West Bengal SIR में कटे 91% नाम फिर जोड़े जाने का दावा, Congress ने Election Commission, BJP को घेरा
West Bengal SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान करीब 27 लाख लोगों के नाम West Bengal Voter List से हटाए गए थे।
TMC ने West Bengal में कार्यकर्ताओं पर हमले का लगाया आरोप, पूछा राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमले हो रहे हैं। साथ ही उसने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पूछा कि यहां राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए। टीएमसी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में पार्टी के विष्णुपुर प्रखंड के अध्यक्ष ज्ञानानंद सामंता पर पुलिस की मौजूदगी में अज्ञात लोगों ने बर्बर हमला किया। पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता। वीडियो में एक व्यक्ति घायल और परेशान हालत में दिखाई दे रहा है, जिसे कथित तौर पर पीटा गया और बाद में पुलिसकर्मी घसीटकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया, ‘‘ये स्पष्ट संकेत हैं कि पूरे राज्य में राजनीतिक अत्याचार के साथ-साथ हमारे कार्यकर्ताओं पर पुलिस की ज्यादती भी जारी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। क्या ये ऐसे हालात नहीं हैं, जिनमें बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए? अगर ऐसा किसी गैर-भाजपा शासित राज्य में हुआ होता तो अब तक राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया होता।’’इस घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा ने ममता बनर्जी नीत टीएमसी को सत्ता से हटाकर राज्य में सरकार बनाई थी।
Nepal-China Border Floods Update: तिब्बत की सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार (27 अगस्त) सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ में करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई। कई महत्वपूर्ण पुल बह गए। कम से कम एक दर्जन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तबाहहो गईं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया। उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी।अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानें खिसकने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के जरिए त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।500 लोग लापतानेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं। जबकि चीन के सरकारी सीजीटीएन न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में बहता दिखाई दिया। तेज बहाव को इमारतों और वाहनों की ओर बढ़ते देख लोग भागते नजर आए।सामने आए खौफनाक वीडियोएक वीडियो में चार मंजिला इमारत को तेज बहाव में बहते देखा गया। जबकि एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के तेज पानी में बहती नजर आई। एक और वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में तेज बहाव के कारण पुल ढहते और बहते नजर आए। धादिंग जिले के एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल से टकराया, जिसके बाद वह ढहकर बह गया। एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी तेजी से एक पुल को अपनी चपेट में लेता और करीब 30 सेकंड में उसे बहाकर ले जाता नजर आया।133 भारतीय लापताअधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं। इनमें से कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं, जो एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। बाद में नेपाल सरकार ने कहा कि इस आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं। भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों के अलावा लापता हुए बाकी पर्यटक दो दर्जन से ज्यादा देशों से हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 44 जवान भी शामिल हैं।भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया। नई दिल्ली ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए।X पर एक पोस्ट में कहा गया है कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने X पर एक और पोस्ट में कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। साथ ही, नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।टोल-फ्री नंबर जारीनेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है, जिस पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश और केरलम समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके राज्य के निवासी भी हो सकते हैं।19 पुल बह गए'काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क बह गई। सरकार ने बाद में बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 19 पुल बह गए। हालात का जायजा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई एक आपात बैठक के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।खोज और बचाव अभियान जारीसरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही इन दुखद घटनाओं में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया। नेपाल सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए।ये भी पढ़ें- West Bengal SIR: 'क्या हम नए चुनाव कराने का निर्देश दे सकते हैं?'; बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवालनेपाल सेना के एक बयान के अनुसार, रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मैलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। प्रधानमंत्री शाह ने बाढ़ प्रभावित देश में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का देर शाम आभार व्यक्त किया।
ED ने West Bengal SSC भर्ती मामले में दाखिल किया नया आरोपपत्र, Partha Chatterjee भी नामजद
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल एसएससी समूह-सी और समूह-डी कर्मचारी भर्ती घोटाला मामले में नया आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी और तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता कुंतल घोष समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। कोलकाता में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में 20 अगस्त को अतिरिक्त अभियोजन शिकायत दायर की गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में जनवरी 2025 में पहला आरोपपत्र दाखिल किया था। पीएमएलए जांच सीबीआई की उस प्राथमिकी से शुरू हुई है, जिसमें पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (डब्ल्यूबीसीएसएससी) के जरिए ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ईडी ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ जून में पश्चिम बंगाल केंद्रीय एसएससी सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में भी आरोपपत्र दाखिल किया था।
Yusuf Pathan समेत West Bengal के तीन मुस्लिम MPs करेंगे NCPI के साथ खेला! | Mamata Banerjee | TMC
पश्चिम बंगाल में TMC से बगावत कर NCPI में शामिल हुए सांसदों के गुट में अब दरार के संकेत मिल रहे हैं। यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान के BJP और NDA से दूरी बनाने वाले रुख ने बंगाल की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है
आखिरThe Diary Of West Bengal को लेकर क्यों मचा हुआ है बवाल ? निर्माताओं को पड़ोसी मुल्कपाकिस्तान से मिल रही धमकियां

