का पता चला संदीप की मां रेनू कहती हैं- पति ने मुझे नहीं बताया था कि संदीप कहां है? उसके साथ क्या हुआ है? रात में अचानक लोगों का मेरे घर आना-जाना शुरू हो गया। रात में ही जब बेटे की लाश आई, तो मैं बेसुध हो गई। मैंने कहा, हे भगवान यह क्या कर दिया? मुझे मेरे बेटे की हत्या का बदला चाहिए। इस सलीम को फांसी ही होनी चाहिए, तभी मुझे शांति मिलेगी। अब पढ़िए सलीम वास्तिक कैसे बचता रहा पहले मुजफ्फरनगर, फिर मेरठ में छिपा संदीप बंसल हत्याकांड के करीब 2 साल बाद 1997 में दिल्ली कोर्ट से सलीम को उम्रकैद की सजा हुई। इसके 3 साल बाद साल- 2000 में सलीम अग्रिम जमानत पर आया और फिर फरार हो गया। सलीम से पूछताछ में दिल्ली पुलिस को पता चला कि भागने के बाद वह मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में एक मस्जिद में रहा, जिससे पुलिस उसे तलाश नहीं कर सके। इसके बाद अपनी रिश्तेदार के जरिए कुछ दिन मेरठ के लिसाड़ीगेट में रुका। 2001 में सलीम यूपी से भागकर हरियाणा पहुंचा। वहां उसने अंबाला और करनाल में कारपेंटर का काम किया। 2010 में वह गाजियाबाद के लोनी में बस गया। इस बीच साल- 2015 तक सलीम ने मोबाइल फोन तक नहीं चलाया। पहले सिर्फ अपनी पत्नी और साले के फोन से ही वह रिश्तेदारों को कॉल करता था। उसके बाद उसने यू-ट्यूब चैनल चलाया। दिल्ली पुलिस ने एक महीने तक रेकी कर पकड़ा 27 फरवरी, 2026 को सलीम पर 2 सगे भाइयों ने जानलेवा हमला किया था। सलीम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती हुआ, उसके बाद उसे मैक्स भेज दिया गया। यहां से उसके फिंगर प्रिंट लिए गए। इसी दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि सलीम खान हमारे यहां से 26 साल पहले फरार हुआ मुजरिम है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गोपनीय ढंग से जांच शुरू की। लोनी स्थित जिस घर में बने ऑफिस में सलीम पर हमला हुआ था, वहां भी पुलिस जांच करती रही। इसी बीच दिल्ली पुलिस को पता चला कि पहले हुई में पिटाई में सलीम का एक पैर टूट गया था। सलीम कभी-कभी खुद भी यह कहता था कि मैंने बहुत बदमाश देखे हैं। इससे सलीम पर पुलिस का शक और भी बढ़ने लगा। सलीम ठीक हुआ, तो पुलिस ने पूरी तरह से निगरानी शुरू कर दी। पत्नी अफसाना को सामने नहीं आने दिया सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान जब दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था, तब भी उसकी पत्नी अफसाना सामने नहीं आई। बेटा भी नहीं आता था। पुलिस ने सलीम से उसकी पत्नी के बारे में कई बार पूछा। हर बार वह यही बताता था कि वह लोनी में है और उसकी तबीयत खराब है। वहां भी पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पत्नी और बेटा नहीं रहते, सलीम अकेला ही रहता है। आखिरकार 25 अप्रैल, 2026 को दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके से सलीम को पकड़ लिया। जानिए कब से आया सुर्खियों में फरवरी में सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे गए थे इस पूरे घटनाक्रम के बाद सलीम वास्तिक अचानक सुर्खियों में आ गया था। दरअसल, सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। फिलहाल वह गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया था। वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा था। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हत्यारे सलीम की कहानी- 'खान' हटाकर नाम में 'वास्तिक' जोड़ा, कारपेंटर बना, महिलाओं के कपड़े बेचे; 26 साल बाद गाजियाबाद से अरेस्ट यूपी के गाजियाबाद में रहने वाला सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान न सिर्फ हत्यारा है, बल्कि उसकी हकीकत भी बेहद डरावनी है। फरवरी में 2 कट्टरपंथी भाइयों ने जब का गला रेता तो उसने काफी सुर्खियां और सहानुभूति बटोरी। सीएम योगी ने एक्शन लिया, एनकाउंटर में दोनों हमलावर मार गिराए गए। पुलिस ने सुरक्षा दी। लेकिन शनिवार को जब दिल्ली पुलिस ने सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया तो उसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। पढ़ें पूरी खबर
देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में ChatGPT से नकल टॉयलेट में छिपाया मोबाइल और लिख डाले जवाब
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

